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  • फरीदाबाद नगर निगम का अजब फैसला, सहायक कर्मचारियों को बनाया SPIO; राज्य सूचना आयोग ने किया तलब

    फरीदाबाद नगर निगम का अजब फैसला, सहायक कर्मचारियों को बनाया SPIO; राज्य सूचना आयोग ने किया तलब

    चंडीगढ़.

    हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने सहायक स्तर के क्लेरिकल कैडर के कर्मचारियों को राज्य लोक सूचना अधिकारी (एसपीआइओ) नियुक्त किए जाने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आयोग ने कहा है कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत एसपीआइओ का दायित्व केवल सूचना के आवेदन को आगे बढ़ाने या उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे यह तय करना होता है कि मांगी गई सूचना कानून के तहत सार्वजनिक की जा सकती है या किसी वैधानिक अपवाद के दायरे में आती है। ऐसे में इस पद पर पर्याप्त प्रशासनिक अनुभव, जिम्मेदारी और कानूनी समझ रखने वाले अधिकारी की नियुक्ति जरूरी है।

    राज्य सूचना आयुक्त डा अजय सूरा की पीठ ने यह टिप्पणी फरीदाबाद निवासी दीपक त्रिपाठी की ओर से दायर शिकायत पर सुनवाई के दौरान की। शिकायतकर्ता ने नगर निगम फरीदाबाद से कुछ सूचनाएं मांगी थीं। सुनवाई के दौरान आयोग के संज्ञान में नगर निगम की ओर से 25 अगस्त 2025 को जारी वह ज्ञापन आया, जिसमें सहायक स्तर के अधिकारियों को राज्य लोक सूचना अधिकारी नामित किया गया था। सहायक स्तर के अधिकारी लिपिकीय कैडर से आते हैं और क्लर्क से एक पद ऊपर होते हैं।आयोग ने स्पष्ट शब्दों में कहा, आयोग की दृढ़ राय है कि लिपिकीय स्टाफ यानी सहायकों को राज्य लोक सूचना अधिकारी के रूप में नामित करना न तो सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अनुकूल है और न यह कानून की भावना एवं उद्देश्य तथा राज्य सरकार के अपने निर्देशों के अनुरूप है।

    आयोग ने हरियाणा सरकार की 14 अगस्त 2018 की उन हिदायतों का भी उल्लेख किया, जिनमें मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया था कि राज्य लोक सूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के रूप में पर्याप्त वरिष्ठ अधिकारियों को नामित किया जाना चाहिए। आयोग के अनुसार नगर निगम फरीदाबाद में सहायक स्तर के कर्मचारी को राज्य लोक सूचना अधिकारी बनाना इन निर्देशों के अनुरूप नहीं है।आयोग ने कहा कि वरिष्ठ स्तर का अधिकारी अलग-अलग शाखाओं में उपलब्ध अभिलेखों तक बेहतर पहुंच रखता है और सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 5(4) के तहत अधीनस्थ अधिकारियों से आवश्यक सहायता ले सकता है। इसके अलावा वह सूचना के अपवादों से जुड़े दावों का मूल्यांकन कर पारदर्शिता और कानून से संरक्षित हितों के बीच उचित संतुलन कायम करते हुए निर्णय ले सकता है।

    हालांकि, आयोग ने कोई अनिवार्य निर्देश जारी नहीं किया, लेकिन नगर निगम आयुक्त, फरीदाबाद को मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करने की सलाह दी। आयोग ने कहा कि पर्याप्त प्रशासनिक अधिकार और अनुभव रखने वाले उपयुक्त मध्य स्तर या वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य लोक सूचना अधिकारी बनाया जाना चाहिए।

  • बिहार के गांवों में बड़े मकान बनाने के नियम बदलेंगे! 500 वर्गमीटर से ज्यादा निर्माण पर लगेगी निगरानी

    बिहार के गांवों में बड़े मकान बनाने के नियम बदलेंगे! 500 वर्गमीटर से ज्यादा निर्माण पर लगेगी निगरानी

    पटना
     बिहार के ग्रामीण इलाकों में बड़े और बहुमंजिला मकानों के निर्माण को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब गांवों में हर तरह का निर्माण पहले की तरह मनमाने तरीके से नहीं किया जा सकेगा।

    खासतौर पर बड़े प्रोजेक्ट और बहुमंजिला भवनों के लिए जिला स्तर पर निगरानी और नक्शा स्वीकृति की व्यवस्था प्रस्तावित है।

    गांव में बड़ा मकान बनाने से पहले अब क्या करना होगा?
    नई व्यवस्था के तहत बड़े निर्माण के लिए जिला स्तर पर विशेष कमेटी की भूमिका तय की जाएगी। डीडीसी की अध्यक्षता में बनने वाली इस कमेटी में पंचायती राज, जिला परिषद, विधि और राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल होंगे।
    यही व्यवस्था बड़े निर्माण प्रस्तावों की जांच और स्वीकृति में अहम भूमिका निभा सकती है।

    500 वर्गमीटर पार करते ही बदल जाएगा नियम?
    प्रस्तावित प्रावधानों के मुताबिक 500 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में विकसित होने वाली रियल एस्टेट परियोजनाओं का पंजीकरण जरूरी होगा।

    बिल्डर को लेआउट, स्वीकृतियां और निर्माण से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। यानी बड़े ग्रामीण प्रोजेक्ट अब निगरानी के दायरे में आ सकते हैं।

    बिल्डरों के लिए सबसे बड़ा बदलाव क्या है?
    खरीदारों से मिलने वाली रकम को लेकर भी नई व्यवस्था प्रस्तावित है। परियोजना की राशि का 70 प्रतिशत अलग बैंक खाते में रखने का प्रावधान बताया गया है।

    इस रकम का इस्तेमाल उसी परियोजना से जुड़े निर्धारित निर्माण और जमीन खर्च में किया जा सकेगा।

    घर समय पर नहीं मिला तो क्या होगा?
    अगर बिल्डर तय समय पर परियोजना पूरी नहीं करता है, तो खरीदार को राहत मिल सकती है। प्रस्तावित नियमों के तहत देरी की स्थिति में ब्याज और मुआवजे का प्रावधान हो सकता है। इससे ग्रामीण इलाकों में फ्लैट खरीदने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    पांच साल बाद भी बिल्डर की जिम्मेदारी!
    निर्माण पूरा होने के बाद भी बिल्डर की जिम्मेदारी पूरी तरह खत्म नहीं होगी। प्रस्तावित व्यवस्था में पांच साल के भीतर गंभीर निर्माण या संरचनात्मक दोष सामने आने पर उसे बिना अतिरिक्त शुल्क ठीक करने की जिम्मेदारी बिल्डर की हो सकती है।

    कार्पेट एरिया के नाम पर खेल भी होगा मुश्किल?
    बिल्डरों को बिल्ट-अप एरिया और कार्पेट एरिया की जानकारी स्पष्ट रूप से देनी होगी। इससे खरीदारों को फ्लैट के वास्तविक उपयोगी क्षेत्र की जानकारी मिल सकेगी और क्षेत्रफल को लेकर होने वाले विवादों को कम किया जा सकेगा।

    लेकिन हर गांव का मकान इस नियम में नहीं आएगा!
    प्रस्तावित व्यवस्था में छोटे मकानों को राहत दी गई है। 500 वर्गमीटर तक की छोटी परियोजनाओं और सामान्य ग्राउंड प्लस दो मंजिला मकानों को अनिवार्य नक्शा स्वीकृति के दायरे से बाहर रखने का प्रावधान बताया गया है। बड़े या अधिक मंजिल वाले निर्माण पर नियम लागू हो सकते हैं।

    आखिर सरकार को गांवों में ये कदम क्यों उठाना पड़ा?
    शहरों से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में अपार्टमेंट और बड़े भवनों का निर्माण तेजी से बढ़ा है। कई जगह सड़क, पार्किंग और जल निकासी जैसी सुविधाओं की पर्याप्त योजना के बिना निर्माण होने से समस्याएं सामने आई हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे निर्माण को नियंत्रित करना है।

    अभी सबसे बड़ा सवाल-कब से लागू होंगे ये नियम?
    फिलहाल विस्तृत नियमावली और अंतिम अधिसूचना का इंतजार है। डीडीसी कमेटी, आवेदन प्रक्रिया और नक्शा स्वीकृति के अंतिम नियम उसी के बाद स्पष्ट होंगे।

    यानी अभी बड़े निर्माण को लेकर प्रस्तावित व्यवस्था सामने है, लेकिन इसके जमीन पर लागू होने की पूरी तस्वीर आधिकारिक नियम जारी होने के बाद ही साफ होगी।

     

  • नितिन नवीन की नई टीम में राजस्थान के तीन दिग्गजों को बड़ी जिम्मेदारी, वसुंधरा राजे बनीं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

    नितिन नवीन की नई टीम में राजस्थान के तीन दिग्गजों को बड़ी जिम्मेदारी, वसुंधरा राजे बनीं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

    जयपुर
    भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा घोषित नई केंद्रीय कार्यकारिणी में राजस्थान के तीन प्रमुख वरिष्ठ नेताओं को बड़े संगठनात्मक पदों से नवाजा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राज्यसभा सांसद व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री और वरिष्ठ नेता राजेश मंगल को राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष पद की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। दिल्ली से हुए इस बड़े ऐलान के बाद जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा समेत पूरे राजस्थान के भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और प्रदेश की राजनीति में पावर बैलेंस को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।

    राजस्थान के तीन दिग्गजों पर जताया भरोसा
    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पार्टी संगठन को नई ऊर्जा देने और आगामी सांगठनिक चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी नई केंद्रीय टीम का औपचारिक ऐलान किया है। इस नई टीम में युवा और अनुभवी चेहरों के बीच संतुलन बनाने की स्पष्ट छाप दिखाई देती है।

    राजस्थान की दृष्टि से यह पुनर्गठन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि प्रदेश से तीन बड़े चेहरों को सीधे राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिकाएं दी गई हैं

    वसुंधरा राजे
    राजस्थान की दो बार मुख्यमंत्री रह चुकीं और वरिष्ठ कद्दावर नेता वसुंधरा राजे को पार्टी ने एक बार फिर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त कर उनकी संगठनात्मक वरिष्ठता पर मुहर लगाई है

    डॉ सतीश पूनिया
    राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और हरियाणा में पार्टी के प्रभारी के रूप में अपनी सांगठनिक क्षमता का लोहा मनवा चुके डॉ सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री जैसी पावरफुल भूमिका दी गई है।

    राजेश मंगल
    संगठन और वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय राजेश मंगल को राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    राजे, पूनिया और मंगल की नियुक्ति के मायने
    राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान के इन तीन नेताओं को तरजीह दिए जाने के पीछे भाजपा नेतृत्व की सोची-समझी सांगठनिक रणनीति नजर आ रही है।

    वसुंधरा राजे का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान
    राजस्थान की राजनीति में वसुंधरा राजे की जमीनी पकड़ और जनसमर्थन किसी से छिपा नहीं है। उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर बरकरार रखकर पार्टी नेतृत्व ने यह संदेश दिया है कि केंद्रीय स्तर पर उनकी सलाह और अनुभव का उपयोग संगठन को मजबूत करने के लिए निरंतर किया जाता रहेगा।

    डॉ सतीश पूनिया के कद में बढ़ोतरी
    डॉ सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री बनाना उनके लगातार सांगठनिक कार्यों और पड़ोसी राज्यों में पार्टी के प्रदर्शन में उनके योगदान का प्रतिफल माना जा रहा है। पूनिया का राष्ट्रीय महामंत्री बनना राजस्थान के साथ-साथ अन्य राज्यों के चुनावी प्रबंधन में भी उनकी सीधी भागीदारी तय करेगा।

    राजेश मंगल को सह-कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी
    पार्टी के वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूती देने के लिए राजेश मंगल को राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष बनाया गया है, जो राजस्थान के वैश्य और व्यापारिक समुदाय के बीच पार्टी के जनाधार को और मजबूती प्रदान करेगा।

    जयपुर से दिल्ली तक भाजपाइयों में जश्न का माहौल
    जैसे ही सोमवार को नई कार्यकारिणी सूची जारी हुई, राजस्थान भाजपा प्रदेश मुख्यालय जयपुर में कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर और मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की।

    प्रदेश के नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना है कि नितिन नबीन की इस नई टीम से राजस्थान के कार्यकर्ताओं का मनोबल और बढ़ेगा। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और डॉ सतीश पूनिया को केंद्र में मिली मजबूत जगह से राजस्थान के प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दों को नई दिल्ली में अधिक मजबूती से उठाने का अवसर मिलेगा।

  • कनाडा-अमेरिका भेजने का झांसा देकर दो परिवारों से 40 लाख ठगे, कपूरथला के 4 एजेंट नामजद

    कनाडा-अमेरिका भेजने का झांसा देकर दो परिवारों से 40 लाख ठगे, कपूरथला के 4 एजेंट नामजद

    कपूरथला.

    विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कपूरथला के थाना सदर पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में दो परिवारों से कुल 40 लाख रुपये ठगने के आरोप में चार एजेंटों के खिलाफ केस दर्ज किया है। दोनों मामलों में सतनाम सिंह नाम का एजेंट शामिल बताया गया है।

    आरोप है कि एजेंटों ने विदेश भेजने का भरोसा देकर 20-20 लाख रुपये लिए, लेकिन न तो विदेश भेजा और न ही रकम वापस की। पहला मामला गांव माधो झंडा निवासी चैन सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार बुढिआना, जालंधर निवासी शैली और उसके पति सतनाम सिंह ने उनके परिवार को कनाडा का पारिवारिक वीजा दिलाने का भरोसा दिया था। भरोसे में आकर परिवार ने दोनों को 20 लाख रुपये दे दिए। काफी समय बीतने के बाद भी विदेश भेजने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर टालमटोल की जाती रही। पुलिस ने शैली और सतनाम सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    अमेरिका-कनाडा भेजने का दिया था भरोसा
    दूसरा मामला गांव कड़ाल कलां निवासी रुपिंदर कौर की शिकायत पर दर्ज हुआ है। शिकायत के अनुसार मिशैली, पठानकोट निवासी एक एजेंट, सतनाम सिंह उर्फ शामा निवासी बुढिआना और गुरतेज सिंह भुल्लर निवासी संगरूर ने अमेरिका और कनाडा भेजने का भरोसा देकर 20 लाख रुपये लिए। आरोप है कि तय समय के बाद भी विदेश नहीं भेजा गया और रकम वापस नहीं की गई। डीएसपी डाॅ. शीतल सिंह ने बताया कि दोनों मामलों में धोखाधड़ी के केस दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और आरोपितों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    पहले भी सामने आते रहे हैं ऐसे मामले
    कपूरथला जिले में विदेश भेजने के नाम पर ठगी के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। जनवरी 2026 में दुबई भेजने के नाम पर 80 हजार रुपये की ठगी का मामला दर्ज हुआ था। अगस्त 2026 में कनाडा भेजने के नाम पर 24 लाख रुपये लेने का आरोप भी सामने आया। अगस्त 2025 में दो परिवारों से इंग्लैंड भेजने के नाम पर 37.63 लाख रुपये की ठगी के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच पुलिस लोगों से विदेश भेजने वाले एजेंटों की पूरी जांच-पड़ताल और दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद ही रकम देने की अपील करती रही है।

  • रांची में दुर्गापूजा की तैयारी तेज, इस बार बृहदेश्वर मंदिर की भव्य झलक दिखेगी

    रांची में दुर्गापूजा की तैयारी तेज, इस बार बृहदेश्वर मंदिर की भव्य झलक दिखेगी

     रांची
     दुर्गापूजा को लेकर शहर में तैयारी शुरू हो गई है। बांस-बल्ली से प्रारूप को आकार दिया जा रहा है। इस बार बकरी बाजार (भारतीय युवक संघ) में दुर्गा पूजा में तमिलनाडु के प्रसिद्ध बृहदेश्वर मंदिर की भव्य झलक देखने को मिलेगी, जबकि पिछले साल 2025 में यहां कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल का निर्माण हुआ था।

    अध्यक्ष राहुल अग्रवाल ने बताया कि हर साल बकरी बाजार भव्य प्रारूप का निर्माण करता है। लाखों लोग देखने के लिए आते हैं। इस बार भी मंदिर का प्रारूप देख अचंभित होंगे। इसी तरह स्टेशन रोड में भक्त वामन अवतार के जीवंत प्रसंग को देखेंगे।

    मुनचुन राय ने बताया कि यहां भी बांस-बल्ली से निर्माण चल रहा है। इसके बाद आगे का काम शुरू होगा। बीच-बीच में बारिश से थोड़ा काम बाधित हो रहा है, लेकिन अभी समय है और तैयारी चल रही है। जिला स्कूल में एक दो दिन में निर्माण काम शुरू हो जाएगा। अशोक चौधरी ने बताया कि काम जल्द शुरू होगा।

    वहीं, मेनरोड चंद्रशेखर आजाद पूजा समिति का भी भूमि पूजन हो गया है। इस बार श्रद्धालु यहां गुजरात के प्रसिद्ध मंदिर द्वारका का प्रारूप का दर्शन करेंगे। अध्यक्ष रमेश सिंह ने बताया कि इस बार भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। मंदिर का प्रारूप भी भव्य बनेगा। जल्द काम शुरू होगा। दुर्गाबाड़ी, देशप्रिय क्लब, बंगला मंडप में पारंपरिक बांग्ला पद्धति से अनुष्ठान होगा।

    दुर्गाबाड़ी में महालया से ही अनुष्ठान प्रारंभ हो जाएगा। रांची शहर में करीब डेढ़ सौ पूजा पंडाल का निर्माण होता है। इनमें एक दर्जन से ऊपर विशाल पंडाल बनाए जाते हैं। पं नागेश मिश्र ने बताया कि इस बार मां घोड़े पर सवार होकर आएंगी और हाथी पर प्रस्थान करेंगी। इससे उथल-पुथल होगा। 11 से नवरात्र प्रारंभ हो जाएगा। हालांकि दशमी 20 अक्टूबर को भी हो सकता है।

    28 अगस्त: रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम का त्योहार है। बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं। भाई रक्षा का वचन और उपहार देते हैं।

    17 सितंबर: देवताओं के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती है। कारखानों, दफ्तरों और कार्यस्थलों पर मशीनों व औजारों की पूजा होती है। कारीगर, इंजीनियर और श्रमिक अपने उपकरणों का सम्मान करते हैं।

  • गया में कुएं में जहरीली गैस से चार लोगों की मौत, एसडीआरएफ ने शव निकाले

    गया में कुएं में जहरीली गैस से चार लोगों की मौत, एसडीआरएफ ने शव निकाले

    पटना/गया
    गया के डोभी प्रखंड में कुएं के अंदर जहरीली गैस के प्रभाव से चार लोगों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने SDRF और अग्निशमन विभाग की टीम को मौके पर भेजा। संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर सभी चार शवों को कुएं से बाहर निकाला।

    कुएं में उतरे और फिर नहीं लौटे
    हादसे में विजय चौधरी (लगभग 55 वर्ष), चामारी मांझी (लगभग 57 वर्ष), विकास कुमार (लगभग 23 वर्ष) और दिलचन्द कुमार (लगभग 26 वर्ष) की मौत हुई है। सभी डोभी प्रखंड, शेरघाटी अनुमंडल, गया के निवासी बताए गए हैं।

    हर मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये का मुआवजा
    मुख्यमंत्री के निर्देश पर मृतकों के निकटतम आश्रितों को ₹4-₹4 लाख की अनुग्रह सहायता राशि दी गई। चार मृतकों के परिवारों को कुल ₹16 लाख की सहायता उपलब्ध कराई गई है।

    SDRF और अग्निशमन दल ने संभाला मोर्चा
    घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के निर्देश पर SDRF एवं अग्निशमन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। संयुक्त बचाव अभियान चलाकर सभी चार मृतकों के शवों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    प्रशासन ने परिवारों को मदद का भरोसा दिया
    जिला आपदा शाखा की ओर से प्रभावित परिवारों को आवश्यक राहत और सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

    कुएं में उतरने से पहले बरतें सावधानी
    अपर समाहर्ता आपदा पंकज कुमार ने लोगों से अपील की है कि बिना सुरक्षा व्यवस्था और विशेषज्ञों की सहायता के कुएं, टैंक या अन्य बंद एवं संकरे स्थानों में प्रवेश न करें। ऐसी जगहों पर मौजूद जहरीली गैस जानलेवा हो सकती है।

    लापरवाही से बचने की अपील
    प्रशासन ने कहा है कि बंद स्थान में किसी व्यक्ति के फंसने या बेहोश होने की स्थिति में खुद अंदर जाने के बजाय तुरंत विशेषज्ञ बचाव दल की मदद लेनी चाहिए। ऐसी घटनाओं में बिना सुरक्षा उपकरण के अंदर जाना बेहद जोखिमपूर्ण हो सकता है।

     

  • नितिन नवीन की नई टीम का ऐलान, बिहार से 3 नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी; जानें किसका बढ़ा कद

    नितिन नवीन की नई टीम का ऐलान, बिहार से 3 नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी; जानें किसका बढ़ा कद

    पटना
     भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम का एलान कर दिया है। बिहार से होने के कारण माना जा रहा था कि उनकी राष्ट्रीय टीम में प्रदेश के नेताओं को अपेक्षाकृत अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा।

    हालांकि, राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में बिहार से तीन नेताओं को ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। इनमें राज्यसभा सदस्य शिवेश राम और सिद्धार्थ शंभु का पार्टी संगठन में कद बढ़ा है। वहीं ऋतुराज सिन्हा को भी जिम्मेदारी दी गई है।

    सिद्धार्थ शंभु को राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी
    वैश्य समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले सिद्धार्थ शंभु को भाजपा ने राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी है। वह लगातार तीन बार बिहार भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं।

    संगठन में लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें अब राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। प्रदेश संगठन में सक्रिय रहने के बाद राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने को उनके राजनीतिक कद में बढ़ोतरी के तौर पर देखा जा रहा है।

    शिवेश राम बने एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
    राज्यसभा सदस्य शिवेश राम को भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। कुछ महीने पहले ही भाजपा ने उन्हें राज्यसभा भेजा था।

    इसके बाद अब संगठन में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। एससी मोर्चा की कमान मिलने से बिहार के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी भूमिका बढ़ गई है।

    ऋतुराज सिन्हा को भी मिली जिम्मेदारी
    भाजपा नेता ऋतुराज सिन्हा को प्रकोष्ठ संकुल सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। वे पूर्व में राष्‍ट्रीय मंत्री थे। इस तरह से उनका कद घटा है। पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के बीच समन्वय में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

    वहीं संजय मयूख को राष्ट्रीय सह मीडिया प्रभारी के दायित्व से मुक्त कर दिया गया है।
    मंगल पांडेय को लेकर लगाए जा रहे थे कयास

    नितिन नवीन की टीम के एलान से पहले बिहार के कई नेताओं के नाम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मंगल पांडेय को भी राष्ट्रीय टीम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के कयास लगाए जा रहे थे।

    संगठन में उनकी सक्रियता और पार्टी के भीतर उनकी भूमिका को देखते हुए माना जा रहा था कि वह टीम नितिन का हिस्सा बन सकते हैं।

    हालांकि, घोषित टीम में उन्हें जगह नहीं मिली। बिहार से राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष का पद म‍िलता रहा है। पूर्व में पूर्व डिप्‍टी सीएम रेणु देवी, क‍िरण घई को राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष पद पर रखा गया था।

    बिहार को प्रतिनिधित्व मिला, लेकिन उम्मीद से कम
    नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह चर्चा तेज थी कि बिहार के नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।

    नई टीम में तीन नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर दायित्व मिलने से बिहार को प्रतिनिधित्व तो मिला है, लेकिन राजनीतिक हलकों में जितने बड़े प्रतिनिधित्व की उम्मीद जताई जा रही थी, उसके मुकाबले संख्या सीमित रही।

     

  • बिहार में मानसून सक्रिय, 18 अगस्त को इन जिलों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

    बिहार में मानसून सक्रिय, 18 अगस्त को इन जिलों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

     पटना
     Weather Update: मौसम विज्ञान केंद्र पटना की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन का असर बिहार के विभिन्न हिस्सों में देखने को मिलेगा।

    बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट
    17 अगस्त को औरंगाबाद, भभुआ (कैमूर), गया, जमुई, नवादा और रोहतास जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    वहीं, 18 अगस्त को औरंगाबाद, भभुआ और गया में अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। जबकि बक्सर, जहानाबाद, नवादा, रोहतास, सारण, सीवान और वैशाली जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

    राज्य के अधिकांश दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-मध्य भागों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली (वज्रपात) गिरने की आशंका जताई गई है।

    तापमान का हाल
    अधिकतम तापमान: पिछले 24 घंटों में राज्य का सबसे अधिक तापमान 37.3°C कैमूर में दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में 1-2°C की गिरावट आ सकती है।

    न्यूनतम तापमान: सबसे कम न्यूनतम तापमान 25.4°C वाल्मीकि नगर (पश्चिम चंपारण) में रहा।

    मौसम विभाग ने की अपील
    मौसम विभाग ने लोगों को बारिश और आकाशीय बिजली से सावधान रहने की सलाह दी है। मेघ गर्जन या बिजली चमकने के दौरान खुले स्थान या पेड़ों के नीचे शरण न लें और पक्के मकानों में रहें।

     

  • लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़, 7 श्रद्धालुओं की मौत; पीएम मोदी ने जताया दुख

    लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़, 7 श्रद्धालुओं की मौत; पीएम मोदी ने जताया दुख

    पटना
     लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में मची भगदड़ (Bihar Temple Stampede) से 7 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, कई लोग घायल हैं, जिनका इलाज लखीसराय सदर अस्पताल में चल रहा है।
    पीएम मोदी ने जताया दुख

    बिहार के लखीसराय में हुए हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। पीएमो के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट से उन्होंने अपनी संवेदनाएं साझा करते हुए कहा कि इस घटना में लोगों की जान जाने से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है।

    उन्होंने जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त की और हादसे में घायल हुए लोगों के जल्द से जल्द ठीक होने की प्रार्थना की।

    पीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थानीय प्रशासन मौके पर राहत कार्य में जुटा है और प्रभावितों की पूरी मदद की जा रही है।

    राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने भी जताया दुख
    वहीं, इस घटना पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

    सीएम सम्राट चौधरी ने जताया दुख
    बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे पर दुख जताया है और मृतकों के लिए मुआवजे का एलान किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि हादसे में श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर से मन व्यथित है।
    शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायलों के समुचित एवं त्वरित इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।

    प्रशांत किशोर ने जताया दुख
    अशोकधाम में सावन की तीसरी सोमवारी के दिन हुई भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौत पर प्रशांत किशोर ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि कुछ ही देर में वह घटनास्थल के लिए रवाना होंगे और पहले वह पूरी घटना की जानकारी लेंगे और उसके बाद ही इस मामले पर विस्तार से कुछ कह पाएंगे।

    विजय सिन्हा ने जताया दुख
    कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि अशोक धाम मंदिर के समीप हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। इस हृदयविदारक घटना से मन अत्यंत व्यथित है।

    घटना की जानकारी मिलते ही मैं स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हो गया हूं। जिला प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन से लगातार संपर्क में हूं। मेरी प्राथमिकता घायलों को तत्काल और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता सुनिश्चित करना है।

    उन्होंने कहा कि घटना के कारणों की पूरी गंभीरता से जांच कराई जाएगी और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीएम से भी इस संबंध में बात हुई है और घायलों के समुचित एवं त्वरित उपचार के लिए चिकित्सा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही गई है

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जताया दुख
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने एक्स पर लिखा कि लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में हुई भगदड़ की घटना बेहद दुःखद है। इस हादसे में श्रद्धालुओं के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है।

    ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति, शोकाकुल परिजनों को संबल एवं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है और घायलों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

  • जयपुर के आमेर में जिंदा बम मिलने से हड़कंप, खेत के कचरे में मिली संदिग्ध वस्तु

    जयपुर के आमेर में जिंदा बम मिलने से हड़कंप, खेत के कचरे में मिली संदिग्ध वस्तु

    जयपुर
    जयपुर के आमेर इलाके में सोमवार सुबह CISF कैंपस के पास जिंदा बम मिलने से हड़कंप मच गया। खातीवालों की ढाणी, वार्ड नंबर 148 में काम के दौरान एक स्थानीय महिला की नजर बम जैसी दिखने वाली चीज पर पड़ी। महिला ने तुरंत अपने परिवार को इसकी जानकारी दी। इसके बाद आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही आमेर थाना पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची और उस संदिग्ध वस्तु की जांच शुरू की।

    खेत के कचरे में पड़ा था बम
    आमेर थानाधिकारी के अनुसार, गांव के खेत में पड़े कचरे के बीच यह बम मिला था। सुबह करीब साढ़े 10 बजे वहां से गुजर रही महिला ने सबसे पहले इसे देखा। उसने अपने परिवार को इसकी जानकारी दी। परिवार और आसपास के लोगों ने जब संदिग्ध वस्तु को देखा तो घबरा गए। इसके बाद पुलिस और कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बम के आसपास जमा भीड़ को वहां से हटाया।

    8 मिनट में पहुंची पुलिस टीम
    डिप्टी कंट्रोलर सिविल डिफेंस अमित शर्मा ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम को घटना की जानकारी सुबह करीब 11:05 बजे मिली थी। इसके बाद सिर्फ आठ मिनट बाद पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंच गई। टीम ने संदिग्ध वस्तु की जांच की। जांच के बाद बम की पुष्टि हुई तो तुरंत बम निरोधक टीम को बुलाया गया। इस दौरान आसपास के लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया और बम को डिस्पोज करने की तैयारी शुरू की गई

    दूर ले जाकर गड्ढे में किया डिस्पोज
    बम निरोधक टीम ने संदिग्ध बम को भीड़ वाले इलाके से दूर ले जाने के बाद सुरक्षित तरीके से डिस्पोज किया। इसके लिए सुनसान जगह पर मिट्टी में गहरा गड्ढा खोदा गया और उसमें बम को डिस्पोज किया गया। इस दौरान काफी तेज धमाका हुआ। अधिकारियों के अनुसार, बम को दोपहर करीब 2 बजे दूसरे स्थान पर ले जाकर डिस्पोज किया गया। इससे पहले मौके पर मौजूद लोगों को वहां से हटा दिया गया था, ताकि किसी तरह का खतरा न रहे।

    बम डिस्पोज किए जाने के बाद तत्काल खतरा टल गया। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि जिंदा बम खेत के कचरे तक कैसे पहुंचा और इसे वहां कौन लेकर आया था। मामले में आमेर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है।