मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4.60 लाख विद्यार्थियों की पढ़ाई को दिया ₹148 करोड़ का संबल
एक क्लिक पर छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में पहुंची छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि
मुख्यमंत्री ने लोक भवन में 11 छात्र-छात्राओं को अपने हाथों से प्रदान किए प्रमाणपत्र
अन्य पिछड़ा वर्ग के 2.23 लाख और अनुसूचित जाति के 1.59 लाख विद्यार्थियों को मिला लाभ
लखनऊ
उत्तर प्रदेश के 4,60,559 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई को शनिवार को आर्थिक संबल मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में एक क्लिक कर डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में ₹148.04 करोड़ की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि भेजी। उन्होंने मंच पर 11 छात्र-छात्राओं को अपने हाथों से छात्रवृत्ति प्रमाणपत्र भी प्रदान किए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रमाणपत्र पाने वालों में रणबीर वर्मा, अजीत रावत, अंश मिश्रा, अलकैफ, अनन्या अवस्थी, मिली, अधिकांश वर्मा, करिश्मा, बुशरा, अभिषेक यादव और साइमा शामिल रहे। मुख्यमंत्री के हाथों प्रमाणपत्र पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे।
सरकार की इस पहल का सबसे अधिक लाभ अन्य पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को मिला है। अन्य पिछड़ा वर्ग के 2,23,615 विद्यार्थियों के खातों में ₹60.01 करोड़ भेजे गए। अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों को ₹64.54 करोड़ की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति मिली। इसी तरह सामान्य वर्ग के 38,084 विद्यार्थियों के खातों में ₹11.43 करोड़ और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों के खातों में ₹12.06 करोड़ पहुंचाए गए।
आर्थिक अभाव के कारण नहीं छूटेगी पढ़ाई
योजना में अल्प आय वर्ग के पूर्वदशम यानी कक्षा नौ और दस के साथ दशमोत्तर कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति से विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी। इसके पीछे सरकार का उद्देश्य आर्थिक अभाव को किसी विद्यार्थी की शिक्षा की राह में बाधा नहीं बनने देना है।
आधार आधारित भुगतान से बढ़ी पारदर्शिता
छात्रवृत्ति आवेदन से लेकर भुगतान तक की व्यवस्था ऑनलाइन कर दी गई है। आधार आधारित भुगतान प्रणाली से धनराशि सीधे पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित पैकेट सिस्टम भी लागू किया गया है। इससे छात्रवृत्ति वितरण में बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और विद्यार्थियों को बिना किसी दौड़भाग के योजना का लाभ मिल रहा है।
प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 65.95 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को ₹4,793 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति दी है। सरकार की कोशिश प्रक्रिया को और सरल बनाकर प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक योजना का लाभ पहुंचाने की है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4.60 लाख विद्यार्थियों की पढ़ाई को दिया ₹148 करोड़ का संबल

AAP को बड़ा झटका, राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने छोड़ी पार्टी; कांग्रेस में हुईं शामिल
नई दिल्ली
आम आदमी पार्टी को शनिवार को बड़ा झटका लगा है। पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ AAP छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गई है। कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रियंका कक्कड़ ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि अगर कोई एक नेता ऐसा है जो अपने विचारों को खुलकर सामने रखने से डरता नहीं है, तो वह राहुल गांधी हैं। मैंने देखा है कि वह आज ऐसे इकलौते नेता हैं, जिन्होंने कैमरों के सामने आंसू नहीं बहाए।प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि वह बेहद दृढ़ हैं। मैंने देखा है कि किस तरह उन्हें अपमानित किया गया और उन्हें कमजोर करने के लिए पूरी व्यवस्था को उनके खिलाफ लगा दिया गया। इसके बावजूद राहुल गांधी और कांग्रेस डटे रहे। उनकी प्रामाणिकता ही उनकी आत्मा है। मैंने देखा कि इस पार्टी में भी एक आत्मा है, जो मुझे दूसरी पार्टियों में नजर नहीं आई। और मैं यह बात अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर कह रही हूं।
आम आदमी पार्टी को लेकर क्या कहा?
इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी को लेकर भी बयान दिया। प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि एक समय कहा जाता था कि आम आदमी पार्टी सरकारी बंगला या कार नहीं लेगी। लेकिन बाद में निजी यात्राओं के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल होने लगा और ऐसी स्थिति में मेरे लिए उन चीजों का बचाव करना मुश्किल हो गया, जिनका बचाव किया ही नहीं जा सकता था।उन्होंने कहा कि मैंने तब अपनी एक सीमा तय कर ली, जब मैंने देखा कि आम आदमी पार्टी, जिसने एक समय बड़ी क्षमता और बुद्धिमत्ता वाले लोगों को आकर्षित किया था, अब उन्हें अपने साथ बनाए रखने में सक्षम नहीं है। अब किन लोगों को पार्टी में लाया जा रहा है? ऐसे नए लोगों को, जिन्होंने बूथ स्तर तक पर काम नहीं किया है, राजस्थान से लाकर पंजाब में बड़े पद दिए जा रहे हैं और उन्हें बंगले और गाड़ियां दी जा रही हैं। आखिर मैं कब तक ऐसी चीजों का बचाव करती रहूंगी, जिनका बचाव करना संभव नहीं है?
प्रियंका ने कहा कि मैंने यह भी देखा है कि राहुल गांधी लगातार ‘गद्दार ज्ञानेश कुमार’ के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। उन्होंने हम सभी को इस मुद्दे के बारे में जागरूक किया है। हमें जनता को यह बताना होगा कि उनके अनुसार हमारा एकमात्र वोट देने का अधिकार ज्ञानेश कुमार द्वारा छीना जा रहा है और उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खाते में डाला जा रहा है। इसे रोकना होगा।
उन्होंने कहा कि इसलिए अब हम सभी को साथ आकर कांग्रेस और राहुल गांधी का समर्थन करना चाहिए, ताकि भारत के विचार को जीवित रखने के लिए उनकी इस लड़ाई का समर्थन किया जा सके।

बस्तर में बाढ़ और तूफान से 4 हजार हेक्टेयर धान बर्बाद, किसानों को मिलेगा ₹10 हजार प्रति एकड़ मुआवजा
बस्तर
बस्तर संभाग में पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश, अनर्ब तूफान और ओडिशा स्थित इंद्रावती जलाशय से अचानक छोड़े गए पानी ने खेती-किसानी को भारी चोट पहुंचाई है। प्राकृतिक आपदा और बाढ़ के दोहरे प्रकोप से क्षेत्र में लाखों एकड़ में लगी फसलें तबाह हो चुकी हैं। एक शुरुआती अनुमान के मुताबिक, 23 से 26 सितंबर के बीच आई इस भीषण आपदा से संभाग में करीब 4 हजार हेक्टेयर में लगी धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है, जबकि 300 से अधिक गांव इससे सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।अचानक आई बाढ़ और तूफानी स्थिति के कारण खेत के खेत जलमग्न हो गए, जिससे पकाने की ओर बढ़ रही धान की फसल सड़ने की कगार पर है। फसलों के अलावा दर्जनों कच्चे-पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं और कई मवेशी पानी के तेज बहाव में बह गए हैं। इससे स्थानीय ग्रामीणों व छोटे व्यापारियों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
प्रभावित किसानों को 10 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा
बाढ़ और आपदा से हुए नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत उपायों की गति बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की है कि जिन किसानों की फसलें पूरी तरह से नष्ट हुई हैं, उन्हें प्रति एकड़ 10000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, जिन लोगों के मकान ढह गए हैं, उन्हें नया मकान बनाने के लिए 1 लाख 20 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। फिलहाल राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का त्वरित सर्वे कर रही हैं, जिसके पूरा होते ही पीड़ितों के खातों में मुआवजा राशि वितरित की जाएगी।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र से मांगा विशेष राहत पैकेज
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री व एनडीएमए अध्यक्ष सीआर पाटिल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को पत्र लिखकर प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की है। उन्होंने कहा कि नष्ट हुई खरीफ फसलों के लिए किसानों को एनडीआरएफ मद से तुरंत विशेष राहत राशि स्वीकृत की जाए। बेघर हुए परिवारों को 'पीएम आवास योजना' के तहत नया मकान मिले। बह गए मवेशियों व छोटे दुकानदारों को सर्वे कराकर सीधे डीबीटी से मुआवजा दिया जाए। जोरा नाला में जल विचलन रोकने के लिए आधुनिक हाइड्रोलॉजिकल अध्ययन कराकर नया व संशोधित डीपीआर तैयार हो। नदियों के तटवर्ती क्षेत्रों में पौधरोपण व पक्के तटबंध बनाए जाएं और जगदलपुर शहर के लिए एकीकृत स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाए।
UP के 4.60 लाख छात्रों को स्कॉलरशिप, CM योगी ने एक क्लिक में खातों में भेजी करोड़ों की राशि
लखनऊ
सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार की सुबह उत्तर प्रदेश के 4.60 लाख छात्र-छात्राओं के बैंक खाते में एक क्लिक से स्कॉलरशिप भेज दी। लखनऊ के लोक भवन सभागार में आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले स्कॉलरशिप न तो समय पर मिलती थी और न ही पूरी। भ्रष्टाचारी लोग छात्रों की स्कॉलरशिप डकार जाते थे। बाबू जब स्कॉलरशिप छात्र को देता था तो उसमें से अपना कमीशन काट लेता था।उन्होंने बताया कि पहले प्रदेश में सिर्फ 2900 करोड़ रुपए की धनराशि स्कॉलरशिप में जाती थी। आज हम लोग 6200 रुपए स्कॉलरशिप में मुहैया करा रहे हैं। यानी दोगुने से भी ज्यादा। सीएम योगी ने कहा कि आज एडमिशन लेने के बाद ही स्कॉलरशिप छात्रों को भेज दी जाती है। 2 अक्टूबर को बैंक बंद होने के नाते आज 3 अक्टूबर को स्कॉलरशिप ट्रांसफर की गई है। सीएम योगी ने संबंधित विभागों से कहा कि कोई भी बच्चा स्कॉलरशिप से वंचित न रहने पाए। सीएम योगी ने कहा कि पिछले साल संस्था की गलती, छात्र द्वारा देरी से आवेदन या किसी अन्य त्रुटि की वजह से यदि स्कॉलरशिप नहीं मिल पाई तो हम उसे भी स्कॉलरशिप मुहैया करा रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि सरकार चाहती है कि किसी भी छात्र की पढ़ाई पैसे के अभाव में बाधित नहीं हो। स्कॉलरशिप हर छात्र का संबंल बनेगी। उन्होंने बताया कि सरकार सभी वर्गों के छात्रों को स्कॉलरशिप मुहैया करा रही है। यह केवल स्कॉलरशिप तक सीमित नहीं है। आपकी पीढ़ी सौभाग्यशाली है कि आप यूपी के अंदर ऐसे समय में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जब आपके सामने पहचान का संकट नहीं है। 2017 के पहले यूपी के युवाओं को यूपी के बाहर जाने पर लोग यूपी वाला कहकर किनारे कर देते थे।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी में अक्सर दंगे-कर्फ्यू लगते थे। बच्चे पढ़ाई छोड़ देते थे। सरकार कहती थी की उनकी रुचि ही नहीं। हमने अध्ययन कराया तो पता चला कि ज्यादातर बच्चियां स्कूल छोड़ती हैं क्योंकि स्कूल में पीने का पानी और टायलेट भी नहीं है। हमने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग टायलेट की व्यवस्था कराई। पीने के पानी और अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया। आज के दिन में बेसिक शिक्षा के 1.60 करोड़ बच्चों को हम कॉपी-किताब, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे आदि का भी इंतजाम कर हैं। अटल विद्यालयों में अनाथ बच्चों का पालन पोषण करने के साथ ही सरकार उनकी अच्छी पढ़ाई-लिखाई भी करा रही है। कस्तूरबा विद्यालयों में इंटर तक की पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 65.95 लाख+ छात्र-छात्राओं को 4793 करोड़+ की छात्रवृति/ शुल्क प्रतिपूर्ति डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए से ट्रांसफर की गई है।
किस वर्ग के कितने बच्चों को मिली स्कॉलरशिप
अन्य पिछड़ा वर्ग 2,23,615 60.01 करोड़ रुपएअनूसूचित वर्ग 1,59,959 64.54 करोड़ रुपए
सामान्य वर्ग 38, 084 11.43 करोड़ रुपए

बस्तर में पहली बार संभाग स्तरीय टाइगर प्रोटेक्शन कार्यशाला, वनकर्मियों को मिला विशेष प्रशिक्षण
बस्तर में पहली बार संभाग स्तरीय टाइगर प्रोटेक्शन कार्यशाला का आयोजन
वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन कर्मियों को मिला विशेष प्रशिक्षण
रायपुर,
वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप के विशेष मार्गदर्शन और निर्देशानुसार, बस्तर संभाग में वन्यप्राणियों के संरक्षण और उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग को लेकर एक महत्वपूर्ण संभाग स्तरीय कार्यशाला की शुरुआत हुई है। वन विद्यालय, जगदलपुर में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन द्वारा किया जा रहा है। संभाग स्तर पर इस तरह की कार्यशाला का आयोजन पहली बार किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य मैदानी स्तर पर काम करने वाले वन कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाना है।विशेषज्ञों ने दी बाघ संरक्षण और ट्रैकिंग की बारीकियां
प्रशिक्षण सत्र के दौरान राज्य वन्यजीव बोर्ड के सदस्य गौरव निलानी और एसडीओ योगेश रात्रे ने प्रेजेंटेशन के जरिए वन कर्मियों को वन्यजीव संरक्षण के गुर सिखाए। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से कई विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बाघ की विशेषताएं, उनका रहन-सहन, क्षेत्र (Territory) की पहचान और उनका व्यवहार। बाघ और तेंदुए के पगमार्क (पैर के निशान) तथा अन्य फील्ड साइन्स में अंतर करना। नर और मादा बाघ की पहचान, पगमार्क के पैड इंप्रेशन और फोटोग्राफिक पहचान की तकनीक।
बाघ के शिकार करने के तरीके, खरोंच के निशान और क्षेत्रीय मार्किंग की पहचान।
कैमरा ट्रैप और मैदानी निगरानी की आधुनिक तकनीकें। वन्यजीव अपराधों को रोकने और मुखबीर तंत्र को मजबूत करने के उपाय।
कार्यशाला के पहले दिन सैद्धांतिक जानकारी देने के बाद सभी प्रतिभागियों की एक परीक्षा भी आयोजित की गई, ताकि सीखे गए ज्ञान का आकलन किया जा सके। इस आयोजन का दूसरे दिन फील्ड विजिट और प्रैक्टिकल एक्सरसाइज करवाया गया, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों को जंगल में जाकर पगमार्क और अन्य वन्यजीव संकेतों की पहचान करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।कार्यशाला में मुख्य वन संरक्षक (बस्तर) सुस्टाइलो मंडावी, मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) उत्तम गुप्ता, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक गौतम नारायण पड़ीभार सहित वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

‘प्रेम कीटाणु’ पर भारी पड़ा ‘दृश्यम: द कंक्लूजन’, दूसरे दिन भी बॉक्स ऑफिस पर कमाई रही बेहद कम
वीर पहाड़िया की दूसरी फिल्म 'प्रेम कीटाणु' शुक्रवार यानी गांधी जयंती के मौके पर 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. यह रोमांटिक कॉमेडी अजय देवगन की फिल्म 'दृश्यम: द कंक्लूजन' के साथ बॉक्स-ऑफिस पर टकराई. अब 'दृश्यम: द कंक्लूजन' ने जबरदस्त ओपनिंग की और ऐसा लगता है कि इस मुकाबले का असर 'प्रेम कीटाणु' की कमाई पर पड़ा है.
Sacnilk के अनुसार, 'प्रेम कीटाणु' ने भारत में पहले दिन 1,886 शो में कुल 50 लाख रुपये (नेट) कमाई की. भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन 60 लाख रुपये रहा, जबकि रिपोर्ट लिखे जाने के समय विदेशों और दुनिया भर के ग्रॉस कलेक्शन के आंकड़े उपलब्ध नहीं थे.
वहीं दूसरे दिन यानी शनिवार की बात करें तो खबर लिखे जाने तक भारत में इसके सिर्फ 713 शो दिखाई दे रहे हैं, वहीं इस फिल्म की कमाई महज 16 लाख रुपये की हुई है. गौरतलब है कि दृश्यम 3 से क्लैश के बीच सुपरस्टार सलमान खान 'प्रेम कीटाणु' को सपोर्ट करने पहुंचे थे. हालांकि उनके सपोर्ट का असर बॉक्स ऑफिस पर नहीं दिखाई दिया है.
'प्रेम कीटाणु' का बजट
खबरों के मुताबिक, फिल्म का बजट लगभग 3 करोड़ रुपये है, हालांकि मेकर्स ने आधिकारिक तौर पर इस आंकड़े की पुष्टि नहीं की है. अगर बताया गया बजट सही है, तो पहले दिन की कमाई को प्रोडक्शन कॉस्ट के हिसाब से ठीक-ठाक शुरुआत कहा जा सकता है.दृश्यम की कमाई ने चौंकाया
अजय देवगन की 'दृश्यम: द कंक्लूजन' ने पहले दिन भारत में 62 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया. जबकि दुनियाभर में इसकी कमाई 92 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. ये अजय देवगन के करियर की अब तक की सबसे बड़ी फिल्म है.क्या 'प्रेम कीटाणु', 'प्रेमलू' का रीमेक है?
यह फिल्म 2024 की मलयालम रोमांटिक कॉमेडी 'प्रेमलू' से इसके कनेक्शन को लेकर भी चर्चा में रही है. पहले ऐसी खबरें थीं कि 'प्रेम कीटाणु' एक ऑफिशियल अडैप्टेशन है और ओरिजिनल फिल्म के OTT प्लेटफॉर्म से हटने के बाद मेकर्स को आलोचना का सामना करना पड़ा था. हालांकि, बाद में वीर ने साफ किया कि 'प्रेम कीटाणु', 'प्रेमलू' का रीमेक नहीं है.'प्रेम कीटाणु' की कहानी
कहानी विशाल (वीर पहाड़िया) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे सुहानी शर्मा (आडिया सैयद) से प्यार हो जाता है. जहां विशाल अमेरिका जाकर वहां अपनी ज़िंदगी बसाने का सपना देखता है, वहीं सुहानी को घमंडी और अहंकारी रंजीत (अपारशक्ति खुराना) के अंडर एक कॉर्पोरेट नौकरी मिल जाती है, और रंजीत की भी उसमें दिलचस्पी हो जाती है. इसके बाद दोनों पुरुषों के बीच रोमांटिक राइवलरी (प्यार के लिए होड़) शुरू हो जाती है क्योंकि वे सुहानी का दिल जीतने की कोशिश करते हैं.
IND vs WI: केएल राहुल का नाबाद शतक, रोहित के 92 रन से भारत ने खड़ा किया 351 रनों का पहाड़
नई दिल्ली
केएल राहुल की नाबाद शतकीय पारी (129 रन) और रोहित शर्मा के शानदार अर्धशतक के दम पर भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे मुकाबले में धमाकेदार प्रदर्शन किया है. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित ओवरों में 7 विकेट खोकर 351 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया है.मुकाबले की शुरुआत में वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज जेडन सील्स ने भारतीय टीम को शुरुआती झटके दिए. सील्स ने शुभमन गिल (1 रन) और विराट कोहली (0) को जल्दी आउट कर भारत को दबाव में ला दिया था. इसके बाद सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने मोर्चा संभाला और बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 92 रनों की शानदार पारी खेली. तीसरे वनडे मुकाबले से जुड़ी अपडेट्स के लिए पेज को रिफ्रेश करते रहिए…
अपनी इस पारी के दौरान रोहित ने 10 चौके और 3 छक्के जड़े. इसी के साथ 'हिटमैन' रोहित ने वनडे क्रिकेट में बतौर ओपनर सबसे तेज 10,000 रन पूरे करने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. रोहित के आउट होने के बाद रुतुराज गायकवाड़ (57 रन) ने भी अर्धशतकीय पारी खेलकर पारी को आगे बढ़ाया.
बीच के ओवरों में कुछ जल्दी विकेट जरूर गिरे, लेकिन विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल ने एक छोर को मजबूती से संभाले रखा और अपनी बेहतरीन फॉर्म का प्रदर्शन करते हुए 87 गेंदों पर नाबाद 129 रनों की धमाकेदार पारी खेली. अंत में अंशुल कंबोज (17 रन) और नमन धीर (30 रन) ने भी उपयोगी योगदान देकर टीम के स्कोर को 350 के पार पहुंचाया.
कैरेबियन टीम के लिए गेंदबाजी में जेडन सील्स सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने शुरुआती झटके देकर भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया. अब वेस्टइंडीज के सामने इस विशाल लक्ष्य को हासिल करने की कड़ी चुनौती होगी.
तीसरे वनडे में भारत की प्लेइंग-11: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, अंशुल कम्बोज, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज और गुरनूर बरार.
तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज की प्लेइंग-11: जॉन कैम्पबेल, ज्वेल एंड्रयू, शाई होप (कप्तान/विकेटकीपर), आमिर जंगू, शेरफेन रदरफोर्ड, कीमो पॉल, मैथ्यू फोर्ड, अल्जारी जोसेफ, जेडन सील्स, विटेल लॉज और गुडाकेश मोती.
भारत का स्क्वॉड: रोहित शर्मा, शुबमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (विकेटकीपर), नमन धीर, रवींद्र जडेजा, आकिब नबी, गुरनूर बरार, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल, नीतीश कुमार रेड्डी और अंशुल कम्बोज.
वेस्टइंडीज का स्क्वॉड: जॉन कैम्पबेल, कीसी कार्टी, शाई होप (विकेटकीपर/कप्तान), आमिर जंगू, शेरफेन रदरफोर्ड, रोस्टन चेज, कीमो पॉल, अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ, जेडन सील्स, विटेल लॉज, गुडाकेश मोती, मैथ्यू फोर्ड और ज्वेल एंड्रयू.

विजय माल्या पर अब भी ₹8,752 करोड़ बकाया, SBI कंसोर्टियम ने बॉम्बे HC में दी जानकारी
नई दिल्ली
भगोड़ा कारोबारी विजय माल्या (Vijay Malya) फिर से एक बार चर्चा में हैं। इस बार भी वो अपनी कर्ज के बकाया राशि को लेकर सुर्खियों में हैं। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई वाले कंसोर्टियम ने बॉम्बे हाईकोर्ट में जानकारी दी है कि अगस्त तक विजय माल्या के ऊपर ₹8,752 का भुगतान बाकि था। इससे पहले माल्या ने दावा किया था कि देश की वित्तीय संस्थाओं ने उनसे सभी बकाया राशि वसूल कर ली है। बता दें, विजय माल्या इस समय भारत में नहीं है।कैसे आया यह मामला सामने
बंद हो चुकी एयरलाइन और यूनाइटेड ब्रुअरीज ग्रुप के चेयरमैन रह चुके विजय माल्या ने 2020 में बॉम्बे हाई कोर्ट में एक अर्जी डाली। इसमें उन्होंने कोर्ट से अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों को खत्म करने की अपील की थी। अपने बचाव में विजय माल्या की तरफ से कहा गया था कि उनके और लोन देने वाले संस्थाओं के बीच एसेट रिकवरी के बाद विवाद खत्म हो गया है। इसी मामले में कोर्ट में बकाया राशि से जुड़ी जानकारी सामने आई।कोर्ट की तरफ से मिले निर्देश के बाद बैंकों ने जो डॉक्यूमेंट्स जमा करवाए हैं, उसके अनुसार डेट रिकवरी ऑफिसर ने 10,270 करोड़ रुपये अस्थायी वसूले हैं। ट्रिब्यूनल में कार्यवाही शुरू होने से पहले 544.58 करोड़ रुपये वसूले गए थे। इस रिकवरी के बाद भी अब भी बड़ी राशि का भुगतान होना बाकी है।
डॉक्यूमेंट्स के अनुसार जनवरी 2026 तक माल्या के ऊपर 8135.63 करोड़ रुपये की राशि बकाया थी। इसमें लीगल फीस और अन्य खर्चों को अगर जोड़ दिया जाए तो राशि 8756.86 करोड़ रुपये अगस्त के अंततक पहुंच जाती है।
ईडी का क्या कहना है?
प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 14132 करोड़ रुपये की कुल रिकवरी हो चुकी है। लेकि ईडी ने हाई कोर्ट से कहा है कि सिविल रिकवरी से PMLA एक्ट खत्म नहीं होते हैं। वहीं, विजय माल्या की दलील है कि अगर रिकवरी मूल कर्ज से ज्यादा हो जाए तो मामले को बंद कर देना चाहिए।
लखनऊ में छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम, मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने युवाओं के लिए बताया महत्वपूर्ण
लखनऊ
उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी जी ने आज लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम को प्रदेश के युवाओं एवं छात्र-छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर अल्प-आय वर्ग के पूर्वदशम एवं दशमोत्तर कक्षाओं के 4.60 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में ₹148 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
श्री दानिश आजाद अंसारी जी ने कहा कि आज का दिन उत्तर प्रदेश के युवाओं, नौजवानों और विशेष रूप से जेन-जी युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने हमेशा युवाओं के सपनों को उड़ान देने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आर्थिक कारणों से किसी भी छात्र की शिक्षा प्रभावित न हो।
कार्यक्रम में मा. कैबिनेट मंत्री श्री ओमप्रकाश राजभर जी, मा. पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र कश्यप जी, मा. समाज कल्याण मंत्री श्री असीम अरुण जी, मा. मंत्री श्री संजीव कुमार गोंड जी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री बैजनाथ रावत जी, मा. विधायक श्रीमती जय देवी जी, मा. श्री अमरेश कुमार जी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

भारत में पहली बार होगा UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप का भव्य आयोजन, पुणे को मिली 2032 की मेजबानी
नोएडा
नोएडा क्षेत्र के विधायक पंकज सिंह (Pankaj Singh) का परिचय केवल नोएडा की सीमाओं तक ही सीमित नहीं है। बहुत कम लोग जानते हैं कि नोएडा के विधायक पंकज सिंह भारत की एक बहुत बड़ी संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। भारत की बड़ी राष्ट्रीय संस्था के अध्यक्ष के तौर पर नोएडा क्षेत्र के विधायक पंकज सिंह ने कमाल की उपलब्धि हासिल की है। पंकज सिंह की मेहनत के कारण भारत को दुनिया के बड़े इंवेट का आयोजक बनने का अवसर मिला है।नोएडा के विधायक पंकज सिंह की इस उपलब्धि को जानिए
यह बात तो सबको पता है कि नोएडा क्षेत्र के विधायक पंकज सिंह (Pankaj Singh) उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता हैं किन्तु उनके विषय में ऐसी ढेर सारी जानकारियां हैं जिसे नोएडा तथा उत्तर प्रदेश के लोग नहीं जानते हैं। आपको बता दें कि नोएडा क्षेत्र के विधायक पंकज सिंह भारत की प्रसिद्ध संस्था भारतीय साइक्लिंग महासंघ Cycling Federation of India (CFI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। नोएडा के विधायक पंकज सिंह अप्रैल 2023 में भारतीय साइक्लिंग महासंघ CFI के अध्यक्ष चुने गए थे। इससे पहले नोएडा के विधायक पंकज सिंह भारतीय तलवारबाजी संघ (fencing association of india) के अध्यक्ष थे।इतना ही नहीं नोएडा के विधायक पंकज सिंह की बदौलत हाल ही में भारत के हिस्से में एक बड़ी उपलब्धि आई है। पंकज सिंह की मेहनत से यह संभव हो पाया है कि भारत के इतिहास में पहली बार भारत के पुणे शहर में रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप (UCI) का आयोजन होगा। यह आयोजन वर्ष-2032 में होना है। इस आयोजन के लिए CFI की पूरी टीम लगी हुई है। शुक्रवार 2 अक्टूबर 2026 को CFI की टीम ने नोएडा के विधायक पंकज सिंह को यूसीआई रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप का पत्र विधिवत प्रदान किया।
पंकज सिंह को मेजबानी का स्मृति चिन्ह भेंट किया
इस अवसर पर CFI के अधिकारियों मनिंदर पाल सिंह एवं ओंकार सिंह ने 2032 UCI Road World Championships की मेजबानी से संबंधित स्मृति चिह्न/अलॉटमेंट सॉवेनियर पंकज सिंह को भेंट किया। पंकज सिंह ने कहा कि भारत को दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित साइक्लिंग प्रतियोगिताओं में से एक की मेजबानी मिलना देश के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग जगत में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और भारतीय साइक्लिंग की निरंतर प्रगति को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि 100 वर्षों से अधिक के इतिहास में यह पहली बार होगा जब UCI Road World Championships का आयोजन भारत में किया जाएगा। इसके साथ ही भारत इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप की मेजबानी करने वाला एशिया का चौथा देश बनेगा। उन्होंने कहा कि इस विश्वस्तरीय आयोजन से भारत में साइक्लिंग के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धात्मक अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही देश के युवाओं को साइक्लिंग को एक गंभीर खेल करियर के रूप में अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। पंकज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां प्राप्त कर रहा है।2032 UCI Road World Championships की मेजबानी इसी बदलते भारत और वैश्विक खेल मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका का प्रमाण है। उन्होंने Cycling Federation of India के सभी पदाधिकारियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं इस उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा कि भारत इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।









