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  • अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार में देरी पर पुलिस को कानूनी नोटिस, 18 दिन तक लावारिस छोड़ने पर उठे सवाल

    अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार में देरी पर पुलिस को कानूनी नोटिस, 18 दिन तक लावारिस छोड़ने पर उठे सवाल

    चंडीगढ़.

    अज्ञात शवों की पहचान और उनके पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में कथित देरी को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता एचसी अरोड़ा ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने नौ अगस्त 2026 को चंडीगढ़ के प्रशासक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को कानूनी मांग नोटिस भेजकर अज्ञात शवों से संबंधित पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध करने की मांग की है।

    नोटिस में कहा है कि अज्ञात शव मिलने के बाद उनकी पहचान के लिए सार्वजनिक सूचना जारी करने में ही 18-18 दिन लग रहे हैं। इसके बाद भी पहचान के लिए प्रतीक्षा की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया के चलते शव के अंतिम संस्कार में अनावश्यक विलंब हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि अज्ञात शव मिलने से लेकर पहचान के प्रयास, पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार तक की पूरी प्रक्रिया को किसी भी स्थिति में सात दिन से अधिक नहीं खींचा जाना चाहिए।

    छह मामलों के रिकॉर्ड का दिया हवाला
    एचसी अरोड़ा ने अपने नोटिस में चंडीगढ़ पुलिस की ओर से समाचार पत्रों में प्रकाशित छह सार्वजनिक सूचनाओं का तुलनात्मक विवरण दिया है। नोटिस के अनुसार इन मामलों में शव मिलने और पहचान के लिए सार्वजनिक सूचना प्रकाशित होने के बीच सात से 18 दिन तक का अंतर सामने आया। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि 24 जनवरी को जीएमएसएच-32 के पास करीब 51 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था, जबकि पहचान के लिए सूचना 6 फरवरी को समाचार पत्र में प्रकाशित की गई। इसी तरह 6 फरवरी को मिले करीब 55 वर्षीय व्यक्ति के शव के संबंध में पहचान सूचना 17 फरवरी को प्रकाशित हुई। इसके अलावा 31 मार्च को मिले करीब 35 वर्षीय व्यक्ति के शव की पहचान के लिए 18 अप्रैल, 20 अप्रैल को मिले करीब 45 वर्षीय व्यक्ति के संबंध में 1 मई और 14 मई को मिले करीब 35 वर्षीय व्यक्ति के संबंध में 20 मई को सार्वजनिक सूचना प्रकाशित किए जाने का नोटिस में उल्लेख है। एक अन्य मामले में 16 मार्च को मिले करीब 38 वर्षीय व्यक्ति के संबंध में पहचान की सूचना 25 अप्रैल को प्रकाशित किए जाने का विवरण भी नोटिस में दिया गया है।

    सात से 18 दिन की देरी पर उठाया सवाल
    अधिवक्ता के अनुसार, इन मामलों के विवरण से यह सवाल उठता है कि शव मिलने के बाद पहचान के लिए सार्वजनिक सूचना जारी करने में इतना समय क्यों लग रहा है। नोटिस में कहा गया है कि सूचना प्रकाशित होने के बाद भी पुलिस पहचान के लिए कुछ समय तक प्रतीक्षा करती है। इस कारण कई मामलों में अज्ञात शव मिलने से अंतिम संस्कार तक करीब दो सप्ताह या उससे अधिक समय लगने की स्थिति बन रही है। उन्होंने इसे अनावश्यक और अस्पष्ट देरी बताते हुए कहा कि पहचान के प्रयास किए जाना जरूरी है, लेकिन इसके लिए ऐसी समयसीमा होनी चाहिए जिससे शव को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की स्थिति न बने।

    ‘शव खराब होने से पहचान भी मुश्किल हो सकती है’
    नोटिस में यह भी कहा गया है कि शव की पहचान में देरी के साथ पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार में विलंब होने पर शव की स्थिति खराब हो सकती है। लंबे समय तक शव रखे जाने से सड़न और दुर्गंध की समस्या उत्पन्न होने के साथ-साथ पहचान संबंधी प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा है कि अज्ञात शवों की पहचान के लिए उचित और प्रभावी प्रयास किए जाने चाहिए तथा इसके बाद पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी निर्धारित समय में पूरी होनी चाहिए।

    एक सप्ताह में व्यवस्था सुधारने की मांग
    कानूनी नोटिस में चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस से मांग की गई है कि अज्ञात शवों से संबंधित प्रक्रिया के लिए स्पष्ट और सख्त समयसीमा तय की जाए। उन्होंने विशेष रूप से मांग की है कि शव की पहचान के प्रयास से लेकर पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार तक की प्रक्रिया सात दिन के भीतर पूरी कराने के निर्देश जारी किए जाएं। नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि इसे लेकर एक सप्ताह के भीतर आवश्यक निर्देश जारी नहीं किए गए, तो वह पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर करने के लिए मजबूर होंगे। प्रस्तावित कानूनी कार्रवाई का खर्च संबंधित अधिकारियों के जोखिम और लागत पर होने की बात भी नोटिस में कही गई है।

    पुलिस की प्रक्रिया पर उठेगा बड़ा सवाल
    यह मामला केवल छह अज्ञात शवों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे चंडीगढ़ पुलिस की अज्ञात शवों की पहचान, रिकॉर्डिंग, सार्वजनिक सूचना, पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया की समयबद्धता पर सवाल खड़ा होता है। अब देखना होगा कि कानूनी नोटिस के बाद प्रशासन और पुलिस इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

  • ISI की साजिश का भंडाफोड़! 86 हैंड ग्रेनेड बरामद, 15 अगस्त से पहले बड़े आतंकी हमले की थी तैयारी

    ISI की साजिश का भंडाफोड़! 86 हैंड ग्रेनेड बरामद, 15 अगस्त से पहले बड़े आतंकी हमले की थी तैयारी

    जालंधर 
    पंजाब पुलिस ने सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर ने भारत में आतंकी हमले की साजिश कर रहे पाकिस्तान समर्थित आईएसआई के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. इसी के साथ एक व्यक्ति को 86 हेंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया है. 15 अगस्त से पहले की गई यह बड़ी कार्रवाई है। 

    जानकारी के मुताबिक काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर ने एसबीएस नगर पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन में विदेशी हैंडलर्स द्वारा संचालित ISI प्रायोजित BKI आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है. इस मामले में पुलिस ने प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, बड़ी संख्या में पकड़े गए हैंड ग्रेनेड के जरिए एक संभावित आतंकी हमले को नाकाम किया गया है। 

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी ने विदेश में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर आदमपुर, जालंधर के पास एक डीएलबी से यह ग्रेनेड हासिल किया था. अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है और भारत में धमाके करने की तैयारी कर रहे साजिशकर्ताओं को पकड़ने की कोशिश कर रही है। 

    इस मामले में एसबीएस नगर के थाना सदर नवांशहर में बीएनएस और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है.जांच एजेंसियों का फोकस अब इस मॉड्यूल से जुड़े विदेशी हैंडलर्स, स्थानीय मददगारों और फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंक का पता लगाने पर है. इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद ग्रेनेड किस हमले के लिए इस्तेमाल किया जाना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे। 

    बता दें कि काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर और एसबीएस नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. उसके कब्जे से 86-P हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं. पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के समर्थन से चलाया जा रहा था. इसे विदेश में बैठे हैंडलर संचालित कर रहे थे. गिरफ्तार आरोपी को इन्हीं विदेशी हैंडलरों से निर्देश मिलने का आरोप है। 

    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी तक हथगोला कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन-कौन लोग काम कर रहे थे. अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान नेटवर्क की फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक यानी आगे और पीछे जुड़ी कड़ियों का भी पता लगाया जाएगा. इससे यह साफ हो सकेगा कि हथियार और विस्फोटक कहां से आए, उन्हें किसने पहुंचाया और संभावित हमले के लिए किसे निशाना बनाया जाना था। 

    पंजाब पुलिस ने कहा है कि राज्य में आतंक और संगठित अपराध के नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा. पुलिस का कहना है कि ऐसी कार्रवाई का उद्देश्य सीमा पार से संचालित नेटवर्क को तोड़ना और पंजाब में शांति व सुरक्षा बनाए रखना है। 

  • कांवड़ियों की भीड़ को लेकर दिल्ली-NCR में ट्रैफिक अलर्ट, कई इलाकों में रूट डायवर्ट

    कांवड़ियों की भीड़ को लेकर दिल्ली-NCR में ट्रैफिक अलर्ट, कई इलाकों में रूट डायवर्ट

    नई दिल्ली
     सावन के दूसरे सोमवार और शिवरात्रि के मौके पर दिल्ली-एनसीआर में भगवान शिव के भक्तों की बड़ी संख्या में आवाजाही रहेगी। हरिद्वार और दूसरे कांवड़ रूट से कांवड़ लेकर लौटे शिवभक्त दिल्ली पहुंच चुके हैं। मंदिरों और प्रमुख सड़कों पर दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ रहने की संभावना है। दिल्ली के कई इलाकों में कांवड़ियों की मौजूदगी के चलते सड़कों पर रौनक रहेगी।

    मंगलवार सुबह से श्रद्धालु जलाभिषेक शुरू करेंगे। कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए प्रमुख सड़कों और मंदिरों के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की टीमें संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं।

    दिल्ली में यहां आवाजाही ज्यादा
    शाहदरा, वेलकम, जैतपुर, दिल्ली कैंट, धौला कुआं, कालिंदी कुंज, करोल बाग, नजफगढ़, रामपुरा और मंगोलपुरी समेत कई इलाकों में श्रद्धालुओं की आवाजाही ज्यादा रहने की उम्मीद है। मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई हैं।

    कांवड़ शिविरों में पहुंचीं CM
    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को मायापुरी और पीतमपुरा स्थित कांवड़ सेवा शिविरों का दौरा कर शिवभक्तों का स्वागत और अभिनंदन किया। मायापुरी शिविर में उन्होंने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की और उन्हें प्रसाद वितरित कर उनकी मंगलमय यात्रा की कामना की। मुख्यमंत्री ने शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया

    गाजियाबाद में कई जगह रूट डायवर्ट
    गाजियाबाद में पुलिस ने दूधेश्वरनाथ मंदिर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। रविवार देर रात से हापुड़ तिराहे से घंटाघर तक रास्ते को बंद कर दिया गया है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (DME) पर डासना से दिल्ली की साइड को बैरिकेडिंग कर कांवड़ियों के लिए रिजर्व किया गया है। जीटी रोड पर ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर पर भी मंगलवार तक गाड़ियों की आवाजाही नहीं होगी।

  • हर 20 किमी पर खुलेगा सरकारी कॉलेज, बेटियों की पढ़ाई जारी रखने पर हरियाणा सरकार का जोर

    हर 20 किमी पर खुलेगा सरकारी कॉलेज, बेटियों की पढ़ाई जारी रखने पर हरियाणा सरकार का जोर

    हिसार
     कालेज में आने से पहले बेटियां पढ़ाई से ड्राप न करे। हर 20 किलोमीटर में एक राजकीय कालेज खुलेगा। साथ ही हर जिले में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस माडल संस्कृति महाविद्यालय तैयार किया जाएगा, ताकि स्कूल से उत्तीर्ण होने के बाद बेटियां आगे भी शिक्षा जारी रख सके।

    यहीं नहीं, प्रदेश स्तर पर सुपर-100 योजना के तहत अब 500 होनहारों का चयन किया जाएगा, जबकि पहले 400 का चयन होता था। यह बात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कही। वे रविवार को उद्योगपति ओपी जिंदल के 96वें जन्मदिवस पर रविवार को ओपी जिंदल माडर्न स्कूल में आयोजित नवनिर्मित भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे।

    मंच पर उनके संग हरियाणा सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, मेयर प्रवीण पोपली, विधायक सावित्री जिंदल, सफीदों के विधायक रामकुमार गौतम, नलवा के विधायक रणधीर पनिहार व हांसी के विधायक विनोद भयाना सहित कई राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहे।

    पंचकूला व गुरुग्राम में एआइ हब स्थापित होगा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत पंचकूला व गुरुग्राम में एआइ हब की स्थापना की जाएगी, ताकि बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी से जोड़ा जा सके। इसी कड़ी में प्रदेश के 55 हजार स्कूलों को वाइ-फाई, हर 10 किलोमीटर में माडल संस्कृति स्कूल व हर पांच किलोमीटर बाद मुख्यमंत्री उत्कृष्टता और प्रारंभिक अंग्रेजी विद्यालय खोलने पर जोर दिया जा रहा है।

    कामनवेल्थ गेम में 39 मेडल आने पर जताई खुशी
    सीएम ने कामनवेल्थ गेम में कुल 39 मेडल जीतने पर खुशी जताई। हरियाणा के सात मेडल में से पांच बेटियों की ओर से गोल्ड जीतने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। वीसी की मीटिंग बुलाकर शोध पर जोर के दिए आदेशमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों मैंने हरियाणा के विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर की मीटिंग बुलाई थी, जिसमें मैंने विद्यार्थियों के आइडिया पर शोध करने के आदेश दिए हैं।

    इस पर 20 करोड़ रुपये का बजट देने की भी घोषणा कर चुके हैं, ताकि बच्चे उद्यमिता की राह पर चलकर खुद को कौशल बना सकें और रोजगार लेने वाले नहीं देने वाले बन सकें।

    इस दौरान नलवा के विधायक रणधीर पनिहार, हांसी के विधायक विनोद भयाना, आदमपुर के पूर्व विधायक भव्य बिश्नोई, भाजपा जिलाध्यक्ष डा. आशा खेदड़, मेयर प्रवीण पोपली, जनरल डीपी वत्स, वन विभाग के अध्यक्ष रवि सैनी, पूर्व मंत्री अनूप धानक, उपायुक्त महेंद्रपाल, पुलिस महानिरीक्षक हिसार रेंज कुलदीप सिंह, पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन व हिसार मिलिट्री स्टेशन के जनरल आफिसर कमांडिंग मेजर जनरल रोहित तेओतिया मौजूद रहे।

  • लंबित म्यूटेशन-डिमार्केशन मामलों पर सख्ती, अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जल्द निपटारे के दिए निर्देश

    लंबित म्यूटेशन-डिमार्केशन मामलों पर सख्ती, अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जल्द निपटारे के दिए निर्देश

    गुरुग्राम.

    अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा चकबंदी विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने रविवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक की।

    बैठक में पेपरलेस रजिस्ट्रेशन, म्यूटेशन, डिमार्केशन, आधार सीडिंग, किसान रजिस्ट्री और डिजिटल फसल सर्वे की प्रगति पर चर्चा की गई। डा. मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए और नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 53,529 टोकन में से 42,853 स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 1,364 मामले लंबित हैं। इनमें से 1,214 मामले 48 घंटे से कम अवधि के हैं। डॉ. मिश्रा ने कहा कि विभागीय स्तर पर लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। म्यूटेशन मामलों की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 2,88,105 इंतकाल दर्ज हैं, जिनमें 2,22,823 पूर्ण और 7,585 मामले लंबित हैं।

    डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि इंतकाल की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो और नियमित समीक्षा की जाए। डिमार्केशन मामलों में भी तेजी लाने की आवश्यकता है। इस पर डा. मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए नियमित निगरानी रखी जाए। भू-नक्शा कार्य की प्रगति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि 5,53,827 प्लाट में से 4,58,724 प्लाट भू-नक्शा में दर्ज किए जा चुके हैं। डिजिटल फसल सर्वे की स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि 2,37,009 सर्वे आवंटित किए गए हैं, जिनमें से 81,482 पूर्ण और 70,931 स्वीकृति के लिए लंबित हैं।

    डा. मिश्रा ने कहा कि राजस्व विभाग से जुड़ी सेवाओं का सीधा संबंध नागरिकों के अधिकारों से है, इसलिए पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में बादशाहपुर के एसडीएम संजीव सिंगला, गुड़गांव के एसडीएम हितेंद्र कुमार, पटौदी के एसडीएम दिनेश लुहाच, मानेसर के एसडीएम दर्शन यादव, सोहना के एसडीएम अखिलेश यादव, जिला राजस्व अधिकारी विजय यादव सहित जिले के सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।

  • मोहाली में GAMADA की बड़ी लापरवाही, 6 साल तक रोके 7 लाख; अब ब्याज समेत लौटाने होंगे पैसे

    मोहाली में GAMADA की बड़ी लापरवाही, 6 साल तक रोके 7 लाख; अब ब्याज समेत लौटाने होंगे पैसे

    मोहाली.

    प्लाॅट की उम्मीद में गमाडा के पास सात लाख रुपये जमा कराने वाले एक आवेदक को अपनी रकम वापस पाने के लिए वर्षों इंतजार करना पड़ा। आईटी सिटी, मोहाली में 500 वर्ग गज के औद्योगिक प्लाॅट के लिए वर्ष 2016 में जमा कराई गई यह राशि आखिरकार अक्टूबर 2022 में वापस मिली।

    अब जिला उपभोक्ता फोरम ने गमाडा को इस रकम पर ब्याज देने के साथ मानसिक परेशानी और मुकदमे का खर्च भी अदा करने के आदेश दिए हैं। मामला कांसल निवासी ओम प्रकाश वर्मा का है। उन्होंने अक्टूबर 2016 में गमाडा की ओर से आईटी सिटी में 200 औद्योगिक प्लाॅट्स के लिए निकाली गई योजना में 500 वर्ग गज के प्लाॅट के लिए आवेदन किया था। आवेदन के साथ उन्होंने 7 लाख रुपये अर्नेस्ट मनी जमा कराई थी। प्लाट की अनुमानित कीमत 70 लाख रुपये थी।

    30 नवंबर 2016 के ड्रा में नाम वेटिंग लिस्ट में पहले नंबर पर आया। वर्मा ने जनवरी 2017 में गमाडा को आधार कार्ड की प्रति भी जमा कराई। इसके बाद उन्होंने जून 2018 में आरटीआई के जरिए यह जानकारी मांगी कि सफल आवेदकों को एलओआई और अलाटमेंट लेटर कब जारी हुए और क्या किसी का प्लाट रद्द हुआ है। फोरम के रिकार्ड के अनुसार, इसके बावजूद वर्मा की अर्नेस्ट मनी वापस नहीं की गई। उन्होंने आखिरकार 11 अप्रैल 2022 को रकम लौटाने की मांग की। गमाडा ने अगस्त 2022 में रिफंड मंजूर किया और 4 अक्टूबर 2022 को सात लाख रुपये का चेक जारी कर दिया।

    गमाडा ने कहा आवेदक ने चुना था यह विकल्प
    गमाडा ने फोरम में दलील दी कि आवेदक ने आवेदन में वेटिंग लिस्ट में नाम आने पर आवेदन और अर्नेस्ट मनी को 12 महीने तक बरकरार रखने का विकल्प चुना था। गमाडा ने 2021 के एक ड्राॅ का भी हवाला दिया, जिसमें आवेदक के वेटिंग में पहले नंबर पर होने की बात कही गई। हालांकि फोरम ने पाया कि इस संबंध में गमाडा पर्याप्त दस्तावेज रिकार्ड पर पेश नहीं कर सका। फोरम ने माना कि वेटिंग की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद गमाडा को रकम वापस कर देनी चाहिए थी। कार्यालयी प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय स्वीकार किया जा सकता है, लेकिन लंबे समय तक रकम रोकना उचित नहीं था।

    अब ब्याज और 45 हजार रुपये अतिरिक्त
    फोरम ने गमाडा को 1 जून 2018 से 4 अक्टूबर 2022 तक सात लाख रुपये पर 6 प्रतिशत सालाना ब्याज देने का आदेश दिया है। इसके अलावा 25 हजार रुपये मानसिक परेशानी और 20 हजार रुपये मुकदमे के खर्च के रूप में देने होंगे। भुगतान एक महीने में नहीं किया गया तो ब्याज दर 9 प्रतिशत सालाना हो जाएगी और वास्तविक भुगतान तक लागू रहेगी।

  • झारखंड CGL पेपर लीक का बड़ा खुलासा, 15 अभ्यर्थियों से वसूले गए 1.80 करोड़

    झारखंड CGL पेपर लीक का बड़ा खुलासा, 15 अभ्यर्थियों से वसूले गए 1.80 करोड़

     रांची
     झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के अधीन संचालित झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (सीजीएल) परीक्षा में भी पेपर लीक हुआ था।

    इसके लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से 12-12 लाख रुपये की वसूली की गई थी। सिर्फ बोकारो में अभय तिवारी सहित 15 छात्रों को पेपर रटवाया गया था और वहां 15 छात्रों ने 12-12 लाख रुपये यानी कुल एक करोड़ 80 लाख रुपये की वसूली हुई थी।

    यह वही अभय तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी है, जिसे सीआईडी ने जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा है। वह जेपीएससी की परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसीी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) का मार्केटिंग मैनेजर है। सीआईडी को पूछताछ में उसने अपने स्वीकारोक्ति बयान में यह खुलासा किया है।

    उसने यह भी बताया है कि उक्त जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा में वह उत्तीर्ण हुआ था उसका रैंक 48वां था। उसके अलावा उस परीक्षा में उसका भाई अक्षय तिवारी व अक्षय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी का भी चयन हुआ था।

    अक्षय तिवारी वर्तमान में महिला बाल विकास धुर्वा में जेएसए व उसकी पत्नी सुषमा निगरानी विभाग में पदस्थापित है। अभय तिवारी भी गिरफ्तारी के समय गोड्डा में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर कार्यरत था।

    काम करने से मना करने पर जेएएससी ने टीडीपीएल को किया था डी-इंपैनल
    अभय तिवारी ने अपनी स्वीकारोक्ति बयान में बताया कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के बायोमीट्रिक का काम देखने का काम पहले उसकी कंपनी टीडीपीएल को मिल रहा था। दर कम होने के चलते टीडीपीएल ने मना कर दिया था, इसके बाद जेएसएससी ने टीडीपीएल को डी-इंपैनल कर दिया था।

    इसके बाद परीक्षा संचालन का काम वेबेल को मिला था। इस कंपनी का मालिक मिथिलेश सिंह पटना का व उसका सहयोगी खूंटी निवासी उमाकांत प्रमाणिक था। वेबेल को ही बायोमीट्रिक के अलावा प्रश्न पत्रों की छपाई का भी काम मिला था।

    अभय तिवारी ने दोनों से संपर्क कर परीक्षा का प्रश्न पत्र व उत्तर ले लिया था। बोकारो में जहां प्रश्न व उत्तर रटवाया गया था, वहां मिथिलेश सिंह व उसका सहयोगी राकेश सिंह भी मौजूद थे। वहां कुल 65 प्रश्नों का उत्तर रटवाया गया था। परिणाम पर विवाद व मामला कोर्ट जाने के बाद अभय तिवारी अन्य परीक्षाओं में भी बैठने लगा था।

  • JPSC-JSSC आंदोलन के 18वें दिन छात्रों ने तोड़ी बैरिकेडिंग, विधानसभा की ओर बढ़ा कूच

    JPSC-JSSC आंदोलन के 18वें दिन छात्रों ने तोड़ी बैरिकेडिंग, विधानसभा की ओर बढ़ा कूच

    रांची
     राजधानी रांची में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के 18वें दिन सोमवार (10 अगस्त) को विधानसभा घेराव के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया।

    जगरनाथपुर सेक्टर-2 के पास पुलिस द्वारा लगाई गई मजबूत बैरिकेडिंग को छात्रों ने पार कर आगे बढ़ना शुरू कर दिया। देवेंद्र नाथ महतो एंबुलेंस से विधानसभा के लिए रवाना। विधानसभा घेराव को छात्रों के साथ महतो भी पूरे जोश में सड़क हैं। देवेंद्रनाथ को उनके सहयोगी कंधे पर उठाकर एचईसी स्थित शहीद मैदान पहुंचे।

    बॉर्डर जैसी कंटीली तारों वाली बैरिकेडिंग भी छात्रों को रोक नहीं सकी। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनकारी तीसरी बैरिकेडिंग पार कर झारखंड विधानसभा की ओर बढ़ रहे हैं। भारी पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद छात्रों का यह दबाव बढ़ता दिख रहा है।

    बैरिकेडिंग के पीछे से जगन्नाथपुर मंदिर के रास्ते शॉर्टकट गेट से भी आगे बढ़ रहे छात्र। यही गति रही तो सभी बैरियर टूटना तय है।पुलिस-प्रशासन की ओर से शहीद मैदान से हाई कोर्ट तक कुल आठ बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस को झांसा देकर शार्ट कट रास्ते से भी कुछ आंदोलनकारी सात बैरियर फांद कर आगे बढ़ते दिख रहे हैं।

    जगरनाथपुर सेक्टर-2 के पास पुलिस की तीन परत वाली बैरिकेडिंग लांघी
    जहां प्रदर्शकारी रोके गए हैं वहां से झारखंड हाई कोर्ट तक कुल पांच बैरिकेडिंग हैं। एक जगन्नाथपुर मंदिर के सामने प्रवेश द्वार के पास है। वहीं तक प्रदर्शकारी आ सकते हैं। दूसरी  व तीसरी बैरिकेडिंग मंदिर के समानांतर साईं मंदिर, ऋषभ नगर की तरफ जाने वाले रास्ते के पास है। चौथी बैरिकेडिंग जगन्नाथनगर कॉलेज के सामने और पांचवी बैरिकेडिंग झारखंड हाई कोर्ट के पास है।

    उधर, भाजपा नेताओं के समर्थन प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू सहित कई विधायकों और नेताओं को हिरासत में लिया गया। उन्हें खेलगांव ले जाया जा रहा है।

    विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो चुकी है, लेकिन विपक्ष अनुपस्थित रहा। भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ मेहतो एंबुलेंस से विधानसभा के लिए रवाना हुए। एक बैरिकेडिंग टूटा। छात्रों ने जगरनाथपुर सेक्टर-2 के पास पुलिस की तीन परत वाली बैरिकेडिंग लांघी, विधानसभा की ओर बढ़ा कूच।

    छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांगें (विशेषकर CBI जांच और कुछ परीक्षाओं को रद करने सहित) पूरी तरह नहीं मानी गई हैं, इसलिए वे शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहे हैं। प्रशासन ने विधानसभा परिसर के आसपास धारा 163 लगा रखी है और सुरक्षा कड़ी कर दी है। स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

    मुख्य पांच बैरिकेडिंग के पहले भी दो बैरिकेडिंग थी, जहां से छात्र जगन्नाथपुर मंदिर तक आसानी से आ चुके हैं। अब भी छात्रों को विधानसभा तक पहुंचना आसान नहीं है। जबरदस्त बैरिकेडिंग हुई है। एडीजी मनोज कौशिक, एसएसपी रांची राकेश रंजन सहित भारी संख्या में वरीय अधिकारी कर रहे हैं बल का नेतृत्व।

    9 अगस्त को क्या हुआ, क्यों विधानसभा घेराव को नहीं रोक सकी सरकार?
    रविवार को झारखंड सरकार के मंत्रियों की कमेटी की तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। वार्ता के दौरान छात्रों की दो बड़ी मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा रद करने तथा परीक्षाओं में अनियमितता की सीबीआइ जांच की मांग मानने पर मंत्रियों की कमेटी तैयार नहीं हुई।

    लगभग छह घंटे चली वार्ता में छात्रों की 98 प्रतिशत मांगों पर सहमति बनने की बात झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार ने मीडिया के समक्ष कही। साथ ही दो प्रतिशत मांगों पर सहमति नहीं बनने के पीछे के कारण भी गिनाए।

    मंत्रियों की कमेटी ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को अपने नेताओं से बात कर जवाब देने के लिए समय दिया है। इधर, वार्ता के बाद छात्रों ने आंदोलन जारी रखने तथा अपनी मांगों को लेकर सोमवार को विधानसभा का घेराव करने की बात कही।

    न्यायिक आयोग गठित करने पर सरकार सहमत
    वार्ता के दौरान मंत्रियों ने छात्रों से कहा कि सीजीएल की परीक्षा झारखंड उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर हुई है, इसलिए सरकार इसे रद करने में सक्षम नहीं है। इसकी जांच के लिए सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग गठित करने पर सहमति दी।

    सरकार की ओर से गठित चार मंत्रियों की कमेटी जेपीएससी की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, संयुक्त सिविल सेवा बैकलाग परीक्षा-2023 तथा संयुक्त सिविल सेवा बैकलाग परीक्षा-2025 को रद करने पर सहमत हो गई।

    साथ ही जेपीएससी में हुई गड़बड़ियों की चल रही सीआइडी जांच के तहत 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित कर उसके निष्पादन किए जाने पर भी दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी।

    अवैध लेनदेन की ईडी से जांच को तैयार सरकार
    छात्रों की मांगों पर मंत्रियों ने इसपर भी सहमति जताई कि चूंकि सीआइडी जांच में वित्तीय लेनदेन की बातें सामने आई है, इसलिए इसकी जांच ईडी से कराने का अनुरोध किया जाएगा। वार्ता में छात्रों ने एजेंसी टीडीपीएल से जुड़ी सभी परीक्षाओं को रद करने तथा उनकी सीबीआइ जांच की मांग की। इसपर मंत्रियों ने परीक्षा रद करने की जगह उसकी न्यायिक जांच कराने पर सहमति दी।

    रिफार्म के लिए गठित होगी कमेटी
    मंत्रियों ने बताया कि परीक्षा पद्धति में रिफार्म को लेकर आइआइटी-आइएसएम और एक्सएलआरआइ के विशेषज्ञों की कमेटी बनाकर उनसे सुझाव मांगा जाएगा। दोनों आयोगों तथा उनकी परीक्षा प्रक्रियाओं में व्यापक सुधार के लिए मंत्रियों ने आइआइटी (आइएसएम) तथा जेवियर स्कूल आफ मैनेजमेंट (एक्सएलआरआइ) के विशेषज्ञों के दिशा-निर्देश में कार्ययोजना बनाने को लेकर प्रस्ताव दिया, जिसपर छात्र संघ भी तैयार दिखे।

    पहले राउंड की बैठक के बाद देवेंद्रनाथ से बात हुई
    मंत्रियों के समूह ने पहले राउंड की बैठक के बाद भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो से वीडियो काल पर बात की और उन्हें निर्णयों की जानकारी दी। इसपर महतो ने कहा कि वार्ता को लेकर जो भी प्रमुख बातें हैं, वह लिखित तौर पर आ जाएं तो सहमति बन सकती है। सिर्फ बातों से काम नहीं चलेगा।

     

  • हरियाणा CM नायब सैनी का बड़ा ऐलान, हर 20 किमी पर बनेगा कॉलेज और AI हब

    हरियाणा CM नायब सैनी का बड़ा ऐलान, हर 20 किमी पर बनेगा कॉलेज और AI हब

    हिसार.

    कालेज में आने से पहले बेटियां पढ़ाई से ड्राप न करे। हर 20 किलोमीटर में एक राजकीय कालेज खुलेगा। साथ ही हर जिले में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस माडल संस्कृति महाविद्यालय तैयार किया जाएगा, ताकि स्कूल से उत्तीर्ण होने के बाद बेटियां आगे भी शिक्षा जारी रख सके।

    यहीं नहीं, प्रदेश स्तर पर सुपर-100 योजना के तहत अब 500 होनहारों का चयन किया जाएगा, जबकि पहले 400 का चयन होता था। यह बात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कही। वे रविवार को उद्योगपति ओपी जिंदल के 96वें जन्मदिवस पर रविवार को ओपी जिंदल माडर्न स्कूल में आयोजित नवनिर्मित भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। मंच पर उनके संग हरियाणा सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, मेयर प्रवीण पोपली, विधायक सावित्री जिंदल, सफीदों के विधायक रामकुमार गौतम, नलवा के विधायक रणधीर पनिहार व हांसी के विधायक विनोद भयाना सहित कई राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहे।

    पंचकूला व गुरुग्राम में एआइ हब स्थापित होगा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत पंचकूला व गुरुग्राम में एआइ हब की स्थापना की जाएगी, ताकि बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी से जोड़ा जा सके। इसी कड़ी में प्रदेश के 55 हजार स्कूलों को वाइ-फाई, हर 10 किलोमीटर में माडल संस्कृति स्कूल व हर पांच किलोमीटर बाद मुख्यमंत्री उत्कृष्टता और प्रारंभिक अंग्रेजी विद्यालय खोलने पर जोर दिया जा रहा है।

    कामनवेल्थ गेम में 39 मेडल आने पर जताई खुशी
    सीएम ने कामनवेल्थ गेम में कुल 39 मेडल जीतने पर खुशी जताई। हरियाणा के सात मेडल में से पांच बेटियों की ओर से गोल्ड जीतने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। वीसी की मीटिंग बुलाकर शोध पर जोर के दिए आदेशमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों मैंने हरियाणा के विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर की मीटिंग बुलाई थी, जिसमें मैंने विद्यार्थियों के आइडिया पर शोध करने के आदेश दिए हैं। इस पर 20 करोड़ रुपये का बजट देने की भी घोषणा कर चुके हैं, ताकि बच्चे उद्यमिता की राह पर चलकर खुद को कौशल बना सकें और रोजगार लेने वाले नहीं देने वाले बन सकें।

    इस दौरान नलवा के विधायक रणधीर पनिहार, हांसी के विधायक विनोद भयाना, आदमपुर के पूर्व विधायक भव्य बिश्नोई, भाजपा जिलाध्यक्ष डा. आशा खेदड़, मेयर प्रवीण पोपली, जनरल डीपी वत्स, वन विभाग के अध्यक्ष रवि सैनी, पूर्व मंत्री अनूप धानक, उपायुक्त महेंद्रपाल, पुलिस महानिरीक्षक हिसार रेंज कुलदीप सिंह, पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन व हिसार मिलिट्री स्टेशन के जनरल आफिसर कमांडिंग मेजर जनरल रोहित तेओतिया मौजूद रहे।

  • पंजाब में बब्बर खालसा का आतंकी हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार, आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़

    पंजाब में बब्बर खालसा का आतंकी हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार, आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़

    जालंधर.

    पंजाब पुलिस ने सीमा पार सक्रिय आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आईएसआई प्रायोजित बब्बर खालसा इंटरनेशनल के एक माड्यूल का भंडाफोड़ किया है।

    काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर ने एसबीएस नगर पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर माड्यूल के एक प्रमुख सदस्य को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 86-पी हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई से एक संभावित आतंकी हमले को टालने में सफलता मिली है। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपित ने विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर जालंधर के आदमपुर के पास एक डीएलबी से हैंड ग्रेनेड हासिल किया था।

    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ग्रेनेड किस उद्देश्य से मंगवाया गया था और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे। इस संबंध में एसबीएस नगर के थाना सदर नवांशहर में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। अब पुलिस विदेशी हैंडलरों, सहयोगियों और आतंकी नेटवर्क की आगे-पीछे की कड़ियों का पता लगाने में जुटी हैं।