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  • खेल मैदान से सेना-पुलिस भर्ती तक युवाओं की तैयारी, पार्थ योजना से मिलेगा प्रशिक्षण

    खेल मैदान से सेना-पुलिस भर्ती तक युवाओं की तैयारी, पार्थ योजना से मिलेगा प्रशिक्षण

    खेल मैदान से सुरक्षा बलों की भर्ती तक, युवाओं को तैयार करेगा खेल एवं युवा कल्याण विभाग

    पार्थ योजना के अंतर्गत युवाओं को सेना-पुलिस भर्ती की शारीरिक तैयारी का अवसर
    तात्या टोपे स्टेडियम भोपाल में शुरू होगा शारीरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम, करीब 100 सीटें प्रस्तावित; आवेदन की अंतिम तिथि 25 सितंबर

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश के युवाओं को भारतीय सेना, पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए शारीरिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा पार्थ योजना (Police-Army Recruitment Training for Humanity and Hunnar) के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। योजना के तहत युवाओं को भर्ती परीक्षाओं में निर्धारित शारीरिक मापदंडों एवं दक्षता की तैयारी के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। तात्या टोपे राज्य खेल परिसर, भोपाल में शारीरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए करीब 100 सीटें प्रस्तावित की गई हैं।

    25 सितंबर तक आवेदन, करीब 100 सीटों का प्रस्ताव

    खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित करने की अंतिम तिथि 25 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम में करीब 100 सीटें उपलब्ध होंगी, जिनकी संख्या आवश्यकता के अनुसार इससे अधिक भी हो सकती है। प्रशिक्षण की अवधि शारीरिक परीक्षा की अवधि के अनुरूप निर्धारित की जाएगी।

    सुबह और शाम दो सत्रों में होगी शारीरिक तैयारी

    प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत अभ्यर्थियों को प्रतिदिन दो सत्रों में शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। सुबह का प्रशिक्षण समय प्रातः 8 से 10:30 बजे तक तथा शाम का प्रशिक्षण समय शाम 6 से 8 बजे तक निर्धारित किया गया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में निर्धारित शारीरिक मापदंडों एवं दक्षता संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप अभ्यर्थियों को तैयार करना है।

    पुलिस मुख्यालय से संबद्ध प्रधान आरक्षक देंगे प्रशिक्षण

    पार्थ योजना के अंतर्गत तात्या टोपे स्टेडियम, भोपाल में शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश से प्रधान आरक्षक क्रमांक 972 बालेश यादव को छह माह की अवधि के लिए संबद्ध किया गया है। पुलिस विभाग के आदेश क्रमांक पुमु/विसबल/7(4)/1048/2026, दिनांक 31 अगस्त 2026 के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षण कार्य के लिए नियुक्त किया गया है। 9 सितंबर 2026 को 23वीं वाहिनी विसबल, भोपाल से कार्यमुक्त कर उन्हें टाट्या टोपे स्टेडियम में प्रशिक्षण देने के लिए रवाना किया गया।

    10 संभागीय जिला मुख्यालयों से योजना शुरू करने का प्रावधान

    पार्थ योजना के अंतर्गत प्रारंभिक चरण में विभागीय अधोसंरचना का उपयोग करते हुए 10 संभागीय जिला मुख्यालयों में योजना शुरू करने का प्रस्ताव है। जिला खेल अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दिए जाने का प्रावधान है। प्रशिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता और नियमित निगरानी पर जोर दिया गया है।

    योजना का संचालन विभागीय खिलाड़ी प्रशिक्षक कल्याण समिति के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। प्रशिक्षणार्थियों का रिकॉर्ड भी संधारित किया जाएगा, जिससे प्रशिक्षण की प्रगति एवं परिणामों का मूल्यांकन किया जा सके।

    400 मीटर ट्रैक से लेकर हाई जंप उपकरण तक की व्यवस्था

    पार्थ योजना के अंतर्गत शारीरिक प्रशिक्षण केंद्रों के लिए आवश्यक खेल अधोसंरचना की व्यवस्था का प्रावधान है। इसके अंतर्गत 400 मीटर एथलेटिक्स ट्रैक, सिंथेटिक, सिंडर एवं मड ट्रैक की उपलब्धता, लॉन्ग जंप पिट तथा आवश्यक उपकरण और उपयुक्त स्थान की व्यवस्था शामिल है। हाई जंप के लिए राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी बताई गई है।

    एक से 12 माह तक के प्रशिक्षण विकल्प का प्रावधान

    पार्थ योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण की अवधि को तीन स्तरों में विभाजित किया गया है—

    01 वर्ष का प्रशिक्षण : गहन तैयारी के लिए।

    06 माह का प्रशिक्षण : मध्यम अवधि की तैयारी के लिए।

    01 से 03 माह का प्रशिक्षण : त्वरित तैयारी के लिए।

    प्रशिक्षण शुल्क स्थानीय परिस्थितियों एवं जिला स्तरीय समिति के निर्णय के अनुसार निर्धारित किए जाने का प्रावधान है। योजना के अंतर्गत तीन माह के प्रशिक्षण के लिए 4 हजार रुपये, बालिकाओं के लिए तीन माह के प्रशिक्षण के लिए 2 हजार रुपये तथा छह माह के प्रशिक्षण के लिए 8 हजार शुल्क का उल्लेख किया गया है।

    युवाओं में अनुशासन, फिटनेस और रोजगार के अवसर बढ़ाने का उद्देश्य

    पार्थ योजना का उद्देश्य मध्यप्रदेश के युवाओं को सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए शारीरिक रूप से तैयार करना है। योजना के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया है। योजना के अपेक्षित लाभों में युवाओं की शारीरिक क्षमता में वृद्धि, सुरक्षा बलों में भर्ती की सफलता दर को बढ़ावा देना, स्थानीय अधोसंरचना का उपयोग एवं रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहन देना शामिल है।

    नियमित मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन की व्यवस्था

    पार्थ योजना के अंतर्गत योजना की प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग एवं मूल्यांकन के लिए संचालनालय स्तर पर अधिकारी नामांकित किए जाने का प्रावधान है। सभी जिलों की प्रगति रिपोर्ट संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, मध्यप्रदेश को प्रस्तुत की जाएगी। प्रशिक्षणार्थियों की भर्ती सफलता दर को प्रमुख सफलता मानदंड के रूप में मापने का प्रस्ताव है। योजना की त्रैमासिक एवं वार्षिक समीक्षा भी की जाएगी।

     

  • Sugar Price: त्योहार से पहले चीनी के दाम घटे, 65 से 58.5 रुपये किलो हुई कीमत

    Sugar Price: त्योहार से पहले चीनी के दाम घटे, 65 से 58.5 रुपये किलो हुई कीमत

    इंदौर 

     अब त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है. दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ सामने है. ऐसे में चीनी की बढ़ी कीमत ने मन खट्टा कर रखा है. चीनी की कीमत सांतवें आसमान पर है. आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ गया है. ऐसे में सरकार लगातार चीनी की मिठास लौटाने के लिए कदम उठा रही है. जी हां, त्योहारी सीजन से पहले चीनी को लेकर राहत की खबर है. पिछले तीन हफ्तों में चीनी के खुदरा दाम करीब 10% घटकर 65 रुपये से 58.5 रुपये प्रति किलो हो गए हैं. इतना ही नहीं, केंद्र सरकार ने भी बड़ी मात्रा में चीनी इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दी है. इससे त्योहारों के दौरान चीनी की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। 

    टीओआई की खबर के मुताबिक, त्योहारी सीजन से पहले केंद्र सरकार ने शुक्रवार को थोक चीनी उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक रखने की सीमा में ढील दी. अब वे मौजूदा 15 दिनों के बजाय 30 दिनों तक चीनी का स्टॉक रख सकते हैं. इसकी वजह है कि पिछले तीन हफ्तों में खुदरा कीमतों में लगभग 10% की कमी आई है। 

    क्यों अहम है यह कदम
    सरकार की ओर से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब चीनी की खुदरा कीमत लगभग 65 रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर 58.5 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई . हालांकि, त्योहारी सीजन के दौरान मांग बढ़ने की उम्मीद है. कारण कि दुर्गा पूजा से लेकर दिवाली और छठ में मिठाई और पकवानों खूब बनते हैं. इसमें चीनी का यूज होता है. ऐसे में यह तय है कि चीनी की डिमांड बढ़ेगी। 

    अब आपको भी कम कीमत में मिलेगी चीनी
    हालांकि, खाद्य विभाग ने इंडस्ट्री को बताया है कि खुदरा कीमतों में गिरावट चीनी की मिल से निकलने के बाद वाली कीमतों में हुई बड़ी कमी के मुकाबले कम है. विभाग के मुताबिक, मिल से निकलने वाली चीनी की कीमत करीब 25% घट चुकी है, लेकिन सप्लाई चेन के जरिए इसका पूरा फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंचा है. विभाग ने थोक विक्रेताओं, खुदरा दुकानदारों और कारोबार से जुड़े अन्य लोगों से तुरंत कीमतों में हुई कमी का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने को कहा है। 

    एक शर्त के साथ मिली छूट
    थोक उपभोक्ताओं में बड़ी कन्फेक्शनरी बनाने वाली कंपनियां, बिस्किट निर्माता, सॉफ्ट ड्रिंक और बेवरेज कंपनियां, मिठाई विक्रेता और हलवाई शामिल हैं. अभी कच्चे माल के तौर पर हर महीने 10 टन से अधिक चीनी का इस्तेमाल करने वाले औद्योगिक उपभोक्ताओं को 15 दिनों की खपत के बराबर स्टॉक रखने की अनुमति है. विभाग ने कहा कि अब इस सीमा को बढ़ाकर 30 दिन कर दिया गया है, लेकिन एक शर्त के साथ. पुरानी 15 दिनों की सीमा से अधिक जो भी स्टॉक रखा जाएगा, उसे टैरिफ रेट कोटा या एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत आयात की गई चीनी से ही लेना होगा। 

    सरकार ने क्या आदेश दिया
    केंद्र सरकार ने टैरिफ रेट कोटा के तहत 10 लाख टन चीनी के आयात की अनुमति दी है. इसके अलावा एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत खरीदी गई निर्यात के लिए तय चीनी को घरेलू बाजार में बेचने की भी अनुमति दी गई है. वहीं, घरेलू खुले बाजार से खरीदी गई चीनी का स्टॉक अभी भी 15 दिनों की खपत तक ही सीमित रहेगा. सरकार ने थोक उपभोक्ताओं के लिए यह अनिवार्य कर दिया है कि वे हर शुक्रवार को खाद्य विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर अपने चीनी स्टॉक की जानकारी दें। 

  • टेकबॉल में गोल्ड का सपना टूटा, सेमीफाइनल में हारीं क्विम्सी डिसूजा; ब्रॉन्ज की उम्मीद बरकरार

    टेकबॉल में गोल्ड का सपना टूटा, सेमीफाइनल में हारीं क्विम्सी डिसूजा; ब्रॉन्ज की उम्मीद बरकरार

    नई दिल्ली
     भारत की क्विम्सी डिसूजा एशियन गेम्स की टेकबॉल महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल में हार गईं. सेमीफाइनल में उनका सामना इंडोनेशिया की सुमाया के खिलाफ की थी. उन्होंने जुझारू प्रदर्शन से मुकाबले में अपने विरोधी को कड़ी टक्कर देने की कोशिश की, लेकिन गोल्ड मेडल की रेस से अब वह बाहर हो गई हैं. क्विम्सी ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेलेंगी। 

    क्विम्सी मैच में सुमाया पर शुरूआती बढत बनाई थी, लेकिन लय कायम नहीं रख पाई और 12-7, 9-12, 7-12 से वह हार गईं. इससे पहले प्रदेश स्तर पर फुटबॉल और 1500 मीटर दौड़ में भाग लेने वाली मुंबई की इस खिलाड़ी ने ब्राजील के महान फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो को इंस्टाग्राम पर अपना कौशल दिखाते हुए देखने के बाद टेकबॉल खेलना शुरू किया। 

    पहले गेम में क्विम्सी डिसूजा ने बनाई थी बढ़त
    पहले गेम में पूरी तरह नियंत्रण में दिखी डिसूजा ने 12-7 से बढत बना ली थी. लेकिन दूसरे गेम में सुमाया ने वापसी की और मुकाबले को निर्णायक गेम तक ले गई. इसमें लगातार नौ अंक बनाकर उन्होंने डिसूजा को मुकाबले से बाहर कर दिया। 

    डिसूजा अब रविवार को कांस्य पदक का प्लेआफ खेलेगी. टेकबॉल को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है. टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण है. इस खेल का आविष्कार 2014 में हंगरी में फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्जार ने किया था। 

    2017 में पहली बार टेकबॉल का हुआ था विश्व चैंपियनशिप
    पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित की गई थी. टेकबॉल में खिलाड़ी हाथों और बाजुओं को छोड़कर अपने शरीर के लगभग हर हिस्से का उपयोग करते हुए एक मानक आकार की फुटबॉल को एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित घुमावदार टेबल पर उछालते हैं. ऐसे में अब उम्मीद की जा रही है कि एशियन में गेम्स टेक बॉल  को अगर सफलता मिलती है तो यह विश्व पटल पर और भी ज्यादा लोकप्रिय होगी और इस खेल को बढ़ावा मिलेगा। 

  • UP PCS 2026: 500 पदों के लिए रिकॉर्ड अभ्यर्थी मैदान में, बढ़ी प्रतियोगिता

    UP PCS 2026: 500 पदों के लिए रिकॉर्ड अभ्यर्थी मैदान में, बढ़ी प्रतियोगिता

    प्रयागराज

    उत्तर प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (पीसीएस) परीक्षा 2026 के लिए रिकॉर्ड 8.90 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। वर्तमान में विज्ञापित 500 पद से तुलना करें तो एक पद के लिए औसतन 1,780 अभ्यर्थी मैदान में हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस 2026 के 500 पदों के लिए 25 जून से 27 जुलाई तक आवेदन मांगे थे। वैसे तो आयोग ने अभी पीसीएस में 500 पदों की सूचना दी है हालांकि प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी होने से पहले रिक्तियों की संख्या बढ़ना तय है। खास बात यह है कि पिछले एक दशक में इस बार सर्वाधिक तकरीबन नौ लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।

    इससे पहले 2021 में 691173 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। 2018 में 635844 जबकि 2025 में 626387 अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा था। इसकी प्रारंभिक परीक्षा छह दिसंबर को प्रस्तावित है। पीसीएस 2026 में पहली बार मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना से जुड़े युवाओं को आयु में छूट और भारांक दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश लोक सेवाओं (मुख्यमंत्री अध्येतावृत्ति के अनुसंधानविदों के लिए आयु सीमा एवं अधिमान का शिथिलीकरण) नियमावली 2026 के अनुसार मुख्यमंत्री अध्येतावृत्ति कार्यक्रम के अनुसंधानविद् को आयु सीमा में तीन वर्ष तक की छूट और मुख्य परीक्षा में 7.5 अंक तक का अधिमान दिया जाएगा।

    – एक दशक में सर्वाधिक अभ्यर्थी पीसीएस बनने को मैदान में

    – इससे पहले वर्ष 2021 में 691173, 2018 में थे 635844 आवेदन

    – पहली बार मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना से जुड़े युवाओं को आयु में छूट और भारांक मिलेगा

    वर्षवार आवेदकों की संख्या

    2025 6,26,387

    2024 5,76,154

    2023 5,65,459

    2022 6,02,974

    2021 6,91,173

    2020 595696

    2019 544664

    2018 635844

  • वायुसेना की ताकत बढ़ी, तेजस विमानों का बेड़ा पूरा; स्वदेशी जेट से बढ़ेगी क्षमता

    वायुसेना की ताकत बढ़ी, तेजस विमानों का बेड़ा पूरा; स्वदेशी जेट से बढ़ेगी क्षमता

    नई दिल्ली

    हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने शुक्रवार को भारतीय वायुसेना को पूरी तरह स्वदेशी 20 तेजस विमानों की डिलीवरी का अनुबंध पूरा कर लिया। अंतिम खेप में दो सीट वाले दो तेजस प्रशिक्षण विमान वायुसेना को सौंपे गए। इसके साथ ही एचएएल ने वायुसेना के लिए 70 एचटीटी-40 बेसिक प्रशिक्षण विमानों की डिलीवरी के अनुबंध की भी शुरुआत की। निजी विमानन कंपनी पवनहंस को चार ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टर भी सौंपे गए।

    बेंगलुरु में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू की मौजूदगी में विमानों और हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी की गई। अधिकारियों के अनुसार, दिसंबर 2010 में रक्षा मंत्रालय और एचएएल के बीच हुए एफओसी अनुबंध के तहत 20 तेजस विमानों की आपूर्ति होनी थी। इनमें 16 एक सीट वाले लड़ाकू विमान और चार दो सीट वाले प्रशिक्षण विमान शामिल थे।

    पहले ही दिए जा चुके हैं 16 लड़ाकू विमान
    सभी 16 लड़ाकू विमानों और दो प्रशिक्षण विमानों की आपूर्ति पहले ही की जा चुकी थी। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने कहा कि युद्ध की बदलती प्रकृति को देखते हुए स्वदेश में विकसित प्रौद्योगिकियां समय की मांग हैं। अत्याधुनिक नवाचार की आवश्यकता पर जोर देते हुए रक्षा मंत्री ने वैज्ञानिकों और इंजीनियरों से भविष्य की रक्षा जरूरतों को पूरा करने वाली प्रौद्योगिकियां विकसित करने का आग्रह किया।

    क्या है इन विमानों की खासियत
    एचटीटी-40 (हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर-40) स्वदेश में डिजाइन और विकसित किया गया प्रशिक्षक विमान है, जिसे भारतीय रक्षा सेवाओं की शुरुआती प्रशिक्षण जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। एचएएल के एक बयान के अनुसार, एलसीए एफओसी प्रिशक्षु विमान एक हल्का, हर मौसम में काम करने वाला और कई तरह की भूमिकाएं निभाने वाला 4.5-जेनरेशन का विमान है, जिसे मुख्य रूप से वायुसेना की प्रशिक्षण ज़रूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

    बयान के अनुसार, '' इन तकनीकों ने भारत को एक उन्नत दो-सीट वाला लड़ाकू विमान क्षमता विकसित करने और उसे संचालित करने में सक्षम बनाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में ऐसा तंत्र विकसित किया जाना चाहिए, जो असैन्य और सैन्य विमानन दोनों क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा कर सके। सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक संगठनों के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ''हमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों को प्रतिद्वंद्वी के रूप में नहीं देखना चाहिए।' अत्याधुनिक नवाचार की आवश्यकता पर जोर देते हुए सिंह ने वैज्ञानिकों और अभियंताओं से भविष्य की रक्षा जरूरतों को पूरा करने वाली प्रौद्योगिकियां विकसित करने का आग्रह किया।

  • CM डॉ. यादव से पद्म सम्मानित लोहिया की मुलाकात, तीसरी बार इंग्लिश चैनल पार करने निकलेंगे

    CM डॉ. यादव से पद्म सम्मानित लोहिया की मुलाकात, तीसरी बार इंग्लिश चैनल पार करने निकलेंगे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पद्मसम्मानित लोहिया ने की सौजन्य भेंट

    तीसरी बार इंग्लिश चैनल पार करने के अभियान पर लंदन रवाना होंगे लोहिया

    भोपाल 
    अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग तैराक एवं पद्मपुरस्कार से सम्मानित सत्येंद्र सिंह लोहिया ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से नई दिल्ली स्थित मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपने तीसरी बार इंग्लिश चैनल पार करने के आगामी अभियान की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोहिया को अभियान के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल प्रयास की कामना की।

    दिव्यांग तैराक सत्येंद्र सिंह लोहिया 19 सितंबर 2026 को अपनी टीम के साथ दिल्ली से लंदन रवाना होंगे। उनकी टीम द्वारा 24 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच मौसम एवं समुद्री परिस्थितियों के अनुकूल होने पर इंग्लिश चैनल पार करने का प्रयास किया जाएगा। टीम 6 अक्टूबर को भारत वापस लौटेगी। मध्यप्रदेश की टीम में ग्वालियर के रामबरन पाल और भिंड के गजेंद्र सिंह टीम सदस्य तथा श्योपुर के मुजीब खान कोच के रूप में शामिल हैं।

    दिव्यांग तैराक लोहिया को मध्यप्रदेश सरकार के प्रतिष्ठित विक्रम पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2024 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मसे सम्मानित किया। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए प्रदेश और देश का नाम गौरवान्वित किया है। उनके नाम लगभग 40 राष्ट्रीय पदक हैं। हाल ही में 12 फरवरी 2026 को उन्होंने न्यूजीलैंड के उत्तरी द्वीप और दक्षिणी द्वीप को अलग करने वाली कुक स्ट्रेट को 9 घंटे 22 मिनट में पार कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट में लोहिया ने कहा कि इंग्लिश चैनल पार करने का यह अभियान प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय है। उनका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करने के साथ ही युवाओं एवं दिव्यांग खिलाड़ियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करना है।

     

  • छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने आगे आएं इवेंट मैनेजर्स : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

    छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने आगे आएं इवेंट मैनेजर्स : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

    छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने आगे आएं इवेंट मैनेजर्स : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

    'छत्तीसगढ़ में इवेंट मैनेजमेंट और पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं'

    'इकॉन-2026' में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री

    रायपुर.
    उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज रायपुर में आयोजित 'इकॉन-2026' इवेंट एंड एंटरटेनमेंट कॉन्क्लेव में शामिल हुए। उन्होंने देशभर से आए इवेंट मैनेजर्स का स्वागत करते हुए कहा कि इवेंट मैनेजमेंट आज एक बड़े उद्योग के रूप में उभर रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

    साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों में अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश की नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। छत्तीसगढ़ मैरिज डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। इवेंट इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के प्रयासों से प्रदेश को बड़ा लाभ मिल सकता है।

    साव ने देश के विभिन्न प्रदेशों से आए मेहमानों से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग स्थानों की यात्रा करें और यहां की संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, पर्यटन की संभावनाओं से परिचित हों। छत्तीसगढ़ में बहुत कुछ है, जिसे देश-दुनिया तक पहुंचाने की आवश्यकता है।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉन्क्लेव में सभी एक-दूसरे के अनुभव साझा करें और नए अवसरों पर मिलकर काम करें। इवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में नवाचार से प्रदेश में पर्यटन एवं आर्थिक विकास में मदद मिलेगी। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

  • गोल्फ के ग्लोबल मैप पर उभर रहा नवा रायपुर, विश्वस्तरीय सुविधाएं बन रहीं पहचान : अरुण साव

    गोल्फ के ग्लोबल मैप पर उभर रहा नवा रायपुर, विश्वस्तरीय सुविधाएं बन रहीं पहचान : अरुण साव

    गोल्फ के ग्लोबल मैप पर उभर रहा नवा रायपुर, विश्वस्तरीय सुविधाएं बन रहीं पहचान : अरुण साव

    डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन में खलिन एच. जोशी बने विजेता, उप मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को किया पुरस्कृत

    रायपुर
    नवा रायपुर अब केवल आधुनिक शहर के रूप में नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं और बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन गोल्फ टूर्नामेंट-2026 के पुरस्कार वितरण समारोह में उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि नवा रायपुर का वर्ल्ड क्लास फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब छत्तीसगढ़ में गोल्फ के बढ़ते आकर्षण और विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं की पहचान बन रहा है। साव ने प्रतियोगिता के विजेता खलिन एच. जोशी सहित उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए और सभी प्रतिभागियों को शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। 

    उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि प्रदेश में इस तरह के बड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंटों का आयोजन यहां की खेल संभावनाओं को नई दिशा देता है। ऐसे आयोजन छत्तीसगढ़ की गोल्फ प्रतिभाओं के लिए बड़े मंच का काम करते हैं। देश-दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों की मौजूदगी में होने वाली प्रतियोगिताओं से स्थानीय खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलता है और उन्हें अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की प्रेरणा मिलती है।

    साव ने डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन के सफल आयोजन के लिए पीजीटीआई अध्यक्ष कपिल देव और उनकी पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख खेल आयोजनों के मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर मंच देने के ऐसे प्रयास लगातार जारी रहेंगे। प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना का विस्तार कर खिलाड़ियों के लिए ऐसे अवसर तैयार किए जाएंगे, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखारकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर सकें।

  • ‘ आशीर्वाद का दीया’ से रोशन हुआ सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, बच्चों और परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु जीवन की कामना की

    ‘ आशीर्वाद का दीया’ से रोशन हुआ सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, बच्चों और परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु जीवन की कामना की

    ‘ आशीर्वाद का दीया’ से रोशन हुआ सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, बच्चों और परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु जीवन की कामना की 

    रायपुर
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस एवं सार्वजनिक जीवन में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में दीर्घ सेवा के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प’ कार्यक्रम की कड़ी में नया रायपुर स्थित सत्य साईं संजीवनी सेंटर फॉर चाइल्ड हार्ट केयर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    कार्यक्रम में अस्पताल परिसर को बड़ी संख्या में दीपों से सजाया गया। उपचाररत बच्चों, उनके परिजनों एवं उपस्थित नागरिकों ने दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की।

    सत्य साईं संजीवनी अस्पताल जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को पूर्णतः निःशुल्क बाल हृदय चिकित्सा एवं सर्जरी उपलब्ध कराने वाला प्रमुख संस्थान है। नया रायपुर में इसकी यात्रा वर्ष 2012 में प्रारंभ हुई और फरवरी 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी परिसर में ‘सौभाग्यम’ का उद्घाटन किया था। 

    ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान के अंतर्गत देश के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों के साथ-साथ नागरिकों द्वारा अपने घरों में भी दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं व्यक्त की जा रही हैं।

    नया रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में अंजय शुक्ला, उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त), मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रभारी के रूप में अभिषेक धनगर उपस्थित रहे। अस्पताल से जुड़े लोगों, बच्चों एवं उनके परिजनों की सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष भावनात्मक स्वरूप प्रदान किया।

    दीपों से जगमगाते अस्पताल परिसर में सामूहिक दीप प्रज्वलन के माध्यम से सेवा, सद्भावना और शुभकामना का संदेश दिया गया।

  • चकबंदी को लेकर योगी सरकार ने दिखाई तेजी, 13 गांव प्रक्रिया से नियमानुसार अलग

    चकबंदी को लेकर योगी सरकार ने दिखाई तेजी, 13 गांव प्रक्रिया से नियमानुसार अलग

    चकबंदी को लेकर योगी सरकार ने दिखाई तेजी, 13 गांव प्रक्रिया से नियमानुसार अलग 

    जमीन से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण होने से किसानों को मिली बड़ी राहत

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में लंबित चकबंदी प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसका उद्देश्य किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उनकी जमीन से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है।

    चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद के निर्देश पर छह जिलों के 13 गांवों को जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-6(1) के तहत चकबंदी प्रक्रिया से अलग किया गया है। इनमें मैनपुरी का भांती गांव 35 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया में था। बदायूं का सिरतौल गांव 14 वर्ष, उन्नाव के दरौली, पीखी, सर्लीद और निहालपुर व लखनऊ के शिवपुरी गांव 12 वर्ष से प्रक्रिया में थे। बरेली का कादरगंज 10 वर्ष से चकबंदी प्रक्रिया में लंबित था। इसके अलावा बिजनौर के हसनअलीपुर व बैबलवाला और बदायूं के बक्सेना व इमलिया गांवों को भी प्रक्रिया से अलग किया गया है। इन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया आगे बढ़ने में विभिन्न कारणों से दिक्कत आ रही थी। इनमें गांवों का विकास योजना में आना, नदी के कटान से प्रभावित होना, चकबंदी योग्य क्षेत्रफल 40 प्रतिशत से कम होना, औद्योगिक विकास क्षेत्र में शामिल होना जैसे अन्य कारण शामिल हैं।

    वहीं, मुजफ्फरनगर के पीपलशाह गांव में 16 वर्षों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया को काफी प्रयासों के बाद जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-52(1) के तहत पूरा कर लिया गया है। इससे लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।