Category: लाइफस्टाइल

  • AI चैटबॉट से ‘इमोशनल रिश्ता’ बनाने पर चीन सख्त, हर 2 घंटे में बताना होगा- आप AI से बात कर रहे हैं

    AI चैटबॉट से ‘इमोशनल रिश्ता’ बनाने पर चीन सख्त, हर 2 घंटे में बताना होगा- आप AI से बात कर रहे हैं

    आज के समय में AI सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं है. अब कई लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स से दोस्त, पार्टनर और यहां तक कि परिवार के सदस्य की तरह बात कर रहे हैं. लेकिन चीन ने एआई के इस इस्तेमाल को लेकर बड़ा कदम उठाया है. वहां अब ऐसे AI चैटबॉट्स पर सख्त नियम लागू किए गए हैं, जो लोगों के साथ लंबे समय तक इमोशनल रिलेशनशिप जैसा कनेक्शन बनाते हैं. आइए, जानते हैं पूरे मामले के बारे में.

    चीन में AI रिश्तों पर नए नियम
    15 जुलाई को चीन ने ऐसे एआई चैटबॉट्स के लिए नए नियम लागू किए, जो इंसानों की तरह बातचीत करते हैं और लोगों को इमोशनल सपोर्ट देते हैं. इन नियमों का मकसद AI की वजह से होने वाली इमोशनल डिपेंडेंसी और दूसरी परेशानियों को कम करना बताया गया है.

    इन नियमों के तहत एआई को यह साफ बताना होगा कि वह इंसान नहीं है. इसके अलावा चैटबॉट्स को हर दो घंटे में यूजर को यह भी बताना होगा कि वह कितनी देर से ऑनलाइन है.

    AI को नहीं बढ़ानी होगी इमोशनल डिपेंडेंसी
    नए नियमों के मुताबिक एआई चैटबॉट यूजर को अपने ऊपर ज्यादा निर्भर नहीं बना सकते. उन्हें ऐसी बातें करने से भी रोका गया है, जिससे यूजर AI पर इमोशनल रूप से बहुत ज्यादा निर्भर हो जाए.

    एआई को खुद को यूजर का सबसे करीबी या एकमात्र साथी बताने जैसी चीजों से भी बचना होगा. इसके अलावा चैटबॉट्स को आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाने या उसका संकेत देने की भी इजाजत नहीं है.

    बच्चों के लिए और सख्त नियम
    बच्चों के लिए चीन ने इन नियमों को और सख्त रखा है. 14 साल से कम उम्र के बच्चों को इंसानों की तरह बातचीत करने वाले एआई का इस्तेमाल करने के लिए माता-पिता की मंजूरी चाहिए.

    वहीं 18 साल से कम उम्र के बच्चों को AI बॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड, पति-पत्नी या किसी करीबी रिश्ते वाले वर्चुअल पार्टनर का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है.

    AI कंपनियों पर जुर्माना
    अगर कंपनियां इन नियमों का पालन नहीं करती हैं, तो उन पर 2 लाख युआन तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. कुछ बड़ी टेक कंपनियों ने नियम लागू होने से पहले ही अपने एआई असिस्टेंट्स से कम्पैनियन फीचर्स हटा दिए थे.

    AI दोस्त बन रहा है या अकेलापन बढ़ा रहा है?
    रिसर्च में एआई कम्पैनियन ऐप्स को लेकर चिंता भी सामने आई है. एक स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों के पास कम दोस्त या करीबी परिवार वाले होते हैं, उनके AI चैटबॉट इस्तेमाल करने की संभावना ज्यादा होती है. साथ ही एआई चैटबॉट के ज्यादा इस्तेमाल को अकेलेपन से भी जोड़ा गया है.

    चीन के इस कदम ने एक बड़ी बहस शुरू कर दी है. सवाल यह है कि AI से लोगों को भावनात्मक नुकसान से बचाने के लिए कितने नियम जरूरी हैं और लोगों की निजी जिंदगी में सरकार का कितना दखल होना चाहिए.

  • WhatsApp Business यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव, 1 अक्टूबर से सर्विस मैसेज पर लगेगा चार्ज; पेमेंट मेथड जरूरी

    WhatsApp Business यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव, 1 अक्टूबर से सर्विस मैसेज पर लगेगा चार्ज; पेमेंट मेथड जरूरी

    वॉट्सऐप बिजनेस इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों के लिए 1 अक्टूबर 2026 से बड़ा बदलाव लागू हो गया है. Meta ने सर्विस मैसेज के लिए अब चार्ज लेना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही जिन बिजनेस अकाउंट में पेमेंट मेथड जुड़ा नहीं है, उनके सर्विस मैसेज की डिलीवरी रुक सकती है.

    मेटा ने वॉट्सऐप बिजनेस प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने वाले सॉल्यूशन प्रोवाइडर और सीधे इंटीग्रेशन वाले बिजनेस को पहले ही पेमेंट मेथड जोड़ने के लिए कहा था. कंपनी के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक पेमेंट मेथड ऐड नहीं करने वाले अकाउंट्स के सर्विस मैसेज 1 अक्टूबर से डिलीवर नहीं किए जाएंगे.

    वॉट्सऐप बिजनेस में क्या बदला?
    पहले वॉट्सऐप बिजनेस पर कुछ सर्विस मैसेज के लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाता था. अब 1 अक्टूबर से इन मैसेज पर प्रति मैसेज के हिसाब से शुल्क लगेगा.

    यह बदलाव खास तौर पर उन गैर-टेम्पलेट मैसेज पर लागू होता है, जो किसी ग्राहक के मैसेज करने के बाद खुले 24 घंटे के कस्टमर सर्विस विंडो में भेजे जाते हैं. सर्विस मैसेज में कस्टमर सर्विस एजेंट या किसी थर्ड-पार्टी AI सिस्टम की तरफ से भेजे गए मैसेज शामिल हो सकते हैं.

    किन वॉट्सऐप बिजनेस अकाउंट पर असर होगा?
    यह बदलाव वॉट्सऐप बिजनेस प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने वाले सॉल्यूशन प्रोवाइडर और सीधे इंटीग्रेशन वाले बिजनेस पर लागू होगा. अगर ऐसे बिजनेस अपने मैसेजिंग अकाउंट में पेमेंट मेथड नहीं जोड़ते हैं, तो नए चार्ज शुरू होने के बाद उनके सर्विस मैसेज की डिलीवरी रुक सकती है. इसलिए कंपनियों को अपने वॉट्सऐप बिजनेस अकाउंट की पेमेंट सेटिंग चेक करने की जरूरत है.

    हर मैसेज पर लगेगा चार्ज
    मेटा अब सर्विस मैसेज भेजने के बजाय डिलीवर होने वाले मैसेज के आधार पर चार्ज करेगा. इसकी कीमत अलग-अलग मार्केट के हिसाब से बदल सकती है. मेटा के मुताबिक, सर्विस मैसेज की कीमत उस मार्केट में यूटिलिटी और ऑथेंटिकेशन मैसेज की दरों के बराबर होगी.

    इसके लिए कोई वॉल्यूम टियर भी नहीं होगा. बिजनेस इन गैर-टेम्पलेट मैसेज को तभी भेज सकते हैं जब 24 घंटे का कस्टमर सर्विस विंडो खुला हो. यह विंडो ग्राहक के मैसेज करने पर शुरू या रीसेट होती है.

    वॉट्सऐप बिजनेस एजेंट का चार्ज अलग
    सर्विस मैसेज का यह चार्ज Meta Business Agent की कीमत से अलग है. मेटा बिजनेस एजेंटके मैसेज के लिए कंपनी पहले से अलग टोकन-बेस्ड प्राइसिंग लागू कर चुकी है. मेटा के मुताबिक, एक ही मैसेज पर सर्विस और बिजनेस एजेंट दोनों तरह का चार्ज नहीं लगेगा.

    विज्ञापन से वॉट्सऐप आने पर राहत
    वॉट्सऐप का फ्री एंट्री पॉइंट विंडो अभी भी जारी है. अगर कोई ग्राहक ऐसे विज्ञापन के जरिए वॉट्सऐप पर आता है जिसमें क्लिक करके वॉट्सऐप चैट खुलती है, तो उस विंडो में मैसेज डिलीवरी पर चार्ज नहीं लगेगा.

    मेटा बिजनेस एजेंट के इस्तेमाल पर टोकन चार्ज लग सकता है. इस बदलाव के बाद वॉट्सऐप बिजनेस इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों के लिए अपने पेमेंट मेथड और मैसेजिंग सेटिंग को चेक करना जरूरी हो गया है.

  • आलू मेथी बनेगी बिल्कुल कड़वी नहीं, बस 1 चम्मच बेसन का करें इस्तेमाल; स्वाद आएगा लाजवाब

    आलू मेथी बनेगी बिल्कुल कड़वी नहीं, बस 1 चम्मच बेसन का करें इस्तेमाल; स्वाद आएगा लाजवाब

    सर्दियों के मौसम में ताजी हरी मेथी की आमद शुरू होते ही घरों में आलू मेथी की सब्जी बनने लगती है. ताजी मेथी सेहत, पाचन और इम्यूनिटी के लिए बेहद फायदेमंद होती है, लेकिन इसकी हल्की कड़वाहट के कारण अक्सर बच्चे और बड़े इसे खाने में आनाकानी करने लगते हैं.

    कई बार सब्जी बनाते समय मेथी पानी छोड़ देती है जिससे आलू सौगी और कड़वे हो जाते हैं. अगर आपके घर में भी बच्चे मेथी की सब्जी देखकर मुंह बनाते हैं तो अब आपको परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. मेथी को भूनते समय सिर्फ 1 चम्मच बेसन मिला देने से बेसन का सोंधापन मेथी की कड़वाहट को पूरी तरह सोख लेता है और सब्जी में गजब का क्रिस्प व स्वाद जोड़ देता है. आइए जानते हैं कड़वाहट-मुक्त, स्वादिष्ट और सूखी बेसन वाली आलू मेथी बनाने की सबसे आसान विधि!

    सामग्री:
    250 ग्राम ताजी मेथी (केवल पत्ते, बारीक कटे हुए)

    3 मध्यम आकार के आलू (उबले या कच्चे, छोटे क्यूब्स में कटे हुए)

    1 बड़ा चम्मच बेसन (कड़वाहट दूर करने का सीक्रेट इंग्रीडिएंट)

    2 बड़े चम्मच सरसों का तेल (या रिफाइंड तेल)

    1/2 छोटा चम्मच जीरा

    1/4 छोटा चम्मच हिंग

    1 बड़ा चम्मच बारीक कटा लहसुन

    1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया अदरक

    2 हरी मिर्च (बारीक कटी हुई)

    1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर

    1 छोटा चम्मच धनियां पाउडर

    1/2 छोटा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर

    1/2 छोटा चम्मच अमचूर पाउडर (खटास के लिए)

    स्वादानुसार नमक

    बनाने की विधि:
    मेथी की कड़वाहट दूर करने की पहली ट्रिक: मेथी के पत्तों को तोड़कर 2-3 बार साफ पानी से धो लें. अब कटी हुई मेथी पर आधा चम्मच नमक छिड़ककर 10 मिनट के लिए रख दें. 10 मिनट बाद मेथी को हाथों से हल्का निचोड़कर उसका कड़वा पानी निकाल दें. इससे मेथी की 80% कड़वाहट वहीं खत्म हो जाती है.

    आलू को क्रिस्पी फ्राई करें: एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें. तेल से धुआं निकलने पर आंच धीमी करें और उसमें जीरा, हिंग, बारीक कटा लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डालें. 1 मिनट भूनने के बाद कटे हुए आलू डालें. चुटकीभर नमक और हल्दी डालकर आलू को ढककर 80% तक सॉफ्ट और हल्का सुनहरा होने तक पका लें.

    बेसन भूनने का सीक्रेट स्टेप: जब आलू हल्के सुनहरे हो जाएं, तो कड़ाही के बीच में थोड़ी जगह बनाएं और 1 बड़ा चम्मच बेसन डालें. धीमी आंच पर बेसन को 1 से 2 मिनट तक आलू के साथ भूनें, जब तक कि बेसन में से सोंधी खुशबू न आने लगे. (बेसन आलू पर कोटिंग बना लेगा और मेथी की नमी को सोख लेगा).

    मसाले मिलाएं: अब इसमें धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और बाकी बची हल्दी मिलाकर 30 सेकंड तक चलाएं.

    मेथी मिलाएं: अब कड़ाही में निचोड़ी हुई बारीक कटी मेथी डालें. मेथी डालने के बाद कड़ाही को ढके नहीं. खुले में ही मध्यम-तेज आंच पर 4 से 5 मिनट तक चलाते हुए भूनें. ढकने से मेथी पानी छोड़ देती है और सब्जी कड़वी हो जाती है.

    अमचूर पाउडर और फिनिशिंग: जब मेथी अच्छी तरह पक जाए और आलू पूरी तरह गल जाएं, तो ऊपर से अमचूर पाउडर और स्वादानुसार नमक (ध्यान रखें कि नमक पहले भी डाला था) मिलाएं. 1 मिनट तक तेज आंच पर चलाएं ताकि सब कुछ क्रिस्पी हो जाए.

    परोसें: तैयार है आपकी बिना कड़वाहट वाली, क्रिस्पी और जायकेदार बेसन वाली आलू मेथी! इसे गरमा-गरम पराठे, पूरी या दाल-चावल के साथ सर्व करें.

  • Gen Z ने शराब से बनाई दूरी, लेकिन सीनियर लोगों में बढ़ी खपत; रिसर्च में सामने आई वजह

    Gen Z ने शराब से बनाई दूरी, लेकिन सीनियर लोगों में बढ़ी खपत; रिसर्च में सामने आई वजह

    नई दिल्ली
    शराब पीने को लेकर एक नया ट्रेंड सामने आया है,  पिछले कुछ सालों में 40 साल से कम उम्र के लोगों में शराब पीने का चलन कम हुआ है, वहीं 50 से 64 साल की उम्र के लोगों में शराब पीने वालों की संख्या बढ़ी है. इतना ही नहीं, इस उम्र के कुछ लोग पहले से ज्यादा शराब पीने लगे हैं। 

    नई स्टडी Annals of Internal Medicine में प्रकाशित हुई है. रिसर्च के मुताबिक, 2022 से 2024 के बीच अमेरिका में शराब पीने वाले युवाओं की संख्या अब कम हो रही है, युवा शराब से दूरी बन रहे हैं, कोरोना महामारी के बाद युवाओं में ये शराब पीने का ट्रेंड कम हो रहा है. रिसर्च में जो आंकड़े बताए गए हैं उनके मुताबिक, 2018 तक अमेरिका में 40 साल से कम उम्र वाले 66 % लोग शराब पीत थे, 2020 में ये आंकड़ा 69 % था, लेकिन 2024 में ये 67 % रह गया है. 40 साल से कम उम्र में जेन- जी यानी 26 से 30 साल की उम्र के युवा भी शामिल हैं. रिसर्च में ये भी बताया गया है कि 50 साल से अधिक उम्र में शराब पीने का ट्रेंड अब ज्यादा क्यों बढ़ा है। 

    50 की उम्र के बाद क्यों चिंता ज्यादा?
    डॉक्टरों के मुताबिक, 50 से 64 साल की उम्र में शराब का ज्यादा सेवन खास तौर पर चिंता का विषय है. इस उम्र में पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, लिवर और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है, ज्यादा शराब इन जोखिमों को और बढ़ा सकती है। 

    स्टडी के प्रमुख शोधकर्ता और लिवर विशेषज्ञ डॉ. ब्रायन पी. ली के मुताबिक, इस उम्र के लोग ज्यादा मानसिक तनाव में हैं, इस वजह से वह शराब का सहारा ले रहे हैं. हालांकि इसका मतलब ये नहीं है कि 40 से कम उम्र वालों में मानसिक तनाव कम हो गया है, लेकिन 50 प्लस वाले इसको कम करने के लिए शराब ज्यादा पी रहे हैं।   

    रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जो लोग कभी-कभी शराब पीते हैं, उनमें से 53 प्रतिशत लोग अब शराब की खपत कम करने की कोशिश कर रहे हैं. यह संख्या पांच साल पहले केवल 44 प्रतिशत थी. साथ ही, जिन लोगों ने कभी शराब नहीं पी, उनकी संख्या भी 2020 के बाद 3 प्रतिशत बढ़ गई है. हालांकि, वैश्विक स्तर पर शराब की बिक्री अभी भी बहुत बड़ी है. 2024 में दुनिया भर में शराब की कुल खपत 253 बिलियन लीटर तक पहुंच गई है. लेकिन इसके बावजूद, इसका विकास बहुत धीमा हो गया है। 

    वहीं रिपोर्ट के अनुसार, भारत में शराब की खपत 2024 से 2029 के बीच 357 मिलियन लीटर बढ़ने की संभावना है. इससे भारत दुनिया में तेजी से बढ़ने वाला शराब बाजार बन रहा है. हालांकि, यह बदलाव वैश्विक प्रवृत्ति के विपरीत है, जहां युवा वर्ग शराब से दूर हो रहे हैं. रिपोर्ट ने नॉन-अल्कोहल स्पिरिट्स की बढ़ती मांग पर भी प्रकाश डाला है. शराब की बिक्री में केवल 0.6 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई और इसका कुल बाजार मूल्य 1.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा, वहीं नॉन-अल्कोहल स्पिरिट्स की बिक्री 17 प्रतिशत बढ़ी. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 से 2029 तक यह बाजार 24 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है और 2029 तक यह 10.2 बिलियन लीटर से अधिक हो जाएगा। 

    मानसिक तनाव में शराब लेना बन सकता है आदत
    द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, मानसिक तनाव के समय कुछ लोग शराब को राहत पाने का तरीका मान लेते हैं, लेकिन इससे समस्या खत्म नहीं होती. धीरे-धीरे शराब तनाव से निपटने की आदत बन सकती है और इसकी मात्रा भी बढ़ सकती है.
    इसलिए अगर कोई व्यक्ति 50 की उम्र के बाद  शराब पीता है या पहले से ज्यादा शराब लेने लगा है, तो इसे सिर्फ आदत मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। 

    कौन सी शराब खरीदना पसंद कर रहे हैं युवा?
    आज की पीढ़ी केवल सस्ती शराब देखकर ही नहीं खरीद रही है, इसके अलावा भी उनकी कुछ पंसद है, जिस पर उनका फोकस ज्यादा रहता है जैसे…

        ऐसी शराब जिसका टेस्ट अलग हो.
        शराब की क्वालिटी भी अच्छी हो.
        साथ ही कोई खास पहचान हो.

    शराब का बिजनेस आखिर कैसे बढ़ा?
    युवा ने शराब पीना भले ही कम कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद शराब कंपनियों के बिजनेस में तेजी देखने को मिल रही है, जिसकी वजह यह है कि युवा शराब को कम जरूर पी रहे हैं, लेकिन जब भी पी रहे हैं तो महंगी और क्वालिटी को देखते हुए ही पी रहे हैं. जिसकी वजह से शराब कंपनियों की कमाई आगे बढ़ी है. खास कर इस बदलाव का असर वोदका के अलग-अलग फ्लेवर की पसंद में भी दिख रहा है। 

    इन कंपनियों का प्रर्दशन रहा अच्छा
    युवा की बदलती मांग की वजह से ही रैडिको खेतान, यूनाइटेज स्पिरिट्स और यूनाइटेड ब्रुअरीज जैसी कंपनियां अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं. यानी Gen Z अब कम शराब जरूर पी रहे हैं, लेकिन बेहतर क्वालिटी और अलग फ्लेवर की शराब पीना पसंद कर रहे हैं। 

  • 9 हजार से कम में 6000mAh बैटरी वाला फोन, 90Hz डिस्प्ले और Android 16 Go का सपोर्ट

    9 हजार से कम में 6000mAh बैटरी वाला फोन, 90Hz डिस्प्ले और Android 16 Go का सपोर्ट

    नई दिल्ली
    अगर आपका बजट ₹10 हजार के आसपास है और सबसे बड़ी चिंता फोन की बैटरी को लेकर रहती है, तो itel ने नया ऑप्शन पेश किया है. कंपनी ने itel A300C का नया 3GB RAM वेरिएंट ₹8,699 में लॉन्च किया है. इसकी सबसे बड़ी खासियत 6000mAh की बैटरी है. कंपनी का दावा है कि यह भारत का सबसे सस्ता 6000mAh स्मार्टफोन है. इस फोन का लुक iPhone 18 Pro से मिलता जुलता है। 

    दिलचस्प बात यह है कि कम कीमत के बावजूद फोन में सिर्फ बड़ी बैटरी ही नहीं दी गई है. इसमें 90Hz डिस्प्ले, 18W फास्ट चार्जिंग, Android 16 Go Edition और MIL-STD-810H ड्यूरेबिलिटी भी मिलती है. यानी कंपनी ने इस फोन को उन लोगों के लिए तैयार किया है जिन्हें कैमरा या गेमिंग से ज्यादा बैटरी, मजबूती और रोजमर्रा के काम के लिए भरोसेमंद फोन चाहिए। 

    ₹8,699 में क्या मिलेगा?

    यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि Android Go Edition खास तौर पर कम RAM वाले डिवाइस के लिए बनाया गया Android का हल्का वर्जन है. इसलिए 3GB RAM वाले फोन में सामान्य Android की तुलना में सिस्टम को हल्का रखने की कोशिश की जाती है। 

    असली खेल है 6000mAh बैटरी
    ₹8,699 वाले इस फोन की सबसे बड़ी वजह इसकी बैटरी है. इसमें 6000mAh की बैटरी दी गई है, जिसे 18W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है. चार्जिंग के लिए USB Type-C पोर्ट दिया गया है। 

    90Hz डिस्प्ले भी मिलेगा
    itel A300C में 6.56 इंच का HD+ डिस्प्ले है, जिसका रिफ्रेश रेट 90Hz है. यानी स्क्रॉलिंग और सामान्य ऐप इस्तेमाल 60Hz स्क्रीन की तुलना में ज्यादा स्मूद महसूस हो सकता है। 

    हालांकि यहां एक समझौता भी है. स्क्रीन का रिजॉल्यूशन HD+ है, Full HD+ नहीं. इसलिए इस फोन को खरीदने वाले यूजर को 90Hz की स्मूदनेस तो मिलेगी, लेकिन महंगे फोन जैसी शार्प स्क्रीन की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।  

    फोन गिरे तो भी ज्यादा चिंता नहीं?
    itel ने A300C को सिर्फ बैटरी वाला फोन बनाने की कोशिश नहीं की है. कंपनी इसमें MIL-STD-810H आधारित ड्यूरेबिलिटी टेस्टिंग का दावा करती है. इसका मतलब फोन को कुछ तय परिस्थितियों में गिरने और झटकों जैसी स्थितियों के लिए टेस्ट किया गया है। 

    लेकिन यहां एक जरूरी फर्क समझना चाहिए. MIL-STD-810H का मतलब यह नहीं है कि फोन पानी में सुरक्षित है या इसे बिना किसी चिंता के हर तरह की खराब परिस्थिति में इस्तेमाल किया जा सकता है। 

    itel इस फोन के साथ पहले 100 दिनों के लिए फ्री स्क्रीन रिप्लेसमेंट ऑफर भी दे रहा है. कंपनी के मुताबिक इससे एक्सिडेंटल स्क्रीन डैमेज की स्थिति में शुरुआती 100 दिनों के दौरान यूजर को एक्स्ट्रा सुरक्षा मिलती है. 

    कैमरा साधारण, लेकिन काम चल जाएगा
    कैमरे के मामले में यह फोन किसी कैमरा फोन की तरह पेश नहीं किया गया है. इसमें 8MP का रियर कैमरा और 5MP का फ्रंट कैमरा है. कंपनी के मुताबिक ये रोजमर्रा की फोटो और वीडियो कॉल के लिए हैं। 

    इसका मतलब साफ है. अगर आपकी प्राथमिकता Instagram या YouTube के लिए शानदार फोटो और वीडियो है, तो यह फोन उस तरह का डिवाइस नहीं है. लेकिन WhatsApp पर फोटो भेजने, वीडियो कॉल करने और सामान्य तस्वीरें लेने जैसे कामों के लिए कैमरा दिया गया है। 

    इसमें 4G है, 5G नहीं
    itel A300C 4G स्मार्टफोन है. इसमें 4G LTE कनेक्टिविटी दी गई है, लेकिन 5G नहीं है. यह बात फोन खरीदते समय ध्यान में रखना जरूरी है, क्योंकि 2026 में ₹8-9 हजार का फोन लेने वाला यूजर इसे कई साल तक इस्तेमाल कर सकता है। 

    UPI, WhatsApp और YouTube जैसे काम होंगे
    itel का कहना है कि A300C को रोजमर्रा के ऐप्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है. WhatsApp, YouTube, UPI और QR पेमेंट, सोशल मीडिया और लर्निंग ऐप्स जैसे कामों को कंपनी इसके इस्तेमाल के प्रमुख उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है। 

    फोन में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक भी दिया गया है. इसके अलावा Type-C OTG और IR रिमोट सेंसर मिलता है, जिससे कंपैटिबल इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स को फोन से कंट्रोल किया जा सकता है। 

  • आलू पराठा बेलते ही फटता है? रणवीर बरार की सीक्रेट ट्रिक से बनेगा सॉफ्ट और फूला पराठा

    आलू पराठा बेलते ही फटता है? रणवीर बरार की सीक्रेट ट्रिक से बनेगा सॉफ्ट और फूला पराठा

    सुबह नाश्ते में नर्म, मुलायम और ढेर सारे आलू की स्टफिंग वाले आलू पराठे भला किसे अच्छे नहीं लगते. लेकिन सही तरीके से पराठे बनाने में कई लोगों के पसीने छूट जाते हैं. अक्सर पराठा बनाते समय सबसे बड़ी समस्या यह आती है कि बेलते ही पराठा फट जाता है, आलू की स्टफिंग बाहर निकल आती है या फिर पराठा सेंकने के बाद कड़क और सूखा हो जाता है.

    अगर आपके साथ भी यही होता है तो अब परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. मशहूर शेफ रणवीर ब्रार के अनुसार, पराठा फटने की मुख्य वजह उबले आलू में मौजूद अतिरिक्त नमी और आटे का सही तरीके से न गुंधना है. अगर आप आलू उबलने की क्रोनोलॉजी और आटे के टेक्सचर का सही ध्यान रखेंगे तो आपका पराठा गुब्बारे की तरह फूलेगा और रुई जैसा सॉफ्ट बनेगा. आइए जानते हैं शेफ की वही सीक्रेट ट्रिक और रेसिपी.

    सामग्री:

    दो कप गेहूं का आटा

    आधा छोटा चम्मच नमक

    एक छोटा चम्मच देसी घी या तेल

    आवश्यकतानुसार गुनगुना पानी

    आलू की स्टफिंग के लिए:

    चार मध्यम आकार के उबले हुए आलू (ठंडे किए हुए)

    दो हरी मिर्च (बारीक कटी हुई), एक छोटा चम्मच अदरक (कद्दूकस किया हुआ)

    आधा छोटा चम्मच जीरा पाउडर (भुना हुआ), आधा छोटा चम्मच अमचूर या अनारदाना पाउडर

    आधा छोटा चम्मच गरम मसाला, आधा छोटा चम्मच कस्तूरी मेथी

    आधा छोटा चम्मच कुटी हुई लाल मिर्च, एक बड़ा चम्मच बारीक कटा हरा धनिया

    स्वादानुसार नमक

    बनाने की विधि:
    उन्होंने कुछ समय पहले अपने यूट्यूब वीडियो में आलू पराठे को सही तरीके बनाने के बारे में बताया था कि पराठे के फटने की सबसे बड़ी वजह आलू की नमी और आटे का टेक्सचर होता है. उनका कहना है कि सही अनुपात और छोटी-छोटी ट्रिक्स अपनाकर आप भी घर पर मास्टरशेफ स्टाइल पराठे तैयार कर सकते हैं. आइए उन्हीं की रेसिपी से बनाते हैं परफेक्ट आलू पराठा.

    सबसे पहले आटे में हल्का सा नमक मिलाएं. इसके साथ थोड़ा सा बेसन भी मिलाएं ताकि आटे में करारापन आए. अब इसमें अजवायन और थोड़ा घी मिलाना है. अब इसमें पानी मिलाकर आटे का डो Dough बनाएं. सबसे जरूरी चीज है कि आटे के डो को सॉफ्ट रखना है.

    अब उबले आलू को कद्दूकस करें, उसमें अदरक कसकर डालें, महीन बारीक कटी हरी मिर्च डालें, हरा धनिया, नमक, लाल मिर्च पाउडर, जीरा पाउडर, सौंफ, अमचूर पाउडर डालें.

    रणवीर बरार ने बताया कि यहां पर ट्रिक ये है कि इस फिलिंग की कंसिस्टेंसी वैसी होनी चाहिए जैसे आपके आटे के डो की है ताकि आप इसमें भर-भरकर आलू डाल सके.

    कई लोग इसमें प्याज भी डालते हैं. अगर आप प्याज डाल रहे हैं तो फिर आलू को तुरंत पराठे में डालकर बना लें क्योंकि प्याज पानी छोड़ता है जिससे आपकी फिलिंग खराब हो जाती है. लंबे समय तक पराठे और फिलिंग रखनी है तो प्याज ना डालें.

    अब आप लोई को एक कप नुमा आकार देकर उसमें आलू डाल दें और अच्छे से उसे सील कर दें. आलू पूरे पराठे में तभी अच्छे से फैलता है जब उसकी कंसिस्टेंस अच्छी होती है. पराठे को धीमी आंच पर सेकें. आपके परफेक्ट आलू पराठे तैयार हैं.

  • 10 मिनट में बनाएं मूली-लहसुन का चटपटा अचार, न धूप की जरूरत न ज्यादा तेल की

    10 मिनट में बनाएं मूली-लहसुन का चटपटा अचार, न धूप की जरूरत न ज्यादा तेल की

    जब भी खाने का स्वाद बढ़ाना हो, तो हमारी थाली में अचार का होना बेहद जरूरी लगता है. लेकिन आम या नींबू का पारंपरिक अचार बनाने में लंबा समय लगता है, उन्हें धूप में सुखाना पड़ता है और ढेर सारा तेल इस्तेमाल होता है. अगर आप बिना किसी धूप और बिना ज्यादा तेल के सिर्फ 10 मिनट में एक बेहद चटाकेदार और तीखा-खट्टा अचार बनाना चाहते हैं, तो सिरके वाली मूली, लहसुन और मिर्च का अचार सबसे बेहतरीन विकल्प है.

    सिरके में डूबी हुई कुरकुरी मूली, लहसुन और हरी मिर्च का फ्लेवर इतना लाजवाब होता है कि इसके आगे सादी रोटी या पराठा भी 5-स्टार मील जैसा लगने लगता है. यह अचार न केवल स्वाद में नंबर वन है, बल्कि पेट और पाचन तंत्र के लिए भी बेहद फायदेमंद है. आइए जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान विधि!

    सामग्री:
    2 मध्यम आकार की मूली ( छिली और लंबाई में पतली कटी हुई)

    15-20 कलियां लहसुन (छिली हुई)

    10-12 हरी मिर्च (डंठल हटाकर बीच से चीरा लगी हुई)

    1 कप सफेद सिरका

    1/2 कप पानी

    1 बड़ा चम्मच राई या पीली सरसों (दरदरी पिसी हुई)

    1/2 छोटा चम्मच कलौंजी

    1/2 छोटा चम्मच अजवाइन

    1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर

    1 छोटा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर

    1 बड़ा चम्मच सेंधा नमक या सादा नमक (स्वादानुसार)

    2 बड़े चम्मच सरसों का तेल

    बनाने की विधि:
    कटी हुई मूली, छिली हुई लहसुन और चीरा लगी हरी मिर्च को धोकर सूती कपड़े पर 15-20 मिनट के लिए फैला दें ताकि उनका बाहरी पानी पूरी तरह सूख जाए. (ध्यान रखें, नमी रहने से अचार जल्दी खराब हो सकता है).

    एक बड़े सूखे बाउल में मूली, लहसुन और हरी मिर्च निकालें. इसमें दरदरी पिसी राई, कलौंजी, अजवाइन, हल्दी पाउडर, कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह मिक्स करें.

    एक छोटे पैन में 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल धुआं निकलने तक गर्म करें. फिर गैस बंद करके तेल को हल्का गुनगुना होने दें. अब इस तेल को मसालों और सब्जियों के ऊपर डाल दें और अच्छी तरह मिला लें.

    अब एक बर्तन में 1 कप सिरका और 1/2 कप पानी मिलाकर हल्का-सा गुनगुना कर लें (या सीधे ठंडा सिरका-पानी भी इस्तेमाल कर सकते हैं). इस सिरके वाले पानी को सब्जियों के मिश्रण में डाल दें.

    तैयार अचार को एक साफ, सूखे और स्टरलाइज्ड (उबले पानी से साफ किए) कांच के जार में भर लें.

    यह इंस्टेंट अचार 2-3 घंटे बाद ही खाने के लिए तैयार हो जाता है. सिरका मूली और लहसुन में समाकर उन्हें एकदम खट्टा, तीखा और कुरकुरा बना देता है.

  • बारिश में तेजी से झड़ रहे बाल? प्याज के रस की ये ट्रिक करें, जड़ों से मजबूत होंगे बाल

    बारिश में तेजी से झड़ रहे बाल? प्याज के रस की ये ट्रिक करें, जड़ों से मजबूत होंगे बाल

     बारिश के मौसम में हवा में नमी बढ़ने के कारण स्कैल्प पर चिपचिपापन, डैंड्रफ और फंगल इंफेक्शन की समस्या बढ़ जाती है. यही वजह है कि इस मौसम में बाल तेजी से झड़ने लगते हैं और जड़ों से कमजोर होकर पतले होने लगते हैं. अगर आप भी बारिश के दिनों में गुच्छों में झड़ रहे बालों को देख-देखकर परेशान हैं तो आपकी रसोई में मौजूद प्याज का रस इस समस्या का सबसे बेहतरीन और प्राकृतिक इलाज है.

    प्याज के रस में भरपूर मात्रा में सल्फर, एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो स्कैल्प का इंफेक्शन दूर कर बालों की जड़ों को पोषण देते हैं और नए बाल उगाने में मदद करते हैं.

    मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने अपने एक वीडियो में कुछ समय पहले बताया था कि हेयरफॉल के लिए प्याज का रस ज्यादा असरदार होता है. उन्होंने कहा था कि नए बालों की ग्रोथ के लिए ताजा प्याज का रस निकालें और बालों में लगा लें. हालांकि आप चाहें तो प्याज के रस में नारियल तेल और एलोवेरा जेल मिलाकर भी लगा सकते हैं.

    सामग्री:
    2 मध्यम आकार के लाल प्याज

    1 छोटा चम्मच नारियल का तेल या अरंडी का तेल (कैस्टर ऑयल)

    1 चम्मच ताजा एलोवेरा जेल (ऑप्शनल)

    रुई (कॉटन बॉल)

    इस्तेमाल की सही विधि:
    रस निकालने का सही तरीका: प्याज को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. अब इसे मिक्सी में पीसकर पेस्ट बना लें. एक साफ सूती कपड़े या बारीक छलनी की मदद से निचोड़कर प्याज का शुद्ध रस एक कटोरी में निकाल लें.

    तेल और एलोवेरा मिलाएं: प्याज के रस में 1 छोटा चम्मच नारियल का तेल और 1 चम्मच एलोवेरा जेल मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें. नारियल तेल स्कैल्प को नमी देता है और प्याज की तीखी गंध को कम करता है, जबकि एलोवेरा बारिश में होने वाली खुजली को शांत करता है.

    लगाने का सही तरीका: रुई (कॉटन बॉल) को इस मिश्रण में डुबोएं और अपने बालों की मांग (स्कैल्प) खोल-खोलकर जड़ों में अच्छी तरह लगाएं. ध्यान रखें कि रस बालों की लंबाई से ज्यादा स्कैल्प की त्वचा पर लगना चाहिए.

    हल्की मसाज करें: रस लगाने के बाद अपनी उंगलियों के पोरों से 5 मिनट तक हल्के हाथों से स्कैल्प की सर्कुलर मोशन में मालिश करें. इससे सिर में रक्त संचार (ब्लड सर्कुलेशन) बढ़ता है और प्याज का रस जड़ों तक समा जाता है.

    सुखाने और धोने का समय: प्याज के रस को बालों में 25 से 30 मिनट तक लगा रहने दें. इसके बाद किसी माइल्ड या सल्फेट-फ्री हर्बल शैम्पू से गुनगुने या सादे पानी से सिर धो लें.

    बारिश के मौसम में हफ्ते में 2 बार इस नुस्खे का इस्तेमाल करें. 2 से 3 हफ्तों के नियमित उपयोग से ही बालों का झड़ना रुक जाएगा और बालों में नई मजबूती आएगी.

  • पानी वाली काला चना चाट: तीखी-खट्टी और प्रोटीन से भरपूर, ऐसे बनाएं झटपट

    पानी वाली काला चना चाट: तीखी-खट्टी और प्रोटीन से भरपूर, ऐसे बनाएं झटपट

     जब भी कुछ चटपटा, तीखा और चटाकेदार खाने का मन करता है तो सबसे पहले चाट का ही नाम जुबान पर आता है. लेकिन अगर आप अनहेल्दी फ्राइड चाट खाने के बजाय कुछ ऐसा ढूंढ रहे हैं जो पेट के लिए हल्का हो, प्रोटीन से भरपूर हो और स्वाद में भी नंबर वन हो तो पानी वाली काला चना चाट आपके लिए बेस्ट चॉइस है.

    पुरानी दिल्ली और यूपी के ठेले-रेहड़ी पर मिलने वाली यह रसीली पानी वाली चाट स्वाद में इतनी जबरदस्त होती है कि इसके तीखे-खट्टे पानी की एक घूंट ही आपका मूड तरोताजा कर देगी. उबले हुए काले चने, ताजी हरी सब्जियां, इमली-पुदीने का चटपटा पानी और भुने मसालों का मेल इस चाट को बेहद खास बनाता है. आइए जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान और लाजवाब रेसिपी.
     

    सामग्री
    250 ग्राम – काले चने
    3 – आलू
    1 – कटा हुआ प्याज
    2 – कटे हुए टमाटर
    1/4 कप – कच्चा आम
    1 छोटा चम्मच – नींबू का रस
    1 1/2 छोटा चम्मच – नमक
    1 छोटा चम्मच – लाल मिर्च पाउडर
    1/2 छोटा चम्मच – काला नमक
    1 छोटा चम्मच – भुना जीरा पाउडर
    1 छोटा चम्मच – दही वड़ा मसाला
    1 छोटा चम्मच – चाट मसाला
    1 कप – हरा धनिया
    1/2 कप – पुदीने के पत्ते
    1/2 कप – इमली का पानी
    5 – हरी मिर्च
    1 इंच – अदरक
    1 छोटा चम्मच – नींबू का रस
    1 छोटा चम्मच – लाल मिर्च पाउडर
    2 छोटे चम्मच – भुना जीरा पाउडर
    1 1/2 छोटा चम्मच – चाट मसाला
    1/2 छोटा चम्मच – काला नमक
    1/2 छोटा चम्मच – स्वादानुसार नमक

    बनाने की विधि:
    भीगे हुए काले चनों को कटे हुए आलू के साथ प्रेशर कुकर में थोड़ा-सा नमक और 2 कप पानी डालकर 4-5 सीटी आने तक अच्छी तरह उबाल लें. चने एकदम सॉफ्ट होने चाहिए. उबलने के बाद चनों को ठंडा होने दें.

    एक बड़े बाउल में 2 कप ठंडा पानी लें. इसमें इमली का पल्प, हरी पुदीना चटनी, भुना जीरा पाउडर, चाट मसाला, काला नमक, सादा नमक, लाल मिर्च पाउडर और आमचूर पाउडर डालकर अच्छी तरह मिक्स करें.

    अब इसी चटपटे पानी में उबले हुए काले चने, कटे हुए उबले आलू, बारीक कटा प्याज, टमाटर, खीरा और हरी मिर्च डालें.

    सभी चीजों को चम्मच की मदद से अच्छी तरह मिलाएं ताकि चने और सब्जियां तीखे-खट्टे पानी और मसालों का स्वाद अच्छी तरह सोख लें.

    ऊपर से ढेर सारा बारीक कटा हरा धनिया और थोड़ी-सी बारीक सेव या भुजिया छिड़कें.

    तैयार है आपकी एकदम ठंडी-ठंडी, तीखी और चटपटी पानी वाली काला चना चाट! इसे कटोरी में पानी के साथ ही परोसें और चम्मच से मजे से खाएं.

  • ChatGPT का नया अवतार ‘Dots’, खुद करेगा काम; OpenAI ने लॉन्च किया Always-On AI Agent

    ChatGPT का नया अवतार ‘Dots’, खुद करेगा काम; OpenAI ने लॉन्च किया Always-On AI Agent

    नई दिल्ली
    अभी तक AI से कोई काम करवाने के लिए आपको उसे बार-बार कमांड देने होते हैं. सवाल पूछा, जवाब मिला और बातचीत खत्म. लेकिन अब OpenAI इस तरीके को बदलने की कोशिश कर रहा है. कंपनी ने dots नाम के ऐसे AI एजेंट पेश किए हैं, जो एक बार काम समझने के बाद आपके बिना हर कदम पर कमांड दिए लगातार उस काम पर आगे बढ़ सकते हैं। 

    सीधे शब्दों में समझें तो यह सिर्फ ऐसा AI नहीं है जो आपके सवाल का जवाब देता है. आप उसे कोई जिम्मेदारी दे सकते हैं और वह उसके अगले कदम खुद तय करके काम आगे बढ़ाता रहेगा. जरूरत पड़ने पर आपसे राय या मंजूरी मांगेगा और फिर काम जारी रखेगा. यही बदलाव dots को सामान्य चैटबॉट से अलग बनाता है. हाल ही में मेटा ने Muse लॉन्च किया है, इसका Muse Charm डिवाइस भी ऑलवेज ऑन एआई एजेंट की तरह काम करता है। 

    खुद से करेगा ब्राउजिंग भी

    OpenAI के मुताबिक dots को खास तौर पर ऐसे कामों के लिए बनाया गया है जो एक मैसेज के जवाब के साथ खत्म नहीं होते. हर dot को अपना क्लाउड कंप्यूटर और ब्राउजर मिलता है. यह जुड़े हुए ऐप्स का इस्तेमाल करके किसी प्रोजेक्ट पर काम कर सकता है और यूजर के ChatGPT से बाहर जाने के बाद भी काम जारी रख सकता है। 

    मसलन, अगर आप किसी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं तो dot सिर्फ जानकारी खोजकर आपको नहीं देगा. वह उपलब्ध जानकारी देख सकता है, काम का अगला फेज तय कर सकता है, जरूरी चीजों का मसौदा तैयार कर सकता है और फिर आपके पास रिव्यू के लिए वापस आ सकता है। 

    यानी AI का नया मॉडल कुछ ऐसा है. काम बताइए और हर छोटी चीज बताने के बजाय उसे काम आगे बढ़ाने दीजिए. सबसे दिलचस्प बात, आप ChatGPT बंद कर दें तो भी काम चलता रहेगा। 

    dots की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘always-on’ होना है. OpenAI के अनुसार यह आपके किसी काम को लेकर बैकग्राउंड में काम करता रह सकता है. जब कोई महत्वपूर्ण फैसला लेना हो या आपकी मंजूरी की जरूरत हो, तब यह आपके पास वापस आता है। 

    उदाहरण के लिए अगर आप किसी रिपोर्ट के लिए लगातार बदल रहे आंकड़ों पर काम कर रहे हैं, तो dot नई जानकारी आने पर उसे देख सकता है, अपने विश्लेषण को अपडेट कर सकता है और जहां आपकी राय जरूरी है, वहां आपको बता सकता है. इसी तरह अगर अगर कोई टास्क दिया है तो वो खुद ही मल्टिपल सोर्स को कॉन्टैक्ट कर सकता है. 

    कंटेंट बनाने वालों के लिए भी इसका इस्तेमाल दिलचस्प हो सकता है. OpenAI के उदाहरण में dot किसी क्रिएटर के इंटरव्यू ट्रांसक्रिप्ट से जरूरी हिस्से खोजकर शो नोट्स और सोशल मीडिया पोस्ट के ड्राफ्ट तैयार कर सकता है. यूजर के बदलाव के बाद वह आगे के काम में भी उन पसंद को इस्तेमाल कर सकता है। 

    4,000 से ज्यादा ऐप्स से जुड़ने की क्षमता
    OpenAI ने dots को सिर्फ ChatGPT तक ही नहीं रखा है. कंपनी के मुताबिक ये जुड़े हुए ऐप्स के साथ काम कर सकते हैं और 4,000 से ज्यादा ऐप्स तक कनेक्शन का सपोर्ट बताया गया है. इन्हें ChatGPT के अलावा Slack और Microsoft Teams जैसे प्लेटफॉर्म से भी इस्तेमाल किया जा सकता है. टेक्स्ट मैसेजिंग का विकल्प आगे आने की बात कही गई है। 

    इसका मतलब यह है कि AI आपके लिए अलग-अलग ऐप्स में बिखरे काम को एक साथ देखने और आगे बढ़ाने की भूमिका निभा सकता है. यहीं से dots का असर सिर्फ AI चैट तक सीमित नहीं रहता. यह ईमेल, मीटिंग, रिसर्च, दस्तावेज, कोडिंग और टीम के काम जैसे कई हिस्सों तक पहुंच सकता है। 

    हर काम AI खुद ही खरेगा तो इंसान क्या करेगा?
    यहां एक जरूरी बात है. dots को पूरी तरह खुली छूट नहीं दी गई है. यूजर तय करता है कि dot किन ऐप्स को इस्तेमाल कर सकता है और उसे कितनी परमिशन मिलेगी. कुछ कामों के लिए यूजर की मंजूरी जरूरी रखी जा सकती है. OpenAI के मुताबिक सेंसिटिव काम जैसे पासवर्ड बदलना यूजर के कंट्रोल में रहता है। 

    OpenAI ने Custom Rules का विकल्प भी दिया है. इसके जरिए यूजर तय कर सकता है कि dot कौन-सा काम खुद कर सकता है, किस काम के लिए मंजूरी लेनी होगी और कौन-सा काम बिल्कुल नहीं करना है. यह जरूरी है क्योंकि किसी AI को आपके ईमेल, फाइलों और दूसरे ऐप्स तक पहुंच देना सिर्फ सुविधा का मामला नहीं है. इसके साथ सुरक्षा और प्राइवेसी का सवाल भी जुड़ा है.

    OpenAI की टक्कर Meta के Muse से
    dots का लॉन्च ऐसे समय हुआ है जब Meta भी अपने AI एजेंट Muse को आगे बढ़ा रही है. Meta ने सितंबर में Muse पेश किया था, जो यूजर की ओर से काम कर सकता है, लंबे समय तक किसी लक्ष्य पर काम जारी रख सकता है और जरूरत पड़ने पर मंजूरी मांग सकता है। 

    इसलिए OpenAI और Meta के बीच मुकाबला अब सिर्फ यह नहीं रह गया है कि किस कंपनी का AI बेहतर जवाब देता है. अगली लड़ाई इस बात की है कि किसका AI आपके लिए ज्यादा काम खुद कर सकता है।