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  • झारखंड में छात्र आंदोलन 20वें दिन भी जारी, CM आवास बना ‘किला’; मांगों पर अड़े प्रदर्शनकारी

    झारखंड में छात्र आंदोलन 20वें दिन भी जारी, CM आवास बना ‘किला’; मांगों पर अड़े प्रदर्शनकारी

    रांची
    झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार 20वें दिन भी जारी है. आंदोलन के तेज होने के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है।  

    मुख्यमंत्री आवास तक जाने वाले करीब 500 मीटर लंबे रास्ते पर दोनों ओर भारी बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे पूरा इलाका किसी किले जैसा दिखाई दे रहा है. मुख्यमंत्री आवास के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर बाहरी सुरक्षा घेरे तक कई स्तरों पर बैरिकेड लगाए गए हैं। 

    सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती भी की गई है. माना जा रहा है कि छात्रों की ओर से दोबारा विधानसभा या मुख्यमंत्री आवास के घेराव की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। 

    छात्र संगठन अब भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. छात्र जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने और पूरे मामले की सीबीआई या राज्य से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। 

    बीजेपी का अल्टीमेटम
    जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे इस आंदोलन को अब कई राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर सीबीआई जांच की मांग नहीं मानी गई, तो वह खुद भूख हड़ताल पर बैठेंगे. वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने इस मुद्दे को लेकर देशभर के 1,200 से अधिक विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। 

    आंदोलन को खत्म कराने के लिए सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच अब तक हुई 6 दौर की बातचीत बेनतीजा रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने साफ किया है कि उनकी सरकार भर्ती परीक्षा सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है और 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने का आश्वासन दिया है, लेकिन छात्र पूरी प्रक्रिया की सीबीआई जांच पर अड़े हैं. सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा इस आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। 

    गौरतलब है कि विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई थी. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया था. इसके बाद भाजपा ने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था। 

    इस बीच, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो, जो स्वास्थ्य खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं, आंदोलन स्थल पर लौटने की अनुमति मांग चुके हैं. उनका कहना है कि उनका शरीर भले अस्पताल में हो, लेकिन उनकी आत्मा अब भी आंदोलन के साथ है। 

  • दिल्ली-NCR में बिछेगा सड़कों का जाल! बवाना-सोनीपत से नजफगढ़-बहादुरगढ़ तक जुड़ेगा नया रिंग रोड एक्सटेंशन

    दिल्ली-NCR में बिछेगा सड़कों का जाल! बवाना-सोनीपत से नजफगढ़-बहादुरगढ़ तक जुड़ेगा नया रिंग रोड एक्सटेंशन

    नई दिल्ली

    दिल्ली की तीसरी रिंग रोड यानी अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-II) के 6 लेन के एक्सप्रेसवे का विस्तार कर इसे पड़ोसी राज्यों से कनेक्टिविटी दी जाएगी. इससे पूरे एनसीआर की तस्वीर बदलेगी. इसे दो बड़े एक्सप्रेसवे के साथ हरियाणा के अंदरूनी इलाकों से जोड़ने के लिए लिंक रोड बनेगी.रिंग रोड को दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट किया जा रहा है. इससे पंजाब, जम्मू-कश्मीर और माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं को दिल्ली, द्वारका और आईजीआई एयरपोर्ट से सीधा सुपरफास्ट रूट मिलेगा.रिंग रोड बवाना-सोनीपत और नजफगढ़-बहादुरगढ़ लिंक के जरिये हरियाणा के औद्योगिक और रिहायशी इलाकों से भी जोड़ा जा रहा है। 

    अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-II) का लिंक रूट
    उत्तरी दिल्ली के बवाना इंडस्ट्रियल एरिया से हरियाणा के सोनीपत तक 4 लेन लिंक रोड का काम पूरा होने वाला है. ये एनएच-44 के समानांतर एक सफर का नया विकल्प बनेगा. नजफगढ़ से बहादुरगढ़ तक 7.3 किमी का लिंक भी बन रहा है.नजफगढ़, झारोदा कलां से निकलकर सीधे बहादुरगढ़ बाईपास की लिंक रोड भी बन रही है.इससे झज्जर और रोहतक के ट्रैफिक को राहत मिलेगी.नेशनल हाईवे NH-344M के तौर पर दिल्ली NCR की ये अहम इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना है. दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के मास्टर प्लान के तहत नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इसका निर्माण किया है। 

    IGI एयरपोर्ट टनल और द्वारका एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी
    दिल्ली थर्ड रिंग रोड करीब 75-76 किलोमीटर लंबा 6 लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है. यह अलीपुर में एनएच-44 से प्रारंभ होकर रोहिणी, मुंडका, नजफगढ़ और द्वारका होते हुए महिपालपुर के पास एनएच-48 के दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे तक जाता है. रिंग रोड को द्वारका एक्सप्रेसवे के जरिये सीधे इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 और निर्माणाधीन टर्मिनल 4 से जोड़ने के लिए एक विशेष अंडरग्राउंड टनल नेटवर्क का काम पूरा किया गया है. द्वारका सेक्टर 25 में इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर यशोभूमि के आसपास ट्रैफिक के लिए लूप और एप्रोच रोड से भी ट्रैफिक कनेक्टिविटी बेहतर होगी। 

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी लिंक
    रिंग रोड के महिपालपुर शिव मूर्ति वाले छोर को आगे डीएनडी फ्लाईवे-आश्रम एक्सप्रेसवे लिंक और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (सोहना) से लिंक के लिए फ्लाईओवर और एलिवेटेड रैंप बनाया जा रहा है. इससे दिल्ली में बिना एंट्री गाजियाबाद, नोएडा का ट्रैफिक सीधे रिंग रोड के जरिये जयपुर और मुंबई वाले हाईवे में जा सकेगा। 

    नरेला-कुंडली का केएमपी एक्सप्रेसवे लिंक 
    NHAI रिंग रोड के उत्तरी छोर (अलीपुर, नरेला) को सीधे कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के लॉजिस्टिक्स हब से कनेक्टिविटी के लिए फीडर रोड प्रोजेक्ट पर भी काम चल रहा है। 

    रिंग रोड से ट्रैफिक में काफी कमी
    सोनीपत, अलीपुर से आईजीआई एयरपोर्ट तक आउटर रिंग रोड के ट्रैफिक से गुजरने में 2 से ढाई घंटे लेती थी. अब ये घटकर सिर्फ 30 मिनट रह गया है. दिल्ली के इनर और आउटर रिंग रोड से चंडीगढ़, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा से जयपुर, गुरुग्राम या एयरपोर्ट जाने वाले व्यावसायिक और निजी वाहनों को अब दिल्ली नहीं आना पड़ता. आईजीआई एयरपोर्ट और द्वारका एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी से दक्षिण-पश्चिम दिल्ली और गुरुग्राम का सफर आसान हो गया है। 

  • सांप के काटने से बचाएगा LPU का ‘स्मार्ट बूट’! खेत में जहरीला जीव आते ही देगा अलर्ट

    सांप के काटने से बचाएगा LPU का ‘स्मार्ट बूट’! खेत में जहरीला जीव आते ही देगा अलर्ट

    चंडीगढ़
     खेतों में काम करने वाले किसानों, मजदूरों, बागान कर्मियों और वन कर्मचारियों को सांप के काटने से बचाने के लिए लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय (एलपीयू) के शोधकर्ताओं ने एक विशेष बूट तैयार किया है।

    इस बूट को इस तरह बनाया गया है कि यह पैर को सांप के काटने से बचाने के साथ ही चलते समय सांप को मानव की मौजूदगी का संकेत भी दे सके। शोधकर्ताओं ने इसका कार्यशील नमूना तैयार किया है और अब इसके व्यवहारिक परीक्षण की तैयारी की जा रही है।

    विश्वविद्यालय के विद्यार्थी शोध एवं परियोजना विभाग के अंतर्गत तैयार किए गए इस बूट में दो प्रमुख परतें हैं। पहली परत सांप के दांतों को त्वचा तक पहुंचने से रोकने के लिए काटने से बचाने वाले विशेष कपड़े से बनाई गई है।

    यही परत बूट को वास्तविक सुरक्षा प्रदान करती है। शोधकर्ताओं के अनुसार खेतों में काम करने वाले लोगों के पैरों और निचले हिस्से में सांप के काटने की घटनाएं अधिक होती हैं। हालांकि सुरक्षा वाले जूते उपलब्ध हैं, लेकिन भारी, गर्म और लंबे समय तक पहनने में असुविधाजनक होने के कारण खेतों में उनका इस्तेमाल सीमित रहता है।

    बूट की दूसरी परत प्रयोग के स्तर पर है। इसमें लगा छोटा गति संवेदक व्यक्ति के प्रत्येक कदम को पहचानता है। इसके साथ जुड़ा ध्वनि उपकरण हर कदम पर बहुत कम आवृत्ति वाली ध्वनि की छोटी तरंग छोड़ता है।

    इसका उद्देश्य सांप को कुछ क्षण पहले ही इंसान की मौजूदगी का एहसास कराना है, ताकि वह वहां रुकने के बजाय सुरक्षित दूरी पर चला जाए। इस अवधारणा के पीछे वर्ष 2023 में प्रकाशित एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अध्ययन भी आधार है।

    क्वींसलैंड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने स्वतंत्र रूप से घूम रहे सांपों पर कम आवृत्ति वाली ध्वनियों का अध्ययन किया था। इसमें पाया गया कि सांप पूरी तरह बहरे नहीं होते और कई प्रजातियां ऐसी ध्वनियों से दूर हटने की प्रवृत्ति दिखाती हैं।

    यह शोध ऋषव राज और आकांक्षा राठौर द्वारा मंदीप सिंह और रुहुल चौधरी के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। शोध दल अब सर्प विशेषज्ञों तथा सांप के काटने की घटनाओं को कम करने के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं के सहयोग से इसके व्यवहारिक परीक्षण की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।

  • BJP-Akali गठबंधन पर फिर सस्पेंस! PM मोदी-सुखबीर बादल की मुलाकात से गरमाई चर्चा, सैनी के बयान से ठंडी पड़ी बात

    BJP-Akali गठबंधन पर फिर सस्पेंस! PM मोदी-सुखबीर बादल की मुलाकात से गरमाई चर्चा, सैनी के बयान से ठंडी पड़ी बात

    चंडीगढ़
     पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के संभावित गठबंधन की अटकलों को फिलहाल झटका लगा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब भाजपा नेतृत्व के स्पष्ट बयानों ने गठबंधन की उम्मीदों पर विराम लगा दिया है। 

    भाजपा ने संकेत दिया है कि वह राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी का संदेश है कि उसका असली गठबंधन पंजाब की जनता के साथ है।

    यह स्थिति ऐसे समय में बनी है जब शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद गठबंधन की चर्चाओं ने जोर पकड़ा था। हालांकि, दोनों पक्षों ने मुलाकात के बाद कोई औपचारिक घोषणा नहीं की थी। 2024 के लोकसभा चुनाव के आंकड़े गठबंधन की संभावित ताकत का संकेत देते हैं।

    पंजाब जैसे बहुकोणीय चुनाव में यह संभावित संयुक्त आधार दोनों दलों को कई सीटों पर मजबूत मुकाबले में ला सकता है। 2024 में भाजपा 18.56 फीसदी वोट के बावजूद एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत पाई थी, जबकि अकाली दल 13.42 फीसदी वोट के साथ एक सीट जीत सका।

    गठबंधन की अटकलों पर विराम
    नायब सैनी के बयान ने गठबंधन की चर्चाओं पर फिलहाल रोक लगा दी है। इससे अकाली दल के उन नेताओं की बेचैनी बढ़ी है जो पारंपरिक गठबंधन को चुनावी तौर पर बेहतर विकल्प मानते हैं। भाजपा नेतृत्व का यह रुख पंजाब की राजनीतिक फिजा को बदल रहा है। अकाली-भाजपा गठबंधन अब केवल राजनीतिक इच्छा नहीं, बल्कि दोनों दलों के लिए चुनावी गणित और अस्तित्व का सवाल बनता दिख रहा है। भाजपा का कहना है कि उसका असली गठबंधन पंजाब की जनता के साथ है।

    2024 के आंकड़े और चुनावी गणित
    2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और अकाली दल अलग-अलग मैदान में थे। भाजपा का वोट मुख्य रूप से शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में मजबूत रहा। वहीं, अकाली दल का पारंपरिक आधार ग्रामीण और पंथक क्षेत्रों में रहा है। यही भौगोलिक पूरकता पुराने गठबंधन की सबसे बड़ी ताकत थी। 2024 में भाजपा का वोट शेयर 2019 के 9.63 फीसदी से बढ़कर 18.56 फीसदी हो गया। जबकि अकाली दल का वोट शेयर 27.45 फीसदी से घटकर 13.42 फीसदी रह गया। गठबंधन समर्थकों का तर्क है कि अलग लड़ने पर वोट बंटता है, जिसका फायदा कांग्रेस या आम आदमी पार्टी को मिलता है।

    गठबंधन की आवश्यकता और ऐतिहासिक संदर्भ
    अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने कहा है कि पंजाब को बचाने और चुनाव जीतने के लिए अकाली दल और भाजपा का गठबंधन जरूरी है। उनका तर्क है कि दोनों दलों का वोट आधार एक-दूसरे का पूरक रहा है। मलूका ने संकेत दिया है कि गठबंधन का अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर होना है। अकाली-भाजपा गठबंधन के इतिहास को देखें तो दोनों दलों ने साथ मिलकर कई चुनावों में मजबूत प्रदर्शन किया है। 1997 में गठबंधन ने 117 में से 93 सीटें जीती थीं। इसके बाद 2012 में गठबंधन ने 68 सीटें जीतीं।

    सैनी से मुलाकात के बाद PM से मुलाकात
    हालांकि, सूत्रों के मुताबिक PM मोदी से मुलाकात से पहले सुखबीर बादल ने चंडीगढ़ स्थित हरियाणा CM निवास ‘संत कबीर कुटीर’ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की थी। इसके बाद ही सुखबीर की प्रधानमंत्री से मुलाकात का रास्ता बना।

    सुखबीर बादल और CM सैनी के बीच हुई बैठक में पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा-अकाली दल के संभावित गठबंधन, लोकसभा में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल को लेकर समर्थन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। रात को PMO से फोन, सुबह सुखबीर दिल्ली पहुंचे

        गुरुवार रात 11 बजे PMO से आया फोन: अकाली दल से जुड़े टॉप सोर्स के मुताबिक हरियाणा सीएम सैनी ने पीएम मोदी से सुखबीर बादल की मुलाकात के लिए टाइम मांगा। सुखबीर ने भी सैनी से मीटिंग करने के बाद पार्टी के सीनियर नेताओं के साथ सीक्रेट मीटिंग की। जिसमें इस डेवलपमेंट के बारे में उन्हें जानकारी दी गई।

    इसके बाद 6 अगस्त को रात करीब 11 बजे PMO से सुखबीर बादल को फोन आया और उन्हें 7 अगस्त को पीएम से मीटिंग के लिए दिल्ली बुलाया गया।

        दिल्ली में हुई मीटिंग: सुखबीर बादल की 7 अगस्त को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मीटिंग हुई। इस मीटिंग में क्या चर्चा हुई, इस पर अभी अकाली दल और भाजपा के नेता कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि मीटिंग में क्या हुआ, इसके बारे में सुखबीर बादल ही बता सकते हैं।

    सुखबीर बोले- PM से मुलाकात में पंजाब के हालात पर चर्चा
    सुखबीर बादल दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद चंडीगढ़ पहुंचे। इसके बाद उन्होंने 8 अगस्त को अकाली दल की कोर कमेटी की बैठक की। इसमें हरसिमरत कौर बादल, डॉ. दलजीत सिंह चीमा, महेश इंद्र सिंह ग्रेवाल, बलविंदर सिंह भूंदड़, गुलजार सिंह राणिके, सिकंदर सिंह मलूका, हीरा सिंह गाबड़िया समेत अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

    शिअद प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि बैठक में पंजाब के मौजूदा हालात पर चर्चा हुई। गठबंधन को लेकर फिलहाल कोई बात नहीं हुई है। सुखबीर ने बताया कि पीएम मोदी के साथ मुलाकात में भी पंजाब के हालात पर चर्चा हुई थी।

    महिला आरक्षण पर चर्चा, परिसीमन में आबादी आधार न बने
    डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि शिअद की पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में महिला आरक्षण बिल को लेकर पार्टी के रुख पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि अकाली दल परिसीमन के पक्ष में है, लेकिन इसमें जनसंख्या को आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। पार्टी का सुझाव है कि सीटों में 50% बढ़ोतरी का फार्मूला अपनाया जाए।

  • पंजाबियों पर बढ़ा कर्ज का बोझ! गोल्ड लोन ₹13 हजार करोड़ के पार, हरियाणा-हिमाचल से आगे निकला पंजाब

    पंजाबियों पर बढ़ा कर्ज का बोझ! गोल्ड लोन ₹13 हजार करोड़ के पार, हरियाणा-हिमाचल से आगे निकला पंजाब

    चंडीगढ़ 
    पंजाब में सोना गिरवी रखकर बच्चों की पढ़ाई और रोजगार के लिए विदेश भेजने का चलन बढ़ रहा है। इसका असर गोल्ड लोन के बढ़ते बकाये के रूप में सामने आया है। वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पंजाब के लोगों पर 13,057 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन बकाया है। यह पड़ोसी हरियाणा के 9,161 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 42 प्रतिशत अधिक है। पड़ोसी राज्यों में पंजाब गोल्ड लोन के बकाये में सबसे आगे है।

    रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 971 करोड़ रुपये जबकि चंडीगढ़ में 479 करोड़ और जम्मू-कश्मीर में 845 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन बकाया है। पंजाब में बड़ी संख्या में परिवार बच्चों को पढ़ाई और रोजगार के लिए विदेश भेजने के लिए कर्ज ले रहे हैं। समय पर किस्तें न चुका पाने से कई परिवारों पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है। 

    तमिलनाडु में सबसे अधिक गोल्ड लोन बकाया
    रिपोर्ट के अनुसार तमिलनाडु के लोगों पर गोल्ड लोन का बकाया सबसे अधिक 4,11,656 करोड़ रुपये है। दूसरे स्थान पर आंध्र प्रदेश में 2,22,953 करोड़ और कर्नाटक में 98,962 करोड़ रुपये का बकाया है।

    19.38% प्रवासी परिवारों ने संपत्ति बेचकर जुटाया पैसा
    पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की एक स्टडी के अनुसार 19.38 प्रतिशत प्रवासी परिवारों ने विदेश जाने का खर्च जुटाने के लिए जमीन, प्लॉट, मकान, सोना, कार और ट्रैक्टर जैसी संपत्तियां बेचीं। प्रति प्रवासी परिवार औसतन 1.23 लाख रुपये की संपत्ति बेची गई। पूरे पंजाब में यह राशि अनुमानित 5,639 करोड़ रुपये है। कम आय वाले, भूमिहीन, श्रमिक और निम्न जाति से जुड़े कई परिवारों ने मकान और सोने के आभूषण तक बेच दिए।

    प्रोफेसर शालिनी शर्मा के नेतृत्व में हुई स्टडी के अनुसार करीब 56 प्रतिशत परिवारों ने बच्चों को विदेश भेजने के लिए कर्ज लिया। प्रवासी परिवारों पर औसतन 3.13 लाख रुपये प्रति परिवार का कर्ज मिला। इसमें 38.8 प्रतिशत कर्ज गैर-संस्थागत और 61.2 प्रतिशत संस्थागत स्रोतों से लिया गया।

    लोन चुकाना बड़ी चुनौती
    अर्थशास्त्र के प्रोफेसर बिमल अंजुम ने कहा कि पंजाब में गोल्ड लोन का चलन बढ़ रहा है। बड़ी संख्या में लोग बच्चों को विदेश भेजने के लिए कर्ज लेते हैं लेकिन बाद में इसे चुकाने की स्थिति में नहीं होते। यह गंभीर समस्या है। 

  • जस्टिस वर्मा से पूछे गए पैसों पर सवाल, न ठीक से जवाब दे पाए न रकम बता पाए; जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

    जस्टिस वर्मा से पूछे गए पैसों पर सवाल, न ठीक से जवाब दे पाए न रकम बता पाए; जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

    नई दिल्ली

    दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर मिले कैश की जांच करने वाली कमेटी की रिपोर्ट बुधवार को लोकसभा में पेश हो गई. कमेटी ने जस्टिस वर्मा के ऊपर लगे तीनों आरोपों को सही माना है. कमेटी ने यह बात भी मानी है कि घर पर जो कैश मिले थे, उसे लेकर जस्टिस वर्मा के जवाब संतोषजनक नहीं थे। 

    जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर पिछले साल 14 मार्च की रात को भारी मात्रा में कैश मिला था. उस समय जस्टिस वर्मा घर पर नहीं थे और उनके घर पर आग लग गई थी. आग बुझाने आई फायर ब्रिगेड की टीम को उनके घर से 500-500 रुपये के नोटों से भरे बोरे मिले थे. इसके बाद जस्टिस वर्मा का ट्रांसफर इलाहाबाद हाई कोर्ट में कर दिया गया था। 

    जस्टिस वर्मा के घर पर मिले कैश की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीन सदस्यों की कमेटी बनाई थी. 200 से ज्यादा सांसदों ने भी जस्टिस वर्मा को पद से हटाने के लिए महाभियोग लाने की मांग की थी. इसी बीच अप्रैल 2026 में जस्टिस वर्मा ने इस्तीफा दे दिया, लेकिन उनका इस्तीफा अभी तक मंजूर नहीं हुआ है। 

    जस्टिस वर्मा पर तीनों आरोप साबित

    बुधवार को लोकसभा में पेश हुई जांच कमेटी की रिपोर्ट ने जस्टिस वर्मा के ऊपर लगे तीनों आरोपों को सही माना है। 

        पहला आरोप: राजधानी दिल्ली के 30, तुगलक क्रेसेंट के आधिकारिक आवास के स्टोररूम से 500 रुपये के नोटों के बंडल बरामद बरामद हुए थे. कमेटी के मुताबिक, जस्टिस वर्मा नकदी की मौजूदगी, स्रोत और स्वामित्व को लेकर संतोषजनक सफाई नहीं दे सके. कमेटी ने इस आरोप को सही माना। 

        दूसरा आरोप: कमेटी ने पाया कि मामले से जुड़े सबूतों को उचित तरीके से सुरक्षित और संरक्षित नहीं रखा गया.  कानूनी सीलिंग और निरीक्षण से पहले स्टोररूम की स्थिति में बदलाव किए जाने की बात सामने आई है. बाद में कुछ करेंसी नोटों के गायब या अनुपलब्ध होने का भी स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं मिला. कमेटी ने इसे सबूतों के संरक्षण में गंभीर लापरवाही और विफलता माना. हालांकि, इससे ये साबित नहीं होता की जज ने खुद से नोट को हटाया। 

        तीसरा आरोप: कमेटी ने जज की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण, खासकर 22 मार्च 2025 के जवाब, को संतोषजनक नहीं माना. कमेटी के अनुसार, उनका रुख टालमटोल वाला रहा और वह संस्थागत जिम्मेदारी और अपेक्षित स्पष्टता के अनुरूप नहीं था. स्वतंत्र आधिकारिक गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह आरोप भी सिद्ध पाया गया। 

    अब आगे क्या?

    जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट के साथ कार्यवाही का रिकॉर्ड, संबंधित दस्तावेज और सबूत सौंप दिए हैं. अब रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

    14 मार्च 2025 की रात क्या हुआ था?
    पिछले साल 14 मार्च की रात को जस्टिस वर्मा के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर आग लग गई थी. उस वक्त जस्टिस वर्मा घर पर नहीं थे. फायर ब्रिगेड की टीम जब आग बुझाने आई तो उसे स्टोररूम में जले हुए नोट मिले. 500-500 रुपये के ये नोट बोरे में भरे हुए थे। 

    घर से कैश बरामद होने के बाद जस्टिस वर्मा ने दावा किया था कि जो कैश मिला है, वह उनका नहीं है. 

    इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जांच कमेटी बनाई थी. कमेटी ने भी इस बात को माना था कि उनके घर से अधजले नोट मिले थे. सुप्रीम कोर्ट ने भी अधजले नोटों का वीडियो जारी किया था। 

    बाद में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनका ट्रांसफर इलाहाबाद हाई कोर्ट में कर दिया था. जुलाई 2025 में 200 सांसदों ने उनके खिलाफ महाभियोग लाने की मांग की थी. इसके बाद अप्रैल 2026 में जस्टिस वर्मा ने इस्तीफा दे दिया. हालांकि, अभी तक उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ है। 

    कौन हैं जस्टिस वर्मा?
    जस्टिस वर्मा का 6 जनवरी 1969 को इलाहाबाद में हुआ था. दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम की डिग्री लेने के बाद उन्होंने मध्य प्रदेश की रीवा यूनिवर्सिटी से LLB की डिग्री हासिल की. 1992 में जस्टिस वर्मा वकील बने. अक्टूबर 2014 को उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट का एडिशनल जज नियुक्त किया गया. फिर 1 फरवरी 2016 को जस्टिस वर्मा इलाहाबाद हाई कोर्ट के परमानेंट जज बने. 11 अक्टूबर 2021 को उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था. 28 मार्च 2025 को उनका ट्रांसफर इलाहाबाद हाई कोर्ट में कर दिया गया था। 

     

  • डाक विभाग की खास सौगात! ₹25 में तिरंगा, ₹30 में गंगाजल और ₹5 में मिलेगा राखी का लिफाफा

    डाक विभाग की खास सौगात! ₹25 में तिरंगा, ₹30 में गंगाजल और ₹5 में मिलेगा राखी का लिफाफा

    छपरा
     'हर घर तिरंगा' अभियान को सफल बनाने के लिए डाक विभाग ने भी व्यापक तैयारी की है। सारण डाक प्रमंडल अपने विस्तृत डाक नेटवर्क के माध्यम से जिले के लोगों तक तिरंगा पहुंचाने की व्यवस्था में जुट गया है।

    प्रधान डाकघर छपरा के वरिष्ठ डाक अधीक्षक रासबिहारी राम ने बताया कि सारण डाक प्रमंडल में करीब 400 उप डाकघर और शाखा डाकघर हैं, जिससे जिले के दूर-दराज इलाकों तक विभाग की पहुंच बनी हुई है।

    उन्होंने बताया कि अभियान के तहत डाक विभाग की वेबसाइट से तिरंगे का ऑर्डर किया जा सकता है। ऑर्डर मिलने के दिन ही तिरंगा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए 25 रुपये का शुल्क निर्धारित है और ग्राहकों से कोई अतिरिक्त डिलीवरी शुल्क नहीं लिया जाएगा।

    डाक विभाग की ओर से गंगोत्री से लाए गए पवित्र गंगाजल की 250 एमएल बोतल भी प्रधान डाकघर में 30 रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, रक्षाबंधन को लेकर भी विशेष तैयारी की गई है।

    सीनियर पोस्टमास्टर उषा कुमारी ने बताया कि वाटरप्रूफ कलर प्रिंटेड लिफाफे पांच रुपये प्रति की दर से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मौके पर डाक सहायक मुकेश कुमार सिंह, स्टेनोग्राफर अखिलेश शर्मा और सतेंद्र कुमार मौजूद रहे।

  • तंजानिया के फजेल ने ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ में मचाया धमाल, हरियाणवी गाना गाकर जीता दिल

    तंजानिया के फजेल ने ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ में मचाया धमाल, हरियाणवी गाना गाकर जीता दिल

    कुरुक्षेत्र.

    तंजानिया से भारत में पढ़ाई करने आए एक अफ्रीकी युवक ने हरियाणवी गीत गाकर अपनी गायकी का ऐसा जलवा बिखेरा कि उसे 1 लाख का पुरस्कार मिल गया। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से म्यूजिक की पढ़ाई कर रहे फजेल अली पाजी उर्फ फाजेल ने चर्चित शो ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ के बोनस एपिसोड में हरियाणवी, पंजाबी और मराठी गीत प्रस्तुत कर जजों को प्रभावित किया।

    फाजेल ने शो में हरियाणवी गीत ‘बैरण’ गाया। इसके बाद दर्शकों की मांग पर उन्होंने पंजाबी गायक सतिंदर सरताज का गीत ‘सजन राजी हो जावे’ भी प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति से प्रभावित होकर जजों ने उन्हें 10-10 नंबर दिए और फाजेल को शो का विजेता घोषित किया गया। विजेता बनने पर उन्हें ₹1 लाख का कैश प्राइज मिला।

    रेपर बादशाह ने बताया ‘हरियाणा की 37वीं बिरादरी’
    शो के दौरान रैपर बादशाह ने फाजेल के हरियाणा से जुड़ाव को लेकर मजाकिया अंदाज में कहा कि वह भले ही दूसरे देश से आए हैं, लेकिन हरियाणा के लोगों के साथ इस तरह घुल-मिल गए हैं कि अब वह यहां की ‘37वीं बिरादरी’ बन गए हैं। फाजेल ने भी कहा कि वह लंबे समय से हरियाणा में रह रहे हैं और अब खुद को यहां की संस्कृति से काफी करीब महसूस करते हैं। फाजेल ने बताया कि वह वर्ष 2024 में भारत आए थे और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। भारत आने से पहले ही हिंदी सीखना चाहते थे। अब हिंदी के अलावा हरियाणवी, पंजाबी, मलयालम और मराठी गीत भी गाते हैं।

    मां को फोन कर सुनाई जीत की खबर
    शो में फाजेल ने बताया कि परिवार से दूर रहकर पढ़ाई और अपना खर्च चलाना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि शो में मिली जीत उनके लिए सिर्फ प्रतियोगिता जीतना नहीं, बल्कि अपनी मां की मदद करने का भी अवसर है। विजेता घोषित होने और ₹1 लाख की राशि मिलने के बाद उन्होंने स्टेज से ही अपनी मां को फोन कर जीत की जानकारी दी। इस दौरान शो की होस्ट समय रैना ने भी फाजेल की मां से बातचीत की। फाजेल ने बताया कि उन्हें भारत सरकार की ओर से हर महीने ₹20 हजार की स्कॉलरशिप मिलती है। वह अपनी पढ़ाई के साथ संगीत को भी आगे बढ़ाना चाहते हैं। समय रैना के प्रोत्साहन पर उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल भी शुरू किया है और इंस्टाग्राम पर उनके दो लाख से अधिक फॉलोअर्स बताए गए हैं।

    कुरुक्षेत्र से जुड़ी उपलब्धि पर खुशी
    तंजानिया से आए फाजेल की हरियाणवी और भारतीय संगीत के प्रति रुचि ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करते हुए राष्ट्रीय स्तर के मंच पर हरियाणवी गीत गाकर ₹1 लाख जीतना स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • Punjab के गुरुद्वारा साहिब में ग्रंथी के बीड़ी पीने पर हंगामा, बैग से बीड़ी-सिगरेट और तंबाकू बरामद

    Punjab के गुरुद्वारा साहिब में ग्रंथी के बीड़ी पीने पर हंगामा, बैग से बीड़ी-सिगरेट और तंबाकू बरामद

    जालंधर.

    शहर के अशोक नगर स्थित गुरुद्वारा साहिब में सेवा कर रहे एक ग्रंथी द्वारा गुरुद्वारा परिसर में बीड़ी पीने का मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य ग्रंथी से पूछताछ करते नजर आ रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार, ग्रंथी की पहचान किरपाल सिंह निवासी राजपुरा, पटियाला के रूप में हुई है। वीडियो में वह गुरुद्वारा परिसर में बीड़ी पीने की बात स्वीकार करता दिखाई दे रहा है। इसके बाद कमेटी के सदस्यों ने उसके बैग की तलाशी ली, जिसमें वीडियो के अनुसार बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू बरामद हुआ। इसके अलावा कुछ कैप्सूल मिलने की भी बात सामने आई है। पूछताछ के दौरान किरपाल सिंह ने बताया कि वह 6 अगस्त को सेवा के लिए जालंधर आया था। वीडियो में उससे उसके सामान और मोबाइल फोन को लेकर भी पूछताछ की गई।

    मामले के बाद ग्रंथी से उसकी गलती लिखित रूप में स्वीकार करवाई गई। साथ ही उसने भविष्य में किसी भी गुरुद्वारा साहिब में सेवा या ड्यूटी न करने का लिखित आश्वासन दिया। वीडियो में किरपाल सिंह यह भी कहता नजर आ रहा है कि उससे यह बयान किसी दबाव में नहीं लिया गया। फिलहाल घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से आगे क्या कार्रवाई की गई है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

  • Chandigarh Voter List Verification: 1.38 लाख मतदाताओं को नोटिस, 93 हजार तक पहुंचा आंकड़ा; 20,343 केस निपटे

    Chandigarh Voter List Verification: 1.38 लाख मतदाताओं को नोटिस, 93 हजार तक पहुंचा आंकड़ा; 20,343 केस निपटे

     चंडीगढ़
    मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत चंडीगढ़ में निर्वाचन विभाग ने सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी है। अब तक 1,38,070 नोटिस जारी किए जाने हैं, जिनमें से 93,193 यानी करीब 67.5 प्रतिशत नोटिस मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं। नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाताओं को अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर पात्रता साबित करनी होगी।

    निर्वाचन विभाग के अनुसार एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूचियों से डुप्लीकेट, अपात्र और मृत व्यक्तियों की प्रविष्टियां हटाना है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न हो। इसके लिए बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की ओर से फील्ड स्तर पर मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है।

    घर-घर पहुंच रहे BLO, दस्तावेजों की हो रही जांच
    SIR अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) फील्ड में जाकर मतदाताओं का वेरिफिकेशन कर रहे हैं। नोटिस मिलने के बाद मतदाताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जरूरी दस्तावेज जमा कराने होंगे। इन दस्तावेजों के आधार पर तय किया जाएगा कि उनका नाम वोटर लिस्ट में बरकरार रखा जाए या नहीं।

    28,134 मामलों की हो चुकी सुनवाई
    निर्वाचन विभाग के अनुसार, अब तक 28,134 मामलों की सुनवाई असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (AERO) कर चुके हैं। इनमें से 20,343 मामलों का निपटारा हो चुका है, जबकि 7,791 मामले अभी जांच के स्तर पर हैं।

    44,877 और मतदाताओं को जारी होंगे नोटिस
    अभियान के अगले चरण में बाकी मतदाताओं को भी नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके तहत 44,877 अतिरिक्त नोटिस जारी किए जाने हैं। दस्तावेजों और पात्रता की जांच के बाद वोटर लिस्ट में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।

    नाम कटने की स्थिति में क्या होगा?
    निर्वाचन विभाग का उद्देश्य अपात्र नाम
    हटाने के साथ-साथ योग्य मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखना भी है। इसलिए नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं से तय समय सीमा के भीतर संबंधित BLO या AERO के समक्ष आवश्यक दस्तावेज जमा करने की अपील की गई है। समय पर दस्तावेज जमा नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

    नोटिस, दस्तावेज या मामले की स्थिति से जुड़ी किसी परेशानी के लिए मतदाता 1950 हेल्पलाइन, 1800-11-1950 टोल-फ्री नंबर, Voter Helpline App, Voters' Service Portal या अपने क्षेत्र के BLO/AERO कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

    28,134 मामलों की सुनवाई, 20,343 का निपटारा
    सत्यापन के दौरान जिन मतदाताओं की प्रविष्टियों के संबंध में अतिरिक्त जांच या दस्तावेजी पुष्टि की आवश्यकता है, उन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं। अब तक संबंधित सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के समक्ष 28,134 मामलों की सुनवाई हो चुकी है।

    इनमें दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के बाद 20,343 मामलों का निपटारा कर दिया गया है, जबकि 7,791 मामले अभी जांच के अधीन हैं। निर्वाचन विभाग ने बताया कि 44,877 शेष नोटिस भी तैयार किए जा रहे हैं और जल्द ही जारी किए जाएंगे।

    जल्द जमा करें दस्तावेज
    निर्वाचन विभाग ने नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित एईआरओ या अपने बीएलओ के पास आवश्यक दस्तावेज जमा कराएं। विभाग का कहना है कि समय पर दस्तावेज जमा कराने से मामलों का जल्द निपटारा हो सकेगा और पात्र मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में बरकरार रखने में मदद मिलेगी।

    1950 पर मिलेगी मदद
    एसआईआर से संबंधित किसी भी जानकारी, नोटिस या आवेदन की स्थिति जानने के लिए मतदाता 1950 वोटर हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1800-11-1950 पर भी 24 घंटे सहायता उपलब्ध है। मतदाता 1950 पर एसएमएस, वोटर हेल्पलाइन मोबाइल एप और निर्वाचन आयोग के वोटर्स सर्विस पोर्टल के माध्यम से भी जानकारी ले सकते हैं।