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  • कुशीनगर में ततवा टोला के पास टूटा बांध, देर रात तक पल-पल की जानकारी लेते रहे मुख्यमंत्री

    कुशीनगर में ततवा टोला के पास टूटा बांध, देर रात तक पल-पल की जानकारी लेते रहे मुख्यमंत्री

    गोरखपुर
     कुशीनगर में सोमवार देर रात नारायणी नदी का कहर कई गांवों पर बरपा। यहां एपी तटबंध के ततवा टोला के पास बांध टूट गया, जिससे व्यापक हानि का अनुमान है। जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देर रात ही सक्रिय हो गए। उनके निर्देश पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन व राहत से जुड़ी टीमें राहत-बचाव कार्य में जुट गईं।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात ही गोरखपुर के आयुक्त, एडीजी, कुशीनगर के जिलाधिकारी आदि से  संपूर्ण जानकारी हासिल की। उन्होंने तत्काल राहत-बचाव कार्य प्रारंभ कर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आपदा से जुड़ी टीम, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ आदि को भी मोर्चा संभालने का निर्देश देते हुए व्यापक स्तर पर बचाव कार्य करने को कहा।

  • अमेरिका-पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकी पर जयशंकर का दो टूक संदेश

    अमेरिका-पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकी पर जयशंकर का दो टूक संदेश

    नई दिल्ली
    भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ते संबंधों पर दो टूक बयान दिया है. जयशंकर के मुताबिक, जब तक भारत की सुरक्षा चिंताओं, खासकर सीमा पार आतंकवाद को लेकर पश्चिमी देशों और सहयोगियों का रुख पूरी तरह साफ नहीं होगा, तब तक द्विपक्षीय रिश्तों पर इसका असर पड़ना स्वाभाविक है.

    जयशंकर न्यूयॉर्क स्थित 'एशिया सोसाइटी' में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पहुंचे थे. इस दौरान पूर्व अमेरिकी राजनयिक और एशिया सोसाइटी के फेलो डेनियल रसेल ने भारत-अमेरिका संबंधों और पिछले कुछ महीनों में ट्रेड और टैरिफ से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछा.

    इस पर जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा कि अगर कोई देश भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी करना चाहता है, तो उसे भारत की बुनियादी संवेदनशीलता को समझना होगा.

    'एक पड़ोसी देश के प्रायोजित आतंकवाद का…'
    जयशंकर ने बिना पाकिस्तान का नाम लिए कहा, 'हमारे लिए जो बात सबसे ज्यादा अहम है, वो आतंकवाद का मुद्दा है. हम दुनिया के उन गिने-चुने देशों में से हैं, जिन्हें दशकों से एक पड़ोसी देश के प्रायोजित आतंकवाद का सामना करना पड़ा है.'

    भारतीय विदेश मंत्री ने आगे कहा कि अगर भारत के इस सबसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर उसके साझीदार देशों में पर्याप्त समझ, सराहना या संवेदना नहीं होगी, तो ये स्वाभाविक रूप से आपसी संबंधों पर असर डालेगा.

    डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से अमेरिका और पाकिस्तान काफी करीब आए हैं. पिछले कुछ समय में अमेरिका के रुख और उसकी पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व के साथ बढ़ाई गई मुलाकातों पर भारत ने अपनी पैनी नजर रखी है.

    'आपसी तालमेल और समझ बेहतर…'
    जयशंकर ने इस दौरान ये भी बताया कि भारत और अमेरिका के बीच के रिश्ते बेहद अहम हैं और वो उम्मीद करते हैं कि ये साझेदारी एक अच्छी दिशा में आगे बढ़ेगी. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि हमें जमीनी सच्चदाइयों और उन मुद्दों से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए जिनका हम सामना कर रहे हैं. जब तक इन मुद्दों पर आपसी तालमेल और समझ बेहतर नहीं होगी, तब तक रिश्तों में वो मजबूती नहीं आ सकेगी जिसकी उम्मीद की जाती है.

  • ईरान से जंग पर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- अमेरिका जल्द जीतेगा युद्ध

    ईरान से जंग पर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- अमेरिका जल्द जीतेगा युद्ध

    वाशिंगटन
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध को लेकर एक फिर हुंकार बनी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका बहुत जल्द ही ईरान के खिलाफ युद्ध जीतने वाले हैं। बता दें कि पिछले काफी दिनों से दोनों देशों के बीच मामला गर्म चल रहा है। जहां ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। वहीं, ईरान ने भी कहा है कि वह अमेरिका पर दोबारा हमले करेगा और उसे बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाएगा।

    इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि ईरान के साथ टकराव जल्द ही खत्म हो जाएगा। लेकिन उन्होंने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया है। ट्रंप ने रविवार को पीजीए टूर प्रेसिडेंट्स कप के दौरान फॉक्स न्यूज से बात करते हुए कहा कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि हम यह युद्ध बहुत जल्द जीत लेंगे। उन्होंने कहा कि टकराव खत्म होने के बाद दुनियाभर में तेल की कीमतें काफी गिर सकती हैं।

    उनसे जब पूछा गया कि क्या अमेरिका मध्यावधि चुनावों से पहले और हमले कर सकता है, तो ट्रंप ने इस संभावना से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि मेरा मतलब है, ऐसा हो सकता है लेकिन मैं अभी ऐसा कहना नहीं चाहता। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई और आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए ईरान पर दबाव बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका को पहले ही काफी सैन्य सफलताएं मिल चुकी हैं और ईरान की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है।

    ट्रंप ने कहा कि ईरान में महंगाई बहुत अधिक बढ़ गई है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि यह 318 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ये दावे ट्रंप ने किए थे और उनके बयानों में इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई थी। गौरतलब है कि ये टिप्पणियां ट्रंप द्वारा होर्मुज को फिर से खोलने और टकराव खत्म करने के ईरान के प्रस्ताव को खारिज करने के एक दिन बाद आईं। ट्रंप ने रविवार को एक्सिओस के साथ एक अलग बातचीत में कहा कि अमेरिकी वार्ताकार इस सप्ताह ईरानी प्रतिनिधियों के साथ और बातचीत कर सकते हैं।

  • रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर, 1 अक्टूबर से टिकट चेकिंग का बड़ा अभियान

    रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर, 1 अक्टूबर से टिकट चेकिंग का बड़ा अभियान

    नई दिल्ली
    भारतीय रेलवे 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक टिकट चेकिंग का विशेष अभियान चलाने जा रहा है। इस दौरान टिकट की वैधता और उसकी वास्तविकता की जांच पर खास जोर रहेगा। रियायती टिकट, तय आरक्षण कोटा और रेलवे पास के जरिए यात्रा करने वाले यात्रियों की विशेष जांच की जाएगी। रेलवे के मुताबिक यह अभियान त्योहारों के सीजन से पहले चलाया जा रहा है, जब ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। यह विशेष अभियान सेंट्रल रेलवे की ओर से चलाया जाएगा।
    एक टिकट पर कई यात्री हैं तो कम से कम एक के पास ओरिजिनल ID जरूरी

    सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) डॉ. स्वप्निल नीला के मुताबिक, रियायत या तय आरक्षण कोटे के तहत यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी पात्रता साबित करने के लिए निर्धारित ओरिजिनल पहचान पत्र साथ रखना होगा। अगर एक टिकट पर कई यात्रियों का टिकट बुक है, तो उस टिकट पर दर्ज कम से कम एक यात्री के पास निर्धारित ओरिजिनल पहचान पत्र होना जरूरी है। अगर जरूरी ओरिजिनल पहचान पत्र नहीं मिला, तो लागू नियमों के अनुसार उस टिकट पर यात्रा कर रहे सभी यात्रियों को बिना वैध टिकट यात्रा करने वाला माना जाएगा।

    रियायती और कोटा वाले टिकटों की होगी खास जांच
    रेलवे के टिकट चेकिंग कर्मचारी रियायत या तय आरक्षण कोटे के तहत यात्रा करने वाले यात्रियों के जरूरी ओरिजिनल दस्तावेजों की जांच करेंगे। E-Pass या PTO से यात्रा करने वाले यात्रियों को भी निर्धारित ओरिजिनल पहचान पत्र साथ रखना होगा। साथ ही यात्रा शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि E-Pass/PTO को यात्रा के लिए निर्धारित प्राधिकरण में विधिवत बदल दिया गया है।

    अनारक्षित टिकटों की भी होगी जांच
    विशेष अभियान के दौरान अनारक्षित ट्रेन टिकटों की वास्तविकता जांचने पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर टिकट चेकिंग कर्मचारी टिकट की पुष्टि और सत्यापन के लिए TTE App का इस्तेमाल कर सकते हैं।

    रेलवे क्यों चला रहा है यह विशेष अभियान?
    सेंट्रल रेलवे के मुताबिक इस विशेष टिकट चेकिंग अभियान के प्रमुख उद्देश्य हैं:

        आरक्षण सुविधाओं के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाना
        रियायत और रेलवे पास के फर्जी इस्तेमाल को रोकना
        टिकट की वास्तविकता की जांच करना
        रेलवे के राजस्व के नुकसान को रोकना

    ट्रेन में सफर के लिए कौन-कौन से दस्तावेज मान्य हैं?
    भारतीय रेलवे के अनुसार ट्रेन यात्रा के लिए ये दस्तावेज मान्य हैं:
        चुनाव आयोग द्वारा जारी वोटर फोटो पहचान पत्र
        पासपोर्ट
        आयकर विभाग द्वारा जारी PAN कार्ड
        RTO द्वारा जारी ड्राइविंग लाइसेंस
        केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी सीरियल नंबर वाला फोटो पहचान पत्र
        मान्यता प्राप्त स्कूल या कॉलेज द्वारा छात्रों को जारी फोटो वाला स्टूडेंट ID कार्ड
        फोटो वाला राष्ट्रीयकृत बैंक का पासबुक
        बैंक द्वारा जारी लैमिनेटेड फोटो वाला क्रेडिट कार्ड
        आधार कार्ड

    बिना टिकट यात्रा पर जुर्माना अब 500 रुपये
    भारतीय रेलवे ने वैध ट्रेन टिकट के बिना यात्रा करने वाले यात्रियों पर लगने वाले न्यूनतम जुर्माने को भी बढ़ा दिया है। रेलवे के अनुसार जन विश्वास अधिनियम, 2026 के प्रावधानों के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 137 और 138 के अंतर्गत न्यूनतम जुर्माना 20 जून 2026 से 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। रेलवे ने यात्रियों से वैध टिकट के साथ यात्रा करने और रेलवे के नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि जुर्माने से बचा जा सके।

    बिना टिकट यात्रा करने पर क्या होगा?
    रेलवे अधिनियम की धारा 137 के तहत बिना उचित अनुमति ट्रेन में प्रवेश करना, ट्रेन में यात्रा करना या पहले इस्तेमाल किए जा चुके टिकट/पास का दोबारा इस्तेमाल करना अपराध की श्रेणी में आता है, जब इसका उद्देश्य रेलवे प्रशासन को धोखा देना हो।

    ऐसे मामले में यात्रा की दूरी के हिसाब से किराया और उसके बराबर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क 500 रुपये है। अगर यह राशि नहीं चुकाई जाती है तो रेलवे अधिकारी सक्षम अदालत के जरिए बकाया राशि की वसूली कर सकते हैं। भुगतान में चूक पर छह महीने तक की जेल, 500 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

  • रेवंत रेड्डी के ‘राम-शिव’ बयान पर विवाद, BJP ने साधा निशाना

    रेवंत रेड्डी के ‘राम-शिव’ बयान पर विवाद, BJP ने साधा निशाना

    हैदराबाद
    तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोमवार को उत्तर और दक्षिण भारत की धार्मिक और राजनीतिक पहचान की तुलना करते हुए एक राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। बीजेपी ने रेड्डी के इस कदम की कड़ी निंदा की है और इसे राजनीतिक फायदे के लिए समुदायों को बांटने की कोशिश बताया है।

    एक मीडिया कार्यक्रम के दौरान रेवंत रेड्डी ने बीजेपी की ओर से जय श्री राम के नारे के बार-बार इस्तेमाल पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी नेता उसी तरह हर हर महादेव का नारा क्यों नहीं लगाते।

    भगवान राम को अमीरों का और भगवान शिव को गरीबों का देवता बताया
    रेड्डी ने कहा, "हम द्रविड़ हैं, वे आर्य हैं। हम भगवान शिव के भक्त हैं, जबकि वे भगवान राम के भक्त हैं।" उन्होंने भगवान शिव को गरीबों का देवता और भगवान राम को अमीरों का देवता बताया। उन्होंने यह भी कहा कि लोग दोनों देवताओं को पूजते हैं। उनकी ये बातें इस तर्क के समर्थन में थीं कि उत्तर और दक्षिण भारत की राजनीतिक संस्कृतियों में बड़े अंतर हैं।

    परिसीमन की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
    रेड्डी ने लोकसभा सीटों के परिसीमन की प्रक्रिया पर भी चिंता जताई। उनका तर्क था कि जनसंख्या के आधार पर सीटों की संख्या बढ़ने से दक्षिणी राज्यों का राजनीतिक महत्व बदल सकता है।

    बीजेपी ने किया पलटवार
    इस बयान पर बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने रेड्डी पर भगवान शिव और भगवान राम के बीच राजनीतिक बंटवारा पैदा करने का आरोप लगाया। संजय ने काशी विश्वनाथ मंदिर के साथ पीएम मोदी के जुड़ाव का जिक्र किया और वेमुलावाड़ा की उनकी यात्रा का हवाला दिया। उन्होंने रेड्डी के इस दावे का खंडन किया कि बीजेपी नेता भगवान शिव का नाम नहीं लेते।

    बीजेपी नेता ने कहा, "रेवंत रेड्डी ने पहले कहा था कि मुस्लिम ही कांग्रेस हैं और कांग्रेस ही मुस्लिम है, अब भगवान राम और भगवान शिव के बीच राजनीतिक लकीरें खींच रहे हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री होने के नाते जहां वेमुलावाड़ा में दक्षिण काशी और भद्राचलम में दक्षिण अयोध्या स्थित हैं रेड्डी को भगवान राम और भगवान शिव को उत्तर और दक्षिण में बांटने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।"

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस राजनीतिक लामबंदी के लिए धार्मिक और क्षेत्रीय पहचान का इस्तेमाल कर रही है और रेड्डी से कहा कि वे हिंदू परंपराओं को भौगोलिक या सामाजिक आधार पर न बांटें।

  • ठंडी शाम में चाय के साथ बनाएं क्रिस्पी मखाना चाट, नमकीन भी भूल जाएंगे

    ठंडी शाम में चाय के साथ बनाएं क्रिस्पी मखाना चाट, नमकीन भी भूल जाएंगे

    पिछले कुछ दिन से पड़ रही रिमझिम बारिश से मौसम ने करवट ले ली है. ठंड ने भारत की दहलीज पर दस्तक दे दी है. ऐसे में मौसम बहुत ही सुहाना और ठंडा-ठंडा हो गया. इस मौसम में शाम होते ही चाय के साथ कुछ चटपटा और कुरकुरा खाने का मन करने लगता है. अक्सर घर में बिस्कुट, नमकीन या तली-भुनी चीजें निकाल ली जाती हैं. लेकिन अगर आप चाय के साथ कुछ ऐसा खाना चाहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ थोड़ा हेल्दी भी हो, तो मखाना चाट ट्राई कर सकते हैं.

    इसमें कुरकुरे मखाने, भुनी मूंगफली, आलू, ककड़ी और चटपटी हरी चटनी का ऐसा कॉम्बिनेशन बनता है कि एक बार खाने के बाद नमकीन याद नहीं आएगी. सबसे अच्छी बात ये है कि इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता. चलिए जानते हैं कैसे तैयार होता है ये झटपट स्नैक, जो ठंडे मौसम में चाय का मजा दोगुना कर सकता है.

    मखाना चाट बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स
        1 कप मखाना
        1/4 कप मूंगफली
        1/2 छोटी चम्मच घी
        1 ककड़ी, बारीक कटी हुई
        1 टमाटर, बारीक कटा हुआ
        1 उबला हुआ आलू, छोटे टुकड़ों में कटा
        1 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई
        1 नींबू का रस
        थोड़ा लाल मिर्च पाउडर
        स्वादानुसार नमक
        बारीक कटा हरा धनिया

    चटपटी हरी चटनी के लिए
        1/2 कप हरा धनिया
        2 इंच अदरक
        4 हरी मिर्च
        2 बड़े चम्मच भुनी मूंगफली
        2 बड़े चम्मच दही
        थोड़ा सा नमक
        जरूरत के हिसाब से पानी

    बनाने का तरीका
    1. सबसे पहले एक पैन को गैस पर गर्म करें और उसमें मूंगफली डालकर धीमी-मीडियम आंच पर भूनें. मूंगफली को तब तक भूनें, जब तक उसमें हल्की दरार आने लगे और अच्छी खुशबू न आने लगे. इसके बाद इसे प्लेट में निकाल लें.

    2. अब उसी पैन में आधी छोटी चम्मच घी डालें और इसमें मखाने डाल दें. मखानों को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक भूनें, जब तक वे अच्छी तरह कुरकुरे न हो जाएं. अगर आप घी इस्तेमाल नहीं करना चाहते तो मखानों को बिना घी के भी भून सकते हैं या एयर फ्राई कर सकते हैं.

    3. अब मिक्सर जार में हरा धनिया, अदरक, हरी मिर्च, भुनी मूंगफली, दही, थोड़ा नमक और जरूरत के हिसाब से पानी डालकर बारीक पीस लें. आपकी चटपटी हरी चटनी तैयार है.

    4. एक बड़े बर्तन में ककड़ी, टमाटर, उबला हुआ आलू और हरी मिर्च डालें. इसमें नींबू का रस, थोड़ा लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक और तैयार की गई हरी चटनी डालें. ऊपर से हरा धनिया डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें.

    5. अब सबसे जरूरी बात है कि मखाना और मूंगफली आखिर में डालें. अगर इन्हें पहले डाल देंगे तो चटनी और नींबू के कारण इनका कुरकुरापन कम हो सकता है. इसलिए सर्व करने से ठीक पहले भुने हुए मखाने और मूंगफली डालें और हल्के हाथ से सबको मिक्स कर दें.

    चाय के साथ मिलेगा चटपटा और कुरकुरा स्वाद
    अब आपकी क्रिस्पी मखाना चाट बनकर तैयार है. इसमें हरी चटनी का तीखापन, नींबू की खटास, आलू की सॉफ्टनेस और मखाने-मूंगफली का कुरकुरा स्वाद मिलता है. ठंडी शाम में गरमागरम चाय के साथ ये कॉम्बिनेशन काफी अच्छा लगेगा. खास बात यह है कि इसे बनाने में बहुत ज्यादा मेहनत या समय नहीं लगता.

    अगर आपको टमाटर पसंद नहीं है तो उसे छोड़ सकते हैं. इसी तरह ककड़ी की जगह अपनी पसंद की दूसरी सब्जियां भी इस्तेमाल की जा सकती हैं. चाट को और चटपटा बनाने के लिए आप स्वाद के मुताबिक मसाले भी बढ़ा सकते हैं.

  • सीएम ने अधिकारियों को दिया निर्देश: बर्बाद हुई फसल का आकलन कर किसानों को दिलाएं मुआवजा

    सीएम ने अधिकारियों को दिया निर्देश: बर्बाद हुई फसल का आकलन कर किसानों को दिलाएं मुआवजा

    गोरखपुर
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में विगत दिनों अत्यधिक बारिश से नुकसान को लेकर पुनः जानकारी प्राप्त की। उन्होंने गोरखपुर में शासन व प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश से हुई जनहानि पर परिजनों को तत्काल मुआवजा दिलाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्थानों पर ऐसी घटनाएं हुई हैं, वहां प्रशासन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संज्ञान व समन्वय से पीड़ितों की मदद करे। मुख्यमंत्री ने शासन स्तर के अधिकारियों से कहा कि बारिश से जिन परिवारों के घर गिरे हैं और जिनके पशुओं की हानि हुई है, उनका तत्काल आकलन कराकर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुआवजा वितरित करें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, वहां प्रशासन, कृषि विभाग, बीमा कंपनी फसलों का आकलन कर यथाशीघ्र मुआवजा दें। प्रभावित परिवारों की समय से यथोचित सहायता करें, इसमें हीलाहवाली कतई न हो।

  • प्रदेश को मिलेट स्टेट बनाने में अनूपपुर का महत्वपूर्ण योगदान है :- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश को मिलेट स्टेट बनाने में अनूपपुर का महत्वपूर्ण योगदान है :- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को मिलेट स्टेट बनाने में अनूपपुर का बड़ा योगदान है। हमारा अनूपपुर जल संपदा से संपन्न है। जिले में केवई उद्वहन सिंचाई परियोजना के माध्यम से सिंचाई सुविधा को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में तकनीक और नवाचार से कृषि उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने के साथ ही 100 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई क्षमता का विस्तार करना हमारा लक्ष्य है। प्रदेश में कुछ समय बाद किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में जारी सेवा-संकल्प अभियान के अंतर्गत किसान हितैषी योजनाओं की जानकारियां अधिक से अधिक लोगों के साथ साझा की जायें। राज्य सरकार युवाओं, गरीबों, महिलाओं और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ज्वार, बाजरा जैसे श्रीअन्न के साथ-साथ धान उपार्जन के लिए पंजीयन शुरू हो गया है। उन्होंने किसान भाइयों से समय रहते पंजीयन कराने का आह्वान किया।  ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री निवास से अनूपपुर में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ में वर्चुअली जुड़कर किसान बंधुओं से संवाद किया।

    राज्य सरकार हर कदम पर किसान भाईयों के साथ है
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान चौपालें लगाकर किसान हितैषी योजनाओं का प्रसार-प्रचार किया जाए। किसान चौपालों के माध्यम से किसानों की समस्याओं का भी समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि अनूपपुर में धान, गेंहू, दलहन और तिलहन के उत्पादन के साथ हमारे किसान नई तकनीक और नई फसलों को अपना रहे हैं। किसानों द्वारा मशरूम और स्ट्रॉबेरी की खेती की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान भाइयों को पशुपालन, दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियां अपनाते हुए नवीन तकनीक और नवाचार को अपनाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि का भविष्य उज्जव है, किसान भाई अपने बच्चों को कृषि उद्योगों से जोड़े। राज्य सरकार हर कदम पर किसान भाईयों के साथ है।

    ग्रामीण भाईयों को मिलेंगे सुगम परिवहन सेवा और नि:शुल्क रजिस्ट्री के लाभ
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आरंभ हुई मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना का लाभ दूरदराज के गांव वालों को मिलेगा। ग्रामीण भाईयों के लिए नि:शुल्क रजिस्ट्री की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा आरंभ की गई है। राज्य सरकार बच्चों की बेहतर पढ़ाई और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया किसान भाईयों से संवाद
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान भाईयों क्रमश: रमेश सिंह, अरूणकुमार चंद्रवंशी, प्रेमलाल केवट, रामभजन और माधव सिंह राठौर से उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने, प्राकृतिक खेती, शासकीय योजनाओं और पशुपालन तथा दुग्ध उत्पादन के संबंध में बातचीत की। अनूपपुर के कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में अपेक्स बैंक भोपाल के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव, विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति रमेश उपस्थित रहे

  • पानी में पकाकर बनाएं अनोखी लिट्टी, कम तेल में होगी क्रिस्पी और टेस्टी

    पानी में पकाकर बनाएं अनोखी लिट्टी, कम तेल में होगी क्रिस्पी और टेस्टी

     लिट्टी-चोखा बिहार की फेमस डिश है, जिसे आमतौर पर आग पर सेंककर या भूनकर बनाया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी पानी में पकाई हुई लिट्टी खाई है.  जी हां, पानी वाली लिट्टी. यह लिट्टी भी आम लिट्टी की तरह खाने में काफी टेस्टी होती है, बस इसे बनाने का तरीका थोड़ा अलग होता है. इसमें लिट्टी को पहले उबलते पानी में पकाया जाता है और फिर कम तेल में फ्राई किया जाता है. इससे लिट्टी अंदर से अच्छी तरह पक जाती है और फ्राई करते समय ज्यादा तेल की जरूरत नहीं पड़ती.

    अगर आप घर पर लिट्टी-चोखा का कुछ अलग स्वाद ट्राई करना चाहते हैं तो पानी वाली लिट्टी बना सकते हैं. इसे बैंगन, टमाटर और आलू के चोखे, हरी चटनी और अचार के साथ सर्व किया जाता है. तो आइए जानते हैं इसे बनाने का आसान तरीका.

    इंग्रेडिएंट्स (Ingredients)
    लिट्टी के लिए
    2 कप गेहूं का आटा
    2 चम्मच रिफाइंड ऑयल या घी
    नमक स्वादानुसार

    जरूरत के अनुसार पानी
    सत्तू की स्टफिंग के लिए
    1/2 कप चना सत्तू
    1 चम्मच अजवाइन
    आधा छोटी चम्मच कलौंजी
    आधा छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर
    एक चौथाई छोटी चम्मच हल्दी
    लहसुन और लाल मिर्च का दरदरा पेस्ट
    बारीक कटा प्याज
    धनिया पत्ती
    नींबू का रस
    1 चम्मच घी या सरसों का तेल
    अचार का मसाला
    नमक स्वादानुसार
    जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी

    चोखा के लिए
    1 बड़ा बैंगन
    1-2 टमाटर
    2 उबले आलू
    बारीक कटा प्याज
    बारीक कटी हरी मिर्च
    धनिया पत्ती
    1 चम्मच सरसों का तेल
    चाट मसाला
    नमक स्वादानुसार
    लहसुन और लाल मिर्च का पेस्ट

    पानी वाली लिट्टी कैसे बनाएं?
        सबसे पहले एक बड़े बाउल में गेहूं का आटा लें. इसमें नमक और तेल या घी डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए आटा गूंथ लें. आटा न ज्यादा नरम रखें और न बहुत सख्त. इसे ढककर लगभग15 मिनट के लिए रख दें.
        अब सत्तू की स्टफिंग तैयार करें. इसके लिए एक बाउल में सत्तू लें और इसमें अजवाइन, कलौंजी, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, नमक, लहसुन-मिर्च का पेस्ट, प्याज, धनिया पत्ती, नींबू का रस, घी और अचार का मसाला डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें. इसमें थोड़ा-सा पानी डालकर स्टफिंग को तैयार करें. ध्यान रखें कि मिश्रण ज्यादा गीला न हो.
        अब आटे की बराबर आकार की लोइयां बना लें. एक लोई को हल्का दबाकर बीच में जगह बनाएं और उसमें सत्तू की स्टफिंग भर दें. किनारों को अच्छी तरह बंद करके गोल आकार दें. इसी तरह सारी लिट्टियां तैयार कर लें.
        अब एक बड़े बर्तन में पर्याप्त पानी डालकर तेज आंच पर उबालें. पानी में अच्छी तरह उबाल आने के बाद लिट्टियों को एक-एक करके इसमें डालें. सारी लिट्टियां एक साथ डालने से पानी का तापमान कम हो सकता है, इसलिए इन्हें धीरे-धीरे डालें. लगभग10 मिनट तक इन्हें उबलने दें. जब लिट्टियां फूलकर पानी के ऊपर आने लगें तो समझें कि ये अच्छी तरह पक गई हैं. इन्हें पानी से निकालकर कुछ देर ठंडा होने दें.
        इसके बाद एक पैन में थोड़ा तेल या घी गर्म करें और लिट्टियों को धीमी से मध्यम आंच पर चारों तरफ से सुनहरा होने तक सेंक लें. आप चाहें तो इन्हें ओवन में भी बेक कर सकते हैं. इसके लिए ओवन को 180 डिग्री सेल्सियस पर प्रीहीट करके लिट्टियों को करीब 15-20 मिनट तक बेक करें.

    ऐसे बनाएं बैंगन-टमाटर का चोखा
        चोखा बनाने के लिए बैंगन और टमाटर पर थोड़ा तेल लगाकर गैस पर भून लें. जब इनका छिलका अच्छी तरह जल जाए और अंदर से ये नरम हो जाएं तो गैस से उतारकर थोड़ा ठंडा करें. इसके बाद जला हुआ छिलका हटा दें.
        अब भुने हुए बैंगन और टमाटर को मैश कर लें. इसमें उबले हुए आलू, प्याज, हरी मिर्च, धनिया पत्ती, नमक, चाट मसाला, सरसों का तेल और लहसुन-मिर्च का पेस्ट डालकर अच्छी तरह मिला लें.
        तैयार पानी वाली लिट्टी को गरमा-गरम बैंगन-टमाटर के चोखे, हरी चटनी और अचार के साथ सर्व करें. पानी में पकाने के बाद कम तेल में फ्राई की गई यह लिट्टी बाहर से हल्की क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट बनती है.

     

  • दिवंगत शिक्षकों-कर्मचारियों के परिवारों का पूरा ध्यान रख रहे सीएम डॉ. मोहन, किस बात पर कर रहे फोकस?

    दिवंगत शिक्षकों-कर्मचारियों के परिवारों का पूरा ध्यान रख रहे सीएम डॉ. मोहन, किस बात पर कर रहे फोकस?

    भोपाल
    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लिए राज्य के बच्चों की शिक्षा सर्वोपरि है। वे कई बार भगवान श्री कृष्ण का उदाहरण देकर शिक्षा के महत्व को दर्शा भी चुके हैं। इसलिए उन्होंने छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों के विकास पर भी खासा ध्यान दिया है। उन्होंने नई शिक्षा नीति लागू कर इसकी व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किया है। उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार सुशासन की परिकल्पना को धरातल पर साकार करते हुए संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिक्षा विभाग के दिवंगत शिक्षकों-कर्मचारियों के परिवारों का भी ख्याल रख रहे हैं।  

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग ने दिवंगत शिक्षकों और कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान किया है। विभाग ने लंबे समय से लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाई है। विभाग के इस कदम से पात्र परिवारों को उनके अधिकार समय पर मिलेंगे और लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित होगा। सीएम डॉ. यादव के नेतृत्व में कर्मचारी कल्याण शिविर भी शुरू किए गए हैं। इन शिविरों के माध्यम से शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याएं ऑनलाइन मिल सकेंगी। साथ ही, उनका निराकरण भी जल्दी होगा। शिक्षा विभाग की सुदृढ़ व्यवस्था के चलते अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया गया। दो दिन पहले ही 251 और नियुक्ति आदेश जारी किए गए। इसके साथ ही पिछले 4-5 दिनों में कुल 851 अनुकंपा नियुक्ति आदेश जारी किए जा चुके हैं। यह पहल दिवंगत शिक्षकों-कर्मचारियों के आश्रित परिवारों को सम्मानजनक जीवन का आधार और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    शिक्षा को नई दिशा देने पर जोर
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण, तकनीक आधारित और रोजगारोन्मुख बनाने पर जोर दिया है। राज्य सरकार स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने, शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के उपयोग को बढ़ाने और शिक्षकों की भूमिका को मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है। सरकार के प्रयासों में विद्यार्थियों को फ्री किताबें, साइकिल, यूनिफॉर्म, लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएं जी जा रही हैं। सरकार ने सांदीपनि स्कूलों के जरिये आधुनिक सुविधाओं और शिक्षा का बेहतर वातावरण विकसित किया है। शिक्षा विभाग ने प्रवेश से लेकर अन्य प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने के लिए एजुकेशन पोर्टल 3.0 और स्टूडेंट डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया है।

    सरकार ने दिए लैपटॉप
    शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही विद्यार्थियों को पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत 12वीं बोर्ड परीक्षा में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25 हजार रुपये की राशि दी जाती है। इसी महीने 1.21 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में 300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई। इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में डिजिटल संसाधनों का उपयोग करने में मदद मिलेगी।

    उच्च शिक्षा में 55 पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस
    उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के 55 जिलों में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए गए हैं। इन संस्थानों में पारंपरिक विषयों के साथ रोजगारपरक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों पर जोर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र शुरू करने, विद्यार्थियों के लिए बस सुविधा उपलब्ध कराने और नए पाठ्यक्रमों की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की है। इससे विद्यार्थियों को अपने जिले में ही उच्च शिक्षा के अधिक विकल्प उपलब्ध कराने का प्रयास दिखाई देता है।

    शिक्षकों की भूमिका पर फोकस
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ शिक्षकों को भी महत्वपूर्ण भागीदार माना है। इसी साल जनवरी में राज्य सरकार ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान किया। इस दौरान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरकारी स्कूलों के बेहतर परिणाम और बढ़ते नामांकन में शिक्षकों के योगदान पर अहम चर्चा की। सितंबर में शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के युवा शिक्षकों से सीधे संवाद कर शिक्षा नीति, तकनीक और विद्यार्थियों की बदलती जरूरतों पर उनके विचार जाने।

    शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य सिर्फ डिग्री नहीं, कौशल भी
    सरकार की शिक्षा नीति में अब केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित रहने के बजाय विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, कौशल और रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर भी जोर दिखाई देता है। स्कूल स्तर पर डिजिटल संसाधनों और प्रोत्साहन योजनाओं से लेकर कॉलेज स्तर पर रोजगारपरक पाठ्यक्रमों तक किए जा रहे प्रयासों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बदलती अर्थव्यवस्था और रोजगार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में स्कूलों के बुनियादी ढांचे, डिजिटल व्यवस्था, विद्यार्थी प्रोत्साहन, शिक्षकों के संवाद और उच्च शिक्षा में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया है।