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  • JSSC CGL पर हाईकोर्ट की रोक, 1,932 चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी पर संकट टला

    JSSC CGL पर हाईकोर्ट की रोक, 1,932 चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी पर संकट टला

    रांची
    झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच JSSC CGL के चयनित अभ्यर्थियों को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने JPSC के बाद अब  JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद परीक्षा के माध्यम से चयनित 1,932 अभ्यर्थियों की नियुक्ति और नौकरी पर तत्काल मंडरा रहा संकट फिलहाल टल गया है।सरकार के परीक्षा रद्द करने के निर्णय के बाद उन अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति थी, जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षा पास करने के बाद नियुक्ति हासिल की थी। कई चयनित अभ्यर्थी अलग-अलग सरकारी विभागों में अपनी सेवाएं भी दे रहे हैं। ऐसे में परीक्षा रद्द होने की स्थिति में उनकी नियुक्ति का क्या होगा, इसे लेकर सवाल खड़े हो गए थे।

    सरकार के फैसले को अभ्यर्थियों ने दी चुनौती
    राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर JSSC CGL समेत कई परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। सरकार के इस निर्णय के खिलाफ CGL से चयनित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

    याचिका में अभ्यर्थियों की ओर से मुख्य रूप से यह तर्क दिया गया कि यदि परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो जांच के जरिए यह पता लगाया जाना चाहिए कि इसमें कौन लोग शामिल थे। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन पूरी परीक्षा और चयन प्रक्रिया को रद्द करने से उन अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होगा, जिन्होंने अपनी मेहनत के दम पर परीक्षा पास की है। अभ्यर्थियों ने यह भी दलील दी कि चयन प्रक्रिया में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। ऐसे में किसी कथित अनियमितता के लिए सभी सफल अभ्यर्थियों को जिम्मेदार मानना उचित नहीं होगा।

    1,932 अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर था संकट
    JSSC CGL के परिणाम के बाद कुल 1,932 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। इनमें से कई अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिल चुका है और वे विभिन्न सरकारी विभागों में काम कर रहे हैं। सरकार के परीक्षा रद्द करने के निर्णय के बाद इन अभ्यर्थियों के सामने सबसे बड़ा सवाल अपनी नियुक्ति और भविष्य को लेकर था। यदि परीक्षा ही रद्द मानी जाती तो उसके आधार पर हुई चयन प्रक्रिया और नियुक्तियों की वैधता भी प्रभावित हो सकती थी। हाईकोर्ट की रोक के बाद फिलहाल चयनित अभ्यर्थियों को राहत मिली है। हालांकि, मामले का अंतिम फैसला अभी बाकी है और आगे की सुनवाई में अदालत पूरे विवाद पर विस्तृत रूप से विचार करेगी।

    सरकार का पक्ष क्या है
    सरकार का पक्ष है कि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठने के बाद पूरे मामले की जांच जरूरी है। दूसरी ओर, चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि किसी परीक्षा में गड़बड़ी सामने आने पर जांच कर वास्तविक दोषियों को चिह्नित किया जाना चाहिए। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने आयोग की ओर से निर्धारित नियमों के अनुसार परीक्षा दी। उन्होंने न तो किसी अनियमितता में हिस्सा लिया और न ही परीक्षा प्रक्रिया में उनका कोई नियंत्रण था। इसलिए किसी कथित गड़बड़ी का असर उन सभी अभ्यर्थियों पर नहीं पड़ना चाहिए, जो निष्पक्ष तरीके से सफल हुए हैं।

    15 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
    हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद JSSC CGL के चयनित 1,932 अभ्यर्थियों को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। हालांकि, यह मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

    18 अगस्त को सरकार ने रद्द की थीं 22 भर्ती परीक्षाएं
    राज्य सरकार ने 18 अगस्त को JSSC CGL समेत कुल 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। इसके अलावा छह परीक्षाओं को स्थगित किया गया, जबकि 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखा गया है।

  • पंजाब बंद के दौरान लुधियाना में सिख जत्थेबंदियों का प्रदर्शन, नेशनल हाईवे किया जाम

    पंजाब बंद के दौरान लुधियाना में सिख जत्थेबंदियों का प्रदर्शन, नेशनल हाईवे किया जाम

    लुधियाना.

    सिख जत्थेबंदियों ने जेल में बंद बंदी सिखों की रिहाई को लेकर आज पंजाब बंद की कॉल को लेकर नेशनल हाईवे पर स्थित लाडोवाल चौक में धरना लगाकर नेशनल हाईवे को पूरी तरह से जाम कर दिया। इसके चलते नेशनल हाईवे के ऊपर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

    जानकारी के अनुसार इस मौके पर रोष प्रदर्शन करते हुए लोगों ने कहा कि केंद्र सरकार की आंखें खोलने के लिए आज उनके द्वारा नेशनल हाईवे को जाम किया गया है ताकि केंद्र सरकार जेल में बंद बंदी सिखों को जल्द से जल्द रिहा कर सके।

    वहीं, नेशनल हाईवे जाम होने के बाद लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है। लोगों की समस्या का समाधान करने के लिए किसी भी विभाग द्वारा जाम खुलवाने की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा।

  • चीनी की कालाबाजारी पर बिहार सरकार सख्त, 400 टन से ज्यादा स्टॉक पर FIR

    चीनी की कालाबाजारी पर बिहार सरकार सख्त, 400 टन से ज्यादा स्टॉक पर FIR

    पटना
    बिहार सरकार ने चीनी की कालाबाजारी को रोकने के लिए अहम फैसला लिया है। सरकार ने चीनी की स्टॉक लिमिट तय कर दी है। चीनी का तय सीमा से ज्यादा स्टॉक करने वाले व्यापारियों और डीलर पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही, शुगर मिल के संचालक भी अपने गोदाम में 7 दिन से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने चीनी स्टॉक की जांच के आदेश दे दिए हैं।

    बिहार सरकार के ताजा फैसले के अनुसार, अब डीलर अपने यहां अधिकतम 400 टन चीनी ही रख सकेंगे। इससे ज्यादा स्टॉक मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने चीनी मिल संचालकों और संबंधित जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर चीनी मिलों में उपलब्ध चीनी स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराने को कहा है। चीनी की बिक्री पर नियंत्रण करने के लिए टीम का गठन कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

    उन्होंने कहा कि मिलों द्वारा चीनी की बिक्री के बाद अधिकतम 7 दिन ही स्टॉक अपने परिसर में रख सकेंगे। ऐसा नहीं करने करने पर कार्रवाई की जाएगी। सचिव ने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, समस्तीपुर और सीतामढ़ी के जिलाधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं।

    गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने बताया कि मिलों से लेकर राज्य में पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध है। इसके बावजूद चीनी के मूल्य में बढ़ोतरी की सूचना मिल रही है। इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि चीनी के व्यापारियों के पास 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को इसके आदेश दिए गए हैं।
    संयुक्त जांच टीम गठित होगी

    विभागीय सचिव धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि संबंधित जिलाधिकारियों से कहा गया है कि जिले के एक वरीय उप समाहर्त्ता और ईख पदाधिकारी की संयुक्त जांच टीम गठित किया जाए। यह जांच टीम जिले में कार्यरत चीनी मिलों में उपलब्ध चीनी स्टॉक और चीनी व्यापारियों के चीनी स्टॉकों का भौतिक सत्यापन करेगी। केंद्र सरकार के आदेश का उलंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    30 नवंबर तक स्टॉक होल्डिंग लागू
    केंद्र सरकार ने चीनी स्टॉक का निर्धारण किया है। देश भर के चीनी व्यापारियों पर 1 अगस्त से 400 टन स्टॉक होल्डिंग सीमा लागू किया है और यह 30 नवंबर 2026 लागू रहेगा। केंद्र ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर आशंका जताई है कि कुछ चीनी मिलों और चीनी व्यापारियों द्वारा चीनी की कालाबाजारी की जा सकती है। इससे चीनी की पर्याप्त भंडार उपलब्ध होने के बावजूद बाजार में इसकी कमी हो सकती है।

  • Punjab में अभी एक्टिव रहेगा मानसून, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

    Punjab में अभी एक्टिव रहेगा मानसून, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

    अमृतसर.

    पंजाब में आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहेगा, लेकिन इसकी तीव्रता अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रह सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 21 से 27 अगस्त के दौरान दक्षिण-पश्चिमी पंजाब में हल्की बारिश, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।

    बारिश के इस दौर के दौरान मौसम विभाग ने तापमान को लेकर भी अनुमान जारी किया है। इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। खास बात यह है कि 22 अगस्त को पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, वीरवार भी तापमान में हल्की बढ़ौतरी देखने को मिली है। हालांकि तापमान सामान्य के करीब बना हुआ है।
    आने वाले दिन भी जारी रहेगी बारिश

    21 अगस्त: शुक्रवार को पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, मोगा और बरनाला में कुछ स्थानों पर वर्षा के आसार हैं। दक्षिण-पश्चिमी जिलों में छिटपुट बारिश हो सकती है। किसी जिले के लिए चेतावनी नहीं है।
    22 अगस्त: शनिवार को पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में कई स्थानों पर बारिश के साथ भारी वर्षा का येलो अलर्ट है। अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, मोगा, फिरोजपुर, फरीदकोट, बरनाला, संगरूर, पटियाला और मोहाली में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में छिटपुट बारिश के आसार हैं।
    23 अगस्त: रविवार को पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। मध्य पंजाब के कई जिलों में कुछ स्थानों पर वर्षा के आसार हैं। दक्षिण-पश्चिमी जिलों में छिटपुट बारिश हो सकती है। पूरे राज्य में कोई चेतावनी नहीं है।
    24 अगस्त: सोमवार को बारिश की गतिविधियां कम होंगी। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और लुधियाना में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, कपूरथला और जालंधर में छिटपुट वर्षा संभव है। फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला और मानसा में मौसम शुष्क रह सकता है। कोई चेतावनी नहीं है।
    25 से 27 अगस्त: मौसम विभाग के विस्तारित पूर्वानुमान के अनुसार 25 से 27 अगस्त के दौरान भी पंजाब में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में बारिश अपेक्षाकृत कम रहने के आसार हैं। उत्तरी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है, जबकि अन्य हिस्सों में यह सामान्य या सामान्य से कम रहने की संभावना है।

    सामान्य से अधिक रह सकता है तापमान
    आने वाले सप्ताह में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। 21 अगस्त के आसपास रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में अधिकतम तापमान करीब 32 से 34 डिग्री, उत्तरी व उत्तर-पूर्वी जिलों में 34 से 36 डिग्री और दक्षिणी व दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में 36 से 40 डिग्री तक पहुंच सकता है। 22 से 24 अगस्त के दौरान भी तापमान में बहुत बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है। दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी जिलों में अधिकतम तापमान 36 से 40 डिग्री के आसपास रह सकता है। उत्तरी हिस्सों में यह 34 से 36 डिग्री और मध्य पंजाब में करीब 32 से 35 डिग्री रह सकता है।
    25 से 27 अगस्त के दौरान भी तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रहने का अनुमान है। रात का न्यूनतम तापमान उत्तरी हिस्सों में 22 से 24, मध्य पंजाब में 24 से 26 और दक्षिणी क्षेत्रों में 26 से 28 डिग्री के आसपास रह सकता है।

    गुरुवार को बठिंडा रहा सबसे गर्म
    गुरुवार को पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में बुधवार की तुलना में 0.3 डिग्री की मामूली बढ़ोतरी हुई। बठिंडा में सबसे अधिक 38.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। फरीदकोट में 36.0, पटियाला, फिरोजपुर और मोहाली में 35.2, रूपनगर व मुक्तसर में 34.9, संगरूर में 33.8 और लुधियाना में 33.0 डिग्री तापमान रहा। अमृतसर में 31.4 और गुरदासपुर में 30.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश की बात करें तो गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक गुरदासपुर में सबसे ज्यादा 47.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। रूपनगर में 12.0, लुधियाना में 9.6, फिरोजपुर में 4.5, पटियाला में 4.0 और जालंधर में 3.5 मिलीमीटर बारिश हुई। अमृतसर, चंडीगढ़, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब, होशियारपुर, मोहाली, मुक्तसर और संगरूर में बारिश दर्ज नहीं हुई।

  • बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बड़ा बदलाव, अब 2 लाख तक लोन राज्य से और ज्यादा के लिए पीएम-विद्यालक्ष्मी

    बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बड़ा बदलाव, अब 2 लाख तक लोन राज्य से और ज्यादा के लिए पीएम-विद्यालक्ष्मी

     पटना
     बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना (Bihar Student Credit Card Scheme) में हुए बदलाव के बाद अब विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण लेने की प्रक्रिया नए तरीके से पूरी करनी होगी।

    नई व्यवस्था के तहत बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम से अधिकतम दो लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मिलेगा। पढ़ाई के लिए इससे अधिक राशि की जरूरत है तो अतिरिक्त ऋण के लिए पीएम-विद्यालक्ष्मी पोर्टल पर आवेदन करना होगा।

    नई व्यवस्था वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक प्रभावी रहेगी।
    कौन ले सकता है योजना का लाभ

    बिहार में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले पात्र विद्यार्थी बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ ले सकते हैं। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

    केंद्र की संबंधित योजनाओं के दायरे में नहीं आने वाले पात्र विद्यार्थियों को राज्य सरकार की योजना से सहायता देने का भी प्रविधान किया गया है।

    दो लाख रुपये तक के लोन के लिए करें ये काम
    बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अधिकतम दो लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण लेने के लिए विद्यार्थियों को बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम की ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से आवेदन करना होगा।

    आवेदन के बाद विद्यार्थी को जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) में जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा। दस्तावेजों की जांच और आवेदन के सत्यापन के बाद ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

    विद्यार्थियों को डीआरसीसी पर आवेदन से जुड़ी जानकारी और प्रक्रिया में सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

    दो लाख से अधिक की जरूरत है तो क्या करें
    यदि किसी विद्यार्थी को उच्च शिक्षा के लिए दो लाख रुपये से अधिक की राशि की जरूरत है तो अतिरिक्त ऋण के लिए पीएम-विद्यालक्ष्मी पोर्टल पर आवेदन करना होगा।

    डीआरसीसी पर विद्यार्थियों को इस पोर्टल के माध्यम से आवेदन की मुफ्त सुविधा भी दी जाएगी। इस तरह विद्यार्थी अपनी पात्रता और जरूरत के अनुसार राज्य सरकार की योजना तथा केंद्र की संबंधित योजनाओं का लाभ ले सकेंगे।

    योजना को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना और प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी केंद्रीय योजना से भी जोड़ा गया है।
    आवेदन से लेकर ऋण मिलने तक ऐसे चलेगी प्रक्रिया

    पहला चरण : ऑनलाइन आवेदन  
    विद्यार्थी को बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। दो लाख रुपये तक के ऋण के लिए बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम की प्रक्रिया अपनानी होगी।

    दूसरा चरण : डीआरसीसी में सत्यापन
    ऑनलाइन आवेदन के बाद विद्यार्थी को जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र में आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा। केंद्र पर आवेदन की जांच भी की जाएगी।

    तीसरा चरण : ऋण स्वीकृति
    आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्रता के आधार पर शिक्षा ऋण स्वीकृत किया जाएगा।

    चौथा चरण : ऋण वितरण
    स्वीकृति के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विद्यार्थी को शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

    पांचवां चरण : पुनर्भुगतान
    पढ़ाई पूरी होने और निर्धारित मोरेटोरियम अवधि के बाद विद्यार्थी को ऋण की राशि वापस करनी होगी। समय पर भुगतान करने पर ब्याज में प्रोत्साहन का लाभ भी मिलेगा।
    कितना ऋण और कितने समय में चुकाना होगा

    संशोधित योजना में ऋण की राशि के अनुसार पुनर्भुगतान की अवधि तय की गई है। दो लाख रुपये तक के ऋण को अध्ययन एवं मोरेटोरियम अवधि के बाद अधिकतम तीन वर्ष में चुकाना होगा।

    दो से चार लाख रुपये तक के ऋण के लिए अधिकतम पांच वर्ष और चार से 10 लाख रुपये तक के ऋण के लिए अधिकतम 10 वर्ष की अवधि निर्धारित की गई है।

    समय पर ऋण चुकाने पर मिलेगा ब्याज प्रोत्साहन
    समय पर शिक्षा ऋण चुकाने वाले विद्यार्थियों को 30 प्रतिशत ब्याज प्रोत्साहन मिलेगा। छात्राओं, दिव्यांग और मंगलामुखी लाभार्थियों को निर्धारित अवधि में भुगतान करने पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत ब्याज प्रोत्साहन का प्रविधान किया गया है।

    इस तरह इन श्रेणियों के पात्र विद्यार्थियों को कुल 40 प्रतिशत तक ब्याज प्रोत्साहन मिल सकता है। योजना का लाभ लेने में विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन से लेकर दस्तावेज सत्यापन तक परेशानी नहीं हो, इसके लिए जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्रों पर सहायता उपलब्ध रहेगी।

    पीएम-विद्यालक्ष्मी पोर्टल पर आवेदन करने की सुविधा भी डीआरसीसी में मुफ्त मिलेगी। विद्यार्थियों को आवेदन के दौरान अपने शैक्षणिक और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे।

    पहले से स्वीकृत आवेदनों पर क्या होगा
    योजना में बदलाव के बावजूद पहले से स्वीकृत आवेदनों पर नए नियम लागू नहीं होंगे। ऐसे आवेदनों का निष्पादन पुराने नियमों के अनुसार ही किया जाएगा। संशोधित नियम राजपत्र में अधिसूचना जारी होने की तिथि से प्रभावी होंगे।

    2031 तक जारी रहेगी योजना
    राज्य सरकार ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अगले पांच वर्षों के लिए विस्तार दिया है। संशोधित योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक प्रभावी रहेगी।

    चालू वित्तीय वर्ष में योजना के लिए 950 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई है। सरकार ने राज्य में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात 28.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है।

    अब तक योजना के तहत 4.81 लाख से अधिक आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें 4.15 लाख से अधिक विद्यार्थियों को करीब 8,865 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है।

    योजना के तहत कुल 15,801 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं और राज्य तथा राज्य के बाहर के 3,429 शिक्षण संस्थानों को सूचीबद्ध किया गया है।

     

  • JSSC CGL के 1,932 कर्मियों की नौकरी पर संकट, आज हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं चयनित अभ्यर्थी

    JSSC CGL के 1,932 कर्मियों की नौकरी पर संकट, आज हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं चयनित अभ्यर्थी

     रांची
     झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय यानी सीजीएल परीक्षा के जरिए विभिन्न श्रेणियों में नियुक्त हुए 1,932 कर्मियों के लिए कानूनी लड़ाई का रास्ता साफ होता दिख रहा है। परीक्षा और नियुक्तियों पर मंडराते खतरे के बीच अब इन चयनित कर्मियों की ओर से आज उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करने की संभावना है।

    अब तक इन कर्मियों की ओर से औपचारिक रूप से याचिका दाखिल नहीं किए जाने के कारण ही सीजीएल परीक्षा और इससे जुड़ी नियुक्तियों को पूरी तरह रद किए जाने के सरकारी या प्रशासनिक फैसलों पर कोई प्रभावी रोक नहीं लग पाई है।

    जानकारों का मानना है कि जब तक प्रभावित पक्ष खुद अदालत का दरवाजा नहीं खटखटाता, तब तक न्याय पाने या प्रक्रिया पर स्टे लगाने की स्थिति मजबूत नहीं होती। गुरुवार को हाई कोर्ट ने तीन याचिकाओं पर सकारात्मक फैसला दिया था।

    पूर्व के मामलों से मिल रही है कानूनी मजबूती
    झारखंड उच्च न्यायालय का पूर्व का रुख इन कर्मियों के लिए एक बड़ी उम्मीद बना हुआ है। गुरुवार को भी जब विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को रद करने के विवादित आदेश सामने आए, तब अदालत में याचिकाएं दाखिल होने के बाद कोर्ट ने उन आदेशों पर तुरंत रोक लगा दी। कोर्ट ने सरकार के फैसले को न्याय के नियम के विरुद्ध बताया और सीआईडी रिपोर्ट पेश करने को कहा।

    इसी कानूनी दृष्टांत को आधार बनाते हुए अब सीजीएल कर्मी भी अपनी नौकरी बचाने के लिए अदालत की शरण लेने जा रहे हैं। दूसरी ओर सीजीएल अभ्यर्थी रांची से जाने को तैयार नहीं हैं। प्रोजेक्ट भवन के बाहर जमे हैं।

    1,932 कर्मियों के भविष्य पर टिकी निगाहें
    इस पूरी प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से राज्यभर में विभिन्न श्रेणियों के कुल 1,932 पदों पर नियुक्तियां हुई थीं। ये सभी कर्मी फिलहाल अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन परीक्षा से जुड़े विवादों और अनिश्चितता के माहौल ने उनकी नींद उड़ा दी है। यदि समय रहते अदालती मोर्चे पर कानूनी सुरक्षा नहीं मिली, तो इन डेढ़ हजार से अधिक युवाओं का भविष्य अधर में लटक सकता है।

    JSSC CGL के सफल अभ्यर्थियों ने निकाली तिरंगा यात्रा
    जेएसएससी-सीजीएल पास अभ्यर्थियों ने गुरुवार शाम को नियुक्ति रद के विरोध में तिरंगा यात्रा निकाली। तिरंगा यात्रा मोरहाबादी मैदान के गांधी प्रतिमा से निकलकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची। इस दौरान रास्ते में लंबा जाम लग गया। यात्रा में शामिल अभ्यर्थियों ने नियुक्ति रद करने का फैसला तुरंत वापस लेने की मांग की।

    अभ्यर्थी न्याय दो या फांसी दो का नारा लगा रहे थे। सैकड़ों अभ्यर्थी अल्बर्ट एक्का चौक पर काफी देर तक जमे रहे। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि वे वर्षों की कड़ी मेहनत और मेरिट के आधार पर चयनित हुए हैं।

    कई अभ्यर्थी विभागों में नियमित रूप से अपनी सेवाएं भी दे रहे हैं। ऐसे में पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करना सरासर गलत है। उन्होंने मांग की कि यदि कहीं गड़बड़ी हुई है, तो केवल दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

    निर्दोष चयनित कर्मियों का भविष्य दांव पर नहीं लगाया जाना चाहिए। अभ्यर्थियों ने साफ किया कि जब तक सरकार यह फैसला वापस नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

    इन अभ्यर्थियों को आंदोलन करने के लिए अभी तक कोई धरना स्थल नहीं दिया गया है। वहीं प्रशासन की ओर से कुटे मैदान धरना के लिए एलाट किया गया था, जिसे अभ्यर्थियों ने मना कर दिया। इनका कहना है कि प्रोजेक्ट भवन के सामने ही कुछ लोग रात में धरने पर बैठेंगे।

     

  • बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर पंजाब में प्रदर्शन, पठानकोट-अमृतसर मार्ग ब्लॉक; लुधियाना में मिला-जुला असर

    बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर पंजाब में प्रदर्शन, पठानकोट-अमृतसर मार्ग ब्लॉक; लुधियाना में मिला-जुला असर

    पठानकोट/अमृतसर.

    बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा ने 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया है। जिसे लेकर सुबह सात बजे से ही इसका प्रभाव देखने को मिल गया है। बंद आज सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक प्रस्तावित है।

    इसका असर बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, निजी स्कूल-कॉलेज और सार्वजनिक परिवहन पर पड़ता दिख रहा है। इस स्थिति में घर से निकलने से पहले लोग अपने क्षेत्र की स्थितिऔर यातायात व्यवस्था की जानकारी जरूर ले लें। बंद के दौरान अस्पताल, मेडिकल स्टोर, एंबुलेंस और अन्य आवश्यक आपात सेवाओं को छूट दी गई है। हालांकि बसों और सार्वजनिक परिवहन की आवाजाही प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी हो सकती है। सड़क पर प्रदर्शन या धरना होने की स्थिति में यातायात को वैकल्पिक रास्तों से निकाला जाएगा। 

    क्यों बुलाया गया है पंजाब बंद
    कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से जेलों में बंद बंदी सिंहों की रिहाई की मांग कर रहा है। इसके अलावा जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने और 15 अगस्त को चंडीगढ़ में प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी उठाई जा रही है। 15 अगस्त के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव हुआ था, जिसके बाद 21 अगस्त के बंद का आह्वान किया गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सहित कुछ अन्य संगठनों ने भी बंद का समर्थन किया है। वहीं पंजाब गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष कीमती भगत ने बंद का विरोध किया है। उनका कहना है कि वह जगतार सिंह हवारा की पैरोल के विरोध में नहीं हैं, लेकिन बंद से श्रद्धालुओं और आम लोगों को परेशानी हो सकती है।

    पठानकोट टोल प्लाजा बंद
    कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को पंजाब बंद का पठानकोट में व्यापक असर देखा गया। सिख संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पठानकोट-अमृतसर मार्ग पर स्थित लदपालमा टोल प्लाजा को सुबह 7:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक पूर्ण रूप से बंद रखा, जिससे आवाजाही ठप रही। टोल प्लाजा पर वाहनों की आवाजाही बंद रहने के कारण केवल एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को ही जाने की अनुमति दी गई। आम लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए गांवों के वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेते दिखे। इस दौरान निजी स्कूल लगभग बंद रहे, जबकि स्थानीय बाजारों में बंद का आंशिक असर देखने को मिला।

    अमृतसर की तहसील में जारी है काम
    अमृतसर की तहसील नंबर एक, दो और तीन में लोग अपने दस्तावेज पंजीकृत करवाने के लिए पहुंचे। सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अपनी सीटों पर मौजूद रहे और कार्यालयों में कामकाज जारी रहा। हालांकि आम दिनों की तुलना में लोगों की संख्या कुछ कम रही, लेकिन फिर भी सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित नहीं हुआ। कम भीड़ के कारण लोग आसानी से अपने जरूरी काम करवाते नजर आए।

     

  • हरियाणा में 15 दिन से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, शहरों में कचरे के ढेर; हाईकोर्ट पहुंचा मामला

    हरियाणा में 15 दिन से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, शहरों में कचरे के ढेर; हाईकोर्ट पहुंचा मामला

     हिसार/पानीपत
     सफाई कर्मचारियों की 15 दिन से जारी हड़ताल का असर अब कचरा प्रबंधन की पूरी व्यवस्था पर दिखने लगा है। कई शहरों में घरों, दुकानों और डंपिंग प्वाइंटों पर कचरे के ढेर बढ़ते जा रहे हैं।

    कहीं वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कचरा उठाने की कोशिश हो रही है तो कहीं हड़ताली कर्मचारी उसे भी रोक रहे हैं। सिरसा में चार कचरा प्वाइंटों पर आग लगने की घटनाएं सामने आईं। इसी बिगड़ती व्यवस्था को लेकर सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की हैयाचिका में हड़ताल के दौरान शहर में पैदा हुए हालात और प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रबंधों पर सवाल उठाए गए हैं। हाई कोर्ट ने स्थानीय शहरी निकाय विभाग को नोटिस जारी कर अतिरिक्त मुख्य सचिव से उठाए गए कदमों की जानकारी शपथपत्र के माध्यम से मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।

    कचरे के ढेर बढ़े, दुर्गंध और मच्छरों से लोग परेशान
    फतेहाबाद में करीब 1650 टन कचरा जमा होने का अनुमान है। निर्धारित 40 डंपिंग प्वाइंट की जगह करीब 150 स्थानों पर कचरे के ढेर लग गए हैं। हांसी में रोज करीब 40 टन कचरा निकलता है और करीब 400 टन कचरा सड़कों पर जमा होने का अनुमान है। कैथल के पुराने शहर, बाजारों और दुकानों के बाहर कचरा जमा होने से लोग परेशान हैं। भिवानी में बाजारों, सड़कों और गलियों में 1800 क्विंटल से अधिक कचरा फैला है।

    सैलजा ने सरकार को कोसा
    कांग्रेस महासचिव व सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा सरकार संवादहीन होती जा रही है। गुरुग्राम, सिरसा, फरीदाबाद सहित प्रदेश के सभी शहरों में सफाईकर्मियों की हड़ताल के चलते सड़कों के किनारे कूड़ाघर बन चुके हैं। यह देखते हुए भी प्रदेश सरकार 15 दिन से हड़ताल पर चल रहे सफाईकर्मियों से सार्थक बात के लिए आगे नहीं आ रही है।

    सरकार की नाक के नीचे हड़ताल चल रही है और संबंधित विभाग की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे। जनहित के इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाता रहेगा, ताकि आम जनता के हितों की रक्षा हो सके। -गोकुल सेतिया, विधायक, सिरसा

    ऐसे बिगड़े सफाई के हालात हिसार
    667 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। रोज निकलने वाले 216 मीट्रिक टन कचरे के हिसाब से तीन हजार मीट्रिक टन से अधिक कचरा जमा होने का अनुमान है।

        जींद: ठेकेदार के कर्मचारियों को भी हड़ताली कर्मचारी कचरा उठाने से रोक रहे हैं। करीब 350 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। वीरवार को हड़तालियों ने ठेकेदार के कारिंदों को कचरा उठाने से रोक दिया।
        कैथल: पुराने शहर, बाजारों, घरों और स्कूलों के बाहर कचरे के ढेर लगे हैं। बेसहारा गोवंश के मुंह मारने से बीमारी फैलने की आशंका है।
        यमुनानगर: 113 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। एजेंसी के जरिये कचरा उठाने का प्रयास भी विरोध के कारण सुचारू नहीं हो पा रहा।
        पानीपत: डोर-टू-डोर कचरा उठान जारी है। नालों की सफाई और सड़कों पर झाड़ू का काम बंद है।
        भिवानी: बाजारों, सड़कों और गलियों में 1800 क्विंटल से अधिक कचरा फैला है। अंबाला: 250 कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जबकि परिषद 125 कर्मचारियों के सहारे सफाई व्यवस्था संभाल रही है। सात वार्डों में हालात खराब हैं।

     

  • पंजाब में निजी स्कूलों की छुट्टी, सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के लिए पहुंच रहे छात्र

    पंजाब में निजी स्कूलों की छुट्टी, सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के लिए पहुंच रहे छात्र

    अमृतसर.

    बंदी सिंहों की रिहाई समेत विभिन्न मांगों को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से शुक्रवार को पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। सुबह सात बजे से ही बंद का असर कई स्थानों पर दिखाई देने लगा। बंद दोपहर दो बजे तक प्रस्तावित है।

    बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक परिवहन पर इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई निजी स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं। वहीं सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति सामान्य रही और बच्चे स्कूल पहुंचते दिखाई दिए। प्रशासन की ओर से संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। बंद के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है।

    बंदी सिहों की रिहाई के लिए उठी मांग
    कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से जेलों में बंद बंदी सिंहों की रिहाई की मांग उठा रहा है। इसके साथ ही जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने और 15 अगस्त को चंडीगढ़ में प्रदर्शन के दौरान दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने की मांग भी की जा रही है। 15 अगस्त के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। इसके बाद मोर्चे ने 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया।

    आज घर से निकलने वालों के लिए जरूरी सलाह –

    • सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक गैरजरूरी यात्रा से बचें।
    • बठिंडा के सात प्रस्तावित धरना स्थलों वाले मार्गों पर जाने से पहले स्थिति जांचें।
    • लंबी दूरी की यात्रा के लिए वैकल्पिक मार्ग चुनें।
    • बस से यात्रा करने वाले संचालन की स्थिति पहले पता कर लें।
    • मरीज, बुजुर्ग और जरूरी काम से निकलने वाले लोग अतिरिक्त समय लेकर चलें।
    • किसी मार्ग पर धरना या जाम मिले तो पुलिस के निर्देश अनुसार दूसरा रास्ता अपनाएं।
  • बिहार की जीविका दीदियों के लिए बड़ा ऐलान, हर जिले में बनेंगे हाट; मिलेगा देश-विदेश का बाजार

    बिहार की जीविका दीदियों के लिए बड़ा ऐलान, हर जिले में बनेंगे हाट; मिलेगा देश-विदेश का बाजार

    पटना
     स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए अब हर जिले में हाट बनाए जाएंगे। राज्य सरकार अपने अनुसार इनका नामकरण कर सकेगी।

    यह घोषणा गुरुवार को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चरणबद्ध तरीके से हर जिले में हाट विकसित करेगी, जहां जीविका दीदियां अपने उत्पाद बेच सकेंगी।

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जीविका व स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए नालंदा, बक्सर, भागलपुर और मोतिहारी जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों पर बड़े हाट विकसित करने का उनसे आग्रह किया था।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि एक करोड़ 81 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। इनमें 30 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को और गति देने के लिए उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना जरूरी है।

    केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बिहार में अब तक करीब 50 लाख पक्के मकान दिए जा चुके हैं। अगले दो वर्षों में 11 लाख 11 हजार 927 नए आवास दिए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक गरीब परिवारों को आवास का लाभ मिले, इसके लिए पात्रता मानकों में भी सुधार किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार के सर्वे में छूटे ऐसे परिवार, जिनके पास पक्का मकान नहीं है, उन्हें भी आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि किसी गरीब को पक्के मकान के बिना नहीं रहने दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फार्मर आइडी बनाने में बिहार देश में अग्रणी राज्यों में है। अब तक करीब 53 लाख फार्मर आइडी बनाई जा चुकी हैं।

    आवास योजना में बिचौलियों की भूमिका खत्म
    चौहान ने कहा कि पहले आवास योजना में कई स्तर पर बिचौलियों की भूमिका रहती थी और गरीबों को स्वीकृत राशि पूरी नहीं मिल पाती थी। अब केंद्र सरकार की व्यवस्था में पूरी राशि लाभुक के खाते तक पहुंचती है।

    उन्होंने इसे गरीबों के लिए पारदर्शी व्यवस्था बताया। बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दानापुर सरारी की सुषमा देवी, शोभा देवी, अंजुमा देवी, मनेर की रिंकी देवी और माया देवी को घर की प्रतीकात्मक चाबी दी गई।

    वहीं, नौबतपुर के राकेश राम, प्रीति कुमारी, टुन्नी देवी, जानकी देवी और शहजादी को आवास का स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास ने भी संबोधित किया।

    मौके पर मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा, आइएएस सुमित कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    जिले में 3.90 लाख पात्र, कितने आवास मिलेंगे अभी तय नहीं
    जिले में हुए सर्वे में 3 लाख 90 हजार पात्र परिवारों को पक्के मकान के लिए चिह्नित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश में 11 लाख 11 हजार 927 नए आवास बनने हैं, लेकिन इनमें पटना जिले के हिस्से में कितने आवास आएंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

    डीआरडीए निदेशक अंजन दत्ता के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर वर्ष निर्धारित समय पर जियो टैगिंग के माध्यम से पात्र लाभुकों को चिह्नित किया जाता है।

    तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलने वाले नए आवेदनों पर सामान्य प्रक्रिया से आवास देना संभव नहीं होता। हालांकि, अत्यंत जरूरतमंद परिवारों के लिए विशेष परिस्थिति में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराया जा सकता है।