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  • नूंह में ‘जिंदा समाधि’ स्टंट बना मौत का खेल, 27 वर्षीय युवक की दम घुटने से मौत

    नूंह में ‘जिंदा समाधि’ स्टंट बना मौत का खेल, 27 वर्षीय युवक की दम घुटने से मौत

     नूंह
    हरियाणा के नूंह जिले में एक हैरतअंगेज और दर्दनाक हादसा सामने आया है। गांव के मेले में दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए किए जाने वाले 'जिंदा समाधि' स्टंट ने 27 वर्षीय युवक की जान ले ली। साइकिल सर्कस से जुड़े दीपक नाम के युवक को बोरे में बंद कर मिट्टी के नीचे दफना दिया गया था। दावा था कि वह कुछ समय बाद जिंदा बाहर निकलेगा, लेकिन जब तीन दिन बाद गड्ढा खोदा गया तो उसकी दम घुटने से मौत हो चुकी थी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रशासन ने भी बिना अनुमति ऐसे जानलेवा स्टंट आयोजित किए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

    साइकिल स्टंट के बाद किया 'जिंदा समाधि' का प्रदर्शन
    फरीदाबाद के गांव गौंछी निवासी दीपक एक घूमने वाले साइकिल सर्कस का आयोजक था। यह सर्कस नूंह जिले के तावड़ू के खोरी गांव में खाली मैदान में लगा हुआ था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दीपक ने पहले साइकिल पर कई रोमांचक करतब दिखाए। उसने हैंडल पर संतुलन बनाकर साइकिल चलाई, बिना पहियों की ओर देखे साइकिल चलाई और चलती साइकिल पर खड़े होकर दर्शकों का मनोरंजन किया।

    इसके बाद उसने अपने सबसे चर्चित स्टंट 'लाइव समाधि' का प्रदर्शन किया। दीपक खुद एक बोरे में घुसा, पहले से खोदे गए गड्ढे में लेट गया और फिर उसे मिट्टी से पूरी तरह ढक दिया गया।

    तीन दिन बाद निकाला गया, तब तक हो चुकी थी मौत
    पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि दीपक को गुरुवार को गड्ढे में दफनाया गया था। हालांकि वह कितने समय तक जमीन के नीचे रहा, इसकी पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी।

    जब स्टंट के अंतिम चरण में साथी कलाकारों ने गड्ढा खोदकर दीपक को बाहर निकालने की कोशिश की, तब तक उसकी दम घुटने से मौत हो चुकी थी।

    भाई ने जताया साजिश का अंदेशा
    दीपक के बड़े भाई सुनेत दव ने बताया कि वह भी पहले ऐसे स्टंट किया करते थे, लेकिन खतरे को देखते हुए दो साल पहले यह काम छोड़ दिया था। उन्होंने कहा कि परिवार लगातार दीपक को यह स्टंट छोड़ने के लिए कहता था।

    सुनेत के मुताबिक, इस स्टंट के लिए वर्षों की प्रैक्टिस, सांस रोकने की क्षमता और विशेष तकनीक की जरूरत होती है। बोरे में छोटे-छोटे छेद बनाए जाते हैं और मिट्टी के बीच हवा पहुंचाने के लिए संकरे रास्ते तैयार किए जाते हैं।

    उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर कोई भी कलाकार 24 घंटे से ज्यादा जमीन के नीचे नहीं रहता, क्योंकि उसके बाद जान का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। उन्होंने आशंका जताई कि आखिर दीपक को इतनी लंबी अवधि तक जमीन के नीचे क्यों रखा गया, इसकी जांच होनी चाहिए।

    प्रशासन बोला- बिना अनुमति ऐसे स्टंट गैरकानूनी
    तावड़ू सदर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

    फिलहाल किसी की ओर से शिकायत नहीं मिलने के कारण मामला दर्ज नहीं किया गया है। हालांकि पुलिस साथी कलाकारों और ग्रामीणों के बयान दर्ज कर रही है ताकि पूरी घटना का सही समय और परिस्थितियां स्पष्ट हो सकें।

    नूंह के उपायुक्त अखिल पिलानी ने कहा कि इस तरह के जानलेवा स्टंट बिना अनुमति आयोजित करना गैरकानूनी है। प्रशासन यह जांच करेगा कि इतनी खतरनाक गतिविधि की अनुमति किस आधार पर दी गई या बिना अनुमति कैसे आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

  • बिहार के चार नए अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में 17 अगस्त से शुरू होगी पढ़ाई

    बिहार के चार नए अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में 17 अगस्त से शुरू होगी पढ़ाई

    पटना
    राज्य के चार नए अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में इसी शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। जमुई, नालंदा, कैमूर और मुजफ्फरपुर में विद्यालय भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इन विद्यालयों में 17 अगस्त से शैक्षणिक गतिविधियां प्रारंभ कर दी जाएंगी।

    यह जानकारी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री मो. जमा खान ने शुक्रवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संवाद कक्ष में प्रेस वार्ता में दी। इस दौरान सचिव मो. सोहेल, विशेष सचिव डॉ. आमिर आफाक अहमद फैजी, अवर सचिव इबरार अहमद खान समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

    उन्होंने बताया कि विभाग ने राज्य के प्रत्येक जिले में एक अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

    वर्तमान में दरभंगा, किशनगंज, पूर्णिया, मधुबनी, गया, जमुई, नालंदा, कैमूर, कटिहार, बेगूसराय, पश्चिम चंपारण (बेतिया), सुपौल, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, पटना, सहरसा, मुंगेर, सीवान, पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), भागलपुर, अररिया, गोपालगंज, रोहतास एवं बक्सर सहित 24 जिलों में विद्यालय निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है।

    इनमें दरभंगा और किशनगंज में स्थित विद्यालय पहले से संचालित हैं। इन आवासीय विद्यालयों में शीघ्र ही ऑनलाइन कक्षाओं के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

    उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए टीआरई-4 के माध्यम से 288 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेज दी गई है।

    वर्तमान में 13 अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों के संचालन के लिए 481 शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पद स्वीकृत हैं। इसके अलावा आयोग के माध्यम से एक जिला कल्याण पदाधिकारी तथा 459 प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए भी आयोग को अधियाचना भेजी गई है।

     

  • जेडीयू का Gen Z पर फोकस, निशांत कुमार जल्द शुरू करेंगे बिहार यात्रा

    जेडीयू का Gen Z पर फोकस, निशांत कुमार जल्द शुरू करेंगे बिहार यात्रा

     पटना
    जदयू अब सीधे-सीधे Gen Z पर अपने को केंद्रित करने की तैयारी में है। नीतीश कुमार के पुत्र और स्वास्थ्य मंत्री निशांत की सक्रियता बढ़ी है और अगले कुछ महीने में यह और विस्तार लेगी।

    पार्टी सूत्रों की मानें तो मानसून खत्म होने के बाद निशांत फिर से बिहार यात्रा पर निकलेंगे। केंद्र में Gej Z हैं। निशांत का मानना है कि 20 से 25 वर्ष के जो युवा हैं उन्होंने नीतीश कुमार के सत्ता में आने के पहले के बिहार को नहीं देखा।

    यही पीढ़ी जेन जी है। उन्हें यह विस्तार से बताया जाएगा कि जेन जी के हितों के लिए नीतीश कुमार ने अपने शासनकाल में क्या-क्या किया।

    एक-एक बूथ को केंद्र में रखने का न‍िर्देश
    युवा जदयू के माध्यम से जेन जी को जिले-जिले में यह बात सभी दृष्टिकोण से बतानी है। एक-एक बूथ को केंद्र में रख इस बात को आगे बढ़ाने का टास्क उन्होंने जदयू की युवा इकाई को दिया है।

    Gen Z पर केंद्रित होने के क्रम में जदयू इस आंकड़े को युवाओं के बीच रखेगा कि जब बैंकों ने शिक्षा ऋण देने में कोताही बरतनी शुरू की तो नीतीश कुमार ने एक काॅरपोरेशन बनाकर स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की।

    बड़ी संख्या में विद्यार्थी इसे लाभान्वित हुए। पढ़ाई के लिए छात्रवृत्तियों की संख्या बढ़ाई गई। छात्रावास मे रह रहे विद्यार्थियों के लिए राशन तक का इंतजाम कराया।

    Gen Z को यह भी बताया जाएगा कि नीतीश कुमार ने अपने सात निश्चय की योजनाओं के तहत युवाओं के लिए क्या-क्या किया। उनके शासन काल में नौकरियों की क्या स्थिति रही यह भी बताएंगे।

    युवा ही हमारे भव‍िष्‍य
    निशांत ने दो टूक अंदाज में कहा है कि आने वाले कल के भविष्य हमारे युवा ही हैं। उनके हितों पर काम को वह आगे बढ़ाने को तत्पर हैं।

    युवाओं के बीच जाकर उनके साथ बड़े स्तर पर संवाद से यह मालूम हो सकेगा कि वे क्या चाहते हैं। नीतीश कुमार ने युवाओं को स्किल बनाए जाने को ले कुशल युवा योजना शुरू की थी। परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता की भी बात होगी।

    पार्टी फ्रंट पर निशांत की सक्रियता के साथ-साथ स्वास्थ्य महकमे में भी उनकी तेजी बढ़ी है। स्वास्थ्य मंत्री की हैसियत से वह अस्पतालों में पहुंच मरीजों और उनके स्वजनों से समस्याओं की भी बात कर रहे। दवाओं की उपलब्धता तक को देख रहे।

  • हिसार के शोधकर्ताओं का कमाल, आम-जामुन से बनाई ‘जामरस’ शुगर-फ्री वाइन को मिला पेटेंट

    हिसार के शोधकर्ताओं का कमाल, आम-जामुन से बनाई ‘जामरस’ शुगर-फ्री वाइन को मिला पेटेंट

    हिसार.

    वाइन का बिक्री देश में तेजी से बढ़ रही है। वाइन बनाने वाली कंपनियां अपने प्रोडक्ट में अलग-अलग फ्लेवर में निकाल कर बेच रही है। वाइन की बढ़ती मांग और उसमें मौजूद एल्कोहल को लेकर भी हमेशा चर्चाएं रहती है।

    उस कड़ी में हिसार के राजगढ़ रोड स्थित गुरु गोरखनाथ जी राजकीय महाविद्यालय के बायोटेक्नाेलाजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मुकेश आर. जांगड़ा और बाटनी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दीपिका गुलाटी ने बायोटेक्नोलोजी के विभाग के पूर्व प्रो. डॉ. केएस नेहरा के मार्गदर्शन में वाइन को तैयार किया।

    10 फीसदी एल्कोहल कंटेंट है
    वाइन को तैयार करने के बाद डॉ. मुकेश जांगड़ा और डॉ. दीपिका गुलाटी ने इसका पेटेंट करवा लिया है। शौध में पूर्व प्राचार्य डॉ. विवेक कुमार सैनी ने अहम भूमिका निभाई । इस वाइन में 9 से 10 प्रतिशत तक एल्कोहल कंटेंट है। जामुन और आम से बनाई गई इस वाइन को शोधार्थियों ने जामरस नाम दिया है। कमाल की बात है कि यह शुगर फ्री वाइन है। एंटीआक्सीडेंट गुणों से भरपूर है तथा इसमें टैनिन की मात्रा कम रखी गई है, जिससे इसे पारंपरिक वाइन की तुलना में अधिक संतुलित बनाया जा सका है।

    महाविद्यालय के प्राचार्या डॉ. अंजू चौधरी और पूर्व प्राचार्य डॉ. विवेक कुमार सैनी ने भी शोध कार्य में सहयोग प्रदान किया। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दीपिका ने बताया कि प्राचार्या डॉ. अंजू चौधरी जब प्रोफेसर पद पर नियुक्त थी तब से वह उन्हें शोध के लिए प्रेरित करती है। शोधकर्ताओं ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से वाइन निर्माण से जुड़े प्रयोग कराते रहे हैं। इसी दौरान बाजरा और अदरक जैसी विभिन्न चीजों से भी वाइन तैयार करने के प्रयोग किए गए, लेकिन उनका पेटेंट नहीं कराया गया। इस बार आम और जामुन के विभिन्न अनुपातों के साथ परीक्षण किया गया। जिसके बाद उन्होंने प्राकृतिक व स्वास्थ्य अनुकूल कम टैनिन व ज्यादा एंटीआक्सीडेंट से बनाने वाली वाइन के तरीके को पेटेंट करवा लिया । उन्होंने बताया कि वाइन निर्माण की प्रक्रिया जनवरी में शुरू की गई थी और मार्च तक उत्पाद तैयार हो गया। इसके बाद मई में पेटेंट के लिए आवेदन किया गया। करीब एक वर्ष की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इस शोध को आधिकारिक रूप से पेटेंट प्राप्त हुआ है।

    केवल तीन प्राकृतिक अवयवों से तैयार की गई वाइन
    बाटनी विभाग की डॉ. दीपिका गुलाटी एवं बायोटेक्नोलाजी विभाग की डॉ. मुकेश जांगड़ा ने बताया कि ‘जामरस’ वाइन केवल आम, जामुन और यीस्ट की सहायता से तैयार की गई है। इसमें किसी प्रकार के कृत्रिम रसायन या हानिकारक संरक्षक का उपयोग नहीं किया गया। एंटीआक्सीडेंट की मात्रा बढ़ाने और टैनिन की मात्रा कम रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसे ठंडे तापमान या रेफ्रिजरेटर में रखने से लंबे समय तक सुरक्षित किया जा सकता है। हालांकि बाहर रखने से यह खराब हो सकती है।

    स्वास्थ्य के लिए भी है फायदेमंद
    फलों से तैयार इस वाइन में एंटीआक्सीडेंट गतिविधि अधिक है, जो शरीर की कोशिकाओं को क्षति से बचाने में सहायक हो सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि इसमें जीरो शुगर और कम कैलोरी है, इसलिए इसे फलों से बने एक प्रकार के फर्मेटेड जूस के रूप में भी देखा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार सीमित मात्रा में सेवन रक्त संचार के लिए भी लाभकारी हो सकता है। बायोटेक्नोलाजी विभाग के पूर्व प्रोफेसर डॉ. केएस नेहरा ने बताया कि यह वाइन फ्रूट को फर्मेटेड करके फिल्टर किया जाता है।जिससें वाइन में फलों से मिलने वाले पोषण मौजूद रहते है। जो स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद रहता है । फिलहाल वाइन में 9 से 10 प्रतिशत एल्कोहल है पर भविष्य में इसे बढ़ा कर 13 प्रतिशत किया जाएगा। ताकि वाइन कमरे के तापमान में भी खराब ना हो।

    महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजू चौधरी ने इस उपलब्धि पर डॉ. मुकेश आर. जांगड़ा, डॉ. दीपिका गुलाटी तथा उनके मार्गदर्शक पूर्व प्रो. डॉ. केएस नेहरा को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि जब वह इसी महाविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थीं, तभी से वे शिक्षकों को शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने के लिए प्रेरित करती रही हैं। उन्होंने कहा कि यह पेटेंट उसी सतत शोध संस्कृति का परिणाम है, जिसे महाविद्यालय में वर्षों से प्रोत्साहित किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि गुरु गोरखनाथ जी राजकीय महाविद्यालय में सदैव कार्य करने वाले एवं नवाचार को अपनाने वाले शिक्षकों और शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित किया जाता है।

  • बिहार में शिक्षकों की छुट्टी होगी ऑनलाइन, 24 घंटे में मिलेगा मंजूरी का अपडेट

    बिहार में शिक्षकों की छुट्टी होगी ऑनलाइन, 24 घंटे में मिलेगा मंजूरी का अपडेट

    पटना
    शिक्षकों को अब अपनी छुट्टी मंजूर कराने को ले शिक्षा विभाग के जिला स्तर पर काम कर रहे दफ्तराें की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

    छुट्टी मंजूरी के लिए जो अवैध सिस्टम सक्रिय रहता है वहां कोई राशि भी खर्च नहीं करनी पड़ेगी। छुट्टी के आवेदन और उसकी मंजूरी की व्यवस्था को शिक्षा विभाग पूरी तरह से ऑनलाइन करने जा रहा। जिला में इस काम के लिए अलग से पोर्टल शुरू किए जा रहे।

    इस तरह काम करेगी नई व्यवस्था
    छुट्टी के लिए बन रहा पोर्टल संबंधित जिले के जिला शिक्षा अधिकारी व जिला शिक्षा अधीक्षक की देखरेख में काम करेगा। शिक्षक अपने नियंत्री अधिकारी के अनुसार छुट्टी का आवेदन इस पोर्टल पर कर सकेंगे।

    उसमें शिक्षकों को अपना मोबाइल नंबर भी देना होगा। पोर्टल की व्यवस्था इस तरह से रहेगी कि छुट्टी का आवेदन करते ही संबंधित शिक्षक के मोबाइल पर आवेदन किए जाने की सूचना आ जाएगी।

    यह व्यवस्था की जा रही कि आवेदन के 24 घंटे के भीतर ही संबंधित अधिकारी को शिक्षक के आवेदन का निष्पादन करना है। आवेदन निष्पादन यानी छुट्टी मंजूर होते ही संबंधित शिक्षक के मोबाइल पर इसकी जानकारी आ जाएगी। पूरी व्यवस्था में शिक्षक को न तो शिक्षा विभाग के संबंधित दफ्तर जाना है और न ही किसी व्यक्ति से भेंट करने की जरूरत पड़ेगी।

    शिक्षकों की छुट्टी का पूरा ब्योरा उपलब्ध रहेगा पोर्टल पर
    शिक्षकों की छुट्टी के लिए बन रहे पोर्टल पर शिक्षकों की छुट्टी का पूरा ब्योरा उपलब्ध रहेगा। संबंधित शिक्षक के पास मेडिकल लीव, सीएल व अन्य तरह के कितने अवकाश शेष हैं उसी के आधार पर छुट्टी के आवेदन पर निर्णय लिया जाएगा।

    इसके बारे में शिक्षकों को उनके मोबाइल पर स्वत: जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। शिक्षकों को अपने आवेदन में यह बताना होगा कि वह किस तरह की छुटी लेना चाहते हैं।

    शिक्षा मंत्री ने दिया है निर्देश
    शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि उन्होंने स्वयं इस बारे में निर्देश दिए हैं। पोर्टल शुरू करने पर जो भी राशि खर्च होगी वह शिक्षा विभाग करेगा।

    यह व्यवस्था सभी जिलों में लागू होने से पारदर्शिता भी रहेगी। शिक्षकाें की छुट्टी मंजूरी में कई तरह के भ्रष्टाचार की भी शिकायतें मिलती थीं। यह व्यवस्था लागू होने से वह भी खत्म हो जाएगी।

     

  • बच्चियों का यौन शोषण कर अश्लील वीडियो बनाने वाले आरोपी को 40 साल की जेल

    बच्चियों का यौन शोषण कर अश्लील वीडियो बनाने वाले आरोपी को 40 साल की जेल

    मोहाली.

    दो नाबालिग बच्चियों का यौन शोषण करने, उनकी अश्लील फोटो और वीडियो बनाने और जान से मारने की धमकी देकर उन्हें चुप रहने के लिए मजबूर करने वाला 40 साल जेल में सड़ेगा। अतिरिक्त जिला एवं विशेष न्यायाधीश की अदालत ने उत्तर प्रदेश निवासी देव राज मौर्य को पाक्सो एक्ट के दो अलग-अलग मामलों में दोषी करार देते हुए कुल 40 वर्ष कठोर कारावास और 1.10 लाख जुर्माने की सजा सुनाई है।

    अदालत ने दोनों मामलों में पाॅक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत 20-20 वर्ष की सजा सुनाई। पहले मामले में आईटी एक्ट की धारा 67-बी के तहत 5 वर्ष की कैद और 5 हजार रुपये जुर्माना, जबकि बीएनएस की धारा 351(2) के तहत एक वर्ष की सजा सुनाई गई। दूसरे मामले में भी पाक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत 20 वर्ष की कठोर कैद और 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। दोनों मामलों में सरकारी पक्ष की ओर से उप जिला अटार्नी हरदीप सिंह रोमाणा ने प्रभावी पैरवी की।

    स्कूल आते-जाते बच्ची को बहाने से कमरे में ले जाता था
    पहला मामला मुल्लांपुर थाना क्षेत्र का है। पीड़िता के पिता की शिकायत के अनुसार उनकी 11 वर्षीय बेटी पांचवीं कक्षा में पढ़ती थी। आरोपित उनके पड़ोस में रहता था। आरोपित बच्ची को स्कूल आते-जाते समय खाने-पीने की चीजों का लालच देकर अपने कमरे में ले जाता था। कमरे में वह बच्ची की साथ अश्लील हरकतें करता था। यही नहीं आरोपित बच्ची को धमकाकर यौन शोषण करता रहा ओर उसकी अश्लील फोटो व वीडियो बना लिए। वह पीड़िता को उसके परिवार की मारने की धमकी देता था और किसी से भी घटना के बारे में न बताने को लेकर बोलता था, जिससे मजबूर होकर बच्ची चुप रहती थी।

    जांच में खुला दूसरे पीड़ित बच्चों से जुड़े शोषण का मामला
    दूसरे मामले में करीब साढ़े सात वर्ष की बच्ची के पिता ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि आरोपित उनकी बेटी को रुपये और खाने-पीने की चीजों का लालच देकर अपने कमरे में बुला लेता था। वहां वह बच्ची के साथ अश्लील हरकतें करता और उसे किसी से कुछ न बताने के लिए डराता-धमकाता था। पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो खुलासा हुआ कि आरोपित ने एक अन्य नाबालिग बच्ची को भी अपना शिकार बनाया था। इतना ही नहीं, वह एक बच्ची के चौथी कक्षा में पढ़ने वाले भाई को भी बहाने से अपने कमरे में ले जाता था। वहां बच्चों की अश्लील फोटो और वीडियो बनाने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने के लिए मजबूर करता था।

    मोबाइल से मिले अश्लील फोटो-वीडियो बने मजबूत साक्ष्य
    मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए। मोबाइल की फोरेंसिक जांच में नाबालिग बच्चों से संबंधित अश्लील फोटो और वीडियो मिले, जिन्हें अभियोजन पक्ष ने अदालत में इलेक्ट्राॅनिक साक्ष्य के रूप में पेश किया। अन्य गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ इन सबूतों को विश्वसनीय मानते हुए अदालत ने आरोपित को दोनों मामलों में दोषी ठहराया और कुल 40 वर्ष की सजा के साथ 1.10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

  • बिहार में 1200 से ज्यादा लापता बच्चों की बरामदगी, मानव तस्करी पर सरकार सख्त

    बिहार में 1200 से ज्यादा लापता बच्चों की बरामदगी, मानव तस्करी पर सरकार सख्त

    पटना
     गुमशुदा बच्चों एवं मानव तस्करी पर शनिवार को पटना के बापू सभागार में पूर्वी जोन कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। गृह विभाग की ओर से आयोजित कांफ्रेंस में बिहार के अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल एवं ओडिशा के प्रतिनिधि शामिल हुए।

    इसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा एवं मानव तस्करी की रोकथाम के लिए बिहार सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। 'सहयोग शिविर' के माध्यम से मामलों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।

    12 सौ से ज्यादा लापता बच्चों की बरामदगी
    अब तक लगभग 1,200 से अधिक लापता बच्चों की बरामदगी हुई है। 'नया सवेरा 3.0' के माध्यम से पीड़ितों की बरामदगी के साथ उनके पुनर्वास, कौशल विकास एवं सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

    मानव तस्करी की रोकथाम के लिए रोजगार एवं कौशल विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। बच्चों का गायब होना सरकार के लिए चिंता का विषय।

    बच्चों या बड़ों के गायब होने पर पुलिस को तुरंत एक्टिव होकर कार्रवाई करनी है। एक माह में औसत 1200 बच्चों की रिकवरी हो रही है। उन्होंने कहा कि गुमशुदगी का मामला पलायन से भी जुड़ा है।

    सरकार पलायन रोकने को कर रही काम
    उद्योग-निवेश आएगा तभी पलायन रुकेगा। सरकार पलायन रोकने के लिए काम कर रही है। बिहार के केवल छह लाख लोग अभी देश के बाहर राशन उठा रहे हैं।

    सीएम ने कहा कि जल्द अमीर बनने के प्रयास में कुछ लोग शराब और अपराध के रास्ते पर चले जाते हैं। इससे उनका जीवन और खराब हो जाता है।

    ऐसे में प्रयास करना होगा कि उसे न्याय कैसे दे सकते हैं। न्याय के साथ उनके जीवन में बदलाव का प्रयास कैसे कर सकते हैं, इसपर हमें काम करना होगा।

     

  • बिहार में सात लाख से अधिक नीलाम पत्रवाद लंबित, 17,458 करोड़ रुपये दांव पर

    बिहार में सात लाख से अधिक नीलाम पत्रवाद लंबित, 17,458 करोड़ रुपये दांव पर

    पटना
    राजस्व पर्षद की अध्यक्ष हरजोत कौर ने नीलाम पत्रवादों के लंबित मामलों के जल्द निबटारे का निर्देश दिया है। शुक्रवार को हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने बताया कि राज्य में सात लाख से अधिक नीलाम पत्रवाद के मामले लंबित हैं।

    इन मामलों में 17,458.3 करोड़ रुपये की राशि सन्निहित है। उन्होंने कहा कि नए दायर हो रहे वादों के साथ पुराने मामलों की भी समुचित निगरानी जरूरी है।

    25 वर्ष एवं उससे अधिक पुराने नीलाम पत्रवादों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया गया। इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कार्रवाई करने को कहा गया।

    पुराने मामलों के निस्तारण पर विशेष जोर
    हरजोत कौर ने लंबित वादों की संख्या कम करने के लिए नीलाम पत्र वाद पदाधिकारियों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया।

    उन्होंने कहा कि प्रमंडलीय आयुक्त यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक नीलाम पत्र वाद पदाधिकारी सप्ताह में न्यूनतम तीन दिन सर्टिफिकेट केस से संबंधित न्यायिक कार्य करें।

    इससे मामलों के निस्तारण की गति बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को पुराने मामलों की नियमित समीक्षा करने को भी कहा। साथ ही, लंबित मामलों की प्रगति की लगातार निगरानी पर जोर दिया गया।

    आयुक्तों को हर माह लक्ष्य तय करने का निर्देश
    राजस्व पर्षद की अध्यक्ष ने कहा कि प्रमंडल स्तर पर सभी आयुक्तों को हर माह लंबित वादों की संख्या और बकाया राशि में कमी लाने का लक्ष्य दिया जाएगा।

    उन्होंने बैठक में शामिल अधिकारियों से कहा कि सभी विभाग अपने स्तर से भी नीलाम पत्रवादों की समीक्षा करें। विभागवार लंबित मामलों की पहचान कर उनके शीघ्र निस्तारण की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया। अधिकारियों को पुराने मामलों में विशेष प्राथमिकता के साथ काम करने का निर्देश दिया गया।

    वसूली के बाद कोर्ट फी जमा करने की अपील
    बैकों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए हरजोत कौर ने कहा कि कई मामलों में बकाया राशि की वसूली हो चुकी है, लेकिन कोर्ट फी जमा नहीं होने के कारण वाद अब भी लंबित हैं।

    उन्होंने ऐसे मामलों में बैंकों को जल्द से जल्द कोर्ट फी जमा करने को कहा। इससे वसूली हो चुके मामलों का भी विधिवत निस्तारण किया जा सकेगा।

    बैठक में राजस्व पर्षद के सदस्य संजीव हंस के अलावा सभी प्रमंडलीय आयुक्त, विभिन्न विभागों और बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।

     

  • झारखंड में नक्सलियों पर बड़ा प्रहार, 10 लाख के इनामी सालुका कायम समेत तीन ने किया सरेंडर

    झारखंड में नक्सलियों पर बड़ा प्रहार, 10 लाख के इनामी सालुका कायम समेत तीन ने किया सरेंडर

     चाईबासा
    झारखंड में एंटी नक्सल अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली। चाईबासा पुलिस के सामने शुक्रवार को दस लाख के इनामी माओवादी व जोनल कमांडर सालूका कायम, उसकी पत्नी पिंकी और कोदोमुनी कोड़ा ने सरेंडर कर दिया। इस तरह सारंडा के जंगलों और चाईबासा से माओवादियों का पूरी तरह सफाया हो गया।

    इन तीनों के हथियार डालने के बाद देशभर के भाकपा माओवादियों के ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो के मुख्यालय सारंडा और चाईबासा में अब एक भी माओवादी नहीं बचा। साल भर पहले तक मिसिर बेसरा, पतिराम मांझी, असीम मंडल तीनों माओवादी पोलित ब्यूरो व केंद्रीय कमेटी सदस्य चाईबासा में कैंप कर रहे थे। तकरीबन 100 सशस्त्र माओवादियों का दस्ता यहां सक्रिय था। राज्य में वर्तमान में पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों की हिट लिस्ट में सिर्फ 11 नक्सली ही बचे हैं। केंद्रीय कमेटी सदस्य असीम मंडल अपने दस्ते के सात लोगों के साथ बंगाल की तरफ निकल चुका है। इसके अलावा पलामू- चतरा इलाके में नितेश यादव, मनोहर और एक अन्य माओवादी पुलिस के रडार पर हैं, जबकि एक अन्य माओवादी राजू भूईंया भी राज्य छोड़कर भाग चुका है।

    पिंकी और कोदोमुनी कोड़ा के खिलाफ दर्ज केस
    सालुका के अलावा पिंकी (निवासी: ईचागोड़ा, गोईलकेरा) के खिलाफ कुल आठ मामले दर्ज हैं। पिंकी 2019 में गोईलकेरा के कुईड़ा स्थित वन विभाग के विश्रामागार को बम से उड़ाने की घटना में शामिल रही है। वहीं, 1 लाख रुपये की इनामी कोदोमुनी कोड़ा उर्फ पद्मिनी (निवासी: रेंगड़ा, टोंटो) पर पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं।

    दारोगा समेत कई सुरक्षाकर्मियों की हत्या का आरोपी है सालूका
    सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर उर्फ मयूर उर्फ डांगिल और उसके सहयोगी दस्ता सदस्यों पिंकी व कोदोमुनी कोड़ा उर्फ पद्मिनी की तलाश बड़े माओवादी वारदातों में रही है। पश्चिमी सिंहभूम के सोनुवा थाना क्षेत्र के कुदाबुरु निवासी सालुका संगठन में जोनल कमांडर के तौर पर सक्रिय था। सालुका के खिलाफ कुल 96 मामले दर्ज हैं। गोईलकेरा, टोंटो, सोनुवा, बंदगांव और आसपास के जंगलों में चलाए गए अभियानों के दौरान दर्जनों बार सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर आईईडी धमाके किए गए, जिनमें कई जवान घायल हुए। 14 अगस्त 2023 को टोंटो के तुम्बाहाका में हुई मुठभेड़ में झारखंड जगुआर के एसआई अमित तिवारी और आरक्षी गौतम कुमार शहीद हुए थे। इसके अलावा 04 मार्च 2021 को लांजी में हुए आईईडी विस्फोट में 3 जवान शहीद हुए थे। सालुका पर पुलिस मुखबिरी के आरोप में स्थानीय ग्रामीणों की हत्या करने का भी आरोप है।

  • हरियाणा में आयुष सेवाओं का विस्तार, जींद-रेवाड़ी में बनेंगे राज्य स्तरीय हर्बल गार्डन

    हरियाणा में आयुष सेवाओं का विस्तार, जींद-रेवाड़ी में बनेंगे राज्य स्तरीय हर्बल गार्डन

    चंडीगढ़
    हरियाणा में विजन-2047 के तहत आयुष सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। आमजन को आधुनिक चिकित्सा के साथ आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा का भी अधिकाधिक लाभ मिले, इसके लिए पूरी योजना तैयार की गई है।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में बताया गया कि जींद और रेवाड़ी में राज्य स्तरीय औषधीय उद्यान (हर्बल गार्डन) स्थापित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है।

    प्रत्येक योगशाला के साथ आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश में आयुर्वेद आधारित संतुलित एवं पौष्टिक आहार को बढ़ावा देने के लिए 847 आयुष योग सहायकों, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों तथा संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य कुपोषण, एनीमिया तथा शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाने के साथ-साथ खेल भावना को बढ़ावा देना, आयुर्वेदिक सिद्धांतों के अनुसार पथ्य-अपथ्य का प्रचार करना है।

    अधिकारियों ने सर्विस रूल तैयार कर मंजूरी दी
    बैठक में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को आयुष प्रणाली के तहत मान्यता देने और उनके पंजीकरण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए सर्विस रूल तैयार कर मंजूरी के लिए भेज दिए गए हैं और जल्द ही आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र में प्रस्तावित श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय की प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में विश्वविद्यालय परिसर में अत्याधुनिक मेडिटेशन सेंटर और बड़े मेडिटेशन हाल के निर्माण पर चर्चा हुई।

    पंचकर्म सुविधाओं वाली डिस्पेंसरी और अस्पतालों की समीक्षा की
    इसके अलावा फतेहाबाद के सरकारी अस्पताल में आयुष पंचकर्म अस्पताल, भिवानी के प्रेम नगर में दीनदयाल उपाध्याय आयुर्वेदिक अस्पताल एवं 25 बिस्तरों वाले अस्पताल तथा गुरुग्राम के जमालपुर में पंचकर्म सुविधाओं वाली डिस्पेंसरी और अस्पताल की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए ताकि लोगों को बेहतर और सुलभ आयुष स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।