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  • उज्जैन दर्शन ई-बस सेवा शुरू, ₹200 में 17 से ज्यादा मंदिरों के दर्शन

    उज्जैन दर्शन ई-बस सेवा शुरू, ₹200 में 17 से ज्यादा मंदिरों के दर्शन

    उज्जैन
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  उज्जैन के श्री महाकाल लोक अन्नक्षेत्र पार्किंग परिसर से ‘उज्जैन दर्शन’ और ‘पीएम ई-बस सेवा’ की शुरूआत हरी झंडी दिखाकर की। इसके साथ ही उज्जैन में धार्मिक पर्यटन और सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देने की पहल शुरू हुई।

    महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने वाले श्रद्धालु अब 200 रुपये के एक ही टिकट पर शहर के 17 से अधिक प्रमुख मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों की इलेक्ट्रिक एसी बसों में बैठकर सैर कर सकेंगे। 27 किलोमीटर लंबे रूट पर संचालित इन बसों की सबसे बड़ी सुविधा हॉप-ऑन हॉप-ऑफ है। मतलब- यात्री किसी एक मंदिर पर उतरकर दर्शन कर सकता है और उसी टिकट पर अगली उपलब्ध बस से आगे जा सकता है।

    एक ही टिकट पर सभी बसों में यात्रा
    हरी झंडी दिखाने के बाद शक्ति पथ पर मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ स्वयं बस में सफर कर परिवहन व्यवस्था का जायजा लिया। बस संचालन पर निगरानी रखने वाली कंपनी- उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक संदीप सोनी ने बताया कि ‘उज्जैन दर्शन’ बस सेवा की सबसे खास बात यह है कि यात्रियों को हर मंदिर तक पहुंचने के लिए अलग-अलग वाहन की व्यवस्था नहीं करनी होगी।

    200रु में उज्जैन दर्शन, 27.01 किलोमीटर का पूरा सर्किट
    उज्जैन दर्शन सेवा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका निर्धारण धार्मिक पर्यटन सर्किट है. सेवा मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होगी और महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, क्षिप्रा नदी, ऋण मुक्तेश्वर महादेव, भर्तहरि गुफा, गढ़कालिका माता मंदिर, कालभैरव, सिद्धि वट, अंगारेश्वर मंदिर, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता, चिंतामन गणेश, अष्टविनायक, शनि नवग्रह, इस्कॉन मंदिर बस स्टैंड और उज्जैन रेलवे स्टेशन से होते हुए वापस मेघदूत वन पार्किंग पहुंचेगी। 

    200 रुपये के टिकट पर यात्री निर्धारित स्टाप पर उतरकर दर्शन कर सकेंगे और फिर उसी टिकट से अगली उपलब्ध बस में बैठकर आगे की यात्रा जारी रख सकेंगे।

    ये है खास
    इस हॉप-ऑन हॉप-ऑफ व्यवस्था से श्रद्धालुओं को अपनी सुविधानुसार प्रमुख स्थलों पर रुकने का अवसर मिलेगा। टिकट का भुगतान डिजिटल माध्यम और यूपीआई से किया जा सकेगा। बस में यात्रियों को गाइड की सुविधा भी मिलेगी। बसों में जीपीएस आधारित लाइव ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरे और रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा है। डिजिटल असिस्टेंट सह गाइड यात्रियों को प्रमुख मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों के पौराणिक महत्व की जानकारी देगा।

    27 किमी के दायरे में इन स्थलों को यात्रा के लिए जोड़ा
    27 किलोमीटर लंबे उज्जैन दर्शन मार्ग पर 17 से अधिक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ा गया है। मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होने वाली बस महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, शिप्रा नदी के घाट, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, भर्तृहरि गुफा, गढ़ कालिका माता मंदिर, काल भैरव, सिद्धवट, अंगारेश्वर, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता, चिंतामण गणेश, अष्ट विनायक, शनि नवग्रह मंदिर और इस्कान मंदिर होते हुए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन तक पहुंचेगी। इसके बाद बस वापस मेघदूत वन पार्किंग पर लौटेगी।

    शहर के 12 अन्य मार्ग भी सक्रिय
    उज्जैन शहर में कुल 12 मार्गों में जो शैक्षणिक, धार्मिक, आवासीय और व्यवसायिक क्षेत्रों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ेंगे उसमें तपोभूमि-पानविहार, उज्जैन रेलवे स्टेशन-कालियादेह महल, कानीपुरा-अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट-तपोभूमि, देवास-ताजपुर, देवास गेट-नए आरटीओ, महाकाल चौराहा-अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट-नानाखेड़ा, अवंतिका विश्वविद्यालय-नानाखेड़ा, देवास गेट-मुरलीपुरा, तपोभूमि-नजरपुर और उज्जैन दर्शन मार्ग शामिल हैं।

    इन 12 मार्गों से गुजरेगी बस
    शहर में स्थानीय परिवहन को सुगम बनाने के लिए 12 बस मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं। इनमें तपोभूमि से पान विहार, रेलवे स्टेशन से कालियादेह महल, कानीपुरा से अभिलाषा कालोनी, देवास गेट से नानाखेड़ा और अवंतिका विश्वविद्यालय से नानाखेड़ा जैसे मार्ग शामिल हैं। इनसे आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षणिक और धार्मिक क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान बनाने का लक्ष्य है।

    सिंहस्थ से पहले महत्वपूर्ण कदम
    सिंहस्थ 2028 में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए यह व्यवस्था निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और शहर के धार्मिक पर्यटन को व्यवस्थित करने की दिशा में अहम पहल है। हालांकि, इसकी वास्तविक उपयोगिता नियमित संचालन, बसों की उपलब्धता और यात्रियों को समय पर सुविधा मिलने पर निर्भर करेगी।

    कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेश नाथ महाराज, डा. लता वानखेड़े, महापौर मुकेश टटवाल, हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ओम जैन, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

    बस सरकार की, संचालन ग्रीन सेल का
    बस सेवा की पूरी व्यवस्था कई स्तरों पर काम करेगी। राज्य स्तर पर मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवाईपीएल) व्यवस्था देखेगी। इसके तहत उज्जैन संभाग के लिए यूसीटीसीएल काम करेगी। यूसीटीसीएल के एमडी मनीष सिंह और कार्यकारी निदेशक संदीप सोनी हैं।

    नगर निगम आयुक्त, लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी व्यवस्था से जुड़े हैं। बसों का प्रत्यक्ष संचालन ग्रीन सेल कंपनी करेगी। ड्राइवर-कंडक्टर उपलब्ध कराने से लेकर बस के मेंटेनेंस तक की जिम्मेदारी ग्रीन सेल की रहेगी। इसके बदले यूसीटीसीएल द्वारा ऑपरेटर को 58 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।

    ये रहेगी संचालन की व्यवस्था
    यात्रियों से किराया लेने और फेयर कलेक्शन की जिम्मेदारी ‘चलो’ कंपनी को दी गई है। टिकट से मिलने वाली पूरी आय यूसीटीसीएल के पास जाएगी। ‘चलो’ कंपनी को बस संचालन के हिसाब से 8 रुपये प्रति किलोमीटर के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

    महाकाल लोक पुलिस स्टेशन शुरू
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने श्री महाकाल लोक पुलिस स्टेशन का भी शुभारंभ किया. महाकाल क्षेत्र में बढ़ती श्रद्धलुओं की संख्या और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को मज़बूत करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

    14.42 किलोमीटर सड़क, आरओबी और पुल का निरीक्षण
    मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत चल रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया. लोक निर्माण विभाग द्वारा सीआईआरएफ के तहत निर्मित की जा रही 42.14 किलोमीटर लंबी सड़क और आरओबी व पुल निर्माण कार्यो को देखा. मुख्यमंत्री ने कहा, ''अवंतिका प्राचीन काल से गौरवशाली नगरी है. उज्जैन के सौंदर्यीकरण में नागरिक भी अपना योगदान दे रहे हैं. उज्जैन में मेट्रो ट्रेन की सौगात जल्द मिलने वाली है.'' प्रदेश में उद्योगिक विकास और अलग अलग शहरों के विकास से जुड़े प्रयासों के बारे में बताया। 

    172.87 करोड़ की 15 विकास परियोजनाएं
    मुख्यमंत्री ने उज्जैन जिले को 172.87 करोड़ के 15 वि
    कास कार्यों की भूमिपूजन व लोकार्पण कर सौगात दी है. जिसमें 12 कार्य भूमिपूजन व 3 लोकार्पण है. भूमिपूजन में गौशाला मार्ग से शिप्रा विहार मार्ग निर्माण, महाकाल लोक क्षेत्र में पार्किंग, श्री महाकाल मंदिर परिसर का विकास और क्षिप्रा नदी के घाटों का जीर्णोद्धार शामिल है. साथ ही महाकाल मंदिर के पीछे लैंडस्केप, चिंतामण जवासिया में पुलिस आवास, उन्हेल में थाना भवन, पर्यटन विभाग से सबंधित कार्य. जिनकी लागत 153.31 करोड़ है. वहीं, 19.56 करोड़ के लोकार्पण में नीलगंगा और उन्हेल में निर्मित पुलिस आवास व थाना भवन, बड़नगर में निर्मित 33/11 के.वी विद्युत उपकेंद्र शामिल हैं। 

     

  • शांति, खुशहाली व सुदृढ़ कानून व्यवस्था नए यूपी की पहचान, इसमें बाधा डालने वालों को सिखाएं सबकः मुख्यमंत्री

    शांति, खुशहाली व सुदृढ़ कानून व्यवस्था नए यूपी की पहचान, इसमें बाधा डालने वालों को सिखाएं सबकः मुख्यमंत्री

    जनता दर्शन 

    शांति, खुशहाली व सुदृढ़ कानून व्यवस्था नए यूपी की पहचान, इसमें बाधा डालने वालों को सिखाएं सबकः मुख्यमंत्री

    रायबरेली से आए बुजुर्ग की पीड़ा सुन मुख्यमंत्री ने तत्काल दोषियों पर कार्रवाई का दिया निर्देश 

    राजस्व से जुड़े प्रकरणों का समय से निस्तारण करने पर रहा सीएम का जोर 

    आमजन से बोले सीएम- घबराइए मत, सबकी समस्या का होगा समाधान

    लखनऊ
     जनसेवा को सदैव सर्वोपरि रखने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और पीड़ितों को समाधान का भरोसा दिया। रायबरेली से आए एक बुजुर्ग अपनी पीड़ा कहते भावुक हो गए, इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल दोषियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कहा कि शांति, खुशहाली व सुदृढ़ कानून व्यवस्था ही नए उत्तर प्रदेश की पहचान है, इसमें बाधा डालने वालों को कानूनी ढंग से सबक सिखाएं। कब्जे की शिकायतों पर भी उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जमीन कब्जामुक्त कराने के साथ दोषियों पर कार्रवाई की जाए। 

    हर पीड़ित से मिले मुख्यमंत्री
    मुख्यमंत्री ने कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचकर उनकी पीड़ा जानी। उन्होंने हर पीड़ित को आश्वस्त किया कि सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री ने मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और तत्परता से उसका समयबद्ध-पारदर्शी निस्तारण कराएं। 

    मुख्यमंत्री ने बुजुर्ग का सुना प्रकरण, आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश 
    रायबरेली से एक बुजुर्ग भी जनता दर्शन में पहुंचे। शरीर पर लगी चोट मुख्यमंत्री को दिखाते हुए उनका गला रुंध गया। इस पर मुख्यमंत्री ने उनसे पूरे प्रकरण की जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उन पर अकारण हमला कर दिया है। आरोपियों को लगता है कि वह कहीं बाहर रहते हैं। ऐसे में घात लगाए बदमाशों ने उन्हें पीटा और रुपये छीन लिए। इस पर मुख्यमंत्री ने मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि सख्त से सख्त कार्रवाई कर इस प्रकरण में तत्काल कार्रवाई करें। 

    राजस्व से जुड़े प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर 
    कुछ पीड़ितों ने जमीन जबरन कब्जा किए जाने की भी शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी दबंग ने किसी गरीब की जमीन हड़पी है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जमीन अवैध या जबरन कब्जे से मुक्त होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने राजस्व से जुड़े प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया।

  • नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदल रही सपा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदल रही सपा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदल रही सपा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    मिशन रोजगार के तहत 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री योगी ने विकसित गांव का दिया मंत्र
     
    बोले- नौजवानों के हक पर डकैती डालने वाले नए रूप में आ रहे सामने, भ्रम फैलाकर यूपी को फिर अराजकता में धकेलने की करेंगे कोशिश
     
    मुख्यमंत्री योगी का हमला- सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था, बाकी गांवों और जिलों की नहीं थी चिंता
     
    बोले- 2017 से पहले हर जिले में चलती थी माफिया की समानांतर सरकार, आज यूपी दंगा, उपद्रव और माफिया से मुक्त
     
    छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरी का लक्ष्य, बोले- सपा-कांग्रेस के नेता गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र बांटते रहेंगे
     
    राजभर बोले- सपा सरकार में नौकरी के हिसाब से तय होता था रेट, शाही ने कहा- अब बिना घूसखोरी मिल रही सरकारी नौकरी
     
    ग्राम पंचायत जितनी बढ़ाएगी अपनी आय, सरकार उतनी ही देगी अतिरिक्त धनराशि, आत्मनिर्भर गांव बनाने पर जोर
     
    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सरकारी नौकरियों और गांवों के विकास को लेकर समाजवादी पार्टी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने नौजवानों के हक पर डकैती डाली, दलितों को योजनाओं से वंचित रखा और पिछड़ों का हक मारा, वही आज नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदल रहे हैं। सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था। मुख्यमंत्री योगी ने सपा-कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है। वे गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र वितरित करते रहेंगे।
     
    मुख्यमंत्री योगी मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि आयोग ने निष्पक्ष और शुचितापूर्ण चयन प्रक्रिया समय सीमा में पूरी की है।
     
    योग्यता थी, फिर भी नौकरी रहती थी दूर
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले सरकारी नौकरी का विज्ञापन निकलते ही आशंकाएं खड़ी हो जाती थीं। गरीब और बिना पहुंच वाले परिवार का बच्चा योग्य होने के बावजूद नौकरी से दूर रहता था। इस जकड़न और बेईमानी को समाप्त करने के लिए सरकार ने व्यवस्था बदली। आज साढ़े नौ लाख नौजवान सरकारी नौकरी प्राप्त कर चुके हैं।
     
    उन्होंने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश की गिनती देश के पांच पिछड़े राज्यों में होती थी, जबकि आज प्रदेश शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट का दायरा तीन गुना हुआ है।
     
    सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई
    मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था। प्रदेश के बाकी गांवों और जिलों से उसे कोई मतलब नहीं था। केंद्र सरकार गरीबों को आवास और शौचालय देना चाहती थी, लेकिन तत्कालीन सरकार योजनाओं को लागू नहीं होने देती थी। गरीबों के आवास की बात आती थी तो सपा अपने कैडर को लाभ देना चाहती थी।
     
    हर जिले में चलती थी माफिया की समानांतर सरकार
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले हर जिले में माफिया की समानांतर सरकार चलती थी। असलहे लहराते हुए गाड़ियों के काफिले निकलते थे और पर्व-त्योहारों से पहले उपद्रव शुरू हो जाता था। उन्होंने कहा कि सरकार ने माफिया तंत्र और अराजकता पर प्रभावी कार्रवाई की। आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू, दंगा, उपद्रव और माफिया से मुक्त होकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
     
    अक्टूबर से फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपा अध्यक्ष नियुक्ति पत्र नहीं बांटे जाने की बात कर रहे थे। सितंबर में यह चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है। अक्टूबर के पहले सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। अगले छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य है।
     
    उन्होंने सरदार भगत सिंह की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मात्र 23 वर्ष की उम्र में देश के लिए बलिदान दिया। नियुक्ति पत्र पाने वाले बहुत से युवाओं की उम्र भी 20 से 27 वर्ष के बीच है। उन्हें अपनी ऊर्जा और प्रतिभा प्रदेश की समृद्धि में लगानी है।
     
    पंचायत भवन नहीं, अब ग्राम सचिवालय
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब गांवों में ग्राम सचिवालय बनाए गए हैं। इनमें ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी के कार्यालय के साथ लेखपाल, बीसी सखी और पंचायत सहायक के बैठने की व्यवस्था है। डिजिटल लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस रूम भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
     
    उन्होंने कहा कि जन्म, आय और निवास प्रमाणपत्र जैसी सुविधाओं के लिए ग्रामीणों को ब्लॉक और तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे। बीसी सखी, पंचायत सहायक, अन्नपूर्णा भवन और उत्सव भवन से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
     
    अपनी आय बढ़ाने वाली पंचायत को अतिरिक्त धन
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ग्राम पंचायतें अपनी भूमि, दुकानों और तालाबों के बेहतर उपयोग से आय बढ़ा सकती हैं। धार्मिक महत्व न रखने वाले तालाबों में मत्स्य पालन कराया जा सकता है। ग्राम पंचायत जितनी अपनी आय अर्जित करेगी, सरकार उतनी ही अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराएगी। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों से मॉडल और स्मार्ट ग्राम पंचायत की सोच के साथ काम करने को कहा।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विकसित भारत का सपना विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना आत्मनिर्भर व विकसित ग्राम पंचायत से पूरा होगा। नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारी इसमें महत्वपूर्ण सारथी हैं।
     
    नौकरी के हिसाब से तय होता था रेट: राजभर

    पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में नौकरी का विज्ञापन निकलते ही गुर्गे सक्रिय हो जाते थे और पद के हिसाब से रकम तय होती थी। आज बिना पैसे सरकारी नौकरी मिल रही है।
     
    अब बिना घूसखोरी मिल रही नौकरी: शाही
    कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों से साढ़े नौ लाख युवाओं को बिना घूसखोरी और भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरी मिली है।
     
    कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
    कार्यक्रम में महापौर सुषमा खड़कवा
    ल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, विधायक डॉ. नीरज बोरा, प्रमुख सचिव पंचायती राज रविंद्र कुमार और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन सामन उपस्थित रहे।

  • एशियन गेम्स 2026 में ईशा सिंह ने जीता सिल्वर, शूटऑफ में चूका गोल्ड

    एशियन गेम्स 2026 में ईशा सिंह ने जीता सिल्वर, शूटऑफ में चूका गोल्ड

    नागोया
    एशियन गेम्स 2026 में ईशा सिंह ने सिल्वर मेडल जीत लिया है। महिलाओं के 25 मीटर पिस्टल इवेंट में उन्होंने 38 का स्कोर हासिल किया। गोल्ड मेडल जीतने वाली चीनी खिलाड़ी का भी स्कोर 38 ही था, लेकिन शूटऑफ में बेहतर प्रदर्शन करने पर उन्हें गोल्ड मेडल दिया गया। इस इवेंट में ईशा के अलावा मनु भाकर और राही भी थीं, लेकिन दोनों क्वालिफाइंग राउंड में ही बाहर हो गईं। ऐसे में भारत की पूरी उम्मीदें ईशा पर ही थीं और उन्होंने साबित किया कि वह अकेले ही देश की उम्मीदों का बोझ उठा सकती हैं। वह एशियन गेम्स में पहले भी सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं।

    चौथे नंबर पर खिसकने के बाद की वापसी
    फाइनल राउंड में ईशा ने शानदार शुरुआत की, लेकिन तीसरे सेट में चीनी शूटर से पीछे हो गईं। इसके बाद उनकी लय बिगड़ी और वह चौथे स्थान पर खिसक गईं। यहां से उन्होंने दमदार वापसी की और 9 सीरीज के बाद उनका स्कोर कोरिया की खिलाड़ी के बराबर था। दोनों ने 34 अंक हासिल किए थे। ऐसे में शूटऑफ के जरिए ब्रान्ज मेडल के विजेता का फैसला हुआ। यहां ईशा ने जीत हासिल की और कोरियाई खिलाड़ी को कांस्य पदक दिया गया।

    गोल्ड के लिए कांटे की टक्कर
    ईशा ने अपनी आखिरी सीरीज में 5 में से 4 निशाने सही लगाए। वहीं, चीनी खिलाड़ी 3 शॉट ही लगा सकी। दोनों का स्कोर 38-38 पर बराबर हो गया। इसके बाद शूटऑफ में ईशा को हार का सामना करना पड़ा और चीनी खिलाड़ी ने गोल्ड मेडल जीता। हालांकि, ईशा ने जिस तरह का प्रदर्शन किया। उसके बाद इस सिल्वर मेडल से उन्हें गोल्ड जीतने से कम खुशी नहीं हो रही होगी।

    मुश्किल से फाइनल राउंड में पहुंची थीं
    इस इवेंट के क्वालिफाइंग राउंड में ही मनु भाकर और राही बाहर हो गई थीं। इस इवेंट में कुल 44 शूटर्स ने हिस्सा लिया था। केवल टॉप आठ शूटर्स को ही फाइनल के लिए क्वालिफाई करना था। ईशा ने आठवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई। यहां भी उनका स्कोर चीनी ताइपे की येन-चिंग चेंग के साथ 580 प्वाइंट्स पर बराबर था, लेकिन ज्यादा 'बुल्सआई' हिट करने के कारण वह फाइनल में जगह बनाने में सफल रहीं। ईशा ने 22x हिट किए थे, जबकि चेंग ने 20x स्कोर किया था।

  • रोज-रोज पोहा-पराठे से हो गए हैं बोर? नाश्ते में बनाएं पंचमेल दाल चीला

    रोज-रोज पोहा-पराठे से हो गए हैं बोर? नाश्ते में बनाएं पंचमेल दाल चीला

    सुबह का नाश्ता ऐसा होना चाहिए जो टेस्टी होने के साथ-साथ हेल्दी भी हो. लेकिन रोज-रोज वही पोहा, उपमा, पराठा या सैंडविच खाकर अगर आप बोर हो गए हैं तो इस बार कुछ अलग ट्राई कर सकते हैं. पंचमेल दाल चीला नाश्ते के लिए एक बढ़िया ऑप्शन है, जिसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है. इसे बनाने के लिए एक नहीं बल्कि 5 तरह की दालों का इस्तेमाल किया जाता है. दालों से बना यह चीला बाहर से हल्का क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट होता है. इसे आप हरी चटनी, दही या अपनी पसंद की किसी भी चटनी के साथ सर्व कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं इसे घर पर बनाने की आसान रेसिपी.

    इंग्रेडिएंट्स (Ingredients)
    (2 लोगों के लिए)
    2 बड़े चम्मच पीली मूंग दाल
    2 बड़े चम्मच चना दाल
    2 बड़े चम्मच छिलके वाली मसूर दाल
    2 बड़े चम्मच लाल मसूर दाल
    1 बड़ा चम्मच सफेद उड़द दाल
    1 छोटी चम्मच नमक या स्वादानुसार
    1 छोटी चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च
    2 हरी मिर्च, बारीक कटी
    जरूरत के अनुसार घी

    पंचमेल दाल चीला बनाएंगे कैसे?

    • सबसे पहले सभी दालों को एक साथ मिलाकर अच्छी तरह धो लें. इसके बाद इन्हें पर्याप्त पानी में रातभर के लिए भिगोकर रख दें. सुबह दालों का पानी निकाल दें.
    • अब भीगी हुई दालों को मिक्सर जार में डालें और जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी मिलाकर स्मूद पेस्ट तैयार कर लें. ध्यान रखें कि पेस्ट बहुत ज्यादा पतला न हो.
    • तैयार दाल के पेस्ट को एक गहरे बर्तन में निकाल लें. इसमें नमक, कश्मीरी लाल मिर्च और बारीक कटी हरी मिर्च डालकर अच्छी तरह मिलाएं. जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी डालकर ऐसा घोल तैयार करें, जिसे तवे पर आसानी से फैलाया जा सके.
    • अब नॉन-स्टिक तवा मीडियम आंच पर गर्म करें. तवे पर थोड़ा पानी छिड़ककर उसे साफ कर लें. इसके बाद आंच धीमी करें और तवे के बीच में एक कलछी दाल का घोल डालें.
    • घोल को कलछी की मदद से गोल आकार में चारों तरफ पतला और एक जैसा फैला दें. अब आंच तेज कर दें और चीले के किनारों पर थोड़ा घी डालें. ऊपर से भी कुछ बूंदें घी की डाल सकते हैं.
    • जब चीला नीचे से अच्छी तरह सिककर हल्का सुनहरा हो जाए तो इसे पलट दें. दूसरी तरफ भी मीडियम आंच पर अच्छी तरह सेंक लें. इसी तरह बाकी घोल से भी सारे चीले तैयार कर लें.
    • तैयार पंचमेल दाल चीले को प्लेट में निकालें और हरी चटनी, दही या अपनी पसंद की चटनी के साथ गरमा-गरम सर्व करें. यह नाश्ते के साथ-साथ हल्के लंच या शाम के स्नैक के तौर पर भी खाया जा सकता है.
  • बिना मैदा गूंथे बनाएं क्रिस्पी सूजी-आलू समोसा, चाय के साथ लगेगा लाजवाब

    बिना मैदा गूंथे बनाएं क्रिस्पी सूजी-आलू समोसा, चाय के साथ लगेगा लाजवाब

    समोसा नाम सुनते ही चाय के साथ कुछ चटपटा खाने का मन करने लगता है. आमतौर पर घर पर समोसा बनाने के लिए मैदा गूंथना, उसकी लोई बेलना और फिर शेप देना काफी झंझट वाला काम लगता है. लेकिन अगर हम कहें कि बिना मैदा गूंथे भी आप घर पर समोसे जैसा मजेदार नाश्ता बना सकते हैं तो?

    आज हम आपको सूजी और आलू से बनने वाले एक ऐसे स्नैक की रेसिपी बता रहे हैं, जो देखने में समोसे जैसा लगेगा और खाने में बेहद क्रिस्पी और मसालेदार होगा. इसकी खास बात ये है कि इसके लिए सूजी का आटा तैयार किया जाता है और अंदर भरपूर मसालेदार आलू की स्टफिंग भरी जाती है. इसके बाद इसे एक हल्के से मसालेदार बैटर में डुबोकर गर्म तेल में फ्राई किया जाता है. चाय के साथ ये नाश्ता घर में सबको खूब पसंद आ सकता है. चलिए जानते हैं कैसे बनाते हैं सूजी-आलू समोसा.

    इंग्रेडिएंट्स
    सूजी का आटा बनाने के लिए
        3 कप पानी
        1 चम्मच तेल
        1 चम्मच नमक
        2 कप बारीक सूजी
        थोड़ा सा तेल

    आलू की स्टफिंग के लिए
        1 बड़ा चम्मच तेल
        एक चुटकी हींग
        1 चम्मच जीरा
        1 चम्मच सरसों
        1 चम्मच साबुत धनिया
        8-10 लहसुन की कलियां
        5 हरी मिर्च
        1 इंच अदरक
        कुछ करी पत्ते
        आधा चम्मच हल्दी पाउडर
        1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
        5 उबले हुए आलू
        1 चम्मच नमक
        बारीक कटा हरा धनिया

    समोसे की क्रिस्पी कोटिंग के लिए
        4 बड़े चम्मच मैदा
        1 चम्मच चिली फ्लेक्स
        बारीक कटा करी पत्ता
        बारीक कटा हरा धनिया
        1 चम्मच कलौंजी
        1 चम्मच सफेद तिल
        आधा चम्मच नमक
        जरूरत के मुताबिक पानी

    बनाने का तरीका:
    1.
    सूजी-आलू से बना ये क्रिस्पी स्नैक बनाने के लिए सबसे पहले सूजी का आटा तैयार करना होता है. इसके लिए एक बड़ी कड़ाही में 3 कप पानी डालें. इसमें 1 चम्मच तेल और नमक डालकर 2 कप सूजी मिला दें. यहां बारीक सूजी लेना बेहतर रहेगा, लेकिन नॉर्मल सूजी से भी इसे बनाया जा सकता है.

    2. अब गैस जलाकर मिश्रण को लगातार चलाते रहें. कुछ ही देर में सूजी पानी को सोखकर गाढ़ी होने लगेगी और आटे जैसी बन जाएगी. जब मिश्रण अच्छी तरह तैयार हो जाए तो गैस बंद कर दें. ऊपर से हल्का सा तेल लगाकर इसे ढककर कुछ देर के लिए रख दें. इससे सूजी का आटा सॉफ्ट हो जाएगा और बेलते समय आसानी रहेगी.

    3. अब आलू की स्टफिंग बनाएं. इसके लिए एक छोटे पैन में तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर गैस को मीडियम कर दें और इसमें हींग, जीरा, सरसों और साबुत धनिया डालें. इसके बाद लहसुन की कलियां और हरी मिर्च डालकर हल्का सा भूनें.

    4. अब इसमें कद्दूकस किया हुआ अदरक और करी पत्ता डालें. गैस बंद कर दें और इसमें हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें. मसाले का तड़का तैयार है.

    6. अब 5 उबले हुए आलू एक बड़े बर्तन में लें और उनके ऊपर यह मसालेदार तड़का डाल दें. स्वादानुसार नमक और बारीक कटा हरा धनिया डालें. अब आलू को मैशर की मदद से अच्छी तरह मैश कर लें. ध्यान रखें कि लहसुन, हरी मिर्च और मसाले आलू में अच्छी तरह मिल जाएं.

    6. अब सूजी के आटे को हाथों से हल्का सा मसल लें. ये सॉफ्ट हो जाएगा और हाथों में ज्यादा चिपकेगा भी नहीं. इसके छोटे-छोटे पेड़े बना लें.

    7. अब बेलन और जिस जगह पर बेलना है, वहां हल्का सा तेल लगा लें. एक पेड़ा लेकर इसे ज्यादा पतला न बेलें. इसे हल्का मोटा ही रखें. अब इसके बीच में भरपूर मात्रा में आलू की स्टफिंग रखें.

    8. ध्यान रखें कि किनारों पर थोड़ी जगह खाली छोड़ें. इसके ऊपर दूसरा बेला हुआ सूजी का हिस्सा रखें और किनारों को उंगलियों से हल्का दबाकर अच्छी तरह सील कर दें. अब इसे चार हिस्सों में काट लें. इस तरह समोसे जैसे टुकड़े तैयार हो जाएंगे.

    9. अब इसकी खास कोटिंग तैयार करेंगे. इसके लिए एक बर्तन में मैदा लें. इसमें चिली फ्लेक्स, कटा हुआ करी पत्ता, हरा धनिया, कलौंजी, सफेद तिल और नमक डालें.

    10. अब धीरे-धीरे पानी डालते हुए इसका बैटर तैयार करें. बैटर न बहुत गाढ़ा होना चाहिए और न ही बहुत पतला. इसकी कंसिस्टेंसी ऐसी रखें कि सूजी और आलू के तैयार टुकड़े अच्छी तरह कोट हो जाएं.

    11. अब कड़ाही में तेल गर्म करें. तेल अच्छी तरह गर्म होने के बाद सूजी और आलू से तैयार टुकड़े बैटर में डुबोकर सीधे गर्म तेल में डालें. इन्हें डालने के बाद गैस को मीडियम फ्लेम पर कर दें.

    12. अब इन टुकड़ों को तब तक फ्राई करें, जब तक ये क्रिस्पी और गोल्डन ना हो जाएं.

    13. आपका मजेदार सूजी आलू समोसा तैयार. इसे गरमा-गरम चाय, हरी चटनी या मीठी-खट्टी चटनी के साथ सर्व करें. बाहर से कुरकुरी परत और अंदर मसालेदार आलू की स्टफिंग इसका स्वाद और भी बढ़ा देती है.  

    —- समाप्त —-

  • एशियन गेम्स में मनु भाकर बाहर, ईशा सिंह ने फाइनल में बनाई जगह

    एशियन गेम्स में मनु भाकर बाहर, ईशा सिंह ने फाइनल में बनाई जगह

    नई दिल्ली
     एशियाई खेल 2026 के 10वें दिन भारत के लिए निशानेबाजी के मैदान से मिली-जुली खबरें आई हैं। महिलाओं की 25 मीटर एयर पिस्तौल स्पर्धा में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर क्वालिफिकेशन राउंड से ही बाहर हो गई हैं। वहीं, भारत की होनहार निशानेबाज ईशा सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप 8 के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर पदक की उम्मीदों को जीवित रखा है।

    मनु भाकर का निराशाजनक अभियान
    टूर्नामेंट में बड़ी उम्मीद के रूप में उतरीं मनु भाकर क्वालिफिकेशन में केवल 579 अंक ही जुटा सकीं, जो उन्हें फाइनल में पहुंचाने के लिए पर्याप्त नहीं था। वे 11वें स्थान पर रहकर प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। यह एशियन गेम्स मनु के लिए बेहद निराशाजनक रहा, इससे पहले वे महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्तौल इवेंट में भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी थीं और 5वें स्थान पर रही थीं। इस तरह मनु इस बार बिना किसी पदक के स्वदेश लौटेंगी।

    ईशा सिंह फाइनल में, राही सरनोबत की चूक से टूटा टीम मेडल का सपना
    ईशा सिंह ने दबाव के क्षणों में बेहतरीन संयम दिखाते हुए कुल 580 अंक हासिल किए और आठ खिलाड़ियों के फाइनल मुकाबले में अपनी जगह पक्की की। भारत महिलाओं की टीम स्पर्धा में पदक जीतने की मजबूत स्थिति में था, लेकिन राही सरनोबत का निशाना अहम मौके पर चूक गया। सरनोबत ने चौथी सीरीज में महज 39 अंक का बेहद खराब स्कोर किया, जिसके बाद भारत की पोडियम पर जगह बनाने की उम्मीदें समाप्त हो गईं। सरनोबत 568 अंक के साथ 30वें स्थान पर रहीं।

  • पितृपक्ष में 28 सितंबर को द्वितीया श्राद्ध, जानें कुतुप काल और पूजा विधि

    पितृपक्ष में 28 सितंबर को द्वितीया श्राद्ध, जानें कुतुप काल और पूजा विधि

     पितृपक्ष में 28 सितंबर को द्वितीया तिथि का श्राद्ध किया जाएगा. इस दिन उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु हिंदू पंचांग के अनुसार किसी भी महीने के कृष्ण पक्ष या शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को होती है. इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं. मान्यता है कि चावल, दूध, शहद, घी और काले तिल से बना पिंड पाकर हमारे पितृ शांत होते हैं और अपनी कृपा बनाए रखते हैं.

    द्वितीया तिथि श्राद्ध
    आश्विन कृष्ण द्वितीया तिथि 27 सितंबर को रात 08 बजकर 58 मिनट से लेकर 28 सितंबर को शाम 07 बजकर 13 मिनट तक रहेगी. ऐसे में उदिया तिथि के अनुसार, द्वितीया तिथि का श्राद्ध 28 सितंबर दिन सोमवार को किया जाएगा.

    श्राद्ध और तर्पण का श्रेष्ठ मुहूर्त
    शास्त्रों में पितरों के तर्पण और श्राद्ध के लिए कुतुप वेला को सबसे उत्तम माना गया है. यह समय दोपहर के आस-पास पड़ता है. 28 सितंबर को कुतुप काल दोपहर 11:48 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक रहेगा. लेकिन अलग-अलग शहरों में इसका समय एक-दूसरे से थोड़ा अलग हो सकता है. इसलिए पंचांग देखकर समय सुनिश्चित कर लें.

    द्वितीया तिथि के श्राद्ध की विधि?
    द्वितीया तिथि के श्राद्ध में आटे, चावल या जौ से बनाए गए गोल पिंड पितरों को अर्पित करने की परंपरा है. पिंडदान करने के बाद जल में काले तिल मिलाकर पितरों का तर्पण किया जाता है. पितरों का तर्पण करते वक्त हाथ में कुशा जरूर रखें. कुश एक प्रकार की घास होती है, जिसकी अंगूठी बनाकर दाएं हाथ की अनामिका उंगली में पहनी जाती है. श्राद्ध के बाद गरीब ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा दें. आखिर में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें.

    श्राद्ध के दौरान गाय, कुत्ते, कौवे और चींटियों के लिए भोजन का एक अंश निकालकर अलग रख दिया जाता है, जिसे पंचबलि कहा जाता है. कहते हैं कि इन जीवों के माध्यम से हमारे पितृ भोजन ग्रहण करते हैं और प्रसन्न होते हैं. इससे पितृ दोष समाप्त हो जाता है और उन्हें शांति मिलती है.

  • अक्टूबर में बनेंगे कई दुर्लभ राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

    अक्टूबर में बनेंगे कई दुर्लभ राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

    जल्द ही अक्टूबर का महीना शुरू होने वाला है. अक्टूबर 2026 का महीना वैदिक ज्योतिष के दृष्टिकोण से बेहद हलचल भरा और दुर्लभ राजयोगों का निर्माण करने वाला रहेगा. इस महीने कई बड़े ग्रह अपनी चाल और राशि बदलकर अत्यंत शुभ योगों का निर्माण करेंगे. आइए जानते हैं अक्टूबर 2026 में कौन सी तारीख को कौन सा ग्रह राजयोग बनाएगा और किन राशियों को इसका सबसे बड़ा लाभ मिलेगा.

    बुधादित्य राजयोग (17 अक्टूबर 2026)
    ग्रह व स्थिति: 17 अक्टूबर को सूर्य देव कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे, जहाँ बुध देव पहले से ही विराजमान रहेंगे. सूर्य और बुध की इस युति से 'बुधादित्य राजयोग' का निर्माण होगा.

    लक्ष्मी नारायण राजयोग (20 अक्टूबर 2026)
    ग्रह व स्थिति: 20 अक्टूबर को धन, वैभव व सौंदर्य के कारक शुक्र देव अपनी स्वराशि तुला में गोचर करेंगे, जहाँ बुध पहले से मौजूद होंगे. जब भी बुध और शुक्र एक साथ आते हैं, तो 'लक्ष्मी नारायण राजयोग' बनता है.

    मालव्य राजयोग (20 अक्टूबर 2026)
    ग्रह व स्थिति: 20 अक्टूबर को शुक्र देव अपनी स्वयं की राशि तुला में प्रवेश कर केंद्र भाव को प्रभावित करेंगे. जब शुक्र अपनी स्वराशि या उच्च राशि में होकर केंद्र भाव (1, 4, 7, 10) में विराजमान होते हैं, तो पंच महापुरुष योगों में से एक 'मालव्य राजयोग' बनता है.

    त्रिग्रही शुभ योग (04 अक्टूबर से 06 अक्टूबर 2026)
    ग्रह व स्थिति: 4 अक्टूबर को चंद्रमा का प्रवेश कर्क राशि में होगा, जहाँ देवगुरु बृहस्पति और मंगल देव पहले से विराजमान रहेंगे. गुरु, मंगल और चंद्र की इस त्रिकोणीय युति से त्रिग्रही शुभ योग का निर्माण होगा.

    देवगुरु बृहस्पति का सिंह राशि में महागोचर (31 अक्टूबर 2026)
    ग्रह व स्थिति: 31 अक्टूबर को ज्ञान और समृद्धि के कारक देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) कर्क राशि से निकलकर मित्र ग्रह सूर्य की राशि सिंह में प्रवेश करेंगे. सिंह राशि में गुरु का आगमन एक अत्यंत शक्तिशाली शुभ स्थिति का निर्माण करेगा.

    ये राशियां पाएंगी लाभ
    कर्क राशि (Cancer)
    कर्क राशि के जातकों के लिए अक्टूबर का महीना किस्मत के नए दरवाजे खोलने वाला है. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन (पदोन्नति), इंक्रीमेंट और मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है. निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास में अद्भुत सुधार देखने को मिलेगा. आर्थिक तंगी पूरी तरह दूर होगी और आय के नए स्रोत बनेंगे.

    सिंह राशि (Leo)
    अक्टूबर के अंत में देवगुरु बृहस्पति का आपकी ही राशि में प्रवेश आपके लिए स्वर्णिम काल की शुरुआत करेगा. लंबे समय से अटके या रुके हुए काम तेजी से पूरे होने लगेंगे. विदेश यात्रा या उच्च शिक्षा से जुड़े सपने पूरे होंगे. व्यापार में अचानक बड़ा धन-लाभ होगा और संतान पक्ष से कोई बड़ी खुशखबरी मिलेगी.

    तुला राशि (Libra)
    अक्टूबर का महीना तुला राशि वालों के लिए अब तक का सबसे बेहतरीन महीना साबित हो सकता है. समाज में पद, प्रतिष्ठा और आकर्षण में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी. नया वाहन, संपत्ति या लग्जरी वस्तुएं खरीदने के मजबूत योग बनेंगे. बिजनेस करने वालों को नए प्रोजेक्ट्स और पार्टनरशिप से भारी मुनाफा होगा.

    वृश्चिक राशि (Scorpio)
    वृश्चिक राशि वालों के लिए अक्टूबर का महीना आर्थिक दृष्टिकोण से सबसे ज्यादा फायदेमंद रहेगा. वर्षों से अटका हुआ या फंसा हुआ पैसा वापस मिलेगा. शेयर बाजार, रियल एस्टेट या पुराने निवेश से बंपर रिटर्न (मुनाफा) मिलने की संभावना है. कार्यस्थल पर आपकी कार्यशैली और लीडरशिप की जमकर तारीफ होगी.

  • अमित शाह के भोपाल दौरे से पहले हाईलेवल बैठक, DGP ने परखी तैयारियां

    अमित शाह के भोपाल दौरे से पहले हाईलेवल बैठक, DGP ने परखी तैयारियां

    भोपाल
     केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित मध्य प्रदेश दौरे और तीन अक्टूबर से आयोजित होने वाली नवीन आपराधिक कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी की तैयारियों की डीजीपी कैलाश मकवाणा ने रविवार को पुलिस मुख्यालय में समीक्षा की।

    बैठक में साइबर अपराध, कानून-व्यवस्था, आतंकवाद प्रतिरोध, माओवादी समस्या उन्मूलन, पुलिस आधुनिकीकरण और पड़ोसी राज्यों के साथ सुरक्षा समन्वय सहित पुलिसिंग के विभिन्न विषयों पर अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण दिए।

    अधिकारियों ने ई-जीरो एफआईआर, 1930 साइबर हेल्पलाइन, साइबर कमांडो प्रशिक्षण और सेफ क्लिक अभियान की जानकारी दी। सेफ क्लिक के माध्यम से 8.6 करोड़ लोगों तक पहुंच बनाए जाने की जानकारी दी गई। ई-साक्ष्य, न्याय श्रुति, ई-समन, फॉरेंसिक सेवाओं और 57 मोबाइल फोरेंसिक वैन की जानकारी भी दी गई।

    विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज श्रीवास्तव ने प्रदर्शनी की तैयारियों की जानकारी दी। इसमें अपराध घटित होने से नागरिक को न्याय मिलने तक की प्रक्रिया को पुलिस, एफएसएल, अभियोजन और जेल की भूमिका के साथ प्रदर्शित किया जाएगा। प्रदर्शनी करीब पांच दिन चलेगी और तीन अक्टूबर से आम नागरिकों के लिए शुरू होगी।