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  • बीसलपुर बांध में तेज हुई पानी की आवक, 60 घंटे में 44 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर

    बीसलपुर बांध में तेज हुई पानी की आवक, 60 घंटे में 44 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर

    केकड़ी (अजमेर)
     बीसलपुर बांध के जलग्रहण क्षेत्र में हुई बारिश ने अगस्त में बांध की तस्वीर बदल दी है। लगातार हो रही पानी की आवक से बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार सुबह 6 बजे बांध का गेज 314.00 मीटर पहुंच गया और जलभराव 28.288 टीएमसी दर्ज किया गया। पिछले करीब 60 घंटे में बांध के जलस्तर में 44 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, त्रिवेणी का गेज सुबह 2.80 मीटर दर्ज किया गया है।

    बता दें कि 12 अगस्त सुबह 6 बजे बीसलपुर बांध में जलभराव 25.320 टीएमसी था। इसके बाद जलग्रहण क्षेत्र से पानी की आवक तेज हुई और 14 अगस्त शाम 4 बजे तक जलभराव बढ़कर 28.012 टीएमसी पहुंच गया। शनिवार 12 सुबह तक इसमें और 0.276 टीएमसी की बढ़ोतरी हुई। इस तरह 1 अगस्त 2.968 टीएमसी पानी की आवक हुई है।

    24 घंटे में 1.292 टीएमसी पानी आया
    बीसलपुर में पानी आने की रफ्तार का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 13 अगस्त सुबह से 14 अगस्त सुबह के बीच ही बांध में 1.292 टीएमसी पानी बढ़ा। 13 अगस्त सुबह जलभराव 26.582 टीएमसी था, जो शाम 4 बजे 27.045, रात 10 बजे 27.460 और 14 अगस्त सुबह 27.874 टीएमसी पहुंच गया। इसके बाद 14 अगस्त शाम 4 बजे यह 28.012 टीएमसी और शनिवार सुबह 28.288 टीएमसी दर्ज किया गया।

    22 दिन में 2.69 टीएमसी बढ़ा पानी
    21 जुलाई को बांध का गेज 313.61 मीटर और जलभराव 25.596 टीएमसी था। शनिवार सुबह गेज 314.00 मीटर और जलभराव 28.288 टीएमसी पहुंच गया। यानी 22 दिन में जलस्तर 39 सेंटीमीटर और जलभराव करीब 2.692 टीएमसी बढ़ा है।

    त्रिवेणी का बहाव अब भी बना हुआ
    बांध की आवक के लिहाज से त्रिवेणी का बहाव अहम माना जा रहा है। 12 अगस्त सुबह त्रिवेणी का गेज 5.10 मीटर था। पानी उतरने के बाद शनिवार सुबह यह 2.80 मीटर रहा। त्रिवेणी में बहाव बना रहने से जलग्रहण क्षेत्र से पानी की आवक आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि बांध में वास्तविक आवक बारिश और सहायक नदियों के बहाव पर निर्भर करेगी।

    501 एमएम बारिश दर्ज
    बीसलपुर बांध क्षेत्र में अब तक 501 एमएम कुल बारिश दर्ज की जा चुकी है। शनिवार सुबह बांध क्षेत्र में बारिश शून्य रही, लेकिन जलग्रहण क्षेत्र से पहुंच रहे पानी के कारण बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

    अजमेर-जयपुर-टोंक के लिए राहत
    बीसलपुर बांध अजमेर, जयपुर और टोंक सहित कई क्षेत्रों की पेयजल जरूरतों का प्रमुख स्रोत है। अगस्त में हुई पानी की इस आवक से इन क्षेत्रों के लिए जलसंकट की चिंता कुछ कम हुई है। यदि जलग्रहण क्षेत्र में बारिश का दौर आगे भी बना रहता है और त्रिवेणी सहित सहायक नदियों में बहाव जारी रहता है तो बांध का जलस्तर और ऊपर जा सकता है। हालांकि अभी बांध पूर्ण भराव स्तर से नीचे है, इसलिए आगामी दिनों की बारिश पर जलस्तर की दिशा तय होगी।

  • हरियाणा में हरियाली बढ़ाने का अभियान, 15.17 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए

    हरियाणा में हरियाली बढ़ाने का अभियान, 15.17 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए

    पंचकूला
    हरि की भूमि हरियााणा में हरियाली बढ़ेगी। प्रदेश को हरा-भरा बनाए रखने के लिए हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हालसा) और वन विभाग के सहयोग से 15,17,985 पौधे लगाए गए।

    पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं हालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति दीपक सिबल के मार्गदर्शन में यह अभियान विश्व पर्यावरण दिवस पर पांच जून से शुरू हुआ था और पांच अगस्त तक चला।

    अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ इसमें जनभागीदारी को बढ़ावा देना था। प्रदेश के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों ने वन विभाग और अन्य विभागों के साथ मिलकर कोर्ट परिसरों, एडीआर केंद्रों, न्यायिक आवासीय परिसरों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पौधे लगाए।

    पौधों की देखभाल भी जरूरी
    न्यायमूर्ति दीपक सिबल ने कहा कि पौधारोपण की सफलता केवल पौधों की संख्या से नहीं मापी जानी चाहिए। लगाए गए पौधों की सुरक्षा, नियमित देखभाल और उनके स्वस्थ विकास पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को व्यावहारिक और हासिल किए जा सकने वाले लक्ष्य तय करने पर जोर दिया।

    अभियान में स्वदेशी, औषधीय, फलदार और छायादार पौधों को प्राथमिकता दी गई। अभियान की सफलता में न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, वन विभाग के अधिकारियों, स्वयंसेवकों और अन्य हितधारकों ने सहयोग दिया। हालसा ने इसे पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिक स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

  • फतेहाबाद अस्पताल में शुरू हुई अमृत फार्मेसी, 30% तक सस्ती मिलेंगी महंगी दवाएं

    फतेहाबाद अस्पताल में शुरू हुई अमृत फार्मेसी, 30% तक सस्ती मिलेंगी महंगी दवाएं

    फतेहाबाद
     जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को अब महंगी दवाओं के लिए बाहर के मेडिकल स्टोर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अस्पताल परिसर में अमृत फार्मेसी की शुरुआत हो गई है। यहां महंगी दवा बाजार की तुलना में करीब 20 से 30 प्रतिशत तक कम कीमत पर उपलब्ध करवाई जाएंगी।

    इससे लंबे समय तक इलाज करवाने वाले मरीजों और उनके स्वजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अस्पताल में पहले से सरकारी डिस्पेंसरी और जन औषधि केंद्र संचालित हो रहे हैं। अब अमृत फार्मेसी शुरू होने से मरीजों के पास दवा लेने के लिए एक और विकल्प उपलब्ध हो गया है।

    अमृत फार्मेसी की खास सुविधा यह रहेगी कि अस्पताल में किसी मरीज को ऐसी दवा की जरूरत पड़ती है, जो अस्पताल की डिस्पेंसरी में उपलब्ध नहीं है तो डाॅक्टर की मांग के आधार पर उसे मंगवाने की व्यवस्था की जाएगी। इससे मरीजों को बाहर जाकर दवा तलाशने की परेशानी कम होगी।

    खासकर ऐसी महंगी दवाइयां, जिन्हें मरीजों को नियमित रूप से लेना पड़ता है, उनके लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस व्यवस्था के माध्यम से मरीजों को सस्ती दरों पर दवाइयां उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

    मुफ्त दवाओं की उपलब्धता का सवाल भी बरकरार
    एक तरफ अमृत फार्मेसी शुरू होने से मरीजों को सस्ती दवा मिलने की सुविधा मिली है, वहीं दूसरी ओर अस्पताल की मुफ्त दवाइयों का टोटा भी मरीजों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। सरकारी डिस्पेंसरी में निर्धारित दवा उपलब्ध नहीं होने पर मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ती है।

    ऐसे में अमृत फार्मेसी की शुरुआत से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन मरीजों की पहली प्राथमिकता अस्पताल में मिलने वाली मुफ्त दवा ही रहती हैं। अस्पताल में सरकारी डिस्पेंसरी, जन औषधि केंद्र और अब अमृत फार्मेसी के तीन विकल्प उपलब्ध हो गए हैं। मरीजों की मांग है कि मुफ्त दवा की उपलब्धता भी नियमित की जाए, ताकि उन्हें इलाज के लिए अतिरिक्त खर्च न उठाना पड़े।

    अमृत फार्मेसी शुरू हो गई है। मरीजों को अब बाहरी मेडिकल पर नहीं जाना पड़ेगा। यहां पर सस्ती दवाइयां भी मिलेगी। वहीं आने वाले दिनों में वीटा बूथ भी शुरू हो जाएगा। -डाॅ. सुभाष चंद्र, एसएमओ नागरिक अस्पताल।

     

  • हरियाणा के पांच शहरों में 1210 टन कचरा जमा, संक्रमण के खतरे से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

    हरियाणा के पांच शहरों में 1210 टन कचरा जमा, संक्रमण के खतरे से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

     फतेहाबाद
    हरियाणा के फतेहाबाद समेत पांच शहरों में बीमारियां और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। लोगों को मास्क लगाने की एडवाइजरी जारी की है।

    यह हालात 11 दिनों से सफाई व्यवस्था ठप होने की वजह से बने हैं। फतेहाबाद, जाखल, भूना, टोहाना और रतिया में करीब 1210 टन कचरा सड़कों, बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों के बाहर जमा हो गया है।

    कूड़े के ढेरों से उठ रही दुर्गंध और गंदगी के कारण लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। लोगों को आशंका है कि यदि जल्द सफाई नहीं हुई तो डेंगू, मलेरिया, डायरिया और अन्य संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है।

    शहरवासी बोले-टैक्स दे रहे, हमारी क्या गलती
    फतेहाबाद शहर में रहने वाले संजय, राजेश, मनोज और सुरेश का कहना है कि घरों से निकलने वाला कचरा रखने की जगह नहीं बची है। मजबूरी में लोग डंपिंग प्वाइंट पर कूड़ा डाल रहे हैं। प्रशासन को सफाई व्यवस्था बहाल करने के साथ कूड़े के ढेरों का तुरंत उठान करवाना चाहिए।

    उनका कहना है कि जब लोग टैक्स व कूड़ा उठाने का चार्ज दे रहे है तो व्यवस्था बनानी चाहिए, लेकिन नगरपरिषद व नगरपालिका इसमें फेल हुए है।  सफाई यूनियन ने हड़ताल को अब 18 अगस्त तक बढ़ा दिया है।

    ऐसे में आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।वहीं, जिला महामारी रोग विशेषज्ञ विष्णु मित्तल का कहना है कि कचरा इतना फैल गया है कि बीमारियां फैलने का खतरा है, ऐसे में लोग मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें।

     

  • रक्सौल में 17 अगस्त से पेपरलेस होगी जमीन रजिस्ट्री, ऑनलाइन पूरी होगी निबंधन प्रक्रिया

    रक्सौल में 17 अगस्त से पेपरलेस होगी जमीन रजिस्ट्री, ऑनलाइन पूरी होगी निबंधन प्रक्रिया

     रक्सौल (पूर्वी चंपारण)
    आगामी 17 अगस्त से रक्सौल अवर निबंधन कार्यालय में पेपरलेस निबंधन की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी। इसे जमीन के खरीद-बिक्री की प्रक्रिया सरल हो जाएगी।

    राज्य सरकार निबंधन कार्यालयों में खरीद बिक्री की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी आधारित यह प्रक्रिया शुरु कर रही है। इसके लिए आवश्यक तैयारियां पुरी कर ली गई है।

    नई व्यवस्था के तहत निबंधन की प्रक्रिया डिजिटल होगी। जमीन निबंधन के दौरान कागजी कार्रवाई को न्यूनतम करते हुए दस्तावेज तैयार करने से लेकर निबंधन तक की प्रक्रिया आनलाइन होगी। इससे लोगों को दस्तावेज तैयार कराने और अन्य औपचारिकताओं के लिए बार-बार कार्यालय आने की जरूरत कम होगी।

    सौ लोगों को मिलेगा डीड राइटर का लाइसेंस
    पेपरलेस निबंधन व्यवस्था के तहत करीब सौ लोगों को डीड राइटर का लाइसेंस दिया जाएगा। ये डीड राइटर कंप्यूटर के माध्यम से डीड तैयार कर उसे ऑनलाइन अपलोड करने का काम करेंगे।

    इससे निबंधन की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में सहायता मिलेगी। इस व्यवस्था के तहत खरीदार और विक्रेता को निबंधन से संबंधित आवश्यक जानकारी आनलाइन दर्ज करनी होगी।

    इसी आधार पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से दस्तावेज का ड्राफ्ट तैयार हो जाएगा। पक्षकारों के हस्ताक्षर भी डिजिटल माध्यम से लिए जाएंगे। इससे दस्तावेज में अनाधिकृत छेड़छाड़ की संभावना कम होगी और निबंधन संबंधी रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा।

    मोबाइल और ई-मेल पर मिलेगा दस्तावेज
    रजिस्ट्री पूरी होने के बाद खरीदार और विक्रेता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, ई-मेल आइडी और वाट्सएप पर दस्तावेज की पीडीएफ का लिंक उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही कार्यालय की ओर से खरीदार को दस्तावेज की एक हार्ड कॉपी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

    निबंधनार्थी ई-निबंधन पोर्टल के माध्यम से जमीन निबंधन से संबंधित आवश्यक जानकारी स्वयं भर सकेंगे। इसके बाद अपनी सुविधा के अनुसार निबंधन के लिए स्लाट भी बुक कर सकेंगे।

    हालांकि, आनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में असमर्थ लोगों के लिए दस्तावेज नवीस की सुविधा पहले की तरह उपलब्ध रहेगी। निबंधन कार्यालय के अनुसार पेपरलेस व्यवस्था लागू होने से समय और कागज दोनों की बचत होगी।

    बोले अधिकारी
    अवर निबंधक पदाधिकारी आशीष कुमार अग्रवाल ने बताया कि 17 अगस्त से रक्सौल अवर निबंधन कार्यालय में पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके लिए आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं।

     

  • JPSC मेधा घोटाले में बड़ा खुलासा, अभ्यर्थी ने 80 लाख में चयन का दावा किया

    JPSC मेधा घोटाले में बड़ा खुलासा, अभ्यर्थी ने 80 लाख में चयन का दावा किया

     रांची
    जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही सीआईडी ने गिरफ्तार अभ्यर्थी हजारीबाग के बड़कागांव निवासी सुमन सौरभ का भी बयान दर्ज किया है।

    उसने सीआईडी को बताया है कि उसे 14वीं जेपीएससी परीक्षा को अंतिम रूप से चयन कराने के एवज में उससे 80 लाख में पवन नामक एजेंट ने सौदा किया था। इसमें 20 लाख रुपये पीटी के पहले, 40 लाख रुपये मुख्य परीक्षा के पहले व 20 लाख रुपये साक्षात्कार के पहले देना था।

    पीटी परीक्षा पास करने पर उसका विश्वास जम गया था। उसने पीटी परीक्षा पास कराने के एवज में तय राशि में केवल 16 लाख रुपये ही दिया था, जो कुल पांच किश्तों में दिया था। रिश्वत की राशि बैंक में दी थी। अब सीआईडी उसका व आरोपित पवन के बैंक खाते का ब्यौरा खंगाल रही है। रुपये कैसे-कैसे व कहां-कहां ट्रेवेल किए, यह जानकारी जुटाई जा रही है।

    पीटी सफल अभ्यर्थी सुमन सौरभ ने सीआईडी को बताया है कि वर्ष 2020 में स्नातक उत्तीर्ण होने के बाद वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। दो बार जेपीएससी परीक्षा में शामिल हुआ। सातवीं व ग्यारहवीं में असफल रहा।

    इसके बाद वर्ष 2023 में जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा में भी असफल हो गया। इन तीनों ही परीक्षाओं में कई परिचित साथी सफल हो गए। इसके चलते वह परेशान रहने लगा। वह सुना था कि बिना सेटिंग के कोई उपाय नहीं है।

    इसके बाद उसके दोस्त दिवाकर कुमार के मामा प्रकाश कुमार के बारे में जानकारी मिली। यह भी पता चला कि प्रकाश कुमार हजारीबाग के हरली के रहने वाले हैं और एनटीपीसी व अन्य जगहों पर लोगों को अनुबंध पर काम लगवाते हैं। सुमन सौरभ ने प्रकाश कुमार से मुलाकात की और फिर उनसे जान-पहचान हो गई।

    और फिर हुई एजेंट पवन कुमार से मुलाकात
    सुमन सौरभ के अनुसार, उसके दोस्त दिवाकर कुमार के मामा प्रकाश कुमार ने पूरी बात सुनने के बाद उसकी मुलाकात एजेंट पवन सिंह से कराई जो जेपीएससी की परीक्षाओं में सेटिंग कराता था। पवन ने ही उसे बताया कि 14वीं जेपीएससी की वैकेंसी निकली है, वह पास करवा देगा, लेकिन इसके एवज में कुल 80 लाख रुपये लगेंगे।

    किश्त भी बंट गई कि 20 लाख रुपये पीटी पास कराने पर, 40 लाख रुपये मेंस व 20 लाख रुपये साक्षात्कार पास कराने पर देने होंगे। पैसा किश्तों देना था तो सुमन सौरभ तैयार हो गया।

    पवन ने कहा था कि जिस प्रश्न का उत्तर आता हो उसे ही भरना है, बाकी छोड़ देना है। 19 अप्रैल 2026 को बोकारो के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर स्थित परीक्षा केंद्र पर सुमन सौरभ की परीक्षा हुई। पहली पाली में उसने केवल 38 प्रश्न का उत्तर बनाया और शेष ओएमआर शीट खाली छोड़ दिया। वहीं दूसरी पाली में केवल 48 प्रश्न का उत्तर बनाकर ओएमआर शीट खाली छोड़ दिया। अपना क्रमांक व कार्बन कापी पवन सिंह को दे दी।

    प्रारंभिक परीक्षा देने के बाद स्थानांतरित की रिश्वत की राशि
    सुमन सौरभ के अनुसार, उसने प्रारंभिक परीक्षा देने के बाद अपने पिता के खाते से पवन सिंह के एक्सिस बैंक रांची के खाते में चार किश्त में 12 लाख रुपये स्थानांतरित की। दो जुलाई 2026 को परीक्षा परिणाम आने के बाद और चार लाख रुपये स्थानांतरित की। परीक्षा परिणाम आने के बाद उसका ओएमआर शीट इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद सीआइडी जांच शुरू हो गई और वह पकड़ा गया।

    कुछ सफल अभ्यर्थियों ने कहा, रिश्वत या सिफारिश की बदौलत नहीं, अपनी प्रतिभा से पाई है नौकरी
    13वीं जेपीएससी प्रतियोगिता परीक्षा में चयनित दो ऐसे अभ्यर्थी भी सामने आए हैं, जो यह बता रहे हैं कि वे रिश्वत व किसी सिफारिश से नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा की बदौलत चयनित हुए हैं। वे पुलिस के सामने इसका सबूत भी देंगे। इन प्रतिभागियों में एक डीएसपी के पद पर चयनित है।

    उसने बताया है कि उसे पूर्व में भी जेपीएससी की परीक्षा में साक्षात्कार तक पहुंचे जिसमें उन्हें 62 अंक मिले थे। इसके चलते वह असफल हो गया था। 13वीं जेपीएससी में उसे 66 अंक मिले और वह वर्तमान में डीएसपी हैं। वह जेपीएससी की सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य के बोर्ड के सामने बैठा था, इसका मतलब यह थोड़े न हुआ कि वह पैसे देकर सफल हुआ। यह गलत आरोप है।

    दूसरे सफल एक अन्य अभ्यर्थी ने भी अपनी प्रतिभा की बदौलत परीक्षा में सफल होने की बात कही है और अभय तिवारी के लगाए गए आरोपों को खारिज किया है।

    गौरतलब है कि अभय तिवारी ने सीआइडी की पूछताछ में स्वीकार किया था कि 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा में जेपीएससी के सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. जमाल अहमद, तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते आदि के सिंडिकेट ने सेटिंग कराकर सात अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में लाभ पहुंचाया था।

    इस सिंडिकेट में कोचिंग संचालक सह एजेंट आदित्य पांडेय, डॉ. अजिता भट्टाचार्य के पीए ब्रजराम, परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, एल. खियांग्ते का कंप्यूटर आपरेटर धर्मेंद्र कुमार आदि शामिल थे। सिर्फ साक्षात्कार में मदद पहुंचाने के एवज में 15-15 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी की वसूली हुई थी।

  • जमुई में स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी सौगात, जिला स्तर पर 36 तरह के ऑपरेशन होंगे

    जमुई में स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी सौगात, जिला स्तर पर 36 तरह के ऑपरेशन होंगे

    झाझा (जमुई)
     बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने झाझा के न्यू बस स्टैंड के पास लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करते हुए अब जिले में 36 तरह के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

    उन्होंने कहा कि अब किसी भी मरीज को रेफर नहीं किया जाएगा। यदि कोई चिकित्सक मरीज को रेफर करता है, तो संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

    इसके साथ ही शिक्षा, सड़क, पेयजल और सिंचाई के क्षेत्र में भी लगातार कार्य हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए संकल्पित हैं, वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को समृद्ध राज्य बनाने के लिए संकल्पित हैं। इस दिशा में देश और बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने कहा कि देश विकसित राष्ट्र के रूप में अपनी छाप छोड़ रहा है, वहीं बिहार के विकास को भी गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में उनका आना-जाना लगा रहता है। इलाके के विकास के लिए रणनीति तैयार की जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत एक सप्ताह पहले सूबे के परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने बताया था कि सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों होना था, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है।

    सरदार पटेल का सपना पूरा कर रहे प्रधानमंत्री मोदी
    वहीं, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि देश की आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने अखंड भारत का सपना देखा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके विचारों और सपनों को पूरा करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। सरदार वल्लभभाई पटेल के सपनों को साकार करना है।

    मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जिस प्रकार स्वास्थ्य व्यवस्था में लगातार सुधार हो रहा है, उससे अब मरीजों को रेफर करने की नौबत नहीं आएगी। जिला स्तर पर 36 तरह के ऑपरेशन शुरू किए जाएंगे।

    स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने आयोजक समिति को धन्यवाद देते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन किया। वहीं परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने मुख्यमंत्री सहित कार्यक्रम में पहुंचे सभी मंत्रियों का स्वागत किया। साथ ही प्रतिमा स्थापित करने के लिए आयोजक

    समिति के राकेश कुमार को धन्यवाद दिया।
    मौके पर खेल मंत्री श्रेयी सिंह, पीएचईडी मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री संजय सिंह को फूलों का गुलदस्ता देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एनडीए कार्यकर्ता और अधिकारी उपस्थित थे।

  • FCRA संशोधन पर वीरेंद्र शर्मा ने उठाए सवाल, पारदर्शिता और स्पष्टता बढ़ाने की मांग

    FCRA संशोधन पर वीरेंद्र शर्मा ने उठाए सवाल, पारदर्शिता और स्पष्टता बढ़ाने की मांग

     पटना
    नेशनल यूथ अवार्डी और प्रहरी के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार शर्मा ने FCRA कानून के बारे में सभी उलझनों को सरलता से समझाया। उन्होंने कहा कि एफसीआरए (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) के सदुपयोग और दुरुपयोग को लेकर प्रश्न इसके शुरुआती काल से ही उठाए जाते रहे हैं।

    हर दौर की सरकार अकुंश के लिए समय-समय पर अधिनियम में संशोधन कर सख्ती व पारदर्शिता के मानक को बढ़ाती रही है। वर्तमान सरकार की मंशा और संशोधित अधिनियम के कुछ मानकों पर हम भले सवाल खड़े कर लें, लेकिन इससे जुड़ा कोई भी व्यक्ति ईमानदारी पूर्वक दावा नहीं कर सकता है कि विदेशों से प्राप्त राशि का कुछ संस्था व व्यक्ति दुरुपयोग नहीं करते हैं।

    सवाल यह है कि क्या किसी संप्रभु राष्ट्र की सरकार को यह अधिकार नहीं है कि घर में बैठे भेदियों को बाहर से मिल रहे हवा-पानी की पाइप को ब्लॉक कर सके। स्वाभाविक है कि जवाब हां में ही होगा।

    अपने देश की खूबसूरती और पहचान हमारी सांस्कृतिक, धार्मिक और भौगोलिक विविधता में समाहित है। इसमें सेंध को बर्दाश्त किया जाना चाहिए?

    उन्होंने कहा कि इस विशाल राष्ट्र के डीएनए में ही सहचर का भाव है। लेकिन, समय-समय पर ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, जिससे आभास होता है कि कुछ तत्व हैं, जिन्हें अनेकता में एकता का भाव सुहाता नहीं है और उन्हें बाहर से खाद-पानी दिया जा रहा है।

    ऐसी संस्था व व्यक्ति पर अकुंश का कोई भी निष्ठावान भला विरोध कैसे कर सकता है, लेकिन जब संशोधन में समग्रता, स्पष्टता आदि का अभाव हो तो प्रश्न तो उठेगा ही।

    उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार इससे नहीं बच सकती कि प्रश्न उठाने वालों की संख्या कम है। एफसीआरए संशोधन विधेयक, 2026 को अल्पसंख्यक विरोधी बताया जा रहा है, जबकि इसका लाभ लेने वाले सभी धर्म के लोग हैं।

    इस मुद्दे पर विमर्श ही कम हुआ है, इस कारण सच्चाई कम और अफवाह ज्यादा फैला। लोगों के मन में जितनी शंका है, उसके समाधान का प्रयास भी सरकार के स्तर से न्यूनतम दिखा।

    बिल में स्पष्टता का अभाव है
    संशोधन बिल कहता है कि किसी संगठन का एफसीआरए सर्टिफिकेट समाप्त होता है, सरकार रद कर देती है, संगठन सरेंडर कर देता है, रिन्यूअल के लिए आवेदन नहीं करता है, आवेदन खारिज हो जाता है, ऐसी स्थिति में विदेशी अंशदान और उससे निर्मित संपत्तियों को सरकार द्वारा बनाई अथारिटी जब्त कर लेगी। यदि निर्माण धार्मिक स्थल का हुआ है तो उसके स्वरूप में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। धार्मिक कार्य पूर्व की तरह संचालित होते रहेंगे।

    यहां शंका है कि यदि निर्माण में स्थानीय चंदा और विदेशी राशि दोनों का उपयोग किया गया है तो अथारिटी क्या करेगा? अथारिटी में कौन-कौन होंगे? हिंदू के धार्मिक स्थल का अन्य धर्म के लोगों के माध्यम से संचालन और अन्य धार्मिक स्थलों का हिंदू मान्यता वाले लोगों के माध्यम से संचालन कितना स्वीकार और अनुकूल होगा। इस पर काफी चर्चा की गुंजाइश है।

    यह विविधता में एकता के भाव का अनुकूल होगा क्या? उसी तरह शिक्षण संस्थानों को लेकर भी संशय है। यदि अथारिटी संबंधित शिक्षण संस्थान को अपने अधीन कर लेता है तो उसमें कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी का क्या होगा, लाभुक बच्चों का भविष्य का क्या होगा? शिक्षण संस्थान और स्वास्थ्य केंद्र के स्वरूप में बदलाव होगा? वह अपने मूल स्वरूप और सेवा में रहेगा या वहां कुछ अन्य कार्य संपादित किए जाएंगे।

    गैर सरकारी एजेंसियों के आंकड़ों के अनुसार, एफसीआरए से प्राप्त 85 प्रतिशत से अधिक राशि धार्मिक, शिक्षा, स्वास्थ्य व सामाजिक विकास के कार्यों में लगाए गए हैं। यह क्षेत्र आमजन को प्रत्यक्ष रूप से जोड़ता है। आम सहमति और उठे प्रश्नों के जवाब नहीं मिलने की स्थिति में यह सर्वहित में कहा जा सकता है।

    गृह मंत्रालय के अनुसार 2019 से 2022 के बीच 13,520 संगठनों को 55,741 करोड़ रुपये का विदेशी अंशदान मिला है। यह राशि कई राज्यों के शिक्षा और स्वास्थ्य के बजट से अधिक है।

    बैंक खाता पर पहले से जारी है सख्ती
    नई दिल्ली में चिह्नित बैंक में खाता खोले बिना विदेशी अंशदान प्राप्त नहीं किया जा सकता है। सरकार को विदेश से प्राप्त एक-एक रुपये की जानकारी होती है। उसका दुरुपयोग कहां हो रहा है, इसकी पड़ताल के लिए व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकता है।

    सख्ती के नाम पर कहीं हम ऐसी व्यवस्था को बढ़ावा नहीं दें, जहां अरुचि का भाव उत्पन्न हो जाए और जो राशि अभी जरूरतमंदों तक पहुंच रही है, उससे कहीं वह वंचित हो जाएं।

  • मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार बिहार पहुंचे, रिकॉर्ड मतदान पर मतदाताओं का जताया आभार

    मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार बिहार पहुंचे, रिकॉर्ड मतदान पर मतदाताओं का जताया आभार

     पटना
    भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय बिहार दौरे पर पटना पहुंचे। रविवार को पटना एयरपोर्ट पर उन्हों गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पटना के बाद वे हेलीकॉप्टर से सीधे सीतामढ़ी के लिए रवाना हुए। इस मौके पर बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद कुमार गुंजियाल और अन्य अधिकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त का स्वागत किया। ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर और 2025 के चुनाव में खुलकर वोटिंग के लिए बिहार के लोगों का आभार जताया।

    मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे बिहार के मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करने आये हैं। मतदाता सूची के शुद्धिकरण का देश भर में सबसे सफल आयोजन बिहार से ही शुरू हुआ था। लोगों ने इसमें उत्साह से भाग लिया और अभियान को सफल बनाया। बिहार लोकतंत्र की जननी है जहां लोग काफी सजग और सतर्क हैं।

    2025 विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक वोटिंग
    सीईसी ने यह भी कहा कि विगत 2025 में हुए चुनाव भी आजादी से लेकर अबतक का सबसे अधिक मतदान हुआ। बल्कि अमेरिका, इंग्लैंड फ्रांस,स्पेन के आम चुनावों से भी अधिक मतदान प्रतिशत रहा। बिहार के लोगों ने चुनाव की प्रक्रिया में बढ़ चढ़कर भाग लिया और रिकॉर्ड मतदान करके पूरे देश को एक बेहतरीन संदेश दिया।

    जानकारी के मुताबिक ज्ञानेश कुमार आज सीतामढ़ी जाएंगे। सोमवार को बिहार दौरे के दूसरे दिन उनकी नालंदा जाने की योजना है । नालंदा में वे बूथ लेवल अधिकारियों के साथ जमीनी स्तर पर चुनाव संचालन के अनुभव, चुनौतियों और मतदाताओं तक पहुंच को लेकर चर्चा करेंगे। बताया गया है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के कार्यक्रमों में युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी, निर्वाचन साक्षरता, डिजिटल जागरूकता और लोकतंत्र में नागरिकों की सार्थक भागीदारी जैसे विषयों पर भी विमर्श होगा। नालंदा विश्वविद्यालय में सीईसी बीएलओ के साथ संवाद करेंगे जिसमें सैकड़ों की संख्या में बूथ लेवल कर्मी शामिल होने वाले हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त बिहार के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थलों का भ्रमण कर सकते हैं।

    पटना में 17 अगस्त को एक सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सीईसी इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और राज्य निर्वाचन विभाग के कर्मी और अधिकारी शामिल होंगे। निर्वाचन कार्य में लगे कर्मी भी शामिल हो सकते हैं। उस सम्मेलन में चुनावी साक्षरता, ईसीआई नेट, वोटिंग के महत्व जैसे विषयों पर विमर्श होगा। ईसीआई लोगों के चुनाव संबंधि उत्सुकताओं और भ्रांतियों को सुलझाएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त के बिहार दौरे को लोकतंत्र की मजबूती के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • अमित शाह बोले- अटलजी का जीवन राष्ट्र प्रथम को समर्पित, राजस्थान में 5659 करोड़ के विकास कार्य

    अमित शाह बोले- अटलजी का जीवन राष्ट्र प्रथम को समर्पित, राजस्थान में 5659 करोड़ के विकास कार्य

    जयपुर
    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का पूरा जीवन राष्ट्र प्रथम की भावना को समर्पित रहा। वे बाल्यकाल से ही राष्ट्रभक्ति के रास्ते पर चले। 40 साल तक विपक्ष में रहने और हर प्रतिकूल परिस्थिति के बावजूद राष्ट्रभक्ति का सिद्धांत ही उनके जीवन का आधार रहा। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने देश के विकास को लेकर कई बड़े फैसले किए। पूरे विश्व के दबाव के सामने ना झुकते हुए उन्होंने पोकरण में परमाणु परीक्षण किया।

      केन्द्रीय गृह मंत्री रविवार को चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा अनावरण के बाद आयोजित अटल गौरव स्मृति समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर 15 जिलों में 5 हजार 659 करोड़ रुपये के 944 विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास किया गया। साथ ही, जल जीवन मिशन के तहत 1 हजार 500 गांवों को हर घर नल से जल की सौगात दी गई।

    केन्द्रीय गृह मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि स्व. अटलजी ने हर गांव को सड़क से जोड़ने का काम किया। स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के तहत नेशनल हाईवे बनाए। देश के आदिवासियों के लिए उन्होंने पहली बार जनजाति कल्याण मंत्रालय बनाया। इसी का परिणाम है कि आज आदिवासी परिवार की बेटी श्रीमती द्रौपदी मुर्मू देश की राष्ट्रपति हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा आदिवासी कल्याण को आगे बढ़ाया। एसटी कॉम्पोनेंट का बजट 25 हजार करोड़ से बढ़ाकर 1 लाख 25 हजार करोड़ तक पहुंचाने का काम किया। भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिन को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया। साथ ही, देश में 10 आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय और 772 एकलव्य विद्यापीठ बनाने का काम किया। अटलजी ने जो शुरूआत की थी प्रधानमंत्री मोदी ने इसको अंजाम तक पहुंचाया है।

     मेवाड़ की वीर भूमि देशभक्तों के लिए काशी से कम नहीं-
      केन्द्रीय गृह मंत्री ने राष्ट्र गौरव महाराणा प्रताप को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि मेवाड़ की यह वीर भूमि देशभक्तों के लिए काशी से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि इस वीर भूमि के महाराणा प्रताप, वीर पूंजा भील और सेठ भामाशाह की राष्ट्रभक्ति, धर्मभक्ति, स्वराज के प्रति लगन ने मुगलों के विजय रथ को रोक कर रख दिया था। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पहले 11 लाख घरों तक ही नल से पानी पहुंचा था। माताएं-बहनें सिर पर तीन-तीन मटकियां लेकर कोसों दूर से पानी लेकर आती थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से शुरू हुए जल जीवन मिशन से 8 साल में ही राजस्थान में 64 लाख घरों तक पानी पहुंचा है।

    80 साल बाद बंकिम बाबू का अमर गान फिर से प्राप्त कर रहा सम्मान-
    उन्होंने कहा कि 80वां स्वतंत्रता दिवस करोड़ों लोगों के लिए बड़ा परिवर्तन लेकर आया। आजादी के 80 साल के बाद लाल किले की प्राचीर पर और देशभर में जहां ध्वजवंदन हुआ वहां पर बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी की अमर कृति राष्ट्र गीत वंदे मातरम का गायन हुआ। वंदे मातरम बोलते-बोलते हजारों-लाखों लोगों ने आजादी की लड़ाई में गोलियां खाईं, लाठियां खाईं, कई साल जेल में रहे और फांसी के फंदे पर चढ़ गए थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 80 साल के बाद बंकिम बाबू का ये अमर गान अब फिर सम्मान प्राप्त कर रहा है।

    वादे पूरे करने की दिशा में तेज गति से काम कर रहे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
    केन्द्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे वादे पूरे करने की दिशा में तेज गति से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान को पानी की कमी के लिए जाना जाता था, लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तीन बड़े जल समझौते कर आधे राजस्थान की प्यास बुझाने का काम किया है। हरियाणा, गुजरात और पंजाब तक का पानी वे यहां लाए हैं। साथ ही, पूरे राजस्थान को हरियाली से भरने के लिए प्रदेश में विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हुए राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं। राजस्थान के विकास के लिए 36 नई नीतियां बनाई हैं। प्रदेश में 1 लाख 78 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। गरीब परिवारों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। अब तक 5 करोड़ 87 लाख सिलेंडर पर प्रदेश में सब्सिडी दी गई है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत प्रदेश में 45 लाख लोगों को लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान बहुत आगे बढ़ने वाला है।

    परमाणु परीक्षण और कारगिल जीत ने भारत की छवि को किया मजबूत
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी देश के महान नेता थे। उनके कुशल नेतृत्व में द्वितीय परमाणु परीक्षण और 1999 के कारगिल युद्ध की जीत ने भारत की छवि को दुनियाभर में मजबूत किया। इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर, सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के माध्यम से भारत को एक स्वाभिमानी और सशक्त राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर स्थापित किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाजपेयी जी के जन्मदिवस 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के रूप में घोषित किया।

    धारा 370 हटाने और नक्सलवाद खत्म करने में केन्द्रीय गृह मंत्री की भूमिका महत्वपूर्ण-
    उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का सार्वजनिक जीवन राष्ट्र सेवा और समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाने और देश में नक्सलवाद की समस्या को खत्म करने में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पचपदरा में 80 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित राजस्थान रिफाइनरी का उद्घाटन, ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भरता, 1 हजार 192 किलोमीटर नए एक्सप्रेस-वे जैसे विकास कार्यों से राजस्थान की अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही है। वर्ष 2030 तक राजस्थान की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तथा वर्ष 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि आज जिन विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास हुआ है वो भी इस प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं कि राजस्थान में विकास का लाभ अंतिम छोर तक पहुंच रहा है।

    इससे पहले केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की अष्टधातु से निर्मित प्रतिमा का अनावरण किया तथा पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पंच गौरव पवेलियन, भारत टैक्सी, ई-पैक्स, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्र, माणिक्यलाल वर्मा आदम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान एवं राजीविका, चित्तौड़गढ़ केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

    इन जिलों में हुआ लोकार्पण-शिलान्यास-
    – जोधपुर में 1 हजार 475 करोड़ रुपये से अधिक के 96 विकास कार्य

    – बांसवाड़ा में 1 हजार 98 करोड़ रुपये से अधिक के 43 विकास कार्य

    – बाड़मेर में 477 करोड़ रुपये से अधिक के 65 विकास कार्य

    – कोटा में 455 करोड़ रुपये से अधिक के 29 विकास कार्य

    – फलोदी में 362 करोड़ रुपये से अधिक के 49 विकास कार्य

    – पाली में 346 करोड़ रुपये से अधिक के 54 विकास कार्य

    – चित्तौड़गढ़ में 328 करोड़ रुपये से अधिक के 136 विकास कार्य

    – प्रतापगढ़ में 292 करोड़ रुपये से अधिक के 42 विकास कार्य

    – जालोर में 237 करोड़ रुपये से अधिक के 108 विकास कार्य

    – जैसलमेर में 202 करोड़ रुपये से अधिक के 63 विकास कार्य

    – बालोतरा में 194 करोड़ रुपये से अधिक के 159 विकास कार्य

    – सलूंबर में 86 करोड़ रुपये से अधिक के 34 विकास कार्य

    – डूंगरपुर में 55 करोड़ रुपये से अधिक के 37 विकास कार्य

    – सिरोही में 35 करोड़ रुपये से अधिक के 19 विकास कार्य

    – बूंदी में 10 करोड़ रुपये से अधिक के 10 विकास कार्य