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  • हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना का बढ़ेगा दायरा, अब 1.80 लाख आय वाली महिलाओं को भी लाभ

    हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना का बढ़ेगा दायरा, अब 1.80 लाख आय वाली महिलाओं को भी लाभ

     रेवाड़ी
    हरियाणा सरकार की लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा अब और बढ़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुसार सितंबर माह से 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाली महिलाओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।

    इससे जिले में योजना के लाभार्थियों की संख्या एक लाख के करीब पहुंच जाएगी। अब तक लाडो लक्ष्मी योजना के तहत सिर्फ एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाली महिलाओं को ही लाभ दिया जा रहा था, लेकिन अब पात्रता सीमा बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये कर दिए जाने से मध्यम वर्ग की बड़ी संख्या में महिलाएं भी योजना से जुड़ सकेंगी।

    योजना के विस्तार के बाद जिले में लाभार्थियों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। अधिकारियों का अनुमान है कि नए मानदंड लागू होने से जिले में लाभार्थी महिलाओं की संख्या लगभग एक लाख तक पहुंच जाएगी। इससे पहले तक पात्रता कम होने के कारण कई जरूरतमंद महिलाएं योजना से वंचित रह रही थीं।

    हर माह दी जाती है आर्थिक सहायता
    लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। इस राशि का उपयोग महिलाएं घर-गृहस्थी, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य जैसी जरूरतों के लिए कर सकती हैं। योजना का विस्तार होने से न केवल गरीब, बल्कि कम आय वाले परिवारों की महिलाओं को भी सीधा लाभ मिलेगा।

    उल्लेखनीय है कि दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना (DDLLY) हरियाणा सरकार की एक आर्थिक सहायता योजना है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को प्रति माह ₹2,100 की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है।

    लाडो लक्ष्मी योजना सरकार की बेहतरीन योजनाओं में से एक है। अब मुझे भी इसका लाभ मिलने लगेगा तो और अधिक खुशी होगी। सरकार की आभारी हैं।

    योजना का विस्तार होने से अब मुझे भी लाभ मिलने लगेगा। इससे परिवार की आर्थिक सुरक्षा होगी। इसके लिए वह सरकार की आभारी हैं।

     

  • इंदिरा गांधी के हत्यारे के बेटे सतवंत को पंजाब चुनाव का टिकट, अमृतपाल सिंह ने बनाया उम्मीदवार

    इंदिरा गांधी के हत्यारे के बेटे सतवंत को पंजाब चुनाव का टिकट, अमृतपाल सिंह ने बनाया उम्मीदवार

    अमृतसर.

    असम की डिब्रूगढ जेल में बंद पंजाब की खडूर साहिब सीट से सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने सतवंत सिंह को पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पहला उम्मीदवार घोषित किया है। सतवंत सिंह केहर सिंह के बेटे हैं।

    केहर सिंह ने साल 1984 में भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की साजिश रची थी। अदालत ने केहर सिंह को दोषी ठहराते हुए 1989 में फांसी की सजा दी गई थी।

    कौन हैं सतवंत सिंह?
    61 साल के सतवंत सिंह पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के मुस्तफाबाद गांव के निवासी हैं। वह बैंक से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। साल 2027 में उनका यह पहला चुनाव होगा। इससे पहले साल 2024 के लोकसभा चुनाव में फरीदकोट सीट से चुनाव जीतने वाले सरबजीत सिंह खालसा के लिए सतवंत ने प्रचार किया था। 

    अगले साल है विधानसभा चुनाव
    पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल (वारिस पंजाब दे) भी चुनाव में भाग लेगी। इस तरह सतवंत सिंह को पार्टी ने फतेहगढ़ साहिब की सीट बस्सी पठाना से अपना पहला उम्मीदवार बनाया है। पिछले साल लोकसभा चुनाव में अमृतपाल सिंह ने पंजाब की खडूर साहिब सीट से बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा था और इस चुनाव में उसने बंपर जीत हासिल की थी। जेल में बंद खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी 'अकाली दल (वारिस पंजाब दे)' ने सोमवार को सतवंत सिंह को पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए अपना पहला उम्मीदवार घोषित किया।

    गोलियां मारकर की थी इंदिरा गांधी की हत्या
    ऑपरेशन ब्लू स्टार का बदला लेने के लिए साल 31 अक्टूबर, 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या उनके दो अंगरक्षकों, बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने कर दी थी। केहर सिंह को इस हत्या की साजिश का मास्टर माइंड माना गया और 6 जनवरी, 1989 को तिहाड़ जेल में सतवंत सिंह के साथ उसे भी फांसी दे दी गई। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बेअंत के बेटे खालसा ने फरीदकोट सीट निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीती थी, जबकि अकाली दल (WPD) के संस्थापक अमृतपाल सिंह ने खडूर साहिब निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की। इससे पंजाब की राजनीति में कट्टरपंथी पंथिक सोच के फिर से उभरने का संकेत मिलता है। साल 2024 के चुनावों में सतवंत ने खालसा के लिए प्रचार किया था।

  • दिल्ली में हाई अलर्ट! स्वतंत्रता दिवस से पहले पुलिस ने 19 मोस्ट वांटेड आतंकियों के पोस्टर किए जारी

    दिल्ली में हाई अलर्ट! स्वतंत्रता दिवस से पहले पुलिस ने 19 मोस्ट वांटेड आतंकियों के पोस्टर किए जारी

    नई दिल्ली

    15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस)  से पहले आतंकवादी खतरों के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने पूरी राजधानी में हाई अलर्ट जारी किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच, रेलवे पुलिस और विभिन्न जिलों की पुलिस के साथ अन्य सुरक्षा इकाइयां भी अलर्ट मोड पर हैं। इस बीच दिल्ली पुलिस ने राजधानी के भीड़भाड़ वाले इलाकों में 19 आतंकवादियों के पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों पर इंडियन मुजाहिदीन,अल कायदा और खालिस्तानी आतंकियों की फोटो हैं।

    तीन आतंकी मॉड्यूल पर फोकस
    दिल्ली पुलिस ने जिन 19 आतंकियों की तस्वीरें जारी की हैं, उन्हें तीन अलग-अलग मॉड्यूल में बांटा गया है. इनमें इंडियन मुजाहिदीन, अलकायदा और खालिस्तानी आतंकी संगठनों से जुड़े वांटेड आरोपी शामिल हैं. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करें। 

    आतंकवादियों की लिस्ट-

    इन पोस्टरों में इंडियन मुजाहिदीन के रियाज भटकल और शबांदरी मोहम्मद इकबाल उर्फ इकबाल भटकल, अल-कायदा से जुड़े मोहम्मद शर्जील अख्तर, अबू सुफियान, मोहम्मद उमर और सैयद मोहम्मद अर्शियान दिखाई दे रहे हैं। मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादियों की लिस्ट में 'खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स' के रंजीत सिंह उर्फ नीता, परमजीत सिंह पम्मा, 'खालिस्तान टाइगर फोर्स' के अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला और 'बब्बर खालसा इंटरनेशनल' (BKI) के हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंडा, वधावा सिंह बब्बर व  गुरमीत सिंह बग्गा के नाम शामिल हैं।

    पुलिस ने की बड़ी अपील, सूचना देने पर इनाम
    पोस्टर में पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि इनमें से किसी व्यक्ति के बारे में जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। पोस्टर पर सूचना देने के लिए दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर 112 भी दिया गया है। पुलिस ने पहचान या ठिकाने की जानकारी देने वालों को इनाम देने और उनका नाम गुप्त रखने की बात कही है।

    इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े 5 चेहरे
    पहले मॉड्यूल में इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े पांच वांछित आतंकियों को शामिल किया गया है. इनमें कर्नाटक के भटकल निवासी इकबाल भटकल और रियाज भटकल, बेंगलुरु निवासी जुनैद अहमद, उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी मोहम्मद खालिद और महाराष्ट्र के पुणे निवासी मोहसिन चौधरी शामिल हैं. सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड में इनका नाम कई आतंकी मामलों में सामने आ चुका है। 

    अलकायदा मॉड्यूल के 6 आतंकी

    दूसरे मॉड्यूल में अलकायदा से जुड़े छह वांछित आतंकियों की तस्वीरें जारी की गई हैं. इनमें संभल निवासी मोहम्मद शरजील अख्तर, दिल्ली के सीलमपुर निवासी मोहम्मद रेहान, झारखंड के छत्रा निवासी अबू सूफियान, जमशेदपुर निवासी सैयद मोहम्मद आर्शियान, बेंगलुरु निवासी मोहम्मद शहीद फैजल उर्फ उस्ताद और हैदराबाद निवासी मोहम्मद उमर शामिल हैं। 

    खालिस्तानी संगठनों से जुड़े 8 आतंकियों की भी तलाश
    तीसरे मॉड्यूल में खालिस्तानी संगठनों से जुड़े आठ वांछित आतंकियों को शामिल किया गया है. इनमें बब्बर खालसा इंटरनेशनल के वाधवा सिंह बब्बर, पुरुषोत्तम सिंह पम्मा और हरविंदर सिंह रिंदा, गुरमीत सिंह बग्गा, भूपेंद्र सिंह भिंडा, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के रणजीत सिंह, परमजीत सिंह पम्मा और खालिस्तान टाइगर फोर्स के अर्शदीप सिंह डाला शामिल हैं। 

    संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई चौकसी
    दिल्ली पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, मेट्रो स्टेशनों, बाजारों, ऐतिहासिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है. कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं. इसके अलावा सीसीटीवी निगरानी, वाहन जांच और संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। 

    हर साल एहतियातन लगाए जाते हैं पोस्टर
    बता दें कि हर साल 15 अगस्त के पहले एहतियातन इस तरह के वांटेड आतंकियों के पोस्टर लगाए जाते हैं जिनसे भारत और दिल्ली को खतरा है। सुरक्षा के लिए खतरा बने इन आतंकियों की लिस्ट जारी की जाती है, ताकि आम नागरिक भी सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध की पहचान होने पर तुरंत सूचना दे सकें।

    पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इन पोस्टरों को लगाने से आम नागरिक भी सतर्क रहेंगे और संदिग्ध या वांटेड व्यक्तियों की पहचान में पुलिस की मदद कर सकेंगे। इसके साथ ही रेलवे स्टेशनों, बाजारों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

    'अभिज्ञान' ऐप का बड़े पैमाने पर होगा इस्तेमाल
    अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के बेहतर इंतजामों के तहत पहली बार भीड़ में लोगों की जांच के लिए 'अभिज्ञान' ऐप का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस ऐप में एक करोड़ से अधिक अपराधियों का डेटाबेस है और पुलिसकर्मी रैंडमली ढंग से चुने गए लोगों का 'फिंगरप्रिंट' लेने के लिए विशेष उपकरण का इस्तेमाल कर रहे हैं। 'फिंगरप्रिंट' को कुछ ही सेकेंड में डेटाबेस से मिलाया जाता है, ऐसे में लाल संकेत का मतलब होता है कि व्यक्ति का आपराधिक रिकॉर्ड है और उसकी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देती है, जबकि हरे संकेत का मतलब है कि कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।

    1,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए
    अधिकारियों ने यह भी बताया कि लाल कि
    ले और उसके आस-पास के इलाकों की निगरानी के लिए लगभग 1,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें 'फेशियल रिकग्निशन सिस्टम' वाले कैमरे भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि स्मारक के अंदर एक हाई-टेक सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जहां से पुलिसकर्मी और तकनीकी दल चौबीसों घंटे इलाके पर नजर रख रहे हैं।

    'एंटी-ड्रोन सिस्टम' भी तैनात
    अधिकारियों ने बताया कि इस निगरानी नेटवर्क का इस्तेमाल लाल किले के बाहर कई किलोमीटर के इलाके पर नजर रखने के लिए भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऊंचे मंचों समेत अहम जगहों पर 'स्नाइपर' तैनात किए जाएंगे और किसी भी अनधिकृत हवाई गतिविधि को रोकने के लिए 'एंटी-ड्रोन सिस्टम' भी लगाए गए हैं। उत्तरी जिला कंप्यूटर प्रकोष्ठ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस का जश्न सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए गृह मंत्रालय की 'स्मार्ट पुलिसिंग' पहल के तहत ये इंतजाम किए जा रहे हैं। इस साल लाल किले पर कार्यक्रम का विषय 'वंदे मातरम' है। सुरक्षा कारणों से 15 अगस्त को स्मारक के आस-पास पतंग उड़ाने पर रोक लगा दी गई है।

  • PU की दो ऐतिहासिक कुर्सियां शिकागो में होंगी नीलाम, विदेश पहुंचा हेरिटेज फर्नीचर तो उठे सवाल

    PU की दो ऐतिहासिक कुर्सियां शिकागो में होंगी नीलाम, विदेश पहुंचा हेरिटेज फर्नीचर तो उठे सवाल

    चंडीगढ़.

    पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) की विरासत से जुड़ी दो कुर्सियां अमेरिका के शिकागो में नीलामी के लिए पहंंची हैं, जिसके लिए 13 अगस्त को बोली लगेगी। इससे चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

    हेरिटेज फर्नीचर विदेशों तक कैसे पहुंच रहा, इसकी जांच की मांग उठी है। अधिवक्ता एवं हेरिटेज आइटम्स प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने उपराष्ट्रपति एवं पंजाब विश्वविद्यालय के चांसलर सीपी राधाकृष्णन और विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मीनाक्षी गोयल को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप और नीलामी रुकवाने की मांग की है। जग्गा के अनुसार शिकागो स्थित नीलामी घर राइट की ओर से जारी विवरण में पंजाब विश्वविद्यालय से संबंधित दो कुर्सियों को नीलामी के लिए रखा गया है। इनमें लॉट नंबर 155 में आठ डाइनिंग चेयर्स शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 12 हजार से 15 हजार डाॅलर बताई गई है। भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 11 लाख से 14 लाख रुपये बैठती है। दूसरी वस्तु लॉट नंबर 161 की राइटिंग चेयर है। इसकी अनुमानित कीमत तीन हजार से चार हजार डाॅलर यानी करीब 2.5 लाख से 3.5 लाख रुपये बताई गई है। नीलामी सूची में इन्हें पंजाब विश्वविद्यालय के छात्र आवास की कुर्सियां बताया गया है।जग्गा ने दावा किया है कि दोनों कुर्सियों पर पंजाब विश्वविद्यालय से संबंधित पुराने क्रमांक भी अंकित हैं, जिससे इनके संस्थान से संबंध की पुष्टि किए जाने की जरूरत है।

    पहले भी विदेश में नीलामी रोकने का दावा
    जग्गा ने पत्र में दावा किया है कि चंडीगढ़ प्रशासन और विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप से हाल के समय में फ्रांस और स्पेन में चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े सामान की दो नीलामी रोकी जा चुकी हैं। उनका कहना है कि अब अमेरिका में प्रस्तावित नीलामी को भी रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।

    ये नीलामियां रुकवाईं
    24 जून, पेरिस : चंडीगढ़ की विरासत से जुड़ी दो कुर्सियां फ्रांस के पेरिस में नीलामी के लिए रखी गई थीं। इनमें एक कुर्सी पर ‘PU Chem/55’ और दूसरी पर ‘PGI/W/CH-020’ अंकित था, जिससे इनके पंजाब विश्वविद्यालय और पीजीआइएमईआर से जुड़े होने की बात सामने आई। चंडीगढ़ प्रशासन ने विदेश मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। इसके बाद भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप से दोनों वस्तुओं की नीलामी रोक दी गई।
    15 जुलाई, अमेरिका : इसके बाद अमेरिका में चंडीगढ़ से जुड़े पियरे जेनरे की डिजाइन की मेज और कुर्सी की प्रस्तावित नीलामी का मामला सामने आया। इनकी अनुमानित कीमत 6,000 से 8,000 डाॅलर थी। प्रशासन ने अमेरिका और स्पेन में प्रस्तावित नीलामियों को रोकने विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप मांगा।
    22 जुलाई, बार्सिलोना : स्पेन के बार्सिलोना स्थित सेटडार्ट नीलामी घर में पियरे जेनरे की डिजाइन की एक विरासत हैंगिंग आर्मचेयर की नीलामी प्रस्तावित थी। इसकी अनुमानित कीमत 12,000 से 14,000 यूरो थी। विदेश मंत्रालय के माध्यम से भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बाद नीलामी से इसे हटाया गया।

  • ‘UP-बिहार के लोग, लखनऊ की कंपनी…’ परीक्षा गड़बड़ी पर CM हेमंत सोरेन ने विपक्ष को घेरा

    ‘UP-बिहार के लोग, लखनऊ की कंपनी…’ परीक्षा गड़बड़ी पर CM हेमंत सोरेन ने विपक्ष को घेरा

    रांची
    झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने सदन में कहा कि परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की पूरी जांच कराई जाएगी और छात्रों की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं. मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि कुछ लोग इस मामले में सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। 

    मुख्यमंत्री के संबोधन के तुरंत बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. सत्र का आखिरी दिन 12 अगस्त तय था, लेकिन एक दिन पहले ही सदन को समेट दिया गया। 

    दरअसल झारखंड में पिछले कई दिनों से छात्र और नौकरी के लिए तैयारी कर रहे युवा भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. सोमवार को हजारों छात्र विधानसभा की तरफ मार्च करते हुए पहुंचे थे. इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई. पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले छोड़े. कई छात्रों ने दावा किया कि इस कार्रवाई में वे घायल हुए, वहीं पुलिस के मुताबिक इस दौरान 14 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। 

    इसी मुद्दे पर मंगलवार को जब विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो सदन में जबरदस्त हंगामा हुआ. भाजपा के विधायक छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सदन के बीचोंबीच पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से छात्रों पर हुई कथित ज्यादती और लाठीचार्ज को लेकर जवाब मांगा. हंगामे की वजह से सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा। 

    इसी बीच अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इस पूरे मामले में कुछ लोग सिर्फ राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि JPSC से लेकर CGL तक की परीक्षाओं को लेकर सदन में तरह तरह की बातें आई हैं. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सभी परीक्षाओं की जांच कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि लखनऊ की एक कंपनी ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ लोगों के साथ मिलकर झारखंड में परीक्षाओं में गड़बड़ी की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच को लेकर सरकार की मंशा एकदम साफ है और भाजपा चाहे जितना हल्ला करे, सरकार अपना काम करती रहेगी। 

    मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भाजपा गेरुआ कपड़े पहनकर लोगों को गुमराह करती थी और अब छात्रों के भेष में यही काम कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने आंदोलन कर रहे छात्रों से जिस तरह बातचीत की, वह सही तरीका था और सोमवार को छात्रों और प्रशासन दोनों ने जिस धैर्य का परिचय दिया, वह अभूतपूर्व है। 

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि परीक्षा सुधार को लेकर छात्रों की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं और आने वाले समय में बाकी मांगों पर भी विचार करके सुधार किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि लखनऊ की जिस TDPL कंपनी ने झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाएं करवाई थीं, उन सभी परीक्षाओं की जांच कराई जाएगी. इसके साथ ही सरकार आईआईटी के विशेषज्ञों से भी बात करेगी ताकि आगे से परीक्षाएं और बेहतर तरीके से आयोजित की जा सकें। 

    गौरतलब है कि छात्र 25 जुलाई से इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाई जाए, JPSC और JSSC के कामकाज में सुधार किया जाए, गड़बड़ी वाली परीक्षाएं रद्द की जाएं और मामले की जांच सीबीआई या झारखंड से बाहर के रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों की समिति से कराई जाए। 

  • JPSC समेत 3 परीक्षाएं रद्द करने को तैयार हेमंत सरकार, CM सोरेन का विधानसभा में बड़ा ऐलान

    JPSC समेत 3 परीक्षाएं रद्द करने को तैयार हेमंत सरकार, CM सोरेन का विधानसभा में बड़ा ऐलान

    रांची 
    झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को विधानसभा में सरकार का रुख स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि सरकार 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) प्रारंभिक परीक्षा और बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने के लिए तैयार है. टीडीपीएल से जुड़ी परीक्षाओं की जांच भी कराई जाएगी। 

    IIT-IIM से लेंगे सलाह
    मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं की पूरी व्यवस्था में सुधार के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की विशेषज्ञता ली जाएगी. मुख्यमंत्री अपने भाषण के दौरान विपक्ष पर हमलावर रहे. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग गेरूआ पहनकर ढोंग तो करते ही हैं, अब इनकी पार्टी के लोग छात्र का चोला पहनकर राजनीतिक स्वार्थ साधने में लगे हैं. उन्होंने विपक्षियों पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। 

    युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश 
    मुख्यमंत्री हेमंत के भाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों ने लगातार नारेबाजी की और सदन में हंगामा जारी रखा. इस पर उन्होंने कहा कि ये लोग सदन की गरिमा को तार-तार करते हैं और भाषणों में लोकतंत्र को बचाने की बात करते हैं. सोरेन ने जेपीएससी की परीक्षा कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कंपनी उत्तर प्रदेश की है और बिहार से उसका जुड़ाव रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी एजेंसियों के जरिए झारखंड के युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपना निर्णय ले लिया है. विपक्ष चाहे जितना हंगामा करे, सरकार अपने फैसलों पर आगे बढ़ती रहेगी. उन्होंने कहा कि जिन परीक्षाओं को लेकर संदेह और शिकायतें सामने आई हैं, उनकी जांच कराने में सरकार पीछे नहीं हटेगी. परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए बड़े शैक्षणिक संस्थानों से तकनीकी और विशेषज्ञ सलाह ली जाएगी. मुख्यमंत्री ने अपने भाषण मे सोमवार को हुए विधानसभा घेराव का भी जिक्र किया। 

    उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और पुलिस ने संयम का परिचय दिया. उन्होंने कहा कि विधानसभा, लोकसभा और विधान परिषद जैसे संवैधानिक संस्थानों के आसपास सुरक्षा कारणों से प्रतिबंध लागू रहते हैं. इसके बावजूद प्रदर्शनकारी विधानसभा परिसर के करीब तक पहुंचे. सोरेन ने विपक्ष पर छात्रों को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग अलग-अलग रूप और पहचान के पीछे छिपकर युवाओं को दिग्भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। 

    सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान चाहती है
    उन्होंने कहा कि विपक्ष जांच की प्रक्रिया को अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचने से रोकने की कोशिश कर रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान चाहती है. विपक्ष हंगामा करता रहे, सरकार अपना काम करती रहेगी. विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने एक कविता के जरिए भाजपा के राजनीतिक पतन पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि “गिरने की अभी और संभावनाएं बाकी हैं” और यह गिरावट अभी शुरू हुई है। 

  • निकाय चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा प्लान, राजस्थान के 61 हजार बूथों की होगी ग्रेडिंग

    निकाय चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा प्लान, राजस्थान के 61 हजार बूथों की होगी ग्रेडिंग

    जयपुर
    निकाय चुनाव से पहले सियासी माहौल की हलचल ने भाजपा को सतर्क कर दिया है। हाल ही में युवाओं से जुड़े आंदोलनों, स्थानीय मुद्दों की बढ़ती गूंज और दूसरे राज्यों के उपचुनावों से मिले संकेतों के बाद पार्टी संगठन जोखिम लेने के मूड में नहीं है। यही वजह है कि राजस्थान के करीब 61 हजार बूथों का राजनीतिक रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक बूथ को पिछले लोकसभा, विधानसभा और निकाय चुनावों के प्रदर्शन के आधार पर ए, बी, सी और डी श्रेणी में रखा जाएगा। पार्टी मानकर चल रही है कि निकाय चुनाव में सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ उम्मीदवार की स्वीकार्यता, बूथ संगठन की सक्रियता और मतदाताओं तक लगातार पहुंच निर्णायक भूमिका निभाती है।

    ऐसे में पार्टी पहले ही सबसे मजबूत और सबसे कमजोर बूथ के आधार पर होमवर्क कर रही है। बूथ समितियों के पुनर्गठन, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने, स्थानीय प्रभावशाली लोगों से संपर्क बढ़ाने और मतदाता संवाद जैसे अभियान प्राथमिकता पर चलाए जाएंगे। इसके लिए बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, पिछले चुनावों के आंकड़े और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों का भी आकलन किया जाएगा। संगठन का लक्ष्य कमजोर बूथों की पहचान कर वहां समय रहते गतिविधियां बढ़ाना है।

        A श्रेणीः ऐसे बूथ, जहां पिछले लोकसभा, विधानसभा व निकाय तीनों चुनाव जीते।
        B श्रेणीः ऐसे बूथ, जहां लोकसभा और विधानसभा चुनाव जीते, लेकिन निकाय चुनाव में पीछे रहे।
        C श्रेणीः जहां 3 में से केवल एक चुनाव जीता, जबकि दो चुनाव हार गई पार्टी।
        D श्रेणी: जहां लोकसभा, विधानसभा और निकाय तीनों चुनाव हार गए।

    स्थानीय समीकरणों पर बढ़ा जोर
    अन्य प्रदेशों के ताजा उपचुनाव नतीजों ने यह स्पष्ट किया है कि मजबूत संगठन भी बूथ स्तर की कमजोरी की भरपाई नहीं कर सकता। यही कारण है कि इस बार संगठन वार्ड, मोहल्ला स्तर के समीकरणों पर भी नजर रख रहा है। ग्रेडिंग पूरी होने के बाद जिला, मंडल और शक्ति केंद्र स्तर पर जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। जिन क्षेत्रों में बूथों पर पकड़ कमजोर है, वहां नियमित मॉनिटरिंग होगी। राजनीतिक दृष्टि से भाजपा का यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी माना जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि स्थानीय स्तर पर संगठन और मतदाताओं के बीच सीधा संपर्क मजबूत किया जाए।

  • लक्ष्मी योजना में तीन बच्चों की सीमा पर सीएम रेखा गुप्ता ने दिया बड़ा बयान

    लक्ष्मी योजना में तीन बच्चों की सीमा पर सीएम रेखा गुप्ता ने दिया बड़ा बयान

    नई दिल्ली
    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लक्ष्मी योजना के तहत तीन बच्चों की सीमा का बचाव करते हुए बड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि महिला बच्चे पैदा करने की मशीन नहीं है और उसकी सेहत सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। दिल्ली विधानसभा में बोलते हुए, रेखा गुप्ता ने कहा कि बार-बार गर्भवती होने से महिला की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने तर्क दिया कि तीन बच्चों की शर्त का मकसद महिलाओं की सुरक्षा करना था, न कि किसी समुदाय के साथ भेदभाव करना।

    रेखा गुप्ता ने क्या कहा
    रेखा गुप्ता ने कहा, 'बीजेपी सरकार उस सोच का समर्थन नहीं करती जिसमें महिलाओं को बेटा पाने की उम्मीद में ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए मजबूर किया जाता है। यह शर्त सभी महिलाओं पर समान रूप से लागू होती है, चाहे उनका धर्म या सामाजिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो।' उन्होंने आगे कहा कि महिलाएं खुद ऐसा प्रावधान चाहती थीं ताकि वे योजना के फायदों और अपनी सेहत के बीच संतुलन बना सकें।

    'लक्ष्मी योजना में 5100 करोड़ रुपये आवंटित'
    मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने इस योजना के लिए 5100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं और पहले तीन साल के चरण में 17 लाख महिलाओं को इसका फायदा देने का लक्ष्य रखा है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि विपक्ष में बैठे कुछ लोग, जो खुद को महिलाओं का हितैषी बताते हैं, उनमें सरकार का जवाब सुनने की हिम्मत नहीं थी जब इस मुद्दे पर चर्चा हो रही थी। इसीलिए वे सदन से बाहर चले गए।

    '1000 रुपये डिजिटल वॉलेट में, 1500 FD/RD में'
    वित्तीय लाभ देने के तरीके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 1,000 रुपये डिजिटल वॉलेट के जरिए दिए जाएंगे और 1,500 रुपये FD/RD में जमा किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह सोच-समझकर बनाई गई नीति है ताकि महिलाओं के पास घर के खर्च और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पैसे हों, जबकि 1,500 रुपये बचत के तौर पर जमा होते रहें।

    पिंक कार्ड पर ये बोलीं दिल्ली की सीएम
    पिंक कार्ड के सिर्फ दिल्ली की महिलाओं के लिए होने पर उठाए गए सवालों पर रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकार के लोग दिल्ली में रहते थे लेकिन पूरे देश में राजनीति करते थे। मौजूदा सरकार ऐसे काम नहीं करती। उसका मानना ​​है कि दिल्ली के लोगों का पैसा दिल्ली में ही खर्च होना चाहिए और इसका फायदा दिल्ली के लोगों को ही मिलना चाहिए।

    लड़कियों की साइकिल योजना पर ये बोलीं
    लड़कियों को साइकिल देने की योजना पर विपक्ष की कथित टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे नेताओं को लड़कियों की शिक्षा, भविष्य और जरूरतें नहीं दिखतीं। उन्हें सिर्फ चुनावी प्रचार दिखता है। इस योजना का मकसद 'विद्या वाहिनी' के जरिए लड़कियों को आसानी से स्कूल पहुंचाने, उनकी शिक्षा जारी रखने और स्कूल छोड़ने की दर को कम करने में मदद करना है।

     

  • राजस्थान में 183 RAS अधिकारियों के तबादले, चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

    राजस्थान में 183 RAS अधिकारियों के तबादले, चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

    जयपुर
    राजस्थान सरकार ने निकाय और पंचायत चुनावों से पहले प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 183 राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के ओएसडी योगेश कुमार श्रीवास्तव समेत कई अहम अफसरों को नई पोस्टिंग दी गई है। आदेश के अनुसार सभी तबादले तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। चुनाव से पहले लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात और गृह जिलों में पदस्थ अधिकारियों को भी बदला गया है।

    राज्य निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार, तीन साल से एक ही जगह पर तैनात अधिकारियों और गृह जिले में पदस्थ अफसरों के तबादले किए गए हैं। इससे चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। इस तबादला सूची में सबसे चर्चित नाम मुख्यमंत्री कार्यालय में ओएसडी के रूप में तैनात योगेश कुमार श्रीवास्तव का है। 2008 बैच के आरएएस अधिकारी योगेश कुमार श्रीवास्तव को गंगानगर शुगर मिल्स लिमिटेड जयपुर का महाप्रबंधक बनाया गया है।

    नई सूची में चर्चित आरएएस पिंकी मीणा को एक बार फिर नई तैनाती दी गई है। पिंकी मीणा का 2 महीने के भीतर यह दूसरा तबादला है। पिंकी मीणा की नई तैनाती दौसा में सहायक कलेक्टर मुख्यालय के पद पर की गई है। इसके पहले प्रशासनिक सुधार और समन्वय विभाग में सहायक निदेशक सवाई माधोपुर थीं।

    यहां देखें आरएएस ट्रांसफर लिस्ट :
    राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद यह प्रशासनिक बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की आशंका वाले ऐसे अधिकारियों के तबादले के निर्देश दिए थे, जो तीन साल से एक ही स्थान पर तैनात हैं या अपने गृह जिले में पदस्थ हैं।

    इन अधिकारियों का भी हुआ तबादला
    इसके अलावा महावीर खराड़ी, अशोक कुमार चतुर्थ, नरेश बुनकर, राजवीर सिंह चौधरी, अशोक कुमार शर्मा, आलोक जैन, आकाश रंजन, जगदीश प्रसाद गौड़, राजकुमार कस्वा और ओम प्रकाश सहारण समेत कई अन्य अफसरों के पदस्थापन बदले गए हैं।

    विभिन्न जिलों और विभागों में बड़े बदलाव
    तबादला सूची में विभिन्न जिलों, विभागों, विकास प्राधिकरणों और स्थानीय निकायों में बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया है। कई एसडीएम, एडीएम और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नए अफसर तैनात किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये तबादले तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

    आईएएस सूची भी जल्द आने की उम्मीद
    सूत्रों के अनुसार, आरएएस तबादलों के बाद जल्द ही आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची भी जारी होने वाली है। निकाय चुनावों की आचार संहिता लागू होने से पहले प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए ये कदम उठाए गए हैं। यह फेरबदल राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि इससे चुनाव प्रबंधन और अधिक प्रभावी होगा।

  • फिरोजपुर में दीवारों पर खालिस्तानी नारे, 15 अगस्त के बहिष्कार की धमकी से मचा हड़कंप

    फिरोजपुर में दीवारों पर खालिस्तानी नारे, 15 अगस्त के बहिष्कार की धमकी से मचा हड़कंप

    फिरोजपुर.

    15 अगस्त को फिरोजपुर में होने वाले राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले खालिस्तान समर्थक संगठन सिख्स फॉर जस्टिस की ओर से शहर में खालिस्तान समर्थक नारे लिखे जाने का वीडियो जारी किया गया है।

    संगठन के जनरल काउंसल गुरपतवंत सिंह पन्नू ने मीडिया को ई-मेल के माध्यम से यह वीडियो भेजा है। वीडियो में फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन, केंद्रीय जेल, ऐतिहासिक दिल्ली गेट, एसबीएस यूनिवर्सिटी और मेरिटोरियस स्कूल समेत कुछ प्रमुख स्थानों पर दीवारों पर आपत्तिजनक और खालिस्तान समर्थक नारे लिखे दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में दीवारों पर ‘भंड मान ही बेअंत बुचर’ और ‘पंजाब हुल खालिस्तान’ जैसे नारे लिखे होने का दावा किया गया है। हालांकि, इन नारों को कब और किसने लिखा, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पन्नू की ओर से जारी वीडियो संदेश में फिरोजपुर के लोगों से 15 अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम में बच्चों को नहीं भेजने की अपील की गई है। संदेश में 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या करने वाले दिलावर सिंह बब्बर का भी उल्लेख किया गया है।

    सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
    मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में 15 अगस्त का जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह प्रस्तावित है। ऐसे में सार्वजनिक और सरकारी प्रतिष्ठानों पर इस तरह के नारे लिखे जाने संबंधी वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस मामले में फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। न ही पुलिस ने वीडियो में दिखाई जा रही जगहों पर लिखे नारों की आधिकारिक पुष्टि की है। पुलिस की जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो कब का है और इसमें दिखाई घटनाएं वास्तविक रूप से कब हुईं।

    अधिकारियों की ओर से नहीं आई प्रतिक्रिया
    प्रशासन की ओर से स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखने की तैयारी की जा रही है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से सामने आ रही ऐसी सामग्री पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर होने की बात कही जा रही है, लेकिन इस विशेष वीडियो को लेकर अधिकारियों की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।