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  • दूध उत्पादन में भारत बना दुनिया का नंबर-1 देश, अमित शाह ने बताई बड़ी उपलब्धि

    दूध उत्पादन में भारत बना दुनिया का नंबर-1 देश, अमित शाह ने बताई बड़ी उपलब्धि

    भोपाल 
    भोपाल आए अमित शाह को लेकर शनिवार को हलचल थी। अमित शाह सुबह से शाम तक विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने वाले थे, लेकिन गौपालकों के सम्मेलन में ही हिस्सा लेकर दिल्ली रवाना हो गए। इससे पहले, ताज होटल में ठहरे अमित शाह सुबह नेहरू नगर स्थित करुणाधाम आश्रम में महालक्ष्मी के दर्शन करने जाने वाले थे, लेकिन बाद में उनके कार्यक्रम में बदलाव हुआ और वे सीधे भेल दशहरा मैदान स्थित गोपालकों के सम्मेलन में पहुंच गए थे। यहां प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था।

    ताज होटल से निकलकर सीधे अमित शाह भेल दशहरा मैदान पहुंचे, जहां गौपालकों के कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। इससे पहले अमित शाह ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। अमित शाह के साथ ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद हैं।

    दिसंबर 2029 तक मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाएंगे
    शाह ने कहा कि हम मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाना चाहते हैं। मध्यप्रदेश नारकोटिक्स से मुक्त हो जाए। 31 दिसंबर 2029 से पहले मुक्त हो जाए, इसकी बारीक प्लानिंग करने वाले हैं। 31 2029 दिसंबर के बाद आपके बेटे बेटियों के लिए मध्यप्रदेश में नशे की कोई जगह नहीं होगी। उनका भविष्य उज्वल होने वाला है।

    कांग्रेसियों ने नहीं बनने दिया था सहकारिता मंत्रालय
    कांग्रेसियों ने 75 साल तक सहकारिता मंत्रालय बनने नहीं दिया। नरेंद्र मोदी सरकार में आए तो सहकारिता मंत्रालय बनाया। इसका सबसे अधिक फायदा गौपालकों को होने वाला है। यदि खुले बाजार में गौपालक दूध बेचता है तो शोषण होता है। मलाई बिचौलियां खा जाते हैं। अब 35 की बजाय 55 रुपए मिलना शुरू हो जाएंगे। इसके लिए दूध लेकर इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाया जाना है। आज उज्जैन में 255 करोड़ की लागत से हर रोज तीन लाख लीटर दूध प्रोसेस करने के संयंत्र का भूमिपूजन हो रहा है। शाह ने कहा कि हमने मध्यप्रदेश सरकार से 50 एकड़ भूमि मांगी है। इसमें गायों की नस्लों का सुधार भी होगा। आधुनिक व्यवस्था से बछड़ा नहीं, बछड़ी ही पैदा होगी, ऐसी व्यवस्था कर दी जाएगी। यह कांग्रेसी अलग-अलग मुद्दों पर विरोध करते हैं, मैं उन्हें हिसाब देने आया हूं।

    मिल्क कैपिटल की ओर मध्यप्रदेश के बढ़ते कदम
    केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में प्रदेश को दुग्ध क्षेत्र के लिए कई सौगातें प्रदान कीं। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर हितलाभ वितरण किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शाह ने विभिन्न डेयरी परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ की लागत से प्रतिदिन 3 लाख लीटर क्षमता वाले दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया। भोपाल में 16.5 करोड़ की लागत से प्रतिदिन 40 हजार लीटर क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया। भोपाल में 12.42 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का लोकार्पण हुआ। शिवपुरी में 6.5 करोड़ की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण हुआ। इन परियोजनाओं से प्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण और डेयरी अधोसंरचना को विस्तार मिलेगा। तो वहीं रोजगार व स्वरोजगार के अवसरों का भी सृजन होगा।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव का संबोधन
    मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि इस वर्ष किसान कल्याण के अंतर्गत “बलराम कृषि महोत्सव” के माध्यम से सभी 55 जिलों में उन्नत खेती, पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न माध्यमों से उन्हें प्रोत्साहित किया है। आज मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन 12 लाख लीटर पर पहुंचा है। खेती और पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास हमारी सरकार कर रही है। यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में गाय और भैंस के रूप में 6 करोड़ पशुधन है। किसानों और पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि के लिए राज्य में उन्नत नस्ल के पशुधन के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा बड़ा कदम उठाया जाएगा। राज्य में 2 लाख गोपालक दीदीयों ने डेयरी सहकारिता व पशुपालन के आधार पर अपनी व परिवारजनों की ज़िंदगी बदली है। प्रदेश में 3,214 गोशालाओं में 5 लाख गोवंश का संरक्षण कर रहे हैं। राज्य में 313 ब्लॉक में वृंदावन ग्राम बनाने के लिए सरकार कार्यरत है।

    हेमंत खंडेलवाल का संबोधन
    कार्यक्रम की शुरुआत में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह ने देश में सहकारिता को नई दिशा दी है। अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सहकारिता की दिशा बदली है। प्रदेश में दुग्ध क्रांति की शुरुआत की गई है। अब तक प्रदेश में 1700 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा चुकी हैं। सांची और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के एमओयू के बाद दूध का कलेक्शन 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचा है। प्रदेश के गौपालकों को अब दूध का ₹8.50 प्रति लीटर अधिक दाम मिल रहा है। दूध उत्पादन से कृषकों की आय बढ़ रही है। हमारा उद्देश्य है- दूध से किसानों की आय बढ़े, गोबर से खाद बने और सरकार के सहयोग से समृद्धि आए। अगले कुछ वर्षों में दूध कलेक्शन को 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का संकल्प है। मध्यप्रदेश में दूध से आय आधारित अर्थव्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

  • सारे कार्यक्रम रद्द कर दिल्ली रवाना हुए अमित शाह, तीन कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद लिया फैसला

    सारे कार्यक्रम रद्द कर दिल्ली रवाना हुए अमित शाह, तीन कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद लिया फैसला

    भोपाल
    राजधानी भोपाल आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को तीन कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद शाम को दिल्ली रवाना होने वाले हैं।भोपाल आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली रवाना होने वाले हैं। गए। इससे पहले अमित शाह शुक्रवार देर रात को दिल्ली से भोपाल पहुंचे थे। शनिवार को भोपाल में उनके पांच कार्यक्रम थे। सुबह ताज होटल में ठहरने के बाद वे संगठन और सरकार के मंत्रियों से मिले। इसके बाद भेल दशहरा मैदान पर आयोजित गौपालकों के सम्मेलन में गए। इसके बाद कानून व्यवस्था को लेकर एमपी के गृहमंत्री, डीजीपी समेत बड़े अफसरों के साथ बैठक की। थोड़ी देर में 3.30 बजे प्रेस कांफ्रेंस होने वाली थी, लेकिन अमित शाह अचानक दिल्ली रवाना हो गए।

    इससे पहले शनिवार को सुबह अमित शाह ताज होटल में सीएम सहित एमपी के अन्य मंत्रियों के साथ बैठक करने के बाद नेहरू नगर स्थित करुणा धाम आश्रम में महालक्ष्मी मंदिर दर्शन करने आने वाले थे। उनके कार्यक्रम में बदलाव हुआ और वे मंदिर नहीं जाते हुए सीधे भेल दशहरा मैदान चले गए। जहां गौपालकों को संबोधित किया। इसके बाद ही वे ताज होटल वापस आए और एमपी के बड़े अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा की। इसी में वे मध्यप्रदेश को 2029 तक नारकोटिक्स मुक्त बनाने को लेकर बात कर रहे थे। इसके बाद वे प्रेस कांफ्रेंस करने वाले थे, जिसे अचानक कैंसिल कर दिया गया।

    दोपहर बाद के सभी कार्यक्रम रद्द
    भेल दशहरा मैदान में गौपालकों के कार्यक्रम के बाद वे सीधे ताज होटल पहुंचने का कार्यक्रम था। इसके बाद दोपहर 1:30 से 2:15 बजे तक का समय लंच के लिए आरक्षित था। लंच पर भी संगठन और सरकार से चर्चा का समय तय किया गया था। इसके बाद दोपहर 2:15 से शाम 4:15 बजे तक होटल ताज में मध्यप्रदेश सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय के मध्य लंबित विषयों पर बैठक प्रस्तावित थी। इसके बाद शाम 4:15 से 5:15 बजे तक नारकोटिक्स पर प्रेस कांफ्रेंस के लिए समय आरक्षित किया गया था। लंच के बाद अमित शाह के दिल्ली रवाना होने की सूचना दे दी गई। इसके बाद के सभी कार्यक्रम अमित शाह ने निरस्त कर दिए गए। अमित शाह का दिल्ली जाने का समय 7.50 बजे था, लेकिन वे दोपहर में ही रवाना हो गए।

  • छात्रवृत्ति से खिले सपनों के पंख, योगी सरकार ने आसान की पढ़ाई की राह

    छात्रवृत्ति से खिले सपनों के पंख, योगी सरकार ने आसान की पढ़ाई की राह

    छात्रवृत्ति से खिले सपनों के पंख, योगी सरकार ने आसान की पढ़ाई की राह

    सीएम योगी ने 4.60 लाख से अधिक छात्राओं के खातों में भेजे 148 करोड़ रुपये से अधिक

    छात्रों ने कहा- आर्थिक मदद से पढ़ाई का बोझ हुआ कम, किताबों और फीस में मिलेगी राहत

    डॉक्टर बनने से पुलिस सेवा तक के सपनों को छात्रवृत्ति से मिला संबल

    छात्रों ने कहा- सीएम योगी के हाथों स्वीकृति पत्र मिलना गौरव का पल

    लखनऊ, 
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन में पूर्वदशम (कक्षा 9-10) और दशमोत्तर कक्षाओं की 4.60 लाख से अधिक छात्राओं के खातों में 148 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि हस्तांतरित की। छात्रवृत्ति पाने वाले छात्र-छात्राओं ने सीएम की सराहना करते हुए कहा कि आर्थिक सहायता से पढ़ाई जारी रखने में परिवार को बड़ी राहत मिलेगी। छात्रवृत्ति केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उनके भविष्य के सपनों को आगे बढ़ाने का सहारा है।

    पढ़ाई के खर्च में मिलेगी राहत, किताबें खरीदेंगे छात्र

    गोसाईंगंज के सत्यम ने कहा कि छात्रवृत्ति मिलने से पढ़ाई के खर्च में परिवार को राहत मिलेगी। वह राशि का इस्तेमाल किताबों और जरूरी शैक्षणिक सामग्री खरीदने में करेंगे। सुरियामऊ के विवेक कनौजिया ने कहा कि छात्रवृत्ति से फीस और किताबों का खर्च पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे आगे की पढ़ाई के लिए उनका उत्साह बढ़ा है। रकीबखेड़ा के अमन कुमार ने कहा कि वह नई किताबें खरीदकर अपनी पढ़ाई को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाएंगे। गोसाईंगंज के मयंक रावत ने भी कहा कि छात्रवृत्ति से शिक्षा से जुड़ी जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। सीएम योगी के हाथों स्वीकृति पत्र मिलना गौरव की बात है।

    डॉक्टर और पुलिस अधिकारी बनने का सपना

    इटौंजा की साक्षी ने कहा कि छात्रवृत्ति मिलने से आगे पढ़ाई करने का हौसला बढ़ा है। इससे पढ़ाई से जुड़ी जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। डॉक्टर बनने का सपना संजोए सत्येंद्र रावत ने कहा कि आर्थिक सहायता मिलने से परिवार को पढ़ाई का खर्च संभालने में सहूलियत होगी। इससे वह डॉक्टर बनने के लक्ष्य की तैयारी पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकेंगे। पुलिस विभाग में सेवा देने का लक्ष्य रखने वाले छात्र ने कहा कि छात्रवृत्ति से परिवार पर आर्थिक बोझ कम होगा और उन्हें अपने भविष्य की तैयारी के लिए प्रोत्साहन मिला है।

    आर्थिक दबाव कम होने से पढ़ाई पर रहेगा ध्यान

     इटौंजा की आकांक्षा गौतम ने कहा कि छात्रवृत्ति से किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने में मदद मिलेगी। इससे परिवार पर पढ़ाई का आर्थिक दबाव कम होगा। अर्चना ने कहा कि आर्थिक सहयोग उनके लिए पढ़ाई आगे बढ़ाने में बड़ी मदद है। छात्र-छात्राओं ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से दी जा रही छात्रवृत्ति जैसी सहायता से आर्थिक परिस्थितियां उनकी पढ़ाई में बाधा नहीं बनेंगी।

    मजदूर के बेटे रणवीर के लिए यादगार रहा पल
     
    कक्षा 12 के छात्र रणवीर वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों छात्रवृत्ति का स्वीकृति पत्र मिलना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि उनके पिता मजदूरी करते हैं। ऐसे में छात्रवृत्ति मिलने से उनके परिवार पर आर्थिक बोझ कम होगा और पढ़ाई आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। रणवीर ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों स्वीकृति पत्र मिलने का यह पल वह कभी नहीं भूलेंगे। हिमांशु वर्मा ने भी छात्रवृत्ति मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि सरकार की यह सहायता उन्हें पढ़ाई जारी रखने और भविष्य के लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।

    ओबीसी के 2.23 लाख विद्यार्थियों को 60.01 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति

    अन्य पिछड़ा वर्ग के 2,23,615 विद्यार्थियों के खाते में 60.01 करोड़ रुपये भेजे गए। जबकि अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों के खाते में 64.54 करोड़ रुपये और सामान्य वर्ग के 38,084 विद्यार्थियों के खाते में 11.43 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। इसी तरह अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों के खाते मे 12.06 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।

  • अरविंद केजरीवाल की पार्टी को झटका, AAP का बड़ा टीवी चेहरा कांग्रेस में शामिल

    अरविंद केजरीवाल की पार्टी को झटका, AAP का बड़ा टीवी चेहरा कांग्रेस में शामिल

    नईदिल्ली 
    आम आदमी पार्टी (आप) को एक और बड़ा झटका लगा है। राघव चड्ढा समेत कई नेताओं की बगावत के बाद अब एक और मजबूत चेहरे ने पार्टी का साथ छोड़ दिया है। टीवी पर पार्टी के पक्ष को मजबूती से रखने वाली प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने अब अरविंद केजरीवाल की पार्टी का साथ छोड़ दिया है। उन्होंने शनिवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया। कक्कड़ के साथ रजत राकेश टंडन और पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा ने भी कांग्रेस की सदस्यता ली।

    पेशे से वकील प्रियंका कक्कड़ 'आप' की मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता थीं। वह टीवी डिबेट के दौरान आम आदमी पार्टी के पक्ष को बेहद मजबूती से और आक्रामक तरीके से रखने के लिए जानी जाती थीं। भाजपा के प्रवक्ताओं उनकी बहस के वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे हैं। अब अचानक उन्होंने कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया। दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव, वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला और पवन खेड़ा की मौजूदगी में प्रियंका कक्कड़ ने कांग्रेस की सदस्यता हासिल की।

    मुझे वह दिल्ली वापस चाहिए: प्रियंका
    प्रियंका कक्कड़ ने कहा, 'मैं आज बहुत गर्व के साथ कांग्रेस में शामिल हो रही हूं, क्योंकि मुझे वह दिल्ली वापस चाहिए जिसमें मैं बड़ी हुई थी। मैं क्लीन, ग्रीन, प्रोग्रेसिव और सेफ दिल्ली चाहिए जिसमें मैं पली-बढ़ी। एक दशक से अधिक के अनुभव से मैं महसूस करती हूं कि सिर्फ कांग्रेस ही ऐसा कर सकती है। मैंने यह भी महसूस किया कि आज हमारे देश की राजनीति में अगर कोई नेता विश्वसनीय है तो राहुल गांधी हैं। मैंने पाया कि वह अकेले नेता हैं जिन्होंने कैमरे के लिए आंसू नहीं बहाए। मैंने देखा कि उन्हें नीचा दिखाने के लिए मशीनरी लगा दी गई, लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस अटल रहे।'

    आम आदमी पार्टी छोड़ने की क्या वजह बताई

    प्रियंका कक्कड़ ने आम आदमी पार्टी छोड़ने की वजहों का जिक्र करते हुए 'बंगला-चॉपर' वाली बात कहकर सीधे नेतृत्व को निशाने पर लिया। उन्होंने इशारों में अरविंद केजरीवाल पर ही निशाना साधा और कहा, 'मैंने आम आदमी पार्टी छोड़ी क्योंकि बात हो रही थी बंगला गाड़ी नहीं लेंगे, पर फिर प्राइवेट यात्रा के लिए चॉपर का इस्तेमाल होने लगा और मैं इसका बचाव नहीं कर सकती थी। आम आदमी पार्टी ने बहुत बुद्धिमान लोगों को आकर्षित किया था, लेकिन वो उन्हें रिटेन नहीं कर पाए। आज कौन रिटेन हो रहे हैं, नए-नए लोग जिन्होंने बूथ लेवल पर भी काम नहीं किया, उन्हें राजस्थान से उठाकर पंजाब में बड़े बड़े पद, बंगला गाड़ी सब दिया जा रहा है। मैं इसका बचाव नहीं कर सकती थी।'

  • घर में अचानक गिरें ये 5 चीजें तो न करें नजरअंदाज, वास्तु में माना जाता है अशुभ संकेत

    घर में अचानक गिरें ये 5 चीजें तो न करें नजरअंदाज, वास्तु में माना जाता है अशुभ संकेत

     घर में रोजमर्रा के काम के दौरान कई बार चीजें हाथ से छूटकर गिर जाती हैं. ज्यादातर मामलों में इसे सामान्य घटना समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है. हालांकि, वास्तु और ज्योतिष से जुड़ी मान्यताओं में कुछ खास चीजों का अचानक गिरना शुभ नहीं माना जाता है. खासकर पूजा-पाठ से जुड़ी वस्तुओं के गिरने को लेकर कई तरह की धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं. आइए जानते हैं किन चीजों का गिरना अशुभ संकेत माना जाता है और ऐसी स्थिति में क्या सावधानी बरतनी चाहिए.

    पूजा का दीया गिरना
    पूजा के दौरान अगर हाथ से दीया छूटकर जमीन पर गिर जाए तो इसे वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में शुभ नहीं माना जाता.  मान्यता है कि यह किसी तरह की बाधा या परेशानी का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय भगवान से भूल-चूक के लिए क्षमा मांगकर दोबारा दीपक जलाने की परंपरा है.

    भगवान की मूर्ति या तस्वीर गिरना
    घर के मंदिर में रखी भगवान की मूर्ति या तस्वीर अचानक गिर जाए तो इसे भी सामान्य घटना से अलग धार्मिक संकेत के तौर पर देखा जाता है.  खासतौर पर अगर मूर्ति गिरने से टूट जाए तो उसे सम्मानपूर्वक अलग करना चाहिए.  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खंडित मूर्ति को घर के मंदिर में रखने के बजाय विधि के अनुसार विसर्जित किया जाता है.

    पानी से भरा कलश गिरना
    पूजा में कलश का विशेष महत्व माना जाता है. अगर पानी से भरा कलश अचानक गिर जाए या उसका पानी जमीन पर फैल जाए तो इसे शुभ संकेत नहीं माना जाता. मान्यता है कि ऐसा होना परिवार से जुड़ी किसी परेशानी या आने वाली बाधा की ओर संकेत कर सकता है. ऐसी स्थिति में पूजा स्थल को साफ करके दोबारा विधि-विधान से पूजा करने की परंपरा है.

    प्रसाद का जमीन पर गिरना
    प्रसाद को धार्मिक रूप से भगवान का आशीर्वाद माना जाता है. इसलिए पूजा के दौरान प्रसाद हाथ से गिर जाने को कई मान्यताओं में अच्छा संकेत नहीं माना जाता. अगर गलती से प्रसाद जमीन पर गिर जाए तो उसे पैरों से कुचलने या सामान्य कचरे में डालने से बचना चाहिए.  उसे सम्मानपूर्वक उठाकर किसी पौधे या गमले में रखने की सलाह दी जाती है.

    सिंदूर की डिब्बी गिरना
    सिंदूर को हिंदू धार्मिक परंपरा में सुहाग से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है.  इसलिए पूजा या घर में सिंदूर की डिब्बी गिरने को भी कुछ मान्यताओं में अशुभ माना गया है.  अगर सिंदूर जमीन पर गिर जाए तो उस पर पैर रखने या झाड़ू लगाने के बजाय साफ कपड़े की मदद से उसे उठाने की परंपरा बताई जाती है.

    नमक या दूध गिरना भी माना जाता है संकेत
    वास्तु से जुड़ी कुछ अन्य मान्यताओं में घर या रसोई में नमक, दूध, चावल, तेल और हल्दी जैसी चीजों के बार-बार गिरने को भी शुभ नहीं माना जाता. उदाहरण के तौर पर नमक के गिरने को आर्थिक परेशानी या मानसिक तनाव से जोड़कर देखा जाता है, जबकि दूध के उबलकर गिरने को परिवार की परिस्थितियों में बदलाव का संकेत मानने की मान्यता है.  हालांकि, ये धार्मिक और लोक-मान्यताएं हैं, इनका वैज्ञानिक आधार प्रमाणित नहीं है.

    बार-बार चीजें गिरें तो क्या करें?
    अगर घर में लगातार चीजें गिर रही हैं तो इसे तुरंत किसी अनहोनी का संकेत मानकर डरने की जरूरत नहीं है. पहले घर की व्यवस्था देखें.  पूजा की वस्तुएं सुरक्षित जगह पर रखें, फिसलन या असंतुलित सामान को ठीक करें और टूटे-फूटे सामान को घर से हटा दें. धार्मिक आस्था रखने वाले लोग अपनी परंपरा के अनुसार पूजा या प्रार्थना कर सकते हैं.

  • वैश्विक निवेश मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की मजबूत पहचान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

    वैश्विक निवेश मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की मजबूत पहचान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

    वैश्विक निवेश मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की मजबूत पहचान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

    SING फोरम 2026 में सहभागिता के लिए सिंगापुर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले ने किया मुख्यमंत्री साय का आत्मीय स्वागत

    वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत होंगी छत्तीसगढ़ की उपलब्धियां, विकास की संभावनाएं और निवेश के अवसर

    CEO राउंडटेबल में सिंगापुर के प्रमुख निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से होगी चर्चा

    रायपुर 
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राज्य में निवेश की नई संभावनाओं को विस्तार देने के उद्देश्य से आज सिंगापुर पहुंचे। सिंगापुर पहुंचने पर भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले ने मुख्यमंत्री साय का आत्मीय स्वागत किया।

    मुख्यमंत्री साय सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन द्वारा आयोजित प्रथम SING फोरम 2026 में छत्तीसगढ़ की ओर से सहभागिता करेंगे। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच के माध्यम से वैश्विक निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, विकास की अपार संभावनाओं और प्रदेश में उपलब्ध आकर्षक निवेश अवसरों को प्रस्तुत किया जाएगा।

    SING फोरम 2026 के दौरान आयोजित CEO राउंडटेबल में मुख्यमंत्री साय सिंगापुर के प्रमुख निवेशकों एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा करेंगे। इस दौरान प्रदेश में निवेश की संभावनाओं और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को प्रमुखता से रखा जाएगा।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का दृढ़ प्रयास है कि नई औद्योगिक नीति, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, सुदृढ़ अधोसंरचना, कुशल मानव संसाधन तथा उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि वैश्विक निवेश मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की मजबूत पहचान बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

    मुख्यमंत्री साय की SING फोरम 2026 में सहभागिता वैश्विक निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ की विकास संभावनाओं और निवेश अवसरों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर होगी।

  • 10 साल की उम्र में मां, एक साल बाद पिता को खोया, अब एशियन गेम्स में अमन सहरावत ने जीता GOLD

    10 साल की उम्र में मां, एक साल बाद पिता को खोया, अब एशियन गेम्स में अमन सहरावत ने जीता GOLD

     नागोया
    गोया में भारतीय पहलवान अमन सहरावत ने आखिरकार एशियन गेम्स के मेडल का रंग बदल दिया. 23 साल के अमन ने पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में गोल्ड मेडल जीत लिया. शनिवार को फाइनल में उन्होंने नॉर्थ कोरिया के वर्ल्ड चैम्प‍ियन चोंग सोंग हान को 11-7 से हराया। 

    अमन ने मुकाबले में शानदार रणनीति दिखाई और हान की हर कोशिश का जवाब दिया. नॉर्थ कोरियाई पहलवान ने भारतीय पहलवान को पछाड़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन अमन पूरे मुकाबले में नियंत्रण बनाए रखने में सफल रहे। 

    फाइनल से पहले अमन ने सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोल्यूब्स्की को 14-8 से हराया था. इस जीत के साथ उन्होंने पहली बार एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने का मौका बनाया और फाइनल में उसे हासिल भी कर लिया। 

    अमन ने 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. अब उन्होंने उसी मेडल का रंग बदलकर गोल्ड कर दिया. शुक्रवार को सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता था, यानी कुश्ती में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। .

    10 साल की उम्र में मां को खोया
    अमन सहरावत का सफर बेहद संघर्ष भरा रहा है. उन्होंने 10 साल की उम्र में अपनी मां को खो दिया था और इसके एक साल बाद पिता का भी निधन हो गया. इसके बाद उनके चाचाओं ने उनका साथ दिया. हरियाणा के बिरोहर के मिट्टी वाले अखाड़ों से अमन की कुश्ती की शुरुआत हुई। 

    बाद में वह दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम पहुंचे, जहां कोच ललित कुमार के मार्गदर्शन में उनकी कुश्ती निखरी. अमन की पहचान उनकी तेज रफ्तार, आक्रामक अंदाज और लगातार मूवमेंट वाली कुश्ती से बनी। 

    सबसे कम उम्र के ओलंपिक मेडलिस्ट बने
    अमन ने 2018 और 2019 में अंडर-17 वर्ल्ड चैम्प‍ियनशिप में ब्रॉन्ज जीता. 2019 में अंडर-17 एशियन चैम्प‍ियनशिप का गोल्ड भी उनके नाम रहा. 2022 में उन्होंने अंडर-23 वर्ल्ड चैम्प‍ियनशिप और अंडर-23 एशियन चैम्प‍ियनशिप में गोल्ड जीता। 

    मई 2024 में इस्तांबुल में हुए वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट में उन्होंने 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में भारत का ओलंपिक कोटा हासिल किया. पेरिस ओलंपिक से पहले वह रोज करीब आठ घंटे ट्रेनिंग कर रहे थे। 

    पेरिस 2024 में अमन ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत के सबसे कम उम्र के व्यक्तिगत ओलंपिक मेडलिस्ट बनने का गौरव हासिल किया। 

    हार से वापसी, अब एशियन गेम्स GOLD
    पेरिस के बाद भी अमन का सफर आसान नहीं रहा. चोट के कारण वह एशियन चैम्प‍ियनशिप में नहीं उतर सके. इसके बाद मंगोलिया के रैंकिंग टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज जीता और तीन हफ्ते से भी कम समय बाद जून 2025 में तुर्की की इंटरनेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड हासिल किया। 

    2025 वर्ल्ड चैम्प‍ियनशिप में पेट की बीमारी के कारण वह वजन नहीं कर पाए और मुकाबले से पहले ही डिस्क्वालिफाई हो गए। 

    अब एशियन गेम्स में वर्ल्ड चैम्प‍ियन को हराकर अमन ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है. उनके खाते में अब ओलंपिक ब्रॉन्ज के साथ एशियन गेम्स गोल्ड भी है। 

    अमन सहरावत की प्रमुख उपलब्धियां

        2024 ओलंपिक- ब्रॉन्ज
        2026 सीनियर एशियन चैम्प‍ियनशिप- सिल्वर
        2023 एशियन गेम्स- ब्रॉन्ज
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        2019 अंडर-17 एशियन चैम्प‍ियनशिप- गोल्ड

     

  • MP में चीतों का तीसरा ठिकाना बना नौरादेही, 7 अक्टूबर को छोड़े जाएंगे 2 चीते

    MP में चीतों का तीसरा ठिकाना बना नौरादेही, 7 अक्टूबर को छोड़े जाएंगे 2 चीते

    नौरादेही 

    मध्यप्रदेश में चीतों का कुनबा अब बुंदेलखंड तक बढ़ने जा रहा है। चीता स्टीयरिंग कमेटी ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) में 4 चीतों को बसाने की मंजूरी दे दी है। शुरुआत 7 अक्टूबर को 2 चीतों से होगी। कूनो नेशनल पार्क से नर थोलो और मादा CCB-3 को नौरादेही लाया जाएगा। CCB-3 गांधी सागर में छोड़ी गई राधा की बहन है। सीएम डॉ. मोहन यादव दोनों को रिलीज करेंगे। इसी दिन नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 25 साल पूरे हो रहे हैं। नौरादेही के साथ प्रदेश में चीतों के 3 ठिकाने-कूनो, गांधी सागर और नौरादेही हो जाएंगे।

    पहले गुजरात में बसाने की तैयारी थी, अब नौरादेही पर राजी Q. नौरादेही ही क्यों चुना, कितना बड़ा इलाका है? – वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व 2,340 वर्ग किमी में फैला मप्र का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। यहां खुले जंगल और लंबे घास के मैदान हैं। यह नर्मदा, बेतवा और केन नदी प्रणालियों का कैचमेंट भी है। Q. चीते कहां रहेंगे, सुरक्षा की क्या तैयारी है? – पहले 439 हेक्टेयर के सॉफ्ट रिलीज बोमा में रखेंगे। यह भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क जितना बड़ा है। 5 हिस्सों वाले बोमा में पावर फेंसिंग और 24 घंटे ट्रैकिंग की व्यवस्था है। Q. पहले गुजरात के बन्नी भेजने का प्लान था? – गुजरात के बन्नी ग्रासलैंड में भी चीते बसाने की तैयारी चल रही है, लेकिन वहां रिलीज की तारीख तय नहीं है। 7 अक्टूबर को नौरादेही में पहला जोड़ा पहुंच जाएगा।

    गुजरात के बन्नी से पहले नौरादेही चुना
    गुजरात के बन्नी ग्रासलैंड में भी चीतों को बसाने की तैयारी चल रही है। हालांकि बन्नी ग्रासलैंड में चीतों को रिलीज करने की तारीख अभी तय नहीं हुई है। इस बीच मध्यप्रदेश के नौरादेही में 7 अक्तूबर को यहां पहला जोड़ा पहुंच जाएगा। पहले चार चीतों की मंजूरी में से शुरुआती दो चीतों के आने के बाद नौरादेही चीतों का नया प्राकृतिक घर बन जाएगा। वन विभाग ने इसके लिए सभी जरूरी मैदानी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

    वन्यजीव संरक्षण को नई गति
    मध्यप्रदेश में कूनो और गांधी सागर के बाद नौरादेही में चीतों की पुनर्स्थापना से वन्यजीव संरक्षण को नई गति मिलेगी। विशाल घास के मैदानों और समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र से युक्त यह क्षेत्र चीतों के अनुकूल पाया गया है। चीता स्टीयरिंग कमेटी की मंजूरी मिलने के बाद अब 7 अक्तूबर का दिन प्रदेश के वन्यजीव इतिहास में नया अध्याय जोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा चीतों को सॉफ्ट रिलीज बोमा में छोड़े जाने के साथ ही बुंदेलखंड की धरती पर चीतों की चहल-पहल शुरू हो जाएगी।

    नौरादेही और गुजरात भी बनेगा नया ठिकाना
    गांधीसागर के अलावा चीतों को गुजरात के बन्नी सेंचुरी ओर रानी दुर्गावर्ती टाइगर रिजर्व नौरादेही भी भेजे जाने की तैयारी है. इन दोनों ही स्थानों पर चीतों को रखे जाने की प्रारंभिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. बन्नी सेंचुरी में सवाना जैसी परिस्थितियों वाला सॉफ्ट रिलीज एनक्लोजर तैयार किया गया है. यहां के घास के मैदान चीतों को खासे पसंद आ सकते हैं. कच्छ जिले में मौजूद बन्नी ग्रासलैंड एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक घास का मैदान है. यहां 600 हेक्टेयर में बाड़ा तैयार किया गया है और चीतल, सांभर जैसे शाकाहारी जानवरों की संख्या बढ़ाई गई है. उधर, नौरादेही में 35 किलोमीटर चैनलिंग फैसिंग का काम भी अंतिम चरण में है। 

  • MP Weather: अक्टूबर की शुरुआत में बदला मौसम, रातें ठंडी-दिन में बढ़ी गर्मी; 5 शहरों में पारा 18°C के करीब

    MP Weather: अक्टूबर की शुरुआत में बदला मौसम, रातें ठंडी-दिन में बढ़ी गर्मी; 5 शहरों में पारा 18°C के करीब

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश में मानसून का दौर खत्म होते ही मौसम ने करवट ले ली है। अक्टूबर की शुरुआत में प्रदेश में दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। रातें ठंडी हो रही हैं, जबकि दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास बढ़ गया है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड हुआ है। बीती रात अमरकंटक में पारा 17.1 डिग्री, शाजापुर में 17.3, धार में 17.5, इंदौर और पचमढ़ी में 17.6 तथा भोपाल और उज्जैन में 18 डिग्री दर्ज हुआ। दूसरी ओर, दिन में बड़वानी, धार, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम में तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच रहा है। यानी प्रदेश में सुबह-रात ठंडक और दोपहर में गर्मी का असर दिखाई देने लगा है।

    अगले तीन दिन तेज धूप, बारिश के आसार नहीं
    मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के मुताबिक, 3, 4 और 5 अक्टूबर को प्रदेश में बारिश के आसार नहीं हैं। इन दिनों अधिकांश हिस्सों में धूप खिली रहेगी। 6 अक्टूबर से पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में बूंदाबांदी का अनुमान है।

    मानसून की विदाई भी शुरू होगी
    30 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य समय पूरा हो चुका है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, फिलहाल मानसून वापसी की रेखा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से गुजर रही है। मध्य प्रदेश में यह ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग के ऊपर बनी हुई है। अगले 2-3 दिन में प्रदेश से मानसून की वापसी शुरू होने के संकेत हैं। पहले उज्जैन और ग्वालियर-चंबल, इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से मानसून विदा हो सकता है। 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून की विदाई संभव है। 

    अक्टूबर में सामान्य से ज्यादा गर्म रह सकते हैं दिन
    मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, अक्टूबर के पहले पखवाड़े में रात के तापमान में गिरावट आती है, जबकि दिन में गर्मी बनी रहती है। इसे मौसम के बदलाव का दौर माना जाता है। इस बार भी इसी तरह का मौसम देखने को मिल रहा है। अक्टूबर में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है।

    मानसून ने छोड़ी 4 फीसदी बारिश की कमी
    इस बार मानसून सीजन में प्रदेश में 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच है। इस हिसाब से प्रदेश में करीब 4 फीसदी कम बारिश हुई। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4 फीसदी ज्यादा, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई। जून में 14 फीसदी कम बारिश इसका बड़ा कारण रही। जुलाई में अच्छी बारिश के बाद भी मानसून के दो ब्रेक आए। सितंबर के आखिरी सप्ताह में बारिश का दौर फिर मजबूत हुआ, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल मिलाकर 4 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। वहीं पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में कमी बनी हुई है। 

  • जेल के दिनों को याद कर छलका संजय दत्त का दर्द, बोले- पिता के सामने हथकड़ी लगना अंदर से तोड़ गया था

    जेल के दिनों को याद कर छलका संजय दत्त का दर्द, बोले- पिता के सामने हथकड़ी लगना अंदर से तोड़ गया था

    'बॉलीवुड के खलनायक' संजय दत्त इंडस्ट्री के दिग्गज एक्टर्स में शुमार हैं. उन्होंने अपने फिल्मी करियर में एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दी हैं, लेकिन निजी जिंदगी में उन्होंने काफी मुश्किल दौर भी देखा है. गैर-कानूनी तरीके से हथियार रखने के आरोप में उन्हें जेल जाना पड़ा था. संजय दत्त कई बार जेल में बिताए अपने कठिन दिनों पर बात कर चुके हैं और अब एक बार फिर उन्होंने उस दौर की यादें ताजा की हैं.

    संजय दत्त का छलका दर्द
    शेखर सुमन के टॉक शो 'शेखर टुनाइट' पर बात करते हुए संजय दत्त ने बातचीत के दौरान खुलासा किया कि जेल में रहने के दौरान प्रशासन ने उन्हें तोड़ने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने इन परिस्थितियों को खुद पर हावी नहीं होने दिया.

    दर्शकों से बात करते हुए शेखर सुमन ने कहा- संजय दत्त को अंडा सेल में रखा गया था, फिर भी उन्होंने अपना दिमागी संतुलन बनाए रखा. इसके बाद उन्होंने एक्टर से पूछा- क्या ऐसी कठिन परिस्थितियों में कभी आपके मन में सुसाइड करने का ख्याल आया था? इसपर संजय ने कहा- नहीं.

    शेखर सुमन ने आगे कहा कि लोग अक्सर अपनी गलतियों को मानने से कतराते हैं, लेकिन संजय दत्त ने अपनी गलतियों को स्वीकार किया. इसके बाद शेखर ने संजय से सवाल किया-वो कौन सा मोमेंट था जब आप सबसे ज्यादा कमजोर पड़े थे? इसपर संजय बोले- मुझे पता था कि मेरे पिता और परिवार को बहुत कुछ सहना पड़ा, लेकिन मैंने खुद को कभी कमजोर महसूस नहीं किया.

    संजय को हथकड़ियां लगते देख भावुक हो गए थे पिता
    संजय दत्त ने उस वक्त पर भी बात की, जब उनके पिता और एक्टर सुनील दत्त के सामने पहली बार उन्हें हथकड़ी पहनाई गई थी. इस बारे में बात करते हुए एक्टर ने कहा- जब पहली बार पुलिस आई और उन्होंने मुझे हथकड़ी पहनाई, तो मेरे डैड सदमे में आ गए थे. उनकी आंखों में आंसू थे. उन्होंने पुलिस से कहा था- तुम मेरे बेटे के साथ यह क्या कर रहे हो? मैंने उन्हें कसकर गले लगाया और कहा था- आप इन हथकड़ियों से खुद को परेशान क्यों कर रहे हैं? यह सिर्फ एक प्रोसीजर है, प्लीज आप दुखी मत होइए, जबकि सच तो यह था कि यह चीज मुझे अंदर ही अंदर खत्म कर रही थी, लेकिन मुझे उनके लिए मजबूत बनना था. पूरे 24 सालों तक चले इस ट्रायल के दौरान मैं इसी सोच और हिम्मत के साथ आगे बढ़ता रहा.

    संजय दत्त ने बताया कि अधिकारियों को लगता था कि सेलिब्रिटी स्टेटस से जुड़ी सुख-सुविधाएं छीन लेने से वो आखिरकार टूट जाएंगे. इस बारे में संजय ने कहा- लेकिन मुझे कुछ नहीं हुआ, क्योंकि मैं टूटा नहीं. उल्टा वो खुद सदमे में आ गए थे. वो मेरा मजाक उड़ाते थे. उनमें से एक अधिकारी मेरे पास आकर बोला था- तुम्हें यहां कोई सिगरेट नहीं मिलने वाली, अब क्या करोगे? तो मेरा जवाब था- सर, यहां बीड़ी तो मिलेगी न. इन सब बदलावों से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ा, तो वो इस बात से परेशान हो गए कि यह इंसान इतना जमीन से जुड़ा हुआ और बेअसर कैसे है.