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  • निर्मला सीतारमण बोलीं- निजी निवेश बढ़ाने में विकास बैंकों की अहम भूमिका

    निर्मला सीतारमण बोलीं- निजी निवेश बढ़ाने में विकास बैंकों की अहम भूमिका

    जयपुर
    केन्द्रीय वित्त तथा कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन ने जयपुर में हो रही ब्रिक्स के सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों एवं केन्द्रीय बैंक के गवर्नरों (एफएमसीबीजी) की बैठक के दौरान बुधवार को “द रोल ऑफ द न्यू डेवलपमेंट बैंक इन मोबिलाइजिंग प्राइवेट कैपिटल इन मेंबर कंट्रीज” विषय पर आयोजित सेमिनार में मुख्य भाषण दिया।

    सुश्री डिल्मा रूसेफ ने भी विशेष संबोधन दिया। इस सेमिनार में आर्थिक कार्य विभाग (डीईए) की सचिव सुश्री अनुराधा ठाकुर और फिक्की के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट विजय शंकर भी शामिल हुए।

    केन्द्रीय वित्त मंत्री ने निवेश के जोखिम को कम करने, परियोजना को बैंक के लिए आकर्षक बनाने और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में बहुपक्षीय विकास बैंकों की अहम भूमिका पर जोर दिया ताकि बड़े पैमाने पर निजी पूंजी जुटाई जा सके।

    भारत के अनुभव के बारे में बात करते हुए, सीतारमन ने कहा कि भारत सरकार ने निरंतर सार्वजनिक पूंजीगत व्यय और उससे जुड़े संरचनात्मक सुधारों के जरिए अपने अवसंरचना  इकोसिस्टम को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले की तुलना में सार्वजनिक निवेश में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जो राजमार्गों, रेलवे, बंदरगाहों, लॉजिस्टिक्स प्रणालियों, डिजिटल अवसंरचना और ऊर्जा नेटवर्कों में उत्पादक राष्ट्रीय परिसंपत्तियां बनाने की एक सोची-समझी रणनीति को दर्शाता है।

    सीतारमन ने कहा कि भारत सरकार का मानना ​​है कि सार्वजनिक पूंजी को निजी निवेश का विकल्प नहीं बल्कि उसके उत्प्रेरक के तौर पर कार्य करना चाहिए। इसी सिद्धांत के समर्थन में भारत सरकार ने विभिन्न सुधार किए हैं

    आर्थिक रूप से सीमित लेकिन सामाजिक रूप से वांछनीय परियोजनाओं को समर्थन प्रदान करने हेतु व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण [वायबिलिटी गैप फंडिंग ]

    सड़क बुनियादी ढांचे में जोखिम को संतुलित रूप से बांटने हेतु हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल

    परियोजना की बैंक से ऋण मिलने की योग्यता (बैंकेबिलिटी) को बेहतर बनाने हेतु क्रेडिट बढ़ाने वाले उपाय

    पूंजी को दोबारा उपयोग करने और दीर्घकालिक संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करने हेतु इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट

    नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन, जो निवेशकों को दीर्घकालिक स्पष्टता प्रदान करती है।

    पीएम गति शक्ति – मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के लिए राष्ट्रीय मास्टर प्लान, जो तालमेल और कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है।

    इसी आधार को आगे बढ़ाते हुए, केन्द्रीय वित्त मंत्री ने बताया कि केन्द्रीय बजट 2026-27 में निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न लक्षित उपाय किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
    नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
    नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
    नए राष्ट्रीय जलमार्गों को शुरू करना और
    तटीय कार्गो प्रोत्साहन योजना

    वित्त मंत्री सीतारमन ने बताया कि कि ब्रिक्स के सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाएं जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास के मुख्य इंजन हैं, वहीं बड़े पैमाने पर निजी पूंजी जुटाने में उन्हें एक जैसी संरचनात्मक चुनौतियों का सामना भी करना पड़ता है। चुनौती सिर्फ पूंजी की उपलब्धता  की ही नहीं बल्कि भरोसा, स्थिरता, पूर्वानुमेयता और विश्वसनीय दीर्घकालिक ढांचे तैयार करने की भी है, जो सदस्य देशों में निजी क्षेत्र की निरंतर भागीदारी को बढ़ावा देने हेतु जरूरी हैं।

    केन्द्रीय वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि विकासात्मक वित्त का भविष्य साझेदारी में निहित है। बहुपक्षीय संस्थाओं, राष्ट्रीय सरकारों और निजी क्षेत्र सहित सभी की अपनी-अपनी विशिष्ट खूबियां हैं।

    आर्थिक कार्य विभाग की सचिव श्रीमती अनुराधा ठाकुर ने कहा कि आज की सेमिनार खास तौर पर प्रासंगिक है क्योंकि विकासात्मक वित्त अब ऐसे दौर में है जहां बड़े पैमाने पर काम करने के साथ-साथ मजबूती भी जरूरी है। पूंजी जुटाना सिर्फ अनुकूल परिस्थितियों पर ही निर्भर नहीं हो सकता। इसे ऐसे ढांचों पर आधारित होना चाहिए जो लंबे समय तक टिके रहें। ऐसे ढांचों को मजबूत करने में ही बहुपक्षीय सहयोग से लंबे समय तक चलने वाला लाभ मिल सकता है।

    इस सेमिनार में वरिष्ठ नीति निर्माता, बहुपक्षीय संस्थाओं और निजी कंपनियों के प्रमुख एक साथ आए। इसके बाद आईआरडीएआई के चेयरमैन अजय सेठ, एनडीबी के वाइस-प्रेसिडेंट रोमन सेरोव, सर्ट्रेडिंग के  एलेसेंड्रो टेक्सीरा, टेनसेंट के सीनियर एडवाइजरयोंगपिंग झाई, टाटा कैपिटल डिकार्बनाइजेशन फंड के पंकज सिंडवानी और ब्रिक्स के सदस्य देशों, वित्तीय संस्थाओं, थिंक टैंक और अकादमिक जगत के अन्य प्रतिनिधियों के साथ एक विस्तृत पैनल चर्चा हुई।

  • Train Cancelled: दिल्ली-रेवाड़ी समेत कई रूट की 23 ट्रेनें अक्टूबर में रहेंगी रद्द

    Train Cancelled: दिल्ली-रेवाड़ी समेत कई रूट की 23 ट्रेनें अक्टूबर में रहेंगी रद्द

    रेवाड़ी.

    उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल पर दिल्ली सराय रोहिल्ला-पटेलनगर-पालम स्टेशन के बीच आटोमेटिक सिग्नलिंग कार्य के चलते ब्लाक लिया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि जिसकी वजह से कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। कई ट्रेन रद रहेंगी तो कई ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया है। वहीं कुछ ट्रेनों के संचालन अवधि में बदलाव किया है।

    रद ट्रेनों की सूची –
    तिथि     ट्रेन नंबर     मार्ग / नाम     स्थिति
    5 अक्टूबर     14087     दिल्ली – जैसलमेर     रद
    6 अक्टूबर     12215     दिल्ली सराय – बांद्रा टर्मिनस     रद
    6 अक्टूबर     12216     बांद्रा – दिल्ली सराय रोहिल्ला     रद
    6 अक्टूबर     14088     जैसलमेर – दिल्ली     रद
    6 अक्टूबर     54309     दिल्ली – हिसार     रद
    6 अक्टूबर     15307     तिलकब्रिज – सिरसा     रद
    6 अक्टूबर     54316     हिसार – रेवाड़ी     रद
    6 अक्टूबर     54315     रेवाड़ी – हिसार     रद
    6 अक्टूबर     20983     भुज – दिल्ली सराय     रद
    7 अक्टूबर     12985     जयपुर – दिल्ली सराय     रद
    7 अक्टूबर     12986     दिल्ली सराय – जयपुर     रद
    7 अक्टूबर     12065     अजमेर – दिल्ली सराय     रद
    7 अक्टूबर     12066     दिल्ली सराय – अजमेर     रद
    7 अक्टूबर     22452     चंडीगढ़ – बांद्रा टर्मिनस     रद
    7 अक्टूबर     15308     सिरसा – तिलकब्रिज     रद
    7 अक्टूबर     26481     जोधपुर – दिल्ली कैंट (वंदे भारत)     रद
    7 अक्टूबर     26482     दिल्ली कैंट – जोधपुर (वंदे भारत)     रद
    7 अक्टूबर     20984     दिल्ली सराय – भुज     रद
    7 अक्टूबर     54421     दिल्ली – रेवाड़ी     रद
    7 अक्टूबर     54417     दिल्ली – रेवाड़ी     रद
    7 अक्टूबर     74003     दिल्ली – रेवाड़ी     रद
    7 अक्टूबर     74002     रेवाड़ी – दिल्ली     रद
    7 अक्टूबर     54310     हिसार – दिल्ली     रद
    8 अक्टूबर     22451     बांद्रा टर्मिनस – चंडीगढ़     रद

    इन ट्रेनों का किया मार्ग परिवर्तन
    ट्रेन नंबर 14662, जम्मूतवी-बाड़मेर छह अक्टूबर को जम्मूतवी से चलकर परिवर्तित मार्ग दिल्ली-रोहतक-भिवानी-रेवाड़ी होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में भिवानी स्टेशन पर ठहराव करेगी। ट्रेन नंबर 14321, बरेली- भुज ट्रेन सात अक्टूबर को बरेली से चलकर परिवर्तित मार्ग दिल्ली-रोहतक-भिवानी-रेवाड़ी होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में भिवानी स्टेशन पर ठहराव करेगी। ट्रेन नंबर 09524, शकूरबस्ती-ओखा सात अक्टूबर को शकूरबस्ती से चलकर परिवर्तित मार्ग रोहतक-भिवानी-रेवाड़ी होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में भिवानी स्टेशन पर ठहराव करेगी। ट्रेन नंबर 09523, ओखा-साबरमती ट्रेन छह अक्टूबर को ओखा से चलकर परिवर्तित मार्ग नई रेवाड़ी – भिवानी-रोहतक होकर संचालित होगी।

    ट्रेन नंबर 19403, भुज-दिल्ली, ट्रेन नंबर 14312 भुज-बरेली ट्रेन, छह अक्टूबर को भुज से चलकर परिवर्तित मार्ग रेवाड़ी- भिवानी-रोहतक होकर संचालित होगी। ट्रेन नंबर 09203 वेरावल-हरिद्वार छह अक्टूबर को वेरावल से चलकर परिवर्तित मार्ग रेवाड़ी-भिवानी-रोहतक-दिल्ली होकर जाएगी। इसके अलावा ट्रेन नंबर 15715, किशनगंज-अजमेर ट्रेन छह अक्टूबर को किशनगंज से अपने निर्धारित समय से दो घंटा 40 मिनट की देरी से, ट्रेन नंबर 12916, दिल्ली-साबरमती ट्रेन सात अक्टूबर को दिल्ली से अपने निर्धारित समय से 55 मिनट की देरी से तथा ट्रेन नंबर 12323, हावड़ा-बाड़मेर ट्रेन छह अक्टूबर को हावडा से चलकर दिल्ली स्टेशन पर 15 मिनट रेगुलेट (अतिरिक्त समय ठहराव) करेगी।

  • अमृतसर में बड़ी कार्रवाई, 7 पिस्तौल और 2.03 किलो हेरोइन के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार

    अमृतसर में बड़ी कार्रवाई, 7 पिस्तौल और 2.03 किलो हेरोइन के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार

    अमृतसर.

    अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नशे और अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो प्रमुख सीमा पार नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से सात अवैध पिस्तौल और दो किलो 30 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है।

    पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में हथियारों की तस्करी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों के विदेश में बैठे तस्करों से संपर्क की बात सामने आई है। आरोप है कि आरोपी विदेश से अवैध हथियार हासिल करने के बाद उन्हें अमृतसर और तरनतारन के इलाकों में आगे सप्लाई करने की तैयारी में थे। पुलिस अब आरोपियों के कथित विदेशी संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हथियारों की खेप कहां से हासिल की गई और इसे पंजाब के अलग-अलग इलाकों तक पहुंचाने के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया गया।

    दो थानों में दर्ज किए मामले
    इस कार्रवाई के संबंध में अमृतसर के थाना इस्लामाबाद और थाना सुल्तानविंड में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद हथियार और हेरोइन किसके लिए लाई गई थी। पुलिस आरोपियों के संपर्क में रहने वाले स्थानीय लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

    आगे और गिरफ्तारी की संभावना
    जांच एजेंसियां आरोपियों के आगे और पीछे के संपर्कों को खंगाल रही हैं। सीमा पार बैठे कथित संचालकों और स्थानीय स्तर पर उनके संपर्क में रहने वाले लोगों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने के साथ इन नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और नशे तथा हथियारों की आपूर्ति की पूरी कड़ी के बारे में जानकारी सामने आ सकती है। पुलिस ने मामले में आगे की जांच जारी रखी है।

  • पार्क में पहुंचे अभिजीत दीपके को लोगों ने भगाया, बोले- ‘यह जंतर-मंतर नहीं, यहां नौटंकी नहीं चलेगी’

    पार्क में पहुंचे अभिजीत दीपके को लोगों ने भगाया, बोले- ‘यह जंतर-मंतर नहीं, यहां नौटंकी नहीं चलेगी’

    नई दिल्ली

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दीपके को दिल्ली के एक रेजिडेंट सोसाइटी के पार्क से उलटे पांव भागना पड़ा। दीपके अपनी टीम के मेंबर सौरभ दास, आशुतोष रंका और कुछ समर्थकों के साथ जंतर-मंतर सीजन 2 का प्लान बनाने आए थे। सोसाइटी के लोगों को जब इसकी भनक लगी तो वे वहां पहुंच गए और पार्क से सभी को भगा दिया। लोगों का कहना था कि यह सोसाइटी का पार्क है कोई धरना या प्रदर्शन की जगह नहीं। यहां यह नौटंकी नहीं चलेगी।

    इससे पहले अभिजीत दीपके ने कहा कि आज हमें दिल्ली में अपने वॉलंटियर्स के साथ एक मीटिंग करनी थी। इसके लिए हमें एक इनडोर जगह की जरूरत थी। हमने कई जगहों पर बात की, लेकिन कोई भी हमें हॉल देने को तैयार नहीं था। सबने कहा कि ऊपर से दबाव है और वे कॉकरोच जनता पार्टी के लोगों को हॉल नहीं दे सकते। आखिरकार, बहुत मुश्किल से हमें एक हॉल मिला। दीपके ने उसकी रसीद भी दिखाई। लेकिन दूसरे दिन सुबह जिन लोगों ने हमें हॉल दिया था, उन्होंने भी इनकार कर दिया। उन्हें धमकी दी गई और कहा गया कि अगर उन्होंने वहां कॉकरोच जनता पार्टी की मीटिंग होने दी तो उन्हें उल्टा लटका दिया जाएगा।

    हमें मीटिंग करने से रोका जा रहा
    दीपके ने आरोप लगाया कि इस तरह
    से लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है। हमें भी मीटिंग करने से रोका जा रहा है। दीपके ने कहा कि ये सब बीजेपी के कहने पर किया जा रहा है। बीजेपी के लोग सभी को डरा और धमका रहे हैं कि अगर कॉकरोच जनता पार्टी वालों को मीटिंग के लिए कोई जगह दे देगा तो उसे उलटा लटाकाया जाएगा। इन बातों से बीजेपी का डर साफ नजर आ रहा है। दीपके ने कहा कि हॉल में इनडोर मीटिंग के लिए कोई पुलिस परमिशन नहीं लेना होता है।

    यहां कोई नौटंकी नहीं चलेगी
    जब किसी हॉल का इंतजाम नहीं हो सका तो अभिजीत दीपके अपनी टीम के मेंबर और कुछ समर्थकों के साथ रेजिडेंट सोसाइटी के पार्क में पहुंचे। वहां जंतर-मंतर सीजन 2 पर प्लानिंग के लिए समर्थकों के साथ मीटिंग करने लगे। उन्होंने समर्थकों से पूछा कि अब किसका इस्तीफा चाहिए। समर्थकों ने कहा मोदी का। इसी बीच सोसाइटी के लोगों को सीजेपी के समर्थकों के वहां पहुंचने की खबर लगी। बड़ी संख्या में लोग पार्क में पहुंचे और उन्हें मीटिंग करने से मना किया। लोगों ने कहा कि यहां कोई नौटंकी नहीं चलेगी। यह कोई धरना या प्रदर्शन की जगह नहीं है। आप लोग यहां से तुरंत चले जाइए। इस दौरान सीजेपी समर्थकों और रेजिंडेंट्स के लोगों के बीच बहस भी हुई। कुछ पुलिस वालों के हस्तक्षेप के बाद हंगामा बंद हुआ और अभिजीत दीपके को अपने समर्थकों के साथ वहां से जाना पड़ा।

    ‘सोसाइटी का पार्क है, यहां राजनीतिक बैठक नहीं होगी’
    स्थानीय लोगों और दीपके के समर्थकों के बीच बहस की स्थिति बन गई। लोगों ने कहा कि पार्क सोसाइटी के निवासियों के इस्तेमाल के लिए है और किसी राजनीतिक कार्यक्रम के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। विरोध करने वाले लोगों ने दीपके और उनके साथियों से पार्क खाली करने को कहा। इस दौरान कुछ लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ‘यहां कोई नौटंकी नहीं चलेगी।’  मामला बढ़ता देखकर पुलिस को बीच में आना पड़ा। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों को शांत कराया गया। इसके बाद दीपके और उनकी टीम वहां से चली गई।

    पहले भी बैठक के लिए जगह नहीं मिलने का दावा
    पार्क विवाद से पहले अभिजीत दीपके ने दिल्ली में अपनी टीम की बैठक के लिए जगह नहीं मिलने का दावा किया था। उनका कहना था कि वे जंतर-मंतर सीजन-2 की तैयारियों के लिए अपने वॉलंटियर्स के साथ बैठक करना चाहते थे, लेकिन उन्हें जगह उपलब्ध कराने में लगातार परेशानी आ रही है। दीपके के मुताबिक, उनकी टीम ने बैठक के लिए कई इनडोर हॉल मालिकों से संपर्क किया। हालांकि, उनके दावे के अनुसार, कई लोगों ने उन्हें जगह देने से इनकार कर दिया। दीपके का आरोप है कि कुछ लोगों ने उनसे कहा कि उन पर ऊपर से दबाव है और वे CJP की बैठक के लिए अपना हॉल उपलब्ध नहीं करा सकते।

    पैसे देने के बाद भी हॉल की बुकिंग रद्द होने का दावा
    अभिजीत दीपके ने यह भी दावा किया कि काफी कोशिशों के बाद उनकी टीम को एक हॉल मिल गया था। इसके लिए बाकायदा भुगतान किया गया और इसकी रसीद भी उनके पास थी, लेकिन दीपके के अनुसार, अगले दिन सुबह हॉल उपलब्ध कराने वाले लोगों ने बैठक की अनुमति वापस ले ली। उनका दावा है कि उन्हें धमकी भी दी गई। दीपके ने आरोप लगाया कि उन्हें कहा गया कि अगर वहां CJP की बैठक आयोजित की गई तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    बीजेपी पर लगाया दबाव बनाने का आरोप
    बैठक के लिए जगह नहीं मिलने को लेकर अभिजीत दीपके ने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उनका आरोप है कि बीजेपी से जुड़े लोग हॉल मालिकों और दूसरे लोगों पर दबाव बना रहे हैं, ताकि CJP की बैठक के लिए कोई जगह उपलब्ध न कराई जाए। दीपके का कहना है कि अगर किसी राजनीतिक संगठन को शांतिपूर्ण तरीके से बैठक करनी है तो उसे जगह मिलने में इस तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार जगह की समस्या खड़ी करना राजनीतिक दबाव का संकेत है। हालांकि, बीजेपी की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया है, यह इस घटनाक्रम में स्पष्ट नहीं है।

    पुलिस के पहुंचने के बाद शांत हुआ मामला
    पार्क में स्थानीय लोगों के विरोध के बाद मामला गर्माता देख पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत की। पुलिस की मौजूदगी के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। इसके बाद दीपके और उनके समर्थकों ने पार्क खाली कर दिया और वहां से चले गए। इस घटना के दौरान किसी बड़ी हिंसा या नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि, पार्क में राजनीतिक बैठक को लेकर स्थानीय लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आई।

    जंतर-मंतर सीजन-2 की तैयारियों पर असर?
    अभिजीत दीपके की टीम जंतर-मंतर सीजन-2 की तैयारी को लेकर लगातार बैठकें कर रही है। लेकिन बैठक के लिए जगह उपलब्ध कराने को लेकर सामने आई परेशानियों ने नई बहस शुरू कर दी है। दीपके का कहना है कि उनकी बैठकों को रोकने की कोशिश की जा रही है, जबकि स्थानीय लोगों का तर्क है कि आवासीय सोसाइटी के पार्क को राजनीतिक कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

    दीपके बोले- ‘लगातार पैदा की जा रही हैं अड़चनें’
    अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी टीम पीछे हटने वाली नहीं है। उनका आरोप है कि बैठक आयोजित करने में लगातार अड़चनें पैदा की जा रही हैं और लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी इनडोर हॉल में बैठक करने के लिए पुलिस की अनुमति लेना जरूरी नहीं होता। उनका दावा है कि CJP अपने कार्यक्रमों और बैठकों को लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखेगी। फिलहाल पार्क में हुए इस विरोध के बाद अभिजीत दीपके और उनकी टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि आने वाली बैठकों के लिए उन्हें उचित और अनुमति प्राप्त स्थान कैसे मिलता है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक या आवासीय जगहों के इस्तेमाल के नियमों का पालन हर संगठन को करना चाहिए।

    शिक्षा के मुद्दे को प्राथमिकता देंगे
    अभिजीत दीपके ने कहा था कि जंतर-मंतर का सीजन 2 बहुत जल्द शुरू होने वाला है। उनके इस घोषणा पर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि यह खुद ही सीजन टू है। ऐसी नाकाबिल सरकारों और अधिकारियों के खिलाफ पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। सीजेपी की तरफ से हम अब एक देशव्यापी 'लिसनिंग टूर' (लोगों की बात सुनने का दौरा) शुरू कर रहे हैं ताकि जनता की बात सुन सकें। हम एक अभियान चलाएंगे और आजादी के दिन से शिक्षा के मुद्दे को प्राथमिकता देंगे। हम माता-पिता और नागरिकों से अपील कर रहे हैं कि वे अपने सरकारी स्कूलों में जाएं, सोशल ऑडिट करें, वहां के हालात रिकॉर्ड करें, सच्चाई सामने लाएं और उन्हें ठीक करने में मदद करें। आज के युवा जिम्मेदारी उठा रहे हैं। जल्द ही सचमुच एक 'विकसित भारत' सामने आने वाला है।

  • सावन में भी बिहार की 26 नदियां सूखी, 38% कम बारिश से गहराया जलसंकट

    सावन में भी बिहार की 26 नदियां सूखी, 38% कम बारिश से गहराया जलसंकट

    पटना
    सावन का महीना चल रहा है और सावन में भी बिहार की नदियां सूखी हुई हैं। राज्य की 26 नदियां ऐसी हैं जो पूरी तरह सूखी हैं या उसमें मापी के लायक पानी नहीं है। उत्तर बिहार की तुलना में दक्षिण का बुरा हाल है। दक्षिण के नालंदा में सबसे अधिक आठ नदियां सूखी हुई हैं। बारिश की यही स्थिति रही तो इन नदियों में इस वर्ष पानी आ पाएगा, इस पर संशय है। जल संसाधन विभाग राज्य की 81 नदियों के पानी की मापी करता है। इसके लिए 117 स्थानों पर रेनगेज की सुविधा है।

    बुधवार की रिपोर्ट के अनुसार राज्य की 26 में से 16 नदियों में इतना पानी नहीं है कि उसकी मापी हो सके। वहीं 10 नदियां पूरी तरह सूखी हुई है। पश्चिम चम्पारण में पंडई, समस्तीपुर में नून, नून बथाने और बालान, सीतामढ़ी में लखनदेई, दरभंगा में तीषभवारा/कमला, जीवछ/कमला, अररिया में नूना, रोहतास में अवसाने, औरंगाबाद में बटाने, जमुई में बरनार, नवादा में सकरी और तिलैया, मुंगेर में मुहानी, बांका में चिरगेरूआ और रोहतास में काव का पानी रेनगेज से नीचे है।

    पटना की स्थिति
    पटना में दरधा और कररूआ, नालंदा में लौकाईन, मोहाने, नोनई, पंचाने, गोइठवा, पैमार, चिरैया और भूतही पूरी तरह सूखी हुई है।

    क्या हो रहा है असर
    खेती-किसानी पर असर हो रहा है। धान रोपनी की स्थिति बेहतर नहीं है। बिजली या डीजल से पटवन करना पड़ रहा है। पशु चारे और पानी का संकट है। हरे चारे में कमी से दूध उत्पादन में भी गिरावट आ रही है। स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। बता दें कि सूबे में अबतक 38 प्रतिशत कम बारिश हुई है। नदियों के सूखा होने या कम पानी के कारण मानसून अवधि में भी राज्य के कई जिले में जलस्तर में अब भी सुधार नहीं हो सका है।

    लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अनुसार पिछले साल गया में 36 फीट तीन इंच पानी नीचे था। इस बार यह 39 फीट नीचे है। पिछले वर्ष जून में शेरघाटी में 34 फीट एक इंच पानी नीचे था। इस बार 38 फीट दो इंच तक नीचे चला गया है। औरंगाबाद में पिछले साल 31 फीट की तुलना में 31 फीट छह इंच नीचे है।

    अरवल में 22 फीट छह इंच की तुलना में इस वर्ष 24 फीट तीन इंच नीचे पानी चला गया है। सासाराम में 24 फीट आठ इंच की तुलना में 27 फीट चार इंच नीचे चला गया है। भागलपुर पूर्व में पिछले साल 23 फीट नौ इंच की तुलना में इस बार 26 फीट पांच इंच पानी नीचे चला गया है। बांका के बाराहट में पिछले साल 26 फीट 10 इंच की तुलना में इस साल 28 फीट नीचे चला गया है। पटना पूर्व में 25 फीट दो इंच की तुलना में इस साल 25 फीट छह इंच पानी नीचे चला गया है। आरा का 21 फीट नीचे था जो इस साल 21 फीट छह इंच नीचे चला गया है। बक्सर का जलस्तर 28 फीट 10 इंच से नीचे 30 फीट छह इंच नीचे चला गया है।

    नेपाल से आने वाली नदियां उफान पर है। कोसी में इस वर्ष बराह क्षेत्र में एक लाख 85 हजार क्यूसेक तो बीरपुर बराज में दो लाख 55 हजार क्यूसेक तक पानी आ पहुंचा है। गंडक का पानी वाल्मीकिनगर में दो लाख 24 हजार क्यूसेक तक आ पहुंचा है। बागमती, अधवारा समूह, कोसी, गंडक का पानी राज्य के आठ स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

    कम और असमय बारिश से नदियों में पानी नहीं रहता है। अतिक्रमण के कारण भी नदियों का पाट सिकुड़ गया है। इसे रोकने के उपाय करने होंगे। भू-गर्भ जल का दोहन रोकना होगा। सिंचाई में भी पानी का दोहन रुके। कार्ययोजना बनानी होगी तभी नदियों का अस्तित्व बचाया जा सकता है। -दिनेश मिश्र, नदी विशेषज्ञ

  • पंजाब में बेकाबू होकर तालाब में गिरी कार, AAP के 3 कार्यकर्ताओं की मौत

    पंजाब में बेकाबू होकर तालाब में गिरी कार, AAP के 3 कार्यकर्ताओं की मौत

    लुधियाना.

    पंजाब के जगराओं-रायकोट रोड स्थित गांव बस्सियां के पास गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। बस की टक्कर के बाद एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पानी से भरे गहरे छप्पड़ (तालाब) में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में आम आदमी पार्टी के तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि दो घायल हो गए।

    कार्यक्रम से लौटते समय हुआ हादसा
    जानकारी के अनुसार, आम आदमी पार्टी से जुड़े ये कार्यकर्ता नकोदर में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद देर रात अपनी कार से दिड़बा लौट रहे थे। रात करीब 1:15 बजे जगराओं से लगभग 12 किलोमीटर दूर गांव बस्सियां के पास रायकोट रोड पर तेज रफ्तार कार अचानक अपना संतुलन खो बैठी और सीधे सड़क किनारे बने छप्पड़ में जा गिरी। कार इतनी तेजी से पानी में समाई कि सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।

    राहत और बचाव कार्य
    हादसे की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस और राहत दल की मदद से कड़े मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला।

  • सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमला! पुलिसकर्मी भी घायल, अस्पताल में भर्ती

    सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमला! पुलिसकर्मी भी घायल, अस्पताल में भर्ती

    नांदेड
    शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर नांदेड में जानलेवा हमला हुआ है. हमले में उनकी सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है. सुखबीर सिंह बादल को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बादल पर एक हमलावर ने धारदार हथियार से हमला किया और उनके हाथ में चोट लग गई. हमले के बाद सुखबीर सिंह खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं. उन्हें अस्पताल पहुंचाए जाने का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह खुद ही गाड़ी से उतरकर अंदर जाते दिख रहे हैं. उनके हाथों में कोई कपड़ा बंधा हुआ. इसी हाथ पर हमले में चोट लगी है। 

    किसने किया हमला?
    सूत्रों के मुताबिक मौके पर घूम रहे एक निहंग सिंह ने सुखबीर सिंह बादल पर हमला किया. अब तक अकाली दल के लोगों का कहना है कि हमले के पीछे एक ही व्यक्ति था. सूत्रों का कहना है कि निहंग ने कृपाण से हमला किया. जैसे ही हमलावर ने बादल को निशाना बनाने की कोशिश की, एक सुरक्षाकर्मी ने उन्हें बचाने के लिए बीच-बचाव किया. सुखबीर सिंह बादल को बचाते समय सुरक्षाकर्मी बुरी तरह घायल हो गया. पुलिस अभी CCTV फुटेज की जांच कर रही है, जिससे हमलावर की पहचान की जा सके और घटनाक्रम का पता लगाया जा सके. बता दें कि सुखबीर सिंह बादल बुधवार रात ही नांदेड़ पहुंचे थे। 

    गुरुवार दिन में, बादल ने अपनी पत्नी हरसिमरत कौर बादल के साथ नांदेड़ में तख्त श्री हजूर साहिब का दौरा किया था; हरसिमरत कौर बादल अकाली दल की सांसद हैं. जब हमला हुआ, तब बादल की पत्नी हरसिमरत उनके साथ थीं. गुरुद्वारे के पास स्पेशल सिक्योरिटी में तैनात इंस्पेक्टर संतोष केंद्र पर भी हमला हुआ और वे घायल हो गए. एक हमलावर को हिरासत में ले लिया गया है। 

    पंजाब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने बादल पर हुए हमले की निंदा की है. उन्होंने एक बयान में कहा, “सचखंड श्री हजूर साहिब में सरदार सुखबीर सिंह बादल जी पर हुए हमले के बारे में जानकर बहुत चिंता हुई. उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा हूं. हिंसा के लिए, खासकर हमारे पवित्र तख्तों की धरती पर, कोई जगह नहीं है। 

    इससे पहले 4 दिसंबर 2024 को, पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल अमृतसर में गोल्डन टेम्पल के बाहर जानलेवा हमले में बाल-बाल बच गए थे. उन्हें कोई चोट नहीं आई और हमलावर को तुरंत काबू करके मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था। 

    पहले भी हो चुका है अटैक
    यह पहली बार नहीं है, जब सुखबीर सिंह बादल पर इस तरह का हमला हुआ है. इससे पहले, 4 दिसंबर, 2024 को सुखबीर सिंह बादल अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में जानलेवा हमला हुआ था. इस दौरान उनकी हत्या की कोशिश की गई थी और वे बाल-बाल बच गए थे. यह हमला उस वक्त हुआ था, जब ​​सुखबीर बादल धार्मिक प्रार्थना कर रहे थे।  

    इस दौरान, एक बंदूकधारी ने गोली चलाई, जो दीवार पर जा लगी. इस घटना में उन्हें कोई चोट नहीं आई. आस-पास मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हमलावर कब्जे में ले लिया गया था। 

    तन्खैया की सजा काट रहे थे बादल
    सुखबीर बादल को श्री अकाल तख्त साहिब ने सुखबीर बादल को सजा सुनाई थी. और उन्हें गुरुद्वारे में सेवादारी करने, बर्तन धोने और पहरेदारी भी निर्देश दिया था. इसके अलावा उन्हें श्री दरबार साहिब में बने सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई भी करने को कहा गया था। 

    जत्थेदार श्री अकाल तख्त ने बादल और उनकी पार्टी के नेताओं पर 2007 से लेकर 2017 तक अकाली दल की सरकार के समय धार्मिक गलतियों पर सजा सुनाई थी। 

    सुखबीर बादल उस दिन यही सजा पूरी कर रहे थे. 
    इसके बाद सुखबीर बादल पर 13 अगस्त 2026 को भी हमला हुआ है. 

    कौन था हमलावर? 
    रिपोर्ट के अनुसार हमलावर की पहचान बब्बर खालसा इंटरनेशनल के पूर्व सदस्य के तौर पर की गई थी. उसके सीमा पार से भी संपर्क बताए गए थे. बताया जा रहा है कि वह 1984 में पाकिस्तान गया था और पंजाब में हथियारों और विस्फोटकों की स्मलिंग करता था. हमलावर ने कथित तौर पर गुरिल्ला युद्ध पर पर किताब भी लिखी है. वह बुड़ैल जेलब्रेक मामले में भी आरोपी था और पंजाब की जेल में सजा भी काट चुका है। 

  • चुनाव से पहले राजस्थान में 788 करोड़ के पानी सड़क प्रोजेक्टों को मिली मंजूरी

    चुनाव से पहले राजस्थान में 788 करोड़ के पानी सड़क प्रोजेक्टों को मिली मंजूरी

    जयपुर
     निकाय और पंचायत चुनाव से पहले सरकार ने शहर से गांव तक बुनियादी सुविधाओं के बड़े प्रोजेक्टों को रफ्तार देने की कवायद शुरू कर दी है। राजधानी में 406 करोड़ रुपए की अमृत-2 पेयजल परियोजनाओं की तकनीकी स्वीकृतियां जारी करने की तैयारी है, वहीं 5 हजार से अधिक आबादी वाले शेष 192 गांवों के लिए 381.91 करोड़ रुपए के अटल प्रगति पथ मंजूर किए गए है।

    यानी चुनावी सरगर्मी के बीच सड़क और पानी से जुड़े करीब 788 करोड़ रुपए के कामों का रास्ता साफ किया गया है। हालांकि जयपुर की पेयजल परियोजनाओं में देरी के चलते चुनाव से पहले मुख्य रूप से कागजी प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है और धरातल पर काम आचार संहिता खत्म होने के बाद ही शुरू होगा।

    जयपुर में 406 करोड़ से बदलेगा पेयजल तंत्र
    अमृत-2 के तहत जयपुर के विभिन्न डिवीजनों में 406 करोड़ रुपए के कार्य प्रस्तावित हैं। इनमें 450 एमएम की राइजिंग पाइपलाइन, 3500 केएल क्षमता तक के स्वच्छ जलाशय, 1750 केएल तक की टंकियां और करीब 19 लाख मीटर लंबी डीआई व एचडीपीई पाइपलाइनें शामिल हैं। इनसे पानी की समस्या कम होने व पर्याप्त प्रेशर से पानी मिलने की उम्मीद है। बीसलपुर सिस्टम की नई पाइपलाइन बिछाने की तैयारी के बीच शहर के करीब 17 साल पुराने वितरण तंत्र को बदलना भी जरूरी माना जा रहा है।

    192 गांवों में 286 किमी सड़कें
    सरकार ने 5 हजार से अधिक आबादी वाले शेष 192 गांवों में अटल प्रगति पथ के लिए 381.91 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति दी है। 28 जिलों के इन गांवों और आबादी क्षेत्रों में करीब 286 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण और सुदृढ़ीकरण होगा। इससे गांवों और ढाणियों की मुख्य सड़कों से कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

    सियासी संदेश भी
    चुनाव से पहले इन प्रोजेक्ट को मंजूरी देना सरकार के लिए विकास कार्यों को गति देने के साथ ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपना संदेश मजबूत करने का मौका भी है।

    किस इलाके में कितने करोड़
    डिवीजन    स्वीकृत राशि    विधानसभा क्षेत्र
    एन-1    38 करोड़    शास्त्री नगर, हवामहल, किशनपोल, सिविल लाइंस
    एन-2    35 करोड़    किशनपोल, आदर्श नगर, हवामहल
    एन-3    10 करोड़    ब्रह्मपुरी, हवामहल, आदर्श नगर
    एन-4    48 करोड़    विद्याधर नगर, झोटवाड़ा
    एस-1    40 करोड़    मालवीय नगर
    एस-2    90 करोड़    सिविल लाइंस, झोटवाड़ा
    एस-3    45 करोड़    मालवीय नगर, बगरू
    एस-4    100 करोड़    सांगानेर

    इनका कहना है
    आगामी दिनों पेयजल प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आचार संहिता समाप्त होते ही धरातल पर काम शुरू होगा।
    -अजय सिंह राठौड़, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जयपुर

  • हरियाणा कैबिनेट की बैठक आज, मानसून सत्र की तारीख पर लगेगी मुहर

    हरियाणा कैबिनेट की बैठक आज, मानसून सत्र की तारीख पर लगेगी मुहर

    चंडीगढ़.

    हरियाणा के मंत्रिमंडल की बैठक आज वीरवार को होगी, जिसमें विधानसभा के मानसून सत्र की तिथि तय की जाएगी। अगस्त के अंत या सितंबर के पहले सप्ताह में विधानसभा सत्र बुलाया जा सकता है।

    दोपहर बाद तीन बजे हरियाणा सिविल सचिवालय की चौथी मंजिल स्थित मुख्य कमेटी रूम में होने वाली कैबिनेट बैठक में उन चार प्रस्तावाें पर भी विचार किया जा सकता है, जिन्हें विगत 28 जुलाई को हुई कैबिनेट बैठक में लंबित रखा गया था। इसके अलावा विधानसभा में पारित किए जाने वाले विधेयकों के प्रारूप को भी अंतिम रूप दिया जाएगा।

    मानसून सत्र में आधा दर्जन से अधिक विधेयक पारित कराए जाने हैं। इनमें प्रशासनिक सुधार, विभागीय नियमों में संशोधन और जनहित से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। संबंधित विभागों के मंत्री संशोधित विधेयकों का ड्राफ्ट कैबिनेट के समक्ष रखेंगे, जिससे इन्हें अंतिम रूप दिया जा सके।

  • Punjab Weather: आज बारिश के आसार बेहद कम, कल से फिर बदलेगा मौसम

    Punjab Weather: आज बारिश के आसार बेहद कम, कल से फिर बदलेगा मौसम

    अमृतसर.

    पंजाब में मौसम फिर बदलने वाला है। दो दिनों की ब्रेक के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग की ओर से जिलेवार पूर्वानुमान के अनुसार 14 अगस्त से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

    हालांकि, आज, वीरवार बारिश के आसार कम हैं। वहीं 14 और 15 अगस्त को उत्तरी तथा पूर्वी पंजाब के कुछ जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद 16 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर बारिश का दौर जारी रह सकता है। बुधवार राज्य के तापमान में 4.6 डिग्री की बढ़ौतरी देखने को मिली। इसके साथ ही लोग उमस से भी परेशान होते रहे। 

    आज कोई अलर्ट नहीं हुआ जारी
    13 अगस्त: पंजाब में आज कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया। हालांकि कुछ जगहों पर हल्की फुल्की बारिश देखने को मिल सकती है। इस दौरान तापमान बढ़ सकता है और उसम लोगों को परेशान कर सकती है।
    14 अगस्त:  बारिश की गतिविधि बढ़ने के संकेत हैं। मौसम विभाग के मानचित्र के अनुसार पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश की संभावना दिखाई गई है। इन क्षेत्रों के आसपास के जिलों में भी कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर और नवांशहर में भी बारिश की संभावना बनी रहेगी।
    15 अगस्त: पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश के आसार हैं। इसके अलावा गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर और नवांशहर समेत आसपास के क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। दक्षिणी पंजाब में भी कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।
    16 अगस्त: प्रदेश के कई जिलों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। हालांकि भारी बारिश का मुख्य असर उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में रहने की संभावना है। 

    तापमान पहुंचा 38 डिग्री के करीब
    पंजाब में बुधवार को अधिकतम तापमान में औसतन 4.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक 37.4 डिग्री तापमान भाखड़ा डैम क्षेत्र में दर्ज हुआ। इसके बाद पटियाला में 36.6, चंडीगढ़ में 36.4, पठानकोट में 35.8, नवांशहर में 35.5, लुधियाना में 35 और बठिंडा में 35 डिग्री तापमान रहा। गुरदासपुर में 34.5, अमृतसर में 34.2, जालंधर में 34.2, होशियारपुर में 34.8, फरीदकोट में 34, फिरोजपुर में 34.3, फाजिल्का में 34.6, फतेहगढ़ साहिब में 34.9, मोहाली में 35 और संगरूर में 33.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। विभाग ने बताया कि औसत अधिकतम तापमान सामान्य के करीब रहा। पिछले 24 घंटे में चंडीगढ़ में तापमान सात डिग्री तक बढ़ा। इस दौरान थेन बांध में 0.5 मिलीमीटर और रोपड़ में एक मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।