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  • दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर इंडिया फ्लाइट में बड़ा हादसा टला, अचानक नीचे आते ही छत से टकराए यात्रियों के सिर

    दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर इंडिया फ्लाइट में बड़ा हादसा टला, अचानक नीचे आते ही छत से टकराए यात्रियों के सिर

    नई दिल्ली

    दिल्ली एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा टल गया. फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में तेज टर्बुलेंस हुआ, जिसकी वजह से कई यात्रियों को चोटें लगी हैं.मौके पर एंबुलेस बुलाकर घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा है. एअर इंडिया ने ये जानकारी दी है. जानकारी के मुताबिक कई एंबुलेंस एयरपोर्ट से घायलों को अस्पताल ले गई हैं. फ्लाइट में सवार एक यात्री ने बताया कि विमान बहुत तेजी से नीचे आया, जिसकी वजह से कई यात्री घायल हो गए उनको चोटें लगी हैं। 

    टर्बुलेंस इतना भयानक था कि किसी कान में तो किसी को गर्दन में चोटें आई हैं. इनका इलाज कराया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना में 12 यात्री घायल हुए हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार टर्बुलेंस के दौरान विमान अपने तय एल्टीट्यूड से 300 फीट नीचे आ गया। 

    एअर इंडिया ने पुष्टि की है कि 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली जाने वाली फ़्लाइट AI2379 को उड़ान के दौरान कुछ देर के लिए टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा, जिससे विमान की ऊंचाई में अचानक थोड़ा बदलाव आया. विमान दिल्ली में सुरक्षित उतर गया और सभी यात्री व क्रू सदस्य सुरक्षित बाहर आ गए।  

    यात्रियों ने बताया कि दिल्ली में लैंडिंग से कुछ देर पहले विमान नीचे अचानक नीचे आने लगा. और हिचकोले खाने लगा. इससे यात्रियों में चीख पुकार मच गई. इस दौरान कई यात्रियों को चोटें आईं. कुछ देर के लिए विमान में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. हालांकि पायलट ने बड़ी मुश्किल से विमान को सफलतापूर्वक लैंड करवाया। 

    हालांकि एअर इंडिया के मुताबिक अभी तक किसी को गंभीर चोट नहीं आई है.  जिन कुछ यात्रियों और क्रू सदस्यों को मामूली चोटें आईं और जिन्हें मेडिकल जांच की ज़रूरत थी, उन्हें एहतियात के तौर पर जांच और देखभाल के लिए एअर इंडिया की एयरपोर्ट टीम और मेडिकल स्टाफ द्वारा एयरपोर्ट पर ही मेडिकल सुविधा केंद्र ले जाया गया है. यात्रियों और क्रू की सुरक्षा और भलाई एअर इंडिया के लिए सबसे ज़रूरी है। 

    सीलिंग से टकराए यात्रियों के सिर
    गनीमत रही कि फ्लाइट की लैंडिंग सही सलामत हो गई और सभी यात्री सुरक्षित हैं, हालांकि चोटें उनको जरूर लगी हैं. इस हादसे के बाद सभी यात्री डरे हुए हैं. एक यात्री ने बताया कि फ्लाइट उड़ाने के समय अचानक से बहुत नीचे आ गई, जिसकी वजह से कई यात्रियों के सिर सीधा सीलिंग में टकरा गए. कई लोगों के सिर पर सूजन भी आई है.फ्लाइट पूरी फुल थी। 

    उड़ान के दौरान अचानक आया तेज टर्बुलेंस
    जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 फुकेट से दिल्ली के लिए उड़ान भरकर आ रही थी. यात्रा के दौरान विमान अचानक तेज टर्बुलेंस की चपेट में आ गया. इस दौरान विमान की ऊंचाई में कुछ समय के लिए तेजी से बदलाव हुआ, जिससे यात्रियों को जोरदार झटके महसूस हुए. विमान के भीतर मौजूद यात्रियों के अनुसार, कुछ क्षणों के लिए ऐसा महसूस हुआ मानो विमान तेजी से नीचे की ओर जा रहा हो. अचानक आए इन झटकों के कारण कई यात्री अपनी सीटों से उछल गए और कुछ को चोटें भी आईं। 

    यात्रियों में मच गई अफरा-तफरी
    टर्बुलेंस के दौरान विमान के अंदर घबराहट का माहौल बन गया. कई यात्री डर के कारण सहम गए और स्थिति सामान्य होने तक तनाव में रहे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, झटके इतने तेज थे कि कई लोगों को मामूली चोटें आईं. हालांकि क्रू मेंबर्स ने स्थिति को संभालते हुए यात्रियों को शांत रहने की अपील की और सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए. इसी वजह से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। 

    दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा विमान
    घटना के बावजूद एयर इंडिया की फ्लाइट ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की. विमान के उतरते ही राहत और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की गई. एयरपोर्ट पर पहले से एंबुलेंस तैनात की गईं और जिन यात्रियों को चोट लगी थी, उन्हें तत्काल मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया. कुछ घायलों को एहतियातन अस्पताल भी भेजा गया ताकि उनकी विस्तृत जांच की जा सके। 

    एयर इंडिया ने जारी किया आधिकारिक बयान
    एयर इंडिया ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI2379 को उड़ान के दौरान कुछ समय के लिए टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा था. इस दौरान विमान की ऊंचाई में अस्थायी बदलाव हुआ, लेकिन सभी सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया और विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली पहुंच गया. एयरलाइन के अनुसार, सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित हैं. कुछ यात्रियों और क्रू मेंबर्स को हल्की चोटें आई हैं, जिन्हें चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है। 

    घायलों को मेडिकल सेंटर में दी गई सहायता
    एयर इंडिया ने बताया कि जिन लोगों को चोटें आई थीं, उन्हें एहतियात के तौर पर एयरपोर्ट के मेडिकल सेंटर में जांच और उपचार के लिए भेजा गया. एयरलाइन प्रभावित यात्रियों को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही है. कंपनी ने यह भी कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच संबंधित अधिकारियों के सहयोग से की जा रही है। 

    विमान की दिल्ली में सुरक्षित लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित
    एअर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI2379 उड़ान को दौरान कुछ समय के लिए टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा. इससे विमान की ऊंचाई में थोड़े समय के लिए बदलाव हुआ. हालांकि उसने दिल्ली में सुरक्षित लैंडिंग की. सभी यात्री और क्रू सुरक्षित विमान से उतर गए. किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है.कुछ यात्रियों और क्रू को हल्की चोटें आईं हैं। 

    एहतियात के तौर पर मेडिकल सेंटर ले जाया गया
    एहतियात के तौर पर उन्हें एयरपोर्ट के मेडिकल सेंटर में जांच और इलाज के लिए ले जाया गया है.एयर इंडिया ने कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. भावित लोगों को हर संभव मदद दी जा रही है और घटना की जांच में संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग किया जा रहा है। 

  • गुरु रविदास की 650वीं जयंती पर हरियाणा में भव्य आयोजन, कलश यात्रा के साथ 27 जिलों में पहुंचेगी पवित्र मिट्टी

    गुरु रविदास की 650वीं जयंती पर हरियाणा में भव्य आयोजन, कलश यात्रा के साथ 27 जिलों में पहुंचेगी पवित्र मिट्टी

    पंचकूला.

    हरियाणा भाजपा अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर पूरे प्रदेश में सामाजिक समरसता और संत परंपरा के सम्मान को समर्पित व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

    इसके तहत चार अगस्त को गुरुग्राम स्थित श्री शीतला माता मंदिर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, डा. अर्चना गुप्ता, कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, कृष्ण बेदी तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में 27 जिलों के लिए 27 पवित्र कलश रवाना किए जाएंगे। प्रत्येक जिले में इन कलशों की शोभायात्रा निकलेगी और बाद में इन्हें मंडलों व गांवों तक पहुंचाया जाएगा। सोमवार को पंचकूला स्थित कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए डा. अर्चना गुप्ता ने बताया कि गुरु रविदास जी की जन्मस्थली वाराणसी से लाई गई पवित्र मिट्टी को पूरे प्रदेश में सामाजिक समरसता के प्रतीक के रूप में पहुंचाया जाएगा। जिन गांवों में गुरु रविदास मंदिर हैं, वहां तथा अन्य मंदिरों में तुलसी के पौधों के साथ इस मिट्टी का विधिवत विलय किया जाएगा। इस दौरान गुरुवाणी, भजन संध्या, संत प्रवचन और सामाजिक सद्भाव से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे। अनुसूचित जाति छात्रावासों और शैक्षणिक संस्थानों में भी विशेष कार्यक्रम किए जाएंगे।

    उन्होंने बताया कि जालंधर से शुरू होने वाली समरसता यात्रा हरियाणा के विभिन्न जिलों से होकर वाराणसी पहुंचेगी। इसका उद्देश्य सामाजिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का संदेश देना है। इसके अलावा हर घर तिरंगा अभियान के तहत 10 अगस्त को कुरुक्षेत्र के लाडवा विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तिरंगा यात्रा का शुभारंभ करेंगे। प्रदेश की सभी विधानसभाओं और मंडलों में तिरंगा यात्राएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि भाजपा जल्द ही 'बीजेपी फार हरियाणा' नाम से डिजिटल पोर्टल शुरू करेगी। इसके माध्यम से डाक्टर, शिक्षक, समाजसेवी और अन्य प्रबुद्ध नागरिक संगठन के साथ जुड़कर पौधारोपण, जल संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में योगदान दे सकेंगे।

    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) पर उन्होंने कहा कि शुद्ध मतदाता सूची मजबूत लोकतंत्र की पहली आवश्यकता है। पहले चरण में लगभग 33 लाख मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए प्रत्येक बूथ पर फार्म-6 और फार्म-8 उपलब्ध कराए जाएंगे। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था लागू कर युवाओं का विश्वास मजबूत किया है। उन्होंने नई प्रदेश कार्यकारिणी को अनुभवी और युवा कार्यकर्ताओं का संतुलित मिश्रण बताते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का भरोसा जताया। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रमुख भूपेश्वर दयाल, मुख्य प्रवक्ता डॉ. संजय शर्मा, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी नवीन गर्ग भी मौजूद रहे।

  • चंडीगढ़ में जर्जर इमारत ढही, मलबे में दबकर दो कारोबारियों की दर्दनाक मौत

    चंडीगढ़ में जर्जर इमारत ढही, मलबे में दबकर दो कारोबारियों की दर्दनाक मौत

    चंडीगढ़.

    इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में 50 वर्ष पुरानी दो मंजिला इमारत के ढहने का कारण तकनीकी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हो गया है। यह रिपोर्ट रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी गई है, जिसके बाद अब दो कारोबारियों की मौत मामले में कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

    राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीआर) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की तकनीकी रिपोर्ट में इमारत ढहने का कारण स्पष्ट किया गया है। रिपोर्ट में इमारत के ढहने का मुख्य कारण भवन की लोड बेयरिंग चिनाई (मेसनरी) प्रणाली का कमजोर होना और सामने की लोड बेयरिंग दीवार का हटाया जाना था। इसी कारण पूरी आरसीसी फ्लोर प्रणाली क्रमिक रूप से ध्वस्त हो गई। छत और भूकंप सुरक्षा बैंड (सीस्मिक बैंड) का अभाव तथा बड़ी खिड़कियों के कारण संकरी दीवारें भी भवन की मजबूती कम करने के प्रमुख कारण रहे। हादसा 4 जुलाई को हुआ था, जिसमें तरुण जैन और तरुण कौशिक की मौत हो गई थी।

    दोनों उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले थे और रिश्तेदार थे। उन्होंने यह इमारत किराये पर ली थी और मोटरसाइकिल डीलरशिप खोलने की तैयारी कर रहे थे। जब हादसा हुआ तब इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था। यह बिल्डिंग 50 वर्ष पुरानी बताई गई। हादसे के बाद इसकी जांच की जिम्मेदारी एसडीएम पवित्र सिंह को सौंपी गई थी। प्रशासन ने तकनीकी जांच के लिए एनआईटीटीआर से रिपोर्ट मांगी थी। अब संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा में प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। प्रशासन रिपोर्ट के आधार पर निर्माण नियमों के उल्लंघन और लापरवाही के पहलुओं की भी जांच करेगा।

  • Punjab Assembly Session: आज जनहित के 3 बड़े मुद्दों पर होगी चर्चा, सदन में रह सकती है तीखी बहस

    Punjab Assembly Session: आज जनहित के 3 बड़े मुद्दों पर होगी चर्चा, सदन में रह सकती है तीखी बहस

    चंडीगढ़.

    पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही का केंद्र जनहित से जुड़े तीन प्रमुख मुद्दे और सरकार का विधायी एजेंडा रहेगा। ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के माध्यम से विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को सदन में उठाएंगे, जबकि सरकार एक संशोधन विधेयक भी विचारार्थ और पारित कराने के लिए पेश करेगी।

    सदन में सबसे पहले संगरूर की विधायक नरिंदर कौर भराज ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री का ध्यान संगरूर विधानसभा क्षेत्र के गांवों में तालाबों के ओवरफ्लो होने से पैदा हो रही समस्याओं की ओर आकर्षित करेंगी। इसके बाद जगराओं की विधायक सरबजीत कौर मानुके वन एवं वन्य जीव संरक्षण मंत्री के समक्ष जगराओं और बेट क्षेत्र में जंगली सूअरों तथा नीलगायों की बढ़ती संख्या का मुद्दा उठाएंगी।

    वहीं, बठिंडा के विधायक जगरूप सिंह गिल स्थानीय निकाय मंत्री से बठिंडा नगर निगम की सीमा से बाहर कूड़ा प्रबंधन संयंत्र स्थानांतरित करने के मुद्दे पर जवाब मांगेंगे। इन तीनों ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर संबंधित मंत्री सरकार का पक्ष रखेंगे। सदन में विभिन्न विभागों और संस्थाओं की वार्षिक रिपोर्ट एवं लेखे भी पटल पर रखे जाएंगे। इनमें पंजाब स्टेट कंटेनर एंड वेयरहाउसिंग कारपोरेशन की 2022-23 की वार्षिक रिपोर्ट, डी-सिल्टिंग से संबंधित खरीद प्रक्रिया में दी गई छूट का विवरण, पंजाब स्टेट बस स्टैंड मैनेजमेंट कंपनी की वर्ष 2015-16 और 2016-17 की वार्षिक रिपोर्ट तथा पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के वर्ष 2021-22 और 2022-23 के वार्षिक लेखे शामिल हैं।

    विधायी कार्य के तहत सरकार पंजाब कामन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक, 2026 को सदन में विचारार्थ प्रस्तुत करेगी। इसके साथ ही सरकार इसी दिन इस विधेयक को पारित कराने का प्रस्ताव भी रखेगी। इस प्रकार विधानसभा के दूसरे दिन की कार्यवाही में स्थानीय समस्याओं पर सरकार से जवाब, विभागीय रिपोर्टों को सदन के पटल पर रखना और महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पर चर्चा प्रमुख आकर्षण रहेंगे। गौरतलब है कि विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सदन में विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा था।

    प्रश्नकाल के दौरान सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में खाली पड़े शिक्षकों के पदों का मामला जोरदार ढंग से उठा। इसके अलावा विपक्ष ने हालिया पेपर लीक प्रकरण को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए सदन में हंगामा किया और मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस तथा स्वास्थ्य मंत्री डा बलबीर सिंह के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष के विरोध के चलते पहले दिन सदन का माहौल काफी गर्म रहा। ऐसे में दूसरे दिन भी सरकार और विपक्ष के बीच जनहित के मुद्दों के साथ-साथ राजनीतिक टकराव जारी रहने के आसार हैं।

  • JPSC-JSSC धांधली पर झारखंड में घमासान, आमरण अनशन के तीसरे दिन तेज हुई सियासत; CID की 18 ठिकानों पर रेड

    JPSC-JSSC धांधली पर झारखंड में घमासान, आमरण अनशन के तीसरे दिन तेज हुई सियासत; CID की 18 ठिकानों पर रेड

     रांची

    झारखंड में जेपीएससी और जेएससी की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. इस आंदोलन का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो, जिन्होंने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. उनकी यह भूख हड़ताल सोमवार को अपने तीसरे दिन में पहुंच गई।  

    महतो का कहना है कि हफ्तों तक विरोध प्रदर्शन करने के बाद भी सरकार से कोई ठोस जवाब नहीं मिला, इसलिए अब उनके पास भूख हड़ताल के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। 

    यह पूरा मामला 5 जुलाई से शुरू हुआ, जब 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित हुआ था. रिजल्ट आने के बाद परीक्षा प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां सामने आने लगीं, जिसके बाद छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया। 

    25 जुलाई से छात्रों ने दिन रात चलने वाला सत्याग्रह शुरू किया और 29 जुलाई से स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है. छात्रों की मुख्य मांग है कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा, जेएससी सीजीएल परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच सीबीआई और ईडी से कराई जाए। 

    साथ ही जब तक पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की भी मांग की जा रही है। 

    सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए महतो ने लिखा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि झारखंड के लाखों मेहनती युवाओं के भविष्य की लड़ाई है. उन्होंने सभी साथियों से अपील की कि आंदोलन को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से चलाया जाए। 

    कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो, यह जानना भी जरूरी है. वे रांची के एक गांव से आते हैं और ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े हैं. उन्होंने बुंडू से स्कूली पढ़ाई पूरी की और इसके बाद रांची की डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल की। 

    उनके पास संस्कृत के साथ साथ कुड़माली, ट्राइबल एंड रीजनल लैंग्वेजेज में भी प्रथम श्रेणी की पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री है. इसके अलावा उन्होंने हजारीबाग से बीएड की डिग्री भी हासिल की है. उनके चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उन्होंने 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में तमाड़ सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। 

    वे 2015 से छात्र आंदोलनों से जुड़े रहे हैं और स्कॉलरशिप, पेपर लीक, भर्ती नियमों जैसे मुद्दों पर लगातार आवाज उठाते रहे हैं. छठी जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर चले आंदोलन के दौरान उन्होंने अपनी मां को भी खो दिया था। 

    इस आंदोलन को अब कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का भी समर्थन मिल गया है. पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि महतो और अन्य छात्र नेताओं से वीडियो कॉल पर बात की और उन्हें पार्टी का पूरा समर्थन देने का भरोसा दिलाया. महतो की तुलना जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भी की जा रही है, जिन्होंने हाल ही में दिल्ली में 26 दिन तक चली भूख हड़ताल पूरी की थी। 

    इस बीच पिछले सप्ताह शनिवार शाम को हजारों छात्रों ने रांची में मशाल जुलूस निकालकर निष्पक्ष जांच की मांग की. एआईएसए ने भी अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन किया और 10 अगस्त को विधानसभा तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। 

    दूसरी तरफ जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांगते से भी लगातार पूछताछ जारी है. सोमवार को सीआईडी ने उनसे करीब सात घंटे तक पूछताछ की, जो चौथी बार की गई पूछताछ है. इससे पहले भी उनसे कई घंटों तक पूछताछ हो चुकी है। 

    खियांगते ने 22 जुलाई को इस्तीफा दे दिया था. अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. सोमवार को सीआईडी ने रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद जिलों की 18 जगहों पर छापेमारी भी की, जिसमें कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए गए। 

  • राजा वडिंग की रैली में हंगामा, चन्नी समर्थक को मंच पर बुलाकर कराया फोन; फिर हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा

    राजा वडिंग की रैली में हंगामा, चन्नी समर्थक को मंच पर बुलाकर कराया फोन; फिर हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा

    चंडीगढ़ 

    पंजाब में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं और कांग्रेस में लीडरशिप को लेकर खींचतान कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। बठिंडा में अमरिंदर सिंह राजा वडिंग एक रैली के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक नारेबाजी करने लगे और उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने की मांग करने लगे। इससे पहले संगरूर और पटियाला में जिला इकाइयों के कार्यक्रमों के दौरान भी चन्नी समर्थकों ने नारेबाजी करके हंगामा किया था। इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।

    चन्नी के समर्थक को वडिंग ने मंच पर बुलाया
    वडिंग ने चन्नी समर्थक को मंच पपर बुलाया और उसे चन्नी को फोन लागने को कहा। समर्थक ने चरणजीत सिंह चन्नी को दो बार फोन लगाया लेकिन उधर से फोन रिसीव नहीं किया गया। इसपर वडिंग ने कहा कि वह अब उनका नंबर सेव कर ले और जब जरूरत हो फोन लगाकर देख ले। वडिंग ने चन्नी के समर्थक से कहा कि जब तुम उनसे कहोगे कि तुमने कांग्रेस के प्रोग्राम में गड़बड़ करने की कोशिश की है तो वह यही कहेंगे कि ऐसा नहीं करना चाहिए था।

    वडिंग ने बेकाबू भीड़ से शांत होने की अपील की और कहा कि पार्टी में एकता है। उनकी अपील के बाद भी रैली में हंगामा होता रहा। पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी बहुत तेज हो गई है। वहीं पार्टी नेतृत्व का दावा है कि 2027 का चुनाव वह मजबूती के साथ लड़ने जा रही है। भूपेश बघेल ने कहा कि पार्टी में एकता की कोई कमी नहीं है। शुक्रवार को उन्होंने फतेहगढ़ साहिब और मोहाली से हर बूथ, कांग्रेस मजबूत अभियान की शुरुआत की है।

    वडिंग बोले- इस्तीफा नहीं दूंगा
    पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने सोमवार को कहा कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। बठिंडा में पंजाब के प्रभारी एआईसीसी महासचिव भूपेश बघेल की मौजूदगी में मीडिया से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में वडिंग ने कहा, "मैं इस्तीफा नहीं दूंगा।"

    इसी बीच, पंजाब कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि अगर पार्टी नेतृत्व उन्हें हटाने का फैसला करता है, तो भी वह संगठन को मजबूत करने के लिए काम करते रहेंगे। वडिंग ने कहा कि पिछले चार वर्षों से उन्होंने पार्टी के लिए पूरी निष्ठा से काम किया है और 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने 13 में से सात सीटें जीती थीं। पार्टी के 'हर बूथ कांग्रेस मजबूत' कार्यक्रमों के दौरान वडिंग और बघेल ने बठिंडा और मुक्तसर में मीडिया से बातचीत की।

  • IAS Factory: राजस्थान के इस गांव का एक परिवार बना ‘आईएएस फैक्ट्री’, UPSC पास करने वालों की लगी लाइन

    IAS Factory: राजस्थान के इस गांव का एक परिवार बना ‘आईएएस फैक्ट्री’, UPSC पास करने वालों की लगी लाइन

    नई दिल्ली

    आईएएस, आईपीएस, आईएफएस अफसर बनाने वाली यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। हर साल करीब 8 से 10 लाख अभ्यर्थी सालोंसाल तैयारी कर इसका फॉर्म भरते हैं लेकिन करीब 1000 का ही चयन हो पाता है। यानी सक्सेस रेट 0.1 फीसदी से 0.2 फीसदी तक ही। लेकिन राजस्थान के एक घर में ये तथ्य और आंकड़े लागू नहीं होते। सवाई माधोपुर जिले के बामनवास स्थित नाहरसिंहपुरा गांव का एक परिवार इन दिनों 'IAS फैक्ट्री' के नाम से जाना जा रहा है। इस परिवार ने अब तक 6 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी देश को दिए हैं।

    अर्नब प्रताप सिंह ने यूपीएससी 2022 परीक्षा में ऑल इंडिया 430वीं रैंक हासिल की थी। अर्नब का सफर मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, लखनऊ से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के साथ शुरू हुआ। उनकी स्कूली शिक्षा सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS), लखनऊ और दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), दिल्ली से हुई। अर्नब प्रताप सिंह के पिता बाबूलाल मीणा 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह वर्तमान में उत्तर प्रदेश में सेवारत हैं। परिवार की मुखिया वीना मीणा भी 1993 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वीणा मीणा भी उत्तर प्रदेश कैडर में सेवारत हैं।

    ताऊजी ने शुरू की थी IAS बनने की परंपरा
     खबर के मुताबिक अर्नब के ताऊ डॉ. बट्टीलाल मीणा भी सेवानिवृत्त IAS अधिकारी हैं, जिन्होंने परिवार में इस परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अर्नब के ताऊजी की बेटी और उनके एक अन्य चाचा की बेटी शेफाली ने 2016 में यूपीएससी परीक्षा पास की और आईएएस अधिकारी बनीं। ये प्रतिभाशाली बहनें अब गुजरात कैडर में कार्यरत हैं।

    यूपी का मिश्रा परिवार भी है मिसाल
    राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के लालगंज कस्बे का मिश्रा परिवार सिविल सेवा परीक्षा में अपनी ऐतिहासिक सफलता के लिए पूरे देश में जाना जाता है। इस परिवार के चार भाई-बहनों ने UPSC परीक्षा पास कर IAS और IPS अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया है। उनकी सफलता आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस सफलता की शुरुआत योगेश मिश्रा ने वर्ष 2013 में की, जब उन्होंने UPSC परीक्षा पास की।

    इसके बाद बहन माधवी मिश्रा ने वर्ष 2015 में UPSC परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। फिर बड़ी बहन क्षमा मिश्रा ने आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हुए वर्ष 2016 में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में जगह बनाई। सबसे छोटे भाई लोकेश मिश्रा ने भी बाद में UPSC परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनकर परिवार की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को पूरा किया। आज मिश्रा परिवार की सफलता पूरे प्रतापगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय है।

  • अभिजीत दीपके को तुरंत गिरफ्तार किया जाए’, पाकिस्तानी एजेंट बताकर दिल्ली पुलिस में शिकायत

    अभिजीत दीपके को तुरंत गिरफ्तार किया जाए’, पाकिस्तानी एजेंट बताकर दिल्ली पुलिस में शिकायत

    नई दिल्ली

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस के पास लिखित में एक शिकायत पहुंची है। एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर फैजान अंसारी ने अभिजीत दीपके के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। फैजान ने एक तरफ जहां अभिजीत दीपके को पाकिस्तानी एजेंट और उमर खालिद का समर्थक बताया तो दूसरी तरफ मीडिया से बातचीत के दौरान खुद पर हमले का भी आरोप लगाया। साथ ही कहा कि यदि दीपके को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह देश में दंगे फसाद करवा सकता है।

    फैजान अंसारी ने डीसीपी दफ्तर के बाहर शिकायत की एक कॉपी दिखाते हुए न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, 'आज मैंने अभिजीत दीपके के खिलाफ डीसीपी को लिखित में शिकायत दी है, क्योंकि उनके लोगों ने मुझे पर दो बार हमले किए और इसके सबूत मेरे पास है। मुझ पर पुणे और औरंगाबाद में हमले किए गए। मैंने वहां भी दो केस फाइल किए हैं और मैं चाहता हूं कि दीपके को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।' फैजान ने दिल्ली सीएम और पुलिस को सैल्यूट करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक को सही समय पर उठा लिया गया, जिसकी वजह से दिल्ली की स्थिति बहुत बिगड़ने से बच गई। दीपके सबकुछ अपने फायदे के लिए कर रहा

    शिकायतकर्ता ने दीपके को बताया उमर खालिद समर्थक और पाक एजेंट
    फैजान जिस लिखित शिकायत को लेकर डीसीपी दफ्तर पहुंचा है, उस पर सीजेपी फाउंडर को पाकिस्तानी एजेंट और उमर खालिद का समर्थक बताया गया है। शिकायत में लिखा है, 'अभिजीत पाकिस्तानी एजेंट है, उमर खालिद का समर्थक है, जिसने कहा था 'भारत तेरे टुकड़े होंगे।' बॉलीवुड से भी सेलिब्रिटीज को अभिजीत दीपके ने पैसे देकर जंतर-मंतर बुलाया था।' फैजान ने कहा कि वह मुंबई से दीपके की शिकायत करने दिल्ली पहुंचा है। वहीं, दिल्ली पुलिस की ओर से अभी इस शिकायत पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

    कहा- दंगे फसाद करवा देगा
    फैजान ने कहा दावा किया कि उर्फी जावेद को एक लाख और पूनम पांडे को 20 हजार रुपये मिले थे। इंफ्लुएंशर ने उमर खालिद की तरह अभिजीत दीपके को जेल में डालने की बात कही है। गौरतलब है कि सीजेपी के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय तक चले आंदोलन के दौरान कई सेलिब्रिटी भी पहुंचे थे। उसने तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए कहा कि अभिजीत दीपके देश का माहौल बिगाड़ रहा है और इसको रोका नहीं गया तो ये भारत में दंगे-फसाद भी करवा देगा।

  • कालका-शिमला टॉय ट्रेन यात्रियों के लिए खुशखबरी, 6 अगस्त से सेवाएं फिर शुरू होने की उम्मीद

    कालका-शिमला टॉय ट्रेन यात्रियों के लिए खुशखबरी, 6 अगस्त से सेवाएं फिर शुरू होने की उम्मीद

    चंडीगढ़ 
    यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज कालका-शिमला रेलवे रूट पर 6 अगस्त से टॉय ट्रेनें फिर से शुरू होने की उम्मीद है। नॉर्दर्न रेलवे ने कहा कि अगर मौसम ठीक रहा और लैंडस्लाइड का खतरा कम हुआ तो 1 से 5 अगस्त तक रोकी गई सर्विस फिर से शुरू कर दी जाएंगी। शिमला और आसपास के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश की वजह से रेलवे ट्रैक पर पत्थर और मलबा गिरने का खतरा बढ़ गया था। इसे देखते हुए रेलवे ने यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए चार ट्रेनों की आवाजाही कुछ समय के लिए रोक दी थी। इस बीच, ट्रैक की लगातार मॉनिटरिंग और सफाई का काम चल रहा है। रेलवे ने 6 अगस्त के लिए टॉय ट्रेनों की ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, ट्रेन नंबर 52451 में अभी भी सीटें खाली हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मौसम और ट्रैक की स्थिति का रिव्यू करने के बाद ही सर्विस पूरी तरह से बहाल की जाएंगी।

    लैंडस्लाइड के खतरे की वजह से चार ट्रेनें प्रभावित
    लगातार बारिश की वजह से कालका-शिमला रूट पर ये ट्रेनें कुछ समय के लिए कैंसिल कर दी गई हैं

    52451/52452 – शिवालिक डीलक्स एक्सप्रेस (कालका-शिमला-कालका)
    52459/52460 – कालका-शिमला एक्सप्रेस (कालका-शिमला-कालका)
    रेलवे ने कहा कि रूट पर तीन और ट्रेनें हालात के हिसाब से चल रही हैं।

    इंजीनियरिंग टीमें लगातार ट्रैक पर रख रही हैं नजर 
    रेलवे की इंजीनियरिंग टीमें रेगुलर तौर पर प्रभावित इलाकों का इंस्पेक्शन कर रही हैं। कमज़ोर जगहों से मलबा हटाने के साथ-साथ, हर ट्रेन के चलने से पहले ट्रैक का इंस्पेक्शन किया जा रहा है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा पक्की हो सके।

    पैसेंजर की सुरक्षा पहली प्राथमिकता: यशंजीत सिंह
    अंबाला डिवीजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर यशंजीत सिंह ने कहा कि लगातार बारिश और लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए चार ट्रेन सर्विस 5 अगस्त तक रोक दी गई हैं। उन्होंने कहा कि ट्रैक के ऑपरेशन के लिए पूरी तरह से सुरक्षित घोषित होने के बाद ही सर्विस फिर से शुरू की जाएंगी।

  • मुजफ्फरपुर और दरभंगा में बनेंगे दो औद्योगिक पार्क, 12 हजार रोजगार मिलेंगे जल्द

    मुजफ्फरपुर और दरभंगा में बनेंगे दो औद्योगिक पार्क, 12 हजार रोजगार मिलेंगे जल्द

    पटना
    बिहार में दो और औद्योगिक पार्क बनेंगे। उद्योग विभाग ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। मुजफ्फरपुर और दरभंगा में इसके लिए 1050 एकड़ भूमि चिह्नित कर ली गई है। यहां निर्माण क्षेत्र की कंपनियों को प्राथमिकता दी जाएगी। भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्या) के तहत इसे विकसित किया जाएगा। बिहार ने भव्या योजना के पहले चरण के लिए केंद्र सरकार को शुक्रवार को दोनों औद्योगिक पार्कों के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। मुजफ्फरपुर के पारू में 700 एकड़ और दरभंगा में 350 एकड़ भूमि में औद्योगिक पार्क विकसित करने की योजना है। प्रस्ताव की मंजूरी मिलने के बाद केंद्र सरकार यहां विकास कार्य के लिए प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये यानी कुल 1050 करोड़ रुपये की मदद देगी। इससे औद्योगिक पार्क और आसपास आधारभूत संरचनाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा बाहरी कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए प्रोजेक्ट लागत का 25 फीसदी तक अतिरिक्त सहायता मिलेगी।

    उद्योग सचिव कुंदन कुमार ने बताया कि भव्या योजना के तहत प्रस्ताव भेज दिया गया है। मुजफ्फरपुर के पारू में चिह्नित जगह पटना-बेतिया फोरलेन के नजदीक है। इस कारण यहां से माल ढुलाई आसान होगी। यहां कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण और निर्माण इकाइयों को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं, दरभंगा में बहादुरपुर के नजदीक जगह चिह्नित की गई है। यह जगह मिथिला टाउनशिप के नजदीक है। यहां एक लॉजिस्टिक पार्क भी बन रहा है। भव्या के पहले चरण में केंद्र ने कुल 20 औद्योगिक पार्कों का प्रस्ताव मांगा है। बिहार से भेजे गए प्रस्ताव में कमी पाए जाने पर दूसरे चरण में दुबारा आवेदन किया जाएगा। प्रस्ताव स्वीकृति होने पर औद्योगिक पार्क विकसित होंगे। इस योजना के तहत देशभर में कुल 100 प्लग एंड प्ले औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं।

    प्लग एंड प्ले मॉडल होगा
    इन दोनों जगहों पर प्लग एंड प्ले मॉडल की तर्ज पर औद्योगिक पार्क विकसित होंगे। कंपनियों को जमीन के साथ शेड आवंटित किए जाएंगे। यानी कंपनियां सिर्फ अपनी मशीन ले जाकर इकाई शुरू कर सकती हैं। इन दोनों औद्योगिक पार्कों का मकसद उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ राज्य में रोजगार के अवसर पैदा करना है। निर्माण इकाइयों को कुशल कामगार की जरूरत होती है। उद्योग विभाग का अनुमान है कि इन दोनों औद्योगिक पार्कों की इकाइयों में करीब 12 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होग

    एमएसएमई इकाइयों को बढ़ावा
    केंद्र सरकार की योजना इसके लिए निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देकर उत्पादन बढ़ाना है। इससे राज्य और देश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। इसीलिए यहां ज्यादा से ज्यादा जगह एमएसएमई इकाइयों को दी जाएगी। स्थानीय जरूरतों के अनुरूप निर्माण को बढ़ावा देकर आयात पर निर्भरता कम की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार नई एमएसएमई नीति भी ला रही है।

    आधारभूत संरचनाएं विकसित होंगी
    केंद्र से मिली राशि से यहां बिजली, पानी, सड़क, ड्रेनेज, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था आदि सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां पानी और कचरा प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था की जाएगी। कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट (साझा और केंद्रीकृत अपशिष्ट जल उपचार) प्लांट लगेगा। यहां रिन्यूएबल एनर्जी पर जोर होगा। कामगारों के लिए आवास बनाए जाएंगे। साथ ही मानक सर्टिफिकेट के लिए लैब की भी स्थापना होगी। प्लग एंड प्ले शेड में आवंटित इकाइयों को जरूरी एनओसी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी