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  • महाराष्ट्र में 4 सीटों पर घमासान, कई दावेदारों पर बीजेपी का देर रात तक मंथन

    महाराष्ट्र में 4 सीटों पर घमासान, कई दावेदारों पर बीजेपी का देर रात तक मंथन

    नई दिल्ली/मुंबई
    देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। इन सीटों के लिए रेस जारी है और उन दलों में मंथन भी तेज है, जो सीटें जीतने की स्थिति में हैं। फिलहाल महाराष्ट्र में भी हलचल तेज है, जहां भाजपा बीते कई सालों से लगातार अपनी पकड़ मजबूत बना रही है। 2024 के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा दल बनी भाजपा में दावेदारों की कमी नहीं है, लेकिन उसके पास 4 सीटें ही फिलहाल जीतने का मौका है। राज्य में 7 सीटों पर राज्यसभा इलेक्शन होना है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि इन चार में से एक सीट पर रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया के नेता रामदास आठवले का चुना जाना लगभग तय है। अब बची एक सीट, जिसे लेकर भाजपा में दावेदारों की भरमार हैं। इसी को लेकर मंगलवार को देर रात मीटिंग चली।

    मुंबई में हुई इस बैठक में कई सीनियर नेता मौजूद थे। सीएम देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण समेत कुल 12 नेता मीटिंग में थे। इस दौरान कई नामों पर चर्चा हुई, लेकिन राज्य स्तर से किसी भी नाम पर सहमति नहीं बनी है। इसके चलते कई नाम केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष विचार के लिए दिल्ली भेजे गए हैं। इन नामों पर मंथन के लिए घंटों बैठक चली। भाजपा सूत्रों का कहना है कि रामदास आठवले का नाम तय माना जा रहा है। उनके अलावा एक सीट के लिए जिन नामों पर चर्चा हुई, उनमें विनोद तावड़े, रावसाहब दानवे, प्रीतम मुंडे, विजय राहटकर और भागवत कराड़ शामिल हैं।

    पार्टी सूत्रों ने कहा कि नेतृत्व चाहता है कि किसी ऐसे नेता को मौका दिया जाए, जो अनुभव भी हो और क्षेत्रीय एवं सामुदायिक प्रतिनिधित्व भी हो सके। सूत्रों ने कहा कि इस मीटिंग में सभी ने खुलकर बात की और अपनी ओर से जिन नामों के बारे में वे सोच रहे थे, उनका प्रस्ताव रखा। अब इन नामों को दिल्ली भेजा गया है। जल्दी ही नामों की सूची पर विचार करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण दिल्ली जाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात करेंगे। अंत में केंद्रीय नेतृत्व की ओर से ही फैसला लिया जाएगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा की लीडरशिप चाहती है कि राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम 28 फरवरी तक फाइनल कर दिए जाएं।

    किन नेताओं के तय माने जा रहे हैं नाम, अब दिल्ली में चर्चा होगी
    दरअसल महाराष्ट्र भाजपा में ऐसे कई नेता हैं, जो राज्य सरकार में शामिल नहीं हैं। ऐसे में वे चाहते हैं कि उन्हें राज्यसभा ही भेज दिया जाए। भाजपा सूत्रों का कहना है कि विनोद तावड़े का राज्यसभा जाना तय माना जा रहा है। इसके अलावा प्रीतम मुंडे की दावेदारी पर भी विचार चल रहा है। वहीं अजित पवार की एनसीपी की ओर से पार्थ पवार को भेजा जा सकता है और उनकी मां सुनेत्रा पवार अब राज्य में ही डिप्टी सीएम का पद संभालेंगी। इस तरह अजित पवार फैमिली ही मुंबई से दिल्ली तक की राजनीति का कंट्रोल अपने पास रखेगी।

     

  • हर्बल गुलाल से और भी रंगीली होगी होली

    हर्बल गुलाल से और भी रंगीली होगी होली

    रायपुर

    विभिन्न रंगों और आकर्षक पैकेजिंग के साथ समूह द्वारा निर्मित हर्बल गुलाल

    छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़ी कबीरधाम ज़िले की महिला स्व-सहायता समूह महिला सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है। जनपद पंचायत बोडला के ग्राम राजा नवागांव की जय गंगा मैया स्व-सहायता समूह से जुड़ी दीदियों ने रंगोत्सव त्योहार होली के लिए हर्बल गुलाल का निर्माण किया है। महिला समूह ने हर्बल गुलाल के व्यवसाय से जुड़कर आजीविका के नए रास्ते खोले है। इस गतिविधि में 10 महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी है, जो उनके आय का अच्छा स्रोत है। लाल, गुलाबी, पीले सहित अन्य रंगों और प्रकृति खुशबू से भरपूर हर्बल गुलाल बाजार में आने के लिए उपलब्ध है।
            
    कलेक्टर कबीरधाम श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि प्रत्येक वर्ष होली के अवसर पर जिले की विभिन्न महिला समूह द्वारा हर्बल गुलाल का निर्माण किया जाता है। कलेक्टोरेट, सभी जनपद पंचायत कार्यालय एवं अन्य स्थानों पर उनके द्वारा स्टॉल लगाकर हर्बल गुलाल की बिक्री की जाती है। समूह की दीदियों द्वारा बनाए गए गुलाल पूरी तरह से प्राकृतिक होने के साथ-साथ बाजार में मिलने वाले अन्य रंगों की तुलना में सस्ता होता है। हर्बल गुलाल की पैकेजिंग बहुत आकर्षक है और यह उपहार देने के भी बहुत अच्छा है। हर्बल गुलाल अनेक रंगो के साथ अलग-अलग मात्रा में पैकेजिंग सहित उपलब्ध है। गतवर्ष भी हमने देखा है कि समूह की दीदियों द्वारा बनाए गए हर्बल गुलाब को क्षेत्रवासियों ने बहुत पसंद किया है और इस व्यवसाय से जुड़कर हमारी ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही है।
           
    जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि प्रत्येक वर्ष बहुत से समूह इसका निर्माण करते है। प्रत्येक समूह को इस व्यवसाय द्वारा 50 से 60 हजार रुपए का लाभ हो जाता है। हर्बल गुलाल की अच्छी गुणवत्ता और आकर्षक पैकिंग सभी को पसंद आती है। योजना से जुड़े मैदानी कर्मचारियों द्वारा समूह को मौसमी व्यवसाय करने के लिए प्रेरित करते हुए हर्बल गुलाल का निर्माण करने प्रोत्साहित किया जाता है। इसके निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल की उपलब्धता के लिए समूह को सहायता प्रदान की जाती है।

    हर्बल गुलाल के कई फायदे

    हर्बल गुलाल प्राकृतिक सामग्री जैसे फूल-पत्तियों आदि से बनाए जाते हैं और त्वचा के लिए यह पूरी तरह से सुरक्षित होते हैं। इसके साथ हर्बल गुलाल के और भी कई फायदे हैं। हर्बल गुलाल में प्राकृतिक रंग होता हैं और इसके निर्माण में कोई अतिरिक्त मिलावट नही की जाती। हर्बल गुलाल पर्यावरण अनुकूल होता हैं। अन्य रंगों की तरह इसे छुड़ाने में मेहनत नहीं लगती बल्कि पानी द्वारा आसानी से धो कर साफ किया जा सकता है। इससे पानी की बचत भी होती है। हर्बल गुलाल में हानिकारक रसायन नहीं होते और यह त्वाचा के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। हर्बल गुलाल का निर्माण प्राकृतिक सामग्रियों से होने के कारण शरीर पर एलर्जी नहीं होती। हर्बल गुलाल में प्राकृतिक सुगंध होता है। खुशबू के लिए कोई केमिकल का उपयोग नहीं होने के कारण यह पूरा तरह सुरक्षित है।

  • रंगोत्सव 2026: नंदगांव के हुरियारों पर बरसाना में बरसीं प्रेम की लाठियां, परंपरा का उड़ा गुलाल

    रंगोत्सव 2026: नंदगांव के हुरियारों पर बरसाना में बरसीं प्रेम की लाठियां, परंपरा का उड़ा गुलाल

    मथुरा

    राधा रानी की नगरी बरसाना बुधवार को पूरी तरह से 'रंगोत्सव' के उल्लास में डूबी नजर आई। शाम करीब पांच बजे विश्व प्रसिद्ध लठामार होली खेली गई, जहां नंदगांव के हुरियारों पर बरसाने की हुरियारिनों ने प्रेम की लाठियां बरसाईं। छतों से लेकर सड़क तक हर कोना अबीर-गुलाल से सराबोर था और हर तरफ केवल राधा-कृष्ण के जयकारे गूंज रहे थे। योगी सरकार ने 'रंगोत्सव 2026' को भव्य रूप देते हुए कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस अनूठी होली का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब बरसाना में उमड़ पड़ा।

    प्रिया कुंड पर दामाद सा सत्कार और श्रीजी से ली आज्ञा

    नंदगांव के हुरियारों के बरसाना पहुंचने पर प्रिया कुंड पर उनका भव्य स्वागत किया गया। बरसाना वासी कृष्ण के सखाओं को दामाद के रूप में देखते हैं, इसलिए उसी आत्मीय भाव से उन्हें मिठाई, पकोड़े, ठंडाई और भांग परोसी गई। इसके बाद हुरियारों ने अपनी पाग (पगड़ी) बांधी और ब्रह्मांचल पर्वत स्थित श्री लाडली किशोरी जी के मंदिर पहुंचकर राधा रानी से होली खेलने की अनुमति ली। इस अद्भुत क्षण को और भी दिव्य बनाने के लिए हेलीकॉप्टर से हुरियारों और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई।

    रंगीली गली में गूंजे रसिया, 5000 साल पुरानी है परंपरा

    दर्शन के बाद शाम करीब चार बजे हुरियारे रंगीली गली पहुंचे। यहां ढोल-नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक ब्रज रसिया और होली गीत गाकर उन्होंने हुरियारिनों को रिझाया। इसके जवाब में महिलाओं ने मजाकिया अंदाज में उन पर लाठियों से वार किया, जिससे पुरुषों ने चमड़े की मजबूत ढाल से अपना बचाव किया।
    मान्यता है कि यह परंपरा 5000 साल पुरानी है, जब भगवान कृष्ण अपने सखाओं के साथ राधा रानी और उनकी सखियों को चिढ़ाने आए थे, तब सखियों ने उन्हें लाठियों से खदेड़ा था। ब्रज में होली बसंत पंचमी से शुरू होकर 45 दिनों तक चलती है। इसका सबसे मुख्य आकर्षण यह लठामार होली ही है।

    श्रद्धालुओं का उल्लास और संतों का भाव

    इस अलौकिक दृश्य और आनंद को देखकर श्रद्धालु और मंदिर के सेवायत भाव-विभोर हो गए। श्रद्धालु भारती ने कहा कि मैंने जीवन में पहली बार ऐसी होली देखी है। लाठियों की मार में भी जो प्रेम और भक्ति का भाव है, वह सिर्फ ब्रज में ही महसूस किया जा सकता है। ऐसा लग रहा है मानो साक्षात कान्हा यहाँ होली खेल रहे हों। श्रद्धालु स्वाति ने कहा कि योगी सरकार ने जो व्यवस्था की है, वह बेहतरीन है। इतनी भीड़ के बावजूद प्रशासन का प्रबंधन शानदार था। आसमान से जब हेलीकॉप्टर से फूल बरसे, तो हमारा मन आनंद से भर गया।

    नंदबाबा मंदिर के मुख्य पुजारी मनीष गोस्वामी ने बताया कि नंदगांव और बरसाना का यह रिश्ता द्वापर युग से चला आ रहा है। यह लाठियां चोट नहीं पहुंचातीं, बल्कि यह राधा-कृष्ण के निश्छल प्रेम और मनुहार का प्रतीक हैं। आज पूरा ब्रज इसी प्रेम रस में डूबा हुआ है।

    4500 जवानों के साथ अभेद्य रही सुरक्षा व्यवस्था

    लाखों की भीड़ को देखते हुए योगी सरकार के निर्देश पर मथुरा पुलिस ने सुरक्षा का बेहद कड़ा इंतजाम किया था। 4500 से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी और एंटी रोमियो स्क्वायड की टीमें चप्पे- चप्पे पर मुस्तैद रहीं। इसके अलावा जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार स्वयं बरसाना की गलियों में पैदल भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे, जिससे यह महा आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हुआ।

  • सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी—UGC नियमों के खिलाफ याचिका पर कहा, ‘अब ये हद से ज्यादा हो रहा है’

    सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी—UGC नियमों के खिलाफ याचिका पर कहा, ‘अब ये हद से ज्यादा हो रहा है’

    नई दिल्ली
    UGC यानी विश्विद्यालय अनुदान आयोग के नए नियमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में फिर याचिका दाखिल हुई है। बुधवार को इस याचिका पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि याचिका मीडिया में पब्लिसिटी हासिल करने के मकसद से की गई है। उन्होंने पूछा कि इस याचिका में अन्य याचिकाओं से अलग क्या है।

    एडवोकेट ने कहा, 'मेरा आधार यह है कि नियमों को अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर बनाया गया है।' हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब इक्विटी रेगुलेशंस के खिलाफ किसी ने शीर्ष न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इसपर सीजेआई ने कहा कि इसके जरिए मीडिया में चर्चा में आने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, 'यह जनहित याचिका (PIL) क्यों? अब यह हद से ज्यादा हो रहा है। यह सब केवल बाहर मीडिया को संबोधित करने के लालच में किया जा रहा है। वरना आप यूट्यूब पर कैसे आएंगे! इस याचिका में ऐसा क्या अलग है जो दूसरी याचिकाओं में नहीं था?'

    जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने लगा दी थी रोक
    सुप्रीम कोर्ट ने नियमों पर जनवरी में रोक लगा दी थी। न्यायालय ने कहा कि यह प्रारूप 'प्रथम दृष्टया अस्पष्ट' है, इसके 'बहुत व्यापक परिणाम' हो सकते हैं और इसका प्रभाव 'खतरनाक रूप से' समाज को विभाजित करने वाला भी हो सकता है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा था कि विनियमों में 'कुछ अस्पष्टताएं' हैं और 'इनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।'

    दरअसल, नियमों को लेकर दलीलें दी गईं थीं कि यूजीसी ने जाति-आधारित भेदभाव की 'गैर-समावेशी' परिभाषा अपनाई है और कुछ श्रेणियों को संस्थागत संरक्षण से बाहर रखा है। इन नियमों के खिलाफ देश में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए जिसमें छात्र समूहों और संगठनों ने इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की। इन याचिकाओं में इस विनियम को इस आधार पर चुनौती दी गई कि जाति-आधारित भेदभाव को सिर्फ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों के खिलाफ भेदभाव के रूप में ही परिभाषित किया गया है।

    क्या हैं नियम
    विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2026 में यह अनिवार्य किया गया है कि इन समितियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय से तथा दिव्यांग एवं महिला सदस्य शामिल होने चाहिए।

     

  • सीएम योगी बने ‘ओडीओपी’ के सबसे बड़े ब्रांड अंबेसडर

    सीएम योगी बने ‘ओडीओपी’ के सबसे बड़े ब्रांड अंबेसडर

    लखनऊ/सिंगापुर

     प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर व जापान दौरे में जहां एक ओर निवेश और औद्योगिक साझेदारियों की नई गाथा लिखी गई, वहीं दूसरी ओर सीएम योगी ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) के सबसे बड़े ब्रांड अंबेसडर के रूप में भी नजर आए। यूपी की मिट्टी से जन्मी पारंपरिक शिल्प कला ने सिंगापुर व जापान के बच्चों से लेकर अति-विशिष्ट लोगों तक, सबका दिल जीत लिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें 'एक जनपद-एक उत्पाद' (ओडीओपी) योजना के तहत तैयार कराई गईं विशिष्ट कलाकृतियां भेंट कर यूपी के कारीगरों की प्रतिभा को वैश्विक मंच तक पहुंचाया। प्रमुख नेताओं, कॉरपोरेट लीडर्स व बच्चों को सीएम योगी ने 500 से ज्यादा विशिष्ट कलाकृतियां भेंट कीं।

    यूपी की सांस्कृतिक विरासत के सशक्त दूत

    सिंगापुर और जापान की धरती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के सबसे सशक्त दूत बनकर भी उभरे हैं। सिंगापुर व जापान के लोगों के लिए विशेष तौर पर वहां के बच्चों को सौंपने के लिए उनके निर्देशन में स्पेशल डिजाइन के उपहार तैयार किए गए थे। 300 से ज्यादा बच्चों को सीएम योगी ने मंडला आर्ट से बनी कलाकृतियां दीं, जिन्हें पाकर बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए। विदेशी मेहमानों ने जब इन हस्तनिर्मित कलाकृतियों को देखा तो वे अचंभित रह गए। बनारस की गुलाबी मीनाकारी ने तो विशेष रूप से सबका ध्यान खींचा। फिरोजाबाद के रंगीन कांच से बनी भगवान राम, शिव, राधा-कृष्ण और बुद्ध की प्रतिमाएं देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए।

    मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए उपहारों में फिरोजाबाद से ग्लास के भगवान श्री राम, शिव, राधा-कृष्ण व बुद्ध की प्रतिमाएं शामिल रहीं, जबकि मुरादाबाद से ब्रास के शिव व बुद्ध की प्रतिमाएं, वाराणसी की मीनाकारी से बने बुद्ध व मोर और गुलाबी मीनाकारी से तैयार काशी विश्वनाथ मंदिर का मॉडल तथा सहारनपुर से लकड़ी के शिव व राधा-कृष्ण की प्रतिमाएं शामिल हैं।

    लोकल टू ग्लोबल' यूपी की नई पहचान

    उत्तर प्रदेश सरकार की यह भेंट परंपरा 'आत्मनिर्भर भारत' और 'वोकल फॉर लोकल' की भावना का जीवंत प्रमाण है। इसके अलावा  मंडला आर्ट से बनी विशेष कलाकृतियां सांस्कृतिक आदान-प्रदान की दिशा में एक भावनात्मक और यादगार पहल रहीं। इस पहल से यूपी के कारीगरों व शिल्पकारों को वैश्विक बाजार में नई पहचान और निर्यात के नए अवसर मिलेंगे। वैश्विक मंच पर इन उत्पादों की प्रदर्शनी से जहां एक ओर ब्रांड वैल्यू में अभूतपूर्व वृद्धि होगी, वहीं लाखों कारीगर परिवारों की आजीविका को भी नया संबल मिल सकेगा।

  • वार्ड 12 बदखर में 72.84 लाख की लागत से तालाब सौंदर्यीकरण कार्य का भूमि पूजन

    वार्ड 12 बदखर में 72.84 लाख की लागत से तालाब सौंदर्यीकरण कार्य का भूमि पूजन

    सतना

    नगर के वार्ड क्रमांक 12, बदखर में 72.84 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित तालाब सौंदर्यीकरण कार्य का विधिवत भूमि पूजन महापौर योगेश कुमार ताम्रकार द्वारा किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

    महापौर ने कहा कि यह परियोजना न केवल क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण को भी मजबूती प्रदान करेगी। तालाब को एक स्वच्छ, सुरक्षित एवं आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने बताया कि नगर के प्रत्येक वार्ड में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर विकास की रोशनी अंतिम पंक्ति तक पहुंचाना नगर निगम का लक्ष्य है।

    कार्यक्रम में नगर निगम अध्यक्ष राजेश चतुर्वेदी, सोहावल जनपद उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह बराज, वार्ड पार्षद माया देवी कोल, विशिष्ट अतिथि राकेश अग्निहोत्री, पिछड़ा वर्ग मोर्चा अध्यक्ष रामपाल यादव, पूर्व मंडल अध्यक्ष अरविन्द सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।

  • उमाशंकर सिंह पर आयकर का शिकंजा: लखनऊ से बलिया तक घर-दफ्तर पर छापेमारी

    उमाशंकर सिंह पर आयकर का शिकंजा: लखनऊ से बलिया तक घर-दफ्तर पर छापेमारी

    लखनऊ
    इनकम टैक्स की टीम में 50 से ज्यादा अधिकारी शामिल हैं। बुधवार को लखनऊ और बलिया समेत उत्तर प्रदेश में उमाशंकर सिंह के अन्य ठिकानों पर छापेमारी चल रही है। उमाशंकर सिंह का स्वास्थ्य पिछले कुछ समय से खराब चल रहा है। लखनऊ के गोमतीनगर में उनका आवास और दफ्तर है।

    उत्तर प्रदेश में बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के घर इनकम टैक्स का छापा पड़ा है। बताया जा रहा है कि इनकम टैक्स की टीम में 50 से ज्यादा अधिकारी शामिल हैं। बुधवार को लखनऊ और बलिया समेत प्रदेश में उमाशंकर सिंह के अन्य ठिकानों पर छापेमारी चल रही है। उमाशंकर सिंह का स्वास्थ्य पिछले कुछ समय से खराब चल रहा है। लखनऊ के गोमतीनगर में उनका आवास और दफ्तर है। मिली जानकारी के अनुसाार इनकम टैक्स की टीम उमाशंकर सिंह के घर-दफ्तर से कुछ दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया है।

    छापेमारी के दौरान इनकम टैक्स के अधिकारियों के साथ भारी फोर्स भी मौके पर मौजूद है। उमाशंकर सिंह यूपी के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। वह इस चुनाव में बसपा के टिकट पर कामयाब होने वाले उत्तर प्रदेश के एकमात्र विधायक रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उमाशंकर सिंह गंभीर रूप से कैंसर से पीड़ित हैं। दो बार उनके ऑपरेशन हो चुके हैं। पिछले कुछ समय से वह लखनऊ के गोमतीनगर स्थित अपने आवास में एकांत में रहकर इलाज करा रहे हैं। बसपा विधायक के पारिवारिक सूत्रों के अनुसार उनके स्वास्थ्य की हालत ठीक नहीं है।

    छापेमारी से मचा हड़कंप
    बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के घर-दफ्तर पर अचानक इनकम टैक्स की छापेमारी से यूपी के राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार बुधवार की सुबह सात बजे के करीब इनकम टैक्स की टीम तीन गाड़ियों में उमाशंकर सिंह के घर पहुंची। टीम ने आते ही दस्तावेजों और रिकॉर्डस की जांच शुरू कर दी। छापेमारी के दौरान किसी के भी आने-जाने पर रोक लगा दी गई।

    बलिया में सुबह 10 बजे आवास पर पहुंची आयकर टीम
    उधर, बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के बलिया जनपद के खनवर स्थित आवास पर बुधवार सुबह आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा। सुबह करीब 10 बजे तीन गाड़ियों से पहुंचे अधिकारियों ने आवास को घेरते हुए जांच शुरू की। टीम ने घर में मौजूद सभी लोगों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर दी। छापेमारी के दौरान विधायक के भाई रमेश सिंह आवास पर मौजूद थे। बताया जा रहा है कि रमेश सिंह छात्रशक्ति इंफ्रा कंस्ट्रक्शन कंपनी के डायरेक्टर हैं। आयकर टीम ने गांव के पास स्थित कंपनी के प्लांट पर भी पहुंचकर ताला लगा दिया और वहां दस्तावेजों की जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार टीम ने रसड़ा स्थित विधायक के होटल ‘स्काई’ पर भी पहुंचकर छानबीन शुरू की है। उमाशंकर सिंह बलिया के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और क्षेत्र में उनकी गिनती प्रभावशाली नेताओं में होती है। छापेमारी की वजहों को लेकर आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन क्षेत्र में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

    पार्टी में अहम भूमिका
    बसपा विधायक उमाशंकर सिंह की उनकी पार्टी में अहम भूमिका रही है। उकी तबीयत खराब होने पर बसपा सु्प्रीमो मायावती ने भी घर पर जाकर उनका हाल-चाल लिया था। बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के यहां यह छापा तब पड़ा है जब उनकी पार्टी की सु्प्रीमो मायावती उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हैं। बता दें कि पिछले साल मार्च में भी विजिलेंस विभाग ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों में जांच शुरू की थी। इनकम टैक्स की इस ताजा कार्रवाई का उस जांच से कोई संबंध है या नहीं, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। आयकर विभाग, विधायक या बसपा की ओर से अभी तक इस कार्रवाई के बारे में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

     

  • एसपी की सीधी निगरानी में आएंगे थाने, चौकियों में लगेगा QR कोड से जनता दे सकेगी फीडबैक

    एसपी की सीधी निगरानी में आएंगे थाने, चौकियों में लगेगा QR कोड से जनता दे सकेगी फीडबैक

    बलौदाबाजार

    बलौदाबाजार – भाटापारा जिले की पुलिस कप्तान भावना गुप्ता अब थानों और पुलिस चौकियों की सीधी निगरानी करेंगी. प्रयास अभियान के तहत जिले में सभी थानों और पुलिस चौकियों में क्यूआर कोड लगाया जाएगा, जिसके जरिए थाना आने वाले फरियादियों, आगंतुकों और आम जनता का फीडबैक फॉर्म भरा जाएगा. इसके जरिए पब्लिक थाने के अनुभव, पुलिस स्टाफ के व्यवहार और कार्यवाही आदि के संबंध में अपने अनुभव सीधे पुलिस अधीक्षक को साझा कर सकेंगे.

    पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने आज प्रयास अभियान के तहत एसपी कार्यालय में क्यूआर कोड का विधिवत उद्घाटन किया. उन्होंने बताया कि रेंज आईजी अमरेश मिश्रा सर के मार्गदर्शन में शुरू किए गए क्यूआर कोड के जरिए फॉर्म भरने का मुख्य उद्देश्य पुलिस स्टाफ की कार्य क्षमता बढ़ाना, कार्यों में सुधार लाना एवं थाना–चौकी स्तर पर कमियों को दूर करते हुए आमजनों का पुलिस पर भरोसा मजबूत करना है.

    थाना–चौकी स्तर पर किए जा रहे कार्यों की मॉनिटरिंग, चौकी की कार्यप्रणाली में और अधिक सुधार लाने, आवेदकों द्वारा किए जा रहे शिकायतों पर अमल कर उन पर गंभीरता पूर्वक कार्यवाही आदि में आम जनों की सहभागिता भी इस क्यूआर कोड के माध्यम से की जाएगी. आम नागरिकों के सुझाव और उनके अनुभव भी पुलिस के कामों में मिलते रहेंगे. इस हिसाब से यह आम जनों के सहयोग और सुझाव से पुलिस का कार्यबल बढ़ाने हेतु प्रयास अभियान के तहत जारी किया गया क्यूआर कोड अत्यंत उपयोगी होगा.

    सभी थाना और चौकियों में लगेगा क्यूआर कोड
    क्यूआर कोड को जिले के सभी थाना,चौकी एवं पुलिस कार्यालयों में लगाया जाएगा. जिसके तहत यहां पहुंचने वाले आगंतुकों के द्वारा थाने का अनुभव उनके शिकायत पर पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही एवं गंभीरता आदि को फीडबैक के माध्यम से भरा जाएगा.

    एसपी करेंगी सुपरविजन
    इस फीडबैक फॉर्म का सुपरविजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी भावना गुप्ता के द्वारा स्वयं अपनी टीम के माध्यम से किया जाएगा. फीडबैक फॉर्म से आमजनों,आवेदकों,शिकायत कर्ताओं को पुलिस की कार्य प्रणाली से संतुष्टि एवं कार्य के दौरान आ रही कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी.

    फ़ीडबैक फॉर्म में भरे गए तथ्यों के आधार पर पुलिस कार्यालय द्वारा उक्त बिंदुओं पर और अधिक सुधार लाने हेतु संबंधित थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया जाएगा. जिससे उक्त कार्य में और अधिक निपुणता आएगी और फ़ीडबैक फॉर्म के माध्यम से पुलिस के व्यवहार, जवाब एवं सर्विस क्वालिटी में कमियों की पहचान करने में भी आसानी होगी.

  • PAK vs ENG: इंग्लैंड से हार के बाद पाकिस्तानी दिग्गजों में जुबानी जंग, नवाज की भूमिका पर गरमाई बहस

    PAK vs ENG: इंग्लैंड से हार के बाद पाकिस्तानी दिग्गजों में जुबानी जंग, नवाज की भूमिका पर गरमाई बहस

    नई दिल्ली
    इंग्लैंड के खिलाफ दो विकेट से करीबी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल आ गया है। स्पोर्ट्स शो Tapmad पर पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज और पूर्व कोच सकलैन मुश्ताक के बीच लाइव टीवी पर तीखी बहस देखने को मिली। बहस का केंद्र रहे ऑलराउंडर Mohammad Nawaz, जिनकी भूमिका को लेकर दोनों दिग्गज आमने-सामने आ गए।

    टूर्नामेंट में पाकिस्तान की नाज़ुक स्थिति
    T20 World Cup 2026 के सुपर-8 चरण में पाकिस्तान की हालत बेहद खराब है। दो मैचों में सिर्फ एक अंक के साथ टीम बाहर होने की कगार पर खड़ी है। न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच बारिश में धुल गया, जबकि इंग्लैंड से मिली हार ने समीकरण और मुश्किल कर दिए हैं। पल्लेकेले में खेले गए मुकाबले में पाकिस्तान ने दो स्पिन ऑलराउंडर – नवाज़ और Shadab Khan – को खिलाया। दोनों ने मिलकर 57 रन खर्च किए, लेकिन किसी को भी पूरे चार ओवर नहीं दिए गए। यहीं से सवाल उठा – क्या ये खिलाड़ी असली मैच विनर हैं या सिर्फ ‘फिलर’?
     
    सकलैन मुश्ताक ने टीम में मल्टी-स्किल खिलाड़ियों की अहमियत बताई, लेकिन हफीज ने सीधे सवाल दाग दिए:
    हफीज: क्या नवाज़ बल्लेबाज़ी ऑलराउंडर हैं या गेंदबाज़ी ऑलराउंडर?
    सकलैन: वो दोनों में अच्छे हैं।
    हफीज: फिर उन्हें नंबर-5 पर क्यों नहीं खिलाते?
    सकलैन: मैंने कोच रहते हुए उन्हें नंबर-5 पर खिलाया है, उनमें क्षमता है।
    हफीज: मेरा प्राथमिक काम बल्लेबाज़ी था। नवाज़ का क्या है? अगर वह अपनी मुख्य भूमिका नहीं निभा पा रहे तो हमें ऐसे खिलाड़ी नहीं चाहिए। इस तीखी नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

    नवाज़ के आंकड़े क्या कहते हैं?
    आलोचना के बावजूद नवाज़ का प्रदर्शन पूरी तरह खराब नहीं रहा है। इस टूर्नामेंट में उन्होंने 5 पारियों में 6 विकेट लिए हैं और 7.5 की इकोनॉमी से गेंदबाज़ी की है।
    इंग्लैंड के खिलाफ मैच में उन्होंने 26 रन देकर 2 विकेट झटके और पाकिस्तान को वापसी दिलाई। आखिरी ओवर में समीकरण 6 गेंदों में 3 रन का रह गया था, लेकिन Jofra Archer ने पहली ही गेंद पर चौका लगाकर मैच खत्म कर दिया।

    रणनीति पर गहरा मतभेद
    यह विवाद सिर्फ नवाज़ तक सीमित नहीं है, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट की सोच को उजागर करता है। सकलैन का मानना है कि मल्टी-स्किल खिलाड़ी टीम को संतुलन देते हैं। हफीज ‘स्पेशलिस्ट मॉडल’ के पक्षधर हैं, जहां हर खिलाड़ी की स्पष्ट प्राथमिक भूमिका हो। अब पाकिस्तान को सेमीफाइनल की उम्मीद जिंदा रखने के लिए श्रीलंका पर बड़ी जीत और न्यूजीलैंड की हार की दुआ करनी होगी। ऐसे में यह बहस आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

     

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान की राजधानी टोक्यो में भारतीय समुदाय के साथ किया संवाद, कहा- हम सूर्यपुत्र हैं और हमें सूर्य जैसी रोशनी चाहिए

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान की राजधानी टोक्यो में भारतीय समुदाय के साथ किया संवाद, कहा- हम सूर्यपुत्र हैं और हमें सूर्य जैसी रोशनी चाहिए

    टोक्यो/लखनऊ

    “पहले यूपी में सड़कें नहीं थीं, बिजली नहीं आती थी। क्योंकि अंधेरे में काम करने वालों को उजाला रास नहीं आता। जब प्रवृत्ति डकैती की हो तो प्रदेश भी अंधेरे में रखा जाता है। लेकिन, हमने तय किया कि उत्तर प्रदेश को भय और भ्रष्टाचार से मुक्त करना है तो उसे उजाले में लाना होगा। हम सूर्यपुत्र हैं, हमें सूर्य जैसी रोशनी चाहिए।” जापान में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी सधे व स्पष्ट अंदाज में उत्तर प्रदेश के “अंधेरे से उजाले” तक के परिवर्तन की यशगाथा को सबके सामने रखा। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और निवेश के नए अवसरों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज यूपी दंगों या कर्फ्यू की खबरों से आगे बढ़कर दीपोत्सव, महाकुंभ और वैश्विक निवेश की पहचान बन चुका है और यही परिवर्तन भारत को विकसित राष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।

    क्या उजाले में डकैती पड़ सकती है?

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कनेक्टिविटी का संकट था, सड़कें नहीं थीं, बिजली नहीं आती थी। लोग भी कहते थे कि बिजली गायब रहती थी। दरअसल पहले की सरकारें अंधेरे में रहने की आदी थीं, क्योंकि उनके सारे कार्य तो अंधेरे में होते थे। आप मुझे बताओ, क्या उजाले में डकैती पड़ेगी? जब प्रवृत्ति डकैती डालने की थी तो वह तो अंधेरे में ही डाली जा सकती थी, इसलिए बिजली नहीं देते थे। वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करते थे। हम चाहते थे कि प्रदेश डकैती से मुक्त हो, भय से मुक्त हो। उसके लिए उजाला चाहिए। और हम सूर्यपुत्र हैं, तो हमें सूर्य जैसी रोशनी चाहिए। इसलिए हमने बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करवाई। आज यह परिवर्तन उत्तर प्रदेश में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है।

    आज उत्सव का प्रदेश बना यूपी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। विकसित भारत का संकल्प साकार होता दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश, जो 25 करोड़ आबादी का राज्य है, अब विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। पहले कर्फ्यू, दंगा और अंधेरा ही समाचारों में होता था। आज उत्सवों की खबरें होती हैं। अयोध्या में दीपोत्सव, काशी में देव दीपावली, मथुरा-वृंदावन में रंगोत्सव, ये सब सकारात्मक परिवर्तन के प्रतीक हैं। हमने कानून-व्यवस्था सुधारी, कनेक्टिविटी बेहतर की, बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की। आज निवेशक उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन, लॉजिस्टिक्स पार्क और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट जैसे क्षेत्रों में निवेश कर रहे हैं, जो पहले सोचा भी नहीं जा सकता था।

    भारत में विश्व को मैत्री व करुणा के मार्ग पर ले जाने की शक्ति

    मुख्यमंत्री ने भारतीय समुदाय को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महाकुंभ और अयोध्या का भव्य राम मंदिर हमारी क्षमता का उदाहरण है। काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास आधुनिकता और परंपरा का सुंदर संगम है। भारत की शक्ति विश्व को मैत्री व करुणा के मार्ग पर ले जाने की है, किसी पर प्रभुत्व स्थापित करने की नहीं। “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” हमारी प्रेरणा है। विश्व में जहां भी भारतीय मूल के लोग संकट में होते हैं, भारत उनके साथ खड़ा रहता है। हमें भी अपने देश व विश्व के कल्याण के लिए योगदान देना चाहिए। आज जापान में लगभग 55 हजार भारतीय समुदाय के सदस्य रहते हैं। आप सब एकजुट होकर जापान और भारत दोनों के विकास में योगदान दें। हमारी दिशा सही है, हमें अपनी गति और बढ़ानी है। आपके सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा है। 

    विभिन्न अवतारों ने मानवता को दिशा दी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जापान में हैं। जापान को उगते सूरज की धरती कहा जाता है। सूर्य की पहली किरण यहां पड़ती है। वहीं भारत सूर्यपुत्र की भूमि है। भगवान श्रीराम सूर्यवंशी परंपरा में अवतरित हुए। महात्मा बुद्ध ने उसी परंपरा को आगे बढ़ाया। भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों ने समय-समय पर मानवता को दिशा दी है। रामराज्य की अवधारणा हमारी सनातन परंपरा में धर्म को केवल उपासना तक सीमित नहीं रखती, बल्कि कर्तव्य से जोड़ती है। इसे ‘वे ऑफ लाइफ’ के रूप में स्वीकार किया गया है। एक ऐसी जीवन पद्धति जो अपनी विरासत, अपने पूर्वज और अपनी धरती के प्रति कृतज्ञता का भाव ज्ञापित करते हुए हमें नैतिक मूल्यों के पथ पर अग्रसर करती है। मुझे प्रसन्नता है कि आप सब यहां जापान में रहते हुए यहां के विकास में योगदान दे रहे हैं और साथ ही अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी संजोए हुए हैं।

    विरासत पर गर्व ही समाज को आगे बढ़ाता है

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी जी की प्रेरणा से सभी राज्यों ने अपने स्थापना दिवस को मनाने का निर्णय लिया। आश्चर्य है कि 2017 से पहले अयोध्या में ही दीपावली का कोई विशेष आयोजन नहीं होता था। हमने दीपोत्सव प्रारंभ किया। पहले वर्ष अयोध्या के आसपास 51,000 दीपक भी उपलब्ध नहीं थे, पूरे राज्य से इन्हें मंगवाना पड़ा। आज 25 से 30 लाख दीपक एक साथ प्रज्ज्वलित होते हैं। गत वर्ष प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए। यह विश्व की अद्वितीय घटना थी। एक साल में 156 करोड़ से अधिक पर्यटक उत्तर प्रदेश आए। विरासत पर गर्व ही समाज को आगे बढ़ाता है।

    कार्यक्रम में लगे योगी-योगी के नारे

    कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक आयोजन के साथ हुई, जहां बेटियों की प्रस्तुति ने सीएम योगी का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि भारत से हजारों किलोमीटर दूर रहकर जिस प्रकार इन बेटियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वह अत्यंत सराहनीय है। काशी की सांस्कृतिक व शास्त्रीय संगीत विधा, उत्तराखंड की जागर परंपरा में नंदा देवी की गाथा का तेजस्वी प्रस्तुतीकरण और अंत में अयोध्या में श्री राममंदिर निर्माण की भावना से ओतप्रोत प्रस्तुति, ये सब अद्भुत था। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के बाद इन बेटियों के साथ फोटो शूट भी कराया। इस दौरान पूरा प्रांगण ‘योगी-योगी’ के जयकारों से गूंज उठा। 

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने साथ आए प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सहयोगियों वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’,  यूपी सरकार के सलाहकार अवनीश अवस्थी, एसीएस (वित्त) एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, सीएम कार्यालय में सचिव अमित सिंह, इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद व एडीजी तरुण गाबा को मंच पर बुलाकर प्रवासी भारतीय समुदाय से उनका परिचय भी कराया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जापान में भारत की राजदूत नगमा मलिक और उनकी पूरी टीम का आभार भी व्यक्त किया।