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  • लखनऊ के औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव और खराब सड़कों पर DM सख्त, दिए जांच के आदेश

    लखनऊ के औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव और खराब सड़कों पर DM सख्त, दिए जांच के आदेश

     लखनऊ
     औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव और खराब सड़कों की समस्या पर जिलाधिकारी विशाख जी ने नाराजगी जाहिर की है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक में अमौसी-नादरगंज और सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी और सड़कों की बदहाली व अन्य सुविधाओं को लेकर समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित विभागों को समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।

    सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र में लखनऊ-कानपुर मार्ग के किनारे एनएचएआई की ओर से बनाए जा रहे ड्रेन का लेवल औद्योगिक क्षेत्र के ड्रेन से ऊंचा होने के कारण जल निकासी प्रभावित होने का मामला बैठक में उठा। पूर्व में गठित संयुक्त समिति की रिपोर्ट शासन को बजट स्वीकृति के लिए भेजी गई थी। नगर निगम ने बताया कि ड्रेनेज व्यवस्था के विकास का प्रस्ताव स्वीकृत हो गया है। इसका कार्य सीएंडडीएस की ओर से कराया जाएगा।

    एसटीपी के दौरान खराब हुई सड़क, जांच के आदेश
    उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र की आंतरिक सड़कों पर गड्ढों और जलभराव की समस्या उठाई। इससे माल ढुलाई और औद्योगिक इकाइयों के कामकाज पर असर पड़ने की बात कही गई। यूपीसीडा ने बताया कि एसटीपी निर्माण के लिए पाइपलाइन डालने के दौरान सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस पर डीएम ने कहा कि एसटीपी निर्माण के स्वीकृत बजट में ही सड़क रेस्टोरेशन का प्रावधान किया जाना था।

    मामले की जांच के लिए लोक निर्माण विभाग और जल निगम के अधिशासी अभियंताओं की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम को एसटीपी के मूल बजट में सड़क रेस्टोरेशन के लिए स्वीकृत धनराशि और जल निगम द्वारा अब तक सड़क की मरम्मत पर खर्च की गई राशि का विवरण जुटाकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए।

    नादरगंज-अमौसी औद्योगिक क्षेत्र से सुनहरा रोड होते हुए रिंग रोड तक जाने वाली 5.7 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का मामला भी बैठक में उठा। लोक निर्माण विभाग ने बताया कि सड़क को कार्ययोजना में शामिल कर लिया गया है। बैठक में चर्चा हुई कि तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र में नाली निर्माण का काम अभी शेष है।

    इसके अलावा निवेश मित्र पोर्टल 2.0 और 3.0 पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए डीएम ने संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों को साप्ताहिक समीक्षा करने और निर्धारित समय में मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खासकर हाउसिंग, फिल्म बंधु, कृषि, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, प्रदूषण और विद्युत विभाग से जुड़े समय सीमा पार कर चुके मामलों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

  • भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA)  के तहत इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क

    भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) के तहत इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क

    भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA)  के तहत इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क 

    भारत सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव

    मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में स्टेट लेवल कमेटी की बैठक आयोजित

    छत्तीसगढ़ कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा नवा रायपुर में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क को लेकर हुई चर्चा

    रायपुर,
    भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) के तहत छत्तीसगढ़ में इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में स्टेट लेवल कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (CRDA) द्वारा प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।

           बैठक में प्रस्तावित परियोजना के डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट, मास्टर प्लान, भूमि उपलब्धता, आवश्यक अधोसंरचना, परियोजना लागत, वित्तीय व्यवस्था तथा BHAVYA  की संचालन गाइडलाइन के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की गई। समिति द्वारा प्रस्ताव को भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के माध्यम से प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया।

    नवा रायपुर अटल नगर में प्रस्तावित है औद्योगिक पार्क

            CRDA द्वारा प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क नवा रायपुर अटल नगर, जिला रायपुर में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। लगभग 406.72 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस औद्योगिक पार्क में विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों के लिए आवश्यक अधोसंरचना एवं सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

    भारत सरकार को भेजा जाएगा परियोजना प्रस्ताव

            स्टेट लेवल कमेटी की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे भारत सरकार को भेजे जाने के लिए अनुमोदित किया गया है। अब CRDA द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रस्ताव को DPIIT,  भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने के बाद परियोजना के आगामी चरणों पर कार्यवाही की जाएगी।

            बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, प्रबंध संचालक सीएसआईडीसी उमेश कुमार झा, एनआरडीए नवा रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार सहित कलेक्टर रायपुर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित थे।

  • भारत का आर्चरी में दबदबा, चीन को हराकर पुरुष कंपाउंड टीम ने जीता गोल्ड

    भारत का आर्चरी में दबदबा, चीन को हराकर पुरुष कंपाउंड टीम ने जीता गोल्ड

    ओकाजाकी
    एशियन गेम्स 2026 में बुधवार को भारतीय दल का आर्चरी में स्वर्णिम सफर जारी है। भारतीय आर्चरी टीम ने तीसरा गोल्ड जीत लिया है। कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु वाली भारतीय पुरुषों की कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने फाइनल में चीन को हराकर गोल्ड मेडल जीता। कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु की तिकड़ी ने एक रोमांचक फाइनल में चीन के जियाओ लियाओ, जिनयी लियू और जिंग्यू शी को 238-237 से हराकर भारत के कंपाउंड तीरंदाजों के लिए गोल्ड मेडल की हैट्रिक पूरी की।

    यह जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि भारत फाइनल में दो पॉइंट से पीछे था और चीन की बढ़त को खत्म करने के लिए उसे एक मजबूत फिनिश की जरूरत थी। तीसरे और पांचवें शॉट में दो 9 के बाद शुरुआती एंड के बाद भारत 58-60 से पीछे हो गया। भारतीय तीरंदाजों ने अगले एंड में छह परफेक्ट 10 के साथ जवाब दिया, लेकिन फिर भी 118-120 से पीछे थे।

    आखिरी छह शॉट में दिखाया दम, एक पॉइंट से जीता गोल्ड
    तीसरे एंड के बाद अंतर एक पॉइंट घटकर 178-179 रह गया, जिससे एक तनावपूर्ण फिनिश की स्थिति बन गई। इसके बाद चीन के जियाओ लियाओ ने 8 का शॉट मारा, जिससे भारत के लिए दरवाजा खुल गया। भारतीय तिकड़ी ने आखिरी छह शॉट में बिना किसी गलती के 238 का स्कोर किया और एक पॉइंट के अंतर से गोल्ड मेडल पक्का किया। भारतीय टीम ने इससे पहले सेमीफाइनल में कोरिया को 236-229 से हराया था। कोरियाई टीम में चोई यून ग्यू, चोई योंगही और किम जोंगहो शामिल थे।

    कंपाउंड आर्चरी में भारत का दबदबा
    इससे पहले टूर्नामेंट में, चिकिथा तानिपार्थी और साहिल जाधव की भारत की कंपाउंड मिक्स्ड टीम ने कोरिया को एक मुश्किल शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड मेडल जीता था। इस जीत से 2028 गेम्स के लिए ओलंपिक कोटा भी पक्का हो गया। भारत की महिला कंपाउंड टीम ने भी गोल्ड मेडल जीता। इस टीम में चिकिथा तानिपार्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम शामिल थीं। भारतीय तिकड़ी ने चीन को 238-234 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। भारत ने एशियन गेम्स में तीनों कंपाउंड आर्चरी टीम गोल्ड मेडल जीतकर क्लीन स्वीप किया। पुरुषों की टीम के गोल्ड का मतलब है कि भारत ने हांगझोऊ 2023 में पिछले एशियन गेम्स में जीते गए तीनों कंपाउंड आर्चरी टाइटल सफलतापूर्वक बरकरार रखे हैं।

     

  • Vastu Tips: घर में ड्रेसिंग और डाइनिंग टेबल कहां रखें? जानें सही दिशा और जरूरी नियम

    Vastu Tips: घर में ड्रेसिंग और डाइनिंग टेबल कहां रखें? जानें सही दिशा और जरूरी नियम

     घर को सजाते समय हम अक्सर फर्नीचर के डिजाइन और उसकी सुविधा पर ध्यान देते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र में सामान की दिशा और जगह को भी महत्वपूर्ण माना गया है. मान्यता है कि घर में रखी चीजों की सही जगह से सकारात्मक माहौल बना रहता है. खासतौर पर ड्रेसिंग टेबल और डाइनिंग टेबल को लेकर वास्तु में कुछ नियम बताए गए हैं. आइए जानते हैं इन दोनों को घर में किस दिशा और जगह पर रखना शुभ माना जाता है.

    ड्रेसिंग टेबल के लिए कौन सी दिशा शुभ?
    वास्तु मान्यताओं के अनुसार ड्रेसिंग टेबल को उत्तर या पूर्व दिशा में रखना अच्छा माना जाता है.  ड्रेसिंग टेबल में लगा आईना कमरे में रोशनी को प्रतिबिंबित करता है, इसलिए इसे रखने की जगह पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है.

    अगर ड्रेसिंग टेबल को बेडरूम में रखा जा रहा है तो कोशिश करें कि वह ऐसी जगह हो जहां कमरे में आने-जाने में परेशानी न हो.  साथ ही आईने की स्थिति भी सही रखें.

    बेड के सामने आईना क्यों न लगाने की सलाह?
    वास्तु शास्त्र में बेड के ठीक सामने आईना लगाने से बचने की सलाह दी जाती है.  मान्यता है कि सोते समय आईने में व्यक्ति का प्रतिबिंब दिखाई देने से कमरे की ऊर्जा प्रभावित हो सकती है.

    अगर कमरे की जगह ऐसी है कि आईने को बेड के सामने से हटाना संभव नहीं है तो रात में इसे कपड़े से ढकने की सलाह दी जाती है.  यह वास्तु से जुड़ी पारंपरिक मान्यता है.  

    ड्रेसिंग टेबल दरवाजे के सामने न रखें
    ड्रेसिंग टेबल को कमरे के दरवाजे के बिल्कुल सामने रखने से भी बचने की सलाह दी जाती है.  इसका एक व्यावहारिक कारण भी है, दरवाजा खोलने-बंद करने और कमरे में आने-जाने के दौरान रास्ता बाधित हो सकता है. इसलिए ड्रेसिंग टेबल ऐसी जगह रखना बेहतर है जहां आईने के साथ-साथ कमरे में पर्याप्त खुली जगह भी बनी रहे.

    डाइनिंग टेबल किस दिशा में रखें?
    वास्तु के अनुसार डाइनिंग टेबल के लिए पश्चिम दिशा को अनुकूल माना जाता है.  इसके अलावा उत्तर-पश्चिम दिशा में भी डाइनिंग एरिया बनाया जा सकता है.

    डाइनिंग एरिया का उद्देश्य केवल खाना खाने तक सीमित नहीं होता.  परिवार के लोग यहां साथ बैठकर भोजन करते हैं और बातचीत भी करते हैं.  इसलिए वास्तु मान्यताओं के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि जगह आरामदायक और हवादार हो.

    डाइनिंग टेबल मुख्य दरवाजे के ठीक सामने न रखें
    वास्तु मान्यताओं के अनुसार डाइनिंग टेबल को घर के मुख्य प्रवेश द्वार के बिल्कुल सामने रखने से बचना चाहिए.  इसी तरह इसे पूजा स्थान के ठीक सामने रखना भी उचित नहीं माना जाता. व्यावहारिक रूप से भी डाइनिंग टेबल को प्रवेश द्वार से थोड़ा अलग रखना बेहतर होता है, ताकि घर में आने-जाने वालों के लिए पर्याप्त जगह बनी रहे.

    डाइनिंग टेबल का आकार भी रखें ध्यान
    डाइनिंग टेबल चुनते समय कमरे के आकार का ध्यान रखना जरूरी है.  बहुत बड़ी टेबल छोटे कमरे में रखने से जगह कम हो सकती है और लोगों के बैठने में परेशानी हो सकती है.

    वास्तु की मान्यताओं में डाइनिंग टेबल के लिए व्यवस्थित और साफ जगह रखने पर जोर दिया जाता है.  इसलिए टेबल पर अनावश्यक सामान जमा करने से बचें और भोजन के बाद इसे साफ रखें.

    आईने और डाइनिंग एरिया की साफ-सफाई जरूरी
    वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में साफ-सफाई को विशेष महत्व दिया जाता है.  ड्रेसिंग टेबल का आईना साफ रखें, उसके आसपास सामान बिखरा हुआ न छोड़ें.  इसी तरह डाइनिंग टेबल पर लंबे समय तक गंदे बर्तन या बचा हुआ खाना रखने से बचना चाहिए. इसका फायदा व्यावहारिक रूप से भी है.

    फर्नीचर रखते समय इन बातों का भी ध्यान दें
    ड्रेसिंग और डाइनिंग टेबल की दिशा के अलावा घर में फर्नीचर रखते समय कुछ सामान्य बातों का ध्यान रखा जा सकता है.  फर्नीचर ऐसा न हो कि कमरे की आवाजाही बाधित हो.  खिड़कियों और दरवाजों के सामने अनावश्यक सामान रखने से बचें. घर के किसी हिस्से में बहुत ज्यादा सामान जमा करने के बजाय खुली जगह बनाए रखना भी बेहतर होता है.  इससे कमरे में प्राकृतिक रोशनी और हवा का प्रवाह बना रहता है.

    वास्तु में दिशा का क्यों है महत्व?
    वास्तु शास्त्र में घर की अलग-अलग दिशाओं को अलग-अलग तत्वों और ऊर्जाओं से जोड़कर देखा जाता है.  इसी आधार पर फर्नीचर और दूसरी वस्तुओं को रखने की दिशाओं के बारे में मान्यताएं बताई गई हैं. हालांकि, इन नियमों को धार्मिक और पारंपरिक मान्यता के रूप में देखना चाहिए.  ड्रेसिंग या डाइनिंग टेबल की किसी खास दिशा में रखने से सुख-समृद्धि या परेशानी निश्चित रूप से बढ़ती या घटती है.

  • 3,000 करोड़ की ड्रग्स का खेल बेनकाब, समंदर में कोस्ट गार्ड का सीक्रेट ऑपरेशन

    3,000 करोड़ की ड्रग्स का खेल बेनकाब, समंदर में कोस्ट गार्ड का सीक्रेट ऑपरेशन

    मुंबई 
    इंडियन कोस्ट गार्ड (Indian Coast Guard) ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है। इंडियन कोर्ट गार्ड ने अरब सागर में नशीली दवाओं की तस्करी का बड़ा भंडाफोड़ के साथ ही साथ पाकिस्तानियों की नापाक हरकत को भी बेनकाब किया। एक सीक्रेट ऑपरेशन में लक्षद्वीप के पास इंडियन कोस्ट गार्ड ने ईरानी नाव को पकड़ा और बोट से 5 पाकिस्तानी तस्करों को हिरासत में भी लिया। बता दें कि, इंडियन कोस्ट गार्ड ने गुजरात ATS ने मिलकर के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।

    इंडियन कोस्ट गार्ड का बड़ा ऑपरेशन
    इंडियन कोस्ट गार्ड ने बुधवार को बताया कि उसने लक्षद्वीप के पश्चिम में अरब सागर में ड्रग्स की बड़ी तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया है। इस कार्रवाई में इंटरनेशनल मार्केट में 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की ड्रग्स बरामद की गई हैं। तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही नाव ईरान की थी और इसमें पांच पाकिस्तानी नागरिक सवार थे।

    हिरासत में लिए गए पांच पाकिस्तानी
    कोस्ट गार्ड ने बताया कि पकड़ी गई नाव, उसमें सवार क्रू और बरामद की गई ड्रग्स को आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए मुंबई ले जाया गया है। यह कार्रवाई गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) के साथ मिलकर समुद्र में की गई। जांच के दौरान कुल 526 किलो ड्रग्स बरामद की गई, जिसमें हेरोइन और मेथामफेटामाइन शामिल हैं।

    वहीं इस ऑरेशन के बाद एक बयान में बताया गया कि, एक खुफिया जानकारी मिलने के बाद इंडियन कोस्ट गार्ड ने समुद्र और हवा से संदिग्ध नाव पर लगातार नजर रखी। इसके बाद टीम ने नाव का पीछा किया और 25 सितंबर 2026 को एक संदिग्ध ईरानी नाव को रोककर उस पर सवार हो गई। कोस्ट गार्ड ने कहा कि यह कार्रवाई उसकी मजबूत निगरानी व्यवस्था और समुद्री इलाकों में गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के इरादे को दिखाती है। साथ ही, इससे भारत के समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर कोस्ट गार्ड की सतर्कता भी साफ होती है।

  • कच्चे केले की मसालेदार भुजिया, स्वाद ऐसा कि आलू-सब्जी भी लगे फीकी

    कच्चे केले की मसालेदार भुजिया, स्वाद ऐसा कि आलू-सब्जी भी लगे फीकी

    रोज-रोज लंच या डिनर में वही आलू, भिंडी या दाल-सब्जी खाकर अक्सर बच्चे और बड़े दोनों ही बोर हो जाते हैं. ऐसे में अगर आप कुछ नया, झटपट और बेहद स्वादिष्‍ट बनाना चाहते हैं, तो कच्चे केले की मसालेदार भुजिया एक बेहतरीन विकल्प है. कच्चा केला सेहत के लिए बहुत फायदेमंद और फाइबर से भरपूर होता है, लेकिन सही से न पकाने पर यह अक्सर मैश या चिपचिपा हो जाता है.

    अगर कच्चे केले को पतले-पतले टुकड़ों में काटकर देसी मसालों और गरम मसाले के साथ सरसों के तेल में कुरकुरा भुना जाए, तो इसका जायका किसी पनीर या आलू की सब्जी से कम नहीं लगता. चटपटी और सोंधी खुशबू वाली यह भुजिया बच्चों के स्कूल टिफिन और ऑफिस लंच के लिए एकदम परफेक्ट है. इसे आप लंबे-लंबे पतले टुकड़ों या फिर गोल स्लाइस किसी भी तरह से बना सकते हैं. आइए जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान और लाजवाब रेसिपी!

    सामग्री:
    3 कच्चे केले

    2 बड़े चम्मच सरसों का तेल

    1/2 छोटा चम्मच राई (सरसों के दाने) या जीरा

    1/4 छोटा चम्मच हींग

    1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर

    1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर

    1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर

    1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला (सीक्रेट फ्लेवर के लिए)

    1/2 छोटा चम्मच आमचूर पाउडर (खटाई के लिए)

    स्वादानुसार नमक

    2 हरी मिर्च (बारीक कटी हुई)

    बारीक कटा हरा धनिया (सजावट के लिए)

    बनाने की विधि:
    केले काटने की सही ट्रिक: कच्चे केलों को धोकर सुखा लें. चाकू की मदद से केला छील लें (हल्का हरा हिस्सा रहने दें ताकि भुजिया कुरकुरी बने). अब केले को बीच से काटकर लंबाई में या छोटे-छोटे पतले चकोर टुकड़ों में काट लें. (कटने के बाद केलों को पानी में न डालें, तुरंत बनाएं ताकि नमी न रहे).

    तड़का लगाएं: कड़ाही में 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल डालें और धुआं निकलने तक तेज गर्म करें. फिर आंच धीमी करें और इसमें राई/जीरा, हींग और कटी हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड्स के लिए चटकाएं.

    केला भूनें: अब कटे हुए कच्चे केले कड़ाही में डालें. आंच को मध्यम रखें और बिना ढके 3-4 मिनट तक लगातार चलाते हुए भूनें, जब तक कि केलों पर हल्का सुनहरा रंग न आने लगे.

    नमक और हल्दी मिलाएं: अब स्वादानुसार नमक और हल्दी पाउडर डालकर मिलाएं. कड़ाही को ढक्कन से ढक दें और धीमी आंच पर 3-4 मिनट तक पकने दें. (कच्चा केला बहुत जल्दी गल जाता है, इसलिए ज्यादा देर न ढकें).

    मसाले और गरम मसाला डालें: ढक्कन हटाएं, केला सॉफ्ट हो चुका होगा. अब इसमें धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, आमचूर पाउडर और 1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला मिलाएं.

    कुरकुरा करें: बिना ढके धीमी-मध्यम आंच पर भुजिया को 2 मिनट तक लगातार चलाते हुए भूनें ताकि सारे मसाले केले के टुकड़ों पर अच्छी तरह लिपट जाएं और भुजिया एकदम कुरकुरी हो जाए.

    सर्व करें: ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया छिड़कें. तैयार है आपकी गरमा-गरम, चटाकेदार और खुशबूदार कच्चे केले की भुजिया! इसे पूरी, पराठे या दाल-चावल के साथ लंच में परोसें.

  • पितृ पक्ष में खरीदारी से बचें! इन 5 चीजों को घर लाना माना जाता है अशुभ

    पितृ पक्ष में खरीदारी से बचें! इन 5 चीजों को घर लाना माना जाता है अशुभ

     हिंदू धर्म में आश्विन माह का कृष्ण पक्ष हमारे पूर्वजों को समर्पित पितृ पक्ष के रूप में मनाया जाता है. इस दौरान पितरों की आत्मा की तृप्ति के लिए तर्पण, पिंडदान, ब्राह्मण भोजन और दान-पुण्य करने की समृद्ध परंपरा है. ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार, यह 16 दिनों की अवधि पूर्णतः संयम, सादगी और आत्म-स्मरण का समय होती है. मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान नई या भौतिक सुख-सुविधाओं की खरीदारी करना शुभ नहीं माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि इस समय अनजाने में खरीदी गई कुछ विशेष वस्तुएं घर में वास्तु दोष और आर्थिक तंगी का कारण बन सकती हैं. आइए जानते हैं कि पितृ पक्ष के दौरान किन 5 प्रमुख चीजों को घर लाने से बचना चाहिए.

    नए कपड़े और सोने-चांदी के गहने (New Clothes and Jewellery)
    पितृ पक्ष का समय किसी प्रकार का जश्न या उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि पितरों के प्रति शोक, कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करने का होता है. इस अवधि में स्वयं के उपयोग के लिए नए वस्त्र, सोने-चांदी के आभूषण या फैशनेबल वस्तुएं खरीदने से घर की सुख-समृद्धि प्रभावित हो सकती है. हालांकि, यदि आप पितरों के तर्पण, ब्राह्मणों या गरीबों को दान करने के उद्देश्य से वस्त्र खरीदते हैं, तो वह वर्जित नहीं है.

    नया वाहन और प्रॉपर्टी (Vehicle and Property)
    नई कार, बाइक, नया घर, दुकान या जमीन की खरीदारी को जीवन में किसी नए व शुभ कार्य की शुरुआत माना जाता है. श्राद्ध पक्ष में नए काम या अचल संपत्ति का सौदा करने से बचना चाहिए. मान्यता है कि इस समय संपत्ति में निवेश करने से उस स्थान या वाहन से पूर्ण शुभ फल प्राप्त नहीं होते हैं.

    नई झाड़ू (Broom)
    वास्तु और शास्त्रों में झाड़ू का सीधा संबंध धन की देवी मां लक्ष्मी से माना गया है. पितृ पक्ष के दौरान नई झाड़ू खरीदकर घर लाने की सख्त मनाही होती है. ऐसा माना जाता है कि श्राद्ध के दिनों में झाड़ू की खरीदारी करने से घर की बरकत रुक जाती है और अनचाहे खर्चे बढ़ने लगते हैं.

    लोहा और लोहे के सामान (Iron Items)
    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पितृ कार्य में लोहे के बर्तनों या धातु का प्रयोग और इसकी खरीदारी दोनों ही शुभ नहीं माने जाते है. श्राद्ध पक्ष में लोहा या लोहे से बनी नई वस्तुएं घर लाने से जीवन में मानसिक तनाव और परेशानियां बढ़ सकती हैं.

    इलेक्ट्रॉनिक्स और नया फर्नीचर (Electronics and Furniture)
    नया टीवी, फ्रिज, सोफा, बेड या घर की सजावट का सामान भौतिक विलासिता (Luxury) को दर्शाता है. चूंकि, यह समय सादगी का है, इसलिए इस दौरान घर के लिए विलासिता से जुड़े उपकरण खरीदना वर्जित माना गया है.

    कब मनाई सर्वपितृ अमावस्या?
    इस वर्ष पितृ पक्ष का समापन 10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा. जिन पूर्वजों की मृत्यु की सटीक तिथि ज्ञात न हो, उनका श्राद्ध अमावस्या के दिन किया जाना अत्यंत फलदायी माना जाता है.

     

  • भोपाल में रिटायर्ड IAS की हत्या, धारदार हथियार से रेत दिया गला; नौकर फरार

    भोपाल में रिटायर्ड IAS की हत्या, धारदार हथियार से रेत दिया गला; नौकर फरार

    भोपाल 

    राजधानी भोपाल में खौफनाक घटना सामने आई है। यहां 70 साल के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की बुधवार को उनके घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई। इस घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर में घटना की सूचना सुबह करीब पांच बजे पुलिस को मिली। रातीबड़ पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ घर में रहते थे और घटना के समय उनकी पत्नी दूसरे कमरे में सो रही थीं।

    2 दिन पहले ही रखा था नया नौकर
    इस घटना की जानकारी देते हुए एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में घर में काम करने वाले एक घरेलू सहायक पर संदेह जताया गया है, जो घटना के बाद से लापता है। उन्होंने बताया कि अग्रवाल के घर में दो दिन पहले ही नया नौकर रखा गया था और वह घटना के बाद से लापता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और संदिग्ध की तलाश की जा रही है। हत्या के कारण और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाने के लिए भी जांच जारी है। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।

    इस मामले में भोपाल पुलिस घर में और घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद भी ले रही है। इससे पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के बाद से लापता चल रहा नौकर कहां गया और कब घर से निकला था। इस दौरान पुलिस घटना के समय हुई हरकतों के माध्यम से मामले का खुलासा करने की कोशिश कर रही है।

    नए नौकर पर शक, वारदात के बाद से गायब
    जानकारी के मुताबिक राकेश अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ सूरजनगर स्थित घर में रहते थे. घर के अंदर ही उनका शव मिला. प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि उनकी हत्या गला रेतकर की गई है. वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। 

    पुलिस की शुरुआती जांच में घर पर काम करने वाले एक नौकर पर शक जताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि राकेश अग्रवाल के घर पर करीब दो दिन पहले ही एक नया नौकर रखा गया था. वारदात के बाद से यह नौकर घर से गायब है. इसी वजह से पुलिस की जांच की दिशा फिलहाल उस नौकर के इर्द-गिर्द घूम रही है। 

    पड़ोसियों से भी पूछताछ कर रही पुलिस
    घटना की जानकारी मिलने के बाद फोरेंसिक और दूसरी पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके लिए शहर में कई टीमों को जांच करने में लगा दिया गया है। पुलिस इस घटना के बाद से लापता चल रहे नौकर की तलाश कर रही है। इस दौरान पड़ोसियों के साथ भी पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के दौरान उनके घर में या आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखी थी या नहीं।

    घटना के बाद पहुंची पुलिस की टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का पूरा शक घर में दो दिन पहले आए नौकर पर ही है। ऐसे में अब पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या नौकर ने इस घटना को अकेले अंजाम दिया है या कोई और भी नौकर के साथ इस घटना को अंजाम देने में शामिल था।

    पुलिस की कार्रवाई और जांच

    गौरतलब है कि पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें फरार संदिग्ध नौकर की तलाश में जुटी हुई हैं। पुलिस हत्या के पीछे की असल वजह रंजिश, लूटपाट या कोई अन्य विवाद का पता लगाने के लिए हर एंगल से जांच कर रही है। इसके अलावा फॉरेंसिक टीम (FSL) ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है।

  • मोहन सरकार पूर्व अग्निवीरों को वर्दी वाली नौकरियों में 20 फीसदी आरक्षण देगी

    मोहन सरकार पूर्व अग्निवीरों को वर्दी वाली नौकरियों में 20 फीसदी आरक्षण देगी

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश सरकार ने अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को वर्दी वाली सेवाओं में 20 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है। इसके साथ ही 24,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

    ये फैसले मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किए गए।

    राज्य सरकार के इस फैसले का सीधा फायदा उन युवाओं को मिलेगा जो केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सशस्त्र बलों में अग्निवीर के रूप में अपनी सेवा पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश करते हैं।

    राज्य सरकार ने क्या बताया?
    राज्य सरकार के एक अफसर ने बताया कि युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वनरक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दी वाली सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी आरक्षण देने को मंजूरी दे दी गई। अफसर के मुताबिक, गृह विभाग के तहत आरक्षक (सामान्य ड्यूटी) के पदों पर भर्ती में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा।

    किसे कितना आरक्षण मिलेगा?
    अफसर के मुताबिक, विशेष सशस्त्र बल में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, कारागार विभाग के तहत जेल प्रहरियों की नियुक्ति में होमगार्ड को 15 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों को पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।

    राज्य सरकार ने बताया है कि वनरक्षकों की नियुक्ति में भी होमगार्ड के लिए 15 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा। अधिकारी ने बताया कि वाणिज्यिक कर विभाग के तहत आबकारी आरक्षकों की नियुक्ति में होमगार्ड को 10 फीसदी, पूर्व सैनिकों को पांच फीसदी और पूर्व अग्निवीरों को 20 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया गया है।

    अग्निवीरों के लिए दो राज्यों से गुड न्यूज आई। मध्य प्रदेश सरकार ने ऐलान किया कि वह पूर्व अग्निवीरों को वर्दी वाली नौकरियों में 20 फीसदी आरक्षण देगी। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की है कि नवंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच सेवा मुक्त हो रहे अग्निवीरों के पहले बैच को बिना किसी लिखित परीक्षा के सीधे पुलिस और सुरक्षा बलों में नौकरी दी जायेगी। महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि पहले बैच के सेवानिवृत्त अग्निवीरों को महाराष्ट्र पुलिस, राज्य रिजर्व पुलिस बल और अग्निशमन सेवाओं में सीधे समायोजित किया जाएगा। पात्र उम्मीदवारों को नयी लिखित परीक्षा से छूट मिलेगी, चार साल की आयु में छूट दी जाएगी और अगर जरूरी हुआ तो विशेष रूप से बनाए गए पदों पर समायोजित किया जाएगा।

    एमपी में कहां कहां अग्निवीरों को आरक्षण
    एमपी सरकार के अधिकारी ने बताया कि युवाओं के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वनरक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दी वाली सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी आरक्षण देने को मंजूरी दी गई। गृह विभाग के तहत आरक्षक (सामान्य ड्यूटी) के पदों पर भर्ती में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा। उन्होंने बताया कि विशेष सशस्त्र बल में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

    अधिकारी के अनुसार कारागार विभाग के तहत जेल प्रहरियों की नियुक्ति में होमगार्ड को 15 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों को पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वनरक्षकों की नियुक्ति में भी होमगार्ड के लिए 15 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा। अधिकारी ने बताया कि वाणिज्यिक कर विभाग के तहत आबकारी आरक्षकों की नियुक्ति में होमगार्ड को 10 फीसदी, पूर्व सैनिकों को पांच फीसदी और पूर्व अग्निवीरों को 20 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया गया है।

    जनवरी 2027 तक 19 हजार से अधिक अग्निवीर घर लौट रहे
    केंद्र की ओर से 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत सशस्त्र बलों में भर्ती होने वाले अग्निवीरों की सेवा अवधि चार वर्ष है। योजना के तहत 25 फीसदी अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में बनाए रखने का प्रावधान है, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को सेवा से मुक्त किया जाता है। यानी 75 फीसदी को वापस घर भेज दिया जाता है। अब सेना से अग्निवीरों का पहला बैच जनवरी 2027 में सेवामुक्त होने जा रहा है, जिसमें 19 हजार से अधिक अग्निवीर शामिल हैं। इनका चार साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है।

    सेवामुक्त (75 प्रतिशत) होने वाले अग्निवीरों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने अपने विभिन्न विभागों में ने आरक्षण और प्राथमिकताओं का प्रावधान किया है। अग्निवीरों को बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और असम राइफल्स में सिपाही तथा राइफलमैन के पदों पर 50% आरक्षण। इन्हें लिखित परीक्षा, शारीरिक मानक परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षा से भी छूट मिलेगी।

    भारतीय रेलवे: श्रेणी-2 और उससे ऊपर के पदों में 5 प्रतिशत और श्रेणी-1 के पदों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण पूर्व अग्निवीरों के लिए निर्धारित किया गया है।

    अफसरों ने बताया कि हॉरिजॉन्टल आरक्षण सभी श्रेणियों यानी सामान्य वर्ग के साथ-साथ अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में लागू होता है।

    2022 में शुरू की गई थी अग्निपथ योजना
    केंद्र की ओर से 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत सशस्त्र बलों में भर्ती होने वाले अग्निवीरों की सेवा अवधि चार वर्ष है, जिसमें छह महीने का प्रशिक्षण शामिल है। योजना के तहत 25 फीसदी अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में बनाए रखने का प्रावधान है, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को सेवा से मुक्त कर दिया जाता है।

    चार साल की सेवा पूरी कर दिसंबर 2026 में अग्निवीर अपने घरों, अपने परिवारों और अपने प्रियजनों के बीच लौटने वाले हैं। ये वे हजारों युवा पुरुष और महिलाएं हैं, जिन्होंने भारतीय सेना का हिस्सा बनने के लिए चार साल की अवधि के लिए भर्ती होने का विकल्प चुना था।

  • बडगाम में मुठभेड़, लश्कर का टॉप आतंकी मूसा ढेर; सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी

    बडगाम में मुठभेड़, लश्कर का टॉप आतंकी मूसा ढेर; सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी

    बडगाम 

     मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के ऊंचाई वाले इलाके में राष्ट्रीय राइफल्स के साथ मुठभेड़ में एक आतंकी का एनकाउंटर किया गया। मारा गया आतंकी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का एक सबसे वांछित आतंकवादी थी। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर स्थित चिनार कोर ने मारे गए आतंकवादी की पहचान का खुलासा नहीं किया, लेकिन अधिकारियों ने उसकी पहचान सुलेमान शाह उर्फ ‘मूसा’ के रूप में की।

    सेना ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि उसने अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर मध्य कश्मीर के कोराग, यूसमर्ग के सामान्य क्षेत्र में अभियान शुरू किया था।सेना ने कहा, 'सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद भीषण गोलीबारी हुई, जिसमें एक आतंकवादी को मार गिराया गया।'

    यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई मुठभेड़ में भाग निकला था मूसा
    अधिकारियों ने बताया कि अभियान अभी जारी है और इस दौरान वन क्षेत्र दूधपथरी में हुई मुठभेड़ में ‘मूसा’ मारा गया। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से पीर पंजाल पर्वतमाला के दोनों ओर हुए कई हमलों में शामिल होने के कारण वांछित मूसा इस महीने की शुरुआत में यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई मुठभेड़ से बच निकला था।

    यासिर का साथी था मूसा
    सूत्रों ने यह भी बताया है कि मूसा, लश्कर के आतंकवादी यासिर का साथी था. यासिर को इसी महीने की शुरुआत में (4 सितंबर को) ऊंचे पहाड़ों पर 13 दिन तक चले ऑपरेशन के बाद यूसमर्ग के पास के इलाके में मार गिराया गया था। 

    पुलिस और सुरक्षा रिकॉर्ड के अनुसार, यासिर एक 'हाई-वैल्यू टारगेट' था और उस पर इलाके में कई बड़े आतंकी हमलों में शामिल होने का आरोप था, जिनमें पुंछ में IAF काफिले पर हमला और सोनमर्ग, बोटा पाथरी और भट्टा डुरियन में हुए हमले शामिल हैं। 

    यासिर के मारे जाने के बाद से अलर्ट
    यासिर के एनकाउंटर के बाद, सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर थे और उसके साथ यात्रा कर रहे अन्य साथियों का पता लगाने के लिए घने पीर पंजाल जंगलों में तलाशी अभियान जारी रखे हुए थे। 

    J&K पुलिस के मुताबिक, यह मुठभेड़ तब हुई जब सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की पक्की जानकारी मिलने के बाद घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया। 

    अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही बल उस संदिग्ध जगह पर पहुंचे, छिपे हुए आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई. सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में एक अज्ञात आतंकवादी मारा गया और ऑपरेशन अभी भी जारी है। 

    भारतीय सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने एक्स पर लिखा, "खुफिया जानकारी के आधार पर, भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने यूसमर्ग के कोराग इलाके में एक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। 

    उन्होंने लिखा, ''सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती देने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे ज़बरदस्त गोलीबारी हुई और इस दौरान एक आतंकवादी को मार गिराया गया। 

    करीबी सहयोगी का पहले हो चुका एनकाउंटर
    अधिकारियों के अनुसार, उसका करीबी सहयोगी यासिर पांच सितंबर को हुई उस मुठभेड़ में मारा गया था। अधिकारियों ने कहा कि मूसा का मारा जाना जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।

    CRPF और BSF ने चलाया था अभियान
    अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध गतिविधियों की खबरों के बाद मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के राजौरी, पुंछ और कठुआ ज़िलों में लगभग एक दर्जन जगहों पर सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया है। इन तीनों जिलों के दूर-दराज़ और जंगली इलाकों में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, CRPF और BSF मिलकर तलाशी अभियान चला रहे हैं।

    राजौरी में कालाकोट के पीर खाना, पोथा नरोटा और अंध गांवों में, और सुंदरबनी के ठंडा पानी और कंसार में तलाशी की गई। कठुआ में सुरक्षा बल पंजवारी, कठेरा और आस-पास के इलाकों में तलाशी ली पुंछ में, यह अभियान मेंढर सेक्टर के अपर कसबलारी, थेराटोपा, नागल गली, कालाबन और पटनातीर इलाकों में चलाया गया।

    ऑपरेशन जारी रहने के दौरान अधिकारियों ने कहा कि गोलीबारी के दौरान दूधपथरी के दूर के जंगल वाले इलाके में ‘मूसा’ मारा गया. अधिकारियों ने बताया कि मूसा पिछले कई सालों में पीर पंजाल रेंज के दोनों तरफ हुए कई हमलों में शामिल होने के लिए वॉन्टेड था। 

    इस महीने की शुरुआत में यूसमर्ग पहाड़ियों में हुए एक एनकाउंटर से वह बच निकला था. उसका करीबी यासिर 5 सितंबर को उस एनकाउंटर में मारा गया था. अधिकारियों ने कहा कि मूसा का मारा जाना जम्मू-कश्मीर में काम कर रहे लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।