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  • जहरीली शराब कांड में बुलडोजर एक्शन पर हाईकोर्ट की रोक, आरोपी के घर हुई थी कार्रवाई

    जहरीली शराब कांड में बुलडोजर एक्शन पर हाईकोर्ट की रोक, आरोपी के घर हुई थी कार्रवाई

    जबलपुर 
     सागर जिले में जहरीली शराब कांड में प्रशासन व पुलिस विभाग द्वारा आरोपियों के घरो पर बुलडोजर कार्रवाई व परिजनों को अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी. हाईकोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को राहत प्रदान की है। 

    मामले में आरोपी बनाया गया था शराब ठेकेदार
    दरअसल, जहरीली शराब कांड के आरोपी सिद्धार्थ कुशावाहा व उसकी मां की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस व प्रशासन द्वारा आरोपियों के खिलाफ अवैधानिक तरीके से कार्रवाई की जा रही है. इसी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी गई. याचिका में कहा गया था कि पुलिस द्वारा दर्ज 36 एफआईआर में से सिर्फ एक एफआईआर में याचिकाकर्ता सिद्धार्थ कुशवाहा को आरोपी बनाया गया है. उस पर आरोप है कि उसकी दुकान से शराब खरीदकर पीने के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई है। 

    बुलडोजर कार्रवाई में निर्देशों का पालन नहीं
    याचिका में आगे बताया गया कि प्रशासन द्वारा उसकी शराब दुकान का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है. इसके अलावा पत्थर के क्रशर की लीज को भी निरस्त कर दिया है. याचिका में कहा गया था कि प्रशासन द्वारा बुलडोजर एक्शन के तहत उसके घर की बाउंड्री वॉल और प्रॉपर्टी का कुछ हिस्सा भी गिराया दिया गया है. इसके अलावा पुलिस परिवार के सदस्यों को भी पूछताछ के नाम पर कभी भी थाने बुलाती है या जबरदस्ती ले जाती है. याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अंषुमान सिंह ने एकलपीठ को बताया कि प्रशासन द्वारा की जा रही बुलडोजर कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए 'डायरेक्शन ऑफ मैटर इन डिमोलिशन ऑफ स्ट्रक्चर्स' मामले में जारी निर्देशों का पालन नहीं किया गया है। 

    कोर्ट ने याचिकाकर्ता को दी राहत
    इसके अलावा पुलिस द्वारा पूछताछ के नाम पर परिजनों को अनावश्यक रूप से परिजनों को परेशान किया जाना भी अवैधानिक है. याचिका पर जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने गुरुवार व शुक्रवार को सुनवाई के बाद याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए अपने आदेश में कहा है कि नियम विरुद्ध तरीके से याचिकाकर्ता की प्रॉपर्टी को क्षतिग्रस्त नहीं किया जाए और अनावश्यक रूप से परिजनों को भी परेशान न किया जाए। 

  • CM साय का आज रायपुर और सरगुजा दौरा, कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल

    CM साय का आज रायपुर और सरगुजा दौरा, कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल

    रायपुर.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 सितंबर को दोपहर साढ़े बारह बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 20वें रोजगार मेले से जुड़ेंगे. इस अवसर पर वे देशभर के विभिन्न सरकारी विभागों व संगठनों में नवनियुक्त 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे तथा चयनित अभ्यर्थियों को संबोधित करेंगे.

    रायपुर में रोजगार मेले का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार साइंस कॉलेज परिसर जीई रोड में किया जाएगा. कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे. रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से 125 अभ्यर्थी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहेंगे। रायपुर में केंद्रीय राज्यमंत्री नियुक्ति पत्र वितरण करेंगे.

    PM मोदी रोजगार मेले में युवाओं से होंगे रूबरू
    रायपुर.
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर और सरगुजा जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11:25 बजे रायपुर स्थित एक निजी रिजॉर्ट पहुंचेंगे, जहां वे 4th Annual BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव में शामिल होंगे. इसके बाद दोपहर पुलिस मुख्यालय हेलीपैड पहुंचेंगे और हेलीकॉप्टर से अंबिकापुर के लिए रवाना होंगे. मुख्यमंत्री दोपहर 1:25 बजे अंबिकापुर के राजमोहिनी देवी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय मैदान पहुंचेंगे. यहां से 1:40 बजे एक निजी होटल में आयोजित अग्र महाकुंभ 2026 कार्यक्रम में शामिल होंगे. दोपहर 3:40 बजे अंबिकापुर से रवाना होकर 3:55 बजे सूरजपुर के बिश्रामपुर स्थित अयप्पा ग्राउंड हेलीपैड पहुंचेंगे. इसके बाद शाम 4:10 बजे बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन मुख्य मार्ग पहुंचेंगे. मुख्यमंत्री शाम 5:55 बजे वापस रायपुर लौटेंगे.

  • आगर-मालवा में दर्दनाक हादसा, नाले में गिरी कार; 3 बच्चों और 2 महिलाओं समेत 8 श्रद्धालुओं की मौत

    आगर-मालवा में दर्दनाक हादसा, नाले में गिरी कार; 3 बच्चों और 2 महिलाओं समेत 8 श्रद्धालुओं की मौत

    आगर-मालवा 

    आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में मां बगलामुखी मंदिर के पास शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के समीप बरसाती नाले में श्रद्धालुओं से भरी कार बह गई। हादसे में कार सवार 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मृतकों में 3 बच्चे, 2 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल है। 

    जानकारी के मुताबिक, श्रद्धालु मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए नलखेड़ा पहुंचे थे। बरसाती नाले को पार करते समय उनकी कार तेज बहाव की चपेट में आकर पानी में बह गई। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। बचाव अभियान शुरू किया गया। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है।

    कार सवार श्रद्धालु नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान मंदिर के पास मौजूद बरसाती नाले को पार करते समय उनकी कार अचानक तेज पानी के बहाव की चपेट में आ गई. देखते ही देखते पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि कार नाले में बह गई। 

    तेज बहाव के आगे नहीं टिक सकी कार
    बताया जा रहा है कि बारिश के बाद बरसाती नाले में पानी का बहाव काफी तेज था. इसी दौरान कार चालक ने नाले को पार करने की कोशिश की. पानी की तेज धार में वाहन असंतुलित हो गया और बह गया. हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. जिस कार के हादसे का शिकार होने की जानकारी सामने आई है, उसका नंबर मध्य प्रदेश का ही है। 

    सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम
    हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई. नाले में बही कार और उसमें सवार लोगों की तलाश के लिए तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया. रेस्क्यू टीम ने नाले के आसपास के हिस्से में भी तलाशी अभियान चलाया. एक अधिकारी ने बताया कि शवों को बाहर निकाल लिया गया है. उनकी पहचान की जा रही है. सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा. प्रशासन ने अपील की है नाले के आसपास न आएं। 

    हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए. मौके पर लोगों की भीड़ जुटने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया. प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने और राहत-बचाव अभियान को व्यवस्थित तरीके से चलाने का प्रयास किया जा रहा है। 

    बरसाती नाले में बह गई कार
    बताया जा रहा है कि बारिश के बाद बरसाती नाले में पानी का बहाव तेज था। श्रद्धालुओं की कार नाले के पास पहुंची। तेज बहाव में संतुलन बिगड़ने के बाद बह गई। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    हादसे में कार सवार सभी 8 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अभी तक मृतकों की आधिकारिक पहचान नहीं हो पाई है। प्रशासन की टीम शवों को बाहर निकालने और पहचान की प्रक्रिया में जुटी है।

    प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर
    हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। नाले में बही कार और उसमें सवार लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस और प्रशासन की टीम ने राहत-बचाव कार्य संभाला।

    बताया जा रहा है कि कार सवार श्रद्धालु नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। मां बगलामुखी मंदिर आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में लखुंदर नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहां देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

  • पेट्रोल पंपों पर UPI पेमेंट से दूरी! ऑनलाइन भुगतान को ‘NO’, कैश पर जोर

    पेट्रोल पंपों पर UPI पेमेंट से दूरी! ऑनलाइन भुगतान को ‘NO’, कैश पर जोर

    नई दिल्ली
     देशभर में UPI पर चार्ज के खिलाफ अब विरोध तेज होता जा रहा है। दिल्ली-NCR समेत देशभर में कई जगहों पर अब "No UPI, Only Cash" के पोस्टर लगा दिए गए हैं। दिल्ली के कई पेट्रोल और सीएनजी पंप से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जहां पर ये पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं। ग्राहकों से पेमेंट कैश या कार्ड में लेने की मांग की जा रही है। आपको बता दें कि पेट्रोल पंप एसोसिएशन ट्रेड यूनियन समेत कई संगठनों ने इस चार्ज का विरोध किया है और कहा है कि चार्ज लगेगा तो धीरे-धीरे सभी जगहों पर "No UPI, Only Cash" का बोर्ड लग जाएगा।

    दिल्ली के व्यापारियों ने किया विरोध
    दिल्ली के कश्मीरी गेट मार्केट के व्यापारियों ने यूपीआई ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगाने के सरकार के फैसले का विरोध करने के लिए अपनी दुकानों पर 'नो यूपीआई' के पोस्टर लगाए हैं। व्यापारियों का ये विरोध प्रदर्शन गुरुवार को चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के अध्यक्ष बृजेश गोयल के नेतृत्व में हुआ। पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने क्लियर कर दिया है कि इस चार्ज से ग्राहकों की ही परेशानी बढ़ेगी। क्योंकि पहले से ही काफी कम मार्जिन मिलता है। एक और बोझ पेट्रोप पंप मालिक नहीं संभाल पाएंगे और यूपीआई का ट्रांजेक्शन कम करना पड़ जाएगा।

    होलसेल कारोबारी भी खिलाफ
    दिल्ली के होलसेल मार्केट के कारोबारी भी यूपीआई ट्रांजेक्शन पर चार्ज के खिलाफ हैं। दुकानदारों ने 'नो यूपीआई' के पोस्टर लगा दिए हैं। नए चार्ज के खिलाफ प्रोटेस्ट किया गया है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष ने कहा कि ये फैसला डिजिटल इंडिया की मुहिम को बड़ा झटका साबित हो सकता है। ग्रेटर नोएडा के एक सीएनजी पंप से भी नो यूपीआई ओनली कैश के पोस्टर लगा वीडियो सामने आया है। जहां यूपीआई से पेमेंट लेने पर पेट्रोल पंप की ओर मना करते हुए सिर्फ कैश देने की अपील की गई। व्यापारियों ने कहा कि सरकार को चार्ज लगाने के बजाय UPI ट्रांजैक्शन के लिए सब्सिडी देनी चाहिए और चेतावनी दी कि अगर प्रस्तावित MDR लागू किया गया तो वे आंदोलन करेंगे। 

    उत्तराखंड में भी व्यापारियों का विरोध
    दून उद्योग व्यापार मंडल और अन्य स्थानीय व्यापारी संगठनों ने कहा कि व्यापारी पहले से ही इनकम टैक्स और GST दे रहे हैं और UPI ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त लागत उठाने को तैयार नहीं होंगे। पलटन बाजार व्यापार मंडल के अध्यक्ष पारस गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों ने सरकार के डिजिटल ट्रांजैक्शन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के बाद UPI पेमेंट अपनाना शुरू किया था। उन्होंने कहा, "जैसा कि सरकार शुरू से कहती आ रही है, हम पारदर्शिता लाने के लिए UPI पेमेंट स्वीकार करेंगे, ऑनलाइन काम करेंगे और ऑनलाइन पेमेंट लेंगे। लेकिन इसके बावजूद, अगर टैक्स सिर्फ हम कारोबारियों पर लगाया जाएगा और इसका नुकसान कारोबारियों को ही उठाना पड़ेगा। मैं इसका कड़ा विरोध करता हूं।"

    UPI ट्रांजैक्शन पर लगेगा चार्ज
    बता दें कि जगह-जगह से ये प्रतिक्रियाएं तब आई हैं, जब नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने मंगलवार को एक नया मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क पेश किया, जिसके तहत 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत का MDR लगेगा, जबकि ग्राहक UPI का इस्तेमाल करके मुफ़्त में ट्रांजैक्शन करते रहेंगे। संशोधित UPI MDR फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर, 2026 से लागू होगा और यह केवल चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगा। नए फ्रेमवर्क के तहत, 2,000 रुपये से ज़्यादा के पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत का MDR लगेगा, जिसमें प्रति ट्रांजैक्शन MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी। 

  • छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड: 11 महीने बाद दवा विक्रेता को जमानत, 24 बच्चों की हुई थी मौत

    छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड: 11 महीने बाद दवा विक्रेता को जमानत, 24 बच्चों की हुई थी मौत

    छिंदवाड़ा 
     छिंदवाड़ा कप सिरप कांड के एक आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत का लाभ मिल गया है. हाईकोर्ट जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने दवा के थोक विक्रेता राजेश सोनी को जमानत का लाभ प्रदान किया है. गुरुवार को छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड के दो आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें से एक आरोपी की जमानत खारिज कर दी गई, तो वहीं राजेश सोनी को जमानत का लाभ मिला गया। 

    जहरीले कफ सिरप से हुई थी 24 बच्चों की मौत
    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप के कारण 24 बच्चों की मौत हो गई थी. पुलिस ने जांच में पाया था कि कफ सिरप में 46 प्रतिशत डीआईडी था. पुलिस ने जांच के बाद कफ सिरप बनने वाली कंपनी श्रीसन के मालिक रंगनाथन गोविंदन, केमिस्ट सहित तीन डॉक्टर सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था. पूर्व में प्रकरण में आरोपी बनाई गई ज्योति सोनी व सौरभ को जमानत का लाभ मिल गया था। 

    दवा विक्रेता को भी बनाया गया था आरोपी
    इस घटना में कई बच्चों की मौत के बाद दवा के थोक विक्रेता राजेश सोनी के खिलाफ भी पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था. राजेश सोनी को पुलिस ने आरोपी बनाते हुए अक्टूबर 2025 में गिरफ्तार किया था. दवा विक्रेता की ओर से पेश किए गए जमानत आवेदन में तर्क दिया गया कि दवा के निर्माण में उनकी कोई भूमिका नहीं थी. दवा का स्टॉक आने पर उन्होंने उसकी बिक्री की थी. वह विगत 11 माह से न्यायिक हिरासत में है. ऐसे में उन्हें जमानत का लाभ दिया जाए। 

    एकलपीठ ने सुनवाई के बाद दवा विक्रता को जमानत का लाभ प्रदान कर दिया. हालांकि, प्रकरण में एक और आरोपी डॉ. एस एस ठाकुर को जमानत का लाभ नहीं दिया, जिसके बाद डॉ. एसएस ठाकुर की ओर से जमानत आवेदन वापस लेने का आग्रह किया गया. एकलपीठ ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए आवेदन को निरस्त कर दिया। 

  • निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया समेत 3 आरोपियों के वारंट जारी, मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के आदेश

    निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया समेत 3 आरोपियों के वारंट जारी, मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के आदेश

    कटनी
     निलंबित फरा
    र सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित दो अन्य आरोपितों के खिलाफ जिला न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। मामले की जांच और गिरफ्तारी का प्रयास कर रही एसआईटी ने जिला न्यायालय में निलंबित सीएसपी सहित उनके सहयोगी क्षितिज राज और मारूफ अहमद के खिलाफ मियादी वारंट जारी करने को लेकर आवेदन दिया था।

    शुक्रवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मनीषा जैन तिवारी की अदालत ने तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं और  25 सितंबर तक की मियाद निर्धारित की है। निर्धारित तिथि तक न्यायालय ने पुलिस को तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए हैं।

    भ्रष्टाचार और हत्यारोपित को बचाने के गंभीर आरोप
    निलंबित सीएसपी सहित तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार, हत्या के आरोपितों को बचाने साजिश करने और करोड़ों की जमीन को दवाब बनाकर महज 18 लाख रुपये में अपने नाम करा लेने का आरोप है। तीनों ने जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत अर्जी लगाई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था।

    आरोपितों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने के साथ पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने गिरफ्तारी पर दस हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है और एक माह का समय बीतने तक पुलिस तीनों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

    हाईकोर्ट में भी चल रही सुनवाई
    इधर निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया से संबंधित मामला हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ में भी विचाराधीन है। उनकी ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने अगली सुनवाई से पहले जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

    मामले में 21 सितंबर को अगली सुनवाई प्रस्तावित है, जिसमें याचिकाकर्ता की ओर से मांगी गई अंतरिम राहत पर विचार किया जाना है। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा का कहना है कि कुठला थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध के मामले में जिला न्यायालय ने तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं।

    1 करोड़ की जमीन महज 15 से 20 लाख रुपये में खरीदी गई
    इसके एवज में उन्होंने आरोपियों की जमीन बहुत कम दर में अपने एजेंट के नाम पर खरीदी है. उक्त जमीन मारूफ अहमद हनफी के नाम पर खरीदी गई थी. जबकि उसके बैंक खाते में जमीन खरीदने से पहले महज कुछ हजार रुपये थे. मारूफ के बैंक खाते में क्षितिज राज पात्रे ने राशि ट्रांसफर की थी, जिसके बाद एक करोड़ रुपये की जमीन को महज 15 से 20 लाख रुपये में खरीदी गयी थी. विभागीय स्तर पर जांच के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। 

    निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया तथा क्षितिज राज पात्रे ने अग्रिम जमानत के लिए जिला न्यायालय में आवेदन दायर किया था. जिला न्यायालय द्वारा आवेदन खारिज किये जाने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी. याचिका की सुनवाई के दौरान उनकी तरफ से दर्ज एफआईआर पर रोक लगाये जाने की मांग करते हुए आवेदन दायर किया गया था. एकलपीठ ने आवेदन पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखने का आदेश जारी किया है।  

  • बस्तर में 6 लाख से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग, 891 में मिला गंभीर सिकल सेल

    बस्तर में 6 लाख से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग, 891 में मिला गंभीर सिकल सेल

    जगदलपुर.

    बस्तर में सिकल सेल बीमारी की पहचान के लिए चल रही स्क्रीनिंग में बड़ी संख्या में मरीज सामने आए हैं. 31 अगस्त तक जिले में 6 लाख 17 हजार 552 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है. यह निर्धारित 5 लाख 82 हजार 631 के लक्ष्य का 106 प्रतिशत है.

    स्क्रीनिंग में सिकल सेल के गंभीर रूप एसएस के 891 मरीज चिन्हित किए गए हैं. इनमें सबसे ज्यादा 141 मरीज बकावंड, 134 तोकापाल और 97 जगदलपुर ग्रामीण क्षेत्र में मिले हैं. कुल 891 मरीजों में 596 बस्तर जिले के हैं, जबकि 295 मरीज अन्य जिलों या राज्यों से संबंधित बताए गए हैं. स्क्रीनिंग में 8,065 एएस वाहक भी चिन्हित किए गए हैं, जिससे जागरूकता और नियमित जांच की जरूरत सामने आती है. स्वास्थ्य विभाग अब चिन्हित मरीजों का दस्तावेजीकरण कर उन्हें उपचार और सरकारी योजनाओं से जोड़ने में जुटा है.

    विशेषज्ञ परिवार में बीमारी का इतिहास होने पर जांच और विवाह से पहले दोनों पक्षों की स्क्रीनिंग की सलाह दे रहे हैं. मेकाज अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू के मुताबिक समय पर जांच और चिकित्सकीय परामर्श से बीमारी के जोखिम को समझने में मदद मिलती है. बस्तर में स्क्रीनिंग का आंकड़ा लक्ष्य से आगे निकलना अभियान की पहुंच दिखाता है, लेकिन मरीजों के नियमित फॉलोअप की चुनौती भी सामने है.

  • बस्तर में नवाखाई तिहार की शुरुआत, इंद्रावती तट पर लगी विशेष सेवा अर्जी

    बस्तर में नवाखाई तिहार की शुरुआत, इंद्रावती तट पर लगी विशेष सेवा अर्जी

    जगदलपुर.

    बस्तर में ‘नया खानी’ (नवाखाई) तिहार की शुरूआत हो गई है, नवखाई से पूर्व जगदलपुर के घाटकवाली में स्थानीय ग्रामीणों ने सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए इंद्रावती नदी के तट पर एकत्रित होकर एक विशेष सेवा अर्जी का आयोजन किया.

    इस अवसर पर ग्रामीणों ने जल की देवी, जलनी (माता) आया को श्रद्धापूर्वक सोने की नाव और चांदी का पतवार भेंट की. इस अनोखी भेंट के साथ ही ग्रामीणों ने सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और बिना किसी विघ्न-बाधा के नया खानी त्यौहार को हर्षोल्लास के साथ मनाने के लिए जलनी आया से अनुमति मांगी. आस्था और परंपरा का अनूठा संगम बस्तर के जनजातीय समाज में कृषि और प्रकृति से जुड़े त्यौहारों का विशेष महत्व है. ‘नया खानी’ तिहार नई फसल के आने की खुशी में मनाया जाता है, जिसमें खेतों से आई नई फसल (धान) का भोग सबसे पहले देवी-देवताओं और पूर्वजों को लगाया जाता है, घाटकवाली गांव की मान्यता के अनुसार, इंद्रावती नदी और उनकी देवी ‘जलनी आया’ घाटकवाली की जीवनदायिनी हैं.

    ग्रामीणों का अटूट विश्वास है कि जलनी आया की अनुमति और आशीर्वाद के बिना कोई भी शुभ कार्य पूर्ण नहीं हो सकता, यही कारण है कि पुरखों से चली आ रही परंपरा अनुसार सोने की नाव और चांदी का पतवार अर्पित कर जलनी आया को प्रसन्न किया गया, ताकि गांव पर उनका आशीर्वाद हमेशा बना रहे, पारंपरिक अनुष्ठान के दौरान गांव के बैगा, सिरहा, पुजारी और मांझी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण इंद्रावती नदी के घाट पर एकत्रित हुए, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच पूजा की रस्में पूरी की गईं.

  • CM मोहन यादव को पीछे बैठाकर छात्रा ने दौड़ाई स्कूटी, साथ-साथ दौड़े सुरक्षाकर्मी

    CM मोहन यादव को पीछे बैठाकर छात्रा ने दौड़ाई स्कूटी, साथ-साथ दौड़े सुरक्षाकर्मी

    भोपाल 
    MP के मेधावी छात्रों को आज बड़ी सौगात मिली है। इन छात्र छात्राओं को सरकार की ओर स्कूटी दी जा रही है। भोपाल के शिवाजी नगर के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव ने ऐसे कुछ बच्चों को सांकेतिक रूप से स्कूटी की चाबी दी। स्टूडेंट के खातों में वाहन की राशि भी ट्रांसफर की। कार्यक्रम में एक छात्रा ने सीएम मोहन यादव को पीछे बैठाकर स्कूटी दौड़ाई, उनके साथ साथ सुरक्षाकर्मी भी भागते दिखे।कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, मंत्री कृष्णा गौर और मंत्री विजय शाह भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

    स्कूटी पर बैठे सीएम
    छात्र और छात्राएं स्कूटी पाकर बेहद खुश थे। सीएम मोहन यादव भी स्कूटी पर बैठे और एक छात्रा ने स्कूटी चलाई। सीएम हेलमेट लगाकर स्कूटी पर बैठे थे। सीएम मोहन यादव ने बच्चों को स्कूटी देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। 

    मुख्यमंत्री ने स्कूटी प्राप्त करने वाली छात्रा से बातचीत की
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूटी प्राप्त करने वाली छात्रा खुशी राय से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि वह आगे की पढ़ाई के लिए किस विषय में एडमिशन ले रही हैं। खुशी ने बताया कि वह सीए की तैयारी कर रही हैं और साथ में बीकॉम कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने उसके परिवार के बारे में भी पूछा। खुशी ने बताया कि परिवार में उसके मम्मी-पापा हैं। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रा से हल्के-फुल्के अंदाज में परिवार को लेकर बातचीत की और उसे स्कूटी मिलने पर बधाई देते हुए आगे की पढ़ाई के लिए शुभकामनाएं दीं।

    पेंटिंग्स देख खुश हुए सीएम
    सीएम मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान बच्चों की ओर से बनाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इसमें बच्चों ने आकर्षक पेंटिंग्स बनाई थी। सीएम ने बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा और कल्पनाशीलता की सराहना की। सीएम ने बच्चों से पेंटिंग्स के बारे में अनेक प्रश्न किए, जिसके बारे मे बच्चों ने उन्हें इसके बारे में बताया।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, मंत्री कृष्णा गौर और मंत्री विजय शाह मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान विद्यार्थियों के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं।

    मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के पात्रता नियमों में इस साल बदलाव किया गया है। वर्ष 2026 से योजना का लाभ लेने के लिए 12वीं में कम से कम 70% अंक हासिल करना जरूरी है। इसके साथ ही विद्यार्थी का अपने स्कूल में प्रथम स्थान पर होना भी अनिवार्य किया गया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को प्रदेशभर के 7400 से ज्यादा मेधावी विद्यार्थियों को बड़ी सौगात दी। शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ये ई-स्कूटी दी जा रहीं हैं। राज्य स्तरीय स्कूटी वितरण का कार्यक्रम शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिवाजी नगर में आयोजित किया गया।

    प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में ही 70% अंक के साथ स्कूल में प्रथम स्थान आना जरूरी है। प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना का लाभ स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में नियमित विद्यार्थी के रूप में अध्ययनरत विद्यार्थी को दिया जाता है।

    योजना में सभी संकायों के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। मोटराइज्ड स्कूटी के लिए अधिकतम 90 हजार रुपए और ई-स्कूटी के लिए अधिकतम 1.20 लाख रुपए की राशि प्रदान की जाती है।

    95% अंक वाले शब्द अहिरवार से भी सीएम ने की बात मुख्यमंत्री ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय सुभाष के विद्यार्थी शब्द अहिरवार से भी संवाद किया। शब्द ने बताया कि उसने 12वीं में 95% अंक हासिल किए हैं। परिवार के बारे में पूछने पर उसने बताया कि उसके पिता और मां नहीं हैं और वह चाचा-चाची के साथ रहता है। मुख्यमंत्री ने पूछा कि उसे किसी तरह की परेशानी तो नहीं है, जिस पर शब्द ने कहा कि उसे कोई परेशानी नहीं है। शब्द ने बताया कि वह सीए की तैयारी कर रहा है। परिवार में किसी के सर्विस या बिजनेस में होने के सवाल पर उसने बताया कि ऐसा कोई नहीं है। उसने कहा कि फाइनेंस और अकाउंट्स में उसकी रुचि है, इसलिए उसने सीए बनने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने उसकी रुचि और लक्ष्य की सराहना की।

    आकाश साहू ने कहा- एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू करूंगा मुख्यमंत्री ने विद्यार्थी आकाश साहू से भी बातचीत की। आकाश ने बताया कि उसके परिवार में माता-पिता, दो भाई और एक बहन हैं और उसके पिता कार्यक्रम में आए हैं। स्कूटी मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए उसने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। मुख्यमंत्री ने उससे पूछा कि क्या यह उसकी पहली गाड़ी है। आकाश ने बताया कि घर में उसके पिता के पास पहले से वाहन है। मुख्यमंत्री ने उसे वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करने की सलाह भी दी।

    आगे के लक्ष्य के बारे में पूछने पर आकाश ने बताया कि वह अपना एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू करना चाहता है। उसने बताया कि वह एग्रीकल्चर का छात्र है और 12वीं में उसके 95.2% अंक आए हैं। उसके पिता गेहूं और सोयाबीन की खेती करते हैं और सालाना करीब 4 से 5 लाख रुपए की कमाई होती है।

    आकाश ने बताया कि वह ऑनलाइन क्विक कॉमर्स के माध्यम से फल और सब्जियों की सप्लाई का काम शुरू करना चाहता है। उसने इसके लिए ब्लिंकिट जैसी कंपनी के माध्यम से फल-सब्जी सप्लाई का काम करने की योजना बताई। मुख्यमंत्री ने उसकी जानकारी और उद्यम शुरू करने के विचार की सराहना करते हुए उसे शुभकामनाएं दीं।

    अब तक 23000 से अधिक विद्यार्थी हो चुके लाभान्वित
    प्रदेश सरकार द्वारा योजना अंतर्गत शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए प्रदेश के 7400 से अधिक पात्र विद्यार्थियों को ई-स्कूटी का वितरण किया जा रहा है। मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना से अब तक प्रदेश के 23000 से अधिक पात्र विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना पर अब तक लगभग 246 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं।

  • 16 महीने बाद भी रनवे नहीं कर पाया ठीक पाकिस्तान, ऑपरेशन सिंदूर में हुआ था इस्तेमाल

    16 महीने बाद भी रनवे नहीं कर पाया ठीक पाकिस्तान, ऑपरेशन सिंदूर में हुआ था इस्तेमाल

    लाहौर

     पहलगाम हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान को ऐसा चोट दिया जिससे अब तक वह उबर नहीं सका है। भारतीय वायुसेना (IAF) के जांबाजों ने इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी वायुसेना के सरगोधा स्थित मुसहफ एयरबेस के रनवे तो तबाह कर दिया है। इस हमले के 16 महीने बीत जाने के बाद भी आज तक मरम्मत का काम पूरा नहीं हो सका है। इसका खुलासा हाई रिजॉल्यूशन वाली सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ है। तस्वीरों से पता चलता है कि रनवे और टैक्सी-ट्रैक के इंटरसेक्शन पर नए सिरे से रीसरफेसिंग और खुदाई का काम किया जा रहा है।

    आपको बता दें कि सरगोधा का मुसहफ एयरबेस लाहौर से लगभग 172 किमी उत्तर-पश्चिम और अमृतसर के पास भारत-पाक सीमा से करीब 200 किमी पश्चिम में स्थित है। भारत ने पाकिस्तान के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एयरबेस पर सीधा हमला किया था।

    एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 12 सितंबर 2026 की वेंटोर सैटेलाइट तस्वीरों में रनवे के जंक्शन पर गहरे रंग का एक असामान्य हिस्सा देखा गया है। यह डामर से बिल्कुल अलग दिखता है। यह नई खुदाई या रीसरफेसिंग कार्य की ओर इशारा करता है।

    एयरबेस के उत्तर दिशा में स्थित मिसाइल हमले के पुराने गड्ढे को फिर से सबग्रेड स्तर तक खोदा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहले की गई अस्थायी मरम्मत में सतह के असमान होने, धंसने या कमजोरी जैसी समस्याएं आ गई होंगी। इसके जिसके कारण अब वहां नए सिरे से निर्माण करना पड़ रहा है। तस्वीरों में रनवे की पूरी लंबाई में चरणबद्ध तरीके से काम होता दिख रहा है। एक हिस्सा नया और समतल नजर आ रहा है, जबकि दूसरा हिस्सा अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है।

    सटीक हमले का असर
    10 मई 2025 की उपग्रह तस्वीरों से खुलासा हुआ था कि भारतीय वायुसेना ने मुसहफ एयरबेस के मुख्य 3200 मीटर लंबे रनवे पर दो बेहद सटीक निशाने लगाए थे। इस हमले में 8-9 मीटर चौड़ा और 4-5 मीटर गहरा विशाल गड्ढा बन गया था। दूसरा हमला इससे 660 मीटर की दूरी पर किया गया था।

    आपको बता दें कि 10 मई 2025 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के दस एयरबेस, रडार और जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल यूनिट्स को निशाना बनाया था। सरगोधा के मुशफ एयरबेस पर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच हमला किया गया। वायुसेना ने कहा था कि उस दिन उसने पाकिस्तान का एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल विमान या खुफिया जानकारी इकट्ठा करने वाला विमान मार गिराया था। उसी दिन दोपहर 3:35 बजे पाकिस्तान के मिलिट्री ऑपरेशन्स के डायरेक्टर जनरल ने अपने भारतीय समकक्ष को फोन किया और सीजफायर की अपील की। ​