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  • निजी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने पर राज्य सरकार उद्यमियों को 800 रुपये वर्ग फीट की दर से देगी अनुदान : मंत्री काश्यप

    निजी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने पर राज्य सरकार उद्यमियों को 800 रुपये वर्ग फीट की दर से देगी अनुदान : मंत्री काश्यप

    भोपाल 

    सूक्ष्म, लघु,मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा है कि नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने पर उद्यमी और विकासक को मध्यप्रदेश सरकार 800 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से अनुदान देगी।मंत्री काश्यप इंदौर में शनिवार को लघु उद्योग भारती के उद्यम समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

    मंत्री काश्यप ने कहा कि नवीन लघु उद्योग लगाने के लिए 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी का प्रावधान है। सब्सिडी वितरण में मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहाँ दो माह में सब्सिडी ऑनलाइन दी जा रही है।उन्होंने लघु उद्योग भारती के कार्यो की सराहना भी की। काश्यप ने कहा कि समागम चिंतन के लिए होते हैं ।लघु उद्योगों के विस्तार के लिए जाग्रति आवश्यक है जो लघु उद्योग भारती पूरी शिद्दत से कर रही हैं।

    लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू ने कहा कि 27 राज्यों में हमारे 70 हज़ार सदस्य हैं, छोटे उद्योगों की बात करने के लिए एवं उनके हित में सरकार की नीतियों को बनवाने और उनको क्रियान्वयन करवाने में लघु उद्योग भारती योगदान दे रहा है। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी लघु उद्योग भारती का कार्य उल्लेखनीय है देश में 65 महिला इकाई स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहीं है।

    लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र,प्रदेश अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती की उद्यम समागम स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

    कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समीर मुंदडा, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अतीत अग्रवाल, आरएसएस के मध्य क्षेत्र कार्यवाह अशोक अग्रवाल, छत्तीसगढ़ प्रांत के अध्यक्ष सी पी दुबे, डीआरडीओ एवं डिफेंस क्षेत्र के चीफ एडवाइजर जितेंद्र सिंह सहित लघु उद्योग भारती के देश, प्रदेश और प्रांतों की समस्त जिला इकाइयों के पदाधिकारी एवं उद्यमी शामिल हुए।

     

  • मध्यप्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरे सिंडिकेट को किया जाएगा ध्वस्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरे सिंडिकेट को किया जाएगा ध्वस्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के नशा मुक्त भारत के निर्माण के संकल्पों के अनुरूप प्रदेश में मादक पदार्थों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू की गई है। राज्य सरकार और पुलिस अब मादक पदार्थों, सायबर अपराध, अवैध हथियारों तथा संगठित अपराध के नेटवर्क पर सतत प्रहार कर रही है। मध्यप्रदेश को 'नशा मुक्त' बनाने के लिए पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के आहवान पर मध्यप्रदेश को वर्ष 2029 तक पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिये हर स्तर पर सघन प्रयास किये जायेंगे।     

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय, के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था एवं आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस को अपनी कानून व सुरक्षा व्यवस्था के कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सांप्रदायिक सौहार्दृ बनाए रखना चाहिए और समाज को भी इसके लिए निरंतर प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्रो नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की प्राप्ति में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम का राज्यों में आकर व्यवस्थाओं का बारीकी से अध्ययन करना, मार्गदर्शन देना, सहयोग करना और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना एक अत्यंत सराहनीय व सकारात्मक पहल है। इस व्यवस्था से सही और दूरगामी निर्णय लेने में मदद मिलती है तथा प्रशासनिक व पुलिस तंत्र की त्वरित गति से कार्य करने की दक्षता बढ़ती है। मध्यप्रदेश में देश का एक आदर्श राज्य बनने की पूरी क्षमता है और राज्य सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय के सतत मार्गदर्शन व समन्वय से प्रदेश को हर दृष्टि से एक ‘मॉडल राज्य’ बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार आधुनिक तकनीक और नए-नए प्रयोगों के सफल परीक्षण के बाद राज्यों को उन्हें लागू करने के अवसर उपलब्ध करा रही है और उनकी निरंतर मॉनिटरिंग भी कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कभी असंभव मानी जाने वाली नक्सल समस्या को प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में और गृह मंत्री  शाह के अटल इरादों के कारण निर्धारित समय-सीमा में खत्म करने में मदद मिली। प्रदेश में नक्सलवाद के विरुद्ध कड़ा प्रहार कर नियंत्रण पाया गया है। अब सरकार इस क्षेत्र के विकास के लिये विस्तृत कार्य-योजना के तहत कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं में विश्वास जगाने के लिए वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाया जायेगा। सांदीपनि विद्यालयों के जरिए उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान की जा रही है। भवन विहीन शालाओं के लिए भवन स्वीकृत किए गए है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। नक्सल मुक्त हुए क्षेत्र के विकास के लिए 400 करोड़ रूपये की योजना बनाई गई है। जनजातीय समुदाय में भरोसा बढ़ाने के लिए धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान चलाया जा रहा है। वनाधिकार पत्र जारी करने में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश के नागरिकों के सुलभ और त्वरित आवागमन के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ की गई है। सिंहस्थ 2028 के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही है। कर्मचारियों में विश्वास जगाने के लिए 68 हजार कर्मियों को पदोन्नति दी गई है। अग्निवीरो के लिए यूनिफॉर्म सर्विसेज में आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत दो वर्षों में 16,895 पदों पर भर्ती की गई है। अब पद रिक्त होने पर तत्काल भर्ती की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। वर्ष 2026 में 9,662 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पुलिस बैंड में विगत कई वर्षों से लंबित भर्ती प्रक्रिया को पुन: प्रारंभ कर पुलिस बैंड को नया स्वरूप दिया गया है। पुलिस बैंड में 648 कर्मी भर्ती किए गए हैं। अब प्रत्येक जिले में राष्ट्रीय पर्वों पर पुलिस बैंड द्वारा आकर्षक प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। प्रदेश सरकार ने लगभग 10 वर्षों से लंबित प्रमोशन की प्रक्रिया को प्रारंभ किया। विभिन्न संवर्गों में 27 हजार से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। ई-एचआरएमएस में 1 लाख से अधिक पुलिसकर्मी जोड़े गए है।

    केंद्रीय गृह सचिव  गोविंद मोहन ने केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री  अमित शाह के विजन से सभी को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ से लगी सीमाओं को देखते हुए अपराधियों की अंतर्राज्यीय आवाजाही, हथियारों की तस्करी तथा ड्रग्स कॉरिडोर पर पड़ोसी राज्यों के साथ संयुक्त आसूचना और समन्वित कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने नेटग्रिड के अधिक प्रभावी उपयोग, सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में ‘ड्रग-मुक्त कैंपस’ फ्रेमवर्क लागू करने, एनडीपीएस विशेष न्यायालयों की शीघ्र स्थापना तथा राज्य में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन पर जोर दिया।

    मुख्य सचिव म.प्र. शासन  अशोक बर्णवाल ने केंद्रीय टीम को राज्य में कानून व्यवस्था और सभी वर्गों के सरकार के प्रति विश्वास जगाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास किए गए है। सरकार द्वारा जन विश्वास अभियान चलाया जा रहा है।

    पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने बताया कि राज्य में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में निरंतर नवाचार किये जा रहे हैं। पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के हित में भी निर्णय लिये जा रहे हैं।

    बैठक में बताया गया कि सरकार किसानों में विश्वास बढ़ाने के लिए वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। किसानों को एक लाख करोड़ रूपये की योजनाओं का सीधा लाभ दिया गया है। महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए 1 करोड़ 25 लाख महिलाओं को लाडली बहना योजना के तहत राशि हस्तांतरित की गई है। 18 लाख से अधिक बहनों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ देकर लखपति दीदी बनाया जा चुका है। वन स्टॉप सेंटर से एक लाख महिलाओं से सम्पर्क किया गया है।

    बैठक में बताया गया कि कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये सरकार निरंतर कड़ी कार्रवाई कर रही है। पुलिस महकमे ने ड्रग्स बनाने वाली 17 गुप्त प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया है। आदतन ड्रग अपराधियों के विरुद्ध पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई तेज की गई है तथा राज्य सायबर अपराध समन्वय केन्द्र ( एस4सी) अधिसूचित किया गया है। ई-साक्ष्य का कवरेज पिछले वर्ष के 17 प्रतिशत से बढ़कर 33 प्रतिशत हो गया है तथा सभी जिलों में 57 मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध हैं।

    बैठक में बताया गया कि प्रदेश में "नशे से दूरी है जरूरी 2.0'' अभियान में इस वर्ष 58 करोड़ सोशल मीडिया व्यूज तथा 2 करोड़ 47 लाख नागरिकों की प्रत्यक्ष भागीदारी रही। इसी प्रकार सेफ क्लिक अभियान 2 में डिजिटल अरेस्ट को रोकने में सफलता प्राप्त हुई। पुलिसकर्मियों में तनाव को दूर करने के लिए हार्टफुलनेस के साथ एमओयू किया गया। एक हज़ार से अधिक प्रशिक्षक तैयार किए गए तथा 50 हजार पुलिसकर्मियों ने हार्टफुलनेस में भागीदारी की।

    बैठक में बताया गया कि तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य में 90 दिनों के भीतर आरोप-पत्र दाखिल करने की दर 69 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत (59 प्रतिशत) से अधिक है, तथा ई-समन की सीधी डिलीवरी में राज्य देश में सबसे आगे है।

    बैठक में कानून-व्यवस्था, तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, मादक पदार्थ नियंत्रण, सायबर अपराध, आतंकवाद प्रतिरोध, विदेशियों से संबंधित विषयों, भगोड़ों के विरुद्ध कार्रवाई, पुलिस आधुनिकीकरण, पड़ोसी राज्यों के साथ सुरक्षा समन्वय, आपदा प्रबंधन तथा शत्रु संपत्ति के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई।

    बैठक में निदेशक आईबी, विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा)  आनंद स्वरूप, अपर सचिव (आपदा प्रबंधन)  अनुज्ञ शर्मा, महानिदेशक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो  अनुराग गर्ग और राज्य की ओर से अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह  संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा एवं संसदीय कार्य  अनुपम राजन, पुलिस महानिदेशक  वरुण कपूर, महानिदेशक होमगार्ड मती प्रज्ञा ऋचा वास्तव, विशेष पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान  पंकज कुमार वास्तव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्स  डी. निवास वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

  • कैप्टन स्मित मच्छर को बड़ी फार्मा कंपनी का सलाम, ₹1 करोड़ इनाम का ऐलान; बोली- आप पर गर्व है

    कैप्टन स्मित मच्छर को बड़ी फार्मा कंपनी का सलाम, ₹1 करोड़ इनाम का ऐलान; बोली- आप पर गर्व है

    नई दिल्ली

    देश की एक बड़ी दवा निर्माता कंपनी ने कैप्‍टन स्मित मच्‍छर को 10000000 रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है. फर्मा कंपनी ने कैप्‍टन स्मित मच्‍छर को असली हीरो बताया है. फ्लाईदुबई की फ्लाइट 174 यात्रियों के साथ इजरायल जा रही थी. विमान जब ऊंचे आसमान में था, तब को-पायलट ने कैप्‍टन मच्‍छर पर जानलेवा हमला कर दिया. प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी को-पायलट 9/11 की तर्ज पर विमान को इजरायल में क्रैश कराना चाहता था. लेकिन आरोपी के मंसूबे के बीच भारतीय पायलट और विमान के कैप्‍टन स्मित मच्‍छर आ गए. जानलेवा हमला होने के बाद भी उन्‍होंने हिम्‍मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. इसके बाद विमान में सवार यात्रियों और क्रू-मेंबर के अन्‍य सदस्‍यों ने आरोपी को-पायलट को अपने कब्‍जे ले लिया। 

    फार्मा कंपनी मैनकाइंड ने कैप्‍टन स्मित मच्‍छर की बहादुरी को सलाम करते हुए एक करोड़ रुपये के इनाम का ऐलान किया है. कंपनी ने अपने बयान में कहा कि आप हमारे समय के असली हीरो हैं. कंपनी ने कहा, ‘आपने पूरी दुनिया के सामने जिस साहस, शौर्य और जिम्‍मेदारी का परिचय दिया है, उसे देखते हुए एक भारतीय के तौर पर हमें अत्‍यंत गर्व हो रहा है. यही वजह है कि मैनकाइंड फार्मा ने आपको और आपके परिवार को एक करोड़ रुपये का योगदान करने का फैसला लिया है। 

    पीएम मोदी ने खुद की बात
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर बात कर उनके साहस और सूझबूझ की सराहना की. पीएम मोदी ने शुक्रवार को उनसे बातचीत के दौरान बताया कि देशभर में उनकी लंबी उम्र और जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना हो रही है. उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित ने गंभीर चोटों के बावजूद यात्रियों की जान बचाने के लिए जो फ़ैसला लिया, उस पर पूरे देश को गर्व है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा है. महामृत्युंजय का जाप सब जगह चल रहा है. आपकी हिम्मत, धैर्य और सूझबूझ ने इतने लोगों की जान बचाई. आपने दिखाया कि भारतीय जान लेने वाले नहीं, जान बचाने वाले लोग हैं। 

    जांच में चौंकाने वाले खुलासे
    यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम के मुताबिक़, संयुक्त अरब अमीरात के प्रॉसिक्युटर जनरल ने शनिवार को कहा कि फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के को-पायलट ने उड़ान के दौरान आतंकवादी हमला करने की कोशिश की थी. प्रॉसिक्युटर जनरल ने कहा कि को-पायलट ने कॉकपिट के अंदर क्रैश ऐक्स से पायलट पर हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की. क्रैश ऐक्स आम तौर पर कॉकपिट में रखा जाता है और दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों में इसका इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने कहा कि घटना की परिस्थितियों, हमले के मक़सद और इससे जुड़े किसी भी संबंध का पता लगाने के लिए जांच जारी है. इसके साथ ही फिजिकल और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। 

  • सारंगढ़ में मानव श्रृंखला और नुक्कड़ नाटक के जरिए गूंजा नशा मुक्त भारत का संदेश

    सारंगढ़ में मानव श्रृंखला और नुक्कड़ नाटक के जरिए गूंजा नशा मुक्त भारत का संदेश

    ​रायपुर   

     ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘सेवा के 25 वर्ष’ के उपलक्ष्य में समाज कल्याण विभाग द्वारा खेलभांठा मैदान सारंगढ़ में एक विशाल नशा मुक्त भारत जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजन के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों को नशे के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति सचेत करते हुए एक स्वस्थ और नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान किया गया।    

    ​कार्यक्रम की शुरुआत में कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। इस प्रस्तुति में नशे के कारण व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार की खुशहाली और सामाजिक ताने-बाने पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का सजीव व संवेदनशील चित्रण किया गया। तत्पश्चात खेलभांठा मैदान से एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें एनसीसी कैडेट्स, स्कूली बच्चों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने नशामुक्ति के नारों के साथ जन-जन को जागरूक किया।          

    ​रैली के उपरांत मैदान में एकत्र प्रतिभागियों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर विशाल मानव श्रृंखला बनाई और नशामुक्त भारत का संदेश बुलंद किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को स्वयं नशे से दूर रहने तथा परिवार व समाज को नशामुक्त बनाने के लिए निरंतर जनजागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई गई। समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों ने इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया।

  • धमतरी के धुमा में जिले के पहले मॉडल बालिका शौचालय का लोकार्पण

    धमतरी के धुमा में जिले के पहले मॉडल बालिका शौचालय का लोकार्पण

    ​रायपुर    

    छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अधोसंरचना के विकास के साथ-साथ बालिका शिक्षा, स्वच्छता और उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकताओं में शीर्ष पर रखते हुए धमतरी जिले में एक मिसाल कायम की गई है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कुरुद विकासखंड की ग्राम पंचायत धुमा स्थित प्राथमिक शाला में जिले के प्रथम सर्वसुविधायुक्त बालिका शौचालय का निर्माण कर इसका लोकार्पण 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सरपंच द्वारा संपन्न इस लोकार्पण ने ग्रामीण अंचल में बेटियों के सम्मान, निजता और गरिमा को संवर्धित करने का एक सशक्त संदेश दिया है।        

    ​नव-निर्मित बालिका शौचालय परिसर को विशेष रूप से आकर्षक गुलाबी रंग से सजाया गया है, जिसकी मुख्य दीवार पर 'मेरी बेटी—मेरा स्वाभिमान' का संदेश उकेरा गया है। लोकार्पण समारोह के दौरान जब स्कूल की नन्हीं बालिकाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर इस संदेश को एक पंक्ति में प्रदर्शित किया, तो संपूर्ण वातावरण भावुक और प्रेरणादायी बन उठा। 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन ग्रामीण' (वीबी-जी रामजी योजना) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्वीकृत 4.30 लाख रुपए की राशि से निर्मित यह परिसर केवल एक भवन नहीं, बल्कि बेटियों के लिए एक सुरक्षित और सहज माहौल तैयार करने का ठोस प्रयास है।

    ​लगभग 4.50 मीटर × 3.60 मीटर के दायरे में विकसित इस आधुनिक शौचालय में बालिकाओं की हर व्यावहारिक और सूक्ष्म आवश्यकता का ध्यान रखा गया है। परिसर में अलग शौचालय कक्ष, पर्याप्त वेंटिलेशन और प्रकाश व्यवस्था के साथ-साथ रनिंग वॉटर, वॉश एरिया, सेनेटरी नैपकिन डिस्पोजल और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए रैम्प की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्राथमिक स्तर पर ही ऐसी मूलभूत और स्वच्छ सुविधाओं की उपलब्धता से न केवल बालिकाओं में स्वच्छता की आदतों का विकास होगा, बल्कि स्कूल में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और ड्रॉप-आउट दर को रोकने में भी यह मील का पत्थर साबित होगा।      

    ​इस पहल पर संतोष व्यक्त करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि धुमा पंचायत में निर्मित यह बालिका शौचालय जिले के लिए एक मॉडल है।बच्चों का स्वास्थ्य, निजता और स्वच्छता सीधे उनके आत्मसम्मान से जुड़ी होती है, और प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी कि आवश्यकतानुसार जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में भी ऐसे मानव-केंद्रित इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया जाए। धुमा पंचायत का यह संवेदनशीलता से भरा प्रयास पूरे राज्य के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करता है कि किस प्रकार सीमित संसाधनों में भी बच्चों की वास्तविक आवश्यकताओं को केंद्र में रखकर सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

  • प्रत्याशी अपने उतारकर सिंबल हमारा दिया था’, ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश पर लगाया धोखा देने का आरोप

    प्रत्याशी अपने उतारकर सिंबल हमारा दिया था’, ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश पर लगाया धोखा देने का आरोप

    लखनऊ

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर और डॉ. संजय निषाद ने तीखा पलटवार किया है। दोनों मंत्रियों ने 2017 से पहले की सपा सरकार और 2017 के बाद की योगी सरकार के कार्यकाल की तुलना करते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। दोनों वरिष्ठ मंत्रियों ने अखिलेश यादव द्वारा मोबाइल के इस्तेमाल, निवेश, रोजगार, सरकारी भर्ती, कानून-व्यवस्था और गठबंधन की राजनीति पर दिये गये बयानों को लेकर पलटवार किया है। इसके साथ ही मंत्री डॉ. संजय निषाद ने अखिलेश यादव के संभावित अयोध्या दौरे पर तीखा कटाक्ष किया है। 

    हमारे सिंबल पर सपा ने लड़ाये थे अपने 12 प्रत्याशी

    ओम प्रकाश राजभर ने सपा मुखिया पर धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में सुभासपा का सिंबल इस्तेमाल करते हुए अखिलेश यादव ने अपने 12 प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाया था। उन्होंने शनिवार को सपा में शामिल हुए नेताओं के बारे में पूछे गये सवाल पर कहा कि वो सब के सब दगे हुए कारतूस हैं। कभी बसपा में रहते हैं, कभी सपा, तो कभी किसी दूसरी पार्टी में चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि केवल ऐसे नेताओं से गठबंधन करने से वोट नहीं मिलता।  

    मोबाइल और शिक्षा पर राजभर ने किया पलटवार

    बच्चों द्वारा मोबाइल के इस्तेमाल और शिक्षा के मुद्दे पर अखिलेश यादव की टिप्पणियों का जवाब देते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि बच्चों को मुख्य रूप से अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा के बिना बच्चों को नौकरी और रोजगार नहीं मिल सकता। अगर उनका पूरा ध्यान केवल मोबाइल में रहेगा, तो वे आगे कैसे बढ़ेंगे? बच्चों के पास मोबाइल रहे, लेकिन उससे जो शैक्षणिक जानकारी मिलती है, वे उसी पर अमल करें।

    निवेश और रोजगार को लेकर घेरा

    प्रदेश में निवेश के मुद्दे पर बोलते हुए राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश में कोई भी निवेशक आने को तैयार नहीं था। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार के दौरान स्थिति बदली है। राजभर ने कहा कि आज सैमसंग जैसी बड़ी मोबाइल कंपनियां उत्तर प्रदेश में आकर अपना कारोबार स्थापित कर रही हैं, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है। अखिलेश यादव को सपा के चश्मे से यह सब दिखाई नहीं दे रहा।

    भर्ती आयोगों और पारदर्शिता पर सवाल

    सरकारी नौकरियों और भर्ती प्रक्रियाओं पर बात करते हुए राजभर ने सपा सरकार के कार्यकाल को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सपा सरकार में यूपीपीएससी में पक्षपात करते हुए अयोग्य व्यक्ति को अध्यक्ष पद पर बिठा दिया था, जिसपर हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की थी और तत्कालीन अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए कहा था। 

    उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सपा सरकार में नौकरियों के विज्ञापनों के साथ बोलियां लगती थीं और बिना पैसों के नौकरी नहीं मिलती थी। कहा कि सपा सरकार में शिवपाल चाचा एंड कंपनी सक्रिय हो जाती थी और जैसी नौकरी होती उस हिसाब से 10 लाख, 15 लाख, 20 लाख, 25 लाख रुपये तक की बोली लगती। आज योगी सरकार में बिना किसी भ्रष्टाचार और पक्षपात के पारदर्शी प्रक्रिया के तहत 10 लाख योग्य युवाओं को नौकरियां दी गई हैं। इसके अलावा, जिलों, ब्लॉकों और तहसीलों में रोजगार मेले आयोजित कर तथा बैंकों के माध्यम से बिना गारंटी और ब्याज मुक्त ऋण देकर छोटे व्यापारियों और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है।

    सपा के समय में हुए एक हजार दंगे, योगी शासन में शून्य'

    प्रदेश की कानून-व्यवस्था की तुलना करते हुए राजभर ने कहा कि अखिलेश सरकार के 5 साल के शासनकाल में प्रदेश में एक हजार से अधिक दंगे हुए थे, जबकि योगी आदित्यनाथ के 10 साल के शासन में एक भी दंगा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के समय गुंडे और माफिया सड़कों पर खुलेआम हथियार लहराते हुए घूमते थे, लेकिन योगी सरकार में कोई गैंगवार नहीं हुआ और माफिया पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं।

    अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर कसा तंज

    कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि देर से ही सही, कम से कम वे अयोध्या आ तो रहे हैं। उन्हें भगवान श्रीराम के साथ-साथ निषादराज के भी दर्शन करने चाहिए और अपनी पिछली गलतियों के लिए माफी मांगनी चाहिए। माफी मांगने से गलती सुधर जाती है।

    2017 से पहले और बाद के कार्यकाल की तुलना

    डॉ. संजय निषाद ने कहा कि विपक्ष का काम सरकार पर आरोप लगाना है, लेकिन जनता को 2017 से पहले और 2017 के बाद की स्थितियों की तुलना करनी चाहिए। चाहे नौकरी का मामला हो, भर्ती आयोगों की पारदर्शिता हो, कानून-व्यवस्था हो या घोटाले, तुलना करने पर स्थिति साफ हो जाएगी।

  • प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के राष्ट्रसेवा के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का किया आह्वान

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के राष्ट्रसेवा के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का किया आह्वान

    भोपाल

    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री  संपतिया उईके ने सेवा संकल्प अभियान के तहत वडनगर से वाराणसी की सेवा संकल्प यात्रा पर निकले सेवा यात्रियों के सिंगरौली जिले के निगरी पहुंचने पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने सेवायात्रियों का उत्साहवर्धन करते हुए सेवा, समर्पण, स्वच्छता और जनभागीदारी के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

    प्रभारी मंत्री  उईके ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा, सुशासन, जनभागीदारी और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की यात्रा के रूप में महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने, स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य किया है। सेवा संकल्प अभियान इसी सेवा भावना और सामाजिक दायित्व के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, सेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सेवायात्रियों से उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं तथा नागरिकों को अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करें।

    प्रभारी मंत्री   उईके ने स्वच्छताकर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सेवा और स्वच्छता के कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

    निगरी में सेवा यात्रियों के स्वागत के लिए सांसद सीधी-सिंगरौली डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक धौहनी  कुंवर सिंह टेकाम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने सेवा यात्रियों का स्वागत किया और सेवा, स्वच्छता तथा जनभागीदारी की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। 

  • वरिष्ठजन समाज के सच्चे मार्गदर्शक, उनका सम्मान ही हमारा वास्तविक गौरव: राजस्व  मंत्री  टंक राम वर्मा

    वरिष्ठजन समाज के सच्चे मार्गदर्शक, उनका सम्मान ही हमारा वास्तविक गौरव: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

    ​रायपुर

     वरिष्ठजन समाज के सच्चे मार्गदर्शक और अनुभव का अमूल्य खजाना हैं। उनका जीवन-अनुभव आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा दिखाने का काम करता है। बुजुर्गों का आदर-सत्कार हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति की नींव है और उनका सम्मान करना ही हमारा वास्तविक गौरव है।
          ​उपरोक्त बातें  प्रदेश के राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने  आज बलौदाबाजार स्थित नगर भवन में 'अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस' के उपलक्ष्य में आयोजित जिला स्तरीय वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही।
    ​इस दौरान राजस्व मंत्री  वर्मा एवं अन्य अतिथियों द्वारा जिले के 180 वरिष्ठ नागरिकों को शॉल व फल भेंटकर सम्मान प्रदान किया गया।

    ​संयुक्त परिवार व्यवस्था को संजोने की आवश्यकता: राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा

    समारोह को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद मती लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि वरिष्ठजन परिवार रूपी वृक्ष की मजबूत जड़ें होते हैं, जिनकी छांव और मार्गदर्शन से पूरा परिवार फलता-फूलता है। उन्होंने आज के एकल परिवार प्रणाली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बिखरते संयुक्त परिवारों को संजोकर रखना समय की मांग है और युवा पीढ़ी को अपने बुजुर्गों के अनुभवों से सीख लेकर उनका आदर करना चाहिए।
         ​कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर ने भी उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया और वरिष्ठजनों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

    ​खेलों में झलकी बचपन की उमंग, स्वास्थ्य शिविर और बस पास की सुविधा  

    ​समारोह का मुख्य आकर्षण बुजुर्गों के लिए आयोजित मनोरंजक गतिविधियां रहीं। कैरम और शतरंज प्रतियोगिता में वरिष्ठ नागरिकों ने पूरे जोश और बचपन के उत्साह के साथ भाग लिया, जिसकी उपस्थित लोगों ने जमकर सराहना की।
    ​इस अवसर पर वरिष्ठजनों के कल्याण के लिए बहुआयामी पहल भी देखने को मिली। इस कार्यक्रम के दौरान शिविर लगाकर उपस्थित सभी वृद्धजनों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण व उपचार किया गया। इसके साथ ही 80 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए मौके पर ही निःशुल्क बस पास बनाने की सुविधा प्रदान की गई। 

    ​इस आयोजन में पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा, भारत स्काउट एवं गाइड के राज्य उपाध्यक्ष, जिला पंचायत उपाध्यक्ष , जनपद उपाध्यक्ष, जिला पंचायत सीईओ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य वृद्धजन उपस्थित थे।

  • नौकरियों का रेट तय करने वाले आज नकल पर ज्ञान दे रहे हैं’, अखिलेश के आरोपों पर योगी सरकार के मंत्रियों का तीखा पलटवार

    नौकरियों का रेट तय करने वाले आज नकल पर ज्ञान दे रहे हैं’, अखिलेश के आरोपों पर योगी सरकार के मंत्रियों का तीखा पलटवार

    लखनऊ

    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए यूपी सरकार के मंत्रियों ने उनके शासनकाल में हुए धांधली का मुद्दा उठाया है। व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल और राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने सपा शासनकाल में शिक्षा व्यवस्था और सरकारी भर्तियों में धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सपा राज में पैसे के बदले नौकरी मिलती थी, जबकि आज योगी सरकार में युवाओं को बिना पैसे और पैरवी के नौकरी मिलती है। 

    मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि जिस समाजवादी पार्टी के शासनकाल में नकल और सरकारी नौकरियों को लेकर सवाल उठते थे, उसके नेता का आज उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी करना प्रदेश की जनता को हास्यास्पद लग रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान परीक्षाओं में सामूहिक नकल होती थी, प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आती थीं और सरकारी नौकरियों में जातिगत पक्षपात के आरोप लगते थे।

    उन्होंने कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि उस समय सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं और उनके परिवारों को सिफारिश और कथित सौदेबाजी के चक्कर में पड़ना पड़ता था। मंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता ने सपा सरकार का कार्यकाल देखा है और आज की युवा पीढ़ी भी उस दौर की व्यवस्था को समझ रही है।

    ‘9.5 लाख से अधिक युवाओं को दी गईं सरकारी नौकरियां’

    कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार में करीब 9.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उनके मुताबिक, नियुक्तियों में जाति या किसी अन्य आधार पर भेदभाव नहीं किया गया और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी रखा गया। उन्होंने पुलिस और पीएसी भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें बेटियों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान भी किया गया है।

    हंसराज विश्वकर्मा ने भी अखिलेश यादव तीखा हमला किया

    राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि अखिलेश यादव को भाजपा पर सवाल उठाने से पहले सपा सरकार के अपने कार्यकाल को देखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर नकल होती थी। सरकारी नौकरियों में भी सिफारिश और राजनीतिक पहुंच के प्रभाव वालों को नौकरी मिलती थी।

    विश्वकर्मा ने कहा कि मौजूदा सरकार ने भर्ती आयोगों की व्यवस्था के जरिए नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है। उनके मुताबिक, आज अभ्यर्थी बिना किसी भय के परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं और नकल पर प्रभावी रोक लगाने के लिये लगातार प्रयास किए गए हैं।

    विकास के साथ विरासत पर भी जोर

    हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि योगी सरकार ने प्रदेश में विकास के साथ विरासत से जुड़े विषयों पर भी काम किया है। उन्होंने आशा बहुओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, पीआरडी जवानों, होमगार्ड और पुलिसकर्मियों समेत विभिन्न वर्गों के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने छात्रवृत्ति और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को भी सरकार की उपलब्धियों से जोड़ा।

    मंत्रियों ने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर भू-माफिया, शिक्षा माफिया और अपराधियों के पोषण का आरोप लगाया। और कहा कि योगी सरकार ने जनता से किए गए अपने सभी वादों को जमीन पर उतारने का काम किया है।

  • “वन विहार की आवाजें कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों ने की सहभागिता

    “वन विहार की आवाजें कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों ने की सहभागिता

    भोपाल

    वन्य-जीव सप्ताह-2026

    वन्य-जीव सप्ताह-2026 की थीम "जुड़े आवास, वन्य-जीवन का विकास" के अनुरूप 3 अक्टूबर 2026 को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वन्य-जीव संरक्षण, जैव-विविधता एवं पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा विद्यार्थियों, युवाओं एवं आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

    इस अवसर पर दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए प्रातः 8 से 9:30 बजे तक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में "वन विहार की आवाजें" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 81 दिव्यांग विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विषय विशेषज्ञ के रूप में श्री सुनील सिन्हा, सेवानिवृत उप वन संरक्षक, डॉ. संगीता राजगीर, मो. खालिक एवं श्री संकल्प किसनानी द्वारा विद्यार्थियों को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के प्राकृतिक परिवेश एवं वन्य-जीवों से परिचित कराने के उद्देश्य से प्रकृति भ्रमण कराया गया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को वन क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों, पक्षियों तथा वन्य-जीवों के प्राकृतिक आवास के संबंध में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को प्रकृति को नजदीक से देखने, वन्य-जीवों की गतिविधियों को समझने तथा प्राकृतिक वातावरण का अनुभव करने का अवसर प्राप्त हुआ।

    कार्यक्रम की विशेषता अनुभवात्मक एवं समावेशी सहभागिता रही। विद्यार्थियों को वन क्षेत्र में दिखाई देने वाले पक्षियों की आवाजों, प्राकृतिक ध्वनियों एवं आसपास के जैव-विविधतापूर्ण वातावरण से परिचित कराया गया तथा भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को वन्य-जीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, प्रकृति के संरक्षण तथा वन क्षेत्रों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम का संचालन सहायक संचालक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान डॉ. रूही हक द्वारा किया गया।

    अन्य प्रतियोगिता के रूप में विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए प्रातः 10:30 से दोपहर 1:30 बजे तक "जुड़े आवास, वन्य-जीवन का विकास' विषय पर "युवा संसद" का आयोजन किया गया। इसमें 90 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनके 6 ग्रुप बनाये गये। युवा संसद के माध्यम से विद्यार्थियों को वन्य-जीव संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवासों तथा जैव-विविधता के संरक्षण से जुड़े विषयों पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर प्राप्त हुआ।

    इस अवसर पर प्रातः 9:30 से 11:30 बजे तक 'स्टैण्ड फॉर वाइल्ड लाइफ' (खुला वर्ग) प्रतियोगिता का आयोजन विश्व प्रकृति निधि भारत के सहयोग से किया गया। प्रतियोगिता को लेकर प्रतिभागियों एवं वन्य-जीव प्रेमियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रतियोगिता में 150 से अधिक वन्य-जीव प्रेमियों ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य-जीव अभिरक्षक डॉ. समीता राजोरा, संचालक वन विहार श्री विजय कुमार, संचालक विश्व प्रकृति निधि भारत डॉ. स्वाती मोघे, सहायक संचालक वन विहार डॉ. रूही हक एवं वन विहार के अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

    प्रतियोगिता का उद्देश्य आमजन, विशेषकर युवाओं एवं वन्य-जीव प्रेमियों में वन्य-जीवों, प्राकृतिक संसाधनों तथा जैव-विविधता के संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता विकसित करना था। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक अपनी भागीदारी दर्ज कराई तथा वन्य-जीव संरक्षण के प्रति अपनी रुचि एवं प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। कार्यक्रम के माध्यम से वन्य-जीवों के महत्व और उनके संरक्षण में जन-भागीदारी की आवश्यकता का संदेश भी प्रभावी रूप से प्रसारित किया गया।

    वन्य-जीव सप्ताह-2026 के 'तृतीय दिन इस पहल को उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली, जब कुल 243 आगंतुकों ने वन्य-जीव पासपोर्ट गतिविधि के लिए पंजीकरण' कराया। इनमें से 16 'वन्य-जीव संरक्षण राजदूत' बने, जबकि 17 को 'वन्य-जीव चैंपियन' के रूप में मान्यता दी गई।

    4 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले कार्यक्रम

    वन्य-जीव सप्ताह 2026 के अंतर्गत दिनांक 04 अक्टूबर 2026 को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वनकर्मियों एवं उनके परिवारों के लिए प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक "फैमिली वाइल्डलाइफ डे" का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से वनकर्मियों एवं उनके परिवारों को वन्य-जीव एवं प्रकृति संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सहभागी बनाया जाएगा। इसी क्रम में "मध्यप्रदेश के वन्य-जीव' विषय पर विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए "मेहंदी प्रतियोगिता" एवं "पाम पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन प्रातः 10:00 बजे से 11:00 बजे तक वन विहार स्थित विहार वीथिका में किया जाएगा।

    इन प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा एवं अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ मध्यप्रदेश की समृद्ध वन्य-जीव संपदा एवं जैव-विविधता के महत्व को समझने तथा वन्य-जीव एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक, संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनने का अवसर प्राप्त होगा।