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  • रांची में छात्रों का ‘एडमिट कार्ड आंदोलन’ तेज, अस्पताल में भी देवेंद्र महतो की भूख हड़ताल जारी

    रांची में छात्रों का ‘एडमिट कार्ड आंदोलन’ तेज, अस्पताल में भी देवेंद्र महतो की भूख हड़ताल जारी

    रांची
    झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है. छात्र नेता रवींद्र पासवान ने झारखंड सरकार में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के बयान पर कहा है कि हम उनसे यही पूछ रहे हैं कि आपको कैसे पता चला कि हम छात्र नहीं हैं। 

    रवींद्र पासवान ने कहा कि हमारा जो प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए गया था, हम सभी अपना एडमिट कार्ड दिखा सकते हैं. बिना जांच किए, बिना सोचे-समझे इस तरह का बयान देना गलत है. सभी के पास एडमिट कार्ड है और सभी JPSC-JSSC की परीक्षाएं लिखते हैं। 

    इस बीच देवेंद्र नाथ महतो कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. डॉक्टरों की लगातार निगरानी के बावजूद उन्होंने अपना अनशन खत्म नहीं किया है. देवेंद्र नाथ महतो ने अस्पताल से कहा है कि उन्होंने उपचार के दौरान भी अपनी भूख हड़ताल जारी रखी है। 

    उन्होंने कहा, इस समय मैं अस्पताल में हूं और उपचार के दौरान भी अपनी हड़ताल जारी रखी है. 10 अगस्त 2026 को आयोजित विधानसभा घेराव के दौरान लाठीचार्ज और धक्कामुक्की के बाद एंबुलेंस से अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया था. मैं 4 दिनों से अस्पताल में हूं। 

    देवेंद्र नाथ महतो ने आगे कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान कई साथियों पर लाठीचार्ज किया गया, जो बहुत गलत हुआ. उन्होंने इसकी जांच की मांग की। इस बीच छात्र प्रदर्शनकारी प्रेम नायक ने बताया कि आज उनकी भूख हड़ताल का 12वां दिन और विरोध प्रदर्शन का 21वां दिन है. उन्होंने कहा, आज मेरी तबीयत ठीक नहीं है. मेरा ब्लड शुगर लेवल बढ़ गया है और ब्लड प्रेशर भी ज्यादा है. हेल्थ वर्कर्स ने मुझे अस्पताल जाने की सलाह दी है, लेकिन मैंने मना कर दिया है। प्रेम नायक ने कहा कि ऐसी संभावना है कि आज सरकार से बातचीत करने के लिए एक टीम जाएगी. बातचीत चल रही है और हमारी तरफ से एक टीम बातचीत के लिए जा सकती है। मंत्रियों के साथ बातचीत हो रही है. प्रेम नायक ने आगे बताया कि जयराम कुमार महतो बातचीत की अगुवाई कर रहे हैं और बातचीत आज शाम को हो सकती है।

    चिकित्सकीय सलाह के आधार पर अनुमति देने की मांग
    छात्र-युवा प्रतिनिधियों ने मांग की कि सक्षम चिकित्सक की सलाह और चिकित्सकीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए देवेंद्र नाथ महतो को सदर अस्पताल से सत्याग्रह स्थल पर आने की अनुमति दी जाए। इसके लिए प्रशासन आवश्यक सुरक्षा और सहयोग भी उपलब्ध कराए।

    उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन उन्हें अस्पताल से सत्याग्रह स्थल पर आने से रोकता है तो रोकने का स्पष्ट कारण, संबंधित आदेश और उसका कानूनी अथवा प्रशासनिक आधार लिखित रूप में उपलब्ध कराया जाए। वहीं, यदि उन्हें चिकित्सकीय कारणों से रोका जा रहा है तो सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी की स्पष्ट लिखित सलाह या रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाए।

    वक्ताओं ने कहा कि यह मांग केवल एक आंदोलनकारी को धरना स्थल पर लाने की नहीं है, बल्कि उन हजारों छात्र-युवाओं की भावना से जुड़ी है, जो जेपीएससी-जेएसएससी में पारदर्शिता और न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन कर रहे हैं।

    छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि शरीर अस्पताल में है, लेकिन संघर्ष का संकल्प अडिग है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले को मानवीय, चिकित्सकीय और लोकतांत्रिक दृष्टिकोण से देखने की अपील की।

    साथ ही स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा और झारखंडी छात्रों के न्याय की मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया गया। मालूम की एक दिन पहले देवेंद्र नाथ महतो ने सिविल सर्जन को पत्र लिख अस्पताल से धरना स्थल जाने की अनुमति मांगी थी जिस पर कोई जवाब नहीं दिया गया।

     

     

  • हरियाणा में कोचिंग सेंटरों पर कसेगा शिकंजा, रजिस्ट्रेशन से लेकर फीस और सुविधाओं तक नए नियम लागू

    हरियाणा में कोचिंग सेंटरों पर कसेगा शिकंजा, रजिस्ट्रेशन से लेकर फीस और सुविधाओं तक नए नियम लागू

     चंडीगढ़
     मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में वीरवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम प्रस्ताव पास हुए। इनमें कोचिंग संस्थानों के लिए कड़े नियम, 5,714.80 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले विश्व बैंक वित्त पोषित वाटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम, रिहायशी कॉलोनियों में लीज पर नर्सिंग होम खोलने, महिला स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन योजना और शहरी क्षेत्रों के विकास से जुड़े लाइसेंस प्रक्रिया आसान बनाने को मंजूरी दी गई।

    प्रदेश सरकार ने कोचिंग संस्थानों पर एनओसी सहित कई शर्तें जोड़ी
    दिल्ली और लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए हादसों से सबक लेते हुए प्रदेश सरकार ने कोचिंग संस्थानों के लिए नियम कड़े कर दिए हैं। नौकरियों, पेशेवर पाठ्यक्रमों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले सभी निजी कोचिंग संस्थानों को अब नामित पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन करना होगा।

    छात्रों और अभिभावकों को रिझाने के लिए भ्रामक दावे नहीं किए जा सकेंगे। कोचिंग सेंटर में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। स्कूल-कॉलेजों के समय के दौरान कोचिंग सेंटरों में पढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंत्रिमंडल की बैठक में "हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान (पंजीकरण और विनियमन) नियम, 2026" के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

    छात्रों को देनी होंगी बुनियादी सुविधाएं
    छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाएं जैसे फर्नीचर, पर्याप्त रोशनी, पीने योग्य पानी, छात्र और छात्राओं के लिए अलग शौचालय और अग्नि-सुरक्षा उपायों जैसी सुविधाएं देनी होंगी।

    वहीं, चिकित्सा सहायता या प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट-एड), पार्किंग, पुस्तकालय, वाई-फाई, स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर प्रयोगशाला, छात्रावास और कैंटीन उपलब्ध करानी होंगी। संचालकों को बताना होगा कि भवन अपना है या लीज/किराए पर लिया गया है।

    अग्नि-सुरक्षा प्रमाणन, संरचनात्मक स्थिरता प्रमाणन और क्या भवन विशेष रूप से सक्षम (दिव्यांग) छात्रों के लिए बाधा मुक्त है। इसके अलावा कर्मचारियों के चरित्र और पूर्ववृत्त (एंटीसिडेंट्स) के सत्यापन के संबंध में भी जानकारी देनी जरूरी होगी।

    पोर्टल के जरिये होगा पंजीकरण
    निजी कोचिंग संस्थान के साथ-साथ नया कोचिंग सेंटर खोलने के लिए नामित पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन करना होगा। पंजीकरण के लिए दस हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जो इलेक्ट्रानिक माध्यम से देय होगा।

    संबंधित प्राधिकरण 30 दिनों के भीतर आवेदनों की जांच करेगा और आवेदन सभी प्रकार से पूर्ण पाए जाने पर, तीन साल के लिए वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करेगा

    पंजीकरण के नवीनीकरण के लिए निजी कोचिंग संस्थान को अपने पंजीकरण प्रमाणपत्र की समाप्ति से कम से कम एक महीने पहले 5,000 रुपये के नवीनीकरण शुल्क के साथ आवेदन करना होगा। आवेदन की जांच और त्रुटियों को दूर करने (यदि कोई हो) के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर नवीनीकरण प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा।

    वेबसाइट पर फीस, पाठ्यक्रमों की जानकारी देनी होगी
    पंजीकृत संस्थानों को निर्धारित रिकॉर्ड बनाए रखने और संबंधित प्राधिकरण को सालाना जानकारी प्रस्तुत करने के अलावा अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर अपेक्षित जानकारी अपलोड करना अनिवार्य होगा।

    पाठ्यक्रमों और पाठ्यक्रम-सामग्री और शुल्क संरचना, कक्षाओं की संख्या और क्षमता, प्रति बैच अधिकतम छात्रों की संख्या, शिक्षण, परामर्शदाता और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की योग्यता व बायोडाटा और छात्रों की संख्या के अनुपात में कोचिंग क्षेत्र के विवरण से संबंधित व्यापक जानकारी देनी जरूरी।

    वाटर सिक्योर हरियाणा: जल भविष्य को मिलेगी ताकत 45 लाख लोगों को सीधा
    लाभ

    मंत्रिमंडल की बैठक में विश्व बैंक वित्त पोषित ‘वाटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम’ को मंजूरी दी गई। 5,714.80 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस एकीकृत जल क्षेत्र कार्यक्रम से प्राथमिकता वाले सिंचाई क्लस्टरों में करीब 45 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

    4,000.36 करोड़ रुपये का विश्व बैंक ऋण और 1,714.44 करोड़ रुपये राज्य सरकार का हिस्सा होगा। इसे 15 प्राथमिकता वाले सिंचाई क्लस्टरों में लागू किया जाएगा, जिनमें 48.94 लाख एकड़ सिंचाई योग्य कमांड एरिया शामिल है। नहर सिंचाई की दक्षता और विश्वसनीयता बढ़ाने, भूजल दोहन कम करने, भूजल रिचार्ज बढ़ाने और उपचारित अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।

    120 नहर आधारित सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं शुरू होंगी
    सूक्ष्म सिंचाई एवं कमांड एरिया विकास प्राधिकरण के तहत करीब 900 करोड़ रुपये से 620 वाटरकोर्स का पुनर्वास होगा। 600 करोड़ रुपये से 120 नहर आधारित सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।

    कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के स्तर पर करीब 2 लाख एकड़ जलभराव वाली भूमि का वर्टिकल ड्रेनेज/सब-सर्फेस ड्रेनेज के जरिए सुधार किया जाएगा। 5 लाख एकड़ में डीएसआर (सीधी बिजाई) को बढ़ावा देने और ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना के तहत करीब 1.12 लाख एकड़ में फसल विविधीकरण का लक्ष्य रखा गया है।

    104 नहर चैनलों की होगी मरम्मत
    रियल टाइम जल प्रबंधन को तकनीक से जोड़ते हुए नहरों के स्वचालित एवं रियल टाइम संचालन के लिए 20 एससीएडीए स्थान स्थापित किए जाएंगे। पानी के डिस्चार्ज और प्रवाह की निगरानी के लिए 400 आरटीडीएएस स्थान/माप बिंदु बनाए जाएंगे। इससे नहर संचालन, जल लेखांकन और निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और डेटा आधारित बनाने में मदद मिलेगी।

    सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के तहत करीब 2,484.87 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 104 नहर चैनलों का पुनर्वास किया जाएगा। इससे करीब 8.75 लाख एकड़ कमांड एरिया (सीसीए) को लाभ मिलेगा। भूजल रिचार्ज को बढ़ावा देने के लिए 248 करोड़ रुपये की लागत से 131 नए जलाशयों का निर्माण किया जाएगा

    अन्य स्टार्टअप्स के लिए फायदे
    निजी या एंजल निवेशक से 25 लाख जुटाने पर सरकार भी 25 लाख रुपये तक की मैचिंग ग्रांट दे सकेगी। नई तकनीक का लाइसेंस लेने या टेक्नोलाजी ट्रांसफर के लिए 10 लाख तक सहायता मिलेगी। गुणवत्ता प्रमाणन पर खर्च की 50 प्रतिशत राशि, अधिकतम 25 लाख तक, एक बार वापस की जाएगी।

    एच-हब नाम से विश्वस्तरीय इन्क्यूबेटर बनेगा
    विद्यार्थियों को 10 हजार ‘डू-इट-योरसेल्फ’ (डीआईवाई) किट बांटी जाएंगी। एच-हब नाम से विश्वस्तरीय इन्क्यूबेटर स्थापित किया जाएगा, जहां स्टार्टअप को आधुनिक सुविधाओं के साथ तकनीकी और कारोबारी सहयोग मिलेगा। विश्वविद्यालयों और पालीटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थी स्टार्टअप में अप्रेंटिसशिप कर सकेंगे।

    पात्र स्टार्टअप को प्रति अप्रेंटिस 7,500 प्रतिमाह तक स्टाइपेंड का 50 प्रतिशत वापस मिलेगा। एक स्टार्टअप अधिकतम 50 अप्रेंटिस का लाभ ले सकेगा।

    टेक्नोलाजी स्टार्टअप के लिए क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा स्टोरेज का खर्च भी नीति के दायरे में लाया गया है। हरियाणा आधारित स्टार्टअप भारत के किसी भी डेटा सेंटर पर हुए ऐसे खर्च का 75 प्रतिशत (अधिकतम ढाई लाख रुपये सालाना) पांच साल तक वापस ले सकेंगे।

    शहरी विकास से जुड़े लाइसेंस लेना होगा आसान
    कैबिनेट बैठक में हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन आफ अर्बन एरियाज रूल्स-1976 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। संशोधनों का मकसद लाइसेंस से जुड़े आवेदन, उनकी जांच, फैसले की सूचना और लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया को ज्यादा स्पष्ट बनाना है।

    यह बदलाव विधानसभा की अधीनस्थ विधान समिति की 2016-17 की 45वीं रिपोर्ट में की गई सिफारिशों के आधार पर किया गया है।

    लोगों को घर के नजदीक मिलेगी उपचार की सुविधा
    रिहायशी कॉलोनियों में लीज की जमीन पर भी नर्सिंग होम खोले जा सकेंगे। नए नर्सिंग होम के लिए डाक्टर के पास खुद की जमीन की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है।

    बैठक में मौजूदा नीति में संशोधन को मंजूरी दी गई। इससे उन डाक्टरों को राहत मिलेगी, जो अपनी जमीन नहीं होने के कारण रिहायशी इलाकों में नर्सिंग होम शुरू नहीं कर पा रहे थे। लोगों को उनके घर के नजदीक ही उपचार और भर्ती की सुविधा मिल सकेगी।

    महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप के लिए विशेष पैकेज
    महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप के लिए नीति में विशेष पैकेज रखा गया है। उन्हें एक साल तक लीज रेंट का 50 प्रतिशत, अधिकतम 10 लाख रुपये तक वापस मिलेगा। सात साल तक नेट एचजीएसटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति होगी। इसकी सीमा फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट के 100%तक रहेगी।

    सामान्य स्टार्टअप के लिए नेट एचजीएसटी की 50% प्रतिपूर्ति सात साल तक जारी रहेगी। महिला उद्यमियों के हस्तशिल्प, आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य एवं वेलनेस उत्पाद तथा स्थानीय खाद्य उत्पादों के लिए 50 हजार से एक लाख रुपये तक माइक्रो-ग्रांट भी दिए जाएंगे।

    इन डॉक्टरों को मिलेगा लाभ
    आयुष और एलोपैथिक दोनों पद्धतियों के योग्य चिकित्सक रिहायशी प्लाट पर नर्सिंग होम स्थापित कर सकेंगे। प्लाट डाक्टर के नाम होना जरूरी नहीं बल्कि वह उसे लीज पर लेकर भी सुविधा शुरू कर सकेगा।

    इसके लिएकन्वर्जन चार्ज देना अनिवार्य होगा। प्लाट पर नर्सिंग होम चलाने के लिए अनुमति लीज की अवधि तक ही वैध रहेगी। डाक्टर के पास संबंधित मेडिकल काउंसिल या आयुष काउंसिल का वैध पंजीकरण नंबर होना चाहिए।

    हर 10वां सामान अब हरियाणा के स्टार्टअप से खरीदेगी सरकार
    कैबिनेट बैठक में हरियाणा स्टेट स्टार्टअप पालिसी-2022 के सप्लीमेंट को मंजूरी दी गई। कारपोरेट सेक्टर को भी स्थानीय स्टार्टअप के साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

    सरकारी खरीद में अब प्रदेश सरकार हर दसवां सामान प्रदेश के स्टार्टअप से खरीदेगी। कोई निजी या एंजल निवेशक स्टार्टअप में 25 लाख रुपये लगाता है तो सरकार भी इतनी ही मैचिंग ग्रांट देगी। कारपोरेट कंपनियां किसी स्टार्टअप के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू करती हैं और उसे आगे बढ़ाकर वास्तविक अनुबंध में बदलती हैं तो सरकार 10 लाख रुपये तक की मैचिंग ग्रांट देगी।

    ‘वाटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम’ के मुख्य बिंदु
        कार्यक्रम की अनुमानित लागत – 5,714.80 करोड़ रुपये
        विश्व बैंक से ऋण- 4,000.36 करोड़ रुपये
        राज्य सरकार का हिस्सा- 1,714.44 करोड़ रुपये
        संभावित प्रत्यक्ष लाभार्थी – 45 लाख प्राथमिकता वाले सिंचाई क्लस्टर- 15
        प्रदेश में इस समय सिंचाई योग्य कमांड एरिया- 48.94 लाख एकड़।

    किसानों के लिए क्या बदलेगा?

    •     सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
    •     नहरों में पानी की संचरण हानि कम करने पर जोर होगा।
    •     सूक्ष्म सिंचाई से पानी के अधिक दक्ष उपयोग को बढ़ावा।
    •     डीएसआर और फसल विविधीकरण से कृषि क्षेत्र में पानी की मांग घटाने का प्रयास होगा।
    •     जलभराव वाली भूमि के सुधार से कृषि क्षेत्र के उपयोग में मदद।
    •     भूजल रिचार्ज और उपचारित अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग से जल स्रोतों पर दबाव कम होगा।
    •     जलवायु चुनौतियों के बीच किसानों की आय को अधिक टिकाऊ बनाने पर जोर रहेगा।
  • स्वतंत्रता दिवस को लेकर बिहार अलर्ट, रेलवे स्टेशन से गांधी मैदान तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर

    स्वतंत्रता दिवस को लेकर बिहार अलर्ट, रेलवे स्टेशन से गांधी मैदान तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर

    पटना
    बिहार पुलिस मुख्यालय ने स्वतंत्रता दिवस को लेकर सभी जिलों को अलर्ट किया है। केंद्र और राज्य की खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने जोन व क्षेत्र में तैनात आईजी, डीआईजी समेत सभी जिलों के एसपी, एसएसपी और रेल पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्यालय के निर्देश पर रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, धार्मिक स्थल सहित भीड़ भाड़ वाले बाजार और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होगी। इसके लिए केंद्रीय बल सहित बी-सैप, रिजर्व जिला पुलिस और होमगार्ड की अतिरिक्त टुकड़ियां पटना सहित संवेदनशील जिलों में भेजी गयी हैं। शनिवार को स्वतंत्रता दिवस है। सभी जिलों में प्रभारी मंत्री झंडोत्तोलन करेंगे।

    मुख्यालय ने वरीय पुलिस पदाधिकारियों को सार्वजनिक गश्ती बढ़ाने और उसकी निगरानी के निर्देश दिए गये हैं। सीसीटीवी से भी लगातार निगरानी रखी जायेगी। प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सादे वेश में पुलिसकर्मी तैनात होंगे। पुलिस मुख्यालय सूत्रों के मुताबिक आतंकी और उग्रवादी धमकियों के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा से जुड़े और पूर्व में उग्रवाद प्रभावित रहे जिलों के एसपी को विशेष चौकसी बरतने को कहा गया है।

    गांधी मैदान में दंडाधिकारी तैनात रहेंगे
    बिहार पुलिस ने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान सहित सभी राजकीय समारोह स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं। समारोह स्थलों पर त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा रहेगा। आसपास के क्षेत्रों और प्रवेश मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जायेगी। मैदान के अंदर और बाहर दंडाधिकारियों तथा पुलिस बल की तैनाती की जायेगी।

    क्या बोले अधिकारी?
    स्वतंत्रता दिवस को लेकर एहतियातन पुलिस चौकसी बढ़ाई गई है। पुलिस पदाधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गये हैं। भारत-नेपाल सीमा, रेलवे सहित सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस की गश्ती व कड़ी निगरानी रहेगी। -केएस अनुपम, एडीजी (विधि व्यवस्था)

    पटना में ड्रोन से होगी निगरानी, सुरक्षा सख्त
    स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित होने वाले मुख्य राजकीय समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समारोह की ड्रोन से निगरानी की जाएगी। गुरुवार को गांधी मैदान में दंडाधिकारियों व पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग के दौरान प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े ने कहा कि 15 अगस्त का मुख्य समारोह पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। सभी कार्यक्रम निर्धारित समय पर और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हों, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

    1500 से ज्यादा पुलिस बल की तैनाती
    गांधी मैदान और आसपास के इलाके में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं। क्षेत्र में 1500 से ज्यादा पुलिस बल की तैनाती की गई है। गांधी मैदान को चार सेक्टर में बांट कर सुरक्षा व्यवस्था की गई। गांधी मैदान के अंदर एक अस्थायी पुलिस थाना बनाया गया है। इसमें एसएचओ सहित 24 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। बीते एक हफ्ते से कर्मी चौकसी बरत रहे हैं। क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों से भी इलाके में चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।

    होटल और लॉज की जांच
    गांधी मैदान के अलावा प्रमुख रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास भी पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है। आपराधिक और असामाजिक तत्वों की गिरफ्तारी के लिए सीमावर्ती इलाकों में बने चेक पोस्ट के अलावा शहर के तमाम प्रमुख चौक-चौराहों पर भी सघन वाहन जांच की जा रही है। पुलिस की टीम गांधी मैदान के आसपास स्थित होटलों और लॉज की जांच कर रही है। होटल संचालक और मैनेजर को बिना दस्तावेज किसी को भी नहीं ठहराने के निर्देश दिए गए हैं।

  • अलवर में मेयर की सीट महिला के लिए आरक्षित, जिला प्रमुख का पद ST महिला के खाते में

    अलवर में मेयर की सीट महिला के लिए आरक्षित, जिला प्रमुख का पद ST महिला के खाते में

    अलवर
     अलवर नगर निगम में मेयर (महापौर) की सीट अनारक्षित (ओपन फॉर ऑल) महिला वर्ग के लिए रिजर्व हो गई है। इसी प्रकार अलवर जिला प्रमुख की सीट अनुसूचित जनजाति (एसटी) महिला वर्ग के लिए आरक्षित कर दी गई है। नवगठित खैरथल-तिजारा जिले में जिला प्रमुख की सीट ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित की गई है तथा कोटपूतली-बहरोड़ जिले में जिला प्रमुख की सीट अनारक्षित के लिए रहेगी। गुरुवार को स्वायत्त शासन विभाग व पंचायती राज विभाग की ओर से जयपुर में इन पदों की लॉटरी निकाली गई। पिछले चुनाव में अलवर जिला प्रमुख की सीट ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित थी। अलवर जिले के 12 में से 8 निकायों में इस बार मुखिया की कुर्सी महिलाएं संभालेंगी।

    12 वार्ड एससी के लिए आरक्षित, लॉटरी 17 को
    अलवर नगर निगम (पूर्व में नगर परिषद) में महापौर/सभापति का पद वर्ष 2019 व 2014 के चुनाव में अनारक्षित के खाते में गया था। अलवर नगर निगम के 65 वार्डों में से एससी के 12 वार्ड आरक्षित होंगे, जिसमें 4 महिलाओं के नाम रहेंगे। इस बार एक वार्ड एससी का बढ़ा है। एसटी के लिए 2 वार्ड आरक्षित हुए हैं, जिसमें एक महिला व एक पुरुष के लिए है। अनारक्षित के लिए 38 वार्ड रहेंगे, जिसमें 13 महिलाएं चुनी जाएंगी। इन सभी वार्डों की लॉटरी 17 अगस्त को निकाली जाएगी।

    अलवर में अब जिला पार्षद के 29 पद
    अलवर जिला परिषद में जिला प्रमुख का पद ओबीसी वर्ग के खाते में था, जो इस बार नए जिले खैरथल-तिजारा व कोटपूतली बहरोड़ के बनने से एसटी महिला वर्ग के खाते में गया। खैरथल-तिजारा को पहली बार नया जिला प्रमुख मिलेगा। यहां की जिला परिषद में अलवर से कटकर 11 जिला पार्षद गए हैं। अलवर में अब 29 जिला पार्षद रह गए हैं। कोटपूतली-बहरोड़ जिले में 9 जिला पार्षद अलवर जिले से गए हैं। अलवर में पहले कुल 49 जिला पार्षद थे।

    कहां किसको मिलेगी चेयरमैन/सभापति की कुर्सी
    नगर निगम अलवर: अनारक्षित महिला
    नगर परिषद भिवाड़ी: ओबीसी ओपन
    खैरथल नगर परिषद: अनारक्षित
    तिजारा नगर परिषद: अनारक्षित
    बहरोड़ नगर परिषद: अनारक्षित
    बहादुरपुर नगर पालिका: ओबीसी ओपन
    बड़ौदामेव नगर पालिका: एससी महिला
    गोविंदगढ़ नगर पालिका: अनारक्षित महिला
    टपूकड़ा नगर पालिका:एससी
    मांढ़ण नगर पालिका: एससी
    कठूमर नगर पालिका: एससी महिला
    खेरली नगर पालिका:अनारक्षित
    लक्ष्मणगढ़ नगर पालिका: अनारक्षित महिला
    मालाखेड़ा नगर पालिका: एसटी
    रामगढ़ नगर पालिका:एससी
    थानागाजी नगर पालिका: अनारक्षित महिला
    राजगढ़ नगर पालिका:ओबीसी ओपन
    मुंडावर नगर पालिका: ओबीसी ओपन
    नौगांवा नगर पालिका: ओबीसी महिला
    बानसूर नगर पालिका: अनारक्षित
    किशनगढ़बास नगर पालिका: अनारक्षित
    नारायणपुर नगर पालिका: अनारक्षित महिला
    कोटकासिम नगर पालिका: अनारक्षित महिला
    बर्डोद नगर पालिका: अनारक्षित महिला
    नीमराणा नगर पालिका: ओबीसी महिला

  • 5 अगस्त से पहले शंभू रेलवे स्टेशन पर सर्च ऑपरेशन, GRP ने चप्पा-चप्पा खंगाला

    5 अगस्त से पहले शंभू रेलवे स्टेशन पर सर्च ऑपरेशन, GRP ने चप्पा-चप्पा खंगाला

    शंभू/पटियाला.

    पटियाला के शंभू रेलवे स्टेशन पर स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। शुक्रवार को राजकीय रेलवे पुलिस की शंभू इकाई ने रेलवे स्टेशन पर विशेष तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान प्लेटफार्म, टिकट घर और ट्रेनों में सघन जांच की गई।

    पुलिस कर्मचारियों ने यात्रियों के सामान और स्टेशन परिसर में आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर भी नजर रखी। राजकीय रेलवे पुलिस शंभू के प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक जम्मू राम ने बताया कि रेलवे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देशों पर यह विशेष जांच अभियान चलाया गया है। स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए रेलवे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

    प्लेटफार्म से ट्रेनों तक जांच
    तलाशी अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने रेलवे प्लेटफार्म के अलावा टिकट घर, यात्रियों के बैठने वाले स्थानों और ट्रेनों के भीतर भी जांच की। पुलिस ने स्टेशन के विभिन्न हिस्सों में पहुंचकर संदिग्ध वस्तुओं और व्यक्तियों की जानकारी ली। यात्रियों को भी किसी संदिग्ध गतिविधि या लावारिस सामान की सूचना तुरंत पुलिस को देने के लिए जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि फिलहाल जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या असामाजिक तत्व नहीं मिला है। इसके बावजूद देश में जारी उच्च सतर्कता को देखते हुए पुलिस किसी तरह की ढिलाई नहीं बरत रही है।

    हर कोने पर पुलिस की नजर
    सहायक उपनिरीक्षक जम्मू राम ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा गया है। पुलिस कर्मचारी रेलवे परिसर के हर हिस्से की जांच कर रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से यात्रियों के साथ बेहतर तालमेल बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। स्टेशन पर आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए आने वाले समय में भी रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में जांच जारी रहेगी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

  • बिहार में 2 लाख सरकारी नौकरी और 6.5 लाख रोजगार, CM सम्राट चौधरी ने बताया सरकार का बड़ा लक्ष्य

    बिहार में 2 लाख सरकारी नौकरी और 6.5 लाख रोजगार, CM सम्राट चौधरी ने बताया सरकार का बड़ा लक्ष्य

     पटना
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार में पिछले आठ-नौ महीने में करीब दो लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और साढ़े छह लाख को रोजगार मिला है। वर्ष 2025 से 2030 तक एक करोड़ नौजवानों के लिए नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है, जिसे राज्य सरकार निश्चित रूप से प्राप्त करेगी। मुख्यमंत्री गुरुवार को बापू सभागार में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सफल 2,027 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। ये सभी सरकार के 25 विभागों में अपनी सेवाएं देंगे। मुख्यमंत्री ने सांकेतिक रूप से कुछ अभ्यर्थियों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपा। उसके बाद समारोह में मौजूद कई मंत्रियों के हाथों भी नियुक्ति पत्र वितरित हुए। उन्होंने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और कहा कि यह उनके जीवन का ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में एक साथ अधिकारियों को नियुक्ति पत्र का वितरण एक नया रिकॉर्ड है।

    बड़े पैमाने पर निवेश
    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच 12 लाख सरकारी नौकरियां एवं 50 लाख रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार का बजट बढ़कर 3.47 लाख करोड़ रुपये का हो गया है। राज्य में शहरी विकास को गति देने के लिए 12 नई टाउनशिप विकसित की जाएगी, जिनमें बड़े पैमाने पर निवेश आएगा।

    बिहार में रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होंगे
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगीकरण को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। बिहार को स्टील हब बनाने के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, न्यूक्लियर एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन क्षेत्रों में निवेश से बिहार में रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। आधारभूत संरचना के विकास का लाभ आम लोगों को मिल रहा है। सड़क संपर्कता में सुधार के कारण अब पटना से बोधगया लगभग डेढ़ घंटे में पहुंचना संभव हो गया है।

    समृद्ध बिहार के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा और जनकल्याण का मार्ग है। नवनियुक्त पदाधिकारियों के माध्यम से समाज के किसी न किसी व्यक्ति की उन्नति का रास्ता खुलेगा। उन्होंने कहा कि आपलोग जितने ईमानदार, समर्पित और संवेदनशील होकर कार्य करेंगे, बिहार उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेगा। ‘विकसित भारत’ और ‘समृद्ध बिहार के निर्माण के लिए सरकार के साथ-साथ समाज के हर वर्ग और प्रत्येक नागरिक का सामूहिक प्रयास जरूरी है। बिहार के विकास में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और नवनियुक्त पदाधिकारी इस विकास यात्रा के महत्वपूर्ण सहभागी होंगे।

  • राजस्थान कैबिनेट के बड़े फैसले! प्रमोशन, अनुकंपा नियुक्ति और UCC बिल के प्रस्तावों को CM की मंजूरी

    राजस्थान कैबिनेट के बड़े फैसले! प्रमोशन, अनुकंपा नियुक्ति और UCC बिल के प्रस्तावों को CM की मंजूरी

    जयपुर 

    जयपुर में  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई. UCC बिल, पर्यावरण संरक्षण और पानी की सप्लाई, रोजगार और प्रमोशन से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं. कैबिनेट बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री डॉक्टर प्रेमचंद बेरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, उद्योग राज्य मंत्री के के बिश्नोई और जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने फैसले के बारे में जानकारी दी है. मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि कैबिनेट बैठक में यूसीसी बिल को मंजूरी दे दी गई है. इससे एक देश एक कानून की अवधारणा पूरी होती है। 

    यूसीसी बिल में क्या-क्या प्रावधान?
    यूसीसी बिल में विवाह, तलाक, उत्तराधिकारी, भरण पोषण और लिव इन रिलेशनशिप का प्रावधान है. संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल के अनुसार, आदिवासी, अनुसूचित जनजाति पर ये लागू नहीं होगा. बहु विवाह पर प्रतिबंध रहेगा. विवाह और तलाक का रजिस्ट्रेशन जरुरी होगा. पिता को भी उत्तराधिकार बनाया जा सकेगा. लिव इन में हुए बच्चे को अधिकार मिलेंगे। 

    इस बिल का उद्देश्य राज्य में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े कानूनों को एक समान, पारदर्शी और व्यवस्थित रूप देना है। 

    यूसीसी कानून लागू होने के बाद होने वाले सभी विवाहों का 60 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा. लिव-इन संबंधों की शुरुआत और उनके खत्म की लिखित सूचना या पंजीकरण का प्रावधान किया गया है, जिससे दोनों पक्षों के अधिकारों की सुरक्षा हो सकेगी. पंजीकरण न कराने पर 10 हजार रुपए तक और नोटिस मिलने के बाद भी अनदेखी करने पर 25 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। 

    कर्मचारियों के प्रमोशन पर बड़ा फैसला
    राज्य कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन के लिए सरकार की तरफ से पदोन्नति के लिए जरूरी अनुभव में 2 साल की छूट दी गई है. फिर भी, किन्हीं कारणों से कुछ विभागों में कार्मिक इस छूट का लाभ लेने से वंचित रह गए थे. ऐसे काडरों में आवश्यकता अनुसार वांछित अनुभव में छूट देने के संबंध में इस वर्ष बजट में घोषणा की गई थी. कैबिनेट बैठक में आज उन कार्मिकों को वर्ष 2026-27 में पदोन्नति के लिए अनुभव में 2 वर्ष की छूट देने का निर्णय किया गया, जिन्हें वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में यह लाभ मिला था. इसके लिए विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन कर 2 वर्ष के सशर्त छूट का प्रावधान किया जाएगा. इस संशोधन से वांछित अनुभव की कमी के कारण रिक्त रहने वाले पदों को भरा जा सकेगा, जिससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा। 

    अब पुत्र वधू भी होंगी अनुकंपा नियुक्ति की पात्र
    मृत सरकारी कर्मचारी की पुत्र वधू भी अनुकम्पा नियुक्ति की पात्र होगी. इसके लिए कैबिनेट ने मृत सरकारी कर्मचारियों के अनुकम्पा नियुक्ति के लिए पात्र आश्रितों की सूची में 'पुत्र वधू' को भी शामिल करने का निर्णय किया है. इस फैसले से मृतक सरकारी कर्मचारी की पुत्र वधू को अनुकम्पा नियुक्ति मिल सकेगी, जिससे वह परिवार का भरण-पोषण भली-भांति कर सकेगी। 

    नौकरी छोड़ने पर ट्रेनिंग खर्च की होगी वसूली
    इसके अलावा कैबिनेट बैठक में राजस्थान सेवा नियम, 1951 में 3 संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. यह कदम कर्मचारी कल्याण की भावना से लिया गया है. इस फैसले के बाद अब राजपत्रित पद पर नियुक्ति के बाद ट्रेनिंग या ट्रेनिंग पूरी होने से 2 साल की अवधि में नौकरी छोड़ने पर कर्मिकों से केवल ट्रेनिंग का खर्चा वसूला जाएगा. उनसे वेतन-भत्तों की वसूली नहीं की जाएगी. वहीं, राज्य या केंद्र सरकार के विभागों या उपक्रमों में नई नियुक्ति के बाद पद त्याग करने पर ट्रेनिंग के दौरान भुगतान किए गए वेतन-भत्तों के साथ-साथ प्रशिक्षण व्यय की भी कोई वसूली नहीं की जाएगी। 

    चाइल्ड केयर लीव पर फैसला
    इसके अलावा, सिंगल महिला राज्य कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव एक कैलेण्डर वर्ष में 3 के स्थान पर 6 चरणों में स्वीकृत की जा सकेगी. सरोगेसी से मां बनने के मामले में सरोगेट मदर को 180 दिन और कमीशनिंग मदर को 90 दिन का मातृत्व अवकाश प्रदान किया जाएगा. इससे ये महिला कर्मचारी अपने बच्चों की बेहतर देखभाल कर सकेंगी। 
     
    ग्रामीण इलाकों में पानी की सप्लाई पर निर्णय
    ग्रामीण इलाकों में पानी की सप्लाई के प्रभावी बनाने और निगरानी के लिए ग्राम पंचायत, क्लस्टर समिति, ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर एक 5-स्तरीय संस्थागत ढांचा गठित किया जाएगा. स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे के दैनिक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) की होगी, जो लघु सेवा प्रदाय निकाय के रूप में कार्य करेंगी. इन समितियों को तकनीकी मार्गदर्शन देने के लिए प्रत्येक 5 से 6 ग्राम पंचायतों के समूह पर एक 'क्लस्टर समिति' गठित की जाएगी। 

  • कुरुक्षेत्र में हरियाणा कला परिषद ने धूमधाम से मनाया तीज उत्सव, लोकनृत्यों ने बांधा समां

    कुरुक्षेत्र में हरियाणा कला परिषद ने धूमधाम से मनाया तीज उत्सव, लोकनृत्यों ने बांधा समां

     कुरुक्षेत्र
    हरियाणा कला परिषद की ओर से कला कीर्ति भवन में तीज उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा लोक सेवा आयोग की सदस्य ज्योति बैंदा मुख्यातिथि रहीं। उन्होंने पारंपरिक पींघ पर झूला झूलकर तीज की खुशियों का आनंद लेते हुए गुलगुले व खस्ता सुहाली जैसे पारंपरिक हरियाणवी व्यंजनों का स्वाद चखा।

    इस मौके पर उन्होंने कहा कि तीज हमारी मिट्टी, प्रकृति, लोक परंपराओं और आपसी भाईचारे से जुड़ा त्योहार है। ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आयोजन के लिए हरियाणा कला परिषद की सराहना की।

    इस कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सावन और तीज के गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष महेश जोशी ने ज्योति बैंदा को पौधा भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि परिषद हरियाणा की प्राचीन लोक कलाओं और परंपराओं को सहेजने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

    सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ हरियाणा राज्य गीत से हुआ। इसके बाद नवीन नाथ और उनके दल ने बीन वादन की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बीन वादन की इस बेहतरीन प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

    बीजणा और टोकणी नृत्य ने बांधा समां, दर्शकों ने की सराहना
    सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए रोहतक से पधारी नृत्यांगना लीला सैनी और उनके दल एल के एम फाउंडेशन ने मंच पर कदम रखा। दल के कलाकारों ने एक के बाद एक कई बेहतरीन हरियाणवी लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महिला कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में लाख टके का बीजणा, पाणी ल्यावण जा रही ए मेरी सस रानी सब सखियों के संग और तोड़ो-तोड़ो री ननदी मेहंदी के पात जैसे हरियाणवी लोकगीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। हाथों में रंग-बिरंगे बीजणा लेकर और सिर पर चमकती टोकणी रखकर किए गए सधे हुए नृत्यों ने नारी के पारंपरिक सौंदर्य और उल्लास को मंच पर जीवंत कर दिया।

    लोकनृत्यों की इस धमाकेदार प्रस्तुति के बाद भिवानी से आए सुभाष पपोसा और उनके दल ने मखमली और बुलंद आवाज से सावन के मल्हार और पारंपरिक गीतों की ऐसी तान छेड़ी कि पूरा वातावरण संगीतमय हो गया। दल की ओर से गाए गए विशेष लोकगीत रात ना सोई रे कृष्ण तेरे चाव की मारी, सावन मां झूल घली कामण की और तोड़े पत्ते पिपलां के पर दर्शकों के साथ-साथ मुख्यातिथि ज्योति बैंदा, महेश जोशी और अन्य महिला दर्शक भी मंच पर जाकर झूमने पर मजबूर हो गए।

    वहीं, सभी कलाकारों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। तीज उत्सव का लुत्फ उठाने के लिए पूर्व जिला संपर्क अधिकारी देवराज सिरोहीवाल, भाजपा नेत्री भारती धिमान, प्रेरणा संस्थान से आशा सिंगला, किरण गर्ग, सुरेखा, हरिकेश पपोसा, शिवकुमार किरमच मौजूद रहे।

  • बिहार के किसान तेलंगाना में सीखेंगे पाम ऑयल खेती, तेलंगाना के किसान मखाना सीखेंगे

    बिहार के किसान तेलंगाना में सीखेंगे पाम ऑयल खेती, तेलंगाना के किसान मखाना सीखेंगे

    पटना
     बिहार एवं तेलंगाना के बीच कृषि क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत करने, आधुनिक तकनीक तथा नवाचारों के आदान-प्रदान, किसानों के प्रशिक्षण तथा दोनों राज्यों में किए जा रहे सफल कृषि प्रयोगों को साझा करने पर महत्वपूर्ण बैठक हुई।

    बिहार के किसान तेलंगाना जाकर अब पाम आयल की खेती, उसके प्रसंस्करण एवं तेल निष्कर्षण तथा इससे जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।

    वहीं, तेलंगाना के किसान बिहार आकर मखाना की खेती, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन एवं विपणन से संबंधित उन्नत तकनीकों और सफल प्रयोगों को समझेंगे तथा उनका व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे।

    हैदराबाद स्थित तेलंगाना सचिवालय, तेलंगाना के कृषि मंत्री थुम्मला नागेश्वर राव
    की अध्यक्षता में हुई बैठक में बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के अतिरिक्त विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि बिहार और तेलंगाना दोनों ही कृषि के क्षेत्र में अपनी अलग-अलग विशेषताओं, अनुभवों और सफल प्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।

    इस बैठक का उद्देश्य दोनों राज्यों की कृषि व्यवस्था में उपलब्ध अनुभवों, तकनीकी ज्ञान और सफल माडलों को एक-दूसरे के साथ साझा करना तथा किसानों के हित में उनका उपयोग सुनिश्चित करना है।

    उन्होंने कहा कि किसानों के बीच प्रत्यक्ष अनुभव एवं ज्ञान का आदान-प्रदान कृषि क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत उपयोगी है। दोनों राज्यों के किसानों को एक-दूसरे के राज्य में प्रशिक्षण एवं अध्ययन भ्रमण का अवसर दिया जाना चाहिए। इससे किसानों को अपने-अपने राज्य की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर कृषि पद्धतियों को अपनाने में सहायता मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में राज्यों के बीच अनुभवों एवं सफल प्रयोगों को साझा करना और आधुनिक तकनीकों को एक-दूसरे तक पहुंचाना किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।

    इससे दोनों राज्यों के किसान एक-दूसरे के अनुभवों से लाभान्वित होंगे और कृषि क्षेत्र में नवाचार एवं आधुनिक तकनीक के उपयोग को और बढ़ावा मिलेगा।

  • जयपुर में 472 परिवारों को मुफ्त फ्लैट, CM भजनलाल ने सौंपी चाबी

    जयपुर में 472 परिवारों को मुफ्त फ्लैट, CM भजनलाल ने सौंपी चाबी

    जयपुर
    जयपुर में विमुक्त, घुमंतू और अर्धघुमंतू समुदाय के परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की ओर से तैयार किए गए 472 फ्लैट इन परिवारों को फ्री में आवंटित किए गए हैं। आज जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम में CM भजनलाल शर्मा ने लाभार्थियों को आवंटन पत्र सौंपे और फ्लैट की चाबियां भी दी।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राजस्थान के हर जरूरतमंद परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को लंबे समय से स्थायी आवास की जरूरत थी उन्हें अब अपना घर मिल रहा है। सरकार राज्यभर में ऐसे परिवारों को आवास उपलब्ध करवाने की दिशा में काम कर रही है।

    जयपुर के जयसिंहपुरा क्षेत्र में है फ्लैट
    जयपुर में दिए गए इन फ्लैट का निर्माण JDA ने जयसिंहपुरा क्षेत्र में करवाया है। फ्लैट मिलने के बाद 472 परिवारों को स्थायी छत मिल सकेगी। इन आवासों में परिवार की जरूरत को ध्यान में रखते हुए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

    एक रूम, हॉल और किचन की सुविधा
    JDA की ओर से बनाए गए प्रत्येक फ्लैट में एक रूम, हॉल, किचन और लेट-बाथ की सुविधा दी गई है। यानी लाभार्थी परिवारों को रहने के साथ खाना बनाने और दैनिक जरूरतों के लिए जरूरी स्थान भी उपलब्ध कराया गया है। सबसे खास बात यह है कि इन फ्लैटों का आवंटन लाभार्थियों को फ्री किया है।

    समारोह में कई मंत्री रहे मौजूद
    फ्लैट आवंटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ नगरीय स्वायत्त शासन एवं विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा, कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत मौजूद रहे। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

    मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर जरूरतमंद परिवार को आवास उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसे परिवारों तक पहुंचने और उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास कर रही है। इस आवास योजना से लाभ पाने वाले परिवार के सदस्य खुशी से झूम उठे। ये उनके लिए केवल एक फ्लैट मिलने की खबर नहीं बल्कि स्थायी आवास और बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब इन परिवारों को किराए या अस्थायी ठिकानों पर निर्भर रहने के बजाय अपना स्थायी घर मिल सकेगा।