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  • राष्ट्रसेवी स्व. अशोक सिंहल की सेवाएं याद रखी जाएंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राष्ट्रसेवी स्व. अशोक सिंहल की सेवाएं याद रखी जाएंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राष्ट्रसेवी स्व. अशोक सिंहल की सेवाएं याद रखी जाएंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    स्व. सिंहल के जन्म शताब्दी वर्ष आयोजन और परिषद के सामाजिक समरसता कार्यक्रम में राज्य सरकार करेगी सहयोग

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रसेवी, विश्व हिंदू परिषद के शीर्ष नेता और सामाजिक समरसता, एकात्मकता की भावना सशक्त बनाने वाले स्व. अशोक सिंहल की सेवाएं सदैव याद रखी जाएंगी। मध्यप्रदेश सरकार विश्व हिंदू परिषद को स्व. सिंहल के जन्म शताब्दी वर्ष के आयोजन और सामाजिक समरसता कार्यक्रम के लिए समुचित सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नए रविन्द्र भवन सभाकक्ष में परिषद के पुरोधा और राष्ट्रवादी विचारधारा के वरिष्ठ नेता स्व. अशोक सिंहल के जन्म शताब्दी समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सिंहल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी राष्ट्रसेवा और सुशासन के लिए आशीर्वाद दिया था।  जब हमारा राष्ट्र विभिन्न सामाजिक विसंगतियों से जूझ रहा था और एक समरस वातावरण की आवश्यकता थी, तब स्व. अशोक सिंहल ने एकात्मकता के भाव को सशक्त बनाने के ठोस प्रयास किए। भारतीय संस्कृति, राष्ट्रनीति और जातिगत सद्भाव को बढ़ाने में राष्ट्र के नागरिकों ने भी पूरा सहयोग दिया। आज  धारा 370 की समाप्ति और आतंकवाद, नक्सलवाद की समाप्ति जैसे कार्य हुए हैं। देश में तीव्र विकास का वातावरण बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान की अवधारणा को जमीन पर उतारते हुए समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल की गई। इसमें सभी समुदायों का व्यापक समर्थन मिला है।

    गौशालाओं को सहयोग, उन्नत नस्ल की बछिया देंगे, मथुरा में भगवान कृष्ण मुस्कराएंगे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में घर-घर गोपाल का विचार लोकप्रिय हो रहा है। बड़ी गोशालाओं की स्थापना, शहरों में कांजी हाउस समाप्त कर देखभाल केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। वृद्ध गोवंश के लिए आहार की व्यवस्था की गई है। पंचायत स्तर तक गौपालक और गोवंश संरक्षण का कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष उन्नत नस्ल की देसी बछिया वितरित करने का लक्ष्य है। गिर नस्ल के पशुधन से दूध के उत्पादन को बढ़ाने में सफलता मिलेगी। किसानों और पशुपालकों को इस समृद्धि का लाभ मिलेगा।  अयोध्या में भगवान राम मुस्करा रहे हैं। आने वाले समय में मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण मुस्कराएंगे। प्रदेश में जन्माष्टमी और गोवर्धन जयंती जैसे तीज त्यौहार मिलजुल कर मनाए जा रहे हैं।

    कार्यक्रम को रामप्रवेश देवाचार्य महाराज, गुफा मंदिर धाम, भोपाल और सुदेश शांडिल्य महाराज पीठाधीश्वर करुणाधाम आश्रम,विनायक राव देशपांडे, केंद्रीय सह संगठन महामंत्री,  चौधरी ओ.पी. गोदिया, राष्ट्रीय कार्यवाह अध्यक्ष, वाल्मीकि महासभा  और स्व. सिंहल के निकट सहयोगी परिषद के पूर्व पदाधिकारी और म.प्र. वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने संबोधित किया। कार्यक्रम में अशोक पांडे प्रान्त संघ संचालक, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पूज्य बुद्ध भूषण भदंत, रानी कमलापति बुद्ध विहार, विधायक रामेश्वर शर्मा के अलावा भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय भी उपस्थित थीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगठनों के पदाधिकारी और नागरिक मौजूद थे।

     

  • IND vs AFG: बारिश ने धोया मुकाबला, टीम इंडिया सेमीफाइनल में पहुंची

    IND vs AFG: बारिश ने धोया मुकाबला, टीम इंडिया सेमीफाइनल में पहुंची

     निशिन

    आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 की मेन्स क्रिकेट प्रतियोगिता में सोमवार (28 सितंबर) को भारतीय टीम का क्वार्टर फाइनल में सामना अफगानिस्तान से होना था. लेकिन बारिश और गीली आउटफील्ड ने पूरा खेल बिगाड़ दिया. निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में होने वाले इस मुकाबले को बिना टॉस कराए ही रद्द करना पड़ा। 

    इसी के साथ ही भारतीय मेन्स क्रिकेट टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई. भारतीय टीम बेहतर रैंकिंग के आधार पर सेमीफाइनल में पहुंची है. बता दें कि भारत आईसीसी की टी20 रैंकिंग में पहले और अफगानिस्तान 10वें नंबर पर है. भारतीय टीम 1 अक्टूबर को इसी मैदान पर सेमीफाइनल मुकाबला खेलेगी। 

    भारत का किससे होगा सेमीफाइनल?
    सेमीफाइनल में भारतीय टीम का सामना श्रीलंका और नेपाल के बीच होने वाले तीसरे क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा. इससे पहले पाकिस्तान और हॉन्ग कॉन्ग का भी क्वार्टर फाइनल मैच धुल गया था, जिसके चलते पाकिस्तानी टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई थी. पाकिस्तानी टीम सेमीफाइनल में बांग्लादेश या मलेशिया से खेलेगी। 

    बता दें कि भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश को सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली थी. वहीं नेपाल, जापान, अफगानिस्तान, हॉन्ग कॉन्ग, मलेशिया और ओमान को ग्रुप मुकाबले खेलने पड़े थे. ग्रुप-ए से नेपाल और अफगानिस्तान ने क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था. वहीं ग्रुप-बी से मलेशिया और हॉन्ग कॉन्ग ने अंतिम-8 में जगह बनाई थी। 

    एशियन गेम्स में मेन्स क्रिकेट मैचों के शेड्यूल
    28 सितंबर- पाकिस्तान बनाम हॉन्ग कॉन्ग, बेनतीजा
    28 सितंबर- भारत बनाम अफगानिस्तान,
    29 सितंबर- श्रीलंका बनाम नेपाल, सुबह 5.30 बजे
    29 सितंबर- बांग्लादेश बनाम मलेशिया, सुबह 10.00 बजे
    1 अक्टूबर- पहला सेमीफाइनल (पाकिस्तान vs TBC), सुबह 5.30 बजे
    1 अक्टूबर- दूसरा सेमीफाइनल (भारत vs TBC), सुबह 10.00 बजे
    3 अक्टूबर- ब्रॉन्ज मेडल मैच, सुबह 5.30 बजे
    3 अक्टूबर- फाइनल (गोल्ड मेडल मैच), सुबह 10.00 बजे

    अफगानिस्तान का स्क्वॉड: मोहम्मद अकरम, हसन ईसाखिल, करीम जनत, फैसल शिनोजादा, नजीबुल्लाह जादरान, मोहम्मद इशाक (विकेटकीपर), दरविश रसूली (कप्तान), नांगेयालिया खरोटी, अब्दुल्ला अहमदजई, फरीदून दाऊदजई, अरब गुल, इस्मत आलम, फरमानुल्लाह सफी, खालिद तानिवाल और इमरान मीर.

    भारत का स्क्वॉड: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, जसप्रित बुमरा, वॉशिंगटन सुंदर, यश ठाकुर, वैभव सूर्यवंशी और विप्रज निगम.

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खुद अपने पैतृक मकान पर गेती चलाकर सिंहस्थ के लिए सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए प्रस्तुत किया अद्वितीय उदाहरण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खुद अपने पैतृक मकान पर गेती चलाकर सिंहस्थ के लिए सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए प्रस्तुत किया अद्वितीय उदाहरण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खुद अपने पैतृक मकान पर गेती चलाकर सिंहस्थ के लिए सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए प्रस्तुत किया अद्वितीय उदाहरण

    उज्जैन में खजूर वाली मस्जिद से लेकर जीवाजीगंज थाने तक 32 फ़ीट चौड़ी होगी रोड
    उज्जैनवासियों ने अपना मकान खुद पीछे हटाकर दी अनुकरणीय मिसाल

    उज्जैन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन शहर के अब्दालपुरा क्षेत्र के के मूल निवासी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को अब्दालपुरा स्थित अपने पैतृक मकान में खुद गेती चलाकर सिंहस्थ 2028 के लिए शहर में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य में एक अनूठी मिसाल कायम की है। अब्दालपुरा का मकान नं. 180 एक तरह से उज्जैन के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए हो रहे कार्यों की एक बड़ी मिसाल बनकर उभरा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार सुबह 10 बजे अब्दालपुरा पहुंचे और विधिवत पूजा-अर्चना कर सड़क चौड़ीकरण कार्य की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने खुद के पैतृक मकान पर गेती चलाई और सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए यह निजी मकान तोड़ने की शुरुआत की।

    हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक बना अब्दालपुरा

    अब्दालपुरा उज्जैन शहर की बहुत पुरानी बस्ती है। यहां पर एक तरफ खजूर वाली मस्जिद है और दूसरे छोर पर जीवाजीगंज थाना है। इसके बीच के 272 मकानों में अधिकांश मकान हिंदू, मुसलमान और बोहरा समुदाय के हैं। यहां सड़क चौड़ीकरण में प्रत्येक समुदाय के लोग खुशी-खुशी इस अभियान से जुड़कर खुद ही अपना मकान तोड़ने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं। उज्जैन शहर में हो रहे अनेक आवागमन मार्गों के चौड़ीकरण में यह मार्ग शहरवासियों को विकास में सहभागी बनने की प्रेरणा दे रहा है। यहां के कादर भाई कहते हैं कि सड़क चौड़ीकरण से उनकी सालों पुरानी इच्छा पूरी होने जा रही है। इस सड़क से वाहन निकलना मुश्किल था। अब आवागमन आसान होगा। वे कहते हैं कि इस इलाके में सभी मकानों की चौड़ाई चाहे कम-ज्यादा हो, लेकिन दिलों की गहराई काफी है। इस मार्ग के दोनों तरफ रहने वाले रहवासी सड़क चौड़ीकरण के लिए सहर्ष जगह देने को तैयार हैं। किसी को कोई आपत्ति नहीं है। हर व्यक्ति इस काम में अपनी सहभागिता कर रहा है। मुख्यमंत्री के निजी मकान के पड़ोसी पवन पांचाल कहते हैं कि यह चौड़ीकरण इस क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा। सड़क चौड़ी होने के बाद यहां बनने वाले मकानों और दुकानों की वैल्यू बढ़ जाएगी और व्यापार-व्यवसाय भी बढ़ेगा, रोज़ का आवागमन तो सुगम होगा ही

    सड़क के दूसरी तरफ मुख्यमंत्री डॉ.यादव की बहन एवं नगर निगम उज्जैन की सभापति श्रीमती कलवाती यादव का मकान है। यह मकान भी सड़क चौड़ीकरण की ज़द में आ रहा है। इसी लाइन में दूध की दुकान चला रहे नरेन्द्र जैन कहते हैं कि सड़क चौड़ीकरण में मुख्यमंत्री और उनके परिवार का मकान भी टूटने से शहर में यह सन्देश जा रहा है कि यहां कोई खास नहीं है। आम हों या ख़ास, महाकाल की नगरी में सब बराबर हैं। सिंहस्थ के कामों में सभी सहभागी बन रहे हैं। सभी के मकान एक लाइन से और समान लंबाई में टूट रहे हैं। इसी गली में रहने वाले पूर्व पार्षद जगदीश पांचाल कहते हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकसित उज्जैन का सपना साकार कर रहे हैं। इससे न केवल उज्जैन की तस्वीर बदलेगी, बल्कि सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों लोगों के आवागमन और उनके अच्छे प्रवास की सुविधाएं विकसित होंगी।

    जनहित को समर्पित व्यक्तित्व

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ 2028 के लिए जारी विकास एवं निर्माण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उज्जैन स्थित अपना पैतृक निवास एवं जन्म स्थान को जनहित के लिए समर्पित कर दिया। धर्मनगरी उज्जैन के विकास और लोक कल्याण के प्रति उनका यह समर्पण सेवा, संवेदनशीलता और जनहित के लिए व्यक्तिगत प्रतिबद्धता का प्रेरणादायी उदाहरण है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के लोगों ने विकास कार्यों में सहभागी बनकर ख़ुद अपना मकान तोड़ने में सहयोग दिया, ये एक आदर्श उदाहरण है। उज्जैन की आबादी 8 लाख है, लेकिन सिंहस्थ में यहां 40 करोड़ से अधिक लोगों के आने की संभावना है। सिंहस्थ के लिए सबने बहुत योगदान दिया है। उन सभी का धन्यवाद, जिन्होंने बिना भेदभाव के, नि: संकोच सिंहस्थ आयोजन के लिए अपने देवस्थान (पूजा स्थल) तक पीछे कर लिए। यही उज्जैन के लोगों का आदर्श है, इसी से सरकार पर भरोसा बनता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ की तैयारी और नगर सौंदर्यीकरण के लिए उज्जैन के रहवासी स्वेच्छा से अपने पुश्तैनी घरों को तोड़कर सड़क चौड़ीकरण में प्रशासन की सहायता कर रहे हैं। उनका यह योगदान अभिनंदनीय है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में रविवार की सुबह एक निजी न्यूज़ चैनल द्वारा राज्य स्तरीय मैराथन का आयोजन किया गया। सुबह की सैर और व्यायाम स्वस्थ शरीर के लिए महत्वपूर्ण है। बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में मैराथन दौड़ प्रेरणादायी कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मैराथन में सम्मिलित होने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि दशहरा मैदान में आयोजित मैराथन में सहभागिता की तथा झंडी दिखाकर इसका शुभारंभ किया। प्रतिभागियों के साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया तथा नागरिकजनों को नियमित योग एवं व्यायाम को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा शरीर परमात्मा का अनमोल प्रसाद है, जिसमें जीवन के अनेक रहस्य समाहित हैं। योग और आत्मचिंतन के माध्यम से हम अपने शरीर और जीवन को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। महाकाल की नगरी उज्जैन में प्रत्येक श्वास हमें जीवन और परमात्मा की उपस्थिति का अहसास कराती है। जन्म और मृत्यु जीवन का शाश्वत सत्य हैं, इसलिए हमें स्वस्थ, सक्रिय और सकारात्मक जीवन जीने का संकल्प लेना चाहिए। मैराथन में सहभागिता करने वाले सभी प्रतिभागियों का अभिनंदन है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी परमात्मा की कृपा से शिव और विष्णु तत्व के आधार पर सृष्टि के पिंड रूप में आए हैं। पेड़ों से हमें ऑक्सीजन मिलता है और हमसे कार्बन डाई ऑक्साइड लेता है, ये प्रकृति के साथ हमारे संबंध का हिस्सा है। हमें पौधारोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक रहना होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पितृपक्ष आरम्भ हो गये हैं, हमारी ज़िम्मेदारी बनती है कि अपने पितरों का आवाह्न कर उन सबके प्रति आत्मीय कृतज्ञता व्यक्त करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब मैं पहली बार साइंस कॉलेज से चुनाव जीतकर आया, तब जॉइंट सेक्रेटरी का चुनाव लड़ा, फिर प्रेसिडेंट का चुनाव लड़ा और उसके बाद भी जब-जब चुनाव लड़ा, हर चुनाव में मेरे सामने एक बात रही। आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए हमें अपने आचरण और कार्यों से उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस दृष्टि से हम सबके समक्ष एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। वे व्यक्तिगत हितों से नितान्त परे रहकर नियम, कानून और सुशासन के लिए आवश्यक सभी विषयों को विशेष प्राथमिकता देते हैं। उनके सार्वजनिक जीवन से हम सबको बहुत कुछ सीखने को मिलता है।

     

  • Stock Market Crash: खुलते ही शेयर बाजार में हाहाकार, निफ्टी 23,000 के नीचे

    Stock Market Crash: खुलते ही शेयर बाजार में हाहाकार, निफ्टी 23,000 के नीचे

    मुंबई 

     घरेलू शेयर बाजार के लिए हफ्ते का पहला दिन बेहद खराब साबित हुआ. सोमवार 28 सितंबर को बाजार खुलते ही निवेशकों को तगड़ा झटका लगा. सेंसेक्स शुरुआती मिनटों में ही 850 अंक से ज्यादा नीचे लुढ़क गया. इसकी सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग मानी जा रही है. दरअसल अमेरिका ईरान के बीच चल रही तनातनी से कच्चे तेल का भाव 106 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। 

    कच्चे तेल में लगी आग का असर
    ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है. ब्रेंट फ्यूचर्स 2.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 106.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. इस महीने में अब तक इसकी कीमतों में लगभग 18 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हो चुकी है. वहीं अमेरिकी क्रूड फ्यूचर्स भी 1.5 प्रतिशत बढ़कर 93.84 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. कच्चे तेल के इस उबाल ने सीधे तौर पर भारतीय शेयर बाजार का सेंटीमेंट बिगाड़ दिया. सोमवार सुबह गिफ्ट निफ्टी 23,111 अंकों पर था, जिससे साफ हो गया था कि बाजार की शुरुआत बहुत सुस्त रहने वाली है. जैसे ही 9:15 बजे ट्रेडिंग शुरू हुई, हालात तेजी से बिगड़े. महज दो मिनट के भीतर 9:17 बजे सेंसेक्स 512 अंक टूटकर 73,383.70 पर आ गया. गिरावट का ये सिलसिला यहीं नहीं थमा, बल्कि 9:40 बजे तक सेंसेक्स 870 अंक का गोता लगा चुका था। 

    अमेरिका ईरान के बीच बढ़ा तनाव
    बाजार में मची इस तबाही के पीछे वैश्विक टेंशन मुख्य कारण है. अमेरिका ईरान के बीच शांति वार्ता फिलहाल पूरी तरह से अधर में लटक गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हरमुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के ईरानी प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. ट्रंप का कहना है कि ईरान सिर्फ समझौता करने के लिए बेताब है. वहीं ईरान का स्पष्ट रुख है कि इस विवाद को केवल कूटनीति से सुलझाया जा सकता है. मध्य पूर्व में हालात तब से ज्यादा खराब हैं जब फरवरी के अंत में अमेरिका इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमले किए थे. इस युद्ध ने तेल बाजार को पूरी तरह से अनिश्चितता में धकेल दिया है। 

    बाजार खुलते ही Sensex-Nifty में तेज गिरावट
    सोमवार को कारोबार की शुरुआत कमजोर रही। BSE Sensex शुक्रवार के 73,895.74 के स्तर से 73,734 के आसपास खुला और शुरुआती कारोबार में गिरावट बढ़ गई। कुछ ही देर में सेंसेक्स 73,000 के स्तर से नीचे चला गया और करीब 850 अंक तक फिसलता दिखाई दिया।

    NSE Nifty 50 भी दबाव में रहा। शुक्रवार को 23,140.50 पर बंद हुआ निफ्टी सोमवार को 23,000 के नीचे चला गया। शुरुआती कारोबार में इंडेक्स करीब 22,900 के आसपास कारोबार करता नजर आया।

    बैंकिंग और IT शेयरों पर भी दबाव
    बाजार में बिकवाली का असर कई प्रमुख सेक्टरों में दिखाई दिया। बैंकिंग और आईटी शेयरों में दबाव ने प्रमुख इंडेक्स की गिरावट को और बढ़ाया। इससे पहले भी बाजार में लगातार कमजोरी के बीच विदेशी निवेशकों की बिकवाली और महंगे कच्चे तेल को प्रमुख चिंता के तौर पर देखा जा रहा था।

    आपके मूल ड्राफ्ट में दिए गए ₹6 लाख करोड़ से ज्यादा मार्केट-कैप घटने के आंकड़े को प्रकाशित करने से पहले उसी समय के BSE market-cap डेटा से दोबारा मिलाना बेहतर रहेगा, क्योंकि शुरुआती कारोबार में यह आंकड़ा लगातार बदलता है।

    क्यों गिर रहा है शेयर बाजार?
    बाजार की ताजा गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजहों में अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल शामिल है। सोमवार को रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की उस पहल को खारिज कर दिया, जिसमें संघर्ष खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का प्रस्ताव शामिल था। इसके बाद तेल बाजार में फिर दबाव बढ़ा।

    Brent crude शुरुआती कारोबार में करीब $106 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। भारत के लिए महंगा कच्चा तेल चिंता का विषय है, क्योंकि इससे आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।

    विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बनी चिंता
    भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी सेंटीमेंट पर असर डाल रही है। 25 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने करीब ₹3,693.93 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब ₹2,838 करोड़ की खरीदारी की थी। सितंबर में अब तक FII की बिकवाली भी काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है।

    इससे पहले 25 सितंबर को खत्म सप्ताह में Sensex 0.54% और Nifty 0.88% नीचे रहा था। दोनों बेंचमार्क लगातार सातवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुए थे।

    विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
    बाजार को कमजोर करने में विदेशी निवेशकों (FII) का भी बड़ा हाथ है. विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं. आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने 36.94 अरब रुपये (385.54 मिलियन डॉलर) के शेयर बेचे. इस महीने अब तक उन्होंने 1.8 अरब डॉलर की निकासी कर ली है. अगर इस पूरे साल की बात करें तो ये आंकड़ा 25.86 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है. इसी भारी बिकवाली की वजह से निफ्टी 50 व बीएसई सेंसेक्स लगातार सात सत्रों तक गिरे थे, जो रिकॉर्ड पर उनकी सबसे लंबी गिरावट में से एक है। 

    शुक्रवार की तेजी पर फिरा पानी
    सोमवार की इस भारी गिरावट ने शुक्रवार की रिकवरी को पूरी तरह से धो दिया. पिछले हफ्ते शुक्रवार को बाजार में थोड़ी राहत देखने को मिली थी. तब बैंकिंग, ऑटो, गैस शेयरों में खरीदारी के दम पर सेंसेक्स 315.20 अंक चढ़कर 73,895.74 पर बंद हुआ था. उस दिन निफ्टी ने भी 77.40 अंकों की छलांग लगाई थी. शुक्रवार को एक्सिस बैंक, महिंद्रा, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस जैसे शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई थी. इनमें एक्सिस बैंक सबसे ज्यादा 2.82 प्रतिशत चढ़ा था. लेकिन सोमवार को खुलते ही इस सारी बढ़त पर पानी फिर गया. निवेशकों का भरोसा डगमगाया हुआ है, जिससे बाजार में आगे भी काफी उतार-चढ़ाव रहने की आशंका बनी हुई है। 

  • अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए समाज को एकजुट करने में अशोक सिंघल जी का योगदान अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए समाज को एकजुट करने में अशोक सिंघल जी का योगदान अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए समाज को एकजुट करने में अशोक सिंघल जी का योगदान अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित निरंजन धर्मशाला में अशोक सिंघल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने अशोक सिंघल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा समाज, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान का स्मरण करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

    मुख्यमंत्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का संपूर्ण जीवन समाज को संगठित करने, सनातन संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय स्वाभिमान को सुदृढ़ करने के लिए समर्पित रहा। वे कुशल संगठनकर्ता थे और समाज की सामूहिक शक्ति पर उनका अटूट विश्वास था। उन्होंने अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने तथा भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों के प्रति चेतना जागृत करने का कार्य किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण की आकांक्षा को व्यापक जनभावना से जोड़ने और इसके लिए समाज को एकजुट करने में श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आज अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम अपने भव्य मंदिर में विराजमान हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे अनेक पीढ़ियों का संघर्ष, तप, त्याग और समर्पण जुड़ा हुआ है। श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का योगदान भी इस यात्रा का महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के मूल्यों के प्रति समाज में जागरूकता और स्वाभिमान का भाव सुदृढ़ करने के लिए जीवनपर्यंत कार्य किया।

    प्रभु श्रीराम और छत्तीसगढ़ का संबंध अत्यंत आत्मीय : मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम से छत्तीसगढ़ का संबंध केवल आस्था का नहीं, बल्कि अत्यंत गहरा और आत्मीय है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की भूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। वनवास काल में प्रभु श्रीराम ने लंबा समय छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर व्यतीत किया। माता शबरी की अनन्य भक्ति से जुड़ी शिवरीनारायण की धरती सहित प्रदेश के अनेक स्थान आज भी रामायणकालीन स्मृतियों और जनआस्था को संजोए हुए हैं।

    उन्होंने कहा कि इसी आत्मीय संबंध के कारण अयोध्या में प्रभु श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा का अवसर छत्तीसगढ़ के लिए भी विशेष भावनात्मक महत्व रखता था। उस समय पूरे प्रदेश में उत्सव और उल्लास का वातावरण था। छत्तीसगढ़ से 11 ट्रक सुगंधित चावल अयोध्या भेजकर प्रदेशवासियों ने अपनी श्रद्धा अर्पित की थी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेशवासियों की इसी आस्था को ध्यान में रखते हुए रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की है। योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से रामलला के दर्शन कर चुके हैं और यह क्रम निरंतर जारी है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का जन्म शताब्दी वर्ष उनके विराट व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को उनके जीवन से परिचित कराने का महत्वपूर्ण अवसर है। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि दृढ़ संकल्प, संगठन और समाज के प्रति समर्पण के माध्यम से व्यापक परिवर्तन की दिशा में कार्य किया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अशोक सिंघल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के तीन दिवसीय समारोह का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की धरती से होना प्रदेशवासियों के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित संतों को नमन करते हुए कहा कि संतों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन सदैव समाज को सही दिशा प्रदान करता है।

    इस अवसर पर संत परमात्मानंद जी महाराज, संत युधिष्ठिर लाल जी, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा,  अम्बरीश , टोपलाल वर्मा, राजाराम, कुलवंत सिंह सैनी सहित संतगण,  देश-विदेश से आए पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • SIR और चुनाव आयोग पर बैठक से पहले अखिलेश का बड़ा बयान, 30 सितंबर को नहीं पहुंचेंगे दिल्ली

    SIR और चुनाव आयोग पर बैठक से पहले अखिलेश का बड़ा बयान, 30 सितंबर को नहीं पहुंचेंगे दिल्ली

     नई दिल्ली
    30 सितंबर को नई दिल्ली में इंडिया-गठबंधन की बैठक होने वाली है। इस बैठक में विपक्ष के कई दल शामिल होंगे, लेकिन सपा मुखिया अखिलेश यादव इस मीटिंग में नहीं जाएंगे। अखिलेश यादव ने खुद मीटिंग में नही शामिल होने की बात कही है। उन्होंने कहा, इस संबंध में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भी बता दिया है। बतादें कि इंडिया गठंधन निर्वाचन आयोग की कार्य प्रणाली और एसआईआर से जुड़ी चिंताओं तथा कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए 30 सितंबर को यहां बैठक कर सकते हैं। बैठक में कांग्रेस, माकपा, भाकपा और भाकपा (माले)-लिबरेशन ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

    लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने इंडिया-गठबंधन की मीटिंग में शामिल होने को लेकर कहा, वह 30 सितंबर को किसी दूसरे काम में बिजी रहेंगे। इस वजह से इंडिया-गठबंधन की मीटिंग में शामिल नहीं हो पाएंगे। उदनकी जगह सपा के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस संबंध में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात हो गई है। गठबंधन को लेकर सपा-कांग्रेस नेताओं के बयानबाजी को लेकर अखिलेश यादव ने कहा, ये रणनीति का हिस्सा है। इस दौरान अखिलेश यादव ने सीएम योगी और भाजपा पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, अगर चुनाव आयोग किसी घोटाले में शामिल है और मुख्यमंत्री आयोग के समर्थन में बोल रहे हैं, तो इसका मतलब है कि मुख्यमंत्री खुद उस घोटाले में शामिल हैं। पूरी BJP उस घोटाले में शामिल है।

    जिन्होंने 2019 में वोट दिया है वह 2022 में वोट नहीं डाल पाए
    अखिलेश ने आरोप लगाया, जिन लोगों ने 2019 में वोट दिया था, उन्हें 2022 में वोट नहीं देने दिया गया। बिना किसी सूचना के और बिना किसी नियम या कानून का पालन किए। अखिलेश ने आरोप लगाया कि उपचुनावों के दौरान, सड़कों को ब्लॉक करके और सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मियों के ज़रिए वोटरों को पोलिंग बूथ तक पहुंचने से रोका गया। चल रही SIR प्रक्रिया पर सपा मुखिया ने आरोप लगाया कि यूपी में 'फॉर्म 7' का गलत इस्तेमाल किया गया है, जिसके ज़रिए लोग वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया, BJP ने एक प्राइवेट कंपनी को काम पर रखा और उन्हें गांव-गांव भेजकर 'फॉर्म 7' के आवेदन भरवाए। क्या आपको लगता है कि लोगों ने गांवों में ये फॉर्म खुद छापे थे? उन्होंने कहा, लखनऊ में एक ही व्यक्ति ने 'फॉर्म 7' के 100 से ज़्यादा आवेदन भरे, जबकि नियम के मुताबिक एक हस्ताक्षर से पाँच से ज़्यादा फ़ॉर्म नहीं भरे जा सकते। नतीजतन, 100 से ज़्यादा वोट हटा दिए गए।

    चुनाव आयोग पर भी अखिलेश ने बोला हमला
    अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर भी हमला बोला। आरोप लगाया, यह आसान सी बात है: चुनाव आयोग, अपनी विश्वसनीयता बनाए रखे। किसी के इशारे पर काम न करे। आपके सामने अनगिनत उदाहरण हैं। हमारे लोगों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं। शिकायतों का अंबार लगा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अगर आयोग ने कार्रवाई की होती, तो उसकी विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठता। विकास के मुद्दों पर, यादव ने गोरखपुर में जलभराव से निपटने के राज्य सरकार के तरीके की आलोचना की और कहा कि बाढ़ के दौरान शहर में नावों के बजाय मेट्रो सिस्टम होना चाहिए था। उन्होंने कहा, लोग नावों के इस्तेमाल की बात कर रहे हैं। गोरखपुर में नावों का इस्तेमाल क्यों होना चाहिए? यहाँ मेट्रो चलनी चाहिए थी। इसके बजाय, वहाँ नावें चल रही हैं। यादव ने आरोप लगाया कि प्रयागराज और वाराणसी के विकास पर भारी रकम खर्च की गई, लेकिन वादे के मुताबिक नतीजे नहीं मिले।

  • अमेरिका जाने वालों के लिए बढ़ी मुश्किल, US विजिटर वीजा इंटरव्यू के लिए 12 महीने तक इंतजार

    अमेरिका जाने वालों के लिए बढ़ी मुश्किल, US विजिटर वीजा इंटरव्यू के लिए 12 महीने तक इंतजार

    नई दिल्ली
    अमेरिका घूमने, कारोबार या रिश्तेदारों से मिलने की योजना बना रहे भारतीय यात्रियों के लिए वीजा अपॉइंटमेंट को लेकर बड़ी चुनौती सामने आई है। US विजिटर वीजा के लिए पहली बार आवेदन करने वालों को प्रमुख भारतीय शहरों में इंटरव्यू स्लॉट के लिए कई महीनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग के ब्यूरो ऑफ कॉन्सुलर अफेयर्स (Bureau of Consular Affairs) के ताजा वेट-टाइम डाटा के अनुसार, कुछ जगहों पर अगला उपलब्ध स्लॉट करीब एक साल दूर है। ऐसे में यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए वीजा प्रॉसेस को काफी पहले शुरू करना जरूरी हो गया है।

    हैदराबाद के लोगों के लिए सबसे लंबा इंतजार
    पहली बार आवेदन करने वालों के लिए सबसे लंबा इंतजार हैदराबाद में दर्ज किया गया है, जहां अगला उपलब्ध इंटरव्यू स्लॉट करीब 12 महीने बाद मिल रहा है। मुंबई में यह इंतजार लगभग 11.5 महीने और नई दिल्ली में करीब 10 महीने है। चेन्नई में आवेदकों को लगभग 7.5 महीने इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कोलकाता में करीब 6.5 महीने का वेटिंग टाइम है, यानी शहर के आधार पर US विजिटर वीजा के लिए अपॉइंटमेंट मिलने में काफी अंतर है।

    कहां कितना वेटिंग पीरियड?
    US में छुट्टी मनाने जाने वाले पर्यटक और बिजनेस विजिट पर जाने वाले लोगों के लिए सामान्यतः B1/B2 विजिटर वीजा कैटेगिरी लागू होती है। इसी वजह से कॉर्पोरेट मीटिंग, बिजनेस इवेंट या ट्रेड समिट के लिए जाने वाले लोगों और घूमने या परिवार से मिलने जाने वाले यात्रियों के लिए इंटरव्यू स्लॉट की यही साझा व्यवस्था है। अमेरिकी विदेश विभाग के रेट्रोस्पेक्टिव डाटा में भी पिछले महीने इंटरव्यू पूरा करने वाले आवेदकों के वास्तविक औसत वेटिंग पीरियड में हैदराबाद 11.5 महीने, मुंबई 11 महीने, नई दिल्ली 7.5 महीने, चेन्नई 7 महीने और कोलकाता 6 महीने रहा।

    स्टूडेंट और वर्क वीजा के लिए स्थिति अलग
    विजिटर वीजा की तुलना में स्टूडेंट और वर्क वीजा के लिए स्थिति अपेक्षाकृत अलग है। स्टूडेंट और एक्सचेंज विजिटर वीजा के लिए चेन्नई में दो सप्ताह से भी कम, हैदराबाद में करीब 1.5 महीने, नई दिल्ली और कोलकाता में लगभग दो महीने व मुंबई में करीब 2.5 महीने का इंतजार बताया गया है। पिटीशन-बेस्ड टेंपररी वर्क वीजा के मामले में हैदराबाद में लगभग 5.5 महीने का इंतजार है, जबकि नई दिल्ली में तीन महीने, चेन्नई और मुंबई में करीब 1.5 महीने और कोलकाता में लगभग एक महीने का समय है।

    हालांकि, ये वेटिंग टाइम किसी निश्चित अपॉइंटमेंट की गारंटी नहीं हैं। अमेरिकी दूतावास और कॉन्सुलेट समय-समय पर नए इंटरव्यू स्लॉट खोलते हैं और कैंसिल हुए अपॉइंटमेंट भी दोबारा उपलब्ध हो सकते हैं। इसलिए जिन यात्रियों को दूर की तारीख मिली है, वे नियमित रूप से वीजा पोर्टल पर स्लॉट चेक करके पहले की तारीख मिलने पर बिना अतिरिक्त शुल्क के रीशेड्यूल कर सकते हैं।

    यह लंबा इंतजार मुख्य रूप से उन आवेदकों के लिए है, जिन्हें इन-पर्सन इंटरव्यू देना जरूरी है। वहीं, मौजूदा वीजा को एलिजिबल एप्लीकेंट्स के लिए रिन्वेल या इंटरव्यू-वेवर प्रॉसेस के तहत रिनोवेटेड कराने वालों की स्थिति अलग है। ऐसे मामलों में पासपोर्ट वापस मिलने में लगभग दो से 6 सप्ताह लग सकते हैं। इसलिए, अमेरिका जाने की योजना बना रहे नए आवेदकों को यात्रा की तारीख तय करने से पहले अपने शहर का मौजूदा वेटिंग टाइम जरूर चेक कर लेना चाहिए।

     

  • होर्मुज में ईरान ने पकड़ा अमेरिकी अंडरवॉटर ड्रोन, REMUS 600 को बनाया कब्जे में

    होर्मुज में ईरान ने पकड़ा अमेरिकी अंडरवॉटर ड्रोन, REMUS 600 को बनाया कब्जे में

    तेहरान
    ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना के एक ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (ड्रोन पनडुब्बी) को पकड़ा है। इसका नाम REMUS 600 ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल है। यह होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के बिछाए बारूदी सुरंगों का पता लगा रही थी। इस दौरान ईरानी नौसेना ने उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया और उसे वापस लौटने से पहले पकड़ लिया। इसे अमेरिकी नौसेना के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है। इससे होर्मुज को वैश्विक नौवहन के लिए खोलने के अमेरिका की कोशिशों पर भी पानी फिर सकता है।

    अमेरिकी नौसेना का 'रेमस 600' ईरान के कब्जे में
    ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का कहना है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका के एक ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (पानी के नीचे चलने वाले बिना चालक के वाहन) को पकड़ा है। उन्होंने इस बिना चालक वाले वाहन को "रेमस 600 नाम का एक एडवांस्ड सबमर्सिबल" बताया और कहा कि "अब यह फोर्स के विशेषज्ञों के पास है ताकि इससे जानकारी निकाली जा सके।"

    IRGC ने बताया- कैसे पकड़ी अमेरिकी 'पनडुब्बी'
    अर्ध-सरकारी फार्स समाचार एजेंसी ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बयान का हवाला देते हुए कहा, "IRGC नेवी के नाविकों ने खुफिया जानकारी और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम की मदद से किए गए एक जटिल ऑपरेशन में, अमेरिका की 'आतंकवादी सेना' के एक एडवांस्ड ड्रोन को रोका, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में जासूसी का काम कर रहा था।" उन्होंने आगे कहा, "IRGC नेवी साफ तौर पर कहती है कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है, और हम खतरनाक गतिविधियों और बिना इजाज़त आवाजाही के खिलाफ सख्त और लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।"

    रेमस 600 ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल क्या है?
    REMUS 600 ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल को कोंग्सबर्ग मैरीटाइम की सहायक कंपनी हाइड्रॉइड ने अमेरिकी नौसेना अनुसंधान कार्यालय के सहयोग से डिजाइन और विकसित किया है। इसका मकसद अमेरिकी नौसेना को महासागरीय और उथले जल दोनों क्षेत्रों में मिशनों में सहायता करना है। रेमस 600 उथले और गहरे पानी में समुद्री बारूदी सुरंगों का पता लगाने, निगरानी और टोही मिशन, जल सर्वेक्षण और जासूसी अभियानों को अंजाम दे सकता है। REMUS 600 AUV की लंबाई 4.3 मीटर और व्यास 0.7 मीटर है। तटस्थ रूप से तैरने की स्थिति में इसका वजन 320 किलोग्राम है। रेमस 600 2 मीटर/सेकंड की गति से 150 किमी से 200 किमी की दूरी तय कर सकता है और अधिकतम 600 मीटर की गहराई पर काम कर सकता है।

  • गिल-कोहली के शतक से वेस्टइंडीज पर भारत की 8 विकेट से बड़ी जीत

    गिल-कोहली के शतक से वेस्टइंडीज पर भारत की 8 विकेट से बड़ी जीत

     तिरुवनतंपुरम

    भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए आठ विकेट से जीत दर्ज की और तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। वेस्टइंडीज ने 295 रन बनाए थे, लेकिन विराट कोहली और शुभमन गिल के शतकों ने भारत के लिए लक्ष्य आसान कर दिया। कोहली ने नाबाद 139 और गिल ने 113 रन की पारी खेली।

    8 विकेट से जीता भारत
    भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में शानदार जीत दर्ज की। तिरुवनंतपुरम में खेले गए मुकाबले में भारत ने वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। विराट कोहली 139 और गायकवाड़ 13 रन बनाकर नाबाद रहे। विराट कोहली ने 42वें ओवर की तीसरी और चौथी गेंद पर लगातार दो छक्के जड़कर भारत को जीत दिला दी। भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 50 गेंद बाकी रहते 296 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया।

    वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में सात विकेट पर 295 रन बनाए। जस्टिन ग्रीव्स ने 101 और जॉन कैंपबेल ने 62 रन बनाए। भारत के लिए कुलदीप यादव ने चार विकेट लिए। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 42 ओवर में दो विकेट पर 296 रन बनाकर मैच जीत लिया। कप्तान शुभमन गिल ने 113 रन की शानदार पारी खेली। वहीं विराट कोहली ने नाबाद 139 रन बनाए। कोहली ने अपनी पारी में 10 चौके और नौ छक्के लगाए। रोहित शर्मा ने भी 32 रन बनाए।

    विराट कोहली ने तिरुवनंतपुरम ओडीआई में तूफानी शतकीय पारी खेल रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी. आइए उन रिकॉर्ड्स और कीर्तिमानों पर एक नजर डालें…

    1. विराट कोहली वनडे इंटरनेशनल में सबसे तेज 15 हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज चुके हैं. कोहली ने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को पछाड़ दिया. कोहली ने 303 पारियों और 15950 गेंदों में ये उपलब्धि हासिल की. वहीं सचिन ने 15 हजार ओडीआई रन पूरा करने के लिए 377 पारियां और 17528 गेंदें ली थी। 

    15 हजार ODI रनों का सफर: सचिन vs कोहली
    उम्र: 34 साल 66 दिन vs 37 साल 326 दिन
    पारी: 377 vs 303
    गेंदें: 17528 vs 15950
    डेब्यू से कुल दिन: 6402 बनाम 6614

    2. विराट कोहली वनडे इंटरनेशनल में 15 हजार रनों का आंकड़ा छूने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज हैं. सचिन तेंदुलकर और कोहली के अलावा कोई भी बल्लेबाज वनडे इंटरनेशनल में 15 हजार रनों का आंकड़ा छू नहीं सका. सचिन ने 463 ओडीआई मैच खेलकर 18426 रन बनाए. वहीं कोहली के नाम पर 315 ओडीआई मैचों में 15080 रन दर्ज हैं। 

    3. श्रीलंका के बाद वेस्टइंडीज ऐसी दूसरी टीम है, जिसके खिलाफ विराट कोहली ने ओडीआई क्रिकेट में 10 शतक जड़े हैं. कोहली ने इसी मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ वनडे इंटरनेशनल में 10वां शतक लगाया था. कोहली किसी एक टीम के खिलाफ वनडे इंटरनेशनल में सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं। 

    किसी टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा ODI शतक
    10 विराट कोहली बनाम श्रीलंका 
    10 विराट कोहली बनाम वेस्टइंडीज
    9 सचिन तेंदुलकर बनाम ऑस्ट्रेलिया
    9 रोहित शर्मा बनाम ऑस्ट्रेलिया 
    8 विराट कोहली बनाम ऑस्ट्रेलिया
    8 सचिन तेंदुलकर बनाम श्रीलंका

    4. विराट कोहली ने इस मैच में 74 गेंदों पर शतक लगाया, जो वनडे इंटरनेशनल में गेंदों के आधार पर उनका तीसरा सबसे तेज शतक रहा. कोहली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 52 और 61 गेंदों पर ओडीआई शतक लगा चुके हैं। 

    विराट कोहली के सबसे तेज ODI शतक (गेंदों के आधार पर)
    52 बनाम ऑस्ट्रेलिया जयपुर 2013
    61 बनाम ऑस्ट्रेलिया, नागपुर 2013
    74 बनाम वेस्टइंडीज, तिरुवनंतपुरम 2026 
    76 बनाम श्रीलंका, होबार्ट 2012
    76 बनाम श्रीलंका, कोलंबो 2017
    80 बनाम श्रीलंका, गुवाहाटी 2023

    5. विराट कोहली अब लिस्ट-ए क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने के मामले में सचिन तेंदुलकर की बराबरी पर पहुंच गए हैं. सचिन ने भी लिस्ट-ए क्रिकेट में 60 शतक ठोके थे. सचिन और कोहली के बाद इंग्लैंड के ग्राहम गूच (44 शतक) का नंबर आता है। 

    लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक
    60 सचिन तेंदुलकर (538 पारी) / विराट कोहली (338 पारी)
    44 ग्राहम गूच (601
    40 ग्रीम हिक (630)
    39 कुमार संगकारा (501)

    6. भारत में इंटरनेशनल क्रिकेट में विराट कोहली का ये 42वां शतक (260 पारी में) रहा. कोहली अब घर पर इंटरनेशनल क्रिकेट में सर्वाधिक शतक जड़ने के मामले में सचिन तेंदुलकर की बराबरी पर पहुंच गए हैं. सचिन ने भी 313 इनिंग्स खेलकर 42 शतक लगाए थे। 

    7. विराट कोहली ने ओडीआई क्रिकेट में एक खास मामले में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग को पछाड़ दिया. पोंटिंग ऑस्ट्रेलिया की उन 111 जीतों का हिस्सा रहे, जिसमें टीम ने टारगेट का पीछा किया. वहीं कोहली अब भारत के लिए ओडीआई रनचेज में 112 जीतों के साथ तीसरे स्थान पर आ गए हैं। 

    रन चेज करते हुए सबसे ज्यादा जीत में शामिल (ODI)
    127 सचिन तेंदुलकर
    116 महेंद्र सिंह धोनी
    112 विराट कोहली
    111 रिकी पोंटिंग
    110 जैक्स कैलिस/ रोहित शर्मा

    8. विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ के गेंदों की जमकर धुनाई की. कोहली ने जोसेफ के खिलाफ इस मैच में कुल 53 रन बटोरे. किसी ओडीआई मैच में कोहली द्वारा एक गेंदबाज के विरुद्ध बनाए गए ये दूसरे सबसे ज्यादा रन रहे। 

    ODI मैच में एक बॉलर के खिलाफ कोहली के सर्वाधिक रन
    54 बनाम ट्रेंट बोल्ट, मोहाली 2016
    53 बनाम अल्जारी जोसेफ, तिरुवनंतपुरम 2026
    45 बनाम विश्व फर्नांडो, कोलंबो (RPS) 2017
    45 बनाम लाहिरू कुमारा, तिरुवनंतपुरम 2023
    45 बनाम प्रेनालेन सुब्रायेन, रांची 2025

    9. विराट कोहली ने पहली बार किसी ओडीआई मैच में 9 छक्के लगाए हैं. इससे पहले उन्होंने साल 2023 में इसी मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ ओडीआई मैच में 8 छक्के लगाए थे। 

    ODI पारी में कोहली के सबसे ज्यादा छक्के
    9 बनाम वेस्टइंडीज, तिरुवनंतपुरम 2026 
    8 बनाम श्रीलंका, तिरुवनंतपुरम 2023
    7 बनाम ऑस्ट्रेलिया, जयपुर 2013
    7 बनाम साउथ अफ्रीका, रांची 2025

    10. विराट कोहली घरेलू वनडे ओडीआई में 7000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं. कोहली के नाम अब घरेलू ओडीआई मैचों 7006 रन हो गए हैं. घर पर ओडीआई मैचों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में कोहली के बाद सचिन तेंदुलकर का नंबर आता है. सचिन ने अपने 23 साल के करियर के दौरान भारत में 164 ओडीआई मैच खेलकर 6976 रन बनाए थे। 

     

    विराट कोहली ने जड़ा 55वां वनडे शतक
    भारतीय स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने 74 गेंदों में शतक जड़ा है। यह उनके वनडे करियर का 55वां और इंटरनेशनल क्रिकेट में 86वां शतक है। कोहली ने 38वें ओवर में छक्का लगाकर सैकड़ा पूरा किया।

    भारत को दूसरा झटका
    भारत को दूसरा झटका रोस्टन चेज ने दिया। उन्होंने शुभमन गिल को अपना शिकार बनाया। वह 108 गेंदों में 110 रन बनाकर आउट हो गए। अब विराट कोहली का साथ देने ऋतुराज गायकवाड़ आए हैं।

     गिल का शतक
    भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने 96 गेंदों पर शतक पूरा किया। गिल ने शानदार बल्लेबाजी की और कोहली के साथ साझेदारी जारी रखी। कोहली और गिल के बीच 100+ रनों की साझेदारी हो गई है। 

     कोहली के वनडे में 15000 रन पूरे
    भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने वनडे में 15000 रन पूरे कर लिए हैं। कोहली ऐसा करने वाले सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे भारतीय बल्लेबाज हैं। कोहली ने सबसे तेजी से वनडे में यह उपलब्धि हासिल की है। कोहली ने 303 पारियों में वनडे में 15000 रन पूरे किए हैं। सचिन ने 377 वनडे पारी में 15000 रन पूरे किए थे। यानी कोहली सचिन की तुलना में 74 पारी पहले इस उपलब्धि तक पहुंचे हैं।  

  • China+1 से भारत के लिए बड़ा मौका, ग्लोबल अपैरल एक्सपोर्ट में हिस्सेदारी बढ़ाने की चुनौती

    China+1 से भारत के लिए बड़ा मौका, ग्लोबल अपैरल एक्सपोर्ट में हिस्सेदारी बढ़ाने की चुनौती

    नई दिल्ली
     साल 2025 में ग्लोबल अपैरल एक्सपोर्ट में भारत की हिस्सेदारी लगभग 3 फीसदी पर जस की तस रही। वहीं, 2010 में अपने पीक (सबसे ऊंचे स्तर) से चीन की हिस्सेदारी में लगभग 10 फीसदी की गिरावट आई। इससे सोर्सिंग का एक बड़ा मौका बना है। भारत 'चाइना+1' स्ट्रैटेजी और बेहतर ट्रेड एक्सेस के जरिए इस मौके का फायदा उठा सकता है। पीएल कैपिटल की सेक्टर रिपोर्ट से इसका पता चलता है।

    दुनियाभर में अपैरल एक्सपोर्ट में चीन की हिस्सेदारी 2010 में 36.9 फीसदी थी। यह घटकर 2025 में 27.3 फीसदी रह गई। जबकि इसी दौरान भारत की हिस्सेदारी 3.2 फीसदी से मामूली रूप से घटकर 3 फीसदी रह गई। वहीं, बांग्लादेश और वियतनाम ने अपनी संयुक्त हिस्सेदारी को लगभग 7 फीसदी से बढ़ाकर 13 फीसदी से ज्‍यादा कर लिया।

    बांग्‍लादेश को अब तक सबसे ज्‍यादा फायदा
    पीएल कैपिटल ने अपनी टेक्सटाइल सेक्टर रिपोर्ट में कहा, 'China+1 लहर के कारण इस हिस्सेदारी में करीब 9.6% की कमी आई है। चीनी एक्सपोर्ट के दबदबे में आई इस कमी से ग्लोबल सोर्सिंग मैट्रिक्स में 50-60 अरब डॉलर का फ्लोटिंग वॉल्यूम (बाजार में उपलब्ध व्यापार का अवसर) आया है।'

    रिपोर्ट में कहा गया है कि कम प्रोडक्शन कॉस्ट, ट्रेड एग्रीमेंट और इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की वजह से बांग्लादेश और वियतनाम को अब तक इस बदलाव का सबसे ज्‍यादा फायदा मिला है।

    भारत ने इसलिए गंवाया मौका
    रिपोर्ट के अनुसार, 'इसके उलट, भारत में अभी भी एक ही जगह पर फाइबर, फैब्रिक और फैशन को जोड़ने वाले इंटीग्रेटेड हब की कमी है। यहां कैपिटल की लागत भी काफी ज्‍यादा है। नतीजतन, भारत की हिस्सेदारी मोटे तौर पर स्थिर रही है।'

    हालांकि, पीएल कैपिटल ने कहा कि अब कई फैक्‍टर भारत की स्थिति को बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं। इनमें चीन से हटकर सप्लाई-चेन में विविधता लाना, PLI (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) स्कीम और PM MITRA जैसी स्कीम के तहत पॉलिसी सपोर्ट और ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए बड़े एक्सपोर्ट बाजारों तक बेहतर पहुंच शामिल है।

    कंपनियों को बराबर नहीं मिलेगा फायदा
    वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का टेक्सटाइल और कपड़ों का एक्सपोर्ट लगभग 37 अरब डॉलर था। इसमें रेडीमेड गारमेंट्स की हिस्सेदारी सबसे ज्‍यादा 44 फीसदी थी। 2025 में दुनियाभर में टेक्सटाइल और कपड़ों के कुल एक्सपोर्ट में देश की हिस्सेदारी लगभग 4 फीसदी थी।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मौके का फायदा सभी टेक्सटाइल कंपनियों को बराबर नहीं मिलेगा। कारण है कि ग्लोबल ब्रांड्स अब कम और बड़े सप्लायरों को ही ज्‍यादा ऑर्डर दे रहे हैं।

    PL कैपिटल ने कहा, 'खरीदार उन पार्टनर्स के साथ अपनी वेंडर लिस्ट को सीमित कर रहे हैं जो कैपेसिटी, रिलायबिलिटी, ट्रेसेबिलिटी, ESG नियमों का पालन और कई देशों से सप्लाई की मजबूती दे सकते हैं।'

    भारत के सामने ये हैं सबसे बड़ी चुनौतियां
    इसमें यह भी कहा गया है कि भारत के लिए बड़े पैमाने पर काम करना अभी भी एक बड़ी चुनौती है। कारण है कि यहां कपड़ों के उत्पादन की क्षमता बिखरी हुई है। काम पूरा होने में ज्‍यादा समय लगता है। मैन-मेड फाइबर की सीमित उपलब्धता है। चीन, वियतनाम और बांग्लादेश की तुलना में टेक्नोलॉजी को अपनाने की रफ्तार धीमी है।

    ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इसलिए ग्रोथ के अगले दौर में उन बड़े, संगठित और काम को सही ढंग से पूरा करने पर ध्यान देने वाले अपैरल मैन्‍युफैक्‍चरर्स को फायदा होने की संभावना है जो बड़े पैमाने पर उत्पादन, तेजी से डिलीवरी और इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन की सुविधा दे सकते हैं।