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  • कूनो राष्ट्रीय उद्यान में फॉरेस्ट ऑउलेट का दिखाई देना, शुभ संकेत

    कूनो राष्ट्रीय उद्यान में फॉरेस्ट ऑउलेट का दिखाई देना, शुभ संकेत

    भोपाल

    पक्षी विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, स्थानिक और लुप्त प्राय फॉरेस्ट ऑउलेट(एथिन ब्लेविटी) को पहली बार कूनो राष्ट्रीय उद्यान में देखा गया है, जो इस प्रजाति के ज्ञात वितरण क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार का संकेत है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में फॉरेस्ट ऑउलेट की खोज भारत में जैव विविधता संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है। यह खोज इस तथ्य को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण है कि यह पक्षी विश्व के सबसे दुर्लभ शिकारी पक्षियों में से एक है और चीता परियोजना से जुड़े पर्यावास प्रबंधन के साथ इसके संभावित पारिस्थितिक संबंध हैं।

    फॉरेस्ट आउलेट मध्य भारत का एक स्थानिक (endemic) पक्षी है, जिसे 1872 में पहली बार खोजा गया था, लेकिन 1884 के बाद इसे विलुप्त मान लिया गया था। लगभग 113 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, 1997 में इसे महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में फिर से खोजा गया, जिसने पक्षी विज्ञान की दुनिया में सनसनी फैला दी थी।

    वर्तमान में यह मध्य भारत के खंडित वन क्षेत्रों में पाया जाता है, जिसमें मध्यप्रदेश (खकनार, पीपलोद), महाराष्ट्र (तोरणमाल, मेलघाट) और गुजरात (डांग, पूर्णा वन्य जीव अभयारण्य) के हिस्से शामिल हैं।

    मध्यप्रदेश में फॉरेस्ट ऑउलेट पहले केवल पूर्वी खंडवा, बुरहानपुर और बैतूल जिलों में ही पाया जाता था। इस दुर्लभ पक्षी को सबसे पहले कूनो में स्थानीय पर्यटन क्षेत्र से जुड़े श्री लाभ यादव ने पारोंद बीट में क्षेत्र भ्रमण के दौरान देखा था, जिससे प्रजाति के अत्यधिक सीमित वितरण और संरक्षण स्थिति के कारण वन विभाग का ध्यान तुरंत आकर्षित हुआ। प्रमुख पहचान लक्षणों के आधार पर,वाइल्ड लाइफ रिसर्च एण्ड कंजर्वेशन सोसायटी, पुणे के श्री विवेक पटेल ने मौके पर ही इसकी पुष्टि की, जिससे यह कूनो राष्ट्रीय उद्यान से प्रजाति का पहला प्रामाणिक रिकॉर्ड बन गया।

    अधिकांश उल्लुओं के व्यवहार के विपरीत, फॉरेस्ट ऑउलेट मुख्य रूप से दिन में सक्रिय रहने वाला पक्षी है। यह सुबह 6:00 से 10:00 बजे के बीच सबसे अधिक सक्रिय रहता है और कड़ी धूप में भी ऊंचे पेड़ों की टहनियों पर बैठा देखा जा सकता है।

    फॉरेस्ट ऑउलेट को वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ द्वारा 'लुप्त प्राय' श्रेणी में रखा गया है।इसकी कुल वैश्विक वयस्क संख्या 250 से 999 के बीच होने का अनुमान है।

    मध्यप्रदेश में इसके वितरण को समझने के लिए और सर्वेक्षण किए जाने की आवश्यकता है। फॉरेस्ट ऑउलेट, जिसे कभी विलुप्त माना जाता था और 1997 में पुनः खोजा गया था, वर्तमान में मध्य भारत के सीमित क्षेत्रों में पाया जाता है और पर्यावास के क्षरण और विखंडन से लगातार खतरे का सामना कर रहा है। यह नया रिकॉर्ड कूनो राष्ट्रीय उद्यान के जंगलों के पारिस्थितिक महत्व को उजागर करता है।

    फॉरेस्ट आउलेट का दिखाई देना संकेत दे रहा है कि चीता के लिये किये जा रहे संरक्षण प्रयासों से पारिस्थितिकीय तंत्र में सुधार होने से अन्य लुप्तप्राय प्रजातियों की भी वापसी हो रही है। मध्यप्रदेश के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में इस प्रजाति के मिलने से पक्षी संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों में उत्साह की लहर है।

     

  • गोवा में सियासी टकराव: सावंत की अपील ठुकराकर विधायक बोरकर का भूमि उपयोग नियमों पर आंदोलन तेज

    गोवा में सियासी टकराव: सावंत की अपील ठुकराकर विधायक बोरकर का भूमि उपयोग नियमों पर आंदोलन तेज

    गोवा
    गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा है कि रिवॉल्यूशनरी गोअंस पार्टी (आरजीपी) विधायक वीरेश बोरकर ने भूमि-उपयोग नियमों के कथित दुरुपयोग के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया है जबकि उन्होंने (मुख्यमंत्री के) आंदोलन वापस लेने का अनुरोध किया था। आरजीपी विधायक का विरोध प्रदर्शन बुधवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। वे नगर एवं ग्रामीण नियोजन (टीसीपी) अधिनियम की धारा 39ए को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

    आरोप है कि इस धारा का दुरुपयोग कुछ जमीनों को "बस्ती क्षेत्रों" में बदलने के लिए किया जा रहा है, जहां निर्माण गतिविधियों की अनुमति है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार देर रात बोरकर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों द्वारा विवादित धारा को रद्द करने की मांग को लेकर टीसीपी मंत्री विश्वजीत राणे से मुलाकात की। बैठक के बाद सावंत ने पत्रकारों को बताया कि बोरकर के विधानसभा क्षेत्र सेंट आंद्रे में धारा 39ए के तहत परियोजनाओं को दी गई अनुमतियों को फिलहाल स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस धारा के तहत दी गई सभी अनुमतियों को तुरंत रद्द करना संभव नहीं है, क्योंकि इसके लिए एक प्रक्रिया का पालन करना होगा। सावंत ने कहा, "धारा 39ए के तहत दी गई अनुमतियों को वापस लेने की एक प्रक्रिया है। इस पर निर्णय लेने से पहले नगर एवं ग्राम नियोजन बोर्ड से परामर्श करना आवश्यक है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बोरकर को फोन पर विरोध प्रदर्शन वापस लेने के लिए मनाने की कोशिश की। विधायक यहां आज़ाद मैदान में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

    सावंत ने पत्रकारों से कहा, "मैंने उनसे कई बार फोन पर बात की, लेकिन वे विरोध प्रदर्शन वापस लेने के लिए राजी नहीं हुए।" इससे पहले मुख्यमंत्री ने मंगलवार को बोरकर से आज़ाद मैदान में मुलाकात की थी और इसी तरह की अपील की थी। बोरकर ने बुधवार तड़के अपने विरोध स्थल पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जब तक धारा 39ए पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाती, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
     
    उन्होंने दावा किया, "पहले सरकार ने अनुमतियों को लंबित रखा था, लेकिन परियोजनाओं पर काम जारी रहा।" बोरकर ने कहा कि वह इस धारा को पूरे राज्य में रद्द करवाना चाहते हैं, न कि केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए। विधायक के अनुसार, टीसीपी अधिनियम की धारा 39ए का दुरुपयोग करके ग्रामीण भूमि को "बस्ती क्षेत्रों" में परिवर्तित किया जा रहा है।

     

  • विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमंतु वर्ग के कल्याण और मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: राज्यमंत्री  गौर

    विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमंतु वर्ग के कल्याण और मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: राज्यमंत्री गौर

    भोपाल

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा है कि विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमन्तु समुदायों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इन वर्गों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने, शिक्षा एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रभावी रणनीति के साथ कार्य किया जा रहा है।

    राज्यमंत्री  गौर ने विधानसभा के समिति कक्ष क्रमांक-6 में विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग की परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, नवाचारों और गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर सागर (बण्डा) विधायक  वीरेंद्र सिंह लोधी, सेंधवा विधायक  मोंटी सोलंकी और विभाग के संचालक  बुद्धेश वैद्य उपस्थित रहे।

    राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि विभाग द्वारा इन समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। शासन की कल्याणकारी योजनाओं के समेकित विकास के लिये प्रथम चरण में प्रदेश के 12 जिलों में 'जन अभियान परिषद' के माध्यम से सर्वेक्षण का कार्य करवाया जा रहा है। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, कटनी, धार, सीहोर, विदिशा, मंदसौर, रायसेन, शाजापुर एवं राजगढ़ जिले शामिल हैं।

    राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि राष्ट्रीय विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदाय कल्याण एवं विकास बोर्ड द्वारा संचालित 'सीड' परियोजना के आवास घटक के तहत प्रदेश में 3047 पात्र हितग्राहियों की सूची स्वीकृति हेतु भेजी गई है। इसके अंतर्गत 7 जिलों के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 100 प्रतिशत अनुदान (केंद्र सरकार) दिलाने के लिए एम.ओ.यू. पर सहमति बन चुकी है।

    केन्द्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा गठित राष्ट्रीय बोर्ड के माध्यम से 'सीड परियोजना' में समुदाय के विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जा रही है। 'बडी फॉर स्टडी' संस्था के माध्यम से विद्यार्थी संघ लोक सेवा आयोग, म.प्र. लोक सेवा आयोग, एसएससी, ग्रामीण बैंक, क्लेट, जेईई, नीट और एनडीए जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। वर्ष 2024-25 में इस योजना से 94 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कार्यवाही प्रचलन में है।

    बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में निवासरत विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदायों के परिवारों के लिए जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को अत्यधिक सरल कर दिया गया है। अब अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से सुगमता से जाति प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं।

    राज्यमंत्री  गौर ने शासन की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे। बैठक में उपस्थित समिति सदस्यों ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए, जिन पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

     

  • मध्‍यप्रदेश पुलिस की ऑनलाइन सट्टेबाजी के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही

    मध्‍यप्रदेश पुलिस की ऑनलाइन सट्टेबाजी के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही

    भोपाल 

    प्रदेश में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही है। इसी क्रम में ग्वालियर एवं कटनी जिलों में पुलिस ने अलग-अलग प्रकरणों 10 लाख 1 हजार रूपए नगद, एटीएम कार्ड, लैपटॉप, मोबाइल फोन, चेक बुक सहित लगभग 13 लाख 98 हजार रुपये की संपत्ति जप्त की हैं। दोनों मामलों में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के माध्यम से बड़े पैमाने पर 3 करोड़ 29लाख रूपएका आर्थिक लेन-देन का भी खुलासा हुआ है।

    ग्वालियर जिले में क्राइम ब्रांच पुलिसने थाना महाराजपुरा क्षेत्र स्थित आदर्श कॉलोनी पिंटोपार्क के एक मकान पर प्राप्त मुखबिर सूचना के आधार पर दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान कमरे में 03 व्यक्ति मोबाइल एवं लैपटॉप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालित करते पाए गए, जिन्हें मौके से गिरफ्तार किया गया। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में विभिन्न ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइटों पर सक्रिय आईडी, ट्रांजेक्शन डाटा, यूपीआई क्यूआर कोड, बैंक खातों से संबंधित विवरण तथा व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से निर्देश प्राप्त होने संबंधी डिजिटल साक्ष्य मिले है। प्रारंभिक पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी कमीशन के आधार पर कार्य करते हुए लोगों को गेमिंग एप में जीत का प्रलोभन देकर रकम निवेश करवाते थे तथा म्यूल बैंक खातों के माध्यम से राशि का ट्रांसफर कराते थे। अवैध लाभ का हिस्सा नगद एवं विभिन्न खातों में स्थानांतरित किया जाता था, साथ ही प्रत्येक लेन-देन के लिए अलग-अलग खाते उपयोग किए जाते थे जिससे ट्रैकिंग कठिन हो सके।

    आरोपियों के कब्जे से 4लाख 49 हजार रूपएनगद, 03 लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, एक बैग सहित 8 लाख 69 हजार रूपए की सामग्री जप्त की गई।

    इसी प्रकार कटनी जिले के थाना माधवनगर क्षेत्र में कर्मचारियों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के माध्यम से करोड़ों रुपये के अवैध ट्रांजेक्शन किए जाने का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में पाया गया कि बंधन बैंक,एचडीएफसी बैंकएवं आईडीबीआई बैंकके खातों के माध्यम से लगभग 3करोड़ 29लाख रूपए का लेन-देन किया गया।

    आरोपियों के कब्जे से 5 लाख 52 हजार रूपएनगद, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल फोन एवं अन्य दस्तावेज जप्त किए हैं। प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की तलाश एवं विस्तृत जांच की जा रही है।

    मध्यप्रदेश पुलिस राज्य में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी एवं साइबर आधारित आर्थिक अपराधों के विरुद्धजीरो टॉलरेंसकी नीति अपनाते हुए निरंतर सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इन अपराधों में संलिप्त संगठित गिरोहों की पहचान कर उनके नेटवर्क, बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट्स तथा तकनीकी संसाधनों को चिन्हित कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।

     

  • हृदयघात से बेहोश व्यक्ति को डायल-112 जवानों ने समय पर सीपीआर देकर बचाया

    हृदयघात से बेहोश व्यक्ति को डायल-112 जवानों ने समय पर सीपीआर देकर बचाया

    भोपाल 

    डायल-112 आपात स्थितियों में केवल त्वरित पहुँच ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षित मानवीय हस्तक्षेप के माध्यम से वन रक्षा का भरोसेमंद माध्यम है। देवास जिले में डायल-112 जवानों ने समय पर सीपीआर देकर हृदयघात से पीड़ित व्यक्ति की जान बचाकर अपनी दक्षता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

    दिनांक 24 फरवरी 2026 को देवासजिले के थाना टोकखुर्द अंतर्गत ग्राम कलमा स्थित शर्मा  पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति के अचानक हृदयघात का दौरा पड़ने से बेहोश हो जाने की सूचनाडायल-112 राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूमभोपालको प्राप्त हुई। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना टोकखुर्द क्षेत्र में तैनात नजदीकी डायल-112 को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया।

    मौके पर पहुँचकर डायल-112 एफआरवी में तैनातप्रधान आरक्षक  राकेश डामोरएवंपायलट  यशवंत पटेलने पाया कि व्यक्ति बेहोशी की अवस्था में है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाएसीपीआरदेना प्रारंभ किया। कुछ मिनटों की निरंतर और सटीक प्रक्रिया के पश्चात पीड़ित को होश आया।

    इसके पश्चात डायल-112 जवानों द्वारा चिकित्सा वाहन की सहायता से पीड़ित व्यक्ति को उपचार हेतुजिला अस्पताल देवासपहुँचाया। डायल-112 टीम की तत्परता, नियमित प्रशिक्षण और व्यावसायिक दक्षता के कारण यह वन रक्षक सहायता समय पर संभव हो सकी। पीड़ित के परिजनों ने डायल-112 सेवा की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए पुलिस स्टाफ का आभार व्यक्त किया।

    डायल-112 हीरोज द्वारा प्रदर्शित यह साहसिक एवं मानवीय कार्य पुलिस के “जन-सेवा, जन-सुरक्षा” के संकल्प को सुदृढ़ करता है।

     

  • बंगाल SIR विवाद गरमाया: BJP ने पूर्व मुख्य सचिव की गिरफ्तारी की मांग तेज की

    बंगाल SIR विवाद गरमाया: BJP ने पूर्व मुख्य सचिव की गिरफ्तारी की मांग तेज की

    कोलकाता
    पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर जहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पहले से ही हंगामा कर रही है, वहीं अब इस विवाद में विपक्षी भाजपा भी कूद पड़ी है। भारतीय जनता पार्टी ने SIR पर एक उच्चस्तरीय बैठक में पूर्व मुख्य सचिव मनोज पंत की मौजूदगी को लेकर सवाल खड़े किए हैं और इसे पूरी तरह अवैध करार देते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। पश्चिम बंगाल BJP के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने उत्तर 24 परगना के बारासात में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर न्यायपालिका को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया।

    उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि बैठक केवल निर्धारित अधिकारियों के साथ होनी चाहिए, जिसमें राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, एडवोकेट जनरल और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल शामिल हों। मजूमदार ने कहा कि मनोज पंत अब मुख्य सचिव नहीं हैं, ऐसे में उनकी बैठक में मौजूदगी पूरी तरह गैरकानूनी है। ऐसे में उनके खिलाफ FIR दर्ज हो और उनकी गिरफ्तारी की जानी चाहिए।

    बैठक में और कौन-कौन थे?
    हालांकि, राज्य सरकार के अधिकारियों ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि पंत को कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल की अनुमति से बैठक में शामिल किया गया था। उनके साथ वर्तमान मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती भी मौजूद थीं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल भी बैठक में उपस्थित थे।

    पंत पर पहले भी हो चुका है विवाद
    हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब मनोज पंत की मौजूदगी को लेकर विवाद हुआ हो। इससे पहले भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान उनकी मौजूदगी पर सवाल उठे थे। इसी बीच, कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के बाहर मंगलवार को उस समय तनाव फैल गया जब नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी वहां पहुंचे। आरोप है कि कुछ टीएमसी समर्थक बूथ लेवल अधिकारियों ने गो बैक के नारे लगाए और कथित तौर पर जूता भी फेंका, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई।

    TMC की प्रतिक्रिया
    पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा और इस दौरान एक व्यक्ति के घायल होने की खबर है। वहीं, TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी इस तरह की घटनाओं का समर्थन नहीं करती, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि सुवेंदु अधिकारी लगातार लोगों को उकसा रहे हैं, जिसके चलते ऐसी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने SIR प्रक्रिया और प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर राज्य की राजनीति को और गर्मा दिया है।

     

  • किसानों के हक पर कोई समझौता नहीं होगा: शिवराज सिंह चौहान का सख्त संदेश

    किसानों के हक पर कोई समझौता नहीं होगा: शिवराज सिंह चौहान का सख्त संदेश

    नई दिल्ली
    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र में केंद्र सरकार की ओर से किए गए कार्यों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में कृषि क्षेत्र में हालात सुधरे हैं। वहीं शेष विसंगतियों को दूर करने की दिशा में काम किया जा रहा है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इस दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही ना बरती जाए। उन्होंने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली का ही नतीजा है कि आज हम चावल के उत्पादन में शीर्ष स्थान पर आ चुके हैं। गेहूं के उत्पादन की मात्रा में भी इजाफा देखने को मिला है। खाद्यान्न का 33 फीसद हिस्सा बढ़ा है और हमें पूरा विश्वास है कि आगामी दिनों में हम इसी दिशा में काम करते रहेंगे। हमने इस संबंध में पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। हम उसी के अनुरूप अभी काम कर रहे हैं।
     केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम इस चीज को लेकर भी चिंतित हैं कि भारत पूरी दुनिया का फूड बास्केट बन जाए। हम इस पर भी काम कर रहे हैं कि उच्च गुणवत्ता वाले फल और सब्जियों का उत्पादन कैसे कर सकते हैं। हम इस पूरी प्रक्रिया के सरलीकरण की दिशा में भी काम कर रहे हैं। हमारी सरकार की यही कोशिश है कि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े। हमारी सरकार की हमेशा से यही कोशिश रही है कि किसानों के हितों पर किसी भी प्रकार का कुठाराघात न हो। किसान हमारे देश की धुरी हैं। ऐसे में हम उनके हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं कर सकते हैं।
    इसके अलावा, उन्होंने भारत विस्तार प्लेटफॉर्म के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत विस्तार एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसका संबंध किसानों के लिए सरकार द्वारा दी गईं सुविधाओं से है। अब किसानों को कहीं पर भी जाना नहीं होगा। इस प्लेटफॉर्म पर किसानों की समस्याओं से संबंधित हर प्रकार का समाधान मौजूद है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए हम यही कोशिश कर रहे हैं कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए।
    केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि भारत विस्तार प्लेटफॉर्म का यूज करने के लिए आपके पास किसी भी प्रकार का आईटी जैसा ज्ञान होने की आवश्यकता नहीं है। आप इस प्लेटफॉर्म पर कृषि से संबंधित किसी भी प्रकार का सवाल करेंगे, तो आपको उसका जवाब मिल जाएगा।
    उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हम भारत विस्तार प्लेटफॉर्म को विभिन्न भाषाओं में लॉन्च करेंगे। इस प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को उन्हें हर प्रकार की समस्याओं का समाधान विभिन्न प्रकार की भाषाओं में प्राप्त हो जाएगा। इस दिशा में उन्हें किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना होगा।
    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विज्ञान मेले को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस मेले के जरिए हम किसानों को विभिन्न प्रकार की जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। इस मेले में कई लोग शामिल होंगे। ऐसे में यह मेला हमारे लिए काफी अहम हो जाता है। हमारी कोशिश है कि इस मेले के आयोजन में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े।
    उन्होंने कहा कि इस मेले के जरिए हम कृषि क्षेत्र में होने वाले परिवर्तनों के बारे में किसानों को विस्तार से बता रहे हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जब किसानों को इस बारे में पूरी जानकारी दी जाए, तो उन्हें कल को खेतीबाड़ी करते समय किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े।

  • हमास हमले पर भारत की संवेदना: इस्राइली संसद में बोले पीएम मोदी—‘आपके दर्द को समझता हूं’

    हमास हमले पर भारत की संवेदना: इस्राइली संसद में बोले पीएम मोदी—‘आपके दर्द को समझता हूं’

    तेल अवीव

    पीएम मोदी ने इजरायल को फादर लैंड और  इंडिया को मदरलैंड बताया और कहा कि हमें इस पर गर्व है. उन्होंने कहा कि विश्व युद्ध के दौरान हजारों भारतीयों ने इस इलाके में अपनी जान कुर्बान की थी. उन्होंने मेजर ठाकुर दलपत सिंह को हीरो ऑफ हाइफा बताया.

    भारत इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा हैः पीएम मोदी
    पीएम मोदी ने कहा कि भारत इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है.  उन्होंने कहा कि कोई भी चीज आतंकवाद को जस्टिफाई नहीं कर सकती. भारत भी आतंकवाद का लंबे समय से पीड़ित रहा है. मुंबई हमलों को याद करते हुए कहा कि इस हमले में इजरायली नागरिक समेत बहुत से लोग मारे गए थे.  इसी के बाद हमने आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है.

    इजरायल की मान्यता और मेरे जन्मदिन का अनोखा नाताः पीएम मोदी
    पीएम मोदी ने कहा कि इजरायली संसद नेसेट को भारतीय रंगों में रंगा गया है, ये हमारे बीच गहरे संबंधों का प्रतीक है. पिछली बार जब मैं आया था, तब ऐसा करने वाला भारत का पहला प्रधानमंत्री बना था. अब मैं दूसरी बार आया हूं. उन्होंने बताया कि मेरा जन्म उसी दिन हुआ, जिस दिन भारत ने इजरायल को मान्यता दी थी.  

    इजरायली संसद में आना मेरे लिए सम्मान की बातः पीएम मोदी
    पीएम मोदी ने नमस्ते से शुरूआत करते हुए कहा कि यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि मैं इस प्रतिष्ठित सदन में खड़ा हूं. भारत के प्रधानमंत्री के रूप में, दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता के प्रतिनिधि के रूप में, मैं 1.4 अरब लोगों की शुभकामनाएं और संदेश लेकर यहां आया हूं.

    मोदी-मोदी के नारों के बीच पीएम मोदी का संबोधन शुरू
    इजरायली संसद को मोदी-मोदी के नारों के बीच पीएम मोदी ने अपना संबोधन शुरू किया.

    पीएम मोदी और मैंने कई चमत्कार किए हैं, बोले नेतन्याहू
    इजरायली पीएम नेतन्याहू ने भूमध्यसागर के तट पर पीएम मोदी के साथ पिछली यात्रा को याद करते हुए कहा कि भारत और इजरायल ने मिलकर कई चमत्कार जरूर किए हैं.

    'भारतीय सैनिकों ने इजरायल के लिए अपनी जान दी, नहीं भूलेंगे '
    इजरायली पीएम नेतन्याहू ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने इजरायल के लिए अपनी जान दी है. इसे हम कभी नहीं भूलेंगे.  

    नेतन्याहू ने कहा, मोदी का गले लगाना दुनिया में मशहूर
    नेतन्याहू ने कहा कि पीएम मोदी के गले लगाने की परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि 'मोदी हग' की वजह ने भारत और इजरायल के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है. नेतन्याहू ने कहा कि हम दोनों के बीच व्यक्तिगत दोस्ती है. दोनों देशों और हमारे लोगों के बीच भी शानदार दोस्ती रही है. आज सुबह मेरी पत्नी सारा और मैंने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया. जैसे ही आप सीढ़ियों से नीचे आए, हमने एक-दूसरे को गले लगा लिया. प्रधानमंत्री मोदी का गले लगना कुछ खास है. इसे मोदी हग कहा जाता है. यह दुनिया भर में मशहूर है, और जब आप किसी को करीब से सच में गले लगाते हैं, तो आप जानते हैं कि यह कोई दिखावा नहीं है, यह असल है.

    नेतन्याहू ने पीएम मोदी को बताया अपना भाई
    नेतन्याहू ने पीएम मोदी के लिए कहा कि वह मेरे लिए मित्र से बढ़कर हैं, मेरे भाई की तरह हैं.

    नेतन्याहू ने पीएम मोदी को कहा- माई डियर फ्रेंड
    इजरायली पीएम नेतन्याहू ने अपने संबोधन में पीएम मोदी को माई डियर फ्रेंड कहकर संबोधित किया.  उन्होंने पीएम को ग्रेट लीडर कहकर संबोधित किया.

    पीएम मोदी को इजरायली संसद में मिला स्टैंडिंग ओवेशन
    इजरायली संसद में पीएम मोदी का सभी ने खड़े होकर स्वागत किया. मोदी-मोदी के नारों के बीच जय हिंद भी गूंजा.

    मोदी-मोदी के नारों के बीच इजरायली संसद में गूंजा- जय हिंद
    इजरायल की संसद में मोदी-मोदी के नारों के बीच प्रधानमंत्री का स्वागत किया गया. इजरायली स्पीकर ने कहा कि पीएम मोदी लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने डिजिटल इनोवेशन की नींव रखी और लाखों लोगों की जिंदगी की नई दिशा. जय हिंद और भारत जिंदाबाद के नारों के बीच कहा कि पीएम मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं, जो इजरायली संसद नेसेट को संबोधन करने वाले हैं.

    तेल अवीव के होटल में प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत
    पीएम मोदी का तेल अवीव के होटल पहुंचने पर रंगारंग स्वागत किया गया. इजरायली और भारतवंशी कलाकारों ने देसी अंदाज में नृत्य-संगीत से समां बांध दिया. भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने उनका जोरदार स्वागत किया.

  • मुख्यमंत्री ने आजीविका मार्ट ग्वालियर, एसएचजी रिटेल आउटलेट जबलपुर और संभाग व जिला स्तर पर होली मेलों का किया वर्चुअली शुभारंभ

    मुख्यमंत्री ने आजीविका मार्ट ग्वालियर, एसएचजी रिटेल आउटलेट जबलपुर और संभाग व जिला स्तर पर होली मेलों का किया वर्चुअली शुभारंभ

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आजीविका मिशन से जुड़ी दीदियाँ एकता की शक्ति का सजीव उदाहरण है। बहनों द्वारा एकजुटता से किए जा रहे प्रयास 'बंद मुट्ठी लाख की' के भाव को चरितार्थ करते हुए देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। बहनें आज ट्रैक्टर से लेकर ड्रोन तक चलाने के साथ गैस और पेट्रोल रिफिलिंग जैसे कार्य भी कर रही हैं। कैफे संचालन से लेकर मार्केट का टारगेट पूरा करने में अव्वल बहनें अचार, पापड़ निर्माण सहित कई छोटे उद्योगों से बेहतर कमाई कर रही हैं। भारतीय संस्कृति में मातृ सत्ता का विशेष महत्व है। राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश की बहनें सशक्त हो रही हैं। प्रदेश के 5 लाख स्व-सहायता समूहों से 65 लाख से अधिक दीदियां जुड़कर सशक्त हुई हैं। इनमें से 12 लाख से अधिक दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं। राज्य सरकार प्रदेश की बहनों के सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व-सहायता समूहों ने एक वर्ष में विभिन्न कंपनी और मेलों के माध्यम से 310 करोड़ रुपए का व्यापार किया है। मध्यप्रदेश, देश का सर्वाधिक प्राकृतिक खेती वाला राज्य है। हमारे स्व-सहायता समूहों की 50 हजार बहनें प्राकृतिक खेती में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में महिला बाल विकास विभाग में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। साथ ही बजट का कुल 34 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण विकास पर खर्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में स्वसहायता समूहों की आजीविका मिशन क्षमतावर्धन कार्यशाला का शुभारंभ कर कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल, कौशल विकास मंत्री  गौतम टेटवाल और पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री मती राधा सिंह उपस्थित थीं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न जिलों के स्व सहायता समूहों की दीदियों द्वारा लगाए गए विभिन्न उत्पादों के स्टालों का अवलोकन कर दीदियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदर्शनी स्थल पर ग्राम छावनी पठार के मिलेट्स कैफे पर स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के 7 वाहनों को झंडी दिखाकर रवाना किया। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की दीदीयों द्वारा तैयार स्पेशल होली हैम्पर को लाँच किया गया। इसमें प्राकृतिक रंग, देशी घी, मिष्ठान, गोकाष्ठ, पूजन सामग्री और टीशर्ट जैसे 10 उत्पाद शामिल हैं। उज्जैन, सागर, कटनी, सीहोर, रीवा जिले की दीदीयों द्वारा तैयार होली हैम्पर पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र (सीएमटीसी) का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण केन्द्र पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आजीविका मार्ट ग्वालियर, जबलपुर एयरपोर्ट पर स्व-सहायता समूहों के रिटेल आउटलेट और संभागीय एवं जिला स्तर पर होली मेलों का वर्चुअली शुभारंभ किया।

    कार्यशाला में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ (एमपीएसआरएलएम) इंडिया पोस्ट, अमेजन सहेली, एक्सेस डेवलपमेंट सर्विस, बुद्धा इंस्टीट्यूट, टीआरआईएफ और साइटसेवर संस्थान के साथ एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट कार्य करने वालीं स्व-सहायता समूहों की 5 दीदियों को सम्मानित किया। कार्यशाला में विपणन क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली गुना जिले की मती मीनाक्षी फरागते ने अपनी सफलता की कहानी सभी के साथ साझा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला उद्यमिता के इतिहास का आज स्वर्णिम दिन है। पारिवारिक स्तर पर मां-बेटियों-बहनों के हाथों से बने व्यंजन पूरे परिवार में आनंद का संचार करते हैं और यह व्यंजन ही त्यौहार की प्रसन्नता का आधार बनते हैं। आजीविका मिशन द्वारा हमारी बहनों के हाथों से बनी सामग्री को वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल सराहनीय है। भारतीय संस्कृति में ऋतुओं से व्यंजनों तथा अन्य उपयोगी सामग्री बनाने का विशेष संबंध है। क्षमतावर्धन की आज की कार्यशाला हमारी बहनों के हुनर और कर्मठता को नई दिशा प्रदान करेगी। घर से निकलकर बैंकों और शासन के सहयोग से स्वयं को व्यापारिक गतिविधियों में सफलतापूर्वक स्थापित करने की बहनों की पहल ने ग्राम स्तर पर विकास को नई गति दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार बहनों को प्रशिक्षण के साथ आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करा रही है। बहनें अपने समूह की शक्ति को बढ़ाएं और नई मंजिलें प्राप्त करें, राज्य सरकार सदैव उनके साथ है।

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  पटेल ने कहा कि स्वसहायता समूहों की दीदियों ने सफलता का मुकाम हासिल किया है। हमारी मातृ शक्ति अपनी क्षमता के बल पर आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देश के विकास में दीदियों की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में बहनों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। मंत्री  पटेल ने कहा कि स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर महिलाओं की सफलता केवल शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके प्रमाण आँकड़ों और जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बहनों से बदलती तकनीक के साथ स्वयं को अपडेट रखते हुए आगे बढ़ने का आव्हान किया। मंत्री  पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश भौगोलिक रूप से देश के बीच में स्थित है, देश का अधिकांश आवागमन मध्यप्रदेश से होता है, इस स्थिति का लाभ उठाते हुए हमें अपने व्यापार-व्यवसाय को बढ़ाने के हरसंभव प्रयास करना चाहिए। उन्होंने आजीविका मिशन के डाक विभाग के साथ हुए एमओयू के संबंध में कहा कि इससे समूहों के उत्पादकों की सप्लाई चेन मजबूत होगी। मंत्री  पटेल होली के अवसर पर नशा और अकर्मण्यता की बुराई को जलाने का सभी से आहवान किया।

    मुख्य कार्यपालन अधिकारी मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन मती हर्षिका सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला विभिन्न जिलों के स्व-सहायता समूहों की दीदियों को उत्पादन और मार्केटिंग में सहायता व मार्गदर्शन प्रदान करेगी। इस कार्यशाला से प्रदेश के विभिन्न जिलों से समूहों को अपने उत्पाद राजधानी भोपाल में प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हुआ है। आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना में प्रदेश के 6 जिले- बैतूल, विदिशा, राजगढ़, कटनी, ग्वालियर एवं भोपाल से 7 एजीईवाय गाड़ियों को हरी झंडी दिखाई गई है। यह गाड़ियां दूर-दराज के क्षेत्रों में दीदियों को आवागमन और उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होंगी। समूह की दीदियों को सीएलएफ के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में अभी 43 रूरल मार्ट संचालित हैं। राज्यमंत्री मती राधा सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव मती दिपाली रस्तोगी, सचिव कृषि  निशांत वरवड़े, चीफ पोस्ट मास्टर जनरल (एमपी सर्कल)  विनोद माथुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित स्व-सहायता समूहों की दीदियां बड़ी संख्या में उपस्थित थीं।

     

  • वीमेन इन साइंस’ थीम के साथ मनाया जायेगा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस

    वीमेन इन साइंस’ थीम के साथ मनाया जायेगा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस

    भोपाल

    मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकास्ट) द्वारा 28 फरवरी को ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के अवसर पर प्रदेश में विज्ञान जागरूकता एवं नवाचार आधारित विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम ‘वीमेन इन साइंस: कैटेलाइजिंग विकसित भारत’ है, जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं की सशक्त भूमिका और विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय सहभागिता को रेखांकित करती है। थीम के अनुरूप आयोजनों में विज्ञान एवं अनुसंधान में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, महिला वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को सम्मानित करने और छात्राओं को विज्ञान के क्षेत्र में करियर के लिए प्रेरित करने पर विशेष बल दिया जाएगा।

    राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 का राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम 28 फरवरी को रवीन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित होगा। कार्यक्रम में महिला वैज्ञानिकों एवं नवाचारकर्ताओं के विचार-विमर्श, विशेषज्ञ व्याख्यान, आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी द्वारा ‘स्टेम शो’ और 41वें युवा वैज्ञानिक सम्मेलन के विजेताओं को पुरस्कार वितरण किया जाएगा। आयोजन में लगभग 1500 विद्यार्थी एवं शिक्षक प्रत्यक्ष रूप से सहभागी होंगे। साथ ही प्रदेश के विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, स्वैच्छिक संगठनों और अनुसंधान संस्थानों से विद्यार्थी, शिक्षक, वैज्ञानिक एवं विज्ञान संचारक कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़ेंगे।

    राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर प्रदेश के 45 जिलों में लगभग 260 शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें विज्ञान मॉडल प्रदर्शनियां, प्रेरक व्याख्यान, विज्ञान जागरूकता गतिविधियां, विद्यार्थी-उन्मुख कार्यक्रम, नवाचार आधारित प्रतियोगिताएं, विज्ञान फिल्म प्रदर्शन, भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान पर संवाद तथा विद्यार्थी–वैज्ञानिक संवाद शामिल होंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य समाज में वैज्ञानिक चेतना और तार्किक सोच को प्रोत्साहित करना है।

    राष्ट्रीय विज्ञान दिवस प्रतिवर्ष 28 फरवरी को महान भारतीय वैज्ञानिक सर सी.वी. रमन द्वारा वर्ष 1928 में ‘रमन प्रभाव’ की खोज की स्मृति में मनाया जाता है। इस खोज के लिए उन्हें वर्ष 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वर्ष 1986 में भारत सरकार ने 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस घोषित किया। इस दिवस का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन को विज्ञान के प्रति प्रेरित करना, वैज्ञानिक उपलब्धियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करना है।

    मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आयोजित यह पहल प्रदेश में वैज्ञानिक सोच, नवाचार संस्कृति एवं लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। परिषद का लक्ष्य महान वैज्ञानिक सी.वी. रमन की विरासत से प्रेरणा लेते हुए “विकसित भारत” के निर्माण में विज्ञान तथा विशेष रूप से महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।