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  • नवरात्र-दिवाली में ‘भारत टैक्सी’ आसान करेगी यूपी का सफर

    नवरात्र-दिवाली में ‘भारत टैक्सी’ आसान करेगी यूपी का सफर

    लखनऊ

    नवरात्र में मंदिर जाना हो, दिवाली पर बाजार से खरीदारी करनी हो या रेलवे स्टेशन और बस अड्डे तक पहुंचना हो, उत्तर प्रदेश के कई और शहरों में जल्द मोबाइल से टैक्सी बुक कर सफर करने की सुविधा मिलने वाली है। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज के बाद अब ‘भारत टैक्सी’ के पहिए प्रदेश के छोटे-बड़े शहरों की ओर बढ़ रहे हैं। 
    त्योहारों पर प्रदेश की जनता को योगी सरकार बड़ी सुविधा दिलाने का प्रयास कर रही है। एक माह के भीतर 12 और शहरों तक सेवा पहुंचाने की तैयारी है। इनमें अयोध्या, आगरा और मेरठ के निवासियों को नवरात्र से पहले इस सुविधा से जोड़ने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

    उत्तर प्रदेश के ज्यादातर शहरों में भारत टैक्सी के विस्तार के लिए ग्राउंड ऑनबोर्डिंग और ड्राइवर पंजीकरण का काम शुरू हो गया है। इससे ऐप आधारित टैक्सी सेवा का दायरा प्रदेश के बड़े महानगरों से निकलकर छोटे शहरों तक पहुंचेगा।

    मथुरा से मिर्जापुर तक दौड़ेगी टैक्सी

    अगले चरण में मथुरा, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, हापुड़, सीतापुर, हाथरस, इटावा, मिर्जापुर और रायबरेली में भी भारत टैक्सी की सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही है। इन शहरों में ड्राइवर और वाहनों को प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। लक्ष्य है कि एक माह के भीतर इन शहरों के लोगों को सेवा उपलब्ध होने लगे।

    इस विस्तार में धार्मिक और पर्यटन शहरों पर भी विशेष ध्यान है। अयोध्या और मथुरा जैसे शहरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जबकि आगरा में देश-दुनिया से पर्यटकों का आवागमन रहता है। वाराणसी और प्रयागराज में सेवा उपलब्ध होने के बाद अब ऐसे दूसरे प्रमुख शहरों को नेटवर्क में लाने की तैयारी है।

    कार ही नहीं, बाइक और ऑटो चालक भी जुड़ेंगे

    भारत टैक्सी के नेटवर्क में टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालकों को भी शामिल किया जाएगा। इससे यात्रियों के सामने छोटी दूरी के लिए भी विकल्प बढ़ेंगे। वहीं बाइक, ऑटो और टैक्सी चलाने वाले युवाओं के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए यात्रियों तक पहुंचने का नया माध्यम तैयार होगा।

    उत्तर प्रदेश में अभी 50 हजार से अधिक चालक भारत टैक्सी से जुड़ चुके हैं। नए शहरों में ऑनबोर्डिंग शुरू होने के साथ यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। शहरों के विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर वाहन चालकों को नेटवर्क से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

    त्योहार से पहले भारत टैक्सी का नेटवर्क बढ़ाने पर जोर : जेपीएस राठौर

    सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने बताया कि अक्टूबर में नवरात्र और इसके बाद दिवाली के दौरान शहरों में बाजारों, धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर यात्रियों का दबाव बढ़ता है। इसी को देखते हुए नए शहरों में नेटवर्क तैयार करने की प्रक्रिया तेज की गई है। पहले चरण में पांच प्रमुख शहरों में मौजूदगी के बाद अब इसे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने की तैयारी है।

    योजना के मुताबिक एक माह में प्रदेश के 12 और शहर भारत टैक्सी के नेटवर्क से जोड़ दिए जाएंगे। यानी आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश में ऐप आधारित स्थानीय परिवहन के इस नेटवर्क का दायरा तेजी से बढ़ाने की तैयारी है। जल्द ही प्रदेश में कई शहरों के लोग भारत टैक्सी के शानदार सफर का आनन्द ले सकेंगे|

    एक नजर में विस्तार

    अभी सुविधा: लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज

    नवरात्र से पहले तैयारी: अयोध्या, आगरा, मेरठ

    अगले चरण में: फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, मथुरा, हापुड़, सीतापुर, हाथरस, इटावा, मिर्जापुर और रायबरेली

    प्रदेश में जुड़े ड्राइवर: 50 हजार से अधिक

    फोकस: टैक्सी के साथ टू और थ्री व्हीलर चालक

  • केन्‍द्रीय गृह मंत्री  शाह ने नवीन न्‍याय संहिताओं पर केंद्रित भव्‍य प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

    केन्‍द्रीय गृह मंत्री शाह ने नवीन न्‍याय संहिताओं पर केंद्रित भव्‍य प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

    भोपाल 

    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का भेल दशहरा मैदान पर शुभारंभ कर प्रदर्शनी के विभिन्न ज़ोन का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में भारतीय न्याय व्यवस्था में हुए महत्वपूर्ण बदलावों, नवीन न्याय संहिताओं के प्रावधानों तथा अपराध की सूचना प्राप्त होने से लेकर विवेचना, फॉरेंसिक जाँच, अभियोजन, न्यायालयीन कार्यवाही और अंतिम न्याय तक की संपूर्ण प्रक्रिया को 14 अलग-अलग ज़ोन में सजीव मॉडल, डिजिटल तकनीक, वीडियो, चार्ट एवं लाइव प्रदर्शन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। सात अक्टूबर तक चलने वाली यह पांच दिवसीय प्रदर्शनी, नवीन न्याय संहिताओं के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित की गई है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री  शाह को प्रदेश में नवीन न्‍याय संहिताओं के क्रियान्‍वयन की दिशा में संचालित गतिविधियों, सायबर सुरक्षा एवं जागरूकता, मध्‍यप्रदेश पुलिस के सामाजिक अभियानों और नवाचारों से अवगत कराया। उद्घाटन अवसर पर वरिष्ठ विधायक एवं अध्‍यक्ष  हेमंत खंडेलवाल, अपर मुख्य सचिव गृह  संजय शुक्ला और पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना उपस्थित थे।

    आपातकालीन नंबर डायल-112 की कार्यप्रणाली का किया गया सजीव प्रदर्शन

    प्रदर्शनी का जोन एक नवीन न्याय संहिताओं के परिचय पर केंद्रित है। भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA), 2023 के प्रमुख प्रावधानों तथा उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी गई है। आपातकालीन सेवाओं एवं कंट्रोल रूम पर केंद्रित जोन दो में ‘एक देश, एक आपातकालीन नंबर’ की अवधारणा के अंतर्गत डायल-112 प्रणाली के एकीकरण तथा आधुनिक स्टेट कमांड सेंटर की तकनीकी क्षमताओं का सजीव प्रदर्शन किया गया है। क्राइम सीन और फॉरेंसिक जाँच से संबंधित ज़ोन-3 में अपराध स्थल के वास्तविक 3D मॉडल के माध्यम से घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम की भूमिका, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन तथा साक्ष्यों की अनिवार्य वीडियो रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया प्रदर्शित है। जोन-4 थाना प्रणाली एवं प्रारंभिक जाँच पर केंद्रित है। इसमें पुलिस थाने के मॉडल के माध्यम से विवेचना के प्रारंभिक चरण, ई-एफआईआर, जीरो एफआईआर एवं CCTNS से संबंधित सेवाओं और प्रक्रियाओं की जानकारी इस जोन में दी गई है। चिकित्सा सेवाओं एवं मेडिकल साक्ष्य को समर्पित जोन-5 में पीड़ितों के उपचार, मेडिकल परीक्षण, पोस्टमार्टम तथा समयबद्ध मेडिकल रिपोर्ट के माध्यम से आपराधिक न्याय प्रणाली में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका को दर्शाया गया है।

    चार्जशीट तैयार करने से लेकर न्यायालय में प्रभावी पैरवी तक की दी गई है जानकारी

    न्याय प्रक्रिया में फॉरेंसिक साइंस लैब के महत्व को जोन 6 में प्रदर्शित किया गया है। इस जोन में DNA, फिंगरप्रिंट, बैलिस्टिक एवं डिजिटल फॉरेंसिक जैसी वैज्ञानिक जाँच तकनीकों के माध्यम से अपराध के वैज्ञानिक अनुसंधान और साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ाने की प्रक्रिया दिखाई गई है। जोन-7 में अभियोजन की भूमिका पर केंद्रित है।विवेचना के बाद चार्जशीट तैयार करने से लेकर न्यायालय में प्रभावी पैरवी तक अभियोजन की भूमिका और कार्यप्रणाली को यहां प्रदर्शित किया गया है। जोन-8 में जिला न्यायालय पर केंद्रित है। इस जोन में जिला न्यायालय का मॉडल एवं न्यायालयीन कार्यवाही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग का प्रदर्शन किया गया है। ज़ोन-9 जेल सुधार एवं ई-प्रिजन व्यवस्था को समर्पित है।यहां जेल सुधार, जेल मैनुअल में हुए बदलाव, पैरोल, बंदियों के पुनर्वास कार्यक्रम तथा ई-प्रिजन प्रणाली की कार्यप्रणाली का लाइव डिस्प्ले किया है। ज़ोन-10 उच्च न्यायालय की गरिमापूर्ण पीठ को दर्शाता है।यहां मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के मुख्य कोर्ट रूम का स्वरूप प्रदर्शित किया गया है। यह ज़ोन पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर से लेकर उच्चतर न्यायपालिका के स्तर पर न्याय की प्रक्रिया तक की संपूर्ण यात्रा प्रदर्शित है।

    ऑनलाइन ई-जीरो एफआईआर की प्रक्रिया की जानकारी नागरिकों को उपलब्ध कराई गई

    इसी क्रम में ज़ोन-11 में नक्सल उन्मूलन में उपलब्धियाँ प्रदर्शित हैं। यहां प्रदेश में नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा पुलिस की उपलब्धियों को फोटोग्राफिक एवं डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। ज़ोन-12 साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता से संबंधित है। यह जोनसाइबर अपराधों से बचाव के लिए संचालित ‘सेफ क्लिक अभियान’ तथा ऑनलाइन ई-जीरो एफआईआर की प्रक्रिया की जानकारी नागरिकों को उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। नवीन संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन में राज्य की उपलब्धियाँ जोन तेरह में प्रदर्शित है।यहां नवीन न्याय संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन, आवश्यक ढांचागत सुधारों तथा राज्य में अब तक हुई प्रगति को डिजिटल चार्ट और डिस्प्ले के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। ज़ोन-14 में सामाजिक पहल के प्रदर्शन के साथ ही लाइव क्विज़ रखा गया है। इस ज़ोन में ऑपरेशन मुस्कान, महिला हेल्प डेस्क एवं ‘Say No to Drugs’ जैसे सामाजिक अभियानों की जानकारी के साथ नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित लाइव डिजिटल क्विज़ काउंटर आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

    त्वरित, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

    प्रदर्शनी आम नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और कानून के प्रति रुचि रखने वालों के लिए उपयोगी है। यहां लोगों को नवीन न्याय संहिताओं की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य नागरिकों को भारतीय न्याय व्यवस्था में हुए महत्वपूर्ण बदलावों से परिचित कराना तथा यह बताना है कि नवीन न्याय संहिताओं के माध्यम से त्वरित, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम एवं पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रदर्शनी के उद्घाटन में सचिव गृह मती शिल्पा गुप्ता, केंद्र सरकार के अधिकारी तथा प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना आवश्यक : राज्यमंत्रीगौर

    स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना आवश्यक : राज्यमंत्रीगौर

    भोपाल 

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)कृष्णा गौर ने कहा है कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक का स्वास्थ्य के प्रति सजग और जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने रेखांकित किया कि सेवा संकल्प अभियान का मूल ध्येय जनसेवा के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है।गौर शनिवार को मिसरोद स्थित शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत आयोजित स्वास्थ्य शिविर के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

    शिविर में नोबल हॉस्पिटल के विशेषज्ञों द्वारा विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा स्थानीय नागरिकों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं। राज्यमंत्रीगौर ने शिविर का अवलोकन किया और उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य जांच प्रक्रियाओं एवं चिकित्सा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नागरिकों को अपने दैनिक जीवन में स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने तथा नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम में राज्यमंत्रीगौर ने विद्यालय प्रांगण में फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने विद्यालय परिसर में आयोजित स्वच्छता अभियान में सहभागिता कर श्रमदान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संवर्धन और अपने परिवेश की स्वच्छता बनाए रखना हम सभी का सामूहिक एवं नैतिक दायित्व है। सार्वजनिक स्थलों तथा शैक्षणिक संस्थानों को स्वच्छ, निर्मल और हरा-भरा बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सक्रिय योगदान देना चाहिए।

    कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, स्वास्थ्य शिविर के चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ एवं बड़ी संख्या में गणमान्य स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

     

  • बारिश से बिगड़ी बिजली-सड़क व्यवस्था जल्द होगी दुरुस्त, सीएम योगी ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

    बारिश से बिगड़ी बिजली-सड़क व्यवस्था जल्द होगी दुरुस्त, सीएम योगी ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

    बारिश से बिगड़ी बिजली-सड़क व्यवस्था जल्द होगी दुरुस्त, सीएम योगी ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

    भारी बारिश से क्षतिग्रस्त बिजली के खंभे और तारों की तत्काल हो मरम्मत: मुख्यमंत्री

    प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर लोगों को राहत देने पर जोर

    खराब सड़कों की मरम्मत कर आवागमन सुचारु कराने पर सीएम ने दिया जोर

    लखनऊ
     भारी बारिश के कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में प्रभावित हुई बिजली और सड़क व्यवस्था को जल्द सामान्य करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम ने बारिश से क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों और तारों को जल्द दुरुस्त कराने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति शीघ्र बहाल करने पर जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बारिश के कारण लोगों को लंबे समय तक बिजली संकट का सामना न करना पड़े और मरम्मत कार्य में तेजी लाई जाए।

    आपूर्ति व्यवस्था को जल्द किया जाए सामान्य

    मुख्यमंत्री ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त विद्युत ढांचे की स्थिति का आकलन करने और आवश्यकतानुसार मरम्मत कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए। साथ ही बिजली के खंभों, तारों और अन्य उपकरणों को दुरुस्त कर आपूर्ति व्यवस्था को जल्द सामान्य करने को कहा गया है। सीएम ने स्थानीय स्तर पर टीमों को सक्रिय रखते हुए शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।

    बारिश से खराब हुई सड़कों की तत्काल हो मरम्मत

    मुख्यमंत्री ने भारी बारिश से खराब हुई सड़कों की भी तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। जलभराव और बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों को चिह्नित कर आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द पूरा कराने को कहा गया है, ताकि लोगों के आवागमन में किसी तरह की बाधा न हो। सीएम ने अधिकारियों को बिजली और सड़क जैसी जरूरी जनसुविधाओं को जल्द सामान्य स्थिति में लाने के लिए समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और व्यवस्थाओं की बहाली के कार्यों में किसी तरह की देरी न होने पर जोर देते हुए कहा कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार संबंधित अधिकारी प्राथमिकता तय करें और प्रभावित लोगों को जल्द राहत पहुंचाए।

  • पशुधन और दुग्ध उत्पादन से आएगी गौपालकों के घरों में समृद्धि : केंद्रीय सहकारिता मंत्री  शाह

    पशुधन और दुग्ध उत्पादन से आएगी गौपालकों के घरों में समृद्धि : केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह

    भोपाल 

    राज्यस्तरीय गौ-पालक सम्मेलन

    केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री  अमित शाह ने कहा है कि पशुधन (लाईव स्टॉक) और दुग्ध उत्पादन देश के किसानों और गौवंश पालकों की समृद्धि का प्रमुख आधार है। पशुधन जितना होगा, उतनी ही होगी समृद्धि। देश के किसानों और पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि ही हमारा लक्ष्य है। पशुधन से दुग्ध उत्पादन और दुग्ध उत्पादन से ही गौपालकों के घर समृद्धि आती है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन किसानों और पशुपालकों की आय का बड़ा जरिया है। केंद्र सरकार देश में दुग्ध उत्पादन तेजी से बढ़ाने के लिए पशुपालकों को कई प्रकार की सहायता भी उपलब्ध करा रही है। सहकारिता मंत्री  शाह ने कहा कि भोपाल में हुआ यह विशाल गौपालक सम्मेलन मध्यप्रदेश में हो रही श्वेत क्रांति का एक शुभ संकेत है। सहकारिता मंत्री  शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं एक गौपालक हैं, उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश पूरे देश में दुग्धोत्पादन क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केन्द्रीय मंत्री  शाह ने प्रदेश के सभी गौपालकों से मप्र में प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का बड़ा लक्ष्य लेकर चलने की अपील करते हुए कहा कि सब मिल-जुलकर एक साथ आगे बढ़ेंगे, तभी यह लक्ष्य हासिल होगा। मंत्री  शाह शनिवार को भेल दशहरा मैदान में आयोजित विशाल राज्य स्तरीय गौ-पालक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

    प्रदेश को दीं कई सौगातें

    'सहकार से समृद्धि' की थीम पर केंद्रित राज्य स्तरीय सम्मेलन में केन्द्रीय सहकारिता मंत्री  शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल भूमि-पूजन किया। उन्होंने भोपाल में 16.50 करोड़ रुपये की लागत से नव निर्मित 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के फर्मेटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट, भोपाल में ही 12.42 करोड़ रुपये से नव निर्मित राज्य स्तरीय केंद्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला तथा शिवपुरी जिले में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया। केंद्रीय मंत्री ने सम्मेलन में भोपाल एवं इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालक सदस्यों को 15.10 करोड़ रुपये की लाभांश (बोनस) राशि तथा प्रदेश की गौशालाओं को गौवंश के संरक्षण एवं आहार आदि के लिए 88 करोड़ रुपये की सहायता राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। केंद्रीय गृह मंत्री  शाह ने मंच से 5 गौपालक दीदियों और सर्वश्रेष्ठ दुग्ध उत्पादन करने वाली समिति के सदस्यों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही 2 पशुपालकों को राज्य सरकार की डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति आशय-पत्र भी प्रदान किए।

    एमओयू भी हुआ

    भोपाल में मोरवन प्रोजेक्ट के तहत नगर वन विकसित करने कृभको एवं म.प्र. बॉयोडायवर्सिटी बोर्ड के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर परस्पर आदान-प्रदान किया गया। इसका उद्देश्य भोपाल में हरित क्षेत्र का विस्तार करने के साथ जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और नागरिकों के लिए बेहतर प्राकृतिक वातावरण विकसित करना है। नगर वन के विकास से स्थानीय जैव विविधता को संरक्षण मिलेगा तथा शहर में हरित आवरण को बढ़ावा मिलेगा। सम्मेलन में मप्र में वर्तमान में मनाये जा रहे कृषक कल्याण वर्ष 2026 (बलराम कृषि महोत्सव) पर केंद्रित लघु फिल्म तथा 'मप्र में दुग्ध क्रांति का सूत्रपात' विषयक एक आकर्षक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

    देश को नक्सलवाद से मिली निजात

    केंद्रीय मंत्री  शाह ने कहा कि देश को नक्सलवाद की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल गई है। अब बारी पूरे देश को नशामुक्त बनाने की है। भारत को वर्ष 2029 के अंत तक नशामुक्त बनाना हमारा लक्ष्य है। मंत्री  शाह ने नागरिकों से मध्यप्रदेश को 31 दिसम्बर 2029 तक पूर्णतः नशामुक्त प्रदेश बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ने और इस दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों में सहयोग करने की अपील की। केन्द्रीय मंत्री  शाह ने कहा कि नशामुक्ति के लिए सभी संभव योजनाएं तैयार की जाएंगी। इससे देश-प्रदेश के युवाओं को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने मध्यप्रदेश में करीब 50 एकड़ भूमि में गौवंश एवं भैंसों की नस्ल सुधार का काम प्रारंभ करने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कारगर उपायों से ही मप्र अगले तीन साल में 50 लाख लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन का लक्ष्य हासिल करेगा।

    न्याय संहिता प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

    केंद्रीय मंत्री  शाह ने कहा है कि आज यहां न्याय संहिता प्रदर्शनी का भी शुभारंभ हुआ है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने अंग्रेजी दौर के कई कानूनों को समाप्त कर अपनी न्याय संहिता लागू की है। हमारी न्याय व्यवस्था की पहचान कभी तारीख-पे-तारीख से होती थी, लेकिन अब भारतीय न्याय संहिता में एफआईआर के बाद 3 वर्ष में दोषी को सजा दिलाने का प्रावधान किया गया है। अंग्रेजों ने अपनी सरकार को बचाने के लिए कानून बनाए थे। उन्होंने कहा कि नई न्याय संहिता के मूल में न्याय दिलाना है, दंड नहीं। दंड सिर्फ अपराध रोकने के लिए ही है। इससे हर भारतीय के सम्मान की रक्षा होगी। इस नवीन न्याय संहिता से भारतीय न्यायपालिका शीघ्र ही दुनिया का सबसे आधुनिक न्याय तंत्र बन जाएगी। इसमें ऑनलाइन एफआईआर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, एफएसएल के प्रावधान और कई आधुनिक वैज्ञानिक प्रावधान इसमें जोड़े गए हैं। महिला सुरक्षा, आतंकवाद, लिंचिंग तक से प्रोटेक्शन की व्यवस्था की गई है।

    केंद्रीय मंत्री  शाह ने कहा कि देश में सहकारिता से जुड़े लोग 75 साल से सहकारिता मंत्रालय बनाने की मांग कर रहे थे, लेकिन विपक्षी दल की सरकारों ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया। प्रधानमंत्री  मोदी ने पहली बार देश में प्रथक से सहकारिता मंत्रालय की शुरुआत की। इसका सबसे अधिक लाभ देश के गौपालकों भाई-बहनों को हुआ है। उन्होंने बताया कि बिचौलियों को दूध बेचने से दुग्ध उत्पादकों को केवल 35 रुपए लीटर दाम मिलता है, लेकिन सहकारी समितियों को दूध बेचने पर पहले दिन से 55 रुपए लीटर दाम मिलेगा। हमारी सरकार मिल्क प्रोसेसिंग कर दही, मक्खन, पनीर जैसे उत्पाद करने के लिए इको सिस्टम तैयार कर रही है। आज उज्जैन में 255 करोड़ लागत के दूध प्रसंस्करण संयंत्र का भूमि-पूजन हुआ है। भोपाल में 17 करोड़ की लागत से सांची दुग्ध संघ का संयंत्र बनकर तैयार हो गया है। भोपाल में 12 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक राज्य स्तरीय प्रयोगशाला बनाई गई है। शिवपुरी में साढ़े 6 करोड़ की लागत से मिनी डेयरी यूनिट को भी बनाया जाएगा। भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े पशुपालकों को 12 करोड़ रुपए बोनस की सौगात दी गई है। गौपालक दीदियों का सम्मान भी हुआ है। प्रदेश में 50 एकड़ भूमि पर गाय और भैंस की नस्ल सुधार का कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है इससे गौमाता बीमार नहीं होगी। दूध उत्पादन बढ़ेगा। नई प्रजनन तकनीक से गाय केवल बछिया ही जनेगी। अगले तीन साल में मध्यप्रदेश सरकार दूध उत्पादन क्षमता को 10 लाख लीटर से बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाने के लिए काम कर रही है। यह एक बड़ा लक्ष्य है। गुजरात ने इसे कर दिखाया है।

    भारत कर रहा है दुनिया में सर्वाधिक दूग्ध उत्पादन

    केंद्रीय मंत्री  शाह ने कहा कि देश की आजादी के बाद वर्ष 2013-14 तक देश में कुल दूध उत्पादन 14 करोड़ 7 लाख टन था। प्रधानमंत्री  मोदी के सत्ता संभालने के बाद 10 साल में ही यह 25 करोड़ टन से अधिक हो गया है। केंद्र और हमारी राज्य सरकारों की गौपालकों के लिए प्रतिबद्धता से यह लक्ष्य हासिल होता है। प्रति व्यक्ति दूध उत्पादन में 58 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अब 485 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रति दिन हो गया है। भारत अब दुनिया में सबसे अधिक दुग्ध उत्पादन कर रहा है। देश के दूग्ध उत्पादक अग्रणी 5 राज्यों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं।

    नई डेयरी समितियों के लक्ष्य प्राप्ति में सबसे बड़ा योगदान होगा म.प्र. का

    केन्द्रीय मंत्री  शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में नंबर 1 बनाने का संकल्प लिया है। हमारा निर्यात आज बढ़कर 5000 करोड़ तक पहुंच गया है। यूएई, अमेरिका, बांग्लादेश, सऊदी अरब और भूटान सहित कई देशों में भारत निर्यात करता है। उन्होंने कहा कि हमने अब श्वेत क्रांति 2.0 का शुभारंभ किया है। केंद्र सरकार ने गांवों में 75 हजार डेयरी सहकारी समितियां बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही 46 हजार डेयरियों को और भी मजबूत किया जाएगा। नई डेयरी समितियों के लक्ष्य प्राप्ति में सबसे बड़ा योगदान मध्यप्रदेश का होगा। केंद्र सरकार ने नेट जीरो और चक्रीय अर्थव्यवस्था तैयार करने को गति दी है। पशुओं की नस्ल सुधार, पशु आहार तैयार करने, गोबर से बायोगैस, गोबर से उत्पाद तैयार करने, चारा प्रबंधन, कृत्रिम गर्भधान के लिए सरदार पटेल को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की स्थापना की है। गोबर का वैज्ञानिक संग्रह, स्वच्छ ऊर्जा निर्माण और ग्रामीण रोजगारी के लिए 5 मॉडल बनाए गए हैं। मध्यप्रदेश के प्रत्येक गांव तक गोबर के उत्पाद तैयार करने का मॉडल भी तैयार किया जाएगा। केन्द्रीय मंत्री  शाह ने कहा कि डेयरी आधारित अर्थव्यवस्था से देश की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। इससे ग्रामीण और आर्थिक विकास का मॉडल भी जुड़ता है। देश में कुपोषण से लड़ाई में भी डेयरी अहम भूमिका निभा रही है। केन्द्रीय मंत्री  शाह ने सम्मेलन में आए सभी गौपालकों को देश में नई श्वेत क्रांति 2.0 से जुड़ने की बधाई देने के साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को आश्वस्त किया कि दूध उत्पादन के लिए 50 लाख लीटर प्रतिदिन का लक्ष्य कठिन जरूर है, लेकिन केंद्र सरकार हर कदम पर प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है।

    दूध उत्पादन में अब देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नई दुग्ध क्रांति की ओर बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है कि देश का अधिकतम दुग्ध उत्पादन म.प्र. की धरती पर हो। उन्होंने कहा कि आज स्वयं केंद्रीय सहकारिता मंत्री की उपस्थिति में यहां अद्भुत राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन आयोजित किया गया है। प्रदेश में 80 लाख से अधिक गौपालकों का विशाल समृद्ध परिवार है। राज्य सरकार ने गरीब युवा महिला और नारी शक्ति के कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। किसान कल्याण वर्ष में हमने 17 विभागों को एक साथ जोड़ा है। किसानों की समृद्धि और उनकी आय बढ़ाने के लिए हमारी सरकार ने सभी तरह के प्रयास शुरू किए हैं। प्रदेश के प्रत्येक जिले में कृषि मेले, कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी, उन्नत कृषि के उपाय किसान भाइयों को बताए जा रहे हैं। किसान भाइयों की आय गौपालन, दूध उत्पादन, पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन और मत्स्य पालन से बढ़ाने के प्रयास किया जा रहे हैं। किसानों की सबसे अधिक आय दूध उत्पादन से होती है। मध्यप्रदेश दूध उत्पादन में अब देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश के हर गांव-कस्बे की सभी दुग्ध सहकारी समितियों को और भी सशक्त करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। इस दिशा में प्रदेश में कई नवाचारी कदम उठाये जा रहे हैं।

    गोवर्धन पूजा से पहले सरकार के तीन नए संकल्प, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की तीन घोषणायें

    सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौपालकों और दुग्ध उत्पादकों के हित में चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए अगले माह गोवर्धन पूजा से पहले सरकार के तीन नए संकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने इस संकल्पों की पूर्णता के लिए घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी 313 ब्लॉक्स में स्थित वृंदावन ग्रामों में उत्कृष्ट गौपालकों की प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसमें विजेताओं को नगद पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम विजेता को एक लाख रुपए, द्वितीय को 50 हजार रुपए एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी प्रदेश में 406 गौ-एम्बुलेन्स चल रही हैं। इसमें वृद्धि करते हुए अब प्रदेश में 168 नई गौ-एम्बुलेन्स चलाईं जायेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्नत दुधारू नस्ल के पशु अधिक दूध उत्पादन करते हैं, इसीलिए उन्नत नस्ल पशुपालन के प्रोत्साहन के लिए प्रदेश में जगह-जगह पशुपालकों के वृहद् मेले लगाये जायेंगे।

    म.प्र. देश में सबसे पहले हुआ नक्सल मुक्त

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री  शाह के अटल इरादों से ही देश नक्सलवाद की समस्या से हमेशा के लिए मुक्त हो गया है। मप्र देश में सबसे पहले दशकों पुरानी इस समस्या से मुक्त हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की प्रत्येक केन्द्रीय योजना में शत्-प्रतिशत परिणाम देने के लिए केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। पहले दुग्ध उत्पादकों से बिचौलिए लाभ कमाते थे। लेकिन केंद्रीय सहकारिता मंत्री  शाह के प्रयासों से अब नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ एमओयू हो गया है। केंद्रीय मंत्री  शाह के करकमलों से आज मध्यप्रदेश को दूध उत्पादन और डेयरी क्षेत्र में कई बड़ी सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 330 ग्राम दूध का प्रोडक्शन होता है। यह आंकड़ा भारत में 485 ग्राम है और मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय औसत से अधिक 750 ग्राम है। आज प्रदेश में श्वेत क्रांति 2.0 की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने दुग्ध समितियां की संख्या बढ़कर दूध कलेक्शन को 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा है। जिन गांवों में समितियाँ नहीं बनी है, वहाँ भी समितियाँ गठित की जाएगी। मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन सहित कुल 6 दुग्ध सहकारी संघ संचालित हैं। इनके श्रेष्ठ प्रदर्शन, पारदर्शी नीतियों और डेयरी वैल्यू चेन को बढ़ाते हुए कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक पशुधन हैं। राज्य में गिर, साहीवाल जैसी गायों और दूध देने वाले पशुओं की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। प्रदेश की गौशालाओं में उन्नत नस्ल की गायों से दूध उत्पादन बढ़ेगा। हमारे किसान भाइयों ने सहकारिता और पशुपालन के माध्यम से अपनी जिंदगी बदली है। प्रदेश में 3500 गौशाला है, इनमें 5 लाख से अधिक गौवंश का संरक्षण हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में वृंदावन ग्राम विकसित किए जा रहे हैं। वृंदावन ग्रामों में उन्नत नस्ल के पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    गौपालकों को बनायेंगे समृद्ध

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम गौपालकों को समृद्ध और गौपालन को प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति प्रेम का अनुपम उदाहरण बनाएंगे। दूध उत्पादन को व्यक्तिगत स्तर और गौशालाओं के जरिए भी बढ़ाया जा रहा है। नगर निगम क्षेत्र में स्थित गौशालाओं को भी अनुदान 20 रू. प्रति गाय से बढ़ाकर 40 रू. प्रति गाय कर दिया गया है। राज्य में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत 40 लाख रुपए ऋण लेकर 25 गाय पालने पर सरकार 10 लाख रुपए की सब्सिडी दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेशवासियों को 21 साल बाद मप्र सुगम परिवहन बस सेवा की सौगात मिली है। मध्यप्रदेश में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना के अंतर्गत 50 लाख से अधिक पट्टेधारियों की पक्की रजिस्ट्रियां कराकर उन्हें नि:शुल्क रजिस्ट्रियाँ प्रदान की जा रही हैं।

    वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष  हेमन्त खंडेलवाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री  शाह ने देश में सहकारिता को एक नई दिशा दे दी है। मध्यप्रदेश में नई दुग्ध क्रांति की शुरुआत की गई है। अब तक 1700 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा चुकी हैं। सांची और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के बीच हुए एमओयू के बाद प्रदेश में दूध का कलेक्शन 12 लाख लीटर प्रतिदिन पर पहुंच गया है। प्रदेश के गौपालकों को अब दूध का 8.50 रूपए प्रति लीटर अधिक दाम मिल रहा है। दूध उत्पादन से पशुपालकों की आय बढ़ी है। गोबर से बायोगैस एवं खाद और सहकार से समृद्धि आए, केन्द्रीय मंत्री  शाह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार इसी उद्देश्य से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर मध्यप्रदेश में भी दूध से आय आधारित अर्थव्यवस्था बनाएंगे। इससे युवाओं को बड़ी मात्रा में रोजगार भी मिलेगा।

    खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारिता हमारा धर्म है और हमारी सरकार इसी धर्म के पालन में केन्द्र सरकार के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है।

    सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल, कृषि कल्याण किसान एवं विकास मंत्री  एदल सिंह कंषना, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, भोपाल सांसद  आलोक शर्मा, विधायकगण  रामेश्वर शर्मा,  भगवान दास सबनानी,  विष्णु खत्री, महापौर मती मालती राय, एमडी कृभको  एसएस यादव, अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा भोपाल सहित निकटवर्ती रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम एवं हरदा जिले की सभी दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े हजारों गौपालक सदस्य उपस्थित थे।

    केंद्रीय मंत्री  शाह ने किसान कल्याण वर्ष पर केन्द्रित प्रदर्शनी का किया अवलोकन

    केन्द्रीय मंत्री  अमित शाह ने राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में सहभागिता करने से पहले मौके पर ही राज्य सरकार द्वारा मनाए जा रहे किसान कल्याण वर्ष 2026 पर केन्द्रित विकास प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय सहकारिता मंत्री को वर्तमान में मनाए जा रहे कृषक कल्याण वर्ष और बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से प्रदेश के किसानों की बेहतरी के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। 

  • सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, ग्लोबल मार्केट में 3.4% टूटा Gold; भारत में जानें 22-24 कैरेट का भाव

    सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, ग्लोबल मार्केट में 3.4% टूटा Gold; भारत में जानें 22-24 कैरेट का भाव

    मुंबई 
    सोने की कीमतों में इन दिनों एक दिलचस्प तस्वीर देखने को मिल रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत इस हफ्ते करीब 3.4% नीचे आ चुकी है, लेकिन भारत के कई बड़े शहरों में 3 अक्टूबर की सुबह सोने के भाव अब भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं. दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,50,460 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट ₹1,37,910 प्रति 10 ग्राम पर है। 

    मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में 3 अक्टूबर को 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,50,290 प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि 22 कैरेट सोना ₹1,37,760 प्रति 10 ग्राम पर रहा. बड़े शहरों में सोने के भाव में बहुत ज्यादा अंतर नहीं दिख रहा है, लेकिन दिल्ली समेत कुछ शहरों में रेट थोड़ा ऊपर है। 

    पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद में भाव

    पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद में 24 कैरेट सोना ₹1,50,290 प्रति 10 ग्राम पर रहा. वहीं 22 कैरेट का भाव ₹1,37,760 प्रति 10 ग्राम रहा। 

    अहमदाबाद और भोपाल में क्या भाव
    अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,50,360 प्रति 10 ग्राम रहा. 22 कैरेट सोना ₹1,37,810 प्रति 10 ग्राम पर रहा. भोपाल में भी 24 कैरेट सोना ₹1,50,360 और 22 कैरेट ₹1,37,810 प्रति 10 ग्राम रहा। 

    जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में रेट
    जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में 24 कैरेट सोना ₹1,50,460 प्रति 10 ग्राम पर रहा. वहीं 22 कैरेट का भाव ₹1,37,910 प्रति 10 ग्राम रहा। 

    ग्लोबल बाजार में सोना 3.4% नीचे
    अब अंतरराष्ट्रीय बाजार पर नजर डालें तो यहां तस्वीर थोड़ी अलग है. 3 अक्टूबर की सुबह हाजिर सोना (Spot Gold) 4,140.06 डॉलर प्रति औंस पर रहा. इस हफ्ते अब तक इसकी वैश्विक कीमत करीब 3.4% गिर चुकी है. ग्लोबल बाजार में सोने पर दबाव है, लेकिन भारत में भाव अभी भी काफी ऊंचे हैं. इसकी वजह यह है कि घरेलू सोने की कीमत सिर्फ अंतरराष्ट्रीय भाव से तय नहीं होती. डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट, आयात लागत, टैक्स और स्थानीय मांग जैसे कई दूसरे कारक भी घरेलू रेट को प्रभावित करते हैं। 

    HSBC ने घटाया सोने का अनुमान
    न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, HSBC ने 2026 और 2027 के लिए सोने की औसत कीमत के अपने अनुमान में कटौती की है. बैंक ने 2026 के लिए औसत कीमत का अनुमान 4,490 डॉलर प्रति औंस और 2027 के लिए 4,825 डॉलर प्रति औंस रखा है. HSBC का मानना है कि निकट भविष्य में सोने की कीमत पर और दबाव आ सकता है. हालांकि, अगर कीमतें नीचे आती हैं तो खरीदारी भी लौट सकती है। 

    HSBC के मुताबिक, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 4,000 डॉलर प्रति औंस या उससे नीचे आती है, तो केंद्रीय बैंकों की तरफ से सोने की खरीदारी फिर बढ़ सकती है. यानी बाजार के लिए 4,000 डॉलर का स्तर आगे महत्वपूर्ण रह सकता है. कीमत वहां तक जाती है या नहीं और अगर जाती है तो खरीदारी कितनी लौटती है, इस पर नजर रहेगी। 

    चांदी का क्या हाल है?
    सोने के साथ चांदी के भाव में भी बदलाव देखने को मिल रहा है. 3 अक्टूबर की सुबह देश में चांदी का भाव ₹2,34,900 प्रति किलोग्राम रहा. अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी करीब 60.36 डॉलर प्रति औंस पर रही. इसी साल जनवरी में देश में चांदी ₹4 लाख प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची थी. मौजूदा भाव उस रिकॉर्ड ऊंचाई से काफी नीचे है। 

  • Flydubai हमले ने खोली इजरायली सुरक्षा तंत्र की पोल, गैर-कूटनीतिक देशों के पायलटों की जांच पर सवाल

    Flydubai हमले ने खोली इजरायली सुरक्षा तंत्र की पोल, गैर-कूटनीतिक देशों के पायलटों की जांच पर सवाल

    दुबई
    दुबई से तेल अवीव आ रही फ्लाईदुबाई (Flydubai) की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के भीतर ओमानी को-पायलट के भारतीय कैप्टन पर किए गए जानलेवा हमले और विमान क्रैश करने की साजिश के बाद अब इजरायल की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। इजरायली न्यूज चैनल चैनल 12 की एक सनसनीखेज रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इजरायल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी 'शिन बेट' और परिवहन मंत्रालय की घोर लापरवाही की वजह से ही यह बड़ा सुरक्षा तंत्र ध्वस्त हुआ।

    अब्राहम समझौते के स्पष्ट नियमों के बावजूद इजरायल ने ओमान जैसे गैर-कूटनीतिक संबंधों वाले देशों के पायलटों को अपने एयर स्पेस में उड़ने की बिना किसी जांच-पड़ताल के छूट दे रखी थी।

    खुफिया एजेंसियों ने एयरलाइन के भरोसे छोड़ी सुरक्षा
    रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 में यूएई और इजरायल के बीच हुए अब्राहम समझौते में यह साफ प्रावधान था कि जिन देशों के इजरायल के साथ कूटनीतिक संबंध नहीं हैं, उन देशों के नागरिक या पायलट इजरायल जाने वाली उड़ानों के कॉकपिट में नहीं हो सकते। ओमान के साथ इजरायल के कोई औपचारिक संबंध नहीं हैं।

    इसके बावजूद, इजरायली सुरक्षा एजेंसियों की ढिलाई का आलम यह था कि उन्होंने कभी कोई जांच नहीं की, बल्कि एयरलाइन के भरोसे ही अपना काम छोड़ा हुआ था।

    'शिन बेट' ने फ्लाईदुबाई के पायलटों के बैकग्राउंड की कभी गहन जांच ही नहीं की। उन्होंने केवल एयरलाइन से जबानी तौर पर कह दिया था कि वे गैर-मित्र देशों के पायलटों को इजरायल न भेजें।

    एविएशन इंडस्ट्री के एक सीनियर अधिकारी ने चैनल 12 को बताया, "शिन बेट के पास महज 5 मिनट के भीतर यह पता लगाने के सारे संसाधन मौजूद हैं कि दुबई एयरलाइन के पायलट कौन हैं। लेकिन उन्होंने जानबूझकर आंखें मूंद लीं। इजरायल में अधिकारियों को विदेशी एयरलाइंस पर इतना अंधा भरोसा था कि पिछले कुछ सालों में उन्होंने कोई रिव्यू ही नहीं किया।"

    परिवहन मंत्रालय ने अपनी सफाई में कहा है कि शिन बेट ने कभी भी फ्लाईदुबाई से किसी संभावित पायलट खतरे की चेतावनी जारी नहीं की थी, केवल लगेज की जांच बढ़ाने को कहा था।

    सऊदी अरब में क्या हुआ खुलासा?
    बुधवार को हुए इस हादसे के बाद सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी।

    सऊदी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अस्पताल में इलाज के बाद घायल भारतीय कैप्टन स्मित मछार और हमलावर ओमानी को-पायलट दोनों को गुरुवार सुबह आगे के इलाज और जांच के लिए अबू धाबी भेज दिया गया है

    इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुलासा किया है कि ओमानी को-पायलट "इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा" का शिकार था। सऊदी जांचकर्ताओं से मिली शुरुआती जानकारी के आधार पर इजरायली खुफिया एजेंसियां- मोसाद और शिन बेट मान रही हैं कि यह हमला 'राष्ट्रीय/धार्मिक नफरत' के कारण किया गया था।

    प्राथमिक निष्कर्षों के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि को-पायलट ने किसी बड़े आतंकी संगठन या ईरान के इशारे के बिना, अपने स्तर पर अकेले ही इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था।

    UAE इजरायल से क्यों हुआ नाराज?
    इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इजरायल के उस जल्दबाजी भरे बयान पर नाराजगी जताई है जिसमें जांच पूरी होने से पहले ही इसे 'राष्ट्रीय आतंकी हमला' घोषित कर दिया गया। यूएई का कहना है कि वह अपने स्तर पर पूरी निष्पक्षता से मामले की जांच कर रहा है।

    दूसरी तरफ, इजरायल में चौतरफा घिरने के बाद अब मोसाद और शिन बेट यूएई व सऊदी अरब की एजेंसियों के साथ मिलकर सूक्ष्म जांच में जुट गए हैं। चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्यों हाल के महीनों में जब इजरायली उड़ानों पर कड़े सुरक्षा प्रतिबंध लगाए गए थे, तब विदेशी एयरलाइंस के पायलटों की कड़े प्रोटोकॉल से चेकिंग क्यों नहीं की गई।

  • बरेली में नवरात्र से खुलेगी रामायण वाटिका, 51 फीट ऊंची श्रीराम प्रतिमा बनेगी मुख्य आकर्षण

    बरेली में नवरात्र से खुलेगी रामायण वाटिका, 51 फीट ऊंची श्रीराम प्रतिमा बनेगी मुख्य आकर्षण

    बरेली
    भगवान श्रीराम के 14 वर्षों के वनवास काल की स्मृतियों को संजोए रामायण वाटिका के शुभारंभ की तैयारी फिर से आरंभ कर दी गई है। बीडीए की ओर से नवरात्र में वाटिका आमजन के लिए खोलने की योजना बनाई गई है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी समय मांगा गया है।

    शहर को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की नई पहचान देने वाली रामायण वाटिका के शुभारंभ के लिए लंबे समय से कवायद चल रही है। अब इसे नवरात्र में जनता को समर्पित करने की तैयारी चल रही है। नवरात्र के दौरान रामायण वाटिका के एम्फीथिएटर (खुला रंगमंच) में प्रतिदिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला सुंदरकांड, सत्संग, संकीर्तन, रामायण आधारित प्रस्तुतियां व अन्य विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने बताया कि, शहर को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की नई पहचान देने वाली रामायण वाटिका अब पूर्ण हो चुकी है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथ रामायण वाटिका का लोकार्पण कराया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा जा रहा है।

    वाटिका में स्थापित की गई 51 फीट ऊंची भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा
    रामायण वाटिका की पहचान ‘हरित रामायण’ की संकल्पना है। भगवान श्रीराम के वनगमन के दौरान जिन वन क्षेत्रों से होकर उनके जाने का उल्लेख वाल्मीकि रामायण में मिलता है, वहां की वनस्पतियों एवं वृक्षों से संबंधित विवरण को आधार बनाकर वाटिका काे हरित स्वरूप में विकसित किया गया है।

    वाटिका में स्थापित 51 फीट ऊंची भगवान श्रीराम की भव्य-दिव्य प्रतिमा पर्यटकाें का प्रमुख आकर्षण है। साथ ही लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए जाने की व्यवस्था की जा रही है।

    मानसून के बाद वाटिका में विकसित पुष्प-पौधों, वनस्पतियों और लैंडस्केप के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि नवरात्र के अवसर पर इसे अपने पूर्ण प्राकृतिक एवं आकर्षक स्वरूप में जनता के सामने प्रस्तुत किया जा सके। वाटिका में आमजन के लिए खानपान की सुविधा को कैंटीन, सार्वजनिक शौचालय समेत अन्य सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।

  • बडगाम मुठभेड़ में लश्कर कमांडर मूसा ढेर, पाकिस्तानी सेना के SSG कमांडो से जुड़े थे तार

    बडगाम मुठभेड़ में लश्कर कमांडर मूसा ढेर, पाकिस्तानी सेना के SSG कमांडो से जुड़े थे तार

    नई दिल्ली
    बडगाम मुठभेड़ में बीते दिनों पाकिस्तान लश्कर कमांडर आतंकी मोहम्मद आसिम उर्फ हाशिम मूसा मारा गया था. जानकारी के मुताबिक, वह पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विसेज ग्रुप(SSG) का रिटार्ड कमांडो था. अधिकारियों के मुताबिक, वह पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की सुरक्षा टीम में भी तैनात रह चुका था.

    बता दें, बीते दिनों सुरक्षाबलों को इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया था. मुठभेड़ में लश्कर कमांडर आतंकी मोहम्मद आसिम उर्फ हाशिम मूसा को मार गिराया गया था.

    यह मुठभेड़ मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के यूसमर्ग इलाके में हुई थी. सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के मुताबिक, 2019 के बाद से जम्मू-कश्मीर में विदेशी आतंकियों की संख्या में लगातार गिरावट आई है. उस समय घाटी में भाड़े के आतंकियों की संख्या 300 से 400 के बीच या उससे ज्यादा आंकी जाती थी.

    लंबे समय से चल रही थी मूसा की तलाश
    मूसा की तलाश लंबे समय से की जा रही थी. तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से जुड़ी एजेंसियों ने संयुक्त रणनीति बनाई. आखिरकार बडगाम के खानसाहिब इलाके के गुरवतकलान में ऑपरेशन के दौरान मूसा मारा गया.

    मूसा के मारे जाने के साथ ही 2022 के बाद जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लश्कर के चार बड़े कमांडरों का समूह खत्म हो गया. सुरक्षा बलों के मुताबिक, इस ग्रुप के जुनैद भट, सुलेमान और यासिर पहले ही अलग-अलग अभियानों में मारे जा चुके थे. जुनैद भट 3 दिसंबर 2024 को दाचीगाम में मारा गया था. सुलेमान को 28 जुलाई 2025 को ऑपरेशन महादेव में ढेर किया गया, जबकि यासिर 4 सितंबर 2026 को ऑपरेशन असधर में मारा गया. इसके बाद 30 सितंबर को मूसा का खात्मा हुआ.

    बड़े हमलों से जुड़े थे चारों कमांडर
    सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, इन चारों कमांडरों का नाम जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ सालों के कई बड़े आतंकी हमलों से जोड़ा गया था. इनमें अगस्त 2023 का हालन हमला, दिसंबर 2023 का DKG हमला, मई 2023 का कंडी हमला, मई 2024 का शाहसीतार हमला, जून 2024 का शिव खोरी हमला, अक्टूबर 2024 का गगनगीर हमला, अक्टूबर 2024 का बूटापथरी हमला और अप्रैल 2025 का बैसरण हमला शामिल हैं.

  • योगी सरकार के औद्योगिक विकास के एजेंडे को मिल रही रफ्तार, बुंदेलखंड में आकार ले रहा बीडा का औद्योगिक भविष्य

    योगी सरकार के औद्योगिक विकास के एजेंडे को मिल रही रफ्तार, बुंदेलखंड में आकार ले रहा बीडा का औद्योगिक भविष्य

    योगी सरकार के औद्योगिक विकास के एजेंडे को मिल रही रफ्तार, बुंदेलखंड में आकार ले रहा बीडा का औद्योगिक भविष्य

    बीडा में 28,874 एकड़ भूमि का अर्जन पूरा, 56,662 एकड़ अनुमोदित क्षेत्र में चरणबद्ध विकास की तैयारी

    एक्टिवेशन एरिया में 1,000 एकड़ के प्रथम चरण पर फोकस, ₹447.01 करोड़ के विकास कार्य प्रस्तावित

    मदर‍सन, बीईएमएल, रैप्हे एमफिब्र, सिफी समेत कई बड़े समूहों ने दिखाई रुचि

    लखनऊ,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को औद्योगिक निवेश के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के विकास और भूमि अर्जन की प्रक्रिया को तेजी मिली है। बीडा के 01 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, परियोजना के लिए 33 ग्रामों में कुल 56,662 एकड़ अनुमोदित क्षेत्र में से अब तक 28,874 एकड़ भूमि का अर्जन पूरा किया जा चुका है। प्रथम चरण में 35,298 एकड़ और द्वितीय चरण में 21,364 एकड़ भूमि अनुमोदित है।

    लगातार बढ़ी भूमि अर्जन की रफ्तार
    बीडा क्षेत्र में भूमि अर्जन की प्रक्रिया में पिछले महीनों में निरंतर प्रगति हुई है। नवंबर से सितंबर तक कुल 7,026 एकड़ अतिरिक्त भूमि अर्जित की गई। सितंबर 2026 में अकेले 616 एकड़ भूमि का अर्जन हुआ, जिसके साथ कुल अर्जित भूमि का आंकड़ा 28,874 एकड़ पहुंच गया। यह भूमि अर्जन बीडा में प्रस्तावित औद्योगिक, वाणिज्यिक और आधारभूत संरचनात्मक विकास के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार कर रहा है।

    1,000 एकड़ के प्रथम चरण में विकसित होगा एक्टिवेशन एरिया

    बीडा के 2,320 एकड़ क्षेत्रफल को एक्टिवेशन एरिया के रूप में चिह्नित किया गया है। इसके प्रथम चरण में 1,000 एकड़ क्षेत्र विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए ड्राफ्ट सेक्टर प्लान तैयार किया गया है, जिस पर महायोजना के अनुमोदन के उपरांत अंतिम स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इस क्षेत्र में सड़क, जलापूर्ति, विद्युत आपूर्ति और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास को गति देने की तैयारी है।

    ₹447 करोड़ से अधिक के आधारभूत विकास कार्य प्रस्तावित
     एक्टिवेशन एरिया के लिए प्रस्तावित विकास कार्यों में 132 केवी विद्युत पारेषण लाइन, 30 एमएलडी जल ट्रंक लाइन, सड़क अवसंरचना, स्टॉर्म वाटर ड्रेन, विद्युत डक्ट, साइकिल ट्रैक, फुटपाथ, एवेन्यू प्लांटेशन, प्रशासनिक भवन एवं आईसीसीसी, प्रवेश द्वार, जल वितरण पाइपलाइन एवं ओवरहेड टैंक तथा विद्युत वितरण नेटवर्क और 33/11 केवी सबस्टेशन शामिल हैं। इन कार्यों की अनुमानित कुल लागत 447.01 करोड़ रुपये है। शासन द्वारा इन परियोजनाओं को अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत कराए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। संबंधित कार्यों के डीपीआर तैयार किए जा चुके हैं तथा उनके परीक्षण की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।

    औद्योगिक क्लस्टरों के विकास पर विशेष जोर
     बीडा क्षेत्र में विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों के लिए क्लस्टर आधारित विकास की योजना तैयार की गई है। इनमें डेटा सेंटर/आईटी, केमिकल और डिफेंस सेक्टर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। डेटा सेंटर/आईटी क्लस्टर के लिए 1,000 एकड़ क्षेत्र चिह्नित है, जिसमें 810 एकड़ भूमि अर्जित की जा चुकी है। इस क्लस्टर आधारित विकास से बीडा क्षेत्र में विविध औद्योगिक गतिविधियों के लिए समेकित आधारभूत सुविधाएं विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

    जलापूर्ति को लेकर मध्य प्रदेश के साथ समन्वय
    बीडा परियोजना के लिए आवश्यक जल उपलब्धता को लेकर भी अंतरराज्यीय समन्वय किया जा रहा है। मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश द्वारा मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश को प्रेषित अर्द्धशासकीय पत्र तथा वार्ता के क्रम में 23 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश के जल संसाधन विभाग के साथ बैठक हुई। इसमें बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण परियोजना के लिए 216 एमएलडी जल उपलब्ध कराने के संबंध में मध्य प्रदेश सरकार की सहमति से अवगत कराया गया।

    देश की बड़ी कंपनियों ने दिखाई निवेश में रुचि
    बीडा की संभावनाओं को देखते हुए विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों और संस्थानों ने निवेश में रुचि दिखाई है। बीडा की संभावित निवेशकों की सूची में समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड, बीईएमएल लिमिटेड, रैप्हे एमफिब्र, फेयर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (लुलु समूह), प्रभातम ग्रुप, कॉनकॉर, सिद्धार्थ लॉजिस्टिक्स, सिफी टेक्नोलॉजीज, सतीश चंद्र गोयल चैरिटेबल ट्रस्ट (मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज) तथा एनआईसीडीसी शामिल हैं। ये रुचियां क्रमशः ऑटोमोटिव, रक्षा, एफएमसीजी, स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक्स, आईटी और संस्थागत क्षेत्र से जुड़ी हैं।

    कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मिल रहा विस्तार
    बीडा क्षेत्र को व्यापक कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से जोड़ने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। भारत सरकार के सहयोग से आगरा-ग्वालियर छह लेन एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई रेल संपर्क, मल्टीमॉडल कार्गो पार्क तथा डिफेंस कॉरिडोर से जुड़ी कनेक्टिविटी जैसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।

    यूपीआईटीएस-2026 में बीडा को मिला बेस्ट डिस्प्ले अवॉर्ड
    बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में भी अपनी औद्योगिक संभावनाओं और निवेश अवसरों को प्रदर्शित किया। बीडा के प्रदर्शनी स्टॉल को बेस्ट डिस्प्ले अवॉर्ड प्रदान किया गया। इससे बीडा की औद्योगिक परिकल्पना, विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश संभावनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिला।