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  • पटना मेयर सीता साहू को नगर निगम का नोटिस, 27 हजार लोगों पर आवासीय मकान में कारोबार का आरोप

    पटना मेयर सीता साहू को नगर निगम का नोटिस, 27 हजार लोगों पर आवासीय मकान में कारोबार का आरोप

     पटना
    पटना की मेयर सीता साहू को अपने नगर निगम ने नोटिस थमा दिया है। माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। सीता साहू समेत करीब 27 हजार लोगों को यह नोटिस दी गई है। सबों पर अपने रिहायशी मकान में व्यावसायिक गतिविधि चलाने का आरोप है। मेयर को नोटिस मिलने की चर्चा सियासी गलियारे में जोर शोर से हो रही है। नोटिस की लिस्ट में पटना के कई बड़े और चर्चित लोगों के नाम भी शामिल हैं जिनका सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में काफी प्रभाव है। सभी लोगों को 19 अगस्त को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। अनुपस्थित होने पर नगर निगम ऐसे हाउस होल्ड को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। सीता साहू भारतीय जनता पार्टी से ताल्लुक रखती हैं।

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के आदेश पहले आ चुका था जिसका पालन नहीं किया जा रहा था। इसी के तहत अजीमाबाद अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी ने नोटिस भेजने की कार्रवाई शुरू की है। इसमें पटना मेयर सीता साहू समेत करीब 27 हजार लोगों को नोटिस थमा दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि चिह्नित स्थलों के भू-स्वामी, निर्मात और गैर-आवासीय उपयोगकर्ताओं को नोटिस मिलते ही निर्धारित तिथि पर अपना जवाब दाखिल करना है। उन्हें इस काम के लिए 24 घंटों का समय प्रदान किया गया है। नोटिस तामिला कराने के बाद भी जो जवाब नहीं देंगे उनके खिलाफ अग्रेत्तर कार्रवाई की जाएगी। इसी के तहत पटना की मेयर सीता साहू को भी नोटिस भेजा गया है।

    नगर निगम ने मेयर के साथ उनके दोनों बेटों शिशिर कुमार और सुशांत कुमार को भी नोटिस भेजा है। हालांकि, शिशिर कुमार का कहना है कि संबंधित परिसर का इस्तेमाल आवासीय रूप में ही किया जा रहा है। निगम को जवाब दिया जाएगा। उनका निवास बड़ी पटनदेवी, महाराजगंज इलाके में है।

    किन इलाकों के लोगों को मिली नोटिस?
    नगर निगम की ओर से जारी नोटिस के अनुसार पटना के कंकड़बाग, मुसल्लहपुर, बाजार समिति, गुलजारबाग, बड़ी पटना देवी गली, दीदारगंज, गुरुगोविंद सिंह पथ, हरमंदिर गली, मारूफगंज, पाटलिपुत्र कॉलोनी, कृष्णापुरी, एसकेपुरी, महाराजगंज, एजी कॉलोनी, आशियाना, विजय नगर, मंदिरी और लोदीपुर सहित कई इलाके के हाउस होल्ड को नोटिस दी गई है। पूर्व की जांच में इन इलाकों में आवासीय परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने का आरोप है।

    कब तक देना है जवाब?
    नोटिस में कहा गया है कि नगर निगम के मुताबिक 19 अगस्त से इन मामलों पर सुनवाई शुरू होगी। इसमें सभी लोगों को नोटिस का जवाब देना है। अगर जवाब नहीं दिया जाता है तो जुर्माना या सिलिंग की कार्रवाई शुरू की जाएगी। शहरी इलाके में जमीन और परिसंपत्ति के सही उपयोग, आमजनों को कोई परेशानी नहीं हो और वाजिब टैक्स चुकाने को लेकर यह ऐक्शन लिया गया है।

  • पटियाला से मोहाली-चंडीगढ़ निकलीं 3 छात्राएं भटककर पहुंचीं पानीपत, पुलिस ने सुरक्षित खोजा

    पटियाला से मोहाली-चंडीगढ़ निकलीं 3 छात्राएं भटककर पहुंचीं पानीपत, पुलिस ने सुरक्षित खोजा

    पटियाला.

    पटियाला के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अजीत नगर स्थित सेंट पीटर्स अकादमी के वार्षिक समारोह के बाद लापता हुईं तीन 14 वर्षीय छात्राओं को पुलिस ने करीब 24 घंटे की लगातार तलाश के बाद पानीपत से बरामद कर लिया। तीनों छात्राएं बिना बताए घूमने के लिए निकल गई थीं।

    बरामदगी के बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो पूरे घटनाक्रम की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार 15 अगस्त को स्कूल का वार्षिक समारोह खत्म होने के बाद तीनों छात्राएं बाहर निकलीं, लेकिन घर नहीं पहुंचीं। परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस की विभिन्न टीमों ने छात्राओं की तलाश शुरू की।

    पहले से बना लिया था घूमने का प्लान
    पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि उन्होंने वार्षिक समारोह से एक दिन पहले ही घूमने का प्लान बना लिया था। तीनों अपने आधार कार्ड लेकर घर से निकली थीं। इसके बाद वे बिना किसी किराये के मोहाली और चंडीगढ़ पहुंच गईं। मोहाली और चंडीगढ़ में कुछ समय घूमने के बाद तीनों ने आगे जाने का फैसला किया। बताया गया कि उन्होंने वहां गुरुद्वारा साहिब में रात भी बिताई। अगले दिन वे ट्रेन से अंबाला जाने के लिए रवाना हुईं। छात्राओं के पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। इसके चलते उन्होंने केवल दो टिकट खरीदे। हालांकि यात्रा के दौरान उन्हें यह पता ही नहीं चला कि वे अंबाला से आगे निकल चुकी हैं। तीनों सीधे पानीपत पहुंच गईं और वहीं उतर गईं।

    हरियाणा पुलिस की मदद से मिलीं छात्राएं
    पुलिस ने छात्राओं की तलाश के दौरान हरियाणा पुलिस से भी संपर्क किया। रेलवे स्टेशन और अन्य संभावित स्थानों पर जानकारी साझा की गई। लगातार प्रयासों के बाद 16 अगस्त को दोपहर के समय तीनों छात्राओं को पानीपत से ट्रेस कर लिया गया। हरियाणा पुलिस के सहयोग से उन्हें रेलवे स्टेशन से बरामद कर पुलिस ने अपनी निगरानी में लिया। इसके बाद तीनों को पटियाला लाया गया। पूछताछ और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद छात्राओं को उनके परिवारों को सौंप दिया गया।

  • बिहार में हर महीने लगेगा छात्र सहयोग शिविर, 10 दिन में कार्रवाई नहीं तो CM ऑफिस से नोटिस

    बिहार में हर महीने लगेगा छात्र सहयोग शिविर, 10 दिन में कार्रवाई नहीं तो CM ऑफिस से नोटिस

    पटना
    बिहार के शिक्षण संस्थानों में हर महीने के चौथे मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित होंगे, जहां छात्र सीधे अपनी समस्याएं और सुझाव रख सकेंगे। 25 अगस्त से बिहार के सभी स्कूलों और छात्रावासों में इसकी शुरुआत होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को जेडी वीमेंस कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में इसकी घोषणा की।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए यह पोर्टल लॉन्च किया गया है। इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक, छात्रावास एवं अन्य समस्याओं तथा सुझावों का त्वरित समाधान करना है। यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क है। इसमें विद्यार्थियों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
    छात्राओं से संवाद करते सीएम सम्राट चौधरी

    हेल्पलाइन नंबर भी जारी
    सहयोग शिविर से संबंधित जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1100 उपलब्ध है। छात्रों की शिकायतों पर 10 दिनों में कार्रवाई शुरू न होने पर 11वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से स्वतः नोटिस जारी होगा और अधिकतम 30 दिनों के भीतर हर हाल में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

    सीएम ने जेडी वीमेंस कॉलेज में छात्राओं से किया संवाद
    मुख्यमंत्री ने पटना के जेडी वीमेंस कॉलेज में उपस्थित छात्राओं के साथ संवाद कर शैक्षणिक गतिविधियों और समस्याओं के बार में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी, जवाबदेह और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

    सम्राट चौधरी ने 15 अगस्त को गांधी मैदान में झंडोत्तोलन के बाद अपने भाषण में इसका ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए छात्र छात्राओं से सरकार सीधे संवाद करेगी। उनकी बातों को सुनने और समझने के लिए माह में एक बाद सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावे विद्यार्थी सहयोग पोर्टल की स्थापना होगी जिसपर छात्र अपनी समस्याओं से सरकार को अवगत कराएंगे। सहयोग पोर्टल पर की गई शिकायत का निवारण एक माह के अंदर हो जाएगा।

    मुख्यमंत्री की इस पहल से छात्र-छात्राओं में काफी उत्साह है। कई बार विभाग की सुस्ती से मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं में हुई त्रुटियों का सुधार कराने में पसीने छूट जाते हैं। छात्राओं ने सरकार के उस फैसले का भी स्वागत किया है जिसमें उनके स्कूल, कॉलेज के पास पुलिस दीदी की तैनाती की जाएगी। मुख्यमंत्री के आदेश पर ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है कि सादे लिबास में महिला पुलिस कर्मी और अधिकारी संवेदनशील स्थानों पर नजर रखेंगे। रक्षा बंधन के दिन से इसकी शुरुआत होगी। सभी जिलों में इसकी आवश्यक तैयारी की जा रही है।

  • शादी के 8 महीने बाद पानी की टंकी में मिला महिला का शव, रोहतक में खौफनाक हत्या से सनसनी

    शादी के 8 महीने बाद पानी की टंकी में मिला महिला का शव, रोहतक में खौफनाक हत्या से सनसनी

    रोहतक.

    सिटी थाना क्षेत्र में शादी के करीब आठ महीने बाद एक विवाहिता की हत्या कर दी गई। उसका शव घर की छत पर पानी की टंकी से बरामद हुआ है। विवाहिता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने ससुराल वालों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    दरअसल, जिला झज्जर के माछरौली निवासी वीरेंद्र ने पुलिस को शिकायत दी है। जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी बड़ी लड़की चेतना की शादी दिसंबर 2025 में रोहतक के नेहरू कालोनी निवासी मनीष पुत्र राजेन्द्र के साथ की थी। शादी में उन्होंने अपनी लड़की को हैसियत से ज्यादा दान दहेज दिया था। वीरेंद्र ने बताया कि शादी के कुछ दिनों बाद ही चेतना के ससुराल वाले पति मनीष, ससुर राजेन्द्र, सास शीला देवी कम दहेज के संबंध में ताना मारते थे और मारपीट भी करते थे। ये गाड़ी की जिद कर रहे थे कि गाड़ी लाओगी तो हम रखेंगे नहीं तो ऐसे ही मारपीट करते रहेंगे। हालांकि, उन्होंने अपनी लड़की को समझाकर ससुराल में ही छोड़ दिया और कहा कि आगे कोई प्रोग्राम होगा तो कार भी दे देंगे, लेकिन इसके बाद भी ससुराल वाले चेतना को परेशान करते रहे।

    14 अगस्त को भी हुआ था झगड़ा
    चेतना के पिता विरेंद्र का कहना है 14 अगस्त को भी झगड़ा हुआ था। जिसके चलते उनका साढू कुलदीप राठी भी रात को करीब 09.30 बजे चेतना की ससुराल आया और रात 12 बजे तक समझाकर गया। लेकिन फिर भी ये सभी अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और लड़की को तंग करते रहे। वीरेंद्र ने बताया कि 15 अगस्त को वह खुद अपनी बेटी की ससुराल आए और इन सभी को समझाकर गया।उनका कहना है कि वह अपनी लड़की को अपने घर लेकर जाना चाहता थे, लेकिन चेतना के ससुराल वालों ने लड़की को उनके साथ भेजने से मना कर दिया और उनके साथ भी बदतमीजी से पेश आए। आरोप है की आरोपित उनके सामने ही उनकी लड़की को धमका रहे थे और गाली गलौज कर रहे थे। जिसके बाद वह अकेले ही वापस आ गए।

    आरोपितों ने फोन कर कहा आपकी बेटी कहीं चली गई
    वीरेंद्र ने बताया कि 16 अगस्त को उनके पास फोन आया कि आपकी लड़की घर पर नहीं है और वह घर से कहीं चली गई। सूचना पाकर वह चेतना की ससुराल पहुंचे तो वहां उन्हें चला कि उनकी बेटी चेतना की उसके पति मनीष, ससुर राजेन्द्र भौरिया, सास शीला देवी ने निर्मम हत्या करके छत पर रखी पानी की टंकी में डाल दिया। जब हम घर आए तो 112 नंबर पर डायल किया था। इसके बाद पीसीआर घर आई थी।

    शव को टंकी में डालकर किया गुमराह
    वीरेंद्र ने आगे कहा कि पुलिस के आने के बाद भी राजेंद्र के पूरे परिवार ने हमें गुमराह किया कि आपकी लड़की घर से कहीं चली गई है। इसके बाद हम रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर भी देख कर आए लेकिन लड़की कही नहीं मिली। इसके बाद हमने कंट्रोल रूम पर फोन किया। वहीं जब पुलिस आई और चेतना के ससुराल वालों ने बताया कि छत पर पानी की टंकी में चेतना की लाश पड़ी है। पुलिस ने छत पर जाकर देखा तो चेतना की लाश छत पर पानी की टंकी में पड़ी मिली। आरोपितों ने उनकी बेटी चेतना की निर्मम हत्या करके पानी की टंकी में डाला है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मौके पर एफएसएल इंचार्ज डा. सरोज दहिया मलिक ने साक्ष्य जुटाए।

  • JSSC-CGL और TDPL की परीक्षाएं रद्द, छात्रों में जश्न; बोले- CBI जांच तक जारी रहेगा आंदोलन

    JSSC-CGL और TDPL की परीक्षाएं रद्द, छात्रों में जश्न; बोले- CBI जांच तक जारी रहेगा आंदोलन

     रांची
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा जेएसएससी सीजीएल और टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद आंदोलनकारी छात्रों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है. लंबे समय से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे अभ्यर्थियों ने भारी बारिश के बीच एक-दूसरे को गले लगाकर और मिठाइयां बांटकर इस निर्णय का स्वागत किया. छात्र आंदोलनकारियों ने इस फैसले को युवाओं के लंबे संघर्ष, एकजुटता और निष्पक्षता की लड़ाई की पहली बड़ी जीत करार दिया है. हालांकि, इस उत्साह के बीच छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यह उनका अंतिम पड़ाव नहीं है और न ही वे आंदोलन समाप्त करने वाले हैं.

    छात्र नेता रवींद्र पासवान बोले- सीबीआई जांच तक जारी रहेगा अनशन
    घोषणा के बाद छात्र नेता रवींद्र पासवान ने आंदोलन को समर्थन देने वाले सभी साथियों, छात्रों और मीडिया का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि परीक्षा रद्द करने की प्राथमिक मांग तो मान ली गई है, लेकिन आंदोलन तब तक पूरी तरह समाप्त नहीं होगा जब तक कि धांधली की निष्पक्ष सीबीआई (CBI) जांच की मांग पूरी नहीं हो जाती. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब तक सीबीआई जांच का आदेश जारी नहीं होता, तब तक छात्र धरना स्थल से पीछे हटने वाले नहीं हैं.

    पीयूष कुमार ने कहा- संघर्ष का यह केवल पहला चरण
    छात्र नेता पीयूष कुमार ने भी सरकार के इस कदम को पहली जीत बताया. उन्होंने कहा कि यह महज पहली जीत का जश्न है और '11 से 13' से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर उनकी मांगें अभी भी जस के तस कायम हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सभी छात्र इस पूरे घटनाक्रम और भविष्य की रणनीति का विश्लेषण करेंगे. उनका कहना था कि जब तक भर्ती प्रणाली के सभी विवादित फैसलों को पलटा नहीं जाता और तमाम मांगें स्वीकार नहीं की जातीं, तब तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा.

    देवेंद्र नाथ महतो ने कहा- व्यापक सुधार के लिए लंबी लड़ाई बाकी
    अनशन की अगुवाई कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सिस्टम में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाई गई आवाज को सरकार ने स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि अपनी मांगों के लिए छात्रों ने अपनी जान तक जोखिम में डाली थी और इस दिशा में ध्यान देने के लिए वे सरकार, पुलिस-प्रशासन, मीडिया और अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि केवल परीक्षा रद्द होने से वे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि पूरी शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और व्यापक सुधार लाने के लिए अभी एक लंबी कानूनी व रणनीतिक लड़ाई बाकी है, जिसकी आगे की योजना जल्द साझा की जाएगी.

  • चंडीगढ़ का हेरिटेज फर्नीचर शिकागो में नीलाम, खरीदारों को सौंपने पर UNESCO ने लगाई रोक

    चंडीगढ़ का हेरिटेज फर्नीचर शिकागो में नीलाम, खरीदारों को सौंपने पर UNESCO ने लगाई रोक

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर को विदेशों में नीलाम किए जाने के मामले में अब यूनेस्को के हस्तक्षेप से भारत की मुहिम को मजबूती मिली है। संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने शिकागो स्थित राइट डिजाइन ऑक्शन हाउस को पत्र भेजकर 13 अगस्त को नीलाम किए गए चंडीगढ़ के विरासत फर्नीचर के स्वामित्व हस्तांतरण पर रोक लगाने को कहा है।

    यूनेस्को ने स्पष्ट किया है कि इन वस्तुओं के स्रोत और भारत से इनके निर्यात की वैधता की जांच पूरी होने तक इन्हें खरीदारों को हस्तांतरित न किया जाए। राइट डिजाइन ऑक्शन हाउस में चंडीगढ़ के विरासत फर्नीचर के आठ लॉट नीलामी के लिए रखे गए थे। इनमें छह लॉट की नीलामी हो चुकी है, जिनसे करीब 83 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई। यूनेस्को ने सभी आठ लॉट के स्वामित्व हस्तांतरण को फिलहाल रोकने का आग्रह किया है। यूनेस्को की संस्कृति एवं आपातकालीन मामलों की निदेशक क्रिस्टा पिकाट ने राइट डिजाइन ऑक्शन हाउस के अध्यक्ष रिचर्ड राइट को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि भारत के अधिकारियों ने 13 अगस्त को यूनेस्को के समक्ष मामले को उठाते हुए नीलामी में शामिल वस्तुओं पर गंभीर आपत्ति जताई थी। भारत का कहना है कि ये वस्तुएं भारतीय कानून के तहत सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं और इन्हें देश से बाहर ले जाने में नियमों का उल्लंघन हुआ हो सकता है।

    सीमा शुल्क कानून के उल्लंघन का दावा
    भारत ने यूनेस्को को बताया है कि इन विरासत वस्तुओं के निर्यात में सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है। यूनेस्को ने राइट ऑक्शन हाउस से नीलामी और वस्तुओं के स्रोत से संबंधित दस्तावेज भारतीय अधिकारियों को उपलब्ध कराने को भी कहा है। इसके साथ ही वस्तुओं के स्वामित्व और उनके अमेरिका पहुंचने की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी भी मांगी गई है।
    यूनेस्को ने सांस्कृतिक संपत्ति के कारोबारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय नैतिक आचार संहिता और सांस्कृतिक संपत्ति के अवैध आयात, निर्यात व स्वामित्व हस्तांतरण को रोकने से संबंधित 1970 यूनेस्को कन्वेंशन का हवाला देते हुए कार्रवाई की है।

    प्रशासन पहले ही उठा चुका है मामला
    चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से नीलामी से पहले ही केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के माध्यम से अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष मामला उठाया गया था। प्रशासन की ओर से नीलामी रोकने और विदेशों में पहले बिक चुके विरासत फर्नीचर को वापस लाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
    चंडीगढ़ पुलिस ने विरासत फर्नीचर की कथित चोरी और अवैध निर्यात के संबंध में एफआईआर भी दर्ज की है। यूनेस्को के हस्तक्षेप के बाद अब उम्मीद है कि नीलाम हो चुके फर्नीचर का तत्काल हस्तांतरण रोका जा सकेगा। साथ ही, विदेशों में पहले नीलाम हो चुकी चंडीगढ़ की विरासत को वापस लाने के प्रयासों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिल सकती है।

    पहले भी करोड़ों में बिकती रही चंडीगढ़ की विरासत
    चंडीगढ़ के निर्माण के दौरान ली ली कार्बुजिए, पियरे जेनरे और उनके सहयोगियों द्वारा डिजाइन किया गया फर्नीचर शहर की वास्तुकला और डिजाइन विरासत का अहम हिस्सा है। पिछले कई वर्षों से चंडीगढ़ का यह फर्नीचर फ्रांस, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोप के अन्य देशों में नीलाम होता रहा है।
    विदेशों में लगातार नीलामी: कुर्सियां, टेबल, स्टूल, डेस्क और कार्यालयों में इस्तेमाल होने वाला अन्य फर्नीचर अंतरराष्ट्रीय नीलामी घरों में ऊंची कीमतों पर बिकता रहा है।
    अमेरिका में बड़ी कीमत: अमेरिका के नीलामी घरों में चंडीगढ़ के विरासत फर्नीचर की कई वस्तुएं लाखों रुपये में बिकी हैं।
    हालिया शिकागो नीलामी: 13 अगस्त 2026 को राइट डिजाइन ऑक्शन हाउस में चंडीगढ़ के विरासत फर्नीचर के आठ लॉट रखे गए। छह लॉट बिक चुके हैं और इनसे करीब 83 लाख रुपये मिले।
    अब यूनेस्को का हस्तक्षेप: यूनेस्को ने नीलाम हो चुकी वस्तुओं के स्वामित्व हस्तांतरण पर रोक लगाने को कहा है। इससे चंडीगढ़ की विरासत को वापस लाने की मुहिम को नई उम्मीद मिली है।
    सिर्फ फर्नीचर नहीं, शहर की पहचान: विरासत संरक्षण से जुड़े लोगों के अनुसार यह फर्नीचर सामान्य पुराना सामान नहीं है। यह चंडीगढ़ की आधुनिक वास्तुकला और शहर के निर्माण की कहानी से जुड़ी महत्वपूर्ण विरासत है।

  • दिल्ली में बदलेगा सरकारी कर्मचारियों का अटेंडेंस सिस्टम, फेस रिकग्निशन और रियल टाइम लोकेशन से होगी हाजिरी

    दिल्ली में बदलेगा सरकारी कर्मचारियों का अटेंडेंस सिस्टम, फेस रिकग्निशन और रियल टाइम लोकेशन से होगी हाजिरी

    नई दिल्ली
    दिल्ली सरकार के अधिकारियों-कर्मचारियों के अटेंडेंस सिस्टम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकता है। खासकर फील्ड ड्यूटी करने वाले अधिकारियों की हाजिरी के लिए आधार-इनेबल्ड फेस रिकग्निशन सिस्टम लागू करने की तैयारी चल रही है। इसके तहत मोबाइल आधारित बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को फेस रिकग्निशन एप्लीकेशन और रियल टाइम जियो-लोकेशन से जोड़ने का प्रस्ताव है। फिलहाल आईटी ब्रांच को इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।

    •     दरअसल, विभिन्न विभागों के जिला कार्यालयों और विभागीय संस्थानों से मौजूदा बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को लेकर एक बैठक हुई है।
    •     बैठक में सामने आया है कि बार-बार रिमाइंडर के बाद भी कई जिले के कई कार्यालयों, संस्थानों की बायोमीट्रिक अटेंडेंस रिपोर्ट नहीं आ रही है।
    •     इसके दो कारण सामने आए। पहला अधिकारियों ने बताया कि कई जगह बायोमीट्रिक मशीनें बार-बार खराब हो रही हैं।
    •     दूसरा फील्ड ड्यूटी करने वाले अधिकारियों के लिए केवल ऑफिस में लगी बायोमीट्रिक मशीन के आधार पर अटेंडेंस दर्ज करना प्रैक्टिकल नहीं है।
    •     इसके चलते कई अधिकारियों और कर्मचारियों की बायोमीट्रिक अटेंडेंस रिपोर्ट भी नहीं आ रही है।
    •     प्रस्तावित अटेंडेंस सिस्टम को फेस रिकग्निशन एप्लीकेशन के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा।
    •     इसमें चेहरे की पहचान के जरिए कर्मचारी की पहचान सत्यापित करने के साथ ही उसकी रियल टाइम जियो-लोकेशन भी दर्ज की जा सकेगी।
    •     इससे फील्ड में ड्यूटी कर रहे अधिकारी की मौजूदगी और अटेंडेंस को ज्यादा बेहतर तरीके से सत्यापित किया जा सकेगा।

    CCTV की निगरानी में रहेंगी बायोमीट्रिक मशीनें
    केयरटेकिंग ब्रांच के मुताबिक अलग-अलग कार्यालयों से मशीनों में खराबी की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। सर्विस इंजीनियर की जांच में कुछ मशीनों के अंदर पानी पहुंचने की बात भी सामने आई है, जबकि जांच में पता चला कि आसपास पानी का कोई सोर्स नहीं है। इससे मशीनों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की भी आशंका जताई गई है। इस वजह से अब सभी जिला कार्यालयों, संस्थानों और मुख्यालय में लगी मशीनों को सीसीटीवी निगरानी में रखने का फैसला किया गया है।

     

  • हरियाणा में बिजली सप्लाई होगी और मजबूत, 26 हजार ट्रांसफॉर्मर खरीदने को मंजूरी

    हरियाणा में बिजली सप्लाई होगी और मजबूत, 26 हजार ट्रांसफॉर्मर खरीदने को मंजूरी

     चंडीगढ़
     हरियाणा में बिजली सप्लाई बेहतर करने के लिए 26 हजार 161 ट्रांसफामर खरीदे जाएंगे। लाइनमैन व सहायक लाइनमैनों की सुरक्षा के लिए 5000 से 7500 तक टीएंडपी किट की खरीद की जाएगी जिसमें 14 आइटम होंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हरियाणा निवास में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी (एचपीपीसी) की बैठक में बिजली निगमों के लिए विभिन्न खरीद प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

    शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा की मौजूदगी में हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी द्वारा विभिन्न बिजलीघरों में जीआइएस-बे के निर्माण कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से नेगोसिएशन करते हुए ट्रांसफार्मर्स व सुरक्षा किट की खरीद तथा जीआइएस-बे के निर्माण कार्य के लिए फर्मों के साथ निर्धारित से भी कम दरों पर सहमति कायम की।

    81 करोड़ की आएगी लागत
    दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए थ्री-फेस के 11केवी/433-250वी, 400 केवीए के 100 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर्स, एचवीपीएनएल के लिए 40/50 एमवीए, 132/33 केवी के 28 पावर ट्रांसफामर्स, 25/33.5 एमवीए, 66/11 केवी के 33 पावर ट्रांसफामर्स तथा यूएचबीवीएनएल के लिए 100 केवीए के 26000 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफामर्स की खरीद को हरी झंडी दी गई है। विभिन्न बिजलीघरों में 81 करोड़ रुपये की लागत से जीआइएस-बे का निर्माण कार्य कराया जाएगा।

    कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा भी सरकार की प्राथमिकता
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा बिजली व्यवस्था को और मजबूत करने की ओर विशेष ध्यान दे रही है। सरकार का प्रयास है कि जहां जरूरत हो, वहां पर्याप्त संख्या में ट्रांसफामर्स उपलब्ध करवाए जाएं और एमरजेंसी के लिए भी सभी बिजली निगमों के पास पर्याप्त बैकअप मौजूद हो। उन्होंने कहा कि बिजली निगमों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा भी सरकार की प्राथमिकता है।

    बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशीमा बराड़, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लि. के प्रबंध निदेशक तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक डा. आदित्य दहिया तथा ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव विक्रम सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

  • 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला के बयान लेने कार तक पहुंचे SDM, पार्किंग में खुद की कार्रवाई

    95 वर्षीय बुजुर्ग महिला के बयान लेने कार तक पहुंचे SDM, पार्किंग में खुद की कार्रवाई

    रोहतक.

    प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल उस समय देखने को मिली, जब लघु सचिवालय में अपने बेटों को जमीन में हिस्सेदारी देने पहुंची 95 वर्षीय बीमार महिला सुरती देवी को कार्यालय के अंदर लाना संभव नहीं हुआ।

    महिला की परेशानी को देखते हुए एसडीएम आशीष कुमार स्वयं पार्किंग में खड़ी उनकी कार तक पहुंचे और वहीं बैठकर उनके बयान दर्ज किए। सुरती देवी बीमारी के कारण कार से उतरने की स्थिति में नहीं थीं। जमीन में अपने बेटों को हिस्सेदारी देने संबंधी कार्रवाई के लिए उनके बयान और तस्दीक जरूरी थी। ऐसे में एसडीएम ने बुजुर्ग महिला को कार्यालय तक बुलाने के बजाय खुद उनके पास पहुंचकर पूरी प्रक्रिया पूरी कराई।

    एसडीएम आशीष कुमार ने कार में ही महिला से बातचीत कर उनके बयान लिए और पूरी जानकारी समझने के बाद उनकी तस्दीक करवाई। इसके बाद महिला से अंगूठा भी लगवाया गया। एसडीएम के इस संवेदनशील रवैये से वहां मौजूद लोगों ने भी सराहना की। लोगों ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी यदि इसी तरह बुजुर्गों और जरूरतमंदों की परिस्थितियों को समझकर उनकी सुविधा के अनुसार सेवाएं दें तो सरकारी व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।

  • कोटा में आज से दौड़ेंगी पीएम ई-बसें, पहले चरण में 10 बसों से शुरुआत; किराया ₹10 से

    कोटा में आज से दौड़ेंगी पीएम ई-बसें, पहले चरण में 10 बसों से शुरुआत; किराया ₹10 से

    कोटा
    कोटा शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत अब कोटा की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा मंगलवार को जयपुर से वर्चुअली बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। प्रथम चरण में कुल 10 बसों से सेवा का शुभारंभ होगा।

    निगम आयुक्त एवं कोटा बस सर्विस लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि योजना के तहत शहर में 100 पीएम ई-बसें संचालित की जानी हैं। इनमें 5 बसें 12 मीटर लंबी ब्लू कलर की और 95 बसें 9 मीटर लंबी पिंक कलर की हैं। इनमें से अब तक 41 बसें कोटा बस सर्विस लिमिटेड को प्राप्त हो चुकी हैं, जिनमें से 10 बसों के साथ बस सेवा शुरू होगी।

    20 मार्गों पर होनी है संचालित
    इन बसों के संचालन के लिए शहर में 20 रूट निर्धारित किए गए हैं, जिनके जरिए रेलवे स्टेशन, नया बस स्टैंड, एरोड्रम, नयापुरा, कोटा विश्वविद्यालय, सोगरिया, बोरखेड़ा, रायपुरा, झालीपुरा, दादाबाड़ी सहित शहर के प्रमुख इलाकों को जोड़ा जाएगा। नई ई-बसों के सड़क पर उतरने से शहर के प्रमुख बाजारों, शिक्षण संस्थानों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और बाहरी क्षेत्रों के बीच सार्वजनिक परिवहन की सुविधा और मजबूत होने की उम्मीद है।

    दूरी के हिसाब से तय होगा किराया
    पीएम ई-बस सेवा में किराया दूरी के आधार पर प्रस्तावित किया गया है। 3 किमी तक 10 रुपए, 3 से 6 किमी तक 15 रुपए, 6 से 12 किमी तक 20 रुपए, 12 से 15 किमी तक 25 रुपए, 15 से 20 किमी तक 30 रुपए और 20 से 25 किमी तक 35 रुपए किराया रहेगा। इसी तरह 25 से 30 किमी के लिए 40 रुपए, 30 से 35 किमी 45 रुपए, 35 से 40 किमी 50 रुपए, 40 से 45 किमी 55 रुपए तथा 45 किमी से अधिक दूरी के लिए अधिकतम 60 रुपए किराया होगा।

    ये होंगे प्रमुख रूट
    1. रेलवे स्टेशन-बंदा धर्मपुरा : खेडली फाटक, अदालत चौराहा, नयापुरा, अग्रसेन सर्किल, जेडीबी कॉलेज, कोटड़ी, एरोड्रम, सीएडी, केशवपुरा, महावीर नगर तृतीय होते हुए बूंदी धर्मपुरा।

    2. न्यू बस स्टैंड-बोराबास : कॉमर्स कॉलेज, तलवंडी, केशवपुरा, तीन बत्ती, जीएडी सर्किल, संतोषी नगर, चावला सर्किल, तिलमसंघ, नयागांव-दौलतगंज होते हुए रथकांकरा।

    3. रंगबाड़ी-एरोड्रम-न्यू बस स्टैंड : एरोड्रम, डीसीएम सर्किल, भामाशाह मंडी, अनंतपुरा, गोबरिया बावड़ी, कॉमर्स कॉलेज होते हुए एरोड्रम

    4. एरोड्रम-रानपुरः विज्ञान नगर, कॉमर्स कॉलेज, आईएल चौराहा, अनंतपुरा, रेतिया चौकी, आरटीओ कार्यालय, रीको, ट्रिपल आईटी, जेएमएयू, देव नारायण, गणेशजी, मेडिकल कॉलेज, एलआईसी बिल्डिंग, अहिंसा सर्किल, घटोत्कच चौराहा, केशवपुरा, सीएडी होते हुए एरोड्रम।

    5. एरोड्रम-सोगरिया : कोटड़ी चौराहा, सेवन वंडर रोड, सब्जी मंडी, लख्खी बुर्ज, अग्रसेन सर्किल, नयापुरा, खेलड़ी फाटक और रेलवे स्टेशन सोगरिया।

    6. रायपुरा-भदाना : राजनगर, देवली अरब रोड, कोरल पार्क, नया नोहरा, मानपुरा, बोरखेड़ा, एसपी सर्किल, नयापुरा, अदालत सर्किल, कोटा रेलवे स्टेशन होते हुए रंगपुर पुलिया।

    7. झालीपुरा-अरंडखेड़ा: नया नोहरा, बोरखेड़ा, एसपी सर्किल, नयापुरा, गीता भवन, गुमानपुरा छावनी, एरोड्रम, डीसीएम, रायपुरा, धाकड़खेड़ी, उम्मेदगंज कृषि महाविद्यालय होते हुए खेड़ा रसूलपुरा।

    8. बड़गांव-सीमलिया : नांता पुलिस स्टेशन, पत्थर मंडी, मोहनलाल सुखाड़िया आवासीय योजना, अभेड़ा महल, नांता, थर्मल सर्किल, महाराणा प्रताप सर्किल, नयापुरा, एसपी सर्किल, बोरखेड़ा, मानपुरा, नया नोहरा, बोरखंडी, झालिपुरा बाइपास, ताथेड़, केथूड़ी, दाहरा होते हुए पोलाई कलां।

    9. रेलवे स्टेशन-कोलीपुरा: खेड़ली फाटक, नयापुरा, अग्रसेन सर्किल, जेडीबी कॉलेज, कोटड़ी, छावनी, एरोड्रम, सीएडी, चंबल गार्डन, गोदावरी धाम, शिवपुरा, आरटीयू, नयागांव-दौलतगंज होते हुए रथकांकरा।

    10. चंद्रसेल-आरके पुरम: काला तालाब, विकास नगर, अब्दुल कलाम यूआईटी आवासीय योजना, महात्मा गांधी तिराहा, एसपी चौराहा, सरस्वती कॉलोनी, अंटाघर अंडरपास, नयापुरा, अग्रसेन सर्किल, जे.डी.बी. कॉलेज, कोटड़ी, एरोड्रम, विज्ञान नगर, कॉमर्स कॉलेज, सिटी मॉल, अनंतपुरा थाना, सुभाष विहार, ट्रक यूनियन, अजय आहूजा नगर, कबीर सर्किल, कोटा विश्वविद्यालय और ईथोस अस्पताल।

    11. सोगरिया स्टेशन-अनंतपुरा: रेलवे प्लेटफॉर्म नंबर 4, रेलवे कॉलोनी, माला फाटक, एसपी ऑफिस, 80 फीट रोड, संजय नगर, डकनिया स्टेशन, नालंदा कॉलेज होते हुए अनंतपुरा।

    12. न्यू बस स्टैंड-न्यू बस स्टैंड सर्कुलर: एरोड्रम अंडरपास, घोड़े वाले बाबा सर्किल, सीएडी, गढ़ पैलेस, सकतपुरा, थर्मल कॉलोनी, नाका चुंगी, अभेड़ा महल, करणी माता मंदिर, बड़गांव तिराहा, गुरुद्वारा, त्रिकुटा माता मंदिर, प्रताप सर्किल, नयापुरा, अंटाघर अंडरपास और 80 फीट रोड।