नई दिल्ली
ईपीएफ सेवाओं में जारी सुधार के क्रम में एटीएम कार्ड के जरिए ईपीएफ खाते से रकम निकालना जल्द ही हकीकत बन जाएगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अपने सदस्यों को यह सुविधा देने की तकनीकी और ढांचागत तैयारी पूरी कर ली है।
संकेत हैं कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की दूसरी वर्षगांठ से जुड़े आयोजनों के दौरान अगले महीने यह सेवा लांच की जा सकती है। ईपीएफ के करीब सात करोड़ सदस्यों को जरूरत के हिसाब से उन्हें अपने भविष्य निधि फंड की रकम सहज तरीके से उपलब्ध हो सके इसके मद्देनजर यह सेवा शुरू करने की तैयारी है।
कब होगी घोषणा?
एटीएम के माध्यम से कितनी राशि की सीमा होगी इसकी घोषणा संभवत: इसी वक्त होगी। श्रम मंत्रालय से जुड़े वरिष्ठ अधिकारिक सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि एटीएम सेवा शुरू करने की टेस्टिंग और तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है।
आगामी 30 मई को मोदी सरकार के कार्यकाल के 12 साल पूरे हो रहे हैं और मंत्रालय इस अहम सुविधा का लांच प्रधानमंत्री के हाथों कराने का प्रयास कर रहा है। ईपीएफओ के डिजिटल सुधार 3.0 के तहत ईपीएफ खाते को एटीएम से जोड़ना एक अहम कदम है।
इस सुविधा के शुरू होने के बाद ईपीएफ से जुड़े सदस्यों को अपने लिंक बैंक खाते से जुड़े एटीएम कार्ड के जरिए रकम निकालने का विकल्प मिलेगा। इसका लक्ष्य नियोक्ता की मंज़ूरी के बिना तात्कालिक आपात जरूरतों के लिए ईपीएफ में जमा रकम तक सदस्यों की पहुंच को सहज बनाना है ताकि बिना किसी झंझट के वे सीधे रकम निकाल सकें।
इस सेवा से जुड़े विशेष फीचर के संदर्भ में अधिकारी ने कहा कि पीएफ को एटीएम से लिंक करने के साथ ही इससे यूपीआई से भी जोड़ा जा रहा है ताकि बैंक खाते से रकम तत्काल ट्रांसफर भी किया जा सके। ईपीएफ पर घोषित 8.25 प्रतिशत ब्याज का बढ़ा इंतजार वहीं ईपीएफ की ओर से वर्ष 2025-26 के लिए घोषित 8.25 प्रतिशत ब्याज को सात करोड़ सदस्यों के खाते में जमा कराने के लिए श्रम मंत्रालय को अभी वित्त मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार है।
कब होगा ट्रांसफर?
मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वित्त मंत्रालय की ब्याज दर के अनुमोदन की चिठठी अभी नहीं मिली है लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। ईपीएफओ ने ब्याज दर शीघ्र खाते में ट्रांसफर करने के लिए अपनी पूरी तैयारी कर रखी है और वित्त मंत्रालय का पत्र आते ही राशि जमा कराने का सिलसिला तेजी से पूरा किया जाएगा।
मालूम हो कि ईपीएफओ न्यासी बोर्ड ने पिछले वित्त वर्ष के लिए 8.25 प्रतिशत का ब्याज घोषित किया था जिस पर श्रम मंत्रालय ने भी अपनी मुहर लगा दी थी। तय नियम-प्रक्रिया के अनुसार वित्त मंत्रालय की अंतिम मंजूरी के बाद ही सदस्यों को ब्याज की रकम उनके खाते में दी जाती है।
















