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  • UP के 18 लाख कर्मचारियों-पेंशनरों को दीपावली से पहले तोहफा, 3% DA-DR और बोनस देने की तैयारी

    UP के 18 लाख कर्मचारियों-पेंशनरों को दीपावली से पहले तोहफा, 3% DA-DR और बोनस देने की तैयारी

    लखनऊ
     योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्यकर्मियों की दीपावली अधिक रोशन और रंगीन करने की तैयारी कर ली है। सरकार करीब 18 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दीपावली से पहले महंगाई भत्ता (DA) और बोनस का तोहफा देने की तैयारी कर रही है।

    योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य कर्मियों को दीपावाली से पहले बड़ा तोहफा देने की तैयारी कर ली है। सरकार के इस कदम से राज्यकर्मियों को बढ़ा हुआ डीए और बोनस 3400 से 7000 तक मिल सकता है। इसके साथ ही सरकारी कर्मियों और पेंशनरों को तीन प्रतिशत मंहगाई भत्ता और महंगाई राहत देने की भी तैयारी कर रही है

    राज्यकर्मियों का बढ़ा हुए भत्ता जुलाई से लागू होगा। राज्य के 2.70 लाख कर्मचारियों को बढ़ा हुआ मानदेय की भी तैयारी है। इसमें श्रेणी के एक के कर्मचारियों को 40,000 रुपया, श्रेणी दो के कर्मचारियों को 25,000, श्रेणी तीन के आउटसोर्स कर्मचारियों को 22,000 हजार रुपए और श्रेणी चार के कर्मचारियों को 20,000 रुपया मिलेगा। सभी का अक्टूबर से बढ़ा हुआ वेतन भी नवंबर में आएगा।

    सितंबर से बढ़े वेतन की संभावना
    सचिवालय प्रशासन के अनुसार, सभी विभागों कुल 2.70 लाख कर्मी आउटसोर्स पर हैं। अगर इसमें बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों को भी जोड़ दिया जाए तो इनकी संख्या लगभग3.50 लाख से अधिक हो जाएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने दो सितंबर को आउटसोर्स सेवा का पोर्टल शुरू किया था तो माना जा रहा है कि बढ़े हुए मानदेय का लाभ सितंबर से ही मिले।

    कर्मचारी संगठनों ने किया स्वागत
    प्रदेश में लंबे समय से आउटसोर्स सेवा में मानदेय को लेकर शिकायतें मिल रहीं थीं, लेकिन अब कमर्चारियों को एक ही पोर्टल सेवा से कई तरह की सुविधाओं का लाभ मिलेगा। बोनस मिलने की तैयारी की सूचना मिलने से भी कर्मचारी और संगठनों में खुशी की लहर है और इसे सरकार की ओर से सकारात्मक कदम बताया है।

    महिलाओं को 180 दिन का मातृत्व अवकाश
    यूपीकास की व्यस्थाओं के मुताबिक महिला कर्मियों को अब 180 दिन का मातृत्व अवकाश मिलेगा। सभी कर्मचारियों को हर महीने की पांच तारीख को मानदेय मिलेगा और साथ ही मेडिकल अवकाश भी मिलेगा। कर्मचारियों और उनके परिवार के लोगों को बेहतर चिकित्सा लाभ भी मिलेगा।

    क्या-क्या मिलेगा
    महंगाई भत्ता (DA) और डीआर : सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को 3 प्रतिशत बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (DR) देने की तैयारी है, जो जुलाई से लागू हो सकता है।

    बोनस: अराजपत्रित (Non-gazetted) कर्मचारियों को ₹3,400 से लेकर ₹7,000 तक का बोनस मिल सकता है।

    बढ़ा हुआ मानदेय: राज्य के लगभग 2.70 लाख कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने की भी तैयारी है।

    • श्रेणी-1 के कर्मचारियों को: ₹40,000

    • श्रेणी-2 के कर्मचारियों को: ₹25,000

    • श्रेणी-3 के आउटसोर्स कर्मचारियों को: ₹22,000

    • श्रेणी-4 के कर्मचारियों को: ₹20,000

    भुगतान का समय: अक्टूबर महीने का बढ़ा हुआ वेतन और बोनस नवंबर में दिए जाने की संभावना है। वित्त विभाग ने इस संबंध में प्रक्रिया शुरू कर दी है।

  • लखनऊ में शिक्षकों को CM योगी की सीख, बोले- शिक्षा का लक्ष्य सिर्फ रोजगार नहीं, संस्कारवान नागरिक बनाना

    लखनऊ में शिक्षकों को CM योगी की सीख, बोले- शिक्षा का लक्ष्य सिर्फ रोजगार नहीं, संस्कारवान नागरिक बनाना

    लखनऊ
    यूपी के लखनऊ में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए। सीएम योगी ने कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में शिक्षकों की भूमिका, शिक्षा के माध्यम से संस्कार निर्माण और समाज के प्रति उनके दायित्वों पर चर्चा की गई।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने का कार्य नहीं करते, बल्कि वे नई पीढ़ी के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संस्कारवान नागरिक तैयार करना भी है। सीएम योगी ने विरोधी दलों पर निशाना साधते हुए उन्हें समाज को विभाजित करने वाला बताया। सीएम योगी ने कहा कि युवा ही भारत का भाग्य विधाता बनने वाला है। ये देखना होगा कि हम कैसा भारत चाहते हैं। क्या हमें बिखरा हुआ, बंटा हुआ और जातीय खेमों में लड़ता हुआ भारत चाहिए? हमें एक भारत, श्रेष्ठ भारत बनाना चाहिए।

    सीएम योगी ने कहा कि हमें एक भारत, श्रेष्ठ भारत चाहिए। हम सबको मिलकर ऐसे भारत के लिए काम करना है। गुलामी के समय में भी एक तबका था जो समाज को बांट रहा था। आज भी वो तत्व समाज को जाति, क्षेत्र के नाम पर बांटकर देश की एकता को छिन्न-भिन्न कर रहा है। ये राष्ट्रमाता के प्रति अपराध है, भारत माता के प्रति अपराध है, अपने पूर्वजों के प्रति अपराध है। ये भारत की स्वाधीनता को फिर से खतरे में डालने की चेष्टा है। जब भी राष्ट्र के ऊपर ऐसा संकट दिखाई देता है तब हमारे शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि इन विभाजनकारी ताकतों को किसी भी तरह से सफल नहीं होने देना है।

    सीएम योगी ने कहा कि आज हम तकनीकी अपना चुके हैं, पहले संसाधन कमी थी लेकिन, हमारी ताकत हमारा परिवार होता था। संयुक्त परिवार में संकट का सामना सब मिलकर करते थे लेकिन, आज परिवार सीमित हो गए हैं। एक छत के नीचे रह रहे हैं लेकिन, अलग-अलग दिशा हो जाती है। दुनिया के बहुत से देशों में तो बिखर रहे समाज और तबाह हो रहे परिवारों को बचाने के लिए उन्हें एक मंत्रालय का गठन करना पड़ रहा है।

    कार्यशाला में शिक्षकों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए। वक्ताओं ने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार से जुड़े पदाधिकारी, शिक्षक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

  • 26 दिनों में 10 T20 मैच खेलेगी टीम इंडिया, वेस्टइंडीज के बाद न्यूजीलैंड दौरे पर होगा महामुकाबला

    26 दिनों में 10 T20 मैच खेलेगी टीम इंडिया, वेस्टइंडीज के बाद न्यूजीलैंड दौरे पर होगा महामुकाबला

    नई दिल्ली
     वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम करने और एशियन गेम्स 2026 में पाकिस्तान को हराकर गोल्ड मेडल जीतने के बाद अब भारतीय क्रिकेट टीम का सबसे व्यस्त शेड्यूल शुरू होने जा रहा है। अगले 26 दिनों में भारतीय टीम को कुल 10 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेलने हैं। इसकी शुरुआत 6 अक्टूबर से घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज से होगी, जिसके तुरंत बाद टीम इंडिया 5 टी20 मैचों के लिए न्यूजीलैंड दौरे पर रवाना होगी।

    खिलाड़ियों की फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट बनेगी सबसे बड़ी चुनौती
    श्रेयस अय्यर की अगुवाई में एशियन गेम्स में तिरंगा लहराने वाली भारतीय टीम के लिए यह दौर काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। भारत में घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाकर टीम अपनी लय मजबूत करेगी, जबकि न्यूजीलैंड की उछालभरी और तेज पिचों पर बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों की परीक्षा होगी। लगातार मैच और यात्राओं के बीच टीम मैनेजमेंट के सामने खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट और रोटेशन पॉलिसी को लागू करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी, जिससे बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने का भी बड़ा मौका मिलेगा।

    भारत बनाम वेस्टइंडीज टी20 सीरीज का पूरा शेड्यूल (घरेलू सीरीज)
        पहला टी20: 6 अक्टूबर 2026 — लखनऊ (भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम)
        दूसरा टी20: 9 अक्टूबर 2026 — रांची (जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स)
        तीसरा टी20: 11 अक्टूबर 2026 — इंदौर (होलकर स्टेडियम)
        चौथा टी20: 14 अक्टूबर 2026 — हैदराबाद (राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम)
        पांचवां टी20: 17 अक्टूबर 2026 — बेंगलुरु (एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम)

    भारत बनाम न्यूजीलैंड टी20 सीरीज का पूरा शेड्यूल (न्यूजीलैंड दौरा)
        पहला टी20: 22 अक्टूबर 2026 — क्राइस्टचर्च (हेगले ओवल)
        दूसरा टी20: 24 अक्टूबर 2026 — क्राइस्टचर्च (हेगले ओवल)
        तीसरा टी20: 27 अक्टूबर 2026 — वेलिंगटन (स्काई स्टेडियम)
        चौथा टी20: 30 अक्टूबर 2026 — ऑकलैंड (ईडन पार्क)
        पांचवां टी20: 1 नवंबर 2026 — हैमिल्टन (सेडन पार्क)

     

  • राज्यसभा चुनाव के लिए BJP ने घोषित किए 2 और उम्मीदवार, उत्तराखंड से दिनेश आर्य तो बंगाल से कोयल मल्लिक को टिकट

    राज्यसभा चुनाव के लिए BJP ने घोषित किए 2 और उम्मीदवार, उत्तराखंड से दिनेश आर्य तो बंगाल से कोयल मल्लिक को टिकट

    नई दिल्ली
    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्यसभा चुनाव के लिए दो और उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। भगवा पार्टी ने उत्तराखंड में होने वाले चुनाव के लिए दिनेश आर्य को कैंडिडेट बनाया है। वहीं, पश्चिम बंगाल में होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए रुक्मिणी मल्लिक ऊर्फ कोयल मल्लिक को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

    आपको बता दें कि राज्यसभा में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे अरुण सिंह, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, नीरज शेखर, बृजलाल, प्रो. राम गोपाल यादव, रामजी, बी. एल. वर्मा, सीमा और हरदीप सिंह पुरी के साथ-साथ उत्तराखंड से नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने वाला है। उत्तर प्रदेश से डॉ. दिनेश शर्मा की सीट उनके इस्तीफे के कारण 11 सितंबर से रिक्त है।

    बंगाल से कोयल मल्लिक को टिकट
    पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की एक सीट के लिए उपचुनाव रुक्मिणी मल्लिक के 16 जुलाई को इस्तीफे देने के बाद से रिक्त है। उनका कार्यकाल दाे अप्रैल 2032 तक था। भाजपा ने उन्हें ही यहां से कैंडिडेट बनाया है। आपको बता दें कि वह पहले टीएमसी में थीं। सांसदों के बगावत के बाद उन्होंने भी ममता का साथ छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था।

    आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की राज्यसभा की 12 सीट के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होंगे। इनमें उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक सीट शामिल है, जहां मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव होगा।

    मतदान 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। आयोग ने पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी करने का निर्देश दिया है।

  • रसिक दुलारी शरण की मौत पर 8 दिन बाद आया आश्रम का बयान, कहा- जांच में पुलिस का पूरा सहयोग

    रसिक दुलारी शरण की मौत पर 8 दिन बाद आया आश्रम का बयान, कहा- जांच में पुलिस का पूरा सहयोग

    मथुरा
    उत्तर प्रदेश के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षित साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के आठ दिन बाद राधा केलि कुंज आश्रम की ओर से पहला लिखित बयान जारी हुआ। श्री हित राधा केलि कुंज ट्रस्ट द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि साधक की मौत से महाराज और परिकर काफी आहत हैं। ट्रस्ट साधक के परिवार के प्रति अपनी पूरी संवेदना और सहानभूति व्यक्त करता है। कहा कि घटना की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच में पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग किया जा रहा है। जांच पूरी होने तक सभी श्रद्धालु, साधक और आमजन किसी प्रकार की अपुष्ट जानकारी, अफवाह या अनुमान के आधार पर महाराज की छवि धूमिल करने का प्रयास न करें। ट्रस्ट को पूर्ण विश्वास है कि पुलिस प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच से वास्तविक तथ्य सामने लाए जाएंगे।

    कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य आए समर्थन में
    उधर, चर्चित कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य एक बार फिर अपने तीखे बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने संत प्रेमानंद का बचाव करते हुए मीडिया और सोशल मीडिया पर टीआरपी बटोरने वालों पर जमकर अपना गुस्सा निकाला है। अपनी कथा के दौरान दिए गए उनके इस बयान का वीडियो इंटरनेट पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कुछ लोग और मीडिया केवल टीआरपी और व्यूज पाने के लिए कुछ भी बोल देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया, लोग पूरा विषय जानते-समझते नहीं हैं और खुद ही जज बनकर फैसला सुनाने लगते हैं। प्रेमानंद के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए अनिरुद्ध आचार्य ने कहा कि महाराज जी ने करोड़ों लोगों को भक्ति मार्ग से जोड़ा है।

    दिनेश फलहारी बाबा ने बाल संरक्षण आयोग को लिखा पत्र
    वहीं, मथुरा, श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा है कि श्रीधाम वृंदावन स्थित प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज आजकल युवाओं के लिए आध्यात्मिक केंद्र बने हुए हैं। कुछ भक्त बालक बालिकाएं आध्यात्मिक रस में डूबकर उनके आश्रम में ही रह जाते हैं। उनका परिवार समय-समय पर आश्रम में बालक-बालिकाओं की खोजबीन करते पाया गया है तथा कई मामले संदिग्ध भी प्रतीक होते हैं। उन्होंने मांग की कि लापता बच्चों के संबंध में जांच करा कर वास्तविक स्थिति की जानकारी सार्वजनिक करायें। दिनेश फलाहारी ने कहा कि लोगों में चर्चा या कहें भ्रम है कि कहीं यह बालक-बालिकाएं अध्यात्म की आड़ में बंधक तो नहीं है। यदि उन नाबालिग बच्चों के साथ आश्रम परिसर में कोई घटना घटित हो जाए तो जवाबदेही के लिए आश्रम में किस व्यक्ति को जिम्मेदार माना जाए।

    घटना वाले दिन सुबह से तनाव में था रसिक
    उधर, प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत की जांच जारी है। इस मामले में सीसीटीवी में जो सामने आया है, उससे लग रहा है कि मौत से पहले वो बहुत तनाव में था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सीसीटीवी में है कि वो करीब दो घंटे कमरे में रहा। इसके बाद वह धोती पकड़े कमरे से निकलता सीसीटीवी में दिखता है और सीढ़ियों पर चढ़ता हुआ छत पर चला जाता है। छत पर लगे सीसीटीवी में वह बेचैन दिखता है। पहले छत की मुड़ेर पर बैठता है, फर छत पर लेटता है और इसके बाद तेजी से उठकर छत से छलांग लगा देता है। घटना के समय रूम पार्टनर जुगल शरण केली कुंज गया था। सवाल अभी यह भी है प्राइवेट पार्ट ग्राइंडर से काटते समय रसिक क्या चीखा नहीं होगा और वहां लोग आवाज सुन क्यों नहीं पहुंचे?

  • UP में EV चार्जिंग की टेंशन खत्म! 238 जगहों पर बनेंगे नए चार्जिंग स्टेशन, नोएडा-लखनऊ समेत कई शहर शामिल

    UP में EV चार्जिंग की टेंशन खत्म! 238 जगहों पर बनेंगे नए चार्जिंग स्टेशन, नोएडा-लखनऊ समेत कई शहर शामिल

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चार्जिंग की टेंशन खत्म होने वाली है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रदेश में 238 स्थानों पर नए चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की मंजूरी दे दी गई है। प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत यूपी रिन्यूएबल एनर्जी डवलपमेंट एजेंसी (यूपीआरईवी) चार्जिंग स्टेशन विकसित कर रहा है। योजना के मौजूदा चरण में 238 स्थान स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 99 स्थानों के लिए समझौता ज्ञापन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 139 स्थानों पर समझौता ज्ञापन लंबित है।

    एनसीआर में गौतमबुद्ध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) में 39, गाजियाबाद में 6 और मेरठ में 35 स्थान चार्जिंग स्टेशन होंगे। गैर-एनसीआर क्षेत्र में आगरा 21, प्रयागराज 13, गोरखपुर 32, कानपुर 12, कानपुर देहात 2, लखनऊ 36, मथुरा 14 और वाराणसी 28 स्थान प्रस्तावित हैं। कुल 238 स्वीकृत स्थानों में 99 पर समझौता ज्ञापन हो चुके हैं।

    दूसरे चरण में 1500 स्थानों का रखा गया लक्ष्य
    चार्जिंग स्टेशन लगाने के दूसरे चरण में एनसीआर के आठ जिलों और माल परिवहन गलियारे को ध्यान में रखते हुए कुल 1,500 स्थानों का लक्ष्य रखा गया है। इनमें नगर निगमों, यूपी रोडवेज, परिवहन विभाग, विद्युत वितरण कंपनियों, औद्योगिक विकास प्राधिकरणों समेत विभिन्न विभागों के स्थान शामिल हैं। इसके तहत अब तक 240 स्थानों की पहचान की जा चुकी है, जबकि 1,260 स्थानों की पहचान की जानी है। दूसरे चरण के तहत नगर निगम क्षेत्रों के लिए कुल 129 स्थान चिह्नित हैं। अलीगढ़ 22, अयोध्या 13, बरेली 16, फिरोजाबाद 15, झांसी 16, मुरादाबाद 7, सहारनपुर 5, शाहजहांपुर 10, आगरा 8, कानपुर नगर 11, मेरठ 5 तथा कानपुर देहात का एक स्थान शामिल है। इसके अलावा रोडवेज के लिए 74, गीडा के लिए 10 और विद्युत वितरण कंपनियों के लिए 26 स्थानों की पहचान की गई है।

    मुख्य सचिव ने सभी डीएम को दिए आदेश
    चार्जिंग स्टेशन लगाने की इस योजना में मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, औद्योगिक क्षेत्रों, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के औद्योगिक पार्कों, विश्वविद्यालयों, गन्ना संस्थान केंद्रों, मंडी समितियों तथा जिलाधिकारी कार्यालय, विकास भवन और तहसील कार्यालयों जैसे स्थानों को भी शामिल किया गया है। प्रस्तावित सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों में 60 किलोवाट क्षमता के दो डीसी चार्जर और 12 किलोवाट क्षमता के एक एसी/डीसी चार्जर की व्यवस्था होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक स्थलों, बड़े कार्यालयों, बस स्टेशनों, इंडस्ट्रियल पार्कों, शिक्षण संस्थानों, मॉल, ढाबों, पार्किंग स्थलों पर स्थान चिह्नित कर जल्द से जल्द सूचना भेजें।

  • चुनाव आयोग विवाद पर शिवराज का कांग्रेस पर हमला, बोले- हारने पर ECI को बदनाम करना पुरानी आदत

    चुनाव आयोग विवाद पर शिवराज का कांग्रेस पर हमला, बोले- हारने पर ECI को बदनाम करना पुरानी आदत

    नई दिल्ली
    चुनाव आयोग में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से शुरू हुआ विवाद थमने का नहीं ले रहा है। जहां एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग और पीएम मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है, वहीं सत्ता पक्ष विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए मामले में अपनी सफाई देने में लगे हैं। इसी बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है।

    जनादेश का अपमान करना कांग्रेस की पुरानी आदत
    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हारने पर जनादेश का अपमान करना, यह कांग्रेस की पुरानी आदत है, कांग्रेस के डीएनए में है। भारत दुनिया का सबसे मजबूत लोकतंत्र है और दुनिया उदाहरण देती है भारत के लोकतंत्र की। लेकिन लोकतंत्र का अपमान करना, संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना, चुनाव हारने पर चुनाव आयोग को बदनाम करना, जनता के जनादेश का अपमान करना, यह कांग्रेस के डीएनए में है।

    कांग्रेस चुनाव जीत जाए तो ECI ठीक नहीं तो…
    उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी जी के इशारे पर मल्लिकार्जुन खरगे जी ने प्रधानमंत्री जी को, गृह मंत्री जी को अवैध कहा। यह लोकतंत्र का अपमान है, यह जनादेश का अपमान है, यह संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना है, यह लोकतंत्र के प्रति अनास्था पैदा करना है, यह देश में अराजकता फैलाने का प्रयास है। यह कैसी बात करती है कांग्रेस? कांग्रेस चुनाव जीत जाए तो चुनाव आयोग ठीक, और हार जाए तो चुनाव आयोग खराब।

    1980-1990 में हुए चुनावों का किया जिक्र
    केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस कहती है कि मतपत्रों (बैलेट पेपर) के आधार पर चुनाव हो। याद कीजिए 80 और 90 का वह दशक जब बूथ लूट लिए जाते थे, एक व्यक्ति ठप्पा लगा देता था मतपत्रों पर। क्या कांग्रेस उसी दौर में देश को ले जाना चाहती है? टेक्नोलॉजी, जिसके कारण पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से चुनाव होते हैं। आखिर उसका विरोध कांग्रेस क्यों करना चाहती है? लोकतंत्र को कमजोर करने का पाप नहीं कर रही, पहले भी कर चुकी है आपातकाल लगाकर।

  • भिलाई नगर निगम की अनूठी पहल: जल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए तैयार होगी एकीकृत योजना

    भिलाई नगर निगम की अनूठी पहल: जल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए तैयार होगी एकीकृत योजना

    भिलाई
     जलभराव, जल निकासी और भूजल संरक्षण की समस्याओं से निपटने के लिए भिलाई नगर निगम एकीकृत शहरी जल प्रबंधन योजना तैयार कर रहा है। इसमें ड्रेनेज, वर्षाजल संरक्षण, भूजल रिचार्ज, पेयजल, सीवरेज और जल गुणवत्ता को एक साथ शामिल किया जाएगा। जीआईएस मैपिंग, ड्रोन सर्वे और फील्ड डेटा के आधार पर शहर की जल संरचनाओं और निकासी व्यवस्था का डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा। इससे जलभराव वाले क्षेत्रों और उनके कारणों की पहचान कर सुधार कार्यों की प्राथमिकता तय की जा सकेगी।

    80 वर्ग किमी क्षेत्र का ड्रोन सर्वे
    योजना के तहत 75 से 80 वर्ग किमी क्षेत्र और करीब 350 किमी सड़क व ड्रेनेज कॉरिडोर का ड्रोन सर्वे प्रस्तावित है। सर्वे के आंकड़ों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज कर शहर के जल प्रबंधन की एकीकृत तस्वीर तैयार की जाएगी।

    पेयजल-सीवरेज की भी होगी निगरानी
    जीआईएस मैपिंग से पेयजल लाइनों और सीवरेज के संभावित क्रॉस-कनेक्शन, लीकेज और संदूषण वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। 24 चिह्नित बोरवेल सहित चयनित स्थानों से पानी के नमूनों की जांच भी कराई जाएगी।

    जलभराव वाले स्थानों की होगी जियो-टैगिंग
    जलभराव वाले क्षेत्रों की जियो-टैगिंग कर ड्रेनेज क्षमता, रुकावट, अतिक्रमण और निकासी में आने वाली बाधाओं को चिह्नित किया जाएगा। इसके आधार पर सुधार कार्यों की योजना तैयार की जाएगी।

    बारिश का पानी जमीन में उतारने पर जोर
    नगर निगम बारिश के पानी को सहेजने और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज वेल और रिचार्ज पिट विकसित करने की संभावनाएं तलाशेगा। उपयुक्त स्थानों पर ऐसी संरचनाएं बनाकर बारिश के पानी को सीधे नालियों में बहने से रोका जाएगा। इससे वर्षाजल का उपयोग भूजल रिचार्ज में होगा और भविष्य में जल संकट से निपटने में मदद मिलेगी।

    नगर निगम आयुक्त सुरुचि सिंह के मुताबिक, जलापूर्ति, ड्रेनेज, वर्षाजल, भूजल, सीवरेज और जल गुणवत्ता को एकीकृत रूप से देखने की जरूरत है। जीआईएस, ड्रोन सर्वे और फील्ड डेटा से तैयार डिजिटल डेटाबेस के आधार पर समस्याओं की पहचान कर प्राथमिकता के साथ समाधान की योजना बनाई जा सकेगी।

  • पाकिस्तान क्रिकेट टीम का चीफ सेलेक्टर बनने की खबरों पर शोएब अख्तर का बड़ा बयान

    पाकिस्तान क्रिकेट टीम का चीफ सेलेक्टर बनने की खबरों पर शोएब अख्तर का बड़ा बयान

    नई दिल्ली
     पाकिस्तान क्रिकेट टीम के इंग्लैंड के हाथों टेस्ट सीरीज में 0-3 से करारी शिकस्त झेलने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के कोचिंग और सेलेक्शन सेट-अप में बड़े बदलावों की चर्चाएं तेज थीं। मीडिया में यह दावों के साथ कहा जा रहा था कि रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर को पाकिस्तान का नया चीफ सेलेक्टर बनाया जा सकता है। हालांकि, अब खुद शोएब अख्तर ने इन सभी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पीसीबी में किसी भी पद पर शामिल होने की कोई दिलचस्पी नहीं है।

    अम्मी ने कहा- बोर्ड और राजनीति से रहूंगा दूर
    एक टीवी चैनल पर सीधे पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए अख्तर ने अपनी पुरानी बात को याद किया। जब एंकर ने उन्हें याद दिलाया कि उन्होंने कभी कहा था कि उनकी मां ने उन्हें पीसीबी और पाकिस्तानी राजनीति से दूर रहने की हिदायत दी थी तो अख्तर ने रुख साफ करते हुए कहा, 'इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है यह सब सिर्फ अटकलें हैं। मैं अपनी बात पर कायम हूं और अपनी अम्मी की दी हुई उसी सलाह का पालन करूंगा।'

    चीफ सेलेक्टर बनने की खबरें पूरी तरह फर्जी हैं
    शोएब अख्तर ने पीसीबी का मुख्य चयनकर्ता बनने के दावों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, 'मेरी पीसीबी में जाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। मुझे चीफ सेलेक्टर की जिम्मेदारी मिलने को लेकर जो खबरें सुनने को मिल रही हैं, वे पूरी तरह फर्जी हैं। इन दावों में दूर-दूर तक कोई सच्चाई नहीं है। मैं बस इतना चाहता हूं कि पाकिस्तान क्रिकेट का भला हो।' उन्होंने यह भी साफ किया कि वह फिलहाल एक निजी दौरे पर ह्यूस्टन में हैं और उनकी बोर्ड चेयरमैन मोहसिन नकवी से इस मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं हुई है।

    देश के लिए योगदान देने के कई और रास्ते
    पाकिस्तान के लिए 46 टेस्ट, 163 वनडे और 15 टी20 मैच खेलने वाले इस दिग्गज तेज गेंदबाज का मानना है कि देश के क्रिकेट को आगे ले जाने के लिए किसी आधिकारिक पद की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं अपने देश के क्रिकेट की सेवा करना पसंद करूंगा लेकिन मुझे लगता है कि मैं इसे बिना बोर्ड में शामिल हुए अन्य कई तरीकों से भी कर सकता हूं।'

     

  • पायलट स्मित मछार की बहादुरी पर कांग्रेस की चुप्पी, बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने उठाए सवाल

    पायलट स्मित मछार की बहादुरी पर कांग्रेस की चुप्पी, बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने उठाए सवाल

    नई दिल्ली
    दुबई से इजरायल जा रहे विमान में को-पायलट के हमले के दौरान यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मछार की बहादुरी की चारों ओर प्रशंसा हो रही है. राजनेता से लेकर फिल्म स्टार तक, हर कोई उनकी सराहना कर रहा है. लेकिन अब इस मामले ने सियासी मोड़ ले लिया है. बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने इस मामले में कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाया है.

    बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस को इस बहादुरी पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए. उन्होंने कांग्रेस पर वोटबैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया और यूपी कांग्रेस नेतृत्व में बदलाव पर भी निशाना साधा.

    बीजेपी सासंद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी को कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी पर अपना रुख साफ करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित मछार ने अद्भुत वीरता दिखाते हुए कई लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली.

    शीर्ष नेतृत्व चुप क्यों?
    सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस से सीधे सवाल किया कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अब तक कैप्टन स्मित मछार के बारे में एक शब्द भी क्यों नहीं कहा. उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने अतीत में जाकिर नाइक, अफजल गुरु, बुरहान वानी और याकूब मेमम को लेकर अलग-अलग टिप्पणियां की थी और बाटला हाउस एनकाउंटर पर सवाल उठाए थे. उन्होंने सवाल किया कि वे अब कैप्टन स्मित मछार की वीरता पर चुप क्यों हैं.

    बीजेपी ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से इस मामले में जवाब मांगा है. इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस पर वोटबैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया है. उन्होंने उत्तर प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व में बदलाव पर भी निशाना साधा है.

    उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कि उत्तर प्रदेश की जनता इसका जवाब देगी.