Category: उत्तर प्रदेश

  • यूपी में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की बढ़ी सैलरी, अब हर महीने मिलेंगे ₹23,200

    यूपी में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की बढ़ी सैलरी, अब हर महीने मिलेंगे ₹23,200

    लखनऊ 

    बेसिक शिक्षा के जिला परियोजना कार्यालयों में आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मियों के मानदेय में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। आशुलिपिक, लेखाकार, सहायक लेखाकार, टंकक, लिपिक व कंप्यूटर ऑपरेटरों की मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। फिलहाल इन्हें बढ़े मानदेय का तोहफा मिल गया है।

    महानिदेशक स्कूल शिक्षा व राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से बढ़ा मानदेय दिए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है। आशुलिपिक व लेखाकार को अभी तक प्रति महीने 18560 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा था। अब इन्हें 23200 रुपये प्रति महीने मानदेय दिया जाएगा। सहायक लेखाकार को 11600 रुपये प्रति महीने मानदेय दिया जा रहा था और अब 14500 रुपये प्रति महीने मानदेय दिया जाएगा। टंकक, लिपिकों व कंप्यूटर ऑपरेटरों को अभी तक 11020 रुपये प्रति महीने मानदेय मिल रहा था। अब इन्हें 13775 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। बढ़ा मानदेय इन्हें अक्तूबर से देने की तैयारी है। फिलहाल, इन्हें किसी भी तरह का कोई एरियर नहीं दिया जाएगा।

    375 कर्मियों को मिलेगा मानदेय बढ़ोत्तरी का लाभ
    वर्षों से कार्य कर रहे इन कर्मियों को बड़ी राहत मिल गई है। सभी जिलों के जिला परियोजना कार्यालयों में पांच-पांच कर्मचारी कार्यरत हैं। यूपी भर में कुल 375 आउटसोर्सिंग कर्मचारी कार्यरत हैं। सेवा प्रदाता के माध्यम से कार्यरत इन कर्मियों को अब बढ़ा मानदेय दिया जाएगा। राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह बढ़ा हुआ मानदेय आउटसोर्सिंग पर कार्यरत इन कर्मियों को दिलाना सुनिश्चित करें। किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी न हो और पारदर्शी ढंग से मानदेय भुगतान किया जाए।

    डेढ़ महीने पहले आउटसोर्स कर्मियों के वेतन बढ़ोतरी को मिली थी मंजूरी
    डेढ़ महीने पहले उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम में तैनात आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की मंजूरी मिली थी। इनमें कम्प्यूटर ऑपरेटर, प्रोग्रामर, लेखाकर, टैली ऑपरेटर्स का मानदेय साल में दो बार जनवरी और जुलाई माह में पांच-पांच फीसदी बढ़ाने पर फैसला हुआ था। ऐसे में परिवहन निगम मुख्यालय से लेकर क्षेत्रों में तैनात आउटसोर्स कर्मियों के बेसिक मानदेय में पांच फीसदी की बढ़ोतरी जुलाई 2026 में करते हुए अगस्त माह के वेतन में मिलने की बात कही गई थी। बतादें कि मैकेनिकों की मजूदरी तय नहींरोडवेज बसों की कार्यशाला में वाह्यस्रोत से मैकेनिक कार्य पर रखे गए है। लेकिन इनका मानदेय श्रेणीवार पुन: निर्धारण नहीं किया गया। इस संबंध में क्षेत्रों के सेवा प्रबंधकों ने मुख्यालय पत्र भेजकर बताया कि पूर्व में जिस प्रकार 7500 रुपये प्रति कार्मिक में वृद्धि करते हुए 8400 प्रति कार्मिक किया गया था।

  • जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें प्रधानमंत्री मोदी ने खाली कराईं: मुख्यमंत्री

    जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें प्रधानमंत्री मोदी ने खाली कराईं: मुख्यमंत्री

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनधन खाते खोले जा रहे थे तो विपक्ष खिल्ली उड़ाता था कि खाली खाते खोलकर क्या होगा। आज पता चल गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें खाली कराईं और गरीब का पैसा सीधे उसके खाते तक पहुंचाया। जिनकी जेबों तक जनता का पैसा पहुंचता था, उन्हें बुरा लगना और उनका विरोध करना स्वाभाविक है।

    बिना रुके, बिना झुके और बिना डिगे 25 वर्ष

    मुख्यमंत्री शुक्रवार को लोकभवन सभागार में सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ पर आधारित नाट्य श्रृंखला मंचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी 7 अक्टूबर को गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे करेंगे। यह बिना रुके, बिना झुके और बिना डिगे सेवा की यात्रा है। इसमें विरासत और विकास के समन्वय के साथ बिना भेदभाव योजनाओं को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाया गया।
     
    उन्होंने कहा कि सात अक्टूबर 2001 को मोदी जी ने ऐसे समय गुजरात की जिम्मेदारी संभाली, जब राज्य भूकंप की त्रासदी से जूझ रहा था। इसके बाद दंगों की चुनौती भी आई। इन परिस्थितियों के बीच गुजरात तेजी से उभरते राज्य और विकास के मॉडल के रूप में सामने आया।
     
    यूपीए सरकार के दस वर्षों पर साधा निशाना

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार, अराजकता और अकर्मण्यता से देश में अविश्वास था। आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के साथ अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी चुनौतियां थीं। वर्ष 2014 में गांव, गरीब, किसान, नौजवान और महिलाओं ने नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व पर विश्वास जताया। इसके बाद किसी जाति, मत, मजहब, क्षेत्र या भाषा के बजाए 140 करोड़ भारतीयों को केंद्र में रखकर योजनाएं आगे बढ़ाई गईं। पहले योजनाएं बनती थीं, लेकिन प्रभावी ढंग से जमीन तक नहीं पहुंचती थीं। आज गरीबों तक आवास, रसोई गैस, शौचालय, स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त राशन जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
     
    हवाई चप्पल वाला भी कर रहा हवाई यात्रा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर बने हैं। हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो और एयरपोर्ट का विस्तार हुआ है। पहले कोई प्रधानमंत्री यह दावा नहीं कर पाया कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज की यात्रा कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे केवल कहा नहीं, करके दिखाया। 7 अक्टूबर हर भारतीय के लिए प्रेरणा का दिन होना चाहिए। यह यात्रा 15 अगस्त 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने से जुड़ी है।

    देश में कोई व्यक्ति भूखा नहीं सोता

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों तक कभी आवास नहीं पहुंचा था, उनको आवास दिलाया गया। 12 करोड़ गरीबों के घरों में शौचालय बन गए। उज्जवला योजना के जरिए रसोई गैस भी उपलब्ध कराई गई। जो गरीब उपचार से कोसों दूर थे, उनको 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया गया। आज देश में कोई व्यक्ति भूखा नहीं सो सकता, क्योंकि प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना के माध्यम से मुफ्त में अनाज की सुविधा उपलब्ध हो रही है।
     
    देश में अब नौकरी देने वाले नौवजवान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार में आईआईटी, आईआईएम, एम्स, ट्रिपल आईटी, एनआईटी की श्रृंखलाएं खड़ी हुई हैं। मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग संस्थान बन रहे हैं। देश में 2.5 लाख से ज्यादा स्टार्ट अप हो चुके हैं। अब हमारे नौजवान केवल नौकरी लेने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बन रहे हैं। 12 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के साथ जोड़ने का काम भी मोदी जी के नेतृत्व में संभव हो पाया है।

    प्रदेशभर में होगा नाट्य श्रृंखला का मंचन

    सीएम के संबोधन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से चल रहे सेवा संकल्प अभियान के क्रम में संस्कृति विभाग के तहत भारतेंदु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने प्रस्तुति दी। नाट्य प्रस्तुति में वर्ष 2001 के गुजरात भूकंप की तबाही से लेकर कच्छ के पुनर्निर्माण और पीएम नरेन्द्र मोदी की जनसेवा की यात्रा को मंच पर उतारा गया। मुख्यमंत्री ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे पूरे प्रदेश तक विस्तारित करने के निर्देश दिए।
     
    सीएम योगी ने कहा कि पूर्वांचल में भोजपुरी, मध्य क्षेत्र में अवधी, ब्रज में ब्रज भाषा और बुंदेलखंड में बुंदेलखंडी शब्दों के साथ स्थानीय लोकगीत भी इस प्रस्तुति में जोड़े जाएं। मुख्यमंत्री ने बाल कलाकारों और भारतेंदु नाट्य अकादमी के दल की सराहना की और कार्यक्रम के बाद कलाकारों के साथ तस्वीर भी खिंचवाई। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर नमन करते हुए श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

    इस अवसर पर भाजपा अवध क्षेत्र के अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, लखनऊ जिलाध्यक्ष विजय मौर्य, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, भाजपा के प्रदेश मंत्री अंकुर शर्मा व योगेंद्र पटेल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, ओम प्रकाश वास्तव, पवन सिंह चौहान और प्रदेश सरकार के सलाहकार अवनीश अवस्थी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

  • हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    बिना नाम लिए कांग्रेस-सपा के परिवारवाद पर निशाना, बोले- गांवों को वोट बैंक समझने की राजनीति ने उन्हें पीछे रखा
     
    2017 से पहले गांवों को मिले सिर्फ वादे, व्यवस्था में न पारदर्शिता थी न जवाबदेही
     
    57,600 ग्राम सचिवालयों से गांव में मिल रहीं सुविधाएं, हर गांव में 5 से 7 रोजगार के अवसर
     
    11,350 ग्राम पंचायतों में स्थापित की जा रहीं डिजिटल लाइब्रेरी
     
     लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांधी जयंती पर ग्राम स्वराज के मुद्दे पर बिना नाम लिए कांग्रेस और सपा के परिवारवाद को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि गांवों को केवल वोट बैंक समझने और उन्हें अराजकता व जातिवाद की आग में झोंकने वाली राजनीति ने गांवों को पीछे रखा। हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं है।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले। गांवों के नाम पर राजनीति हुई, लेकिन व्यवस्था में न पारदर्शिता थी, न जवाबदेही। आय और जाति प्रमाण-पत्र के लिए भी ग्रामीणों को तहसील, थाना और जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार गांव को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानती है। पिछले साढ़े नौ वर्षों में व्यवस्था बदली है। आज 57,600 ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों को गांव में ही सुविधाएं मिल रही हैं। ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन मॉनिटरिंग से पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही आई है।
     
    ग्राम सचिवालयों के संचालन से प्रत्येक गांव में पांच से सात रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। वहीं 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम स्वराज उनके लिए कोई राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के सपनों के आत्मनिर्भर गांव का संकल्प है। सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश- यही हमारा ग्राम स्वराज है।

  • महराजगंज में 5 से 7 अक्टूबर तक लगेगा सौर ऊर्जा शिविर, PM सूर्यघर योजना के लिए मौके पर होगा पंजीकरण

    महराजगंज में 5 से 7 अक्टूबर तक लगेगा सौर ऊर्जा शिविर, PM सूर्यघर योजना के लिए मौके पर होगा पंजीकरण

    महराजगंज
    प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में तीन दिवसीय जन-जन तक सौर ऊर्जा, हर घर में उजाला सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा।

    पांच से सात अक्टूबर 2026 तक विकास भवन परिसर में लगने वाले शिविर में लोगों को योजना की जानकारी देने के साथ ही उन्हें रूफटॉप सोलर लगवाने के लिए पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया में मार्गदर्शन दिया जाएगा।

    यूपीनेडा एवं डिस्काम की ओर से आयोजित इस अभियान के माध्यम से नागरिकों को प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के लाभों से अवगत कराया जाएगा। स्थानीय प्रशासनिक चैनलों, डिजिटल माध्यमों और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता के जरिए अधिक से अधिक परिवारों को योजना से जोड़ने का प्रयास होगा।

    शिविर में पहुंचकर लोग सौर ऊर्जा से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के साथ योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया को समझ सकेंगे। यूपीनेडा के परियोजना प्रभारी प्रेम प्रकाश सिंह ने बताया कि शिविर का उद्देश्य योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

     

  • खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूटः मुख्यमंत्री

    खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूटः मुख्यमंत्री

    खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूटः मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर अर्पित किए श्रद्धासुमन 

    एनेक्सी स्थित पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा पर दी पुष्पांजलि, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी किया याद सीएम ने

    जितने संवेदनशील थे, उनका ही संघर्षशील भी था शास्त्री जी का व्यक्तित्वः मुख्यमंत्री

    भारत की स्वाधीनता का मंत्र था खादी, हर व्यक्ति खादी को जीवन का बनाए हिस्साः मुख्यमंत्री

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रदेशवासियों को उपहार दिया। उन्होंने कहा कि खादी भारत की स्वाधीनता का मंत्र है, प्रदेश सरकार ने खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी की छूट उपलब्ध कराई है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि हर व्यक्ति खादी को जीवन का हिस्सा बनाकर कारीगरों, हस्तशिल्पियों व बुनकरों के हुनर को सम्मान दे। सीएम योगी ने एनेक्सी स्थित पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि दी। उन्होंने इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी याद किया। 

    भारत की आजादी का मंत्र बना था ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’
    सीएम योगी ने कहा कि भारत की स्वाधीनता के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आज 157वीं तथा सादगी, सज्जनता के लिए प्रसिद्ध भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती है। बापू का ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ भारत की आजादी का मंत्र बना था। आजादी का जो आंदोलन पहले बिखरा था, वह बापू के नेतृत्व में जनांदोलन बना। जिसके कारण ब्रिटिश हुकूमत को भारत छोड़कर भागने को मजबूर होना पड़ा। 

    स्वाधीनता के महानायकों के प्रति कृतज्ञता
    मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी का आत्मनिर्भरता व स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा, इसीलिए पीएम मोदी जी ‘लोकल टू ग्लोबल’ की चर्चा करते हैं। उनका मानना है कि गांवों, कारीगरों, हस्तशिल्पियों, बुनकरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को प्रोत्साहित करना और प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना भारत की स्वाधीनता के महानायकों के प्रति कृतज्ञता भी है। 

    हर भारतीय श्रद्धा से लेता है शास्त्री जी का नाम 
    सीएम योगी ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम आते ही हर भारतीय के मन में श्रद्धा का भाव उमड़ पड़ता है। वह अपनी सादगी, सज्जनता के लिए सदैव प्रसिद्ध रहेंगे। वह जितने संवेदनशील थे, उनका व्यक्तित्व उतना ही संघर्षशील भी था। उन्होंने जो कहा, वह करके दिखाया। जो किया, उतना ही बोला। 

    ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा बना स्वाधीन भारत का मंत्र
    मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी का ध्येय था कि भारत खाद्यान्न आत्मनिर्भरता में लक्ष्य प्राप्त करे और देश की सीमाओं पर लड़ रहे जवानों के प्रति हर भारतीय के मन में सम्मान का भाव पैदा हो। शास्त्री जी का ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा स्वाधीन भारत का मंत्र बना। 

    भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध किसान
    सीएम योगी ने कहा कि एक ओर जवान सीमाओं की रक्षा करते हुए दुश्मनों के छक्के छुड़ा रहे थे तो दूसरी ओर अन्नदाता किसान अपने पसीने, परिश्रम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रहा था। उसी का परिणाम है कि आज भारत ने खाद्यान्न आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त किया है। भारत अब 140 करोड़ देशवासियों का पेट भरने के साथ ही अनेक देशों में खाद्यान्न आपूर्ति का सामर्थ्य रखता है। शास्त्री जी ने 1965 में जो मंत्र दिया था, उसे भारत की आंतरिक/वाह्य सुरक्षा प्रदान करने वाले जवान व देशवासी आज भी आत्मसात करते हैं। 

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

  • मुख्यमंत्री ने गांधी जयंती पर खादी आश्रम से की खरीदारी

    मुख्यमंत्री ने गांधी जयंती पर खादी आश्रम से की खरीदारी

    मुख्यमंत्री ने गांधी जयंती पर खादी आश्रम से की खरीदारी

    सीएम योगी ने गमछा खरीद कर किया भुगतान, आश्रम में उपलब्ध वस्त्रों-उत्पादों को देखा और जानकारी भी ली

    सीएम ने खादी आश्रम में कार्यरत लोगों का कुशलक्षेम जाना और वहां मौजूद बच्चों को चॉकलेट दी

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम पहुंचे। उन्होंने यहां आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के साथ ही खादी उत्पाद खरीदा। मुख्यमंत्री ने भगवा रंग का गमछा खरीदा और इसका भुगतान किया। सीएम ने गांधी आश्रम में विभिन्न खादी उत्पादों को देखा और उनके बारे में जानकारी भी ली। उन्होंने वहां आए लोगों को खादी खरीदने के लिए प्रेरित किया। 

    मुख्यमंत्री ने खादी आश्रम में कार्यरत सभी लोगों का कुशलक्षेम जाना और वहां मौजूद बच्चों को चॉकलेट दी। बच्चों से उनकी पढ़ाई आदि के बारे में भी पूछा। बच्चों ने पैर छूकर मुख्यमंत्री का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, पवन सिंह चौहान, उप्र राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

  • यूपी में मिशन-2027 की तैयारी तेज, BJP ने हारे 40 हजार बूथ जीतने का बनाया लक्ष्य

    यूपी में मिशन-2027 की तैयारी तेज, BJP ने हारे 40 हजार बूथ जीतने का बनाया लक्ष्य

    लखनऊ
    भाजपा प्रदेश कार्यालय पर हलचल के बीच गुरुवार दोपहर जिस मनोभाव के साथ प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े कक्ष में पहुंचे, तभी साफ हो गया था कि यह सिर्फ संगठन की बैठक नहीं है। रणनीतिकार आश्वस्त थे कि तावड़े समेत चारों सह-प्रभारियों की प्रदेश इकाई के साथ बैठक में एमएलसी चुनाव एवं मिशन-2027 की तैयारियों की रूपरेखा बनेगी।

    शीर्ष पदाधिकारियों ने पहले बंद कमरे में बैठक की। फिर क्षेत्रीय अध्यक्षों-प्रभारियों एवं प्रदेश महामंत्रियों के साथ बैठक की। 2024 लोकसभा चुनाव में हारे 40 हजार बूथों को जीतने का लक्ष्य दिया गया। शाम तक मोर्चों की प्रदेश टीम एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष भी घोषित कर दिए गए।

    प्रदेश प्रभारी बनने के बाद तावड़े एवं सह प्रभारी जगदीश ईश्वर पटेल दो बार लखनऊ पहुंच चुके हैं, जबकि 23 सितंबर को सह प्रभारी बनाए गए अनंत ओझा, प्रदीप वर्मा एवं मेधा कुलकर्णी पहली बार प्रदेश के दौरे पर आए। पहली बैठक बंद कमरे में हुई, जिसमें तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह एवं चारों सह-प्रभारी बैठे।

    बूथ प्रबंधन के साथ ही यूजीसी, जेनजी, आरक्षण, पीडीए, विधायकों के प्रति आक्रोश, एसआइआर, नए नैरेटिव एवं राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे कई विषयों का चुनावी प्रभाव आंका गया। कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने की बात हुई। इस बैठक से प्रदेश पदाधिकारियों को दूर रखा गया। दूसरे सत्र में तावड़े एवं उनकी टीम ने प्रदेश महामंत्रियों दिलीप पटेल, शंकर लोधी, अभिजात मिश्रा, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, राजेश चौधरी, राम प्रताप सिंह एवं संजय राय के अलावा मोर्चों के अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी, रोहित मिश्रा, अशोक रावत, सरोज कुशवाहा, प्रकाश पाल एवं विद्याभूषण गोंड एवं सभी छह प्रभारियों की बैठक ली।

    उन्हें पिछले लोकसभा चुनाव में हारी विधान सभा सीटों एवं जीती सीटों पर हारे बूथों को लेकर विशेष रणनीति बनाने के लिए कहा गया। पदाधिकारियों को स्नातक एवं शिक्षक खंड के 11 एमएलसी प्रत्याशियों को जिताने के लिए कहा। बैठक में संकेत दे दिया था कि शाम तक मोर्चों की प्रदेश इकाइयां घोषित कर दी जाएंगी।

    तावड़े का सबसे ज्यादा फोकस 2027 विधान सभा चुनाव को लेकर रहा, जिसमें एनडीए के घटक दलों से बूथ स्तर तक समन्वय बढ़ाने, कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने एवं ज्यादा से ज्यादा वोटों को मतदान बूथ तक पहुंचाने की रणनीति बनाई गई। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। सात अक्टूबर को वाराणसी में वडनगर से आने वाली जलकलश यात्रा को लेकर भी जानकारी दी गई।

     

  • बापू का चरखा स्वावलंबन का आधार, ओडीओपी उसी स्वदेशी भाव से ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने का अभियान: मुख्यमंत्री

    बापू का चरखा स्वावलंबन का आधार, ओडीओपी उसी स्वदेशी भाव से ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने का अभियान: मुख्यमंत्री

    बापू का चरखा स्वावलंबन का आधार, ओडीओपी उसी स्वदेशी भाव से ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने का अभियान: मुख्यमंत्री

    सीएम योगी बोले- स्वच्छता, स्वदेशी, स्वावलंबन और ग्राम स्वराज के बापू के मंत्र आज भी उतने ही प्रासंगिक

    कहा- चरखा केवल चरखा नहीं, भारत की आत्मनिर्भरता का आधार, गांधी आश्रम के वस्त्र आजादी और स्वदेशी के प्रतीक

    ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना के जरिए बापू के स्वदेशी भाव को आगे बढ़ा रहा उत्तर प्रदेश, स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

    पीएम मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत से आत्मनिर्भर भारत तक साकार हो रहे बापू के सपने, 12 करोड़ से अधिक परिवारों के घरों में बने शौचालय

    बापू के ग्राम स्वराज की परिकल्पना को आगे बढ़ा रही सरकार, ग्राम सचिवालय के जरिए जनसुविधाओं के साथ मिल रहा रोजगार

    मुख्यमंत्री ने लाल बहादुर शास्त्री को भी किया नमन, कहा- ‘जय जवान-जय किसान’ के मंत्र ने सुरक्षा व खाद्यान्न आत्मनिर्भरता की रखी नींव

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी के स्वदेशी और स्वावलंबन के मंत्र को आत्मनिर्भर और विकसित भारत की आधारशिला बताते हुए कहा कि बापू का चरखा केवल चरखा नहीं था, बल्कि भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का आधार था। उत्तर प्रदेश की ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना उसी स्वदेशी के भाव को आगे बढ़ाते हुए ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने की दिशा में काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बापू के स्वावलंबन के सपने को आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। विकसित भारत की संकल्पना तभी पूरी होगी, जब देश आत्मनिर्भर बनेगा और इसके लिए प्रत्येक नागरिक, परिवार और गांव को स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

    राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बापू की स्मृतियों को नमन करते हुए प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के प्रिय भजनों का श्रवण किया और चरखा चलाकर बापू के स्वदेशी एवं स्वावलंबन के संदेश को प्रसारित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता से स्वदेशी, स्वदेशी से स्वावलंबन और स्वावलंबन से ग्राम स्वराज तक बापू के विचार आज भी देश के लिए मार्गदर्शक हैं। नया भारत बापू के इन्हीं सपनों को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है।

    गांधी आश्रम के वस्त्र केवल कपड़े नहीं, आजादी के मंत्र के प्रतीक
    सीएम योगी ने स्वदेशी की चर्चा करते हुए अपने बचपन की स्मृतियों को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि बचपन में हम लोग गांधी आश्रम के कपड़ों को बड़ी उत्सुकता से देखते थे। लोगों में इन वस्त्रों को लेकर विशेष उत्साह रहता था, क्योंकि ये केवल वस्त्र नहीं थे। ये भारत की आजादी के मंत्र के प्रतीक भी थे। बापू ने इन्हें स्वदेशी की भावना से जोड़कर आगे बढ़ाने का काम किया। उन्होंने देश को चरखे के माध्यम से स्वावलंबन का संदेश दिया। चरखा केवल सूत कातने का साधन नहीं था। वह भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का आधार बना। अपने श्रम, अपने उत्पाद और अपनी सामर्थ्य पर भरोसा करके देश कैसे आगे बढ़ सकता है, चरखा इसका प्रतीक बना।

    बापू के स्वदेशी से निकला ‘लोकल टू ग्लोबल’ मंत्र
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना उसी स्वदेशी के भाव के साथ आगे बढ़ रही है। इसके माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लोकल से ग्लोबल’ और आत्मनिर्भर भारत के मंत्र से जोड़ते हुए कहा कि बापू ने जिस स्वावलंबन का सपना देखा था, उसे नए स्वरूप में आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री बार-बार कहते हैं कि विकसित भारत की संकल्पना तभी पूरी होगी, जब आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए हम सभी मिलकर कार्य करेंगे। इस आत्मनिर्भरता की शुरुआत स्वदेशी और स्वावलंबन के भाव से होती है।

    दक्षिण अफ्रीका से अन्याय-रंगभेद के खिलाफ उठाई आवाज
    सीएम ने महात्मा गांधी की जीवन यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात के पोरबंदर में एक परम वैष्णव परिवार में जन्मे बापू ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद दक्षिण अफ्रीका में वकालत की प्रैक्टिस प्रारंभ की। परिवार से मिले संस्कार उनके जीवन और संघर्ष में दिखाई दिए। उन्होंने अन्याय और किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ आवाज उठाई। दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरुद्ध अभियान को आगे बढ़ाया और वहां भारतीय मूल के नागरिकों को एकजुट किया। इसी संघर्ष ने आगे चलकर भारत की स्वाधीनता की अलख जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    स्वतंत्रता आंदोलन को बापू ने बनाया जन आंदोलन
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सही मायने में जब भारत की स्वाधीनता का आंदोलन पूज्य बापू के हाथों में आया तो उन्होंने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उसका नेतृत्व किया और उसे एक व्यापक जन आंदोलन में बदल दिया। उस समय देश में हताशा और निराशा का वातावरण था। लोगों को लगने लगा था कि भारत शायद कभी स्वाधीन नहीं हो सकता। बापू के नेतृत्व और मार्गदर्शन ने इस निराशा को आशा और उत्साह में बदल दिया। भारतीय समाज स्वाधीनता की नई सुबह देखने के लिए पूरे उत्साह के साथ आंदोलन का हिस्सा बन गया। बापू के नेतृत्व की विशेषता यह रही कि भारत का स्वाधीनता आंदोलन केवल चंद नगरों तक सीमित नहीं रहा। यह गांव-गांव पहुंचा और हर नर-नारी व बच्चा इस अभियान का हिस्सा बना। इसी जनभागीदारी ने स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया।

    आधी धोती और हाथ में छड़ी, दुनिया थी हैरान
    सीएम ने कहा कि दुनिया के लोगों के लिए यह कौतूहल और आश्चर्य का विषय था कि आखिर वह कौन-सी चमत्कारिक ताकत है, जो भारत की स्वाधीनता के इतने बड़े अभियान से जुड़ी है। आधी धोती पहनकर आंदोलन का नेतृत्व करने वाले बापू के हाथ में एक छड़ी ही सहारा थी, लेकिन दुनिया ने उनके नेतृत्व की ताकत और उस चमत्कार को देखा। आज वही भारत पूज्य बापू के सपनों को साकार करते हुए आगे बढ़ रहा है। बापू ने जिन मूल्यों को स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जनमानस से जोड़ा था, वे आज भी देश और समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं।

    स्वच्छता, स्वदेशी और स्वावलंबन आज भी बापू के मंत्र
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के आंदोलन को जन आंदोलन में बदलने के लिए बापू ने जो मंत्र दिए थे, उनकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। हर नागरिक स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा बनाए, हर नागरिक स्वदेशी को अपने जीवन का मंत्र बनाए और प्रत्येक परिवार आत्मनिर्भर बनकर स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़े। बापू के ये संदेश आज भी देश के लिए मंत्र के रूप में काम कर रहे हैं। स्वच्छता केवल आसपास की सफाई का विषय नहीं है और स्वदेशी केवल किसी वस्तु के उपयोग तक सीमित विचार नहीं है। इन विचारों के केंद्र में व्यक्ति, परिवार और समाज को आत्मनिर्भर बनाकर राष्ट्र को सशक्त करने की भावना है।

    स्वच्छ भारत अभियान ने बापू के सपने को दिया नया विस्तार
    सीएम योगी ने कहा कि भारत की स्वाधीनता के समय बापू ने जो संकल्प लिया था, स्वतंत्र भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से उस सपने को साकार करने का कार्य किया है। देश में 12 करोड़ से अधिक परिवारों के घरों में शौचालय बनाए गए। स्वच्छ भारत अभियान न केवल स्वच्छता और स्वस्थ भारत की आधारशिला बना, बल्कि इसने लोगों को जागरूक करने के साथ नारी गरिमा की रक्षा का पाठ भी पढ़ाया। स्वच्छता को प्रत्येक नागरिक के जीवन का हिस्सा बनाना ही बापू के संदेश को वास्तविक अर्थों में आगे बढ़ाना है।

    गांव बनेगा स्वावलंबन का आधार, साकार होगा ग्राम स्वराज
    मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की परिकल्पना को वर्तमान ग्रामीण विकास से जोड़ते हुए कहा कि गांव भारत की आधारभूत इकाई हैं। लंबे समय तक हम विकास के बड़े-बड़े दावे करते रहे, लेकिन सच्चाई यह थी कि जिस गांव को विकास की आधारभूत इकाई होना चाहिए था, उसे उपेक्षित छोड़ दिया गया। आज पूज्य बापू के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने के लिए गांव को भी स्वावलंबन का आधार बनाया जा रहा है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने हर गांव में ग्राम सचिवालय का गठन किया है। इनके माध्यम से तकनीक का उपयोग करते हुए नागरिकों को गांव में ही विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। ग्राम सचिवालय स्थानीय स्तर पर रोजगार का भी माध्यम बन रहे हैं। इनके माध्यम से हर गांव में चार से सात लोगों को रोजगार की सुविधा उपलब्ध हो रही है।

    लाल बहादुर शास्त्री को भी किया नमन
    लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें भी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 02 अक्टूबर का दिन एक और कारण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूज्य बापू की जयंती के साथ ही यह भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और बापू के अनन्य अनुयायी लाल बहादुर शास्त्री की भी पावन जयंती है। गांधी जी और शास्त्री जी का संपूर्ण जीवन चरित्र हम सभी को बड़ी प्रेरणा देता है। व्यक्ति की वाक्शक्ति में तभी ताकत होती है, जब उसके आचार व विचार में समन्वय हो। दोनों महापुरुषों ने जो कहा, उसे अपने जीवन में करके दिखाया और जितना किया, उतना ही बोला।

    एक ने दिया स्वदेशी का मंत्र, दूसरे ने ‘जय जवान-जय किसान’ का
    सीएम योगी ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वदेशी ने भारत की जनचेतना को जागृत करते हुए स्वाधीनता का मंत्र बनने का काम किया। लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सादगी से भरा, भारतीयता से ओतप्रोत और राष्ट्र के प्रति पूरी तरह समर्पित रहा। जब देश के ऊपर संकट आया तो शास्त्री जी ने दिखाया कि कैसे वज्र बनकर भारत की सुरक्षा की जा सकती है और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सकता है। उनका ‘जय जवान-जय किसान’ का उद्घोष पूरे भारत का मंत्र बन गया।

    सीमा पर जवान, खेत में किसान ने संभाला देश
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय एक ओर सीमाओं पर भारत का जवान दुश्मन देशों के छक्के छुड़ा रहा था तो दूसरी ओर खेतों में अन्नदाता किसान देश को खाद्यान्न आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहा था। ‘जय जवान-जय किसान’ केवल एक नारा नहीं था। इसने राष्ट्रीय सुरक्षा और खाद्यान्न आत्मनिर्भरता, दोनों को एक साथ देश के संकल्प से जोड़ा। वर्ष 1965 में लाल बहादुर शास्त्री द्वारा देशवासियों को दिया गया यह मंत्र आगे चलकर भारत की आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बना।

    कभी गेहूं के लिए दूसरों पर निर्भर था भारत, आज दुनिया को आपूर्ति
    सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा था जब भारत को गेहूं के लिए भी दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई विकसित देशों से भारत को ऐसा खाद्यान्न तक आपूर्ति किया जाता था, जो खाने योग्य नहीं होता था। आज भारत उस स्थिति से बहुत आगे निकल चुका है। देश ने न केवल खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य प्राप्त किया है, बल्कि दुनिया के अनेक देशों को खाद्यान्न आपूर्ति का माध्यम भी बना हुआ है। इस आत्मनिर्भरता की नींव श्रद्धेय लाल बहादुर शास्त्री ने रखी थी।

    पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता ही उज्ज्वल भविष्य का मार्ग
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान का भाव रखकर कृतज्ञता ज्ञापित करता है, उनके आदर्शों का अनुसरण करता है और उन्हीं आदर्शों से अपनी भावी पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है, उसका भविष्य निश्चित रूप से उज्ज्वल होता है। आज का नया भारत पूज्य बापू के इसी सपने को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ रहा है। स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने, स्वदेशी को ‘लोकल से ग्लोबल’ तक पहुंचाने, परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और गांवों को स्वावलंबन का आधार बनाने की दिशा में कार्य हो रहा है।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खादी और वस्त्र उद्योग के मंत्री राकेश सचान, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, अल्पसंख्यक आयोग के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन रजा, क्षेत्रीय गांधी आश्रम के मंत्री देवी प्रसाद शर्मा, व्यवस्थापक अखिलेश कुमार उपाध्याय, सरोजित तिवारी, प्रमुख समाजसेवी और साहित्यकार अखिलेश द्विवेदी, क्षेत्रीय गांधी आश्रम से जुड़े हुए अन्य पदाधिकारीगण और विधायकगण उपस्थित रहे।

  • अखिलेश के विपक्षी एकता के आह्वान पर संजय निषाद-दानिश आजाद का पलटवार, बोले- सिर्फ बयानबाजी से कुछ हासिल नहीं होगा

    अखिलेश के विपक्षी एकता के आह्वान पर संजय निषाद-दानिश आजाद का पलटवार, बोले- सिर्फ बयानबाजी से कुछ हासिल नहीं होगा

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    अखिलेश पर NDA नेता संजय निषाद का तीखा हमला, बोले-'सपा के दावे हवा-हवाई'

    अखिलेश के बयान पर संजय निषाद का वार, बोले- विपक्ष कर रहा सिर्फ बयानबाजी और पोस्टरबाजी 

    2027 में समाजवादी पार्टी दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी: दानिश आजाद

    लखनऊ, 
     यूपी में राज्यसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव द्वारा विपक्षी एकता के आह्वान पर सत्ताधारी गठबंधन के मंत्रियों ने पलटवार किया है। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने विपक्षी एकता के दावे को खोखला बताया। जहां कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने विपक्ष पर बयानबाजी, पोस्टरबाजी और एसी-पीसी तक सीमित रहने का आरोप लगाया, वहीं राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी के दावों को लेकर निशाना साधा। 

    विपक्ष को लोग 70 साल तक देख चुके: संजय निषाद
    संजय निषाद ने कहा कि विपक्ष के पास केवल बयानबाजी, पोस्टरबाजी और एसी-पीसी के अलावा कोई शक्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को लोग 70 साल तक देख चुके हैं। विभिन्न दलों के नेताओं ने यह सब देखने के बाद ही अपने दल खड़े किए हैं या एनडीए के साथ आए हैं। निषाद ने कहा कि सत्ता के बाहर रहने पर अखिलेश को मिलन दिखाई देता है, उनके इन बयानों से कुछ होने वाला नहीं है। संजय निषाद ने दावा किया कि इस बार एनडीए की ऐतिहासिक जीत होगी। 

    अखिलेश के बयान पर दानिश आजाद का पलटवार
    वहीं, राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी बहुत बड़े-बड़े दावे कर रही थी लेकिन अब उसके सारे दावों की पोल खुल चुकी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने झूठ का जो गुब्बारा फुलाया था, अब उस गुब्बारे की हवा निकल चुकी है। उत्तर प्रदेश में जिस तरीके से समाजवादी पार्टी ने गफलत और नफरत की राजनीति को फैलाने का काम किया, उसके लिए राज्य की जनता कभी माफ नहीं करेगी।

    2027 में होगी सपा की सबसे बड़ी हार
    दानिश आजाद ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तरफ सपा जिस तरीके से आगे बढ़ रही है, उसकी अब तक की सबसे बड़ी हार होने वाली है। 2027 में समाजवादी पार्टी दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी।

  • प्रयागराज में बिना रुके गुजरेंगे वाहन, 9.9 KM सिक्स लेन ब्रिज पर शुरू होगा फ्री-फ्लो टोल सिस्टम

    प्रयागराज में बिना रुके गुजरेंगे वाहन, 9.9 KM सिक्स लेन ब्रिज पर शुरू होगा फ्री-फ्लो टोल सिस्टम

    प्रयागराज
    यूपी के प्रयागराज में मलाक हरहर से होकर अगर आप 9.9 किमी लंबे सिक्स लेन ब्रिज पर अपने वाहन से आ रहे हैं तो बिना किसी रुकावट के एक गति से शहर में आसानी से प्रवेश कर सकेंगे। इसके लिए मलाक हरहर में बनाए जा रहे छह लेन के टोल प्लाजा पर मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी मंजूरी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से दी गई है।

    टोलिंग सिस्टम की सुविधा देने के लिए पंद्रह दिन पहले मंत्रालय के स्थानीय अधिकारियों की ओर से प्रस्ताव नई दिल्ली भेजा गया था। ताकि टोल प्लाजा को बैरियर से मुक्त रखा जाए। वाहनों को टोल प्लाजा पर बिना रुके या अपनी गति कम किए बिना गुजरने की सुविधा मिले। इस प्रस्ताव को मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने मंजूरी दी है। इस सिस्टम के जरिए टोल पर वाहनों के पहुंचने पर कमांड सेंटर में लगाए जाने वाले हाई क्वॉलिटी के सीसीटीवी कैमरे फास्ट टैग को स्कैन कर लेंगे। इतना ही नहीं मंत्रालय ने ब्रिज के गंगा पर बने 860 मीटर लंबाई के एक्स्ट्रा डोज पिलर के हिस्से की लोड टेस्टिंग पंद्रह नवंबर से कराने का भी निर्णय लिया है। जबकि शेष हिस्से की लोड टेस्टिंग 10 से 30 अक्तूबर के बीच कराया जाएगा।

    टोल प्लाजा पर कमांड सेंटर का कार्य पूरा कराया जाएगा। उसी दौरान ब्रिज पर सौंदर्यीकरण व सड़क पर डामर की दो परत डालने का कार्य भी पूरा किया जाएगा। सहायक अधीक्षण अभियंता सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, वरुण वार्ष्णेय ने कहा कि मंत्रालय ने मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ब्रिज के सुरक्षा व सौंदर्यीकरण का कार्य 30 नवंबर तक कराकर एक लेन से आवागमन शुरू कराने की तैयारी की गई है।

    दो और फ्लाईओवर मिलने की जगी उम्मीद
    प्रयागराज को दो नए फ्लाईओवर मिलने की उम्मीद जगी है। मेडिकल चौराहे से सीएवी इंटर कॉलेज होते हुए केपी इंटर कॉलेज के बीच और सिविल लाइंस हनुमान मंदिर से बस अड्डे के बीच दो फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव गुरुवार को शासन की व्यय-वित्त समिति में रखा गया है। माना जा रहा है कि समिति में प्रस्ताव रखे जाने के बाद प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने पांच जुलाई को प्रयागराज मंडल के इस वित्तीय वर्ष की प्रस्तावित कार्ययोजना को लेकर समीक्षा बैठक की थी। जिसमें सेतु निगम प्रयागराज इकाई ने एक किमी लंबाई के मेडिकल चौराहे के फ्लाईओवर का प्रस्ताव दिया था। साथ ही हनुमान मंदिर, सिविल लाइंस और बस अड्डा चौराहा के फ्लाईओवर का प्रस्ताव भी शामिल था। निगम के परियोजना प्रबंधक रोहित मिश्र ने बताया कि लखनऊ में हुई व्यय-वित्त समिति की बैठक में दोनों फ्लाईओवर का प्रस्ताव रखा गया है।