Category: उत्तर प्रदेश

  • खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी तक 25 फीसदी छूट: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी तक 25 फीसदी छूट: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी तक 25 फीसदी छूट: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    गांधी आश्रम और लाल बहादुर शास्त्री भवन में आयोजित जयंती कार्यक्रमों में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    बोले- बापू का स्वदेशी से स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला
     
    खादी केवल वस्त्र नहीं, स्वदेशी का मंत्र और चरखा आत्मनिर्भरता का प्रतीक
     
    शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ स्वाधीन भारत का बना मंत्र

    लखनऊ
     गांधी जयंती पर प्रदेश में खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूट मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए प्रदेशवासियों से खादी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि स्वदेशी का मंत्र है। इसे अपनाकर कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों के हुनर को सम्मान दिया जा सकता है।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को महात्मा गांधी की 157वीं और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम में उन्होंने बापू के स्वदेशी, स्वच्छता और ग्राम स्वराज के विचारों को याद किया। इसके बाद लाल बहादुर शास्त्री भवन में शास्त्री जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों स्थानों पर उन्होंने पत्रकारों से भी बातचीत की।
     
    बापू ने बिखरे आंदोलन को जन आंदोलन बनाया
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी ने अन्याय, शोषण और रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाई। भारत लौटने के बाद उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से नेतृत्व देकर जन आंदोलन बना दिया। गांव-गांव के लोग इससे जुड़े और ब्रिटिश हुकूमत को भारत छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।
     
    उन्होंने कहा कि बापू के स्वच्छता, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। चरखा आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। बापू का स्वदेशी से स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘लोकल टू ग्लोबल’ का आह्वान इसी सोच को आगे बढ़ा रहा है। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों को बाजार उपलब्ध कराना होगा।
     
    ग्राम सचिवालयों से ग्राम स्वराज की परिकल्पना को मजबूती
    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत देशभर में बने करोड़ों शौचालय अच्छे स्वास्थ्य के साथ नारी सम्मान का आधार बने हैं। इसी तरह ग्राम सचिवालयों की स्थापना से बापू की ग्राम स्वराज की परिकल्पना को आगे बढ़ाया जा रहा है। लोगों को गांव में ही जन सुविधाएं मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञ रहता है, उसका भविष्य उज्ज्वल होता है।
     
    शास्त्री जी ने जो कहा, उसे करके दिखाया
    लाल बहादुर शास्त्री को नमन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह जितने सरल और सहज थे, उतने ही दृढ़ और संघर्षशील भी थे। उन्होंने जो कहा, उसे करके दिखाया और जितना किया, उतना ही बोला। देश पर संकट आया तो उन्होंने दिखाया कि राष्ट्र की रक्षा के लिए किस तरह दृढ़ता के साथ खड़ा हुआ जाता है।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ नारा स्वाधीन भारत का मंत्र बना। एक तरफ जवान सीमाओं पर देश की रक्षा कर रहे थे तो दूसरी तरफ किसान भारत को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाने में जुटे थे। कभी देश को खाद्यान्न के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था। आज भारत अपने 140 करोड़ नागरिकों की जरूरत पूरी करने के साथ दुनिया के कई देशों को खाद्यान्न की आपूर्ति कर रहा है।
     
    ये रहे मौजूद
    गांधी आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री राकेश सचान, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मोहसिन रजा, क्षेत्रीय गांधी आश्रम के मंत्री देवी प्रसाद शर्मा, व्यवस्थापक अखिलेश उपाध्याय और साहित्यकार अखिलेश द्विवेदी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

  • BJP ने जारी की मोर्चों की प्रदेश टीम, उमेश पाल की पत्नी जया पाल को मिली बड़ी जिम्मेदारी

    BJP ने जारी की मोर्चों की प्रदेश टीम, उमेश पाल की पत्नी जया पाल को मिली बड़ी जिम्मेदारी

    लखनऊ
    भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को मोर्चों की प्रदेश टीम का ऐलान कर दिया। इसमें महिला मोर्चा, किसान मोर्चा और अनुसूचित मोर्चा शामिल है। ओबीसी मोर्चा, महिला मोर्चा व अनुसूचित मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष भी घोषित कर दिए गए हैं। 24 फरवरी 2023 को जिस उमेश पाल की हत्या ने देशभर की सुर्खियां बटोरी थी, उनकी पत्नी जया पाल को भाजपा ने ओबीसी मोर्चा का प्रदेश मंत्री बनाया है।

    उनके अलावा पूजा बिंद को भी ओबीसी मोर्चा की प्रदेश मंत्री जबकि महिला आयोग की पूर्व सदस्य अनीता सिंह को महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री की कमान सौंपी गई है। उमेश पाल की पत्नी जया पाल पिछले कई महीनों से संगठन में सक्रिय भूमिका में हैं, जिसको देखते हुए और जातीय समीकरण को साधते हुए उन्हें ओबीसी मोर्चा की प्रदेश टीम में स्थान मिला।

    ओबीसी मोर्चा की प्रदेश टीम में जगह बनाने वालीं नैनी की पूजा बिंद इससे पहले प्रांतीय परिषद व संगठन के विभिन्न अभियानों में सक्रिय भागीदारी कर चुकी हैं। महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री अनीता सिंह पूर्व में महिला मोर्चा काशी क्षेत्र की अध्यक्ष रह चुकी हैं। तीनों नेत्रियों के मनोनयन पर भाजपा काशी क्षेत्र उपाध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता, महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, ओबीसी मोर्चा महानगर प्रभारी मनोज कुशवाहा, डॉ. शैलेश पांडेय, आनंद सोनकर, अनुज कुशवाहा, विजय श्रीवास्तव, पवन श्रीवास्तव आदि ने बधाई दी।

    भाजपा ने साधे सामाजिक समीकरण
    भाजपा ने मिशन-2027 के लिए विभिन्न मोर्चों के जरिए सामाजिक समीकरण साधने का प्रयास किया है। ओबीसी, किसान और महिला मोर्चा में अगड़ी-पिछड़ी के साथ ही दलितों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। कुर्मियों में पैठ बढ़ाने के लिए कई पदाधिकारी प्रदेश टीम में शामिल करने के साथ ही क्षेत्रीय अध्यक्ष का जिम्मा भी दिया गया है। इसके अलावा लोध, जाट, गुर्जर, मौर्य, शाक्य, सैनी, कुशवाह, बिंद, निषाद, पाल, साहू, विश्वकर्मा, राजभर सहित अन्य पिछड़ी जातियों के चेहरों को पदाधिकारी बनाया गया है। अनुसूचित मोर्चा में जाटव, पासी, कोरी सहित दलित वर्ग की विभिन्न जातियों को भागीदारी दी गई है।

    महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाह द्वारा घोषित टीम में 12 प्रदेश उपाध्यक्ष, दो प्रदेश महामंत्री और 11 प्रदेश मंत्री बनाए गए हैं जबकि अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक रावत द्वारा घोषित टीम में 12 उपाध्यक्ष, चार प्रदेश महामंत्री और 11 प्रदेश मंत्री बनाए गए हैं। वहीं किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह चौधरी की टीम में 12 उपाध्यक्ष, चार महामंत्री और 11 मंत्री बनाए गए हैं। इसके अलावा कोषाध्यक्ष, सह कोषाध्यक्ष, प्रदेश मीडिया और सोशल मीडिया के संयोजक-सह संयोजक के अलावा शोध विभाग के प्रमुख और सह प्रमुख घोषित किए गए हैं।

  • दिल्ली में अब हाथों-हाथ मिलेगा वॉटर कनेक्शन, 40-50 दिन का इंतजार खत्म

    दिल्ली में अब हाथों-हाथ मिलेगा वॉटर कनेक्शन, 40-50 दिन का इंतजार खत्म

    नई दिल्ली
     वॉटर कनेक्शन लेने के लिए अब 40-50 दिनों तक जल बोर्ड के दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी, यह हाथों-हाथ मिलेगा। कनेक्शन की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए जल बोर्ड ने 14 साल पुराने दिल्ली वॉटर एंड सीवर रेगुलेशन -2012 को बदलकर नया रेगुलेशन तैयार किया है। इसे दिल्ली वॉटर एंड सीवर (टैरिफ एंड मीटरिंग) रेगुलेशन-2026 कहा गया है। नए रेगुलेशन में पानी की दरों, टैरिफ चार्ज या आवेदन चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

    जल बोर्ड सूत्रों के अनुसार नया वॉटर कनेक्शन लेने की प्रक्रिया दिल्ली वॉटर एंड सीवर (टैरिफ एंड मीटरिंग) रेगुलेशन-2012 के तहत होती है। इसके तहत कनेक्शन लेने में कम से कम 40-50 दिनों का वक्त लगता है। नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने के बाद प्रक्रिया चार चरणों में पूरी होती है। पहली प्रक्रिया आवेदन करने और शुल्क जमा कराने की है।

    हाथों हाथ दिया जाएगा कनेक्शन
    आवेदन के 7-15 दिनों के भीतर जूनियर इंजिनियर साइट का निरीक्षण करते हैं। जगह सही पाए जाने पर 3-5 दिनों में भुगतान का डिमांड नोट जारी किया जाता है। डिमांड नोट का भुगतान करने के 15-30 दिनों के भीतर कनेक्शन चालू किया जाता है। लेकिन, नए रेगुलेशन के तहत हाथोंहाथ कनेक्शन देने की प्रक्रिया बनाई जा रही है। प्रावधान किया गया है कि कनेक्शन जारी करने के बाद साइट का निरीक्षण किया जाएगा।

    6 से अधिक वॉटर कनेक्शन होंगे जारी
    साल 2012 के रेगुलेशन के अनुसार, किसी भी रिहायशी बिल्डिंग में वॉटर के अधिकतम 6 कनेक्शन ही जारी किए जा सकते है। पर नए रेगुलेशन में एक ही बिल्डिंग में अगर 20 या 30 फ्लैट्स है, तो सभी को कनेक्शन मिलेगा। हालांकि, शर्त यह होगी कि हर फ्लैट में किचन होना जरूरी होगा।

    2-3 दस्तावेजों की होगी जरूरत
    अभी वॉटर कनेक्शन के लिए लोगों से आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र, पासपोर्ट, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक दस्तावेज देना होता है। प्रॉपर्टी ओनरशिप प्रूफ भी देना पड़ता है। इसमें रजिस्टर्ड सेल डीड/रजिस्ट्री, जीपीए या कन्वेंस डीड, डीडीए अलॉटमेंट लेटर और अगर आवेदक किराएदार है तो मकान मालिक का एनओसी और रेट एग्रीमेंट देना होता है। अन्य कागजातों में एमसीडी प्रॉपर्टी टैक्स रसीद, एड्रेस प्रूफ के तौर पर बिजली का बिल या बैक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो और डिवेलपमेंट चार्ज की रसीद देनी होती है। लेकिन, नए रेगुलेशन के अनुसार आधार या पैन कार्ड देने भर से कनेक्शन मिल जाएगा।

  • सात समंदर पार पहुंची यूपी के आम की मिठास, पांच साल में 90 हजार क्विंटल निर्यात

    सात समंदर पार पहुंची यूपी के आम की मिठास, पांच साल में 90 हजार क्विंटल निर्यात

    सात समंदर पार पहुंची यूपी के आम की मिठास, पांच साल में 90 हजार क्विंटल निर्यात

    योगी सरकार ने बाग से विदेशी बाजार तक मजबूत की निर्यात श्रृंखला, पांच पैक हाउस बने अहम कड़ी

    विदेशी सफर में चौसा सबसे आगे, दशहरी, रटौल और बनारसी लंगड़ा की भी बढ़ी मांग

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश के आम की मिठास अब देश की सीमाओं से आगे दुनिया के बाजारों तक पहुंच रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किसानों की उपज को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए उत्पादन के साथ ब्रांडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और निर्यात सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया है। प्रमुख आम उत्पादक क्षेत्रों में पैक हाउस और निर्यात सुविधाएं विकसित करने के साथ निर्यातकों को आर्थिक प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। इसका परिणाम है कि बीते पांच वित्तीय वर्षों में उत्तर प्रदेश से 90,844 क्विंटल से अधिक आम का निर्यात हुआ। यूएई, सऊदी अरब, कतर समेत अन्य खाड़ी देश और नेपाल इसके प्रमुख विदेशी बाजार हैं।

    बाग से विदेशी बाजार तक तैयार हुई निर्यात की मजबूत कड़ी

    योगी सरकार द्वारा विकसित निर्यात इंफ्रास्ट्रक्चर में लखनऊ, सहारनपुर, अमरोहा, गोरखपुर और वाराणसी के पैक हाउस अहम भूमिका निभा रहे हैं। यहां आम की छंटाई, ग्रेडिंग, ट्रीटमेंट और पैकेजिंग के बाद उसे निर्यात के लिए तैयार किया जाता है। मंडी परिषद के पैक हाउस में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उच्च तापमान पर हॉट वाटर ट्रीटमेंट और वेपर हीट ट्रीटमेंट की सुविधा उपलब्ध है।

    एपीडा और उत्तर प्रदेश मंडी परिषद के समन्वित प्रयासों से पैक हाउस का समय से प्रमाणीकरण भी कराया गया है। इससे प्रदेश में ही किसानों की उपज को विदेशी बाजारों के अनुरूप तैयार करने के लिए आवश्यक अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।

    विदेशी बाजार में चौसा की सबसे ज्यादा मांग

    उत्तर प्रदेश से निर्यात होने वाले आम में चौसा की हिस्सेदारी करीब 55 प्रतिशत है। बेहतर टिकाऊपन और अपेक्षाकृत लंबी शेल्फ लाइफ इसे लंबी दूरी के विदेशी बाजारों के लिए अनुकूल बनाती है। वहीं दशहरी की हिस्सेदारी करीब 25 प्रतिशत और रटौल की करीब 15 प्रतिशत है।

    उत्तर प्रदेश स्टेट हॉर्टिकल्चर एक्सपोर्ट प्रमोशन बोर्ड के सदस्य सतीश कुमार सिंह के अनुसार, मलीहाबाद का दशहरी अपनी मिठास और खुशबू, बागपत का रटौल अपने विशिष्ट स्वाद-सुगंध और बनारसी लंगड़ा अपने खास स्वाद के लिए पहचान रखता है। आम्रपाली और पूर्वांचल के गवरजीत को भी व्यापक बाजार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    650 फार्म हॉर्टीनेट से जुड़े, यूरोपीय बाजार की राह होगी आसान

    एपीडा और उत्तर प्रदेश मंडी परिषद के प्रयासों से इस वर्ष करीब 650 आम उत्पादक फार्मों का हॉर्टीनेट पर पंजीकरण कराया गया है। हॉर्टीनेट एपीडा की ट्रेसबिलिटी प्रणाली है, जिसके माध्यम से निर्यात होने वाले आम को उत्पादक फार्म से पैक हाउस और निर्यात तक ट्रैक किया जा सकता है। इससे गुणवत्ता नियंत्रण और निर्यात मानकों के अनुपालन को मजबूती मिलेगी तथा विशेष रूप से यूरोप जैसे कड़े मानकों वाले बाजारों में यूपी के आम की पहुंच बढ़ाने की राह आसान होगी।

    15 लाख मैंगो कवर से गुणवत्ता सुधार को बढ़ावा

    उत्तर प्रदेश मंडी परिषद ने इस वर्ष पहली बार फल उत्पादकों को 15 लाख मैंगो कवर उपलब्ध कराए हैं। इन विशेष कवर से आम को कीटों, दाग-धब्बों और प्रतिकूल मौसम के प्रभाव से बचाने में मदद मिलती है। इससे किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाला फल तैयार करने में सहूलियत मिल रही है और निर्यात योग्य उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है।

    हवाई भाड़े से मार्केटिंग तक निर्यातकों को प्रोत्साहन

    उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30 के तहत हवाई, समुद्री और सड़क मार्ग से निर्यात पर कुल भाड़े का 25 प्रतिशत निर्यातक को दिए जाने का प्रावधान है। एक निर्यातक को सालाना अधिकतम 20 लाख रुपये तक लाभ मिल सकता है। ट्रेड फेयर, बायर-सेलर मीट, डिजिटल मार्केटिंग और निर्यात सर्टिफिकेशन जैसी अनुमन्य गतिविधियों पर 75 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति का भी प्रावधान है।

    निर्यात के नए मार्ग भी तलाशे जा रहे हैं। जुलाई में अमरोहा से 12.5 मीट्रिक टन दशहरी और लंगड़ा आम की व्यावसायिक खेप रीफर कंटेनर के माध्यम से समुद्री मार्ग से दुबई भेजी गई।

    पांच साल में 90,844 क्विंटल आम का निर्यात

    डीजीसीआईएस के आंकड़ों के अनुसार, 2021-22 से 2025-26 के बीच उत्तर प्रदेश से कुल 9,084.41 मीट्रिक टन यानी 90,844 क्विंटल आम का निर्यात हुआ। इसमें 2021-22 में 4,122.79 मीट्रिक टन, 2022-23 में 527.59 मीट्रिक टन, 2023-24 में 567.62 मीट्रिक टन, 2024-25 में 396.64 मीट्रिक टन और 2025-26 में 3,469.77 मीट्रिक टन आम विदेश भेजा गया।

    मंडी निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर किसानों को बेहतर और व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए पैक हाउस एवं निर्यात सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। चौसा, दशहरी, रटौल और लंगड़ा के साथ आम्रपाली और गवरजीत को भी व्यापक बाजार से जोड़ने पर जोर है, ताकि वैश्विक बाजार में यूपी के आम की पहचान और मजबूत हो तथा किसानों के लिए बाजार का दायरा लगातार विस्तृत हो।

  • 72825 शिक्षक भर्ती पर बड़ा फैसला, 32 हजार अभ्यर्थियों की उम्मीदों को झटका

    72825 शिक्षक भर्ती पर बड़ा फैसला, 32 हजार अभ्यर्थियों की उम्मीदों को झटका

     प्रयागराज
     उत्तर प्रदेश की परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती में चले आ रहे विवाद को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हमेशा के लिए बंद कर दिया। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की खंडपीठ ने उन सैकड़ों अवमानना याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जो वर्ष 2014-15 के अंतरिम आदेशों के कथित उल्लंघन का आरोप लगाते हुए वर्ष 2024 से 2026 के बीच दायर की गई थीं। इसी के साथ इस भर्ती में रिक्त 6170 पदों पर नियुक्ति की लड़ाई लड़ रहे 32 हजार से अधिक बेरोजगारों की उम्मीदें भी समाप्त हो गई हैं।

    शीर्ष कोर्ट में सिविल अपील संख्या 4347 से 4375 तक साल 2014 में दायर हुई थीं। तब अंतरिम आदेशों के जरिए राज्य सरकार को प्रशिक्षु शिक्षकों के पद भरने के निर्देश दिए गए थे। बाद में इनमें संशोधन भी हुआ। जिन अभ्यर्थियों के नाम टीईटी में गड़बड़ी से जुड़े नहीं थे और जिन्होंने तय प्रतिशत अंक हासिल किए थे, उन्हें नियुक्ति दी गई। जुलाई 2017 में जब अंतिम फैसला आया तो अदालत ने साफ कर दिया कि अंतरिम आदेशों के तहत हुई 66,655 नियुक्तियों में कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।

    खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अंतिम आदेश के बाद अंतरिम आदेशों की अवमानना का सवाल ही नहीं उठता। ये याचिकाएं सुनवाई योग्य नहीं हैं, इसलिए इन्हें खारिज किया जाता है। साथ ही सभी लंबित अंतरिम अर्जियां भी निपटा दी गईं। वर्षों से चले आ रहे इस विवाद में एक बार फिर अदालत ने रेखा खींच दी। जो आदेश पूरे हो चुके थे, उनके नाम पर नई लड़ाई की कोशिश अब रुक गई है।

    ओएमआर शीट गलत भरने वालों को राहत नहीं
    प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ओएमआर शीट भरने में परीक्षा निर्देशों का पालन नहीं करने वाली अभ्यर्थी को राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ओएमआर शीट भरने के संबंध में जारी निर्देश अनिवार्य और बाध्यकारी हैं। निर्धारित तरीके से जानकारी नहीं भरने पर बाद में हाथ से ओएमआर शीट का मूल्यांकन कराने की अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने कहा कि अभ्यर्थियों से अपेक्षा की जाती है कि वे परीक्षा के निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।

  • मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर किया पुष्पार्चन

    मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर किया पुष्पार्चन

    मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर किया पुष्पार्चन 

    सीएम योगी ने बापू की 157वीं जयंती पर निवेदित की श्रद्धा, प्रदेशवासियों को दी ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ की शुभकामना

    स्कूली बच्चों ने भजनों व गीतों पर दी सुमधुर प्रस्तुति 

    आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में निरंतर मार्गदर्शन प्रदान कर रहे बापू के आदर्श, सादगी और विचारः मुख्यमंत्री 

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर उनके प्रति श्रद्धा निवेदित की। मुख्यमंत्री ने जीपीओ स्थित राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने 'रघुपति राघव राजा राम', 'वह शक्ति हमें दो दयानिधे', 'वैष्णव जन तो तेने कहिए' आदि भजनों/गीतों पर संगीतमयी प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने भजनों का श्रवण किया।

    मुख्यमंत्री ने दी 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' की शुभकामना
    मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रदेशवासियों को 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर संपूर्ण विश्व को स्वदेशी व अहिंसा के माध्यम से स्वाधीनता का संदेश देने वाले, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पावन जयंती पर कोटिश: नमन। प्रदेशवासियों को 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' की शुभकामनाएं।

    सीएम ने लिखा कि बापू के आदर्श, सादगी और विचार आज भी हम सभी को आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में निरंतर मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।

    पुष्पांजलि कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, पवन सिंह चौहान, डॉ. नीरज बोरा, राजेश्वर सिंह, जय देवी, अमरेश कुमार, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

  • गांधी जयंती पर पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा ‘सुधार उत्सव’

    गांधी जयंती पर पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा ‘सुधार उत्सव’

    गांधी जयंती पर पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा ‘सुधार उत्सव’

    02 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में 11 मंत्रालयों के एजेंडे पर होगी चर्चा

    सीएम योगी के विजन के अनुरूप रोजगार से राशन, पानी, जमीन और महिला सशक्तीकरण तक के मुद्दे ग्राम सभा के केंद्र में होंगे

    ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, लखपति दीदियों को ‘करोड़पति दीदी’ बनाने की तैयारी

    गांवों में जल संरक्षण, स्वच्छता, बाल विवाह और नशे के खिलाफ भी लिया जाएगा संकल्प

    लखनऊ,
     गांधी जयंती पर इस बार गांव की चौपाल सिर्फ समस्याएं गिनाने के लिए नहीं सजेगी, बल्कि अपने विकास की दिशा तय करने के लिए बैठेगी। गांव में सबसे पहले किसे रोजगार मिले, कहां पानी बचाया जाए, कौन सा तालाब फिर से जिंदा हो, स्वच्छता की कमी कैसे दूर हो और महिलाओं की आमदनी कैसे बढ़े, ऐसे सवालों पर ग्रामीण खुद ग्राम सभा में मंथन करेंगे। 02 अक्टूबर को ‘सुधार उत्सव’ के रूप में आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में डबल इंजन सरकार के 11 मंत्रालयों और विभागों का एजेंडा एक साथ गांव तक पहुंचेगा। इसमें 125 दिन रोजगार की गारंटी से लेकर लखपति दीदियों को ‘करोड़पति दीदी’ बनाने, सुरक्षित पेयजल, जल संरक्षण, उपभोक्ता अधिकार, सहकारिता, बाल विवाह और नशामुक्ति तक के विषय शामिल होंगे। सीएम योगी के विजन के अनुरूप सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ग्राम सभा गांव की जरूरतों और कमियों को पहचानकर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने का भी मंच बनेगी।

    ग्राम सभा तय करेगी कि गांव में कौन से काम सबसे पहले कराए जाने चाहिए

    ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण), यानी वीबी जीराम जी (VB-G RAM G) के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गई है। यह व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से शुरू हुई है। योजना में जल संरक्षण, आजीविका और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े 375 तरह के काम शामिल हैं। ग्राम सभा यह तय करने में भूमिका निभाएगी कि गांव में कौन से काम सबसे पहले कराए जाने चाहिए।

    ‘करोड़पति दीदी’ बनाने में मदद करने का लक्ष्य

    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं सालाना एक लाख रुपये या उससे अधिक घरेलू आय के स्तर तक पहुंचकर लखपति दीदी बन रही हैं। 
    महिलाओं को उद्यम शुरू करने, बाजार से जोड़ने और शी मार्ट (SHE-MARTs) जैसी पहलों के जरिए सहायता देने की योजना है। अब लखपति दीदियों को सालाना 10 लाख रुपये या उससे अधिक आय वाले स्तर तक पहुंचाकर ‘करोड़पति दीदी’ बनाने में मदद करने का लक्ष्य रखा गया है।

    हर घर नल ही नहीं, लगातार साफ पानी पहुंचाने पर जोर

    जल जीवन मिशन 2.0 में केवल घरों तक नल पहुंचाने के बजाय नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। ग्राम पंचायतें पानी के स्रोत, आपूर्ति में आने वाली दिक्कतों और रखरखाव की जरूरतों की समीक्षा करेंगी। इसी तरह स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के दूसरे चरण में गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल (ODF Plus Model) की ओर ले जाने की तैयारी है। ग्राम सभाओं में ठोस और तरल कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई और कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा गांवों में बारिश का पानी बचाने पर भी ग्राम सभाओं का विशेष जोर रहेगा।

    ग्राम सभाएं ऐसे तालाबों और रिचार्ज पिट की पहचान कर सकेंगी जिन्हें दोबारा ठीक करने की जरूरत है। घरों और खेतों के आसपास नई जल पुनर्भरण संरचनाएं बनाने में भी स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इसका उद्देश्य भूजल स्तर बढ़ाने के साथ गर्मी और सूखे के दौरान गांवों में पानी की उपलब्धता बेहतर करना है।

    ग्राम सभाओं के माध्यम से उपभोक्ता अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा

    ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को उपभोक्ता अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। उपभोक्ता अपनी शिकायत के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 की मदद ले सकते हैं। ई-जागृति के जरिए शिकायत दर्ज करने और ऑनलाइन सुनवाई में हिस्सा लेने की सुविधा भी उपलब्ध है।

    नए आपराधिक कानूनों के बारे में गांवों में बढ़ेगी जागरूकता

    ग्राम सभाओं के जरिए लोगों को उनके अधिकारों, कानूनी सहायता और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। नए कानूनों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के साथ डिजिटल साक्ष्यों और तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है।

    गांव-गांव तक पहुंचेगा सहकारिता का नेटवर्क

    ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण और विस्तार पर भी जोर है। प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों और सहकारिता विभाग के कार्यालयों का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है। इसके अलावा सभी ग्राम पंचायतों तक सहकारी व्यवस्था पहुंचाने के लिए नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियां, डेयरी सहकारी समितियां और मत्स्य सहकारी समितियां बनाने और मजबूत करने की पहल की जा रही है। इससे ग्रामीणों को ऋण, बाजार, डेयरी, मत्स्य पालन और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

    बाल विवाह और नशे के खिलाफ भी ग्राम सभा में संकल्प

    महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाने पर जोर दिया है। ग्राम सभा अपने गांव को बाल विवाह मुक्त बनाने का प्रस्ताव पारित कर सकती है। इसके सत्यापन के बाद जिला स्तर से गांव को प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था है। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों के साथ माता-पिता और ग्रामीणों की भागीदारी भी मांगी गई है।

    गांव खुद तय करेंगे विकास की प्राथमिकता : अमित कुमार सिंह

    पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत पंचायतों को विकास से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। ग्राम पंचायतें अपनी ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार कर ई ग्राम स्वराज (eGramSwaraj) पर अपलोड करती हैं। ग्राम सभा में गांव की जरूरतों और कमियों की पहचान कर प्राथमिकता वाले कामों को इस योजना में शामिल किया जा सकता है।

    ग्रामीणों को मिल रहे संपत्ति के स्पष्ट रिकॉर्ड

    स्वामित्व योजना के जरिए गांवों के आबादी वाले क्षेत्रों में घर और दूसरी आवासीय संपत्तियों का स्पष्ट रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इसके लिए डिजिटल नक्शों की मदद ली जाती है। इनके आधार पर संपत्ति की सीमा तय करने में मदद मिलती है। स्पष्ट रिकॉर्ड होने से जमीन-संपत्ति के विवाद कम करने और बैंक से ऋण लेने में भी लोगों को सुविधा मिलती है। महिलाओं को संपत्ति में मालिकाना मान्यता मिलने से उनकी स्थिति भी मजबूत होगी।

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के नशा मुक्त भारत अभियान को भी ग्राम सभाओं से जोड़ा गया है। इसमें खासतौर पर बच्चों और युवाओं को नशे से बचाने, शुरुआती लक्षणों की पहचान करने और प्रभावित लोगों को परामर्श, उपचार एवं पुनर्वास तक पहुंचाने में परिवार और समुदाय की भागीदारी पर जोर दिया गया है। इस तरह 02 अक्टूबर की ग्राम सभाओं में गांव के विकास कार्यों की समीक्षा तक सीमित रहने के बजाय रोजगार, महिला आजीविका, पानी, स्वच्छता, राशन, जमीन, उपभोक्ता अधिकार, कानून, सहकारिता, बाल विवाह और नशामुक्ति जैसे मुद्दों को एक साथ गांव के एजेंडे में लाने की तैयारी है।

  • त्रेता युग की आस्था के पथ पर अयोध्या में विकास की नई तस्वीर, दीपोत्सव से पहले बदलेगा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप

    त्रेता युग की आस्था के पथ पर अयोध्या में विकास की नई तस्वीर, दीपोत्सव से पहले बदलेगा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप

    त्रेता युग की आस्था के पथ पर अयोध्या में विकास की नई तस्वीर, दीपोत्सव से पहले बदलेगा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप

    1140 करोड़ रुपये से 31 किलोमीटर मार्ग का हो रहा चौड़ीकरण, फोरलेन बनने से श्रद्धालुओं को मिलेगा सुगम आवागमन

    शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड, बैठने और प्रकाश की सुविधाओं से संवर रहा परिक्रमा पथ

    पीली रेलिंग, आकर्षक रोशनी और पौधारोपण से आस्था के इस मार्ग को दिया जा रहा नया स्वरूप

    अयोध्या
    रामनगरी की पहचान सिर्फ उसके मंदिरों और धार्मिक स्थलों से नहीं, बल्कि उन परंपराओं से भी है जिनसे सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी रही है। इन्हीं परंपराओं में शामिल 14 कोसी परिक्रमा अब आधुनिक सुविधाओं और बेहतर आवागमन के साथ नए स्वरूप में दिखाई देने की ओर बढ़ रही है। श्रद्धालुओं के आस्था पथ को सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण कार्य तेजी से अंतिम चरण में पहुंच रहा है। करीब 1140 करोड़ रुपये की लागत से 31 किलोमीटर लंबे परिक्रमा पथ को फोरलेन बनाया जा रहा है। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग की कुल लंबाई लगभग 42 किलोमीटर है, जिसमें कुछ हिस्सा पंचकोसी परिक्रमा मार्ग का भी आता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही इस परियोजना को दीपोत्सव से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।परियोजना पूरी होने के बाद परिक्रमा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सड़क के साथ शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड, बैठने की व्यवस्था और प्रकाश जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। लोक निर्माण विभाग खंड-3 की ओर से कराए जा रहे कार्यों के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ अब मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने पर जोर है।

    आस्था की सदियों पुरानी परंपरा को मिल रहा आधुनिक स्वरूप

    14 कोसी परिक्रमा अयोध्या की प्राचीन धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मान्यता है कि श्रद्धालु इस परिक्रमा के माध्यम से रामनगरी की धार्मिक सीमा की परिक्रमा करते हैं। वर्ष में विभिन्न अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर इस धार्मिक यात्रा में शामिल होते हैं। ऐसे में परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण केवल सड़क को बेहतर बनाने की परियोजना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के आवागमन को अधिक सुगम बनाने से जुड़ा प्रयास भी है। राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच इस मार्ग का फोरलेन निर्माण यातायात और परिक्रमा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है। मार्ग के विभिन्न हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण के साथ श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है।

    सड़क के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा का भी रखा जा रहा ध्यान

    परिक्रमा मार्ग पर शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड, बैठने की व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं को रास्ते में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मार्ग के अलग-अलग हिस्सों में निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।मोदहा के पास फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। इससे इस हिस्से में आवागमन सुगम हुआ है। अब दीपावली और दीपोत्सव से पहले पूरे 42 किलोमीटर मार्ग को तैयार करने पर जोर है।

    पीली रेलिंग और रोशनी से बदलेगा परिक्रमा पथ का नजारा

    परियोजना के तहत परिक्रमा मार्ग के डिवाइडर पर आकर्षक पीले रंग की रेलिंग लगाई जा रही है। मार्ग के बीच-बीच में पौधारोपण के बाद ट्री गार्ड भी लगाए गए हैं। वहीं पूरे मार्ग को रोशन करने के लिए भगवान श्रीराम की स्मृति से जुड़ी आकर्षक लाइटें लगाई जा रही हैं। अचारी सगरा के पास भी प्रकाश व्यवस्था शुरू हो गई है। ऐसे में दिन के साथ रात में भी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप अधिक आकर्षक दिखाई देने लगा है। आस्था से जुड़े इस मार्ग को सुविधाओं और प्रकाश व्यवस्था के जरिए नया रूप देने का काम अब अंतिम चरण में है।

    परिक्रमा के दौरान मिलेगी बैठने, रोशनी और स्वच्छता की सुविधा

    परियोजना के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ लोक निर्माण विभाग खंड-3 के अधिकारी निर्माण कार्यों को दीपोत्सव से पहले पूरा कराने में जुटे हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सत्य पाल सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने की व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।उन्होंने बताया कि उद्देश्य यह है कि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के अपनी परिक्रमा पूरी कर सकें। इसके लिए सड़क चौड़ीकरण के साथ मार्ग पर आवश्यक सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है।

    धार्मिक परंपरा के साथ पर्यटन को भी मिलेगी नई रफ्तार

    रामनगरी में धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का फोरलेन होना आवागमन की सुविधा के लिहाज से महत्वपूर्ण बदलाव होगा। दीपोत्सव के दौरान जब अयोध्या में देश-दुनिया से श्रद्धालु पहुंचेंगे, तब आधुनिक सुविधाओं से सजा यह मार्ग रामनगरी की प्राचीन धार्मिक परंपरा और बदलते विकास का संगम नजर आएगा।बेहतर सड़क, प्रकाश, बैठने, स्वच्छता और अन्य सुविधाओं से श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुगम होने की उम्मीद है। साथ ही परिक्रमा मार्ग का नया स्वरूप अयोध्या के धार्मिक पर्यटन को भी विस्तार देने में सहायक हो सकता है।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में महिला सुरक्षा, राम मंदिर परिसर में मिली वृद्धा को वन स्टॉप सेंटर ने परिवार से मिलाया

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में महिला सुरक्षा, राम मंदिर परिसर में मिली वृद्धा को वन स्टॉप सेंटर ने परिवार से मिलाया

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में महिला सुरक्षा, राम मंदिर परिसर में मिली वृद्धा को वन स्टॉप सेंटर ने परिवार से मिलाया

    घरेलू हिंसा और पारिवारिक उपेक्षा से जूझ रही 65 वर्षीय महिला को मिला सहारा, काउंसलिंग के बाद सम्मान के साथ घर लौटी

    पति ने घर से निकाला तो राम मंदिर पहुंची वृद्धा, 181 हेल्पलाइन से मिली मदद

    वन स्टॉप सेंटर की पहल से परिवार में लौटा संवाद, महिला को मिला सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल

    अयोध्या
     घर की चारदीवारी में अपनों के बीच रहने के बावजूद जब किसी बुजुर्ग महिला को अकेलेपन, घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़े, तो उसका दर्द सिर्फ व्यक्तिगत नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार के बिखरने की कहानी बन जाता है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में महिला सुरक्षा और संकट में फंसी महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित व्यवस्था का अयोध्या में सकारात्मक उदाहरण सामने आया है,जब 65 वर्षीय महिला पारिवारिक उपेक्षा और घरेलू हिंसा के बाद राम मंदिर परिसर में असहाय अवस्था में मिलीं। मुश्किल की इस घड़ी में 181 महिला हेल्पलाइन उनके लिए मदद की पहली कड़ी बनी। सूचना मिलते ही सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित संरक्षण में लिया। इसके बाद काउंसलिंग और परिवार के सदस्यों से लगातार संवाद के जरिए परिवार में संवाद बहाल करने का प्रयास किया गया। आखिरकार महिला को उनकी इच्छा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सम्मानपूर्वक परिजनों के साथ भेज दिया गया।

    घर से निकाले जाने के बाद मंदिर परिसर में मिलीं महिला

    वन स्टॉप सेंटर के अनुसार कमलावती (काल्पनिक नाम) लंबे समय से पारिवारिक उपेक्षा, मानसिक उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का सामना कर रही थीं। पारिवारिक परिस्थितियां बिगड़ने पर उनके पति ने उन्हें घर से बाहर कर दिया था। इसके बाद वह असहाय अवस्था में राम मंदिर परिसर में बैठी मिलीं। 181 हेल्पलाइन के माध्यम से 13 मार्च को सूचना प्राप्त हुई, जिसके बाद ओएससी टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित स्थान पर ले गई।

    सुरक्षित माहौल के साथ भावनात्मक संबल देने पर जोर

    सखी वन स्टॉप सेंटर में महिला की काउंसलिंग की गई। टीम ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और उनकी भावनात्मक स्थिति को समझने का प्रयास किया। महिला के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ उन्हें उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी विकल्पों की जानकारी भी दी गई। आवश्यकता के अनुसार उनके लिए अस्थायी आश्रय और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई, ताकि वह खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और आगे की स्थिति पर सोच सकें।

    पति, पुत्र और बहू की काउंसलिंग से परिवार में लौटा संवाद

    महिला को परिवार से दोबारा जोड़ने के लिए स्थानीय थाना, ग्राम प्रधान और परिवार के सदस्यों से संपर्क किया गया। इसके बाद पति, पुत्र और बहू की फैमिली काउंसलिंग कराई गई। लगातार संवाद और समझाइश के बाद परिजनों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आया और उन्होंने महिला को अपने साथ रखने पर सहमति जताई। महिला की इच्छा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक परिवार के साथ भेज दिया गया।

    समन्वित प्रयासों से असहाय अवस्था से सुरक्षित घर तक पहुंची महिला

    जिला प्रोबेशन अधिकारी जय पाल वर्मा ने बताया कि महिला अब संतोषजनक और सुरक्षित वातावरण में जीवन व्यतीत कर रही हैं। उन्होंने सम्मान के साथ घर वापसी की है। इस पूरे प्रकरण में 181 महिला हेल्पलाइन, सखी वन स्टॉप सेंटर, पुलिस, ग्राम प्रधान और परिवार के सदस्यों के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समय पर मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई से महिला को असहाय अवस्था से बाहर निकालकर सुरक्षित पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सका।महिला सुरक्षा से जुड़ी इस पहल में सहायता का उद्देश्य केवल तत्काल संरक्षण उपलब्ध कराना नहीं रहा, बल्कि परिवार के भीतर संवाद बहाल कर महिला को सम्मान और सुरक्षा के साथ उसके घर तक पहुंचाना भी रहा। वन स्टॉप सेंटर की काउंसलिंग और विभिन्न स्तरों पर किए गए समन्वित प्रयासों से यह संभव हो सका।

  • पीएम सूर्य घर योजना में यूपी का परचम, सितंबर में 74,796 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित

    पीएम सूर्य घर योजना में यूपी का परचम, सितंबर में 74,796 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित

    पीएम सूर्य घर योजना में यूपी का परचम, सितंबर में 74,796 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित

    उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 2,493 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित

    मासिक स्थापना में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम, आंध्र प्रदेश दूसरे और महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर

    लखनऊ
     प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर स्थापना में उत्तर प्रदेश ने सितंबर 2026 में देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। सितंबर माह में प्रदेश में 74,796 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए गए। इस दौरान आंध्र प्रदेश 69,813 और महाराष्ट्र 60,907 इंस्टॉलेशन के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। सितंबर के आंकड़ों में गुजरात में 45,616 और केरल में 30,315 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन दर्ज किए गए। इस तरह सितंबर की मासिक स्थापना में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर रहा।

    उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 2,493 इंस्टॉलेशन
    सितंबर माह में उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 2,493 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए गए। 30 सितंबर को प्रदेश में एक दिन में 3,389 इंस्टॉलेशन दर्ज हुए। पूरे महीने में यूपी ने गुजरात से 29,180 और महाराष्ट्र से 13,889 अधिक इंस्टॉलेशन किए। सितंबर में देशभर में कुल 4,38,815 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन हुए, जिसमें उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत रही।

    योगी सरकार के प्रयासों से सौर ऊर्जा को मिल रही गति

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को बढ़ावा दिया जा रहा है। पीएम सूर्य घर योजना के राज्यस्तरीय क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और योजना की प्रगति की निगरानी यूपी नेडा के निदेशक रविंदर सिंह के नेतृत्व में की जा रही है।

    8.67 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित

    30 सितंबर 2026 तक उत्तर प्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना के तहत कुल 8,67,755 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन हो चुके हैं। इनकी कुल स्थापित क्षमता 2,911.39 मेगावाट पहुंच गई है। संचयी स्थापना में गुजरात 8,70,152 इंस्टॉलेशन के साथ उत्तर प्रदेश से केवल 2,397 इंस्टॉलेशन आगे रहा, जबकि महाराष्ट्र की संचयी स्थापना 8,27,182 रही।

    31 मार्च 2027 तक योजना, उपभोक्ता जल्द लें सब्सिडी का लाभ

    पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने पर सब्सिडी उपलब्ध है। योजना की निर्धारित अवधि 31 मार्च 2027 तक है। अधिकारियों की प्रदेश के शेष विद्युत उपभोक्ताओं से अपील है कि वे समय रहते पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए आवेदन करें और पात्रता के अनुसार सब्सिडी का लाभ उठाएं। उपभोक्ता पीएम सूर्य घर राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विद्युत उपभोक्ता सौर ऊर्जा अपनाकर, बिजली बिल में बचत के साथ साथ स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार में भी सहभागी बन सकते है ।

    सितंबर 2026 मासिक राष्ट्रीय रैंकिंग

    उत्तर प्रदेश- 74,796
    आंध्र प्रदेश- 69,813
    महाराष्ट्र- 60,907
    गुजरात- 45,616
     केरल- 30,315