नई दिल्ली

लॉ कॉलेज की वाइस-प्रिंसिपल मोहम्मदी तरन्नुम अटेंडेंस से जुड़े विवाद के बाद सुर्खियों में आ गईं. मामले को लेकर कॉलेज में छात्रों का विरोध प्रदर्शन हुआ और उनके इस्तीफे की मांग भी जोर पकड़ने लगी. इस दौरान ABVP के कार्यकर्ताओं ने उनके ऑफिस को गंगाजल से शुद्ध किया है. लेकिन यह घटना तब और पेचीदा हो गई जब मोहम्मदी तरन्नुम ने अपने इस्तीफे को लेकर बयान दिया. उन्होंने अपने इस्तीफे का फैसले को बदल दिया था. बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह कॉलेज में अपनी सेवाएं जारी रखेंगी. राज्य के शिक्षा मंत्री ने भी साफ कर दिया है कि उन्हें मोहम्मदी तरन्नुम का इस्तीफा नहीं मिला है। 

कौन हैं मोहम्मदी तरन्नुम? 

सुरेंद्रनाथ लॉ कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल डॉ. मोहम्मदी तरन्नुम इन दिनों कॉलेज में हुए विवाद को लेकर चर्चा में हैं. लेकिन उनकी शैक्षणिक योग्यता भी लोगों के बीच सुर्खियों में रहता है. उन्होंने कानून की उच्च शिक्षा हासिल की है. सुरेंद्रनाथ लॉ कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध उनके प्रोफाइल के अनुसार उन्होंने LL.B., LL.M. और Ph.D. (Law) की पढ़ाई की है। 

छात्रों का बढ़ा विवाद 

इसके बाद कॉलेज परिसर में छात्रों प्रदर्शन तेज हो गया. उनपर आरोप है कि प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों ने वाइस-प्रिंसिपल को घंटों उनके कार्यालय में ही रहने के लिए मजबूर किया. इस दौरान कॉलेज में बिजली और पानी की सेवाएं प्रभावित होने की भी बात सामने आई. आरोप यह भी है कि छात्रों ने उन पर इस्तीफे के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया, जिसके बाद उनके इस्तीफे की खबर सामने आई। 

कमरे का शुद्धिकरण 
घंटों चले घेराव के बाद जब वाइस-प्रिंसिपल के इस्तीफे की खबर सामने आई, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े छात्रों ने इसे अपनी बड़ी जीत के तौर पर पेश किया. इसके बाद छात्रों ने वाइस-प्रिंसिपल के कार्यालय में गंगाजल से शुद्ध किया। 

मैंने इस्तीफा नहीं दिया…
हालांकि, पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ तब आया जब कॉलेज से निकलते वक्त वाइस-प्रिंसिपल मोहम्मदी तरन्नुम ने इस्तीफे को लेकर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से पद नहीं छोड़ा है बल्कि उनपर दबाव बनाया गया है. अब इस मामले में उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने भी बयान दिया है. उन्होंने कहा कि उन्हें तरन्नुम का इस्तीफा नहीं मिला है।