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  • उज्जैन में शाही मस्जिद की मीनार का हिस्सा गिरा, छत भी डैमेज; मरम्मत शुरू

    उज्जैन में शाही मस्जिद की मीनार का हिस्सा गिरा, छत भी डैमेज; मरम्मत शुरू

    उज्जैन 
    उज्जैन के छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद में गुरुवार को हादसा हो गया। यहां ऊंची मीनार का एक हिस्सा टूटकर मस्जिद की छत पर गिर गया। इससे छत समेत मस्जिद के कुछ हिस्से को नुकसान पहुंचा। प्रशासन छत की मरम्मत करवा रहा है।

    सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग को चौड़ा करने की योजना है। शाही मस्जिद की मीनार समेत करीब 6 फीट हिस्सा प्रस्तावित सड़क की जद में आ रहा था। इसे मुस्लिम समुदाय के लोग हाथ से तोड़ने का काम चार दिन से कर रहे थे। प्रशासन और मुस्लिम समुदाय के बीच बातचीत के बाद इसकी सहमति बनी थी।

    गुरुवार को निर्माण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान मीनार का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। प्रशासन के मुताबिक, हादसे में किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई।

    28 सितंबर को हुआ था विवाद
    शाही मस्जिद को लेकर 28 सितंबर को भी विवाद हुआ था। सोशल मीडिया पर मस्जिद को पूरी तरह तोड़े जाने से जुड़ी भ्रामक और AI से तैयार सामग्री वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए थे।

    पुलिस के मुताबिक, भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया था। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस और हलका बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया।

    मामले में कई FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट्स के साथ CCTV और ड्रोन फुटेज की भी जांच कर रही है।

    नौ आरोपी जेल भेजे गए

    30 सितंबर को मामले में गिरफ्तार नौ आरोपियों को जिला कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी को 12 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

    विवाद के बाद शाही मस्जिद और आसपास के इलाके में पुलिस बल तैनात है। बाजार के कुछ हिस्सों में दुकानें भी बंद रहीं।

    अब तक क्या कार्रवाई हुई
        सड़क चौड़ीकरण की योजना: सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। शाही मस्जिद का एक हिस्सा प्रस्तावित सड़क की जद में आया।

        मस्जिद कमेटी से सहमति: प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच प्रभावित हिस्सा हटाने पर सहमति बनी। हाईकोर्ट में भी मुस्लिम पक्ष की ओर से सहयोग की बात कही गई।

        28 सितंबर को बवाल: कार्रवाई के दौरान सोशल मीडिया पर मस्जिद को पूरी तरह तोड़े जाने की भ्रामक/AI सामग्री वायरल होने के बाद बड़ी भीड़ मौके पर पहुंची। पुलिस पर पथराव हुआ। पुलिस ने आंसू गैस और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया।

        पुलिस कार्रवाई: मामले में कई FIR दर्ज हुईं और आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू हुई। सोशल मीडिया अकाउंट्स और CCTV/ड्रोन फुटेज की भी जांच की गई।

        9 आरोपी कोर्ट में पेश: 30 सितंबर को 9 आरोपियों को जिला कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी को 12 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

        स्थिति: विवाद के बाद शाही मस्जिद और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है तथा बाजार के कई हिस्सों में दुकानें बंद रहीं।

    मस्जिद विवाद में उपद्रव फैलाने वाले 100 इंस्टाग्राम ID ब्लॉक

    उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान हुए उपद्रव के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने उपद्रव से जुड़े भड़काऊ और वायरल कंटेंट वाले 100 से अधिक इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट/पेज ब्लॉक करवाए हैं।

  • रायबरेली सिविल कोर्ट में फर्जी वकीलों पर कसेगा शिकंजा, बिना C.O.P. प्रवेश पर सख्ती

    रायबरेली सिविल कोर्ट में फर्जी वकीलों पर कसेगा शिकंजा, बिना C.O.P. प्रवेश पर सख्ती

     रायबरेली
    उत्तर प्रदेश के रायबरेली सिविल कोर्ट परिसर में वकीलों की पहचान और अनुशासन को लेकर सेंट्रल बार एसोसिएशन ने सख्त रुख अपनाया है। एसोसिएशन की ओर से जारी सूचना में बिना सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस (C.O.P.) के वकीलों की निर्धारित ड्रेस में कोर्ट परिसर में प्रवेश करने वालों को चेतावनी दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिक कार्रवाई की बात कही गई है। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश चंद्र यादव और महामंत्री संजय प्रताप सिंह 'कछवाह' की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि जिन लोगों के पास सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस (C.O.P.) नहीं है, वे वकीलों की निर्धारित पोशाक पहनकर न्यायालय परिसर में प्रवेश न करें। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    फर्जी वकीलों पर कार्रवाई को लेकर सख्ती
    बार एसोसिएशन के इस कदम को कोर्ट परिसर में वकीलों की पहचान और पेशेवर अनुशासन से जोड़कर देखा जा रहा है। एसोसिएशन की ओर से जारी चेतावनी के बाद ऐसे लोगों पर निगरानी बढ़ने की संभावना है, जो बिना वैध दस्तावेजों के खुद को अधिवक्ता के तौर पर पेश करते हैं। कोर्ट परिसर में आने वाले लोगों के लिए अधिवक्ता की पहचान और वैध दस्तावेजों को लेकर स्पष्टता बनाए रखना इस तरह के निर्देशों का प्रमुख उद्देश्य है। 

    कचहरी परिसर में चर्चा का विषय बना नोटिस
    सेंट्रल बार एसोसिएशन की ओर से जारी सख्त सूचना के बाद रायबरेली कचहरी परिसर में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। नोटिस में नियमों के पालन पर जोर देते हुए स्पष्ट किया गया है कि कोर्ट परिसर में अधिवक्ता की निर्धारित ड्रेस का इस्तेमाल नियमों के अनुरूप ही किया जाए। एसोसिएशन के इस कदम से न्यायालय परिसर में पेशेवर पहचान और अनुशासन को लेकर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है।

    नियम तोड़ने पर विधिक कार्रवाई की चेतावनी
    एसोसिएशन ने अपने निर्देश में साफ किया है कि C.O.P. के बिना निर्धारित अधिवक्ता ड्रेस में कोर्ट परिसर में प्रवेश करने वालों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जा सकती है। अब इस निर्देश के लागू होने के बाद कोर्ट परिसर में ऐसे लोगों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई किस तरह की जाती है, इस पर नजर रहेगी।

  • बारिश में तेजी से झड़ रहे बाल? प्याज के रस की ये ट्रिक करें, जड़ों से मजबूत होंगे बाल

    बारिश में तेजी से झड़ रहे बाल? प्याज के रस की ये ट्रिक करें, जड़ों से मजबूत होंगे बाल

     बारिश के मौसम में हवा में नमी बढ़ने के कारण स्कैल्प पर चिपचिपापन, डैंड्रफ और फंगल इंफेक्शन की समस्या बढ़ जाती है. यही वजह है कि इस मौसम में बाल तेजी से झड़ने लगते हैं और जड़ों से कमजोर होकर पतले होने लगते हैं. अगर आप भी बारिश के दिनों में गुच्छों में झड़ रहे बालों को देख-देखकर परेशान हैं तो आपकी रसोई में मौजूद प्याज का रस इस समस्या का सबसे बेहतरीन और प्राकृतिक इलाज है.

    प्याज के रस में भरपूर मात्रा में सल्फर, एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो स्कैल्प का इंफेक्शन दूर कर बालों की जड़ों को पोषण देते हैं और नए बाल उगाने में मदद करते हैं.

    मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने अपने एक वीडियो में कुछ समय पहले बताया था कि हेयरफॉल के लिए प्याज का रस ज्यादा असरदार होता है. उन्होंने कहा था कि नए बालों की ग्रोथ के लिए ताजा प्याज का रस निकालें और बालों में लगा लें. हालांकि आप चाहें तो प्याज के रस में नारियल तेल और एलोवेरा जेल मिलाकर भी लगा सकते हैं.

    सामग्री:
    2 मध्यम आकार के लाल प्याज

    1 छोटा चम्मच नारियल का तेल या अरंडी का तेल (कैस्टर ऑयल)

    1 चम्मच ताजा एलोवेरा जेल (ऑप्शनल)

    रुई (कॉटन बॉल)

    इस्तेमाल की सही विधि:
    रस निकालने का सही तरीका: प्याज को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. अब इसे मिक्सी में पीसकर पेस्ट बना लें. एक साफ सूती कपड़े या बारीक छलनी की मदद से निचोड़कर प्याज का शुद्ध रस एक कटोरी में निकाल लें.

    तेल और एलोवेरा मिलाएं: प्याज के रस में 1 छोटा चम्मच नारियल का तेल और 1 चम्मच एलोवेरा जेल मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें. नारियल तेल स्कैल्प को नमी देता है और प्याज की तीखी गंध को कम करता है, जबकि एलोवेरा बारिश में होने वाली खुजली को शांत करता है.

    लगाने का सही तरीका: रुई (कॉटन बॉल) को इस मिश्रण में डुबोएं और अपने बालों की मांग (स्कैल्प) खोल-खोलकर जड़ों में अच्छी तरह लगाएं. ध्यान रखें कि रस बालों की लंबाई से ज्यादा स्कैल्प की त्वचा पर लगना चाहिए.

    हल्की मसाज करें: रस लगाने के बाद अपनी उंगलियों के पोरों से 5 मिनट तक हल्के हाथों से स्कैल्प की सर्कुलर मोशन में मालिश करें. इससे सिर में रक्त संचार (ब्लड सर्कुलेशन) बढ़ता है और प्याज का रस जड़ों तक समा जाता है.

    सुखाने और धोने का समय: प्याज के रस को बालों में 25 से 30 मिनट तक लगा रहने दें. इसके बाद किसी माइल्ड या सल्फेट-फ्री हर्बल शैम्पू से गुनगुने या सादे पानी से सिर धो लें.

    बारिश के मौसम में हफ्ते में 2 बार इस नुस्खे का इस्तेमाल करें. 2 से 3 हफ्तों के नियमित उपयोग से ही बालों का झड़ना रुक जाएगा और बालों में नई मजबूती आएगी.

  • हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, वायरल गर्ल को सुने बिना जन्मतिथि बदलना गलत

    हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, वायरल गर्ल को सुने बिना जन्मतिथि बदलना गलत

    महेश्वर 

    प्रयागराज महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष की माला बेचते हुए वायरल वीडियो से चर्चा में आई युवती को जन्मतिथि विवाद में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। इंदौर बेंच ने महेश्वर नगर पालिका के सीएमओ की ओर से जन्मतिथि बदलने का आदेश रद्द करते हुए मामले पर युवती को सुनवाई का अवसर देकर नए सिरे से फैसला करने के निर्देश दिए हैं।

    क्या है पूरा मामला?
    महेश्वर की युवती मोनालिसा और उसके पति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नगर पालिका की ओर से उसके मूल जन्म प्रमाण पत्र में की गई कार्रवाई को चुनौती दी थी। याचिका के मुताबिक युवती ने मार्च 2026 में केरलम के एक मंदिर में शादी की थी। इसके बाद उसके परिवार ने इस रिश्ते का विरोध किया और युवती के मूल जन्म प्रमाण पत्र को रद्द कर उसकी जन्मतिथि बदलने की प्रक्रिया शुरू की। युवती का दावा है कि उसके जन्म प्रमाण पत्र में जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 दर्ज थी। यही तारीख उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों में भी दर्ज होने की बात याचिका में कही गई।

    CMO ने क्यों बदली जन्मतिथि?
    मामले में युवती के पिता की ओर से जन्मतिथि में सुधार के लिए आवेदन दिया गया था। उनका कहना था कि महेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मातृत्व रजिस्टर में युवती की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज है। उनके मुताबिक इस रिकॉर्ड से युवती की शादी के समय नाबालिग होने की बात सामने आती है।

    यह भी दलील दी गई कि पहले जारी किया गया जन्म प्रमाण पत्र माता-पिता के कथित शपथ पत्र के आधार पर बना था और बाद में अस्पताल के रिकॉर्ड मिलने पर नियमों के तहत उसमें संशोधन किया गया। इसके बाद महेश्वर नगर पालिका के सीएमओ ने 31 मार्च 2026 को आदेश जारी कर पहले दर्ज जन्मतिथि को रद्द कर दिया।

    हाईकोर्ट ने क्या कहा?
    जस्टिस गजेंद्र सिंह ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि युवती को उसके पिता की ओर से जन्मतिथि में बदलाव के लिए दिए गए आवेदन की जानकारी नहीं दी गई और न ही उसे अपना पक्ष रखने का अवसर मिला। कोर्ट ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन माना और सीएमओ द्वारा जारी आदेश रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि युवती के पिता के आवेदन पर कानून के अनुसार दोबारा फैसला किया जाए और इससे पहले युवती को प्रभावी तरीके से अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए।

    जन्म प्रमाणपत्र में बदलाव से पहले उसका पक्ष नहीं सुना गया
    जन्म प्रमाण-पत्र में किए गए इस बदलाव को चुनौती देते हुए युवती और उसके पति ने हाई कोर्ट में याचिका प्रस्तुत की थी। इसमें कहा कि वर्ष 2015 में जारी आधार कार्ड में युवती की जन्मतिथि एक जनवरी 2008 ही दर्ज है। पैन कार्ड भी इसी जन्मतिथि के हिसाब से जारी हुआ था। युवती का कहना था कि जन्म प्रमाणपत्र में बदलाव से पहले उसका पक्ष भी नहीं सुना गया।

    मप्र हाई कोर्ट की युगलपीठ ने याचिका स्वीकारते हुए कहा कि बगैर किसी को सुने उसके प्रमाण पत्र में बदलाव नहीं किया जा सकता। यह प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है। कोर्ट ने महेश्वर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा 31 मार्च 2026 को जारी आदेश निरस्त करते हुए कहा कि युवती के पिता द्वारा जन्मतिथि में सुधार के लिए दिए गए आवेदन पर युवती को सुनवाई का अवसर देकर कानून के प्रविधानों के अनुसार नए सिरे से निर्णय लें।

    जन्मतिथि विवाद के बाद पति पर एफआईआर
    याचिका के अनुसार जन्मतिथि विवाद के बाद युवती के प
    ति के खिलाफ महेश्वर थाने में एफआईआर भी दर्ज हुई। इसमें बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और SC/ST एक्ट की धाराएं लगाए जाने की बात कही गई है।

    याचिका में आरोप लगाया गया कि बदले हुए रिकॉर्ड के आधार पर पति के खिलाफ कार्रवाई की गई और दोनों की अंतरधार्मिक शादी को लव जिहाद से जोड़कर देखा गया, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है। वहीं राज्य सरकार और युवती के पिता की ओर से इन दलीलों का विरोध किया गया और जन्मतिथि को लेकर अस्पताल के रिकॉर्ड को आधार बताया गया। 

    महाकुंभ में वायरल हुआ था वीडियो
    गौरतलब है कि मोनालिसा 2025 के प्रयागराज महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया पर चर्चा में आई थी। मेले में रुद्राक्ष की मालाएं बेचते हुए उसका वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद वह रातोंरात सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हो गई थी।

    मामले में युवती और उसके पति की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा ने पैरवी की। हाईकोर्ट के ताजा आदेश से फिलहाल युवती को जन्मतिथि बदलने के नगर पालिका के आदेश पर राहत मिली है, जबकि जन्मतिथि का अंतिम निर्धारण अब युवती की सुनवाई के बाद होगा।

  • महानदी जल विवाद पर CM साय का बड़ा बयान, बोले- दोनों सरकारें मानेंगी फैसला

    महानदी जल विवाद पर CM साय का बड़ा बयान, बोले- दोनों सरकारें मानेंगी फैसला

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दिल्ली रवाना हुए हैं। दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद को लेकर अहम बैठक होगी। बैठक में दोनों राज्यों के हितों और जल बंटवारे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

    दिल्ली रवाना होने से पहले सीएम साय ने कहा कि जल विवाद को लेकर केंद्रीय जल आयोग (CWC) को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रदेशों के हित में जो भी निर्णय होगा, दोनों सरकारें उसे मानेंगी।

    सिंगापुर दौरे को लेकर भी बोले CM साय
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने प्रस्तावित सिंगापुर दौरे को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ की विकास उपलब्धियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। सिंगापुर में वे निवेशकों और व्यापारियों से मुलाकात करेंगे तथा प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। सीएम ने कहा कि इस दौरे से कौशल विकास, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।

  • इंदौर में दूध ₹2 लीटर महंगा, 1 अक्टूबर से नई दरें लागू; ₹65 पर बढ़ा विवाद

    इंदौर में दूध ₹2 लीटर महंगा, 1 अक्टूबर से नई दरें लागू; ₹65 पर बढ़ा विवाद

     इंदौर
     आगामी त्योहारों से पहले शहर के परिवारों का मासिक बजट कुछ गड़बड़ा सकता है, क्योंकि एक अक्टूबर से दूध के दाम बढ़ने जा रहे हैं। इंदौर दूध विक्रेता संघ ने दूध उत्पादकों से खरीदी का भाव बढ़ाने के साथ उपभोक्ताओं के लिए भी नए भाव तय किए हैं। अब आमजन को घर पहुंच दूध 65 रुपये लीटर और दुकान-डेयरी से 68 रुपये लीटर मिलेगा। यानी रोज 2 लीटर दूध लेने वाले परिवार को महीने में करीब 120 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं। पांच लीटर प्रतिदिन खपत वाले परिवार का अतिरिक्त खर्च करीब 300 रुपये महीना हो सकता है।

    जानिए दूध के नए भाव
    वर्तमान में घर पर दूध पहुंचाने के दाम 63 रुपये प्रति लीटर हैं। इसमें 62 रुपये दूध और एक रुपये सेवा शुल्क शामिल है, लेकिन बढ़ोतरी के बाद दूध के दाम 65 रुपये प्रति लीटर हो जाएंगे। वहीं दुकान व डेयरी पर वर्तमान में 66 रुपये प्रति लीटर दूध मिलता है, जो गुरुवार से 68 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा। यानी दूध के दाम में दो रुपये प्रति लीटर की सीधी बढ़ोतरी होगी। ये भाव 5.5 से 6 फैट वाले दूध के आधार पर तय किए गए हैं।

    जिस परिवार की रोजमर्रा की जरूरत में दूध की खपत ज्यादा है, उसके महीने के बजट पर इसका असर सीधे दिखाई देगा। संघ के अध्यक्ष भरत मथुरावाला का कहना है कि दूध के खरीदी और बिक्री दोनों दाम में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। आगे बारिश की कमी बनी रही और कपास्या खली, चापड़ व भूसे जैसे पशु आहार के दाम बढ़े तो दूध के भाव पर दोबारा विचार किया जा सकता है।

    9.24 रुपये प्रति फैट के हिसाब से खरीदी
    दूध उत्पादक किसानों से खरीदे जाने वाले दूध के दाम भी बढ़ाए गए हैं। अब उत्पादकों से दूध की खरीदी 9.23 रुपये प्रति फैट के हिसाब से होगी, जबकि अब तक 8.90 रुपये प्रति फैट खरीदी हो रही थी। इसके अनुसार दूध खरीदी के दाम करीब दो रुपये बढ़ेंगे। उत्पादक किसान लंबे समय से दूध के दाम बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में संघ ने दूध के दाम बढ़ाकर किसानों की मांगों को कुछ हद तक माना है। हालांकि किसान 12 रुपये प्रति फैट खरीदी की मांग कर रहे हैं।

     इतना बढ़ेगा खर्च
    दूध के दाम में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद विभिन्न परिवारों के मासिक और वार्षिक खर्च में होने वाली वृद्धि इस प्रकार है…

    एक लीटर रोज: 60 रुपये महीना, 730 रुपये वार्षिक
    दो लीटर रोज: 120 रुपये महीना, 1460 रुपये वार्षिक
    पांच लीटर रोज: 300 रुपये महीना, 3650 रुपये वार्षिक
    दूध मूल्य वृद्धि से जुड़ी मुख्य बातें
    33 पैसे प्रति फैट बढ़ाया गया किसानों से खरीदी का भाव।
    दो रुपये प्रति लीटर खरीदी और बिक्री दोनों के दाम बढ़े।
    12 रुपये प्रति फैट से खरीदी की मांग कर रहे थे किसान।
    12 लाख लीटर के करीब दूध प्रतिदिन डेयरी और बंदी में होता है विक्रय।

    किसानों की मांग-खरीद रेट 70 रुपए हो
    मध्यप्रदेश दूध किसान संघ के अध्यक्ष दिलीप सिंह पंवार ने कहा कि हाल में हुई 3 रुपए की बढ़ोतरी में भी 1 रुपए डिलीवरी चार्ज शामिल है।

    किसानों के लिए वास्तविक बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है। उनकी मांग है कि दूध का खरीद मूल्य 70 रुपए प्रति लीटर किया जाए। फैट के आधार पर भुगतान की व्यवस्था होने पर किसान तैयार हैं, लेकिन इसके लिए 12 रुपए प्रति फैट के हिसाब से भुगतान की मांग है।

    पंवार ने कहा कि इंदौर में कुछ अन्य दूध व्यापारियों के यहां 65 से 68 रुपए तक खरीद और 70 से 72 रुपए तक बिक्री की बात सामने आती है। ऐसे में किसानों को भी 68 से 70 रुपए तक उचित खरीद मूल्य मिलना चाहिए।

    विक्रेता संघ बोला- उपभोक्ता पर ज्यादा बोझ नहीं डाल सकते
    इंदौर दूध विक्रेता संघ के अध्यक्ष भरत मथुरावाला ने बताया कि अभी घर पहुंच दूध के 63 रुपए में 62 रुपए दूध और 1 रुपए डिलीवरी चार्ज शामिल है। 1 अक्टूबर से यह 64 रुपए दूध + 1 रुपए डिलीवरी होकर कुल 65 रुपए होगा। दुकानों पर खुले दूध की कीमत 68 रुपए प्रति लीटर रहेगी।

    मथुरावाला ने कहा कि संघ पिछले 38 वर्षों से काम कर रहा है और पंजीकृत संस्था है। संघ की जिम्मेदारी किसानों को उत्पादन लागत के अनुरूप भुगतान दिलाने के साथ उपभोक्ताओं पर अनावश्यक बोझ नहीं डालना भी है।

    फैट के हिसाब से भुगतान 9.23 रुपए तक पहुंचा
    मथुरावाला के मुताबिक किसानों को फैट के आधार पर भुगतान किया जाता है। पहले 8.90 रुपए प्रति फैट दिया जा रहा था, जिसे बढ़ाकर 9.23 रुपए प्रति फैट किया गया है। उनका दावा है कि यह भुगतान सांची से अधिक है। उन्होंने कहा कि देवास, उज्जैन, धार और खंडवा सहित आसपास के क्षेत्रों में भी दूध के दाम में करीब 2 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हुई है।

    सप्लाई रुकी तो क्या होगा?
    किसान संगठन ने मांग पूरी नहीं होने पर दूध की सप्लाई रोकने की संभावना जताई है। हालांकि अभी सप्लाई बंद करने का कोई फैसला नहीं हुआ है। इसलिए 1 अक्टूबर से तय नए रेट लागू होंगे या नहीं, यह स्थिति आगे की बातचीत पर निर्भर करेगी।

    किस बात पर टकराव?
    विवाद मुख्य रूप से दूध के खरीद मूल्य, फैट के हिसाब से भुगतान और किसानों की उत्पादन लागत को लेकर है। दूध विक्रेता संघ का कहना है कि उपभोक्ताओं पर भी कीमत का असर पड़ता है, जबकि किसान संगठन का तर्क है कि मौजूदा खरीद मूल्य उनकी लागत के अनुरूप नहीं है। दोनों पक्ष अपने-अपने स्तर पर किसानों और उपभोक्ताओं के हित की बात कर रहे हैं।

     

  • डिंडौरी: गरीबों का आशियाना छीना! PM आवास सर्वे में बड़ा फर्जीवाड़ा

    डिंडौरी: गरीबों का आशियाना छीना! PM आवास सर्वे में बड़ा फर्जीवाड़ा

    डिंडौरी: गरीबों का आशियाना छीना! PM आवास सर्वे में बड़ा फर्जीवाड़ा

    सिंगारसत्ती पंचायत में सरपंच-सचिव पर पात्रों को अपात्र करने का आरोप, कलेक्टर से की शिकायत

    डिंडौरी
    प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों के हक पर डाका डालने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत सिंगारसत्ती के दर्जनों गरीब परिवारों ने कलेक्टर डिंडौरी को ज्ञापन सौंपकर सरपंच-सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हितग्राहियों का कहना है कि जानबूझकर उनका नाम सर्वे सूची से गायब कर दिया गया।
    फोटो खींचा, अपलोड नहीं किया – हमें अपात्र बता दिया- हितग्राहियों का यही आरोप है।

    कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

    ग्राम पंचायत सिंगारसत्ती के निवासी मनीष, रोहित कुमार, निरपत सिंह, शिवचरण, सावित्री, बाज बहादुर, संतोषी, कविता, संगीता यादव, इंद्रवती, रेखा यादव सहित समस्त हितग्राहियों ने कलेक्टर महोदया को लिखित शिकायत दी है।

    शिकायत में कहा गया है –

    > हम समस्त हितग्राही गरीबी रेखा में हैं, कच्चे मकान में जीवन यापन कर रहे हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना के पूर्ण पात्र हैं। लेकिन सरपंच/सचिव ने सर्वे के दौरान हमारा नाम जानबूझकर अपात्र करके भेज दिया है। सर्वे में फोटो भी खींचा गया लेकिन फोटो अपलोड ही नहीं किया गया, जिससे हमारा नाम सर्वे सूची से छूट गया है।

    गरीबों का छलका दर्द

    हितग्राहियों का कहना है कि वे वर्षों से कच्चे मकान में बारिश में टपकते पानी और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। PM आवास ही उनका एकमात्र सहारा था, लेकिन पंचायत की लापरवाही ने उनके सपने तोड़ दिए।

    ग्रामीणों ने कलेक्टर से की दो मांग

    समस्त पात्र हितग्राहियों का नाम तत्काल सर्वे सूची में जोड़ा जाए।सरपंच/सचिव पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी गरीब परिवार के साथ अन्याय न हो।अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पर क्या एक्शन लेता है। क्या गरीबों को उनका हक मिलेगा या फाइलों में ही उनका आशियाना दबा रह जाएगा।

    इनका कहना है 

    हमारे ग्राम में आवास की सर्वें किया गया लेकिन अपलोड नहीं किया गया जिससे सर्वे सूची में नाम नहीं आया 

    संगीता यादव 
    ग्रामीण सिंगारसत्ती 

    हमारे ग्राम में आवास के लिए सर्वे हुआ था जिसमें 50 परिवार का नाम हटा दिया गया और 30परिवार की डाटा ही अपलोड नहीं किया गया।

    लाल सिंह मरावी 
    ग्रामीण सिंगारसत्ती

  • मस्जिद विवाद में 100 इंस्टाग्राम ID ब्लॉक, उपद्रव फैलाने वालों की तलाश तेज

    मस्जिद विवाद में 100 इंस्टाग्राम ID ब्लॉक, उपद्रव फैलाने वालों की तलाश तेज

    उज्जैन
    उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान हुए उपद्रव के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने उपद्रव से जुड़े भड़काऊ और वायरल कंटेंट वाले 100 से अधिक इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट/पेज ब्लॉक करवाए हैं।

    पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल, सोशल मीडिया गतिविधियों और सीडीआर की जांच कर यह पता लगा रही है कि उपद्रव से पहले और बाद में किन लोगों के बीच संपर्क हुआ था।

    सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम भी बुधवार को तेज किया गया। मंगलवार को मीनार पर मचान बांधने के बाद बुधवार को मीनार के गुम्बद वाले हिस्से को हटाया गया। इसके बाद मीनार समेत अन्य प्रभावित हिस्से को तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया।

    8 FIR में 34 आरोपी, 24 गिरफ्तार
    28 सितंबर को हुए उपद्रव के मामले में पुलिस
    अब तक 8 एफआईआर दर्ज कर चुकी है। इनमें 34 आरोपियों को आरोपी बनाया गया है, जबकि 24 की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की लगातार सर्चिंग कर रही है। जांच के दौरान और आरोपियों के नाम सामने आने की संभावना है।

    एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक, पथराव, भड़काऊ संदेश प्रसारित करने और उपद्रव में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने अब तक 100 से अधिक वायरल कंटेंट को ब्लॉक करवाया है। दूसरे जिलों से भी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड मंगाया जा रहा है।

    यदि किसी आरोपी की अन्य मामलों में संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित मामलों में उसकी जमानत निरस्त कराने की कार्रवाई भी की जाएगी।

    आरोपी किन संगठनों से जुड़े, मोबाइल की CDR भी खंगाल रही पुलिस

    पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड के साथ यह भी पता लगा रही है कि वे किन-किन संगठनों से जुड़े हैं। उनके मोबाइल की सीडीआर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उपद्रव के पहले और बाद में आरोपियों के बीच किस तरह का संपर्क था।

    500 मीटर क्षेत्र में 8 ड्रोन, 100 से ज्यादा CCTV
    शाही मस्जिद के आसपास करीब 500 मीटर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। यहां 8 ड्रोन और 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। पुलिस लगातार फुटेज खंगाल रही है, ताकि उपद्रव में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

    2500 जवान तैनात, 5 ASP और 21 DSP संभाल रहे सुरक्षा
    उज्जैन में करीब 2500 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। छत्री चौक, लखेरवाड़ी, सराफा, कालिदास स्कूल के पास, गोपाल मंदिर, ढाबा रोड, खड़े हनुमान, सत्ती गेट से लेकर कंठाल तक बैरिकेडिंग की गई है।

    सुरक्षा व्यवस्था में उज्जैन के अलावा रतलाम, नीमच, इंदौर, देवास, शाजापुर समेत अन्य जिलों से आए 5 एएसपी, 21 डीएसपी और 32 टीआई तैनात हैं। RAF और STF की तीन कंपनियां भी सुरक्षा में लगी हैं। करीब 850 महिला पुलिसकर्मी भी ड्यूटी पर हैं।

    40 श्रमिक कर रहे प्रभावित हिस्सा हटाने का काम
    मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के लिए मुस्लिम समाज के करीब 40 श्रमिक दो शिफ्टों में काम कर रहे हैं। अभी तक करीब 35 प्रतिशत हिस्सा ही हटाया जा सका है। काम की गति को देखते हुए पूरा प्रभावित हिस्सा हटाने में कम से कम चार दिन और लग सकते हैं।

    पुलिसकर्मियों के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था
    बाहर से आए पुलिस अधिकारियों और जवानों के लिए शहर की अलग-अलग धर्मशालाओं में ठहरने की व्यवस्था की गई है। पुलिस बल के लिए चाय, नाश्ता, लंच और डिनर के साथ भोजन के पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दो शिफ्टों में अधिकारी और जवान ड्यूटी कर रहे हैं।

  • वार्ड नंबर 9 में नाली निर्माण शुरू, जलभराव और गंदे पानी की समस्या से मिलेगी राहत

    वार्ड नंबर 9 में नाली निर्माण शुरू, जलभराव और गंदे पानी की समस्या से मिलेगी राहत

    वार्ड नंबर 9 में जनसमस्या पर हुई पहल, नाली निर्माण कार्य शुरू

    नर्मदा गंज में जलभराव और गंदे पानी की समस्या से मिलेगी राहत,

     वाड़ी मोहल्ले में भी शुरू हुआ नाली निर्माण

    डिंडौरी
    नगर के वार्ड नंबर 9 नर्मदा गंज में लंबे समय से बनी जलभराव और नाली के दूषित पानी की समस्या को देखते हुए वार्ड पार्षद स्मिता अजय बर्मन की पहल पर नाली निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। वार्डवासियों की समस्या को लेकर पार्षद द्वारा नगर परिषद को पत्रों के माध्यम से अवगत कराया गया था, जिसके बाद नाली निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया।
    वार्ड में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश एवं अन्य समय में जलभराव की स्थिति निर्मित हो रही थी। वहीं नालियों का दूषित पानी नर्मदा नदी में समाहित होने की समस्या भी सामने आ रही थी। इसे गंभीरता से लेते हुए नाली निर्माण कार्य शुरू कराया गया है।
    इसी तरह वार्ड के वाड़ी मोहल्ले में भी नाली के पानी के ओवरफ्लो होने की समस्या बनी हुई थी। यहां भी जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नाली निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है।

    वार्ड पार्षद की पहल से लोगों को राहत की उम्मीद

    नाली निर्माण कार्य शुरू होने से वार्डवासियों को जलभराव और गंदे पानी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने भी नाली निर्माण कार्य शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्वक और निर्धारित समय में पूरा किया जाएगा।

  • डिंडौरी: युवाओं ने पकड़ी 3 पेटी अवैध शराब, आरोपी ने दी जान से मारने की धमकी, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल!

    डिंडौरी: युवाओं ने पकड़ी 3 पेटी अवैध शराब, आरोपी ने दी जान से मारने की धमकी, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल!

    डिंडौरी: युवाओं ने पकड़ी 3 पेटी अवैध शराब, आरोपी ने दी जान से मारने की धमकी, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल!

    समनापुर में सरेराह हो रहा था शराब का परिवहन, युवाओं ने दिखाई हिम्मत तो तस्कर ने दी धमकी

    शराब तो पकड़ी गई पर वाहन गायब! पुलिसकर्मी अनिल उसराठे ने दी गलत जानकारी, थाना प्रभारी ने ही कहा – गलत बोल रहा है

    डिंडौरी
    समनापुर विकासखंड मुख्यालय में सोमवार को युवाओं ने बड़ी हिम्मत दिखाते हुए सरेराह अवैध शराब परिवहन का भंडाफोड़ किया। लेकिन इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    क्या है पूरा मामला?
    प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे आशीष सोनवानी और राजेश कुमार यादव बाजार में थे। इसी दौरान ओमप्रकाश गुप्ता नामक व्यक्ति तीन पेटी शराब लेकर बिछिया गांव की तरफ जाता नजर आया।

    शक होने पर दोनों युवकों ने उसे रोका और तलाशी ली तो तीन कार्टून में अंग्रेजी और देसी शराब भरी हुई मिली। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।आरोप है कि पकड़े जाने पर तस्कर ओमप्रकाश ने दोनों युवकों को जान से मारने की धमकी भी दी, लेकिन युवक अपनी कार्रवाई पर अड़े रहे।

    कितनी शराब पकड़ी गई?
    युवकों द्वारा पुलिस को सौंपी गई शराब में,50 पाव प्लेन शराब – कीमत करीब 3,500 रुपये,48 पाव MD रम – कीमत करीब 9,120 रुपये,कुल कीमत – करीब 12,620 रुपये
    युवकों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब परिवहन की लगातार शिकायतों के बावजूद पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं करती, इसलिए उन्हें खुद ही शराब पकड़कर पुलिस के हवाले करना पड़ रहा है। अब उन्हें ठेकेदार से जुड़े लोगों से धमकियां मिल रही हैं।

    पुलिस की भूमिका संदिग्ध! वाहन क्यों नहीं जब्त?
    इस मामले में सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई पर है।
    वाहन गायब:- जब शराब पकड़ी गई तो उसे ले जा रहा वाहन जब्त क्यों नहीं हुआ?

    पुलिसकर्मी ने दी गलत जानकारी-: जब इस संबंध में लिखापढ़ी कर रहे पुलिसकर्मी अनिल उसराठे से पूछा गया कि पकड़ी गई शराब कहां है, तो उन्होंने कहा कि शराब डिंडौरी भिजवा दी गई है।
    थाना प्रभारी ने ही झूठ पकड़ा-: जब थाना प्रभारी हरिशंकर तिवारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मेरे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है और शराब को डिंडौरी क्यों भेजेंगे? इस तरह थाना प्रभारी ने ही अपने ही स्टाफ की बात को गलत ठहरा दिया।

    अब सवाल उठता है कि पुलिसकर्मी अनिल उसराठे ने गलत जानकारी क्यों दी? इसके पीछे उनकी मंशा क्या थी? क्या शराब तस्करों को बचाने की कोशिश की जा रही है?
    ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।