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  • ब्यास के कमजोर तटों पर खर्च होंगे ₹32.09 करोड़, पंजाब सरकार ने विधानसभा में दी जानकारी

    ब्यास के कमजोर तटों पर खर्च होंगे ₹32.09 करोड़, पंजाब सरकार ने विधानसभा में दी जानकारी

    चंडीगढ़.

    पंजाब में अमृतसर रोड स्थित ब्यास पुल से लेकर हरिके पत्तन तक ब्यास नदी के किनारे चिन्हित किए गए कमजोर स्थानों को मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार ने 32.09 करोड़ रुपये के बाढ़ सुरक्षा कार्य करवाए हैं। इनमें 12 कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि एक कार्य अभी प्रगति पर है।

    यह जानकारी जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने सुल्तानपुर लोधी के विधायक राणा इंदर प्रताप सिंह की ओर से नियम 66 के तहत उठाए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में विधानसभा में दी। विधायक राणा इंदर प्रताप सिंह ने सरकार का ध्यान ब्यास नदी के किनारों पर लगातार बने हुए कमजोर स्थानों की ओर दिलाया था। उन्होंने कहा था कि अमृतसर रोड स्थित ब्यास पुल से हरिके पत्तन तक कई स्थानों पर तटबंधों को मजबूत करने का काम अधूरा है या शुरू ही नहीं हुआ। पिछले पांच वर्षों में ब्यास में आई बाढ़ के कारण दोनों तरफ के किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में किसानों को फिर बाढ़ आने की आशंका सता रही है।

    ब्यास किनारे संवेदनशील स्थानों की जांच
    जल संसाधन मंत्री ने बताया कि सरकार ने ब्यास नदी के इस पूरे हिस्से में बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करवाई। संबंधित ड्रेनेज डिवीजनों ने विस्तृत सर्वेक्षण किए। इसके बाद सुपरिंटेंडिंग इंजीनियरों की समिति ने मौके पर निरीक्षण कर कमजोर स्थानों की पहचान की और तकनीकी उपाय सुझाए। मुख्य इंजीनियरों की उच्चस्तरीय समिति ने भी इन स्थानों का निरीक्षण कर कार्यों की प्राथमिकता तय की। सरकार के अनुसार ब्यास के किनारे अमृतपुर, भरौआणा, शेख मांगा, सरूपवाल, भागो, आलूवाल, लोधीवाल, यूसफपुर दरवाल, तकिया, गिद्दड़पिंडी, बाऊपुर आइलैंड, आहली खुर्द, आहली कलां, मनसूरवाल, बुताला, ढिलवां, गोइंदवाल, वैरोवाल, हंसावाला, घड़का और मरड़ को संवेदनशील स्थानों के रूप में चिन्हित किया गया।

    कटाव रोकने के लिए किए कार्य
    अमृतपुर राजेवाल में ब्यास के कटाव को रोकने के लिए स्टड, रिवेटमेंट और स्पर बनाने के कार्य पूरे किए गए हैं। कपूरथला में ब्यास के बाएं किनारे बाढ़ जोखिम कम करने का कार्य भी पूरा हो चुका है। गोइंदवाल बांध तथा वैरोवाल और गाइड बांध को ऊंचा और मजबूत किया गया है। वर्ष 2025 की बाढ़ में क्षतिग्रस्त एडवांस बांध नंबर-दो और सुज्जो कालिया एडवांस बांध की बहाली और मजबूती का काम भी पूरा किया गया।

    मनरेगा से बाढ़ रोधी कार्य पूरे
    इसके अलावा ढिलवां के ऊपर की ओर बाढ़ सुरक्षा ढांचे की क्षतिग्रस्त ढलानों को मजबूत किया गया है। घड़का में ब्यास के दोनों किनारों पर रिवेटमेंट का काम पूरा हो चुका है। मरड़ में ब्यास के दाएं किनारे 360 फुट लंबा रिवेटमेंट बनाने का काम अभी चल रहा है। सरकार ने मनरेगा के तहत भी 11.98 करोड़ रुपये के बाढ़ सुरक्षा और कटाव रोकू कार्य करवाए हैं। ये कार्य आहली कलां, आहली खुर्द, सफदरपुर-खिजरपुर और घड़का के आसपास किए गए हैं। मंत्री ने बताया कि पिछले पांच बाढ़ सीजन में इस हिस्से के किसी भी बाढ़ सुरक्षा बांध में दरार नहीं पड़ी। सरकार का दावा है कि इन कार्यों से ब्यास किनारे बसे गांवों और कृषि भूमि की भविष्य में बाढ़ से सुरक्षा मजबूत हुई है।

  • हरियाणा में खाद की डिजिटल बुकिंग शुरू, किसान पहले कर सकेंगे उर्वरक की एडवांस बुकिंग

    हरियाणा में खाद की डिजिटल बुकिंग शुरू, किसान पहले कर सकेंगे उर्वरक की एडवांस बुकिंग

    चंडीगढ़
    हरियाणा में किसानों को सब्सिडी वाले उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

    अब किसान उर्वरक खरीदने से पहले उसकी डिजिटल बुकिंग कर सकेंगे। सरकार ने इस नई व्यवस्था के पायलट प्रोजेक्ट के लिए महेंद्रगढ़ और कैथल जिलों का चयन किया है। दोनों जिलों में सफल परीक्षण के बाद इसे प्रदेश के अन्य जिलों में लागू करने पर विचार किया जाएगा।

    यह निर्णय मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। प्रस्तावित डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को खाद की उपलब्धता की पहले से जानकारी देना, अनावश्यक भागदौड़ कम करना और उर्वरकों की मांग के आधार पर आपूर्ति की वैज्ञानिक योजना तैयार करना है।

    नई व्यवस्था में किसान मोबाइल एप या वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी उर्वरक आवश्यकता की अग्रिम जानकारी देंगे। किसान अपनी पसंद का अधिकृत बिक्री केंद्र भी चुन सकेंगे। बुकिंग स्वीकृत होने के बाद क्यूआर कोड या टोकन के माध्यम से निर्धारित केंद्र से उर्वरक प्राप्त किया जा सकेगा।

    कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार के अनुसार, किसान द्वारा घोषित फसल और खेती के क्षेत्र के आधार पर उर्वरक की अनुशंसित मात्रा का आकलन किया जाएगा। किसान निर्धारित मानकों के अनुसार अनुशंसित मात्रा अथवा उससे कम मात्रा के लिए आवेदन कर सकेंगे।

    प्रमाणीकरण के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाइसी या ओटीपी की सुविधा होगी। डिजिटल साधनों तक पहुंच नहीं रखने वाले किसानों के लिए कामन सर्विस सेंटर, सहकारी समितियां, अधिकृत विक्रेता, विभागीय उप-डिपो और कृषि विस्तार कार्यकर्ताओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ से जुड़ेगा किसान रजिस्ट्री का डेटा
    बैठक में ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर उपलब्ध सत्यापित किसानों की खेती संबंधी जानकारी को किसान रजिस्ट्री से जोड़ने के प्रस्तावित तंत्र की भी समीक्षा की गई। इसके तहत फसल सीजन के दौरान किसान अपनी खेती की भूमि का विवरण दर्ज करेंगे और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े पोर्टल पर संबंधित भूमि का चयन करेंगे।

    सत्यापन के बाद किसान, भूमि, फसल सीजन और स्वामित्व संबंधी जानकारी सुरक्षित डिजिटल माध्यम से किसान रजिस्ट्री को उपलब्ध कराई जाएगी। पंजीकरण पूरा होने पर पात्र किसान को विशिष्ट किसान पहचान नंबर जारी किया जाएगा, जिसे उसके खेती संबंधी रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा। फसल या खेती की स्थिति बदलने पर रिकॉर्ड को प्रत्येक सीजन में अपडेट किया जा सकेगा।

     

  • राजस्थान में 7,903 बेरोजगारों को सरकारी नौकरी, 5 हजार को गृह जिले में पहली पोस्टिंग

    राजस्थान में 7,903 बेरोजगारों को सरकारी नौकरी, 5 हजार को गृह जिले में पहली पोस्टिंग

    जयपुर
    राजस्थान सरकार के एक आदेश से 7 हज़ार बेरोज़गारों को सरकारी नौकरी मिल गई है। इसमें भी बड़ी बात ये है कि लगभग 5 हज़ार चयनित अभ्यर्थियों को तो उनके गृह ज़िले में ही पहली पोस्टिंग की राहत दी गई है। शेष चयनितों को नजदीकी ज़िले में भेजा गया है। खबर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सीधी भर्ती-2024 से जुड़ी है जहां चयनित अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति को लेकर सरकार के आदेश का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे।

    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने राजहेल्थ पोर्टल के माध्यम से कुल 7,903 चयनित अभ्यर्थियों के पदस्थापन और नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। इस निर्णय की सबसे खास बात यह रही कि सरकार की संवेदनशीलता के कारण लगभग 5,000 अभ्यर्थियों को उनके अपने ही गृह जिले में पहली पोस्टिंग मिल गई है, जबकि 1,630 अभ्यर्थियों को उनके घर के नजदीकी जिले में तैनात किया गया है। इस नीति से न केवल हजारों परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है, बल्कि प्रदेश की दूर-दराज में स्थित प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य संस्थाओं में कर्मचारियों की कमी भी पूरी होगी।

    विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के मार्गदर्शन में विभाग ने कर्मचारी हितैषी नीति को प्राथमिकता दी है, जिससे नव-नियुक्त युवाओं को अपने परिवार से दूर रहने की आर्थिक और मानसिक परेशानी से राहत मिलेगी।

    राजहेल्थ पोर्टल से ऑनलाइन और पारदर्शी प्रक्रिया
    स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरी पदस्थापन प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को खत्म करते हुए तकनीक का सहारा लिया। निदेशक (अराजपत्रित) राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि चिकित्सा मंत्री और प्रमुख शासन सचिव की मंशा के अनुरूप पदस्थापन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और त्वरित बनाया गया।

    अभ्यर्थियों को बिना किसी सिफारिश या दफ्तरों के चक्कर काटे सीधे राजहेल्थ पोर्टल के जरिए पदस्थापन स्थान का आवंटन किया गया। डिजिटल प्रक्रिया अपनाए जाने से पारदर्शिता बनी रही और अभ्यर्थियों को पदस्थापन सूची जारी होते ही उनके पोर्टल लॉगिन पर तुरंत जानकारी मिल गई। ऑफलाइन प्रक्रिया में लगने वाले महीनों के समय को बचाते हुए रिकॉर्ड समय में पदस्थापन आदेश जारी किए गए।

    विभाग द्वारा लागू की गई संवेदनशीलता और कर्मचारी हितैषी नीति का सबसे ज्यादा फायदा दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले युवाओं को मिला है। सालों की मेहनत के बाद सरकारी नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह दोहरी खुशी का मौका बन गया है।

    गृह जिला आवंटन
     करीब 5,000 नवनियुक्त कर्मचारियों को उनके अपने गृह जिले में ही पोस्टिंग दी गई है, जिससे वे अपने परिवार के साथ रहकर अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

    नजदीकी जिले का विकल्प
     1,630 कर्मचारियों को उनके गृह जिले से सटे पड़ोसी जिलों में पदस्थापित किया गया है।

    समीपवर्ती संभाग
    शेष अभ्यर्थियों को उनके नजदीकी संभाग क्षेत्र में तैनात किया गया है ताकि किसी भी कर्मचारी को राज्य के दूसरे छोर पर न जाना पड़े।

    अस्पतालों- स्वास्थ्य केंद्रों को नया प्रशासनिक बल
    प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दृष्टि से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की यह नियुक्ति बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राजस्थान के सरकारी अस्पतालों, उप-स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के खाली पड़े पदों के कारण रोजमर्रा के प्रशासनिक और सफाई व्यवस्था के कार्यों में दिक्कतें आ रही थीं।

    अब 7,903 नए कर्मचारियों के आ जाने से प्रदेश के कोने-कोने में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-जन तक बेहतर तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी। कर्मचारी उच्च मनोबल और उत्साह के साथ अपने विभागीय दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

    नव-नियुक्त कर्मचारियों और परिवारों में जश्न का माहौल
    जैसे ही राजहेल्थ पोर्टल पर पदस्थापन की सूची अपलोड की गई, अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। नौकरी के साथ-साथ अपने ही जिले या पास के जिले में नियुक्ति मिलने से अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया है। जल्द ही सभी नव-नियुक्त कर्मचारी अपने-अपने आवंटित जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालयों में उपस्थिति दर्ज कराकर अपना कार्यभार संभालेंगे।

  • हरियाणा में 12 साल में तीन गुना हुईं गोशालाएं, बजट में 300 गुना बढ़ोतरी

    हरियाणा में 12 साल में तीन गुना हुईं गोशालाएं, बजट में 300 गुना बढ़ोतरी

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में वर्ष 2014 से पहले केवल 200 गोशालाएं थीं और उनका वार्षिक बजट मात्र दो करोड़ रुपये था। वर्तमान सरकार की प्राथमिकताओं के फलस्वरूप आज प्रदेश में गोशालाओं की संख्या बढ़कर 650 हो चुकी है, जबकि इनका बजट बढ़ाकर रिकॉर्ड 600 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

    इन गोशालाओं में वर्तमान में चार लाख से अधिक बेसहारा गोवंश की देखभाल की जा रही है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को पंजाब के जिला पटियाला स्थित समाना में आयोजित गोकथा में यह जानकारी दी। हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि प्रदेश की 350 गोशालाओं में विशाल शेड और सौर ऊर्जा (सोलर) प्लांट स्थापित किए गए हैं। नई गोशालाओं की स्थापना हेतु जमीन की रजिस्ट्री पर लगने वाली एक प्रतिशत स्टांप ड्यूटी को पूर्णतः समाप्त कर दिया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने युवाओं को नशे की सामाजिक बुराई से बचाने के लिए बड़ा अभियान चला रखा है। नशे के सौदागरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। पंजाब सरकार की अनदेखी के कारण यहां का युवा नशे की गिरफ्त में फंसता जा रहा है, जबकि हरियाणा में युवाओं को मैदानों से जोड़ने के लिए 2000 खेल नर्सरियां स्थापित की गई हैं। इनमें प्रतिदिन लगभग 40 लाख युवा अभ्यास करते हैं। खेल नीति का परिणाम है कि हाल ही में कामनवेल्थ गेम्स में भारत द्वारा जीते गए कुल 39 मेडल (13 गोल्ड) में से अकेले हरियाणा के खिलाड़ियों ने सात गोल्ड मेडल हासिल किए। गर्व की बात यह है कि पांच स्वर्ण पदक हरियाणा की बेटियों ने अपने नाम कर देश और प्रदेश का नाम विश्व पटल पर रोशन किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। सड़क और रेल कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं तथा रिकॉर्ड संख्या में नए मेडिकल कॉलेज , यूनिवर्सिटी, आइआइटी और आइआइएम खोले गए हैं। राज्य के 22 में से 17 जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुके हैं। वर्ष 2014 से पूर्व हरियाणा को प्रतिवर्ष केवल 500 डाक्टर मिलते थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 3000 प्रतिवर्ष हो गई है। इसके साथ ही हरियाणा में युवाओं को बिना किसी खर्ची-पर्ची के पूर्ण पारदर्शिता से सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं, जबकि पड़ोसी राज्य पंजाब में युवाओं के साथ नौकरियों के वितरण में लगातार भेदभाव किया जा रहा है।

  • पंजाब में दुर्लभ पेड़ों के संरक्षण की पहल, मोहाली में बनेगा खास संरक्षण केंद्र

    पंजाब में दुर्लभ पेड़ों के संरक्षण की पहल, मोहाली में बनेगा खास संरक्षण केंद्र

    जीरकपुर/मोहाली.

    पंजाब की दुर्लभ और संकटग्रस्त वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण के लिए जीरकपुर में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। गाजीपुर रोड पर सुखना चो के निकट गाजीपुर अर्बन फॉरेस्ट में एक्स-सिटू कंजर्वेशन रिपॉजिटरी का निर्माण किया जा रहा है।

    यह केंद्र पंजाब जैव विविधता बोर्ड के सहयोग से ग्रीन प्लैनेट सोसायटी द्वारा विकसित किया जा रहा है, जिसमें लगभग 50 महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों का संरक्षण और रोपण किया जाएगा। पंजाब जैव विविधता बोर्ड के डाॅ. गुरहरमिंदर सिंह ने बताया कि यह रिपाॅजिटरी जैव विविधता के संरक्षण और अनुसंधान में महत्वपूर्ण साबित होगी। भविष्य में इसे राष्ट्रीय स्तर के लर्निंग एवं जैव विविधता संरक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। यहां विद्यार्थी और शोधार्थी स्थानीय वनस्पतियों के महत्व को समझ सकेंगे। प्रत्येक पौधे के साथ सूचना पट्ट और क्यूआर कोड लगाया जाएगा, जिससे संबंधित प्रजातियों की जानकारी उपलब्ध होगी। इससे लोग पौधों के वैज्ञानिक और पर्यावरणीय महत्व को समझ सकेंगे।

    ग्रीन प्लैनेट सोसायटी के अध्यक्ष सुमित भारद्वाज ने बताया कि गाजीपुर अर्बन फारेस्ट को संरक्षण, अनुसंधान और पर्यावरण शिक्षा के मॉडल केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। अब तक 25 एकड़ में 25 हजार पेड़ लगाए जा चुके हैं। 2031 तक इसे 112 एकड़ के सघन शहरी वन विकसित करने का लक्ष्य है। संरक्षण का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि प्रजातियों को सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति से जोड़ना है।

  • मेले-जुलूस में पुलिस अधिकारियों को विशेष दंडाधिकारी की शक्ति, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना

    मेले-जुलूस में पुलिस अधिकारियों को विशेष दंडाधिकारी की शक्ति, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना

    पटना
    बिहार सरकार ने पर्व-त्योहारों पर लगने वाले मेले और जुलूस के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण के लिए पुलिस पदाधिकारियों को विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियां दी हैं। यह शक्तियां रेंज और प्रक्षेत्र में पदस्थापित आईजी, डीआईजी समेत जिलों के एसएसपी, एसपी, सिटी एसपी और ग्रामीण एसपी (रेल छोड़कर) को मिली हैं। गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी की है।

    संबंधित पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने कार्य क्षेत्र में सरस्वती पूजा, होली, रामनवमी, दुर्गापूजा, दीपावली, ईद, बकरीद, मुहर्रम, काली पूजा, छठ पूजा, शब-ए-बरात पर लगने वाले मेला व जुलूस के अवसर पर विधि व्यवस्था के संधारण में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 के अध्याय 9 (धारा 125 से 143) के अधीन विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियों का उपयोग कर सकेंगे। यह अध्याय मजिस्ट्रेट और न्यायालयों को यह शक्ति देता है कि वे शांति भंग होने की आशंका या अपराधियों द्वारा दोबारा अपराध करने से रोकने के लिए मुचलका (बांड) या जमानत लें। इससे संबंधित सुरक्षा और निवारक कार्रवाई करने का अधिकार कार्यपालक दंडाधिकारी और कुछ मामलों में न्यायालय (सेशन कोर्ट या फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट) के पास होता है।

    किसी अपराध में दोषसिद्धि होने पर धारा 125 के तहत शांति कायम रखने के लिए प्रतिभूति (बांड) मांगने का अधिकार सेशन कोर्ट या फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट को प्राप्त है। धारा 126, 127, 128 और 129 के अंतर्गत शांति भंग की आशंका, संदिग्ध या आदतन अपराधियों से मुचल्का/बांड भरवाने और निवारक कार्रवाई करने की मुख्य शक्ति कार्यपालक दंडाधिकारी के पास होती है।

    फिंगरप्रिंट, हैंडराइटिंग और फोटो ब्यूरो की कमान भी गृह विभाग को मिली
    आपराधिक मामलों की वैज्ञानिक जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं (एफएसएल) अब गृह विभाग के नियंत्रण में काम करेंगी। राज्य सरकार ने बिहार पुलिस मैनुअल में संशोधन करते हुए इसकी जिम्मेदारी बिहार पुलिस मुख्यालय से लेकर गृह विभाग को सौंप दी है। विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के साथ ही फिंगरप्रिंट ब्यूरो, हैंडराइटिंग ब्यूरो और फोटो ब्यूरो की कमान भी गृह विभाग को दी गयी है। नयी व्यवस्था में प्रदर्शों की वैज्ञानिक जांच संबंधित एफएसएल निदेशक के पूर्ण नियंत्रण में होगी। विभागाध्यक्ष के तौर पर फोरेंसिक जांच समय पर पूरी कर उसकी रिपोर्ट संबंधित न्यायालय को समर्पित करने का उत्तरदायित्व निदेशक पर होगा। जांच कार्य में किसी तरह की शंका की स्थिति में गृह विभाग के सचिव के परामर्श से उसका समाधान किया जा सकेगा।

    गृह विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं (एफएसएल) के प्रशासनिक, कार्यपालक एवं वित्तीय मामलों को तत्काल प्रभाव से गृह विभाग देखेगा। फिलहाल इन कार्यालयों की निगरानी बिहार पुलिस के एडीजी (अपराध अनुसंधान विभाग) संभाल रहे थे। वर्तमान में पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और राजगीर (बिहार पुलिस अकादमी) में चार एफएसएल कार्यरत हैं। दो साल के अंदर क्षेत्रीय मुख्यालयों के 09 एफएसएल चालू करा लिए जाने का लक्ष्य है। इनके लिए भवन बनकर तैयार हैं। साथ ही 102 सहायक निदेशक और वरिष्ठ वैज्ञानिक सहायक की नियुक्तियां भी पूरी कर ली गयी हैं। शेष बचे 28 जिलों में, जहां एफएसएल नहीं है, वहां जिला चलंत प्रयोगशालाओं के लिए भवनों का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त, सभी 44 पुलिस जिलों को 50 मोबाइल फोरेंसिक वैन की सुविधा भी दी गयी है। पटना और राजगीर में साइबर फोरेंसिक लैब की स्थापना की तैयारी है।

    जांच में समन्वय, जवाबदेही और दक्षता बढ़ेगी
    विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, एफएसएल सहित फिंगरप्रिंट ब्यूरो, हैंडराइटिंग ब्यूरो और फोटो ब्यूरो की कमान गृह विभाग को सौंपे जाने से आपराधिक जांच से संबंधित साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच में समन्वय, जवाबदेही और दक्षता बढ़ेगी। नये आपराधिक कानून में सात वर्ष या उससे अधिक सजा के मामलों में एफएसएल की अनिवार्यता होने से प्रदर्शों की संख्या कई गुना बढ़ी है। अब मोबाइल फोरेंसिक वैन से भी प्रदर्श इकट्ठा होने लगे हैं। इसके मुकाबले सालाना करीब 15 से 18 हजार कांडों में ही एफएसएल रिपोर्ट पेश की जा रही है। खासकर इलेक्ट्रॉनिक प्रदर्शों के मामले में एफएसएल के सामने चुनौतियां अधिक हैं। मात्र पटना में इलेक्ट्रॉनिक प्रदर्शों की जांच होने से लंबित प्रदर्शों की संख्या 750 से अधिक हो गयी है। इसके चलते न्यायालयों को रिपोर्ट भेजने में विलंब हो रहा है। ऐसे प्रदर्शों की जांच के लिए आवश्यक उपकरण बढ़ाने से संबंधित प्रस्ताव गृह विभाग के साथ ही बिहार पुलिस मुख्यालय को भेजे गये हैं।

  • रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड: राम रहीम की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, SC ने जारी किया नोटिस

    रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड: राम रहीम की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, SC ने जारी किया नोटिस

    चंडीगढ़ 

    सजायाफ्ता डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं. पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बरी किए गए राम रहीम के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. सर्वोच्च अदालत ने इस मामले में गुरमीत राम रहीम और सीबीआई से जवाब मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे पर विचार किए जाने की जरूरत है। 

    सुप्रीम कोर्ट ने रामचंद्र छत्रपति के परिजनों की याचिका पर सुनवाई करते हुए राम रहीम और सीबीआई को नोटिस जारी किया है. दोनों पक्षों से आठ हफ्ते के भीतर जवाब मांगा गया है. अदालत ने यह भी कहा कि मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी. इस याचिका को रामचंद्र छत्रपति के बेटे ने दाखिल किया है और इसमें पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें राम रहीम को हत्या के मामले में बरी कर दिया गया था। 

    हाईकोर्ट ने पलट दिया था उम्रकैद का फैसला
    दरअसल, मार्च 2026 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने वर्ष 2002 के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में गुरमीत राम रहीम को बरी कर दिया था. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि राम रहीम के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद नहीं हैं. इसी आधार पर अदालत ने निचली अदालत की ओर से सुनाई गई उम्रकैद की सजा को पलट दिया था. हालांकि, इस मामले में शामिल तीन अन्य दोषियों की सजा को हाईकोर्ट ने बरकरार रखा था। 

    पत्रकार हत्याकांड
    बता दें कि रामचंद्र छत्रपति की हत्या अक्टूबर 2002 में हुई थी. उन्हें उनके घर के बाहर मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मार दी थी. गोली लगने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उनकी हालत गंभीर बनी रही. इलाज के दौरान 21 नवंबर 2002 को रामचंद्र छत्रपति की मौत हो गई थी. उनकी हत्या के बाद यह मामला लंबे समय तक जांच और कानूनी कार्रवाई के दौर से गुजरता रहा। 

    CBI कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद
    इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने की थी. पंचकूला की विशेष CBI अदालत ने जनवरी 2019 में गुरमीत राम रहीम और तीन अन्य आरोपियों को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या का दोषी ठहराया था. अदालत ने राम रहीम के अलावा कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इसके बाद राम रहीम ने हाईकोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी थी। 

    अब रामचंद्र छत्रपति के बेटे की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका ने इस मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी ध्यान दिलाया कि राज्य सरकार इस मामले में अपील लेकर सुप्रीम कोर्ट नहीं आई है. अदालत ने फिलहाल राम रहीम और CBI को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा है. ऐसे में अब सबकी नजर नवंबर में होने वाली अगली सुनवाई पर है और यह तय करेगा कि हाईकोर्ट के बरी करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट आगे क्या रुख अपनाता है। 

  • चंडीगढ़ के 4 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस और डॉग स्क्वाड ने संभाला मोर्चा

    चंडीगढ़ के 4 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस और डॉग स्क्वाड ने संभाला मोर्चा

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़ में एक साथ चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। कंट्रोल रूम में सूचना प्राप्त होते ही पुलिस ने सभी संबंधित स्कूलों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और जांच शुरू कर दी।

    कंट्रोल रूम में सूचना प्राप्त होते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित टीमों को मौके पर भेजा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी की सूचना मिलते ही स्कूल परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक जांच शुरू की। 

    जिन स्कूलों को धमकी मिलने की सूचना मिली उनमें शामिल हैं…

    • कॉर्मेल कॉन्वेंट स्कूल, सेक्टर-9बी
    • सेंट जॉन्स हाई स्कूल, सेक्टर-26
    • सेक्रेड हार्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-26
    • सेंट स्टीफंस स्कूल, सेक्टर-45बी

    आसपास के इलाकों में बढ़ाई सुरक्षा
    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी भरा कॉल किस नंबर से आया और उस दौरान किस तरह की धमकी दी गई, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। वहीं, किसी वास्तविक विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि भी नहीं हुई है। पुलिस हर स्कूल की सुरक्षा जांच पूरी करने के साथ धमकी से जुड़े तकनीकी सुराग भी खंगाल रही है। एक ही समय में शहर के अलग-अलग सेक्टरों में स्थित चार स्कूलों को धमकी मिलने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। सुरक्षा एजेंसियां धमकी के स्रोत और इसकी सत्यता का पता लगाने में जुटी हैं।  बम डिटेक्शन टीम और डॉग स्क्वायड की मदद से स्कूल परिसर और आसपास के क्षेत्र की जांच किए जाने की प्रक्रिया जारी है।

    CISF कंट्रोल रूम को मिली थी धमकी
    पिछले दिनों चंडीगढ़ में पंजाब एवं हरियाणा सचिवालय स्थित सीआईएसएफ कंट्रोल रूम को भी ई-मेल के माध्यम से बम धमकी मिली थी। इसके बाद ऑपरेशन सेल, डॉग स्क्वाड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी, हालांकि कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी।

  • झारखंड में छात्रों का बड़ा ऐलान, बोले- ‘अब सिर्फ CM सोरेन से करेंगे बात’; आज BJP का बंद

    झारखंड में छात्रों का बड़ा ऐलान, बोले- ‘अब सिर्फ CM सोरेन से करेंगे बात’; आज BJP का बंद

    रांची 

    झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्र पिछले 18 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं. सरकार और छात्रों के बीच अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है. सोमवार को छात्रों ने विधानसभा का घेराव किया था. इस दौरान उन्होंने 7 बैरिकेड पार कर विधानसभा के पास पहुंचने की कोशिश की. छात्रों पर लाठीचार्ज भी हुआ. इसके खिलाफ भाजपा ने मंगलवार को झारखंड बंद का ऐलान किया है। 

    प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन चलाया और आंसू गैस के गोले छोड़े. शाम को पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज भी किया. बताया जा रहा है कि 20 से ज्यादा छात्र घायल हुए हैं, जबकि दो छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत भी बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। 

    न्यूक्लियस मॉल के पास टायर जलाकर
     छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा द्वारा बुलाए गए झारखंड का असर दिखना शुरू हो गया है। बंद समर्थक रांची न्यूक्लियस मॉल के पास टायर जलाकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसके चलते आवागमन प्रभावित हुआ है।

    गिरिडीह में बंद का व्यापक असर
    जेपीएससी सहित अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक के विरोध में रांची में आंदोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ भाजपा ने मंगलवार को झारखंड बंद का आह्वान किया। गिरिडीह में बंद का व्यापक असर दिखा। शहर से ग्रामीण क्षेत्रों तक भाजपाई सक्रिय रहे। महानगर में सुबह 9:30 बजे झंडा मैदान से विशाल जुलूस निकाला गया। सड़कों पर वाहन थम गए, कई निजी स्कूल बंद रहे। बिरनी में मुख्य मार्ग जाम किया गया। धनवार, जमुआ, बगोदर आदि जगहों पर सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। जिलाध्यक्ष रंजीत कुमार राय ने सरकार पर छात्रों की मांग न मानने और लाठीचार्ज का आरोप लगाया।

    छात्रों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
     छात्रों को अपने घर भेजने के लिए जिला प्रशासन ने देर रात हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है। डीसी ने कहा कि रांची में छात्र आंदोलन में शामिल होने के लिए दूसरे जिलों से आए छात्रों की सुविधा और सुरक्षित वापसी को लेकर जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदनशीलता के साथ पहल की है। जिला प्रशासन द्वारा छात्रों की सुविधा एवं आवश्यक सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 9162738438 जारी किया गया है।

    रांची अधिकांश निजी स्कूल आज बंद
    भारतीय जनता पार्टी की ओर से मंगलवार को झारखंड बंद के आह्वान के बाद राजधानी रांची के अधिकांश निजी स्कूलों ने स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। स्कूल प्रबंधन की ओर से अभिभावकों को इसकी जानकारी दे दी गई है। बंद के कारण मंगलवार को इन स्कूलों में नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होंगी।

    लाठीचार्ज के बाद भूख हड़ताल पर बैठे छात्र ने बयां किया दर्द
     भूख हड़ताल कर रहे एक छात्र ने कहा कि, "आज भूख हड़ताल का नौवां दिन है… हमने पुलिस की जो बर्बरता देखी, वह सचमुच शर्मनाक थी—एक ऐसी हरकत जो इंसानियत को शर्मसार करती है… इन युवाओं ने कभी भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया, पत्थर नहीं फेंके या कोई ऐसी गलत हरकत नहीं की। 

    कल बैरिकेड्स तोड़े गए, लेकिन ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उन्हें अपनी मंज़िल तक पहुँचना था; उन्होंने सिर्फ़ परेशानी खड़ी करने के लिए उन्हें नहीं तोड़ा। बैरिकेड्स तोड़ने की घटना में भी पुलिस ने उकसाने का काम किया। उन्होंने अश्लील इशारे किए, अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, ललकारा और कई तरह की उकसावे वाली बातें कहीं… हालांकि उन्होंने लगातार लाठियाँ नहीं चलाईं, लेकिन मैंने अपनी आँखों से देखा कि उन्होंने आक्रामक हरकतें कीं जिनसे छात्र डर गए और भागने लगे। छात्र शांति से बैठे थे, फिर भी आपने उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की। 

    आपने धोखेबाजी वाले तरीके अपनाए… हम विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है। अगर सरकार नहीं सुनेगी, तो हमें बताइए: उन्हें अपनी बात सुनाने का क्या तरीका है? क्या आप तभी समझेंगे जब ये लोग बंदूकें उठा लेंगे?…"

    छात्र नेता रविंद्र पासवान ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन शाम होते ही पुलिस ने इलाके को छावनी में बदल दिया. उन्होंने दावा किया कि कई छात्रों को हिरासत में लिया गया और कुछ के साथ मारपीट भी हुई. उनका कहना है कि अब यह आंदोलन सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जन आंदोलन बन गया है.

    लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा ने आज रांची बंद का ऐलान किया है. वहीं, प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग है कि भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ी की CBI जांच हो. राज्य सरकार मामले की CID जांच करा रही है और जांच ED को भी सौंपी गई है. हालांकि, CBI जांच की मांग पर अभी सहमति नहीं बनी है। 

    सोमवार को झारखंड CID ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांगते को गिरफ्तार किया. वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की अपील की. उन्होंने भाजपा पर इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। 
     प्रदर्शनकारी छात्र बोले 'सिर्फ CM सोरेन से ही बात होगी'
    भाजपा ने आज झारखंड बंद का ऐलान किया है. पार्टी कार्यकर्ता सोमवार को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को ‘काला दिन’ बताते हुए सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं, प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने साफ कहा है कि वे इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ही बातचीत करेंगे. रांची में छात्रों के कोर ग्रुप ने आगे की रणनीति तय करने के लिए दोपहर 12 बजे बैठक बुलाई है. बैठक में आंदोलन को लेकर अगला कदम तय किया जाएगा। 

     BJP के बंद पर छात्र बोले- 'हमारा राजनीतिक पार्टियों से लेना-देना नहीं'
    भाजपा ने मंगलवार को झारखंड बंद का ऐलान किया है. भाजपा के इस ऐलान पर छात्र नेता पीयूष का कहना है कि वे किसी पार्टी का समर्थन नहीं कर रहे हैं. हालांकि अगर कोई छात्रों के समर्थन में झारखंड बंद का आह्वान करता है तो वे उसका स्वागत करते हैं. उनका कहना है कि हम छात्रों का राजनीतिक पार्टियों से कोई लेना-देना नहीं है. उनका कहना है कि वे इसपर टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं. वे बस अपनी मांगों को लेकर खड़े हैं और उनका एकमात्र एजेंडा इन मांगों को पूरा कराना है। 

    न्यूक्लियस मॉल के पास टायर जलाकर
     छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा द्वारा बुलाए गए झारखंड का असर दिखना शुरू हो गया है। बंद समर्थक रांची न्यूक्लियस मॉल के पास टायर जलाकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसके चलते आवागमन प्रभावित हुआ है।

    गिरिडीह में बंद का व्यापक असर
    जेपीएससी सहित अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक के विरोध में रांची में आंदोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ भाजपा ने मंगलवार को झारखंड बंद का आह्वान किया। गिरिडीह में बंद का व्यापक असर दिखा। शहर से ग्रामीण क्षेत्रों तक भाजपाई सक्रिय रहे। महानगर में सुबह 9:30 बजे झंडा मैदान से विशाल जुलूस निकाला गया। सड़कों पर वाहन थम गए, कई निजी स्कूल बंद रहे। बिरनी में मुख्य मार्ग जाम किया गया। धनवार, जमुआ, बगोदर आदि जगहों पर सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। जिलाध्यक्ष रंजीत कुमार राय ने सरकार पर छात्रों की मांग न मानने और लाठीचार्ज का आरोप लगाया।

    छात्रों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
     छात्रों को अपने घर भेजने के लिए जिला प्रशासन ने देर रात हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है। डीसी ने कहा कि रांची में छात्र आंदोलन में शामिल होने के लिए दूसरे जिलों से आए छात्रों की सुविधा और सुरक्षित वापसी को लेकर जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदनशीलता के साथ पहल की है। जिला प्रशासन द्वारा छात्रों की सुविधा एवं आवश्यक सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 9162738438 जारी किया गया है।

    रांची अधिकांश निजी स्कूल आज बंद
    भारतीय जनता पार्टी की ओर से मंगलवार को झारखंड बंद के आह्वान के बाद राजधानी रांची के अधिकांश निजी स्कूलों ने स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। स्कूल प्रबंधन की ओर से अभिभावकों को इसकी जानकारी दे दी गई है। बंद के कारण मंगलवार को इन स्कूलों में नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होंगी।

    लाठीचार्ज के बाद भूख हड़ताल पर बैठे छात्र ने बयां किया दर्द
     भूख हड़ताल कर रहे एक छात्र ने कहा कि, "आज भूख हड़ताल का नौवां दिन है… हमने पुलिस की जो बर्बरता देखी, वह सचमुच शर्मनाक थी—एक ऐसी हरकत जो इंसानियत को शर्मसार करती है… इन युवाओं ने कभी भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया, पत्थर नहीं फेंके या कोई ऐसी गलत हरकत नहीं की। 

    कल बैरिकेड्स तोड़े गए, लेकिन ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उन्हें अपनी मंज़िल तक पहुँचना था; उन्होंने सिर्फ़ परेशानी खड़ी करने के लिए उन्हें नहीं तोड़ा। बैरिकेड्स तोड़ने की घटना में भी पुलिस ने उकसाने का काम किया। उन्होंने अश्लील इशारे किए, अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, ललकारा और कई तरह की उकसावे वाली बातें कहीं… हालांकि उन्होंने लगातार लाठियाँ नहीं चलाईं, लेकिन मैंने अपनी आँखों से देखा कि उन्होंने आक्रामक हरकतें कीं जिनसे छात्र डर गए और भागने लगे। छात्र शांति से बैठे थे, फिर भी आपने उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की। 

    आपने धोखेबाजी वाले तरीके अपनाए… हम विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है। अगर सरकार नहीं सुनेगी, तो हमें बताइए: उन्हें अपनी बात सुनाने का क्या तरीका है? क्या आप तभी समझेंगे जब ये लोग बंदूकें उठा लेंगे?…"

  • गुरुग्राम में ₹271 करोड़ का पेंटहाउस किसने खरीदा? जानें देश के सबसे महंगे लग्जरी घर का मालिक

    गुरुग्राम में ₹271 करोड़ का पेंटहाउस किसने खरीदा? जानें देश के सबसे महंगे लग्जरी घर का मालिक

    गुरुग्राम

    भारत के लग्जरी हाउसिंग मार्केट में नया इतिहास रचते हुए DLF के प्रोजेक्ट 'द डहलियास' में ₹271 करोड़ का पेंटहाउस बिका है. प्रति स्क्वायर फीट मूल्यांकन के आधार पर, एक उद्यमी द्वारा किया गया यह सौदा देश के सबसे महंगे आवासीय ट्रांजैक्शंस में शुमार हो गया है। 

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पेंटहाउस का सुपर एरिया 17,200 स्क्वायर फीट और कारपेट एरिया 10,500 स्क्वायर फीट है. इस हिसाब से इसकी कीमत सुपर एरिया पर लगभग ₹1.58 लाख प्रति स्क्वायर फीट और कारपेट एरिया पर करीब ₹2.6 लाख प्रति स्क्वायर फीट बैठती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ₹271 करोड़ की प्रॉपर्टी कारोबारी मानव सरदाना ने खरीदी है, जो 'इंपीरियल ऑटो' से जुड़े रहे हैं। 

    कारपेट एरिया पर करीब ₹2.6 लाख प्रति स्क्वायर फीट के भाव के साथ, इस डील ने गुरुग्राम को प्रति स्क्वायर फीट दर के मामले में मुंबई के सबसे महंगे प्रॉपर्टी सौदों के करीब खड़ा कर दिया है. मुंबई में भारत की सबसे महंगी रिहायशी संपत्तियां हैं, जहां वर्ली और अन्य प्राइम लोकेशंस में सौदे ₹2 लाख प्रति स्क्वायर फीट से ऊपर चले जाते हैं। 

    देश की महंगी डीलों में से एक
    देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कई बड़े सौदे देखे गए हैं, जिनमें लीना गांधी तिवारी द्वारा वर्ली के 'नमन ज़ाना' में ₹639 करोड़ में दो सी-फेसिंग डुप्लेक्स खरीदना और जेपी तापड़िया द्वारा मालाबार हिल में ₹369 करोड़ में 27,160 स्क्वायर फीट का ट्रिपलेक्स खरीदना शामिल है. इसके अलावा मुंबई में ₹180 से ₹200 करोड़ के दायरे में भी कई सौदे हुए हैं। 

    रियल एस्टेट उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है, "द डहलियास के इस सौदे की खासियत इसका ₹271 करोड़ का बड़ा अमाउंट और कारपेट एरिया पर करीब ₹2.6 लाख प्रति स्क्वायर फीट का भाव है,  यह एक ऐसा प्राइस लेवल है जो पारंपरिक रूप से केवल मुंबई की सबसे प्रमुख और महंगी लोकेशनों से जुड़ा रहा है। 

    'द डहलियास' से पहले, डीएलएफ के ही 'द कैमेलियास' (The Camellias) ने गुरुग्राम को भारत के लग्जरी रियल एस्टेट मार्केट में मजबूती से स्थापित किया था. दिसंबर 2024 में, उद्यमी ऋषि पार्टी ने 'द कैमेलियास' में 16,290 स्क्वायर फीट का पेंटहाउस ₹190 करोड़ में खरीदा था, जिसकी कीमत कारपेट एरिया पर लगभग ₹1.8 लाख प्रति स्क्वायर फीट थी।