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  • गैस कनेक्शन धारकों के लिए जरूरी खबर, ई-केवाईसी की डेडलाइन बढ़ी; नहीं कराया तो बंद होगी बुकिंग

    गैस कनेक्शन धारकों के लिए जरूरी खबर, ई-केवाईसी की डेडलाइन बढ़ी; नहीं कराया तो बंद होगी बुकिंग

     रेवाड़ी
    घरेलू गैस सिलिंडर की ई-केवाइसी पूरी करने की 16 अगस्त की डेडलाइन पूरी होने के बाद भी जिले में आधे से ज्यादा गैस कनेक्शन धारकों ने ई-केवाइसी नहीं कराई है। हालांकि गैस कंपनियों की तरफ से यह डेडलाइन बढ़ाकर 23 अगस्त कर दी गई है।

    कनेक्शन धारक की मौत हो चुकी तो क्या करें?
    अगर फिर भी किसी कनेक्शन धारक ने ई-केवाइसी नहीं कराई तो उसकी ऑनलाइन बुकिंग बंद हो जाएगी। पूरे जिले में करीब 10 हजार ऐसे कनेक्शन हैं, जो या तो मृत लोगों के नाम पर अभी तक चल रहे थे या फिर एक ही परिवार में यानी पति-पत्नी के नाम पर कनेक्शन लिए हुए थे। ऐसे गैस कनेक्शन पर न सिलिंडर मिलेगा और न ही सब्सिडी मिलेगी।

    सबसे ज्यादा मुश्किल उन ढाबा, रेहड़ी या फिर श्रमिकों को होगी, जो अभी तक घरेलू गैस सिलिंडर का प्रयोग किसी और के नाम पर कर रहे थे। गैस एजेंसियों के मुताबिक, अगर किसी मृत व्यक्ति के नाम पर गैस कनेक्शन है, तो ऐसे कनेक्शन वारिस होने के कागजात जमा कराकर स्वयं के नाम पर कनेक्शन करा सकते हैं।

    दरअसल, जिले में अलग-अलग कंपनियों की 30 गैस एजेंसी हैं, जिन पर 3.25 लाख घरेलू गैस सिलिंडर कनेक्शन धारक हैं। पिछले दिनों हुई सिलिंडर की मारामारी के बाद कंपनियों ने कनेक्शन धारकों की ई-केवाइसी कराने का फैसला किया था। जिससे कि सिलिंडर की कालाबाजारी पर रोक लग सके।

    इसका मकसद यह था कि सब्सिडी का लाभ बिचौलियों की बजाय केवल वास्तविक लाभार्थी के बैंक खाते में ही पहुंचे। साथ ही आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता लाकर त्योहार या मांग बढ़ने पर होने वाली किल्लत को समाप्त हो सके। सस्ते घरेलू सिलिंडर के व्यावसायिक दुरुपयोग पर लगाम लगाना भी इस जांच का बड़ा हिस्सा है। शुरुआत में जानकारी के अभाव में कम ही लोगों ने ई-केवाइसी कराई, लेकिन अब कार्य में तेजी आई है।

    गैस एजेंसियों और डिलीवरी सिस्टम में होगा बदलाव
    ई-केवाइसी के बाद गैस प्रणाली में पारदर्शिता आएगी। डिलीवरी कर्मियों के लिए सिस्टम जनरेटेड ओटीपी और बायोमैट्रिक पुष्टि के बिना सिलिंडर सौंपना नामुमकिन होगा। फर्जी बुकिंग बंद होने से एजेंसियों के पास गैस का अतिरिक्त कोटा उपलब्ध होगा, जिससे वैध उपभोक्ताओं को समयावधि सिलिंडर मिल जाएगा।

    काफी सारे ऐसे लोगों ने अपने गैस कनेक्शन बंद कराए हैं, जिनमें कनेक्शन धारक की मौत हो चुकी थी। काफी ऐसे भी कनेक्शन है, जो एक ही परिवार में कई सदस्यों के नाम पर है। पति-पत्नी के नाम पर होने वाले गैस कनेक्शन धारक को सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा।
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    -प्रवीण चौधरी, संचालक, रेवाड़ी गैस एजेंसी

    अगर कनेक्शन धारक की मौत हो चुकी है तो, वारिस जरूरी कागजात जमा कर कनेक्शन अपने नाम करा सकते हैं। किरायेदार या जरूतमंद उपभोक्ता वैध आईडी और पते के कागजात के साथ नया कनेक्शन ले सकते हैं।
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    -विकास यादव, फिल्ड ऑफिसर, इंडियन ऑयल

  • सोलर पैनल लगाने पर बढ़ी सब्सिडी, अब 98 हजार रुपये तक मिलेगा अनुदान

    सोलर पैनल लगाने पर बढ़ी सब्सिडी, अब 98 हजार रुपये तक मिलेगा अनुदान

     बेतिया
     घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल में बचत करने का बेहतर मौका है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) के तहत सरकार ने सोलर रूफटॉप लगाने पर मिलने वाले अनुदान में बढ़ोतरी की है।

    इसकी जानकारी देते हुए विद्युत कार्यपालक अभियंता मदन कुमार ने कहा कि अब उपभोक्ताओं को एक किलोवाट पर 40 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 80 हजार रुपये और तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता का सोलर सिस्टम लगाने पर अधिकतम 98 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा।

    पहले एक किलोवाट पर 30 हजार, दो किलोवाट पर 60 हजार तथा तीन किलोवाट पर 78 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाता था। अनुदान में हुई बढ़ोतरी से अब अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा अपनाने का लाभ मिलेगा।

    बिजली बिल में बचत के साथ मुफ्त बिजली का अवसर
    योजना का उद्देश्य घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना और बिजली के खर्च को कम करना है। विद्युत कार्यपालक अभियंता मदन कुमार ने कहा कि सोलर रूफटॉप लगाने से उपभोक्ता अपनी बिजली की जरूरत का बड़ा हिस्सा स्वयं पूरा कर सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि इससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उपभोक्ताओं से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।

    उन्होंने कहा कि पात्र उपभोक्ता योजना के तहत जल्द से जल्द आवेदन करें और अपने घर को सौर ऊर्जा से जोड़कर बढ़े हुए अनुदान का लाभ उठाएं।

     

  • राजस्थान संपर्क 181 की समीक्षा, शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर सरकार का जोर

    राजस्थान संपर्क 181 की समीक्षा, शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर सरकार का जोर

    जयपुर
    राज्य सरकार की आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी समाधान की मंशा के अनुरूप संयुक्त शासन सचिव, वित्त (व्यय-II) प्रताप सिंह ने सोमवार को 'राजस्थान संपर्क 181' हेल्पलाइन केंद्र का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पोर्टल की कार्यप्रणाली, परिवाद निस्तारण की गति एवं डैशबोर्ड की समीक्षा की।

    निरीक्षण के दौरान सिंह ने सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में लगने वाले औसत समय को निरंतर कम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक एवं विभागीय समन्वय के माध्यम से परिवादियों को न्यूनतम समय में अधिकतम राहत पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    'संपर्क जीपीटी' के माध्यम से जटिल एवं अंतर-विभागीय प्रकरणों का प्रभावी विश्लेषण
     सिंह ने बताया कि अंतर-विभागीय प्रकृति की शिकायतों के प्रभावी एवं स्थायी समाधान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित 'संपर्क जीपीटी' के माध्यम से गहन डेटा विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे जटिल एवं बहु-विभागीय प्रकरणों की जड़ तक पहुंचकर उनका स्थायी समाधान संभव हो रहा है।

    परिवादियों को मौके पर ही त्वरित राहत, अधिकारियों से किया सीधा समन्वय
    संयुक्त शासन सचिव ने 181 हेल्पलाइन पर आने वाले जन परिवादों को स्वयं सुना तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों से तत्काल समन्वय स्थापित कर कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित करवाया।

    डैशबोर्ड की सतत मॉनिटरिंग से गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित
    उन्होंने पोर्टल पर लंबित एवं निस्तारित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण समाधान एवं सकारात्मक जन-फीडबैक सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

    सिंह ने हेल्पलाइन केंद्र के कार्मिकों की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि जनसमस्याओं के समयबद्ध निस्तारण से प्रशासनिक तंत्र के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो रहा है।

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं।
    निरीक्षण के दौरान विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं आईटी विंग के तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

  • JPSC-JSSC आंदोलन का पहला चरण सफल, देवेंद्र महतो ने किया दूसरे चरण का ऐलान

    JPSC-JSSC आंदोलन का पहला चरण सफल, देवेंद्र महतो ने किया दूसरे चरण का ऐलान

    रांची
    जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के प्रमुख छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ किया कि आंदोलन का पहला चरण सफल रहा है, लेकिन संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने घोषणा की कि अब आंदोलन का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें पेपर लीक न होने की गारंटी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जैसी मांग प्रमुख होगी.

    सरकार द्वारा सोमवार छात्रों की सभी मांगें सभी करने के ऐलान के बाद मंगलवार को रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर छात्र नेता देवेंद्र महतो ने सरकार के साथ बातचीत और जुलाई से शुरू हुए आंदोलन की स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि 14 परीक्षाएं रद्द होने और सभी प्रमुख मांगें माने जाने के साथ आंदोलन का पहला चरण सफल हो गया है. छात्र नेता ने इस बड़ी जीत के बाद भूख हड़ताल खत्म करने की घोषणा की, लेकिन साफ किया कि उनका आंदोलन खत्म नहीं हुआ है. अब आंदोलन का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें सरकार से पेपर लीक रोकने और शिक्षा सुधारों पर ठोस गारंटी की मांग की जाएगी.

    'असली मगरमच्छों को पकड़ना जरूरी'
    देवेंद्र महतो ने कहा कि जुलाई से शुरू की गई लड़ाई में सरकार की कार्रवाई के बाद उन्हें लगा था कि असली मगरमच्छों को पकड़ना जरूरी है. उन्होंने संघर्ष जारी रखा जिसके बाद सरकार का बड़ा फैसला आया और सभी मांगें पूरी हुईं. उन्होंने मुख्यमंत्री और आंदोलन में पानी, खाना व तिरपाल पहुंचाने वाले सभी लोगों का विशेष धन्यवाद किया.

    'मंत्रियों को बदलने से नहीं बदलती व्यवस्था'
    महतो ने कहा कि एक दरी से शुरू हुआ प्रथम चरण सफल रहा. उन्होंने सवाल उठाया कि 14 परीक्षाएं रद्द तो हो गईं, लेकिन ये कब होंगी और इसकी क्या गारंटी है कि दोबारा पेपर लीक नहीं होगा. उन्होंने कहा कि मंत्रियों के बदलने से व्यवस्था नहीं बदलती, सरकार को भविष्य में कभी पेपर लीक न होने की पुख्ता गारंटी देनी होगी.

    शिक्षा सुधार पर जोर देते हुए देवेंद्र महतो ने कहा कि एजुकेशन रिफॉर्म को प्रॉफिट का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए. वो चाहते हैं कि एक ऐसी मॉनिटरिंग समिति बने जो हर कदम पर पूरी प्रक्रिया की निगरानी रखे. उन्होंने साफ किया कि भूख हड़ताल खत्म हुई है, लेकिन आंदोलन नहीं, शिक्षा सुधार और गारंटी मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा.

  • राजस्थान में किसान सम्मान निधि पर बड़ा बदलाव, 26वीं किस्त से किसान ID होगी अनिवार्य

    राजस्थान में किसान सम्मान निधि पर बड़ा बदलाव, 26वीं किस्त से किसान ID होगी अनिवार्य

    जयपुर
     किसान सम्मान निधि का पैसा अब सिर्फ नाम और खाते के भरोसे नहीं मिलेगा। योजना में फर्जीवाड़े के मामले सामने आने के बाद सरकार ने किसान आइडी को सुरक्षा कवच बनाने का फैसला किया है। वहीं राज्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को सहकारिता विभाग से कृषि विभाग में स्थानांतरित करने की तैयारी कर ली गई है। हाल ही में मुख्य सचिव वी श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसका प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 26वीं किस्त से किसान आईडी को अनिवार्य किया जाएगा।

    पहले किसान सम्मान निधि में फर्जीवाड़ा हो चुका है। इसलिए किसान आइडी की अनिवार्यता की जा रही है। मारवाड़ जंक्शन विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 13 हजार 858 अपात्र व्यक्तियों के आवेदन पंजीकृत हो गए थे। जिन्होंने योजना के तहत विभिन्न किश्तों के माध्यम से 826.66 लाख राशि ले भी ली। बाद में वसूली के आदेश जारी हुए। कृषि स्टैक के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए राजस्थान कृषि विभाग के अधीन समर्पित कृषि स्टैक आयुक्तालय स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है।

    87.44 लाख किसानों का पंजीकरण हो चुका
    राज्य में अब तक 87.44 लाख किसानों का किसान रजिस्ट्री में पंजीकरण पूरा हो चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का 96.95 प्रतिशत है। इनमें 49.46 लाख पीएम-किसान लाभार्थी सफलतापूर्वक किसान रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं।

    समय-सीमा 15 सितंबर
    कृषि आयुक्त नरेश गोयल का कहना है कि कृषि विभाग की किसान केंद्रित योजनाओं में किसान आइडी को प्राथमिक पहचानकर्ता के रूप में अपनाया जा चुका है। राजस्व मंडल को म्यूटेशन प्रक्रिया में आवेदक का आधार नंबर एवं किसान आइडी अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी समय-सीमा 15 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।

    क्या है किसान सम्मान निधि योजना?
    किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) भारत सरकार की एक योजना है। इसके तहत देश के पात्र भूमिधारी किसान परिवारों को हर साल 6,000 की आर्थिक मदद दी जाती है। यह राशि चार-चार महीने के अंतर पर 2,000 की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। वहीं, राजस्थान में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की पीएम-किसान योजना का एक विस्तार है। इसके तहत प्रदेश के पात्र किसानों को सालाना 3,000 रुपए की अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाती है। ऐसे में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों योजनाओं को मिलाकर किसानों को अब कुल 9,000 रुपए प्रति वर्ष मिलते हैं।

  • रक्षाबंधन पर तीन दिन की छुट्टी, दिल्ली-NCR से जयपुर, आगरा और पहाड़ों की ओर बढ़ी बुकिंग

    रक्षाबंधन पर तीन दिन की छुट्टी, दिल्ली-NCR से जयपुर, आगरा और पहाड़ों की ओर बढ़ी बुकिंग

    नई दिल्ली
     रक्षाबंधन इस बार शुक्रवार को पड़ रहा है। इसके बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी होने से लोगों को लगातार तीन दिन का ब्रेक मिल रहा है। ऐसे में लोग इस ब्रेक का पूरा फायदा उठाने की सोच रहे हैं। यही वजह है कि दिल्ली-एनसीआर के आसपास के फार्म हाउस, हिल स्टेशन व अन्य घूमने फिरने की ऐतिहासिक जगहों में काफी अधिक बुकिंग हो रही है। रक्षाबंधन पर रिस्ट्रिक्टेड हॉलीडे (आरएच) रहता है।

    • इसका मतलब यह होता है कि साल में पड़ने वाले 33 आरएच में से कर्मचारी अपनी सहूलियत के हिसाब से कोई भी दो छुट्टियां ले सकते हैं।
    • महिलाएं ज्यादातर यह दो आरएच रक्षाबंधन और करवाचौथ पर लेती हैं।
    • इस बार तीन दिन की छुट्टी को देखते हुए कई परिवारों ने दिल्ली के आसपास घूमने का कार्यक्रम बनाया है।
    • कुछ लोगों की पहली पसंद जयपुर और आगरा जैसे डेस्टिनेशन हैं, जहां कम समय में जाकर लौटा जा सकता है।
    • वहीं, पहाड़ पसंद करने वाले लोग ऋषिकेश, देहरादून और मसूरी का रुख करने की तैयारी में हैं।
    • जिन लोगों ने लंबी यात्रा का प्लान नहीं बनाया है, वे दिल्ली-एनसीआर में ही एक दिन की आउटिंग की तैयारी कर रहे हैं।

    तीन दिन की छुट्टी में राखी पर भाई-बहनों के साथ घूमने का प्लान
    कई परिवारों के लिए यह छुट्टी भाई-बहन के साथ समय बिताने का मौका भी है। नौकरी और पढ़ाई के चलते अलग-अलग शहरों में रहने वाले भाई-बहन राखी के मौके पर घर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ परिवारों ने घर पर राखी समारोह के बाद साथ में लंच या डिनर का कार्यक्रम बनाया है। डीएम ऑफिस में कार्यरत सुनीता यादव ने बताया कि तीन दिन छुट्टी मिलने से इस बार त्योहार खास बन गया है। वह अपने और भाई के परिवार के साथ ऋषिकेश जा रही हैं। प्रेमलता ने बताया कि उन्होंने अपने भाई-भाभी के साथ वीकेंड ट्रिप की प्लानिंग की है। वह हरियाणा के एक फार्म हाउस जा रहे हैं।

  • बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल, 18 IPS अधिकारियों का तबादला; सीवान-छपरा को मिले नए SP

    बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल, 18 IPS अधिकारियों का तबादला; सीवान-छपरा को मिले नए SP

    पटना
    बिहार में 18 आईपीएस अधिकारियों और कई डीएसपी का तबादला कर दिया गया है। बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल करते हुए गृह विभाग ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी की। सम्राट सरकार ने सीवान के एसपी पूरन कुमार झा को पद से हटा दिया है। उनकी जगह भारत सोनी को सीवान का नया एसपी बनाया गया है। वहीं, रोहतास के पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार को छपरा का नया एसएसपी बनाया गया है। भोजपुर के एसपी मिस्टर राज का रोहतास तबादला कर दिया गया है। भोजपुर और नालंदा जिले में भी नए एसपी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा बिहार पुलिस सेवा के कई डीएसपी भी इधर-उधर किए गए।

    छपरा में विनीत गए, रौशन आए
    छपरा (सारण) के मौजूदा वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार को आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) में एसपी बनाकर भेजा गया है। विनीत 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनकी जगह 2019 बैच के आईपीएस रौशन कुमार को छपरा का नया एसएसपी बनाया गया है।

    पूरन झा को सीवान एसपी पद से हटाया गया
    सीवान जिले के एसपी पूरन कुमार झा को पद से हटाते हुए उन्हें पुलिस मुख्यालय बुला लिया गया है। राज्य सरकार ने फिलहाल उन्हें कोई नई जिम्मेदारी नहीं दी है। दरअसल, पिछले महीने छात्र आंदोलन के दौरान सीवान में पुलिस द्वारा एके 47 से फायरिंग का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें विपक्ष द्वारा लगातार सरकार से एसपी समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।

  • राजस्थान में 13 नए IAS अफसरों की फील्ड पोस्टिंग, चुनाव से पहले मिली अहम जिम्मेदारी

    राजस्थान में 13 नए IAS अफसरों की फील्ड पोस्टिंग, चुनाव से पहले मिली अहम जिम्मेदारी

    जयपुर
    राजस्थान में प्रस्तावित पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकाय चुनावों से ठीक पहले भजनलाल शर्मा सरकार के कार्मिक विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) से अपनी द्वितीय चरण की पेशेवर ट्रेनिंग पूरी कर लौटे 2024 बैच के 13 नए आईएएस (IAS) अफसरों को राजस्थान में उनकी पहली फील्ड पोस्टिंग दे दी गई है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, इन युवा अफसरों को प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में 'विशेषाधिकारी' के पद पर तैनात किया गया है।

    खास बात यह है कि इस नई सूची में 7 महिला आईएएस अफसर शामिल हैं, जिन्हें राज्य के संवेदनशील जिलों में कमान सौंपी गई है।
    प्रदेश में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों को देखते हुए जिला स्तर पर निर्वाचन तंत्र को सुचारू बनाने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से इन युवा प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। चुनाव आयोग द्वारा तारीखों के ऐलान से पहले इन नियुक्तियों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    भजनलाल सरकार द्वारा जारी की गई नई तबादला व नियुक्ति सूची के तहत 2024 बैच के सभी 13 अफसरों को जिलों में तैनात किया गया है-

    सृष्टि डबास: विशेषाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, कोटा

    ऐश्वर्यम प्रजापति: विशेषाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, खैरथल-तिजारा

    मेधा आनंद: विशेषाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, भीलवाड़ा

    स्वाति: विशेषाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, बीकानेर

    राजपूत नेहा: विशेषाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, अजमेर

    मोहन लाल: विशेषाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, जोधपुर

    स्वींद्र मेघवाल: विशेषाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, चित्तौड़गढ़

    चौधरी बिरजू: विशेषाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, पाली

    अदिति यादव: विशेषाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, उदयपुर

    मृणाल कुमार: विशेषाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, जयपुर

    आराधना चौहान: विशेषाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, श्रीगंगानगर

    रोहित वर्मा: विशेषाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, जैसलमेर

    भानू शर्मा: एसडीओ (SDO) कार्यालय, जिला निर्वाचन अधिकारी, भरतपु

    7 महिला अफसरों का दबदबा
    इस नई पोस्टिंग लिस्ट में सबसे खास बात महिला अधिकारियों का दबदबा है। 13 अफसरों की इस टीम में 7 महिला आईएएस अफसर शामिल हैं। सृष्टि डबास, ऐश्वर्यम प्रजापति, मेधा आनंद, स्वाति, राजपूत नेहा, अदिति यादव और आराधना चौहान जैसी युवा अफसरों को कोटा, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर और श्रीगंगानगर जैसे बड़े जिलों में सीधे फील्ड पोस्टिंग देकर जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियों को मिलेगा बल
    राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने और पंचायती राज संस्थाओं की चुनाव तैयारियों के बीच जिला निर्वाचन कार्यालयों में अतिरिक्त अधिकारियों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

    जयपुर में मृणाल कुमार, जोधपुर में मोहन लाल और जैसलमेर में रोहित वर्मा की विशेषाधिकारी के रूप में तैनाती से मतदाता सूची के अद्यतनीकरण, संवेदनशील बूथों के भौतिक सत्यापन और चुनावी सामग्री के प्रबंधन जैसे कार्यों में तेजी आएगी। वहीं भरतपुर में भानू शर्मा को एसडीओ कार्यालय में जिला निर्वाचन अधिकारी के अधीन लगाया गया है।

    15 नवंबर 2026 से पूर्व राज्य में स्थानीय चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराए जाने की संभावनाओं के बीच इन नए अफसरों की फील्ड में मौजूदगी से प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह मुस्तैद रहेगी।

  • PMCH में बुजुर्गों-दिव्यांगों के लिए अलग OPD काउंटर शुरू, जांच और दवा में भी मिलेगी प्राथमिकता

    PMCH में बुजुर्गों-दिव्यांगों के लिए अलग OPD काउंटर शुरू, जांच और दवा में भी मिलेगी प्राथमिकता

    पटना
    पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए ओपीडी रजिस्ट्रेशन का अलग काउंटर सोमवार से शुरू हो गया है। पहले दिन लगभग छह सौ बुजुर्ग मरीजों और करीब 50 दिव्यांग मरीजों को इसका लाभ मिला। ओपीडी में दिखाने के लिए पहला काउंटर बुजुर्गों और दिव्यांग मरीजों के लिए आरक्षित कर दिया गया है।

    इस काउंटर पर सोमवार को अन्य मरीजों की पर्ची नहीं काटी गई। इसके साथ ही ओपीडी में भी बुजुर्ग मरीजों को प्राथमिकता देते हुए पहले चिकित्सकों से दिखाने की व्यवस्था की गई। दवा वितरण में भी बुजुर्ग को प्राथमिकता दी गई। इसको लेकर पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने पहले ही सभी विभागों को जानकारी दे दी थी।

    इसका असर ओपीडी पर्ची कटने से लेकर अन्य सभी व्यवस्थाओं में दिखा। बुजुर्ग मरीजों को लंबी कतार में नहीं लगना पड़ा। डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि बुजुर्ग मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पर्ची कटने वाले काउंटर पर ही विशेष व्यवस्था है। ओपीडी में तैनात डॉक्टर भी इस बात का ख्याल रखेंगे कि बुजुर्ग और लाचार मरीजों को इंतजार नहीं करना पड़े। इसके साथ ही दिव्यांग मरीजों के प्रति भी पीएमसीएच संवेदनशील है। ऐसे लोगों को दिक्कत नहीं हो, इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा। नई व्यवस्था में आम जनों का सहयोग अपेक्षित है।

    अल्ट्रासाउंड, रक्त जांच, एमआरआई में भी प्राथमिकता
    अल्ट्रासाउंड, रक्त जांच, एमआरआई, एक्सरे, सीटी स्कैन आदि जांचों में भी बुजुर्गों और दिव्यांग मरीजों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस संबंध में अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने सोमवार को आदेश जारी किया। उन्होंने बताया कि पर्ची कटने से लेकर दवा वितरण तक बुजुर्गों और दिव्यांग मरीजों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था सोमवार से शुरू कर दी गई है। अब रेडियोलॉजी में होने वाली सभी जांचों में भी उन्हें प्राथमिकता मिलेगी। इससे बुजुर्गों और दिव्यांग मरीजों का काम समय पर पूरा हो सकेगा और उन्हें लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

    दो दिन बाद खुला ओपीडी, अस्पतालों में भारी भीड़
    दो दिनों की छुट्टी के बाद सोमवार को अस्पतालों में मरीजों की भीड़ दिखी। सुबह से ही पर्ची काउंटर, ओपीडी और डॉक्टरों के कक्ष के बाहर मरीजों की कतार लगी रही। पीएमसीएच में तीन हजार, आईजीआईएमएस में चार हजार, एलएनजेपी में 11 सौ तो न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल में नौ सौ से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंचे।

  • अवैध निर्माण पर सख्ती, नगर निगम ने अधिकारियों को दिए कार्रवाई के निर्देश

    अवैध निर्माण पर सख्ती, नगर निगम ने अधिकारियों को दिए कार्रवाई के निर्देश

     यमुनानगर
    अवैध निर्माण, कब्जों, लाल डोरा क्षेत्र की संपत्तियों, 76 कॉलोनियों के नियमितीकरण तथा सीएम विंडो व जनसंवाद पोर्टल पर लंबित शिकायतों पर कार्रवाई करने को लेकर मंगलवार को नगर निगम कमिश्नर महाबीर प्रसाद ने अधिकारियों की बैठक ली।

    उन्होंने निर्देश दिए कि निगम क्षेत्र में होने वाले अवैध निर्माण और कब्जों पर लगातार निगरानी रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अवैध निर्माण की शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर जांच करें। अवैध निर्माण व कब्जे मिलने पर संबंधित के खिलाफ नोटिस जारी किए।

    नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर बिना देरी कार्रवाई सुनिश्चित करें। अवैध निर्माण को सील करने व तोड़ने की कार्रवाई करें। उन्होंने लाल डोरा क्षेत्र की संपत्तियों से संबंधित प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

    अधिकारियों को कहा गया कि पात्र लोगों के मामलों का रिकॉर्ड जांच कर आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। मौके पर कार्यकारी अधिकारी जरनैल सिंह, एडीए भव्य गोयल, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी अजय वालिया, जितेंद्र मल्होत्रा, रघुबीर सिंह, प्लानिंग एक्सपर्ट आशीष सांगवान, सहायक अभियंता मुनेश्वर भारद्वाज, मृणाल जायसवाल, राजेश शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक हरजीत सिंह व अन्य उपस्थित रहे।

    कॉलोनी सीमा निर्धारण के लिए पार्षद की मौजूदगी में करें सर्वे
    बैठक के दौरान वर्ष 1996 में तकनीकी त्रुटि के चलते अनअप्रूव्ड की श्रेणी में रह गईं 76 कॉलोनियों के नियमितीकरण व सीमा निर्धारण को लेकर किए जा रहे सर्वे के बारे में भी निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने अधिकारियों से अपडेट ली, साथ ही सर्वे में आ रही परेशानियों के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि सर्वे में कुछ कॉलोनीवासी सहयोग नहीं कर रहे है।