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  • यमुनानगर में ₹11.84 करोड़ की जल निकासी योजना अधूरी, हल्की बारिश में ही डूब रहा शहर

    यमुनानगर में ₹11.84 करोड़ की जल निकासी योजना अधूरी, हल्की बारिश में ही डूब रहा शहर

    यमुना नगर.

    शहर को जलभराव से बचाने के लिए 11.84 करोड़ रुपये की परियोजना सात साल से अधूरी है। वर्ष 2019 में शुरू हुई योजना के तहत नगर निगम 210 मीटर पाइप लाइन बिछा चुका है। रेलवे को 5.27 करोड़ रुपये भी जमा करवाए जा चुके हैं।

    इसके बावजूद करीब 70 मीटर काम बाकी है। हल्की बारिश में ही शहर की कई कालोनियां जलमग्न हो जाती हैं। लोगों को जलभराव वाली सड़कों से गुजरना पड़ता है। विडंबना यह है कि जिस परियोजना से बारिश का पानी शहर से बाहर निकालना था, उसका रास्ता ही सात साल से साफ नहीं हो पाया। कभी निजी जमीन अड़चन बनी, कभी सड़क की दूसरी तरफ से पाइप डालने की योजना बनी और फिर पीडब्ल्यूडी की जमीन से रास्ता निकालने का प्रयास हुआ। अब रेलवे लाइन के नीचे से पाइप डालने की तैयारी है।

    पानी का दबाव घटाने की थी योजना
    जगाधरी से आने वाला बड़ा नाला बारिश में ओवरफ्लो होकर शहर की कालोनियों की ओर पानी छोड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए अमरुत योजना के तहत कन्हैया साहिब चौक से डिच ड्रेन तक करीब छह फीट चौड़ी स्टॉर्म वाटर पाइप लाइन डाली जा रही है। इसका उद्देश्य पानी को डायवर्ट कर शहर पर दबाव कम करना है।

    इनकी पीड़ा भी सुनिए
    ग्रीन पार्क निवासी ललित त्यागी का कहना है कि नगर निगम के नेतृत्व व अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहर में जलभराव हो रहा है। जिन लोगों का बरसात से नुकसान हुआ, अधिकारियों से उसकी भरपाई करवानी चाहिए। प्रोफेसर कालोनी निवासी कुशल पाल राणा का कहना है कि बरसात के बाद भी दिक्कत खत्म नहीं होती। दुर्गंध के कारण परेशान रहते हैं। कांग्रेस के नेता सतपाल कौशिक का कहना है कि जल भराव के इस तरह के हालत पहले कभी नहीं देखे। जनता की कोई सुनवाई नहीं है।

    सात साल में अड़चन दूर क्यों नहीं हुई
    योजना को शुरू से ही अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। बिना खुद की जमीन के योजना का सर्वे कर काम शुरू कर दिया। रेलवे विभाग के हिस्से में करीब 70 मीटर पाइप लाइन का काम बाकी है। इसके पूरा होने के बाद ही पूरी लाइन चालू होगी। वर्ष 2019 में शुरू हुई परियोजना में जमीन और रेलवे से जुड़ी अड़चन सात साल में क्यों नहीं सुलझी? 5.27 करोड़ रुपये जमा होने के बाद भी काम अधूरा क्यों है? जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

    यहां पर होती है भारी दिक्कत
    मॉडल टाउन, सरोजनी कालोनी पार्ट टू, कैंप क्षेत्र, सेक्टर 17, वर्कशाप रोड, आइटीआइ, चांदपुर, जम्मू कालोनी, रेलवे बाजार, जिम खाना रोड, लाजपत नगर, आजाद नगर, शक्ति नगर, विष्णु नगर, कृष्णा कालोनी, हरिनगर, माडर्न कालोनी, टैगोर गार्डन, बैंक कालोनी और प्रोफेसर कालोनी समेत कई क्षेत्रों को परियोजना से राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल सात साल बाद भी कहानी वहीं है। पाइप लाइन 210 मीटर पहुंच गई, लेकिन शहर की राहत 70 मीटर पर अटकी है। मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि रेलवे लाइन के नीचे से पाइप डालने का काम शुरू हो चुका है। इसके पूरा होने के बाद वर्षा जल निकासी की समस्या काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है।

  • Punjab Weather: आज भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने कई जिलों में जारी की चेतावनी

    Punjab Weather: आज भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने कई जिलों में जारी की चेतावनी

    लुधियाना.

    पंजाब के कुछ जिलों में बुधवार मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें भारी वर्षा की संभावना है। इससे पहले मंगलवार विभिन्न जिलों में बादल छाए रहे और तेज हवाएं भी जारी रही।

    पिछले चौबीस घंटे में पंजाब के कछ जिलों में वर्षा भी रिकार्ड की गई जिसमें पठानकोट में 46 एमएम वर्षा रिकार्ड हुई। रूपनगर में 5.5 एमएम वर्षा हुई। जिला बठिंडा में दिन का तापमान सबसे अधिक 36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। फिरोजपुर में दिन का तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस, अमृतसर का तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस, संगरूर का तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना का तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस, गुरदासपुर का तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    चौबीस घंटे में राज्य का औसतन तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस गिरा है जोकि सामान्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस नीचे चल रहा है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान अनुसार बुधवार भी बारी वर्षा को लेकर मौसम का येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें पंजाब के कुछ हिस्सों में वर्षा की संभावना है। फिर आगे 14 और 15 अगस्त को भारी वर्षा को लेकर येलो अलर्ट जारी रहेगा।

  • पंजाब के कपूरथला में बनी भारत की स्पेशल ट्रेन, बांग्लादेश रेलवे को मिलेगा बड़ा अपग्रेड

    पंजाब के कपूरथला में बनी भारत की स्पेशल ट्रेन, बांग्लादेश रेलवे को मिलेगा बड़ा अपग्रेड

    कपूरथला
     मेक इन इंडिया को एक और बड़ी सफलता मिली है। रेल डिब्बा कारखाना (आरसीएफ) कपूरथला ने बांग्लादेश रेलवे के लिए 19 एलएचबी ब्राड गेज यात्री कोचों वाला अपना पहला पूरा रेक तैयार किया है, जो 12 अगस्त को रोल-आउट होगा। यह सिर्फ एक निर्यात नहीं है।

    यह आरसीएफ और भारतीय रेलवे की इंजीनियरिंग क्षमता का अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन है। इस पहले रेक में कुल 19 कोच हैं जिनमें तीन एसी स्लीपर कार, 3 एसी चेयर कार,11 नान-एसी चेयर कार और 2 पावर कार शामिल हैं। इन कोचों को बांग्लादेश की जरूरतों के हिसाब से बिल्कुल कस्टमाइज किया है। कई फीचर एलएचबी कोच में पहली बार जोड़े गए हैं।

    इन रेल डिब्बों में कई विशिष्ट डिजाइन विशेषताओं और तकनीकी संशोधनों को शामिल किया गया है, जिनमें से कई सुविधाएं एलएचबी प्रकार के डिब्बों में पहली बार विकसित की गई हैं। इन कोचों को बांग्लादेश रेलवे की परिचालन और यात्री आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से कस्टमाइज किया गया है।

    यात्रियों की सुविधा के लिए इनमें विशेष रूप से डिजाइन की गई रिक्लाइनिंग चेयर, स्टेनलेस स्टील आर्म रेस्ट और फुटरेस्ट तथा सीटों को कई पोजीशन में रिक्लाइन करने की सुविधा दी गई है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोचों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इनमें एसी कोचों में पंखे, इंटीग्रेटेड सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम, पैसेंजर अलार्म सिस्टम, आंशिक रूप से खुलने वाली खिड़कियां, बेबी केयर रूम और प्रार्थना कक्ष शामिल हैं।

    बांग्लादेश की विशिष्ट परिचालन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कोचों की रूफ स्ट्रक्चर को भी मजबूत किया गया है, ताकि पीक ट्रैफिक अवधि के दौरान छत पर यात्रियों के अतिरिक्त भार को सहन किया जा सके। इन कोचों की प्रमुख तकनीकी विशेषताओं में यूरोपीय मानक इएन-15227 के अनुरूप क्रैशवर्दी डिजाइन प्रावधानों का समावेश है।

    इसके लिए कार बाडी शेल का व्यापक पुनः डिजाइन किया गया है, जिससे टक्कर की स्थिति में बेहतर प्रदर्शन और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। कोचों की विद्युत प्रणाली को भी बांग्लादेश रेलवे की आवश्यकताओं के अनुसार विशेष रूप से 415 वोल्ट आपरेशन के लिए डिजाइन किया गया है, जबकि भारतीय रेलवे के कोचों में सामान्यतः 750 वोल्ट प्रणाली का उपयोग किया जाता है। आरसीएफ और बांग्लादेश रेलवे के बीच सहयोग की शुरुआत वर्ष 2015-16 में 120 एलएचबी ब्राड गेज यात्री कोचों की सफल आपूर्ति के साथ हुई थी।

    इस सफल साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए बांग्लादेश रेलवे ने वर्ष 2024 में राइटस के माध्यम से आरसीएफ को सात विभिन्न प्रकार के 200 ब्राड गेज यात्री कोचों के निर्माण एवं आपूर्ति का आर्डर प्रदान किया। यह रेक आरसीएफ कपूरथला की तकनीकी क्षमता, आधुनिक कोच निर्माण और अंतरराष्ट्रीय स्तर की यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि को दर्शाता है।

    बिट्टू ने पीएम मोदी और रेलवे मंत्री वैष्णव को दी बधाई
    इस उपलब्धि के लिए पूर्व केंद्रीय राज्य रेल मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव को बधाई दी है। बिट्टू ने कहा कि कपूरथला में तैयार ये कोच अब भारत की सीमाओं से बाहर बांग्लादेश के यात्रियों को सेवाएं देंगे। यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया, फॉर द वर्ल्ड’ की अवधारणा को भी मजबूती देती है और पंजाब की तकनीकी दक्षता तथा भारतीय रेल निर्माण क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाती है। 

  • हरियाणा में राशन कार्ड पर बड़ा अपडेट, 6 महीने तक गेहूं-चावल नहीं लिया तो कार्ड हो सकता है बंद

    हरियाणा में राशन कार्ड पर बड़ा अपडेट, 6 महीने तक गेहूं-चावल नहीं लिया तो कार्ड हो सकता है बंद

    हांसी.

    हरियाणा में सरकारी राशन कार्ड बनवाने के बाद छह महीने से एक वर्ष तक डिपो से राशन नहीं उठाने वाले परिवार अब नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड) और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के रडार पर आ गए हैं।

    लंबे समय से बायोमीट्रिक हाजिरी दर्ज नहीं कराने और राशन का उठान नहीं करने वाले परिवारों की प्रदेश स्तर पर छंटनी की जा रही है। ऐसे निष्क्रिय राशन कार्डों को पोर्टल पर फिलहाल ब्लॉक किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुमान के अनुसार प्रदेश में करीब डेढ़ लाख से दो लाख राशन कार्ड धारक इस कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। अब विभाग पता लगाएगा कि राशन नहीं उठाने वाले परिवार वास्तव में पात्र हैं अथवा उनकी आर्थिक या निवास संबंधी परिस्थितियां बदल चुकी हैं। इनमें दूसरे शहरों अथवा राज्यों में पलायन कर चुके परिवार भी हो सकते हैं।

    हालांकि, किसी बीमारी, आपात स्थिति या अन्य जायज कारण से राशन नहीं उठा पाने वाले पात्र परिवारों के लिए सुविधा दोबारा शुरू कराने का रास्ता खुला रखा गया है। इसके लिए उन्हें अपनी आय, संपत्ति और पात्रता का दोबारा सत्यापन कराना होगा। ग्रामीण लाभार्थियों को तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार से सत्यापित शपथ पत्र देना होगा।

  • बांग्लादेश के लिए भारत ने बनाई खास ट्रेन, कोच में नमाज और प्रार्थना के लिए अलग जगह

    बांग्लादेश के लिए भारत ने बनाई खास ट्रेन, कोच में नमाज और प्रार्थना के लिए अलग जगह

    कपूरथला.

    मेक इन इंडिया को एक और बड़ी सफलता मिली है। रेल डिब्बा कारखाना (आरसीएफ) कपूरथला ने बांग्लादेश रेलवे के लिए 19 एलएचबी ब्राड गेज यात्री कोचों वाला अपना पहला पूरा रेक तैयार किया है, जो 12 अगस्त को रोल-आउट होगा। यह सिर्फ एक निर्यात नहीं है।

    यह आरसीएफ और भारतीय रेलवे की इंजीनियरिंग क्षमता का अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन है। इस पहले रेक में कुल 19 कोच हैं जिनमें तीन एसी स्लीपर कार, 3 एसी चेयर कार,11 नान-एसी चेयर कार और 2 पावर कार शामिल हैं। इन कोचों को बांग्लादेश की जरूरतों के हिसाब से बिल्कुल कस्टमाइज किया है। कई फीचर एलएचबी कोच में पहली बार जोड़े गए हैं। इन रेल डिब्बों में कई विशिष्ट डिजाइन विशेषताओं और तकनीकी संशोधनों को शामिल किया गया है, जिनमें से कई सुविधाएं एलएचबी प्रकार के डिब्बों में पहली बार विकसित की गई हैं। इन कोचों को बांग्लादेश रेलवे की परिचालन और यात्री आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से कस्टमाइज किया गया है।

    यात्रियों की सुविधा के लिए इनमें विशेष रूप से डिजाइन की गई रिक्लाइनिंग चेयर, स्टेनलेस स्टील आर्म रेस्ट और फुटरेस्ट तथा सीटों को कई पोजीशन में रिक्लाइन करने की सुविधा दी गई है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोचों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इनमें एसी कोचों में पंखे, इंटीग्रेटेड सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम, पैसेंजर अलार्म सिस्टम, आंशिक रूप से खुलने वाली खिड़कियां, बेबी केयर रूम और प्रार्थना कक्ष शामिल हैं। बांग्लादेश की विशिष्ट परिचालन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कोचों की रूफ स्ट्रक्चर को भी मजबूत किया गया है, ताकि पीक ट्रैफिक अवधि के दौरान छत पर यात्रियों के अतिरिक्त भार को सहन किया जा सके।

    इन कोचों की प्रमुख तकनीकी विशेषताओं में यूरोपीय मानक इएन-15227 के अनुरूप क्रैशवर्दी डिजाइन प्रावधानों का समावेश है। इसके लिए कार बाडी शेल का व्यापक पुनः डिजाइन किया गया है, जिससे टक्कर की स्थिति में बेहतर प्रदर्शन और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। कोचों की विद्युत प्रणाली को भी बांग्लादेश रेलवे की आवश्यकताओं के अनुसार विशेष रूप से 415 वोल्ट आपरेशन के लिए डिजाइन किया गया है, जबकि भारतीय रेलवे के कोचों में सामान्यतः 750 वोल्ट प्रणाली का उपयोग किया जाता है। आरसीएफ और बांग्लादेश रेलवे के बीच सहयोग की शुरुआत वर्ष 2015-16 में 120 एलएचबी ब्राड गेज यात्री कोचों की सफल आपूर्ति के साथ हुई थी।

    बांग्लादेश रेलवे ने इस सफल साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2024 में राइटस के माध्यम से आरसीएफ को सात विभिन्न प्रकार के 200 ब्राड गेज यात्री कोचों के निर्माण एवं आपूर्ति का आर्डर प्रदान किया। यह रेक आरसीएफ कपूरथला की तकनीकी क्षमता, आधुनिक कोच निर्माण और अंतरराष्ट्रीय स्तर की यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि को दर्शाता है।

  • बिहार में सिर्फ ₹2 में होगा मरीजों का इलाज! मोदी सरकार ने 598 शहरी PHC को दी मंजूरी

    बिहार में सिर्फ ₹2 में होगा मरीजों का इलाज! मोदी सरकार ने 598 शहरी PHC को दी मंजूरी

    पटना 

    बिहार में अब मरीज 2 रुपये में अपना इलाज करा सकेंगे। मोदी सरकार ने बिहार को यह बड़ा तोहफा दिया है। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में 598 शहरी स्वास्थ्य केंद्रों को स्थापित करने की मंजूरी केंद्र सरकार द्वारा दी गई है। इन स्वास्थ्य केंद्रों में मात्र दो रुपये में मरीजों को इलाज की सुविधा मिलेगी। इससे शहरी क्षेत्रों के निवासी एवं खासकर स्लम बस्तियों में रहने वाले लोगों को इलाज की बेहतर सुविधा मिलेगी।स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (एनयूएचएम) के तहत स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और मजबूत करने का निर्णय लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य में कुल 164 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 434 शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के संचालन को भारत सरकार से स्वीकृति मिल गई है।

    इन नए स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को सभी स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त दी जाएंगी। ओपीडी में दिखाने के लिए मरीजों को मात्र 2 रुपये का पर्चा (सुविधा शुल्क) कटवाना होगा। लोगों की सहूलियत के लिए यूपीएचसी में ओपीडी का समय सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक रहेगा, जबकि यूएचडब्ल्यूसी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होंगे।

    एक विशेष पहल के अनुसार, पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल के तहत पटना में संचालित 11 जन सेवा केंद्रों को भी अब शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में संचालित किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार से इन 11 केंद्रों के संचालन को भी हरी झंडी मिल चुकी है।

    मिलेगी 12 तरह की स्वास्थ्य सुविधाएं
    यूपीएचसी पर मुख्य रूप से ओपीडी, मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवा, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन, परामर्श, संचारी व गैर-संचारी रोगों की जांच और मुफ्त दवा वितरण सहित 12 प्रकार की सेवाएं उपलब्ध होंगी। स्लम बस्तियों के लोगों तक सीधे लाभ पहुंचाने के लिए विशेष दूरस्थ स्वास्थ्य शिविर और आयुष्मान आरोग्य शिविर लगाने का भी प्रावधान किया गया है।

    इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में भी खुलेंगे सेंटर
    युवाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शहरी निकाय क्षेत्र में आने वाले 19 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों और 14 राजकीय अभियंत्रण (इंजीनियरिंग) महाविद्यालयों में भी यूएचडब्ल्यूसी का संचालन किया जा रहा है, जिन्हें केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल गई है। शहरी क्षेत्रों में स्लम आबादी के आसपास किराये के भवन में स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन किया जाएगा। इसमें शहरी आश और महिलाओं की अहम भागीदारी होगी।

  • खेतों में सांप के काटने से बचाएगा LPU का ‘स्मार्ट बूट’, खतरा भांपते ही भागेंगे जहरीले जीव

    खेतों में सांप के काटने से बचाएगा LPU का ‘स्मार्ट बूट’, खतरा भांपते ही भागेंगे जहरीले जीव

    चंडीगढ़.

    खेतों में काम करने वाले किसानों, मजदूरों, बागान कर्मियों और वन कर्मचारियों को सांप के काटने से बचाने के लिए लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय (एलपीयू) के शोधकर्ताओं ने एक विशेष बूट तैयार किया है। इस बूट को इस तरह बनाया गया है कि यह पैर को सांप के काटने से बचाने के साथ ही चलते समय सांप को मानव की मौजूदगी का संकेत भी दे सके।

    शोधकर्ताओं ने इसका कार्यशील नमूना तैयार किया है और अब इसके व्यवहारिक परीक्षण की तैयारी की जा रही है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थी शोध एवं परियोजना विभाग के अंतर्गत तैयार किए गए इस बूट में दो प्रमुख परतें हैं। पहली परत सांप के दांतों को त्वचा तक पहुंचने से रोकने के लिए काटने से बचाने वाले विशेष कपड़े से बनाई गई है। यही परत बूट को वास्तविक सुरक्षा प्रदान करती है। शोधकर्ताओं के अनुसार खेतों में काम करने वाले लोगों के पैरों और निचले हिस्से में सांप के काटने की घटनाएं अधिक होती हैं। हालांकि सुरक्षा वाले जूते उपलब्ध हैं, लेकिन भारी, गर्म और लंबे समय तक पहनने में असुविधाजनक होने के कारण खेतों में उनका इस्तेमाल सीमित रहता है।

    बूट की दूसरी परत प्रयोग के स्तर पर है। इसमें लगा छोटा गति संवेदक व्यक्ति के प्रत्येक कदम को पहचानता है। इसके साथ जुड़ा ध्वनि उपकरण हर कदम पर बहुत कम आवृत्ति वाली ध्वनि की छोटी तरंग छोड़ता है। इसका उद्देश्य सांप को कुछ क्षण पहले ही इंसान की मौजूदगी का एहसास कराना है, ताकि वह वहां रुकने के बजाय सुरक्षित दूरी पर चला जाए। इस अवधारणा के पीछे वर्ष 2023 में प्रकाशित एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अध्ययन भी आधार है। क्वींसलैंड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने स्वतंत्र रूप से घूम रहे सांपों पर कम आवृत्ति वाली ध्वनियों का अध्ययन किया था। इसमें पाया गया कि सांप पूरी तरह बहरे नहीं होते और कई प्रजातियां ऐसी ध्वनियों से दूर हटने की प्रवृत्ति दिखाती हैं।

    यह शोध ऋषव राज और आकांक्षा राठौर द्वारा मंदीप सिंह और रुहुल चौधरी के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। शोध दल अब सर्प विशेषज्ञों तथा सांप के काटने की घटनाओं को कम करने के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं के सहयोग से इसके व्यवहारिक परीक्षण की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।

  • Punjab Weather Update: मानसून फिर सक्रिय, 17 अगस्त तक बरसेंगे बादल; 2.5 डिग्री गिरा तापमान

    Punjab Weather Update: मानसून फिर सक्रिय, 17 अगस्त तक बरसेंगे बादल; 2.5 डिग्री गिरा तापमान

    चंडीगढ़ 
    पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम बदला हुआ है। मंगलवार को कई जिलों में बारिश के चलते अधिकतम तापमान में 2.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र ने 12 अगस्त को पठानकोट में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
    वहीं, राज्य के अन्य हिस्सों में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। बठिंडा में अधिकतम तापमान 36 डिग्री, जबकि चंडीगढ़ में 29.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब में 17 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    तीन जिलों में बारिश दर्ज
    पंजाब में आज तीन जिलों पठानकोट, मोहाली और रूपनगर में बारिश दर्ज की गई। पठानकोट के थेइन डैम में सबसे ज्यादा 46 मिमी बारिश हुई। वहीं KVK पठानकोट में 18 मिमी, भाखड़ा डैम (रूपनगर) में 5.5 मिमी और मोहाली में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई। चंडीगढ़ में 2.5 मिमी, जबकि एयरपोर्ट पर 4.2 मिमी बारिश हुई। राज्य में औसत अधिकतम तापमान कल के मुकाबले 2.5°C गिरा है। यह सामान्य से 2.8°C कम दर्ज किया गया।

    मानसून एक्टिव, बारिश की संभावना
    मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक, इलाके में मानसून की ट्रफ सक्रिय है। इसके चलते पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश का दौर जारी है। उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश में बने कम दबाव के क्षेत्र से नमी वाली हवाएं पंजाब की ओर आ रही हैं। इससे राज्य में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है।

    दक्षिण-पूर्वी हिमाचल प्रदेश के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण अब कमजोर हो गया है, जिससे इसका प्रभाव कम हुआ है। हालांकि, मानसून ट्रफ और कम दबाव के क्षेत्र के कारण पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश की संभावना बनी रहेगी।

    बिजली की खपत में आई कमी

    पंजाब में इस समय बिजली की कुल मांग 12,435 मेगावाट है, जबकि कुल उत्पादन 4,355 मेगावाट हो रहा है। मांग के मुकाबले शेड्यूल 8,086 मेगावाट का है, जबकि वास्तविक ड्रॉअल 8,079 मेगावाट दर्ज किया गया। यानी शेड्यूल की तुलना में करीब 7 मेगावाट कम बिजली ली जा रही है। ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 50.02 हर्ट्ज दर्ज की गई।

  • पंजाब में बम धमकियों का सिलसिला जारी! फिरोजपुर जिला कोर्ट को आया फोन, पुलिस ने खाली कराया परिसर

    पंजाब में बम धमकियों का सिलसिला जारी! फिरोजपुर जिला कोर्ट को आया फोन, पुलिस ने खाली कराया परिसर

    फिरोजपुर
     पंजाब में इन दिनों बम की धमकियों का सिलसिला तेजी से बढ़ रहा है। पिछले सप्ताह पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट सेंटर को को बम से उड़ाने की धमकी के बाद अब फिरोजपुर जिला न्यायालय को धमकी भरा कॉल आया है।

    पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कोर्ट परिसर को खाली करवाया दिया है और डॉग स्क्वाड टीम के साथ जांच में जुटी गई है। कोर्ट के कामकाज भी दोपहर एक बजे तक बंद कर दिया गया है। 

    चंडीगढ़ स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी
    बीते मंगलवार चंडीगढ़ के चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। जिन स्कूलों को धमकी भरा फोन आया था। उनमें कॉर्मेल कॉन्वेंट स्कूल, सेक्टर-9बी, सेंट जॉन्स हाई स्कूल, सेक्टर-26, सेक्रेड हार्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-26, सेंट स्टीफंस स्कूल, सेक्टर-45बी शामिल थे। हालांकि, सघन जांच पड़ताल के बाद पुलिस को कोई भी विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। 

    पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां परिसर में विस्फोटक सामग्री की तलाश कर रही हैं। एहतियात के तौर पर दोपहर एक बजे तक कोर्ट का कामकाज बंद रखने का फैसला लिया गया है। वकीलों के मुताबिक, कोर्ट कांप्लेक्स को बम से उड़ाने की यह तीसरी धमकी है। इससे पहले भी दो बार इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। फिलहाल पुलिस पूरे परिसर की गहन जांच में जुटी है। 

    पंजाब यूनिवर्सिटी को धमकी
    इससे पहले पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट सेंटर को पिछले शनिवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिसके बाद विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया था।  धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्टूडेंट सेंटर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई। जांच पड़ताल के बाद पुलिस को कोई भी विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई।

     

  • Punjab IAS Transfer: चार IAS अधिकारियों का तबादला, जानें किसे कहां मिली नई जिम्मेदारी

    Punjab IAS Transfer: चार IAS अधिकारियों का तबादला, जानें किसे कहां मिली नई जिम्मेदारी

    चंडीगढ़ 

    पंजाब सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल करते हुए चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले और नई तैनातियां की हैं। कार्मिक विभाग की आईएएस शाखा की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। अधिकारियों को अपनी नई जिम्मेदारियां तुरंत संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

    आईएएस अधिकारी वरुण रूजम वर्तमान में परिवहन विभाग के प्रशासनिक सचिव हैं। उन्हें परिवहन विभाग के साथ खेल एवं युवा सेवाएं विभाग के प्रशासनिक सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आईएएस अधिकारी साक्षी साहनी विशेष सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और नशा विरोधी अभियान की नोडल अधिकारी के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अब उन्हें अपने मौजूदा प्रभार के साथ निदेशक, खेल एवं युवा सेवाएं का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। 

    आईएएस अधिकारी संदीप ऋषि को ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमएडीए) के मुख्य प्रशासक के साथ नगर निगम जालंधर के कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वह निकास कुमार की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे। आईएएस अधिकारी निकास कुमार को नगर निगम जालंधर के कमिश्नर पद से हटाकर अपर सचिव, सामान्य राज्य प्रशासन एवं समन्वय विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।