Category: news

  • बार एसोसिएशन चुनाव में गुजराल की बड़ी जीत, 661 वोट लेकर बने अध्यक्ष

    बार एसोसिएशन चुनाव में गुजराल की बड़ी जीत, 661 वोट लेकर बने अध्यक्ष

    चंडीगढ़.

    करीब डेढ़ साल के इंतजार के बाद चंडीगढ़ जिला बार एसोसिएशन को शुक्रवार को नया प्रधान मिल गया। जिला अदालत परिसर में हुए चुनाव के परिणाम देर रात घोषित किए गए। अध्यक्ष पद पर एएस गुजराल ने 661 वोट हासिल कर जीत दर्ज की।

    उन्होंने गगन अग्रवाल (450), रविंदर सिंह बस्सी उर्फ जौली (464) और सुनील नारंग (327) को पीछे छोड़ा। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर अभय जोशी ने बाजी मारी। जोशी को 1071 वोट पड़े जबकि उनके मुकाबले धर्मिंदर सिंह को 801 वोट मिले। जोशी 270 वोट से विजयी रहे। उन्होंने पहले राउंड से ही बढ़त बना ली थी। सचिव पद पर तेजविंदर सिंह गिल 1147 वोट हासिल कर विजयी रहे, जबकि नरेश कुमार को 733 वोट मिले। ज्वाॅइंट सेक्रेटरी पद पर पुष्पिंदर सिंह ने बाजी मारी। उन्हें 836 वोट मिले। वहीं कोषाध्यक्ष पद पर प्रतीक गर्ग ने 1043 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उनके प्रतिद्वंद्वी पुनीत छाबड़ा को 867 वोट मिले।

  • Golden Temple में प्रकाश पर्व की धूम, हरिमंदिर साहिब में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

    Golden Temple में प्रकाश पर्व की धूम, हरिमंदिर साहिब में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

    अमृतसर 
    पंजाब के अमृतसर में मौजूद गोल्डन टेंपल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश पर्व को लेकर आज धार्मिक समागम करवाए जा रहे हैं। गोल्डन टेंपल को फूलों से सजाया गया है। यहां बड़ी संख्या में लग नतमस्तक होने के लिए पहुंचे रहे हैं।

    गोल्डन टेंपल और श्री अकाल तख्त साहिब व गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब में जलौ सजाएं जाएंगे। हरमंदिर साहिब में तैयारियां किस तरह चल रही हैं। उसे इन तस्वीरों में देखा जा सकता है।अमृतसर, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश गुरु पर्व पर गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब से श्री हरिमंदिर साहिब तक नगर कीर्तन हुआ शुरू।

    गोल्डन टेंपल को सुंदर फूलों से सजाया गया है, जो विदेश से लाए गए हैं। ये फूल थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया से इंपोर्ट किए गए हैं। 100 कारीगर दिन-रात सजावट के काम में जुटे हैं। गोल्डन टेंपल को सजाने के लिए 60 टन से अधिक फूलों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिन्हें 10 ट्रकों में लादकर अमृतसर लाया गया।

    सिखों के 5वें गुरु अर्जन देव जी ने सन् 1604 में दरबार साहिब में पहली बार 
    श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश गुरु पर्व के अवसर पर श्री हरिमंदिर साहिब में सुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं।  गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब से श्री हरिमंदिर साहिब तक नगर कीर्तन कुछ समय बाद आरंभ होगा। 

    गुरु ग्रंथ साहिब से जुड़े ये तथ्य, जानिए…

        बाबा बुड्ढा जी ने बाणी पढ़ने की शुरुआत की थी: सिखों के पांचवें गुरु अर्जन देव जी ने 1604 में दरबार साहिब में पहली बार गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश किया था। 1430 अंग (पन्ने) वाले इस ग्रंथ के पहले प्रकाश पर संगत ने कीर्तन दीवान सजाए और बाबा बुड्ढा जी ने बाणी पढ़ने की शुरुआत की।

        बाबा बुड्ढा जी इस ग्रंथ के पहले ग्रंथी बने: पहली पातशाही से छठी पातशाही तक अपना जीवन सिख धर्म की सेवा को समर्पित करने वाले बाबा बुड्ढा जी इस ग्रंथ के पहले ग्रंथी बने। आगे चलकर इसी के संबंध में दशम गुरु गोबिंद सिंह ने हुक्म जारी किया, "सब सिखन को हुकम है गुरु मान्यो ग्रंथ।"

        गुरु अर्जन देव बोलते गए, भाई गुरदास लिखते गए: 1603 में 5वें गुरु अर्जन देव ने भाई गुरदास से गुरु ग्रंथ साहिब को लिखवाना शुरू करवाया, जो 1604 में संपन्न हुआ। नाम दिया ‘आदि ग्रंथ’। 1705 में गुरु गोबिंद सिंह ने दमदमा साहिब में गुरु तेग बहादुर के 116 शबद जोड़कर इन्हें पूर्ण किया। 1708 में दशम गुरु गोबिंद सिंह ने हजूर साहिब में फरमान जारी किया था, “सब सिखन को हुकम है गुरु मान्यो ग्रंथ।”

        समूची मानवता को एक लड़ी में पिरोने का संदेश है गुरु ग्रंथ साहिब: सिखों में जीवंत गुरु के रूप में मान्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब केवल सिख कौम ही नहीं, बल्कि समूची मानवता के लिए आदर्श व पथ प्रदर्शक हैं। दुनिया में यह इकलौते ऐसे पावन ग्रंथ हैं, जो तमाम तरह के भेदभाव से ऊपर उठकर आपसी सद्भाव, भाईचारे, मानवता व समरसता का संदेश देते हैं।

    गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में गुरमत समागम आयोजित
    गुरुवार को गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब आरंभ किए गए, जिनके भोग 12 सितंबर को डाले जाएंगे। बता दें, आज (11 सितंबर) गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में गुरमत समागम आयोजित किया जाएगा। इसमें सिंह साहिबान और पंथ प्रसिद्ध रागी जत्थे संगत को गुरबाणी और गुर-इतिहास से जोड़ेंगे।

    श्री हरिमंदिर साहिब तक नगर कीर्तन सजाया जाएगा
    वहीं, 12 सितंबर को पुरातन परंपरा के अनुसार गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब से सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब तक नगर कीर्तन सजाया जाएगा। नगर कीर्तन सुबह 7 बजे रामसर साहिब से निकलेगा और स्वर्ण मंदिर पहुंचेगा। इस दौरान शिरोमणि कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी समेत सिंह साहिबान और प्रमुख शख्सियतें हाजिरी भरेंगी।

     

  • कोटा विश्वविद्यालय द्वारा 13 सितंबर को आयोजित होगी राज्य पात्रता परीक्षा (सेट)-2026

    कोटा विश्वविद्यालय द्वारा 13 सितंबर को आयोजित होगी राज्य पात्रता परीक्षा (सेट)-2026

     कोटा
     कोटा विश्वविद्यालय की ओर से 13 सितम्बर को सहायक आचार्य के लिए राज्य पात्रता परीक्षा (सेट)-2026 आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा 7 संभाग जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा, अजमेर व भरतपुर में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक एक पारी में ऑफलाइन मोड पर होगी। इसमें 37 विषयों में इस वर्ष 1 लाख 77 हजार 901 अभ्यर्थी पंजीकृत हुए हैं। सात संभागीय मुख्यालयों में कुल 429 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जयपुर में सबसे अधिक 78 हजार तो भरतपुर में सबसे कम 8 हजार से अधिक अभ्यर्थी बैठेंगे। इसके अलावा जोधपुर में 22,609, बीकानेर 22,281, उदयपुर 17,320, कोटा 14839, अजमेर संभाग में 13,753 अभ्यर्थी शामिल होंगे।

    कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बीपी सारस्वत ने बताया कि परीक्षा का आयोजन यूजीसी-नेट के नवीनतम मानकों के अनुरूप किया जाएगा। परीक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए कोटा विश्वविद्यालय में केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। परीक्षा की सुरक्षा, गोपनीयता और संवेदनशीलता से जुड़े सभी मानकों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने और परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचने की अपील की।

    प्रवेश के लिए ये दस्तावेज जरूरी
    अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश-पत्र की रंगीन प्रति, मूल फोटोयुक्त पहचान-पत्र के रूप में केवल आधार कार्ड तथा ऑनलाइन आवेदन के समय अपलोड की गई फोटो से मेल खाती एक रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ लानी होगी।

    अभ्यर्थियों की रिपोर्टिंग सुबह 9 से 10 बजे तक होगी। 10 बजे बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

    परीक्षा समन्वयक प्रो. घनश्याम शर्मा ने बताया कि प्रवेश-पत्र पर अंकित परीक्षा केंद्र और रोल नंबर के कोड को केवल सांकेतिक न मानते हुए परीक्षा केंद्र की वास्तविक लोकेशन पहले से सुनिश्चित कर लें। इसके लिए परीक्षा से एक दिन पूर्व केंद्र पर जाकर स्थान की जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है, ताकि परीक्षा के दिन किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    मोबाइल, स्मार्ट वॉच और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित
    1- परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, पुस्तक, नोट्स आदि ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
    2- अभ्यर्थियों को आधी आस्तीन के हल्के रंग के कपड़े तथा कम हील वाली चप्पल या सैंडल पहनकर आने की सलाह दी गई है।
    3- धार्मिक, पारंपरिक अथवा सांस्कृतिक पोशाक में आने वाले अभ्यर्थियों की सुरक्षा जांच के दौरान विशेष रूप से तलाशी ली जाएगी।
    अभ्यर्थी अपने साथ केवल काले या नीले बॉल पेन लेकर आएं।
    4- ओएमआर शीट पर व्हाइटनर, ब्लेड अथवा किसी अन्य वस्तु का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।
    5- अनुचित साधनों का प्रयोग करते पाए जाने वाले अभ्यर्थियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

  • Delhi-Gurugram Expressway को मिलेगी फुल रफ्तार! द्वारका से हरियाणा बॉर्डर तक बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर

    Delhi-Gurugram Expressway को मिलेगी फुल रफ्तार! द्वारका से हरियाणा बॉर्डर तक बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर

    गुरुग्राम

    गुरुग्राम में बढ़ते ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए सरकार जल्द ही एक तीन लेन वाला एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना बना रही है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसके लिए प्लान तैयार कर लिया है.  इसके बनने से दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे पर लगने वाला जाम काफी हद तक कम हो जाएगा. इसके लिए दिल्ली की शिव मूर्ति महिपालपुर और एम्बिएंस मॉल के पास हरियाणा बॉर्डर के बीच तीन-लेन वाला एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। 

    यह एलिवेटेड कॉरिडोर करीब 2 कलोमीटर लंबा बनाया जा सकता है. दरअसल एक्सप्रेसवे के इसी हिस्से में सबसे ज्यादा जाम लगता है. सुबह-शाम दिल्ली-गुरुग्राम के बीच सफर करने वालों को इससे काफी परेशानी झेलनी पड़ती है. खासकर ऑफिस आने-जाने वाले लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं.. हर दिन वे इस जाम से जूझते हैं. लेकिन नया एलिवेटेड रोड बनने से उनको सबसे ज्यादा राहत मिलेगी। 

    181 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा एलिवेटेड रोड
    जानकारी के मुताबिक, एलिवेटेड रोड करीब 181 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा. यह रोड तीन लेन को होगा.इसके दोनों तरफ दो-दो लेन की सर्विस रोड बनाई जाएगी.सालों से इस योजना पर विचार चल रहा है. पहले सड़क चौड़ी करने और फ्लाईओवर का प्रस्ताव रखा गया. लेकिन अब एलिवेटेड रोड बनाए जाने को ट्रैफिक जाम से मुक्ति का ज्यादा बढ़िया समाधान माना गया है। 

    द्वारका अंडरपास के ट्रैफिक को मिलेगा नया रोड
    NHAI योजना बना रहा है कि तीन-लेन वाले एलिवेटेड कॉरिडोर रंगपुरी के पास द्वारका एक्सप्रेसवे इंटरचेंज की राइट-टर्न टनल से बनाया जाए. इसे सेक्टर 10 तक बनाए जाने की प्लानिंग है. जिससे इसे द्वारका एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयपुर हाईवे के बीच कनेक्ट हो सके. वहीं अंडरपास से निकलने वाले ट्रैफिक को शहर की तरफ जाने वाले एलिवेटेड सेक्शन पर भेजने का प्रस्ताव है। 

    राजोकरी फ्लाईओवर के समानांतर चलेगा नया रोड
    नए एलिवेटेड रोड के बनने के बाद NH8 से गुजरने वाले वाहनों को अंडरपास से निकलते ही शानदार कॉरिडोर मिलेगा, जिससे उनको जाम में नहीं फंसना पड़ेगा. द्वारका एक्सप्रेसवे से आने वाले ट्रैफिक को मौजूदा सड़क के ही ऊपर से ले जाने की योजना है, ताकि लोग जाम में न फंसे. बता दें कि नया एलिवेटेड रोड मौजूदा राजोकरी फ्लाईओवर के समानांतर चलेगा। 

    शिव मूर्ति और हरियाणा बॉर्डर के बीच होगा है भारी जाम
    इसका प्रस्ताव इस रूट पर ट्रैफिक की पूरी स्थिति देखने के बाद तैयार किया गया है. जिससे पता चला कि शिव मूर्ति और हरियाणा बॉर्डर के बीच NH8 के पूरे हिस्से पर पीक आवर्स में खचाखच जाम रहता है. सर्विस रोड पर भी बिल्कुल जगह नहीं होती. वाहन रेंग-रेंगकर चलते हैं. महिपाल फ्लाईओवर तक गाड़ियों की लंबी लाइनें लगी रहती हैं. जब से द्वारका एक्सप्रेसवे खुला है, तब से ये परेशानी और भी बढ़ गई है। 

    वर्तमान में मिलेनियम सिटी में घुसते ही शिव मूर्ति पर जाम लग जाता है. सोनीपत, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद से आने वाले वाहनों को जाम से ज्यादा जूझना पड़ता है. जिसकी वजह से एम्बिएंस मॉल की ओर जाना मुश्किल हो जाता है। 

    हर दिन ट्रैफिक में नहीं फंसना पड़ेगा
    एक सर्वे से पता चला है कि NH8 के मुख्य कैरिजवे पर हर दिन एक तरफ 1.2 लाख और दूसरी तरफ 1.6 लाख गाड़ियां होकर गुजरती हैं. सर्विस रोड और अलग-अलग इंटरचेंज रास्तों से भी हजारों गाड़ियां होकर गुजरती हैं.हालांकि दिल्ली से NH-8 पर आने वाले वाहनों को प्रस्तावित एलिवेटेड रोड पर जाने की परमिशन नहीं होगी. ये वाहन  मौजूदा चार-लेन वाले कैरिजवे पर ही चलेंगे. नया एलिवेटेड कॉरिडोर मुख्य रूप से द्वारका एक्सप्रेसवे अंडरपास से निकलने वाले वाहनों के लिए बनाया जा रहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा। 

     

  • Whales: Giants of the Ocean

    Whales: Giants of the Ocean

    Whales are among the largest and most remarkable animals on Earth. These marine mammals live in oceans around the world, from warm tropical waters to the cold seas surrounding the poles.

    Life Beneath the Surface

    Although whales spend their lives in water, they breathe air through blowholes located on top of their heads. They must regularly return to the surface to breathe before diving again in search of food or traveling through the ocean.

    Whales are warm-blooded, give birth to live young, and nurse their calves with milk. A thick layer of fat called blubber helps protect them from cold water and stores energy during long migrations.

    Two Main Groups

    Whales are generally divided into baleen whales and toothed whales. Baleen whales filter small animals from the water using flexible plates inside their mouths. This group includes blue whales, humpback whales, and gray whales.

    Toothed whales use teeth to catch fish, squid, and other prey. Many of them also use echolocation, producing sounds and listening for returning echoes to understand their surroundings. Sperm whales, belugas, and orcas belong to this group.

    The Blue Whale

    The blue whale is the largest known animal to have ever lived. An adult can grow longer than a city bus and weigh well over one hundred tonnes. Despite its enormous size, it feeds mainly on tiny crustaceans called krill.

    Communication and Migration

    Whales communicate using clicks, whistles, pulses, and complex songs. Some sounds can travel across great distances underwater. Humpback whales are especially famous for their long, patterned songs.

    Many species migrate thousands of kilometres each year. They often feed in cold, nutrient-rich waters before traveling to warmer regions where they mate and give birth.

    Protecting Whales

    Commercial hunting once caused severe declines in many whale populations. Today, whales also face threats from fishing gear, ship collisions, underwater noise, pollution, and changes to ocean ecosystems.

    Conservation programs, safer fishing practices, protected habitats, and international cooperation can help whale populations recover. Protecting whales also supports healthier oceans because these animals play an important role in marine food webs and nutrient cycles.

  • Whales: Giants of the Ocean

    Whales: Giants of the Ocean

    Whales are among the largest and most remarkable animals on Earth. These marine mammals live in oceans around the world, from warm tropical waters to the cold seas surrounding the poles.

    Life Beneath the Surface

    Although whales spend their lives in water, they breathe air through blowholes located on top of their heads. They must regularly return to the surface to breathe before diving again in search of food or traveling through the ocean.

    Whales are warm-blooded, give birth to live young, and nurse their calves with milk. A thick layer of fat called blubber helps protect them from cold water and stores energy during long migrations.

    Two Main Groups

    Whales are generally divided into baleen whales and toothed whales. Baleen whales filter small animals from the water using flexible plates inside their mouths. This group includes blue whales, humpback whales, and gray whales.

    Toothed whales use teeth to catch fish, squid, and other prey. Many of them also use echolocation, producing sounds and listening for returning echoes to understand their surroundings. Sperm whales, belugas, and orcas belong to this group.

    The Blue Whale

    The blue whale is the largest known animal to have ever lived. An adult can grow longer than a city bus and weigh well over one hundred tonnes. Despite its enormous size, it feeds mainly on tiny crustaceans called krill.

    Communication and Migration

    Whales communicate using clicks, whistles, pulses, and complex songs. Some sounds can travel across great distances underwater. Humpback whales are especially famous for their long, patterned songs.

    Many species migrate thousands of kilometres each year. They often feed in cold, nutrient-rich waters before traveling to warmer regions where they mate and give birth.

    Protecting Whales

    Commercial hunting once caused severe declines in many whale populations. Today, whales also face threats from fishing gear, ship collisions, underwater noise, pollution, and changes to ocean ecosystems.

    Conservation programs, safer fishing practices, protected habitats, and international cooperation can help whale populations recover. Protecting whales also supports healthier oceans because these animals play an important role in marine food webs and nutrient cycles.

  • Whales: Giants of the Ocean

    Whales: Giants of the Ocean

    Whales are among the largest and most remarkable animals on Earth. These marine mammals live in oceans around the world, from warm tropical waters to the cold seas surrounding the poles.

    Life Beneath the Surface

    Although whales spend their lives in water, they breathe air through blowholes located on top of their heads. They must regularly return to the surface to breathe before diving again in search of food or traveling through the ocean.

    Whales are warm-blooded, give birth to live young, and nurse their calves with milk. A thick layer of fat called blubber helps protect them from cold water and stores energy during long migrations.

    Two Main Groups

    Whales are generally divided into baleen whales and toothed whales. Baleen whales filter small animals from the water using flexible plates inside their mouths. This group includes blue whales, humpback whales, and gray whales.

    Toothed whales use teeth to catch fish, squid, and other prey. Many of them also use echolocation, producing sounds and listening for returning echoes to understand their surroundings. Sperm whales, belugas, and orcas belong to this group.

    The Blue Whale

    The blue whale is the largest known animal to have ever lived. An adult can grow longer than a city bus and weigh well over one hundred tonnes. Despite its enormous size, it feeds mainly on tiny crustaceans called krill.

    Communication and Migration

    Whales communicate using clicks, whistles, pulses, and complex songs. Some sounds can travel across great distances underwater. Humpback whales are especially famous for their long, patterned songs.

    Many species migrate thousands of kilometres each year. They often feed in cold, nutrient-rich waters before traveling to warmer regions where they mate and give birth.

    Protecting Whales

    Commercial hunting once caused severe declines in many whale populations. Today, whales also face threats from fishing gear, ship collisions, underwater noise, pollution, and changes to ocean ecosystems.

    Conservation programs, safer fishing practices, protected habitats, and international cooperation can help whale populations recover. Protecting whales also supports healthier oceans because these animals play an important role in marine food webs and nutrient cycles.

  • बिहार के युवा वकीलों को बड़ा तोहफा, 3 साल तक हर महीने मिलेगा ₹5,000 स्टाइपेंड

    बिहार के युवा वकीलों को बड़ा तोहफा, 3 साल तक हर महीने मिलेगा ₹5,000 स्टाइपेंड

     पटना
     बिहार सरकार युवा वकीलों को हर महीने 5000 रुपये स्टाइपेंड देने जा रही है। वकीलों को 3 साल तक यह राशि मिलेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस योजना की शुरुआत इसी महीने करने वाले हैं। बिहार के महाधिवक्ता एसडी संजय ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2024 के बाद बिहार स्टेट बार काउंसिल में पंजीकृत हुए सभी नए वकील, जो स्टाइपेंड योजना की शर्तों को पूरा करेंगे उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा।

    महाधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि यह नई योजना है। इसलिए शुरुआती दौर में समस्या सामने आ सकती है। सरकार 22 से 32 साल की उम्र के वकीलों को स्टाइपेंड योजना का लाभ देगी। सरकार ने वकीलों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणाएं की हैं।

    ई लाइब्रेरी के लिए 5 लाख रुपये
    उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2024 या उसके बाद नामांकित नए वकीलों को 3 साल तक 5000 रुपये मासिक भत्ता के साथ ही अधिवक्ता संघों को ई-लाइब्रेरी के लिए 5 लाख रुपये की सहायता भी मिलेगी।

    इसके लिए राज्य सरकार, बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को 30 करोड़ रुपये दे चुकी है। इसके अलावा, महिला वकीलों के लिए शौचालयों की सुविधा और चेंबर में सुधार की योजना भी शामिल है।

    5000 रुपये पाने के लिए वकीलों को देने होंगे ये दस्तावेज
    स्टाइपेंड योजना का लाभ लेने के लिए वकीलों को 100 रुपये रुपये का फॉर्म खरीद कर आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ मैट्रिक परीक्षा का प्रमाण पत्र, वकील के रूप में पंजीकृत प्रमाण पत्र, अनुभव और सक्रिय प्रैक्टिस प्रमाण पत्र, माता/पिता का आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, एआईबीई प्रमाण पत्र, आपराधिक मामले में संलिप्तता नहीं होने का शपथ पत्र, वकालत पेशा के अलावा किसी दूसरे व्यवसाय में नहीं होने का शपथ पत्र और रद्द चेक आदि दस्तावेज भी जमा कराने होंगे

    महाधिवक्ता ने बताया कि आवेदन पर एसोसिएशन के अध्यक्ष और महासचिव का हस्ताक्षर जरूरी होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्टी कमेटी के कन्वेनर पटना में नहीं होने के कारण उनका हस्ताक्षर अनिवार्य नहीं है।

  • JSSC CGL पेपर लीक केस में CID का शिकंजा, बोकारो के दो अधिकारियों से पूछताछ

    JSSC CGL पेपर लीक केस में CID का शिकंजा, बोकारो के दो अधिकारियों से पूछताछ

    रांची
    झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में कथित पेपर लीक, अनियमितता और सेटिंग के मामलों की जांच कर रही सीआईडी ने गुरुवार को बोकारो के दो अधिकारियों का बयान दर्ज किया।

    सीआईडी ने दोनों अधिकारियों को समन कर गवाही और क्रास वेरिफिकेशन के लिए बुलाया था। दोनों अपना बयान दर्ज कराने के बाद वापस बोकारो लौट गए।
    बोकारो ले जाकर सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे प्रश्न-उत्तर

    सीआईडी को पूर्व में छानबीन के क्रम में जानकारी मिली थी कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को बोकारो ले जाकर प्रश्न और उत्तर रटवाए गए थे। इन अभ्यर्थियों में मामले का मास्टरमाइंड बताए जा रहे अभय कुमार तिवारी के भी शामिल होने की बात सामने आई थी। बोकारो से जुड़े कुछ अन्य आरोपित भी सीआईडी के रडार पर हैं। इनके संबंध में सीआईडी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई हैं।

    अभय कुमार तिवारी दो दिनों की रिमांड पर
    इसी मामले में मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी को सीआईडी ने दो दिनों की रिमांड पर लिया है। उसकी रिमांड शुक्रवार को समाप्त होगी। इसके बाद उसे पुन: न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा।

    रिमांड के दौरान सीआईडी उससे परीक्षा में कथित सेटिंग, अभ्यर्थियों तक प्रश्न-उत्तर पहुंचाने और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
    जेपीएससी घोटाला: खियांग्ते के कंप्यूटर ऑपरेटर समेत तीन रिमांड पर

    दूसरी ओर, जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के दो कर्मियों प्रदीप और संजय को गुरुवार को तीन-तीन दिनों की रिमांड पर लिया है।

    तीनों आरोपितों से जेपीएससी की परीक्षाओं में अनियमितता, पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी सहित विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है।

    धर्मेंद्र पर वसूली एजेंट के रूप में काम करने का आरोप
    धर्मेंद्र कुमार पर आरोप है कि वह एल. खियांग्ते के वसूली एजेंट के रूप में काम करता था। परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी टीडीपीएल और एल. खियांग्ते के बीच वित्तीय लेन-देन की मुख्य कड़ी के रूप में धर्मेंद्र के काम करने की बात जांच में सामने आई है।

    आरोप है कि परीक्षा संचालन का ठेका दिलाने, अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने और भुगतान में कमीशन लेने सहित कई तरह की अनियमितताओं में वह शामिल था। सीआईडी इन सभी बिंदुओं पर छानबीन कर रही है।

    आत्मसमर्पण करने वाले कोचिंग संचालक रवि को रिमांड पर लेने की तैयारी
    जेपीएससी मेधा घोटाला केस के आरोपित पतंजलि आइएएस एकेडमी नामक कोचिंग के संचालक रवि कुमार उर्फ रविशंकर प्रसाद ने पिछले दिनों सीआईडी की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में है। अब उसे रिमांड पर लेने के लिए सीआईडी ने कोर्ट में अर्जी दी है।

    सिंडिकेट और अभ्यर्थियों की सेटिंग को लेकर होगी पूछताछ
    सीआईडी रवि कुमार को रिमांड पर लेकर जेपीएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितता में शामिल सिंडिकेट के बारे में जानकारी जुटाएगी। रवि कुमार पर आरोप है कि वह अभ्यर्थियों की जेपीएससी परीक्षाओं में सिंडिकेट से सेटिंग कराता था। पूर्व में गिरफ्तार मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी के बयान में रवि कुमार का नाम सामने आया था। इसके बाद से ही सीआईडी उसकी तलाश कर रही थी।

    सीआईडी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि रवि कुमार ने कितने अभ्यर्थियों की सेटिंग कराई, किससे कितने रुपये वसूले, वसूली गई राशि को कहां-कहां पहुंचाया, किस तरह परीक्षा में सेटिंग कराई गई और इसमें किस-किस का सहयोग मिला। इन सभी बिंदुओं पर रवि कुमार से पूछताछ की जानी है।

  • BRICS Summit में बिहार का जलवा, विदेशी मेहमानों की वेलकम किट में सत्तू-मखाना

    BRICS Summit में बिहार का जलवा, विदेशी मेहमानों की वेलकम किट में सत्तू-मखाना

    पटना
    भारत इस बार अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है जिसमें दुनिया के कई धुरंधर देश शामिल हो रहे हैं। दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 12 और 13 सितम्बर को दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन का आयोजन किया गया है। यह सम्मेलन बिहार के लिए इसलिए बेहद खास है क्योंकि इसमें हमारे राज्य का सत्तू और सुपर फूड मखाना को जगह मिली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 25 अन्य देश शामिल हो रहे हैं।

    सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट डालकर सीएम सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री को बिहार की ओर से धन्यवाद दिया है। सीएम ने कहा है कि दिल्ली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के वेलकम कीट में शामिल सत्तू और मखाना हमारे स्वाद, परंपरा और उद्यमिता की पहचान हैं। इसके लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने लोकल टू ग्लोबल के संकल्प को साकार किया। यह नए बिहार की नई पहचान है। बिहार का स्वाद अब दुनिया के सामने है।

    वेलकम कीट में क्या-क्या है
    ब्रिक्स सम्मेलन में 25 देशों के प्रतिनिधियों के अलावे दुनिया भर के पत्रकार और मेहमान आ रहे हैं जिन्हें वेलकम कीट में भारत की खासियत वाला उपहार दिया जा रहा है। इस कीट के बैग में बिहार के सत्तू और मखाना मौजूद है जिसके लिए विदेश मंत्रालय ने बिहार सरकार के साथ समन्वय बनाकर खास तौर पर तैयार करवाया है। इसमें ओडिशा की कॉफी और गुजरात का स्टॉल शामिल है। बैक में एक मेटल वाला बोतल कॉफी मग और छोटा सा बैग भी है। बैग में ब्रिक्स सम्मेलन की डायरी, पेन और स्मृति चिन्ह डाला गया है।

    सम्मेलन में इन देशों के मेहमान
    12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत के अलावा 25 देश हिस्सा ले रहे हैं। इसमें ब्रिक्स के 11 सदस्य देश, 10 ब्रिक्स सहयोगी देश और पांच देश विभिन्न क्षेत्रीय समूहों के अध्यक्ष होने के नाते इसमें शामिल हैं। इन प्रमुख नेताओं में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रोबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अलसीसी, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, इथोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद शामिल हैं। यूएई की तरफ से अबूधाबी के क्राउन प्रिंस बिन जायद अल नाहयान हिस्सा लेंगे। बांग्लादेश ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान की यात्रा की संभावना से इनकार किया है। सम्मेलन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा के जबरदस्त प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने खतरों से निपटने के लिए आसमान से जमीन तक सुरक्षा ग्रिड तैयार की है। आसपास के दफ्तरों को बंद कर दिया गया है तो पूरे शहर के स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई हैं।