Author: Admin

  • नीला ड्रम मर्डर केस: मुस्कान-साहिल दोषी करार, सौरभ राजपूत हत्याकांड में कोर्ट का फैसला

    नीला ड्रम मर्डर केस: मुस्कान-साहिल दोषी करार, सौरभ राजपूत हत्याकांड में कोर्ट का फैसला

    मेरठ

    मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में जिला जज की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को हत्या का दोषी करार दिया है. कोर्ट ने दोनों को दोषी तो ठहराया, लेकिन अभी सजा का ऐलान नहीं किया है. अदालत के फैसले के बाद अब दोनों को मिलने वाली सजा पर फैसला होना बाकी है। 

    बता दें, यह मामला 3 मार्च 2025 का है. आरोप है कि मुस्कान और साहिल ने सौरभ राजपूत का मर्डर कर शव के टुकड़े किए और उन्हें नीले ड्रम में पैक कर ऊपर से सीमेंट भरकर सील कर दिया था.  करीब 15 दिन बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. जुलाई 2025 में जिला जज की अदालत में केस का ट्रायल शुरू हुआ. पुलिस ने मामले में करीब 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. इस दौरान 126 तारीखों पर सुनवाई हुई और 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए. लंबी सुनवाई और अंतिम बहस के बाद 19 सितंबर को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। 

    हत्या से कोर्ट में फैसला सुरक्षित होने तक का पूरा घटनाक्रम

    सौरभ राजपूत 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ अपने घर लौटा था. अगले दिन 25 फरवरी को पत्नी मुस्कान ने उसके लौटने की खुशी में घर पर पार्टी रखी. इसके कुछ दिन बाद 28 फरवरी को परिवार ने बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया. इसके बाद 3 मार्च को मामले ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने पूरे घटनाक्रम को हत्या के केस में बदल दिया. टाइमलाइन के मुताबिक, मुस्कान ने डिनर में सौरभ को नींद की दवा मिला दी. इसके बाद साहिल शुक्ला को फोन करके बुलाया गया. आरोप है कि सौरभ की हत्या करने के बाद उसके शव के चार टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में पैक कर दिया गया। 

    4 मार्च को मुस्कान अपनी बेटी पीहू को अपनी मां के घर छोड़कर साहिल के साथ हिमाचल चली गई. इसके बाद 17 मार्च को मुस्कान हिमाचल से वापस लौटी और मायके पहुंचकर अपने पिता-मां को घटना के बारे में बताया. 18 मार्च को पुलिस इंद्रानगर स्थित घर पहुंची. वहां पुलिस को ड्रम में सौरभ की बॉडी मिली. इसके बाद पुलिस ने साहिल और मुस्कान को गिरफ्तार कर लिया. 19 मार्च को पुलिस ने साहिल और मुस्कान को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की. इसी दौरान सौरभ के शव के चार टुकड़ों का पोस्टमार्टम कराया गया। 

    जांच आगे बढ़ी तो सामने आए कई अहम सुराग
    12 मई को पुलिस ने 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. इस चार्जशीट में 34 गवाहों का जिक्र किया गया था. पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले को आगे बढ़ाया गया. 17 जून को मुस्कान और साहिल पर हत्या और सबूत मिटाने के आरोप तय हुए. इसके बाद मामले में ट्रायल शुरू हुआ. 4 जुलाई को सौरभ के भाई बबलू की कोर्ट में गवाही हुई. इसके बाद जुलाई से नवंबर के बीच परिवार, पुलिस, डॉक्टर, डांसर और ड्रम बेचने वाले समेत कई गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज किए गए। 

    ड्रम और दूसरे सामान को बनाया गया सबूत
    19 दिसंबर को कोर्ट में नीला ड्रम और ट्रॉली बैग पेश किए गए. इन्हें मामले में महत्वपूर्ण सबूत बताया गया. इसके बाद 23 जनवरी 2026 को जियो के नोडल अधिकारी ने कोर्ट में कॉल डिटेल, चैट और मोबाइल लोकेशन से जुड़ी रिपोर्ट पेश की. 21 अप्रैल को कोर्ट में मुस्कान और साहिल पर लगे आरोपों को लेकर सुनवाई हुई. दोनों ने अपने ऊपर लगे 32 साल की सजा वाले आरोपों को मानने से इनकार कर दिया। 

    इसके बाद 22 मई से 17 सितंबर के बीच मामले में अंतिम बहस चली. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया. अब इस मामले में 19 सितंबर को फैसला सुनाया जाना था, लेकिन कोर्ट ने फैसले की तारीख 30 सितंबर तय कर दी. यानी करीब सात महीने तक चली जांच, गवाहियों, सबूतों और अंतिम बहस के बाद अब मामले में फैसला आने का इंतजार है। 

  • उज्जैन शाही मस्जिद के आसपास अघोषित कर्फ्यू, 250 दुकानें 2 दिन से बंद

    उज्जैन शाही मस्जिद के आसपास अघोषित कर्फ्यू, 250 दुकानें 2 दिन से बंद

    उज्जैन 

    उज्जैन में सिंहस्थ 2028 कुंभ के चलते सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रही शाही मस्जिद को हटाने के दौरान हुए उपद्रव के बाद अब मीनार हटाने की तैयारी शुरू हो गई है।  मीनार पर मचान बांधने का काम शुरू किया गया। जल्द ही मीनार सहित मस्जिद का संबंधित हिस्सा हटा दिया जाएगा।मस्जिद का हिस्सा तोड़ने को लेकर हुए विवाद के 48 घंटे बाद भी क्षेत्र की 250 से अधिक दुकानें और घर बंद हैं। छत्री चौक और आसपास के इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। पुलिस ने पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर रखी है।

    प्रशासन ने छत्री चौक, लखेरवाड़ी, सराफा, कालिदास स्कूल के पास का क्षेत्र, गोपाल मंदिर, ढाबा रोड, खड़े हनुमान और सती गेट से कंठाल तक का क्षेत्र बंद करवा रखा है।

    करीब दो दिन से व्यापार प्रभावित होने के कारण व्यापारियों ने करीब 10 करोड़ रुपए के नुकसान की बात कही है। उन्हें यह नहीं पता की ये दुकानें कब खुलेगी।

    रोजाना 4 से 5 करोड़ का कारोबार प्रभावित
    कपड़ा व्यापारी शीतलदास चंदनानी ने बताया कि क्षेत्र की दुकानें पूरी तरह बंद हैं। पिछले तीन दिनों से यही स्थिति है और यह कब तक चलेगी, कहना मुश्किल है। उनके अनुसार तनावपूर्ण माहौल का सबसे ज्यादा असर आम जनता और व्यापारियों पर पड़ रहा है।

     उपद्रव करने वालों का मेडिकल टेस्ट
    शाही मस्जिद के हिस्से को तोड़ने को लेकर हुए उपद्रव के मामले में 30 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

    बुधवार सुबह खाराकुंवा पुलिस 9 आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के लिए चरक अस्पताल लेकर पहुंची। यहां सभी का मेडिकल कराया गया। पुलिस आरोपियों को आज कोर्ट में पेश करेगी।

    दरअसल, सोमवार को छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद के कुछ हिस्से को तोड़ने को लेकर ढाबा रोड और सब्जी मंडी की ओर से आए कुछ लोगों ने विवाद किया था। इसके बाद पथराव भी हुआ। भीड़ को भड़काने के लिए सोशल मीडिया पर कुछ मैसेज भी वायरल किए गए थे।

    मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। बुधवार को गिरफ्तार किए गए 9 आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इस दौरान आरोपी मुंह छिपाकर अस्पताल में जाते हुए नजर आए।

    विवाद की जड़ में 12 से 15 मीटर सड़क चौड़ीकरण
    सिंहस्थ 2028 के लिए कोयला फाटक से गोपाल मंदिर तक रोड चौड़ीकरण किया जाना है। पहले से मौजूद 12 मीटर रोड को 15 मीटर किया जा रहा है। इस मार्ग पर कुल 323 मकान और 15 धर्मस्थल चौड़ीकरण की जद में आ रहे हैं। कोयला फाटक से कंठाल चौराहे तक 8 धर्मस्थलों को बिना विवाद हटाकर शिफ्ट किया जा चुका है।

    इस हिस्से में 15 मीटर सड़क भी चौड़ी कर दी गई। विवाद तब बढ़ा, जब नगर निगम कंठाल से गोपाल मंदिर की ओर आगे बढ़ा और छत्री चौक पर शाही मस्जिद के 4.5 बाय 9 फीट हिस्से को हटाने की बात सामने आई। प्रशासन के अनुसार अब तक 12 धर्मस्थलों को हटाया जा चुका है। शाही मस्जिद का भी एक हिस्सा सड़क के दायरे में आया है।

    आठ एफआईआर, 20 से ज्यादा गिरफ्तार
    एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि कुछ लोग दूसरे शहरों से आकर दंगा कराने का प्रयास कर रहे थे। मुस्लिम समाज के धर्मगुरुओं से चर्चा के बाद मुस्लिम कमेटी द्वारा स्वयं मस्जिद हटाने का निर्णय लिया गया।

    उन्होंने बताया कि ढाई हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी पूरे इलाके में तैनात हैं और अगली शिफ्ट में भी इतनी ही संख्या में बल तैनात रहेगा।

    अब तक 30 आरोपी चिन्हित किए गए
    पुलिस ने सोमवार तक 20 आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया था। मंगलवार को सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज की जांच के आधार पर 10 से ज्यादा नए लोगों की पहचान की गई और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस तरह पुलिस के अनुसार अब तक करीब 30 आरोपियों को चिन्हित किया जा चुका है।

    खारा कुंवा थाने में 22 के खिलाफ मामला
    खारा कुंवा थाने में साजिद खान, इमरान, गुलरेज खान, बिल्लू पठान, साजिद खान, इमरान खान, बिलाल, लालू हेला, सलीम, नदीम, तौफीक खान, शाकिर, शाहनवाज उर्फ कल्लू खां, अरसद हुसैन, ईशान खान, तैयब मंसूरी, हुसैन सलमान, कासिम शेख, साहिल खान, साबिर शेख, शेख अल्फेज और समीर सरोठी के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इनमें सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वाले भी शामिल हैं।

  • दृश्यम 3 में किसे मिली कितनी फीस? अजय देवगन सबसे महंगे, तब्बू की कमाई भी करोड़ों में

    दृश्यम 3 में किसे मिली कितनी फीस? अजय देवगन सबसे महंगे, तब्बू की कमाई भी करोड़ों में

    2 अक्टूबर को दृश्यम 3 का बड़ा राज खुलने वाला है. मूवी में विजय सलगांवकर कैसे अपने परिवार को दुश्मनों के आखिरी वार से बचाएगा, इसकी गुत्थी सुलझेगी. दृश्यम फ्रेंचाइजी की ये आखिरी फिल्म होगी. इसे लेकर दर्शकों में जबरदस्त एक्साइटमेंट है. फिल्म रिलीज से पहले इसकी स्टारकास्ट की फीस को लेकर खूब चर्चा हो रही है. जानते हैं किसे कितनी फीस मिली है.

    अजय को मिली मोटी रकम!
    मूवी के लीड हीरो अजय देवगन फिर से अपने आइकॉनिक रोल में लौटे हैं. अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी फिल्म के हर पार्ट में अजय ने इंप्रेस किया है. उनकी तगड़ी एक्टिंग की बदौलत ये सस्पेंस ड्रामा थ्रिलर लोगों का फेवरेट बनी हुई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजय फिल्म के हाईएस्ट पेड एक्टर हैं. उनकी फीस 18-22 करोड़ बताई जा रही है.

    हीरोइनों में कौन आगे?
    विजय की पत्नी नंदिनी सलगांवकर के रोल में श्रेया सरन दिखेंगी. वो तीसरे पार्ट में फिर से वापसी कर रही हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें फिल्म के लिए करीब 1 से 1.5 करोड़ रुपये दिए गए हैं. विजय और नंदिनी की बेटी अंजू सलगांवकर का किरदार निभाने वाली इशिता दत्ता की फीस करीब 50 से 80 लाख बताई गई है.

    दृश्यम 3 में एक बार फिर अजय के सामने तब्बू यानी मीरा देशमुख होंगी. इस बार मीरा को अपने अनसुलझे सवालों के जवाब मिलने वाले हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, तब्बू को फिल्म के लिए करीब 2.5 से 3.5 करोड़ रुपये दिए जाने की चर्चा है. ये रिपोर्ट बताती है कि अजय और उनकी फीस में कितना बड़ा अंतर है.

    जयदीप-प्रकाश की फीस पर सस्पेंस
    इस बार फिल्म से दो और नए किरदार जुड़े हैं. जयदीप अहलावत और प्रकाश राज को अहम रोल में देखा जाएगा. जयदीप, राजवीर सिंह तोमर के रोल में नजर आएंगे. जयदीप को इस फिल्म के लिए कितनी फीस मिली है. इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. प्रकाश राज फिल्म में इंद्रजीत शेट्टी के किरदार में दिखाई देंगे. उनकी फीस की भी कोई डिटेल नहीं है. रजत कपूर ने तब्बू के पति महेश देशमुख का रोल किया है. उनकी फीस कथित तौर पर 40-70 लाख बताई गई है. इन सभी स्टार्स की फीस की हम पुष्टि नहीं करते हैं. ये जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए साझा की गई है.  

    पहले दिन होगी बंपर कमाई!
    फिल्म को लेकर लोगों की एक्साइटमेंट बनी हुई है. मूवी का पहला पार्ट 2015 और दूसरा 2022 में आया था. बॉक्स ऑफिस पर इसका क्लैश प्रेम कीटाणु और हनुमान अंश से होगा. ट्रेड रिपोर्ट्स की मानें तो ये फिल्म पहले दिन 40 करोड़ के आसपास कमा सकती है. इसके एडवांस बुकिंग के आंकड़े जबरदस्त हैं. अजय की फिल्म का तीसरा पार्ट मोहनलाल की दृश्यम 3 से बिल्कुल अलग होगा.
    देखना होगा अजय की ये फिल्म क्या गर्दा उड़ाती है.

  • उमर खालिद-शरजील इमाम को बड़ा झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की

    उमर खालिद-शरजील इमाम को बड़ा झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की

     नई दिल्ली

    दिल्ली दंगे से जुड़े साजिश वाले केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने खालिद और इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया है। दोनों करीब 6 साल से जेल में बंद हैं और जमानत के लिए निचली से सबसे ऊपरी अदालत तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं।

    फरवरी 2020 में नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हुए दंगों को लेकर दर्ज 'वृहत साजिश' वाले यूएपीए केस में जमानत के लिए दोनों आरोपियों ने जमानत की अर्जी दायर की थी। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और दिनेश भट्ट की बेंच ने उमर खालिद और शरजील इमाम की ओर से इस केस में दायर तीसरी याचिका खारिज की। बेंच ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के 5 जनवरी के फैसले को नहीं बदल सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों आरोपियों से कहा गया था कि वे गवाही पूरी होने या आदेश पारित होने की तारीख से एक साल की अवधि पूरी होने, इनमें से जो भी पहले हो, उसके बाद जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।

    संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर उपजे विरोध प्रदर्शन के बाद हुए सांप्रदायिक दंगे में 53 लोगों की मौत हो गई, जबकि 700 से अधिक लोग जख्मी हुए थे। उमर खालिद और शरजील इमाम पर दिल्ली पुलिस ने दंगों के मास्टरमाइंड होने के आरोप लगाए हैं। एक्टिविस्ट खालिद सैफी और आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन जैसे अन्य लोगों पर भी वृहत साजिश केस में आरोप लगे हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस मामले की जांच कर रही है।

    2020 में हुई थी गिरफ्तारी
    इससे पहले निचली अदालत ने भी उनकी जमानत याचिकाएं खारिज की हैं, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया था। इमाम को इस मामले में 25 अगस्त 2020 को गिरफ्तार किया गया था, जबकि खालिद को 13 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया गया। दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट में इन याचिकाओं का विरोध करते हुए दावा किया कि दोनों दंगों के 'मुख्य साजिशकर्ता' हैं।

  • फ्लाईदुबई विमान हाईजैक की आशंका से हड़कंप, इजरायली लड़ाकू विमानों ने घेरा

    फ्लाईदुबई विमान हाईजैक की आशंका से हड़कंप, इजरायली लड़ाकू विमानों ने घेरा

    तेल अवीव
     यूएई के दुबई से इजरायली राजधानी तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के एक विमान की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया है। माना जा रहा था कि इसको हाईजैक करने की कोशिश की गई। हालांकि इसकी सऊदी अरब में लैंडिंग के बाद विमान के अंदर मारपीट का मामला सामने आया है। बताया गया है कि विमान में हिंसा हुई थी। पायलटों के बीच हाथापाई का दावा किया जा रहा है। सऊदी में विमान की लैंडिंग के बाद संबंधित पक्षों ने राहत की सांस ली है।

    इजरायली मीडिया के मुताबिक, विमानन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि विमान को सऊदी अरब में उतरना था। इससे पहले ही दुबई-तेल अवीव उड़ान की ओर से इमरजेंसी 7700 स्क्वॉक सिग्नल भेजे गए। सिग्नल मिलने के बाद इजरायली सैन्य विमान भेजे गए। ताकि हाईजैकिंग जैसी संभावित घटना का मुकाबला किया जा सके।

    विमान से आया इमरजेंसी सिग्नल
    इजरायली मीडिया ने फ्लाइट डेटा का हवाला देते हुए बताया कि तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के एक यात्री विमान ने सऊदी अरब के ऊपर से वापस मुड़ते समय इमरजेंसी घोषित कर दी। इसके बाद इजरायली वायु सेना के लड़ाकू विमानों को भेजा गया और इमरजेंसी स्तर पर इजरायल में मीटिंग शुरू हो गई।

    N12 के अनुसार, विमान की ओर इजरायली लड़ाकू विमान भेजे गए। इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू और रक्षा मंत्री काट्ज इस मामले पर बातचीत की। सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि शुरू में अधिकारियों को समझ नहीं आया है कि क्या हो रहा है। उन्हें लगा कि यह विमान अपहरण की कोशिश है।

    हाईजैक से सरकार का इनकार
    इधर, इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के प्रवक्ता ने हाईजैक की घटना से इनकार किया है। पीएम कार्यालय ने कहा कि बुधवार को फ्लायदुबई के एक विमान को रास्ता बदलकर सऊदी अरब भेजे जाने को हाईजैकिंग की घटना नहीं माना जा रहा है। खास बात है कि ये घटनाक्रम ऐसे समय पर हुए हैं, जब पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति के चलते तनाव बना हुआ है।

    यात्रियों से भरा हुआ था विमान
    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कथित इमरजेंसी के समय विमान में 27 बच्चों समेत कुल 174 यात्री सवार थे। कहा जा रहा है कि दोनों पायलट्स के बीच हुई बहस के चलते हाईजैक का सिग्नल चला गया था। वहीं, सिग्नल पाते ही इजरायल की वायुसेना अलर्ट मोड पर आ गई थी और आपातकाल बैठक बुलाई गई थी।

    असल में क्या हुआ था
    बाद में यह साफ हुआ कि दो पायलट्स के बीच हाथापाई होने के कारण आसमान में स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। इसके चलते गलत सिग्नल चला गया था। वायनेट के अनुसार, घटना का पता चलते ही पीएम नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई थी। पुलिस आयुक्त डैनी लेवी का कहना था कि वह इजरायल भी तरह के हालात के लिए तैयार हैं।

    पश्चिम एशिया में तनाव के बीच घटना
    यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब पश्चिम एशिया का एक बड़ा हिस्सा संघर्ष से जूझ रहा है। इजरायल की लेबनान, गाजा और ईरान से तनातनी लगातार जारी है। वहीं सऊदी अरब और यमन के हूतियों के बीच हालिया हफ्तों में लगातार सैन्य संघर्ष देखा गया है। वहीं ईरान में भी इजरायल और अमेरिका की सात महीने से लड़ाई चल रही है।

    पश्चिम एशिया में इस तनातनी के बीच यूएई की एयरलाइन के विमान से इमरजेंसी सिग्नल मिलने की वजह से हड़कंप मच गया। यूएई को पश्चिम एशिया में इजरायल का सबसे करीबी माना जाता है। ऐसे में ये आशंका पैदा हो गई कि किसी विरोधी पक्ष ने तो इस विमान का अपहरण नहीं कर लिया है। इस तरह की घटनाएं पहले भी दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हो चुकी हैं।

    बुलाई गई इमरजेंसी मीटिंग
    घटना के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री काट्ज ने एक आपातकालीन सुरक्षा परामर्श बैठक बुलाई। हालांकि, एक सुरक्षा सूत्र ने बाद में स्पष्ट किया, "विमान अपहरण के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है, पायलट ने संकट संकेत भेजा था।"

    विमान के फ्लाइट ट्रैकिंग ऐप से गायब हो जाने के बाद सुरक्षा सूत्रों ने आश्वस्त किया कि विमान सऊदी अरब की धरती पर उतरने वाला था। विमान बाद में उतरा और आम जनता के लिए उपलब्ध ट्रैकिंग ऐप पर वापस दिखाई देने लगा।

    फ्लाई दुबई विमान ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई से सुबह 7:05 बजे उड़ान भरी और उसे सुबह 9:30 बजे के आसपास बेन गुरियन हवाई अड्डे पर उतरना था। लेकिन लगभग डेढ़ घंटे की उड़ान के बाद जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही विमान ने कोड 7700 (अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन और संकट कोड) और फिर कोड 7500 प्रसारित किया, जो अपहरण का संकेत था।

    उसी समय विमान वापस मुड़ गया और सऊदी अरब के आसमान में लौट आया और कम ऊंचाई पर उड़ने लगा। दक्षिण की ओर उड़ने के बाद यह सऊदी अरब के भीतर पश्चिम की ओर मुड़ गया।

  • LPG Rules 1 October: गैस सिलेंडर के 5 नियम बदलेंगे, कनेक्शन बचाने के लिए करें ये काम

    LPG Rules 1 October: गैस सिलेंडर के 5 नियम बदलेंगे, कनेक्शन बचाने के लिए करें ये काम

     नई दिल्ली
     अगर आपके घर में भी खाना पकाने के लिए एलपीजी सिलिंडर (LPG Cylinder New Rules) का इस्तेमाल किया जाता है, तो आपके लिए एक बहुत जरूरी खबर है। 1 अक्टूबर से एलपीजी सिलिंडर (LPG Booking rules) को लेकर कुछ ऐसे बदलाव हो रहे हैं, जिनके बाद से कुछ लोगों को सिलिंडर (Rule changes from 1 oct) नहीं मिलेगा, साथ ही कुछ लोगों को महंगा मिलेगा। तो आइए जानते हैं कि इस परेशानी से बचने के लिए आपको क्या करना है।

    1. सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी
    अगर आपके घर में सब्सिडी वाला घरेलू एलपीजी सिलिंडर (Subsidy LPG Cylinder) लेते हैं, तो अब आपके लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन कराना जरूरी कर दिया गया है। जिन ग्राहकों ने अभी तक ये प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें अगली सब्सिडी वाली रिफिल बुक करने से पहले इसे पूरा करना होगा। ये काम आप गैस एजेंसी, डिलीवरी बॉय या फिर घर बैठे तेल कंपनी के एप से भी पूरा कर सकते हैं।

    2. बढ़ सकते हैं सिलिंडर के दाम?
    हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां गैस सिलिंडर के नए रेट (LPG Cylinder Rate) जारी करती है। ये कीमतें इंटरनेशनल मार्केट में ईंधन की कीमत, गैस आयात करने की लागत और सरकार के टैक्स जैसे कई कारकों पर निर्भर करती हैं। फिलहाल दिल्ली (LPG Rate in Delhi) में कमर्शियल सिलेंडर ₹2747 और घरेलू सिलिंडर ₹942 में मिल रहा है। अब देखना होगा कि कल तेल कंपनियां नए रेट को लेकर क्या बताती हैं।

    3. रिफिल बुकिंग को लेकर बड़ा बदलाव
    सरकार ने घरेलू एलजीपी सिलिंडर की अगली रिफिल बुक करने की अवधि को 45 दिन से घटाकर 25 दिन कर दिया है। ये नया नियम देश के सभी घरेलू ग्राहकों पर लागू होगा। पहले सिर्फ शहरी इलाकों में रह रहे लोगों के लिए 25 दिन वाला नियम लागू था, लेकिन अब शहर, गांव और कस्बे हर जगह 25 दिन वाला रूल लागू होगा।

    4. पीएनजी कनेक्शन वालों पर सख्ती
    सरकार पीएनजी (PNG Connections) को बढ़ावा देने के लिए लगातार कई सारे नियम बना रही है। ऐसे में अब जिन इलाकों में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है तो उन ग्राहकों को एलपीजी छोड़ पीएनजी पर शिफ्ट होना पड़ेगा। सरकार के द्वारा भेजे गए नोटिस के 90 दिन बाद आपका एलपीजी कनेक्शन बंद हो सकता है। इसलिए अगर आपके इलाके में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है तो तुरंत उसका कनेक्शन ले लें।

    5. डिलीवरी के वक्त OTP जरूरी
    अब सिलिंडर की सिर्फ बुकिंग रसीद दिखाना काफी नहीं होगा। सिलिंडर की डिलीवरी को और सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। बुकिंग के बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) भेजा जाएगा, जिसे सिलिंडर लेते समय डिलीवरी एजेंट को बताना जरूरी होगा। इस व्यवस्था का मकसद फर्जी बुकिंग और बिना रजिस्ट्रेशन के हो रही डिलीवरी पर लगाम लगाना है।

    फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए बदल जाएगा नियम

     फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसा जमा करने वाले लोगों के लिए यह खबर काफी जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। ये नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे।

    नए नियमों के तहत बैंकों को लागू होने वाली ब्याज दरों की जानकारी पहले से देनी होगी। इसके अलावा, बल्क डिपॉजिट पर उपलब्ध ब्याज दरों को रोजाना प्रकाशित करना होगा। ये नियम कमर्शियल बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंकों, RRB, लोकल एरिया बैंकों, पेमेंट बैंकों और अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों पर लागू होंगे।

    रोजाना अपडेट करनी होगी बल्क एफडी दरें
    बैंकों को हर कामकाजी दिन सुबह 10 बजे तक लागू बल्क डिपॉजिट दरें पब्लिश करनी होंगी। 10 मिनट का ग्रेस पीरियड दिया गया है, इसी वजह से दरें सुबह 10:10 बजे तक अपडेट की जा सकती हैं।

    एक जैसी बल्क एफडी ब्याज दरें
    एक जैसी बल्क डिपॉजिट के लिए बैंक अलग-अलग दरें नहीं दे सकते, केवल इसलिए कि डिपॉजिट किसी दूसरी ब्रांच में बुक किया गया है। एक ही दिन स्वीकार किए गए एक जैसे डिपॉजिट के लिए सभी ब्रांच में एक ही दर लागू होनी चाहिए।

    अलग-अलग बल्क एफडी दरों की अनुमति
    लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (LCR) फ्रेमवर्क के तहत लागू रन-ऑफ रेट के आधार पर बैंक बल्क डिपॉजिट पर अलग-अलग ब्याज दरें दे सकते हैं। इससे बैंकों को दरें तय करते समय यह सोचने का मौका मिलता है कि अलग-अलग तरह के डिपॉजिट कितनी तेज़ी से बैंक से बाहर जा सकती है।

    इसमें NRI रुपया डिपॉजिट भी शामिल
    गैर-निवासियों (NRI) के कुछ रुपया डिपॉजिट पर भी LCR-आधारित यही छूट लागू होगी।

    क्या आम निवेशकों पर पड़ेगा असर?
    चूंकि ये नियम बल्क डिपॉजिट (3 करोड़ रुपये और उससे ज्यादा) से जुड़े हैं, इसलिए FD निवेशकों पर इनका असर कम होने की संभावना है।
    हर महीने की शुरुआत के साथ कुछ नए नियम और बदलाव लागू होते हैं। अब 1 अक्टूबर से भी कई ऐसे बदलाव होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों के रोजमर्रा के काम और जेब पर पड़ सकता है। इनमें LPG, बैंकिंग, UPI पेमेंट, प्रॉपर्टी और गाड़ियों से जुड़े नियम शामिल हैं।

     

  • बारिश ने बिगाड़ी टीम इंडिया की तैयारी, बिना मैच खेले एशियन गेम्स सेमीफाइनल में श्रीलंका से भिड़ेगा भारत

    बारिश ने बिगाड़ी टीम इंडिया की तैयारी, बिना मैच खेले एशियन गेम्स सेमीफाइनल में श्रीलंका से भिड़ेगा भारत

    नई दिल्ली
    बारिश ने तैयारी पर पानी फेर दिया है और अब दो बार की टी20 वर्ल्ड चैम्पियन टीम इंडिया को बिना लय में आए ही एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में उतरना होगा. भारत का सामना गुरुवार को श्रीलंका से होगा. मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे शुरू होगा.

    नागोया पहुंचने के बाद लगातार बारिश के कारण भारतीय टीम को अभ्यास का ज्यादा मौका नहीं मिला. टीम को सिर्फ एक ढंग का प्रैक्टिस सेशन मिल सका, वह भी सेमीफाइनल की पूर्व संध्या पर, जब आसमान कुछ साफ हुआ. हालांकि गुरुवार और शुक्रवार को मौसम साफ रहने का अनुमान है, जबकि शनिवार को होने वाले फाइनल पर फिर बारिश का खतरा मंडरा रहा है.

    दिलचस्प बात यह है कि सेमीफाइनल में पहुंची चारों टीमें अब तक टूर्नामेंट में मैदान पर उतर ही नहीं सकी हैं. बारिश के कारण चारों क्वार्टर फाइनल मुकाबले रद्द करने पड़े और टीमों का फैसला आईसीसी रैंकिंग के आधार पर हुआ. दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान और बांग्लादेश आमने-सामने होंगे.

    बिना खेले सेमीफाइनल, अब सीधे असली परीक्षा
    भारत के लिए यह मुकाबला अजीब स्थिति वाला होगा. टीम 20 सितंबर को जापान पहुंची थी, लेकिन बारिश के कारण ट्रेनिंग प्रभावित होती रही. भारत को टोक्यो के पास जापान के खिलाफ सिर्फ पांच-पांच ओवर का एक द्विपक्षीय मुकाबला खेलने का मौका मिला.

    अफगानिस्तान के खिलाफ रद्द हुए क्वार्टर फाइनल से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना था कि खराब मौसम के कारण अभ्यास नहीं हो पाना परेशानी है. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया था कि पेशेवर खिलाड़ियों के लिए इसे मैदान पर प्रदर्शन का बहाना नहीं बनाया जा सकता.

    श्रीलंका की टीम पूरी ताकत के साथ नहीं
    भारत के सामने श्रीलंका की चुनौती भी उसकी पूरी ताकत वाली टीम की नहीं है. ऐसे में श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम से तेज शुरुआत और सीधे फाइनल में जगह बनाने की उम्मीद होगी.

    टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में स्कोर ज्यादा बड़ा नहीं रहा है. लगातार बारिश के कारण पिच में नमी बनी हुई है, जिससे सेमीफाइनल में सतह के धीमे और कुछ सुस्त रहने की संभावना है. ऐसे में बल्लेबाजों के साथ गेंदबाजों और फील्डरों को भी परिस्थितियों के मुताबिक तेजी से ढलना होगा.

    बारिश फिर बनी विलेन तो …?
    भारत के लिए एक राहत यह भी है कि अगर गुरुवार का सेमीफाइनल बारिश के कारण धुल जाता है तो वह अपनी नंबर-1 आईसीसी रैंकिंग के आधार पर फाइनल में पहुंच जाएगा. श्रीलंका की रैंकिंग नौवीं है. दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान छठे और बांग्लादेश आठवें स्थान पर हैं. वहां भी मैच रद्द होने पर पाकिस्तान बेहतर रैंकिंग के कारण फाइनल में जाएगा…. लेकिन अगर शनिवार को होने वाला फाइनल भी बारिश की भेंट चढ़ गया और मुकाबला नहीं हो सका, तो भारत और पाकिस्तान के बीच गोल्ड मेडल साझा किया जाएगा.

  • यात्रीगण ध्यान दें! टाटानगर, पुणे और नांदेड़ की कई ट्रेनें 24 नवंबर से 15 जनवरी तक रद्द

    यात्रीगण ध्यान दें! टाटानगर, पुणे और नांदेड़ की कई ट्रेनें 24 नवंबर से 15 जनवरी तक रद्द

    रायपुर
     राजधानी रायपुर से महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और ओडिशा जाने वाले यात्रियों को आने वाले दिनों में परेशानी हो सकती है। रेलवे ने चक्रधरपुर मंडल में अप व डाउन लाइन पर ट्रैक नवीनीकरण का कार्य के चलते मेगा ब्लाॅक लिया है। इसके तहत 24 नवंबर से 15 जनवरी तक टाटानगर, पुणे और नांदेड़ की कई ट्रेनें रद रहेंगी।

    टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस और साउथ बिहार एक्सप्रेस इस मार्ग की प्रमुख ट्रेने है। इसके रद्द होने से दैनिक यात्रियों का आवागमन प्रभावित होगा। पुणे और नांदेड़ जाने वाले यात्रियों को भी इस दौरान सीधा साधन नहीं मिलेगा। उत्कल और साउथ बिहार एक्सप्रेस का मार्ग बदलने से रायपुर पहुंचने के समय में बदलाव होगा। मेगा ब्लाक के कारण इस रूट की अन्य ट्रेनों में भीड़ बढ़ेगी और यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने में समस्या होगी।

    रद होने वाली ट्रेनें:
    टाटानगर-इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस (18109/18110): 24 व 27 नवंबर ; 1, 4, 8, 11, 15, 18, 22, 25 व 29 दिसंबर और 1, 5, 8, 12 व 15 जनवरी को रद्द रहेगी।

    नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस (12767): 23 व 30 नवंबर ; 7, 14, 21 व 28 दिसंबर और 4 व 11 जनवरी को रद्द रहेगी।

    सांतरागाछी-नांदेड़ एक्सप्रेस (12768): 25 नवंबर ; 2, 9, 16, 23 व 30 दिसंबर और 6 व 13 जनवरी को रद्द रहेगी।

    सांतरागाछी-पुणे हमसफर (20822): 21 व 28 नवंबर ; 5, 12, 19 व 26 दिसंबर और 2 व 9 जनवरी को रद्द रहेगी।

    पुणे-सांतरागाछी हमसफर (20821): 23 व 30 नवंबर ; 7, 14, 21 व 28 दिसंबर और 4 व 11 जनवरी को रद्द रहेगी।

    परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ियां:
    ऋषिकेश-पुरी कलिंग उत्कल एक्सप्रेस (18478): 23 व 30 नवंबर ; 7, 14, 21 व 28 दिसंबर और 4 व 11 जनवरी को ईब-झारसुगुड़ा रोड-संबलपुर सिटी-कटक मार्ग से चलेगी।

    आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस (13288): 26 नवंबर ; 3, 10, 17, 24 व 31 दिसंबर और 7 व 14 जनवरी को टाटानगर-गामहारिया को छोड़कर कांद्रा-सीनी मार्ग से दुर्ग आएगी।

  • चुनाव आयोग का बड़ा बयान, Form-6 के साथ अब नहीं देना होगा अतिरिक्त घोषणा पत्र

    चुनाव आयोग का बड़ा बयान, Form-6 के साथ अब नहीं देना होगा अतिरिक्त घोषणा पत्र

    नई दिल्ली
    चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रॉसेसस पर चल रहे विवाद के बीच एक बड़ा फैसला लिया है. आयोग ने कहा कि अब फॉर्म-6 के साथ अतिरिक्त घोषणा पत्र जरूरी नहीं होगा. चुनाव आयोग ने स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने वैधानिक फार्म-6 के मूल फॉर्मेट में कोई कानूनी बदलाव नहीं किया गया है। 

    बता दें, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रॉसेस के समय इसके साथ एक अतिरिक्त घोषणा पत्र अनिवार्य रूप से जोड़ा था. यह घोषणा, जिसके तहत नए आवेदकों को खुद को या अपने माता-पिता या दादा-दादी को पहले हुए सघन संशोधन (intensive revision) के दौरान तैयार मतदाता सूचियों से जोड़ने वाली जानकारी देनी होती है, उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ECINET पोर्टल पर उपलब्ध है जहां SIR का काम चल रहा है। 

    जिन राज्यों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां चुनाव आयोग (ECINET) ऐप और पोर्टल के साथ-साथ संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पोर्टल से भी अतिरिक्त घोषणा (additional declaration) को हटा दिया गया है. अब नामांकन चाहने वाले आवेदकों को केवल 'निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960' के तहत निर्धारित कानूनी 'फॉर्म 6' ही भरना होगा. यह कदम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी वाले पूरे आयोग की 26 सितंबर को हुई बैठक के बाद उठाया गया है। 

    बैठक के बाद, चुनाव आयोग ने कहा था कि फॉर्म 6 के साथ लगा घोषणा-पत्र SIR के लिए था और 'गैर-SIR अवधि के लिए, नियमों (मतदाता पंजीकरण नियम 1960) के अनुसार लागू फर्म का इस्तेमाल किया जाएगा. यह मामला तब विवाद का विषय बन गया जब यह बात सामने आई कि संधू और जोशी ने फॉर्म 6 से जुड़े बदलावों पर आपत्ति जताई थी. फॉर्म 6 वह कानूनी फॉर्म है जिसका इस्तेमाल योग्य नागरिक वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल करवाने के लिए करते हैं. जोशी ने इस फॉर्म में किए गए बदलावों पर यह कहते हुए आपत्ति जताई थी कि 'रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960' के तहत तय किए गए फॉर्म में नियमों में संशोधन किए बिना कोई बदलाव नहीं किया जा सकता. संधू भी उनकी बात से सहमत थे। 

    आयोग की वेबसाइट ECINET पर ऑनलाइन फॉर्म 6 की प्रक्रिया में SIR से जुड़ी घोषणा को शामिल किए जाने के बाद, संधू ने फिर से आपत्ति जताई और इस बदलाव को 'अनधिकृत/गैर-कानूनी' बताते हुए इसे हटाने की मांग की. हालांकि, अपने सार्वजनिक बयानों में चुनाव आयोग ने कहा है कि फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया था और घोषणा (डिक्लेरेशन) SIR से जुड़ी एक अतिरिक्त जरूरत थी. आयोग ने यह भी कहा है कि बिहार SIR पर अपने फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने इस घोषणा को सही ठहराया था। 

    26 सितंबर को ये फैसले तब लिए गए जब इंडियन एक्सप्रेस ने दावा किया कि संधू और जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े उन फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई थी, जो उनके अनुसार उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए थे. आयोग ने 26 सितंबर के अपने बयान में कहा कि SIR से जुड़े आदेशों को तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मत मंजूरी मिली थी। 

  • सुनिश्चित होगा हर व्यक्ति की समस्या का समाधान : मुख्यमंत्री

    सुनिश्चित होगा हर व्यक्ति की समस्या का समाधान : मुख्यमंत्री

    सुनिश्चित होगा हर व्यक्ति की समस्या का समाधान : मुख्यमंत्री

    गोरखपुर में लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं करीब 150 लोगों की समस्याएं

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश, तत्परता और संवेदनशीलता से कराएं समस्याओं का निराकरण

    गोरखपुर
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के प्रति आश्वस्त किया। उन्होंने समस्या/शिकायत लेकर आए लोगों से कहा कि चिंता मत करिए, सरकार हर व्यक्ति की समस्या का समाधान प्रतिबद्धता से कराएगी। इस अवसर पर सीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पूरी तत्परता और संवेदनशीलता से यह सुनिश्चित करें कि बिना भेदभाव सबको न्याय मिले। हर पात्र को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले, जरूरतमंदों के समुचित इलाज की व्यवस्था हो, जमीन कब्जाने वाले भू माफिया व दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। 

    गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान सुनिश्चित कराएगी। मुख्यमंत्री ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में शीघ्रता से निस्तारण के निर्देश दिए।

    बुधवार को भी जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार विवेकाधीन कोष से धन उपलब्ध कराएगी। 

    गुरु पूजा करने के बाद सीएम योगी ने की गोसेवा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब भी गोरखनाथ मंदिर प्रवास पर होते हैं तो प्रातःकाल गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद अपने पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की समाधि स्थल पर जाकर शीश झुकाना, आशीर्वाद लेना उनकी दिनचर्या में शामिल होता है। पर, इस बुधवार उनके लिए गुरु की विशेष पूजा का अवसर था। बुधवार (आश्विन कृष्ण चतुर्थी) को ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी विशेष पूजा अर्चना की। मंदिर प्रवास के दौरान पारंपरिक दिनचर्या के अनुसार मुख्यमंत्री गोसेवा करने गोशाला में भी पहुंचे। यहां उन्होंने गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से गुड़ खिलाया। गोशाला में मुख्यमंत्री के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से आए संतजन भी उपस्थित रहे।