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  • CG SET 2026: आज दो शिफ्टों में होगी राज्य पात्रता परीक्षा, 6622 परीक्षार्थी होंगे शामिल

    CG SET 2026: आज दो शिफ्टों में होगी राज्य पात्रता परीक्षा, 6622 परीक्षार्थी होंगे शामिल

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा (SET) आज दो शिफ्टों में आयोजित की जाएगी. Paper-I सुबह 10 बजे से 11:15 बजे तक, जबकि Paper-II दोपहर 2 बजे से शाम 4:15 बजे तक होगा.

    परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उसमें दर्ज परीक्षा केंद्र, जिला और शिफ्ट की टाइमिंग को ध्यान से जरूर जांच लें. परीक्षा के संचालन हेतु डिप्टी कलेक्टर आस्था बोरकर को नोडल अधिकारी और सहायक संचालक शिक्षा लक्ष्मण कावड़े को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। परीक्षा के लिए पीजी कॉलेज कांकेर, कन्या कॉलेज भीरावाही, सेजस मॉडल कॉलेज, कृषि रिसर्च सेंटर सिंगारभाट, नरहरदेव स्कूल, शहीद गैंदसिंह कॉलेज चारामा, डाइट कांकेर, शासकीय महिला आईटीआई सहित सिंगारभाट, बरदेभाठा, ईमलीपारा, लखनपुरी, चारामा, पोटगांव, कोदागांव व धनेलीकन्हार के विभिन्न हायर सेकेंडरी व हाई स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।

    प्रशासन ने सभी केंद्रों पर समय पर उपस्थिति और जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। व्यापमं द्वारा परीक्षार्थियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें परीक्षार्थी को 2 घंटे पहले अपने केंद्र पहुंचना होगा। परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे के पहले तक प्रवेश मिलेगा।

  • मक्का पैक्ट से दूर हुआ मिस्र: पीएम मोदी से मुलाकात के बाद भारत के पक्ष में बड़ा फैसला

    मक्का पैक्ट से दूर हुआ मिस्र: पीएम मोदी से मुलाकात के बाद भारत के पक्ष में बड़ा फैसला

    नई दिल्ली
     तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के मक्का पैक्ट में मिस्र के भी शामिल होने को लेकर चर्चाएं लगातार चल रही थीं। हालांकि, अब मिस्र ने इसे लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, ब्रिक्स समिट के दौरान जब मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, तो मक्का समझौते, उसके क्षेत्रीय और व्यापक असर पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की। इस दौरान मिस्र ने तुर्की को भारत के लिए ठेंगा दिखा दिया।

    मक्का पैक्ट से मिस्र क्यों बना रहा दूरी?
    मिस्र ने भारत की चिंताओं और अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच रक्षा समझौते में शामिल न होने का फैसला किया था। जानकारों ने बताया कि नई दिल्ली और काहिरा अरब दुनिया के एक अहम स्तंभ के तौर पर मिस्र के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और बढ़ाने के लिए काम करेंगे। मिस्र ब्रिक्स का सदस्य है और 2024 में इस समूह में शामिल हुआ था।

    भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत
    तुर्की के बार-बार सुझावों के बावजूद मिस्र अब तक मक्का समझौते में शामिल होने से दूर रहा है। ऐसा उसने किसी का पक्ष न लेने की अपनी रणनीति और भारत के साथ बढ़ते रिश्तों के कारण किया है। पश्चिम एशिया के जानकारों का कहना है कि मक्का समझौते की उपयोगिता सीमित है क्योंकि नाटो या पुराने वारसा समझौते के विपरीत, इन तीनों देशों का कोई साझा दुश्मन या एक नेता नहीं है। इस बात की भी संभावना कम है कि भारत-पाकिस्तान युद्ध की स्थिति में सऊदी अरब सैन्य मदद के जरिए पाकिस्तान की सहायता के लिए आगे आएगा।

    मिस्र हमेशा अरब देशों की गुटबाजी से रहा दूर
    अरब देशों में सबसे शक्तिशाली सेना वाला मिस्र ऐतिहासिक रूप से गुटबाजी की राजनीति से दूर रहा है। उत्तरी और पूर्वोत्तर अफ्रीका में स्थिरता के स्तंभ के तौर पर अपनी भूमिका निभाता रहा है। काहिरा के पड़ोसी देश इजरायल के साथ जटिल संबंध हैं। जिसके साथ उसके राजनयिक रिश्ते हैं। वह सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच किसी एक का पक्ष नहीं लेना चाहता। इस तरह से मिस्र ने भारत के साथ अपने बढ़ते रिश्तों की वजह से मक्का समझौते पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया।

     

  • रोज-रोज की दाल-सब्जी से हो गए हैं बोर? ट्राई करें साउथ इंडियन प्याज-मूंगफली की क्रीमी चटनी

    रोज-रोज की दाल-सब्जी से हो गए हैं बोर? ट्राई करें साउथ इंडियन प्याज-मूंगफली की क्रीमी चटनी

     रोज-रोज एक जैसी दाल-सब्जी खाकर मन भर जाता है और अगर इसके साथ ही चटनी मिल जाए तो सादा खाना भी टेस्टी लगने लगता है. उत्तर भारत में आमतौर पर धनिया-पुदीना की चटनी खूब बनाई जाती है, लेकिन साउथ इंडिया में नारियल चटनी के अलावा कई अलग तरह की चटनियां भी बनाई जाती है. इसी में प्याज और मूंगफली की क्रीमी चटनी भी शामिल है, जिसका स्वाद नॉर्मल चटनी से बिल्कुल अलग होता है.

    साउथ इंडिया में प्याज और मूंगफली की चटनी घरों में लोग खूब बनाते हैं और इसे बड़े चाव से खाते हैं. नारियल की चटनी के साथ दक्षिण भारत में प्याज-मूंगफली की चटनी भी सर्व की जाती है, जिसका स्वाद बहुत लाजवाब होता है. खास बात यह है कि इस चटनी को आप आसानी से घर पर तैयार कर सकते हैं, इसके लिए आपको ज्यादा सामग्री की भी जरूरत नहीं होती है. इस चटनी को आप अपने घर पर मिनटों में रेडी कर सकते हैं, आइए हम आपको प्याज-मूंगफली की चटनी बनाने का साउथ इंडियन तरीका बताते हैं.

    प्याज-मूंगफली की चटनी के लिए इंग्रेडिएंट्स
        1 कप मूंगफली
        1 प्याज, मोटा कटा हुआ
        5 सूखी लाल मिर्च
        2 लहसुन की कलियां
        नमक स्वादानुसार
        थोड़े से करी पत्ते
        इमली का छोटा-सा टुकड़ा या 1 छोटा चम्मच इमली का पेस्ट
        1 छोटा चम्मच जीरा
        1 बड़ा चम्मच तेल
        जरूरत के अनुसार पानी

    तड़के के लिए
        2 छोटे चम्मच तेल
        1 छोटा चम्मच राई
        2 छोटे चम्मच धुली उड़द दाल
        थोड़े से करी पत्ते

    प्याज-मूंगफली की चटनी बनाने का तरीका
    सबसे पहले एक कड़ाही में 1 छोटा चम्मच तेल गर्म करें. इसमें मूंगफली डालकर मिडियम फ्लेम पर करीब 3 मिनट तक भूनें. मूंगफली हल्की भुन जाए तो इसे एक प्लेट में निकाल लें. अब उसी कड़ाही में सूखी लाल मिर्च डालकर कुछ सेकंड भूनें और इसे भी अलग निकाल लें.

    इसके बाद कड़ाही में 2 छोटे चम्मच तेल डालें. इसमें कटा हुआ प्याज डालकर तब तक भूनें, जब तक प्याज हल्का गोल्डन न हो जाए. अब इसमें लहसुन की कलियां डालकर कुछ देर भूनें. आखिर में करी पत्ते डालें और कुछ सेकंड पकाकर गैस बंद कर दें.

    अब भुनी हुई मूंगफली, लाल मिर्च, प्याज, लहसुन और करी पत्ते को मिक्सर जार में डालें. इसमें जीरा, स्वादानुसार नमक और इमली भी डाल दें. थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सभी चीजों को पीस लें. अब पेस्ट को एक कटोरी में निकाल लें.

    ऐसे लगाएं चटनी में तड़का
    तड़का लगाने के लिए एक छोटे पैन में 2 छोटे चम्मच तेल गर्म करें. इसमें राई डालें और इसे चटकने दें. अब उड़द दाल डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. इसके बाद करी पत्ते डालें और तुरंत गैस बंद कर दें. तैयार तड़के को चटनी के ऊपर डालें और अच्छी तरह मिला दें.

  • तमिलनाडु में सियासी घमासान तेज, विजय ने स्टालिन पर लगाए महिला उम्मीदवार पर अभद्र टिप्पणी के आरोप

    तमिलनाडु में सियासी घमासान तेज, विजय ने स्टालिन पर लगाए महिला उम्मीदवार पर अभद्र टिप्पणी के आरोप

    चेन्नई
    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने डीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर तीखा हमला बोला है। दरअसल, स्टालिन ने टीवीके उम्मीदवार सत्यभामा को निशाना साधते हुए उन्हें सोमरसॉल्ट भामा कहा था और टीवीके पर सवाल उठाए थे। इसके बाद, टीवीके ने पूर्व मुख्यमंत्री पर महिला दलित उम्मीदवार की बॉडी-शेमिंग करने का आरोप लगाया और माफी की मांग की। उन्होंने स्टालिन को लेकर कहा कि तमिलनाडु और निर्वाचन क्षेत्र की जनता से करारा जवाब मिलेगा। तमिलनाडु के लोगों ने हमेशा यह गहराई से महसूस किया है और पहचाना है कि डीएमके की जड़ों और दिमाग में अश्लीलता, वहशीपन और बदमाशी भरी हुई है।

    विजय ने स्टालिन पर हमला करते हुए उनकी टिप्पणियों को असभ्य बताया। विजय ने एक्स पर पोस्ट किया, "धारापुरम निर्वाचन क्षेत्र के उपचुनाव के लिए एक प्रचार जनसभा की आड़ में, डीएमके जैसी बुरी ताकत के नेता स्टालिन ने एक बदनाम करने वाली और पूरी तरह से असभ्य सभा की है। हमारी धारापुरम निर्वाचन क्षेत्र की उम्मीदवार, बहन श्रीमती सत्यभामा के बारे में उन्होंने मजाक उड़ाया है और बहुत ही अभद्र तरीके से बात की है जिससे उन्हें अजीब मजा आ रहा है।"

    महिलाओं पर कमेंट करने के मामले में DMK को बार-बार गलत बोलने वाला बताते हुए उन्होंने कहा कि लोग पार्टी को नहीं भूलेंगे। विजय ने कहा, ''ये बुरी ताकतें, जो महिलाओं के बारे में गंदी बातें करने में माहिर हैं और वह भी तब जब महिलाएं उनके ठीक बगल में बैठी हों, उन्हें तमिलनाडु और धारापुरम चुनाव क्षेत्र के लोगों से करारा जवाब मिलेगा।"

    विजय ने कहा कि स्टालिन ने गर्व से कहा है और खुशी-खुशी माना है कि यह कोई और नहीं बल्कि खुद मिस्टर मुथुवेल करुणानिधि स्टालिन हैं, जिन्होंने डीएमके की तरफ से गाली-गलौज, वहशीपन और बेईमानी की नदी बहाई और बनाई है। उन्होंने इस बारे में एक कबूलनामा भी दिया है। डीएमके के सदस्य डेमोक्रेसी के खिलाफ हैं।

    उन्होंने आगे कहा, 'ये बुरी ताकतें जो महिलाओं के बारे में अश्लील बातें करने में माहिर हैं और वह भी तब जब महिलाएं उनके ठीक बगल में बैठी हों, और उन्हें उनकी नफरत का एहसास भी न हो, उन्हें तमिलनाडु के लोगों और धारापुरम चुनाव क्षेत्र के लोगों से करारा जवाब मिलेगा। तमिलनाडु की महिलाओं का बेटा, भाई और छोटा भाई होने के नाते, मैं इस बुरी ताकत डीएमके की कड़ी निंदा करता हूं, जो महिलाओं के बारे में अश्लील बातें करती रहती है। स्टालिन उपचुनाव वाले धारापुरम में प्रचार कर रहे थे, जहां उन्होंने सत्ताधारी टीवीके पर हमला किया। उन्होंने हॉर्स ट्रेडिंग और AIADMK में फूट डालने की साजिश बताया।

  • प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर धरने के बाद लापता किशोर अनुज बरसाना से सकुशल बरामद

    प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर धरने के बाद लापता किशोर अनुज बरसाना से सकुशल बरामद

    लखनऊ
    प्रेमानंद महाराज के आश्रम से लापता बताया जा रहा हाथरस के सादाबाद का 16 वर्षीय किशोर अनुज चौधरी को हाथरस पुलिस ने बरसाना के एक आश्रम से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस द्वारा किशोर से पूछताछ की जा रही है। अनुज के लापता होने का आरोप लगाते हुए उसके परिवारवालों ने वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर धरना शुरू कर दिया था। पुलिस ने खोजबीन का आश्वासन देकर किसी तरह परिवारीजनों को शांत कराया और धरना खत्म कराया था। उधर, संत प्रेमानंद के राधा केलि कुंज आश्रम पर कई ऐसे लोग पहुंचने लगे हैं, जो अपने बच्चों के गायब होने का दावा कर रहे हैं। शनिवार को कासगंज, महाराष्ट्र और बड़ी आटस के रहने वाले किशोरों के परिवारीजन आश्रम के बाहर पहुंचे। उन्होंने अपने बच्चों की सकुशल वापसी की मांग की।

    बता दें कि सादाबाद के गांव बरामई खेड़ा के रहने वाले राजवीर चौधरी का बेटा अनुज (17) तीन जुलाई को वृंदावन के लिए निकला था। 26 जून को संत प्रेमानंद से दीक्षा लेने के बाद वो घर लौट गया था। तीन जुलाई को फिर वृंदावन आ गया। तब से अनुज के परिजन उसे तलाश रहे थे। शुक्रवार को अनुज के परिजनों संग बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रेमानंद के राधा केलि कुंज आश्रम के बाहर धरना दिया था। करीब आठ घंटे बाद रात आठ बजे पुलिस के आश्वासन के बाद धरना खत्म किया था। शनिवार अनुज की सकुशल बरामदगी की ख़बर सामने आ गई। अनुज के परिजनों के अनुसार सादाबाद पुलिस ने अनुज को बरसाना के एक आश्रम से बरामद किया है। हालांकि पुलिस द्वारा इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सादाबाद इंस्पेक्टर विजय सिंह ने बताया कि किशोर को बरसाना से सकुशल बरामद कर लिया है।
    लापता बच्चों के घरवाले पहुंच रहे हैं आश्रम, सकुशल वापसी की मांग

    संत प्रेमानंद के राधा केलि कुंज आश्रम पर अब कई लोग ऐसे पहुंचने लगे हैं, जिनके बच्चे गायब हैं। शनिवार को कासगंज, महाराष्ट्र और बड़ी आटस के रहने वाले किशोरों के परिजन आश्रम के बाहर पहुंचे और अपने बच्चों की सकुशल वापसी की मांग की। बताया जाता है कि कासगंज का रहने वाला मयंक सिंह चौहान पिछले सात अगस्त को वृंदावन आने की कहकर अपने घर से निकला था। जिसका काफी प्रयास के बाद भी कोई पता नहीं लग सका है। मयंक के पिता चंद्रपाल सिंह ने बताया कि पिछले कुछ समय से मयंक सिर्फ प्रेमानंद महाराज की बातें करता था। पॉलीटेक्निक प्रथम वर्ष के छात्र मयंक तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर का बच्चा है। पिता के अनुसार पूरा परिवार मयंक के गायब होने से परेशान है। इसी तरह की पीड़ा महाराष्ट्र की उज्वला ताक पिरे की है।

    21 जुलाई से लापता है ओम परमेश्वर
    उन्होंने बताया कि उनका 20 वर्षीय बेटा ओम परमेश्वर 21 जुलाई से लापता हैं। वो वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के दर्शनों की कहकर अपने घर से निकला था। 23 जुलाई को उसकी मां वृंदावन पहुंची और बेटे की तलाश शुरू कर दी। उज्वला ताकपिरे का कहना है कि उसे आश्रम के सीसीटीवी फुटेज में ओम परमेश्वर के होने की जानकारी मिली थी। लेकिन उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा है। उज्वला अपने बेटे की तलाश में कई बार महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर से वृंदावन आ चुकी है। संभाजी नगर में उसकी गुमशुदगी का मामला दर्ज है। इसी तरह समीपवर्ती देवी आटस निवासी किशोरलाल का 14 वर्षीय बेटा नवनीत भी 10 सितम्बर से गायब है। नवनीत के परिजन भी उसे ढूंढने राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे थे।

  • एशियन गेम्स 2026: स्टार शूटर नीरू ढांडा बनीं समापन समारोह में भारत की ध्वजवाहक

    एशियन गेम्स 2026: स्टार शूटर नीरू ढांडा बनीं समापन समारोह में भारत की ध्वजवाहक

    नई दिल्ली
    जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत का परचम लहराने वाली स्टार निशानेबाज नीरू ढांडा को एक और बहुत बड़ा सम्मान मिला है। ट्रैप शूटिंग में अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन से देश का सिर गर्व से ऊंचा करने वाली नीरू को 4 अक्टूबर को होने वाले समापन समारोह के लिए भारतीय दल का आधिकारिक ध्वजवाहक चुना गया है। नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में नीरू तिरंगा थामकर भारतीय दल की अगुवाई करेंगी।

    एक ही एशियन गेम्स में नीरू के नाम रहे तीन-तीन मेडल
    आइची-नागोया खेलों में नीरू का सफर बेहद शानदार और यादगार रहा है। उन्होंने प्रतियोगिता में अपने सटीक निशानों के दम पर एक नहीं बल्कि पूरे तीन पदक (दो गोल्ड और एक सिल्वर) भारत की झोली में डाले। नीरू ने अपने पदक अभियान का आगाज महिलाओं की टीम ट्रैप स्पर्धा में रजत पदक जीतकर किया था। इसके बाद उन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में जिस तरह का प्रदर्शन किया उसने उन्हें एशियाई खेलों के इतिहास में अमर कर दिया।

    पहला गोल्ड जीतकर बनाया कीर्तिमान
    टीम इवेंट में सिल्वर जीतने के बाद नीरू ढांडा का असली जादू व्यक्तिगत स्पर्धा में देखने को मिला। उन्होंने फाइनल में बेहतरीन लय बरकरार रखते हुए गोल्ड पर निशाना साधा। इसके साथ ही वह एशियाई खेलों के इतिहास में महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला शूटर बन गईं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने भारतीय निशानेबाजी के लिए एक नया अध्याय लिख दिया।

    एशियन गेम्स रिकॉर्ड के साथ जीता दूसरा गोल्ड
    व्यक्तिगत स्पर्धा में ऐतिहासिक सोना जीतने के बाद भी नीरू का जलवा थमा नहीं। उन्होंने मिक्सड टीम ट्रैप स्पर्धा में साथी निशानेबाज कीनन चेनाई के साथ मिलकर एक और स्वर्णिम सफलता हासिल की। भारतीय जोड़ी ने फाइनल मुकाबले में 34 का स्कोर बनाकर कतर (32 अंक) को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया, जबकि चीन (23 अंक) को कांस्य से ही संतोष करना पड़ा। इस मुकाबले में नीरू और कीनन की जोड़ी ने एशियाई खेलों का नया रिकॉर्ड भी कायम किया।

     

  • CM साय आज सिंगापुर में SING Forum 2026 में रखेंगे ‘छत्तीसगढ़ के विकास’ का विजन, निवेशकों से करेंगे चर्चा

    CM साय आज सिंगापुर में SING Forum 2026 में रखेंगे ‘छत्तीसगढ़ के विकास’ का विजन, निवेशकों से करेंगे चर्चा

    रायपुर/सिंगापुर.

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सिंगापुर दौरे का आज दूसरा दिन है. सिंगापुर में SING Forum 2026 का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें CM साय अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों और विकास की संभावनाओं को सामने रखेंगे.

    इस दौरान वे निवेशकों को प्रदेश की नई उद्योग नीति की जानकारी देंगे. वहीं, CEO राउंडटेबल में सिंगापुर के प्रमुख निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ निवेश और औद्योगिक संभावनाओं पर चर्चा करेंगे. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सिंगापुर दौरे का आज रविवार को दूसरा दिन है। मुख्यमंत्री सिंगापुर में आयोजित सिंग फ़ोरम 2026 में छत्तीसगढ़ के विकास, निवेश और औद्योगिक संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेंगे।

    मुख्यमंत्री निवेशकों को राज्य की नई उद्योग नीति की जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ में उपलब्ध निवेश के अवसरों से अवगत कराएंगे। साथ ही, प्रस्तावित सीईओ राउंडटेबल बैठक में सिंगापुर के प्रमुख निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश में निवेश की संभावनाओं तथा औद्योगिक विकास को लेकर विस्तृत चर्चा करेंगे। राज्य सरकार का उद्देश्य इस दौरे के माध्यम से वैश्विक निवेशकों को छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमताओं से परिचित कराना तथा प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देना है।

  • भारत की माइक्रो मिसाइल ‘ज्वाला’ की तैयारी तेज, दो रॉकेट मोटर्स का टेस्ट सफल

    भारत की माइक्रो मिसाइल ‘ज्वाला’ की तैयारी तेज, दो रॉकेट मोटर्स का टेस्ट सफल

     नई दिल्ली

    भारत की निजी रक्षा कंपनी आईजी डिफेंस ने अपने ज्वाला माइक्रो-मिसाइल कार्यक्रम के तहत दो सॉलिड रॉकेट मोटर्स का सफल परीक्षण किया है. यह परीक्षण 3 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब चार बजे किया गया. यह उपलब्धि कंपनी के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है. ज्वाला भारत का पहला स्वदेशी निजी माइक्रो-मिसाइल कार्यक्रम है जो हार्ड-किल काउंटर-यूएएस यानी ड्रोन को नष्ट करने वाला सिस्टम विकसित करने पर केंद्रित है। 

    आधुनिक युद्धों में ड्रोनों का बढ़ता इस्तेमाल वायु रक्षा के लिए नई चुनौती बन गया है. सस्ते और बड़ी संख्या में ड्रोन भेजने की क्षमता ने किफायती जवाबी उपायों की जरूरत बढ़ा दी है. ज्वाला इसी जरूरत को पूरा करने के लिए बनाई जा रही है ताकि मौजूदा वायु रक्षा परतों के साथ मिलकर ड्रोन खतरों से बड़े पैमाने पर निपटा जा सके। 

    आज के संघर्षों में ड्रोन झुंड आम हो गए हैं. ये सस्ते होने के साथ प्रभावी भी साबित हो रहे हैं. महंगी मिसाइलों से हर ड्रोन को मार गिराना आर्थिक रूप से संभव नहीं है. इसलिए सस्ती और बड़ी संख्या में उत्पादित की जा सकने वाली इंटरसेप्टर मिसाइलों की मांग बढ़ी है। 

    आईजी डिफेंस के एवीपी विंग कमांडर अनूप शर्मा ने कहा कि ड्रोन खतरा तेजी से बदल रहा है और काउंटर-यूएएस सिस्टम को भी उसी गति से विकसित होना चाहिए. ज्वाला ठीक इसी सोच के साथ बनाई जा रही है. सफल प्रोपल्शन टेस्ट इस स्वदेशी हार्ड-किल क्षमता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. यह मिसाइल न सिर्फ सस्ती होगी बल्कि बड़े पैमाने पर तैनात की जा सकेगी जिससे मिसाइल भंडार की गहराई भी बढ़ेगी।  

    ग्रिड सिस्टम के साथ इंटीग्रेटेड आर्किटेक्चर  
    ज्वाला को अकेले मिसाइल के रूप में नहीं बल्कि आईजी डिफेंस के व्यापक ग्रिड इकोसिस्टम के हिस्से के रूप में विकसित किया जा रहा है. ग्रिड डिफेंड एक एआई आधारित बैटल मैनेजमेंट सिस्टम है जो सेंसर, इफेक्टर्स और कमांड सिस्टम को जोड़ता है. यह सिस्टम डिटेक्शन, पहचान, ट्रैकिंग, खतरे का आकलन और एंगेजमेंट मैनेजमेंट को एक साथ लाता है. ग्रिड कई सेंसरों से जानकारी लेकर साझा तस्वीर बनाता है, हवाई खतरों को ट्रैक करता है और उपलब्ध हथियारों को निर्देशित करता है। 

    इस तरह सेंसर से शूटर तक का पूरा आर्किटेक्चर तैयार होता है जिसमें ज्वाला हार्ड-किल इंटरसेप्टर का काम करती है और ग्रिड बुद्धिमत्ता व मिशन मैनेजमेंट उपलब्ध कराता है. कंपनी के फाउंडर और सीईओ बोधिसत्त्व संघप्रिय ने कहा कि वे ज्वाला को बुद्धिमान रक्षा आर्किटेक्चर का हिस्सा बना रहे हैं ताकि डिटेक्शन से लेकर एंगेजमेंट तक अधिकृत मिशन स्वायत्त तरीके से पूरे हो सकें। 

    यह विकास आत्मनिर्भर भारत की दिशा में निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भागीदारी दर्शाता है. आईजी डिफेंस स्वदेशी प्रोपल्शन, इंटरसेप्टर और काउंटर-यूएएस तकनीकों पर काम कर रही है. सफल परीक्षण के बाद कंपनी सिस्टम की परिपक्वता, विश्वसनीयता, विनिर्माण क्षमता और स्केलेबिलिटी पर ध्यान केंद्रित करेगी। 

    आधुनिक युद्ध में ड्रोन खतरे के खिलाफ सस्ती और प्रभावी प्रणाली तैयार करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है. ज्वाला और ग्रिड का संयोजन महंगी रक्षा प्रणालियों पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा. यह उपलब्धि दिखाती है कि भारतीय निजी कंपनियां अब जटिल रक्षा तकनीकों में भी आगे बढ़ रही हैं और देश की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो रही हैं। 

  • इंदौर में 4.5 लाख पात्र वोटरों के नाम फिर जुड़ेंगे, दोबारा सत्यापन के निर्देश

    इंदौर में 4.5 लाख पात्र वोटरों के नाम फिर जुड़ेंगे, दोबारा सत्यापन के निर्देश

    इंदौर.

    निर्वाचक नामावली में नाम जुड़वाने से छूट गए और विभिन्न कारणों से विलोपित किए गए मतदाताओं को एक और मौका मिलेगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश ने शुक्रवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्वाचक नामावली के निरंतर अद्यतन और पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान की समीक्षा की।

    उन्होंने निर्देश दिए कि विलोपित मतदाताओं के प्रकरणों का दोबारा परीक्षण कर पात्र पाए जाने पर उनके नाम नियमानुसार मतदाता सूची में शामिल किए जाएं।

    वीसी में दिए गए छूटे मतदाताओं की पहचान के निर्देश –
    वीसी में इंदौर से कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान जिन मतदाताओं के नाम सूची से छूट गए हैं, उनकी भी पहचान की जाए। जिन मतदान केंद्रों में बाद में परिवर्तन हुआ है, वहां पुरानी और वर्तमान सूचियों का मिलान कर छूटे हुए पात्र मतदाताओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि फार्म-6 के साथ लगाया जाने वाला घोषणा पत्र केवल एसआईआर के दौरान ही उपयोग था। गैर-एसआईआर अवधि में निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1960 के तहत निर्धारित प्रपत्रों का ही इस्तेमाल किया जाएगा।

    अभियान की होगी साप्ताहिक समीक्षा –
    बैठक में डीएसई प्रकरणों का तेजी से निराकरण, रिक्त बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर पदों को भरने तथा अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए। अभियान की साप्ताहिक समीक्षा होगी और जिला स्तर पर प्रतिदिन की प्रगति की जानकारी ली जाएगी। गौरतलब है कि इंदौर में साढ़े चार लाख के करीब मतदाताओं के नाम हटाए गए थे।एसआइआर के बाद सूची में 24.20 मतदाता शामिल थे।

    दो दिन में उपलब्ध कराई जाएगी सूची –
    दो दिन के भीतर बीएलओ और बीएलए को छूटे नामों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। एईआरओ को सूची तैयार कराने और ईआरओ को प्रतिदिन इसकी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों की सुविधा के लिए ईआरओ स्तर पर हेल्पडेस्क भी स्थापित किए जाएंगे। यहां मतदाता सूची में नाम जुड़वाने सहित निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं की जानकारी और आवश्यक सहायता मिलेगी। नवीन बसाहटों में भी डोर-टू-डोर सर्वे कर पात्र मतदाताओं को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स को राष्ट्रीय सम्मान मध्य भारत में ‘Most Emerging Jewellery Retailer in tiar 2-3 से समानित

    अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स को राष्ट्रीय सम्मान मध्य भारत में ‘Most Emerging Jewellery Retailer in tiar 2-3 से समानित

    रायपुर
    भारतीय आभूषण उद्योग के सबसे प्रतिष्ठित मंच पर मध्य भारत के व्यापारिक कौशल ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी है। रायपुर के आभूषण जगत में दशकों पुराने और भरोसेमंद नाम अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स प्रा. लि. (AT Jewellers) को इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित IIJA (India International Jewellery Awards) / IBJA Awards Night में संस्थान को Most Emerging Jewellery Retailer in tiar 2-3 की श्रेणी में सर्वोपरि चुना गया है।

    यह राष्ट्रीय सम्मान ब्रांड की बेदाग शुद्धता, ग्राहकों के दशकों पुराने अटूट विश्वास, समकालीन एवं पारंपरिक डिज़ाइनों के अनूठे संगम और मध्य भारत में ब्रांड की सुदृढ़ व उत्कृष्ट रिटेल उपस्थिति (Retail Excellence) का प्रमाण है।

    आईबीजेए (IBJA – इण्डिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन) देश की सबसे पुरानी, प्रामाणिक और शीर्ष बुलियन संस्थाओं में शुमार है। इस भव्य IIJA अवार्ड नाइट में देश भर के चुनिंदा और अग्रणी ज्वेलरी ब्रांड्स को उनकी विनिर्माण उत्कृष्टता (Manufacturing), डिजाइन नवाचार और खुदरा विपणन (Retailing) में असाधारण योगदान के लिए आंका जाता है, जहाँ अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स प्रा. लि. ने अपनी विशिष्ट जगह बनाई है।

    इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में देश-विदेश की कई दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें IBJA के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट श्री पृथ्वीराज कोठारी और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज एवं गोल्ड गोल्ड मेटवेर्स के संस्थापक श्री जिग्नेश शाह विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही बॉलीवुड के जाने-माने सितारे अरबाज खान, अमीषा पटेल, सेलिना जेटली, मीनाक्षी शेषाद्रि और संगीता बिजलानी जैसी मशहूर हस्तियों ने इस शाम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम के दौरान देश-विदेश के कलाकारों द्वारा विशेष फैशन शो और रंगारंग प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिसने इस आयोजन को बेहद खास बना दिया।

    इस उपलब्धि पर संस्थान के चेयरमैन तिलोकचंद बरडिया ने कहा की  "यह सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं है, बल्कि यह हमारे ग्राहकों के उस अटूट भरोसे और स्नेह की मुहर है, जो उन्होंने पीढ़ी-दर-पीढ़ी हम पर बनाए रखा है। हमारी स्थापना के मूल में हमेशा से पारदर्शिता, शुचिता और ग्राहक-संतोष सर्वोपरि रहे हैं, और यही हमारी वास्तविक पूंजी है।"

    इस अवसर पर संस्था के डायरेक्टर नितिन बरडिया ने कहा की  "यह हमारे लिए बेहद गौरव का क्षण है कि राष्ट्रीय स्तर पर हमारे कार्य और गुणवत्ता को सराहा गया है। हम अपने ग्राहकों को हमेशा बेहतरीन और आधुनिक डिज़ाइनों के साथ बेहतरीन सर्विस देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और यह सम्मान हमारी इसी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।"

    भविष्य के विजन पर बात करते हुए कंपनी के डायरेक्टर निकेश बरडिया ने कहा की  "यह राष्ट्रीय मान्यता हमारी पूरी टीम के अथक परिश्रम, प्रतिबद्धता और उच्च गुणवत्ता मानकों का परिणाम है। मध्य भारत के ज्वेलरी सेक्टर में हमने हमेशा लीक से हटकर ग्राहकों को विश्वस्तरीय अनुभव देने का प्रयास किया है। यह पुरस्कार हमें और अधिक ऊर्जा के साथ अपने सेवा और डिज़ाइन के मानदंडों को नए स्तर पर ले जाने के लिए प्रेरित करता है।"

    इस प्रतिष्ठित उपलब्धि से न केवल अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स प्रा. लि. के परिवार में, बल्कि पूरे मध्य भारत के व्यापारिक समुदाय में गर्व और उत्साह का माहौल है।