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  • मोहाली में नीड बेस्ड पॉलिसी के लिए कमेटी गठित, सिफारिशों पर मान सरकार लेगी फैसला

    मोहाली में नीड बेस्ड पॉलिसी के लिए कमेटी गठित, सिफारिशों पर मान सरकार लेगी फैसला

    मोहाली.

    मोहाली में नीड बेस्ड पॉलिसी को लेकर गमाडा के मुख्य कार्यालय, कानूनी शाखा, प्लानिंग विंग और इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों की एक समिति गठित की गई है। समिति की सिफारिश के बाद सक्षम स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह जवाब पंजाब के आवास निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने विधानसभा में विधायक कुलवंत सिंह के सवाल पर दिया।

    पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के अधीन एसएएस नगर (मोहाली) के फेज-1 से 11 और सेक्टर-66 से 73 में आवंटित कमर्शियल बूथों पर पहली मंजिल के निर्माण की अनुमति देने संबंधी फिलहाल कोई नीति सरकार के विचाराधीन नहीं है। हालांकि, बूथों के भीतर केवल स्टोरेज के उद्देश्य से मेजेनाइन फ्लोर बनाने की अनुमति देने का प्रस्ताव विचाराधीन है, लेकिन मौजूदा बूथों पर अतिरिक्त मंजिल बनाने का कोई प्रविधान प्रस्तावित नहीं किया गया है। मंत्री ने बताया कि पंजाब अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट बिल्डिंग रूल्स-2021 के अनुसार स्थानीय निकायों के अधिकार क्षेत्र से बाहर स्थित इन बूथों के लिए केवल एक मंजिला (सिंगल स्टोरी) निर्माण की अनुमति है।

    सरकार ने यह भी बताया कि बिल्डिंग रूल्स-2021 के नियम-4 के उपनियम (1) के नोट (एच) में संशोधन का प्रस्ताव विचाराधीन है। इसके तहत बूथों, दुकानों और एससीओ की फ्लोर-टू-फ्लोर ऊंचाई बढ़ाने तथा भवन के अंदर केवल सामान रखने (स्टोरेज) के लिए मेजेनाइन फ्लोर बनाने की अनुमति देने का प्रविधान प्रस्तावित है। हालांकि, इस प्रस्ताव में मौजूदा बूथों के ऊपर अतिरिक्त मंजिल बनाने की अनुमति शामिल नहीं है। वहीं, गमाडा द्वारा निर्मित आवासों में आवंटियों की ओर से की गई अतिरिक्त निर्माण गतिविधियों को नियमित (रेगुलराइज) करने अथवा नीड बेस्ड चेंजेज को अनुमति देने संबंधी नीति पर सरकार ने कहा कि मामला अभी गमाडा के विचाराधीन है।

  • अमित शाह 16 अगस्त को अलवर दौरे पर, ₹250 करोड़ के डेयरी प्लांट का करेंगे शिलान्यास; मेडिकल कॉलेज भवन का उद्घाटन भी

    अमित शाह 16 अगस्त को अलवर दौरे पर, ₹250 करोड़ के डेयरी प्लांट का करेंगे शिलान्यास; मेडिकल कॉलेज भवन का उद्घाटन भी

     अलवर

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 16 अगस्त को अलवर दौरे पर रहेंगे। गृह मंत्री अपने इस दौरे के दौरान सरस डेयरी में करीब 250 करोड़ रुपए की लागत से लगने वाले नए प्लांट का शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही वे अलवर मेडिकल कॉलेज के नए भवन का उद्घाटन कर जिले वासियों को बड़ी सौगात देंगे।

    कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहेंगे। गृह मंत्री सरस डेयरी परिसर स्थित मैदान में एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसमें भारी भीड़ जुटाने के प्रयास रहेंगे।

    तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक
    गृह मंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर मंगलवार को वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला कलेक्टर अर्तिका शुक्ला सहित पुलिस और प्रशासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और जनसभा स्थल की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

    तैयारी बैठक में ये रहे मौजूद:
    बैठक में वन मंत्री संजय शर्मा, सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सांगवान, जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता, जिलाध्यक्ष महासिंह चौधरी और जिला कलेक्टर अर्तिका शुक्ला समेत कई प्रमुख जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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  • हरियाणा में 9 से 17 अगस्त तक निकलेगी तिरंगा यात्रा, CM सैनी ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर जताया गर्व

    हरियाणा में 9 से 17 अगस्त तक निकलेगी तिरंगा यात्रा, CM सैनी ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर जताया गर्व

    पंचकूला.

    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हरियाणा में 9 से 17 अगस्त तक भव्य तिरंगा यात्रा और 'हर घर तिरंगा' अभियान चलाया जाएगा। महेंद्रगढ़ में तिरंगा कॉन्सर्ट होगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा निवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।

    उन्होंने गुरु रविदास के 650वें प्रकट दिवस और विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस को लेकर भी प्रदेश में हाेने वाले कार्यक्रमों के बारे में बताया। राज्यभर के स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने खेल ग्लास्को राष्ट्रमंडल खेलों में 7 गोल्ड मेडल जीतने पर प्रदेश के खिलाड़ियों की सराहना की और इसे गर्व का विषय बताया।  सीएम ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में देश ने 39 पदक जीते हैं, जिनमें से 10 हरियाणा के खिलाड़ियों ने दिलाए हैं। 13 गोल्ड मेडल में से 7 हरियाणा ने देश की झोली में डाले हैं। इससे भी गर्व की बात है कि 5 गोल्ड प्रदेशों की बेटियों के नाम हैं।

    इससे आगे सीएम ने बताया कि रेलवे स्टेशनों, सार्वजनिक उद्यानों, सभागारों, पुस्तकालयों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य प्रमुख स्थानों पर तिरंगे और वंदे मातरम से संबंधित प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी। इनके जरिये तिरंगे के इतिहास, महत्व और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान की जानकारी दी जाएगी। 'सेल्फी विद ट्राइकलर' अभियान की प्रमुख डिजिटल गतिविधि यह है कि नागरिक 'हर घर तिरंगा' पोर्टल पर सेल्फी अपलोड कर सकेंगे। वंदे मातरम 150 वर्ष पूरे कर रहा है, इसलिए इस वर्ष इसके बोल भी डिजिटल सामग्री में शामिल किए जाएंगे। 

    तिरंगा यात्रा और अभियान का कार्यक्रम

    • राज्यभर में 9 अगस्त से 17 अगस्त तक तिरंगा रैलियां और कार्यक्रम होंगे। 
    •  9 अगस्त को महेंद्रगढ़ में 'तिरंगा कॉन्सर्ट' का आयोजन किया जाएगा।
    • इस वर्ष राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष डिजिटल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी। 
    • 14 अगस्त को प्रदेशभर में विभाजन की दौर की याद में मौन और श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखे जाएंगे। 

    स्कूल-कॉलेज और खेलकूद पर सीएम का बयान

    • शिक्षण संस्थानों में तिरंगे के इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा। 
    • राष्ट्रमंडल खेलों में देश के कुल गोल्ड मेडल में से 7 अकेले हरियाणा के खिलाड़ियों द्वारा जीतने पर गर्व जताया। 
    • गरीब और बीपीएल परिवारों को मुफ्त राष्ट्रीय ध्वज उपलब्ध कराने के साथ स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा गया है।
  • CWG मेडल विजेता लवप्रीत का पंजाब में भव्य स्वागत, अमृतसर एयरपोर्ट से पैतृक गांव तक निकलेगा सम्मान जुलूस

    CWG मेडल विजेता लवप्रीत का पंजाब में भव्य स्वागत, अमृतसर एयरपोर्ट से पैतृक गांव तक निकलेगा सम्मान जुलूस

    अमृतसर.

    राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाले वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह के अमृतसर पहुंचने को लेकर श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उत्साह का माहौल है। उनके स्वागत के लिए खेल प्रेमी, समर्थक और परिजन बड़ी संख्या में एयरपोर्ट पहुंचने लगे हैं।

    जिला खेल अधिकारी गुरप्रीत सिंह अपनी टीम के साथ एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं। वहीं लवप्रीत सिंह के परिवार के सदस्य भी अपने लाल के स्वागत की तैयारियों में जुटे हुए हैं। एयरपोर्ट परिसर में ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ स्वागत की तैयारियां की गई हैं। खेल प्रेमियों का कहना है कि लवप्रीत सिंह ने राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन कर न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। उनके आगमन को लेकर खिलाड़ियों और युवाओं में भी विशेष उत्साह देखा जा रहा है। उम्मीद है कि एयरपोर्ट से उनके सम्मान में भव्य स्वागत जुलूस भी निकाला जाएगा। उनके स्वागत के लिए श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विशेष कार्यक्रम रखा गया है।

    परिवार, रिश्तेदार, खेल प्रेमी और समर्थक बड़ी संख्या में एयरपोर्ट पहुंचकर ढोल-नगाड़ों, फूलों की मालाओं और भारत माता के जयघोष के साथ उनका स्वागत करेंगे। सीमावर्ती गांव बल सचंदर निवासी लवप्रीत सिंह ने पुरुषों के 110 किलोग्राम भारवर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 388 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 176 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 212 किलोग्राम वजन उठाया। स्वर्ण पदक से वह महज एक किलोग्राम पीछे रह गए। न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी ने 389 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि इंग्लैंड के एंड्रयू ग्रिफिथ ने कांस्य पदक हासिल किया। लवप्रीत सिंह भारतीय सेना में जवान के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे अमृतसर और पंजाब में खुशी का माहौल है। उनके गांव बल सचंदर में भी स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं। ग्रामीण मिठाइयां बांटकर और ढोल-नगाड़ों के साथ अपने चैंपियन के अभिनंदन की तैयारी कर रहे हैं।

  • हाईवे किनारे निर्माण पर बड़ा प्रतिबंध! 40 मीटर दायरे में लैंड कन्वर्जन पर रोक, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नोटिफिकेशन जारी

    हाईवे किनारे निर्माण पर बड़ा प्रतिबंध! 40 मीटर दायरे में लैंड कन्वर्जन पर रोक, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नोटिफिकेशन जारी

    जयपुर 

    राजस्थान में नेशनल हाईवे पर अब 40 मीटर तक के एरिया में किसी भी निर्माण की अनुमति नहीं मिलेगी। रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने सभी कलेक्टर को आदेश जारी करके अगले आदेशों तक ऐसे मामलों में जमीनों के कन्वर्जन पर रोक लगा दी।

    दरअसल कुछ महीने पहले फलोदी स्थि​त नेशनल हाईवे पर भीषण सड़क हादसा हुआ था। इसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने फरवरी 2026 को प्रदेश के सभी नेशनल हाईवे से नियमों के तहत 75 मीटर तक (हाईवे के मिड पॉइंट से) दूरी में बने सभी होटल, ढाबों का संचालन बंद करने और अति​क्रमण हटाने के आदेश दिए थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2026 में आदेश देते हुए 40 मीटर तक आवासीय और 75 मीटर तक कॉमर्शियल एक्टिविटी बंद करके नो-कंस्ट्रक्शन जोन बनाने के ​लिए कहा था।

    इसी आदेशों की पालना में रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने हाल ही एक नोटिफिकेशन जारी करके नेशनल हाईवे के मिड पॉइंट से 40 मीटर की दूरी तक आ रही सभी जमीनों के लैंड यूज कन्वर्जन करने पर रोक लगा दी है।

    इसी आदेशों की पालना में रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने हाल ही एक नोटिफिकेशन जारी करके नेशनल हाईवे के मिड पॉइंट से 40 मीटर की दूरी तक आ रही सभी जमीनों के लैंड यूज कन्वर्जन करने पर रोक लगा दी है। 

    रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने 40 मीटर तक आवासीय और 75 मीटर तक कॉमर्शियल उपयोग के लिए जमीन के लैंड यूज पर रोक लगाई है। 40 मीटर के बाद केवल आवासीय निर्माण की अनुमति दी जा सकेगी। 

    वहीं हाईवे के मिड पॉइंट से 75 मीटर तक कोई भी ढाबा, दुकान, रेस्स्टोरेंट, होटल, मोटल का संचालन नहीं होगा। न ही इस उपयोग के लिए मौजूदा कृषि भूमि का भू-उपयोग परिवर्तन किया जाएगा।

    75 मीटर तक कॉमर्शियल एक्टिविटी पर रोक
    रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने 40 मीटर तक आवासीय और 75 मीटर तक कॉमर्शियल उपयोग के लिए जमीन के लैंड यूज पर रोक लगाई है। 40 मीटर के बाद केवल आवासीय निर्माण की अनुमति दी जा सकेगी।

    वहीं हाईवे के मिड पॉइंट से 75 मीटर तक कोई भी ढाबा, दुकान, रेस्स्टोरेंट, होटल, मोटल का संचालन नहीं होगा। न ही इस उपयोग के लिए मौजूदा कृषि भूमि का भू-उपयोग परिवर्तन किया जाएगा।

  • Punjab Terror Module: 4 नाबालिग समेत 9 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस को मिली बड़ी सफलता

    Punjab Terror Module: 4 नाबालिग समेत 9 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस को मिली बड़ी सफलता

    अमृतसर.

    कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के समर्थन से संचालित एक संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में चार नाबालिगों सहित कुल नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

    पुलिस ने उनके कब्जे से तीन अवैध पिस्तौल, नौ जिंदा कारतूस तथा पेट्रोल से भरी चार बोतलें बरामद की हैं, जिनका इस्तेमाल पेट्रोल बम के रूप में किया जाना था।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपित विदेश में बैठे ISI हैंडलरों के संपर्क में थे और उनके निर्देशों पर काम कर रहे थे। पुलिस के अनुसार युवकों को आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार किया जा रहा था।

    संवेदनशील स्थानों पर बढ़ी चौकसी
    उन्हें सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी करने, अवैध हथियार जुटाने तथा पंजाब में शांति एवं कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने जैसे कार्य सौंपे गए थे। जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपितों ने रेलवे ट्रैक के आसपास निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। इन कैमरों के माध्यम से सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियों और संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी जा रही थी।

    नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
    पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और विदेशी कड़ियों की भी गहन जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर कई अन्य अहम खुलासे होने की संभावना है। सुरक्षा एजेंसियों को भी पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है।

  • हरियाणा के बागवानी विभाग में 100 करोड़ के घोटाले पर 13 साल बाद FIR, खेतों में नहीं मिला एक भी पौधा

    हरियाणा के बागवानी विभाग में 100 करोड़ के घोटाले पर 13 साल बाद FIR, खेतों में नहीं मिला एक भी पौधा

    अंबाला.

    हरियाणा बागवानी विभाग में वर्ष 26 योजनाओं में करोड़ों का घोटाला उजागर हुआ है। 2006-07 से 2012-13 के बीच संचालित योजनाओं में कथित करोड़ों रुपये के गबन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर अब 13 वर्ष बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) ने तत्कालीन जिला बागवानी अधिकारी प्रेम सिंह संधू, एचओडी सुरेश कुमार, डीपी शर्मा, राजकुमार राणा और अकाउंटेंट पूर्ण सिंह पर केस दर्ज किया है।

    मौके पर कुछ भी नहीं मिलने के आरोपों तक पहुंच गया है। शिकायत में कुल 26 बिंदुओं पर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें नई बागवानी योजनाएं, पुराने बागों का पुनर्जीवन, नर्सरी, टिश्यू कल्चर, सब्जी बीज, मशरूम, पॉलीहाउस, ड्रिप सिंचाई, जैविक खेती, मधुमक्खी पालन, पैक हाउस, एससी-एसटी सब्सिडी, पदोन्नति और प्रशासनिक निर्णय तक शामिल हैं।

    2013 में मुख्य सचिव के माध्यम से विजिलेंस को भेजी गई थी शिकायत
    शिकायत वर्ष 2013 में मुख्य सचिव, हरियाणा के माध्यम से विजिलेंस को भेजी गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2007-08 से विभाग ने पांच लाख से अधिक फलदार पौधे निजी नर्सरियों से खरीदकर दो हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बाग विकसित करने का दावा किया, जबकि किसानों के खेतों में केवल पांच से दस प्रतिशत पौधे ही जीवित मिले। पुराने बागों के पुनर्जीवन पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद खेतों में कार्य नहीं मिला। निजी एवं सरकारी नर्सरियों, टिश्यू कल्चर इकाइयों, सब्जी बीज उत्पादन, मशरूम इकाइयों और कम्पोस्ट इकाइयों को सब्सिडी देने के बावजूद उत्पादन नहीं होने का आरोप भी शिकायत में शामिल है।

    सरकारी एजेंसियों के बजाय निजी कंपनियों से ऊंची दरों पर खरीदे गए बीज
    शिकायत में कहा गया है कि फूल, सब्जी, मसाला और औषधीय पौधों के बीज सरकारी एजेंसियों के बजाय निजी कंपनियों से ऊंची दरों पर खरीदे गए। राज्य बीज परीक्षण प्रयोगशाला द्वारा घटिया घोषित बीज भी किसानों को वितरित किए गए, लेकिन संबंधित आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ बीज अधिनियम के तहत कार्रवाई नहीं की गई। सामुदायिक टैंक, ड्रिप सिंचाई, पॉलीहाउस, शेडनेट हाउस, मल्चिंग शीट, आईपीएम योजना, जैविक खेती, पौध संरक्षण उपकरण, पैक हाउस, मधुमक्खी पालन, बागवानी उपकरण और जिला योजनाओं के तहत सामग्री खरीद में भी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि कई योजनाओं में निजी एजेंसियों से बाजार से अधिक कीमत पर सामग्री खरीदी गई तथा फर्जी और डुप्लीकेट लाभार्थियों को भी अनुदान जारी किया गया।

    इन सभी में अनियमितताएं बरतीं
    लघु सिंचाई योजना के तहत ड्रिप, स्प्रिंकलर और माइक्रो स्प्रिंकलर पर 50 से 90 प्रतिशत सब्सिडी में गबन, वर्ष 2006-07 में अंबाला सहित 14 जिलों में जैविक और अजैविक सामग्री ऊंची दरों पर खरीदने, बीज अधिनियम-1966 के उल्लंघन, राज्य कृषि विश्वविद्यालय की अनुशंसा के बिना बीज एवं कीटनाशकों की खरीद, पदोन्नति में अधिकारों के दुरुपयोग, सेवा विस्तार में अनियमितता, पालीहाउस निर्माण में गड़बड़ी, बिना विभागीय जांच आरोपपत्र जारी करने, वेजिटेबल ग्रुप सोसायटी योजना में गबन, दूर-दराज के अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देने और एससी-एसटी सब्सिडी योजना में अनियमितताओं के आरोप भी शामिल किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2002-03 से एससी-एसटी कर्मचारियों की पदोन्नति में आरक्षण नीति का पालन नहीं किया गया।

    प्रदेश के कई जिलों में घोटाले की थी शिकायत, सीबीआइ जांच की थी मांग
    शिकायत में यह भी कहा गया है कि अंबाला, यमुनानगर, पानीपत, रोहतक, भिवानी, सिरसा, फरीदाबाद, पलवल, मेवात, गुरुग्राम और झज्जर सहित कई जिलों की शिकायतों की जांच संयुक्त निदेशक, उपनिदेशक, लेखाधिकारी, अधीक्षक, सलाहकार और जिला बागवानी अधिकारियों की उच्चस्तरीय समितियों ने की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन समितियों ने विजिलेंस जांच, आपराधिक मुकदमा और विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत के कारण रिपोर्टों पर कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की सीबीआइ जांच की मांग करते हुए दावा किया कि उसके पास आरटीआइ से प्राप्त कई जांच रिपोर्टें हैं और उसने करीब 100 करोड़ रुपये के गबन की शिकायत तीन बार लिखित रूप में दी थी।

    जांच में नहीं मिले पौधे, लाभ एक परिवार के तीन-तीन सदस्यों को दिया
    जांच के अनुसार नारायणगढ़ ब्लाक के गांव उज्जल माजरी में एक ही परिवार के तीन सदस्यों के नाम पर राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत वर्ष 2007-08 में 1.2 हेक्टेयर में आम और 0.4 हेक्टेयर में अमरूद का बाग लगाने के लिए अनुदान जारी किया गया, लेकिन निगरानी समिति के निरीक्षण में खेत में एक भी पौधा नहीं मिला। इसी प्रकार बराड़ा ब्लाक के गांव अब्दुलागढ़ में एक किसान को एक हेक्टेयर क्षेत्र में आर्गेनिक खेती के लिए प्रोत्साहन राशि दिए जाने के बावजूद खेत में कोई बागवानी फसल नहीं मिली। जांच में इन मामलों के आधार पर तत्कालीन एचडीओ राजकुमार राणा द्वारा कागजी कार्रवाई कर सरकारी राशि के गबन का आरोप दर्ज किया गया है।

  • Punjab Terror Module Busted: अमृतसर से 4 नाबालिग समेत 9 आरोपी गिरफ्तार, बड़ी साजिश नाकाम

    Punjab Terror Module Busted: अमृतसर से 4 नाबालिग समेत 9 आरोपी गिरफ्तार, बड़ी साजिश नाकाम

    अमृतसर.

    कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के समर्थन से संचालित एक संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में चार नाबालिगों सहित कुल नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

    पुलिस ने उनके कब्जे से तीन अवैध पिस्तौल, नौ जिंदा कारतूस तथा पेट्रोल से भरी चार बोतलें बरामद की हैं, जिनका इस्तेमाल पेट्रोल बम के रूप में किया जाना था।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपित विदेश में बैठे ISI हैंडलरों के संपर्क में थे और उनके निर्देशों पर काम कर रहे थे। पुलिस के अनुसार युवकों को आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार किया जा रहा था।

    संवेदनशील स्थानों पर बढ़ी चौकसी
    उन्हें सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी करने, अवैध हथियार जुटाने तथा पंजाब में शांति एवं कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने जैसे कार्य सौंपे गए थे। जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपितों ने रेलवे ट्रैक के आसपास निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। इन कैमरों के माध्यम से सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियों और संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी जा रही थी।

    नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
    पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और विदेशी कड़ियों की भी गहन जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर कई अन्य अहम खुलासे होने की संभावना है। सुरक्षा एजेंसियों को भी पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है।

  • Punjab SIR प्रक्रिया पूरी: 13 लाख वोटर नाम संदिग्ध, 879 नए पोलिंग बूथ भी बनेंगे

    Punjab SIR प्रक्रिया पूरी: 13 लाख वोटर नाम संदिग्ध, 879 नए पोलिंग बूथ भी बनेंगे

    चंडीगढ़.

    पंजाब ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया है। चुनाव आयोग के इस विशेष अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया। अभियान के दौरान राज्यभर में मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के लिए मृतक, दोहरी प्रविष्टि वाले तथा स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके मतदाताओं की पहचान की गई।

    इसी प्रक्रिया के बाद राज्य में 879 नए मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जबकि मतदाताओं की संख्या और भौगोलिक जरूरतों के अनुसार करीब 25 प्रतिशत मतदान केंद्रों का पुनर्गठन भी किया गया है। राज्य में कुल 2 करोड़ 14 लाख 61 हजार 043 मतदाताओं की मैपिंग की गई। पश्चिम बंगाल में एसआइआर के बाद बड़े पैमाने पर वोट कटने की आशंकाओं के चलते पंजाब में भी लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं थीं, लेकिन चुनाव आयोग का दावा है कि पंजाब में यह पूरी प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार पूरी की गई। अन्य राज्यों की तुलना में पंजाब में ऐसे मतदाताओं का प्रतिशत कम रहा, जिनकी प्रविष्टियां मृतक, स्थान परिवर्तन या दोहरी वोट के कारण चिन्हित हुईं। चुनाव कार्यालय के अनुसार सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में गणना प्रपत्रों का 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण भी पूरा कर लिया गया है।

    12.95 लाख मतदाताओं को जाएगा नोटिस
    एसआइआर के दौरान करीब 12.95 लाख ऐसे मतदाताओं की पहचान हुई है, जिन्हें प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद नोटिस जारी किए जाएंगे, ताकि वे अपना पक्ष रख सकें और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा सकें। राज्य में पहले 24,453 मतदान केंद्र थे, जिनकी संख्या बढ़कर अब 25,332 हो जाएगी। मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने स्पष्ट किया कि एसआइआर का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का मतदान अधिकार समाप्त करना नहीं है। इसका मकसद केवल मतदाता सूची को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाना है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के तहत स्थान बदल चुके मतदाताओं का रिकॉर्ड अद्यतन किया जाता है। रेल कोच फैक्टरी, थर्मल प्लांट और एनएफएल जैसे संस्थानों में मतदाताओं के स्थानांतरण या संख्या कम होने के कारण कुछ मतदान केंद्र बंद किए गए हैं।

    कुछ शहरों में 15% तक मिले मृतक
    लुधियाना, मोहाली, जालंधर, अमृतसर और पटियाला विधानसभा क्षेत्रों में एसआइआर के दौरान मृतक, दोहरी प्रविष्टि और स्थान बदल चुके मतदाताओं की पहचान 15 प्रतिशत तक रही। जबकि राज्य के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में यह आंकड़ा 9.65 प्रतिशत दर्ज किया गया। चुनाव आयोग का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने के लिए अपनाई गई है।

    इन जिलों में सबसे कम रही डिलीशन
    मानसा : 3.70 प्रतिशत
    मालेरकोटला : 5.77 प्रतिशत
    संगरूर : 5.84 प्रतिशत

    इनमें मृतक, दूसरे स्थान पर स्थायी रूप से जा चुके तथा दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाता शामिल हैं।

  • हरियाणा भाजपा की दो अहम बैठकें, बूथ मैनेजमेंट और डिजिटल लर्निंग पर रहा फोकस

    हरियाणा भाजपा की दो अहम बैठकें, बूथ मैनेजमेंट और डिजिटल लर्निंग पर रहा फोकस

    चंडीगढ़.

    हरियाणा भाजपा ने सोमवार को संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण बैठकों के जरिए आगामी संगठनात्मक रणनीति तय की।

    पंचकूला स्थित प्रदेश कार्यालय पंचकमल में हुई इन बैठकों में एक ओर अंबाला, कैथल, यमुनानगर और पंचकूला के मंडल अध्यक्षों, मंडल प्रभारियों एवं जिला प्रभारियों के साथ विस्तृत मंथन हुआ, वहीं दूसरी बैठक में नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों के साथ जिम्मेदारियों, कार्ययोजना और संगठन विस्तार पर चर्चा की गई। दोनों बैठकों में प्रदेश प्रभारी डा. सतीश पूनिया, प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता और प्रदेश संगठन मंत्री फणींद्रनाथ शर्मा ने संगठन की आगामी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। मंडल अध्यक्षों और प्रभारियों की बैठक में सबसे अधिक जोर बूथ सशक्तीकरण, सदस्यता विस्तार और आगामी अभियानों के प्रभावी संचालन पर रहा। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने निर्देश दिए कि प्रत्येक बूथ पर सक्रिय टीम तैयार की जाए, बूथ समितियों का सत्यापन हो, पन्ना प्रमुखों को सक्रिय किया जाए तथा नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने के साथ सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।

    बैठक में विशेष रूप से एसआइआर के दूसरे चरण को लेकर रणनीति बनाई गई। कार्यकर्ताओं से कहा गया कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे और प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में जुड़वाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई जाए। इसके साथ ही डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने, आधुनिक तकनीक के माध्यम से संगठनात्मक प्रशिक्षण और सूचना तंत्र को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। बैठक में आगामी तिरंगा यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए प्रत्येक मंडल में इसे व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए गए। संत गुरु रविदास जयंती के अवसर पर वाराणसी से लाई गई पवित्र मिट्टी को प्रदेश के मंदिरों और धार्मिक स्थलों तक पहुंचाने के अभियान की जिम्मेदारी भी मंडल स्तर पर तय की गई।

    दूसरी ओर, नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों की पहली बैठक में संगठन की कार्यशैली, अनुशासन और जवाबदेही पर फोकस रहा। प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता, प्रदेश प्रभारी डा. सतीश पूनिया और प्रदेश संगठन मंत्री फणींद्रनाथ शर्मा ने सभी पदाधिकारियों से व्यक्तिगत संवाद कर उनकी कार्ययोजना और दायित्वों की समीक्षा की। उन्हें बूथ स्तर तक नियमित प्रवास, कार्यकर्ताओं से सतत संवाद, समयबद्ध लक्ष्य तय करने और संगठन विस्तार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि प्रदेश टीम का प्रत्येक सदस्य संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय बनाने के लिए लगातार मैदान में रहे। उन्होंने सदस्यता विस्तार, प्रशिक्षण कार्यक्रम, सेवा गतिविधियों, सामाजिक समरसता और केंद्र व हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया।

    सतीश पूनिया ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक संगठन की पहुंच बढ़ाने, कार्यकर्ताओं से निरंतर संवाद बनाए रखने और आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को पूरी ऊर्जा के साथ सफल बनाने का आह्वान किया। प्रदेश संगठन मंत्री फणींद्रनाथ शर्मा ने नियमित प्रवास, प्रभावी समन्वय और समयबद्ध कार्ययोजना के साथ सभी अभियानों के क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।