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  • झारखंड में बाइक एंबुलेंस योजना फेल, अब गांवों में दौड़ेंगे 635 ईपीटीवी वाहन

    झारखंड में बाइक एंबुलेंस योजना फेल, अब गांवों में दौड़ेंगे 635 ईपीटीवी वाहन

    रांची
     एक तरफ केंद्र सरकार सुदूर क्षेत्रों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए बाइक एंबुलेंस की योजना पर काम कर रही है, दूसरी तरफ झारखंड में यह योजना फेल हो चुकी है।

    राज्य में अब सुदूर क्षेत्रों के लिए बाइक एंबुलेंस की योजना संचालित नहीं होगी। इसकी जगह अब ग्राम पंचायतों के लिए ईमरजेंसी पेेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल (ईपीटीवी) की सेवा बहाल करने की तैयारी चल रही है। यह एंबुलेंस वैन के रूप में होगी।

    दरअसल, राज्य में पायल प्रोजेक्ट के रूप में दो-तीन जिलों मेें बाइक एंबुलेंस की सेवा शुरू की गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इसका परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा।

    इसकी समीक्षा के लिए विभाग ने राज्य स्तरीय संयुक्त मूल्यांकन समिति गठित की थी। इस समिति ने बाइक एंबुलेंस की जगह ईपीटीवी चलाने की अनुशंसा विभाग से की।

    इसके बाद विभाग ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 445 तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 190 ईमरजेंसी पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल खरीदे जाने का प्रस्ताव तैयार किया है।

    ये सभी एंबुलेंस ग्रामीण क्षेत्रों से मरीजों को लाने का काम करेंगी। इधर, स्वास्थ्य विभाग 40 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस तथा 281 बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस खरीदने का निर्णय लिया है। झारखंड मेडिकल हेल्थ डवलपमेंट एंड प्रोक्यूरमेंट कॉरपोरेशन को इसके लिए टेंडर प्रक्रिया की जिम्मेदारी दी गई है।

     

  • बिहार में शिक्षा सुधार के चार बड़े फैसले, AI से होगा छात्रों की समझ का मूल्यांकन

    बिहार में शिक्षा सुधार के चार बड़े फैसले, AI से होगा छात्रों की समझ का मूल्यांकन

    पटना
    बिहार के सरकारी स्कूलों में बच्चों की गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और कारगर परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए सम्राट चौधरी सरकार ने चार अहम फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि शिक्षा समाज को दिशा देने वाला विभाग है। हर हाल में स्कूलों में पढ़ाई हो, सरकार इसके लिए कृत संकल्प है। पटना के अधिवेशन भवन में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अध्यक्षता में दो दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन CM सम्राट चौधरी ने किया। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की समझ शक्ति का मूल्याकन एआई की मदद से किया जाएगा। शिविर के माध्यम से सीएम खुद बच्चों से संवाद करेंगे उनके सुझाव के आधार पर नीतियां तय की जाएंगी।

    मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

    गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विशेष समिति
    गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर विद्यालय तक पहुँचाने के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है, ताकि प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्टता का केंद्र बनाया जा सके और छात्रों के सीखने के स्तर में निरंतर सुधार सुनिश्चित हो।
    परीक्षा सुधार

    बिहार में परीक्षाओं को सुचारु, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं आधुनिक बनाने के लिए राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति का गठन किया गया है। समिति बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ कक्षा-आधारित मूल्यांकन में तकनीक एवं AI के उपयोग के माध्यम से छात्रों के ज्ञान, समझ एवं विश्लेषण क्षमता के बेहतर आकलन के लिए सुझाव देगी।

    विशेष सहयोग शिविर
    शिक्षा सुधार के लिए विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक एवं छात्रों के साथ संवाद कर उनके सुझाव एवं समस्याएँ सुनी जाएंगी।

    छात्र कल्याण
    छात्रों के कल्याण से जुड़े कार्यों के बेहतर समन्वय एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों में निदेशालय का गठन किया जाएगा। सीएम ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर परीक्षा व्यवस्था एवं छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए बिहार सरकार प्रतिबद्ध है।

    सीएम ने फेसबुक पोस्ट में बताया कि अधिवेशन भवन, पटना में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला-सह-चिंतन शिविर का शुभारंभ हुआ। बिहार के युवाओं को शिक्षा, कौशल एवं अवसरों से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा लक्ष्य ऐसी गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है, जिससे बिहार के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। राज्य में 1001 मॉडल स्कूल विकसित करने के लक्ष्य के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर बच्चे तक पहुँचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है

  • झारखंड SIR में मकान नंबर को लेकर चुनाव आयोग ने स्थिति की साफ, सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौका

    झारखंड SIR में मकान नंबर को लेकर चुनाव आयोग ने स्थिति की साफ, सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौका

    रांची
     झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत गणना चरण में मकान संख्या संबंधित कोई कार्य नहीं किया गया है।

    उनके अनुसार, इस संबंध में कोई आंकड़ा भी जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि पांच अगस्त को प्रकाशित मतदाता सूची प्रारुप में मतदाताओं से संबंधित मकान संख्या पूर्व की ही संख्या है, जिसे सिर्फ कैरी फारवर्ड किया गया है। मकान संबंधित विषयों का दावा-आपत्ति चरण में निराकरण किया जाएगा जो चार सितंबर तक चलेगा।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राज्य में कई ऐसे शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र हैं, जहां नए निर्मित मकानों को संबंधित स्थानीय निकाय, नगर निकाय अथवा ग्राम पंचायत स्तर से अभी तक पृथक मकान क्रम संख्या उपलब्ध नहीं कराई गई है।

    इसी प्रकार, शहरी क्षेत्रों में बिल्डरों द्वारा निर्मित अपार्टमेंट एवं फ्लैटों के लिए उपयोग की जा रही क्रम संख्या/पता संबंधी सूचनाओं के सत्यापन एवं मानकीकरण की आवश्यकता वाले मामले भी पाए जाते हैं।

    इस कारण मतदाता सूची में एक ही मकान संख्या से कई मतदाताओं का संबद्ध दिखाई देना आवश्यक रूप से यह प्रमाणित नहीं करता कि वे सभी मतदाता वास्तविक रूप से एक ही मकान अथवा परिवार के सदस्य हैं।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार की परिस्थितियों की भारत निर्वाचन आयोग के स्तर से समीक्षा की जा चुकी है तथा इनके व्यवस्थित निराकरण के लिए आवश्यक प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

    इसके तहत जहां पंचायत/ शहरी निकाय द्वारा मकान संख्या का आवंटन नहीं किया गया है, वहां पर नोशनल हाउस नंबर आवंटन का कार्य दावा आपत्ति चरण में किया जाएगा।

    इसके लिए संबंधित बीएलओ के द्वारा प्रत्येक अनुभाग के घरों को एक व्यवस्थित तरीके से नोशनल हाउस नंबर आवंटित किया जाएगा, जिसे अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची में शामिल किया जा सकेगा।

    घरों में लगाए जाएंगे 'होम टू रोल' स्टीकर
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, एसआइआर पूर्व गतिविधि के तहत पूर्व से ही प्रत्येक गृह में नोशनल हाउस नंबर/ हाउस नंबर बीएलओ के नाम, मोबाइल संख्या सहित एक स्टीकर लगाया गया था।

    फिर से इस दावा आपत्ति चरण में 'होम टू रोल' स्टीकर लगाया जाएगा, जिसमें नागरिकों द्वारा 'मेरे परिवार के सभी सदस्य-मतदाता सूची में एक साथ' की जांच स्वयं भी किया जाना है। इस स्टीकर में भी नोशनल हाउस नंबर/हाउस नंबर अंकित किया जाना है।

  • बिहार में सब्जी किसानों को बड़ी सौगात, 106 करोड़ से मजबूत होगी बाजार और संग्रहण व्यवस्था

    बिहार में सब्जी किसानों को बड़ी सौगात, 106 करोड़ से मजबूत होगी बाजार और संग्रहण व्यवस्था

    पटना
    बिहार में सब्जी उत्पादन को सिर्फ खेत तक सीमित रखने के बजाय उसे मजबूत बाजार से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। सहकारिता विभाग ने सब्जी क्षेत्र के लिए 106.39 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को मंजूरी दी है।

    इन योजनाओं के जरिए सब्जियों के संग्रहण, परिवहन, आधारभूत संरचना और मार्केटिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

    मकसद है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर बाजार और सुविधाएं मिल सकें। इसके लिए पंचायत से लेकर प्रखंड स्तर तक सब्जी संग्रहण और आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा। यानी अब खेत से मंडी तक सब्जियों की पूरी व्यवस्था को सहकारी नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है।

    350 पंचायतों में बनेंगे सब्जी संग्रहण केंद्र
    योजना के तहत राज्य में 350 पंचायत स्तरीय सब्जी संग्रहण केंद्र बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 50 प्रखंड स्तरीय आधारभूत संरचनाओं के निर्माण की भी तैयारी है।

    इन केंद्रों के जरिए किसानों की उपज को एक जगह एकत्र करने और आगे बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। सब्जियों के संग्रहण की बेहतर व्यवस्था होने से किसानों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

    इससे सहकारी समितियों के जरिए सब्जियों के कारोबार को व्यवस्थित करने का रास्ता भी खुलेगा। सरकार की कोशिश पंचायत स्तर से ही सब्जी की सप्लाई चेन को मजबूत करने की है।

    534 समितियों को मिलेगी कार्यशील पूंजी
    सब्जी क्षेत्र से जुड़ी प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों यानी पीवीसीएस को भी योजना में अहम स्थान दिया गया है।

    राज्य की 534 पीवीसीएस को प्रति समिति दो लाख रुपये की कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने का प्राविधान किया गया है। इसके अलावा नौ सब्जी संघों को प्रति संघ 10 लाख रुपये की कार्यशील पूंजी दी जाएगी।

    इससे समितियों को सब्जी खरीद, संग्रहण और बाजार तक पहुंचाने के काम में आर्थिक मदद मिल सकेगी। सहकारी समितियों को मजबूत करने से किसानों के लिए सामूहिक रूप से बाजार तलाशने की क्षमता बढ़ सकती है। सरकार इसी नेटवर्क के जरिए किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है।

    किसानों को बेहतर बाजार दिलाना प्राथमिकता
    सहकारिता सचिव धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर बाजार उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।

    उन्होंने पीवीसीएस का विस्तार पंचायत और प्रखंड स्तर तक करने की जरूरत बताई। इससे अधिक से अधिक किसानों को सहकारी व्यवस्था से जोड़ने का रास्ता खुलेगा।

    किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। सब्जी उत्पादन करने वाले किसानों को बाजार से जोड़ना इस पूरी योजना का अहम उद्देश्य है। इसके जरिए उत्पादन और बिक्री के बीच की दूरी कम करने की कोशिश होगी।

    हर यूनियन में 5 नए पीवीसीएस खोलने का लक्ष्य
    बैठक में वेजफेड के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह समेत संबंधित अधिकारी और पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने निर्देश दिया कि अगले 30 दिनों में प्रत्येक यूनियन में पांच नए पीवीसीएस को सुचारु रूप से संचालित किया जाए।

    इससे सहकारी नेटवर्क को तेजी से विस्तार देने की तैयारी साफ दिखाई दे रही है। नए पीवीसीएस के सक्रिय होने से स्थानीय स्तर पर सब्जी उत्पादकों को एक मंच मिलने की उम्मीद है।

    संग्रहण से लेकर परिवहन और विपणन तक की व्यवस्था को इसी नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। अगर यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से जमीन पर उतरती है तो बिहार के सब्जी किसानों के लिए खेत से बाजार तक का सफर आसान हो सकता है।

     

  • मुंगेर-जमालपुर में 280 करोड़ की जलापूर्ति योजना, 17,745 घरों तक पहुंचेगा नल का पानी

    मुंगेर-जमालपुर में 280 करोड़ की जलापूर्ति योजना, 17,745 घरों तक पहुंचेगा नल का पानी

     पटना
     राज्य और केंद्र की सरकार अमृत 2.0 के तहत प्रदेश के हर जिले-गांव तक पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में जुटी है।

    इसी कड़ी में अब मुंगेर और जमालपुर के लिए 280 करोड़ रुपए की योजना स्वीकृत की गई है। इन दोनों शहरों में अलग-अलग 17,745 घरों को अब नल से पीने का पानी उपलब्ध कराने की तैयारी है।

    केंद्र प्रायोजित अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) के तहत दोनों शहरों की जलापूर्ति परियोजनाओं को सरकार ने प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।

    मुंगेर जलापूर्ति परियोजना फेज-1 के लिए 177.72 करोड़ रुपये और जमालपुर जलापूर्ति परियोजना के लिए 102.23 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। दोनों परियोजनाओं पर कुल 279.95 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

    योजना के तहत क्या होगा?
    नगर विकास एवं आवास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मुंगेर में परियोजना के तहत 10,540 घरों में नल का जल का कनेक्शन दिया जायेगा। इसके साथ ही 53 एमएलडी क्षमता का नया जलशोधन संयंत्र बनाया जायेगा।

    मौजूदा 14 एमएलडी संयंत्र का नवीनीकरण भी होगा। योजना के तहत शहर में छह नए जलमीनार बनाए जाएंगे। जबकि तीन मौजूदा जलमीनारों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। पानी की आपूर्ति के लिए करीब 199 किलोमीटर जल वितरण नेटवर्क बिछाया जाएगा।

    वहीं, जमालपुर जलापूर्ति परियोजना के तहत 7,205 घरों को नल का जल कनेक्शन मिलेगा। यहां चार नए जलमीनार बनाए जाएंगे। साफ पानी की आपूर्ति के लिए करीब 20.77 किलोमीटर राइजिंग मेन तथा करीब 17.49 किलोमीटर जल वितरण नेटवर्क तैयार किया जाण्गा। परियोजना में जल भंडारण और पंप हाउस से जुड़े कार्य भी शामिल हैं।

    इस तरह दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद मुंगेर और जमालपुर के कुल 17,745 परिवारों को नियमित पेयजल आपूर्ति का लाभ मिलेगा। नई पाइपलाइन, जलमीनार और जलशोधन सुविधाओं के विस्तार से शहरी क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।

  • राजस्थान निकाय चुनाव से पहले आरक्षण लॉटरी जल्द, 10,245 वार्डों पर बदलेगा समीकरण

    राजस्थान निकाय चुनाव से पहले आरक्षण लॉटरी जल्द, 10,245 वार्डों पर बदलेगा समीकरण

    जयपुर
    राजस्थान में निकाय चुनाव की तैयारियां अब निर्णायक दौर में पहुंच रही है। वार्डों और निकाय प्रमुखों के पदों के आरक्षण की लॉटरी अगले चार से पांच दिन में निकलने की संभावना है। इसके लिए संबंधित जिला कलक्टर और स्वायत्त शासन विभाग स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में है। पार्षदों के लिए वार्डों के आरक्षण की लॉटरी संबंधित जिला कलक्टर स्तर पर निकाली जाएगी, जबकि महापौर, सभापति और चेयरमैन पदों के आरक्षण की लॉटरी स्वायत्त शासन विभाग की ओर से होगी।

    राजस्थान के 309 निकायों में महापौर, सभापति और चेयरमैन पदों का आरक्षण तय होगा। वहीं 10,245 वार्डों में पार्षदों के लिए आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी। आरक्षण की तस्वीर साफ होने के साथ ही निकाय चुनाव की तैयारियों में जुटे दावेदारों की सक्रियता भी बढ़ेगी। हालांकि, चर्चा 12 से 14 अगस्त के बीच की है। बता दें कि अभी सभी राजनीतिक दलों और भावी प्रत्याशियों की धड़कनें अगले सप्ताह प्रस्तावित आरक्षण लॉटरी पर टिकी हुई हैं। दूसरी ओर बीजेपी और कांग्रेस ने चुनावी तैयारियां भी शुरू कर दी है।

    लॉटरी के साथ बढ़ेगी दावेदारों की सक्रियता
    वार्डों के आरक्षण की स्थिति साफ होते ही चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों की सक्रियता बढ़ेगी। लंबे समय से अपने-अपने वार्डों में चुनावी तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशियों की नजर लॉटरी पर टिकी है। वार्ड सामान्य या आरक्षित होने के आधार पर कई दावेदारों के चुनावी समीकरण बदलेंगे। वहीं, आरक्षण के कारण जिन दावेदारों को अपने वार्ड से चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिलेगा, वे दूसरे वार्डों में विकल्प तलाश सकते हैं।

    निकाय चुनाव पार्षदों की जिला स्तर और महापौर-चेयरमैन की लॉटरी विभाग स्तर पर
    प्रदेश के 309 निकायों में महापौर, सभापति और चेयरमैन पदों का आरक्षण तय होगा। वहीं 10,245 वार्डों में पार्षदों के लिए आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी। पार्षदों के लिए वार्डों के आरक्षण की लॉटरी जिला स्तर पर और महापौर, सभापति और चेयरमैन पदों के आरक्षण की लॉटरी स्वायत्त शासन विभाग की ओर से निकाली जाएगी।

    309 निकाय, 10245 वार्ड, जयपुर सबसे बड़ा संभाग
    प्रदेश के 7 संभागों में कुल 309 नगरीय निकाय और 10245 वार्ड प्रस्तावित हैं। इनमें 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद, 19 द्वितीय श्रेणी नगरपालिकाएं, 58 तृतीय श्रेणी नगरपालिकाएं और 175 चतुर्थ श्रेणी नगरपालिकाएं शामिल हैं। जयपुर संभाग में सबसे अधिक 91 निकाय और 2970 वार्ड हैं, जबकि कोटा और उदयपुर संभाग में 28-28 निकाय हैं।

  • पंजाब में कांवड़ियों को रौंदने वाला वाहन मालिक 12 घंटे में गिरफ्तार, स्पीकर ने मुआवजे का किया ऐलान

    पंजाब में कांवड़ियों को रौंदने वाला वाहन मालिक 12 घंटे में गिरफ्तार, स्पीकर ने मुआवजे का किया ऐलान

    फतेहगढ़ साहिब.

    फतेहगढ़ साहिब में सरहिंद राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार देर रात कांवड़ियों को रौंदने के मामले में पुलिस ने 12 घंटे के भीतर बड़ी कार्रवाई करते हुए हादसे में शामिल महिंद्रा एसयूवी बरामद कर ली है। पुलिस ने वाहन के मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया है। हादसे में कोटकपूरा के तीन कांवड़ियों की मौत हो गई थी, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है।

    पुलिस की इस कार्रवाई के बाद घटनास्थल पर डटे कांवड़ियों को आरोपित की गिरफ्तारी का भरोसा मिला है। शनिवार देर रात करीब दो बजे सरहिंद से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांवड़ियों को वाहन ने अपनी चपेट में ले लिया था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीन कांवड़ियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी।

    घटनास्थल से मिली नंबर प्लेट से खुला सुराग
    पुलिस को घटनास्थल से वाहन की नंबर प्लेट मिली थी। इसी नंबर के आधार पर पुलिस ने वाहन की तलाश शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि हादसे के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आ गई थी। पुलिस उपाधीक्षक फतेहगढ़ साहिब कुलबीर सिंह संधु और सरहिंद थाना प्रभारी राजवंत सिंह की अगुवाई में कई टीमें गठित की गईं। पुलिस टीमों ने वाहन की तलाश करते हुए उसे लुधियाना से बरामद कर लिया। इसके साथ ही पक्खोवाल रोड निवासी त्रिलोचन सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि हादसे के समय वाहन कौन चला रहा था और घटना के बाद वाहन को कहां ले जाया गया।

    घटनास्थल पर पहुंचे स्पीकर संधवां
    हादसे के बाद सुबह विधायक लखबीर सिंह राय भी घटनास्थल पर पहुंचे और वहां मौजूद कांवड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने कांवड़ियों को आरोपित की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया था। इसके बाद कोटकपूरा के विधायक और पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां भी घटनास्थल पर पहुंचे। संधवां ने अपने विधानसभा क्षेत्र से आए कांवड़ियों से मुलाकात कर हादसे पर दुख जताया। उन्होंने मौके पर मौजूद कांवड़ियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मामले में हुई कार्रवाई की जानकारी ली। पुलिस द्वारा वाहन बरामद करने और उसके मालिक को गिरफ्तार करने की जानकारी मिलने पर उन्होंने संतुष्टि जताई।

    मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख की सहायता
    कुलतार सिंह संधवां ने हादसे में जान गंवाने वाले तीनों कांवड़ियों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मृतक के परिवार को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा हादसे में गंभीर रूप से घायल कांवड़िये के इलाज का पूरा खर्च पंजाब सरकार की ओर से उठाया जाएगा। हादसे के बाद कोटकपूरा से आए कांवड़ियों में रोष था। वे घटनास्थल पर डटे हुए थे और आरोपित की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।

    पुलिस की ओर से वाहन बरामद कर मालिक को गिरफ्तार किए जाने के बाद उन्हें बड़ी कार्रवाई का भरोसा मिला है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। हादसे के कारणों, वाहन की गति और घटना के समय वाहन चला रहे व्यक्ति सहित अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस कार्रवाई के बाद अब हादसे में शामिल वाहन और उसके मालिक तक पहुंच गई है। आगे की जांच के आधार पर मामले में अन्य कार्रवाई की जाएगी।

  • सीतामढ़ी में 31 दिसंबर 2028 तक तैयार होगा भव्य मां जानकी मंदिर, विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी

    सीतामढ़ी में 31 दिसंबर 2028 तक तैयार होगा भव्य मां जानकी मंदिर, विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी

    सीतामढ़ी
    बिहार के सीतामढ़ी में बन रहा माता जानकी का मंदिर भव्य और बेहद ही आकर्षक होगा। यह मंदिर विश्व स्तर पर पर्यटन का केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि सीतामढ़ी में मां जानकी का मंदिर 31 दिसंबर 2028 तक तैयार हो जाएगा। मां जानकी भव्य मंदिर में स्थापित होंगी। इसके पहले पुनौराधाम में शनिवार को श्रीसीताराम मंडपम में विधिवत पुराने गर्भगृह से विग्रह के बाद मां जानकी और रामदरबार प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई। मंदिर के महंत कौशल किशोर दास ने मुख्यमंत्री के जरिए विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इस दौरान मंदिर परिसर में नव निर्मित अस्थायी काष्ठ श्रीसीताराम मंडपम में भगवान श्रीराम और माता सीता की प्रतिमाओं की स्थापना भी की गई। इस ऐतिहासिक मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनौराधाम मां जानकी की जन्मभूमि होने के कारण बिहार की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। इस पवित्र धाम का समग्र विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। पुनौराधाम के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी बढ़ेंगे। मौके पर बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन स्वीकार किया।

    इसके पहले मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मां सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम में निर्माणाधीन भव्य माता सीता मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने प्रस्तावित मां जानकी मंदिर के मॉडल के माध्यम से मुख्यमंत्री को मंदिर एवं परकोटा, यज्ञ मंडप, अनुष्ठान मंडप, पीठाधीश्वर निवास, म्यूजियम, ऑडिटोरियम, महिला हाट सहित अन्य प्रस्तावित भवनों तथा श्रद्धांलुओं के लिए उपलब्ध करायी जाने वाली सुविधाओं के संबंध में विस्तार से अवगत कराया।

    मुख्यमंत्री ने शनिवार को माता जानकी की जन्मस्थली सीतामढ़ी स्थित पुनौराधाम मंदिर में मां जानकी की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोचार के बीच विधि विधान से मां जानकी की पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। साथ ही मंदिर प्रांगण में बज्जिका कला एवं सिक्की कला पर आधारित शिल्प प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

    उन्होंने स्थानीय कला एवं शिल्प की विविधता तथा कलाकारों की ओर से तैयार की गई कलाकृतियों की जानकारी ली। पुनौराधाम मंदिर प्रबंधन की ओर से मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, उद्योग एवं खेल तथा सीतामढ़ी जिले की प्रभारी मंत्री श्रेयसी सिंह, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नन्दकिशोर राम, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता, सांसद देवेश चंद्र ठाकुर, विधायक बैद्यनाथ प्रसाद, गायत्री देवी, सुनील कुमार पिंटू, पंकज कुमार मिश्रा, नागेंद्र राउत, अनिल कुमार, रामेश्वर कुमार महतो, अमित कुमार के अलावा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह आदि रहे। तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह, तिरहुत प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक चंदन कुशवाहा, जिलाधिकारी रिचि पांडेय, पुलिस अधीक्षक अमित रंजन उपस्थित थे।

  • हरियाणा में सड़क निर्माण में लापरवाही पर ठेकेदारों पर गिरेगी गाज, FIR और ब्लैकलिस्ट की चेतावनी

    हरियाणा में सड़क निर्माण में लापरवाही पर ठेकेदारों पर गिरेगी गाज, FIR और ब्लैकलिस्ट की चेतावनी

    चंडीगढ़
    हरियाणा में सड़क निर्माण और मरम्मत का कार्य समय पर पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया जाएगा। गुणवत्ता मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाएगी और उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को 10 प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि हमारी सड़क मोबाइल एप पर दर्ज शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। सड़कों के गड्ढों को तुरंत भरा जाए और मरम्मत कार्य की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से ऐप पर अपलोड करें।

    शिकायतों के निस्तारण या रिपोर्टिंग में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी सड़कों की मैपिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रत्येक सड़क की स्थिति और रखरखाव का सटीक रिकार्ड उपलब्ध रहे।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेलवे से प्रभावित या लंबित सभी सड़क परियोजनाओं की विस्तृत सूची तैयार करें। इसी के आधार पर रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान निकाला जाए, ताकि रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और अंडरब्रिज के निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरे हो सकें।

    मुख्यमंत्री ने औद्योगिक क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों के निर्माण पर विशेष जोर दिया। मजबूत औद्योगिक अवसंरचना से न केवल उद्यमियों और व्यापारियों को परिवहन में आसानी होगी, बल्कि राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    तारकोल नहीं मिला तो बनेंगी सीमेंट की सड़कें
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि समय पर तारकोल (बिटुमेन) की आपूर्ति में बाधा आ रही है, तो काम को रोकने के बजाय सड़कों का निर्माण सीमेंटेड (सीसी रोड) कराया जाए। विकास की गति किसी भी स्थिति में धीमी नहीं पड़नी चाहिए।

     

  • पंजाब विधानसभा सत्र बढ़ाने की मांग, 6 विधेयकों पर बहस के लिए मांगा अतिरिक्त समय

    पंजाब विधानसभा सत्र बढ़ाने की मांग, 6 विधेयकों पर बहस के लिए मांगा अतिरिक्त समय

    चंडीगढ़.

    पंजाब विधानसभा के चल रहे सत्र को कुछ और दिनों के लिए बढ़ाने की मांग कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने की है। खैरा ने कहा कि सत्र के अंतिम कार्य दिवस पर 6 महत्वपूर्ण विधेयकों को बिना पर्याप्त चर्चा के पारित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ न्याय नहीं है।

    खैरा ने कहा कि विधानसभा के आधिकारिक विधायी कामकाज में छह नए विधेयक विचार के लिए रखे गए हैं। इनमें तीन डिजिटल यूनिवर्सिटी, जीएसटी, आउटसोर्स कर्मचारियों व संविदा नियुक्तियों तथा कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित विधेयक शामिल हैं।

    एक दिन में चर्चा संभव नहीं
    उन्होंने सवाल उठाया कि इतने महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाले कानूनों की अंतिम दिन पर्याप्त जांच और चर्चा कैसे संभव है। उन्होंने कहा कि विधायकों को विधेयकों का अध्ययन करने, संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श करने और जरूरत पड़ने पर संशोधन प्रस्तावित करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। विधानसभा कैबिनेट की रबर स्टांप नहीं है।उसका काम कानूनों की धारा-दर-धारा समीक्षा करना और उनके प्रभावों पर चर्चा करना है।

    डिजिटल यूनिवर्सिटीज संबंधित विधेयक पर भी सवाल
    खैरा ने तीन डिजिटल यूनिवर्सिटी से संबंधित विधेयकों को सत्र के अंतिम चरण में लाने की जरूरत पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन विधेयकों को पंजाब के हित में मानती है तो उसे विधानसभा सत्र बढ़ाने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने स्पीकर कुलतार सिंह संधवां से विधानसभा की गरिमा और सर्वोच्चता बनाए रखने की अपील की। खैरा ने कहा कि जल्दबाजी में छह कानून पारित करना पंजाब के भविष्य के साथ मजाक होगा।