Category: उत्तर प्रदेश

  • मुख्यमंत्री योगी की मंशा को धरातल पर उतारने में जुटा मंडी परिषद, किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री योगी की मंशा को धरातल पर उतारने में जुटा मंडी परिषद, किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री योगी की मंशा को धरातल पर उतारने में जुटा मंडी परिषद, किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता 

    निदेशक कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने नवनियुक्त मंडी सचिवों से किया संवाद  
     
    गांधी जी एवं शास्त्री जी की जयंती पर उनके चित्रों पर किया माल्यार्पण  

    नवनियुक्त मंडी सचिवों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग

    किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण और मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता पर दिया जोर

    लखनऊ, 
     मुख्यमंत्री योगी सरकार की किसान हितैषी नीतियों और मंशा के अनुरूप राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा मंडी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं किसान केंद्रित बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। यह जानकारी निदेशक मंडी परिषद जितेंद्र प्रताप सिंह ने दी। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर अपने कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। 

      इस अवसर पर निदेशक राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया, वहीं लाल बहादुर शास्त्री जी ने सादगी, ईमानदारी और देशभक्ति की मिसाल कायम की। दोनों महान विभूतियों का जीवन और आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। इस अवसर पर उन्होंने नवनियुक्त मंडी सचिवों से संवाद किया और मंडी व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ ही किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया। 

        निदेशक ने बताया कि प्रदेश में मंडी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से नवनियुक्त मंडी सचिवों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान मंडी सचिवों को मंडी संचालन, विभागीय कार्यप्रणाली, किसानों से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान, राजस्व एवं अन्य प्रक्रियाओं के साथ-साथ मंडी व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन की जानकारी दी जाएगी। मंडी सचिवों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

              निदेशक ने कहा कि मंडियां किसानों के लिए केवल कृषि उपज की बिक्री का केंद्र नहीं हैं, बल्कि किसानों को बेहतर सुविधाएं और उचित वातावरण उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने मंडी सचिवों को निर्देशित किया कि मंडियों में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने किसानों की शिकायतों और समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण करने तथा मंडी व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया।

         जितेंद्र प्रताप सिंह ने मंडी सचिवों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों और आढ़तियों से नियमित संवाद स्थापित करें। मंडी व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की जानकारी लेकर उनका समयबद्ध समाधान कराया जाए। कृषि उपज की खरीद-बिक्री से संबंधित व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

             उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का जोर किसान हितों की रक्षा के साथ-साथ सरकारी व्यवस्थाओं को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने पर है। मंडी सचिव इस व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए उन्हें अपने दायित्वों को पूरी गंभीरता से निभाना होगा। प्रशिक्षण में विशेष रूप से ऐसे किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने के लिए मंडी सचिवों को तैयार किया जाएगा, जो किसी कारणवश आर्थिक अथवा अन्य कठिनाइयों से प्रभावित हैं। किसानों को मंडियों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।

       निदेशक विपणन टी.के. शीबू ने बताया कि प्रदेश में मंडी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का समयबद्ध एवं प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडी सचिवों की भूमिका किसानों और मंडी प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में है। इस अवसर पर मंडी परिषद के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • प्रेमानंद महाराज का आश्रम फिर सवालों के घेरे में, 17 वर्षीय किशोर लापता; परिजन धरने पर बैठे

    प्रेमानंद महाराज का आश्रम फिर सवालों के घेरे में, 17 वर्षीय किशोर लापता; परिजन धरने पर बैठे

    मथुरा
    प्रेमानंद महाराज का आश्रम विवादों में घिरता जा रहा है। एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद अब आश्रम आया एक किशोर गायब हो गया है। 17 वर्षीय अनुज चौधरी के परिजन संत प्रेमानंद महाराज के राधा केलि कुंज के सामने धरने पर बैठ गए। अपने बेटे की सकुशल बरामदगी की मांग पर बैठे परिजनों ने आश्रम के शिष्यों पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। इन आरोपों और परिजनों द्वारा धरना देने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रेमानंद महाराज ऐसे संत हैं जो बहुत ही तेजी से सुर्खियों में आए। वर्ष 2023 के जनवरी महीने में जब विराट कोहली और अनुष्का शर्मा अपनी बेटी के साथ प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे, तब और कहीं तो दूर वृंदावन के अधिकांश लोग भी नहीं जानते थे कि प्रेमानंद महाराज कौन हैं और कहां रहते हैं।

    प्रेमानंद महाराज का हाईटेक तरीका सोशल मीडिया के दौर में उन्हें तेजी से प्रसिद्धि की ओर ले गया। रात में की जाने वाली उनकी पदयात्रा में लोग जुटने लगे। कई नामचीन शख्सियतों के आने से प्रसिद्धि और बढ़ने लगी। हालांकि पिछले कई महीने से रात में निकलने वाली उनकी पदयात्रा बंद है। इस बीच खबर है कि प्रेमानंद महाराज के आश्रम के लिए नोएडा से आई एक युवती भी गायब है। उसके पिता उसे खोजते हुए यहां आये हैं। वहीं आश्रम के बाहर ढाबे पर कार्य करने वाली एक महिला का 10 साल का बच्चा भी गायब हो गया है।

    काफी समय से नहीं आ रहा ताजा वीडियो
    प्रेमानंद महाराज का काफी समय से उनके यूट्यूब चैनल पर सत्संग का वीडियो नहीं आ रहा है। कुछ समय पूर्व तक पुराने वीडियो दिखाए जा रहे थे लेकिन अब वह भी बंद हैं। जबकि इससे पहले उनके सत्संग के वीडियो लगातार आ रहे थे। उन्हें देखने वालों की संख्या भी बहुत थी।

    क्या सब कुछ सही चल रहा है?
    प्रेमानंद महाराज के आश्रम में सब कुछ सही चल रहा है या नहीं, इस बात को हवा तब लगी जब प्रेमानंद महाराज यमुना पार आश्रम बनवाने लगे और वहां चले गए। हालांकि इस पर कोई कुछ बोल नहीं रहा था लेकिन इसे लेकर चर्चा चल निकली थीं। जितने मुंह उतनी बातें लेकिन आश्रम की ओर से कुछ ऐसा नहीं कहा गया, जिससे ऐसा लगे कि कुछ सही नहीं चल रहा।

    रसिक की मौत ने खड़े किए सवाल
    पिछले दिनों प्रेमानंद महाराज के शिष्य मूल रूप से जबलपुर निवासी दीपक पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए। गौरतलब है कि प्रेमानंद महाराज के आश्रम केली कुंज के समीप ही बने भवन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य रहते हैं। इनमें से ही एक शिष्य चौथे माले से कूद पड़ा। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां पता लगा कि उसका प्राइवेट पार्ट कटा मिला।

    प्रेमानंद के आश्रम आई युवती और आश्रम के बाहर से बच्चा गायब
    प्रेमानंद महाराज के आश्रम के लिए नोएडा से आयी एक युवती भी गायब है। उसके पिता उसे खोजते हुए यहां आये हैं। वहीं आश्रम के बाहर ढाबे पर कार्य करने वाली एक महिला का 10 वर्षीय बच्चा भी गायब हो गया है। जिस समय अनुज के परिजन धरना दे रहे थे, उसी समय नजफगढ़ की रहने वाली अनीता वहां पहुंची। अनीता ने अपने 10 वर्षीय बेटे वंश के गायब होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वो अपने बेटे के साथ आश्रम के बाहर स्थित एक ढाबे में खाना बनाने का काम करती है। छह दिन पहले वह किसी काम से गांव गई थीं और अपने बेटे को ढाबे पर छोड़ गई थीं। पहले भी वह बेटे को ढाबे पर ढाबा मालिक के पास छोड़ जाती थीं। इस बार जब लौटीं तो उसका बेटा गायब था।

    उधर नोएडा के सेक्टर 56 के रहने वाले उमेश सिन्हा अपनी 38 साल की बेटी विभा को आश्रम के बाहर तलाशते नजर आए। उनका कहना था कि उनकी बेटी विभा 15 अगस्त को घर से संत प्रेमानंद आश्रम के लिए निकली थी। उनकी बेटी महाराज जी से दीक्षा लेना चाहती थी। लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं लग सका है। इसकी शिकायत नोएडा पुलिस में दर्ज करा दी थी। बेटी को खोजने वह यहां आये हैं लेकिन यहां उसका पता नहीं चल रहा है। पूरा परिवार विभा के न मिलने से परेशान है।

  • आराधना मिश्रा मोना को यूपी कांग्रेस की कमान, 2027 से पहले बड़ा संगठनात्मक बदलाव

    आराधना मिश्रा मोना को यूपी कांग्रेस की कमान, 2027 से पहले बड़ा संगठनात्मक बदलाव

     लखनऊ

    कांग्रेस ने अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रदेश की रामपुर खास सीट से तीसरी बार विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। इसके साथ ही कांग्रेस अपने पारंपरिक वोटबैंक की तरफ लौटती दिख रही है। शुक्रवार देर शाम यूपी कांग्रेस संगठन में की गईं तैनातियों में कांग्रेस अपने पुराने वोटबैंक की तरफ बढ़ती दिख रही है। प्रभारी दलित हैं, जबकि प्रदेश अध्यक्ष ब्राह्मण और कार्यकारी अध्यक्ष मुस्लिम हैं। यही तीनों 80 के दशक तक कांग्रेस के बेस वोटर थे। अब लाख टके का सवाल ये है क्या 2027 के रण में इस बेस वोटर को कांग्रेस की ओर लौटाने का कमाल सचमुच हो पाएगा?

    बीते लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 17 सीटों पर लड़कर छह सीटें जीतने में कामयाब रही थी। वहीं, सपा के साथ मिलकर इंडिया गठबंधन को यूपी में कुल 43 सीटें मिली थीं। माना गया कि ‘संविधान बचाओ’ के नाम पर दलित वर्ग का एक बड़ा हिस्सा कांग्रेस में आया और कांग्रेस के नाम पर ही उसने गठबंधन उम्मीदवार को वोट किया था। लोकसभा चुनाव के नतीजों से उत्साहित कांग्रेस अब अगले साल प्रस्तावित विधान सभा चुनाव के पहले अपना पुराना वोटबैंक सहेजती दिख रही है। यही वजह है कि लोकसभा चुनाव के वक्त यूपी कांग्रेस के प्रभारी रहे अविनाश पांडे को हटाकर पहले उसने दलित वर्ग से आने वाले राजेंद्र पाल गौतम को नया प्रभारी बनाया।

    अब शुक्रवार देर शाम जारी किए गए बदलाव के आदेशों में वह उससे और आगे बढ़कर ब्राह्मण, दलित और मुस्लिम मतदाताओं में सकारात्मक संदेश देती दिखाई दे रही है। पार्टी ने ओबीसी समुदाय को भी लुभाने के लिए कांग्रेस विधानमंडल दल का नेता ओबीसी समुदाय से आने वाले वीरेंद्र चौधरी को सौंप दिया है। इसके अलावा वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद पर भी पार्टी ने देवेंद्र निषाद को शामिल करके निषाद समुदाय में भी एक बड़ा संदेश दिया है। कुल मिलाकर पार्टी ने चुनाव के पहले यूपी में सांगठनिक फेरबदल के माध्यम से जातियों का बड़ा गुलदस्ता सजाया है।

    इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर दिया ये संदेश
    कांग्रेस ने सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। इससे कांग्रेस पश्चिम यूपी में दलित-मुस्लिम गठजोड़ का संदेश देना चाहती है। पश्चिम में वोटरों के लिहाज से देखें तो हिंदू मतदाताओं में सबसे बड़ा हिस्सा दलितों का है। दलितों में जाटवों की हिस्सेदारी बड़ी है। राजेंद्र पाल गौतम जाटव बिरादरी से आते हैं। पार्टी ने इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर पश्चिम यूपी के मुस्लिम मतदाताओं में सकारात्मक संदेश दिया है। सपा-कांग्रेस गठबंधन के लिए पश्चिम अभी भी बड़ी चुनौती है, ऐसे में यह गठजोड़ नई राजनीतिक संभावनाएं खड़ी कर सकता है।

    वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं आराधना मिश्रा
    आराधना मिश्रा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। वह उस राजनीतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करती हैं। ऐसे में आराधना मिश्रा के बहाने सपा से समन्वय ज्यादा आसान होगा। उनके संबंध प्रियंका गांधी से भी बेहद अच्छे हैं और राहुल कैंप में भी वह फिट हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व को उनपर ज्यादा भरोसा है। वह, ब्राह्मण समुदाय से आती हैं तो एक समय तक पार्टी का पारंपरिक वोटर रहे ब्राह्मणों में भी संदेश है। पार्टी आधी आबादी में भी सकारात्मक संदेश देना चाहती है।

    अजय राय के योगदान को कांग्रेस ने सराहा
    कांग्रेस ने अजय राय के पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर दिए गए योगदान की प्रशंसा की है। अजय राय ने भी कहा कि मुझ जैसे सामान्य कार्यकर्ता यूपी कांग्रेस अध्यक्ष बनाने के लिए मैं उनका आजीवन आभारी रहूंगा। राय ने नई प्रदेश अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी हैं। अगस्त 2023 में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के पद पर तैनात किए गए अजय राय ने तीन वर्ष से अधिक के कार्यकाल में यूपी कांग्रेस में नई जान फूंकने का प्रयास किया। वह इस दरमियान कांग्रेस की मुखर आवाज के तौर पर सत्ता को चुनौती देते रहे। उन्होंने जिस तरह से कांग्रेस के तत्कालीन यूपी प्रभारी अविनाश पांडे के साथ मिलकर 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ हुए गठबंधन में मजबूत 'केमेस्ट्री' का संदेश दिया, वह इससे पहले पार्टी ने किसी भी गठबंधन में नहीं देखा गया था। इसी का असर रहा था कि 2019 में महज एक सीट पर सिमट गई कांग्रेस दोबारा 2024 के लोकसभा चुनाव में छह सीट जीतने में कामयाब रही। यह बात दीगर है कि अजय राय को तीन साल में पार्टी ने उनकी नई टीम नहीं दी। बावजूद इसके वह लगातार पार्टी को सक्रिय बनाए रहे। उनकी बेबाकी और सत्ता के प्रति तल्ख तेवर ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरा था।

    अराधना मिश्रा ने जताया आभार
    आराधना मिश्रा ने प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने हिन्दुस्तान से बातचीत में कहा कि मैं अपनी चौथी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व कर रही हूं, जो कांग्रेस के साथ है। पार्टी नेतृत्व का बहुत आभार कि उसने मुझे यह जिम्मेदारी दी है। मैं, पार्टी के हर कार्यकर्ता, पूर्व और वरिष्ठों को साथ लेकर चलूंगी। 2027 में कांग्रेस की सरकार बनेगी। अब वक्त कम है, लिहाजा ज्यादा ऊर्जा के साथ काम करेंगे।

  • दिल्ली में महिलाओं का पिंक टिकट होगा बंद! मुफ्त बस सफर के लिए लेना होगा ‘पिंक सहेली कार्ड’

    दिल्ली में महिलाओं का पिंक टिकट होगा बंद! मुफ्त बस सफर के लिए लेना होगा ‘पिंक सहेली कार्ड’

     नई दिल्ली

    दिल्ली में डीटीसी बसों में महिलाओं के लिए यात्रा मुफ्त है. लेकिन अब उनके सफर का तरीका बदलने वाला है. अभी तक यात्रा के लिए बस कंडक्टर से मिलने वाला कागज का पिंक टिकट जल्द ही बंद हो सकता है. दिल्ली सरकार इस संबंध में जल्द नोटिफिकेशन जारी कर सकती है. इसके बाद महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा के लिए 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड' रखना जरूरी होगा। 

    दिल्ली के परिवहन विभाग पहले ही कह चुका था कि 1 अक्टूबर से मुफ्त सफर के लिए स्मार्ट कार्ड अनिवार्य किया जाएगा. हालांकि, बस में बैठने के बाद कंडक्टर से मिलने वाले पिंक टिकट की सुविधा को कई बार आगे बढ़ाया गया था. अब सरकार कागज वाले टिकट की व्यवस्था से स्मार्ट कार्ड की ओर बढ़ रही है। 

    करीब 19 लाख कार्ड पहले ही जारी
    दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि इस संबंध में जल्द नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. इसके बाद पिंक सहेली कार्ड को अनिवार्य कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अब तक करीब 19 लाख पिंक सहेली कार्ड जारी किए जा चुके हैं। 

    एक वरिष्ठ डीटीसी अधिकारी के मुताबिक, अगले 10 दिनों तक महिलाओं के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. इस दौरान महिला यात्रियों को पिंक सहेली कार्ड बनवाने के लिए जागरूक किया जाएगा, ताकि कार्ड व्यवस्था लागू होने पर उन्हें बस में सफर करने में परेशानी न हो। 

    कौन बनवा सकता है कार्ड?
    पिंक सहेली कार्ड दिल्ली में रहले वाली महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए उपलब्ध है. इसके लिए उम्र कम से कम 5 साल होनी चाहिए. कार्ड बनवाते समय आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और नाम समेत जरूरी जानकारी देनी होगी. पहली बार कार्ड बनवाने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा. कार्ड खो जाने या खराब होने की स्थिति में नया कार्ड बनवाने के लिए 59 रुपये देने होंगे. इसमें जीएसटी शामिल है. कार्ड जारी होने की तारीख से 5 साल तक वैध रहेगा। 

    कार्ड बनवाने के दो तरीके
    पिंक सहेली कार्ड ऑफलाइन और ऑनलाइन, दोनों तरीकों से बनवाया जा सकता है.

    ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?
    इसके लिए डीटीसी सेंटर, डीएम ऑफिस या एसडीएम ऑफिस जाना होगा. वहां एफओएस एजेंट को नाम, मोबाइल नंबर और आधार की जानकारी देनी होगी. ओटीपी से सत्यापन पूरा होने के बाद कार्ड उसी दिन जारी किया जा सकता है। 

    ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
    ऑनलाइन खुद आवेदन करने के लिए MufinPay पर मोबाइल नंबर और आधार की जानकारी भरनी होगी. ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद क्यूआर एक्नॉलेजमेंट डाउनलोड किया जा सकेगा. इसके बाद अधिकृत डीटीसी सेंटर से फिजिकल कार्ड लेना होगा। 

    मेट्रो और रैपिड रेल में भी चलेगा कार्ड
    पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त सफर के लिए किया जा सकेगा. इसके अलावा यह दिल्ली मेट्रो और नमो भारत रैपिड रेल में भी यात्रा कार्ड की तरह इस्तेमाल हो सकता है. हालांकि, मेट्रो और आरआरटीएस में सफर मुफ्त नहीं होगा. इन सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए कार्ड में पहले पैसे डालने होंगे. कार्ड के पीछे दिए क्यूआर कोड को यूपीआई ऐप से स्कैन करके इसमें रकम डाली जा सकती है. दिल्ली मेट्रो में कार्ड का बैलेंस इस्तेमाल करने के लिए मेट्रो स्टेशन की एवीएम मशीन से टॉप-अप करना होगा। 

    पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड नहीं तो क्या करें?
    अगर आप दिल्ली में डीटीसी या क्लस्टर बसों से सफर करती हैं और मुफ्त यात्रा का लाभ जारी रखना चाहती हैं, तो पिंक सहेली कार्ड बनवाना जरूरी हो सकता है. करीब 50 अधिकृत केंद्रों पर जाकर कार्ड बनवाया जा सकता है. पहली बार कार्ड मुफ्त होने के कारण यात्रियों के लिए इसे समय रहते बनवाना आसान रहेगा। 

  • रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी, दलहन-तिलहन पर सरकार का खास जोर

    रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी, दलहन-तिलहन पर सरकार का खास जोर

    बांदा
    केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सरकार ने इस बार गेहूं की तुलना में दलहन-तिलहन पर ज्यादा मेहरबानी दिखाई है।

    गेहूं का एमएसपी 2585 से बढ़ाकर 2610 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, यानी सिर्फ 25 रुपये की वृद्धि। जबकि चने में 83 रुपये, मसूर में 390 रुपये, रेपसीड-सरसों में 413 रुपये, जौ में 136 रुपये, कुसुम (तिलहन) में सबसे ज्यादा 675 रुपये बढ़ाया है। हालांकि जिले में कुसुम का उत्पादन किया ही नहीं जाता है।

    दलहन और खाद्य तेलों के आयात को कम करने पर फोकस
    सरकार की मंशा स्पष्ट है कि देश में गेहूं का बफर स्टाक पहले से ही पर्याप्त है। 2014-15 से 2025-26 के बीच 3715 लाख टन गेहूं की खरीद एमएसपी पर हुई है, जो 2004-05 से 2013-14 के 2254 लाख टन से काफी अधिक है। इसलिए अब फोकस दलहन और खाद्य तेलों के आयात को कम करने पर है। जिले के किसानों के लिए यह फैसला सीधे जेब से जुड़ा है। लेकिन गेहूं के दाम में कम बढ़ोतरी पर किसान मायूस हैं।

    जिले में 3.39 लाख किसान हैं, जो करीब 3.77 लाख हेक्टेयर खेती में रबी फसलों की पैदावार करते हैंं। इसमें से 1.94 लाख खेती में किसान गेहूं की उपज पैदा करते हैं। जिले में रबी की मुख्य फसलें गेहूं, चना, मसूर और सरसों हैं।

    अतिरिक्त लाभ का हिसाब
    कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते वर्ष 2026-27 में जिले की मंडियों और सरकारी क्रय केंद्रों पर कुल 6,00,120 क्विंटल गेहूं, 1,52,051 क्विंटल चना, 41,444 क्विंटल मसूर और 23,526 क्विंटल सरसों की खरीद/उत्पादन दर्ज किया गया था।

    यदि इसी उत्पादन को आधार मानें तो नए बढ़े हुए एमएसपी से किसानों को होने वाले अतिरिक्त फायदे में गेहूं बीते वर्ष 6,00,120 क्विंटल हुआ, इसमें बढ़ोतरी धनराशि यदि 25 रुपये बढ़ा दिया जाए तो करीब 1.50 करोड़ रुपये की होगी। वहीं यदि चने की बात करें तो बीते वर्ष 1,52,051 क्विंटल का उत्पादन हुआ तो बढ़ोतरी 83 रुपये होने पर अतिरिक्त लाभ में करीब 1.26 करोड़ रुपये का सीधे लाभ होगा।

    मसूर में भी बीते वर्ष 41,444 क्विंटल का उत्पादन हुआ, यदि बढ़ोतरी 390 रुपये होने पर किसानों को होने वाले फायदे की बात करें तो करीब 1.61 करोड़ रुपये का लाभ होगा। सरसों बीते वर्ष 23,526 क्विंटल हुई, बढ़ोतरी 413 रुपये की सरकार ने की तो इस हिसाब से करीब 97 लाख रुपये का अतिरिक्त लाभ होगा।

    यानी यदि आने वाले रबी सीजन में इतना ही उत्पादन हुआ तो बांदा के किसानों की जेब में पिछले साल के मुकाबले कुल पांच करोड़ 35 लाख दो हजार 631 रुपये अतिरिक्त आएंगे। इसमें सबसे ज्यादा फायदा मसूर और सरसों के किसानों को होगा। गेहूं सबसे ज्यादा पैदा होने के बावजूद सबसे कम लाभ देगा।

        पानी की कमी के कारण दलहन-तिलहन की खेती ज्यादा फायदेमंद है। एमएसपी बढ़ने से किसान को चना-मसूर-सरसों में ज्यादा फायदा होगा, किसानों को चाहिए चना, मसूर, सरसों जैसी खेती की ओर लौटें, जिससे भूजल बचेगा और फायदा भी अधिक होगा।

        -संजय कुमार, जिला कृषि अधिकारी, बांदा

    बढ़ोतरी एक नजर में

    फसल2026-272027-28बढ़ोतरी
    गेहूं2,5852,61025
    जौ2,1502,286136
    चना5,8755,95883
    मसूर7,0007,390390
    रेपसीड-सरसों6,2006,613413
    कुसुम (तिलहन)6,5407,215675

     

  • गांवों को वोट बैंक समझने वालों की राजनीति से गांव पीछे रह गए- सीएम योगी

    गांवों को वोट बैंक समझने वालों की राजनीति से गांव पीछे रह गए- सीएम योगी

    गांवों को वोट बैंक समझने वालों की राजनीति से गांव पीछे रह गए- सीएम योगी

    ‘ग्राम स्वराज कोई राजनीतिक नारा नहीं, आत्मनिर्भर यूपी का संकल्प है’—सीएम योगी आदित्यनाथ

    'पूर्व की सरकारों में गांव हुए बदहाल, अराजकता और जातिवाद की आग में झोंका'- सीएम योगी का सपा पर निशाना

    सीएम योगी का दावा- 57,600 ग्राम सचिवालयों में डिजिटल सुविधाओं से बदली गांवों की तस्वीर

    'हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    लखनऊ, 
     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम स्वराज को लेकर अपनी सरकार के कामकाज और गांवों में किए गए बदलावों का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि 2017 से पहले गांवों को विकास के बजाय सिर्फ वादे मिले और गांवों के नाम पर राजनीति होती रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार गांवों को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और नए भारत की पहली इकाई मानकर काम कर रही है।

    ‘2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले’
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "वर्ष 2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले। गांवों के नाम पर राजनीति होती रही, लेकिन व्यवस्था में न पारदर्शिता थी, न जवाबदेही। आय और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए तहसील, थाना और जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे।"

    उन्होंने आगे कहा, "जिन्होंने गांवों को सिर्फ अराजकता और जातिवाद की आग में झोंका, गांवों को केवल वोट बैंक समझा, उनकी राजनीति की वजह से गांव पीछे रह गए।"

    ‘गांवों को लेकर हमारी सोच अलग है’- सीएम योगी
    सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार की सोच गांवों को लेकर अलग है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार गांव को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, नए भारत के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानकर काम कर रही है।"

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में सरकार ने गांवों से जुड़ी व्यवस्थाओं में बदलाव किया है। उन्होंने कहा, "पिछले साढ़े नौ वर्षों में हमारी सरकार ने इस व्यवस्था को बदला है।"

    57,600 ग्राम सचिवालयों में डिजिटल सुविधा
    मुख्यमंत्री ने गांवों में डिजिटल सुविधाओं और पंचायत व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा, "57,600 ग्राम सचिवालयों में आज ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्राम वासियों को समस्त सुविधाएं गांव में मिल रही हैं। पंचायतों के कामकाज पारदर्शी और जवाबदेह हैं।"

    उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम सचिवालयों के संचालन से गांवों में रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "ग्राम सचिवालयों के संचालन से प्रत्येक गांव में 5 से 7 रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।"

    11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी
    सीएम योगी ने गांवों में शिक्षा और डिजिटल सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है।
    ग्राम स्वराज की अवधारणा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारे लिए ग्राम स्वराज कोई राजनीतिक नारा नहीं, महात्मा गांधी के सपनों के गांव और उसकी आत्मनिर्भरता का संकल्प है।"

    उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में कहा, "सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश- यही हमारा ग्राम स्वराज है। हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं है।"

  • सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव ही ग्राम स्वराज की आधारशिला, इसमें परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं: मुख्यमंत्री

    सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव ही ग्राम स्वराज की आधारशिला, इसमें परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं: मुख्यमंत्री

    सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव ही ग्राम स्वराज की आधारशिला, इसमें परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं: मुख्यमंत्री

    ग्राम स्वराज को आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानकर काम कर रही हमारी सरकार: मुख्यमंत्री

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा- 2017 से पहले गांवों को विकास के बजाय मिले केवल वादे, ग्रामीणों को लगाने पड़ते थे चक्कर

    गांवों को केवल वोट बैंक के रूप में देखने वाली राजनीति के कारण ग्रामीण क्षेत्रों का विकास प्रभावित हुआ: सीएम योगी

    हमारी सरकार में 57,600 ग्राम सचिवालयों में ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था: सीएम

    11,350 ग्राम पंचायतों में स्थापित की जा रही डिजिटल लाइब्रेरी: मुख्यमंत्री

    लखनऊ,
     राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार गांव को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, बल्कि नए भारत के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानकर काम कर रही है। सशक्त पंचायत व समृद्ध गांव ही ग्राम स्वराज की आधारशिला हैं, जिसमें परिवारवादी मॉडल के लिए कोई जगह नहीं है।

    मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर साझा की गई पोस्ट में कहा कि वर्ष 2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, केवल वादे मिले। गांवों के नाम पर राजनीति होती रही, लेकिन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव रहा। आय और जाति प्रमाण-पत्र जैसे सामान्य कार्यों के लिए भी ग्रामीणों को तहसील, थाना और जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। गांवों को केवल वोट बैंक के रूप में देखने वाली राजनीति के कारण ग्रामीण क्षेत्रों का विकास प्रभावित हुआ। वर्तमान सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए ग्राम पंचायतों को सुविधाओं और सेवाओं से जोड़ने पर काम किया है।

    57,600 ग्राम सचिवालयों में डिजिटल सुविधाएं
    मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के 57,600 ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों को ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन मॉनिटरिंग जैसी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे ग्राम पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। ग्राम सचिवालयों के संचालन से प्रत्येक गांव में 5 से 7 रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। इसके साथ ही प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।

    ग्राम स्वराज को बताया आत्मनिर्भरता का संकल्प
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए ग्राम स्वराज कोई राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के सपनों के गांव और उसकी आत्मनिर्भरता का संकल्प है। सशक्त पंचायत व समृद्ध गांव ही ग्राम स्वराज और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की आधारशिला हैं। ग्राम स्वराज की इस व्यवस्था में परिवारवादी मॉडल के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री ने “सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” को ग्राम स्वराज की दिशा में सरकार के दृष्टिकोण के रूप में रेखांकित किया।

  • 308 पहियों वाला ‘बाहुबली’ ट्रक देखने उमड़ी भीड़, 200 टन का बॉयलर लेकर पहुंचा वाराणसी

    308 पहियों वाला ‘बाहुबली’ ट्रक देखने उमड़ी भीड़, 200 टन का बॉयलर लेकर पहुंचा वाराणसी

    लखीमपुर खीरी
    लखीमपुर खीरी जिले के ग्राम कुंभी में लगने वाली शुगर मिल के लिए जा रहे इस भारी भरकम बॉयलर से ज्यादा 308 पहियों वाले बाहुबली ट्रक की चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर ये ट्रक छाया है। इस ट्रक को पास कराने के लिए साथ में पुलिस भी चल रही है। बेल्जियम से समुद्र के रास्ते आए बॉयलर और बाहुबली ट्रक को देखने के लिए लोगों की सड़कों पर लाइनें लग रही हैं। लोग वीडियो और सेल्फी लेने के लिए उमड़ रहे हैं, जिसके चलते ट्रक आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इसको लेकर देखते हुए अब ट्रक का रूट बदलना पड़ गया है। पहले जिस रूट से होकर ट्रक को लखीमपुर पहुंचना था, अब उस रास्ते से ट्रक नहीं जाएगा। गुरुवार को 308 पहियों वाला ट्रेलर हरहुआ से रिंग रोड फेज-1 होते हुए संदहा के पास पहुंचा था, यहां स्वर्वेद मंदिर के पास फुट ओवरब्रिज को देर शाम तक काटा गया। इसके बाद ट्रक को फुट ओवरब्रिज को काटकर नीचे से गुजारा गया।

    हरहुआ से चलकर उमरहां के पास जैसे ही 200 टन वजनी बॉयलर लेकर चल रहे 308 पहियों वाला विशाल ट्रेलर पहुंचा, स्वर्वेद महामंदिर के सामने बना पैदल फुट ओवरब्रिज बाधा बन गया। ट्रेलर को सुरक्षित निकालने के लिए फुट ओवरब्रिज को काटकर हटाना शुरू कर दिया गया। स्थानीय लोगों की निगाहें भी इस विशाल ट्रेलर पर टिकी रहीं। संभावना जताई गई कि ट्रेलर गुरुवार देर रात उमरहां पहुंचेगा। इसके बाद गाजीपुर से होते हुए आगे रवाना होगा। उधर वाहन के गुजरने के दौरान हरहुआ, संदहा, उमरहा आदि जगहों पर रीलबाज जमा थे। सभी वीडियो, फोटो, सेल्फी ले रहे थे।

    डाफी प्लाजा पर ट्रक का कटा 693 रुपये का टोल
    लखीमपुर खीरी की शुगर मिल के लिए वेसल बॉयलर लेकर जा रहा 308 पहियों वाला मल्टी एक्सल वैक्यूम ट्रेलर बुधवार दोपहर 12 बजे के बाद डाफी टोल प्लाजा से आगे बढ़ा। वह उल्टे लेन से होता हुआ रखौना से रिंग रोड गया। गंजारी स्टेडियम के पास वह अपने लेन में आ गया और देर शाम कोईराजपुर के पास पहुंचा। यहां से गुरुवार सुबह संदहा होते हुए गाजीपुर के लिए रवाना हुआ। डाफी प्लाजा पर इसका 693 रुपये का टोल कटा। बॉयलर बुधवार को डाफी टोल प्लाजा से चलकर अखरी, लठिया, कन्नाडाड़ी, मोहनसराय होते हुए राजातालाब पहुंचा।

    ट्रक के लिए काटना पड़ा ओवरब्रिज
    308 पहियों वाला 200 टन वजनी यह ‘बाहुबली’ ट्रेलर वॉयलर लेकर 1:30 बजे मोहनसराय पहुंचा। मोहन सराय में संकेतक बोर्ड खोला गया जबकि मोहन सराय-गंगापुर मोड़ पर फुट ओवर ब्रिज पहले से काट दिया गया था। ट्रेलर के पहुंचने पर जेसीबी से संकेतक एवं एफओबी के हिस्से को ऊपर उठाया गया। ट्रेलर के गुजरने के पुन: एफओबी को सही किया गया। ट्रेलर रखौना होते हुए रिंग रोड फेज-2 से आगे बढ़ा। उसके गुजरने के दौरान संबंधित मार्गों पर आम ट्रैफिक रोकी जाती रही।

    एक दिन पहले बदला गया था सर्विस लेन
    बेल्जियम से समुद्र के रास्ते ओडिशा पहुंची ओवर डायमेंशन कार्गो बॉयलर मशीन बीते शुक्रवार को बिहार से जिले के नौबतपुर बार्डर पर पहुंच गई थी। करीब दो सौ टन वजनी मशीन को 308 पहियों वाले ट्रेलर पर लादकर ओडिशा से सड़क मार्ग से लाया जा रहा है। इस मशीन को यूपी के लखीमपुर खीरी जिले के बलरामपुर में बन रहे प्लांट में लगाया जाना है। शुक्रवार को नौबतपुर से रवाना ट्रेलर के कटसिला के पास हाइवे पर शाम होने की वजह से रोक दिया गया था। शनिवार को पचफेड़वा के पास हाइवे पर रिंग रोड का पुल होने के कारण वैकल्पिक मार्ग के रूप में उसे पहले रिंग रोड पर ले जाया जाना था। लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

    दलदल में फंस चुका है 308 पहियों वाला ट्रक
    रविवार को मशीन रेवसा के पास रिंग रोड की पूर्वी सर्विस लेन पर पहुंची। लेकिन आगे जमीन दलदली होने से मशीन को सर्विस लेन पर ही रोक दिया गया था। लेकिन देर शाम ट्रेलर रिंग रोड पार करके पश्चिमी लेन पर पहुंच गया। दो दिनों से ये ट्रक चंदौली में ही फंसा था। ट्रक को निकालने के लिए रास्ता बनाया जा रहा है। बतादें कि लखीमपुर खीरी जिले के ग्राम कुम्भी में मैसर्स बलराम चीनी मिल लिमिटेड द्वारा निर्मित हो रहे देश के पहले बायोप्लास्टिक (पॉलीलैक्टिक एसिड) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए यह बॉयलर लाया जा रहा है। इस अति-विशिष्ट व भारी-भरकम इक्विपमेंट की लंबाई 41 मीटर, चौड़ाई 6 मीटर, ऊंचाई 7 मीटर और वजन 164.28 मीट्रिक टन है। ट्रैफिक पुलिस ने इस ट्रक को चंदौली की सीमा से पार कराकर जनपद वाराणसी में प्रवेश कराया है।

  • गांधी जयंती पर CM योगी ने खरीदा खादी का गमछा, बोले- स्वदेशी से स्वावलंबन की ओर बढ़े भारत

    गांधी जयंती पर CM योगी ने खरीदा खादी का गमछा, बोले- स्वदेशी से स्वावलंबन की ओर बढ़े भारत

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो अक्टूबर शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनको नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लखनऊ के हजरतगंज में श्री गांधी आश्रम खादी ग्रामोद्योग बोर्ड भवन भंडार से खादी के वस्त्रों की खरीदादारी करने के साथ लोगों से खादी को अपनाने की अपील भी की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हम गांधी आश्रम के कपड़ों को हम बचपन मे बड़ी उत्सुकता से देखते थे। आज उसको अंगीकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांधी आश्रम का यह चरखा केवल चरखा नही,बल्कि भारत के स्वावलंबन आत्मनिर्भरता का आधार है। ग्राम स्वराज की जो परिकल्पना बापू ने की थी, उसको लेकर पहले बड़े-बड़े दावे होते थे। सच्चाई क्या थी, हमने गांव को उपेक्षित छोड़ दिया।

    बापू की जयंती पर खादी को बढ़ावा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हजरतगंज (लखनऊ) के गांधी आश्रम से खादी का गमछा खरीदकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि खादी अपनाएं, स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाएं।

    गांव भी स्वावलम्बन का आधार बनेगा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूज्य बापू के सपने को साकार करते हुए गांव भी स्वावलम्बन का आधार बनेगा, इसके लिए सरकार ने हर गांव में ग्राम सचिवालय का गठन किया है। ग्राम सचिवालय के माध्यम से चार से सात लोगों को गांव में ही रोजगार की सुविधा प्राप्त हो रही है।

    जो समाज अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान का भाव रखकर कृतज्ञता ज्ञापित करेगा,भावी पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा उसका भविष्य अवश्य उज्ज्वल होगा। नया भारत आज उसी सपने को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से लगा हुआ है।

    गांधी जयंती पर प्रदेशवासियों को बड़ा उपहार
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रदेशवासियों को बड़ा उपहार भी दिया। उन्होंने कहा कि खादी भारत की स्वाधीनता का मंत्र है, प्रदेश सरकार ने खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी की छूट उपलब्ध कराई है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि हर व्यक्ति खादी को जीवन का हिस्सा बनाकर कारीगरों, हस्तशिल्पियों व बुनकरों के हुनर को सम्मान दे।

    भारत की आजादी का मंत्र बना था ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’
    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की स्वाधीनता के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आज 157वीं तथा सादगी, सज्जनता के लिए प्रसिद्ध भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती है। बापू का ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ भारत की आजादी का मंत्र बना था। आजादी का जो आंदोलन पहले बिखरा था, वह बापू के नेतृत्व में जनांदोलन बना। जिसके कारण ब्रिटिश हुकूमत को भारत छोड़कर भागने को मजबूर होना पड़ा।

    स्वाधीनता के महानायकों के प्रति कृतज्ञता
    मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी का आत्मनिर्भरता व स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा, इसीलिए पीएम मोदी जी ‘लोकल टू ग्लोबल’ की चर्चा करते हैं। उनका मानना है कि गांवों, कारीगरों, हस्तशिल्पियों, बुनकरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को प्रोत्साहित करना और प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना भारत की स्वाधीनता के महानायकों के प्रति कृतज्ञता भी है।

    आंदोलन को नेतृत्व देकर बनाया जनांदोलन
    उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को नेतृत्व देकर जनांदोलन में बदलने का काम किया। आंदोलन को जनांदोलन बनाने को लेकर उनके मंत्र आज भी प्रासंगिक हैं। हर नागरिक स्वदेशी और स्वच्छता,स्वावलंबन को अपने जीवन का मंत्र बनाये इसके लिए बापू के उस समय के वचन आज भी एक मंत्र के रूप में काम कर रहे हैं।

    जिस देश मे हताशा,निराशा थी,पूज्य बापू के मार्गदर्शन में ही वह निराशा हताशा से निकल कर भारतीय समाज उत्साह के साथ आंदोलन का हिस्सा बन गया। यह चंद नगरों तक नही,बल्कि हर गांव पहुंचा,हर नर नारी बच्चे इस अभियान का हिस्सा बने।

    जो संकल्प बापू ने स्वाधीनता के रूप में संकल्प लिया था,आज उसी सपने को स्वतंत्र भारत मे आज प्रधानमंत्री जी ने स्वच्छ भारत अभियान को पूज्य बापू के सपने को लागू किया। यह स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत की आधारशिला बनी,साथ ही नारी गरिमा का पाठ भी पढ़ाया।

  • जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें प्रधानमंत्री मोदी ने खाली कराईं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें प्रधानमंत्री मोदी ने खाली कराईं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें प्रधानमंत्री मोदी ने खाली कराईं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    लोकभवन में ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ पर आधारित नाट्य श्रृंखला मंचन कार्यक्रम को किया संबोधित
     
    मुख्यमंत्री बोले- जनधन खाते खोलने पर विपक्ष उड़ाता था खिल्ली, अब गरीब के खाते में सीधे पहुंच रहा उसका पैसा
     
    2004 से 2014 के बीच भ्रष्टाचार, अराजकता और अकर्मण्यता से देश में था अविश्वास: मुख्यमंत्री योगी
     
    प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्ष की यात्रा बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके सेवा की यात्रा
     
    प्रदेशभर में होगा नाट्य श्रृंखला का मंचन, स्थानीय बोलियों और लोकगीतों को भी जोड़ने के निर्देश
     
     लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनधन खाते खोले जा रहे थे तो विपक्ष खिल्ली उड़ाता था कि खाली खाते खोलकर क्या होगा। आज पता चल गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें खाली कराईं और गरीब का पैसा सीधे उसके खाते तक पहुंचाया। जिनकी जेबों तक जनता का पैसा पहुंचता था, उन्हें बुरा लगना और विरोध करना स्वाभाविक है।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकभवन सभागार में सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ पर आधारित नाट्य श्रृंखला मंचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से चल रहे सेवा संकल्प अभियान के क्रम में संस्कृति विभाग के तहत भारतेंदु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने प्रस्तुति दी।
     
    बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके 25 वर्ष

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात अक्टूबर को गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे करेंगे। यह बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके सेवा की यात्रा है। इसमें विरासत और विकास के समन्वय के साथ बिना भेदभाव योजनाओं को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाया गया।
     
    उन्होंने कहा कि सात अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने ऐसे समय गुजरात की जिम्मेदारी संभाली, जब राज्य भूकंप की त्रासदी से जूझ रहा था। इसके बाद दंगों की चुनौती भी आई। इन परिस्थितियों के बीच गुजरात तेजी से उभरते राज्य और विकास के मॉडल के रूप में सामने आया।
     
    यूपीए सरकार के दस वर्षों पर साधा निशाना
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार, अराजकता और अकर्मण्यता से देश में अविश्वास था। आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के साथ अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी चुनौतियां थीं। वर्ष 2014 में गांव, गरीब, किसान, नौजवान और महिलाओं ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास जताया।
     
    उन्होंने कहा कि इसके बाद किसी जाति, मत, मजहब, क्षेत्र या भाषा के बजाय 140 करोड़ भारतीयों को केंद्र में रखकर योजनाएं आगे बढ़ाई गईं। पहले योजनाएं बनती थीं, लेकिन प्रभावी ढंग से जमीन तक नहीं पहुंचती थीं। आज गरीबों तक आवास, रसोई गैस, शौचालय, स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त राशन जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
     
    हवाई चप्पल वाला भी कर रहा हवाई यात्रा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवाओं के लिए स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर बने हैं। हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो और एयरपोर्ट का विस्तार हुआ है। पहले कोई प्रधानमंत्री यह दावा नहीं कर पाया कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज की यात्रा कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे केवल कहा नहीं, करके दिखाया।
     
    उन्होंने कहा कि सात अक्टूबर हर भारतीय के लिए प्रेरणा का दिन होना चाहिए। यह यात्रा 15 अगस्त 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने से जुड़ी है।
     
    प्रदेशभर में होगा नाट्य श्रृंखला का मंचन

    नाट्य प्रस्तुति में वर्ष 2001 के गुजरात भूकंप की तबाही से लेकर कच्छ के पुनर्निर्माण और नरेंद्र मोदी की जनसेवा की यात्रा को मंच पर उतारा गया। मुख्यमंत्री ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे पूरे प्रदेश में ले जाने के निर्देश दिए।
     
    उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में भोजपुरी, मध्य क्षेत्र में अवधी, ब्रज में ब्रज भाषा और बुंदेलखंड में बुंदेलखंडी के शब्दों के साथ स्थानीय लोकगीत भी प्रस्तुति में जोड़े जाएं। मुख्यमंत्री ने बाल कलाकारों और भारतेंदु नाट्य अकादमी की टीम की सराहना की और कार्यक्रम के बाद कलाकारों के साथ तस्वीर खिंचवाई।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर नमन करते हुए श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
     

    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    कार्यक्रम में भाजपा अवध क्षेत्र के अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, लखनऊ जिलाध्यक्ष विजय मौर्य, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, भाजपा के प्रदेश मंत्री अंकुर शर्मा व योगेंद्र पटेल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, पवन सिंह चौहान और प्रदेश सरकार के सलाहकार अवनीश अवस्थी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।