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  • साइबर अपराधों से मुकाबले में युवा बनें ‘साइबर एम्बेसडर’ : वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी

    साइबर अपराधों से मुकाबले में युवा बनें ‘साइबर एम्बेसडर’ : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    रायपुर

    साइबर अपराधों के प्रति आमजन, विशेषकर युवाओं को जागरूक करने के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता का समापन एवं सम्मान समारोह रायगढ़ के पूज्य संत बाबा प्रियदर्शी रामजी ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया तथा रायगढ़ पुलिस द्वारा तैयार साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म ‘The Cyber Trap’ की स्क्रीनिंग की गई।

    वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि डिजिटल तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ी है। इससे बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं साइबर जागरूक बनें और ‘साइबर एम्बेसडर’ की भूमिका निभाते हुए अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करें।

     चौधरी ने कहा कि प्रदेश में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ की चिन्हित सेवा गतिविधियों में साइबर जागरूकता को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। रायगढ़ पुलिस ने सिनेमा और रचनात्मकता को साइबर सुरक्षा से जोड़कर युवाओं तक प्रभावी संदेश पहुंचाने की अभिनव पहल की है।

    कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद  विजय बघेल ने साइबर जागृति अभियान और तकनीक आधारित जनजागरूकता पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का उपयोग जनहित, जागरूकता और सुरक्षा के लिए किया जाना समाज को अधिक सुरक्षित बनाने में प्रभावी साबित हो सकता है।

    सात सप्ताह में करीब 2 लाख लोगों तक पहुंचा अभियान

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ संचालित किया गया। सात सप्ताह के दौरान रायगढ़ जिले में विभिन्न गतिविधियों और माध्यमों से करीब 2 लाख लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

    इसी अभियान के अंतर्गत ‘संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़’ थीम पर लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका उद्देश्य युवाओं की रचनात्मकता को साइबर जागरूकता से जोड़कर डिजिटल सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था।

    11 राज्यों के 35 जिलों से मिलीं 162 फिल्में, रूस से भी आई प्रविष्टि

    प्रतियोगिता को देशभर से व्यापक प्रतिसाद मिला। देश के 11 राज्यों के 35 जिलों से कुल 162 फिल्म प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों के साथ रूस से भी एक फिल्म की प्रविष्टि प्राप्त हुई। प्रतियोगिता के आयोजन में रोटरी क्लब रायगढ़ का विशेष सहयोग रहा, जबकि प्रबंधन की जिम्मेदारी Take 3 Studios द्वारा संभाली गई।

    प्रतियोगिता के निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए प्रतिष्ठित फिल्मकारों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया। इसमें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्म ‘भूलन: द मेज़’ के निर्देशक  मनोज वर्मा, फिल्मकार  योगेंद्र चौबे तथा रंगकर्मी, फिल्म अभिनेता, डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार एवं अभिनय प्रशिक्षक  सुनील चिपड़े शामिल रहे।

    ‘दूसर छोर’ और ‘एक्सेस लिंक’ ने हासिल किया प्रथम स्थान

    प्रतियोगिता की श्रेणी ‘अ’ (3 से 6 मिनट) में स्वपनिल कोटरीवार की फिल्म ‘दूसर छोर’ ने प्रथम, होमेन्द्र कुमार की फिल्म ‘जरूरत’ ने द्वितीय तथा प्रकाश पटेल की फिल्म ‘गुपचुप ठेला’ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

    श्रेणी ‘ब’ (1 से 3 मिनट) में दीपक जायसवाल की फिल्म ‘एक्सेस लिंक’ प्रथम, तुषार सोलंकी की फिल्म ‘Dial 1930’ द्वितीय और समीर चन्द्रा की फिल्म ‘Golden Hour’ तृतीय स्थान पर रही।

    श्रेणी ‘अ’ के प्रथम विजेता को 1 लाख रुपए, द्वितीय को 75 हजार रुपए और तृतीय विजेता को 50 हजार रुपए प्रदान किए गए। श्रेणी ‘ब’ में प्रथम विजेता को 75 हजार रुपए, द्वितीय को 50 हजार रुपए तथा तृतीय विजेता को 25 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी गई। इस प्रकार दोनों श्रेणियों के छह विजेताओं को कुल 3.75 लाख रुपए की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।

    ‘The Cyber Trap’ के जरिए बताए साइबर अपराध से बचाव के तरीके

    समारोह में रायगढ़ पुलिस द्वारा विशेष रूप से तैयार साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म ‘The Cyber Trap’ की स्क्रीनिंग की गई। यह फिल्म प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थी, बल्कि आम नागरिकों को साइबर अपराध के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अलग से तैयार की गई है।

    फिल्म में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह सहित अनिल सोनी, मयंक मिश्रा, उत्तम प्रताप सिंह, राकेश मिश्रा, उत्कर्ष वास्तव, सानिया गुप्ता, लीना ठाकुर, दिपेश महंत, हर्ष बैरागी तथा रायगढ़ पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों ने भूमिका निभाई है। फिल्म की कहानी एवं निर्देशन  ऋभू समर्थ सिंह ने किया है।

    कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद  विजय बघेल, महापौर  जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष मती शिखा रविन्द्र गबेल, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, प्रतिभागी, शिक्षक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

    साइबर अपराधों के प्रति आमजन, विशेषकर युवाओं को जागरूक करने के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता का समापन एवं सम्मान समारोह रायगढ़ के पूज्य संत बाबा प्रियदर्शी रामजी ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया तथा रायगढ़ पुलिस द्वारा तैयार साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म ‘The Cyber Trap’ की स्क्रीनिंग की गई।

    वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि डिजिटल तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ी है। इससे बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं साइबर जागरूक बनें और ‘साइबर एम्बेसडर’ की भूमिका निभाते हुए अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करें।

     चौधरी ने कहा कि प्रदेश में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ की चिन्हित सेवा गतिविधियों में साइबर जागरूकता को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। रायगढ़ पुलिस ने सिनेमा और रचनात्मकता को साइबर सुरक्षा से जोड़कर युवाओं तक प्रभावी संदेश पहुंचाने की अभिनव पहल की है।

    कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद  विजय बघेल ने साइबर जागृति अभियान और तकनीक आधारित जनजागरूकता पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का उपयोग जनहित, जागरूकता और सुरक्षा के लिए किया जाना समाज को अधिक सुरक्षित बनाने में प्रभावी साबित हो सकता है।

    सात सप्ताह में करीब 2 लाख लोगों तक पहुंचा अभियान

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ संचालित किया गया। सात सप्ताह के दौरान रायगढ़ जिले में विभिन्न गतिविधियों और माध्यमों से करीब 2 लाख लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

    इसी अभियान के अंतर्गत ‘संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़’ थीम पर लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका उद्देश्य युवाओं की रचनात्मकता को साइबर जागरूकता से जोड़कर डिजिटल सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था।

    11 राज्यों के 35 जिलों से मिलीं 162 फिल्में, रूस से भी आई प्रविष्टि

    प्रतियोगिता को देशभर से व्यापक प्रतिसाद मिला। देश के 11 राज्यों के 35 जिलों से कुल 162 फिल्म प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों के साथ रूस से भी एक फिल्म की प्रविष्टि प्राप्त हुई। प्रतियोगिता के आयोजन में रोटरी क्लब रायगढ़ का विशेष सहयोग रहा, जबकि प्रबंधन की जिम्मेदारी Take 3 Studios द्वारा संभाली गई।

    प्रतियोगिता के निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए प्रतिष्ठित फिल्मकारों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया। इसमें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्म ‘भूलन: द मेज़’ के निर्देशक  मनोज वर्मा, फिल्मकार  योगेंद्र चौबे तथा रंगकर्मी, फिल्म अभिनेता, डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार एवं अभिनय प्रशिक्षक  सुनील चिपड़े शामिल रहे।

    ‘दूसर छोर’ और ‘एक्सेस लिंक’ ने हासिल किया प्रथम स्थान

    प्रतियोगिता की श्रेणी ‘अ’ (3 से 6 मिनट) में स्वपनिल कोटरीवार की फिल्म ‘दूसर छोर’ ने प्रथम, होमेन्द्र कुमार की फिल्म ‘जरूरत’ ने द्वितीय तथा प्रकाश पटेल की फिल्म ‘गुपचुप ठेला’ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

    श्रेणी ‘ब’ (1 से 3 मिनट) में दीपक जायसवाल की फिल्म ‘एक्सेस लिंक’ प्रथम, तुषार सोलंकी की फिल्म ‘Dial 1930’ द्वितीय और समीर चन्द्रा की फिल्म ‘Golden Hour’ तृतीय स्थान पर रही।

    श्रेणी ‘अ’ के प्रथम विजेता को 1 लाख रुपए, द्वितीय को 75 हजार रुपए और तृतीय विजेता को 50 हजार रुपए प्रदान किए गए। श्रेणी ‘ब’ में प्रथम विजेता को 75 हजार रुपए, द्वितीय को 50 हजार रुपए तथा तृतीय विजेता को 25 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी गई। इस प्रकार दोनों श्रेणियों के छह विजेताओं को कुल 3.75 लाख रुपए की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।

    ‘The Cyber Trap’ के जरिए बताए साइबर अपराध से बचाव के तरीके

    समारोह में रायगढ़ पुलिस द्वारा विशेष रूप से तैयार साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म ‘The Cyber Trap’ की स्क्रीनिंग की गई। यह फिल्म प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थी, बल्कि आम नागरिकों को साइबर अपराध के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अलग से तैयार की गई है।

    फिल्म में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह सहित अनिल सोनी, मयंक मिश्रा, उत्तम प्रताप सिंह, राकेश मिश्रा, उत्कर्ष वास्तव, सानिया गुप्ता, लीना ठाकुर, दिपेश महंत, हर्ष बैरागी तथा रायगढ़ पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों ने भूमिका निभाई है। फिल्म की कहानी एवं निर्देशन  ऋभू समर्थ सिंह ने किया है।

    कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद  विजय बघेल, महापौर  जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष मती शिखा रविन्द्र गबेल, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, प्रतिभागी, शिक्षक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

  • इतिहास रचने के लिए अटूट परिश्रम और निरंतर प्रयास ज़रूरी – मंत्री  टंक राम वर्मा

    इतिहास रचने के लिए अटूट परिश्रम और निरंतर प्रयास ज़रूरी – मंत्री टंक राम वर्मा

    रायपुर

     प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के स्वर्णिम और आत्मनिर्भर भारत के सपने को आकार देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत बलौदाबाजार के वर्धमान स्कूल में शनिवार को जिला स्तरीय चित्रकला, रंगोली और भाषण प्रतियोगिता का रंगारंग आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्कूली विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक कूचियों के रंगों और ओजस्वी वाणी के शब्दों से "विकसित भारत" की एक जीवंत तस्वीर पेश की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने प्रतिभागी विद्यार्थियों के हुनर की सराहना करते हुए प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

     ​समारोह को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित यह माहव्यापी अभियान युवाओं और बच्चों में राष्ट्र निर्माण की अलख जगाने का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि इतिहास रचने के लिए अटूट परिश्रम और निरंतर प्रयास की आवश्यकता होती है। आज की मेहनत ही आने वाले कल के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन को एक खुली पाठशाला बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके जीवन दर्शन से सीख लेकर हर वर्ग आगे बढ़ सकता है। साथ ही उन्होंने रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी और विकसित राज्य बनाने की दिशा में हर स्तर पर प्रतिबद्धता से कार्य किया जा रहा है।

     ​प्रतियोगिता के परिणामों में प्रतिभा की अद्भुत चमक देखने को मिली। रंगोली प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग (कक्षा 1ली से 8वीं) में निधि यादव ने पहला, पुष्पांजलि कन्नौजे ने दूसरा तथा गरिमा सोनकर ने तीसरा स्थान हासिल किया, वहीं वरिष्ठ वर्ग (कक्षा 9वीं से 12वीं) में रेखा प्रथम, दीपाक्षी पटेल द्वितीय और नंदिनी तृतीय स्थान पर रहीं। भाषण प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में सौम्या वर्मा, देविका वर्मा और प्रियांशु साहू ने क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि वरिष्ठ वर्ग में लाभा वर्मा ने बाजी मारी, रागिनी वास दूसरे और गीतिका गोस्वामी तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं चित्रकला के कनिष्ठ वर्ग में हिमांशी साहू प्रथम, कुसुम कोशले द्वितीय और विद्या साहू तृतीय स्थान पर रहीं, तथा वरिष्ठ वर्ग में तन्वी मलाकी ने पहला, सृष्टि सोनी ने दूसरा और साक्षी पूरेना ने तीसरा स्थान अर्जित किया।

     ​इस आयोजन के दौरान राज्यसभा सांसद मती लक्ष्मी वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य उपाध्यक्ष, जिला पंचायत उपाध्यक्ष और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री  शाह को दी भावभीनी विदाई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री शाह को दी भावभीनी विदाई

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह को दो दिवसीय भोपाल प्रवास के बाद नई दिल्ली रवाना होने पर शनिवार की रात्रि स्टेट हैंगर, भोपाल पर भावभीनी विदाई दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह के आगमन से एक बार फिर मध्यप्रदेश के विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करने के लिए मार्गदर्शन एवं प्रेरणा मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री  शाह द्वारा दी गई महत्वपूर्ण सौगातों के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार माना। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल ,अन्य अनेक जन प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • जनता की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करें अधिकारी : खाद्य मंत्री  राजपूत

    जनता की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करें अधिकारी : खाद्य मंत्री राजपूत

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत सुरखी में एक जन-समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का  निरीक्षण किया और उपस्थित अधिकारियों से जनकल्याणकारी योजनाओं और दी जा रही सेवाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।

    मंत्री  राजपूत ने कहा कि यह आयोजन मात्र भाषण सुनाने का औपचारिक मंच नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और धरातलीय समाधान का शिविर है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर पूरे प्रदेश में जिला स्तरीय, खंड स्तरीय एवं नगरीय निकायों में ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य यह है कि जिला प्रशासन के आला अधिकारी स्वयं जनता के बीच पहुँचकर उनकी समस्याओं का सामना करें और उनका निवारण करें।

    कलेक्टर से लेकर जिले का पूरा प्रशासनिक अमला आपके बीच मौजूद है। सरकार और जिला प्रशासन चलकर आपके घर तक आया है। आमजन को चाहिए कि वे शिविर में आकर अधिकारियों से अपनी समस्याओं पर बात करें, योजनाओं की प्रक्रिया समझें और उनका पूरा लाभ उठाएं। मंत्री  राजपूत ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि नागरिकों से प्राप्त आवेदनों का पूरी गंभीरता से परीक्षण किया जाए और उनका समय-सीमा के भीतर पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

    मंत्री  राजपूत ने राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने संबल कार्ड के बहुआयामी फायदों और इसके तहत संकट के समय मिलने वाली अनुग्रह सहायता राशि की जानकारी दी। ग्रामीण क्षेत्रों में भू-स्वामियों को उनके मकान व जमीन का वास्तविक मालिकाना हक दिलाने में स्वामित्व योजना को क्रांतिकारी बताते हुए उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राही इसकी प्रक्रिया को समझकर लाभ लें, ताकि उन्हें भविष्य में किसी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं, जिनका एकमात्र उद्देश्य सेवा और संकल्प के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना है।

     विभागीय स्टॉलों पर दी गई विस्तृत जानकारी

    शिविर के दौरान विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने मंच व अपने-अपने स्टॉलों के माध्यम से विभागीय योजनाओं, उनकी पात्रता शर्तों तथा आवेदन करने की सरल प्रक्रियाओं से आम नागरिकों को अवगत कराया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अपनी पात्रता के अनुसार विभागीय स्टॉलों पर संपर्क कर योजनाओं का लाभ उठाएं।

    एक पेड़ माँ के नाम और हरित सुरखी का संदेश

    मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  राजपूत ने सुरखी नगर परिषद परिसर में पौधारोपण किया। कलेक्टर मती प्रतिभा पाल एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पौधे रोपकर हरित और स्वच्छ सुरखी का संदेश दिया। सुरखी नगर परिषद भवन आगमन पर मंत्री  राजपूत ने परिसर में फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया।   राजपूत ने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

     

  • प्रधानमंत्री  मोदी के अनुसंधान से विकास के संकल्प को साकार करेगी मध्यप्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी के अनुसंधान से विकास के संकल्प को साकार करेगी मध्यप्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है  कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में अनुसंधान कार्य को निरंतर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। अनेक क्षेत्रों में नवाचारों से विकास को तेज करने में सहायता मिली है। प्रधानमंत्री  मोदी ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री  मोदी के इस संकल्प को मध्यप्रदेश सरकार साकार करने के प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश में सभी प्रकार के शोध और नवाचार को प्रोत्साहित किया जा  रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईसर भोपाल को  485 करोड़ रुपए लागत के नए कैंपस, आधुनिक लैब, इनोवेशन पार्क की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) भोपाल के विस्तारित परिसर ‘अत्रि’ के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विस्तारित परिसर के लिए चिन्हित भूमि पर शिलापट्ट का अनावरण कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया और बरगद,पीपल के पौधे भी लगाये। इसके बाद आईआईएसईआर के मुख्य परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण कर पुष्प अर्पित किए और संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों एवं अनुसंधान गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में विधायक  रामेश्वर शर्मा, संस्थान के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईआईएसईआर के नए परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में कहा कि मानव कल्याण के लिए वैश्विक स्तर पर सनातन संस्कृति की अनमोल धारा प्रवाहमान है। आधुनिक विज्ञान के युग में शोध और नवाचारों के लिए देश में 7 आईसर संचालित किए जा रहे हैं, जो वर्तमान दौर में हमारे लिए सप्त ऋषियों की तरह हैं। भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से शोध की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे ऋषि पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाहन करते हुए समाज कल्याण के लिए शोध को प्रोत्साहन देते हैं। मुनि आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए तपस्या में लीन रहते हैं। वर्तमान दौर में आईसर भोपाल संस्थान नए-नए शोध करते हुए ऋषि परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद   ने भारत की गौरवशाली संस्कृति को पूरे विश्व में प्रचारित करने का कार्य किया। इस परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा की स्थापना सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह स्वामी विवेकानंद के जीवन की विशेषता थी कि उन्होंने भारतीय संस्कृति के अनेक पहलुओं से विश्व को अवगत करवाया लेकिन स्वयं   को कभी किसी कर्मकांड से नहीं जोड़ा। परमात्मा ने सभी मनुष्यों के लिए जीवन का एक समय निश्चित किया है। हर सांस के साथ हम सभी नया जीवन पाते हैं। प्रत्येक सांस के शरीर में प्रवेश करने और बाहर जाने का काल बाबा महाकाल का है। हम सभी मानव समाज के कल्याण के लिए नए शोध के बल पर आगे बढ़ें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सूर्य हमारे सामने मौजूद देवता हैं, जिनसे हमें प्रकाश और पौधों को प्रकाश संशलेषण के लिए ऊर्जा मिलती है। हमारे जीवन की पंच क्रियाओं के आधार पर ही शोध आगे बढ़ रहा है। अब बायोटेक्नोलॉजी के बीच ईश्वर की कृपा से सदियों से दर्शन के साथ तर्क, ज्ञान के साथ विज्ञान और साधना के साथ अनुसंधान जुड़ा हुआ है।

    नीति आयोग के सदस्य  गोवर्धन दास ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन एवं सहयोग में विस्तारित परिसर का शिलान्यास और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण संस्थान की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण अवसर है। स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा विद्यार्थियों में युवा ऊर्जा, राष्ट्र निर्माण और उत्कृष्टता के लिए प्रेरणा का संचार करेगी।उन्होंने कहा कि आईआईएसईआर भोपाल का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध के साथ बेहतर नागरिक के रूप में विकसित करना है। संस्थान के विद्यार्थी देश-विदेश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

    प्रभारी निदेशक, आईआईएसईआर भोपाल  रघुवीर सिंह तोमर ने कहा कि संस्थान ने शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है। वर्ष 2008 में स्थापित आईआईएसईआर भोपाल ने विगत 18 वर्षों में ज्ञान-विज्ञान, अभियांत्रिकी, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है।

    52 एकड़ भूमि पर विकसित होगा आईआईएसईआर भोपाल का विस्तारित परिसर

    राज्य सरकार ने आईआईएसईआर भोपाल को नए परिसर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च इनोवेशन (अत्रि) के विकास के लिए 52 एकड़ भूमि आवंटित की   है। विस्तारित परिसर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के राष्ट्रीय महत्व के उभरते क्षेत्रों में कार्य किया जाएगा। इनमें क्वांटम एवं एडवांस्ड मैटेरियल, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबल सिस्टम एवं टेक्नोलॉजी, मेडिकल डिवाइसेस एवं डायग्नोस्टिक्स और एआई एवं रोबोटिक्स प्रमुख रूप से शामिल हैं।

    संस्थान में पांच टेक्नोलॉजी वर्टिकल से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नए आयाम होंगे विकसित

    विस्तारित परिसर में प्रस्तावित पांचों टेक्नोलॉजी वर्टिकल से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। इन वर्टिकल में अत्याधुनिक तकनीकों के विकास के साथ उनके व्यावहारिक उपयोग पर भी कार्य किया जाएगा। क्वांटम एवं एडवांस्ड मैटेरियल, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबल सिस्टम एवं टेक्नोलॉजी, मेडिकल डिवाइसेस एवं डायग्नोस्टिक्स और  एआई एवं रोबोटिक्स के क्षेत्र में शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों को नई तकनीकों पर कार्य करने के अवसर मिलेंगे।

    विज्ञान और नवाचार के नए अवसरों का आधार बनेगा ‘अत्रि’

    आईआईएसईआर भोपाल संसद के अधिनियम के तहत स्थापित राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। विस्तारित परिसर के माध्यम से संस्थान में अनुसंधान एवं नवाचार की सुविधाओं का विस्तार होगा तथा विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को उभरती प्रौद्योगिकियों पर कार्य करने के नए अवसर मिलेंगे। 

  • भोपाल में 1 लाख LPG उपभोक्ताओं पर गैस संकट, KYC नहीं कराने पर कनेक्शन ब्लॉक; बुकिंग भी ठप

    भोपाल में 1 लाख LPG उपभोक्ताओं पर गैस संकट, KYC नहीं कराने पर कनेक्शन ब्लॉक; बुकिंग भी ठप

    भोपाल

     शहर में 1 अक्टूबर से उन घरेलू LPG सिलिंडर उपभोक्ताओं की रसोई पर संकट खड़ा हो गया है, जिन्होंने अपने कनेक्शन की e-KYC नहीं करवाई थी। ऑयल कंपनियों ने उनका कनेक्शन ब्लॉक कर दिया है, जिससे बुकिंग सहित अन्य सभी सेवाएं ठप हो गई हैं।

    ऐसे में परेशान उपभोक्ता सिलिंडर के लिए एजेंसी के चक्कर लगाने सहित सभी तरह की मशक्कत कर रहे हैं, लेकिन एजेंसी कर्मचारियों का एक ही जवाब है कि उन्हें पहले e-KYC करवाना होगी तब ही बुकिंग शुरू हो सकेगी।
    शहर में करीब 8 लाख घरेलू LPG सिलिंडर उपभोक्ता

    जानकारी के अनुसार शहर में करीब 8 लाख घरेलू एलीपीजी सिलिंडर उपभोक्ता हैं, इनमें से करीब एक लाख उपभोक्ताओं ने अपने कनेक्शन की e-KYC नहीं करवाई थी। इस वजह से ऑयल कंपनियों ने उनके कनेक्शन ब्लॉक कर दिए हैं, उनको इसका पता तब चला जब वह अपने कनेक्शन पर सिलिंडर की बुकिंग कर रहे थे।

    ऐसे में जब बुकिंग नहीं हो सकी तो उन्होंने एजेंसी पर पहुंचकर जानकारी ली तो कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने e-KYC नहीं करवाई है जिससे अभी सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। अशोका गार्डन स्थित एक गैस एजेंसी पर शनिवार को बड़ी संख्या में उपभोक्ता सिलिंडर लेने पहुंचे थे, जहां देर शाम तक यह स्थिति बनी रही।

    हर एजेंसी पर करीब 8 हजार उपभोक्ता

    सूत्रों के अनुसार शहर में करीब 40 से अधिक इंडेन, भारत, एचपी कंपनियों की गैस एजेंसियां हैं, जिनके द्वारा घरेलू एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति की जाती है। गैस डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएस शर्मा के अनुसार शहर में हर एजेंसी पर करीब आठ हजार ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके कनेक्शन की e-KYC नहीं हुई है। ऐसे में अचानक से सरकार के आदेश पर कंपनियों ने उनके कनेक्शन ब्लॉक कर दिए हैं, जो कि एक तरह से अन्याय है। ऐसे सभी उपभोक्ताओं को समय देना चाहिए।

    शहर के सभी घरेलू एलपीजी सिलिंडर उपभोक्ताओं को e-KYC करवाना अनिवार्य है। जिन्होंने अब तक नहीं करवाई है वह करवा लें, जिससे उनका कनेक्शन और बुकिंग दोनों शुरू हो जाएगी।- चंद्रभान सिंह जादौन, जिला आपूर्ति नियंत्रक

     

  • बस्तर  में दिव्यांगजनों के पुनर्वास के लिए महाअभियान

    बस्तर में दिव्यांगजनों के पुनर्वास के लिए महाअभियान

    रायपुर

    बस्तर संभाग के दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुरूप सहायता प्रदान करने सहित उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जगदलपुर और दंतेवाड़ा में वृहद दिव्यांग शिविरों का आयोजन होने जा रहा है। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को शिविरों की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद और विशेष रूप से आईईडी विस्फोटों की वजह से अपने अंग गंवा चुके नागरिकों के पुनर्वास के लिए यह अभियान एक मिशन के रूप में संचालित किया जा रहा है। सरकार का मुख्य संकल्प इन शिविरों के माध्यम से आईईडी पीड़ितों को हरसंभव सहायता, कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके जीवन से हिंसा के दर्द और निशानों को हमेशा के लिए मिटाना है।  

     उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास होना चाहिए कि क्षेत्र का कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं के माध्यम से हितग्राहियों की अंतिम सूची तैयार की जाए, जिसमें आईईडी विस्फोट से प्रभावित दिव्यांगजनों का अलग से विवरण शामिल हो। उन्होंने शिविर स्थलों पर कृत्रिम अंग (आर्टिफिशियल लिंब), ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, कैलिपर्स और श्रवण यंत्र जैसी आवश्यक सामग्रियों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया कि यदि किसी हितग्राही के पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं है, तो स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग द्वारा मौके पर ही प्रमाणीकरण की सुविधा दी जाए, जिससे उपकरण वितरण में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।  

     उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने बताया कि जगदलपुर और दंतेवाड़ा में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों को "सेवा संकल्प अभियान" के अंतर्गत भव्य रूप से संचालित किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित जिला कलेक्टरों और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) को निर्देश दिया कि प्रेस वार्ता, सोशल मीडिया और स्थानीय इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से इस सकारात्मक पहल का सघन प्रचार-प्रसार करें, जिससे दूर-दराज के जरूरतमंदों तक इसकी सूचना पहुंच सके। शिविरों में पहुंचने वाले दिव्यांगजनों की सहायता के लिए स्काउट-गाइड के स्वयंसेवकों को तैनात करने के साथ-साथ उनके लिए सुगम परिवहन, भोजन और पेयजल के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, उप मुख्यमंत्री ने भविष्य की कार्ययोजना पर बल देते हुए कहा कि ग्राम सभाओं के माध्यम से गांवों में सुरक्षा का पूर्ण सत्यापन कर उन्हें "आईईडी-मुक्त ग्राम" घोषित करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ा जाए।  

    बस्तर संभाग के दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जगदलपुर तथा दंतेवाड़ा में वृहद दिव्यांग शिविरों का आयोजन होने जा रहा है। कमिश्नर  डोमन सिंह ने एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उप मुख्यमंत्री के समक्ष इन शिविरों की विस्तृत प्रशासनिक कार्ययोजना प्रस्तुत की। इस बैठक में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), संभाग के समस्त कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और स्वास्थ्य एवं नगरीय निकाय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

     कमिश्नर ने जानकारी देते हुए बताया कि पहला तीन दिवसीय शिविर 5 से 7 अक्टूबर तक जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें 5 अक्टूबर को बस्तर, 6 अक्टूबर को नारायणपुर व कोंडागांव तथा 7 अक्टूबर को कांकेर जिले के चयनित हितग्राही शामिल होंगे। जगदलपुर शिविर के लिए कुल 2,953 हितग्राहियों को चिह्नित किया गया है। इसके पश्चात, 15 से 17 अक्टूबर तक दंतेवाड़ा के पुलिस लाइन परिसर में शिविर आयोजित होगा, जहां दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों के 846 हितग्राहियों को कृत्रिम अंग, कैलिपर्स व सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से प्रारंभ होगा।  

    इस शिविर की तैयारी पर प्रकाश डालते हुए कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि शिविर स्थल पर आने वाले प्रत्येक दिव्यांगजन के लिए संबंधित जिला प्रशासन द्वारा निःशुल्क परिवहन एवं भोजन की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। हितग्राहियों को अपनी पहचान सुनिश्चित करने हेतु पहचान प्रमाण पत्र (जैसे आधार कार्ड की प्रति) और दो पासपोर्ट आकार के फोटो साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं। शिविर में जयपुर से आ रही विशेषज्ञ तकनीकी टीम नए उपकरणों के वितरण के साथ-साथ पुराने कृत्रिम अंगों की मरम्मत का कार्य भी करेगी। इसके अतिरिक्त, शिविर स्थल पर छाया, शुद्ध पेयजल, शौचालय, निर्बाध बिजली आपूर्ति, प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण (जैसे बीपी व शुगर जांच) और सुरक्षा के समुचित प्रबंध किए गए हैं। सभी व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन और निगरानी के लिए जिला पंचायत सीईओ एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को नोडल जिम्मेदारी सौंपी गई है।  इस अवसर पर कलेक्टर  आकाश छिकारा ने धरमपुरा में आयोजित किए जाने वाले शिविर के आयोजन के बारे में जानकारी दी, जिसमें बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर और कांकेर जिले के लाभार्थी शामिल होंगे।

     इस अवसर पर कलेक्टोरेट स्थित एनआईसी के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  तन्मय खन्ना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों का किया सम्मान, गर्भवती महिलाओं की हुई गोदभराई

    आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों का किया सम्मान, गर्भवती महिलाओं की हुई गोदभराई

    रायपुर

     सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रायगढ़ के राजापारा सेक्टर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र इंदिरानगर-ए में आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी शामिल हुए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र की गतिविधियों का अवलोकन किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मितानिनों को सम्मानित किया।

    कार्यक्रम में वित्त मंत्री  चौधरी ने 3 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, 3 सहायिकाओं और 3 मितानिनों को शाल, फल एवं सम्मान पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर 5 बच्चों ने बालगीत प्रस्तुत किए, वहीं दो हितग्राहियों ने शासकीय योजनाओं से मिले लाभ और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में 5 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म भी संपन्न कराई गई।

    वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा कार्यों को जनभागीदारी से जोड़ते हुए जरूरतमंदों तक शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ का आयोजन किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के साथ ही लोगों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। उन्होंने अभियान में अधिक से अधिक सामुदायिक सहभागिता का आह्वान किया।

    महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी  अरुण पाण्डेय ने बताया कि ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के केंद्र के रूप में और मजबूत किया जा रहा है। जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में 7 अक्टूबर तक ये गतिविधियां जारी रहेंगी।

    इस अवसर पर महापौर  जीवर्धन चौहान,  अरुणधर दीवान सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, परियोजना अधिकारी, सेक्टर पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं एवं मितानिनें उपस्थित रहीं।

  • विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी  ने जतायी नाराजगी, मंथली टारगेट तय कर काम में तेजी लाने के निर्देश

    विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जतायी नाराजगी, मंथली टारगेट तय कर काम में तेजी लाने के निर्देश

    रायपुर

    वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी ने शनिवार को शहर में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने राजीव नगर दूध डेयरी ऑक्सीजोन, गोवर्धनपुर पुल, बेलादुला मरीन ड्राइव, रपटा-स्टॉप डैम तथा एसईसीएल मरीन ड्राइव एवं पुलिया के निर्माण कार्यों का मौके पर जायजा लिया।

    निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री  चौधरी ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्माण की गति बढ़ाई जाए और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि बरसात के बाद निर्माण कार्यों के लिए अनुकूल मौसम का अधिकतम उपयोग करते हुए तेजी से काम आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए विभागीय अधिकारी नियमित रूप से कार्यों की मॉनिटरिंग करें और मौके पर आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।

    गोवर्धनपुर पुल की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

    गोवर्धनपुर पुल के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर वित्त मंत्री  चौधरी ने नाराजगी जताई। उन्होंने सेतु विभाग के इंजीनियरों को निर्माण कार्य के लिए मंथली टारगेट तय करने और हर महीने निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुल निर्माण के साथ ही सड़क निर्माण और विद्युत पोल शिफ्टिंग के कार्यों में भी तेजी लाने को कहा, ताकि सभी संबंधित कार्य समन्वित रूप से पूरे हो सकें।

    मरीन ड्राइव में वॉकवे की संभावनाओं पर बनेगा प्लान

    बेलादुला मरीन ड्राइव में रपटा और स्टॉप डैम के निर्माण को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए। एसईसीएल मरीन ड्राइव एवं पुलिया के निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने स्वीकृत ड्राइंग और डिजाइन के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने नदी के बीच वॉकवे विकसित करने की संभावनाओं का परीक्षण कर कार्ययोजना तैयार करने तथा मरीन ड्राइव की मुख्य सड़क और हाईवे से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए आवश्यक कार्यों का एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश भी दिए।

    ऑक्सीजोन सहित अन्य परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

    राजीव नगर दूध डेयरी ऑक्सीजोन सहित अन्य विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए वित्त मंत्री  चौधरी ने संबंधित विभागों को बेहतर आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी, बेहतर सामग्री के उपयोग और गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने को कहा।

    निरीक्षण के दौरान महापौर  जीवर्धन चौहान, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, नगर निगम आयुक्त  बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित नगर निगम, हाउसिंग बोर्ड, लोक निर्माण विभाग, सेतु विभाग एवं एसईसीएल के अधिकारी, कार्यपालन अभियंता, इंजीनियर, स्थानीय पार्षद एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

  • रायगढ़ में बनेगा एआई एक्सीलेंस सेंटर, युवाओं को नई तकनीक सीखने और नवाचार के मिलेंगे अवसर : वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी

    रायगढ़ में बनेगा एआई एक्सीलेंस सेंटर, युवाओं को नई तकनीक सीखने और नवाचार के मिलेंगे अवसर : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    रायपुर

     रायगढ़ के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की आधुनिक तकनीक से जोड़ने, इसके व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देने और नवाचार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए जिले में एआई एक्सीलेंस सेंटर विकसित किया जाएगा। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी ने आज संत पूज्य  प्रियदर्शी राम जी ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में आयोजित एक दिवसीय एआई कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर यह घोषणा की। ‘रायगढ़ की एआई उड़ान-जागरूकता से नवाचार तक’ थीम पर आयोजित कार्यशाला में 1500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

    वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि आईआईआईटी नया रायपुर के सहयोग से रायगढ़ में एआई से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रस्तावित एआई एक्सीलेंस सेंटर में एआई से संबंधित गतिविधियों का चरणबद्ध विस्तार किया जाएगा। जिले के चयनित प्रतिभाशाली युवाओं को आईआईआईटी नया रायपुर के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर को युवाओं की बदलती जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। आने वाले समय में यहां एआई के लिए समर्पित स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इससे युवाओं को नई तकनीक सीखने, उसका प्रयोग करने और अपने विचारों को नवाचार में बदलने के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा।

    वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई और भविष्य की तकनीकों को लेकर तेजी से काम किया जा रहा है। नया रायपुर में सेमीकंडक्टर इकाई और डेटा सेंटर के क्षेत्र में विकसित हो रही संभावनाएं प्रदेश के तकनीकी परिदृश्य को नया विस्तार देंगी। एआई, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों के विकास से युवाओं के लिए कौशल, रोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता के नए अवसर तैयार होंगे।

    एआई यूनिकॉर्न पर सवाल का छात्र नैतिक ने दिया जवाब

    कार्यशाला के दौरान वित्त मंत्री  चौधरी ने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए एआई में ‘यूनिकॉर्न’ के संबंध में सवाल पूछा। कक्षा 12वीं के छात्र नैतिक अग्रवाल ने जवाब देते हुए बताया कि एआई तकनीक पर काम करने वाले किसी स्टार्टअप का बाजार मूल्य एक अरब डॉलर से अधिक हो जाने पर उसे ‘एआई यूनिकॉर्न’ कहा जाता है। वित्त मंत्री  चौधरी ने नैतिक के जवाब की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान की।

    नई तकनीक को सीखें और उसका रचनात्मक उपयोग करें : सांसद  विजय बघेल

    दुर्ग लोकसभा सांसद  विजय बघेल ने युवाओं को नई तकनीकों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि एआई तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। युवाओं को इसकी जानकारी हासिल करने के साथ ही इसके सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं युवाओं को भविष्य की संभावनाओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

    कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि भारत सरकार के इंडिया एआई मिशन के अंतर्गत आईआईआईटी नया रायपुर के एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और जिला प्रशासन रायगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें 1500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

    आईआईआईटी नया रायपुर के कुलपति एवं निदेशक प्रो. (डॉ.) ओ.पी. व्यास के नेतृत्व में एआई विशेषज्ञों की टीम ने प्रतिभागियों को एआई की वर्तमान क्षमताओं तथा शिक्षा, प्रशासन, उद्योग, व्यवसाय, रोजगार और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में इसके उपयोग की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने प्रस्तुतियों के माध्यम से रायगढ़ की स्थानीय आवश्यकताओं और समस्याओं के समाधान में एआई आधारित तकनीकों की संभावनाओं को भी समझाया। यह कार्यशाला रायगढ़ में दीर्घकालिक एआई इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत रही।

    कार्यक्रम में महापौर  जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष मती शिखा रविन्द्र गबेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और चयनित प्रतिभागी उपस्थित रहे।