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  • 11 अगस्त को बांसवाड़ा आएंगे सीएम भजनलाल शर्मा, करोड़ों की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

    11 अगस्त को बांसवाड़ा आएंगे सीएम भजनलाल शर्मा, करोड़ों की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

    बांसवाड़ा
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दो माह बाद वागड़ क्षेत्र के दौरे पर आ रहे है। 11 अगस्त को बांसवाड़ा में उनके प्रस्तावित दौरे को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। पंचायत-निकाय चुनाव से ठीक पहले उनके दौरे ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ा दी है। सीएम के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला कलक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव सहित पुलिस अधिकारियों ने खेल स्टेडियम के पास बनाए जा रहे सभा स्थल का निरीक्षण किया और तैयारियों को देखा।

    सीआईडी सीबी की टीम ने भी देर शाम कार्यक्रम स्थल पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था जांच की। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री आगामी पंचायत-निकाय चुनाव से पहले बांसवाड़ा जिले को कई सौगातें दे सकते हैं। योजनाओं के शिलान्यास को लेकर विभागों ने शिलान्यास पट्टिकाएं भी तैयार करवा ली है। इनमें जिले के गढ़ी, बागीदौरा, कुशलगढ़ और घाटोल विधानसभा क्षेत्रों में करोड़ों रुपये की लागत से विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया जाएगा।

    6000 की क्षमता का पांडल, 5 फीट ऊंचा मंच
    सीएम की सभा को लेकर खेल स्टेडियम के पास 6000 लोगों की क्षमता वाला पांडाल तैयार किया जा रहा है। यहां मंच को करीब 5 फीट ऊंचा बनाया गया है। सीएम के आने के लिए यहां पीछे के गेट से व्यवस्था रखी है। मंच पर आठ ऐसी लगाएं जाएंगे। जनसभा पांडाल में कूलरों की व्यवस्था रहेगी।

    इन विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे सीएम भजनलाल शर्मा
    सड़क निर्माण: गढ़ी, बागीदौरा और कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्रों में 623.12 करोड़ रुपए की लागत से एसएच-54ए सड़क का निर्माण।
    मक्का उत्कृष्टता केंद्र: गढ़ी क्षेत्र में 20 करोड़ रुपए की लागत से मक्का उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना।

    पॉलिटेक्निक कॉलेज: राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, बागीदौरा में 1 करोड़ रुपए की लागत से बाउंड्री वॉल का निर्माण।
    उप स्वास्थ्य केंद्र: बांसवाड़ा, गढ़ी, कुशलगढ़ और बागीदौरा में 7 उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण, लागत 3.85 करोड़ रुपए।
    माही नदी पर पुल: बिलोदा में माही नदी पर बांसवाड़ा-डूंगरपुर को जोड़ने वाले पुल का निर्माण, लागत 60 करोड़ रुपए।
    अटल प्रगति पथ: गढ़ी, बागीदौरा और घाटोल में अटल प्रगति पथ के 5 कार्य, लागत 10 करोड़ रुपए।
    औद्योगिक क्षेत्र पीपलवा: बांसवाड़ा-प्रतापगढ़ रोड से औद्योगिक क्षेत्र पीपलवा तक सड़क निर्माण, लागत 1.23 करोड़ रुपए।
    औद्योगिक क्षेत्र छींच: एसएच-10ए से औद्योगिक क्षेत्र छींच तक सड़क निर्माण, लागत 40 लाख रुपए।
    खेल स्टेडियम: बांसवाड़ा खेल स्टेडियम में कबड्डी इंडोर स्टेडियम एवं तीरंदाजी उपकरण स्टोर रूम का निर्माण, लागत 56.44 लाख रुपए।
    उप स्वास्थ्य केंद्र: बागीदौरा और कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्रों में उप स्वास्थ्य केंद्रों के 4 कार्य, लागत 2.20 करोड़ रुपए।
    पीएचसी निर्माण: कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पाटन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का निर्माण, लागत 1.43 लाख रुपए।
    उप जिला चिकित्सालय: बागीदौरा विधानसभा क्षेत्र में उप जिला चिकित्सालय का निर्माण, लागत 40.93 करोड़ रुपए।
    बीपीएचयू लैब: बागीदौरा विधानसभा क्षेत्र में बीपीएचयू लैब का निर्माण, लागत 76.46 रुपए।

    पक्का जल मार्ग: माही मुख्य सिंचाई परियोजना के कमांड क्षेत्र में पक्के जल मार्ग के 2 कार्य, लागत 90.65 लाख रुपए।
    माही नहरों का पुनर्वास: माही नहरों की संरचनाओं को मजबूत करने और पुनर्वास के 3 कार्य, लागत 230.04 करोड़ रुपए।
    जनजाति छात्रावास: गढ़ी, कुशलगढ़ और बांसवाड़ा में जनजाति छात्रावास के 6 कार्य, लागत 5.09 करोड़ रुपए।
    आयुर्वेद औषधालय: बागीदौरा, कुशलगढ़ और बांसवाड़ा में कुल 4 आयुर्वेद औषधालयों के निर्माण के कार्य, लागत 1 करोड़ रुपए।

     

  • बिहार में छात्र कल्याण के लिए बनेगा अलग निदेशालय, शिक्षा-परीक्षा सुधार को मिलेगी नई दिशा

    बिहार में छात्र कल्याण के लिए बनेगा अलग निदेशालय, शिक्षा-परीक्षा सुधार को मिलेगी नई दिशा

    पटना
    बिहार में छात्र कल्याण से जुड़े काम-काज को प्रभावी ढंग से लागू करने और समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए चार सरकारी विभागों का एक अलग निदेशालय गठित होगा। शिक्षा, उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रावैधिकी तथा युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग मिलकर यह निदेशालय बनाएंगे। इस नई व्यवस्था से शिक्षाा और परीक्षाा में सुधार होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को अधिवेशन भवन में शिक्षा अधिकारियों के दो दिवसीय कार्यशाला सह चिंतन शिविर के उद्घाटन के मौके पर यह घोषणा की। कार्यशाला में शिक्षा विभाग के 322 अधिकारी भाग ले रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने शिक्षा और परीक्षा में सुधार के लिए दो राज्यस्तरीय कमेटियों के गठन की भी घोषणा की। एक कमेटी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित कराएगी ताकि हर विद्यालय उत्कृष्टता का केंद्र बने और छात्रों के सीखने के स्तर में निरंतर सुधार हो। दूसरी कमेटी परीक्षा सुधार की होगी, जो परीक्षाओं को सुचारू, पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के लिए कार्य करेगी। यह समिति बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ कक्षा आधारित मूल्यांकन में तकनीकी एवं एआई के उपयोग के माध्यम से छात्रों के ज्ञान, समझ एवं विश्लेषण क्षमता के बेहतर आकलन का सुझाव देगी।

    मुख्यमंत्री ने युवाओं को बिहार का भविष्य बताते हुए कहा कि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। आने वाली पीढ़ी ही राज्य का नवनिर्माण करेगी। सरकार ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिससे बिहार के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़े।

    उन्होंने कहा कि समर्थ लोग अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। लेकिन, संसाधनों की कमी से जूझने वालों के लिए बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लगभग 18 हजार करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं और इसका बड़ा हिस्सा दूसरे राज्यों में जा रहा है। कोटा में लाखों बच्चे पढ़ने जाते हैं और वहां पढ़ाने वाले अधिकतर शिक्षक भी बिहार के हैं।

    छात्रों के लिए प्रत्येक माह सहयोग शिविर लगेगा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक एवं वरीय पदाधिकारी स्कूलों-कॉलेजों में जाकर छात्रों से संवाद करेंगे। उनसे प्राप्त सुझावों को पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्तर पर प्रत्येक माह छात्रों के लिए सहयोग शिविर का आयोजन होगा और उनकी समस्याओं और सुझावों पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अबतक 551 मॉडल स्कूल बनाए जा चुके हैं। लक्ष्य 1001 मॉडल स्कूल बनाने का है। शिक्षा से जुड़े अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट और सीसीए के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें दोषियों को एक वर्ष तक कैद का प्रावधान है।

    रात 11 बजे तक ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे विद्यार्थी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त से ऐसी व्यवस्था शुरू की जा रही है, जिसके तहत विद्यार्थी रात 11 बजे तक ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। ऐप के माध्यम से रात 11 बजे भी छात्र किसी सवाल का उत्तर शिक्षक से पूछ सकते हैं।

  • पंजाब विधानसभा में आज 8 विधेयकों पर चर्चा, नशे और पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष करेगा हंगामा

    पंजाब विधानसभा में आज 8 विधेयकों पर चर्चा, नशे और पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष करेगा हंगामा

    चंडीगढ़.

    पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के सोमवार आखिरी दिन की कार्रवाई शुरू हो गई है। आज का दिन काफी अहम रहने वाला है। सदन में सरकार की ओर से कुल आठ विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें जीएसटी में संशोधन, शिक्षकों व गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सेवा, ठेका कर्मियों की नीति, विश्वविद्यालयों और पंचायत व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।

    शुरुआत से पहले ही कांग्रेस का प्रदर्शन देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन कर आम आदमी पार्टी सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस ने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए उसे ‘झूठ का पुलिंदा’ और ‘गप्पे मारने वाली सरकार’ करार दिया। विधानसभा की कार्यसूची के अनुसार सदन में प्रश्नकाल के बाद गैर-सरकारी कार्य होगा। इसके बाद नियम 16 के तहत प्रस्ताव और फिर विधायी कामकाज लिया जाएगा। सरकार की ओर से कुल आठ विधेयक पेश करने और उन्हें विचार-विमर्श के बाद पारित कराने का प्रस्ताव है। कार्यसूची के अनुसार प्रश्नकाल में विभिन्न सदस्यों की ओर से जल संसाधन, किसानों और पीएसपीसीएल से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे।

    विधायक उठाएंगे विभिन्न मुद्दे
    राणा इंदर प्रताप सिंह की ओर से जल संसाधन मंत्री का ध्यान पंजाब के किसानों और सतलुज दरिया से जुड़े मुद्दे की ओर दिलाया जाएगा। इसके अलावा जसविंदर सिंह खिलपुर की ओर से रोपड़ जिले में पेयजल से जुड़ी समस्या तथा किसानों की समस्याओं का मुद्दा उठाया जाएगा। गुरमीत सिंह की ओर से पीएसपीसीएल के बकाया बिजली बिलों के निपटारे के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम (ओटीएस) लागू करने की मांग से संबंधित ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके बाद नियम 16 के तहत सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने संबंधी प्रस्ताव पर कार्रवाई होगी।

    इन विधेयकों पर होगी कार्रवाई –
    आज विधानसभा में कुल 8 विधेयक पेश किए जाएंगे। जिन्हें दो चरणों में पेश किया जाएगा। 

    पहले चरण में-

    • विधायी कामकाज के तहत सबसे पहले पंजाब कामन इंटरडिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर (रेगुलेशन एंड सिलेक्शन) सर्विस बिल, 2026 को पेश करने और विचार के बाद पारित करने का प्रस्ताव है।
    • इसके बाद पंजाब गवर्नमेंट एंड टीचर्स एंड नान-टीचिंग एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (सेवा) बिल, 2026 पर कार्रवाई होगी।
    • इसके अलावा कल्याण विभाग से संबंधित विधेयक, 2026 पर कार्य होगा।
    • पंजाब एमेच्योर डिजिटल यूनिवर्सिटी विधेयक, 2026 पेश होंगे।
    • विश्वविद्यालयों से संबंधित विधेयक, 2026 भी सदन में पेश किए जाएंगे।

    दूसरे चरण में-

    • पंजाब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (संशोधन) बिल, 2026 पेश् होगा।
    • पंजाब राज्य आउटसोर्समेंट पालिसी/ट्रांजिशन टू कांट्रैक्चुअल एंगेजमेंट बिल, 2026 पर कार्य होगा।
    • पंजाब पंचायत राज (संशोधन) बिल, 2026 पेश किए जाने का प्रस्ताव कार्यसूची में शामिल है।

    इस तरह आज सदन में प्रश्नकाल के साथ ही किसानों, बिजली उपभोक्ताओं और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों के अलावा कर व्यवस्था, संविदा नियुक्तियों, विश्वविद्यालयों और पंचायत व्यवस्था से जुड़े विधायी प्रस्तावों पर सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा होने के आसार हैं।

  • IPS Devendra Kumar Bishnoi: 12 बार फेल होने के बाद बने DIG, जानिए कौन हैं दबंग अफसर देवेंद्र बिश्नोई

    IPS Devendra Kumar Bishnoi: 12 बार फेल होने के बाद बने DIG, जानिए कौन हैं दबंग अफसर देवेंद्र बिश्नोई

    जयपुर 
    प्रतियोगी परीक्षाओं
    की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए असफलता कई बार निराशा लेकर आती है। एक या दो बार असफल होने पर कई छात्र अपना रास्ता बदल लेते हैं या हिम्मत हार बैठते हैं। लेकिन राजस्थान कैडर में 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी देवेंद्र कुमार बिश्नोई की कहानी यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो बार-बार मिलने वाली असफलताएं भी आपके सामने घुटने टेक देती हैं।

    स्टेट पीएससी परीक्षाओं में लगातार 12 बार इंटरव्यू तक पहुंचकर असफल होने के बावजूद देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने हार नहीं मानी। अपनी अटूट लगन और कड़ी मेहनत के दम पर वे पहले राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) के लिए चुने गए और आगे चलकर आईपीएस (IPS) अफसर बने।

    हरियाणा के हिसार से BSF और फिर सिविल सेवा तक का सफर
    हरियाणा के हिसार जिले के रहने वाले देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करते ही सिविल सेवा में जाने का सपना देखा था। साल 1989 में उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (BSF) में अपनी सेवाएं देना शुरू किया। BSF में तैनात रहने के दौरान भी उनके भीतर प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा बनी रही और वे ड्यूटी के साथ-साथ राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की तैयारी में जुटे रहे।

    12 बार इंटरव्यू में फेल
    देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान छात्रों के साथ अपनी असफलताओं का किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि स्टेट पीसीएस परीक्षाओं में वे मेन्स पास करके 12 बार इंटरव्यू के चरण तक पहुंचे, लेकिन हर बार फाइनल मेरिट लिस्ट में उनका नाम नहीं आ पाता था।

    बार-बार असफलता मिलने पर जब उनका मनोबल टूटने लगा, तो उन्होंने खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने के लिए अध्यात्म और ईश्वर की शरण का सहारा लिया। उन्होंने अपने भगवान से प्रार्थना की कि वे उनकी मेहनत में रही कमियों को दूर करने का रास्ता दिखाएं और खुद को पूरी तरह पढ़ाई के प्रति समर्पित कर दिया।

    चयन का दिलचस्प इत्तेफाक
    देवेंद्र कुमार बिश्नोई के राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) में चयन का एक बेहद अनोखा और दिलचस्प किस्सा भी है। उस समय परीक्षा में ओरिजिनल मार्क्स के साथ-साथ स्केलिंग मार्क्स की व्यवस्था लागू थी। जब रिजल्ट आया, तो इत्तेफाक से उनके ओरिजिनल नंबर भी 911 थे और स्केलिंग के बाद बने फाइनल अंक भी 911 ही रहे।

    इसी सफलता के साथ वे राजस्थान पुलिस सेवा में डीएसपी बने। उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में प्रमोशन मिली। वर्तमान में वे राजस्थान पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में डीआईजी (DIG) के पद पर तैनात हैं।

  • JPSC Protest: छात्रों के आंदोलन का असर! तीन सदस्यों के इस्तीफे से बढ़ी हलचल, 3 परीक्षाएं रद्द होने के आसार

    JPSC Protest: छात्रों के आंदोलन का असर! तीन सदस्यों के इस्तीफे से बढ़ी हलचल, 3 परीक्षाएं रद्द होने के आसार

    रांची 

    रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ झारखंड सरकार के ग्रुप ऑफ मिनिस्टर ने रविवार को दूसरे दौर की बातचीत की। बैठक के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने मीडिया को संबोधित किया और बताया कि सरकार जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द नहीं कर सकती। हालांकि जेपीएससी-पीटी परीक्षा रद्द करने पर सहमति बनी है।

    हालांकि उन्होंने बताया कि 14 जेपीएससी और 23 और 25 के बैकलॉग की जांच दो तरीके से होगी। ईडी वित्तीय अनियमिताओं की जांच करेगी जबकि आपराधिक मामलों की जांच सीआईडी करेगी। वहीं छात्र सीबीआई जांच करवाने के लिए अड़े हुए हैं। बैठक के बाद छात्र नेताओं ने कहा है कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्र नेताओं ने कहा कि वे 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा तक मार्च करेंगे।

    बैठक में किन-किन मांगों पर बनी सहमति?
    सुदिव्य कुमार सोनू ने आगे बताया कि 'सीआईडी की जांच में मॉनिटरिंग के लिए सेवानिवृत्त जजों की एक कमेटी बनाई जाएगी। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा सरकार रद्द नहीं कर सकती, क्योंकि परीक्षा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में ली गई है। रिफॉर्म (परीक्षा में सुधार) के लिए आईआईएम और एक्सएलआरआई से गाइडेंस लिया जाएगा।'

    उन्होंने कहा कि 'फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा और 90 दिनों के अंदर चार्जशीट जमा की जाएगी। रिफॉर्म के मुद्दे पर आईआईटी-आईएसएम, आईआईएम रांची और एक्सएलआरआई के विशेषज्ञों की एक केमिटी बनाकर रिफॉर्म किया जाएगा। छात्र प्रतिनिधियों की एक मांग यह भी थी कि सीजीएल की परीक्षा को रद्द किया जाना चाहिए सरकार का साफ कहना था कि चूंकि यह परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुई है इसलिए सरकार इसे रद्द करने में सक्षम नहीं है।'

     तीन बड़ी परीक्षाएं रद्द होने के आसार

    पिछले सोलह दिनों से गूंज रहा नारा अब सरकार की नींदे उड़ाने लगा है। झारखंड में परीक्षा गड़बड़ियों को लेकर सड़क पर उतरे छात्रों का धैर्य सरकार की बेचैनी बढ़ा रहा है। बताया जा रहा है कि हेमंत सोरेन सरकार आज छात्रों के साथ हुई बातचीत के बाद तीन परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला ले सकती है। ये तीन परीक्षाएं झारखंड लोक सेवा आयोग यानी जेपीएससी की 2023 और 2025 की परीक्षा और साथ ही 14वीं प्रारंभिक परीक्षा हो सकती है।

    यह घटनाक्रम ऐसे वक्त सामने आया है जब रांची में आंदोलन रविवार को अपने सोलहवें दिन में दाखिल हो चुका है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं और उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। एक अन्य आंदोलनकारी छात्र राहुल क्रांति भी अनशन पर हैं और फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में रखे गए हैं। कुल मिलाकर छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं, जिससे प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

    JPSC के तीन सदस्यों का इस्तीफा

     JPSC के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने इस्तीफा दे दिया है. तीनों ने अपना इस्तीफा राज्यपाल संतोष गंगवार को भेजा था, जिसे मंजूर कर लिया गया है. इसी बीच CID 10 अगस्त को अजीता भट्टाचार्य से पूछताछ करेगी. भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों की जांच के सिलसिले में उनसे सवाल किए जाएंगे. यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतों को लेकर छात्र सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। 

    इस्तीफा देने वालों में अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा शामिल हैं. तीनों ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेजा था. राज्यपाल ने इसे मंजूर कर लिया है. इससे पहले 22 जुलाई को JPSC चेयरपर्सन एल खियांग्ते भी इस्तीफा दे चुके थे. फिलहाल, JPSC की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों की CID जांच कर रही है. इसी सिलसिले में आयोग के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है. अब 10 अगस्त को डॉ. अजीता भट्टाचार्य से पूछताछ होनी है। 

    आंदोलन शांत कराने के लिए सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीन दौर की लंबी बातचीत हुई. मुख्यमंत्री ने खुद छात्रों को चिट्ठी लिखकर भरोसा दिलाने की कोशिश की. सरकार का दावा है कि छात्रों की 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं. इसके बावजूद कई मुख्य मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। 

    बीते दो दिनों की बातचीत रही बेनतीजा
    गौरतलब है कि इससे पहले पिछले दो दिनों की बातचीत बेनतीजा रही थी, जिसके बाद आज दोबारा सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बैठक बुलाई गई। इस बैठक में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए यह संकेत दिया कि परीक्षा गड़बड़ियों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी से कराने पर भी विचार किया जा सकता है। यानी अब मामला सिर्फ राज्य स्तर की जांच तक सीमित नहीं रह जाएगा, बल्कि केंद्रीय एजेंसी भी इसमें शामिल हो सकती है।

    बारीकी से होगी जांच
    एनडीटीवी की रिपोर्ट की मानें तो लखनऊ स्थित निजी परीक्षा एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड यानी टीडीपीएल द्वारा कराई गई सभी परीक्षाओं की भी बारीकी से जांच की जाएगी। इसके अलावा जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी जेएसएससी में सुधार लाने के मकसद से सरकार आईआईएम और एक्सआईएसएस जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की मदद लेने की योजना बना रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों की गुंजाइश ही न बचे। पिछले कुछ दिनों में राज्य सरकार ने अलग-अलग छात्र संगठनों के साथ कई दौर की बातचीत की है, जिसमें कांग्रेस के छात्र विंग एनएसयूआई, झारखंड छात्र मोर्चा और आदिवासी छात्र संघ शामिल रहे हैं। इसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पत्रकारों से बातचीत में एक भावुक और तीखा बयान भी दिया।

    सोरेन ने कहा, "आज जब यह सरकार मजबूती से खड़ी हो रही है, तो कई लोग हैं जो इसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे। वे चेहरे छुपाकर, रूप बदलकर, या पर्दे के पीछे से भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। हर समस्या का हल बातचीत में है, डंडे और गोली में नहीं।" उन्होंने आगे कहा कि डंडे और गोलियां सीमाओं के लिए, दुश्मनों से निपटने के लिए होती हैं, अपने ही लोगों पर बल प्रयोग से कुछ हासिल नहीं होता। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी भावनाएं और चिंताएं सरकार की भी चिंता हैं, और इस संवैधानिक पद पर बैठकर वे पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय सुनिश्चित करेंगे। माना जा रहा है कि यह टिप्पणी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की तरफ इशारा थी।

    बढ़ता जा रहा है जांच का दायरा
    इस बीच जांच का दायरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। जेपीएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के सिलसिले में अब तक उन्नीस लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि आयोग की पूर्व अध्यक्ष एल खियांगते से 28 जुलाई के बाद से चार बार पूछताछ की जा चुकी है। ऐसे में साफ है कि झारखंड का यह छात्र आंदोलन अब सिर्फ एक परीक्षा रद्द कराने की मांग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे भर्ती तंत्र में बड़े बदलाव की मांग बनकर उभर आया है।

    सरकार ने छात्रों को दिया रिटायर्ड जज वाला विकल्प मगर…
    मंत्री ने आगे बताया कि ‘सरकार यही कर सकती है कि एक रिटायर्ड जज अध्यक्षता में एक मॉनिटरिंग कमेटी बनाकर इस जांच की मॉनटरिंग कर दे। जिसे छात्र ने मानने से इनकार कर दिया। हम यह समझते हैं कि 98 फीसदी बिंदूओं (छात्रों की मांग) पर सरकार ने सहमति दी है। दो फीसदी बिंदू जो बचे हैं जो सिर्फ और सिर्फ सीजीएल की परीक्षा को रद्द करने के थे और सरकार का स्पष्ट कहना है कि जो माननीय कोर्ट के आदेश पर परीक्षा ली गई हैं परिणाम प्रकाशित हो चुके हैं और सफल उम्मीदवार पहले से ही नौकरी कर रहे हैं। ऐसे में सरकार उन्हें अपनी तरफ से रद्द नहीं कर सकती है। सरकार छात्रों में विश्वास जगाने के लिए सीआईडी के ऊपर एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने को तैयार थी कि यदि अगर सीआईडी आपकी बातों को नहीं सुनती है तो रिटायर्ड जज का एक विकल्प हम आपको दे रहे हैं जहां आप अपनी बातों को रख सकेंगे।’

    अनियमितताएं, घोटाला के आरोप लगा रहे छात्र प्रदर्शनकारी
    जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर बड़ी संख्या में छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे रहे हैं। छात्रों की मांग थी कि 14वीं जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल एग्जाम में जो भारी अनियमितताएं, घोटाला हुआ है लिहाजा इन्हें रद्द किया जाए।

  • हरियाणा में नई CBG नीति जल्द, प्लांट लगाने पर मिलेंगी कई बड़ी रियायतें

    हरियाणा में नई CBG नीति जल्द, प्लांट लगाने पर मिलेंगी कई बड़ी रियायतें

     चंडीगढ़
    हरियाणा में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए प्रदेश सरकार गोबर, कचरे और फसल अवशेषों से ईंधन बनाने की नीति पर आगे बढ़ चली है। जल्द ही नई संपीड़ित बायो गैस (सीबीजी) नीति लागू करने की तैयारी है, जिसमें सीबीजी प्लांट लगाने के लिए लीज पर पंचायत भूमि, 40 करोड़ रुपये तक की पूंजी सहायता और 20 वर्ष तक बिजली शुल्क की प्रतिपूर्ति सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

    प्रदेश में वर्तमान में 17 बायोगैस प्लांट संचालित है, जबकि छह और प्लांट जल्द ही खुलेंगे। अगले कुछ वर्षों में 100 प्लांट लगाने का लक्ष्य है। ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़ ने नई नीति का ड्राफ्ट जारी करते हुए 15 दिन में हितधारकों से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।

    सीबीजी प्लांट लगाने के इच्छुक उद्यमियों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), सहकारी समितियों, डेयरियों और गोशालाओं को न केवल पहले पांच वर्षों तक दो रुपये प्रति यूनिट बिजली सहायता दी जाएगी, बल्कि विभिन्न करों में छूट के साथ भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) से राहत दी जाएगी।

    पराली जलाने की समस्या से मिलेगी निजात
    नई नीति के तहत पराली, पशु अपशिष्ट, शहरों के जैविक कचरे, चीनी मिलों के प्रेसमड, गन्ने के अवशेष और नेपियर घास जैसी सामग्री से कंप्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे किसानों को अतिरिक्त आय के साथ ही पराली जलाने की समस्या से भी निजात मिलेगी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

    नई सीबीजी नीति में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाली परियोजनाओं को विशेष प्राथमिकता मिलेगी। कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए प्रति प्रशिक्षु 20 हजार रुपये तक सहायता राशि का प्रविधान किया जाएगा। महिलाओं, अनुसूचित जाति, दिव्यांगजनों और पूर्व सैनिकों को रोजगार देने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।

    संयंत्रों से बनने वाली जैविक खाद खरीदने वाले किसानों को 50 पैसे प्रति किलोग्राम दिए जाएंगे। कृषि विश्वविद्यालय इसकी गुणवत्ता की निशुल्क जांच करेंगे। गोशालाओं, डेयरियों, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों और सहकारी समितियों को आनलाइन मंच से जोड़कर गांव स्तर पर गोबर, पराली और जैविक कचरे के संग्रह की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

    प्रदेश सरकार ने वर्ष 2030 तक तीन हजार टन प्रतिदिन, 2035 तक साढ़े 10 हजार टन प्रतिदिन और 2047 तक 43 हजार टन प्रतिदिन संपीड़ित बायोगैस उत्पादन क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है।

    मुख्य सचिव, ऊर्जा सचिव और उपायुक्तों की बनेंगी कमेटियां
    नीति को संचालित करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 25 सदस्यीय राज्य स्तरीय समीक्षा व समन्वय समिति, ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय कार्यकारी समिति और प्रत्येक जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में 17 सदस्यीय जिला कंप्रेस्ड बायोगैस समन्वय समिति गठित भी किया जाएगा।

     

  • बिहार में शराब तस्करी का बड़ा खुलासा, कार के गुप्त तहखाने से 124 लीटर शराब बरामद

    बिहार में शराब तस्करी का बड़ा खुलासा, कार के गुप्त तहखाने से 124 लीटर शराब बरामद

    नवादा
     बिहार में पूर्ण शराबबंदी को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत रजौली थाना क्षेत्र अंतर्गत बिहार-झारखंड सीमावर्ती क्षेत्र चितरकोली स्थित समेकित जांच चौकी पर उत्पाद विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है।

    जांच चौकी प्रभारी सह उत्पाद इंस्पेक्टर अमृत कुमार के नेतृत्व में टीम ने शराब से भरी एक लग्जरी कार को जब्त कर चालक सह तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है।

    गुप्त तहखाने से मिली शराब
    उत्पाद अधीक्षक गणेश चंद्रा ने बताया कि मद्यनिषेध कानून के तहत चौकी पर 24 घंटे छोटी-बड़ी सभी गाड़ियों की सघन जांच की जा रही है। इसी क्रम में रविवार को पश्चिम बंगाल नंबर की स्विफ्ट कार संख्या WB38U5009 को जांच के लिए रोका गया।

    जांच के दौरान उत्पाद बलों को कार के डिक्की और सीट के नीचे बने गुप्त तहखाने में भारी मात्रा में शराब छिपाकर रखी मिली। तहखाने से पश्चिम बंगाल में निर्मित टेट्रा पैक में बंद ऑफिसर चॉइस के साथ रॉयल स्टैग ब्रांड के बोतल में बंद विदेशी शराब बरामद की गई। जब्त शराब की कुल मात्रा 124.20 लीटर बताई गई है।

    नालंदा का युवक गिरफ्तार
    इस मामले में कार चालक को भी गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार तस्कर की पहचान नालंदा जिले के सोहसराय थाना क्षेत्र अंतर्गत मोगलकुंआ गांव निवासी लल्लन पासवान के पुत्र राहुल पासवान के रूप में हुई है।

    पूछताछ में गिरफ्तार युवक ने बताया कि यह शराब की खेप उसे चांद नामक व्यक्ति ने दी थी, जिसे बिहार के अंदर पहुंचाना था। उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि जब्त शराब और लग्जरी कार को जांच चौकी पर रखा गया है।

    गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ जारी है। उसके बयान के आधार पर चांद नामक व्यक्ति और शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। विभाग अग्रतर कार्रवाई में जुट गई है।

    चौबीसों घंटे जांच जारी
    इस कार्रवाई के दौरान उत्पाद एएसआई पंकज कुमार, एएसआई विश्वजीत कुमार के साथ गृहरक्षक के जवान भी मौजूद थे। उत्पाद अधीक्षक ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी रोकने के लिए उत्पाद विभाग पूरी तरह मुस्तैद है और आगे भी इस तरह की छापेमारी लगातार जारी रहेगी।

     

  • चोरों से बचाने खेत में दबाए पांच लाख, दीमक ने 75 फीसदी नोट किए बर्बाद

    चोरों से बचाने खेत में दबाए पांच लाख, दीमक ने 75 फीसदी नोट किए बर्बाद

    बालोतरा
     चोरों से बचाने के लिए खेत की मिट्टी में दबाकर रखी रकम किसान को वापस तो मिल गई, लेकिन तब तक उसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। बालोतरा जिले के पचपदरा क्षेत्र में प्लॉट बेचकर मिली लाखों रुपए की रकम को किसान मांगीलाल मेघवाल ने पॉलिथीन की थैली में भरकर खेत में दबा दिया था। कुछ समय बाद वह उस जगह को भूल गया और काफी तलाश के बावजूद पांच लाख रुपए से भरी थैली नहीं मिली।

    बारिश के मौसम में खेत की जुताई के दौरान अचानक वही थैली मिट्टी में नजर आई। किसान ने उसे बाहर निकाला तो रकम की हालत देखकर उसके होश उड़ गए। थैली में रखी करीब 75 प्रतिशत रकम दीमक चट कर चुकी थी। बड़ी मात्रा में नोट गलकर मिट्टी में तब्दील हो चुके थे। कई नोटों के केवल छोटे-छोटे टुकड़े ही बचे थे। जिस रकम को किसान ने चोरों से बचाने के लिए सुरक्षित समझकर खेत में छिपाया था, वही रकम मिट्टी के नीचे पड़े-पड़े खराब हो गई। राजस्थान में सभवत: ऐसा पहला मामला माना जा रहा है।

    याद नहीं रही जगह, तलाशता रहा रकम
    किसान के मुताबिक उसने प्लॉट बेचने से मिली रकम को चोरों से सुरक्षित रखने के लिए बैंक के बजाय खेत में छिपाकर रखा था। रकम को पॉलिथीन की थैली में भरकर मिट्टी में दबा दिया गया। बाद में वह उस जगह को भूल गया। इसके बाद किसान ने काफी तलाश की, लेकिन उसे पैसों की थैली नहीं मिल सकी। बारिश के बाद खेत की जुताई शुरू हुई तो मिट्टी के भीतर दबाई गई थैली अचानक सामने आ गई। थैली मिलने पर किसान को उम्मीद थी कि उसकी रकम सुरक्षित मिल जाएगी, लेकिन उसे खोलने के बाद सामने आया दृश्य उसकी उम्मीदों के बिल्कुल उलट था। मेहनत और जमीन के सौदे से जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा दीमक के कारण नष्ट हो चुका था।

    रकम मिली, लेकिन बचा बहुत कम
    घटना के बाद खेत में मिले नोटों के टुकड़ों और खराब हो चुकी करेंसी की तस्वीरें सामने आई हैं। तस्वीरों में नोटों की खराब हालत पूरे मामले की कहानी बयां कर रही है। किसान के लिए यह रकम मिलना राहत के बजाय बड़ी पीड़ा लेकर आया, क्योंकि चोरों से बचाने के लिए छिपाई गई रकम का करीब तीन-चौथाई हिस्सा उसके हाथ में आने से पहले ही नष्ट हो चुका था। यह घटना किसान की उस पीड़ा को सामने लाती है, जिसमें रकम को सुरक्षित रखने की कोशिश आखिरकार उसके बड़े नुकसान का कारण बन गई।

  • पटना में कचरा उठाव की बदलेगी व्यवस्था, 555 करोड़ में निजी एजेंसी संभालेगी सफाई

    पटना में कचरा उठाव की बदलेगी व्यवस्था, 555 करोड़ में निजी एजेंसी संभालेगी सफाई

     पटना
    नगर निगम अब डोर-टू-डोर कचरा उठाव के लिए गाड़ियां खरीदने के बजाय निजी एजेंसी की मदद लेगा। राजधानी में एकीकृत ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था लागू की जा रही है

    इसके तहत एक एजेंसी को चार साल के लिए करीब 555.32 करोड़ रुपये में कचरा उठाव से लेकर सड़क की सफाई तक की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए नगर निगम की ओर से टेंडर जारी किया जा चुका है। जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है।

    नई व्यवस्था के तहत शहर के सभी 75 वार्डों में घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से गीला, सूखा समेत चार तरह का कचरा अलग-अलग संग्रहीत करना होगा।

    एजेंसी इस कचरे को घरों और दुकानों से उठाकर गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन (जीटीएस) तक पहुंचाएगी। इसके बाद कचरे को प्रसंस्करण स्थल तक ले जाने की जिम्मेदारी भी एजेंसी की होगी।

    संग्रहीत कचरे को पृथक्करण के बाद रामचक बैरिया स्थित डंपिंग यार्ड पहुंचाया जाएगा, जहां वेस्ट टू एनर्जी संयंत्र का निर्माण होना है। नई व्यवस्था में सिर्फ कचरा उठाव ही नहीं, बल्कि शहर की सड़क सफाई भी एजेंसी के जिम्मे होगी।

    रात में सड़कों की मैनुअल स्वीपिंग, ई-रिक्शा, हाथठेला, ट्रैक्टर समेत कचरा उठाव और सफाई में इस्तेमाल होने वाले अन्य संसाधनों की व्यवस्था भी एजेंसी को करनी होगी। नगर निगम ने शहर को छह अंचलों में बांटा है। सभी अंचलों में मैनुअल रोड स्वीपिंग की व्यवस्था होगी।

    350 वाहनों की खरीद पर लगी रोक
    शहर की सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए नगर निगम ने 725 नए वाहनों की खरीद को मंजूरी दी थी। विभाग के स्तर पर एकीकृत ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था लागू करने का आदेश मिलने के बाद वाहनों की खरीद रोक दी गई।

    40 प्रतिशत क्षेत्रों में नियमित नहीं उठ रहा कचरा
    जर्जर और खराब वाहनों के कारण 40 प्रतिशत क्षेत्रों में नगर निगम की डोर-टू-डोर कचरा उठाव व्यवस्था प्रभावित है। शहर के 75 वार्डों को पांच-पांच सेक्टरों में बांटकर प्रत्येक सेक्टर में अलग वाहन और टीम लगाई गई है।

    लगभग हर वार्ड के पांच में से दो सेक्टर प्रभावित हैं। निगम का कहना है कि वाहन खराब होने की सूचना मिलते ही संबंधित सेक्टर में वैकल्पिक वाहन भेजकर कचरा उठाव कराया जा रहा है।

    चार लाख से अधिक घर और प्रतिष्ठान किए जाएंगे कवर
    पूरी योजना के तहत शहर के 4,04,509 घरों और प्रतिष्ठानों को कवर किया जाएगा। इनमें 3,42,892 आवासीय घर, अपार्टमेंट और हास्टल शामिल हैं। वहीं, 61,617 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से भी नियमित रूप से कचरा उठाया जाएगा।

    इससे डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को बेहतर बनाने और शहर में कचरे के खुले में जमा होने की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।

    अपर नगर आयुक्त राजन सिन्हा ने बताया कि नई व्यवस्था से शहरवासियों को कचरा उठाव और सफाई की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है। रैंकिंग भी बेहतर होगी। पटना को फाइव से सेवन स्टार रैंकिंग तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

     

  • सावन में कांवरियों को रेलवे का तोहफा, दानापुर-भागलपुर चलेगी श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन

    सावन में कांवरियों को रेलवे का तोहफा, दानापुर-भागलपुर चलेगी श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन

    पटना
    श्रावणी मेले में सुलतानगंज जाने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेन की सुविधा दी है। पूर्व मध्य रेल की ओर से दानापुर और भागलपुर के बीच अनारक्षित श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी।

    यह ट्रेन पटना, बख्तियारपुर, मोकामा, किउल और सुलतानगंज के रास्ते भागलपुर तक जाएगी। इससे मार्ग के विभिन्न स्टेशनों से सुलतानगंज जाने वाले श्रद्धालुओं को अतिरिक्त रेल विकल्प मिलेगा।

    दानापुर से भागलपुर के लिए ट्रेन 9 और 10 अगस्त को चलेगी। वहीं भागलपुर से दानापुर के लिए वापसी सेवा 9, 10 और 11 अगस्त को उपलब्ध रहेगी।

    दानापुर से दोपहर में निकलेगी स्पेशल ट्रेन
    ट्रेन संख्या 03234 दानापुर-भागलपुर श्रावणी मेला स्पेशल 9 और 10 अगस्त को दानापुर से दोपहर 3:30 बजे रवाना होगी।
    यह ट्रेन 3:50 बजे पटना जंक्शन पहुंचेगी।

    इसके बाद 5:03 बजे बख्तियारपुर और 5:55 बजे मोकामा में ठहराव होगा। ट्रेन शाम 7:05 बजे किउल पहुंचेगी। इसके बाद रात 8:45 बजे सुलतानगंज पहुंचेगी। यात्रा पूरी करते हुए ट्रेन रात 10 बजे भागलपुर पहुंचेगी।

    सुलतानगंज जाने वाले कांवरियों को सीधा फायदा
    पटना और आसपास के इलाकों से सुलतानगंज जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह ट्रेन खास उपयोगी होगी। पटना जंक्शन, बख्तियारपुर और मोकामा जैसे प्रमुख स्टेशनों से यात्री इसमें सवार हो सकेंगे।

    किउल से भी श्रद्धालुओं को सुलतानगंज तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। श्रावणी मेले में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए स्पेशल ट्रेन से नियमित ट्रेनों पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

    अनारक्षित ट्रेन होने के कारण बड़ी संख्या में सामान्य यात्री इसमें सफर कर सकेंगे। रेलवे के इस इंतजाम से कांवरियों की यात्रा पहले के मुकाबले सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

    रात में भागलपुर से चलेगी वापसी की ट्रेन
    वापसी के लिए ट्रेन संख्या 03233 भागलपुर-दानापुर श्रावणी मेला स्पेशल 9, 10 और 11 अगस्त को चलेगी। यह ट्रेन भागलपुर से रात 1 बजे रवाना होगी।

    रात 1:30 बजे सुलतानगंज और 3:30 बजे किउल में ठहराव होगा। इसके बाद 4:35 बजे मोकामा और 5:27 बजे बख्तियारपुर पहुंचेगी।

    सुबह 8 बजे ट्रेन दानापुर पहुंचेगी। इससे सुलतानगंज और भागलपुर से लौटने वाले श्रद्धालुओं को भी अतिरिक्त रेल सुविधा मिलेगी।

    16 कोच की होगी स्पेशल ट्रेन
    श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन में कुल 16 कोच लगाए जाएंगे। इसमें साधारण और शयनयान श्रेणी के 14 कोच होंगे। इसके अलावा दो एसएलआरडी कोच भी शामिल रहेंगे।

    ट्रेन के अतिरिक्त परिचालन से पटना, दानापुर, बख्तियारपुर, मोकामा और किउल समेत कई स्टेशनों के यात्रियों को फायदा होगा।

    श्रावणी मेले के दौरान सुलतानगंज में कांवरियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था अहम मानी जा रही है। रेलवे की यह स्पेशल सेवा श्रद्धालुओं के लिए सावन में बाबा की राह का एक और आसान रेल रास्ता बनेगी।