Category: लाइफस्टाइल

  • सावन में बनाएं राजस्थानी फीणी, घर पर मिलेगा बाजार जैसा स्वाद

    सावन में बनाएं राजस्थानी फीणी, घर पर मिलेगा बाजार जैसा स्वाद

     भारतीय मिठाइयों का स्वाद हर किसी को अपना फैन बना लेता है, चाहे फिर गुलाब जामुन, जलेबी या फिर घेवर ही क्यों ना हो. भारत में अलग-अलग मिठाइयां मिलती हैं, जिनको लोग बड़े चाव से खाना पसंद करते हैं और हर मिठाई का टेस्ट दूसरी से अलग होता है. इतना ही नहीं, यहां पर हर प्रदेश की अपनी एक खास मिठाई होती है और राजस्थान की पारंपरिक मिठाइयों की बात ही कुछ अलग है. यहां की मिठाइयों में देसी स्वाद, खुशबू और परंपरा का खूबसूरत मेल देखने को मिलता है.

    ऐसी ही एक खास मिठाई है फीणी. बेहद महीन और रेशेदार बनावट वाली फीणी मुंह में जाते ही घुल जाती है. इसे आमतौर पर दूध, चीनी और मेवों के साथ परोसा जाता है. राजस्थान में त्योहारों और खास मौकों पर बनने वाली यह मिठाई अब आप घर पर भी आसानी से बना सकते हैं. अगर आप मीठा खाना पसंद करते हैं तो इस सावन आप घर पर फीणी बनाकर खा सकते हैं और अगर आपने इसे एक बार चख लिया तो बार-बार आप इसे खाने की डिमांड करेंगे.

    मीठी फीणी बनाने के लिए सामग्री
        मैदा – 2 कप
        घी – 4-5 बड़े चम्मच
        कॉर्नफ्लोर – 2 बड़े चम्मच
        दूध या पानी – जरूरत के अनुसार
        तलने के लिए घी या तेल

    चाशनी के लिए
        चीनी – 1 कप
        पानी – ½ कप
        इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
        केसर – कुछ धागे

    गार्निश करने के लिए
        कटे हुए बादाम और पिस्ता
        केसर
        गर्म दूध

    मीठी फीणी बनाने का आसान तरीका
        सबसे पहले एक बर्तन में मैदा लें और इसमें एक से दो चम्मच  देसी घी डालकर अच्छी तरह मिलाएं. अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए नरम आटा गूंथ लें. आटे को ढककर करीब 15 से 20 मिनट के लिए रख दें.
        अब एक कटोरी में घी और कॉर्नफ्लोर डालकर अच्छी तरह फेंट लें, जब तक कि एक चिकना पेस्ट तैयार न हो जाए. यह मिक्सर फीणी की परतों को महीन और कुरकुरा बनाने में मदद करेगा.
        आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें पतली रोटी की तरह बेल लें. अब एक रोटी पर घी-कॉर्नफ्लोर के घोल में लगाएं और उसके ऊपर दूसरी रोटी रखें.
        इसी तरह 3 से 4 परतें तैयार करें. इन्हें रोल करके पतली लंबी पट्टी बनाएं और छोटे टुकड़ों में काट लें.
        अब हर टुकड़े को हल्के हाथों से खींचकर महीन रेशों जैसा शेप दें. ध्यान रखें कि ज्यादा जोर न लगाएं, वरना फीणी टूट सकती है.
        कड़ाही में घी या तेल गर्म करें और फीणी को स्लो गैस पर गोल्डन और कुरकुरा होने तक फ्राई करें. इसे निकालकर अतिरिक्त घी सोखने के लिए रख दें.
        अब चाशनी बनाने के लिए एक पैन में चीनी और पानी डालकर गर्म करें. इसमें इलायची पाउडर और केसर डालें. हल्की चिपचिपी चाशनी तैयार होने पर गैस बंद कर दें.
        तली हुई फीणी को हल्की गर्म चाशनी में डालकर तुरंत निकाल लें या ऊपर से चाशनी डालें. आखिर में इसे  बादाम, पिस्ता और केसर डालकर गार्निश कर दें.
        आप चाहें तो फीणी को गर्म दूध में डालकर भी खा सकते हैं. दूध में डालने पर इसका स्वाद और भी शानदार लगता है.

    प्रो टिप-
    फीणी को हमेशा धीमी या मिडियम आंच पर तलें. तेज आंच पर यह बाहर से जल्दी भूरी हो सकती है, लेकिन अंदर से कुरकुरी नहीं बनेगी. आटे की परतों के बीच घी और कॉर्नफ्लोर का घोल अच्छी तरह लगाना भी बेहद जरूरी है.

    सावन के महीन में राजस्थानी फीणी की डिमांड काफी बढ़ जाती है और बाजारों में 400 से 600 रुपये किलो फीणी बिकना शुरू हो जाती है. ऐसे में आप चाहे तो इस आसान रेसिपी को फॉलो करके इसे अपने घर पर तैयार कर सकते हैं.

     

  • 10 मिनट में बनाएं धनिया वाले चटपटे आलू, दाल-चावल का स्वाद बढ़ाएं

    10 मिनट में बनाएं धनिया वाले चटपटे आलू, दाल-चावल का स्वाद बढ़ाएं

    दाल-चावल एक ऐसा कम्फर्ट फूड है जिसे लगभग हर भारतीय घर में रोज ही बनाया और पसंद किया जाता है. लेकिन इसके साथ रोज-रोज सादी सूखी सब्जी या उबले आलू खाकर अक्सर मन ऊब जाता है. अगर आप भी आज के लंच को थोड़ा मजेदार और स्पाइसी बनाना चाहते हैं तो धनिया वाले चटपटे आलू एक बेहतरीन विकल्प है.

    ताजे हरे धनिए, हरी मिर्च, भुने मसालों और नींबू के रस के तड़के से तैयार यह सब्जी दाल-चावल के स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है. इसे बनाना बेहद आसान है और यह महज 10 मिनट में तैयार हो जाती है. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान और चटपटी रेसिपी.

    सामग्री:
    आलू – 4-5 (उबले और बड़े टुकड़ों में कटे हुए)

    हरा धनिया – 1 बड़ा कप (ताजा और साफ किया हुआ)

    हरी मिर्च – 3-4 (स्वादानुसार)

    अदरक – 1 इंच का टुकड़ा

    नींबू का रस – 1-2 बड़ी चम्मच

    जीरा – 1 छोटा चम्मच

    हींग – 1 चुटकी

    भुना जीरा पाउडर – ½ छोटा चम्मच

    चाट मसाला – ½ छोटा चम्मच

    अमचूर पाउडर – ½ छोटा चम्मच (वैकल्पिक)

    तेल या देसी घी – 2 बड़ी चम्मच

    स्वादानुसार नमक

    बनाने की विधि:
    मिक्सी के जार में हरा धनिया, हरी मिर्च, अदरक, 1 चम्मच नींबू का रस और 2 चम्मच पानी डालकर एकदम फाइन और गाढ़ा पेस्ट पीस लें. (नींबू का रस डालने से धनिए का हरा रंग बरकरार रहता है).

    एक कड़ाही में तेल या घी गर्म करें. इसमें जीरा और हींग का तड़का लगाएं. अब कटे हुए उबले आलू और स्वादानुसार नमक डालें. मध्यम-तेज आंच पर आलू को 3-4 मिनट तक हल्का सुनहरा और क्रिस्पी होने तक भूनें.

    जब आलू पर हल्की क्रिस्पी परत आ जाए, तो गैस की आंच धीमी कर दें और तैयार किया हुआ हरा धनिया पेस्ट डालें.

    साथ ही भुना जीरा पाउडर, चाट मसाला और अमचूर पाउडर मिलाएं. सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स करें ताकि धनिया पेस्ट आलू पर अच्छी तरह कोट हो जाए.

    धीमी आंच पर 2 मिनट तक चलाते हुए पकाएं ताकि धनिए का कच्चापन दूर हो जाए और सारे फ्लेवर आलू के अंदर चले जाएं.

    गैस बंद करें और ऊपर से थोड़ा सा नींबू का रस व बारीक कटा हरा धनिया डालकर मिलाएं. गरमा-गरम धनिया वाले चटपटे आलू को दाल-चावल, पूड़ी या पराठे के साथ सर्व करें.

    ताजे हरे धनिए और चटपटे मसालों के तड़के से तैयार यह धनिया आलू लंच के लिए एकदम परफेक्ट साइड डिश है.

    उबले आलू, नींबू और हरी मिर्च का यह खास कॉम्बिनेशन आपके रोज के सादे दाल-चावल के स्वाद में नया जान फूंक देगा.

    बिना किसी झंझट के यह मसालेदार सूखी सब्जी महज 10 मिनट में बनकर तैयार हो जाती है.

  • बारिश में बनाएं कच्चे केले की भजिया, मिलेगा कुरकुरा और चटपटा स्वाद

    बारिश में बनाएं कच्चे केले की भजिया, मिलेगा कुरकुरा और चटपटा स्वाद

    बारिश के मौसम में या शाम की चाय के साथ गरमा-गरम पकौड़े मिल जाएं तो दिन बन जाता है. लेकिन अक्सर हर घर में आलू, प्याज या मिर्च के पकौड़े ही बनाए जाते हैं जिन्हें बार-बार खाकर मन ऊब जाता है. अगर आप भी कुछ नया, चटपटा और अलग स्वाद ट्राई करना चाहते हैं तो साउथ इंडिया की मशहूर कच्चे केले की भजिया एक बेहतरीन ऑप्शन है.

    बाहर से एकदम कुरकुरी और अंदर से सॉफ्ट यह भजिया खाने में बेहद स्वादिष्ट लगती है और मिनटों में बनकर तैयार हो जाती है. आइए जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान और क्रिस्पी रेसिपी.

    सामग्री:
    कच्चे केले – 2 (छीले और पतले स्लाइस में कटे हुए)

    बेसन – 1 कप

    चावल का आटा – 2 बड़ी चम्मच (अतिरिक्त क्रिस्पिनेस के लिए)

    अजवाइन – ½ छोटा चम्मच

    लाल मिर्च पाउडर – 1 छोटा चम्मच

    हल्दी पाउडर – ¼ छोटा चम्मच

    हींग – 1 चुटकी

    भुना जीरा पाउडर – ½ छोटा चम्मच

    बेकिंग सोडा – 1 चुटकी (वैकल्पिक)

    बारीक कटा हरा धनिया – 2 चम्मच

    तेल – तलने के लिए

    स्वादानुसार नमक

    बनाने की विधि:
    केले काटें: सबसे पहले कच्चे केलों का छिलका उतार लें. अब इन्हें लंबाई में या गोल पतले-पतले स्लाइस में काट लें. कटे हुए केलों को तुरंत पानी में डालकर रखें ताकि वे काले न पड़ें.

    बैटर तैयार करें: एक बड़े बर्तन में बेसन और चावल का आटा छान लें. अब इसमें अजवाइन (हथेली से मसलकर), लाल मिर्च, हल्दी, हींग, भुना जीरा पाउडर, बेकिंग सोडा, हरा धनिया और स्वादानुसार नमक मिलाएं.

    घोल बनाएं: अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए एक मध्यम गाढ़ा घोल तैयार करें. घोल न तो ज्यादा पतला हो और न ही बहुत गाढ़ा, ताकि यह केले के स्लाइस पर अच्छी तरह चिपक सके.

    तेल गर्म करें: एक कड़ाही में भजिया तलने के लिए तेल गर्म करें. तेल अच्छा गर्म होना चाहिए.

    भजिया तलें: केले के स्लाइस को पानी से निकालकर सूती कपड़े से पोंछ लें. अब एक-एक स्लाइस को बेसन के घोल में अच्छी तरह डुबोएं और गर्म तेल में डालते जाएं.

    क्रिस्पी होने तक सेकें: आंच को मध्यम रखते हुए भजिया को दोनों तरफ से सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तलें.

    सर्व करें: तैयार कच्चे केले की क्रिस्पी भजिया को टिशू पेपर पर निकालें और ऊपर से थोड़ा सा चाट मसाला छिड़ककर हरी चटनी, नारियल की चटनी या शाम की कड़क चाय के साथ गरमा-गरम सर्व करें.

  • सूखे नारियल को न फेंकें, घर पर ऐसे बनाएं शुद्ध नारियल तेल

    सूखे नारियल को न फेंकें, घर पर ऐसे बनाएं शुद्ध नारियल तेल

    घर में पूजा-पाठ, त्योहार या किसी शुभ मौके पर सूखे नारियल लाए जाते हैं. अक्सर पूजा-पाठ के बाद ये सूखे नारियल बच जाते हैं. इन्हें स्टोर करने के लिए लोग फ्रिज में रख देते हैं, जिसकी वजह से कुछ समय बाद ही ये सख्त हो जाते हैं. जब नारियल बहुत सख्त हो जाता है, तो समझ नहीं आता कि इसका क्या किया जाए. कई लोग इसे बेकार समझकर कूड़ेदान में फेंक देते हैं. लेकिन अगर आपके घर में भी ऐसा सूखा नारियल पड़ा है, तो उसे फेंकने से पहले दो बार जरूर सोचें.

    दरअसल, जिस सूखे नारियल को आप बेकार समझ रहे हैं, उससे घर पर ही शुद्ध और खुशबूदार नारियल तेल तैयार किया जा सकता है. खास बात ये है कि आज हम आपको नारियल तेल निकालने का ऐसा तरीका बताने वाले हैं, जिसके लिए आपको किसी महंगी मशीन या खास गैजेट की जरूरत नहीं पड़ेगी. घर में मौजूद मिक्सी और कुछ आसान स्टेप्स की मदद से आप सूखे नारियल से तेल निकाल सकते हैं. तो चलिए जानते हैं कि सूखे नारियल से घर पर तेल निकालने का आसान तरीका क्या है.

    बनाने का तरीका:
    1. घर पर नारियल तेल निकालने के लिए सबसे पहले सूखे नारियल को तोड़कर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. अब इन टुकड़ों को पानी से भरे एक बड़े बर्तन में डालकर करीब 2 घंटे के लिए भिगोकर रख दें. इससे नारियल थोड़ा नरम हो जाएगा. ऐसा करने से उसे पीसना आसान रहेगा.

    2. अब भीगे हुए नारियल के टुकड़ों को मिक्सी में डालें. इसमें जरूरत के हिसाब से थोड़ा पानी मिलाएं और अच्छी तरह पीसकर बारीक पेस्ट बना लें. ध्यान रखें कि पेस्ट जितना बारीक और स्मूद होगा, उससे दूध निकालना उतना ही आसान होगा.

    3. अब इस तैयार पेस्ट को एक साफ मलमल के कपड़े में डालकर अच्छी तरह निचोड़ लें. इससे जो गाढ़ा सफेद लिक्विड निकलेगा, वो नारियल का दूध होगा.

    4. दूध निकालने के बाद नारियल का बचे हुए बुरादे को फेंकने या बेकार समझने की जरूरत नहीं है. आप इसे सुखाकर चटनी, मिठाई या दूसरी रेसिपी में इस्तेमाल कर सकते हैं.

    5. अब नारियल के दूध को किसी गहरे बर्तन में डालकर ढक दें और करीब 12 से 15 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें. इस दौरान नारियल की मलाई ऊपर जम जाएगी और पानी नीचे रह जाएगा.

    6. अगले दिन ऊपर जब आप दूध को बाहर निकालेंगे तो उसके ऊपर सफेद और गाढ़ी लेयर जमी होगी. इसे चम्मच की मदद से बहुत ही ध्यान से निकाल लें. यही मलाई आगे चलकर नारियल के तेल में बदलेगी.

    7. निकाली हुई नारियल की मलाई को एक भारी तले वाली कड़ाही में डालें और मीडियम आंच पर पकाएं. इसे बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि मलाई कड़ाही के नीचे चिपके नहीं.

    8. करीब 45 से 60 मिनट तक पकाने के बाद मलाई का सॉलिड हिस्सा धीरे-धीरे सुनहरा-भूरा होने लगेगा और ऊपर साफ तेल दिखाई देने लगेगा.

    9. जब तेल पूरी तरह अलग हो जाए, तो गैस बंद कर दें. तेल को थोड़ा ठंडा होने दें और फिर इसे मलमल के कपड़े या बारीक छलनी से छान लें.

    आपका घर का बना नारियल तेल तैयार है. इसे सूखी कांच की बोतल में भरकर रखें. ध्यान रखें कि तेल में पानी या गीली चम्मच न जाए. इस तरह घर में पड़े पुराने सूखे नारियल को फेंकने के बजाय आप उससे तेल निकाल सकते हैं और उसका भरपूर इस्तेमाल कर सकते हैं.

  • लौकी से बनाएं गुजराती मुठिया, बच्चों को पसंद आएगा हेल्दी स्नैक

    लौकी से बनाएं गुजराती मुठिया, बच्चों को पसंद आएगा हेल्दी स्नैक

     भारतीय खाने में कई ऐसी चीजे हैं, जो हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है. मगर हेल्दी खाना बच्चों को बिल्कुल पसंद नहीं आता है. फ्रिज में मौजूद लौकी एक ऐसी सब्जी है, जिसे देखकर अक्सर बच्चे मुंह बनाने लगते हैं. लेकिन अगर इसे थोड़े अलग और अलग तरीके से बनाया जाए, तो बच्चे भी इसे खुशी-खुशी खा सकते हैं. ऐसे में आप गुजराती स्टाइल की टेस्टी और हेल्दी लौकी मुठिया  रेसिपी ट्राई कर सकते हैं.

    गुजराती मुठिया एक फेमस स्नैक है, जिसे आमतौर पर सब्जियों, आटे और मसालों से तैयार किया जाता है. इस रेसिपी को लौकी, ज्वार का आटा और सूजी से बनाया जाता है, जिससे यह टेस्टी होने के साथ-साथ काफी पौष्टिक भी बनती है. पहले मुठिया को भाप में पकाया जाता है और फिर हल्के तड़के के साथ सेंककर बाहर से हल्का क्रिस्पी बनाया जाता है. आइए आपको लौकी मुठिया बनाने का आसान तरीका बताते हैं.

    लौकी मुठिया बनाने के लिए सामग्री
        1 कप कद्दूकस की हुई लौकी
        ½ कप ज्वार का आटा
        ⅓ कप सूजी
        2.5 बड़े चम्मच दही
        2.5 बड़े चम्मच प्रोटीन पाउडर (अगर आप चाहे)
        ½ कप बारीक कटा हरा धनिया
        1.5 बड़े चम्मच अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट
        ½ बड़ा चम्मच अजवाइन
        1 बड़ा चम्मच सफेद तिल
        1.5 छोटा चम्मच नमक
        1.5 छोटा चम्मच जीरा-धनिया पाउडर
        1.5 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
        ½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
        ½ छोटा चम्मच गरम मसाला
        1.5 छोटा चम्मच गुड़
        1 बड़ा चम्मच नींबू का रस
        ½ बड़ा चम्मच तेल
        एक चुटकी बेकिंग सोडा (अगर घर पर हो)

    तड़के के लिए
        1.5 बड़े चम्मच मूंगफली का तेल
        1 छोटा चम्मच राई
        2 बड़े चम्मच सफेद तिल
        ½ छोटा चम्मच हींग
        8-10 करी पत्ते
        बारीक कटा हरा धनिया

    कैसे बनाएं गुजराती स्टाइल लौकी मुठिया?
        सबसे पहले लौकी को धोकर छील लें और कद्दूकस कर लें. अब एक बड़े बर्तन में कद्दूकस की हुई लौकी डालें. इसमें अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट, बारीक कटा हरा धनिया, दही, अजवाइन, सफेद तिल, नमक, जीरा-धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, गरम मसाला, गुड़ और नींबू का रस डालें.
        इसके बाद इसमें ज्वार का आटा, सूजी और प्रोटीन पाउडर डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें. अब सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर नरम आटा तैयार करें. ध्यान रखें कि आटा बहुत सूखा नहीं होना चाहिए.
        लौकी और दही की नमी से ही आटा गूंथने की कोशिश करें. अगर जरूरत पड़े तो  आप थोड़ा पानी डाल सकते हैं. आटा ऐसा होना चाहिए कि वह सॉफ्ट रहे, लेकिन हाथ से आसानी से शेप दिया जा सके. आखिर में इसमें तेल और चाहें तो एक चुटकी बेकिंग सोडा डालकर अच्छी तरह मिला लें.
        अब तैयार मिक्सर को लंबा रोल या मुठिया का शेप दें. स्टीमर की प्लेट को थोड़ा तेल लगाकर चिकना कर लें और मुठिया को इसमें रखें. मीडियम आंच पर मुठिया को करीब 20 से 25 मिनट तक भाप में पकाएं.
        यह चेक करने के लिए कि मुठिया अच्छी तरह पक गई है या नहीं, इसमें चाकू या टूथपिक डालकर देखें. अगर वह लगभग साफ निकल आए, तो मुठिया तैयार है. इसे कुछ देर ठंडा होने दें और फिर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें.

    ऐसे लगाएं मुठिया में तड़का
    अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें. इसमें राई डालें. जब राई चटकने लगे, तो तिल, हींग और करी पत्ते डालकर तड़का लगाएं. अब इसमें कटे हुए मुठिया के टुकड़े डालें और मीडियम-हाई आंच पर पकाएं. इन्हें बीच-बीच में हल्के हाथ से चलाते रहें, जब तक कि मुठिया की बाहरी परत हल्की क्रिस्पी और गोल्डन न हो जाए. आखिर में ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालकर गरमागरम सर्व करें.

    प्रो टिप्स:
        लौकी को कद्दूकस करने के बाद उसका पानी न निचोड़ें, क्योंकि इसी नमी से आटा तैयार करने में मदद मिलेगी.
        आटा बहुत ज्यादा सख्त न गूंथें, वरना मुठिया सख्त हो सकती है.
        मुठिया को अच्छी तरह भाप में पकाना जरूरी है.
        तड़के के बाद मुठिया को हल्का क्रिस्पी करने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.
        बच्चों के लिए बनाते समय हरी मिर्च और लाल मिर्च की मात्रा स्वादानुसार कम कर सकते हैं.

     

  • अलसी, चावल और एलोवेरा से बनाएं नेचुरल कोलेजन सीरम, पाएं ग्लो

    अलसी, चावल और एलोवेरा से बनाएं नेचुरल कोलेजन सीरम, पाएं ग्लो

    उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारी त्वचा में प्राकृतिक रूप से कोलेजन का स्तर कम होने लगता है जिससे स्किन ढीली पड़ने लगती है और चेहरे पर बारीक रेखाएं व झुर्रियां नजर आने लगती हैं. अक्सर लोग झुर्रियों से छुटकारा पाने के लिए बाजार में मिलने वाले महंगे एंटी-एजिंग क्रीम और सीरम का इस्तेमाल करते हैं जिनमें कई तरह के केमिकल्स होते हैं.

    लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में ही कुछ ऐसी चीजें मौजूद हैं, जो स्किन में नेचुरल कोलेजन को बूस्ट कर सकती हैं. अलसी चावल के पानी और एलोवेरा जेल से बना यह होममेड सीरम त्वचा को गहराई से पोषित करता है, कसाव लाता है और ढीली स्किन को फिर से टाइट व चमकदार बनाता है. आइए जानते हैं इसे बनाने का सबसे आसान तरीका.

    होममेड कोलेजन सीरम बनाने के लिए सामग्री
    अलसी के बीज : 2 बड़ी चम्मच (ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर, जो कोलेजन को बूस्ट करते हैं)

    चावल का पानी : ½ कप (एंटी-एजिंग गुणों और स्किन ब्राइटनिंग के लिए)

    एलोवेरा जेल : 2 बड़ी चम्मच (स्किन को हाइड्रेट और टाइट करने के लिए)

    विटामिन-ई कैप्सूल – 1 (सीरम की शेल्फ लाइफ बढ़ाने और एक्स्ट्रा ग्लो के लिए)

    बनाने की विधि:
    अलसी का जेल बनाएं: एक पैन में 1 कप पानी और 2 चम्मच अलसी के बीज डालकर 5-7 मिनट तक मध्यम आंच पर उबालें. जब पानी गाढ़ा होकर चिपचिपा (जेल जैसा) हो जाए, तो गैस बंद कर दें और इसे तुरंत सूती कपड़े या छलनी से छान लें.

    चावल का पानी तैयार करें: चावल को 1 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखें और उस पानी को छानकर अलग रख लें.

    सीरम मिक्स करें: अब एक बाउल में 2 चम्मच तैयार अलसी का जेल, 2 चम्मच चावल का पानी और 2 चम्मच फ्रेश एलोवेरा जेल मिलाएं. इसमें 1 विटामिन-ई कैप्सूल का ऑयल डालें.

    अच्छी तरह फेंटें: सभी चीजों को तब तक अच्छी तरह मिलाएं जब तक कि यह एक क्रीमी और स्मूथ सीरम जैसा न बन जाए.

    स्टोर करें: इस सीरम को किसी कांच की ड्रॉपर बोतल में भरकर फ्रिज में रखें. यह 10-12 दिनों तक खराब नहीं होता.

    इस्तेमाल करने का सही तरीका:
    रोजाना रात को सोने से पहले चेहरे को अच्छे से धोकर सुखा लें. अब इस सीरम की 4-5 बूंदें अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं और 2-3 मिनट तक ऊपर की दिशा में हल्के हाथों से मसाज करें. रात भर इसे चेहरे पर लगा रहने दें और सुबह नॉर्मल पानी से धो लें.

  • Meta का AI करेगा बच्चों की सुरक्षा! सुसाइड के संकेत मिलते ही माता-पिता को भेजेगा अलर्ट

    Meta का AI करेगा बच्चों की सुरक्षा! सुसाइड के संकेत मिलते ही माता-पिता को भेजेगा अलर्ट

     नई दिल्ली

    डिजिटल दौर में जहां बच्चे और टीनेजर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स से अपनी निजी बातें शेयर करने लगे हैं. ऐसे में उनकी मानसिक सेहत (Mental Health) को लेकर चिंताएं भी काफी बढ़ गई हैं. इसी दिशा में सोशल मीडिया दिग्गजों में शामिल Meta ने एक बेहद संवेदनशील AI Safety Feature पेश किया है। 

    अब अगर कोई टीनेजर्स Meta AI से बातचीत के दौरान खुद को नुकसान पहुंचाने या सुसाइड से जुड़ी कोई भी बात करेगा, तो AI सिस्टम तुरंत सतर्क हो जाएगा और उनके माता-पिता को प्रोएक्टिव अलर्ट भेजकर इसकी जानकारी देगा। 

    कैसे काम करेगा Meta का यह नया AI सेफ्टी फीचर?
    पहले के नियमों के तहत, अगर कोई किशोर Meta AI से सेल्फ हार्म से जुड़े विचार शेयर करता था, तो AI केवल संकटकालीन हेल्पलाइन नंबर बताता था. लेकिन अब Meta ने इसे एक कदम और आगे बढ़ाते हुए ज्यादा मददगार बनाते हुए इसमें बच्चे को माता-पिता को अलर्ट भेजने का फीचर जोड़ दिया, यानी अब बच्चा जैसे ही सुसाइड या खुद को नुकसान पहुंचाने वाली बात एआई से करेगा तो मेटा एआई तुरंत इसकी जानकारी उसके माता-पिता के दे देगा, जिससे माता-पिता बच्चों के परेशानी को जानकर सही समय पर उसे समझाने के साथ ही दूसरे जरूरी कदम उठा सकेंगे। 

    मेटा AI बीरीक संकेतों की भी कर लेता है पहचान
    बाल सुरक्षा विशेषज्ञों और माता-पिता के सहयोग से तैयार यह AI सिस्टम बारीक से बारीक संकेतों को भी समझ सकता है, जब कोई टीनेजर खुद को नुकसान पहुंचाने का जिक्र करता है, तो मैनुअल रिव्यू के बाद ही ये एआई अलर्ट भेजेगा. दरअसल, गलतफहमी या बेवजह की घबराहट से बचने के लिए Meta ने सख्त रिव्यू प्रोसेस बनाया है. यानी AI की ओर से फ्लैग की गई हर बातचीत की समीक्षा पहले एक इंसानी टीम की ओर से की जाएगी, जिसके बाद ही माता-पिता को नोटिफिकेशन भेजा जाएगा.अगर समीक्षा के बाद भी टीनेजर की मंशा पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती है, तो कंपनी जोखिम न उठाते हुए सावधानी के तौर पर पेरेंट्स को अलर्ट भेजना ही सही समझेगी। 

    मेटा के कदम को विशेषज्ञों ने सराहा
    Connect Safely के सीईओ और सहसंस्थापक लैरी मैगिड ने Meta के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि टीनेजर्स को भी निजता का अधिकार है, लेकिन मेरा मानना है कि यदि कोई किशोर खुद को नुकसान पहुंचाने के जोखिम में है, तो उसके माता-पिता को इसकी जानकारी होना बेहद जरूरी है. Meta ने गोपनीयता बनाए रखने और पेरेंट्स को सही समय पर जानकारी देने के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाया है। 

    किन देशों में शुरू हुआ यह फीचर और भारत में कब होगा रोल आउट?
    फिलहाल Meta AI का यह नया पैरेंटल अलर्ट फीचर अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में Instagram के पैरेंटल सुपरविज़न टूल्स का उपयोग करने वाले माता-पिता के लिए उपलब्ध करा दिया गया है. कंपनी का कहना है कि वे इस फीचर को इस साल के अंत तक वैश्विक स्तर पर लागू करने की योजना बना रहे हैं, जिससे भारत सहित दुनिया भर के माता-पिता अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों और मानसिक स्थिति को लेकर अधिक निश्चिंत हो सकेंगे। 

  • बरगद की छाल और नारियल तेल से पाएं मजबूत और घने बाल

    बरगद की छाल और नारियल तेल से पाएं मजबूत और घने बाल

    आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में प्रदूषण, अनहेल्दी लाइफस्टाइल, गलत खान-पान और स्ट्रेस की वजह से बालों का झड़ना, टूटना और समय से पहले सफेद होना आम समस्या बन गए हैं.  इससे बचने के लिए कई लोग महंगे हेयर प्रोडक्ट्स और केमिकल वाले शैंपू का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन आप बालों की देखभाल के लिए कोई नेचुरल उपाय अपनाना चाहते हैं तो बरगद की छाल और नारियल का तेल का पारंपरिक मिश्रण ट्राई कर सकते हैं.

    माना जाता है कि यह मिश्रण बालों को जड़ों से पोषण देता है, जिससे बालों का टूटना कम होता है और बाल लंबे और घने होते हैं. तो आइए जानते हैं कि बरगद की छाल और नारियल के तेल का मिश्रण कैसे बनाया जाता है और इसे लगाने का सही तरीका क्या है.

    इंग्रेडिएंट्स (ingredients)
    बरगद की सूखी छाल या जटा
    200–250 मिली नारियल का तेल

    बरगद और नारियल तेल का मिश्रण कैसे बनाएं?
        सबसे पहले बरगद की छाल या जटा को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें, ताकि उस पर लगी धूल-मिट्टी निकल जाए. इसके बाद इसे धूप में अच्छी तरह सुखा लें. ध्यान रखें कि इसमें बिल्कुल भी नमी न रहे, क्योंकि नमी रहने से तेल जल्दी खराब हो सकता है.
        अब सूखी छाल या जटा को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लें या हल्का-सा कूट लें.
        इसके बाद एक भारी तले के बर्तन में नारियल का तेल डालें और उसमें बरगद की सूखी छाल या जटा मिला दें. अब इसे कम गैस पर लगभग 15 से 20 मिनट तक पकाएं. जब छाल का रंग हल्का बदलने लगे और उसका अर्क तेल में मिल जाए तो गैस बंद कर दें.
        तेल को पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद इसे छानकर एक साफ और सूखी कांच की बोतल में भर लें. अब आपका बरगद और नारियल का तेल इस्तेमाल के लिए तैयार है.

    कैसे करें इस्तेमाल?
    हफ्ते में 1 से 2 बार इस तेल को हल्का गुनगुना करके स्कैल्प और बालों की जड़ों में हल्के हाथों से मसाज करें. लगभग 30 मिनट से 1 घंटे बाद या रातभर लगाकर अगली सुबह माइल्ड शैंपू से बाल धो लें.

    बरगद और नारियल के तेल का मिश्रण लगाने के क्या फायदे हैं?
    बरगद और नारियल के तेल का यह मिश्रण पारंपरिक तौर पर बालों की देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता है. नारियल का तेल स्कैल्प को नमी देने, बालों को मुलायम बनाने और टूटने से बचाने में मदद करता है. वहीं, माना जाता है कि बरगद की छाल या जटा में मौजूद प्राकृतिक गुण स्कैल्प को हेल्दी रखने और बालों की जड़ों को पोषण देने में मदद करते हैं, जिससे बाल जड़ों से मजबूत होतें हैं और बालों का झड़ना काफी हद तक कम हो जाता है. इन दोनों का मिश्रण हफ्ते में 1 या 2 बार लगाने से बाल लंबे, घने और हेल्दी बनते हैं.

    इन बातों का रखें ध्यान:
        पहली बार इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें.
        अगर स्कैल्प पर घाव, संक्रमण या किसी तरह की एलर्जी है तो इसका उपयोग न करें.
        अगर तेल लगाने के बाद खुजली, लालपन या जलन हो तो तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें और जरूरत पड़ने पर एक्सपर्ट की सलाह लें.

     

  • चावल के आटे का हलवा: मिनटों में बनाएं स्वादिष्ट और आसान मिठाई

    चावल के आटे का हलवा: मिनटों में बनाएं स्वादिष्ट और आसान मिठाई

     भारतीय घरों में जब भी मीठा खाने का मन होता है तो सबसे पहले हलवे का ही ख्याल आता है. आपने अब तक सूजी, बेसन या गेहूं के आटे का हलवा तो कई बार खाया होगा लेकिन आप कुछ अलग और टेस्टी ट्राई करना चाहते हैं तो चावल के आटे का हलवा बना सकते हैं. यह खाने में काफी टेस्टी होता है और इसे आप बेहद आसानी से मिनटों में बना सकते हैं.

    इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि एक बार खाने के बाद आप इसे बार-बार बनाना चाहेंगे. आइए जानते हैं कि चावल के आटे का हलवा कैसे बना सकते हैं और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है.

    इंग्रेडिएंट्स (ingredients)
    1 कप चावल का आटा
    1 कप चीनी (स्वादानुसार)
    2 से 2½ कप गर्म पानी
    1/2 छोटा चम्मच इलायची पाउडर
    1/2 कप भुना हुआ खोया
    2-3 बड़े चम्मच कटे हुए ड्राई फ्रूट्स
    3-4 बड़े चम्मच देसी घी

    चावल के आटे का हलवा बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है?
        चावल के आटे का हलवा बनाने के लिए सबसे पहले एक कढ़ाई में देसी घी गर्म करें. जब घी अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब उसमें चावल का आटा डालकर मीडियम गैस पर 5-7 मिनट तक लगातार चलाते हुए भूनें.
        जब आटे से अच्छी खुशबू आने लगे और उसका रंग हल्का सुनहरा हो जाए, तब इसमें चीनी डालकर अच्छी तरह मिला लें.
        अब धीरे-धीरे गर्म पानी डालते जाएं और लगातार चलाते रहें, ताकि हलवे में गुठलियां न बनें.
        इसके बाद इसमें भुना हुआ खोया और इलायची पाउडर डालकर 2-3 मिनट तक पकाएं. आखिर में कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालकर अच्छी तरह मिला दें.
        अब आपका टेस्टी चावल के आटे का हलवा तैयार है. इसे गरमा-गरम कटे हुए ड्राई फ्रूट्स या थोड़े से घी के साथ सजाकर परोसें. चाहें तो इसे गर्म या हल्का ठंडा करके भी इसका स्वाद ले सकते हैं.

    हलवा बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
        चावल के आटे को अच्छी तरह भूनें, इससे हलवे का स्वाद और खुशबू दोनों बेहतर होते हैं.
        पानी हमेशा गर्म ही डालें, इससे हलवा स्मूद बनता है.
        चीनी अपनी पसंद के अनुसार कम या ज्यादा कर सकते हैं.
        स्वाद बढ़ाने के लिए ऊपर से थोड़ा से घी और ड्राई फ्रूट्स डालकर सर्व करें.

     

  • मीठी कचौड़ी का अनोखा स्वाद: जोधपुर स्टाइल मावा कचौड़ी बनाने की आसान रेसिपी

    मीठी कचौड़ी का अनोखा स्वाद: जोधपुर स्टाइल मावा कचौड़ी बनाने की आसान रेसिपी

     चटपटी कचौड़ियों का स्वाद तो आपने कई बार चखा होगा लेकिन क्या कभी मीठी कचौड़ी ट्राई की है. अगर नहीं, तो इस बार राजस्थान की मशहूर मावा (खोया) कचौड़ी जरूर बनाकर देखें. बाहर से कुरकुरी और अंदर से मावा, ड्राई फ्रूट्स और इलायची की खुशबू से भरी यह मिठाई हर उम्र के लोगों को पसंद आती है.

    खासतौर पर जोधपुर की मावा कचौड़ी पूरे देश में अपनी खास मिठास और स्वाद के लिए मशहूर है. अगर आप भी घर पर कुछ अलग और टेस्टी मिठाई बनाना चाहते हैं तो आज हम आपको मावा कचौड़ी बनाने का आसान तरीका बताएंगे, जिसे आप किसी भी खास मौके या त्योहार पर बनाकर परिवार के साथ एंजॉय कर सकते हैं.
    मावा कचौड़ी  बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है?

    कचौड़ी  के लिए
    1 कप मैदा
    1 बड़ा चम्मच देसी घी
    चुटकीभर नमक

    स्टफिंग के लिए
    1 कप मावा (खोया)
    2 बड़े चम्मच बादाम की कतरन
    2 बड़े चम्मच पिस्ता की कतरन
    2 बड़े चम्मच किशमिश
    1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर
    1 चुटकी केसर
    2 बड़ा चम्मच चीनी
    चाशनी के लिए
    2 कप चीनी
    1 कप पानी
    1 चुटकी केसर
    तलने के लिए देसी घी

    राजस्थानी मावा कचौड़ी कैसे बनाते हैं?
        मावा कचौड़ी  बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में मैदा, देसी घी और चुटकीभर नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं और सख्त आटा गूंथ लें. इसके लिए पानी की जरूरत नहीं होगी. आटे को 10 मिनट के लिए ढककर रख दें.
        अब एक बाउल में मावा डालकर अच्छी तरह मसल लें. इसमें बादाम, पिस्ता, किशमिश, इलायची पाउडर और चीनी डालकर अच्छी तरह मिला लें. यही कचौड़ी  की स्टफिंग होगी.
        अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें हल्का बेलें. बीच में मावा का मिश्रण रखें और चारों तरफ से बंद करके कचौड़ी  का आकार दें.
        एक कड़ाही में देसी घी गर्म करें और तैयार कचौड़ियों को कम गैस पर सुनहरा होने तक तल लें. फिर इन्हें निकालकर अलग रख दें.
        अब दूसरी कड़ाही में चीनी और पानी डालकर 7-8 मिनट तक पकाएं. जब चाशनी तैयार हो जाए तो उसमें केसर डाल दें.
        सर्व करने के लिए एक प्लेट में मावा कचौड़ी रखें और ऊपर से गरमा-गरम चाशनी डालें. चाहें तो ऊपर से कटे हुए बादाम और पिस्ता से गार्निश करें.