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  • डोनाल्ड ट्रंप के भाषण पर बड़ा खुलासा: अमेरिकी मीडिया ने गिनाए 5 बड़े झूठ

    डोनाल्ड ट्रंप के भाषण पर बड़ा खुलासा: अमेरिकी मीडिया ने गिनाए 5 बड़े झूठ

    वॉशिंगटन
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में सबसे लंबा भाषण देकर इतिहास रच दिया। इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से 8 जंगें रुकवाने का दावा किया तो वहीं अर्थव्यवस्था, टैरिफ वॉर समेत कई मसलों पर बढ़-चढ़कर दावे किए। डोनाल्ड ट्रंप दावे करने में आगे रहे हैं, लेकिन अकसर गलत तथ्य दे देते हैं। ऐसा ही मंगलवार की रात को भी हुआ, जब उन्होंने जनता के सामने कई गलत तथ्य रख दिए। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के बोले गए झूठ ज्यादातर देर तक टिक नहीं सके। न्यूयॉर्क टाइम्स समेत अमेरिका के ही कई अखबारों ने उनका फैक्ट चेक कर दिया है। आइए जानते हैं, डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में बोले कौन-कौन से झूठ…

    अर्थव्यवस्था, नौकरी और निवेश पर क्या गलत दावा
    डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि हमारी इकॉनमी तेजी से बढ़ रही है। अमेरिकी दुनिया में हॉटेस्ट है। उनका दावा था कि हमारे पास काफी नौकरियां हैं। पहले के मुकाबले अमेरिका में सबसे ज्यादा लोगों के पास जॉब्स हैं। यह इतिहास में सबसे अधिक है। लेकिन डेटा कुछ और कहता है। अमेरिकी आंकड़ों के अनुसार 2025 में अमेरिका में नौकरी पाने वालों की संख्या में बड़ी गिरावट आई है। यह आंकड़ा कोरोना काल के किसी भी साल के मुकाबले कम रहा है। अमेरिकी लेबर ब्यूरो के अनुसार 2025 में अमेरिका में सिर्फ 1 लाख 81 हजार ही नई नौकरियां जुड़ीं।

    एरिना के कत्ल में प्रवासी शख्स के शामिल होने का दावा, क्या सच
    अमेरिकी लीडर ने यह दावा भी किया कि एरिना जारुस्का का कत्ल एक प्रवासी ने किया था। उनका कहना कि एक खूंखार अपराधी ने इस कांड को अंजाम दिया, जो खुली सीमाओं से आ गया था। वह यहां मुक्त होकर घूम रहा था। लेकिन उनका यह फैक्ट भी गलत निकला। एरिना के कत्ल में गिरफ्तार डिकार्लोस ब्राउन जूनियर कोई प्रवासी नहीं है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह कहते रहे हैं कि अमेरिका में बाहर से आने वाले लोग ही ज्यादातर हिंसा के जिम्मेदार रहे हैं।

    बिजली की कीमत कम होने की बात निकली गलत
    अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका में की कीमतें घट रही हैं। इतनी कमी आई है कि यकीन नहीं होता। लेकिन सच्चाई कुछ और है। अमेरिका में प्रति परिवार ऊर्जा का बिल बीते एक साल में 6.7 पर्सेंट तक बढ़ गया है। वह लगातार कहते रहे हैं कि देश में बिजली की कीमत कम हो जाएगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है। सच्चाई यह है कि डोनाल्ड ट्रंप के आने के बाद से कई यूटिलिटी कंपनियों ने मांग की है कि रेट बढ़ाए जाएं। यह इजाफा हुआ भी है। कहा जा रहा है कि 2035 तक 18 फीसदी की बढ़ोतरी हो जाएगी।

    गैस वाला बयान भी ट्रंप का झूठा ही साबित हुआ
    ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका में गैस की कीमत अब 1.99 डॉलर प्रति गैलन तक हो गई है। लेकिन बीते कुछ दिन पहले पर्यावरण को लेकर लगी पाबंदियों के चलते इसमें इजाफा होने की चर्चा है। इससे स्पष्ट है कि आने वाला समय रेट बढ़ने का रहेगा। यही नहीं कुछ राज्यों में अब भी कीमत 4.60 डॉलर प्रति गैलन है। इस तरह ट्रंप का दावा यहां भी गलत निकला है।

    8 जंगें रुकने का दावा भी झूठा, गाजा में अब भी हो रहीं मौतें
    अब बात करते हैं, डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध वाले दावों की। उन्होंने एक बार फिर से कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के शुरुआती 10 महीनों में 8 जंगें रुकवा दीं। अब इस मामले में भी सच्चाई यह है कि अमेरिका का दखल 6 जंगों में ही रहा है। अन्य दो युद्ध ऐसे रहे हैं, जिसमें उसका कोई रोल नहीं रहा। इसके अलावा कई लोगों ने तो इन 6 में भी उसे कोई क्रेडिट नहीं दिया है। ट्रंप ने गाजा में सीजफायर का दावा किया है, लेकिन वहां अब भी इजरायल के हमले जारी हैं और हर दिन ही कुछ मारे जा रहे हैं।

     

  • स्व. नानाजी देशमुख ने अपना सम्पूर्ण जीवन ग्राम विकास, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए किया समर्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    स्व. नानाजी देशमुख ने अपना सम्पूर्ण जीवन ग्राम विकास, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए किया समर्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख केवल एक राजनेता नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन के महान साधक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन ग्राम विकास-शिक्षा-स्वावलंबन के लिए समर्पित कर दिया और समाज सेवा के उद्देश्य को तप के साथ सिद्ध किया। स्व. नानाजी देशमुख का मानना था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। जब गांव मजबूत होंगे तभी राष्ट्र मजबूत बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की 16वीं पुण्यतिथि के संदर्भ में चित्रकूट स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम को विधानसभा भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। स्व. नानाजी देशमुख की 16वीं पुण्यतिथि 27 फरवरी को है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट को भगवान  राम की तपोस्थली के साथ-साथ नानाजी देशमुख की कर्मस्थली होने का भी गौरव प्राप्त है। स्व. नानाजी देशमुख ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के सपने को मूर्त रूप देने के संकल्प को, चित्रकूट से ही साकार करने का प्रण किया। इस उद्देश्य से ही ग्रामीण विश्वविद्यालय की स्थापना 1991 में चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के रूप में की गई। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार स्व. नानाजी देशमुख की शिक्षाओं के अनुरूप समाज और देश के संवर्धन तथा सशक्तिकरण की दिशा में कार्य कर रही है।

    दीनदयाल शोध संस्थान, ग्रामीण विकास के साथ ही स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, कृषि, स्वावलंबन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय कार्य कर रहा है। राज्य सरकार विरासत के साथ विकास को ध्यान में रखते हुए गांवों को मजबूत कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे रही है। चित्रकूट में स्थानीय सांसद  गणेश सिंह, विश्वविद्यालय के कुलगुरू  आलोक दुबे, दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव  अभय महाजन तथा विषय विशेषज्ञ और शोधार्थी उपस्थित थे।

     

     

  • सॉरी पापा… मुझसे गलती हो गई– पिता की हत्या कर शव के टुकड़े ड्रम में भरने वाले बेटे को अब पछतावा

    सॉरी पापा… मुझसे गलती हो गई– पिता की हत्या कर शव के टुकड़े ड्रम में भरने वाले बेटे को अब पछतावा

    लखनऊ
    यूपी की राजधानी लखनऊ में पैथालॉजी और शराब की दुकानें चलाने वाले कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या से प्रदेश को दहला देने वाले उनके इकलौते बेटे अक्षत को बुधवार को जेल भेजा जा रहा है। इसके पहले जब आशियाना पुलिस अक्षत को कोर्ट में पेश करने के लिए ले जा रही थी उस वक्त मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए अक्षत ने जो कुछ कहा उससे लगा कि जैसे उसे अब अपने किए पर पछतावा हो रहा है। अक्षत ने कहा- ‘सॉरी…गलती से हो गया।’ उधर, मानवेंद्र का अंतिम संस्कार भी उनके इकलौते बेटे के नहीं बल्कि भतीजे के हाथों हुआ। घर की मान्यता के अनुसार मानवेंद्र के पिता भी उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए।

    लखनऊ के आशियाना के बंगला बाजार में मानवेंद्र सिंह को 20 फरवरी को उनके बेटे अक्षत ने सोते समय सिर में गोली मारी थी। गोली से उनका भेजा उड़ गया था और कमरे में मांस से लोथड़े फैल तक गए थे। इसके बाद शव बाथरूम में घसीट कर ले गया। वहां आरी और चाकू से हाथ-पैर काटकर एक बोरी में रखे। अगले दिन कार से बोरी ले जाकर सदरौना में नहर किनारे झाड़ियों में छिपाया था। मंगलवार को यह खुलासा दोपहर पुलिस की पूछताछ में हुआ। पुलिस टीम अक्षत को घटनास्थल उसके घर ले गई थी। आधे घंटे पूछताछ की कि उसने कैसे और कहां पिता को मारा था?

    बोरी में मिले मानवेंद्र के हाथ और पैर
    आशियाना पुलिस टीम हत्यारोपित अक्षत को मंगलवार सुबह सदरौना लेकर पहुंची थी। सदरौना ने वह नहर किनारे झाड़ियों में पुलिस को ले गया। वहां एक बोरी रखी मिली। बोरी में मानवेंद्र के कटे हुए हाथ-पैर रखे थे। पुलिस ने उसे बरामद कर लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    सिर से सटाकर मारी गोली, बाथरूम में ले गया शव
    पूछताछ के दौरान अक्षत ने बताया कि 19 फरवरी को देर रात पिता से उसका नीट की पढ़ाई को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद वह बेडरूम में सो गए थे। अक्षत पुलिस टीम को बेडरूम में ले गया। 20 फरवरी को तड़के करीब 4:30 बजे उसने राइफल उठाई। पापा के सिर से सटाकर उन्हें गोली मार दी। बिस्तर और कंबल में मांस से लोथड़े चिपक गए थे। गोली की आवाज सुनकर बहन कृति जाग गई। उसने विरोध किया तो उसे धमकाया। वह चुप हो गई थी। पिता का शव खींचकर बाथरूम में ले गया। वहां आरी और चाकू से हाथ-पैर काटे। मांस के लोथड़े बोरी में भरे फिर कार की डिग्गी में रख आया था।

    खून से सना तकिया और कंबल जलाए
    अक्षत ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि गोली मारने से कंबल, चादर और तकिया पर खून लग गया था। मांस के लोथड़े चिपक गए थे। वह सब भी वह बोरी में भरकर सदरौना में नहर किनारे ले गया था। वहां सब कुछ जला दिया था। पुलिस ने अधजले कपड़े और राख आदि भी बरामद कर ली है। एसीपी कैंट अभय प्रताप मल्ल ने बताया कि आरोपी अक्षत को उसके घर ले जाकर मौका मुआयना किया गया। घटना के बारे में जानकारी ली गई। अक्षत ने बताया कि उसने पिता की हत्या के लिए एक दिन पहले ब्लिंकिट से दो चाकू मंगवाई थी। आरी और ड्रम वह खुद बाजार से खरीदकर लाया था।

  • ‘अब कोई हिडन चार्ज नहीं…’ RBI का आदेश, बैकों को ऐप से हटाने होंगे फंसाने वाले ट्रिक्स

    ‘अब कोई हिडन चार्ज नहीं…’ RBI का आदेश, बैकों को ऐप से हटाने होंगे फंसाने वाले ट्रिक्स

    नई दिल्ली

    आपके साथ भी ऐसा होता होगा कि आप अपने बैंक का ऐप खोलते हैं और उसमें अतिरिक्त सेवाओं को खरीदने के लिए बार-बार मैसेज या नोटिफिकेशन आने लगते हैं. इनमें से कई मिडलीडिंग भी होते हैं. या फिर चेकआउट के समय आपको हिडन शुल्क दिखाई दिए हों, तो आप अकेले ऐसे यूजर नहीं हैं. अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ऐसे मामलों में सख्त नजर आ रहा है और डिजिटल बैंकिंग को अधिक पारदर्शी बनाने के क्रम में बैंकों को कड़ा आदेश दिया है. 

    आरबीआई ने कहा- 'हटा लें ये सब…'
    केंद्रीय बैंक ने अब 'Responsible Business Conduct Amendment Directions, 2026', के ड्राफ्ट में बैंकों को सख्त निर्देश दिया है. आरबीआई ने कहा है कि बैंक जुलाई 2026 तक अपनी वेबसाइटों और मोबाइल ऐप से सभी डार्क पैटर्न (Dark Patterns) हटा दें, जो कि ग्राहकों को गुमराह करने या उन पर दबाव डालने के लिए डिजाइन की गई ट्रिक्स हैं. इसमें बैंकों द्वारा वित्तीय उत्पादों और किसी भी सेवा की पेशकश से पहले ग्राहक की स्पष्ट सहमति अनिवार्य रूप से लें.

    RBI के इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों को उचित जानकारी के बिना उत्पाद खरीदने या शुल्क चुकाने के लिए गुमराह कतई न किया जाए. बैंकों को ग्राहक की स्पष्ट अनुमति के बिना वित्तीय उत्पादों को एक साथ बेचने पर भी रोक लगा दी जाएगी.

    RBI क्यों डार्क पैटर्न पर सख्त? 
    डार्क पैटर्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल की जाने वाली ऐसी डिजाइन तकनीकें हैं, जिनका उद्देश्य यूजर के व्यवहार को प्रभावित करना होता है, जिसे वे आसानी से पूरी तरह समझ न सकें. इनमें हिडन चार्ज, भ्रमित करने या प्रलोभन देने वाले विकल्प या फिर ग्राहकों को अतिरिक्त सेवाएं स्वीकार करने के लिए बार-बार प्रेरित करने वाले संकेत शामिल हो सकते हैं. बैंकों को इन ट्रिक्स पर रोक के संबंध में आरबीआई द्वारा दिए गए निर्देश, ये सुनिश्चित करने के लिए हैं, कि ग्राहकों को ठीक से पता हो कि वे किस चीज के लिए साइन-अप कर रहे हैं. यानी वे गुमराह न हों. 

    सर्वे में हुआ ये बड़ा खुलासा 
    इंडिया टुडे पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक, लोकलसर्कल्स द्वारा किए गए एक सर्वे से पता चलता है कि इस तरह की ट्रिक्स का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है. RBI का यह कदम इस सर्वे के परिणामों के बाद आया है. इसमें 388 जिलों के 1,61,000 से अधिक लोगों से प्रतिक्रियाओं को शामिल किया गया. निष्कर्षों से पता चला है कि इस तरह की गुमराह करने वालीं डार्क पैटर्न ट्रिक्स कई ऑनलाइन बैंकिंग प्लेटफार्मों पर आम बात हैं.

    सर्वे में शामिल यूजर्स ने बताया कि हिडन चार्ज के बारे में खुलासा शुरुआत में स्पष्ट रूप से नहीं किया जाता है और किसी भी प्रक्रिया के अंत में इन छिपे हुए शुल्कों का सामना ग्राहक को करना पड़ता है. इसके अलावा ग्राहकों को अतिरिक्त सेवाओं को एक्टिव करने के लिए बार-बार नोटिफिकेशन परेशान करने वाले होते हैं. 

    जुलाई तक हटाने होंगे डार्क पैटर्न
    बैंकों को जुलाई 2026 तक डार्क पैटर्न को पूरी तरह से हटाने और नए नियमों का पालन करने का समय दिया गया है. RBI द्वारा मोबाइल बैंकिंग (Mobile Banking) पर लोगों की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए ये कदम उठाया गया है, जो डिजिटल वित्तीय सेवाओं को आसान, निष्पक्ष और अधिक भरोसेमंद बनाने के लिए है. 

  • शिक्षा से ही जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग होता प्रशस्त : राज्यपाल श्री पटेल

    शिक्षा से ही जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग होता प्रशस्त : राज्यपाल श्री पटेल

    भोपाल

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि शिक्षा से ही जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होता है। शिक्षा जीवन में प्रगति का आधार है। प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने जनजातीय और वंचितों को शासन की योजनाओं का प्राथमिकता से लाभ दिलाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से समाज के अंतिम व्यक्ति का सशक्तिकरण संभव होगा। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल मऊगंज जिले के हनुमना जनपद अंतर्गत दूरस्थ जनजातीय धरती आबा ग्राम सलैया खास में आयोजित कार्यक्रम में बुधवार को शामिल हुए।

    राज्यपाल  पटेल ने कहा कि बिरसा मुंडा के त्याग से प्रेरणा लेकर जनजातीय समाज के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत 18 विभागों की योजनाओं का लाभ जनजातीय परिवारों को मिलेगा। उन्होंने जनजातीय युवाओं का शिक्षित होकर समाज को जागरूक करने और मुख्यधारा में शामिल करने के प्रयासों में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण में स्वसहायता समूहों के योगदान की सराहना की। सिकल सेल उन्मूलन के लिए संवेदनशील प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा 15 हजार करोंड़ रूपये के प्रवाधान की जानकारी दी। प्रधानमंत्री के प्रति आभार प्रदर्शन किया। उन्होंने निक्षय मित्र योजना, उज्ज्वला योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

    राज्यपाल  पटेल के सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों की सराहना सांसद  जनार्दन मिश्र ने की। उन्होंने सलैया मार्ग निर्माण के लिये सांसद निधि से राशि उपलब्ध कराने की जानकारी दी। विधायक  प्रदीप पटेल ने कहा कि हनुमना क्षेत्र के 144 ग्रामों को धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना से जोड़कर जनजातीय विकास और मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में राज्यपाल  पटेल का जनजातीय पारंपरिक नृत्य शैला एवं कर्मा से स्वागत हुआ। भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ हुआ।

    राज्यपाल ने हितलाभ वितरण एवं प्रदर्शनी का किया अवलोकन

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा जनजातीय नायकों मोतीलाल बैगा, सुदर्शन सिंह गोड़ तथा जगन्नाथ कोल का शॉल और फल से सम्मान किया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली। राज्यपाल ने हितग्राहियों को योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    राज्यपाल ने ग्रामीण चौपाल में किया जनसंवाद

    राज्यपाल  पटेल ने मऊगंज जिले के ग्राम सलैया खास में प्रथम प्रवास के दौरान ग्रामीण चौपाल में जनसंवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों और अधिकारियों से आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की जानकारी ली। जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक विकास को पहुंचाने पर जोर दिया।

     

  • IMD Rainfall Alert: दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, कई राज्यों में बारिश और ठंड बढ़ने के आसार

    IMD Rainfall Alert: दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, कई राज्यों में बारिश और ठंड बढ़ने के आसार

    नई दिल्ली
    उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में दो नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की दस्तक हो रही है। इन कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से पहाड़ी राज्यों में 26-28 फरवरी और दो व तीन मार्च को बारिश व बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, इस हफ्ते उत्तर पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री अधिक रहने वाला है।

    मौसम विभाग के अनुसार, 25 व 26 फरवरी को अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में छिटपुट से लेकर काफी व्यापक बारिश, बिजली और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभवाना है। इसके अलावा, 25 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप में छिटपुट से मध्यम बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 25 व 26 फरवरी को उत्तर आंतरिक कर्नाटक में और 26 फरवरी को तेलंगाना में भी यही संभावना है। 26 और 27 फरवरी को जम्मू कश्मीर में, 27 व 28 फरवरी को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में छिटपुट बारिश होगी।

    पंजाब और हिमाचल प्रदेश में 26 फरवरी तक कुछ इलाकों में सुबह से शाम तक घना कोहरा रहने की संभावना है। अगले सात दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम अज्ञैर मध्य भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी होगी। अगले 24 घंटे में महाराष्ट्र में अधिकतम तापमान में कोई अहम बदलाव होने की संभावना नहीं है और उसके बाद छह दिनों में इसमें दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी। अगले दो दिनों के दौरान पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन होने वाला नहीं है।

     

  • हर किसान के खेत तक पहुंचेगा सिंचाई के लिए पानी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    हर किसान के खेत तक पहुंचेगा सिंचाई के लिए पानी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के सूखे खेतों में जब सिंचाई का पानी पहुंचता है तो मिट्टी सोना उगलती है। किसान कल्याण वर्ष 2026 में किसानों की समृद्धि के लिए उनके खेतों में सिंचाई की भरपूर व्यवस्था की जाएगी, जिससे वे वर्ष भर फसलें ले सकें। सिंचाई का रकबा बढ़ाने और हर खेत किसान के खेत तक पानी पहुंचाने के लिये मध्यप्रदेश के बजट 2026-27 में जल प्रदाय योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किये गये है। प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से सिंचित रकबे में निरंतर बढ़ोत्तरी हो रही है। शीघ्र ही प्रदेश में सिंचाई के रकबे को 100 लाख हैक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में जल प्रदाय योजनाओं के लिये जो प्रावधान किये गये हैं, उनमें मुख्य रूप से नर्मदा घाटी विकास के अंतर्गत एन.वी.डी.ए. के सभी बिजली बिलों के लिए 689 करोड़ रुपये, सेंधवा उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना में 500 करोड़ रुपये, सांवेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना में 400 करोड़ रुपये, आई.एस.पी. कालीसिंध उद्वहन माइक्रो सिंचाई योजना फेस-2 में 400 करोड़ रुपये, बरगी नहर व्यपवर्तन योजना में 399 करोड़ रुपये, चिंकी बोरास बैराज संयुक्त बहुउद्देशीय माइक्रो सिंचाई परियोजना में 350 करोड़ रुपये, सरदार सरोवर के डूब प्रभावित क्षेत्र का भू-अर्जन तथा अन्य कार्यों पर खर्च के लिये 308 करोड़ रुपये, एन. बी. कम्पनी लिमिटेड का निवेश में 303 करोड़ रुपये, खण्डवा उद्वहम माइक्रो सिंचाई योजना में 300 करोड़ रुपये, नर्मदा (आई.एस.पी.) पार्वती लिंक परियोजना फेस 3 एवं 4 में 300 करोड़ रुपये, शहीद इलाप सिंह माइक्रो सिंचाई योजना में 300 करोड़ रुपये, महेश्वर-जानापाव (लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर) उद्वहन सिंचाई योजना में 200 करोड़ रुपये, निवाली उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना में 200 करोड़ रुपये, मोरण्ड गंजाल परियोजना से संबंधित स्थापना व्यय के लिए 200 करोड़ रुपये, राघवपुर परियोजना के लिए 150 करोड़ रुपये, शङ्कर पेंच लिंक संयुक्त परियोजना में 150 करोड़ रुपये, धार उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना में 150 करोड़ रुपये, शेर सिंचाई योजना में 100 करोड़ रुपये बसानिया परियोजना में 100 करोड़ रुपये और अपर बुढ़नेर सिंचाई योजना में 100 करोड़ रुपये, हाट पिपल्या सिंचाई योजना के में 100 करोड़ रुपये, अपर नर्मदा परियोजना में 100 करोड़ रुपये, बहोरीबंद माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना में 100 करोड़ रुपये, माँ रेवा उद्वहन सिंचाई परियोजना में 100 करोड़ रुपये, सोंडवा उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये, भू अर्जन के लिये मुआवजा के लिये 100 करोड़ रुपये, सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं का सौर उर्जीकरण के लिए 100 करोड़ रुपये, हण्डिया बैराज परियोजना में 100 करोड़ रुपये, नर्मदा नदी के किनारे घाट निर्माण के लिए 80 करोड़ रुपये, मुख्य अभियंता आई.एस.पी. के अधीन संचालित सभी योजनाओं के स्थापना व्यय के लिए 74 करोड़ रुपये, मुख्य अभियंता आर.ए.बी.एल.एस. के अधीन संचालित सभी योजनाओं के स्थापना व्यय में 66 करोड़ रुपये, मुख्यालय स्थापना के लिए 53 करोड़ रुपये, दूधी परियोजना में 50 करोड़ रुपये, कुक्षी उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 50 करोड़ रुपये, मछरेवा सिंचाई योजना के लिए 50 करोड़ रुपये और खालवा उद्वहन माइक्रो सिंचाई योजना के लिए 50 करोड़ रुपये के प्रावधान शामिल हैं।

    जल संसाधन विभाग के अंतर्गत किये गए प्रावधानों में बांध तथा संलग्न कार्य के लिए 3062 करोड़ रुपये, केन बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना के लिए 1000 करोड़ रुपये, कार्यपालिक स्थापना के लिए रुपये 992 करोड़, नहर तथा उससे संबंधित निर्माण कार्य के लिए 450 करोड़ रुपये, बांध तथा नहरें के लिए 312 करोड़ रुपये, लघु एवं लघुतम सिंचाई योजनाएं के लिए 300 करोड़ रुपये, कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना के लिए 290 करोड़ रुपये, लघु सिंचाई योजनाओं के लिए 200 करोड़ रुपये, नहरें तथा तालाब के लिए 198 करोड़ रुपये, अन्य लघु सिंचाई निर्माण कार्य के लिए 115 करोड़ रुपये और निर्वाचित कृषक संस्थाओं को राशि की व्यवस्था के लिए 61 करोड़ रुपये के प्रावधान शामिल हैं।

     

  • ओडिशा से महाराष्ट्र तक गांजा तस्करी का नेटवर्क ध्वस्त, 68 लाख की खेप के साथ 8 अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार

    महासमुंद

    छत्तीसगढ़ की महासमुंद पुलिस ने अतंर्राज्यीय गांजा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई की है. दो कार में ओडिशा से गांजा लेकर महाराष्ट में सप्लाई करने जा रहे 8 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें एक महिला तस्कर भी शामिल है. चेकिंग के दौरान बड़ी मात्रा में गांजा मिला. इसकी कीमत 68.50 लाख रुपए आंकी गई है. एन्टी नारकोटिक टाॅस्क फोर्स और थाना सिंघोड़ा पुलिस की टीम ने यह कार्रवाई की है.

    ईको (ओ डी 19 टी 6003) और टोयोटा कार (एम एच 01 बी के 4102) से आ रही कार को नेशनल हाइवे 53 पर रेहटीखोल पर नाकेबंदी कर रोका गया. पुलिस को सूचना मिली थी कि दोनों कार गांजा लेकर जा रहे हैं. पूछताछ में कुछ महाराष्ट तो कुछ ने ओडिशा का निवासी होना बताया, एक बिहार का रहने वाला है. तलाशी लेने पर टोयोटा कार की डिक्की से प्लास्टिक बोरी के अंदर गांजा रखा हुआ पाया. यह कुल 137 किलों गांजा था, जिसकी बाजार में कीमत 68.50 लाख रुपए है. आरोपियों ने बताया कि वह ओडिशा के अंगुल से गांजा को महाराष्ट के अकोला ले जाया जा रहा था.

    गांजा तस्करों के कब्जे से 7 मोबाईल, 11,400 कैश को जप्त किया गया है. वहीं आरोपियों के खिलाफ अपराध धारा (20बी (दो)(सी), 29 -1) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. इस कार्रवाई से पुलिस को पूरे सप्लाई चैन को तोड़ने में सफलता मिली है.

    गिरफ्तार आरोपियो का नाम

    01- शिवा साहू पिता विश्वनाथ साहू उम्र 40साल साकिन एवं थाना छेन्दीपदा जिला अंगुल ओडिशा
    02 बुधु भूतिया पिता धोबा भूतिया उम्र 29 साल साकिन छेन्दीपदा थाना छेन्दीपदा जिला अंगुल ओडिशा
    03- महिला निलो फार शफी पति मो0शफी उम्र 40 साल साकिन फिलदोस कॉलोनी मोतीवाल थाना अकोटफेल जिला अकोला महाराष्ट्र
    04- सुल्तान खान पिता समरोज खान उम्र 34 साल साकिन पंजरापुल दिन क्यूरी रोड थाना टाम्बे जिला चेम्बूर महाराष्ट्र,
    05-नरोत्तम बेहरा पिता गोविन्द बेहरा उम्र 40 साल साकिन बहालसाही थाना छेन्दीपदा जिला अंगुल उडिसा
    06- सुशील साहू पिता निलंकठ साहू उम्र 34 साल साकिन बहालसाही थाना छेन्दीपदा जिला अंगुल उड़ीसा
    07- दिलशाद खान पिता शाहिब खान उम्र 33 साल साकिन चन्नी डोरिया थाना अमौर जिला पुर्णिया बिहार
    08-शेख जब्बार पिता शेख जफफार उम्र 27 साल साकिन ‍फिरदोस कालोनी मोतीवाल थाना अकोटपेल जिला अकोला महाराष्ट्र

  • स्टार और स्पॉट बॉय सब बराबर: अक्षय कुमार के फैसले को याद कर भावुक हुए गोविंद नामदेव

    स्टार और स्पॉट बॉय सब बराबर: अक्षय कुमार के फैसले को याद कर भावुक हुए गोविंद नामदेव

    मुंबई,

     बॉलीवुड के जानेमाने चरित्र अभिनेता गोविंद नामदेव ने बताया कि फिल्म ओ माय गॉड! की शूटिंग के दौरान स्टार और स्पॉट बॉय कोई भेदभाव नहीं था। बॉलीवुड में स्टार सिस्टम को लेकर अक्सर चर्चा होती रही है। वरिष्ठ अभिनेता गोविंद नामदेव ने हाल ही में एक बातचीत में इंडस्ट्री के इसी सिस्टम पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में बड़े और छोटे स्टार के बीच फर्क साफ तौर पर दिखाई देता है। चाहे वह सैलरी हो, वैनिटी वैन हो या फिर सेट पर मिलने वाला खाना।
    गोविंद नामदेव ने कहा, “इंडस्ट्री में एक बड़ा-छोटा स्टार सिस्टम है। लोग अपने स्टेटस के हिसाब से ट्रीटमेंट पाते हैं। जिसे ज्यादा पैसे मिलते हैं, उसे बड़ी वैनिटी वैन मिलती है। सेट पर खाने में भी फर्क होता है। स्टार्स के लिए अलग खाना बनता है और बाकी लोगों के लिए अलग।”

    हालांकि, उन्होंने बताया कि फिल्म ओ माय गॉड ! की शूटिंग के दौरान उन्हें एक अलग माहौल देखने को मिला। उनके अनुसार, इस फिल्म के दौरान अक्षय कुमार ने निर्देशक उमेश शुक्ला के साथ मिलकर एक अहम फैसला लिया।

    गोविंद नामदेव ने बताया , अक्षय कुमार और उमेश शुक्ला ने तय किया कि सेट पर सभी कलाकार और क्रू मेंबर्स एक जैसा खाना खाएंगे। कोई वीआईपी मेन्यू नहीं होगा। अगर किसी को खानपान में विशेष परहेज है, तो वह अलग बात है, लेकिन स्टार्स के लिए अलग व्यवस्था नहीं की जाएगी।उन्होंने कहा, “उस समय सेट का माहौल बिल्कुल अलग था। सब एक साथ बैठकर खाते थे। कोई भेदभाव नहीं था।”

    गोविंद नामदेव के इस बयान ने एक बार फिर बॉलीवुड के स्टार सिस्टम पर चर्चा छेड़ दी है। जहां इंडस्ट्री में अक्सर अलग-अलग सुविधाओं को लेकर भेदभाव की बातें सामने आती हैं, वहीं ‘ओह माय गॉड!’ के सेट पर लिया गया यह फैसला एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।

     

  • नेहरू पर BJP का बड़ा हमला: ‘समझौतों में चीन को दिया बफर जोन, इतिहास पर नई सियासत

    नेहरू पर BJP का बड़ा हमला: ‘समझौतों में चीन को दिया बफर जोन, इतिहास पर नई सियासत

    नई दिल्ली
    भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार (25 फरवरी) को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपने पूरे कार्यकाल में बार-बार 'क्षेत्रीय समझौते' किए और भारत की सीमाओं का हमेशा के लिए 'पुन: निर्धारण' कर दिया। भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर कांग्रेस के हमले की पृष्ठभूमि में भाजपा ने विपक्षी दल पर पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता अनिल बलूनी ने 'कम्प्रोमाइज्ड कांग्रेस' हैशटैग के साथ सोशल मीडिया 'एक्स' पर लिखा, ''प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में नेहरू का पहला कर्तव्य: भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना था लेकिन उन्होंने इसके बजाय अपने पूरे शासनकाल में क्षेत्रीय समझौते किए।"

    बलूनी ने आगे लिखा, "तिब्बत को टुकड़े-टुकड़े में गंवा दिया गया। अक्साई चिन को लेकर समझौता कर लिया गया। बेरुबारी को लेकर समझौता कर लिया गया। पंजाब के गांवों को लेकर समझौता कर लिया गया। रण के कच्छ को लेकर समझौता किया गया। और कश्मीर को लेकर भी करीब-करीब टुकड़ों में समझौता कर लिया गया।'' भाजपा सांसद ने दावा किया, ''बार-बार समझौते। यह नेहरू का नेतृत्व था। एक व्यक्ति के समझौते करने की वजह से भारत का नक्शा हमेशा के लिए बदल गया।''

    ''डाक, टेलीग्राफ और फोन सेवाएं चीन को सुपुर्द कर दी गईं
    बलूनी ने आरोप लगाया कि नेहरू ने तिब्बत में भारत के अधिकारों को छोड़ दिया। उन्होंने दावा किया, ''डाक, टेलीग्राफ और फोन सेवाएं चीन के सुपुर्द कर दी गईं। तिब्बत को चीन के क्षेत्र के रूप में पहचाना गया। माओ को पूरा बफर जोन मुफ्त में सौंप दिया गया।'' भाजपा नेता ने कहा, ''अक्साई चिन: चीन ने 1951 से सैन्य सड़क बनाना शुरू किया। तत्कालीन आईबी प्रमुख बीएन मलिक ने 1952 में नेहरू को आगाह किया था लेकिन उन्होंने पूरी तरह अनदेखी की। सड़क 1957 में बनकर तैयार हो गई। 1959 में नेहरू ने संसद में कहा: 'इन अफवाहों पर ध्यान मत दो'। आठ साल का झूठ, जबकि भारत की जमीन को हथिया लिया गया।''

    पश्चिम बंगाल का आधा क्षेत्र पाकिस्तान को दे दिया
    बेरुबारी पर नेहरू-नून के समझौते का जिक्र करते हुए बलूनी ने आरोप लगाया कि प्रथम प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल का आधा क्षेत्र बिना कैबिनेट मंजूरी के पाकिस्तान को दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया, ''कोई कैबिनेट मंजूरी नहीं। पश्चिम बंगाल सरकार से कोई परामर्श नहीं। उच्चतम न्यायालय ने नाखुशी जताते हुए कहा था: प्रधानमंत्री भारतीय जमीन को उपहार में नहीं दे सकते। नेहरू ने अपने समर्पण को कानूनी रूप देने के लिए नौवां संविधान संशोधन कराया।''

    जनमत संग्रह का ऐलान पाक को कूटनीतिक हथियार
    भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि नेहरू ने मंत्रिमंडल की मंजूरी के बिना कश्मीर में 'सार्वजनिक रूप से' जनमत संग्रह का ऐलान कर दिया और पाकिस्तान को ''एक स्थायी कूटनीतिक हथियार'' दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू ने 1960 में सारजा माजरा, रख हरदित सिंह, पठानके और फिरोजपुर के हिस्सों को पाकिस्तान को सौंप दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका समझौते के खिलाफ मंगलवार को आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री ने 'एपस्टीन फाइल्स' जारी होने की धमकियों के बाहरी दबाव में समझौते को मंजूरी दी।