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  • जयपुर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 83 किलो एक्सपायर्ड सामान नष्ट

    जयपुर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 83 किलो एक्सपायर्ड सामान नष्ट

    जयपुर
    जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग की जयपुर मुख्यालय स्थित सेंट्रल टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मिलावटखोरों और दूषित खाद्य सामग्री बेचने वालों पर शिकंजा कसा है। शनिवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने रामपुरा रोड, सांगानेर स्थित 'संस्कार स्वीट्स कैटर्स' के परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्रतिष्ठान में भारी अनियमितताएं और अस्वच्छता पाई गई।

    घेवर का नमूना लैब भेजा गया
    कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत टीम ने प्रतिष्ठान में तैयार किए जा रहे 'घेवर' का एक नमूना लिया। इस नमूने को गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला (फूड लैब) में भेजा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की विधिक व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

    निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को प्रतिष्ठान में लगभग 83 किलोग्राम एक्सपायर्ड और अस्वास्थ्यकर खाद्य सामग्री मिली। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए टीम ने इस पूरी एक्सपायर्ड सामग्री को मौके पर ही नष्ट करवा दिया।

        मिल्क केक
        पाव ब्रेड
        खट्टा पनीर
        डोडा बर्फी
        टोस्ट एवं काला नमक

    गंदगी मिलने पर इम्प्रूवमेंट नोटिस
    कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठान के भीतर साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद असंतोषजनक पाई गई। तैयार खाद्य सामग्रियों को अनहाइजीनिक (अस्वास्थ्यकर) स्थितियों में रखा गया था। मौके पर पाई गई अन्य कमियों व सफाई में सुधार के संबंध में खाद्य विभाग द्वारा प्रतिष्ठान को अलग से 'इम्प्रूवमेंट नोटिस' जारी किया जाएगा।

    लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
    खाद्य सुरक्षा आयुक्त टी. शुभमंगला ने बताया कि पूरे प्रदेश में खाद्य पदार्थों की शुद्धता, गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए यह जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

     

  • झारखंड में SIR को लेकर बड़ा अपडेट, 24 अगस्त से शुरू होगी नोटिस और सुनवाई प्रक्रिया

    झारखंड में SIR को लेकर बड़ा अपडेट, 24 अगस्त से शुरू होगी नोटिस और सुनवाई प्रक्रिया

    रांची
     मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत नोटिस जारी करने तथा दावा-आपत्तियों का निष्पादन मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।

    इस चरण में गणना तथा दावा-आपत्ति अवधि के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल करने, संशोधन करने अथवा अन्य आवश्यक कार्रवाई के लिए प्राप्त आवेदनों एवं आंकड़ों की जांच और शुद्धिकरण किया जाना है। इसलिए नोटिस मिलने पर नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 24 अगस्त से नो-मैपिंग, तार्किक विसंगति तथा अन्य श्रेणियों से संबंधित मतदाताओं के मामलों की सुनवाई प्रारंभ की जा रही है।

    इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और मतदाता सूची में उनसे संबंधित विवरणियां त्रुटिरहित शामिल हो सके। साथ ही साथ कोई भी विदेशी नागरिक या अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में न जुड़े।

    नोटिस पर दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए पहली बार मिलेगा सात दिनों का समय
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि नोटिस एवं दावा-आपत्तियों के निष्पादन के चरण में बीएलओ द्वारा नो-मैपिंग, तार्किक विसंगति तथा अन्य संबंधित सूचियों में शामिल मतदाताओं को निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) स्तर से जारी नोटिस उपलब्ध कराया जाएगा। नोटिस प्राप्त होने के बाद संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए मतदाता को प्रथम चरण में सात दिनों का समय दिया जाएगा।

    इस अवधि में दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने की स्थिति में बीएलओ द्वारा संबंधित मतदाता से दोबारा संपर्क कर फिर से नोटिस उपलब्ध कराए जाएंगे एवं संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए उन्हें सात दिन का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि दावा आपत्ति की अवधि 15 सितंबर तक निर्धारित है, जिसका निस्तारण 14 अक्टूबर 2026 तक संबंधित निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी द्वारा किया जा सकेगा।

    कोई विदेशी नाम शामिल करने का प्रयास कर रहे तो दें जानकारी
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने नोटिस एवं सुनवाई की प्रक्रिया के माध्यम से आवेदनों और उपलब्ध आंकड़ों का विधिसम्मत सत्यापन करते हुए योग्य मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। इस प्रक्रिया को सफल बनाने में मतदाताओं का सक्रिय सहयोग आवश्यक है।

    कहा कि संविधान की धारा 326 के अनुसार केवल भारत के नागरिक ही मतदाता सूची में पंजीकृत हो सकते हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, बीएलए 2 एवं आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि कोई विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने का प्रयास कर रहा है अथवा प्रारुप प्रकाशन में शामिल है तो फॉर्म-7 भरकर अपनी आपत्ति अवश्य दर्ज कराएं, जिससे ईआरओ/ एईआरओ स्तर पर दस्तावेजों का निरीक्षण करते हुए आदेश पारित किए जा सकें।

  • विभाजन के शहीदों की याद में श्री अकाल तख्त साहिब पर अरदास, दी गई श्रद्धांजलि

    विभाजन के शहीदों की याद में श्री अकाल तख्त साहिब पर अरदास, दी गई श्रद्धांजलि

    अमृतसर.

    1947 में विभाजन के दौरान मारे गए समूचे पंजाबियों की याद में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से श्री अकाल तख्त साहिब में अरदास समारोह आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में संगत ने इसमें हिस्सा लिया।

    श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने 1947 की विभाजन त्रासदी को याद करते हुए कहा कि उस समय 10 लाख से अधिक पंजाबियों की हत्या हुई थी। आज की अरदास का उद्देश्य शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि देना और ऐसी त्रासदी दोबारा कभी न होने की प्रार्थना करना है। जत्थेदार ने कहा कि 1947 में सिखों से कई ऐतिहासिक गुरुधाम भी बिछड़ गए और लोगों को अपने घर तथा जमीनें छोड़नी पड़ीं। सिख आज भी बिछड़े गुरुधामों के खुले दर्शन की कामना करते हैं। उन्होंने भारत और पाकिस्तान सरकारों से श्री करतारपुर साहिब कारिडोर को सिख भावनाओं के अनुरूप जल्द खोलने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सरकारों को सिख जत्थों के लिए श्रद्धालुओं का कोटा बढ़ाने पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए।

    ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों की रिहाई और उनसे जुड़े मामलों के समाधान की मांग भी उठाई। उन्होंने भाई बलवंत सिंह राजोआणा की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने और भाई जगतार सिंह हवारा की उनकी बुजुर्ग व बीमार माता से मुलाकात का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सिखों के मामलों में सरकारों द्वारा कथित तौर पर दोहरी नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सिखों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जब कौम और गुरु साहिब से जुड़े मुद्दे सामने आते हैं तो सभी को एकजुट होना चाहिए। गुरुद्वारा साहिबानों में हो रहे हमलों को गलत बताते हुए उन्होंने सिख समुदाय से आपसी टकराव से बचने और श्री अकाल तख्त साहिब की रहनुमाई में मिलजुलकर चलने की अपील की।

  • लोक भवन में राज्यपाल के ‘एट होम’ रिसेप्शन में पहुंचे पंजाब-हरियाणा के CM

    लोक भवन में राज्यपाल के ‘एट होम’ रिसेप्शन में पहुंचे पंजाब-हरियाणा के CM

    चंडीगढ़.

    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शनिवार को पंजाब लोक भवन के लान में पारंपरिक ‘एट होम’ समारोह का आयोजन किया। इसमें पंजाब और हरियाणा के राजनीतिक, प्रशासनिक, न्यायिक, सैन्य, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की।

    राज्यपाल शाम करीब पांच बजे समारोह स्थल पर पहुंचे, जहां पुलिस बैंड ने उनका औपचारिक स्वागत किया। इसके बाद ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान हुआ। पंजाब लोक भवन को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आकर्षक ढंग से सजाया गया था। राज्यपाल ने समारोह में पहुंचे अतिथियों से मुलाकात कर उन्हें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, सांसद मनीष तिवारी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

    इस अवसर पर पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा, यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव विवेक प्रताप सिंह और पंजाब के डीजीपी गौरव यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

  • राजस्थान में निकाय चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 41 नगर पालिका अधिकारियों के तबादले

    राजस्थान में निकाय चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 41 नगर पालिका अधिकारियों के तबादले

    जयपुर
     राजस्थान में निकाय चुनाव से ठीक पहले स्वायत्त शासन विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कर दिया है। विभाग ने नगर पालिका सेवा के 41 अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के आदेश जारी किए हैं। इनमें लंबे समय से APO यानी अवेटिंग पोस्टिंग ऑर्डर में चल रहे 24 अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, 11 अधिकारियों को वर्तमान पद से हटाकर APO किया गया है। विभाग के इस फैसले के बाद कई नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल गई हैं।

    लंबे समय से APO चल रहे 24 अधिकारियों को पोस्टिंग
    तबादला सूची में 24 ऐसे अधिकारी हैं, जो लंबे समय से APO चल रहे थे। अब विभाग ने इन सभी को प्रदेश के अलग-अलग नगर निकायों में पोस्टिंग दे दी है। किसी को आयुक्त तो किसी को अधिशासी अधिकारी और राजस्व अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। लंबे समय से खाली पड़े पदों पर अधिकारी मिलने से अब संबंधित नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में कामकाज तेजी से होने की उम्मीद है। साथ ही रोजमर्रा के प्रशासनिक काम भी आसानी से हो सकेंगे।

    अलग-अलग स्तर के अधिकारियों का तबादला
    स्वायत्त शासन विभाग की ओर से जारी आदेश में नगर पालिका सेवा के अलग-अलग स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इनमें वरिष्ठ आयुक्त, आयुक्त, अधिशासी अधिकारी और राजस्व अधिकारी स्तर के अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। विभाग ने अलग-अलग नगरीय निकायों में प्रशासनिक जरूरत और उपलब्ध पदों को देखते हुए अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी हैं। कुछ अधिकारियों को उनके मौजूदा पद से हटाकर दूसरे नगर निकायों में भेजा गया है। इससे कई अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल गई हैं।

    11 अधिकारियों को APO किया, नई पोस्टिंग का इंतजार
    इसी तबादला सूची में 11 अधिकारियों को APO भी किया गया है। यानी इन अधिकारियों को फिलहाल उनकी मौजूदा पोस्टिंग से हटा दिया गया है और अब नई जिम्मेदारी मिलने तक वे इंतजार में रहेंगे। अभी इन अधिकारियों को किसी दूसरे नगर निकाय में तैनाती नहीं दी गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में विभाग इनके लिए नई पोस्टिंग जारी कर सकता है। इसके बाद इन्हें प्रदेश के किसी नगर निकाय में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

  • बंदी सिखों की रिहाई की मांग, मरीज का भेष बनाकर राजभवन पहुंचे अकाली दल नेता

    बंदी सिखों की रिहाई की मांग, मरीज का भेष बनाकर राजभवन पहुंचे अकाली दल नेता

    चंडीगढ़.

    बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर पंजाब राजभवन के बाहर शनिवार को प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति बन गई। इसी बीच पूर्व सांसद और शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के नेता सिमरनजीत सिंह मान मरीज का भेष बनाकर राजभवन के पास पहुंच गए।

    मुंह पर पट्टियां बांधकर गाड़ी में पहुंचे मान को पुलिस ने शक के आधार पर रोककर हिरासत में लिया। हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। मान के मरीज के भेष में राजभवन पहुंचने और फिर हिरासत में लिए जाने की घटना प्रदर्शन के दौरान चर्चा का विषय बनी रही। मान के राजभवन पहुंचने से पहले ही वहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन चुकी थी। बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी राजभवन की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछार और आंसू गैस के गोले छोड़े।

    मरीज का भेष देखकर पुलिस को हुआ शक
    राजभवन के बाहर तनाव के बीच एक गाड़ी वहां पहुंची। इसमें सिमरनजीत सिंह मान मरीज के भेष में बैठे थे। उन्होंने चेहरे पर पट्टियां बांध रखी थीं। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को गाड़ी में बैठे व्यक्ति पर शक हुआ। पुलिस ने गाड़ी रोककर जांच की। पहचान सिमरनजीत सिंह मान के रूप में होने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। कुछ समय बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी करीब तीन साल से मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर धरना दे रहे हैं। शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने राजभवन की ओर बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों की ओर से पुलिस पर पथराव किए जाने की भी जानकारी सामने आई।

    इन बंदी सिखों की रिहाई की मांग
    प्रदर्शनकारियों की ओर से जगतार सिंह हवारा, बलवंत सिंह राजोआना, जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भ्यौरा, देविंदरपाल सिंह भुल्लर, गुरदीप सिंह खेड़ा, लखविंदर सिंह लख्खा, गुरमीत सिंह और शमशेर सिंह समेत अन्य बंदी सिखों की रिहाई की मांग की जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इनमें से कई कैदी लंबे समय से जेलों में बंद हैं और अपनी सजा पूरी कर चुके हैं। इसी आधार पर उनकी तत्काल रिहाई की मांग की जा रही है।

  • नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में मस्जिद-मदरसों की बढ़ती संख्या पर सवाल, जनसांख्यिकी बदलाव की चर्चा

    नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में मस्जिद-मदरसों की बढ़ती संख्या पर सवाल, जनसांख्यिकी बदलाव की चर्चा

    मुजफ्फरपुर
    भारत के पूर्वी चंपारण के रक्सौल सीमा से सटे नेपाल के प्रमुख व्यापारिक शहरों में से एक वीरगंज। यहां के छपकैया में कुछ वर्ष पहले तक दो मस्जिदें थीं। अब इनकी संख्या बढ़कर सात हो गई है।

    सिर्फ छपकैया ही नहीं, उत्तर बिहार से जुड़े पूर्वी चंपारण, मधुबनी, सीतामढ़ी व पश्चिम चंपारण से सटे नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में मदरसों और मस्जिदों की संख्या असामान्य रूप से बढ़ी है।

    नेपाल जनता पार्टी की राष्ट्रीय कमेटी के पूर्व सदस्य पारस द्विवेदी का कहना है कि देश में हिंदू और मुसलमानों के बीच हमेशा से भाईचारे का संबंध रहा है, लेकिन मधेश आंदोलन के बाद प्रदान की गई नागरिकता में विदेशी घुसपैठियों के कारण तराई में धार्मिक सुरक्षा चुनौती बनती जा रही है।

    भारत-नेपाल की 1,751 किलोमीटर लंबी खुली सीमा से घुसपैठ बढ़ी है। बांग्लादेश, पाकिस्तान और अन्य मुस्लिम देशों से आने वाले कट्टरपंथियों के लिए नेपाल के गेस्ट हाउस, मदरसे और मस्जिदें सुरक्षित आश्रय स्थल के रूप में इस्तेमाल हो रही हैं।

    एक गोपनीय सुरक्षा रिपोर्ट का हवाला देते हुए वे कहते हैं कि पाकिस्तान और तुर्की के सहयोग से मस्जिदों, मदरसों, अनाथालयों और इस्लामिक सांस्कृतिक केंद्रों का तेजी से विस्तार हो रहा है।

    तराई में वर्ष 2018 में 760 मस्जिदें थीं, जो 2021 में बढ़कर 1,000 से अधिक हो गईं। इसी तरह मदरसों की संख्या भी 508 से बढ़कर 645 हो गई।

    पारस द्विवेदी कहते हैं कि त्रिभुवन विश्वविद्यालय की ओर से 2019 में किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार नेपाल में 960 पंजीकृत और चार से पांच हजार तक अवैध मदरसे संचालित हो रहे थे।

    2025 के नेपाल के शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पंजीकृत मदरसों की संख्या बढ़कर 1,300 हो गई है। इससे साफ है कि वैध और अवैध मदरसों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

    नेपाल के राजनीतिक-सामाजिक विश्लेषक धर्मेंद्र झा कहते हैं कि ये सच है कि सीमावर्ती क्षेत्र में जनसांख्यिकी तेजी से बदली है। गांवों में मस्जिद और मदरसों की संख्या खूब बढ़ी है।

    पिछले कुछ वर्षों में नेपाल में मतांतरण एक प्रमुख समस्या बनकर उभरी है। इसका सीधा प्रभाव हिंदू गरीब आबादी पर पड़ रहा है। इस पर नेपाल सरकार को गंभीर होने की आवश्यकता है।

     

  • चंडीगढ़ में Digital Arrest कर ₹9.51 लाख ठगे, हावड़ा से आरोपी गिरफ्तार

    चंडीगढ़ में Digital Arrest कर ₹9.51 लाख ठगे, हावड़ा से आरोपी गिरफ्तार

    चंडीगढ़.

    साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ पुलिस की साइबर अपराध थाना टीम ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 9.51 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में पश्चिम बंगाल के हावड़ा से एक आरोपित को गिरफ्तार किया है।

    आरोपित की पहचान 34 वर्षीय राज कुमार शाह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ठगी की पूरी रकम उसके बैंक खाते में पहुंची थी। यह कार्रवाई साइबर अपराध की पुलिस अधीक्षक गीतांजलि खंडेलवाल, आइपीएस के निर्देश पर, साइबर अपराध एवं सूचना प्रौद्योगिकी शाखा के पुलिस उपाधीक्षक के मार्गदर्शन तथा साइबर अपराध थाना प्रभारी की निगरानी में की गई।

    मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी में फंसाने की धमकी
    पुलिस के अनुसार, चंडीगढ़ निवासी महिला ने शिकायत दी थी कि उसे साइबर ठग का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसी से जुड़ा बताते हुए महिला पर मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया। आरोपित ने महिला को कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाकर मानसिक दबाव में ले लिया। कथित डिजिटल अरेस्ट के दौरान महिला से एक बैंक खाते में 9,51,347 रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। शिकायत के आधार पर साइबर अपराध थाने में एफआइआर नंबर 102, दिनांक 27 सितंबर 2024 दर्ज की गई। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।

    रकम के लेन-देन से हावड़ा तक पहुंची पुलिस
    जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और रकम के लेन-देन की कड़ी को खंगाला। मनी ट्रेल की जांच में सामने आया कि ठगी की रकम राज कुमार शाह के बैंक खाते में जमा हुई थी। इसके बाद पुलिस टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर हावड़ा, पश्चिम बंगाल में दबिश दी और राज कुमार शाह को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में दूसरे व्यक्ति की भूमिका सामने आई
    पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपित ने कथित तौर पर इस अपराध में एक अन्य व्यक्ति के शामिल होने की जानकारी दी है। पुलिस अब दूसरे आरोपित की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच आगे बढ़ा रही है। गिरफ्तार आरोपित को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले में पैसों के लेन-देन, आरोपितों के नेटवर्क और अन्य संभावित पीड़ितों के संबंध में भी जांच कर रही है।

  • हिंद-पाक बॉर्डर ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजा, जवानों के जोश ने बढ़ाया उत्साह

    हिंद-पाक बॉर्डर ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजा, जवानों के जोश ने बढ़ाया उत्साह

    फिरोजपुर.

    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को देश की सरहद हुसैनीवाला हिंद-पाक बॉर्डर पर देशभक्ति का ऐसा ज्वार उमड़ा कि हर तरफ भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयघोष गूंजते रहे। देश के कोने-कोने से पहुंचे लोगों ने पूरे उत्साह और जुनून के साथ तिरंगे को सलामी दी और जवानों का हौसला बढ़ाया।

    सरहद पर आयोजित बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के दौरान देशभक्ति का रंग अपने चरम पर नजर आया। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी में सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पूरे जोश, अनुशासन और जज्बे के साथ अपनी प्रस्तुति दी। जवानों के कदमों की गूंज और उनकी जोशीली गतिविधियों को देखकर दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों का उत्साह भी देखते ही बनता था। जवानों के प्रत्येक कदम के साथ भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे और बुलंद होते गए। हजारों लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों से सरहद का माहौल पूरी तरह राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। इससे पहले स्वतंत्रता दिवस समारोह के तहत विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

    बच्चों ने देशभक्ति गीतों, नृत्य और रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों को याद किया। प्रस्तुतियों ने दर्शकों में देशप्रेम की भावना को और प्रबल कर दिया। समारोह में विशेष आकर्षण पंजाबी गायक गुलाब सिद्धू और जैस्मिन भसीन की मौजूदगी रही। दोनों कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उनके लोकप्रिय गीतों पर दर्शक जमकर झूमे और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। तिरंगे की छांव में गूंजते देशभक्ति के नारों, गीत-संगीत और जवानों के शौर्य ने हुसैनीवाला की सरहद को स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

  • Punjab में किसानों का फिर दिल्ली कूच का ऐलान, भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ बढ़ा विरोध

    Punjab में किसानों का फिर दिल्ली कूच का ऐलान, भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ बढ़ा विरोध

    संगरूर.

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध सहित अन्य किसानी मुद्दों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेतृत्व में किसानों ने एक बार फिर दिल्ली कूच का आह्वान किया है।

    एसकेएम (गैरराजनीतिक) के प्रतिनिधि जजगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में किसानों जत्था खनौरी से शुभकरण सिंह की मौत वाली जगह से मिट्टी लेकर दिल्ली जाने की तैयारी में जूटा है, जबकि दूसरी तरफ हरियाणा पुलिस प्रशासन ने खनौरी का दाता सिंह वाला बार्डर एक बार फिर सील कर दिया है। कंक्रीट के बैरिकेट लगाने के साथ ही बड़े-बड़े पत्थर, लोहे के बैरिकेट वैल्डिंग करके रास्ते को पुरी तरह से सील कर दिया है। दाता सिंहवाला गांव से जंतर-मंतर तक संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के तत्वाधान में किसान बचाओ पदयात्रा आयोजित करी जा रही है। 228 किलोमीटर की पूरी यात्रा किसान जत्था पैदल तय करेंगे एवं उनके सहायक के तौर पर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) की तरफ से किसान साथ रहेंगे।

    यात्रा का समापन 29 अगस्त 2026 को जंतर-मंतर पर किसान पंचायत कर के किया जाएगा। खनौरी बार्डर पर रविवार को सुबह दस बजे तक बार्डर स्थल पर किसानों का काफिला नहीं पहुंचा है। हरियाणा पुलिस प्रशासन भी कंक्रीट की बैरिकेट के पीछे ही मौजूद है, जबकि आगे खनौरी की तरफ कोई हलचल नहीं है।