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  • गढ़वा में मतदाता सूची सुधार अभियान शुरू, बूथवार पदाधिकारी किए गए नियुक्त

    गढ़वा में मतदाता सूची सुधार अभियान शुरू, बूथवार पदाधिकारी किए गए नियुक्त

     गढ़वा
    गढ़वा जिला प्रशासन ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और त्रुटियों के सुधार के लिए बूथवार पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। प्रशासन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, योग्य मतदाता संबंधित पदाधिकारियों के समक्ष आवेदन देकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने या आवश्यक संशोधन कराने के लिए दावा-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

    गढ़वा विधानसभा क्षेत्र संख्या 80 के अंतर्गत बूथ संख्या 73 से 120 तथा 195 से 216 तक के लिए गढ़वा अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बूथ संख्या 216 से 253 और 330 से 362 तक के लिए चिनियां के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सुबोध कुमार को नामित किया गया है।

    इसी प्रकार बूथ संख्या 121 से 194 तक के लिए अंचल अधिकारी गढ़वा (सीओ) ओम प्रियदर्शी गुप्ता, बूथ संख्या 363 से 433 तक के लिए रंका बीडीओ शुभम बेला टोप्पो, बूथ संख्या 259 से 329 तक के लिए डंडा बीडीओ प्रताप मिंज तथा बूथ संख्या एक से 72 तक के लिए मेराल बीडीओ यशवंत नायक को जिम्मेदारी दी गई है

    इसी प्रकार बूथ नंबर 254 से 258 एवं 434 से 488 के लिए बीडीओ रमकंडा संजय कुमार कोंगरी के पास दावा आपत्ति कर सकते हैं ।

    प्रशासन की ओर से भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र संख्या 81 के लिए भी अलग-अलग पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। संबंधित क्षेत्रों के मतदाता निर्धारित पदाधिकारियों के समक्ष अपना दावा या आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।

    दावा-आपत्ति दर्ज कराने की अवधि पांच अगस्त से चार सितंबर तक निर्धारित की गई है। इस दौरान प्राप्त सभी आवेदनों की जांच कर उनका निपटारा किया जाएगा। जिला प्रशासन ने बताया कि सात अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

    भवनाथपुर विधानसभा के बूथ नंबर 104 से 120 एवं 182 से 210 के लिए एसडीओ बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा के पास आवेदन किया जा सकता है। जबकि बूथ नंबर 121 से 181 के लिए बीडीओ भवनाथपुर नंद राम के पास, बूथ नंबर 211 से 270 तक के लिए बीडीओ बंशीधर नगर रोशन कुमार के पास, बूथ नंबर 457 से 516 के लिए बीडीओ डंडई देवलाल करमाली के पास, बूथ नंबर 1 से 51 के लिए बीडीओ खरौंधी गौतम कुमार लकड़ा के पास, बूथ नंबर 52 से 103 के लिए बीडीओ केतार प्रशांत कुमार के पास।

    वहीं बूथ नंबर 271 से 309 के लिए बीडीओ बिशनपुरा खगेश कुमार के पास, बूथ नंबर 310 से 375 के लिए बीडीओ रमना विकास पांडेय के पास, बूथ नंबर 376 से 403 के लिए बीडीओ सगमा सतीश भगत के पास तथा बूथ नंबर 404 से 456 के लिए बीडीओ धुरकी अनुरंजन झा के पास आवेदन किया जा सकता है।

  • दरभंगा में तेज हुआ राशन कार्ड अभियान, पात्र परिवारों को जल्द मिलेगा लाभ

    दरभंगा में तेज हुआ राशन कार्ड अभियान, पात्र परिवारों को जल्द मिलेगा लाभ

     दरभंगा
     जिले में पात्र लोगों को जल्द राशन कार्ड उपलब्ध कराने और लंबित आवेदनों के निपटारे में तेजी लाने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है।

    सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) गौरव कुमार ने गुरुवार को समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को नए राशन कार्ड बनाने, ई-केवाईसी पूरा कराने और शिविरों में प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    राशन कार्ड निर्माण की हुई समीक्षा
    सदर अनुमंडल पदाधिकारी गौरव कुमार ने अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों और कार्यपालक सहायकों के साथ नए राशन कार्ड निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र परिवार राशन कार्ड से वंचित नहीं रहना चाहिए।

    ई-केवाईसी अभियान में तेजी लाने का निर्देश
    बैठक में एसडीओ ने राशन कार्डधारकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया जल्द पूरी कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर अधिक से अधिक लाभुकों की ई-केवाईसी पूरी कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    शिविरों में मिले आवेदनों का होगा समयबद्ध निष्पादन
    समीक्षा के दौरान सहयोग शिविरों में प्राप्त राशन कार्ड संबंधी आवेदनों की भी समीक्षा की गई। एसडीओ ने निर्देश दिया कि सभी लंबित आवेदनों का शीघ्र और पारदर्शी तरीके से निष्पादन किया जाए, जिससे पात्र लोगों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।

    ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से करें आवेदन
    बैठक में बताया गया कि पात्र लाभुक राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन आधार से पंजीकृत मोबाइल नंबर के जरिए किया जा सकता है, जबकि ऑफलाइन आवेदन संबंधित प्रखंड आपूर्ति कार्यालय में जमा किया जा सकता है।

    ये दस्तावेज होंगे जरूरी
    राशन कार्ड के लिए आवेदन करते समय परिवार के सभी पात्र सदस्यों का आधार कार्ड, परिवार के मुखिया का जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक खाते का विवरण, एक पारिवारिक फोटो तथा निर्धारित आवेदन प्रपत्र जमा करना अनिवार्य होगा।

    पात्र परिवारों को मिलेगा समय पर लाभ
    प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ समय पर दिलाना है। इसके लिए सभी प्रखंड स्तर के अधिकारियों को अभियान मोड में कार्य करने और लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

     

  • अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर हटाए गए, हरमनबीर सिंह गिल को मिला अतिरिक्त प्रभार

    अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर हटाए गए, हरमनबीर सिंह गिल को मिला अतिरिक्त प्रभार

    चंडीगढ़.

    पंजाब सरकार के गृह विभाग ने अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को हटा दिया गया है। डीआईजी हरमनबीर सिंह गिल को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। गुरप्रीत सिंह भुल्लर को अगले आदेश तक डीजीपी कार्यालय रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

    15 जिलों को नए पुलिस प्रमुख
    पंजाब सरकार ने शुक्रवार को 24 आईपीएस अधिकारियों सहित 28 पुलिस अधिकारियों के तबादलों/फेरबदल किए। इस फेरबदल के बाद राज्य के 15 पुलिस जिलों को नए पुलिस प्रमुख मिल गए हैं। पंजाब में कुल 25 पुलिस जिले हैं। सरकार ने 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी गुरप्रीत सिंह भुल्लर को भी महानिरीक्षक (प्रावधान) के पद पर तैनात किया है, जो जून के पहले सप्ताह में अमृतसर पुलिस आयुक्त के पद से हटाए जाने के बाद से तैनाती की प्रतीक्षा कर रहे थे। 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी राकेश कौशल, जो बॉर्डर रेंज के डीआईजी थे, और 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी नवीन सिंगला, जो डीआईजी इंटेलिजेंस थे, का तबादला क्रमशः डीआईजी (क्राइम) और डीआईजी जालंधर रेंज के रूप में कर दिया गया है।

  • रजरप्पा मंदिर जीर्णोद्धार को मिली तकनीकी मंजूरी, 102 करोड़ का डीपीआर तैयार

    रजरप्पा मंदिर जीर्णोद्धार को मिली तकनीकी मंजूरी, 102 करोड़ का डीपीआर तैयार

     रांची
    हाई कोर्ट में रामगढ़ स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण से संबंधित अवमानना याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई।

    सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि रामगढ़ स्थित रजरप्पा मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 102 करोड़ की राशि के डीपीआर की तकनीकी स्वीकृति राज्य सरकार ने दे दी है।

    अब प्रशासनिक स्वीकृति टूरिज्म विभाग को देना है। अदालत ने महाधिवक्ता रोहितश्य राय से कहा कि वह प्रशासनिक स्वीकृति जल्द दिलाए, ताकि मंदिर के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके।

    अदालत ने मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर से हटाए गए 254 वेंडरों को जल्द अस्थाई दुकान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मंदिर परिसर में भैरवी नदी का पानी घुस जाने पर चिंता जताते हुए अदालत ने सरकार को स्थायी समाधान निकालने को कहा है।

    सुनवाई के दौरान डीसी रामगढ़ हाई कोर्ट में हाजिर हुए और बताया कि मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर से हटाए गए 254 वेंडरों को अभी पुनर्वासित नहीं किया जा सका है, उनसे दस्तावेज मांगे गए थे लेकिन कई लोगों ने दस्तावेज नहीं दिया।

    इस कारण दुकान आवंटन की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई है। वेंडरों के लिए 254 दुकानों में से सिर्फ आठ दुकान बनाए जाना बचा हुआ है। कोर्ट ने कहा कि इन 254 दुकानदारों को जिला प्रशासन जल्द दुकान उपलब्ध कराए।

    अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर निर्धारित की है। मामले में सीसीएल की ओर से कोर्ट को बताया गया कि रजरप्पा मंदिर के डेंजर जोन के बैरिकेडिंग की डीपीआर को उसने स्वीकृति दे दी है।

    दो करोड़ की राशि से वहां बैरिकेडिंग किया जाना है। इसके लिए सरकार के साथ उसका एमओयू भी हो चुका है। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने पक्ष रखा।

    अदालत ने पूर्व की सुनवाई में कहा था कि वर्ष 2023 में एक जनहित याचिका में मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के संदर्भ में आदेश पारित हुआ।

    मां छिन्नमस्तिका मंदिर के निकट स्थित भैरवी नदी तट पर सुरक्षा के अभाव में कई लोगों की मौत हो रही है। ऐसे में हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन जरूरी है ताकि वहां सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सके।

     

  • हरियाणा रोडवेज में महिलाओं की आरक्षित सीटों पर सख्ती, नियम पालन अनिवार्य

    हरियाणा रोडवेज में महिलाओं की आरक्षित सीटों पर सख्ती, नियम पालन अनिवार्य

     चंडीगढ़
    हरियाणा रोडवेज की बसों में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों के नियमों का अब सख्ती से पालन कराया जाएगा। राज्य परिवहन निदेशालय ने सभी रोडवेज डिपो के महाप्रबंधकों, उड़नदस्ता अधिकारियों तथा चालक-परिचालकों को निर्देश जारी किए हैं कि बस के प्रारंभिक स्टेशन से ही महिलाओं के लिए निर्धारित सीटें उपलब्ध कराई जाएं और आरक्षण नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। अभी तक हो यह रहा है कि महिलाएं खड़ी रहती हैं और उनकी सीटों पर अन्य सवारियां बैठ जाती हैं।

    यह निर्देश एक महिला यात्री की शिकायत के बाद जारी किए गए हैं। परिवहन निदेशालय ने जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि हरियाणा राज्य परिवहन की सामान्य बसों में सीट संख्या 7 से 9, 12 से 21 तथा 25 से 26 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

    ये सीटें बस के शुरुआती पड़ाव से ही महिलाओं के लिए सुरक्षित मानी जाएंगी। निदेशालय ने अपने आदेश में कहा है कि सभी महाप्रबंधक अपने अधीन कार्यरत अग्रिम बुकिंग कर्मचारियों, चालकों और परिचालकों को आवश्यक निर्देश जारी करें ताकि किसी भी स्थिति में महिलाओं को उनकी आरक्षित सीटों से वंचित न होना पड़े।

    यदि बस के शुरुआती स्टेशन से ही आरक्षित सीटों पर अन्य यात्रियों को बैठा दिया जाता है तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। परिवहन मंत्री अनिल विज का भी मानना है कि इस व्यवस्था से महिला यात्रियों को यात्रा के दौरान अधिक सुविधा और सुरक्षा मिलेगी। साथ ही, उन्हें आरक्षित सीट पाने के लिए अन्य यात्रियों से विवाद की स्थिति का सामना भी नहीं करना पड़ेगा।

    परिवहन विभाग के इस आदेश के बाद अब सभी रोडवेज डिपो में आरक्षित सीटों के नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि बस संचालन के दौरान महिला यात्रियों के अधिकारों का पूरी तरह सम्मान हो और आरक्षित सीटों पर नियमों के अनुरूप ही व्यवस्था लागू रहे।

  • मोहाली के शिवालिक पब्लिक स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल मिलते ही मचा हड़कंप

    मोहाली के शिवालिक पब्लिक स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल मिलते ही मचा हड़कंप

    मोहाली.

    फेज-6 स्थित शिवालिक पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को बम धमाके की धमकी का ई-मेल आया। इससे हड़कंप मच गया। बच्चों की समय से पहले छुट्टी करनी पड़ी। पुलिस ने सर्च अभियान चलाया। स्कूल की मेल पर मैसेज आया कि स्कूल में 1.10 बजे ब्लास्ट होने वाला है इसलिए स्कूल खाली करवा दिया जाए।

    मैसेज में खालिस्तान नेशनल आर्मी सहित कनाडा में रहने वाले लोगों का जिक्र किया गया है। इसी ई-मेल में मोहाली के स्कूलों में बम धमाके , रेल पटरियों पर धमाके, मोहाली मेयर आफिस और पंजाब विधानसभा में धमाके होने का जिक्र किया गया है। इस बारे में स्कूल प्रबंधकों की ओर से पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद स्कूल स्टाफ की ओर से सभी क्लासों के बच्चों को बाहर खुले में निकाल कर रखा गया। बच्चों के परिजनों को फोन पर जल्द स्कूल पहुंचने के लिए कहा गया। जो बच्चे बसों पर स्कूल आते है उन्हें बसों से घरों की ओर रवाना किया गया। पुलिस के जवानों ने पहुंच कर स्कूल की जांच की लेकिन कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली।

    परिजन हुए परेशान
    स्कूल से बच्चे लेने आए परिजनों की ओर से कहा गया कि उन्हें अपना काम छोड़ कर बच्चों को वापस लेने के लिए आना पड़ा है। परिजनों ने यह भी कहा कि स्कूलों में बम की मेल डालने वालों का पता लगा कर उन्हें पकड़ा जाना चाहिए। कई परिजनों ने कहा कि मोहाली-चंडीगढ़ की सड़कों पर आज भारी जाम लगा है जिस कारण उन्हें आने में परेशानियों का सामना करना पड़ा।

  • एलपीजी केवाईसी के नाम पर वसूली पर रोक, उपभोक्ताओं को मिली राहत

    एलपीजी केवाईसी के नाम पर वसूली पर रोक, उपभोक्ताओं को मिली राहत

    जयपुर
     जयपुर समेत राज्य के सभी जिलों में तीनों गैस एजेसियों (भारत गैस, इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान) के 38 लाख गैस उपभोक्ताओं की 16 अगस्त तक नॉन फ्यूल रेवन्यू फार्मूले की आड़ में गैस कनेक्शन की केवाईसी के नाम पर सुरक्षा पाइप, फॉयर बॉल बेच कर करोड़ों रुपए कमाने पर ब्रेक लग गया है। पत्रिका में गुरुवार को एलपीजी केवाईसी के नाम पर 100 करोड़ रुपए की वसूली की तैयारी शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। समाचार प्रकाशित होने के बाद तीनों गैस कंपनियों में दिन भर खलबली मची रही।

    राज्य स्तरीय समन्वयक मनोज गुप्ता ने तीनों गैस कंपनियों के अधिकारियों के साथ दिनभर बैठक की। शाम को उन्होंने राजस्थान के गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर दी। उन्होंने गैस कंपनियों को निर्देश दिए कि गैस एजेंसी पर 16 अगस्त तक उपभोक्ताओं के गैस कनेक्शन की केवाईसी ही की जाए। किसी भी उपभोक्ता को केवाईसी के नाम पर सुरक्षा पाइप, फायर बॉल व अन्य सामग्री नहीं बेची जाए।

    अगर उपभोक्ता अवधि पार सुरक्षा पाइप को बदलने की मांग करे तब ही उसे 199 रुपए की कीमत का नया सुरक्षा पाइप बेचा जाए। गुप्ता ने कहा कि गैस एजेंसियों पर गैस कनेक्शन की केवाईसी निःशुल्क है। गैस उपभोक्ताओं की केवाईसी को लेकर किसी भी तरह की दिक्कतों का समाधान के लिए तीनों गैस कंपनियों के अधिकारियों के नंबर जारी किए हैं।

    इंडियन ऑयल
    जयपुर डिवीजनल ऑफिस-9925081012
    जोधपुर डिवीजनल ऑफिस-9925081012

    मंत्री बोले- ये मामला बेहद गंभीर
    खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि गैस एजेंसी पर सुरक्षा पाइप, फायर बॉल जैसी सामग्री नहीं खरीदने वाले उपभोक्ताओं की केवाईसी नहीं करना बेहद गंभीर है। उपभोक्ता अपनी शिकायत विभाग के टोल फ्री नंबर 14435 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रदेश के सभी गैस उपभोक्ताओं को 16 अगस्त तक केवाईसी करना जरूरी है।

    राजस्थान में गैस उपभोक्ताओं को गैस कनेक्शन की केवाईसी कराने के लिए 16 अगस्त की डेडलाइन है। तीनों गैस कंपनियों के 38 लाख गैस उपभोक्ताओं की केवाईसी पेंडिंग है। उपभोक्ताओं की यह पेडेंसी ही तीनों गैस कंपनियों (इंडेन, भारत और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) के लिए खजाना भरने का अवसर बन गया है। कंपनियां ने नॉन फ्यूल रेवन्यू फार्मूला लागू कर एजेंसियों पर केवाईसी कराने पहुंच रहे उपभोक्ताओं के साथ जयपुर समेत पूरे राज्य में खुली लूट शुरू कर दी है। उपभोक्ताओं को सीधे कहा जा रहा है कि 190 रुपए का सुरक्षा पाइप, 999 रुपए की कीमत की फायर बॉल खरीदने पर ही केवाईसी होगी। अनुमान के अनुसार कंपनियां सामग्री बेचने के नाम पर 100 करोड रुपए उपभोक्ताओं की जेब से निकालने की जुगत में हैं। जयपुर शहर में भी कई गैस एजेंसियों पर केवाईसी के नाम पर खुली लूट का यह खेल बुधवार को पत्रिका संवाददाता की पड़ताल में सामने आया।

    पटेल नगर, 22 गोदाम
    पत्रिका संवाददाता 22 गोदाम क्षेत्र में पटेल नगर स्थित इंडेन गैस एजेंसी पर पहुंचा। यहां केवाईसी कराने आए उपभोक्ताओं को दो टूक कहा जा रहा था कि केवाईसी करानी है तो 190 रुपए का सुरक्षा पाइप लेना ही होगा। किसी तरह केवाईसी हो जाए और 16 अगस्त के बाद महंगा सिलेंडर नहीं लेना पड़े, इस भय से उपभोक्ता 190 रुपए का पाइप खरीदने को मजबूर थे।

    इनका कहना
    एजेंसी संचालकों का अभी पहला काम उपभोक्ताओं की केवाईसी करना है। अगर कोई एजेंसी संचालक पाइप नहीं खरीदने पर केवाईसी नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
    -मनोज गुप्ता, राज्य स्तरीय समन्वयक, गैस कंपनियां

    हम तो उपभोक्ता की सुरक्षा के लिहाज से यह पाइप दे रहे हैं। सॉफ्टवेयर में अगर कनेक्शन का सुरक्षा पाइप अवधिपार है तो ही उपभोक्ता को लेने के लिए कहा जा रहा है।
    -दिनेश शर्मा, मैनेजर, इंडेन, पटेल नगर 22 गोदाम, इंडेन

     

  • सीएम सम्राट चौधरी बोले, एआई अपनाए बिना विकास की दौड़ में पिछड़ेंगे

    सीएम सम्राट चौधरी बोले, एआई अपनाए बिना विकास की दौड़ में पिछड़ेंगे

    पटना
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि आज के डिजिटल युग में हम एआई का उपयोग नहीं करेंगे तो विकास की दौड़ में पिछड़ जाएंगे। 20-25 वर्ष पहले कंप्यूटर की उपयोगिता सीमित थी, लेकिन आज एआई और डिजिटल तकनीक शासन, प्रशासन तथा विकास की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि विकास की योजनाओं के निर्माण और उन्हें सरजमीन पर उतारने में एआई एक कारगर टूल साबित होगा।

    मुख्यमंत्री विधानसभा में प्रबोधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम विधानमंडल के सदस्यों के लिए एआई के संवेदीकरण और मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के कार्यान्वयन के संबंध में आयोजित किया गया। इस दौरान सीएम ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत परियोजना निगरानी प्रणाली (पीएमएस) वेब पोर्टल का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई और डिजिटल तकनीक से क्षमतावर्द्धन होगा।

    सभी मंत्री, विधायक एवं विधानपार्षद इनका अधिकाधिक उपयोग करें, ताकि जनता से बेहतर संवाद स्थापित हो। विकास योजनाओं के एस्टीमेट तैयार करने में भी एआई का उपयोग किया जाना चाहिए। सभी मंत्रियों, विधायकों एवं विधान पार्षदों के साथ-साथ उनके सहयोगियों को भी समय-समय पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कंप्यूटर एवं सोशल मीडिया के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बदलते समय के साथ सदस्यों की भूमिका निरंतर विस्तृत एवं अधिक ज्ञान आधारित होती जा रही है। इसी उद्देश्य से ऐसे प्रबोधन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह उपस्थित थे।

    स्थानीय क्षेत्र विकास योजना की दी जानकारी
    प्रथम सत्र में योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने स्थानीय क्षेत्र विकास योजना की कार्यप्रणाली, वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं तथा पीएमआईएस वेब पोर्टल की जानकारी दी। इस दौरान विधायकों व विधानपार्षदों ने विकास योजनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे। साथ ही अपने विचार व सुझाव साझा किए। द्वितीय सत्र में सूचना प्रावैधिकी विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित प्रस्तुति दी गई।

    हरा गमछा वाले को खोजो…
    इससे पहले एआई को लेकर सीएम सम्राट चौधरी का एक बयान काफी वायरल हुआ था। मई महीने में इसी साल आयोजित एआई समिट में सीएम ने कहा था कि AI से सीसीटीवी कैमरों को लैस कर दिया जाए और कहा जाए कि हरा गमछा वालों को खोजो तो एक बार में सभी हरा गमछा वालों को पकड़ लेगा। मुख्यमंत्री के इस बयान पर काफी विवाद हुआ। राजद ने इस बयान पर ऐतराज जताया। तेजस्वी यादव भी खुलकर सामने आ गए।

  • हरियाणा में 7वीं की छात्रा से दुष्कर्म का आरोपी 10 दिन बाद गिरफ्तार, पुलिस ने दबोचा

    हरियाणा में 7वीं की छात्रा से दुष्कर्म का आरोपी 10 दिन बाद गिरफ्तार, पुलिस ने दबोचा

    अंबाला.

    सातवीं कक्षा की छात्रा से दुष्कर्म के प्रयास के आरोपित को 10वें दिन सीआइए-1 की टीम ने धरदबोचा। आरोपित को जब पकड़ा गया वह अत्यधिक नशे की हालत में था। लिहाजा समाचार लिखे जाने तक उसके नाम और पता का खुलासा नहीं हो सका था।

    बताया जा रहा है कि आरोपित उत्तरप्रदेश का मूल निवासी है। आरोपित के नाम और ठिकाने की पुष्टि पुलिस शुक्रवार को ही करेगी। बताया जा रहा है कि 7वीं कक्षा की छात्रा से जबरदस्ती करने से पहले उसने अंबाला शहर में ही किसी दूसरी बच्ची को अपना शिकार बनाने का प्रयास भी किया था। लेकिन वह बच्ची अन्य दो बच्चियों के साथ थी लिहाजा वह अपने इरादे में कामयाब नहीं हो सका था। जब यह 7वीं कक्षा की छात्रा अकेली आती दिखी तो आरोपित ने इसे अपना शिकार बनाते हुए जबरदस्ती उसके मुंह पर हाथ रखते हुए हाथ पीछे से पकड़कर झाड़ियों में ले जाकर दुष्कर्म का प्रयास किया। लेकिन छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए निर्वस्त्र वहां से भागकर अपनी जान बचाई थी।

    छात्रा ने फिर से स्कूल जाना शुरू किया
    28 जुलाई को हुई इस घटना के बाद बच्ची पूरी तरह से सहम गई थी। बच्ची शरीर से बेहद कमजोर है। लेकिन घटना के चार दिन बाद बच्ची ने हिम्मत दिखाते हुए दोबारा स्कूल में जाना शुरू कर दिया है। आरोपित वारदात को अंजाम देने से पहले ट्रेन में बैठकर ही अंबाला रेलवे स्टेशन पहुंचा था। इसके बाद उसने रेलवे स्टेशन से ही बाइक चुराई और इस वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया।

  • जली नकदी मामले में यशवंत वर्मा पर एसआईटी जांच याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

    जली नकदी मामले में यशवंत वर्मा पर एसआईटी जांच याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

    नई दिल्ली
    सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व दिल्ली हाईकोर्ट जज जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े चर्चित "जली हुई नकदी" मामले में एफआईआर दर्ज करने और कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है. यह याचिका एक वकील ने दाखिल की थी. कोर्ट ने इसे पब्लिसिटी के लिए दाखिल याचिका बताते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया.

    जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की बेंच के सामने यह मामला सुनवाई के लिए आया. याचिका दाखिल करने वाले वकील घनश्याम उपाध्याय ने खुद कोर्ट में पक्ष रखा.

    उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले में एक शिकायत दर्ज कराई है और वे खुद एक प्रैक्टिसिंग एडवोकेट हैं. जब कोर्ट ने उनसे पूछा कि क्या वे इस मामले में खुद पार्टी की तरह पेश हो रहे हैं तो उपाध्याय ने हां में जवाब दिया.

    याचिका में मुख्य दलील यह थी कि किसी जज का पद से इस्तीफा दे देना उसे बेहिसाब नकदी से जुड़ी आपराधिक जिम्मेदारी से मुक्त नहीं कर देता. यानी अगर इस्तीफा भी दे दिया जाए तो भी कानूनी जांच होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए.

    याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की थी कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी गठित की जाए और यह जांच सीधे कोर्ट की निगरानी में हो.

    लेकिन सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया. कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि यह याचिका सस्ती पब्लिसिटी हासिल करने के मकसद से दाखिल की गई लगती है.

    बेंच ने इसे कोर्ट की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया और कहा कि वे इस याचिका पर सुनवाई करने के इच्छुक नहीं हैं. इसके बाद कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया.

    जस्टिस यशवंत वर्मा का जली हुई नकदी का मामला पहले से ही देशभर में चर्चा का विषय रहा है और इस याचिका की खारिजी के बाद अब इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई फिलहाल थमती दिख रही है.