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  • पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री दिलावर ने दिए समयबद्ध कार्यों के निर्देश

    पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री दिलावर ने दिए समयबद्ध कार्यों के निर्देश

    जयपुर
     पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में सोमवार को पंचायती राज विभाग के कॉन्फ्रेंस हॉल में विभागीय कार्यों एवं विकास गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी भी मौजूद रहे। बैठक में जनसुनवाई एवं ग्राम सभा के सुदृढ़ीकरण, एक गांव-एक चारागाह विकास गतिविधि, प्राकृतिक जल स्रोतों एवं चारागाहों से अतिक्रमण हटाने के आदेशों के क्रियान्वयन, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चारागाह विकास एवं गौमाता आश्रय स्थल, पौधारोपण सहित विभाग के अन्य प्रगतिरत विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

    जनसुनवाई में धरातल पर हो समस्या का समाधान
    मंत्री  दिलावर ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरण और उनका किस प्रकार समाधान किया जाता है, इसकी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। केवल पत्र लिख देना ही प्रकरण का निस्तारण नहीं माना जाएगा, बल्कि समस्या का धरातल पर समाधान होना चाहिए। जिला परिषद के सीईओ एवं बीडिओ भी ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित जनसुनवाई में उपस्थित होकर व्यवस्थाओं एवं प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा करें। जनसुनवाई में जिम्मेदार अधिकारियों एवं कार्मिकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कार्यवाही के बाद निष्कर्ष दर्ज किया जाए तथा उसके नीचे हस्ताक्षर भी सुनिश्चित किए जाएं। निर्धारित समय पर जनसुनवाई आयोजित करने, प्राप्त प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने तथा अनुपस्थित रहने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला, ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर जिन प्रकरणों का समाधान संभव है, वे अनावश्यक रूप से उच्च स्तर तक नहीं आने चाहिए। प्रत्येक माह के प्रथम गुरुवार को ग्राम पंचायत स्तर पर जनसुनवाई आयोजित की जाती है। उन्होंने जनसुनवाई की जानकारी आमजन तक समय पर पहुंचाने के लिए व्हाट्सएप, एसएमएस, अन्य संचार माध्यमों एवं व्यक्तिगत सूचना का अधिक से अधिक उपयोग करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायत के सदस्य भी ग्राम सभा एवं जनसुनवाई में उपस्थित रहें। ग्राम सभा अथवा विशेष ग्राम सभा सहित सभी बैठकों में राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों एवं आदेशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाए।

    एक गांव-एक चारागाह के तहत भूमि विकास पर जोर
    मंत्री दिलावर ने एक गांव-एक चारागाह के तहत चारागाह भूमि को चिन्हित करने, अतिक्रमण हटाने, पौधारोपण करने तथा चारागाह भूमि पर आवश्यक विकास कार्य करवाने के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चारागाह भूमि पर किसी भी दबंग अथवा प्रभावशाली व्यक्ति का अतिक्रमण नहीं रहना चाहिए। चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर उसका समुचित विकास किया जाए। उन्होंने गरीब एवं असहाय परिवारों को आवश्यक सहयोग एवं स्थायित्व प्रदान करने के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने चारागाह विकास के लिए स्वीकृत कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जो कार्य लंबित हैं, उनका समयबद्ध रूप से निस्तारण किया जाए तथा स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाए।

     दिलावर ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय चारागाह विकास एवं गौमाता आश्रय स्थल से संबंधित कार्यों की जानकारी समय पर उपलब्ध करवाने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों को प्राथमिकता देते हुए इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण किया जाए।

    प्राकृतिक जल स्रोतों की सफाई एवं अतिक्रमण हटाने के निर्देश
    बैठक में प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया। श्री दिलावर ने बावड़ियों, तालाबों एवं अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों की साफ-सफाई, मरम्मत एवं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बावड़ियों एवं तालाबों की अंदरूनी सफाई भी सुनिश्चित की जाए, ताकि जल स्रोतों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन प्रभावी रूप से हो सके।

    अन्य विभागों के साथ समन्वय से विकास कार्यों को गति देने के निर्देश
     दिलावर ने पंचायती राज विभाग के प्रगतिरत विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए। आवश्यकता के अनुसार अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति दी जाए। उन्होंने भर्ती प्रकरणों की जांच कार्यवाही, स्थानांतरित कार्मिकों एवं अधिकारियों की शीघ्र जॉइनिंग सहित अन्य लंबित प्रकरणों में भी नियमानुसार त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मंत्रीदिलावर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान एवं मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा के 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत अधिक से अधिक पौधारोपण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ लगाए गए पौधों की सुरक्षा एवं देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को पौधों के महत्व एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए।

     

  • पंजाब विधानसभा में 9 विधेयकों पर चर्चा, खैहरा के सवालों पर मंत्री अरोड़ा का पलटवार

    पंजाब विधानसभा में 9 विधेयकों पर चर्चा, खैहरा के सवालों पर मंत्री अरोड़ा का पलटवार

    चंडीगढ़.

    पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के सोमवार आखिरी दिन की कार्यवाही शुरू हो गई है। आज का दिन काफी अहम रहने वाला है। सदन में सरकार की ओर से कुल आठ विधेयक पेश किए जाएंगे। आखिरी दिन भी विपक्ष आक्राम नजर आया।

    पंजाब विधानसभा में कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने पंचायत विभाग में गबन के आरोपी अधिकारी की बहाली और नडाला ब्लॉक खाते से 25 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन का मुद्दा उठाकर विजिलेंस जांच की मांग की। वहीं, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग और फ्लैश ट्रेड के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि दोनों अलग-अलग मुद्दे हैं और सरकार किसी भी अवैध गतिविधि या गंभीर शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई करेगी।

    • खैहरा ने पंचायत विभाग पर उठाए सवाल।
    • विधानसभा में परिसीमन का मुद्दा उठाया गया।
    • बाजवा ने उठाया बाहरी युवाअओं को नौकरी देने का मुद्दा।
    • 8 विधायकों पर आज चर्चा होगी व मुहर लगेगी।
    • कांग्रेस ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया।
    • पंजाब मानसून सत्र का आखिरी दिन शुरू।

    बाढ़ पर भी हुई चर्चा –
    फिरोजपुर ग्रामीण विधायक रजनीश कुमार दहिया ने सतलुज नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ के खतरे और जर्जर ढांचों का मुद्दा उठाया। जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि पिछले बाढ़ सीजन में कुछ पुराने ढांचे क्षतिग्रस्त हुए थे, हालांकि मुख्य सुरक्षा बंध पूरी तरह सुरक्षित है। क्षतिग्रस्त ढांचों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेज दी गई है। इसके अलावा, संवेदनशील स्थानों की समीक्षा के बाद करीब पांच करोड़ रुपये खर्च करके नए स्पर, जियो-बैग और स्टड बनाए गए हैं, जिससे गांवों की सुरक्षा मजबूत हुई है।

    परिसीमन का भी उठा मुद्दा
    पंजाब विधानसभा में विधायक राणा इंदरप्रताप सिंह ने परिसीमन के बाद छोटे राज्यों के हित प्रभावित होने की आशंका जताई। उन्होंने अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की तर्ज पर राज्यसभा में सभी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व देने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजने की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने सुल्तानपुर लोधी में कथित मानव तस्करी का मुद्दा उठाते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए और सरकार से इस पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

    बाजवा ने उठाया बाहरी नौकरियों का मुद्दा
    नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग और बिजली बोर्ड जैसी सरकारी भर्तियों में पंजाबियों का हक मारकर हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के युवाओं को नौकरियां दी जा रही हैं। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि 237 पदों की भर्ती में पंजाब से पढ़े युवा शामिल हैं और सिर्फ बाहरी डिग्री के आधार पर बाहर नहीं किया जा सकता। इसके अलावा सदन में विधेयकों पर पर्याप्त चर्चा, पेंशनरों की ऐप संबंधी समस्या और समाना के दुकानदारों के मुद्दे भी उठे। 

    विधानसभा के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन
    नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन कर आम आदमी पार्टी सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस ने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए उसे ‘झूठ का पुलिंदा’ और ‘गप्पे मारने वाली सरकार’ करार दिया। विधानसभा की कार्यसूची के अनुसार सदन में प्रश्नकाल के बाद गैर-सरकारी कार्य होगा। इसके बाद नियम 16 के तहत प्रस्ताव और फिर विधायी कामकाज लिया जाएगा। सरकार की ओर से कुल आठ विधेयक पेश करने और उन्हें विचार-विमर्श के बाद पारित कराने का प्रस्ताव है। कार्यसूची के अनुसार प्रश्नकाल में विभिन्न सदस्यों की ओर से जल संसाधन, किसानों और पीएसपीसीएल से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे।

  • बिहार में उद्योगों के लिए 4200 एकड़ से ज्यादा जमीन होगी अधिग्रहित, 24 जिलों में तैयारी तेज

    बिहार में उद्योगों के लिए 4200 एकड़ से ज्यादा जमीन होगी अधिग्रहित, 24 जिलों में तैयारी तेज

    पटना
    बिहार में उद्योगों का जाल बिछाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने 24 जिलों में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए जमीन अधिग्रहण का निर्णय लिया है। इसमें से 10 जिले में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। गयाजी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, भागलपुर सहित दस जिले में 42 सौ एकड़ से अधिक जमीन अधिग्रहण होगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सात निश्चय के तहत उद्योगों के लिए जमीन का अधिग्रहण होना है। विभाग ने 10 जिलों में जमीन अधिग्रहण का रकबा तय करने के साथ ही अधियाचना भी भेज दी है।

    साथ ही सामाजिक प्रभाव का अध्ययन का काम भी पूरा कर लिया गया है। यही नहीं जमीन अधिग्रहण से संबंधित अधिसूचना भी जारी हो गई है। भागलपुर और दरभंगा में अधिसूचना जारी होने के 60 दिनों के बाद उसकी अधिघोषणा (दावा-आपत्ति के बाद कन्फर्म) भी पूरी की जा चुकी है। अधिघोषणा के बाद पंचाट यानी लोगों को यह बताया जाएगा कि अधिग्रहित होने वाली जमीन किन-किन रैयतों का है। इसके बाद लोगों के पैसे भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी और फिर जमीन का दखल-कब्जा शुरू हो जाएगा।

    राज्य के अन्य 14 जिलों में भी प्रक्रिया तेज
    राज्य के 14 और जिलों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जोरों पर है। इसके तहत सीतामढ़ी में 504.52 एकड़, सुपौल में 498 एकड़, शिवहर में 253.78 एकड़, कटिहार में 252.30 एकड़, भोजपुर में 249.48 एकड़ जमीन अधिग्रहण होगा। इसी तरह बेगूसराय में 991 एकड़, सीवान में 167.34 एकड़, मुंगेर में 466.49 एकड़, पटना में 742 एकड़ जमीन अधिग्रहण होगा। जबकि पूर्णिया में 279.65 एकड़, सहरसा में 420.62 एकड़, शेखपुरा में 250 एकड़, मधेपुरा में 548.87 एकड़ तो नालंदा में 524.95 एकड़ जमीन अधिग्रहण करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन जिलों में अधिसूचना जारी होने के बाद तय समय सीमा के तहत अधिघोषणा और फिर रैयतों को पैसा भुगतान और दखल-कब्जा की प्रक्रिया शुरू होगी।

    वैशाली में 1234 एकड़ होगा अधिग्रहण
    उद्योग के लिए भागलपुर में 13.45 एकड़ का जमीन अधिग्रहण होना है। इसी तरह दरभंगा में 385.45 एकड़ जमीन अधिग्रहण होगा। वहीं वैशाली में 1234.45 एकड़, मधुबनी में 712.94 एकड़, नवादा में 139.48 एकड़, मुजफ्फरपुर में 700 एकड़ का जमीन अधिग्रहण होगा। वहीं अरवल में 61.24 एकड़, रोहतास में 510. ṇ 61 एकड़, गयाजी में 49 एकड़ तो औरंगाबाद में 441.79 एकड़ जमीन अधिग्रहण होगा।

  • जयपुर में 19 से 22 अगस्त तक ब्रिक्स पर्यटन बैठकों का आयोजन

    जयपुर में 19 से 22 अगस्त तक ब्रिक्स पर्यटन बैठकों का आयोजन

    जयपुर
    भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत राजधानी जयपुर में 19 से 22 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय 'ब्रिक्स पर्यटन बैठकों' की तैयारियों को लेकर सोमवार को शासन सचिवालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख शासन सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग श्री नवीन जैन ने की।

    जैन ने चार दिवसीय आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय कर निर्धारित समय-सीमा में तैयारियां पूर्ण करना सुनिश्चित करें, ताकि आयोजन का सफल एवं सुव्यवस्थित क्रियान्वयन  हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षा, स्वागत-सत्कार एवं अन्य सभी व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहे।
     
    10 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
    प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि इस सम्मेलन में मेजबान भारत के साथ ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के पर्यटन मंत्री, नीति-निर्माता एवं वरिष्ठ राजनयिक भाग लेंगे। राज्य सरकार द्वारा पर्यटन विभाग को इस प्रतिष्ठित वैश्विक आयोजन के सफल संचालन हेतु नोडल विभाग नियुक्त किया गया है, जो केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय तथा राज्य के विभिन्न प्रशासनिक, पुलिस व नागरिक निकायों के साथ समन्वय स्थापित कर तैयारियों में जुटा है।
     
    उन्होंने बताया कि 19 से 22 अगस्त तक जयपुर में आयोजित होने वाले 'ब्रिक्स पर्यटन बैठकों' के अंतर्गत 19 अगस्त को द्वितीय ब्रिक्स टूरिज्म वर्किंग ग्रुप बैठक का उद्घाटन सत्र होगा, जिसमें 'जीरो ड्राफ्ट' पर विचार-विमर्श एवं उसे अंतिम रूप देने के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी सम्पन्न होंगी। 21 अगस्त को प्रथम ब्रिक्स टूरिज्म मिनिस्टर्स मीट आयोजित होगी, जिसमें 'जीरो ड्राफ्ट' को अंगीकार किया जाएगा। इसके साथ ही 22 अगस्त को प्रतिनिधिमंडलों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
    बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे

  • नशे के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन प्लान, 7087239010 पर सूचना मिलते ही होगी कार्रवाई

    नशे के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन प्लान, 7087239010 पर सूचना मिलते ही होगी कार्रवाई

    चंडीगढ़.

    सिटी ब्यूटीफुल में अब नशेड़ियों और नशा तस्करों की खैर नहीं। यह सब संभव होगा शहरवासियों की मदद से। पुलिस ने शहर को नशामुक्त बनाने की मुहिम को तेज करते हुए सहयोग की अपील की है। इसके लिए एंटी-ड्रग हेल्पलाइन नंबर 7087239010 जारी किया है।

    एक कॉल पर पुलिस पहुंचेगी और तुरंत कार्रवाई होगी। यह हेल्पलाइन पुलिस स्टेशन एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (पीएस-एएनटीएफ), सेक्टर-11 में संचालित की जाएगी। पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि उन्हें कहीं भी नशे की तस्करी, बिक्री या अवैध सप्लाई की जानकारी मिले तो इस नंबर पर तुरंत सूचना दें। पुलिस के मुताबिक हेल्पलाइन के माध्यम से नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक पदार्थों की अवैध तस्करी, बिक्री, कब्जे, परिवहन और सेवन से संबंधित शिकायत या सूचना दी जा सकती है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों के बजाय विश्वसनीय और तथ्यात्मक जानकारी पुलिस तक पहुंचाएं।

    सूचना मिलते ही संबंधित टीम को भेजी जाएगी
    हेल्पलाइन पर मिलने वाली सूचनाओं का पुलिस स्तर पर तत्काल आकलन किया जाएगा। इसके बाद आवश्यकतानुसार सूचना संबंधित पुलिस स्टेशन और विशेषज्ञ इकाइयों के साथ साझा कर मौके की जांच और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान कानून के अनुसार गोपनीय रखी जाएगी। इससे लोगों को बिना किसी भय के नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने का भरोसा मिलेगा।

    ‘नशे के खिलाफ पुलिस को जनता का साथ जरूरी’
    चंडीगढ़ पुलिस ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की कार्रवाई से पूरी नहीं हो सकती। शहरवासियों की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। किसी इलाके में संदिग्ध तरीके से नशीले पदार्थों की बिक्री या सप्लाई की जानकारी होने पर समय रहते पुलिस को सूचना देने से कार्रवाई को प्रभावी बनाया जा सकता है। चंडीगढ़ पुलिस की अपील है कि नशे से जुड़ी जानकारी छिपाएं नहीं, एंटी-ड्रग हेल्पलाइन 7087239010 पर साझा करें।

  • जयपुर की हवेली में कथित खजाने का रहस्य गहराया, चांदी मिली लेकिन सोने के कलश-सिक्के गायब

    जयपुर की हवेली में कथित खजाने का रहस्य गहराया, चांदी मिली लेकिन सोने के कलश-सिक्के गायब

    जयपुर
    जयपुर के त्रिपोलिया बाजार की पुरानी हवेली से कथित खजाना निकलने का मामला अब भी रहस्य बना हुआ है। हवेली मालिक राहुल सेठी ने पुलिस को दी रिपोर्ट में चांदी की सिल्लियों, हजारों चांदी के सिक्कों और सोने के सिक्कों से भरे कलश मिलने का दावा किया था। दूसरी ओर, पुलिस को अब तक की कार्रवाई में सिर्फ चांदी की दो सिल्लियां बरामद हुई हैं। सेठी के दावे में शामिल सोने के कलश और सोने के सिक्कों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। अब सवाल यही है कि अगर सोना मिला था तो वह आखिर गया कहां?

    रिपोर्ट में क्या किया गया था दावा?
    हवेली के मालिक राहुल सेठी ने पुलिस को दर्ज करवाई रिपोर्ट में दावा किया था कि हवेली को ध्वस्त करने के दौरान 10 से 15 चांदी की सिल्लियां, 8 से 10 हजार चांदी के सिक्के और 14 से 15 सोने के सिक्कों से भरे सोने कलश मिले थे। उन्होंने बताया कि हवेली को गिराने का काम डिवाइन-1 एलएलपी के जरिए महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू को दिया गया था। मामले में आरोप लगाया गया था कि ठेकेदार और उसके साथियों ने मिलकर खजाने को आपस में बांटकर इधर-उधर कर दिया।

    पुलिस के हाथ लगी सिर्फ चांदी की दो सिल्लियां
    आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने 66.4 किलो वजन की चांदी की दो सिल्लियां बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने इन सिल्लियों को आगरा रोड पर दुर्गा माता मंदिर के पीछे जंगल में एक पेड़ के नीचे गड्ढा खोदकर छिपा दिया था। बता दें कि हवेली में मिले खजाने की चोरी के आरोप में पांच गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। चांदी की सिल्लियों की बरामदगी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बाकी चांदी की सिल्लियां और बाकी बटा हुआ खजाना कहां है।

    सिक्के बेचने की बात आरोपियों ने की स्वीकार
    पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने चांदी के सिक्के मिलने और उन्हें बेचने की बात बताई है, लेकिन सोने के कलश और सिक्कों के बारे में वे इनकार कर रहे हैं। आरोपियों ने माना कि उन्होंने करीब 1500 चांदी के सिक्के आरोपियों ने अलग-अलग लोगों को बेच दिए। पुलिस के अनुसार, जगदीश राजोरिया और ओमप्रकाश खींची उर्फ पप्पू के हिस्से के करीब 600 सिक्के करीब छह लाख रुपए में एक व्यक्ति को बेच दिए गए। वहीं करीब 10 लाख रुपए में करीब 900 सिक्के आगरा रोड स्थित राजू सुनार को बेचने की बात सामने आई है।

  • बिहार में डॉक्टरों की 450 पदों पर सीधी भर्ती, बिना परीक्षा मेरिट से होगा चयन

    बिहार में डॉक्टरों की 450 पदों पर सीधी भर्ती, बिना परीक्षा मेरिट से होगा चयन

    मेडिकल फील्ड में सरकारी नौकरी की तलाश करने की इच्छा रखने वाले डॉक्टरों के लिए बिहार से एक बड़ी खुशखबरी आई है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत स्टेट हेल्थ सोसाइटी बिहार (SHSB) ने स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के 450 पदों पर सीधी भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान की सबसे खास बात यह है कि अभ्यर्थियों का चयन किसी लिखित परीक्षा या इंटरव्यू के बिना सीधे शैक्षणिक मेरिट के आधार पर किया जाएगा। योग्य एवं इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट healthhrshs.bihar.gov.in के माध्यम से अपना फॉर्म भर सकते हैं।

    आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां
    ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तिथि: 07 अगस्त 2026 (सुबह 10:00 बजे से)

    आवेदन करने की अंतिम तिथि: 21 अगस्त 2026 (शाम 6:00 बजे तक)

    पात्रता की गणना (कट-ऑफ तिथि): 01 अगस्त 2026
    स्पेशल्टी के अनुसार पदों की डिटेल्स

    यह भर्ती छह प्रमुख मेडिकल ब्रांच में की जा रही है:
    एनेस्थेटिस्ट : 132 पद

    पीडियाट्रिशियन : 115 पद

    गायनकोलॉजिस्ट : 94 पद

    एमडी मेडिसिन / फिजिशियन: 60 पद

    जनरल सर्जन: 27 पद

    ऑर्थोपेडिक सर्जन: 22 पद

    शैक्षणिक योग्यता एवं आयु सीमा
    योग्यता: आवेदकों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित स्पेशल्टी में MBBS के साथ MD/MS/DNB या डिप्लोमा की डिग्री होनी चाहिए। इसके साथ ही बिहार मेडिकल काउंसिल (BCMR) या एनएमसी (NMC) में रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है।

    आयु सीमा : न्यूनतम आयु 21 वर्ष है। अनारक्षित/EWS पुरुष के लिए अधिकतम आयु 37 वर्ष, पिछड़ा/अत्यंत पिछड़ा वर्ग और अनारक्षित महिलाओं के लिए 40 वर्ष, तथा SC/ST वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 42 वर्ष तय की गई है। उम्मीदवारों की आयु की गणना 01 अगस्त 2026 को आधार बनाकर की जाएगी।

    वेतन और चयन प्रक्रिया
    चयनित डॉक्टरों को उनके पद, डिग्री और पोस्टिंग के स्थान जिला मुख्यालय या अन्य क्षेत्र के आधार पर 90,000 रुपये से 1,20,000 रुपये प्रति माह सैलरी मिलेगी। चयन 100 अंकों की मेरिट लिस्ट के आधार पर होगा, जिसमें MBBS प्राप्तांकों को 60 अंक तथा PG डिग्री को 40 अंक (डिप्लोमा को 30 अंक) का वेटेज दिया जाएगा। इसके बाद डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन किया जाएगा।

    आवेदन कैसे और कब तक करें?
    ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त 2026 की शाम 6:00 बजे तक है। आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट shs.bihar.gov.in पर जाएं और 'Human Resource' सेक्शन में जाकर 'Advertisement No. 03/2026' पर क्लिक करें। अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और श्रेणी भरें। अभ्यर्थी अपनी पसंद के अनुसार 3 प्राथमिकता वाले जिलों का चयन भी कर सकते हैं। अंत में हाल ही में खींची गई फोटो व सिग्नेचर अपलोड करके फॉर्म जमा करें और उसका प्रिंटआउट संभालकर रख लें।

  • तरनतारन में पुलिस-बदमाशों के बीच मुठभेड़, आरोपी की दोनों टांगों में लगी गोलियां

    तरनतारन में पुलिस-बदमाशों के बीच मुठभेड़, आरोपी की दोनों टांगों में लगी गोलियां

    तरनतारन.

    तरनतारन के कस्बा सरहाली के पास मंगलवार को पुलिस और बाइक सवार बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश की दोनों टांगों में दो गोलियां लगीं। घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

    पुलिस ने मौके से एक अवैध पिस्टल, चार कारतूस, बाइक और मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस के अनुसार सब डिविजन पट्टी के पुलिस उपाधीक्षक रविशेर सिंह को सूचना मिली थी कि रंगदारी के लिए गोली चलाने वाले गिरोह से जुड़े कुछ लोग क्षेत्र में हथियार लेकर घूम रहे हैं। सूचना के आधार पर थाना सरहाली के प्रभारी बलबीर सिंह बेली के नेतृत्व में पुलिस ने जम्मू-कश्मीर-राजस्थान राष्ट्रीय मार्ग से कस्बा सरहाली की ओर जाने वाले संपर्क मार्ग पर नाकाबंदी कर दी।

    रुकने का इशारा किया तो चलाई गोली
    नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने बाइक सवार युवक को रुकने का इशारा किया। पुलिस के मुताबिक युवक ने रुकने के बजाय बाइक तेज कर दी। कुछ दूरी पर बाइक फिसलने से वह सड़क पर गिर गया। पुलिस दल जब उसकी ओर बढ़ा तो उसने पिस्टल निकालकर गोली चला दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें युवक की दोनों टांगों में दो गोलियां लगीं।

    छह वारदातों में शामिल होने का आरोप
    घायल बदमाश की पहचान जतिंदर सिंह उर्फ अजय पुत्र भूपिंदर सिंह निवासी सरहाली कलां के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से अवैध पिस्टल और चार कारतूस बरामद किए हैं। उसे उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। मुठभेड़ की सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र लांबा और पुलिस अधीक्षक जांच रिपुतपन सिंह भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अजय विदेश में बैठे गिरोह के सदस्यों के निर्देश पर काम कर रहा था।

    आरोपी का बैकग्राउंड जानने में जुटी पुलिस
    पुलिस के अनुसार अजय ने सरहाली और पट्टी क्षेत्र में रंगदारी वसूलने के लिए करीब छह स्थानों पर गोली चलाने की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन घटनाओं में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे। गिरोह के अन्य सदस्यों और हथियारों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।

  • JPSC-JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग पर छात्रों का ऐतिहासिक मार्च, पानी की बौछार में भी नहीं झुके

    JPSC-JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग पर छात्रों का ऐतिहासिक मार्च, पानी की बौछार में भी नहीं झुके

    रांची 

    गांव छोड़ब नाही, 
    जंगल छोड़ब नाही, 
    माई माटी छोड़ब नाहीं, 
    लड़ाई छोड़ब नाहीं…

    झारखंड के आंदोलनकारियों का एंथम रहा यह गीत आज रांची में फिर गूंज रहा है. यूं तो ये गीत लंबे समय से झारखंड में अंग्रेजी हुकूमत के अन्याय और शोषण के खिलाफ विद्रोह के प्रतीक पर गाया जाता था. लेकिन सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राएं ये गीत इस गीत को गा रहे हैं और सरकार के खिलाफ हुंकार भर रहे हैं. इन छात्रों की एक ही मांग है. JPSC-JSSC CGL की परीक्षाओं को रद्द करना और परीक्षाओं में हुई धांधली की CBI की जांच। 

    यह सिर्फ गीत नहीं, आदिवासी प्रतिरोध का एंथम है. झारखंड के जंगलों, पहाड़ों और आंदोलनों में आज भी गाया जाता है। 

    इस गीत को मधु मंसूरी हंसमुख ने गाया है. इस आने में झारखंडी अस्मिता की पुकार है. इसमें विस्थापन, पलायन, बेरोजगारी के खिलाफ युवाओं का गुस्सा है. इस गीत में मधु मंसूरी का संदेश है- "हमारी जड़ें यहीं हैं. हमारा जीवन यहीं है. हम न तो अपनी माटी छोड़ेंगे, न अपना संघर्ष.  विकास अगर हमें उजाड़कर आता है, तो हम उसे स्वीकार नहीं करेंगे। 
     
    यह गीत सिर्फ संगीत नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता, प्रतिरोध और आत्मसम्मान का जीवंत पुकार है। 

    यह गीत सत्ता के खिलाफ उलगुलान की आवाज है. झारखंड में क्रांति को स्थानीय भाषा में उलगुलान कहा जाता है। 

    धरनास्थल पर एक छात्र ने साफ कहा है कि हम शांति से क्रांति करेंगे। 

    स्थानीय गीतों के अलावा छात्र राष्ट्र गान भी गा रहे हैं। 

    भइया थोड़ा और प्रेशर मारो न…
    रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्र संघर्षों में तपे हैं. इसके लिए प्रोटेस्ट मार्च के दौरान जब छात्रों पर पानी की बौछार की गई थी. तो वे उसी पानी में डांस करने लगे. छात्रों ने कहा -भइया थोड़ा और प्रेशर मारो न… जैसे ही छात्रों पर पानी की बौछार हुई छात्र और भी झूमकर नाचने लगे.  छात्रों ने झुमते हुए पुलिसकर्मियों से कहा- भइया, थोड़ा और प्रेशर दीजिए, बहुत गर्मी है। 

    बता दें कि आज झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जन्मदिन है. छात्र बार बार सीएम से अपनी मांगें दोहरा रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से नया बयान नहीं आया है। 

    JPSC के विवादित चेयरमैन एल खियांग्ते गिरफ्तार

     झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन यानी कि JPSC के विवादित चेयरमैन एल खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्हें CID ने गिरफ्तार किया है. कल ही JPSC के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दिया था. इससे पहले 22 जुलाई 2026 को एल खियांग्ते ने इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने इस्तीफा तब दिया था जब CID ने JPSC परीक्षा धांधली के मामले में छापेमारी की थी. तब एल खियांग्ते ने कहा था कि वे चाहते हैं इस मामले की निष्पक्ष जांच हो इसलिए वे इस्तीफा दे रहे हैं। 

    झारखंड CID ने सोमवार 3 अगस्त को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते से लगभग सात घंटे तक पूछताछ की थी. यह पूछताछ कमीशन द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की गई, जबकि साथ ही राज्य भर में 18 जगहों पर छापेमारी भी की गई थी. एक अधिकारी ने बताया कि एल खियांग्ते सुबह करीब 11 बजे CID अधिकारियों के सामने पेश हुए और शाम करीब 6 बजे एजेंसी का ऑफिस छोड़कर चले गए; इस मामले में यह पूछताछ का चौथा दौर था। 

    एल खियांग्ते जेपीएससी परीक्षाओं में धांधली के मामले में मुख्य किरदार रहे थे. एल खियांग्ते पर पहले से ब्लैकलिस्टेड कंपनी चुनने का आरोप है.  एल खियांग्ते ने JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा आयोजित करने के लिए ब्लैकलिस्टेड कंपनी TDPL को चुना था। 

    सोमवार को झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करते हुए परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ़ विरोध कर रहे हज़ारों नौकरी के उम्मीदवारों को वॉटर कैनन का सामना करना पड़ा; उन्होंने एक के बाद एक कई बैरिकेड तोड़े। 

    हाथों में तिरंगा और प्लेकार्ड लिए प्रदर्शनकारी नाचने लगे, जब नए विधानसभा कॉम्प्लेक्स की ओर जाने वाली सड़क पर जगन्नाथपुर मंदिर के पास आखिरी बैरिकेड पर पहुंचने पर पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। 

    JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो, जो इस मुद्दे पर नौ दिनों से अनशन पर हैं, 10.5 किलो वज़न घटने के बावजूद एम्बुलेंस में बैठकर मार्च में शामिल हुए. उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर लिए हुए देखा गया। 

    उन्होंने कहा, "हम शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे हैं, और हम सभी से अपील करते हैं कि वे शांति बनाए रखने में हमारी मदद करें. हम उन लाखों छात्रों की आवाज़ उठा रहे हैं जो अपने सपनों और करियर के लिए लड़ रहे हैं… मेरी सेहत बिगड़ रही है। 

    प्रदर्शनकारियों के हाथों में जो प्लेकार्ड थे, उन पर लिखा था "JSSC-CGL परीक्षा रद्द करें या CBI जांच कराएं", "CID, JSSC पर छापा मारने से क्यों बच रही है?" और "निष्पक्ष जांच कराएं, सच सामने लाएं। 

    एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "अगर हम विधानसभा तक नहीं पहुँच सकते, तो हमारी आवाज़ उन तक पहुंचनी चाहिए. हम सरकार से नहीं डरते, जो हमारे साथ देशद्रोहियों जैसा व्यवहार कर रही है. हमें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है। 

    सीआईडी ने जेपीएससी के तीनों सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद को कथित पेपर लीक समेत अन्य अनियमितताओं के आरोपों के संबंध में पूछताछ के लिए तलब किया था। तीनों सदस्यों की नियुक्ति सितंबर 2021 में की गई थी। परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर प्रदर्शनकारी सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं प्रकरण में ईडी की भी एंट्री हो चुकी है। ईडी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    ईडी ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा समेत झारखंड की अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों से जुड़े आर्थिक अपराध की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि ED ने झारखंड पुलिस की अपराध जांच विभाग सीआईडी की ओर से दर्ज प्राथमिकी के साथ ही कुछ अन्य शिकायतों का संज्ञान लिया है। ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत पूरे प्रकरण की छानबीन शुरू की है।

  • पहली बार कंधे पर कांवड़, कोई 13 तो कोई 21 साल से निभा रहा भोले की भक्ति की परंपरा

    पहली बार कंधे पर कांवड़, कोई 13 तो कोई 21 साल से निभा रहा भोले की भक्ति की परंपरा

    फरीदाबाद.

    सावन के पावन महीने में हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा है। आगरा नहर मार्ग पर लगे कांवड़ शिविरों में इस बार बड़ी संख्या में ऐसे शिवभक्त हैं, जो पहली बार कांवड़ लेकर आए हैं।

    कई ऐसे हैं, जो वर्षों से लगातार कांवड़ ला रहे हैं। इनके लिए यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि जीवन का एक महत्वपूर्ण अनुभव बन चुकी है। कांवड़ यात्रा अब अपने अंतिम चरण में है। मंगलवार से आगरा नहर मार्ग पर कई कांवड़ शिविर हटने शुरू हो जाएंगे। शिविर संचालक और सेवादार व्यवस्थाएं समेटने की तैयारी में हैं। दरअसल, 11 अगस्त को शिव का महाभिषेक है। 11 अगस्त के बाद ज्यादातर कांवड़िए जल चढ़ा चुके होंगे। हालांकि कांवड़ यात्रा तो पूरे सावन माह तक चलती रहेगी।

    इन शिविरों में कांवड़ियों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा और आराम की व्यवस्था है। कई स्थानों पर 24 घंटे भंडारे चल रहे हैं। स्वयंसेवक दिन-रात कांवड़ियों की सेवा में जुटे हैं। पहली बार कांवड़ लाने वाले श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आ रहा है। उनका कहना है कि रास्ते की थकान के बावजूद शिविरों में मिलने वाली सेवा और अन्य कांवड़ियों का सहयोग नई ऊर्जा देता है।

    हम 21 वर्षों से कांवड़ शिविर लगा रहे हैं। 10 साल तक वाइएमसीए के पास शिविर लगाते थे, अब 11 साल से बीपीटीपी पुल पर शिविर लगा रहे हैं। शिविर में सभी प्रकार की सुविधाएं मौजूद हैं। शिवभक्तों की सेवा करके बड़ा सुकून मिलता है।
    -बलबीर सिंह, शिवकांवड़ सेवा समिति।

    मैं 13 साल से कांवड़ ला रहा हूं। सावन के महीने में यह धार्मिक यात्रा मुझे मानसिक, शारीरिक और धार्मिक लाभ का अनुभव कराती है। इस यात्रा से पहले मैं बीमार रहा करता था, लेकिन जब से यह शुरू की है, तब से कोई कष्ट नहीं है।
    – हरीचंद, फतेहपुर तगा

    मैं पहली तीसरी बार कांवड़ ला रहा हूं। पहले दो बार कलश में जल लाया था लेकिन इस बार बोले बाबा को कंधे पर बैठाकर ला रहा हूं। भगवान की मर्जी रही तो हर बार कांवड़ लाया करूंगा।
    – प्रिंस, बल्लभगढ़

    मैं तो पहली बार कांवड़ लेकर आई हूं। अकेले ही घर से हरिद्वार चली गई थी। मुझे काफी शारीरिक कष्ट पहुंचा है लेकिन पहली बार का अनुभव ऐसा ही होता है। भोले की मर्जी होगी तो अगले साल भी लेकर आऊंगी।
    – कृष्णा, थंथरी, पलवल।