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  • हरियाणा में लिंग जांच के खिलाफ सख्ती, हर 6 दिन में एक अवैध रैकेट का भंडाफोड़

    हरियाणा में लिंग जांच के खिलाफ सख्ती, हर 6 दिन में एक अवैध रैकेट का भंडाफोड़

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में भ्रूण के लिंग की जांच और कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बावजूद राज्य में यह गैरकानूनी गतिविधि लगातार चुनौती बनी हुई है। वर्ष 2025 में देशभर में भ्रूण के लिंग की जानकारी देने के 83 मामले दर्ज किए गए, जिनमें अकेले हरियाणा के 64 मामले हैं।

    यानी देश में दर्ज कुल मामलों का करीब 77 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा से सामने आया। आंकड़ों के मुताबिक राज्य में औसतन हर छह दिन में लिंग जांच से जुड़े एक रैकेट का भंडाफोड़ हुआ।

    तीन वर्षों में देश के कुल मामलों में हरियाणा की हिस्सेदारी 57.6 प्रतिशत
    केंद्र सरकार द्वारा मंगलवार को राज्यसभा में टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन के सवाल के जवाब में दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 से 2025 के बीच देशभर में भ्रूण के लिंग की जानकारी देने के 184 मामले दर्ज हुए। इनमें 106 मामले हरियाणा में दर्ज किए, जो कुल मामलों का 57.6 प्रतिशत है। गुजरात इस अवधि में 28 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर, जबकि राजस्थान में 11 मामले दर्ज किए गए। आंकड़े बताते हैं कि हरियाणा में लिंग जांच के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई दोनों बड़े स्तर पर जारी हैं।

    राजस्थान से हरियाणा तक पहुंच रहीं गर्भवती महिलाएं
    हाल के महीनों में सामने आए मामलों से पता चलता है कि लिंग जांच का नेटवर्क केवल हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी जुड़ा हुआ है। 16 जुलाई को राजस्थान पुलिस की टीम ने सिरसा के डबवाली में एक बिचौलिए को गिरफ्तार किया और उस निजी अस्पताल पर छापा मारा, जहां कथित तौर पर भ्रूण के लिंग की जांच की जा रही थी। राजस्थान पुलिस करीब छह महीने से इस नेटवर्क पर नजर रख रही थी। आरोप है कि राजस्थान के हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और बीकानेर जिलों से गर्भवती महिलाओं को लिंग जांच के लिए डबवाली लाया जाता था।

    करनाल में डॉक्टर रंगे हाथ पकड़ा गया
    5 जुलाई को करनाल के इंद्री में एक डॉक्टर को कथित तौर पर भ्रूण के लिंग की जांच करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। इसके अलावा 27 मई को उत्तर प्रदेश के अमरोहा में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक मकान पर छापा मारकर लिंग जांच से जुड़े सात लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि रोहतक की गर्भवती महिलाएं कथित तौर पर लिंग जांच के लिए अमरोहा ले जाई जाती थीं। मौके से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन भी बरामद की गई।

    यूपी के सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाने की मांग
    हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य डॉ. सुमिता मिश्रा ने जून में उत्तर प्रदेश के अपने समकक्ष को पत्र लिखकर हरियाणा से सटे जिलों में कार्रवाई करने वाली टीमों को प्रशासनिक और पुलिस सहयोग उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। इसका उद्देश्य अंतरराज्यीय स्तर पर संचालित लिंग जांच नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना है।हरियाणा सरकार के अनुसार जनवरी 2024 से मार्च 2026 के बीच राज्य में 84 छापेमारी की गईं। इनमें से 37 छापे उत्तर प्रदेश में मारे गए।

    2015 से अब तक 1,400 से अधिक एफआईआर
    'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' कार्यक्रम के पूर्व प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर जीएल सिंघल के अनुसार, अभियान की शुरुआत के बाद से हरियाणा में भ्रूण के लिंग की जांच के खिलाफ निगरानी काफी बढ़ी है। उनके मुताबिक किसी अन्य राज्य की तुलना में हरियाणा ने अधिक छापेमारी और डिकॉय ऑपरेशन किए हैं।उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 से अब तक राज्य में 1,400 से अधिक एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। हालांकि, उनके अनुसार अब उत्तर प्रदेश भी लिंग जांच के मामलों का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

    तीन साल में कन्या भ्रूण हत्या के 19 मामले
    राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 से 2024 के बीच हरियाणा में कन्या भ्रूण हत्या के 19 मामले दर्ज हुए। इस मामले में हरियाणा देश में चौथे स्थान पर रहा। छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक 41 मामले दर्ज हुए, जबकि मध्य प्रदेश में 31 और महाराष्ट्र में 28 मामले सामने आए। पंजाब में 12 मामले दर्ज हुए, जबकि हिमाचल प्रदेश में इस अवधि के दौरान कोई मामला दर्ज नहीं हुआ।

    जन्म के समय लिंगानुपात देश में चौथा सबसे कम
    केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार 'सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम-स्टैटिस्टिकल रिपोर्ट 2024' में हरियाणा का जन्म के समय लिंगानुपात 891 रहा। इसका अर्थ है कि राज्य में प्रति 1,000 पुरुषों पर 891 लड़कियों का जन्म दर्ज हुआ। यह देश में चौथा सबसे कम लिंगानुपात है।उत्तराखंड 870 के साथ सबसे नीचे रहा। इसके बाद दिल्ली 874 और मध्य प्रदेश 885 पर रहे।

    छह महीने में 900 तक पहुंचा हरियाणा का लिंगानुपात
    हरियाणा सरकार के अपने आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं। वर्ष 2025 में राज्य का जन्म के समय लिंगानुपात 923 था, जो 2026 के पहले छह महीनों यानी 30 जून तक घटकर 900 रह गया।जिलों में चरखी दादरी की स्थिति सबसे खराब रही, जहां लिंगानुपात 829 दर्ज किया गया। महेंद्रगढ़ में यह आंकड़ा 869 रहा। गुरुग्राम और झज्जर में 871-871 तथा जींद में 878 रहा। राज्य के 11 जिलों में जन्म के समय लिंगानुपात 900 से नीचे दर्ज किया गया।

    कार्रवाई के साथ सामाजिक सोच बदलना भी चुनौती
    आंकड़े बताते हैं कि हरियाणा में लिंग जांच के खिलाफ प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है, लेकिन अंतरराज्यीय नेटवर्क के कारण चुनौती बनी है। विशेषज्ञों के अनुसार केवल छापेमारी और एफआईआर से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसके लिए अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर निगरानी, अंतरराज्यीय पुलिस एवं स्वास्थ्य विभागों के बीच बेहतर तालमेल और समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को मजबूत करना जरूरी है।

  • Punjab के मशहूर कबड्डी रेडर गुरजीत सिंह तूत का निधन, खेल जगत में शोक की लहर

    Punjab के मशहूर कबड्डी रेडर गुरजीत सिंह तूत का निधन, खेल जगत में शोक की लहर

    फरीदकोट.

    कबड्डी जगत को आज उस समय बड़ा झटका लगा, जब पंजाब के मशहूर रेडर और अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी गुरजीत सिंह तूत का निधन हो गया। गुरजीत सिंह तूत ने फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल अस्पताल में अंतिम सांस ली।

    जानकारी के अनुसार, गुरजीत सिंह तूत पिछले काफी समय से किडनी की बीमारी से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।बताया जा रहा है कि गुरजीत सिंह तूत पंजाब के फिरोजपुर जिले के गांव तूत के रहने वाले थे। अपने खेल के दौर में वह कबड्डी के बेहतरीन और चर्चित खिलाड़ियों में शामिल रहे।

    करीब सवा छह फीट लंबे गुरजीत सिंह तूत अपनी मजबूत कद-काठी और दमदार खेल के लिए कबड्डी मैदानों में खास पहचान रखते थे। उनके निधन की खबर से कबड्डी प्रेमियों और खेल जगत में शोक की लहर है।

  • दिल्ली में झुग्गीवासियों के लिए बड़ी राहत! 2015 नहीं, अब इस साल तक बनी झुग्गियों पर मिलेगा मकान

    दिल्ली में झुग्गीवासियों के लिए बड़ी राहत! 2015 नहीं, अब इस साल तक बनी झुग्गियों पर मिलेगा मकान

    नई दिल्ली

    दिल्ली के हजारों झुग्गियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए अच्छी खबर है। डूसिब (संशोधन) विधेयक-2026 विधानसभा में पारित होने के साथ ही इनके पुनर्वास का रास्ता साफ हो गया है। दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने  विधानसभा में साफ किया कि इस संशोधन का लाभ केवल उन झुग्गियों के निवासियों को ही मिलेगा जो एक जनवरी 2025 से पहले बनी हुई हैं। जल्द सरकार सर्वे करेगी।

    मंत्री सूद ने बताया कि इसके माध्यम से झुग्गी-झोपड़ी क्लस्टरों की पहचान के लिए निर्धारित कट-ऑफ तिथि को वर्ष 2006 से बढ़ाकर एक जनवरी 2025 किया गया है। इन्हें पक्का मकान दिल्ली सरकार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने भी जहां झुग्गी वहां मकान का वादा किया, लेकिन किसी को एक भी मकान नहीं दिया। आप ने झुग्गियां तोड़ने के झूठे नारे लगाए, लेकिन सत्ता में रहते हुए झुग्गी वासियों के विकास के लिए खास पैसा खर्च नहीं कर पाए। अब सरकार डूसिब के साथ मिलकर झुग्गीवालों को बस्तियों के पास ही घर देंगी।

    आसान नहीं होगी लागू करने की राह
    यह विधेयक भले ही दिल्ली सरकार ने विधानसभा में पास कर दिया है, लेकिन इसे जमीनी स्तर पर लागू करना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। राजधानी में आखिरी सर्वे वर्ष 2014-15 में किया गया था, जिसमें लगभग 3.5 लाख झुग्गियां दिल्ली में मिली थी। इसके बाद का आंकड़ा किसी के पास नहीं है। दिल्ली सरकार सबसे पहले सर्वे कर दिल्ली में झुग्गियों की संख्या का पता लगाएगी और इसके बाद ही पुनर्वास की योजना बनेगी।

    आप का दीमक साफ कर रही दिल्ली सरकार: सीएम
    कैग की रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आप पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आप सरकार के दौरान का दीमक ही वर्तमान दिल्ली सरकार साफ कर रही है। उन्होंने कहा कि अब तक डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में भाजपा सरकार ने 19 सीएजी की रिपोर्ट रखी। पिछली सरकार में सीएजी की रिपोर्ट विधानसभा में नहीं रखी जाती थी, पीएसी की बैठक नहीं होती थी। सीएजी की रिपोर्ट में बताया गया है कि आप सरकार में कितना गबन किया। स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली सब्सिडी, जल बाेर्ड सहित तमाम विभागों की योजनाओं में घोटाला हुआ। उन्होंने कहा कि आप सरकार अपना बजट भी पूरा खर्च नहीं कर पाती थी। केंद्र से मिलने वाली सहायता भी वापस लौट जाती थी। यमुना की सफाई, सड़क, प्रदूषण सहित किसी मामले पर काम नहीं हुआ।

    तिरंगा यात्रा निकाली
    दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कैबिनेट मंत्रियों एवं विधायकों ने मंगलवार को विधानसभा परिसर में आयोजित तिरंगा यात्रा में भाग लिया। महात्मा गांधी की प्रतिमा से शुरू होकर तिरंगा यात्रा डा. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर समाप्त हुई। विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि तिरंगा केवल हमारा राष्ट्रीय ध्वज नहीं है, यह हमारे लोकतंत्र की जीवंत धड़कन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता के गौरव का प्रतीक। स्वतंत्रता सेनानियों की तपस्या और बलिदान की याद और 140 करोड़ भारतीयों की एकता का प्रतीक है।

  • Haryana में स्वतंत्रता दिवस पर CM सैनी फहराएंगे तिरंगा, हांसी में होगा राज्य स्तरीय समारोह

    Haryana में स्वतंत्रता दिवस पर CM सैनी फहराएंगे तिरंगा, हांसी में होगा राज्य स्तरीय समारोह

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़. स्वतंत्रता दिवस पर हरियाणा में होने वाले जिला स्तरीय समारोहों के लिए ध्वजारोहण करने वाले गणमान्य लोगों की सूची जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 15 अगस्त को हांसी में तिरंगा फहराएंगे, जबकि राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष यमुनानगर में स्वतंत्रता दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए ध्वजारोहण करेंगे।

    सरकार की सूची के मुताबिक फरीदाबाद में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, गुरुग्राम में विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा, हिसार में सांसद नवीन जिंदल, जींद में सांसद संजय भाटिया और कुरुक्षेत्र में विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ध्वजारोहण करेंगे। वहीं, अंबाला में ऊर्जा मंत्री अनिल विज, भिवानी में सांसद सुभाष बराला और चरखी दादरी में सांसद रेखा शर्मा की ड्यूटी लगाई गई है।
    दूसरी ओर पंचकूला में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी, पानीपत में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, रेवाड़ी में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर, रोहतक में सहकारिता मंत्री अरविंद कुमार शर्मा, सिरसा में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा और सोनीपत में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह तिरंगा फहराएंगे।

    उपमंडल स्तर पर भी जिम्मेदारियां तय
    स्वतंत्रता दिवस समारोह केवल जिला मुख्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार ने उपमंडल स्तर पर भी ध्वजारोहण के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। कालका में विधायक शक्ति रानी शर्मा, पानीपत के इसराना में विधायक प्रमोद कुमार विज, समालखा में विधायक मनमोहन भड़ाना और गोहाना में विधायक देवेंद्र कादियान ध्वजारोहण करेंगे।

    कालका में विधायक शक्ति रानी शर्मा
    पंचकूला के जिला स्तरीय कार्यक्रम में मंत्री श्रुति चौधरी मुख्य अतिथि होंगी। वहीं कालका उपमंडल में विधायक शक्ति रानी शर्मा स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण करेंगी।

  • Punjab SIR: कल जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, आपका नाम है या कट गया? ऐसे करें चेक

    Punjab SIR: कल जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, आपका नाम है या कट गया? ऐसे करें चेक

    चंडीगढ़.

    चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत चुनाव विभाग द्वारा वोटर लिस्ट का स्पेशल इटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान लगातार जारी है। वहीं SIR का फर्स्ट राउंड पूरा हो गया है और कल यानी 13 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी।

    पंजाब में 5 महीने बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और उससे पहले वोटर लिस्ट की SIR  का पहला राउंड पूरा हो गया है। पंजाब में SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे वोटरों की पहचान हुई है, जिनके रिकॉर्ड में अलग-अलग तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं। इनमें करीब 9.5 लाख वोटर ऐसे हैं, जो स्थायी रूप से राज्य से बाहर जा चुके हैं। वहीं, 5.75 लाख वोटरों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 1.20 लाख वोटर डुप्लीकेट पाए गए हैं। इसके अलावा करीब 4.12 लाख वोटर ऐसे हैं, जिनका पूरे पंजाब में कोई पता नहीं चल पाया। हालांकि, अगर ये वोटर अंतिम वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल करवाना चाहते हैं, तो ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद संबंधित ERO या BLO के पास दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

    ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में ऐसे करें अपना नाम चेक
    चुनाव आयोग का आधिकारिक पोर्टल voters.eci.gov.in पर 'Search in Electoral Roll' पर क्लिक करें। उसके बाद आपको अपना नाम चेक करने के लिए 3 विकल्प मिलेंगे। इसमे नाम, पिता/पति का नाम, आयु, राज्य, जिला और विधानसभा क्षेत्र दर्ज करें। फिर अपना वोटर आईडी कार्ड नंबर भरकर अपना राज्य चुनें। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा, जिसे भरकर कैप्चा कोड भरें और Search बटन पर क्लिक करें। अगर आप आपका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में होगा तो पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। View Details पर क्लिक करने पर वोटर सूचना पर्ची डाउनलोड कर सकते हैं। पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाएं और 'Download Electoral Roll PDF' पर क्लिक करें।  जहां अपना राज्य, जिला और विधानसभा चयनित करके अपनी भाषी चुनें और फिर मतदान केंद्र का नाम ढूंढकर Download आइकन पर क्लिक करें। इस तरह से आपकी PDF डाउनलोड हो जाएगी और अपना नाम और मकान नंबर खोज सकते हैं। आप अपने क्षेत्र के BLO के पास जाकर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की हार्ड कॉपी में अपना नाम देख सकते हैं। 

    वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए ऐसे करें आवेदन
    अगर आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है तो आप फार्म-6 भरकर अपना नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते है। इसके आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन किया जा सकता है। उसके बाद BLO द्वारा वेरिफिकेशन किया जाएगा। जानकारी और दस्तावेज सही पाए जाने पर आपका नाम वोटर सूची में शामिल किया जा सकता है। दावे और आपत्ति दर्ज करवाने का समय 13 अगस्त से 12 सितंबर तक है। आपको बता दें कि, फार्म -6 तभी भरना है यदि आपका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं या फिर आप पहली बार मतदाता बन रहे हैं। पहली बार वोटर बनने  के लिए फार्म-6 भरना होगा, जिसके लिए आपको अपना नाम, जन्मतिथि, वर्तमान पता और अन्य जरूरी जानकारी देनी होगी। 

    जरूरी दस्तावेज
    वोटर सूची में अपना नाम दर्ज करवाने और जुड़ने के लिए उम्र, निवासी जुड़े दस्तावेज देने होंगे, जिसके लिए अपको जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, कक्षा 10वीं या 12वीं का प्रमाण पत्र या पिर पासपोर्ट देने होंगे। निवास प्रमाण के लिए बैंक या पोस्ट आफिस की पासबुक, बिजली, पानी  या गैस का बिल, आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि दस्तावेज दिए जा सकते हैं। इसके अलावा आपको पासपोर्ट साइज फोट देने होगी। 

    कहां जमा करने होंगे फॉर्म और दस्तावेज?
    वोटर SIR से जुड़े फॉर्म और जरूरी दस्तावेज अपने मतदान केंद्र के BLO पास जमा कर सकते हैं। SIR अभियान के दौरान लगाए जाने वाले विशेष कैंपों में भी BLO मौजूद रहेंगे। या फिर तहसील या SDM कार्यालय की चुनाव शाखा अथवा ERO/AERO कार्यालय में भी आवेदन जमा किया जा सकता है। ऑफलाइन फॉर्म जमा करते समय संबंधित अधिकारी या BLO से रसीद जरूर लें। रसीद पर दर्ज रेफरेंस नंबर के जरिए बाद में आवेदन का स्टेटस चेक किया जा सकता है।

    ऑनलाइन ड्राफ्ट सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया
    ऑनलाइन आवेदन के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा Voter Helpline App के जरिए भी मतदाता अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर भरने पर आपको एक OTP आएगा। इसके बाद आप रजिस्टर करके लॉगिन कर सकते हैं। फिर फार्म-6 सेक्शन में जाकर News Registration for General Electors चयनित करें।   अपना राज्य, जिला, विधानसभा क्षेत्र, वर्तमान  पता और अपनी व्यक्तिगत जानकारी। फोटो, उम्र और निवासी से जुड़े दस्तावेज। फिर फार्म सबिमट कर दें।

  • करनाल में दर्दनाक हादसा, अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली खेत में पलटी; 3 की मौत, 2 गंभीर घायल

    करनाल में दर्दनाक हादसा, अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली खेत में पलटी; 3 की मौत, 2 गंभीर घायल

    करनाल.

    जिले के काछवा-बहलोलपुर मार्ग पर गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। बहलोलपुर गांव के पास भूसा लेने जा रहा एक महिंद्रा 575 ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में पलट गया।

    इस हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे दबने से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, ट्रैक्टर-ट्रॉली में कुल पांच लोग सवार थे, जो काछवा से बहलोलपुर गांव में भूसा लेने जा रहे थे। रास्ते में अचानक चालक का संतुलन बिगड़ने के कारण वाहन बेकाबू होकर खेत में जा गिरा, जिससे उसमें सवार सभी पांचों लोग नीचे दब गए।

    स्थानीय लोगों ने की मदद
    हादसे के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों की मदद से सभी को बाहर निकाला गया और करनाल के कल्पना चावला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि दो घायलों का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा मृतकों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं और मामले की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

    मृतकों में ये लोग शामिल
    मृतकों में तीन लोग शामिल हैं। इनमें दो सगे भाई अबरार (28) और खालिद (24) और उनके मौसा फजरू शामिल हैं। ये सभी यूपी के जिला शामली के गांव सोहनी उमरपुर के रहने वाले थे। ट्रैक्टर नौशाद चला रहा था। अरशद और सोनू ट्रैक्टर पर बैठे थे। मृतकों में शामिल खालिद का कुछ दिन पहले ही रिश्ता तय हुआ था। सभी एक गांव के निवासी थे। रात करीब 1:30 बजे वे गांव से चले थे और उन्हें बहलोलपुर में तूड़ी भरनी थी। सड़क पर गड्ढे के कारण ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया ओर धान के खेत में पटल गया।

  • तरनतारन में पुलिस-बदमाशों के बीच Encounter, ताबड़तोड़ फायरिंग में बदमाश घायल

    तरनतारन में पुलिस-बदमाशों के बीच Encounter, ताबड़तोड़ फायरिंग में बदमाश घायल

    तरन तारन.

    सरहाली कलां में पुलिस और एक बदमाश के बीच मुठभेड़ होने का मामला सामने आया है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने पुल सूआ सरहाली कलां के पास नाकाबंदी की थी। इसी दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध को रोकने की कोशिश की तो आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।

    पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी को दो गोलियां लगीं और वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। आरोपी की पहचान इंदर उर्फ अजय पुत्र भूपिंदर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से एक PX-5 पिस्तौल और मोटरसाइकिल बरामद की है।

    बताया जा रहा है कि आरोपी के खिलाफ अलग-अलग थानों में पहले से चार मामले दर्ज हैं और वह कई फायरिंग की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। पुलिस ने थाना सरहाली में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से जुड़े अन्य मामलों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

  • महेन्द्रगढ़ अवैध खनन मामले में बड़ा मोड़, हाई कोर्ट ने फर्जीवाड़े की जांच CBI को सौंपी

    महेन्द्रगढ़ अवैध खनन मामले में बड़ा मोड़, हाई कोर्ट ने फर्जीवाड़े की जांच CBI को सौंपी

    चंडीगढ़.

    महेंद्रगढ़ जिले में अवैध खनन के संबंध में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में दाखिल एक याचिका की सच्चाई पर उठे सवाल अब और गहरे हो गए हैं। हाई कोर्ट की प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि याचिका में जिस व्यक्ति को याचिकाकर्ता बताया गया, उसे न तो याचिका दाखिल होने की जानकारी थी और न ही उसने इसे दाखिल करने के लिए किसी को अधिकृत किया था।

    इस गंभीर मामले को देखते हुए कार्यवाहक चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को प्राथमिकी दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं। सीबीआई की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में खंडपीठ के समक्ष पेश की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, याचिकाकर्ता को याचिका दाखिल करने की जानकारी नहीं थी और उसने किसी को निर्देश या अधिकृत नहीं किया था। प्रारंभिक जांच में गलत प्रस्तुतीकरण और रिकार्ड में हेरफेर के तथ्य सामने आए हैं, जिससे प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का मामला बनता है।पीठ ने याचिकाकर्ता और अन्य के खिलाफ चार अप्रैल को दर्ज प्राथमिकी की जांच भी सीबीआई को सौंप दी। कोर्ट के समक्ष कहा था कि यह प्राथमिकी याचिकाकर्ता पर दबाव बनाने के उद्देश्य से दर्ज कराई गई थी। पीठ ने निर्देश दिया कि दोनों मामलों की जांच सीबीआई एक साथ करेगी और तीन महीने बाद इसकी रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश की जाएगी।

    यह मामला महेंद्रगढ़ के बखरीजा गांव में कथित अवैध खनन से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि खनन योजना, पर्यावरण मंजूरी प्रमाणपत्र और वैधानिक नियमों के विपरीत खनन किया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने मुआवजा दिलाने और उसके घर से 250 मीटर के दायरे में अवैध खनन रोकने के निर्देश मांगे थे। याचिका वापस लेने की कोशिश ने मामले को और संदिग्ध बना दिया। 16 अप्रैल को कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता याचिका आगे नहीं चलाना चाहता। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया।

    याचिकाकर्ता ने कोर्ट में खुद को अनपढ़ बताया और यह नहीं बता सका कि याचिका क्यों दाखिल की गई और उसे वापस क्यों लिया जा रहा है।मामले में एक सतपाल सिंह की भूमिका भी संदिग्ध रही। पीठ ने कहा कि उसने याचिकाकर्ता से संबंध स्पष्ट नहीं किया। कोर्ट ने याचिका और वकालतनामे पर हस्ताक्षरों में भी अंतर पाया। इन परिस्थितियों में पीठ ने याचिका दाखिल करने और उसे वापस लेने की प्रक्रिया को 'अत्यधिक संदिग्ध' बताया।पीठ ने स्पष्ट किया कि वह अज्ञात व्यक्तियों द्वारा गलत उद्देश्यों से फर्जी याचिकाएं दाखिल कराने की प्रक्रिया को स्वीकार नहीं कर सकती। अब सीबीआई दोनों प्राथमिकी की संयुक्त जांच कर मामले की वास्तविकता हाई कोर्ट के समक्ष रखेगी।

  • लुधियाना में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां तेज, हरपाल चीमा करेंगे ध्वजारोहण

    लुधियाना में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां तेज, हरपाल चीमा करेंगे ध्वजारोहण

    लुधियाना.

    आगामी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लुधियाना में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी व कराधान और परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के मैदान में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।

    ध्वजारोहण के बाद वे परेड का निरीक्षण करेंगे और जिलावासियों को संबोधित करेंगे। समारोह के सुचारू आयोजन को लेकर डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने सोमवार को विभिन्न प्रशासनिक विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वतंत्रता दिवस के इस राष्ट्रीय पर्व को पूरी देशभक्ति, अनुशासन और गरिमा के साथ मनाने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते पूरे कर लिए जाएं। बैठक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम, निर्बाध बिजली आपूर्ति, पेयजल, साफ-सफाई और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।

    डिप्टी कमिश्नर ने नगर निगम को पी.ए.यू. मैदान और आसपास की सडक़ों पर विशेष सफाई अभियान चलाने तथा धूल रोकने के लिए पानी का छिडक़ाव करने के निर्देश दिए। इसके अलावा समारोह में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए अस्थायी व मोबाइल टॉयलेट भी स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही कमिश्नरेट पुलिस को सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल टीमें और एम्बुलेंस तैनात रहेंगी। डी.सी. हिमांशु जैन के मुताबिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों, परेड और अन्य प्रस्तुतियों को अंतिम रूप देने के लिए 13 अगस्त को फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की जाएगी। डीसी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम कर समारोह को भव्य और यादगार बनाने के निर्देश दिए हैं।

  • हिमाचल में भारी बारिश का असर! कांगड़ा घाटी रेल सेवा फिर बंद, पठानकोट की 4 ट्रेनें रद्द

    हिमाचल में भारी बारिश का असर! कांगड़ा घाटी रेल सेवा फिर बंद, पठानकोट की 4 ट्रेनें रद्द

     कांगड़ा 

    हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा क्षेत्र में खराब मौसम के चलते ऐतिहासिक कांगड़ा घाटी नैरोगेज रेल सेवा एक बार फिर प्रभावित हुई है। करीब 10 दिन की मरम्मत के बाद 31 जुलाई को ही इस रेलमार्ग को ट्रेनों की आवाजाही के लिए सुरक्षित घोषित कर हरी झंडी दी गई थी। 

    महज 12 दिनों के भीतर पहाड़ी क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश और तलाड़ा रेलवे स्टेशन के पास पटरियों के समीप हुए भीषण भूस्खलन ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल ने 12 अगस्त से अगले आदेश तक पठानकोट-बैजनाथ पपरोला रेलखंड पर चलने वाली 4 प्रमुख ट्रेनों को रद्द कर दिया है। हालांकि, बैजनाथ पपरोला-जोगिंदर नगर और बैजनाथ पपरोला-कोपरलाहड़ के बीच चलने वाली 4 ट्रेनों का संचालन जारी रखा जाएगा।

    31 जुलाई को 10 दिन बाद बहाल हुई थी सेवा, अब फिर छाया संकट
    इससे पहले 21 जुलाई को भारी बारिश और मलबे के कारण यह रेलमार्ग बंद हो गया था। रेलवे की इंजीनियरिंग टीमों ने दिन-रात मेहनत कर ट्रैक को दुरुस्त किया, जिसके बाद 31 जुलाई की सुबह 5 बजे पठानकोट से जोगिंदर नगर के लिए पहली ट्रेन रवाना हुई थी।

    शुरुआत में दो जोड़ी ट्रेनों के संचालन के साथ रेल सेवा को चरणबद्ध तरीके से बहाल करने की योजना थी। हालांकि, अगस्त के दूसरे सप्ताह में हुई मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने एक बार फिर ट्रैक की स्थिति बिगाड़ दी, जिसके चलते रेल सेवा रोकनी पड़ी।

    ट्रेन बंद होने से 5 गुना महंगा पड़ा बस का सफर:-

        जेब पर भारी बोझ: बार-बार ट्रेन सेवा बंद होने से रोजाना दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, स्कूली छात्रों और स्थानीय दुकानदारों को निजी वाहनों या बसों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बसों का किराया रेल किराए से करीब 5 गुना अधिक है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा

        सड़क मार्ग पर जाम: पटरियों पर ट्रेन न दौड़ने के कारण सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है, जिससे घंटों लंबे ट्रैफिक जाम का सामना भी करना पड़ रहा है।
        व्यापार व पर्यटन प्रभावित: कांगड़ा घाटी के पर्यटन उद्योग की रीढ़ मानी जाने वाली इस नैरोगेज ट्रेन के ठप होने से स्थानीय होटलों और दुकानदारों की रौनक भी गायब हो गई है।

    युद्ध स्तर पर ट्रैक की मरम्मत जारी
    रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, तलाड़ा स्टेशन के पास पटरियों पर गिरे मलबे को हटाने और धंसी हुई मिट्टी की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर जारी है। ट्रैक की स्थिति सामान्य होने और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही रद्द की गई ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू किया जाएगा।