Category: news

  • जयपुर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का भव्य आगाज, नड्डा-भजनलाल ने निकाली तिरंगा रैली

    जयपुर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का भव्य आगाज, नड्डा-भजनलाल ने निकाली तिरंगा रैली

    जयपुर
    स्वाधीनता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार तथा कला, साहित्य एवं पुरातत्व विभाग राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार 9 से 17 अगस्त तक आयोजित किए जा रहे 'हर घर तिरंगा' कार्यक्रम का रविवार को जयपुर में भव्य आगाज हुआ। इस अवसर पर राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल से बड़ी चौपड़ तक 'तिरंगा रैली' निकाली गई।

    इस तिरंगा यात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष व सांसद मदन राठौड़ मौजूद रहे।

    अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि के साथ हुआ आगाज
    रैली का शुभारंभ करने से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शहीद स्मारक (अमर जवान ज्योति) पहुंचकर राष्ट्र के वीर सपूतों और शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की और उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। इसके बाद वे अल्बर्ट हॉल पहुंचे और विशाल जनसमूह को संबोधित किया।

    अल्बर्ट हॉल से बड़ी चौपड़ तक देशभक्ति का ज्वार
    यह तिरंगा रैली अल्बर्ट हॉल से रवाना होकर रामनिवास बाग निकास गेट, सांगानेरी गेट और जौहरी बाजार से गुजरते हुए ऐतिहासिक बड़ी चौपड़ पर संपन्न हुई। रैली में समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

    आर्मी के जवान, राजस्थान पुलिस बल, पूर्व सैनिक, जनप्रतिनिधि और प्रशासन के अधिकारी, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, एनसीसी (NCC) कैडेट्स, हिंदुस्तान स्काउट्स एंड गाइड्स, और 'माय भारत' (MY Bharat) के वॉलिंटियर्स, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, खिलाड़ी, व्यापार संघ के पदाधिकारी, पेंशनर्स और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के सदस्य मौजूद रहे।

    जेपी नड्डा के संबोधन के प्रमुख बिंदु
    वीर धरा को नमन: नड्डा ने अपने भाषण की शुरुआत राजस्थान की वीर भूमि को प्रणाम कर की और जयपुर के आराध्य देव गोविंद देवजी तथा मोती डूंगरी गणेश जी का आशीर्वाद लिया।

    Mother of Democracy: उन्होंने भारत को 'Mother of Democracy' बताते हुए कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा प्रजातंत्र है और हमारे राष्ट्रध्वज के लिए लाखों वीरों ने अपने खून-पसीने व जीवन का बलिदान दिया है।

    'हर घर तिरंगा' जनआंदोलन: नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि तिरंगा केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर घर पर फहराया जाना चाहिए। आज यह एक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन बन चुका है।

    अशोक चक्र का संदेश: उन्होंने तिरंगे में शामिल अशोक चक्र की व्याख्या करते हुए इसे निरंतर प्रगति और परिवर्तन का प्रतीक बताया।

    Prevention of Insults to National Honour Act में संशोधन पर बड़ा बयान: नड्डा ने हाल ही में पारित Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Act, 2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि 1971 के मूल कानून में ध्वज और संविधान के अपमान पर दंड का प्रावधान था, लेकिन गान और राष्ट्रगीत को लेकर कमी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह पूर्व सरकारों की तुष्टिकरण या वोटबैंक की राजनीति थी? नए कानून के तहत अब राष्ट्रध्वज, संविधान, राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत—किसी का भी अपमान दंडनीय अपराध है।

  • बिहार में शराबबंदी खत्म करने की सलाह, NCAER की रिपोर्ट में राजस्व और अपराध को लेकर बड़ा दावा

    बिहार में शराबबंदी खत्म करने की सलाह, NCAER की रिपोर्ट में राजस्व और अपराध को लेकर बड़ा दावा

    पटना
    राष्ट्रीय आर्थिक अनुसंधान परिषद (एनसीएईआर) के एक अध्ययन के अनुसार, बिहार को शराबबंदी खत्म कर देनी चाहिए क्योंकि यह महिलाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ने से रोकने में नाकाम रही है। इसके अलावा, ऐसे संकेत मिले हैं कि राज्य के वैध शराब की जगह नशीली दवाओं और अवैध शराब का सेवन बढ़ गया है। ‘बिहार के विकास की उपलब्धियों का व्यापक परिप्रेक्ष्य, अधूरा एजेंडा और आगे की राह’ शीर्षक वाले इस शोध पत्र में कहा गया है कि शराब उत्पाद शुल्क को फिर से लागू करने से राज्य के अपने राजस्व में 14 से 15 प्रतिशत की वृद्धि होगी और प्रवर्तन तथा तस्करी-रोधी अभियानों पर होने वाले खर्च में कमी आएगी।

    ‘इंडिया पॉलिसी फोरम’ में प्रस्तुत इस पत्र में कहा गया कि अप्रैल 2016 में शराबबंदी लागू करने का मुख्य उद्देश्य यह विश्वास था कि शराब घरेलू हिंसा का एक बड़ा कारण है और घरेलू संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकता है। महिलाओं के समूहों ने इसका समर्थन किया था। हालांकि, पर्याप्त आंकड़ों के मूल्यांकन से पता चलता है कि बिहार में महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट किए गए अपराधों में कमी नहीं आई है, बल्कि शराबबंदी के बाद की अवधि में ये मामले बढ़े हैं।

    प्राथमिकता वाले छह क्षेत्रों की पहचान
    अध्ययन पत्र ने बिहार के विकास के लिए छह प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की है। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, शासन व कानून-व्यवस्था, बाढ़ नियंत्रण, निजी क्षेत्र का विकास और महिला सशक्तीकरण शामिल हैं। यह पत्र राज्य के सार्वजनिक ऋण की स्थिति का आकलन करता है और मजबूत राजस्व जुटाने तथा कुशल खर्च के माध्यम से विकास पहलों को वित्तपोषित करने के रास्ते सुझाता है।

    राजस्व को भारी नुकसान
    शराबबंदी से पहले उत्पाद शुल्क राज्य के राजस्व का 14 प्रतिशत हिस्सा था। वहीं, शराब की तस्करी रोकने और निगरानी पर अतिरिक्त खर्च से वित्तीय घाटा और बढ़ा है। अर्थशास्त्रियों की टीम का मानना है कि अब पुराने स्तर पर उत्पाद शुल्क लागू करने का सही समय है। 1956में स्थापित एनसीएईआर देश का सबसे पुराना आर्थिक नीति अनुसंधान संस्थान है। वर्तमान में इसके शासी निकाय के चेयरमैन नंदन एम नीलकेणि हैं।

    ‘विकसित भारत’ में बिहार अहम
    बिहार भारत की आबादी का नौ प्रतिशत से अधिक हिस्सा है और 2026 में इसकी जनसंख्या 13.2 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। यहां 2005 के बाद के सुधारों में कानून-व्यवस्था की बहाली बेहद महत्वपूर्ण रही है। अध्ययन में कहा गया कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के लक्ष्य में बिहार की भूमिका अहम है, क्योंकि यह देश का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला और सबसे गरीब राज्य है।

  • CM मान ने जालंधर में रखी गुरु रविदास वाणी अध्ययन केंद्र की नींव, बोले- शिक्षा से खत्म होगी गरीबी

    CM मान ने जालंधर में रखी गुरु रविदास वाणी अध्ययन केंद्र की नींव, बोले- शिक्षा से खत्म होगी गरीबी

    जालंधर.

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को जालंधर के नौगज्जा-बल्लां में श्री गुरु रविदास महाराज वाणी अध्ययन केंद्र का नींव पत्थर रखा। इस दौरान उन्होंने गुरु रविदास महाराज की शिक्षाओं और उनकी वाणी के महत्व पर विस्तार से बात की।

    उन्होंने कहा कि गुरुओं की वाणी मानवता को सही दिशा दिखाने का काम करती है। गुरु रविदास महाराज ने समानता, भाईचारे और सामाजिक न्याय का संदेश दिया, जिसे आज के समाज में भी अपनाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि लाल-पीले और नीले कार्ड से किसी परिवार को कुछ समय के लिए रोटी तो मिल सकती है, लेकिन गरीबी का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। गरीबी तभी खत्म होगी, जब पंजाब के बच्चे अच्छी शिक्षा हासिल कर अपने पैरों पर खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिलें और वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और प्रदेश की तरक्की में योगदान दें।

    शिक्षा से ही गरीबी का स्थायी समाधान
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से जरूरतमंद परिवारों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता दी जाती है। इससे लोगों की तत्काल जरूरतें पूरी हो सकती हैं, लेकिन किसी परिवार को गरीबी से स्थायी रूप से बाहर निकालने के लिए उसके बच्चों को अच्छी शिक्षा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब बच्चे पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़े होंगे और रोजगार हासिल करेंगे, तभी परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इसलिए सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उनका कहना था कि किसी भी समाज का भविष्य उसके बच्चों की शिक्षा से तय होता है।

    गुरु रविदास की वाणी घर-घर पहुंचाने का प्रयास
    मान ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज वाणी अध्ययन केंद्र के माध्यम से बच्चों को उनकी वाणी और शिक्षाओं का अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। बच्चे गुरु रविदास महाराज के संदेश को समझेंगे और उसे समाज तक पहुंचाने में भी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास महाराज ने जात-पात, भेदभाव और असमानता के खिलाफ आवाज उठाई थी। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को समानता और भाईचारे का रास्ता दिखाती हैं। सरकार का उद्देश्य उनकी शिक्षाओं को घर-घर तक पहुंचाकर समरस समाज का निर्माण करना है।

    पंजाब में नफरत का बीज नहीं पनप सकता
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सभी वर्गों की धरती है। यहां की जमीन बेहद उपजाऊ है और पंजाब के लोगों ने हमेशा मेहनत और भाईचारे को महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि इस मिट्टी पर नफरत का बीज कभी नहीं पनप सकता। मान ने पंजाब के कठिन दौर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने आतंकवाद का दौर देखा है। यहां बम चले और एके-47 चलीं, लेकिन लोगों के बीच का प्यार और आपसी भाईचारा कभी खत्म नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पंजाब की सबसे बड़ी ताकत आपसी सद्भाव और मिल-जुलकर रहने की भावना है।

  • सवाई माधोपुर से MP जा रही थी DAP की खेप, 100 कट्टे खाद के साथ पिकअप पकड़ी

    सवाई माधोपुर से MP जा रही थी DAP की खेप, 100 कट्टे खाद के साथ पिकअप पकड़ी

    सवाई माधोपुर
     कृषि विभाग की निगरानी और पुलिस नाकाबंदी के बावजूद जिले से खाद की खेपें मध्यप्रदेश तक पहुंचने का मामला सामने आया है। शनिवार सुबह छाण पुलिस चौकी पर तिरपाल से ढकी एक पिकअप को रोककर जांच की गई। पिकअप में करीब 100 कट्टे डीएपी मिले। कृषि विभाग की जांच में खाद के अवैध रूप से परिवहन और कालाबाजारी किए जाने की बात सामने आई। मामले में पिकअप चालक सहित तीन लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

    कृषि अधिकारियों और पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे छाण चौकी पर तिरपाल से ढकी पिकअप को रोककर जांच की गई। तलाशी में पिकअप में 100 बैग डीएपी मिले। पूछताछ में चालक देवकीनंदन माली निवासी खंडार ने खाद को मध्यप्रदेश के जावदेश्वर गांव निवासी रामरूप मीणा के यहां ले जाने की जानकारी दी। कृषि विभाग की जांच में यह खाद सवाई माधोपुर शहर स्थित खाद विक्रेता कमलेश की दुकान से खरीदी जाना सामने आया।

    कृषि अधिकारी ने मामले की जांच की
    सूचना पर कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सहायक निदेशक खेमराज मीणा के निर्देशन में कृषि अधिकारी प्रशिक्षण ताराचंद महावर ने मामले की जांच की। जब्त खाद को क्रय-विक्रय सहकारी समिति, छाण के सुपुर्द किया गया। विभाग की ओर से पिकअप चालक देवकीनंदन माली, जावदेश्वर निवासी रामरूप मीणा तथा शहर स्थित खाद विक्रेता कमलेश के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया गया।

    पहले भी पकड़ी जा चुकी खेप
    खाद के अवैध परिवहन का यह पहला मामला नहीं है। गत महीने बहरावंडा खुर्द चौकी पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक पिकअप को पकड़ा था। इसमें भी करीब 100 कट्टे यूरिया मिले थे। प्रारंभिक जांच में खाद को मध्यप्रदेश के सोईकलां क्षेत्र में सप्लाई के लिए ले जाने की बात सामने आई थी। इसके अलावा करीब दो-तीन महीने पहले टोंक जिले के बनेठा थाना क्षेत्र में पकड़ी गई पिकअप में भी अवैध खाद मिली थी। कार्रवाई के बाद मामला कृषि विभाग तक पहुंचा था।

    क्या है किसानों का आरोप
    कृषि विभाग के कार्यालयों व चौकियों को चकमा देकर निकलने का आरोप किसानों का आरोप है कि खाद से भरी पिकअप और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां तिरपाल से ढककर दिनदहाड़े जिले से बाहर निकलती है। ये वाहन कृषि विभाग कार्यालय के सामने व समीप से गुजरने के साथ पुलिस चौकियों और थानों को चकमा देकर मध्यप्रदेश सहित आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचते हैं। किसानों का कहना है कि कुछ खाद की खेपें निवाई, जयपुर और कोटा क्षेत्र से लाकर सवाई माधोपुर के रास्ते मध्यप्रदेश तथा अन्य क्षेत्रों में भेजी जाती है।

    महंगे दामों से बढ़ रही खेती की लागत
    खाद की कालाबाजारी का सीधा असर किसानों पर पड़ने का आरोप है। किसानों के अनुसार, पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं होने और महंगे दामों पर खरीद करने से खेती की लागत बढ़ रही है। किसान संगठनों का कहना है कि समय पर खाद नहीं मिलने से खरीफ फसल की तैयारी भी प्रभावित हो रही है।

    इनका कहना है
    छाण चौकी पुलिस ने तिरपाल से ढकी पिकअप में अवैध रूप से ले जाई जा रही डीएपी खाद की खेप पकड़ी थी। सूचना पर कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जब्त खाद को ग्राम सेवा सहकारी समिति के सुपुर्द किया गया है। पिकअप चालक, शहर स्थित दुकान मालिक तथा मध्यप्रदेश के जावदेश्वर निवासी रामरूप के खिलाफ नियमानुसार मामला दर्ज कराया गया है।
    -ताराचंद महावर, कृषि अधिकारी प्रशिक्षण एवं कृषि विस्तार, सवाईमाधोपुर

  • बिहार में परीक्षा सुधार के लिए बनेगी कमेटी, पेपर लीक रोकने को सख्त कानून लागू

    बिहार में परीक्षा सुधार के लिए बनेगी कमेटी, पेपर लीक रोकने को सख्त कानून लागू

    पटना
    देश के अलग-अलग हिस्सों में परीक्षा सुधारों के लिए चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच बिहार सरकार ने बड़ा एलान किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अगर एक व्यक्ति ने भी ईमान बेचा, तो पूरी सरकार पर धब्बा लगता है। इसलिए केंद्र सरकार ने कड़े कानून बनाए हैं, इसे बिहार में कड़ाई से लागू किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने परीक्षा सुधारों की दिशा में काम करने के लिए एक कमेटी बनाने का एलान किया है।

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "एक सबसे बड़ी चुनौती परीक्षा सुधार है। इसके लिए भी एक कमेटी बनानी पड़ेगी, क्योंकि टेक्नोलॉजी इतनी अधिक हो गई है कि अगर एक आदमी ने भी अपना ईमान बेच दिया तो प्रश्न पत्र मार्केट में आ जाता है। पूरे सिस्टम में अगर कोई एक आदमी फेल हो गया तो सब खराब हो जाता है।

    उन्होंने कहा कि हम लोगों ने तय किया है कि एक कमेटी इसको लेकर भी बनाई जाएगी और पूरी दुनिया में जिन टेक्नोलॉजी के तहत सभी परीक्षाएं कराई जाती हैं, उसके लिए भी एक कमेटी का गठन किया जाएगा।

    सम्राट चौधरी ने कहा कि जितनी भी परीक्षाएं होती हैं, उसमें कुछ न कुछ दिक्कत आ जाती है। अब इस पर फोकस करना पड़ेगा। युवा पीढ़ी को यह नहीं लगना चाहिए कि उनके साथ धोखा हुआ है।

  • लुधियाना में युवक की हत्या के बाद भड़का परिवार, हाईवे जाम कर शुरू किया धरना

    लुधियाना में युवक की हत्या के बाद भड़का परिवार, हाईवे जाम कर शुरू किया धरना

    लुधियाना.

    पंजाब के लुधियाना में बस्ती जोधेवाल थाना क्षेत्र के सुभाष नगर के पास स्वतंत्र नगर की गली नंबर एक में शुक्रवार देर रात युवक हरजिंदर सिंह की गोलियां मारकर हत्या के मामले में रविवार को परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट मृतक के परिवार और रिश्तेदारों ने बस्ती जोधेवाल हाईवे पर धरना लगा दिया।

    परिजनों ने पुलिस पर मामले में ढीली कार्रवाई करने का आरोप लगाया और हत्याकांड में शामिल आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। बताया जा रहा है कि शुक्रवार देर रात हरजिंदर सिंह पर हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले के बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से जानकारी जुटाने के साथ हमलावरों की पहचान और हत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास शुरू किया।

    आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराजगी
    रविवार को मृतक के परिवार और रिश्तेदारों ने पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए हाईवे पर धरना शुरू कर दिया। परिवार का कहना था कि युवक की हत्या के बाद पुलिस को आरोपितों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए थी। परिजनों ने मांग की कि हत्या में शामिल सभी आरोपितों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। धरना शुरू होने के बाद हाईवे पर यातायात प्रभावित हो गया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यातायात व्यवस्था बिगड़ने की सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।

    अधिकारियों ने दिया जल्द गिरफ्तारी का भरोसा
    पुलिस अधिकारियों ने धरने पर बैठे मृतक के परिवार और रिश्तेदारों से बातचीत की। अधिकारियों ने उनकी बात सुनी और उन्हें शांत करवाने का प्रयास किया। पुलिस की ओर से भरोसा दिया गया कि हत्याकांड में शामिल आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच विभिन्न पहलुओं से की जा रही है। हमलावरों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। हत्या के पीछे क्या कारण रहा और वारदात में कितने लोग शामिल थे, इसकी भी जांच की जा रही है। परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि जब तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उन्हें संतुष्टि नहीं मिलेगी। परिवार ने पुलिस से मामले में तेजी लाने और आरोपितों को जल्द पकड़ने की मांग की।

  • बिहार में स्मार्ट मीटर बना बिजली चोरी का ‘खुफिया तंत्र’, 10 अरब डाटा प्वाइंट्स जुटे

    बिहार में स्मार्ट मीटर बना बिजली चोरी का ‘खुफिया तंत्र’, 10 अरब डाटा प्वाइंट्स जुटे

    पटना
    बिजली कंपनी के लिए स्मार्ट मीटर एक खुफिया तकनीक की तरह काम कर रहा। इससे उपलब्ध आंकड़े के विश्लेषण से बिजली चोरी और उपभोक्ताओं के व्यवहार से जुड़ी बातें बिल्कुल ही तकनीकी अंदाज में बिजली कंपनी को उपलब्ध हो जा रही। बिजली कंपनी के अनुसार अब तक 10 अरब डाटा प्वाइंट्स जमा हो चुके हैं। इनसे आने वाले समय के लिए रणनीति भी तैयार हो रही।

    अगर रात 9 बजे बाद बिजली की खपत कम हो तो पहुंच जाएगी टीम
    बिजली कंपनी के संबंधित अधिकारियों का कहना है कि बहुत से मामलों में फर्जीवाड़ा यह होता है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठान अपना बिजली कनेक्शन घरेलू उपभोक्ता के नाम पर ले लेते हैं। यह पूरी तरह से गैरकानूनी है। ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान भी स्मार्ट मीटर के माध्यम से हो रही।

    व्यावसायिक कनेक्शन का जो मीटर होता है, उस पर बिजली की खपत शाम छह बजे से रात नौ बजे अधिक होती है। रात नौ बजे के बाद लगभग खत्म हो जाता है। स्मार्ट मीटर से मिले आंकड़े से यह जानकारी मिल जाती है।

    घरेलू कनेक्शन में रात नौ बजे के बाद खपत अधिक हो जाती है। रात में खपत कम होने के आंकड़े मिलने के बाद बिजली कंपनी की टीम को यह निर्देश है कि वह संबंधित उपभोक्ता के आवास पर जाकर इसकी जांच करे।

    ट्रांसफार्मर पर लगे स्मार्ट मीटर भी खुफिया तंत्र के रूप में
    प्राय: हरेक मुहल्ले में जो वितरण ट्रांसफार्मर है उस पर बिजली कंपनी ने स्मार्ट मीटर लगाया हुआ है। स्मार्ट मीटर से कितनी बिजली मुहल्ले में जा रही इसका पूरा ब्योरा उपलब्ध रहता है।

    अगर बिलिंग ट्रांसफार्मर से जा रही बिजली से कम होती है तो बिजली कंपनी तुरंत सक्रिय हो जाता है। मुहल्ले के सभी स्मार्ट मीटर का आकलन कर यह देखा जाता है कि कहां से एकदम कम खपत का आंकड़ा है। इसके बाद संबंधित उपभोक्ता के घर जाकर जांच किए जाने का प्राविधान है।

    भविष्य के रणनीति भी स्मार्ट मीटर के आंकड़े से तैयार हो रहे
    बिहार में अब तक 93 लाख घरेलू उपभाेक्ताओं के घर स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। बिहार मे इस श्रेणी के उपभोक्ताओं की संख्या 2.25 करोड़ के करीब है। बिहार में जितने स्मार्ट मीटर लगे हैं, वह पूरे देश में लगे स्मार्ट मीटर का 70 प्रतिशत है।

    स्मार्ट मीटर से मिले आंकड़े यह भी मालूम हो जा रहा कि बिजली की खपत की रफ्तार क्या है और आने वाले समय में यह किस तरह से बढ़ेगी। इस आंकड़े के हिसाब बिजली कंपनी भविष्य में आपूर्ति की रणनीति भी बना रही।

  • JPSC-JSSC विवाद पर तीसरे दौर की वार्ता, चार मंत्रियों से मिले छात्र प्रतिनिधि

    JPSC-JSSC विवाद पर तीसरे दौर की वार्ता, चार मंत्रियों से मिले छात्र प्रतिनिधि

     रांची
     JPSC-JSSC में गड़बड़ी को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच तीसरे दौर की बातचीत शुरू हो गई है। इसके लिए छात्रों का डेलीगेशन रांची के स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा है। जहां चार मंत्रियों के दल के साथ उनकी बातचीत हो रही है। स्टेट गेस्ट हाउस के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात है।

    1. चंदन कुमार छात्र नेता सह शोधार्थी
    2 . दीनबंधु मंडल
    3. इकबाल हुसैन
    4. रवि शंकर
    5. प्रेम कुमार
    6. रामा अवतार महतो

    छात्र आंदोलन का 16वां दिन
    छात्रों का आंदोलन का आज 16वां दिन है। कई छात्र भूख हड़ताल पर हैं। उनकी मांग है कि JPSC-JSSC की परीक्षा रद की जाए और जिन भी परीक्षाओं में गड़बड़ी हुई है, उनकी CBI जांच कराई जाए।

    इसको लेकर सरकार की छात्रों के साथ 2 दौर की बातचीत हो चुकी है। इसके अलावा अलग-अलग छात्र संगठनों ने भी सरकार को अपनी मांगें सौंपी हैं। सबके साथ बातचीत के बाद भी अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है। इसीलिए आज तीसरे दौर की बातचीत की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार छात्रों की बात मान लेगी।

    वहीं, छात्रों ने साफ तौर पर कहा है कि अगर आज उनकी बात नहीं मानी जाती है, तो वह 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करेंगे। उनके इस प्रदर्शन का तमाम छात्रों और विपक्षी पार्टियों का समर्थन हासिल है।

  • अमृतसर में ड्राइविंग सीट छोड़ दरवाजे पर खड़े होकर दौड़ाई Thar, पुलिस ने शुरू की तलाश

    अमृतसर में ड्राइविंग सीट छोड़ दरवाजे पर खड़े होकर दौड़ाई Thar, पुलिस ने शुरू की तलाश

    अमृतसर.

    अमृतसर में श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास चलती थार पर एक युवक द्वारा खतरनाक स्टंट करने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में इसे लेकर नाराजगी है। इंटरनेट मीडिया पर कई लोग युवक की हरकत को यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी और अपनी तथा सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान खतरे में डालने वाला बता रहे हैं।

    वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि काले रंग की थार सड़क पर चल रही है। इसी दौरान युवक चालक की सीट पर बैठने के बजाय चालक वाला दरवाजा खोलकर वाहन से बाहर खड़ा नजर आता है। हैरानी की बात यह है कि उस समय थार सड़क पर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। युवक बेखौफ होकर वाहन के बाहर खड़े होकर वीडियो बनवा रहा है। इस दौरान वह अपनी आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए पैसे और वाहन होने की बात भी करता सुनाई दे रहा है। वीडियो में युवक के अंदाज और उसकी बातें भी लोगों का ध्यान खींच रही हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो में वह कहता है कि जब वह गरीब था तो पैदल चलता था और उसके पास ठिकाने नहीं थे, लेकिन अब उसके पास पैसे और नीचे गाड़ी है। युवक के इसी अंदाज में बनाए गए वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किए जाने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया।

    सोशल एक्टिविस्ट ने कार्रवाई की मांग की
    इस वीडियो को एक सामाजिक कार्यकर्ता ने अपने इंटरनेट मीडिया खाते पर साझा करते हुए पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह से युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस भी मामले की जानकारी जुटाने में लग गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि थार कौन चला रहा था और वीडियो किस स्थान पर तथा किस समय बनाया गया।

    वीडियो बनाने वाले की भी तलाश
    पुलिस सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो के आधार पर थार चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही वीडियो बनाने वाले व्यक्ति की भी तलाश की जा रही है। पुलिस इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो से संबंधित जानकारी जुटा रही है, ताकि युवक की पहचान और वाहन के बारे में पता लगाया जा सके। चलती गाड़ी से इस तरह स्टंट करना बेहद खतरनाक है। इससे चालक के साथ-साथ सड़क पर चल रहे दूसरे वाहन चालकों और राहगीरों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।

    पुलिस द्वारा मामले की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि युवक के खिलाफ यातायात नियमों के उल्लंघन या अन्य धाराओं के तहत क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल वीडियो के बाद युवक की पहचान और उसके खिलाफ कार्रवाई को लेकर पुलिस की जांच जारी है। इंटरनेट मीडिया पर लोग भी इस तरह के स्टंट को बढ़ावा नहीं देने और सड़क पर सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील कर रहे हैं।

  • PGI चंडीगढ़ के गायनी विभाग से लाखों के इंजेक्शन गायब, मेडिकल स्टोर पर बेचने का खुलासा

    PGI चंडीगढ़ के गायनी विभाग से लाखों के इंजेक्शन गायब, मेडिकल स्टोर पर बेचने का खुलासा

    चंडीगढ़.

    पीजीआइ के गायनी विभाग से 15 से 20 लाख रुपये के महंगे इंजेक्शन गायब होने का मामला अब ओर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। सूत्रों की मुताबिक नर्सिंग-फार्मासिस्ट और स्टाफ मिलीभगत से लाखों के इंजेक्शन मेडिकल स्टोर पर आधी लागत पर बेचते थे। इसके साथ ही इस चोरी के खेल में विभागीय स्तर के अधिकारियों के मिले होने की आशंका भी जताई जा रही है।

    इस मामले को लेकर पीजीआइ प्रशासन का कहना है कि पुलिस को मामले की शिकायत दी गई है। वहीं, पुलिस का कहना है कि उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। दोनों के विरोधाभासी दावों ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवालियां निशान खड़े कर दिए है। पीजीआइ के अनुसार प्राथमिक जांच में कई दिनों से विभाग के स्टाक में गड़बड़ी सामने आई थी। अस्पताल में दवा की खपत में आसान्य और अचानक बढ़ोतरी को देखते हुए अस्पताल की फार्मेसी ने संबंधित वार्ड से संपर्क कर मामले को लेकर अलर्ट जारी किया। इसके बाद मामले की जांच की गई।

    विभाग में तैनात स्टाफ के पूछताछ की गई, जिसमें से कुछ स्टाफ ने इंजेक्शन और महंगी दवा इंडेंट जारी करने की बात स्वीकार की। सूत्रों के अनुसार, फुटेज में कुछ कर्मचारियों की संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि जरूरत से कई गुना अधिक मंगाए गए इंजेक्शन आखिर कहां गए और उन्हें अस्पताल से बाहर किसने पहुंचाया। मेडिकल स्टोरों पर इन इंजेक्शनों को कम कीमत में बेचने की आशंका की भी जांच की जा रही है। नर्सिंग स्टाफ और फार्मासिस्ट की भूमिका के साथ यह भी देखा जा रहा है कि इंजेक्शन जारी करने और स्टाक से बाहर करने की प्रक्रिया में किसी अधिकारी की मिलीभगत तो नहीं थी।

    शिकायत पर ही उठ गया सवाल –
    पीजीआइ प्रवक्ता ने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही मामले की संबंधित अधिकारियों समेत पुलिस को दे दी गई है। वहीं, पीजीआइ चौकी प्रभारी एसआइ सुंदरी ने कहा कि हाल ही में प्रशासन की ओर से ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली और न ही इंटरकाल की सूचना मिली है। प्रशासन और पुलिस के इन विरोधाभासी दावों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

    तीन सवाल –
    लाखों के इंजेक्शन कहां गए?
    चार-पांच गुना अधिक स्टाक क्यों मंगाया गया
    पीजीआइ की शिकायत पुलिस तक क्यों नहीं पहुंची

    नकली नर्स के इंजेक्शन से मौत –
    2023 में नवंबर माह में एक अज्ञात महिला पीजीआइ के गायनी वार्ड में पहुंची और युवती को इंजेक्शन लगा था। इंजेक्शन लगने के बाद मरीज की हालत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके चलते उसे आइसीयू में शिफ्ट करना पड़ा। पहले से ही किडनी की समस्या से जूझ रही मरीज की स्थिति और गंभीर हो गई। अंत में गलत इंजेक्शन लगने से युवती की मौत हो गई थी।