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  • पीएमश्री स्कूल के उन्नयन से महासमुंद के शासकीय प्राथमिक शाला चनाट का हुआ कायाकल्प

    पीएमश्री स्कूल के उन्नयन से महासमुंद के शासकीय प्राथमिक शाला चनाट का हुआ कायाकल्प

    पीएमश्री स्कूल के उन्नयन से महासमुंद के शासकीय प्राथमिक शाला चनाट का हुआ कायाकल्प

    आधुनिक सुविधाओं और गतिविधि आधारित शिक्षा से बच्चों में बढ़ी पढ़ाई के प्रति रुचि

    आकर्षक प्रिंट रिच कक्षाएं, हर्बल गार्डन, स्वच्छ पेयजल और खेल-सांस्कृतिक गतिविधियों से बदली विद्यालय की तस्वीर

    रायपुर, 
     सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पीएमश्री योजना से दूरस्थ वनांचल में स्थित शासकीय प्राथमिक शाला चनाट की तस्वीर बदल गई है। आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं, आकर्षक वातावरण और गतिविधि आधारित शिक्षण व्यवस्था के कारण विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ी है। विद्यालय में आए सकारात्मक बदलाव से आसपास के गांवों के अभिभावक भी अपने बच्चों को यहां पढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।

    स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा राज्य सरकार का प्रयास है कि शहरों के साथ-साथ दूरस्थ ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिले। पीएमश्री विद्यालय इसी संकल्प को धरातल पर साकार कर रहे हैं। विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान न होकर बच्चों के सर्वांगीण विकास का केंद्र बने, इस दिशा में अधोसंरचना के साथ खेल, योग, संगीत, रचनात्मक गतिविधियों और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    महासमुंद जिले के विकासखंड बसना के ग्राम चनाट स्थित शासकीय प्राथमिक शाला का वर्ष 2023 को पीएमश्री स्कूल के रूप में उन्नयन किया गया। इसके बाद विद्यालय में आवश्यक अधोसंरचना एवं शैक्षणिक सुविधाओं का लगातार विस्तार किया गया। बालवाड़ी संचालन के लिए अतिरिक्त कक्ष का निर्माण किया गया है। वहीं बैगलेस-डे गतिविधियों के लिए अलग कक्ष बनाया गया है, जहां बच्चों के लिए समूह गतिविधियां, संगीत, योग सहित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां संचालित की जाती हैं।विद्यालय में सुसज्जित अध्यापन कक्ष, आकर्षक प्रिंट रिच वातावरण, शुद्ध पेयजल, स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था, सुंदर गार्डन तथा खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की सुविधाएं विकसित की गई हैं। मुख्य प्रवेश द्वार, शौचालय और वाटर हार्वेस्टिंग संरचना का निर्माण भी किया गया है। शाला प्रांगण में पेवर ब्लॉक लगाए जाने से परिसर कीचड़ मुक्त और व्यवस्थित हुआ है।

    विद्यालय परिसर को हरा-भरा एवं आकर्षक बनाने के लिए छह क्यारियों वाला सुसज्जित उद्यान विकसित किया गया है। इसके साथ ही हर्बल गार्डन में आंवला, तुलसी, कढ़ी पत्ता, तेजपत्ता, एलोवेरा, लौंग और पीपली सहित विभिन्न उपयोगी पौधे लगाए गए हैं। इससे बच्चों को पौधों एवं उनके उपयोग की व्यावहारिक जानकारी भी मिल रही है।शाला के सभी कक्षों में बच्चों के अनुकूल प्रिंट रिच वातावरण तैयार किया गया है। दीवारों और शिक्षण सामग्री के माध्यम से सप्ताह के दिन, हिन्दी वर्णमाला, वर्ष के महीने, ज्यामितीय आकृतियां, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सौरमंडल तथा राष्ट्रीय प्रतीक—मोर, कमल, तिरंगा, अशोक स्तंभ और बरगद आदि की जानकारी रोचक तरीके से प्रदर्शित की गई है। इससे बच्चों को कक्षा में सहज और गतिविधि आधारित तरीके से सीखने का अवसर मिल रहा है।विद्यालय में हैंडवॉश कॉर्नर भी विकसित किया गया है। बच्चे शौचालय के उपयोग के बाद और भोजन से पहले नियमित रूप से हाथ धोने की आदत अपना रहे हैं, जिससे उनमें व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है।पीएमश्री विद्यालयों के माध्यम से बच्चों को आधुनिक, आनंददायी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने के साथ उनके व्यक्तित्व एवं रचनात्मक क्षमता के विकास पर जोर दिया जा रहा है। शासकीय प्राथमिक शाला चनाट में हुआ बदलाव इस बात का उदाहरण है कि बेहतर अधोसंरचना और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण से दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालय भी बच्चों और अभिभावकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं।

  • जापानी निवेशकों के रडार पर छत्तीसगढ़, JETRO ने अपनी वेबसाइट पर राज्य की निवेश संभावनाओं को दी जगह

    जापानी निवेशकों के रडार पर छत्तीसगढ़, JETRO ने अपनी वेबसाइट पर राज्य की निवेश संभावनाओं को दी जगह

    जापानी निवेशकों के रडार पर छत्तीसगढ़, JETRO ने अपनी वेबसाइट पर राज्य की निवेश संभावनाओं को दी जगह

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की जापान यात्रा के बाद आर्थिक साझेदारी की दिशा में बढ़े कदम

    JETRO के नेटवर्क से जुड़ी जापानी कंपनियों तक पहुंचेगी छत्तीसगढ़ के औद्योगिक अवसरों की जानकारी

    रायपुर, 
    जापान के साथ छत्तीसगढ़ की आर्थिक और औद्योगिक साझेदारी की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (JETRO) ने अपनी वेबसाइट पर छत्तीसगढ़ की निवेश संभावनाओं और औद्योगिक अवसरों से संबंधित जानकारी को स्थान दिया है। इससे भारत में निवेश की संभावनाएं तलाश रही जापानी कंपनियों के बीच छत्तीसगढ़ की पहुंच बढ़ेगी और उन्हें राज्य में उपलब्ध औद्योगिक अधोसंरचना, भूमि तथा निवेश प्रोत्साहनों की जानकारी मिल सकेगी।

    यह प्रगति मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगस्त 2025 में जापान और दक्षिण कोरिया की निवेश यात्रा के दौरान स्थापित हुए संपर्कों और उसके बाद राज्य सरकार द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री की यात्रा के दौरान राज्य सरकार ने JETRO के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने और जापानी कंपनियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों से जोड़ने पर चर्चा की थी।

    इसी क्रम में JETRO के प्रतिनिधिमंडल ने 28 एवं 29 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ का दौरा कर राज्य के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र और निवेश संभावनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। प्रतिनिधिमंडल ने नवा रायपुर में विकसित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों और वहां उपलब्ध आधुनिक अधोसंरचना की जानकारी ली।

    नवा रायपुर की औद्योगिक अधोसंरचना से रूबरू हुआ प्रतिनिधिमंडल

    JETRO प्रतिनिधिमंडल ने सेक्टर-22 स्थित 120 एकड़ में विकसित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर का भ्रमण किया। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) से अनुमोदित इस क्लस्टर में प्लग-एंड-प्ले फ्लैटेड फैक्ट्री जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रतिनिधिमंडल ने यहां संचालित Rezute Electronics, Arham Technologies, Amrit Meditech और Paripath Technologies जैसी इकाइयों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की।

    प्रतिनिधिमंडल ने सेक्टर-22 स्थित फार्मास्युटिकल पार्क का भी भ्रमण किया, जिसे मध्य भारत के सबसे बड़े फार्मा पार्क के रूप में विकसित किया गया है। इसके अलावा सेक्टर-5 के रेडीमेड गारमेंट पार्क एवं मिक्स्ड-यूज इंडस्ट्रियल पार्क का अवलोकन किया गया। यहां प्रतिनिधिमंडल ने Aspire Pharma के प्रतिनिधियों से संवाद किया। सेक्टर-22 स्थित टेक्सटाइल पार्क में वस्त्र एवं परिधान निर्माण के लिए विकसित सुविधाओं की जानकारी भी ली गई।

    औद्योगिक सुविधाओं के साथ प्रतिनिधिमंडल ने नवा रायपुर में टाउनशिप विकास के लिए उपलब्ध आवासीय क्षेत्रों तथा स्वास्थ्य, रिटेल और सामाजिक अधोसंरचना का भी जायजा लिया। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और उनके कर्मचारियों के लिए उपलब्ध ये सुविधाएं निवेश संबंधी निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

    जापानी निवेश की संभावनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा

    JETRO प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार से मुलाकात की। बैठक में राज्य की औद्योगिक नीति, विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं तथा जापानी कंपनियों के निवेश को सुगम बनाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई।

    प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय उद्योग परिसंघ (CII), छत्तीसगढ़ चैप्टर के प्रतिनिधियों से भी संवाद कर राज्य के औद्योगिक परिदृश्य और स्थानीय उद्योग जगत के दृष्टिकोण को समझा।

    दौरे के बाद भी जारी रहा निरंतर संवाद

    JETRO प्रतिनिधिमंडल के दौरे के बाद वाणिज्य एवं उद्योग विभाग ने इस पहल को आगे बढ़ाते हुए वर्चुअल बैठकों और पत्राचार के माध्यम से लगातार संपर्क बनाए रखा। इस दौरान राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों, निवेश के लिए उपलब्ध भूमि और नीतिगत प्रोत्साहनों से संबंधित विस्तृत जानकारी JETRO के साथ साझा की गई।

    इसी निरंतर संवाद के परिणामस्वरूप JETRO ने अपनी वेबसाइट पर छत्तीसगढ़ की निवेश प्रोफाइल और औद्योगिक अवसरों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई है। इससे JETRO के नेटवर्क से जुड़ी जापानी कंपनियों को छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं की जानकारी सीधे मिल सकेगी।

    राज्य सरकार अब JETRO के सहयोग से छत्तीसगढ़ में निवेश में रुचि रखने वाली जापानी कंपनियों को राज्य में उपलब्ध अवसरों से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

    जापान के साथ बढ़ता यह आर्थिक संवाद छत्तीसगढ़ की वैश्विक निवेश पहुंच के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार वैश्विक स्तर पर स्थापित संपर्कों को निरंतर संवाद, निवेश सुविधा और प्रभावी फॉलो-अप के माध्यम से दीर्घकालीन औद्योगिक साझेदारी में बदलने की दिशा में कार्य कर रही है।

  • UP में सीट बंटवारे पर सपा का कड़ा रुख, कांग्रेस के सामने रख सकती है 4 शर्तें

    UP में सीट बंटवारे पर सपा का कड़ा रुख, कांग्रेस के सामने रख सकती है 4 शर्तें

     लखनऊ
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस का गठबंधन तय माना जा रहा है, लेकिन सीट शेयरिंग का फॉर्मूला अभी तक पूरी तरह हल नहीं हो पाया है. सपा और कांग्रेस नेताओं के बीच जारी बयानबाजी के बीच नई दिल्ली में 'इंडिया गठबंधन' की बैठक बुलाई गई है. माना जा रहा है कि इस दौरान सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर विस्तार से चर्चा हो सकती है। 

    सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी ने गठबंधन की बैठक में सीट बंटवारे को लेकर अपना रुख मजबूती से रखने का प्लान बनाया है. बैठक में सपा, कांग्रेस से संभावित उम्मीदवारों के नामों के साथ-साथ पसंदीदा सीटों की सूची मांग सकती है। 

    बता दें कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी के बीच पहले भी उच्च स्तरीय बैठकें हो चुकी हैं. आगामी बैठक में सपा प्रमुख अखिलेश यादव स्वयं मौजूद न रहकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भेज सकते हैं. इस दौरान सपा सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस के सामने चार प्रमुख मांगें रख सकती है। 

    कांग्रेस के सामने सपा की चार अहम शर्तें
    सपा प्रमुख अखिलेश यादव सीट शेयरिंग पर लगातार एक ही बात कहते आ रहे हैं कि गठबंधन में सीटों की संख्या नहीं, बल्कि जीत सबसे अहम होगी. जो प्रत्याशी जीत दर्ज कर सकता है, उसे ही सीट मिलनी चाहिए. 2024 के लोकसभा चुनाव की तर्ज पर ही 2027 के चुनाव के लिए भी सपा ने अपनी शर्तें रखी हैं। 

        मजबूत प्रत्याशी का नाम: कांग्रेस को यूपी की जिन विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ना है, उन पर अपने संभावित उम्मीदवारों के नाम स्पष्ट करने होंगे। 

        सीटों के नाम: सपा का साफ कहना है कि कांग्रेस जिन विशिष्ट सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, उनकी सूची दे। 

        क्षेत्रीय जनाधार: कांग्रेस जिन सीटों पर दावेदारी कर रही है, वहां उसका जनाधार और राजनीतिक आधार क्या है, यह स्पष्ट करना होगा। 

        जीत की संभावना: सपा की मांग है कि कांग्रेस उम्मीदवार की जीत की कितनी संभावना है, इसका आकलन किया जाए. अखिलेश यादव का मानना है कि प्रत्याशी के चयन से ही चुनावी नतीजे तय होते हैं.

    इंडिया ब्लॉक की बैठक में सपा की रणनीति
    बैठक में सपा सीटों की दावेदारी के साथ कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों की जमीनी पकड़ का मुद्दा उठाएगी. सपा का मुख्य फोकस सीटों की संख्या के बजाय प्रत्याशी की जीतने की क्षमता पर रहेगा। 

    सपा का मानना है कि सिर्फ कागजी दावों या बयानबाजी के आधार पर सीटों की मांग करना गठबंधन के हित में नहीं है. सपा की ओर से यह बात प्रमुखता से रखी जाएगी कि गठबंधन का मुख्य लक्ष्य हर हाल में चुनाव जीतना है। 

    2027 चुनाव जीत के समीकरणों पर मंथन

    यूपी विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग के दौरान उम्मीदवारों के क्षेत्रीय समीकरण और जीत की क्षमता को ही मुख्य आधार बनाया जाएगा. अखिलेश यादव का पूरा ध्यान 2027 के चुनाव पर है, क्योंकि यह चुनाव पार्टी के राजनीतिक वजूद के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. इसीलिए सपा नेतृत्व किसी भी तरह की ढील नहीं देना चाहता है। 

  • अवैध निर्माण मामले में गृह निर्माण संस्था भी बनी पक्षकार, MP हाईकोर्ट में सुनवाई

    अवैध निर्माण मामले में गृह निर्माण संस्था भी बनी पक्षकार, MP हाईकोर्ट में सुनवाई

    इंदौर
    भवन के अवैध हिस्से को नियमित करने के लिए शासन द्वारा शुरू की गई कंपाउंडिंग योजना को लेकर नया पेच सामने आ गया है। इस योजना को चुनौती देने वाली जनहित याचिका में अब कालोनी बसाने वाली गृह निर्माण संस्था भी पक्षकार बनेगी। याचिका की सुनवाई के दौरान संस्था की ओर से प्रस्तुत हस्तक्षेप आवेदन को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।

    संस्था का कहना है कि भवन में हो रहे अवैध निर्माण की शिकायत उसी ने की थी, ऐसे में उसे सुने बिना फैसला दिया जाना गलत होगा। कोर्ट ने शासन और निगम को एक अक्टूबर से पहले जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

    हाईकोर्ट में इस मामले में दो जनहित याचिकाएं लंबित हैं, जो कल्पना सेतपाल और वर्षा गुरनानी ने दायर की हैं। दोनों याचिकाओं में राज्य शासन द्वारा भवनों के अवैध हिस्से को नियमित करने के लिए लाए गए कंपाउंडिंग नियमों को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2022 में शासन द्वारा लाए गए नियमों में भवन के ऊपरी हिस्से में किए गए निर्माण को कंपाउंडिंग में शामिल नहीं किया गया, जो गलत है।

    गृह निर्माण संस्था ने हस्तक्षेप आवेदन दिया
    एक याचिका केसरबाग रोड स्थित नेमानगर में बन रहे भवन को लेकर स्वामी कल्पना सेतपाल ने दायर की है। इस पर नेमानगर गृह निर्माण संस्था ने हस्तक्षेप आवेदन प्रस्तुत किया है। आवेदन में कोर्ट को बताया गया है कि भवन की शिकायत संस्था द्वारा ही की गई थी, इसलिए उसे भी सुना जाना चाहिए। संस्था ने कहा है कि कंपाउंडिंग के नियम को चुनौती देना ही गलत है।

     

  • पर्यटन के नक्शे पर जशपुर की नई पहचान, ‘ट्रिप्पी हिल्स’ को सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड 2026

    पर्यटन के नक्शे पर जशपुर की नई पहचान, ‘ट्रिप्पी हिल्स’ को सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड 2026

    पर्यटन के नक्शे पर जशपुर की नई पहचान, ‘ट्रिप्पी हिल्स’ को सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड 2026

    विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया सम्मानित

    जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, एडवेंचर गतिविधियों और सामुदायिक पर्यटन को मिली राज्यस्तरीय पहचान

    रायपुर
    विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर जशपुर जिले के पर्यटन क्षेत्र को महत्वपूर्ण राज्यस्तरीय पहचान मिली है। जशपुर की संस्था ‘ट्रिप्पी हिल्स’ को वर्ष 2026 का ‘सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड’ प्रदान किया गया। 27 सितंबर को रायपुर में आयोजित विश्व पर्यटन दिवस समारोह में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने ट्रिप्पी हिल्स को यह सम्मान प्रदान किया।

    छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन (सीजीटीटीए) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले संस्थानों एवं पर्यटन हितधारकों को सम्मानित किया गया। राज्य पर्यटन पुरस्कारों में एडवेंचर टूरिज्म सहित पर्यटन क्षेत्र की विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता दी गई।

    ट्रिप्पी हिल्स द्वारा वर्ष 2019 से जशपुर की प्राकृतिक एवं साहसिक पर्यटन संभावनाओं को पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किया जा रहा है। संस्था ने जिले के प्राकृतिक स्थलों, जलप्रपातों, गुफाओं, जंगलों और पर्वतीय क्षेत्रों को एडवेंचर पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में पहल की है। ट्रेकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, केव एक्सप्लोरेशन, वाटर एक्टिविटीज और कैंपिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से पर्यटकों को जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता से परिचित कराने का प्रयास किया गया है।

    स्थानीय युवाओं और समुदायों की भागीदारी को भी संस्था की गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को गाइड के रूप में प्रशिक्षण देने तथा स्थानीय होमस्टे एवं पारंपरिक खान-पान को पर्यटन से जोड़ने से स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिला है। पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन को ध्यान में रखते हुए पर्यटन गतिविधियों को विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

    जिला प्रशासन के सहयोग से ‘जशपुर जंबूरी’ जैसे एडवेंचर आधारित आयोजनों ने भी जिले की पर्यटन संभावनाओं को व्यापक मंच प्रदान किया है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से जशपुर की प्राकृतिक और साहसिक पर्यटन क्षमता को प्रदेश के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। 

    यह सम्मान जशपुर जिले में पर्यटन के क्षेत्र में कार्य कर रहे स्थानीय युवाओं, पर्यटन उद्यमियों, गाइड्स, होमस्टे संचालकों और स्थानीय समुदायों के प्रयासों को भी प्रोत्साहन प्रदान करता है। इससे जिले की एडवेंचर, इको और सामुदायिक पर्यटन संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

    यह सम्मान जशपुर की माटी और हमारे लोगों का है

    अवॉर्ड प्राप्त करने के बाद ट्रिप्पी हिल्स के फाउंडर एवं डायरेक्टर सौरभ सिंह ने कहा कि संस्था की शुरुआत जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता को देश-दुनिया के सामने लाने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान संस्था की जमीनी स्तर पर की गई मेहनत के साथ-साथ जशपुर के स्थानीय युवाओं, गाइड्स, होमस्टे संचालकों और जिले के लोगों के प्रयासों की पहचान है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल तथा जिला प्रशासन के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।

    वहीं ट्रिप्पी हिल्स के को-फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस पर मिला यह राज्यस्तरीय सम्मान संस्था के वर्षों के प्रयासों को नई दिशा और प्रोत्साहन देता है। उन्होंने कहा कि संस्था का प्रयास जशपुर की प्राकृतिक संपदा, स्थानीय संस्कृति और समुदाय आधारित पर्यटन को आगे बढ़ाना है। उन्होंने स्थानीय युवाओं, गाइड्स और होमस्टे संचालकों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।

    विश्व पर्यटन दिवस 2026 पर मिला यह सम्मान जशपुर की प्राकृतिक एवं साहसिक पर्यटन संभावनाओं को मिली महत्वपूर्ण पहचान है। इससे जिले में एडवेंचर टूरिज्म के साथ-साथ स्थानीय समुदायों की भागीदारी वाले पर्यटन को बढ़ावा देने और जशपुर को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।

  • इस्तीफे से खाली पद फ्रेश वैकेंसी, वेटिंग लिस्ट से नहीं होगी भर्ती: हाईकोर्ट

    इस्तीफे से खाली पद फ्रेश वैकेंसी, वेटिंग लिस्ट से नहीं होगी भर्ती: हाईकोर्ट

    बिलासपुर
    छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वेटिंग लिस्ट उम्मीदवारों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने एक मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि इस्तीफे के कारण खाली हुई किसी पद को पुरानी वेटिंग लिस्ट से नहीं भरा जा सकता है। कोर्ट ने स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड में जूनियर इंजीनियर भर्ती से जुड़े एक मामले में यह बात कही है।

    जस्टिस बीडी गुरु की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए दो उम्मीदवारों द्वारा लगाई गई याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के खाली पद फ्रेश वैकेंसी माने जाते हैं। जिन्हें भरने के लिए नए सिरे से विज्ञापन जारी कर चयन प्रक्रिया को पूरा करना होगा।

    क्या है मामला
    दरअसल, मामला बिजली कंपनियों, स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड में जूनियर इंजीनियर के पदों से जुड़ा हुआ है। जूनियर इंजीनियर पद में भर्ती के लिए आवेदन जारी किया गया था। यह आवेदन ओबीसी वर्ग के तहत 15 सितंबर 2023 को जारी किए गए थे। अक्टूबर में चयन लिस्ट जारी की गई। जिसमें भूपेश वर्मा और विकास कुमार गुप्ता को सफलता नहीं मिली। उनका नाम वेटिंग लिस्ट में था।

    चयन लिस्ट जारी होने के बाद कई चयनित उम्मीदवारों ने ज्वाइन करने के बादअपने पदों से इस्तीफा दे दिया। जिससे कई पद खाली हो गए। जिसके बाद भूपेश वर्मा और विकास कुमार गुप्ता ने विभाग में आवेदन दिया कि वेटिंग लिस्ट वाले उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जाए। लेकिन विभाग ने उन दोनों के आवेदन पर कोई विचार नहीं किया। जिसके बाद दोनों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई।

    कोर्ट ने दिया फैसला
    मामले की सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि जब कोई चयनित उम्मीदवार ज्वाइन करने के बाद इस्तीफा दे देता है तो खाली हुआ पद फ्रेश वैकेंसी होती है। इसे पिछली चयन या प्रतीक्षा सूची को ऑपरेट करके नहीं भरा जा सकता है। बल्कि इस पद के लिए नए विज्ञापन के जरिए चयन प्रक्रिया करनी होगी।

     

  • मौसम का डबल अटैक! 5 सिस्टम सक्रिय, कई राज्यों में आंधी-बारिश; पहाड़ों पर पहली बर्फबारी

    मौसम का डबल अटैक! 5 सिस्टम सक्रिय, कई राज्यों में आंधी-बारिश; पहाड़ों पर पहली बर्फबारी

     नई दिल्ली

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देश के उत्तरी पश्चिमी इलाके से भले ही मॉनसून की विदाई हो गई हो लेकिन रिमझिम फुहारों का सिलसिला जारी है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि राजस्थान से बंगाल तक अभी कुछ दिन रिमझिम फुहारों और बारिश का मौसम बना रहेगा। IMD ने ताजा बुलेटिन में बताया है कि उत्तरी अंडमान सागर और उससे सटे म्यांमार तट पर बने एक 'डिप्रेशन' (कम दबाव के गहरे क्षेत्र) और उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) के प्रभाव से देश के कई हिस्सों में बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और तेज़ हवाओं का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने कहा है कि 28-29 सितंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना है।

    IMD के मुताबिक, उत्तरी अंडमान सागर और म्यांमार तट के पास बना कम दबाव का क्षेत्र 28 सितंबर की सुबह 'डिप्रेशन' में बदल गया। इसके 28 सितंबर की शाम या रात तक और अधिक गहरा होकर 'डीप डिप्रेशन' में तब्दील होने और यांगून और क्याइकटो के बीच म्यांमार तट को पार करने की संभावना है। इसके प्रभाव से 28 और 29 सितंबर को अंडमान द्वीप समूह में भारी बारिश और 50 से 60 किमी/घंटा (झोंके 70 से 75 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएँ चलने का अनुमान है। समुद्र में स्थिति अत्यंत खराब रहने के कारण मछुआरों को 1 अक्टूबर तक अंडमान सागर, उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तथा म्यांमार और बांग्लादेश तटों के पास न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। निचले क्षोमंडल स्तर पर उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आस-पास के इलाकों के ऊपर ऊपर भी एक चक्रवाती सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके अलावा मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में भी एक कम दबाव का क्षेत्र अभी भी बना हुआ है, हालांकि यह कमजोर हुआ है।
    उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और मॉनसून की वापसी

    वहीं, पश्चिमी विक्षोभ के कारण 28 सितंबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मध्यम से भारी बारिश तथा बिजली कड़कने का अनुमान जताया गया है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में 28 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इस बीच दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी की रेखा गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से होकर गुजर रही है।
    पहाड़ों पर पहली बर्फबारी

    स्काईमेट एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताहांत के दौरान पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पहाड़ों से होकर गुज़रा। हालांकि, इस सिस्टम का असर अभी भी इलाके पर बना हुआ है और इसके बाद ऊपरी हवाओं का एक और ट्रफ़ (upper-air trough) आ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन मौसमी दशाओं के प्रभाव में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के मध्यम और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में इस सीज़न की पहली बर्फ़बारी हुई है। किन्नौर इलाके में, जहां की ऊंचाई 8,000 से 20,000 फ़ीट के बीच है, सीज़न की पहली बर्फ़ गिरी। तिब्बत सीमा के पास लगभग आखिरी गांव, कुनो-चिरांग में बर्फ़ की चादर बिछ गई। लाहौल और स्पीति घाटी, जिनकी ऊंचाई 12,000 से 14,000 फ़ीट के बीच है, सीज़न की पहली बर्फ़बारी से ढक गईं। डुम्टी जाने वाले रास्ते पर स्थित चितकुल में मौसम की शुरुआत में ही लगभग 3 इंच बर्फबारी हुई।
    पहाड़ों पर बादल छाए रहेंगे

    रिपोर्ट में कहा गया है कि इनकी वजह से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में मौसम की गतिविधियां जारी रहेंगी। पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में, और खासकर उत्तराखंड के निचले पहाड़ी इलाकों और मध्यम से ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भी अगले 24 घंटों के दौरान बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं बारिश होगी। हालांकि, मंगलवार दिन के आखिर में मौसम बेहतर होने की संभावना जताई गई है। IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश भागों में 30 सितंबर से और मध्य भारत में 2 अक्टूबर 2026 से मौसम मुख्य रूप से शुष्क होने लगेगा।
    दिल्ली-एनसीआर से बिहार तक मौसम का हाल

    राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 28 सितंबर को आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएँ चलने का पूर्वानुमान है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 28-30°C के बीच रहने की संभावना है। इसके बाद 29 सितंबर से 1 अक्टूबर के दौरान आसमान मुख्य रूप से साफ रहने और तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज होने का अनुमान है। इसके अलावा मौसम विभाग ने कहा है कि 30 सितंबर से 4 अक्टूबर के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में; 28 सितंबर से 4 अक्टूबर के दौरान गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में; और 28 सितंबर से 1 अक्टूबर के दौरान बिहार में कहीं-कहीं छिटपुट बारिश होने और साथ में आंधी-तू़फान और बिजली गिरने की संभावना है।

  • एमपी ट्रांसको ने रतलाम में स्थापित किया 200 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

    एमपी ट्रांसको ने रतलाम में स्थापित किया 200 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

    एमपी ट्रांसको ने रतलाम में स्थापित किया 200 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

    रबी सीजन में मिलेगी बेहतर विद्युत व्यवस्था

    रतलाम 

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने उत्तरी मालवा क्षेत्र की विद्युत पारेषण व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए रतलाम के 220 केवी सबस्टेशन की क्षमता में वृद्धि की है। रतलाम सबस्टेशन में वर्ष 1988 में स्थापित सेकंड जेनरेशन के 160 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर के स्थान पर नये थर्ड जेनरेशन तकनीक आधारित 220/132 केवी वोल्टेज स्तर का 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है।

    रतलाम जिले का पहला 200 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर

    ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि रतलाम जिले में पहली बार इतनी उच्च क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। इससे क्षेत्र की विद्युत पारेषण व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी तथा आगामी रबी सीजन के दौरान किसानों और अन्य उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

    मालवा क्षेत्र का 5 वां और प्रदेश का 19 वां 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर

    एमपी ट्रांसको रतलाम -मंदसौर के अधीक्षण अभियंता वाय आर मांडलेकर ने बताया कि रतलाम में ऊर्जीकृत हुआ यह पावर ट्रांसफार्मर प्रदेश का 19 वां 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर है। मालवा क्षेत्र में इस क्षमता का यह पांचवां पावर ट्रांसफार्मर है। इसके स्थापित होने से रतलाम 220 केवी सबस्टेशन की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 520 एमवीए हो गई है।

    जिले का 28 वां पावर ट्रांसफार्मर

    यह रतलाम जिले का 28वां पावर ट्रांसफार्मर है। एमपी ट्रांसको जिले में अपने 10 सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण व्यवस्था का संचालन कर रही है। इनमें 220 केवी के रतलाम, जावरा एवं सैलाना सबस्टेशन तथा 132 केवी के रतलाम, सैलाना, शिवगढ़, ताल, आलोट और बिलपांक सबस्टेशन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त नगरा में एक स्विचिंग सबस्टेशन भी संचालित है।

    नए पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने के साथ ही रतलाम जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 2165 एमवीए की हो गई है।

     

  • हिंद महासागर में बढ़ेगी भारत की समुद्री ताकत? नेवी कॉन्फ्रेंस में AI-ड्रोन्स पर जोर

    हिंद महासागर में बढ़ेगी भारत की समुद्री ताकत? नेवी कॉन्फ्रेंस में AI-ड्रोन्स पर जोर

    नई दिल्ली
    नई दिल्ली में भारतीय नौसेना के शीर्ष कमांडर्स तीन दिनों तक देश की समुद्री सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर गहन मंथन करेंगे. इसके लिए नौसेना कमांडर्स कांफ्रेंस 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक नौसेना भवन में आयोजित की जाएगा. नौसेना का यह सर्वोच्च स्तर का सम्मेलन है. यह केवल नियमित समीक्षा का मंच नहीं है, बल्कि सैन्य और रणनीतिक स्तर पर नौसेना की तैयारियों का व्यापक आकलन करने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। 

    कांफ्रेंस में नौसेना के शीर्ष नेतृत्व के साथ ऑपरेशनल तैनाती पर कार्यरत व एरिया कमांडर शामिल होंगे. इनके जरिए समुद्री अभियानों की तैयारियों, चुनौतियों और भविष्य की जरूरतों पर व्यापक चर्चा होगी. साथ ही, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ भी संस्थागत संवाद किया जाएगा. यह वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले नौसेना के द्विवार्षिक कमांडर्स कांफ्रेंस का दूसरा संस्करण है. इस बार सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष जारी हैं और समुद्री मार्गों तथा ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा का महत्व और बढ़ गया है. ऐसे में यहां भारतीय नौसेना की भूमिका सम्मेलन के प्रमुख विषयों में रह सकती है। 

    नौसेना के अनुसार, देश के समुद्री हितों की सुरक्षा में उसकी भूमिका लगातार मजबूत हुई है. खास तौर पर ‘ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा’ के दौरान नौसेना ने जिस तरह समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा से जुड़े हितों की रक्षा के लिए अभियान चलाया है, उसने हिंद महासागर क्षेत्र और उससे आगे एक भरोसेमंद समुद्री सुरक्षा साझेदार के रूप में उसकी भूमिका को और मजबूत किया है. भारतीय नौसेना लगातार हाई ऑपरेशनल स्तर पर काम कर रही है. ऐसे में सम्मेलन के दौरान यह भी देखा जाएगा कि बदलते समुद्री सुरक्षा वातावरण में नौसेना अपनी युद्धक क्षमता और परिचालन तैयारियों को किस तरह और मजबूत कर सकती है। 

    सम्मेलन के पहले दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नौसेना के कमांडरों को संबोधित करेंगे. वह राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा से जुड़े व्यापक दृष्टिकोण और भारतीय नौसेना से देश की अपेक्षाओं पर अपनी बात रखेंगे. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और थल सेनाध्यक्ष भी नौसेना कमांडरों के साथ संवाद करेंगे. इस पहल का उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल, संयुक्त अभियानों और सैन्य एकीकरण को और मजबूत करना है। 

    सम्मेलन के अगले दो दिनों में नौसेना प्रमुख और नौसेना के कमांडर-इन-चीफ कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की समीक्षा करेंगे. इनमें अभियान, सैन्य सामग्री, रसद, मानव संसाधन और प्रशिक्षण जैसे प्रमुख विषय शामिल हैं. इसके साथ ही युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए नई तकनीकों को तेजी से अपनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. एआई, बड़े आंकड़ों का विश्लेषण, स्वायत्त और बिना चालक वाली प्रणालियां तथा साइबर अभियान जैसे क्षेत्र चर्चा के केंद्र में रहेंगे। 

    नौसेना का जोर अत्याधुनिक तकनीकों को केवल शामिल करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें वास्तविक सैन्य अभियानों में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने की क्षमता विकसित करने पर भी रहेगा. इसके लिए आधुनिक युद्ध की नई अवधारणाओं को अपनाने और तकनीकी क्षमता को तेजी से सैन्य ताकत में बदलने की जरूरत पर जोर दिया जाएगा. इस पूरी प्रक्रिया का आधार नौसेना के तीन प्रमुख स्तंभ होंगे. इनमें संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार हैं. इन्हीं के जरिए सरकार के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप नौसेना की भविष्य की क्षमता को आकार देने पर जोर रहेगा। 

  • MP में बढ़ेगा हवाई नेटवर्क, भोपाल से अयोध्या-शारजाह और इंदौर से बैंकॉक की सीधी उड़ान जल्द

    MP में बढ़ेगा हवाई नेटवर्क, भोपाल से अयोध्या-शारजाह और इंदौर से बैंकॉक की सीधी उड़ान जल्द

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश के हवाई नेटवर्क के विस्तार की दिशा में तीन नई विमान सेवाएं शुरू करने की तैयारी है। भोपाल से अयोध्या और शारजाह के लिए सीधी उड़ान शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है। वहीं, इंदौर से बैंकॉक के लिए भी विमान सेवा शुरू करने की तैयारी है। फिलहाल इन तीनों शहरों के लिए मध्य प्रदेश से सीधी विमान सेवा उपलब्ध नहीं है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई दौरे के दौरान भोपाल से अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा शुरू करने को लेकर निजी निवेशकों से चर्चा हुई थी। इसके बाद एक निजी विमानन कंपनी के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर विमान सेवा के क्षेत्र में निवेश का प्रस्ताव रखा। अब राज्य शासन ने इन प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से पहले उड़ान शुरू करने की तैयारी
    नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के निर्धारित मानकों के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद भोपाल और इंदौर से प्रस्तावित उड़ानें शुरू करने की तैयारी है। सरकार का लक्ष्य इन्हें ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से पहले शुरू करने का है।

    नई विमान सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य की विमानन नीति के तहत संबंधित निजी विमानन कंपनी को अनुदान भी दिया जाएगा। इससे नई उड़ानों के संचालन को आर्थिक सहयोग मिलने की उम्मीद है।

    भोपाल को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा
    भोपाल से शारजाह के लिए सीधी उड़ान शुरू होने के बाद राजा भोज विमानतल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन वाले हवाई अड्डों की सूची में शामिल हो जाएगा। इसके साथ ही भोपाल से विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों को दूसरे शहरों के एयरपोर्ट पर निर्भरता कम हो सकती है।

    ई-गेट से होगी यात्रियों की क्लीयरेंस
    अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एयरपोर्ट पर यात्रियों की क्लीयरेंस प्रक्रिया ई-गेट के माध्यम से पूरी करने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए इमीग्रेशन और कस्टम विभाग के कर्मचारियों की तैनाती भी की जाएगी।

    एयरपोर्ट को कस्टम दर्जा मिलने के बाद लाउंज के पास नया इंटरनेशनल विंग तैयार किया गया है। इस विंग में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जांच, क्लीयरेंस और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए आठ काउंटर स्थापित किए गए हैं।

    अयोध्या, शारजाह और बैंकॉक से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
    भोपाल से अयोध्या और शारजाह तथा इंदौर से बैंकॉक की सीधी उड़ान शुरू होने पर प्रदेश की धार्मिक, पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को विस्तार मिलेगा। खासतौर पर भोपाल से शारजाह और इंदौर से बैंकॉक की उड़ानें प्रदेश के यात्रियों को विदेश यात्रा के लिए एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराएंगी।