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  • एशियन गेम्स में तेजस्विन शंकर ने जीता ब्रॉन्ज, बोले- रजत गंवाने का मलाल

    एशियन गेम्स में तेजस्विन शंकर ने जीता ब्रॉन्ज, बोले- रजत गंवाने का मलाल

    नागोया
     तेजस्विन शंकर ने एशियाई खेलों की डेकाथलॉन स्पर्धा में कांस्य पदक जीता है। अब वह अमेरिका जाकर छात्रों की कॉपियां चेक करेंगे। हालांकि, उन्हें सिल्वर मेडल न जीत पाने का मलाल रहेगा। पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाले तेजस्विन ने रविवार को 7,934 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। जापान के युमा मुरुयामा ने 8,123 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन के चेन एक्स ने 8,012 अंक जुटाकर रजत पदक अपने नाम किया। मुरुयामा ने पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था।

    तेजस्विन ने निराशा भरे अंदाज में कहा, 'कांस्य वह पदक नहीं था, जिसे मैं जीतना चाहता था। मुझे इस कांस्य के सिलसिले को खत्म करना होगा। इस समय मैं काफी निराश हूं। मुझे नहीं लगता कि मैंने कांस्य जीता है, बल्कि मैंने रजत गंवाया है।' दिल्ली के 27 वर्षीय एथलीट ने 10 स्पर्धाओं वाली डेकाथलॉन की आखिरी स्पर्धा 1500 मीटर दौड़ 4:33.09 के समय के साथ जीती। उन्होंने मुरुयामा (4:33.92) को पीछे छोड़ा। हालांकि, 1500 मीटर के नतीजे का पदकों पर खास असर नहीं पड़ा, क्योंकि इससे पहले ही मुरुयामा स्वर्ण पदक के लिए पर्याप्त अंक हासिल कर चुके थे।

    स्वर्ण का लक्ष्य नहीं था
    तेजस्विन जानते थे कि स्वर्ण पदक उनकी पहुंच से बाहर है, लेकिन 1500 मीटर दौड़ के दौरान उनके दिमाग में फरवरी में चीन में हुई एशियाई इंडोर चैंपियनशिप की हेप्टाथलॉन स्पर्धा के दौरान मुरुयामा से 1000 मीटर दौड़ में मिली हार चल रही थी। इंडोर चैंपियनशिप में सात स्पर्धाएं होती है। तेजस्विन ने कहा, 'उस समय बात पदक की नहीं थी, बल्कि इस बात की थी कि युमा ने एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में आखिरी एक किलोमीटर में मुझे हरा दिया था। सोशल मीडिया पर उस दौड़ की रील काफी चलती है। जब भी मैं वह रील देखता हूं, मुझे लगता है कि स्वर्ण जीतने के बावजूद मैं उस एक किलोमीटर में उसे नहीं हरा सका। इसलिए 1500 मीटर की पूरी दौड़ के दौरान जब वह मुझसे आगे था, मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि मुझे उसे पकड़ना है। आखिर में मैं उसे वही जवाब दूंगा, जो उसने उस दिन मुझे दिया था।'

    रेस जीतने से खुश
    तेजस्विन ने 1500 मीटर दौड़ जीतने पर संतोष जताया। उन्होंने लंबी कूद और ऊंची कूद में भी जीत हासिल की। उन्होंने कहा, 'वह पूरी दौड़ में आगे था। उसने एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में भी ऐसा ही किया था। मुझे पता था कि कब बढ़त लेनी है और मैंने बिल्कुल वही किया। 1500 मीटर में अपने प्रदर्शन से मैं काफी संतुष्ट था।' एशियाई खेलों से पहले तेजस्विन ने तीन डेकाथलॉन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया था। इनमें ग्लास्गो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स भी शामिल थे, जहां उन्होंने कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में हेप्टाथलॉन में भी हिस्सा लिया था। उनका मानना है कि इस साल एक प्रतियोगिता ज्यादा हो गई। उन्होंने कहा, 'मुरुयामा ने अप्रैल में एक डेकाथलॉन में हिस्सा लिया और फिर मई में एक और प्रतियोगिता में उतरे, हालांकि वह उसे पूरा नहीं कर सके। यह उनका दूसरा डेकाथलॉन था। ये चीजें मायने रखती हैं। मैं 30 जनवरी से लगातार प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहा हूं। मैं किसी को दोष नहीं दे रहा। इस साल मैंने चार प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। मैं खुश हूं कि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने मुझे राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप से हटने की अनुमति दी।'

    तेजस्विन ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया
    मई में फेडरेशन कप के दौरान 8,057 अंक का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाले तेजस्विन इस बार उस आंकड़े के करीब नहीं पहुंच सके, लेकिन पूरे सत्र में उनका प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा। उन्होंने कहा, 'इस साल मेरी हर डेकाथलॉन में 7,900 से अधिक अंक रहे हैं। यह अपने आप में मेरे सुधार को दर्शाता है। एक बड़े प्रदर्शन से ज्यादा महत्वपूर्ण निरंतरता है। अब मुझे 8,300 अंक तक पहुंचने के लिए 300 और अंक जुटाने होंगे और अगले साल विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करना होगा। यही मेरी अगली चुनौती है।'

    अमेरिका में कॉपी चेक करेंगे तेजस्विन
    प्रतियोगिता खत्म होने के बाद तेजस्विन अब अमेरिका लौटकर अपनी पढ़ाई और शिक्षण संबंधी जिम्मेदारियां संभालेंगे। वह अमेरिका की कंसास स्टेट यूनिवर्सिटी के काइन्सियोलॉजी विभाग में स्नातक शिक्षण सहायक हैं। साल के बाकी महीनों में कुछ आराम करने के बाद वह अपनी यह जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्होंने कहा, 'मैं मंगलवार को अमेरिका वापस जा रहा हूं। मेरी विश्वविद्यालय की जिम्मेदारियां हैं। मैं ‘टीचिंग असिस्टेंट’ हूं और मुझे विद्यार्थियों के ‘असाइनमेंट’ जांचने हैं। मैं एक सप्ताह से अपने छात्रों से नहीं मिला हूं, इसलिए मुझे वापस जाकर काम शुरू करना होगा।' जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कंसास के अपने छात्रों के लिए आदर्श बन सकते हैं, तो तेजस्विन ने कहा, 'बिल्कुल नहीं। मुझे किसी के लिए आदर्श बनने की परवाह नहीं है। अगर कोई मेरी प्रशंसा करना चाहता है तो यह ठीक है।'

  • छत्तीसगढ़ में बाढ़ से हाहाकार, 571 गांवों के 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित

    छत्तीसगढ़ में बाढ़ से हाहाकार, 571 गांवों के 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित

    रायपुरबीजापुरजीपीएमदुर्ग
    छत्तीसगढ़ में तीन दिन बारिश तबाही लेकर आई. कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए. शहरों में पुल पुलियों के ऊपर से पानी बहने लगा. दुर्ग रायपुर का संपर्क कट गया. गरियाबंद धमतरी के कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया. ग्रामीण क्षेत्रों में कई घर बाढ़ के पानी से भर गए, लोगों को सुरक्षित जगहों पर शरण लेनी पड़ी. शनिवार देर रात से बारिश की रफ्तार कुछ कम हुई. रविवार सुबह से बारिश थम गई, जिसके बाद अब हालात पटरी पर आने लगे हैं। 

    सुकमा दौरे पर सीएम विष्णुदेव साय
    सीएम विष्णुदेव साय आज बस्तर और सुकमा जिले दौरे पर पहुंच रहे हैं. सीएम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और राहत शिविरों में जाएंगे. साय प्रभावित परिवारों के घरों तक जाकर पीड़ित परिवारों से मिलेंगे और उनकी बात कर उनकी परेशानी सुनेंगे. मुख्यमंत्री अधिकारियों से नुकसान का जायजा लेंगे। 

    रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव समेत 12 जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। तापमान की बात करें तो दुर्ग 31.6 डिग्री के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा। वहीं अंबिकापुर और पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री दर्ज किया गया।

    बारिश थमने के बाद अब नदी-नालों का पानी उतर गया है। रायपुर के महादेवघाट पुल से लोगों का आना-जाना शुरू हो गया है। अमलेश्वर जाने वाला यह रास्ता पिछले दो दिन से बंद था।

    महादेवघाट में गणेश विसर्जन के लिए केवल समितियों के सदस्यों को प्रवेश दिया जा रहा है। वहीं प्रदेश में उफनते नदी-नालों में अलग-अलग घटनाओं में कुल 12 लोग बह गए। इनमें 3 लोगों की मौत हो गई।

    इन्द्रावती नदी पार फंसे कर्मचारियों का रेस्क्यू
    बीजापुर जिले मे लगातार बारिश और बाढ़ के बीच इन्द्रावती नदी पार माड़ क्षेत्र में फंसे पटवारी एवं सर्वेयर सहित 6 कर्मचारियों को जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से एयरलिफ्ट कर सुरक्षित बीजापुर लाया गया. जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद सभी कर्मचारियों का जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जिसमें सभी की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य पाई गई. बता दें कि गिरदावरी सर्वे कार्य के लिए पटवारी एवं सर्वेयर का 6 सदस्यीय दल बड़ेपल्ली और गुट्टामंगी क्षेत्र में गया था. इसी दौरान लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में जलस्तर बढ़ गया और क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति निर्मित होने से कर्मचारी वहीं फंस गए। 

    बीजापुर में बाढ़ में फंसे कर्मचारी एयरलिफ्ट
    कर्मचारियों के फंसे होने की जानकारी मिलते ही कलेक्टर विश्वदीप ने तत्काल रेस्क्यू की कार्रवाई के निर्देश दिए. प्रशासन ने बिना समय गंवाए एयरलिफ्ट की व्यवस्था कर सभी 6 कर्मचारियों को सुरक्षित जिला मुख्यालय पहुंचाया.जिला अस्पताल में कलेक्टर विश्वदीप की उपस्थिति में कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया. कलेक्टर ने सभी कर्मचारियों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली. सुरक्षित लौटे कर्मचारियों के चेहरे पर राहत और अपनों से दोबारा मिलने की खुशी साफ दिखाई दी. कलेक्टर ने कठिन परिस्थितियों में अपने दायित्व का निर्वहन करने के लिए कर्मचारियों के कार्य की सराहना की। 

    कलेक्टर विश्वदीप ने कहा कि बाढ़ और आपदा की परिस्थितियों में जिला प्रशासन पूरी सजगता और तत्परता के साथ कार्य कर रहा है. प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. राहत एवं बचाव दल लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके और जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके। 

    बीजापुर: सात दिनों से फंसे पटवारियों का हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू
    बीजापुर में इंद्रावती नदी की बाढ़ के कारण सात दिनों से फंसे दो पटवारी सहित आधा दर्जन कर्मचारियों का रेस्क्यू सफल रहा। 27 सितंबर को नईदुनिया में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने तत्परता दिखाई। कलेक्टर विश्वदीप की पहल पर रविवार शाम को हेलीकॉप्टर से इन सरकारी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बीजापुर हेलीपैड पर उतरते ही सभी को जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में भर्ती कराया गया।

    कर्मचारियों का दल एक सप्ताह पहले राजस्व सर्वे के कार्य से नाव से इंद्रावती नदी पार कर अंदरूनी गांवों में गया था। दल में दो पटवारी, दो चैनमेन और दो सर्वेयर शामिल थे। अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से वापसी का रास्ता बंद हो गया। कर्मचारियों के दो दल अलग-अलग स्थानों पर फंसे थे। SDM भैरमगढ़ विकास सर्वे ने बताया कि प्रशासन ने दो बार रेस्क्यू टीम को नदी तक भेजा, लेकिन तेज बहाव के कारण टीम लौट गई। कुछ कर्मचारियों के बीमार होने पर कलेक्टर ने वायुसेना से हेलीकॉप्टर की मांग की, जिसके बाद सभी को सुरक्षित लाया गया।

    रायगढ़: महानदी खतरे के निशान से 1.25 मीटर ऊपर, गांवों में घुसा पानी
    रायगढ़ में लगातार बारिश के चलते महानदी का जलस्तर बढ़ने से रायगढ़ और आसपास के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पुसौर क्षेत्र के कई गांवों के साथ ही सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया तहसील के रानीडीह-पोरथ मार्ग, कोर्रा और आसपास के गांवों में पानी घुस गया है। खेत, गलियां और सड़कें जलमग्न होने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित होने लगी है।

    महानदी में बढ़ते जलप्रवाह का असर कलमा बैराज में भी साफ दिखाई दे रहा है। 27 सितंबर की सुबह 11 बजे बैराज का जलस्तर 199.35 मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित खतरे के स्तर 198.50 मीटर से 0.85 मीटर अधिक है। बैराज का पूर्ण जलस्तर 197 मीटर बताया गया है। शाम तक मिली रिपोर्ट के अनुसार जलस्तर खतरे के निशान से करीब सवा मीटर ऊपर पहुंच गया था। टाटी क्षेत्र के खेतों में पानी भर गया है और कल्याण गांव की गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक पानी पहुंच गया है।

    अंबिकापुर: कनहर नदी में 14 घंटे तक फंसे रहे तीन ग्रामीण
    अंबिकापुर में बलरामपुर विकासखंड के कोटपाली-खजुरी में कनहर नदी के तेज बहाव के बीच तीन ग्रामीण करीब 14 घंटे तक फंसे रहे। जिला प्रशासन, नगर सेना के गोताखोरों और स्थानीय ग्रामीणों की संयुक्त टीम ने रात करीब 12 बजे नाव के सहारे तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। तीनों की हालत सामान्य है।

    रेस्क्यू किए गए ग्रामीणों में ग्राम कोठली निवासी सरजू राम (45), उनकी पत्नी राजकुमारी (40) और ग्राम जाबगड़ी निवासी फूलमनिया (30) शामिल हैं। तीनों शुक्रवार को रिश्तेदार के यहां मेहमानी के लिए कोटपाली आए थे। शनिवार सुबह करीब 10 बजे वे अपने गांव लौटने के लिए कनहर नदी पार कर रहे थे। जलस्तर कम होने के कारण वे पैदल नदी पार करने लगे, लेकिन बीच धार में पहुंचते ही पहाड़ी क्षेत्र में हुई बारिश से जलस्तर तेजी से बढ़ गया। दोपहर बाद ग्रामीणों ने उन्हें देखा और प्रशासन को सूचना दी। तेज बहाव और अंधेरे के कारण शुरुआती दो प्रयास विफल रहे।

    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर निकले रायपुर कलेक्टर
    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों का जायजा लेने रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने रविवार को विभिन्न इलाकों और राहत शिविरों का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। 

    श्रीलंका नगर बस्ती में हालात का लिया जायजा
    कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित अधिकारियों के साथ श्रीलंका नगर बस्ती पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और जरूरतें जानीं. कलेक्टर ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 
    कलेक्टर ने पूर्व माध्यमिक शाला चांदनीडीह और शासकीय प्राथमिक शाला घनश्याम नगर डिपरापारा में बनाए गए राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया. उन्होंने शिविरों में ठहरे लोगों से बातकर भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य आवश्यकताओं की जानकारी ली. प्रभावित परिवारों की राहत और पुनर्वास के लिए कार्ययोजना तैयार कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। 

    राशन, दवाइयों और कपड़ों की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश
    कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित किसी भी नागरिक को परेशानी नहीं होनी चाहिए. राहत शिविरों में भोजन और राशन के साथ आवश्यक दवाइयों और कपड़ों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए. कलेक्टर ने कहा कि पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाएगी। 

    प्रभावितों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता भी जांची
    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन और डीसीपी पश्चिम रॉबिंसन गुड़िया ने राहत शिविर में प्रभावित लोगों को वितरित किए जा रहे भोजन को स्वयं खाकर उसकी गुणवत्ता की जांच की. कलेक्टर ने भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के साथ प्रभावितों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.निरीक्षण के दौरान एसडीएम नंदकुमार चौबे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। 

    गौरेला पेंड्रा मरवाही में बरसाती झरने 
    बारिश के बाद ठाड़पथरा स्थित माई की मड़वा का झरना भी पूरे वेग से बह रहा है. यहां नदी में पानी का बहाव काफी तेज है. इसके बावजूद कुछ लोग जान जोखिम में डालकर रस्सी के सहारे नदी पार करते दिखाई दिए. तेज बहाव के बीच इस तरह नदी पार करना हादसे को न्योता दे सकता है.दुर्गाधारा जलप्रपात में भी बारिश के बाद पानी का प्रवाह बढ़ गया है. पहाड़ी से तेज गति से गिरते पानी का नजारा देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. जलप्रपात के आसपास हरियाली और बारिश के बाद बदला प्राकृतिक वातावरण लोगों को आकर्षित कर रहा है. मरकंटक मार्ग पर कई अन्य स्थानों पर भी बरसाती झरने सक्रिय हो गए हैं, जहां सड़क से गुजरने वाले लोग अपने वाहनों को रोककर प्राकृतिक नजारों का आनंद ले रहे हैं. पर्यटक इन झरनों के साथ तस्वीरें और वीडियो बनाकर यादगार पलों को मोबाइल कैमरे में कैद कर रहे हैं। 

    बीजापुर के दुर्गम क्षेत्र में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने बारिश के बीच मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया. ग्राम अंड्री, थाना गंगालूर क्षेत्र की चार वर्षीय बालिका के घायल होने की सूचना मिलने पर सीआरपीएफ जवानों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए उसे समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई। 

    26 सितंबर 2026 को ग्राम अंड्री की चार वर्षीय बालिका खेलते समय घायल हो गई थी. चोट के कारण बालिका को तत्काल उपचार की आवश्यकता थी. लेकिन बारिश के कारण नदी नाले उफान पर है. ऐसे समय में 199 बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट आनंद कुमार एवं 85 बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट सुनील कुमार राही के निर्देशन में जवानों ने बालिका को बाइक एंबुलेंस के माध्यम से 85 बटालियन सीआरपीएफ के मुतवंडी कैंप तक पहुंचाया. मुतवंडी कैंप से 85 बटालियन की एंबुलेंस के माध्यम से घायल बालिका को जिला अस्पताल बीजापुर लाया गया, जहां उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया गया. समय पर चिकित्सा सहायता और सीआरपीएफ जवानों के समन्वित प्रयासों के चलते बालिका का इलाज हो सका. बच्ची की स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है। 

  • भोपाल Master Plan-2047 में बड़ा बदलाव, चौड़ी सड़क से प्लॉट नहीं होगा कमर्शियल

    भोपाल Master Plan-2047 में बड़ा बदलाव, चौड़ी सड़क से प्लॉट नहीं होगा कमर्शियल

    भोपाल
    भोपाल के मास्टर प्लान-2047 के प्रस्तावित ड्राफ्ट में शहर के विकास और नई कॉलोनियों के स्वरूप को लेकर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नए नियमों के तहत अब किसी भी नई कॉलोनी में महज सड़क चौड़ी होने से कोई प्लॉट कमर्शियल नहीं मान लिया जाएगा।

    इसके लिए लेआउट में स्पष्ट मंजूरी लेनी होगी। इसके अलावा, कॉलोनियों में हरियाली और बच्चों के लिए खेल मैदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खुली जगह (ओपन स्पेस) का दायरा भी 10% से बढ़ाकर 12% कर दिया है।

    चौड़ी सड़क का मतलब सीधे कमर्शियल प्लॉट नहीं
        मास्टर प्लान के ड्राफ्ट के अनुसार, नई कॉलोनियों में सड़क की चौड़ाई के आधार पर दुकान, ऑफिस, अस्पताल या मॉल खोलने की गुंजाइश तो दी है, लेकिन लेआउट पास करते समय ही यह तय करना होगा कि कमर्शियल या मिक्स लैंड यूज के प्लॉट कहां होंगे।

    नई कॉलोनी में कुल आवासीय क्षेत्र के अधिकतम 5% हिस्से में ही स्थानीय जरूरतों वाली दुकानें खोलने की अनुमति होगी। हालांकि, अगर सड़क 18 मीटर या उससे अधिक चौड़ी है, तो इस 5% की सीमा के अलावा भी मिक्स लैंड यूज वाले प्लॉट मंजूर किए जा सकेंगे।
    पहले से बसी पुरानी कॉलोनियों में सड़क की चौड़ाई के हिसाब से कमर्शियल गतिविधियों की छूट मिलेगी, लेकिन आवासीय परिसरों में गैर-आवासीय उपयोग स्वीकृत एफएआर (FAR) के अधिकतम 50% तक ही सीमित रहेगा।

    हरियाली और खेल मैदानों पर विशेष जोर
    नए प्रस्ताव में पर्यावरण और खुले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। नई कॉलोनियों में अब 12 प्रतिशत सामुदायिक खुली जगह छोड़ना अनिवार्य होगा, जिसमें से आधी जगह एक साथ (सिंगल पैच में) रखनी होगी। इस कुल खुले क्षेत्र का 30 फीसदी हिस्सा पेड़-पौधों के लिए और 30 फीसदी बच्चों के खेल मैदान के लिए आरक्षित रहेगा। इसके अलावा, सर्विस सुविधाओं के लिए अलग से 2% जमीन छोड़ना भी अनिवार्य किया गया है।

    शहर के बाहर व्यक्तिगत मकान बनाने पर सख्त हुए नियम
        अक्सर लोग शहर के बाहर शांत इलाकों में बड़ी जमीन लेकर अपना अलग मकान बना लेते हैं, जिससे वहां सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का दबाव बढ़ जाता है। अब ऐसे व्यक्तिगत मकानों के लिए नियम सख्त कर दिए गए हैं।

        इनके लिए कम से कम 9 मीटर चौड़ी सड़क का होना जरूरी है। साथ ही अधिकतम 25% ग्राउंड कवरेज, 10 मीटर ऊंचाई और 1.25 एफएआर (FAR) का प्रस्ताव रखा गया है। मकान मालिक को यह भी स्पष्ट करना होगा कि उसकी जमीन किसी अवैध कॉलोनी का हिस्सा तो नहीं है।

        नक्शा पास कराते समय प्लॉट के चारों ओर छोड़ी जाने वाली जगह (मार्जिन) के नियमों में छोटे प्लॉट वालों को काफी राहत दी गई है है। 517 वर्ग फीट तक के प्लॉट में सिर्फ सामने की तरफ 3 मीटर जगह छोड़नी होगी। पीछे या अगल-बगल कोई जगह छोड़ने की जरूरत नहीं है।

        517 से 1615 वर्ग फीट तक के प्लॉट में सामने 3 मीटर और पीछे 1.5 मीटर जगह छोड़नी होगी। 1615 से 2422 वर्ग फीट तक के प्लॉट में सामने 3 मीटर, पीछे 1.5 मीटर और एक तरफ 3 मीटर जगह छोड़नी होगी। इससे बड़े आकार (5382 वर्ग फीट तक) के प्लॉट्स के लिए साइज के हिसाब से चारों तरफ जगह छोड़ने के अलग-अलग नियम तय किए गए हैं।

    दूसरी ओर, सामान्य आवासीय प्लॉट्स पर निर्माण की अच्छी छूट दी गई है। मसलन, 5000 वर्ग फीट के प्लॉट पर सभी मंजिलों को मिलाकर 7500 वर्ग फीट तक निर्माण किया जा सकता है। इसकी अधिकतम ऊंचाई 12.50 मीटर हो सकती है और इसमें ज्यादा से ज्यादा 6 फ्लैट बनाने की इजाजत होगी।

    अतिरिक्त निर्माण के लिए टीडीआर (TDR) और शुल्क का फॉर्मूला
    अगर कोई व्यक्ति तय सीमा से अधिक निर्माण करना चाहता है, तो उसे अतिरिक्त एफएआर का 50% हिस्सा शुल्क देकर और बाकी 50% हिस्सा टीडीआर (यानी दूसरे की जमीन से मिला निर्माण अधिकार) के जरिए हासिल करना होगा। वहीं, 12.50 मीटर तक की ऊंचाई वाले मकानों में एफएआर को 1.25 से बढ़ाकर 1.50 तक ले जाने के लिए पूरा अतिरिक्त अधिकार शुल्क देकर मंजूरी प्राप्त की जा सकती है।

  • राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना, सपा-कांग्रेस गठबंधन को बताया ‘ठगबंधन’

    राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना, सपा-कांग्रेस गठबंधन को बताया ‘ठगबंधन’

    राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना, सपा-कांग्रेस गठबंधन को बताया ‘ठगबंधन’

    सपा-कांग्रेस की तकरार पर राजभर का हमला, अखिलेश से पूछा- ‘इसको गठबंधन कहते हैं?’

    राजभर ने अखिलेश से पूछा- कांग्रेस के खिलाफ बोलने की परमिशन आपने दी या चच्चू आत्मनिर्भर हो गए?

    सपा-कांग्रेस की खींचतान पर राजभर का हमला, बोले- ‘लड़ाई इस बात की है कि कौन बड़ा ठग?’

    राजभर ने अखिलेश को अमेठी जाने की दी नसीहत, राहुल गांधी पर भी कसा तंज

    लखनऊ
     समाजवादी पा
    र्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बढ़ती तकरार को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सपा-कांग्रेस के रिश्तों पर सवाल उठाते हुए संभावित गठबंधन को ‘ठगबंधन’ करार दिया।

    'ए महाराज, इसको गठबंधन कहते हैं?'

    राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अखिलेश यादव रायबरेली गए तो कांग्रेस के लोग उन्हें इटावा जाने को कह रहे हैं। उन्होंने शिवपाल यादव को लेकर भी तंज कसा और कहा कि ‘चच्चू’ कांग्रेस वालों को जसवंतनगर बुलाकर औकात दिखाना चाह रहे हैं।

    राजभर ने आगे लिखा कि इमरान मसूद अखिलेश को आंखें दिखा रहे हैं और इकरा हसन कांग्रेस वालों को उनकी जगह दिखा रही हैं। वहीं, अजय राय और राजेंद्र पाल गौतम ने सपा को छोटा भाई बना दिया है और सपा के प्रवक्ता कांग्रेसियों को लिमिट में रहने की सीख दे रहे हैं। इसी को लेकर राजभर ने सवाल किया, 'ए महाराज, इसको गठबंधन कहते हैं?'

    'असल में इसको ठगबंधन कहा जाता है'

    ओमप्रकाश राजभर ने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर तंज कसते हुए इसे ‘ठगबंधन’ बताया। उन्होंने लिखा कि ठगी के लिए प्लानिंग भी हो रही है और ‘लूट के माल’ की बंदरबांट को लेकर भी लड़ाई हो रही है। राजभर ने आगे तंज करते हुए लिखा कि लड़ाई इस बात की है कि ‘कौन बड़ा ठग?’

    अखिलेश से पूछा- नेताओं को परमिशन आपने दी है?

    राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल करते हुए लिखा कि क्या अपने नेताओं को कांग्रेस के खिलाफ बोलने की परमिशन उन्होंने ही दी है या फिर शिवपाल यादव और बाकी नेता इस मामले में ‘आत्मनिर्भर’ हो गए हैं।

    अमेठी जाने की दी नसीहत

    राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव को अमेठी जाने की नसीहत भी दी। उन्होंने लिखा कि अगर अखिलेश रथ निकाल रहे हैं तो लखनऊ के बगल में अमेठी है और उन्हें वहां एक चक्कर लगा लेना चाहिए।

    राजभर ने अमेठी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर भी तंज कसा। उन्होंने लिखा कि यही अमेठी है, जिसने ‘आपके मित्र राहुल बाबा को सिर्फ हराया ही नहीं, बल्कि भगा दिया।’ पोस्ट के अंत में राजभर ने लिखा 'उसी अमेठी घूम आइये महाराज, कांग्रेसियों को जलने दीजिए।'

  • ग्राम पंचायत जितनी बढ़ाएगी अपनी आय, सरकार उतनी ही देगी अतिरिक्त धनराशि, आत्मनिर्भर गांव बनाने पर जोर

    ग्राम पंचायत जितनी बढ़ाएगी अपनी आय, सरकार उतनी ही देगी अतिरिक्त धनराशि, आत्मनिर्भर गांव बनाने पर जोर

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सरकारी नौकरियों और गांवों के विकास को लेकर समाजवादी पार्टी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने नौजवानों के हक पर डकैती डाली, पिछड़ों-दलितों को योजनाओं से वंचित किया, नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, जिनके लिए विकास का मतलब सिर्फ सैफई था, वही आज नए स्वरूप में नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदलते दिख रहे हैं। इनसे सावधान रहना है। यह भ्रम पैदा कर राज्य को अराजकता की तरफ धकेलने की साजिश करेंगे। सीएम ने सपा-कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने का हमारा लक्ष्य है। वे गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र वितरित करते रहेंगे।
     
    मुख्यमंत्री योगी मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। 11 नवचयनितों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नियुक्ति पत्र सौंपा। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि मैंने 15 सितंबर के आसपास कहा था कि हर सप्ताह नियुक्ति पत्र वितरण करेंगे और छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र देंगे। 20 सितंबर से यह चौथी नियुक्ति पत्र प्रक्रिया संपन्न हुई। अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र वितरण होगा।

    यूपी में अब सिर झुकाकर चलता है माफिया
    सीएम ने कहा कि सपा शासनकाल में संवेदनहीनता की चरमता थी। बेईमानी से जकड़े वे लोग माफिया के सामने झुकते थे, परंतु अब ऐसा नहीं है। अब कोई माफिया असलहों के साथ गाड़ियों का काफिला लेकर नहीं चल सकता। आज यूपी में नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता है। उसे पता है कि गरीब की झोपड़ी पर कब्जा और व्यापारी से फिरौती मांगने जाएंगे तो काम तमाम हो जाएगा। अब माफिया और उनके आका भयभीत हैं। भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण देना सरकार की प्राथमिकता है।

    युवाओं के लिए यही होली-दीवाली
    मुख्यमंत्री ने समयसीमा के अंदर निष्पक्ष व शुचितापूर्ण नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र एक नौजवान प्राप्त कर रहा है, लेकिन खुशी पूरे परिवार व रिश्तेदारों में है। उनके लिए यही होली-दीवाली है। जो राज्य 10 साल पहले बीमारू था,  उसे निष्पक्षता व ईमानदारी के साथ हमने सबसे समृद्ध राज्य के रूप में खड़ा किया है। युवाओं के सपनों को उड़ान और मंजिल प्राप्त करने के लिए प्लेटफॉर्म चाहिए। आपकी पीढ़ी सौभाग्यशाली है कि आपको यह वातावरण मिल रहा है।

    योग्यता पर भी नहीं मिलती थी 2017 के पहले नौकरी
    सीएम योगी ने कहा कि हम युवा बल को प्लेटफॉर्म देकर उसकी ऊर्जा-प्रतिभा का उपयोग उप्र की समृद्धि में करने में सफल होते हैं। 2017 के पहले युवाओं में सिर्फ आशंका, हताशा-निराशा थी। योग्यता के बावजूद सिर्फ पहुंच न होने की वजह से गरीब बच्चों से नौकरी कोसों दूर रहती थी। 2017 में हमने इस जकड़न, बेईमानी व माफियाराज से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया था। अब सरकारी नियुक्ति पाने वाले साढ़े 9 लाख युवाओं की प्रतिभा से यूपी विकास की नई कहानी लिख रहा है।

    शहीद भगत सिंह की जयंती पर नियुक्ति पत्र
    मुख्यमंत्री ने साढ़े 9 वर्ष में हुए परिवर्तन को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले यूपी सबसे पिछड़े 5 राज्य में था, अब टॉप-3 में हैं। यूपी ने अपनी अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय व बजट को तीन गुना करने में सफलता हासिल की है। यह बदलाव पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन में हर योजना को ईमानदारी से लागू करने का परिणाम है। आज सरदार भगत सिंह की जयंती है। जब उन्होंने देश के लिए बलिदान दिया, तब उनकी आयु मात्र 23 वर्ष थी। आज नियुक्ति पत्र पाने वाले अनेक जवानों की आयु भी 20-27 वर्ष के बीच में है। सरदार भगत सिंह ने देश के लिए इसलिए बलिदान दिया था कि आने वाले समय में नौजवानों का जीवन उज्ज्वल हो। 28 सितंबर 2023 को यूपी के 57,600 से अधिक गांवों ने ओडीएफ प्लस का लक्ष्य प्राप्त किया था। 2017 के बाद 3.32 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया।

    बच्चे इंसेफेलाइटिस से मरते थे, मंत्री अस्पताल नहीं जाते थे
    सीएम योगी ने कहा कि लगभग 30 जनपदों में गंदगी के कारण मस्तिष्क ज्वर से दलित, पिछड़े व गरीब वर्ग के सैकड़ों बच्चों की मौत होती थी। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कड़क धूप में एक बेड पर चार-चार बच्चे भर्ती होते थे। सपा ने चार बार शासन किया, लेकिन तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल तक का दौरा नहीं किया। सपा के लिए विकास का मायने केवल सैफई था, बाकी गांवों, जनपदों से इन्हें कोई मतलब नहीं था। भारत सरकार 2017 के पहले भी पैसा देती थी, लेकिन लाभ सिर्फ सपा के लोगों को मिलता था। हम चुनाव जरूर पार्टी पर लड़ते हैं, लेकिन सत्ता में आते हैं तो बिना भेदभाव सबको योजनाओं का लाभ देते हैं।

    हर ग्राम पंचायत कर रही रोजगार का सृजन
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 1996 में त्रिस्तरीय पंचायत की व्यवस्था लागू हुई। तब से ग्राम प्रधानों के पास कार्यालय नहीं था। उनके घऱ से व्यवस्था संचालित होती थी। विरोधी दल का व्यक्ति कैसे उनके घर जाता। लेकिन, जो काम इतने वर्षों में नहीं हुआ, वह अब हो गया है। अब ग्राम पंचायत का कार्यालय (ग्राम सचिवालय) भी है। चार से लेकर छह कमरे हैं। इसमें ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल, बीसी सखी आदि बैठते हैं। वहां डिजिटल लाइब्रेरी व कॉन्फ्रेंस रूम भी है। एनडीए सरकार ने गांधी जी के सपनों को साकार किया है। गांव की बेटी बीसी सखी व रोजगार सेवक लोगों को जन्म, निवास, आय प्रमाण पत्र आदि सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। गांव में ही सारी सुविधाएं मिल रही हैं। अन्नपूर्णा भवन, फेयर प्राइस शॉप के साथ वेयरहाउस से भी गांवों में रोजगार सृजन हुए हैं। सामुदायिक शौचालय की देखरेख महिला स्वयंसेवी समूह से जुड़ी महिलाएं करती हैं, जिन्हें पैसा भी मिलता है। उत्सव भवन कुछ गांवों में बन चुके हैं, कुछ में बन रहे हैं। यहां भी लोगों को रोजगार मिल सकता है। हर गांव 5-7 रोजगार का सृजन कर रहा है।

    ग्राम पंचायतों को अतिरिक्त धनराशि
    सीएम ने पिछले 4 दिन मूसलाधार बारिश का जिक्र करते हुए कहा कि यदि 65 लाख गरीबों को पीएम/सीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिला होता तो ये सभी बेघर हो गए होते। सभी एहतियात करने के बावजूद कुछ निर्दोषों की जान चली गई। उन्होंने सपा मुखिया पर तंज कसते हुए कहा कि जो कुछ कर नहीं पाए, वह आक्षेप लगाते हैं। जिनमें सामर्थ्य नहीं था, वह टिप्पणी करते हैं। सीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारियों को नींव का पत्थर बताते हुए कहा कि आपकी स्थिति मजबूत होगी तो ग्राम पंचायतों की भूमिका प्रभावी होगी। ग्राम पंचायत भी आय अर्जित कर सकती है। जो ग्राम पंचायत जितनी आय करेगी, सरकार उसे उतनी ही अतिरिक्त धनराशि देगी।

    कोई टोटी चोरी कर लेगा तो पानी बहता रहेगा
    सीएम ने कहा कि गंदगी व शुद्ध पेयजल का अभाव गांव में बीमारी का कारण है। सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान से गंदगी को समाप्त किया। हर घर नल योजना गांव तक पहुंचेगी। उन्होंने तंज कसा कि गांवों में युवाओं को प्लंबर की ट्रेनिंग दें, जिससे कोई टोटी चोरी कर ले गया तो वे उसकी मरम्मत कर सके। टोटी चोरी होने से पानी बहता रहेगा, जिससे क्षति गांव की होगी। युवाओं के पास आइडिया, इनोवेशन व गांव को अच्छा बनाने का जज्बा होना चाहिए। विकसित भारत का सपना तब साकार होगा, जब यूपी विकसित होगा। यूपी तब विकसित होगा, जब ग्राम पंचायत की इकाई विकसित व आत्मनिर्भर होगी। आप इस परिकल्पना को साकार करने के सारथी बनने जा रहे हैं।

    नौकरी के हिसाब से तय होता था रेट: राजभर
    इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में नौकरी का विज्ञापन निकलते ही गुर्गे सक्रिय हो जाते थे और पद के हिसाब से रकम तय होती थी। आज बिना भेदभाव, बिना लेनदेन सरकारी नौकरी मिल रही है।
     
    अब बिना घूसखोरी मिल रही नौकरी: शाही
    नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों से साढ़े नौ लाख युवाओं को बिना घूसखोरी और भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरी मिली है। यह बड़ी उपलब्धि है।

    इस अवसर पर महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, विधायक डॉ. नीरज बोरा, जय देवी, अमरेश कुमार, उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत आदि मौजूद रहे।

  • AI फेक वीडियो पर भड़के सलमान खान, बोले- ऐसे लोगों को जेल भेजना चाहिए

    AI फेक वीडियो पर भड़के सलमान खान, बोले- ऐसे लोगों को जेल भेजना चाहिए

    बॉलीवुड के दबंग हीरो सलमान खान अब हर मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखते हैं. चाहे पैपराजी कल्चर हो या सोशल मीडिया ट्रोलिंग. 'बिग बॉस' के मंच से एक बार फिर एक्टर ने ट्रोल्स और एआई (AI) का गलत इस्तेमाल करके फर्जी वीडियो बनाने वालों को आड़े हाथों लिया है और उन्हें सख्त चेतावनी दी है.

    सलमान का फूटा गुस्सा
    सलमान ने वीकेंड का वार एपिसोड में कहा कि आजकल कई लोग AI का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. लोगों की आवाज और चेहरों का इस्तेमाल करके फेक वीडियो बना रहे हैं. इसका मासूम लोगों पर बुरा असर पड़ रहा है. सलमान ने इस तरह के फेक कंटेंट पर अपनी चिंता जाहिर की. उन्होंने ऐसे वीडियो बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की और कहा कि ऐसे लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए.

    भाईजान बोले- किसी ने आपकी AI वॉयस लेकर डब कर दी और किसी को गाली दे दी. आपको पता है ये लोग क्या कर रहे हैं? ये AI वीडियो बना रहे हैं. यहां तक कि इन फर्जी (AI) वीडियोज में मैं भी हूं. देखने में ये बिल्कुल रियल लगते हैं.

    सलमान ने दी चेतावनी
    सलमान आगे बोले- कुछ लोग जिन्हें नहीं पता कि यह AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) है, वो इसे यह सोचकर पोस्ट कर देंगे कि सलमान खान वहां मौजूद थे. लेकिन जिन लोगों को यह बात पता है, जिन्होंने यह वीडियो बनाया है, वो किस तरह के लोग हैं? अब ऐसे लोगों को सलाखों के पीछे डाला जाना चाहिए. जब तक इनमें से एक-दो लोग अंदर (जेल) नहीं जाएंगे, तब तक यह सब रुकने वाला नहीं है.

    सलमान ने AI के गलत इस्तेमाल से निपटने के लिए सख्त कानूनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कड़े नियमों की मांग भी की. एक्टर ने कहा- सोशल मीडिया पर सेंसरशिप होनी ही चाहिए. मैं इस मुद्दे को बेहद गंभीरता से उठाने जा रहा हूं.

    सलमान ने पिछले हफ्ते भी ट्रोल्स को चेतावनी दी थी. ट्रोलिंग कल्चर को खत्म करने की सलमान की इस पहल को लोग काफी सराह रहे हैं. वैसे इस बारे में आपका क्या कहना है?
     

  • मैच जीतकर लौट रही टीम बस से गिरे रोहित शर्मा, विराट कोहली भी हुए परेशान

    मैच जीतकर लौट रही टीम बस से गिरे रोहित शर्मा, विराट कोहली भी हुए परेशान

    नई दिल्ली
    वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में भारतीय टीम की शानदार जीत के बाद तिरुवनंतपुरम से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। 27 सितंबर 2026 की रात ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में मैच खत्म होने के बाद जब भारतीय टीम होटल लौट रही थी, तब पूर्व कप्तान रोहित शर्मा टीम बस की सीढ़ियों से उतरते वक्त संतुलन खो बैठे और जोर से नीचे गिर गए।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रोहित का पैर सीढ़ी से फिसल गया, जिसके बाद वहां मौजूद सपोर्ट स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत दौड़कर उन्हें उठाया और संभाला। राहत की बात यह है कि BCCI या रोहित शर्मा की ओर से किसी भी तरह की चोट की पुष्टि नहीं की गई है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि विराट कोहली रोहित शर्मा को लेकर काफी चिंता में आ गए और बाकि अन्य खिलाड़ी जीत का जश्म मना रहे थे।

    दो महीने बाद वनडे फॉर्मेट में रोहित की हुई है वापसी
    39 साल के दिग्गज सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने दो महीने के लंबे ब्रेक के बाद वनडे प्रारूप में वापसी की है। इससे पहले उन्होंने 19 जुलाई 2026 को इंग्लैंड के खिलाफ अपना आखिरी वनडे खेला था। इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों की वनडे टीम में वापसी हुई है।

    भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से रौंदा
    तिरुवनंतपुरम में खेले गए सीरीज के पहले वनडे में भारत ने वेस्टइंडीज पर 8 विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज कर 3 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। कैरेबियाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जस्टिन ग्रीव्स के शतक, जॉन कैंपबेल और अमिर जांगू के अर्धशतकों की मदद से 50 ओवर में 295/7 का स्कोर बनाया। भारत के लिए कुलदीप यादव ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट चटकाए। 296 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने कप्तान शुभमन गिल (110) और विराट कोहली (139)* के शानदार शतकों की बदौलत बेहद आसानी से 8
    विकेट से मुकाबला जीत लिया।

    सीरीज का आगे का शेड्यूल
    शुभमन गिल की कप्तानी और केएल राहुल की उप-कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम अब सीरीज के अगले दो मुकाबलों के लिए तैयार है। 30 सितंबर 2026 को गुवाहाटी में दूसरा मुकाबला और 3 अक्टूबर 2026 में न्यू चंडीगढ़ में तीसरा वनडे खेला जाएगा। 3 वनडे मैचों की सीरीज खत्म होने के बाद 17 अक्टूबर तक दोनों टीमों के बीच 5 मैचों की T20I सीरीज भी खेली जाएगी।

     

  • पितृपक्ष में गया जाने वालों के लिए खुशखबरी, जबलपुर से चलेगी स्पेशल ट्रेन

    पितृपक्ष में गया जाने वालों के लिए खुशखबरी, जबलपुर से चलेगी स्पेशल ट्रेन

     ग्वालियर
     पितृपक्ष के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए बिहार के गया पहुंचते हैं। इस दौरान रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर जगह-जगह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई देती है। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन चलाने की व्यवस्था की है।

    उपलब्ध रेलवे शेड्यूल के अनुसार रेल प्रशासन ने जबलपुर–गया–जबलपुर के बीच पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। गाड़ी संख्या 01701/01702 के 3-3 ट्रिप चलाए जाएंगे।

    24 कोच वाली होगी ट्रेन
    पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन में 24 कोच लगाए जाएंगे। ट्रेन में ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु सफर कर सकेंगे।

    पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन में 4 सामान्य श्रेणी, 12 शयनयान श्रेणी, 4 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी और 2 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के कोच होंगे।

    इसके अलावा 2 एलएलआरडी कोच लगाए जाएंगे। ट्रेन में कुल 24 कोच रहेंगे।

    ठहराव और विस्तृत समय-सारिणी की जानकारी के लिए भारतीय रेल की वेबसाइट या एनटीईएस ऐप का उपयोग किया जा सकता है।

    जबलपुर से गया जाने वाली ट्रेन का शेड्यूल
    गाड़ी संख्या 01701 जबलपुर–गया एक्सप्रेस स्पेशल 29 सितंबर, 4 अक्टूबर और 9 अक्टूबर 2026 को जबलपुर स्टेशन से रात 9:25 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन सिहोरा रोड (9:50/9:52), कटनी (12:10/12:15), मैहर (1:40/1:42), सतना (2:00/2:05), मानिकपुर (4:10/4:12), प्रयागराज छिवकी (6:00/6:05), मिर्जापुर (8:18/8:20), पंडित दीन दयाल उपाध्याय (10:10/10:20), भभुआ रोड (10:58/11:00), सासाराम (11:30/11:32), डेहरी-ऑन-सोन (11:50/11:52) और अनुग्रह नारायण रोड (12:10/12:12) होते हुए दोपहर 2:30 बजे गया पहुंचेगी।

    गया से जबलपुर जाने वाली ट्रेन का शेड्यूल
    गाड़ी संख्या 01702 गया–जबलपुर एक्सप्रेस स्पेशल 28 सितंबर, 3 अक्टूबर और 8 अक्टूबर 2026 को गया स्टेशन से दोपहर 3:30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन अनुग्रह नारायण रोड (4:15/4:17), डेहरी-ऑन-सोन (4:32/4:34), सासाराम (4:50/4:52), भभुआ रोड (5:23/5:25), पंडित दीन दयाल उपाध्याय (6:55/7:05), मिर्जापुर (8:43/8:45), प्रयागराज छिवकी (10:15/10:20), मानिकपुर (1:30/1:32), सतना (3:25/3:30), मैहर (3:50/3:52), कटनी (5:25/5:30) और सिहोरा रोड (7:20/7:22) होते हुए सुबह 8:10 बजे जबलपुर पहुंचेगी।

  • पिंकी बलहारा ने एशियन गेम्स में जीता ब्रॉन्ज, कुराश में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला

    पिंकी बलहारा ने एशियन गेम्स में जीता ब्रॉन्ज, कुराश में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला

     नई दिल्ली
    एशियन गेम्स-2026 में भारत के लिए सोमवार को पिंकी बलहारा ने कुराश में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस मेडल के साथ ही पिंकी ने इतिहास रच दिया। पिंकी को महिलाओं की 78 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल मैच में साउथ कोरिया की सुमिन मो के हाथों 0-5 से हार झेलनी पड़ी और इस तरह उनके हिस्से ब्रॉन्ज मेडल आया।

    ये पिंकी का एशियन गेम्स में दूसरा मेडल है। इससे पहले उन्होंने जकार्ता में साल 2018 में हुए एशियन गेम्स में 52 किलोग्राम भारवर्ग में मेडल अपने नाम किया था। इस बार मेडल जीतते हुए पिंकी ने इतिहास रच दिया। वह कुराश में एशियन गेम्स में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं।

    ऐसा रहा सफर
    प्री क्वार्टर फाइनल में पिंकी को बाय मिली थी और इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्होंने गारम लिन को 3-0 से मात देते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई और मेडल पक्का किया था। सेमीफाइनल में अगर वह जीत जातीं तो गोल्ड की दावेदार होतीं। इस जीत के बाद पिंकी ने कहा कि वह घुटने के दर्द से परेशान थीं। समाचार एजेंसी पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में पिंकी के हवाले से लिखा है, "क्वार्टर फाइनल मैच में मैं चोटिल हो गई थी। मुझे घुटने में चोट लगी थी। क्वार्टर फाइनल में भी मेरे सामने कोरियाई खिलाड़ी थी। इसलिए सेमीफाइनल में मेरी विरोधी जानती थी कि मुझे दाएं घुटने में चोट लगी है।"

    दिल्ली के नेब सराय की रहने वाली पिंकी ने कहा, "मैं अटैक कर रही थी, लेकिन वह मेरे घुटने पर बार-बार मार रही थीं। इसलिए मैं पेनल्टी पर हार गई। 78 किलोग्राम में मेरा दूसरा टूर्नामेंट है। इससे पहले मैं मई में उज्बेकिस्तान में हुई एशियन चैंपियनशिप में इस कैटेगरी में खेली थी।"

    नौ साल की उम्र में शुरू किया था सफर
    पिंकी मुनिरका में बाबा गंगा नाथ जूडो और कुराश अकादमी में ट्रेनिंग करती हैं जिसके उनके मामा और जाने-माने कोच समुंदर टोकस चलाते हैं। नौ साल की उम्र में पिंकी ने कुराश खेलना शुरू किया था।

    क्या है कुराश खेल?
    कुराश मार्शल आर्ट की एक पुरानी विधा है जो सेंट्रल एशिया खासकर उज्बेकिस्तान में होती है। इसे दो खिलाड़ी खेलते हैं जिनमें से एक हरी जैकेट पहनता है तो दूसरा नीली। इसमें टारगेट दूसरे खिलाड़ी को जमीन पर गिराना होता है। अगर पीठ के बल गिरा दिया जाता है तो गिराने वाले को जीत दे दी जाती है। अगर साइड से गिराया जाता है तो अंक मिलते हैं। अगर पेट के बल या साइड से गिराया जाता है तो कम अंक मिलते हैं। जिसके ज्यादा अंक होते हैं वही खिलाड़ी जीतता है।

     

  • Raipur में आज रात झांकी चल समारोह, 2000 पुलिसकर्मी तैनात; शराब दुकानें बंद.

    Raipur में आज रात झांकी चल समारोह, 2000 पुलिसकर्मी तैनात; शराब दुकानें बंद.

    रायपुर.

    राजधानी रायपुर में गणेश विसर्जन झांकी आज रात 9 बजे से निकाली जाएगी. बड़ी संख्या में लोगों के मौजूदगी का अनुमान है. झांकी रूट के साथ शहर की अन्य सड़कों पर भी पुलिस पेट्रोलिंग पार्टियां तैनात रहेंगी. झांकी देखने आने वाले लोगों की पार्किंग से लेकर सुरक्षा तक चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है. रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद यह पहली झांकी होने वाली है.

    सुबह से प्रशासन बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगने के लिए सड़क पर बैरिकेडिंग की तैयारी में जुटा हुआ है. शाम 6 बजे से पारंपरिक झांकी रूट पर खुलने वाली सड़कों को बैरिकेडिंग करके ट्रैफिक को दूसरे ओर डायवर्ट किया जाएगा. वहीं शहर में रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. झांकी के दौरान सुरक्षा के लिए तीन लेयर में सिक्योरिटी प्लान तैयार कर 2000 जवानों को तैनात किया जा रहा है. शाम 5 बजे से ट्रैफिक पुलिस की भी ड्यूटी शाम को पांच बजे से शुरू हो जाएगी. कई वॉच टॉवर बनाए गए हैं. झांकी रूट पर कई ड्रोन उड़ाए जाएंगे. इनसे वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए निगरानी भी रखी जाएगी. किसी भी आपराधिक गतिविधियों के दौरान धरपकड़ के लिए एसीसीयू क्राइम ब्रांच की 20 टीमें तैनात रहेंगी.

    शराब दुकानें बंद रहेंगी 
    रायपुर नगर निगम के अलावा बिरगांव, उरला, सिलतरा और डूंडा की देशी-विदेशी शराब दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं. आज शाम 4 बजे से सभी दुकानें को सील कर दिया जाएगा. रायपुर कमिश्नर के पत्र लिखने के बाद कलेक्टर ने यह निर्णय लिया है. आबकारी विभाग की ओर से आदेश जारी किया गया है. झांकी के दौरान नशे में हुल्लड़ और असमाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य यह कदम उठाया गया है.

    हर जोन में एडिशनल डीसीपी रहेंगे मौजूद
    रायपुर के  शारदा चौक से रात 9 बजे झांकी प्रारंभ होगी. जयस्तंभचौक, मालवीय रोड, कोतवाली चौक, सदरबाजार, कंकालीतालाब रोड से पुरानीबस्ती, लाखेनगर, सुंदरनगर होते ही रायपुरा महादेवघाट की ओर बढ़ेगी. झांकी रूट को 6 सुरक्षा जोन में बांटा गया है, जिसमें 30 सेक्टर बनाए गए हैं. हर जोन में डीसीपी के नेतृत्व में एडिशनल डीसीपी अधिकारी प्रभारी के रूप में ड्यूटी देंगे. हर सेक्टरों की जिम्मेदारी भी अधिकारियों को सौंपी गई है.

    सदरबाजार में धीमी आवाज में बजेगा साउंड सिस्टम
    निगम ने निरीक्षण कर सदरबाजार के 10 जर्जर मकानों को नोटिस देकर सील कर दिया है. झांकी देखने कोई इन घरों की छत पर न चढ़े इसलिए पुलिस भी तैनात किए जाएंगे. सदरबाजार में साउंड सिस्टम धीमी आवाज में बजेगा. वहीं साउंड सिस्टम को शोर मापने के लिए मशीन भी लगाई जाएगी. 50 डेसिबल के अधिक साउंड पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. 

    इन जगहों पर वाहनों की पार्किंग
    झांकी देखने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार पार्किंग की व्यवस्था की गई है. तेलीबांधा, पंडरी और राजातालाब क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन शहीद स्मारक भवन के पास पार्क कर सकेंगे. वहीं कटोरा तालाब और टिकरापारा क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गांधी मैदान के पास पार्किंग की व्यवस्था रहेगी. मठपारा और पुरानी बस्ती क्षेत्र के श्रद्धालु इंडोर स्टेडियम के पास वाहन पार्क कर सकेंगे. इसी तरह विवेकानंद आश्रम, लाखेनगर, समता कॉलोनी और चौबे कॉलोनी क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु ईदगाह भाठा मैदान और नवीन मार्केट में वाहन पार्क कर सकेंगे.

    झांकी के दौरान इन रास्तों से जारी रहेगा आवागमन
    झांकी वाली रात ट्रैफिक डायवर्जन के दौरान कुछ प्रमुख मार्गों से वाहनों का आवागमन जारी रहेगा. तेलीबांधा-शास्त्री चौक से जीई रोड होते हुए टाटीबंध की ओर जाने वाले वाहन शास्त्री चौक से कालीबाड़ी, पचपेढ़ी नाका और रिंग रोड-1 होकर जा सकेंगे. इसके अलावा वाहन चालक फाफाडीह चौक से स्टेशन रोड, चौबे कॉलोनी और समता कॉलोनी होते हुए भी आवागमन कर सकेंगे. खमतराई-फाफाडीह की ओर से आने-जाने वाले वाहन चालक रिंग रोड-2 का उपयोग कर सकेंगे. वहीं धमतरी रोड और पचपेढ़ी नाका से रेलवे स्टेशन या मेकाहारा की ओर जाने वाले वाहन चालक कालीबाड़ी चौक, शास्त्री चौक और मरही माता चौक होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे.